रेत रफ्तार बस गाय को कुचलते हुए मेटाडोर से भिड़ी, कई लोग हुए घायल, घटना सीसीटीवी में कैद


शहडोल

जिले के बुढार थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग NH-43 स्थित पकरिया चौराहे पर देर रात एक तेज रफ्तार बनारस से रायपुर जा रही द्विवेदी ट्रेवल्स की यात्री बस क्रमांक MP-13-P-2513 ने पहले सड़क पर मौजूद एक गाय को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद अनियंत्रित बस ने सामने चल रही रेत से भरी डग्गी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में डग्गी पलट गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डग्गी चालक को चोटें आईं, वहीं बस में सवार कई यात्रियों को भी हल्की चोटें पहुंची हैं। 

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों की मदद की और पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि जिस डग्गी को बस ने टक्कर मारी, वह कथित तौर पर अवैध रेत परिवहन में लगी हुई थी। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। हादसे का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें तेज रफ्तार बस सीधे गाय को टक्कर मारते हुए डग्गी से भिड़ती दिखाई दे रही है। फुटेज सामने आने के बाद बस चालक की लापरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस की रफ्तार काफी अधिक थी, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। NH-43 पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई की जरूरत को उजागर कर दिया है। फिलहाल बुढार पुलिस मामले की जांच कर रही है। सड़क किनारे लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसने तेज रफ्तार और लापरवाही की खौफनाक तस्वीर सामने ला दी। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी हुई है।

13 मवेशियों को लेकर बूचड़खाने जा रही पीकप को पुलिस ने पकड़कर किया जप्त, मामला दर्ज


शहडोल 

जिले में मवेशी तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ब्यौहारी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 मवेशियों से भरी एक पिकअप को पकड़ लिया। उत्तर प्रदेश के बूचड़खाने ले जाए जा रहे छह भैंस और सात पड़ों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया है, जबकि वाहन मालिक समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि जयसिंहनगर की ओर से एक पिकअप वाहन में बड़ी संख्या में मवेशियों को भरकर बूचड़खाने ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही ब्यौहारी पुलिस सक्रिय हुई और टंकी तिराहे पर घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया।

जांच के दौरान पिकअप क्रमांक यूपी 70 पीटी 6672 में छह भैंस और सात पड़ों सहित कुल 13 मवेशी ठूंस-ठूंसकर भरे पाए गए। वाहन में पशुओं के लिए चारा-पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। पुलिस ने चालक से मवेशियों के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

पूछताछ में चालक ने अपना नाम मोहम्मद अब्दुल पुत्र मोहम्मद अतीत उर्फ राजू (21 वर्ष), निवासी उमरगंज, थाना नैनी, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) बताया। चालक ने पुलिस को बताया कि वाहन मालिक मोहम्मद अली, निवासी भड़रा थाना चाकघाट के कहने पर मवेशियों को लादा गया था।

पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(घ) एवं मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत अपराध क्रमांक 406/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान लगभग 2.20 लाख रुपये मूल्य के 13 मवेशी तथा करीब 7 लाख रुपये कीमत का पिकअप वाहन जब्त किया गया। 

लंदन का डॉक्टर बनकर विधवा शिक्षिका से 34 लाख की कर दी साइबर ठगी, महिला को जीवनसाथी की थी तलाश


शहडोल

शहडोल में एक शासकीय महिला शिक्षिका ऑनलाइन वैवाहिक साइट के जरिए ठगी का शिकार हो गई। ठग ने खुद को लंदन का डॉक्टर बताकर विश्वास जीता और विभिन्न बहानों से लगभग 34 लाख रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

एक शासकीय महिला शिक्षिका जो ऑनलाइन वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से ठगों के जाल में फंस गई। आरोपी ने खुद को लंदन (यूनाइटेड किंगडम) का डॉक्टर बताकर महिला से दोस्ती की और विश्वास जीतने के बाद करीब 34 लाख रुपये की ठगी कर ली।

पति का कुछ समय पहले निधन हो गया था। अकेलेपन के बीच उसने जीवनसाथी की तलाश में एक वैवाहिक वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल बनाया था। इसी दौरान उसकी पहचान एक व्यक्ति से हुई, जिसने अपना नाम डॉ. संजय प्रसाद सिंह बताया और खुद को लंदन निवासी डॉक्टर बताया। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी ने महिला का विश्वास जीत लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने विभिन्न बहानों से महिला से पैसों की मांग शुरू की। कभी उपहार भेजने, कभी कानूनी प्रक्रिया तो कभी अन्य जरूरी कारणों का हवाला देकर उसने महिला को कई बार अलग-अलग खातों में रकम जमा कराने के लिए राजी कर लिया। विश्वास में आकर महिला लगातार पैसे भेजती रही।

जब महिला ने अपने बैंक खाते की जांच की तो उसके होश उड़ गए। खाते से करीब 34 लाख रुपये निकल चुके थे। खुद के साथ हुई ठगी का एहसास होने पर महिला ने तत्काल पुलिस और साइबर सेल से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन लेन-देन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।

सीएसपी राजेंद्र मोहन दुबे ने बताया कि महिला द्वारा साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई है। प्रारंभिक जांच में लगभग 34 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए जांच जारी है। 

दो बच्चों की हुई मौत, पांच वर्षीय मासूम को मिट्टी से भरे ट्रैक्टर ने कुचला, किशोर जामुन के पेड़ से गिरा


शहडोल 

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग दर्दनाक घटनाओं में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। एक घटना में घर के सामने खेल रहे पांच वर्षीय बालक को मिट्टी से भरे ट्रैक्टर ने कुचल दिया, जबकि दूसरी घटना में जामुन तोड़ने पेड़ पर चढ़ा 12 वर्षीय बालक गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 

पुलिस के अनुसार पहली घटना जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के ताली खुर्द गांव की है। यहां अमन उर्फ भोलू सिंह (5) पिता रजनीश सिंह अपने घर के सामने अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान मिट्टी से लोड ट्रॉली लेकर जा रहा एक ट्रैक्टर वहां से गुजरा। बताया जा रहा है कि खेलते-खेलते अमन अचानक सड़क पर आ गया और ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि बालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर और चालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

दूसरी घटना ग्राम नगडवाह की है। पुलिस के मुताबिक 12 वर्षीय निशांत बैगा पिता मिस्टर बैगा घर के पास स्थित जामुन के पेड़ पर चढ़कर फल तोड़ रहा था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पेड़ से नीचे गिर पड़ा। गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। दोनों मामलों में जांच जारी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कोयले से लोड खड़े ट्रक में अचानक लगी आग, पेट्रोल पंप के नजदीक की घटना, बड़ा हादसा टला


शहडोल 

जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप के समीप खड़ी एक कोयला लोड ट्रक में अचानक आग लग गई। घटना बुढ़ार-धनपुरी मार्ग स्थित कॉलेज के पास हाईवे पर हुई, जहां ट्रक सड़क किनारे खड़ा था। आग लगने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, क्योंकि ट्रक पेट्रोल पंप के बेहद नजदीक खड़ा था और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से लोग दहशत में आ गए।

ट्रक के केबिन से अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य तकनीकी खराबी समझा, लेकिन कुछ ही मिनटों में धुआं घने काले गुबार में बदल गया और आग की लपटें केबिन से बाहर निकलने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की तेज लपटें और धुएं का गुबार दूर से दिखाई देने लगा, जिससे आसपास मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।

तत्काल दमकल विभाग और बुढ़ार पुलिस को सूचना दी। सूचना पर दमकल वाहन मौके पर पहुंचा और कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। यदि आग पेट्रोल पंप तक पहुंच जाती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।

आग लगने के दौरान ट्रक के आसपास मौजूद लोगों ने सुरक्षित दूरी बना ली और यातायात को भी कुछ समय के लिए प्रभावित होना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा आवश्यक कार्रवाई शुरू की। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

शहडोल-उमरिया में रेत माफिया का जाल, ठेका एक जिले का, उत्खनन दूसरे जिले में, जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

*दिव्यप्रकाश, मथुरा, विजय और अमन नदियों का सीना छलनी, चला रहे है, अवैध रेत का सिंडिकेट*


शहडोल

संभाग के उमरिया व शहडोल जिले में रेत का अवैध उत्तखनन जोरो पर है, उमरिया जहाँ पर रेत का ठेका है, शहडोल जहां रेत का ठेका नही है, दोनो जिलो में उमरिया वाला रेत ठेकेदार धड़ल्ले से दोनो जिलो में रेत का अवैध कारोबार कर रहा है। शहडोल जिले में प्रतिदिन हजारो गाड़ी रेत की खपत है, कई बड़े बड़े सड़क, आवास, कॉलोनियों के काम चल रहे हैं, जहाँ पर अवैध रेत की खपत की जा रही है।

शहडोल और उमरिया जिले में रेत के कारोबार से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है की खनिज विभाग एवं पुलिस विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। दिव्यप्रकाश और मथुरा नामक व्यक्तियों की जोड़ी इन दिनों दोनों जिलों में रेत के कारोबार को लेकर सुर्खियों में है। दोनो की जोड़ी घुनघुटी से लेकर पूरा शहडोल जिले अवैध रेत की सप्लाई करते हैं। वही विजय और अमन नामक व्यक्ति पूरे उमरिया ज़िले में अवैध रेत नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी घाटों से लेकर परिवहन और बिक्री तक की पूरी व्यवस्था इन्हीं लोगों के माध्यम से संचालित की जा रही है।


*रात के अंधेरे में चल रहा अवैध उत्खनन*

रात होते ही नदी घाटों पर मशीनों और वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। कई स्थानों पर देर रात से लेकर सुबह तक रेत निकालने का काम जारी रहता है। बताया जा रहा है कि नियमों के विपरीत नदी के संवेदनशील क्षेत्रों से भी रेत निकाली जा रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। रातभर मेटाडोर और अन्य छोटे-बड़े वाहन रेत ढोते हुए देखे जा सकते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में नदियों का स्वरूप बदल सकता है और आसपास के क्षेत्रों में भू-क्षरण जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

*10 हजार रुपये में बिक रही एक डग्गी रेत*

क्षेत्र में रेत की मांग बढ़ने के साथ-साथ अवैध कारोबारियों की चांदी हो रही है। सूत्रों के अनुसार, एक डग्गी रेत की कीमत खुलेआम लगभग 10 हजार रुपये तक वसूली जा रही है। निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली रेत के लिए लोगों को मनमानी कीमत चुकानी पड़ रही है। आरोप है कि वैध व्यवस्था के अभाव का फायदा उठाकर अवैध कारोबारी भारी मुनाफा कमा रहे हैं। रेत की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसका सीधा असर आम नागरिकों और छोटे निर्माण कार्यों पर पड़ रहा है। 

*ठेका नहीं, फिर भी धड़ल्ले से चल रहा रेत का कारोबार*

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब शहडोल जिले में वर्तमान में रेत का वैध ठेका नहीं है, तब बड़े पैमाने पर रेत की आपूर्ति आखिर हो कैसे रही है। आरोप है कि उमरिया जिले से जुड़े रेत ठेकेदारों द्वारा शहडोल की नदियों से अवैध रूप से रेत निकालकर बाजार में बेची जा रही है। यदि किसी क्षेत्र में वैध स्वीकृति नहीं है, तो वहां से खनिज निकालना कानून का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे में शहडोल की नदियों से कथित रूप से हो रहे अवैध उत्खनन ने प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

*खनिज व पुलिस विभाग की भूमिका पर सवाल*

खनिज विभाग व पुलिस विभाग की भूमिका भी चर्चा के केंद्र में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध उत्खनन और परिवहन की जानकारी विभागीय अधिकारियों को होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है। कई ग्रामीणों का दावा है कि रातभर वाहनों की आवाजाही खुलेआम होती है, जिसे नजरअंदाज करना संभव नहीं है। अवैध कारोबार को संरक्षण मिलने के कारण ही यह नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है। लेकिन विभागों की निष्क्रियता ने संदेह को और गहरा कर दिया है। यदि नियमित जांच, वाहन चेकिंग और नदी घाटों की निगरानी की जाए तो अवैध उत्खनन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

*पर्यावरण व राजस्व का हो रहा नुकसान*

विशेषज्ञों के अनुसार, अनियंत्रित और अवैध रेत उत्खनन से केवल पर्यावरण को ही नहीं, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान होता है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा आने से जलस्तर प्रभावित होता है, वहीं अवैध खनन के कारण शासन को मिलने वाला राजस्व भी कम हो जाता है। कई जगहों पर नदी किनारों का कटाव बढ़ गया है। यदि इसी प्रकार अवैध उत्खनन जारी रहा तो भविष्य में पुल-पुलियों, कृषि भूमि और जल स्रोतों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

*प्रशासन से कार्रवाई की मांग*

क्षेत्र के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिन स्थानों से अवैध उत्खनन की शिकायतें मिल रही हैं, वहां संयुक्त टीम बनाकर जांच की जानी चाहिए। साथ ही अवैध परिवहन में उपयोग हो रहे वाहनों को जब्त कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

तीन अलग-अलग घटनाओं में तीन की हुई मौत,  युवक, नाबालिग ने लगाई फांसी, एक को सर्प ने काटा


अनूपपुर

कोतवाली थाना अनूपपुर अंतर्गत दो अलग-अलग घटनाओं में एक युवक एवं एक नाबालिग बालिका ने अज्ञात कारणों से घर एवं जंगल में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस घटना के संबंध में जांच करने में जुटी हुई है। 

कोतवाली थाना अनूपपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पसला के चरतरिहा टोला निवासी 45 वर्षीय मिठाईलाल उर्फ मिट्ठू पिता कल्लू यादव ने दोपहर में अज्ञात कारणों से घर के अंदर फांसी लगा ली, जिसकी सूचना पर सहायक उप निरीक्षक गोविन्द पनिका पुलिस दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मृतक के शव को अपनी अभिरक्षा में ले कर पंचनामा की कार्यवाही करते हुए, शव का जिला अस्पताल अनूपपुर में शव परिक्षण कराया, वही कोतवाली थाना क्षेत्र से 17 किलोमीटर दूरी स्थित ग्राम पंचायत औढेरा के जल्दाटोला अंतर्गत जंगल में वार्ड क्रमांक 3 जल्दाटोला औढेरा निवासी समनू बैगा की 16 वर्षीय बालिका ने अज्ञात कारणों से जंगल के अंदर तेंदू के पेंड़ मे रस्सी एवं दुपट्टा को बांधकर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की ग्रामीणों द्वारा सरपंच पति जयपाल सिंह एवं अनूपपुर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल को दिये जाने पर दोनों ने तत्काल निरीक्षक अरविंद जैन को देर रात दिए जाने पर कोतवाली थाना अनूपपुर पुलिस के उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा,सहायक उप निरीक्षक महिपाल प्रजापति देर रात पुलिस दल के साथ घटनास्थल पहुंचकर मृतिका के शव को अपने अभिरक्षा में लेते हुए पूरी रात मृतिका के शव की निगरानी करते हुए, सुबह पंचनामा,साक्षियों के कथन लेख कर जिला अस्पताल अनूपपुर के डॉक्टर टीम से मृतिका के शव का शव परीक्षण कराते हुए अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप कर जांच कर रही है परिजनों एवं ग्रामीणों ने बताया की दोपहर 16 वर्षीय नाबालिक घर से कुछ दूर पर स्थित जल्दा जंगल की ओर गई रही जो वापस नहीं लौटी शाम को परिवार की एक महिला एक बच्ची के साथ दिशा-मैदान एवं सूखी लकडी लेने जंगल गए थे, जिन्होंने इसे फांसी में लटके हुए मृत स्थिति में देखा रहा।

*सर्प के काटने से युवक की हुई मौत*

घर के अंदर जमीन में सोते छंगू अगरिया 40 वर्ष युवक कों करैत प्रजाति के अत्यंत जहरीले सर्प के काटने से उपचार दौरान युवक की मंगलवार की दोपहर जिला अस्पताल अनूपपुर में मृत्यु हो गई,घटना की सूचना पर जिला अस्पताल पुलिस द्वारा मृतक की शव का पंचनामा एवं पीएम की कार्यवाही कर अग्रिम कार्यवाही हेतु संबंधित थाना को सूचित किया है। मृतक जिले के राजेंद्रग्राम थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्र्ई के गिरारी गांव निव लोहे का औजार एवं सामान बनाने का काम करता था।देर शाम/रात खाना पीना खाने बाद घर में जमीन पर सोया हुआ था।

जोड़ा तालाब में लाखों का खेल, बरसात से 15 दिन पहले गहरीकरण, परिषद के संसाधनों का इस्तेमाल पर उठ रहे सवाल

*शासकीय राशि का हो रहा दुरुपयोग*


अनूपपुर

नगर परिषद बनगवां-राजनगर एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में है। इस बार मामला जोड़ा तालाब में चल रहे गहरीकरण और कथित सौंदर्यीकरण कार्य का है। चौक-चौराहों से लेकर चाय की दुकानों तक एक ही सवाल गूंज रहा है कि आखिर बरसात शुरू होने से महज 10-15 दिन पहले तालाब में इतनी बड़ी मशीनें और परिषद के संसाधन लगाकर कार्य कराने की ऐसी क्या मजबूरी थी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद के 15 वार्डों में से अधिकांश वार्ड सड़क, नाली, सफाई, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों का पूरा ध्यान लाखों रुपये खर्च कर तालाब में मिट्टी और मलबा निकालने पर केंद्रित है।

लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में तालाब का गहरीकरण या सौंदर्यीकरण कराना था तो यह कार्य गर्मी की शुरुआत में पूरा किया जाना चाहिए था। और यदि समय नहीं मिला तो बरसात के बाद वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से यह कार्य कराया जा सकता था। लेकिन मानसून आने के ठीक पहले जेसीबी और ट्रैक्टर लगाकर मिट्टी निकालना लोगों की समझ से परे है।

जिस जोड़ा तालाब में गहरीकरण का कार्य कराया जा रहा है, उसके नीचे वर्षों से कोयले की अंडरग्राउंड खदान संचालित रही है। खदानों के कारण तालाब का पानी लगातार रिसता रहता है और जलस्तर स्थायी नहीं रह पाता। नगर परिषद के ट्रैक्टर, कर्मचारी और अन्य संसाधन इस कार्य में लगाए गए हैं। जिन ट्रैक्टरों को गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति के लिए लगाया जाना चाहिए था, वे तालाब से मलबा ढोने में लगे दिखाई दे रहे हैं। जबकि कई वार्डों में लोग पानी की समस्या से परेशान हैं।

नागरिकों का आरोप है कि जनता के टैक्स के पैसे और शासन के बजट का उपयोग प्राथमिक सुविधाओं पर करने के बजाय ऐसे कार्यों में किया जा रहा है जिनकी उपयोगिता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।

नेशनल हाइवे में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को मारी जोरदार टक्कर, घटनास्थल पर युवक की हुई मौत


शहडोल

जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। अमलाई थाना क्षेत्र के बटुरा हाईवे पर तेज गति से दौड़ रही कार ने बाइक सवार युवक को ऐसी टक्कर मारी कि उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते लोगों की भारी भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दुर्घटना शहडोल-अनूपपुर हाईवे पर स्थित एक पेट्रोल पंप के पास हुई। बताया जा रहा है कि तेज गति से आ रही एक कार और बाइक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।


मृतक की पहचान महेंद्र कोल के रूप में हुई है, जो बुढार क्षेत्र के भुतही मोहल्ला का निवासी था। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और परिचित भी मौके पर पहुंच गए। युवक की असमय मौत से परिवार में शोक का माहौल है।


घटना के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।


अमलाई थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है।


गौरतलब है कि इसी हाईवे पर हाल ही में दो दिनों पहले एक ट्रेलर की टक्कर से बाइक सवार परिवार हादसे का शिकार हुआ था, जिसमें एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी जबकि अन्य सदस्य घायल हुए थे। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने हाईवे सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने की अपील की है।

4.12 ग्राम अवैध स्मैक (ब्राउन शुगर) के साथ एक आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


अनूपपुर

नशे के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना कोतमा पुलिस को एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति स्मैक (ब्राउन शुगर) का अवैध रूप से विक्रय करने के लिए कोतमा लेकर आ रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना कोतमा की एक विशेष पुलिस टीम गठित कर कलमूडी रेलवे अंडर ब्रिज के पास घेराबंदी  कर आरोपी राहुल मांझी पिता भगवान दास मांझी निवासी वार्ड न. 08 कोतमा को पकड़कर तलाशी ली गई, जिसके कब्जे से 4.12 ग्राम अवैध स्मैक (ब्राउन शुगर) मौके से बरामद की गई।

पुलिस ने आरोपी से बरामद मादक पदार्थ ब्राउन सुगर  को विधिवत जप्त कर आरोपी थे विरूद्ध धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट के तहत अपराध पंजीबद्ध दर्ज कर विवेचना में लिया है। आरोपी से पूछताछ करने पर आरोपी ने बताया कि वह यह अवैध स्मैक जबलपुर से लाया था। एवं कोतमा लाकर इसका विक्रय करने वाला था। आरोपी की निशानदेही पर आगे थी जांच पड़ताल जारी है। कोतमा की पुलिस टीम जांच पड़ताल करने जबलपुर के लिये भी रवाना की जा रही है।

तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई, घटना स्थल पर युवक की हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

जिले के सीधी थाना क्षेत्र के ओदारी नदी नर्सरी के पास एक युवक की जान उस समय चली गई, जब उसकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान भजन सिंह (35 वर्ष) निवासी तेंदुडोल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि भजन सिंह अपनी बाइक से कूदरी से सीधी की ओर जा रहा था। इसी दौरान ओदारी नदी नर्सरी के पास उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर दुर्घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। क्षेत्र के लोगों ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है। लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर लोगों ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है। पुलिस ने भी लोगों से तेज रफ्तार से वाहन न चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी है।

श्मशान घाट में युवक को बुलाकर डॉक्टर ने किया अशोभनीय हरकत, सिविल सर्जन के खिलाफ कलेक्टर से हुई शिकायत

*संवेदनशील अंगों को छूने व दबाव बनाने का लगाया आरोप*


उमरिया

जिला अस्पताल उमरिया के सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी पर एक युवक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में अशोभनीय हरकत, अनुचित शारीरिक संपर्क का प्रयास तथा बाद में झूठे आरोप लगाकर दबाव बनाने की बात कही गई है। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे सहित पूरे जिले में चर्चा का माहौल है।

जेल बिल्डिंग के पीछे निवासी 20 वर्षीय अरमान सोनी ने अपने आवेदन में बताया है कि 7 जून  की रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी ने उसे सिगरेट पीने के बहाने कब्रिस्तान क्षेत्र में बुलाया। युवक का आरोप है कि वहां पहुंचने पर संबंधित अधिकारी ने उसके साथ अशोभनीय व्यवहार किया और शरीर के संवेदनशील अंगों को अनुचित तरीके से छूने का प्रयास किया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाद में बीयर पीने और “एन्जॉय” करने जैसी बातें कही गईं, जिससे उसे उनकी मंशा पर संदेह हुआ।

शिकायतकर्ता के अनुसार जब दोबारा अनुचित शारीरिक संपर्क का प्रयास किया गया तो उसने तत्काल अपने भाई एवं अन्य परिजनों को फोन कर मौके पर बुलाया। युवक का दावा है कि परिजनों के पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारी ने अपनी गलती स्वीकार की। इसके बाद सभी लोग शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि अपने बचाव में संबंधित अधिकारी ने उस पर और उसके साथियों पर मारपीट तथा पैसे लूटने जैसे आरोप लगाना शुरू कर दिया। युवक का कहना है कि ऐसा वास्तविक घटना से ध्यान हटाने और उन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया। अरमान सोनी ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि प्रभावशाली पद पर बैठे व्यक्ति के कारण निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।

फिलहाल आवेदन कलेक्टर कार्यालय तक पहुंच चुका है। शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, लेकिन इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। 

रोका गया था निर्माण, फिर शुरू हुआ कार्य, नगर परिषद कार्यालय निर्माण में नियमों की उड़ा रहे हैं धज्जियां

*800 नागरिकों सहित कई पार्षदों ने निर्माण को लेकर की थी शिकायत*


अनूपपुर

नगर परिषद बनगवा-राजनगर में निर्माणाधीन नगर परिषद कार्यालय भवन एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। आरोप है कि शासन के स्पष्ट नियमों और जनता की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए बिना स्वीकृत ड्राइंग-डिजाइन के निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया है। इस पूरे मामले ने नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, इस भवन निर्माण को लेकर पूर्व में स्थानीय पार्षदों एवं नगरवासियों द्वारा विधिवत शिकायतें की गई थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि भवन निर्माण कार्य बिना आवश्यक तकनीकी स्वीकृतियों और ड्राइंग-डिजाइन के शुरू किया जा रहा है। मामला भोपाल तक पहुंचने के बाद विभागीय स्तर पर संज्ञान लिया गया था तथा संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब भी किया गया था। इसके बाद कुछ समय के लिए निर्माण कार्य रोक दिया गया था।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि जैसे ही प्रशासनिक परिस्थितियां बदलीं, नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों और उपयंत्री द्वारा बिना किसी सार्वजनिक जानकारी एवं बिना ड्राइंग-डिजाइन की अंतिम स्वीकृति प्राप्त किए निर्माण कार्य पुनः शुरू करा दिया गया। जबकि नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि स्वीकृत ड्राइंग-डिजाइन के बिना किसी भी शासकीय भवन का निर्माण प्रारंभ नहीं किया जा सकता।



स्थानीय लोगों का कहना है कि इस भवन के निर्माण स्थल को लेकर भी व्यापक विरोध दर्ज कराया गया था। नगर के लगभग 800 नागरिकों एवं कई पार्षदों ने लिखित रूप से मांग की थी कि भवन का निर्माण किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर कराया जाए, लेकिन जनता की इस मांग को पूरी तरह नजर अंदाज कर दिया गया। आरोप है कि जनता की आवाज को दबाकर और शिकायतों को ठंडे बस्ते में डालकर निर्माण कार्य को जल्दबाजी में आगे बढ़ाया जा रहा है।

नगरवासियों का कहना है कि यदि इतनी बड़ी संख्या में लोगों द्वारा की गई शिकायतों, पार्षदों के विरोध और विभागीय नोटिसों के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह साफ संदेश होगा कि जनता की आवाज का कोई महत्व नहीं रह गया है। क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, या फिर वे भी मूकदर्शक बनकर नियमों की खुलेआम हो रही अनदेखी को देखते रहेंगे।

गिट्टी से लदा ट्रक लगी आग, घंटो सड़क मार्ग रहा जाम, सैकड़ो वाहन फंसे रहे, 2 घंटे बाद आग पर पाया काबू


अनूपपुर

जिले के कोतमा-अनूपपुर मुख्य मार्ग स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गिट्टी से लदे एक हाइवा ट्रक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और हाइवा धू-धू कर जलने लगी। घटना के कारण हाईवे पर करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

हाइवा ट्रक क्रमांक CG 31 A 9917 अनूपपुर से गिट्टी लोड कर कोतमा की ओर जा रहा था। इसी दौरान रेंज ऑफिस के सामने अचानक ट्रक के पिछले टायर में आग लग गई। बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी और लगातार घर्षण के कारण टायर में आग भड़की। सामने से आ रहे वाहन चालकों ने ट्रक चालक को आग लगने की सूचना दी। इसके बाद चालक और क्लीनर ने तत्काल वाहन रोककर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया।

हाईवे के बीचों बीच वाहन में आग लगने से आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग की तीव्रता को देखते हुए सुरक्षा कारणों से पुलिस ने दोनों दिशाओं का यातायात रोक दिया। इसके चलते अनूपपुर और कोतमा की ओर जाने वाले सैकड़ों वाहन सड़क पर ही फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाईवे के दोनों ओर करीब 2 से 3 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई थी। 

पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद 2 घंटे बाद आग पर काबू पाया। आगजनी की घटना में हाइवा ट्रक के सभी टायर और अन्य हिस्से जलकर नष्ट हो गए। घटनास्थल के समीप वन विभाग का डिपो होने के कारण वन विभाग का अमला भी मौके पर सतर्क रहा। पुलिस ने ट्रक को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

तेज रफ्तार ट्रेलर ने चार को मारी टक्कर,  महिला की हुई मौत, एक वर्ष की मासूम सुरक्षित बची, मामला दर्ज


शहडोल

राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर अमलाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बटूरा से केशवाही मार्ग पर स्थित महुआई मंदिर के पास एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रेलर ने बाइक सवार एक ही परिवार के चार लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में बाइक पर पीछे बैठी बुजुर्ग महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी 1 साल की मासूम नातिन अपनी मां की गोद में पूरी तरह सुरक्षित है।

शहडोल के कोदवार कला के मूल निवासी यादव परिवार के लोग सुबह बाइक पर सवार होकर कछुआ स्थित प्रसिद्ध मरखी माई देवी मंदिर में दर्शन करने गए थे। मृतिका रेखा यादव अपने दामाद नीरज यादव, बेटी आंचल यादव और 1 साल की मासूम नातिन आस्था यादव के साथ खुशी-खुशी माता के दर्शन कर घर लौट रही थी।

बाइक को दामाद नीरज यादव चला रहा था। बीच में उनकी पत्नी आंचल यादव अपनी 1 साल की बेटी आस्था को गोद में लेकर बैठी थीं, जबकि सबसे पीछे मृतिका रेखा यादव बैठी हुई थीं। जैसे ही उनकी बाइक बटूरा के पास महुआई मंदिर के समीप पहुँची, सामने से आ रहे यमदूत बने तेज रफ्तार  ट्रेलर ने बाइक को बेरहमी से रौंद दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रेखा यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, नीरज और आंचल को आंशिक चोटें आई हैं।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस और आपातकालीन सेवा डायल 112 को सूचना दी। लेकिन बेहद शर्मनाक बात रही कि घटना के एक घंटे बाद तक डायल 112 मौके पर नहीं पहुँची।  सबसे चमत्कारी और भावुक कर देने वाला पहलू यह रहा कि जहाँ  भारी-भरकम वाहन एक बुजुर्ग जिंदगी को लील गया, वहीं मां के आंचल में छिपी नन्ही आस्था को खरोंच तक नहीं आई। फिलहाल पुलिस ने शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रेलर चालक की तलाश शुरू कर दी है।

जय अम्बे कंपनी के ऑफिस में घुसे अपराधी, कट्टा लहराया दी धमकी, शिकायत की तो जान से मार दूंगा 

*दो थाना क्षेत्र के कारण फंसा पेंच*



अनूपपुर

रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट में कोयला उत्खनन कर रही प्रतिष्ठित ‘जय अम्बे’ कंपनी के कार्यालय में हुए खूनी खेल के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए क्षेत्र के आदतन और नामी उपद्रवी श्रीराम विश्वकर्मा ने दुस्साहस की सारी हदें पार कर दी हैं। दफ्तर में घुसकर कर्मचारियों पर गोली दागने के बाद अब आरोपी ने कंपनी के स्थानीय प्रबंधक को फोन पर सीधे लफ्जों में मौत की धमकी दी है। दबंग ने साफ लहजे में कहा—“अगर पुलिस में शिकायत की, तो सीधे जान से मार दूँगा।

मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा अपने गुर्गोंपप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश चर्मकार उर्फ लकी के साथ अचानक कंपनी दफ्तर में कट्टा लहराते हुए घुसा। आरोपियों ने वहां काम कर रहे कर्मचारियों आलोक त्रिपाठी और अमन सिंह क्षत्रिय को बंधक बना लिया। दफ्तर के भीतर खौफ पैदा करने और अपनी हनक दिखाने के लिए आरोपियों ने देशी कट्टे से सीधे कर्मचारी के पैर में फायर कर दिया। कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागे।

पीड़ित प्रबंधन का कहना है कि श्रीराम विश्वकर्मा का क्षेत्र में रोजगार दिलाने का मुखौटा पूरी तरह झूठा है; इसके पीछे दरअसल ‘गुंडा टैक्स’ का काला कारोबार छिपा है। कंपनी पर अवैध पैसों के लिए दबाव बनाना इसका रूटीन बन चुका है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा एक शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पूर्व में भी अमलाई थाने और अनूपपुर कोतवाली में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी का हौसला इतना बुलंद था कि जब पीड़ित कर्मचारी अमलाई थाने पहुंचे, तब उसने अपने मोबाइल नंबर 9826774921 से कॉल करके पुलिस के साए में बैठे कर्मचारियों को सरेआम गालियां दीं और शिकायत न करने की धमकी दी।

अमलाई थाना प्रभारी अपने पुलिस स्टाफ के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। हालांकि, जांच के दौरान इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक तकनीकी पेंच फंस गया। पुलिस तफ्तीश में यह पाया गया कि जिस घटनास्थल पर गोलीबारी और तांडव हुआ है, वह क्षेत्र अनूपपुर कोतवाली के अंतर्गत आता है। इसलिए अमलाई पुलिस अब मामले की अग्रिम डायरी और आगे की कानूनी कार्रवाई अनूपपुर कोतवाली पुलिस को सुपुर्द कर रही है। 

नगर परिषद के 8 लाख के जिम झूले दो साल में हुए जर्जर, जब अधिकारी ही ठेकेदार बन जाएं तो गुणवत्ता कौन देखे

*जनता ने गुणवत्ता पर उठाये सवाल*


अनूपपुर

जिले के नगर परिषद डोला द्वारा जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लगभग दो वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से लगाए गए ओपन जिम उपकरण अब भ्रष्टाचार की कहानी बयां करते नजर आ रहे हैं। नगर परिषद कार्यालय के ठीक सामने स्थापित जिम उपकरणों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई झूले टूट चुके हैं, रंग उखड़ गया है और लोहे की पाइपों में जंग लगने लगी है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद ये उपकरण इतनी जल्दी कबाड़ में कैसे तब्दील हो गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन जिम उपकरणों की गुणवत्ता शुरू से ही बेहद खराब थी। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद न तो मरम्मत कराई गई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना उचित समझा। नगर परिषद कार्यालय के सामने लगे इन उपकरणों की बदहाली यह साबित करती है कि जिम्मेदारों की नजर सब कुछ देखकर भी अनदेखा करने में लगी हुई है।लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद ही सामग्री चयन से लेकर कार्यों की निगरानी तक में हस्तक्षेप करते हैं, जिससे गुणवत्ता पूरी तरह प्रभावित होती है।

स्थानीय नागरिकों ने कहा कि यदि लगभग 7 से 8 लाख रुपये की लागत से लगाए गए जिम उपकरण दो साल भी नहीं टिक पाए, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्यों में किस स्तर की सामग्री उपयोग की गई होगी। जनता का सवाल है कि आखिर ऐसे कार्यों की तकनीकी जांच क्यों नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

नगर परिषद डोला के सीएमओ से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि उन्हें इस विषय की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उपकरण क्षतिग्रस्त हैं तो वे उन्हें दिखवा लेंगे। नगर परिषद कार्यालय के सामने लगे जिम उपकरण महीनों से बदहाल हैं, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।

*जनता के सवाल*

7 से 8 लाख रुपये की लागत वाले जिम उपकरण दो साल में ही क्यों टूट गए। क्या निर्माण और खरीद प्रक्रिया की जांच होगी। घटिया सामग्री उपयोग करने वालों पर कार्रवाई कब होगी। नगर परिषद कार्यालय के सामने बदहाल पड़े उपकरणों की जिम्मेदारी कौन लेगा। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।

पति ने पत्नी की कुल्हाड़ी से गला काटकर कर दी हत्या, घर मे खून से लथपथ मिली लाश, आरोपी हुआ फरार


शहडोल

जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र के लेदरा गांव में एक महिला की गला काटकर हत्या कर दी गई। घर के अंदर महिला का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद से पति फरार है, जिसके चलते पुलिस का शक उसी पर गहराया हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान माया यादव (30 वर्ष), पत्नी कमाता यादव के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। घटनास्थल से खून से सनी एक कुल्हाड़ी भी बरामद हुई है, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।

बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में महिला, उसका पति और उसकी बुजुर्ग सास मौजूद थे। सुबह पड़ोसियों ने घर के भीतर महिला का शव देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गोहपारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की।

पुलिस पूछताछ में मृतका की बुजुर्ग सास ने बताया कि उसका बेटा मजदूरी का कार्य करता है। शुक्रवार रात वह काम से लौटकर देर रात करीब 12 बजे घर पहुंचा। इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया, जहां उसकी पत्नी भी मौजूद थी। सास के अनुसार रात में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ होगा। आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद के दौरान महिला पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद से पति घर से फरार है, जिससे संदेह और गहरा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

आदिवासी मजदूरों के साथ गाली-गलौज व मारपीट का आरोप, जेएमएस कंपनी के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

*मैनेजर, कमर्शियल अधिकारी व सेफ्टी ऑफिसर ने किया जातिसूचक शब्दो का उपयोग* 


अनूपपुर/कोतमा

कोतमा । थाना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत एक निजी कंपनी में कार्यरत आदिवासी मजदूरों द्वारा जातिगत उत्पीड़न, कथित मारपीट, धमकी एवं अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की गई है। मजदूरों द्वारा थाना कोतमा में प्रस्तुत सामूहिक शिकायत पत्र में कंपनी के कुछ अधिकारियों पर कार्यस्थल पर अपमानजनक व्यवहार करने तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है तथा शिकायतकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त शिकायत पत्र के अनुसार जे.एम.एस. (JMS) कंपनी में कार्यरत आईआर मैनेजर सुदीप कुमार दुबे, कमर्शियल अधिकारी शुभम रैकवार तथा सेफ्टी ऑफिसर कुलदीप कुमार के विरुद्ध मजदूरों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन में कहा गया है कि मजदूर कंपनी में नियमित रूप से श्रम कार्य करते हैं और कार्यस्थल पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 4 जून को ड्यूटी एवं कार्य संबंधी विवाद के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

मजदूरों का आरोप है कि विवाद के दौरान उन्हें जातिसूचक शब्दों से संबोधित कर अपमानित किया गया तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कथित रूप से धमकीपूर्ण व्यवहार कर भय का वातावरण निर्मित किया गया, जिससे मजदूरों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि घटना के बाद से वे स्वयं तथा उनके परिवार मानसिक तनाव और भय की स्थिति में हैं।

शिकायत पत्र में युगुल सिंह गोंड़, छोटेलाल पनिका, गजरूप सिंह गोंड़ सहित अन्य मजदूरों के हस्ताक्षर हैं। मजदूरों ने सामूहिक रूप से आवेदन प्रस्तुत कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।

इस संबंध में थाना कोतमा प्रभारी रत्नांबर शुक्ल ने बताया कि मजदूरों द्वारा सामूहिक शिकायत पत्र प्रस्तुत किया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अवैध उत्खनन-परिवहन पर अवैध रेत खनिज विभाग ने की जप्त, 26 नग भैंस पुलिस ने किया जप्त


अनूपपुर

जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 6 जून शनिवार को तहसील कोतमा अंतर्गत ग्राम लोहसरा-बिजुरी में अवैध रूप से भंडारित खनिज रेत पर कार्रवाई करते हुए उसे जब्त किया गया। जब्त की गई रेत को सुरक्षित रूप से उपतहसील कार्यालय परिसर बिजुरी में रखवाया गया है। खनिज विभाग के निरीक्षक ईशा वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर एवं उपसंचालक खनिज के निर्देशानुसार जिलेभर में अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध सघन जांच अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा नियमित निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही है, ताकि अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की है कि अवैध खनिज गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को दें, जिससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं राजस्व हानि को रोका जा सके। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।

*26 नग भैंस पुलिस ने की जप्त, मामला दर्ज*

अनूपपुर जिले के थाना रामनगर पुलिस ने पशु क्रूरता के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 26 नग भैंस (नर एवं मादा) जप्त की हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ से मवेशियों को क्रूरता पूर्वक पैदल हांकते हुए* कोतमा की ओर ले जाया जा रहा था। सूचना प्राप्त होने पर थाना रामनगर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए टांकी के जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर 26 नग मवेशियों को जप्त किया गया। जप्तशुदा पशुओं को कांजी हाउस मलगा में रखा गया है।

मामले में आरोपी आनंद राम सिंह पिता भोरेलाल सिंह, उम्र 49 वर्ष, निवासी ग्राम मलगा, थाना रामनगर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 146/26 पंजीबद्ध कर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(घ) एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण को विवेचना में लिया गया है। उक्त कार्रवाई थाना प्रभारी रामनगर सुमित कौशिक के नेतृत्व में एएसआई विनोद नाहर, एएसआई संतोष पट्टा एवं आरक्षक अनुराग सिंह की टीम द्वारा की गई।

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