तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई, घटना स्थल पर युवक की हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

जिले के सीधी थाना क्षेत्र के ओदारी नदी नर्सरी के पास एक युवक की जान उस समय चली गई, जब उसकी बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान भजन सिंह (35 वर्ष) निवासी तेंदुडोल के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि भजन सिंह अपनी बाइक से कूदरी से सीधी की ओर जा रहा था। इसी दौरान ओदारी नदी नर्सरी के पास उसकी बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे खड़े पेड़ से जा भिड़ी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

पुलिस शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर दुर्घटना के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार बताई जा रही है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।

इस हादसे के बाद मृतक के परिवार में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। क्षेत्र के लोगों ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है। लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों को लेकर लोगों ने वाहन चालकों से यातायात नियमों का पालन करने और सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है। पुलिस ने भी लोगों से तेज रफ्तार से वाहन न चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की सलाह दी है।

श्मशान घाट में युवक को बुलाकर डॉक्टर ने किया अशोभनीय हरकत, सिविल सर्जन के खिलाफ कलेक्टर से हुई शिकायत

*संवेदनशील अंगों को छूने व दबाव बनाने का लगाया आरोप*


उमरिया

जिला अस्पताल उमरिया के सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी पर एक युवक ने गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपकर निष्पक्ष जांच और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत में अशोभनीय हरकत, अनुचित शारीरिक संपर्क का प्रयास तथा बाद में झूठे आरोप लगाकर दबाव बनाने की बात कही गई है। मामले के सामने आने के बाद स्वास्थ्य महकमे सहित पूरे जिले में चर्चा का माहौल है।

जेल बिल्डिंग के पीछे निवासी 20 वर्षीय अरमान सोनी ने अपने आवेदन में बताया है कि 7 जून  की रात करीब 10:30 से 11 बजे के बीच सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी ने उसे सिगरेट पीने के बहाने कब्रिस्तान क्षेत्र में बुलाया। युवक का आरोप है कि वहां पहुंचने पर संबंधित अधिकारी ने उसके साथ अशोभनीय व्यवहार किया और शरीर के संवेदनशील अंगों को अनुचित तरीके से छूने का प्रयास किया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि बाद में बीयर पीने और “एन्जॉय” करने जैसी बातें कही गईं, जिससे उसे उनकी मंशा पर संदेह हुआ।

शिकायतकर्ता के अनुसार जब दोबारा अनुचित शारीरिक संपर्क का प्रयास किया गया तो उसने तत्काल अपने भाई एवं अन्य परिजनों को फोन कर मौके पर बुलाया। युवक का दावा है कि परिजनों के पहुंचने के बाद संबंधित अधिकारी ने अपनी गलती स्वीकार की। इसके बाद सभी लोग शिकायत दर्ज कराने के लिए थाने पहुंचे।

शिकायतकर्ता का आरोप है कि अपने बचाव में संबंधित अधिकारी ने उस पर और उसके साथियों पर मारपीट तथा पैसे लूटने जैसे आरोप लगाना शुरू कर दिया। युवक का कहना है कि ऐसा वास्तविक घटना से ध्यान हटाने और उन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से किया गया। अरमान सोनी ने सीसीटीवी फुटेज, कॉल रिकॉर्ड, मोबाइल लोकेशन, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान तथा अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने यह भी आशंका जताई है कि प्रभावशाली पद पर बैठे व्यक्ति के कारण निष्पक्ष जांच प्रभावित हो सकती है।

फिलहाल आवेदन कलेक्टर कार्यालय तक पहुंच चुका है। शिकायत में लगाए गए आरोप गंभीर प्रकृति के हैं, लेकिन इनकी पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। 

रोका गया था निर्माण, फिर शुरू हुआ कार्य, नगर परिषद कार्यालय निर्माण में नियमों की उड़ा रहे हैं धज्जियां

*800 नागरिकों सहित कई पार्षदों ने निर्माण को लेकर की थी शिकायत*


अनूपपुर

नगर परिषद बनगवा-राजनगर में निर्माणाधीन नगर परिषद कार्यालय भवन एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। आरोप है कि शासन के स्पष्ट नियमों और जनता की आपत्तियों को नजरअंदाज करते हुए बिना स्वीकृत ड्राइंग-डिजाइन के निर्माण कार्य दोबारा शुरू कर दिया गया है। इस पूरे मामले ने नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार, इस भवन निर्माण को लेकर पूर्व में स्थानीय पार्षदों एवं नगरवासियों द्वारा विधिवत शिकायतें की गई थीं। शिकायतों में आरोप लगाया गया था कि भवन निर्माण कार्य बिना आवश्यक तकनीकी स्वीकृतियों और ड्राइंग-डिजाइन के शुरू किया जा रहा है। मामला भोपाल तक पहुंचने के बाद विभागीय स्तर पर संज्ञान लिया गया था तथा संबंधित अधिकारियों से जवाब-तलब भी किया गया था। इसके बाद कुछ समय के लिए निर्माण कार्य रोक दिया गया था।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि जैसे ही प्रशासनिक परिस्थितियां बदलीं, नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों और उपयंत्री द्वारा बिना किसी सार्वजनिक जानकारी एवं बिना ड्राइंग-डिजाइन की अंतिम स्वीकृति प्राप्त किए निर्माण कार्य पुनः शुरू करा दिया गया। जबकि नियम स्पष्ट रूप से कहते हैं कि स्वीकृत ड्राइंग-डिजाइन के बिना किसी भी शासकीय भवन का निर्माण प्रारंभ नहीं किया जा सकता।



स्थानीय लोगों का कहना है कि इस भवन के निर्माण स्थल को लेकर भी व्यापक विरोध दर्ज कराया गया था। नगर के लगभग 800 नागरिकों एवं कई पार्षदों ने लिखित रूप से मांग की थी कि भवन का निर्माण किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर कराया जाए, लेकिन जनता की इस मांग को पूरी तरह नजर अंदाज कर दिया गया। आरोप है कि जनता की आवाज को दबाकर और शिकायतों को ठंडे बस्ते में डालकर निर्माण कार्य को जल्दबाजी में आगे बढ़ाया जा रहा है।

नगरवासियों का कहना है कि यदि इतनी बड़ी संख्या में लोगों द्वारा की गई शिकायतों, पार्षदों के विरोध और विभागीय नोटिसों के बाद भी कार्रवाई नहीं होती, तो यह साफ संदेश होगा कि जनता की आवाज का कोई महत्व नहीं रह गया है। क्या जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई होगी, या फिर वे भी मूकदर्शक बनकर नियमों की खुलेआम हो रही अनदेखी को देखते रहेंगे।

गिट्टी से लदा ट्रक लगी आग, घंटो सड़क मार्ग रहा जाम, सैकड़ो वाहन फंसे रहे, 2 घंटे बाद आग पर पाया काबू


अनूपपुर

जिले के कोतमा-अनूपपुर मुख्य मार्ग स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब गिट्टी से लदे एक हाइवा ट्रक में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले लिया और हाइवा धू-धू कर जलने लगी। घटना के कारण हाईवे पर करीब दो घंटे तक यातायात बाधित रहा और सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई।

हाइवा ट्रक क्रमांक CG 31 A 9917 अनूपपुर से गिट्टी लोड कर कोतमा की ओर जा रहा था। इसी दौरान रेंज ऑफिस के सामने अचानक ट्रक के पिछले टायर में आग लग गई। बताया जा रहा है कि भीषण गर्मी और लगातार घर्षण के कारण टायर में आग भड़की। सामने से आ रहे वाहन चालकों ने ट्रक चालक को आग लगने की सूचना दी। इसके बाद चालक और क्लीनर ने तत्काल वाहन रोककर अपनी जान बचाई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया।

हाईवे के बीचों बीच वाहन में आग लगने से आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आग की तीव्रता को देखते हुए सुरक्षा कारणों से पुलिस ने दोनों दिशाओं का यातायात रोक दिया। इसके चलते अनूपपुर और कोतमा की ओर जाने वाले सैकड़ों वाहन सड़क पर ही फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हाईवे के दोनों ओर करीब 2 से 3 किलोमीटर लंबी वाहनों की कतार लग गई थी। 

पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद 2 घंटे बाद आग पर काबू पाया। आगजनी की घटना में हाइवा ट्रक के सभी टायर और अन्य हिस्से जलकर नष्ट हो गए। घटनास्थल के समीप वन विभाग का डिपो होने के कारण वन विभाग का अमला भी मौके पर सतर्क रहा। पुलिस ने ट्रक को सुरक्षित स्थान पर खड़ा कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

तेज रफ्तार ट्रेलर ने चार को मारी टक्कर,  महिला की हुई मौत, एक वर्ष की मासूम सुरक्षित बची, मामला दर्ज


शहडोल

राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक 43 पर अमलाई थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बटूरा से केशवाही मार्ग पर स्थित महुआई मंदिर के पास एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रेलर ने बाइक सवार एक ही परिवार के चार लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में बाइक पर पीछे बैठी बुजुर्ग महिला की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि उनकी 1 साल की मासूम नातिन अपनी मां की गोद में पूरी तरह सुरक्षित है।

शहडोल के कोदवार कला के मूल निवासी यादव परिवार के लोग सुबह बाइक पर सवार होकर कछुआ स्थित प्रसिद्ध मरखी माई देवी मंदिर में दर्शन करने गए थे। मृतिका रेखा यादव अपने दामाद नीरज यादव, बेटी आंचल यादव और 1 साल की मासूम नातिन आस्था यादव के साथ खुशी-खुशी माता के दर्शन कर घर लौट रही थी।

बाइक को दामाद नीरज यादव चला रहा था। बीच में उनकी पत्नी आंचल यादव अपनी 1 साल की बेटी आस्था को गोद में लेकर बैठी थीं, जबकि सबसे पीछे मृतिका रेखा यादव बैठी हुई थीं। जैसे ही उनकी बाइक बटूरा के पास महुआई मंदिर के समीप पहुँची, सामने से आ रहे यमदूत बने तेज रफ्तार  ट्रेलर ने बाइक को बेरहमी से रौंद दिया। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रेखा यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, नीरज और आंचल को आंशिक चोटें आई हैं।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों ने तुरंत पुलिस और आपातकालीन सेवा डायल 112 को सूचना दी। लेकिन बेहद शर्मनाक बात रही कि घटना के एक घंटे बाद तक डायल 112 मौके पर नहीं पहुँची।  सबसे चमत्कारी और भावुक कर देने वाला पहलू यह रहा कि जहाँ  भारी-भरकम वाहन एक बुजुर्ग जिंदगी को लील गया, वहीं मां के आंचल में छिपी नन्ही आस्था को खरोंच तक नहीं आई। फिलहाल पुलिस ने शव को पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार ट्रेलर चालक की तलाश शुरू कर दी है।

जय अम्बे कंपनी के ऑफिस में घुसे अपराधी, कट्टा लहराया दी धमकी, शिकायत की तो जान से मार दूंगा 

*दो थाना क्षेत्र के कारण फंसा पेंच*



अनूपपुर

रामपुर बटुरा मेगा प्रोजेक्ट में कोयला उत्खनन कर रही प्रतिष्ठित ‘जय अम्बे’ कंपनी के कार्यालय में हुए खूनी खेल के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है। कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए क्षेत्र के आदतन और नामी उपद्रवी श्रीराम विश्वकर्मा ने दुस्साहस की सारी हदें पार कर दी हैं। दफ्तर में घुसकर कर्मचारियों पर गोली दागने के बाद अब आरोपी ने कंपनी के स्थानीय प्रबंधक को फोन पर सीधे लफ्जों में मौत की धमकी दी है। दबंग ने साफ लहजे में कहा—“अगर पुलिस में शिकायत की, तो सीधे जान से मार दूँगा।

मिली जानकारी के अनुसार, मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा अपने गुर्गोंपप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश चर्मकार उर्फ लकी के साथ अचानक कंपनी दफ्तर में कट्टा लहराते हुए घुसा। आरोपियों ने वहां काम कर रहे कर्मचारियों आलोक त्रिपाठी और अमन सिंह क्षत्रिय को बंधक बना लिया। दफ्तर के भीतर खौफ पैदा करने और अपनी हनक दिखाने के लिए आरोपियों ने देशी कट्टे से सीधे कर्मचारी के पैर में फायर कर दिया। कर्मचारी किसी तरह अपनी जान बचाकर वहां से भागे।

पीड़ित प्रबंधन का कहना है कि श्रीराम विश्वकर्मा का क्षेत्र में रोजगार दिलाने का मुखौटा पूरी तरह झूठा है; इसके पीछे दरअसल ‘गुंडा टैक्स’ का काला कारोबार छिपा है। कंपनी पर अवैध पैसों के लिए दबाव बनाना इसका रूटीन बन चुका है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा एक शातिर और आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पूर्व में भी अमलाई थाने और अनूपपुर कोतवाली में कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं।

वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी का हौसला इतना बुलंद था कि जब पीड़ित कर्मचारी अमलाई थाने पहुंचे, तब उसने अपने मोबाइल नंबर 9826774921 से कॉल करके पुलिस के साए में बैठे कर्मचारियों को सरेआम गालियां दीं और शिकायत न करने की धमकी दी।

अमलाई थाना प्रभारी अपने पुलिस स्टाफ के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। हालांकि, जांच के दौरान इस हाई-प्रोफाइल मामले में एक तकनीकी पेंच फंस गया। पुलिस तफ्तीश में यह पाया गया कि जिस घटनास्थल पर गोलीबारी और तांडव हुआ है, वह क्षेत्र अनूपपुर कोतवाली के अंतर्गत आता है। इसलिए अमलाई पुलिस अब मामले की अग्रिम डायरी और आगे की कानूनी कार्रवाई अनूपपुर कोतवाली पुलिस को सुपुर्द कर रही है। 

नगर परिषद के 8 लाख के जिम झूले दो साल में हुए जर्जर, जब अधिकारी ही ठेकेदार बन जाएं तो गुणवत्ता कौन देखे

*जनता ने गुणवत्ता पर उठाये सवाल*


अनूपपुर

जिले के नगर परिषद डोला द्वारा जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए लगभग दो वर्ष पूर्व लाखों रुपये की लागत से लगाए गए ओपन जिम उपकरण अब भ्रष्टाचार की कहानी बयां करते नजर आ रहे हैं। नगर परिषद कार्यालय के ठीक सामने स्थापित जिम उपकरणों की हालत इतनी खराब हो चुकी है कि कई झूले टूट चुके हैं, रंग उखड़ गया है और लोहे की पाइपों में जंग लगने लगी है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर लाखों रुपये खर्च होने के बावजूद ये उपकरण इतनी जल्दी कबाड़ में कैसे तब्दील हो गए।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि इन जिम उपकरणों की गुणवत्ता शुरू से ही बेहद खराब थी। कई बार शिकायतें किए जाने के बावजूद न तो मरम्मत कराई गई और न ही जिम्मेदार अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लेना उचित समझा। नगर परिषद कार्यालय के सामने लगे इन उपकरणों की बदहाली यह साबित करती है कि जिम्मेदारों की नजर सब कुछ देखकर भी अनदेखा करने में लगी हुई है।लोगों का आरोप है कि जनप्रतिनिधि और अधिकारी खुद ही सामग्री चयन से लेकर कार्यों की निगरानी तक में हस्तक्षेप करते हैं, जिससे गुणवत्ता पूरी तरह प्रभावित होती है।

स्थानीय नागरिकों ने कहा कि यदि लगभग 7 से 8 लाख रुपये की लागत से लगाए गए जिम उपकरण दो साल भी नहीं टिक पाए, तो अंदाजा लगाया जा सकता है कि निर्माण कार्यों में किस स्तर की सामग्री उपयोग की गई होगी। जनता का सवाल है कि आखिर ऐसे कार्यों की तकनीकी जांच क्यों नहीं होती और दोषियों पर कार्रवाई कब होगी?

नगर परिषद डोला के सीएमओ से चर्चा की गई तो उनका कहना था कि उन्हें इस विषय की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि उपकरण क्षतिग्रस्त हैं तो वे उन्हें दिखवा लेंगे। नगर परिषद कार्यालय के सामने लगे जिम उपकरण महीनों से बदहाल हैं, फिर भी जिम्मेदार अधिकारी को इसकी जानकारी नहीं होना प्रशासनिक उदासीनता को दर्शाता है।

*जनता के सवाल*

7 से 8 लाख रुपये की लागत वाले जिम उपकरण दो साल में ही क्यों टूट गए। क्या निर्माण और खरीद प्रक्रिया की जांच होगी। घटिया सामग्री उपयोग करने वालों पर कार्रवाई कब होगी। नगर परिषद कार्यालय के सामने बदहाल पड़े उपकरणों की जिम्मेदारी कौन लेगा। अब देखना यह है कि जिम्मेदार अधिकारी मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई करते हैं या फिर यह मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।

पति ने पत्नी की कुल्हाड़ी से गला काटकर कर दी हत्या, घर मे खून से लथपथ मिली लाश, आरोपी हुआ फरार


शहडोल

जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र के लेदरा गांव में एक महिला की गला काटकर हत्या कर दी गई। घर के अंदर महिला का खून से लथपथ शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद से पति फरार है, जिसके चलते पुलिस का शक उसी पर गहराया हुआ है। पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान माया यादव (30 वर्ष), पत्नी कमाता यादव के रूप में हुई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला की गर्दन पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। घटनास्थल से खून से सनी एक कुल्हाड़ी भी बरामद हुई है, जिसे पुलिस ने कब्जे में लेकर जांच के लिए भेज दिया है।

बताया जा रहा है कि घटना के समय घर में महिला, उसका पति और उसकी बुजुर्ग सास मौजूद थे। सुबह पड़ोसियों ने घर के भीतर महिला का शव देखा तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही गोहपारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की।

पुलिस पूछताछ में मृतका की बुजुर्ग सास ने बताया कि उसका बेटा मजदूरी का कार्य करता है। शुक्रवार रात वह काम से लौटकर देर रात करीब 12 बजे घर पहुंचा। इसके बाद वह अपने कमरे में चला गया, जहां उसकी पत्नी भी मौजूद थी। सास के अनुसार रात में पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ होगा। आशंका जताई जा रही है कि इसी विवाद के दौरान महिला पर कुल्हाड़ी से हमला किया गया और उसकी हत्या कर दी गई। घटना के बाद से पति घर से फरार है, जिससे संदेह और गहरा गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।

आदिवासी मजदूरों के साथ गाली-गलौज व मारपीट का आरोप, जेएमएस कंपनी के अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

*मैनेजर, कमर्शियल अधिकारी व सेफ्टी ऑफिसर ने किया जातिसूचक शब्दो का उपयोग* 


अनूपपुर/कोतमा

कोतमा । थाना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत एक निजी कंपनी में कार्यरत आदिवासी मजदूरों द्वारा जातिगत उत्पीड़न, कथित मारपीट, धमकी एवं अभद्र व्यवहार के गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की गई है। मजदूरों द्वारा थाना कोतमा में प्रस्तुत सामूहिक शिकायत पत्र में कंपनी के कुछ अधिकारियों पर कार्यस्थल पर अपमानजनक व्यवहार करने तथा जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चा का माहौल है तथा शिकायतकर्ताओं ने निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त शिकायत पत्र के अनुसार जे.एम.एस. (JMS) कंपनी में कार्यरत आईआर मैनेजर सुदीप कुमार दुबे, कमर्शियल अधिकारी शुभम रैकवार तथा सेफ्टी ऑफिसर कुलदीप कुमार के विरुद्ध मजदूरों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। आवेदन में कहा गया है कि मजदूर कंपनी में नियमित रूप से श्रम कार्य करते हैं और कार्यस्थल पर अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि 4 जून को ड्यूटी एवं कार्य संबंधी विवाद के दौरान संबंधित अधिकारियों द्वारा उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया।

मजदूरों का आरोप है कि विवाद के दौरान उन्हें जातिसूचक शब्दों से संबोधित कर अपमानित किया गया तथा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि कथित रूप से धमकीपूर्ण व्यवहार कर भय का वातावरण निर्मित किया गया, जिससे मजदूरों में असुरक्षा की भावना उत्पन्न हो गई। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि घटना के बाद से वे स्वयं तथा उनके परिवार मानसिक तनाव और भय की स्थिति में हैं।

शिकायत पत्र में युगुल सिंह गोंड़, छोटेलाल पनिका, गजरूप सिंह गोंड़ सहित अन्य मजदूरों के हस्ताक्षर हैं। मजदूरों ने सामूहिक रूप से आवेदन प्रस्तुत कर मामले में कार्रवाई की मांग की है।

इस संबंध में थाना कोतमा प्रभारी रत्नांबर शुक्ल ने बताया कि मजदूरों द्वारा सामूहिक शिकायत पत्र प्रस्तुत किया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान प्राप्त तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अवैध उत्खनन-परिवहन पर अवैध रेत खनिज विभाग ने की जप्त, 26 नग भैंस पुलिस ने किया जप्त


अनूपपुर

जिले में अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के विरुद्ध प्रशासन द्वारा लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 6 जून शनिवार को तहसील कोतमा अंतर्गत ग्राम लोहसरा-बिजुरी में अवैध रूप से भंडारित खनिज रेत पर कार्रवाई करते हुए उसे जब्त किया गया। जब्त की गई रेत को सुरक्षित रूप से उपतहसील कार्यालय परिसर बिजुरी में रखवाया गया है। खनिज विभाग के निरीक्षक ईशा वर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि कलेक्टर एवं उपसंचालक खनिज के निर्देशानुसार जिलेभर में अवैध खनिज गतिविधियों के विरुद्ध सघन जांच अभियान लगातार संचालित किया जा रहा है। विभागीय टीम द्वारा नियमित निरीक्षण एवं निगरानी की जा रही है, ताकि अवैध उत्खनन, परिवहन तथा भंडारण पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि खनिज नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने आमजन से भी अपील की है कि अवैध खनिज गतिविधियों की जानकारी प्रशासन को दें, जिससे प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं राजस्व हानि को रोका जा सके। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध खनिज कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति देखी जा रही है।

*26 नग भैंस पुलिस ने की जप्त, मामला दर्ज*

अनूपपुर जिले के थाना रामनगर पुलिस ने पशु क्रूरता के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए 26 नग भैंस (नर एवं मादा) जप्त की हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार छत्तीसगढ़ से मवेशियों को क्रूरता पूर्वक पैदल हांकते हुए* कोतमा की ओर ले जाया जा रहा था। सूचना प्राप्त होने पर थाना रामनगर पुलिस द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए टांकी के जंगल क्षेत्र में घेराबंदी कर 26 नग मवेशियों को जप्त किया गया। जप्तशुदा पशुओं को कांजी हाउस मलगा में रखा गया है।

मामले में आरोपी आनंद राम सिंह पिता भोरेलाल सिंह, उम्र 49 वर्ष, निवासी ग्राम मलगा, थाना रामनगर के विरुद्ध अपराध क्रमांक 146/26 पंजीबद्ध कर पशु क्रूरता निवारण अधिनियम की धारा 11(घ) एवं अन्य सुसंगत धाराओं के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। प्रकरण को विवेचना में लिया गया है। उक्त कार्रवाई थाना प्रभारी रामनगर सुमित कौशिक के नेतृत्व में एएसआई विनोद नाहर, एएसआई संतोष पट्टा एवं आरक्षक अनुराग सिंह की टीम द्वारा की गई।

बंगवार खदान में स्टॉपिंग वाल निर्माण के दौरान छत गिरा, 2 मजदूरों की हुई मौत, 4 मजदूर घायल अस्पताल में भर्ती

*भूमिगत खदानों में सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल, कलेक्टर घायलों को देखने पहुँचे अस्पताल*


शहडोल

जिले में स्थित एसईसीएल के सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत बंगवार भूमिगत कोयला खदान में शुक्रवार को कार्य के दौरान बड़ा हादसा हो गया। खदान में स्टॉपिंग वाल निर्माण कार्य के दौरान अचानक छत का एक हिस्सा ढह जाने से दो मजदूरों की मौत हो गई।

वहीं, चार ठेका मजदूर घायल हो गए। वहीं, घायलों में प्रेम लाल विश्वकर्मा ,राजकुमार यादव, अमित यादव व अंजनी बैगा का नाम अभी सामने आया है। मृतकों की पहचान बल्लू कोल और गोलू बैगा के रूप में हुई है। यह दुर्घटना दूसरी पाली में दोपहर करीब 3:30 बजे हुई। उस समय मजदूर खदान के भीतर स्टॉपिंग वॉल निर्माण कार्य में लगे हुए थे। अचानक छत का हिस्सा गिरने से मजदूर मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद खदान परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देर शाम तक चार घायल मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जबकि अन्य प्रभावित श्रमिकों को भी राहत दल की मदद से बाहर लाने का कार्य जारी रहा।


बताया जा रहा है कि मजदूर खदान के भीतर स्टॉपिंग वाल निर्माण कार्य में लगे हुए थे। इसी दौरान छत का कमजोर हिस्सा अचानक भरभराकर गिर पड़ा। मिट्टी और चट्टानों के मलबे की चपेट में आने से कई मजदूर घायल हो गए। हादसे के बाद खदान के अंदर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल इसकी सूचना प्रबंधन को दी।

घटना की जानकारी मिलते ही खदान प्रबंधन, सुरक्षा अधिकारी और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंच गई। बिना समय गंवाए राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। खदान के भीतर फंसे मजदूरों को सावधानीपूर्वक बाहर निकालकर प्राथमिक उपचार उपलब्ध कराया गया। मौके पर मौजूद चिकित्सा दल ने कुछ घायलों की स्थिति गंभीर देखते हुए उन्हें बेहतर उपचार के लिए रेफर करने की प्रक्रिया शुरू की।

 घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से केंद्रीय चिकित्सालय बुढ़ार तथा जिला अस्पताल शहडोल भेजा गया, जहां उनका उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार कुछ मजदूरों की हालत स्थिर है, जबकि कुछ को निगरानी में रखा गया है।


हादसे के बाद खदान की सुरक्षा व्यवस्था, वेंटिलेशन सिस्टम और कार्यस्थल की संरचनात्मक स्थिति की जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर छत के कमजोर हिस्से के धंसने को हादसे का कारण माना जा रहा है। वहीं, प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन द्वारा घटना के कारणों की विस्तृत तकनीकी जांच कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। घटना ने एक बार फिर भूमिगत खदानों में सुरक्षा मानकों को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।

*कलेक्टर घायलों को देखने पहुँचे अस्पताल*

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने एसईसीएल की बंगवार (धनपुरी) में भूमिगत कोयला खदान धंसने की घटना की सूचना मिलने पर निजी हॉस्पिटल शहडोल में पहुंचकर भर्ती घायलों के स्वास्थ्य के संबंध में जानकारी प्राप्त की। 

तथा मृतकों के प्रति संवेदना व्यक्त।

 

 कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने बताया कि उक्त घटना में 2 व्यक्तियों की मृत्यु एवं 4 व्यक्ति घायल हुए। उन्होंने बताया कि मृतक व्यक्तियों को कंपनियां द्वारा आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाएगी एवं घायलों का उपचार एक निजी हॉस्पिटल में किया जा रहा है तथा बेहतर उपचार करने हेतु चिकित्सकों को निर्देशित किया गया है।


इस अवसर पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अभिषेक दीवान, अनुविभागीय अधिकारी राजस्व श्रीमती अमृता गर्ग सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

 दिव्यांग महिला व पुत्र आरटीओ कार्यालय के 6 माह से काट रहे हैं चक्कर, आत्महत्या की दी चेतावनी

जिला उमरिया में रख ऐसा एक मामला जिले के कलेक्टर के सामने आया जो दिव्यांग महिला 6 माह से आर टी ओ कार्यालय के चक्कर लगा कर परेशान है, अब तो महिला और उसका पुत्र त्रस्त होकर आत्महत्या की चेतावनी दे दिया है।

ग्राम निपानिया निवासी ट्रक मालिक प्रमिला सिंह पत्नी कंछेदी सिंह का ट्रक क्रमांक एम पी 17 एच एच 1517 दुर्घटनाग्रस्त होने के कारण पूर्ण रूप से खत्म हो गया था, ट्रक श्रीराम फाइनेंस कंपनी से फाइनेंस था और उसका बीमा भी था, ट्रक समाप्त होने के बाद वाहन की आर सी निरस्त करवाने की बीमा कंपनी ने कहा तो वाहन मालिक ने सारी किस्तों को जमा कर फाइनेंस कंपनी से एनओसी प्राप्त कर लिया, जिसके बाद बीमा कंपनी ने उसकी कुछ रकम प्रमिला सिंह को दे दिया, बाकी की रकम आर सी निरस्त करवाने के बाद देने को कहा, जिस पर प्रमिला सिंह ने आर टी ओ उमरिया रमा दुबे के पास आवेदन दिया एव परिवहन विभाग के पोर्टल में मांगी गई सारी जानकारी एव रकम जमा कर दिया, उसके बाद फिर से आर टी ओ मैडम के चक्कर काटती रही लेकिन मैडम हैं कि सप्ताह में मात्र एक दिन वह भी सोमवार को टी एल की मीटिंग के लिए, वहीं जब मिल जाती रहीं तो सीधे कहती हैं कि और पैसा जमा करो तब आर सी निरस्त होगी, लेकिन पोर्टल किसी तरह की रकम मांग ही नहीं रहा है, तब पैसा कहां जमा करें।

पीड़िता प्रमिला सिंह एक सीधी सादी दिव्यांग महिला होने के कारण अधिक बोल भी नहीं पाती जिसके कारण उसके पुत्र दुर्गेश सिंह ने बताया कि मेरी एक गाड़ी की समस्या है, आर सी निरस्त करवाने की है और आर टी ओ मैडम नहीं कर रही हैं, बोलती हैं कि आज नहीं अगले हफ्ता होगा, हम लोग जाते हैं तो मिलती नहीं हैं, हम उधर खड़े रहते हैं, परेशान रहते हैं, आज 6 माह से यही चल रहा है, बहुत परेशान करती हैं, हम अब क्या करें, अब यही एक रास्ता है कि हम आत्महत्या कर लें, और तो कुछ बचा ही नहीं। उमरिया आरटीओ सप्ताह में एक दिन ही मौजूद रहती है, जिसके चलते जिले के वाहन मालिक परेशान रहते हैं, वहीं यह कोई पहला मामला नहीं है जब पीड़िता आत्महत्या की चेतावनी दिया हो, इसके पूर्व भी लोग इनकी शिकायत कर चुके हैं।

ट्रेन में चोरो ने 7 लाख का गहना किया था पार, आरपीएफ ने अंतरराज्यीय गिरोह के 2 आरोपी गिरफ्तार


शहडोल

चलती बेतवा एक्सप्रेस में महिला यात्री के पर्स पर हाथ साफ कर लाखों रुपये के जेवरात लेकर फरार हुए शातिर चोर आखिरकार आरपीएफ के हत्थे चढ़ गए। करीब 7 लाख रुपये कीमत के सोने-चांदी के आभूषणों की चोरी के इस सनसनीखेज मामले में आरपीएफ ने अंतरराज्यीय गिरोह के दो सदस्यों समेत चोरी का माल खरीदने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। लंबी पड़ताल और तकनीकी जांच के बाद चोरी की पूरी गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने अधिकांश जेवरात भी बरामद कर लिए हैं।

जानकारी के अनुसार 11 मई 2026 को छत्तीसगढ़ के दुर्ग निवासी रवि प्रताप सिंह अपने परिवार के साथ ट्रेन नंबर 18204 बेतवा एक्सप्रेस से कानपुर से रायपुर जा रहे थे। यात्रा के दौरान उनकी पत्नी का लेडीज पर्स, जिसमें सोने-चांदी के आभूषण, नगदी और जरूरी दस्तावेज रखे थे, कटनी स्टेशन के बाद चोरी हो गया। पर्स में रखे सामान की कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई गई।

मामले की शिकायत पर जीआरपी शहडोल ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ अपराध दर्ज किया। इसके बाद आरपीएफ ने विशेष टीम गठित कर जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर दो संदिग्धों की पहचान हुई, जो ट्रेन से उमरिया स्टेशन पर उतरकर बस के जरिए शहडोल पहुंचे और फिर यहां से ट्रेन पकड़कर कानपुर चले गए।

तकनीकी जांच, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर आरपीएफ टीम ने मुख्य आरोपी विनय प्रणामी को कानपुर में दबोच लिया। पूछताछ में उसने अपने साथी प्रमोद कुमार यादव के साथ मिलकर चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर दूसरे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया गया।

प्रेम प्रसंग में अंधी हत्या का हुआ खुलासा, चार गिरफ्तार, आकाशीय बिजली गिरने से एक की हुई मौत


अनूपपुर 

02 जून 2026 को सूचना प्राप्त हुई की पोखरी डैम ओसीएम छोहरी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव पानी में तैर रहा है, जिसकी तस्दीक की गई तो ग्राम छोहरी निवासी सनि उर्फ मोटू सहीस पिता रंजू सहीस उम्र 18 वर्ष का शव छत विछत हालत में कमर में रस्सी से रेत भरी बोरी बधी हुई पानी में उतराता हुआ दिखा, जिसे पानी से बाहर निकलवा कर, मृतक के पिता रंजू सहीस पिता संतराम सहीस निवासी ग्राम छोहरी की रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 148/2026 धारा 103(1), 238 बीएनएस का कायम कर विवेचना में लिया गया ।

हत्या जैसे गंभीर जाघन्य अपराध की गंभीरता को देखते  चार लोगो को अभिरक्षा में लेकर बारीकी से पूछताछ किया गया जो बताये की आरोपी की सगी भांजी एवं मोहल्ले का मृतक सनि सहीस का पिछले 3-4 वर्षों से प्रेम प्रसंग चल रहा था, जिसकी जानकारी लडकी के मामा व घर वालों को पता चलने पर सनि सहीस को कई बार समझाया गया, लेकिन सनि सहीस नही माना, जिस कारण लडकी के मामा ने 29 मई 2026 को अपने एक साथी व चचेरा भाई एवं पडोसी चारो लोग आपस में सनि सहीस की हत्या करने की योजना बनाकर रात्रि 08.30 बजे मोटर सायकल से सनि सहीस को बैठाकर ग्राम छोहरी के बडी पुलिया के पास ले गये और सनि सहीस का रस्सी से गला घोंट कर हत्या कर दिये, मृतक के शव को छिपाने के उद्देश्य से मोटर सायकल में रखकर ओसीएम के पोखरी डैम में ले जाकर फेंक दिये थे । घटना में प्रयुक्त मोटर सायकल एवं मृतक का मोबाईल व दस्तावेज व हत्या में प्रयुक्त रस्सी को जप्त किया गया चारो आरोपीगणों को को गिरफ्तार किया जाकर न्यायालय पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया।

*आकाशीय बिजली गिरी अधेड़ की हुई मौत*

शहडोल जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र के बडखेरा गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक ग्रामीण की दर्दनाक मौत हो गई। बडखेरा निवासी धन्नू पाव (50 वर्ष), पिता लेगरा पाव अपने घर के पास मवेशियों को पेड़ के निकट बांध रहे थे। इसी दौरान अचानक तेज आंधी और बारिश शुरू हो गई। मौसम खराब होने के बीच अचानक आकाशीय बिजली उसी स्थान के आसपास गिर गई, जिसकी चपेट में धन्नू आ गए। बिजली गिरने की तेज आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो धन्नू अचेत अवस्था में पड़े मिले।

परिजन तत्काल उन्हें उपचार के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर सोहागपुर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

दहेज प्रताड़ना पर नवविवाहिता मौत पर पति व सास गिरफ्तार, नाबालिग बालिका से छेड़छाड़ आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर 

कोतवाली अनूपपुर द्वारा नवविवाहिता हेमा वंशकार पति राज वंशकार उम्र करीब 21 वर्ष निवासी वार्ड न. 14 पुरानी बस्ती अनूपपुर की दिनांक 13 मई 2026 को घर पर संदिग्ध मृत्यु के प्रकरण में मृतिका के पति राज वंशकार और सास ज्योति वंशकार दोनो निवासी वार्ड न. 14 पुरानी बस्ती अनूपपुर को गिरफ्तार किया गया है।

हेमा वंशकार उम्र करीब 21 वर्ष निवासी वार्ड न. 14 पुरानी बस्ती अनूपपुर को घर में फांसी लगा लेने पर मृत अवस्था में शासकीय जिला चिकित्सालय अनूपपुर में लाये जाने पर, थाना कोतवाली अनूपपुर में मर्ग क्रमांक 32/26 धारा 194 बी.एन.एस.एस. पंजीबद्ध किया जाकर नवविवाहिता की संदिग्ध मृत्यु की जांच प्रभारी एसडीओपी अनूपपुर नवीन तिवारी द्वारा की गई। जांच में मृतिका के मायके पक्ष के गवाहों ने शादी के बाद से मृतिका हेमा वंशकार के पति राज वंशकार पिता श्रवण वंशकार एवं सास ज्योति वंशकार पति श्रवण वंशकार के द्वारा दहेज के रूप में 02 लाख रूपये तथा मोटर सायकल की मांग कर हेमा वंशकार को लगातार पेरशान किया गया, तथा दहेज न देने पर, गाली गलौज कर, मारपीट करना बताया गया। उपरोक्त दहेज प्रताडना के कारण मृतिका हेमा वंशकार की शादी के सात वर्ष के अन्दर संदिग्ध परिस्थिति में मृत्यु होना पाया गया जो आरोपीगण का उपरोक्त कृत्य अपराध धारा 85, 80(2), 3(5) बी.एन.एस. एवं 3, 4 दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961 का अपराध घटित होना पाए से थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 311/26 पंजीबद्ध किया गया।

*नाबालिग बालिका से छेड़छाड़, आरोपी गिरफ्तार*

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा 17 वर्षीय नाबालिग बालिका के साथ बुधवार की सुबह रेल्वे स्टेशन अनूपपुर के पास कोचिंग के लिए जाते समय रास्ता रोककर छेड़खानी करने वाले आरोपी प्रीतम प्रसाद कोरी निवासी ग्राम दुलहरा अनूपपुर को घटना के तुरंत बाद पीछा कर गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

बुधवार की सुबह सुबह करीब 06.00 बजे थाना कोतवाली अनूपपुर पहुंची नाबालिग बालिका द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि सुबह जब वह कोचिंग पढने के लिए रेल्वे स्टेशन के पास से जा रही थी, तभी एक युवक द्वारा रास्ता रोककर हाथ पकड़कर बुरी नियत से छेड़खानी की गई और हल्ला करने पर भाग गया। उक्त सूचना पर टी.आई. कोतवाली अरविन्द जैन के नेतृत्व मे पुलिस टीम के द्वारा तत्काल घटना स्थल पहुंचकर आरोपी के संबंध में सीसीटीवी कैमरों से जानकारी प्राप्त की गई एवं घटना के तुरन्त बाद आरोपी प्रीतम प्रसाद कोरी पिता रामदास कोरी उम्र करीब 30 साल निवासी ग्राम दुलहरा थाना कोतवाली अनूपपुर के विरूद्ध अपराध क्रमांक 312/26 धारा 74,126 (2) बीएनएस 7,8 पास्को एक्ट पंजीबद्ध किया जाकर गिरफ्तार किया गया है।

मायके गई पत्नी से नाराज पति ने मासूम पुत्री की कर दी हत्या, आरोपी गिरफ्तार, न्यायालय ने भेजा जेल


अनूपपुर 

जिले के थाना थाना राजेंद्रग्राम क्षेत्र के ग्राम बेंदी में बुधवार को दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। जहां पत्नी के मायके से वापस न लौटने से परेशान पति ने अपनी ही 4 वर्षी पुत्री की गला काटकर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई है और शव पंचनामा तैयार करने के साथ ही मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर बुधवार को न्यायालय में प्रस्तुत किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।

घटना के संबंध में पुलिस ने बताया कि ग्राम बेंदी निवासी अमरवती मरावी ने पुलिस को बताया कि उसका पति गोवर्धन सिंह मरावी अक्सर शराब के नशे में उससे झगड़ा और मारपीट करता था। इसी कारण वह आठ दिन पहले अपनी 4 वर्षीय बेटी प्रीति मरावी और 1 वर्षीय बेटे के साथ मायके ग्राम केशवानी अपने मायके चली गई थी। 30 मई को गोवर्धन सिंह मायके पहुंचा और पत्नी को वापस ससुराल चलने के लिए कहा। पत्नी ने उसके शराब छोड़ने तक साथ न जाने की बात कही। इसके बाद गोवर्धन अपनी बेटी प्रीति को जबरन अपने साथ ग्राम बेंदी ले गया।

महिला ने बताया कि मंगलवार की रात उसकी बहन के मोबाइल पर गोवर्धन का फोन आया। जिसने धमकी देते हुए कहा कि यदि वह घर नहीं आई तो उसकी बेटी प्रीति को मार देगा। इसके बाद महिला अपने माता-पिता के साथ तत्काल ससुराल पहुंची। घर पहुंचने पर गोवर्धन वहां नहीं मिला। परिजनों के द्वारा 4 वर्षीय पुत्री की तलाश करने पर घर के भीतर शव खून से लथपथ और गला कटा हुआ मिला। बच्ची की मौत हो चुकी थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी पिता के खिलाफ हत्या सहित अन्य संबंधित धाराओं में अपराध दर्ज कर लिया है आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया हैं।

पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने बताया कि आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया गया हैं। आरोपी शराबी था जो आए दिन शराब पीकर पत्नी से मारपीट करता था जिसके कारण उसकी पत्नी चली गई थी और इस पर दबाव बनाने के लिए आरोपी ने पहले फोन पर ऐसा करने की धमकी उसे दी और बाद में घटना को अंजाम दिया।

घर के कमरे में संदिग्ध अवस्था मे सेवानिवृत्त बैंक कर्मचारी का मिला शव, हत्या की आशंका,पुलिस जाँच मे जुटी


शहडोल

जिला मुख्यालय के बलपुरवा बस स्टैंड क्षेत्र में उस समय सनसनी फैल गई, जब एक रिटायर बैंककर्मी का शव उनके ही घर के कमरे में संदिग्ध परिस्थितियों में शव मिला। 81 वर्षीय जगदीश प्रसाद मिश्रा घर में अकेले रहते थे। सुबह खाना बनाने पहुंची महिला ने उन्हें मृत अवस्था में देखा और इसकी सूचना आसपास के लोगों को दी। शव की स्थिति और घटनास्थल के हालात को देखते हुए पुलिस हत्या समेत अन्य पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

सुबह रोजाना की तरह खाना बनाने आने वाली महिला जब घर पहुंची तो मुख्य कमरे के भीतर जगदीश प्रसाद मिश्रा का शव पड़ा मिला। बुजुर्ग नग्न अवस्था में थे और उनके शरीर पर कई जगह गहरे चोट के निशान दिखाई दे रहे थे। यह दृश्य देखकर महिला घबरा गई और तत्काल आसपास के लोगों को इसकी सूचना दी। देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक भी मौके पर पहुंचे तथा घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया। इसके बाद फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की गई। सूचना मिलने पर मृतक के परिजन भी मौके पर पहुंच गए।

स्थानीय लोगों के अनुसार जगदीश प्रसाद मिश्रा लंबे समय से अकेले रह रहे थे। ऐसे में उनकी मौत को लेकर कई तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के समय घर के आसपास कौन-कौन मौजूद था।

मामले में सीएसपी राजेंद्र मोहन दुबे ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। हालांकि हत्या के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। घर में चोरी या लूटपाट हुई है या नहीं, इसकी भी जांच की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

घर के बाहर खाट में सो रहे व्यक्ति पर अज्ञात बदमाशों ने जानलेवा हमला कर हुए फरार, मामला दर्ज  


शहडोल 

जिले के सीधी थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जिसने ग्रामीणों को दहला दिया है। खुले आसमान के नीचे अपनी तीन वर्षीय नातिन के साथ खाट पर सो रहे एक व्यक्ति पर अज्ञात बदमाशों ने आधी रात जानलेवा हमला कर दिया। आरोपियों ने सोते समय उसके चेहरे और सिर पर करीब पांच किलो से अधिक वजनी पत्थर पटक दिया और मौके से फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को पहले स्थानीय अस्पताल और बाद में बेहतर उपचार के लिए जबलपुर रेफर किया गया है।

घटना ग्राम कुदरा टोला रिमार की है। घायल की पहचान मुन्ना रैदास पिता बाबूलाल रैदास के रूप में हुई है। बताया गया है कि मुन्ना रात अपने घर के बाहर खाट पर सो रहा था। उसके साथ उसकी तीन साल की नातिन भी मौजूद थी। इसी दौरान अज्ञात हमलावर वहां पहुंचे और सोते समय उस पर भारी पत्थर से हमला कर दिया।

हमले में मुन्ना के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आई हैं। पत्थर लगते ही वह दर्द से चीख पड़ा। नातिन सुरक्षित है। उसकी आवाज सुनकर घर के भीतर सो रही पत्नी बाहर दौड़ी, जबकि नातिन भी रोने लगी। परिजनों ने तत्काल घायल को अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे शहडोल रेफर किया गया, जहां से डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए जबलपुर भेज दिया।

मुन्ना रैदास गांव में एक छोटी किराना दुकान संचालित करता है और मुर्गा बिक्री का काम भी करता है। घटना के पीछे की वजह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो सकी है। घटना की सूचना मिलते ही सीधी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने घायल के भाई की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा हमलावरों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने के प्रयास किए जा रहे हैं।

ओसीएम खदान के डैम में युवक की तैरते हुए मिली लाश, हाथ पैर रस्सी से बंधे थे, हत्या, की आशंका


अनूपपुर

जिले के थाना भालूमाड़ा अंतर्गत ग्राम छोहरी में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव निवासी मोटू उर्फ सनी (18 वर्ष), पिता रंजू सहीस का शव छोहरी ओसीएम खदान के डैम में संदिग्ध परिस्थितियों में तैरता हुआ मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। शव की स्थिति देखकर हत्या की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार रविवार को ग्रामीणों ने डैम के पानी में एक शव तैरता हुआ देखा। सूचना मिलते ही ग्राम सरपंच ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि शव लगभग तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा था, जो पानी के ऊपर आ गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव को बाहर निकलवाया तो उसके हाथ और पैर नायलॉन की रस्सी से बंधे हुए पाए गए। इतना ही नहीं, मृतक की पीठ पर एक बोरी बंधी हुई थी, जिसमें रेत भरी हुई थी।

शव की स्थिति और मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को देखते हुए घटना को बेहद गंभीर माना जा रहा है। मृतक के शरीर पर कई स्थानों पर चोट के निशान भी दिखाई दिए हैं, जिससे यह मामला और अधिक संदिग्ध हो गया है। क्षेत्र में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उमेश उपाध्याय पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। उनके साथ पुलिसकर्मी दशरथ बागड़ी, कृपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए तथा पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस हर पहलू से जांच की जा रही है। मृतक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उसे डैम तक कैसे पहुंचाया गया तथा घटना के पीछे कौन लोग हो सकते हैं, इन सभी बिंदुओं पर जांच जारी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। 

तहसील कार्यालय में लोकायुक्त ने मारा छापा, 75 हजार की रिश्वत लेते सहायक खंड लेखापाल हुआ गिरफ्तार


शहडोल

जिले के ब्यौहारी तहसील परिसर में रीवा लोकायुक्त की टीम ने  लोकायुक्त पुलिस ने ब्यौहारी तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक खंड लेखापाल लल्लू प्रजापति को 75,000 रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी एक सरकारी मकान से जुड़े मामले को निपटाने और उस पर से अवैध कब्जा हटाने के एवज में पीड़ित से मोटी रकम का सौदा कर रहा था।

​बाणसागर के रहने वाले शिकायतकर्ता रमेश प्रसाद रजक पिता मंगल प्रसाद रजक ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में इस बात की शिकायत दर्ज कराई थी कि तहसील के सहायक खंड लेखापाल लल्लू प्रजापति उनके सरकारी मकान के मामले को रफा-दफा करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि शिकायतकर्ता रमेश प्रसाद रजक कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि नगर परिषद खांड की उपाध्यक्ष सुधा रजक के पति हैं। जनप्रतिनिधि के परिवार से जुड़े होने के बावजूद आरोपी कर्मचारी उन पर लगातार पैसों के लिए दबाव बना रहा था।

लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लल्लू प्रजापति ने पीड़ित रमेश रजक से सरकारी मकान का मामला पूरी तरह सुलझाने के नाम पर बड़ा सौदा किया था। इस सौदे के तहत आरोपी ने शिकायतकर्ता से पूर्व में ही 35,000 रूपये की राशि एडवांस के रूप में ऐंठ ली थी। इसके बाद भी वह बाकी की रकम के लिए लगातार दबाव बना रहा था, जिससे परेशान होकर पीड़ित ने कानून की मदद लेने का फैसला किया।

शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त रीवा की टीम ने ब्योहारी तहसील कार्यालय में घेराबंदी की। तय रणनीति के मुताबिक, जैसे ही रमेश प्रसाद रजक ने आरोपी लल्लू प्रजापति को 75,000 रूपये की नकद राशि थमाई, वैसे ही सादे कपड़ों में मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने धावा बोल दिया। आरोपी को रिश्वत के पैसों के साथ रंगे हाथों दबोच लिया गया और उसके हाथ धुलवाए जाने पर वे गुलाबी हो गए।

15 दिन पहले ही लोकायुक्त रीवा की टीम ने ब्योहारी में कार्यालय में भी एक अन्य कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए दबोचा था। लोकायुक्त पुलिस आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कागजी और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

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