खेत मे मवेशी चराने गई महिला की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हुई मौत


शहडोल

जिले के खैरहा थाना क्षेत्र में आकाशीय बिजली गिरने से एक महिला की मौत हो गई। महिला मवेशी चराने के लिए खेत गई थी, लेकिन देर शाम तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान उसका शव खेत में आम के पेड़ के नीचे पड़ा मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, घटना गोपालपुर गांव के पास स्थित खेत की है। मृतका की पहचान समुद्री कोल (58) पत्नी लक्ष्मण कोल, निवासी गोपालपुर के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक महिला रोज की तरह मवेशी चराने खेत गई थी। इसी दौरान क्षेत्र में तेज बारिश के साथ गरज-चमक हुई और आशंका है कि वह आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई।

शाम तक महिला के घर नहीं पहुंचने पर पति लक्ष्मण कोल और अन्य परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। काफी खोजबीन के बाद महिला खेत में एक आम के पेड़ के नीचे अचेत अवस्था में मिली। मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने देखा कि महिला की मौत हो चुकी थी। घटनास्थल के पास आकाशीय बिजली गिरने के निशान भी मिले हैं, जिससे बिजली गिरने से मौत की आशंका जताई जा रही है। जानकारी मिलते ही खैरहा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर शव को कब्जे में लिया। पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। 

अनियंत्रित होकर तालाब में समाई कार, एक कि मौत, दो घायल, तीन युवकों ने दिखाई बहादुरी बचाई दो की जान


अनूपपुर

कोतमा क्षेत्र के रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत डोला रेलवे क्रॉसिंग के समीप रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे रखी बजरी एवं डस्ट से टकराने के पश्चात तालाब में जा गिरी। अंधेरे और गहरे पानी के बीच स्थानीय युवकों की बहादुरी, डायल-112 की त्वरित प्रतिक्रिया तथा रामनगर पुलिस के समन्वित प्रयास से वाहन में फंसे युवकों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।

कार क्रमांक CG 31 C 0935 डोला रेलवे क्रॉसिंग के समीप से गुजर रही थी। इसी दौरान वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे रखी निर्माण सामग्री से टकराया और तालाब में जा गिरा। घटना के बाद आसपास के क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया तथा बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल की ओर दौड़ पड़े।

हादसा देखते ही डोला निवासी बिट्टू पनिका, रामनरेश गुप्ता और दिलीप सिंह ने बिना समय गंवाए अपनी जान की परवाह किए बिना तालाब में छलांग लगा दी। तीनों युवकों ने पानी में डूब चुकी कार तक पहुंचकर उसके भीतर फंसे लोगों को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया। स्थानीय लोगों के अनुसार, विपरीत परिस्थितियों में इन युवकों का साहस और तत्परता राहत कार्य की शुरुआत में महत्वपूर्ण साबित हुई।

घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम तथा रामनगर थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंच गई। पुलिस एवं स्थानीय नागरिकों के संयुक्त प्रयास से वाहन में फंसे लोगों को बाहर निकालकर तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। हादसे में शुभम की मृत्यु हो गई, जबकि राहुल और चंदन गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों का उपचार जारी है। घटना के बाद मृतक के परिजनों में शोक का माहौल है। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई प्रारंभ कर दी है तथा दुर्घटना के वास्तविक कारणों की जांच शुरू कर दी है

गाँजा सहित स्कूटी जप्त, मामला दर्ज, आरोपी गिरफ्तार, धोखाधड़ी का फरार आरोपी भी गिरफ्तार


अनूपपुर

जिले के थाना कोतमा पुलिस द्वारा कोतमा हाईवे रोड में संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। उसी दौरान बुढ़ानपुर तरफ से एक स्कूटी वाहन क्रमांक MP 65 ZB 5023  चालक रोड पर आते हुए दिखाई दिया जो पुलिस की चेकिंग देखकर अपनी स्कूटी को वापस मोड़कर भागने लगा। जिसे वहां मौके पर पुलिस द्वारा घेराबंदी कर पकड़ा गया। नाम पूछने पर स्कूटी चालक ने अपना नाम अनिल सोनी पिता गौरी शंकर सोनी निवासी पुरानी बस्ती , कोतमा का होना बताया। शक होने पर पुलिस ने स्कूटी को चेक करने पर स्कूटी की डिक्की में खाकी रंग के 2 पैकेट मिले जिसमें अवैध मादक पदार्थ गांजा होना पाया गया । 2.050 किलोग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 30000/- रुपये एवं, स्कूटी वाहन जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 60000/- रुपए को आरोपी अनिल सोनी के कब्जे से जप्त कर, आरोपी को गिरफ्तार कर उसके  विरुद्ध धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। पूछताछ पर आरोपी अनिल सोनी ने गांजा रज्जू उर्फ राजेन्द्र द्विवेदी निवासी वार्ड नं 04 कोतमा से लाना बताया है, जिसकी तलाश की जा रही है।

*धोखाधडी का फरार आरोपी को गिरफ्तार*

जिले के थाना भालूमाड़ा की टीम द्वारा अप. क्र. 350/2024 धारा 420, 406, 409, 120बी ता.हि. 6 व अप.क्र. 400/2024 धारा 420, 409, 34 भा.दं.वि. 6 फरार आरोपी को थाना कोतमा पुलिस दो वर्ष से फरार आरोपी अल्कित मालीवाड की पता तलास हेतु गोधरा गुजरात रवाना हुई, जो उक्त टीम के द्वारा अपनी सूझ बूझ एवं साईबर सेल अनूपपुर के मदद से आरोपी अल्कित मालीवाड को गिरफ्तार कर लाया गया इसके पूर्व भी दोनो प्रकरण के आरोपी अल्कित मालीवाड का साथी उमेश कांतिलाल पटेल निवासी चांदखेडा अहमदाबाद गुजराज को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया जहाँ से जिला जेल अनूपपुर भेजा गया । 

 1.37 लाख का 179.28 लीटर अवैध शराब कार सहित जप्त


शहडोल

जिले के थाना धनपुरी पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम बंदरचुई (खोह) स्थित क्रेशर के समीप जंगल के रास्ते में एक संदिग्ध आर्टिका वाहन अवैध शराब के साथ खड़ा है। सूचना पर तत्काल थाना धनपुरी पुलिस टीम द्वारा योजनाबद्ध तरीके से घेराबंदी कर दबिश दी गई। मौके पर आर्टिका वाहन क्रमांक MP-65-ZD-2292 संदिग्ध अवस्था में खड़ा मिला। वाहन की विधिवत तलाशी लेने पर उसमें 18 पेटी अंग्रेजी गोवा शराब एवं 2 पेटी 8 PM अंग्रेजी शराब बरामद हुई। जप्त शराब की कुल मात्रा 179.28 लीटर तथा अनुमानित कीमत ₹1,37,916/- है। उक्त अवैध शराब एवं परिवहन में प्रयुक्त आर्टिका वाहन को विधिवत जप्त किया गया।

प्रकरण में थाना धनपुरी में अज्ञात वाहन चालक एवं वाहन स्वामी बब्बू नायक, निवासी भेजरी, थाना अमरकंटक, जिला अनूपपुर (म.प्र.) के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

कोयला खदान के जय अम्बे कम्पनी के आफिस में देशी कट्टे से फायर कर हत्या के प्रयास का मुख्य आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

थाना कोतवाली अनूपपुर पुलिस व्दारा एस.ई.सी.एल की रामपुर बटुरा ओपन कोल माइन्स के जय अम्बे प्रायवेट लिमिटेड के ग्राम खांडा स्थित कार्यालय में 07 जून 2026 को दोपहर करीब 03 बजे पहुंचकर देशी कट्टा से फायर कर हत्या के प्रयास के मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा निवासी ग्राम रामपुर थाना अमलाई जिला शहडोल को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की गई है।

उल्लेखनीय है कि जय अम्बे इंडस्ट्रीय प्रायवेट लिमिटेड मे काम करने वाले टाईम कीपर अमन सिंह क्षत्रीय पिता लल्लू सिंह सोलंकी उम्र करीब 22 वर्ष निवासी ग्राम लमकना थाना बडवारा जिला कटनी के व्दारा थाना कोतवाली अनूपपुर पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई की, ग्राम खांडा में कंपनी के कार्यालय में सहकर्मचारी रोहित तिवारी, मनमोहन केवट, जीतेन्द्र प्रसाद, प्रभात कुशवाहा, कृष्णकान्त पाण्डेय, पारस एवं अन्य के साथ आफिस का काम कर रहे थे, तभी श्रीराम विश्वकर्मा अपने दो साथियों पप्पू विश्वकर्मा और मिथलेश विश्वकर्मा के साथ कार्यालय में घुस आया और बोलने लगा की तुम लोग हमारे 8-10 लोगों को काम पर नहीं रखते हों, इसी बात पर विवाद करते हुये मां बहन की गंदी गंदी गाली देते हुये श्रीराम विश्वकर्मा ने कमर के पास से देशी कट्टा निकाल कर जान से मारने के लिये फायर कर दिया, तभी गार्ड पारस के व्दारा धक्का दिये जाने से गोली आफिस के फर्श की टाईल्स में जा धसी और तीनो व्यक्ति जान से मारने की धमकी देते हुये चले गये। उक्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्र. 324/2026 धारा 109 (1), 296 (बी), 351(2), 331(7),333,3(5) बीएनएस एवं 25/27 आर्म्स एक्ट पंजीबद्ध किया गया। उक्त प्रकरण की विवेचना में 10 जून 2026 को आरोपी पप्पू विशब्कर्मा पिता गोविन्द प्रसाद विश्वकर्मा उम्र करीब 40 वर्ष निवासी रामपुर थाना अमलाई जिला शहडोल एवं दिनांक 11 जून 2026 को आरोपी मिथलेश चर्मकार पिता रामनरेश चर्मकार उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम रामपुर थाना अमलाई जिला शहडोल को गिरफ्तार किया जाने पर न्यायालय व्दारा जेल भेजा गया है। उक्त प्रकरण का मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा घटना बारदात के तुरन्त बाद फरार हो गया था जो कोतवाली पुलिस व्दारा लगातार पतासाजी की गई।

टी.आई कोतवाली अरविन्द जैन के नेतृत्व में पुलिस व सायबर सेल की टीम के व्दारा मुख्य आरोपी श्रीराम विश्वकर्मा पिता गोविन्द प्रसाद विश्वकर्माी उम्र 39 वर्ष निवासी ग्राम रामपुर थाना अमलाई जिला शहडोल को नासिक (महाराष्ट्र) से गिरफ्तार किया जाकर आरोपी से बारदात में प्रयुक्त देशी कट्टा जप्त किया गया है । पुलिस अधीक्षक अनूपपुर कोतवाली अनूपपुर की उक्त टीम को मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करने पर पुरुष्कृत करने की घोषणा की है।

लोकायुक्त ने स्वास्थ्य केन्द्र में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते किया गिरफ्तार


शहडोल

जिले में लोकायुक्त पुलिस रीवा की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र उफरी में पदस्थ मेडिकल ऑफिसर डॉ. महेश चंद्र शर्मा को 5 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई जयसिंहनगर बस स्टैंड पर की गई। आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार उमरिया जिले के पटनार खुर्द निवासी वीरेंद्र सिंह ने 18 मई 2026 को रीवा लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उनकी पत्नी के सलग्नीकरण आदेश को निरस्त कराने और रवानगी नहीं देने के एवज में मेडिकल ऑफिसर ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त ने आरोपों का सत्यापन कराया। जांच के दौरान यह सामने आया कि आरोपी पहले 5 हजार रुपये ले चुका था और शेष 5 हजार रुपये की मांग कर रहा था। सत्यापन के आधार पर लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक योगेश्वर शर्मा के निर्देशन में ट्रैप टीम का गठन किया गया।

आरोपी को तय स्थान पर बुलाया गया। जैसे ही उसने 5 हजार रुपये की रिश्वत ली, लोकायुक्त टीम ने उसे मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया। कार्रवाई निरीक्षक संदीप सिंह भदौरिया और निरीक्षक एस. राम मरावी के नेतृत्व में की गई।

लोकायुक्त ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत अपराध दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और आवश्यक वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।

भालू के हमले से किसान की हुई मौत, ट्रक तालाब में गिरी, एक कि हुई मौत


शहडोल

जिले में भालू के हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक सप्ताह के भीतर भालू के हमले में दूसरी मौत का मामला सामने आया है। ताजा घटना खन्नौधी वन परिक्षेत्र के मुर्गा महरोई गांव की है, जहां खेत में मवेशी चरा रहे एक किसान पर भालू ने हमला कर दिया। घटना में किसान की मौत हो गई। सूचना पर पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, महरोई निवासी 52 वर्षीय किसान घर से मवेशी चराने निकला था, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। शुक्रवार सुबह उसका शव खेत में मिला। शव पर मिले चोट के निशानों के आधार पर प्रारंभिक तौर पर भालू के हमले से मौत की आशंका जताई जा रही है। पोस्टमॉर्टम और वन विभाग की जांच रिपोर्ट के बाद मौत के कारण की पुष्टि होगी।

घटना बस्ती से लगे खेत में होने के कारण ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि अब खेतों में जाने से भी डर लग रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से क्षेत्र में लगातार गश्त बढ़ाने, भालू की निगरानी करने और गांवों में मुनादी कर लोगों को सतर्क करने की मांग की है।

इससे पहले गोहपारू वन परिक्षेत्र के धनवाह गांव में जंगल से लकड़ी लेने गए एक 55 वर्षीय व्यक्ति पर भी भालू ने हमला कर दिया था। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति की उपचार के दौरान मौत हो गई थी। लगातार दूसरी घटना के बाद वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। फिलहाल पुलिस और वन विभाग मामले की जांच में जुटे हैं।

*ट्रक तालाब में गिरी, एक कि हुई मौत*


अनूपपुर जिले के रामनगर थाना अंतर्गत डोला रेलवे क्रॉसिंग के पास रात लगभग 11:30 बजे बड़ा हादसा हुआ। वाहन क्रमांक CG 31 C 0935 जो सड़क के किनारे रखें बजरी व डस्ट से टकराकर अनियंत्रित होकर तालाब में जा गिरी। हादसे में शुभम की मौके पर मौत हो गई, जबकि राहुल और चंदन घायल थे । स्थानीय लोगों मे बिट्टू पनिका, रामनरेश गुप्ता और दिलीप सिंह ने युवको को तालाब से बाहर निकालकर जान बचाई।

ग्रेनाइट खदान में हुआ दर्दनाक हादसा, 5 मजदूरों समेत 7 की मौत, 5 घायल, सीएम ने दिए जॉच के आदेश

*मृतकों को 10 व घायलों को 5 लाख देने की घोषणा*


अनूपपुर 

कर्नाटक के बेंगलुरु के मदापट्टना स्थित एक ग्रेनाइट क्रेशर खदान में गुरुवार को हुए भीषण हादसे में मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के पांच मजदूरों सहित कुल सात श्रमिकों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पांच अन्य मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए। मृतकों में एक श्रमिक छत्तीसगढ़ तथा एक कर्नाटक के यादगीर जिले का निवासी था। हादसे के बाद पूरे अनूपपुर जिले में शोक की लहर फैल गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, गुरुवार को खदान में लगभग 16 मजदूर कार्य कर रहे थे। इसी दौरान करीब 40 फीट ऊंचाई से एक विशाल ग्रेनाइट चट्टान अचानक नीचे आ गिरी। चट्टान की चपेट में आने से कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसा इतना भीषण था कि मौके पर मौजूद लोडिंग वाहन और ट्रैक्टर भी चट्टान की चपेट में आकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए।

सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और तत्काल राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया। कई घंटों तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद मृतकों और घायलों को मलबे से बाहर निकाला गया। घायलों के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं, जिन्हें विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। सेंट्रल रेंज के डीआईजी एस. गिरीश ने मध्यप्रदेश के पांच मजदूरों की मौत की पुष्टि की है।

डीआईजी एस. गिरीश के अनुसार, खदान के ऊपरी और निचले हिस्से में दो क्रेशर संचालित हो रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ऊपरी हिस्से में ड्रिलिंग के दौरान विशाल ग्रेनाइट चट्टान खिसककर नीचे गिर गई, जिससे नीचे कार्य कर रहे मजदूर उसकी चपेट में आ गए। हादसे में पांच मजदूर घायल हुए, जबकि चार मजदूर सुरक्षित बच निकले।

हादसे के बाद कर्नाटक सरकार हरकत में आ गई है। मुख्यमंत्री डी.के. शिवकुमार ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए उच्च स्तरीय जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट के अनुसार हादसा ब्लास्टिंग से नहीं, बल्कि चट्टान खिसकने अथवा मिट्टी धंसने के कारण हुआ है। वहीं, मंत्री प्रियंक खड़गे ने प्रथम दृष्टया लापरवाही की आशंका जताते हुए खान एवं भूविज्ञान विभाग तथा गृह विभाग को संयुक्त जांच के निर्देश दिए हैं। उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने खदान को अनुमति देने वाले अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने के आदेश दिए हैं।

खदान संचालक ने मृतकों के परिजनों को 10-10 लाख रुपये तथा घायलों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने पर सहमति जताई है।

जैतहरी थाना क्षेत्र के थाना प्रभारी के अनुसार, मृतकों में भुवनेश्वर सिंह गौंड, राजपाल सिंह (35), रामअवतार सिंह (31) और राजेश प्रसाद चौधरी (28) की पहचान हो चुकी है, जबकि एक अन्य मृतक की शिनाख्त की प्रक्रिया जारी है। मृतक जैतहरी थाना क्षेत्र के सिंघोरा, सेमरवार और चोलना सहित आसपास के गांवों के निवासी बताए गए हैं।

वहीं, घायलों में गुलाब सिंह (27), राजपाल सिंह (30) और छोटू लाल सहित कुल पांच मजदूर शामिल हैं, जिनका इलाज जारी है। प्रशासन द्वारा सभी पीड़ितों के संबंध में विस्तृत जानकारी जुटाई जा रही है।

इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर खदानों में सुरक्षा मानकों और श्रमिकों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

शिकार के लिए लगाए गए करंट की चपेट में आये 2 युवक, 1 की हुई मौत, 1 घायल अस्पताल में भर्ती


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के साखी गांव के पास जंगल में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों युवकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। वहीं दूसरे का इलाज जारी है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान साखी निवासी प्रिंस लोनी (19) पुत्र सूरज लोनी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि प्रिंस अपने एक साथी के साथ घर से निकला था। दोनों जब गांव के पास जंगल वाले क्षेत्र से गुजर रहे थे, तभी वहां जंगली जानवरों के शिकार के उद्देश्य से अवैध रूप से बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आ गए। करंट लगते ही दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिजली के संपर्क से दोनों को अलग कर तत्काल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उपचार के दौरान प्रिंस ने दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे युवक का इलाज जारी है। उसकी हालत पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।

सूचना मिलने पर ब्यौहारी थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है। दोषियों की पहचान के लिए आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल में उपचार के दौरान मरीज की हुई मौत, परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप


 अनूपपुर

जिले के जैतहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान एक मरीज की मौत हो जाने के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही, इसके बावजूद उसे समय रहते उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर नहीं किया गया, जिसके कारण उसकी जान चली गई।

मृतक के परिजनों के अनुसार मरीज को पेशाब नली में रुकावट, पेट फूलने तथा अत्यधिक दर्द की शिकायत थी। परिजन उसे उपचार के लिए जैतहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। उनका कहना है कि मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता थी, लेकिन अस्पताल में उचित व्यवस्था नहीं होने के बावजूद मरीज को रेफर नहीं किया गया।

परिजनों ने आरोप लगाया कि कैथेटर लगवाने के लिए वे रात भर इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन कहीं भी समय पर सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। उनका कहना है कि यदि मरीज को समय रहते जिला अस्पताल या किसी बड़े चिकित्सा केंद्र भेज दिया जाता तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी।

मृतक के परिवार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी में पदस्थ डॉ. मुकेश शर्मा पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि चिकित्सक द्वारा मरीज की स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया और आवश्यक निर्णय लेने में देरी की गई।घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है।  

दोस्तों के साथ सोन नदी में नहाने गया किशोर की डूबने से हुई मौत, ग्रामीणों ने शव को निकाला


शहडोल 

जिले के पपौंध थाना क्षेत्र के बड़ी खारी गांव में 17 वर्षीय किशोर की सोन नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब किशोर अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था। अचानक गहरे पानी में चले जाने से वह डूबने लगा। साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान विप्र साकेत (17) निवासी बड़ी खारी के रूप में हुई है। वह अपने दोस्तों के साथ सोन नदी में नहाने पहुंचा था। नहाते समय वह नदी के गहरे हिस्से में चला गया और पानी में डूब गया। दोस्तों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पपौंध थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से किशोर के शव को नदी से बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला नदी में नहाने के दौरान डूबने से मौत का सामने आया है। फिलहाल मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस हादसे के बाद शोक का माहौल है।

गौशाला में गिरी आकाशीय बिजली, तीन मवेशियों की मौत, कुत्तों के हमले से हिरण घायल


अनूपपुर

कोतवाली थाना अनूपपुर अंतर्गत 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत औढेरा के औढेरा गांव में दो गाय एवं एक बैल सहित तीन मवेशियों की गौशाला के पास आकाशीय बिजली गिरने से चपेट में आने पर स्थल पर मौत हो गई। घटना की सूचना पशु मालिक रामचरण पिता भंगी कोल एवं बेनी प्रसाद यादव पिता गणेश यादव निवासी औढेरा ने कोतवाली थाना अनूपपुर में किए जाने पर पशु चिकित्सा द्वारा मौके पर पहुंचकर मृत तीनों पालतू मवेशियों के शवो का शव परीक्षण की कार्यवाही की, इस दौरान ग्राम पंचायत सरपंच श्याम बाई सिंह,जयपाल सिंह,वन्यजीव संरक्षक अनूपपुर शशिधर अग्रवाल,पशु मालिक एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे। 

*जंगली कुत्तों के हमले से हिरण हुआ घायल*

उमरिया जिले के चंदिया क्षेत्र स्थित बरम बाबा के पास एक हिरण पर जंगली कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। कुत्ते हिरण का शिकार करने का प्रयास कर रहे थे, तभी वहां से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर घायल हिरण पर पड़ी। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए हिरण को बचाने का प्रयास किया और तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीओ कुलदीप त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वन अमले को मौके पर रवाना किया।

वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल हिरण का रेस्क्यू किया और उसे अपने कब्जे में लेकर चंदिया रेंज कार्यालय पहुंचाया। जहां हिरण का विधिवत उपचार किया जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार हिरण की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। 

कार अनियंत्रित होकर मकान में घुसी, तीन लोग घायल, गाँजा व शराब जप्त, तीन पर मामला दर्ज


अनूपपुर

जिले के डोला नगर परिषद क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। कोतमा से मनेन्द्रगढ़ जा रही एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक मकान में जा घुसी। गनीमत रही कि हादसे के समय घर खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। कार क्रमांक CG16CU8927 कोतमा से मनेन्द्रगढ़ की ओर जा रही थी। डोला नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-3 में चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार कार सड़क किनारे नाले को पार करती हुई कुंदन गुप्ता के मकान में जा घुसी।

हादसे के समय मकान में कोई मौजूद नहीं था। इससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। कार में 8 वर्षीय बच्चे सहित कुल 3 लोग सवार थे, जिन्हें भी गंभीर चोट नहीं आई। कार के मकान में घुसते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत कार में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

*747 ग्राम गांजा व 16 लीटर अवैध शराब जप्त*


अनूपपुर जिले के थाना बिजुरी पुलिस ने गांजा एवं अवैध शराब के विरुद्ध अलग-अलग कार्यवाही करते हुए कुल लगभग ₹12,000 मूल्य का मशरूका जप्त कर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की है। मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति घनश्याम यादव लोहसरा स्थित ठाकुर बाबा मंदिर के पास अवैध मादक पदार्थ गांजा बिक्री करने की नियत से रखा हुआ है। सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर संदेही घनश्याम यादव पिता ददानी यादव, उम्र 48 वर्ष, निवासी कनईटोला, बिजुरी को पकड़ा गया।

तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 747 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ, जिसे विधिवत जप्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 231/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

थाना बिजुरी पुलिस द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध चलाए गए अभियान के दौरान तीन अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए, रतन सिंह पिता बीर बहादुर सिंह, उम्र 55 वर्ष, निवासी माइनस कॉलोनी, बिजुरी। राकेश सिंह कंवर पिता श्यामलाल सिंह कंवर, उम्र 45 वर्ष, निवासी उमरदा। शीतल प्रसाद पनिका पिता बेसाहू लाल पनिका, उम्र 30 वर्ष, निवासी उमरदा। के कब्जे से कुल 04 लीटर अंग्रेजी शराब एवं 12 लीटर देसी महुआ शराब जप्त कर आबकारी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई।

मॉडल ट्राइबल स्कूल पर संकट 8वीं के बाद आदिवासी बच्चों का भविष्य, अभिभावक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर


*विद्यालय का नही हुआ उन्नयन*

अनूपपुर। 

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (अमरकंटक) परिसर स्थित मॉडल ट्राइबल स्कूल को कक्षा 9वीं से 12वीं तक उन्नत करने की वर्षों पुरानी मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सोमवार को अभिभावक संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गया है। अभिभावकों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन केंद्र सरकार को भ्रामक जानकारी देकर स्कूल के उन्नयन को लगातार टाल रहा है, जिससे आठवीं उत्तीर्ण कर चुके सैकड़ों आदिवासी विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। उनका कहना है कि कई बार आवेदन, ज्ञापन और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कई सांसदों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखे जाने और राष्ट्रपति तक गुहार लगाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। अभिभावकों का कहना है कि यह केवल एक स्कूल के विस्तार का मुद्दा नहीं, बल्कि आदिवासी बच्चों के शिक्षा के अधिकार, समान अवसर और सामाजिक न्याय से जुड़ा संवेदनशील प्रश्न है।

*शिक्षा पर लगा विराम, बच्चों का भविष्य संकट में*

मॉडल ट्राइबल स्कूल की स्थापना आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन विद्यालय आज भी केवल कक्षा 8वीं तक सीमित है। परिणामस्वरूप विद्यार्थियों को अन्य स्कूलों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के अनेक बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते 9वीं से 12वीं तक कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हुआ तो अनेक प्रतिभाशाली छात्र शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।

*ज्ञापन व सांसदों के पत्र भी नहीं आए काम*

विद्यालय के उन्नयन के लिए अभिभावकों, छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपे। इसके बाद शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह, मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और खरगोन-बड़वानी सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को अनुशंसा पत्र भेजे। राष्ट्रपति को ज्ञापन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात के बावजूद अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, जिससे अभिभावकों में गहरा असंतोष है।

*प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप*

अभिभावक संघ का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन वास्तविक स्थिति से केंद्र सरकार को अवगत कराने के बजाय भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर रहा है। उनका कहना है कि लगातार उपेक्षा के कारण अब शांतिपूर्ण और अनिश्चितकालीन आंदोलन ही अंतिम विकल्प बचा है। अभिभावकों का स्पष्ट कहना है कि जब तक विद्यालय को कक्षा 12वीं तक उन्नत करने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

*धरना से पहले लगा प्रतिबंध*

धरना की अनुमति मांगने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन और मुख्य द्वार के आसपास प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए गए। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर संवाद स्थापित करने के बजाय आंदोलन पर रोक लगाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनका मानना है कि प्रशासन को प्रतिबंध लगाने के बजाय समस्या के समाधान के लिए सकारात्मक पहल करनी चाहिए।

*शिक्षा बचाओ आंदोलन बना आदिवासी अधिकारों की आवाज*

अभिभावकों का कहना है कि यह संघर्ष किसी संस्था के विरोध का नहीं, बल्कि आदिवासी बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का अभियान है। उनका विश्वास है कि शिक्षा ही सामाजिक न्याय, समान अवसर और आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज, जनप्रतिनिधियों और सरकार से अपील की है कि मॉडल ट्राइबल स्कूल को शीघ्र कक्षा 12वीं तक उन्नत किया जाए ताकि जनजातीय विद्यार्थियों को अपने ही परिसर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके।

हर्राटोला पंचायत में पत्नी सरपंच पति बना ठेकेदार, घटिया निर्माण और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप

*आशा कार्यकर्ता पद के साथ सरपंच की सीट भी संभाल रही निर्वाचित सरपंच रामदुलारी*


अनूपपुर

जिले की जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत हर्राटोला एक बार फिर गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि सरपंच रामदुलारी सिंह के कार्यकाल में पंचायत के अधिकांश विकास कार्य उनके पति द्वारा ठेकेदारी के माध्यम से कराए गए है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी की गई, फर्जी तरीके से भुगतान निकाला गया तथा ग्राम सभा की स्वीकृति के बिना योजनाओं को क्रियान्वित किया गया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सरपंच रामदुलारी सिंह आशा कार्यकर्ता के रूप में भी कार्यरत हैं और अपने दोनों पदों का उपयोग कर प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में पूरे कार्यकाल के विकास कार्यों, भुगतान, गुणवत्ता और नियमों के पालन की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों पर कार्यवाही की मांग की गई है।

*सरपंच बनने के बाद पति बना ठेकेदार*

ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच रामदुलारी सिंह के निर्वाचित होने के बाद पंचायत के लगभग सभी निर्माण कार्य उनके पति नत्थू सिंह के माध्यम से कराए गए है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और ठेकेदारी जैसी व्यवस्था अपनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत प्रतिनिधि स्वयं या उनके निकट संबंधी पंचायत कार्यों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ नहीं ले सकते, लेकिन इस सिद्धांत की अनदेखी की गई है। अब इस पूरे मामले की जांच भगवान भरोसे अधर में लटकते दिखाई पड़ रही है।

*सरपंच है, आशा कार्यकर्ता*

ग्रामीणों का आरोप है यह भी है कि सरपंच रामदुलारी सिंह वर्तमान में आशा कार्यकर्ता के रूप में भी कार्यरत हैं। ग्रामीणों का दावा है कि दोनों भूमिकाओं के कारण प्रशासनिक कार्यों में निष्पक्षता प्रभावित हुई है तथा शासन को भ्रामक जानकारी दी गई है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित विभाग यह स्पष्ट करे कि दोनों जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी प्रकार के सेवा नियमों या दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। इस संबंध में भी स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

*घटिया निर्माण व लाखों की वित्तीय अनियमितता*

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में सड़क, पुल और अन्य विकास कार्यों में मानकों का पालन नहीं किया गया है। शिकायत में आरोप है कि गिट्टी और बोल्डर के स्थान पर घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है कई सड़कों में बिना बेस डाले ही सड़क की ढलाई कर दी है है, जबकि भुगतान उच्च गुणवत्ता वाले कार्यों के नाम पर किया गया है। कुछ कार्यों में वास्तविक लागत से कई गुना अधिक राशि निकालने का भी आरोप लगाया गया है। 

*जांच की मांग*

ग्रामीणों ने सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन देकर सरपंच, सचिव और संबंधित अधिकारियों के पूरे कार्यकाल की जांच की मांग की है।  साथ ही, जांच पूरी होने तक संदिग्ध निर्माण कार्यों के भुगतान और नए कार्यों पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।

इनका कहना है।

शिकायत प्राप्त हुई है जल्द ही जांच कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, आशा कार्यकर्ता के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार किया गया है जैसे ही दस्तावेज जानकारी प्राप्त होती है कार्यवाही नियमानुसार होगी।

*हरीश चंद्र द्विवेदी, सीईओ पुष्पराजगढ़*

हम किसी पर बोझ नही बनना चाहते सुसाइड नोटर लिखकर, माँ बेटी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी


​अनूपपुर

जिले के कोतमा थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां और उसकी बेटी ने आत्महत्या कर ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार शाम दोनों ने एक आम के पेड़ की अलग-अलग डालियों से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

थाना प्रभारी कोतमा रत्नांभर शुक्ला के अनुसार, मृतकों की पहचान 42 वर्षीय मीरा रैदास और उनकी पुत्री पूनम रैदास के रूप में की गई है। मीरा रैदास अपने पति से अलग होकर मायके में रह रही थीं और अपनी बेटी का पालन-पोषण कर रही थीं। जानकारी के अनुसार, पति से भरण-पोषण की राशि दिलाने का मामला न्यायालय में चल रहा था और उन्हें अदालत के आदेशानुसार भरण-पोषण की राशि मिल भी रही थी।

प्रारंभिक जांच से यह पता चला है कि रविवार की सुबह मां और बेटी कोतमा बाजार गई थीं, जहां से उन्होंने रस्सी खरीदी थी। इसके बाद, शाम को करीब चार बजे वे अपने घर से कुछ दूर स्थित एक सुनसान जगह पर पहुंचीं और आम के पेड़ की दो अलग-अलग डालियों पर फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।

मौके से पुलिस ने बेटी पूनम द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट बरामद किया है। इस नोट में लिखा है— “हम किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते।” पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में आर्थिक तंगी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। आत्महत्या के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था।

शासकीय भूमि बताने पर पटवारी के साथ की मारपीट, बनाया बंधक, मामला हुआ दर्ज


उमरिया

जिले के पाली तहसील अंतर्गत ग्राम बकेली में राजस्व विभाग के एक पटवारी के साथ कथित मारपीट और बंधक बनाने का गंभीर मामला सामने आया है। जमीन सीमांकन को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक रूप ले बैठा। पीड़ित पटवारी की शिकायत पर पाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फरियादी गोरेलाल सिंह मार्को निवासी भरहुत, वर्तमान में पटवारी हल्का बकेली में पदस्थ हैं। वे ग्राम बकेली में जमीन सीमांकन का कार्य पूरा कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बड़वाही तिराहा के पास उनकी मुलाकात विपिन सोनी से हुई।

विपिन सोनी ने सीमांकन के दौरान उसकी जमीन को शासकीय भूमि बताए जाने पर नाराजगी जताई। उसने कथित तौर पर कहा कि आज तक किसी पटवारी ने उसकी जमीन को शासकीय नहीं बताया और इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपी ने गालियां देते हुए पटवारी के साथ मारपीट की।

पटवारी का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपी ने उनकी बाईं कलाई मरोड़ दी, धक्का देकर जमीन पर गिराया और लातों से हमला किया। इसके बाद उन्हें घसीटते हुए अपने घर के अंदर ले जाकर कुछ देर तक बंधक बनाए रखा और वहां भी मारपीट की।

घटना के दौरान विकाश बैगा, मानू प्रजापति और संजय साहू मौके पर पहुंचे। तीनों ने घर का गेट खटखटाया, जिसके बाद आरोपी ने दरवाजा खोला और पटवारी को बाहर निकाला। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने जाते-जाते धमकी दी कि अगली बार मिलने पर जान से मार देगा। मारपीट में पटवारी के बाएं हाथ की कलाई और बाएं पैर में चोटें आई हैं। इसके बाद वे अपनी पत्नी कुसुम सिंह के साथ पाली थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई।

सरकारी ड्यूटी पर तैनात राजस्व कर्मचारी के साथ कथित मारपीट और बंधक बनाए जाने की इस घटना से राजस्व महकमे में भी चर्चा का माहौल है। पुलिस अब प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि पटवारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

19 मंडल, एक भी जनजातीय मंडल अध्यक्ष नही, जनजातीय बाहुल्य जिले में भाजपा संघटन आदर्श विचारधारा की कर रही है हत्या


शहडोल


19 मंडल, एक भी जनजातीय मंडल अध्यक्ष नहीं: जनजातीय बाहुल्य शहडोल में भाजपा संगठन पर उपेक्षा के आरोप

शहडोल। जनजातीय बाहुल्य शहडोल जिले में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक विस्तार को लेकर नया विवाद सामने आया है। भाजपा के हालिया मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद संगठन पर जनजातीय समाज की उपेक्षा के आरोप लगने लगे हैं। जिले के 19 मंडलों में एक भी जनजातीय चेहरे को मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं दिए जाने से पार्टी के भीतर और जनजातीय समाज में असंतोष की चर्चा तेज हो गई है। जनजातीय मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति न होने के मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष अमिता चपरा पूरी तरह घिरते हुए नजर आ रही है। अब देखना यह होगा की भाजपा संगठन का डंडा जिलाध्यक्ष पर चलता है या यह पूरा मामला टॉय-टॉय फिस्स हो जाएगा।

जानकारी के अनुसार, भाजपा के प्रदेश संगठन द्वारा संगठनात्मक संतुलन और सामाजिक समरसता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया जाता रहा है। पार्टी के अंदर भी यह अपेक्षा व्यक्त की जाती रही है कि जनजातीय बहुल जिलों में जनजातीय कार्यकर्ताओं को संगठन में पर्याप्त अवसर दिए जाएं। ऐसे में शहडोल जैसे आदिवासी बहुल जिले में 19 में से एक भी मंडल अध्यक्ष जनजातीय वर्ग से नहीं बनाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शहडोल संभाग लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। नगर निकाय से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनावों तक भाजपा को लगातार सफलता मिलती रही है। इस सफलता में जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में संगठनात्मक नियुक्तियों में इस वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं मिलना भविष्य की राजनीति पर प्रभाव डाल सकता है।

शहडोल संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व सांसद हिमाद्रि सिंह कर रही हैं, जिन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की थी। वहीं जिले की जयसिंहनगर विधानसभा से विधायक मनीषा सिंह प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष होने के साथ संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। इसके अलावा ब्यौहारी से विधायक शरद कोल, जिन्हें प्रदेश के सबसे युवा विधायकों में गिना जाता है, तथा वरिष्ठ विधायक जय सिंह मरावी, जो लगातार छह बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं, भी जनजातीय समाज से आते हैं।

इतने प्रभावशाली जनजातीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी के बावजूद जिला संगठन में जनजातीय नेतृत्व को स्थान नहीं मिलने पर कई कार्यकर्ता इसे संगठनात्मक असंतुलन मान रहे हैं। उनका कहना है कि मंडल स्तर पर नेतृत्व तैयार करने का अवसर नहीं मिलने से युवा कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, कई भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि संगठन में सभी वर्गों को समान अवसर मिले तो पार्टी की जमीनी पकड़ और अधिक मजबूत होगी। उनका कहना है कि जनजातीय समाज हमेशा भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा रहा है और संगठन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठनात्मक नियुक्तियां केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं होतीं, बल्कि उनका सामाजिक और राजनीतिक संदेश भी जाता है। विशेषकर उन जिलों में जहां किसी वर्ग की आबादी और राजनीतिक भागीदारी अधिक हो, वहां उस वर्ग को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व देना भविष्य की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

हालांकि, भाजपा जिला संगठन की ओर से इस विषय पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि संगठन की ओर से स्थिति स्पष्ट की जाती है तो इस विवाद की तस्वीर और साफ हो सकती है।

फिलहाल, 19 मंडलों में एक भी जनजातीय मंडल अध्यक्ष नहीं बनाए जाने का मुद्दा जिले में राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आने वाले समय में प्रदेश नेतृत्व इस विषय पर क्या रुख अपनाता है और संगठनात्मक स्तर पर कोई पुनर्विचार होता है या नहीं, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है। जनजातीय समाज के प्रतिनिधित्व को लेकर उठे इस विवाद का असर भविष्य में भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है।

नहाने गया युवक डूबा हुई मौत, अतिक्रमण हटाते समय मलबे में दबा व्यक्ति, जेसीबी में हुआ पथराव


शहडोल

शहडोल जिला मुख्यालय में सड़क चौड़ीकरण के लिए चल रही बुलडोजर कार्रवाई के बीच एक मकान का मलबा व्यक्ति के ऊपर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। घटना से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने कार्रवाई में लगी नगर पालिका की जेसीबी पर पथराव कर दिया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर पालिका की टीम सड़क चौड़ीकरण के लिए बुलडोजर और जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटा रही थी। इसी दौरान अचानक एक मकान का हिस्सा ढह गया और उसका मलबा सीताराम गुप्ता (45) के ऊपर आ गिरा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए आईसीयू में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

घटना के बाद मौके पर मौजूद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया, नाराज परिजनों ने कार्रवाई में लगी नगर पालिका की जेसीबी पर पथराव कर दिया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कार्रवाई में लगे कर्मचारी व अन्य लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा।

जिला प्रशासन ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से इन्द्रा चौक से न्यू बस स्टैंड तक सड़क चौड़ीकरण अभियान शुरू किया है। व्यापारियों के विरोध के बाद सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई 18 मीटर से घटाकर 17 मीटर कर दी गई थी। 

*वाटर प्लांट में नहाने गया युवक की डूबा हुई मौत*


शहडोल

जिले में प्रतिबंधित स्थानों पर नहाने के दौरान हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। गोहपारू थाना क्षेत्र के सोन टोला स्थित जल संसाधन विभाग के वाटर प्लांट में नहाने गए 21 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। युवक अपने दोस्तों के साथ यहां नहाने पहुंचा था। घटना के बाद एसडीईआरएफ टीम ने रेस्क्यू कर शव बाहर निकाला। खास बात यह है कि इसी वाटर प्लांट में एक महीने के भीतर डूबने से मौत की यह दूसरी घटना है।

सोन टोला स्थित सोन नदी पर जल संसाधन विभाग ने पानी फिल्टर करने के लिए वाटर प्लांट बनाया है। सुरक्षा कारणों से यहां आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। परिसर के बाहर बड़े-बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और चौकीदार भी तैनात है। इसके बावजूद लोग उसकी बात अनसुनी कर जबरन अंदर चले जाते हैं।

पुलिस ने बताया कि धनपुरी थाना क्षेत्र के बम्होरी निवासी 21 वर्षीय आयुष प्रजापति अपने दोस्तों के साथ वाटर प्लांट में नहाने पहुंचा था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबकर लापता हो गया। सूचना मिलने पर गोहपारू पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीईआरएफ टीम को बुलाया गया। रेस्क्यू अभियान में एसडीईआरएफ टीम ने युवक का शव पानी से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच की जा रही है।

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो बुजुर्गों की हुई मौत, कुँए में गिरा मासूम हुई मौत


शहडोल 

जिले गोहपारू और ब्यौहारी थाना क्षेत्रों में मवेशी चराने गए दो बुजुर्गों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में शोक का माहौल है।

गोहपारू थाना क्षेत्र के उमरिया गांव निवासी इंदरनिया यादव (70), पति स्वर्गीय भोला यादव, मवेशी चराने बदरा जंगल गई थीं। शाम को तेज आंधी और बारिश शुरू होने पर मवेशी तो अपने आप घर लौट आए, लेकिन महिला घर नहीं पहुंचीं। बारिश थमने के बाद परिजन उनकी तलाश में निकले। घर से करीब दो किलोमीटर दूर सरई के पेड़ के नीचे इंदरनिया का शव मिला। आशंका है कि बारिश से बचने के लिए वह पेड़ के नीचे खड़ी थीं, तभी आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।।

इसी तरह ब्यौहारी थाना क्षेत्र के बनासी गांव निवासी गोविंद सिंह  (62), पिता बदन सिंह, शनिवार को मवेशी चराने जंगल गए थे। देर शाम तेज आंधी और बारिश के दौरान मवेशी घर लौट आए, लेकिन गोविंद सिंह वापस नहीं आए। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की तो बनासी जंगल में छूहला के पेड़ के नीचे उनका शव मिला। प्रारंभिक जांच में उनकी मौत भी आकाशीय बिजली गिरने से होना सामने आया है।

*कुएं में गिरा मासूम हुई मौत*


जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के कुबरा गांव में एक दर्दनाक हादसे में तीन साल के मासूम की कुएं में डूबने से मौत हो गई। घर के आंगन में खेल रहा बच्चा दौड़ते-दौड़ते बाड़ी में बने खुले कुएं तक पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर है। मृतक की पहचान दीवांश साहू (3) पुत्र दीपक साहू, निवासी कुबरा गांव के रूप में हुई है। बताया गया कि दीवांश घर के आंगन में खेल रहा था। खेलते-खेलते वह घर की बाड़ी की ओर दौड़ गया, जहां एक कुआं स्थित है। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे कुएं में जा गिरा। परिजनों को बच्चा दिखाई नहीं दिया तो उसकी तलाश शुरू की गई। खोजबीन के दौरान जब कुएं में देखा गया तो मासूम पानी में दिखाई दिया। परिजन और ग्रामीण तत्काल उसे बाहर निकाला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget