डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही युवती से 10 लाख ऑनलाइन ठगी, पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला किया दर्ज


शहडोल

खैरहा थाना क्षेत्र में डेंटल डॉक्टर की पढ़ाई कर रही एक युवती से टेलीग्राम ग्रुप के जरिए 10 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। युवती ने पुलिस को शिकायत देकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार पीड़ित युवती डेंटल डॉक्टर की पढ़ाई कर रही है। उसके पिता कॉलरी में कर्मचारी हैं। बताया गया कि बेटी के विवाह के लिए कुछ लोन भी लिया गया था। इसी दौरान युवती टेलीग्राम ऐप पर एक ग्रुप से जुड़ी, जहां निवेश के नाम पर रकम दोगुनी करने का झांसा दिया जा रहा था। बताया जा रहा है कि युवती ने 31 जुलाई से इस ग्रुप में बताए गए बैंक खातों में धीरे-धीरे रकम ट्रांसफर करना शुरू किया। करीब दो सप्ताह के दौरान उसने 10 लाख रुपये से अधिक की राशि बताए गए खाते में जमा कर दी। शुरुआत में उसे रकम बढ़ने और वापस मिलने का भरोसा दिलाया गया, लेकिन जब निवेश की गई राशि उसके खाते में वापस नहीं आई तो उसने टेलीग्राम ग्रुप में दिए गए नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया।

कई प्रयासों के बावजूद आरोपियों से संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद टेलीग्राम ग्रुप भी बंद हो गया। तब युवती को अपने साथ हुई ठगी का पता चला और उसने खैरहा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि ठगी की रकम से जुड़े कुछ लेनदेन मुंबई और बेंगलुरु के खातों से हुए हैं। पुलिस अब बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण मामले पर हाईकोर्ट सख्त, खसरा 676 को लेकर प्रशासन को दिए कार्रवाई के निर्देश

*कार्यवाही के दौरान पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश*


अनूपपुर

जैतहरी नगर के वार्ड क्रमांक 07 में सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण और उसके कारण सार्वजनिक सड़क निर्माण में आ रही बाधा के मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, मुख्य पीठ जबलपुर ने प्रशासन को अतिक्रमण हटाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। WP-34043-2025, कैलाश सिंह मरावी बनाम मध्य प्रदेश शासन एवं अन्य मामले में 27 जुलाई 2026 को आदेश पारित किया गया। इसके बाद 12 अगस्त 2026 को न्यायालय ने खसरा नंबर से संबंधित टाइपिंग त्रुटि को भी सुधार दिया। 

याचिका में आरोप लगाया गया था कि जैतहरी के वार्ड क्रमांक 7 में सरकारी भूमि पर निजी पक्षों द्वारा कथित रूप से निर्माण कर अतिक्रमण किया गया है। इसके कारण नगर परिषद को सार्वजनिक सड़क का निर्माण कराने में परेशानी हो रही थी। सड़क निर्माण के लिए दो बार निविदाएं जारी किए जाने के बावजूद कथित अतिक्रमण के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ सका।

सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड से सामने आया कि नगर परिषद जैतहरी के मुख्य नगर अधिकारी द्वारा वर्ष 2024 में ही संबंधित पक्षों को निर्माण हटाने के नोटिस जारी किए गए थे। नगर परिषद ने कलेक्टर और तहसीलदार से भूमि का सीमांकन कराने का अनुरोध भी किया था, ताकि सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति सहित अन्य विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके।

न्यायालय ने संबंधित राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों को नगर परिषद को अतिक्रमण हटाने और स्थल को साफ कराने में पूर्ण प्रशासनिक एवं लॉजिस्टिक सहयोग देने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय पुलिस प्रशासन को तत्काल पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कथित अवैध निर्माण हटाकर स्थल साफ होने के बाद नगर परिषद बिना अनावश्यक देरी के सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति सहित संबंधित विकास कार्यों को आगे बढ़ाए।

सेवानिवृत्त शिक्षिका से 23.70 लाख की साइबर ठगी, कस्टम और पुलिस अधिकारी बनकर ऐंठी रकम

*विदेशी गिफ्ट के नाम पर दिया झांसा*


अनूपपुर

विदेशी गिफ्ट भेजने और दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम द्वारा सामान पकड़े जाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 64 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका डुम्मी पडवार अनूपपुर जिले की निवासी को शिकार बनाया। ठगों ने पहले महिला को इंग्लैंड में रहने वाला कारोबारी बताकर बड़ी बहन का रिश्ता बनाया और रक्षाबंधन पर महंगा गिफ्ट भेजने की बात कही। इसके बाद दिल्ली एयरपोर्ट, कस्टम और आगरा पुलिस के अधिकारी बनकर अलग-अलग बहानों से रकम जमा कराते रहे। करीब दो सप्ताह में महिला से 23 लाख 70 हजार 900 रुपये ठग लिए गए।

पीड़िता शासकीय माध्यमिक कन्या विद्यालय से 31 दिसंबर 2023 को सेवानिवृत्त हुई थीं। शिकायत के अनुसार सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि और पेंशन से उनका जीवन-यापन चल रहा था। साइबर ठगों ने जेल जाने और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उनकी जमा पूंजी तक अपने खातों में ट्रांसफर करा ली।

महिला के अनुसार करीब चार माह पहले अमनप्रीत नामक युवक ने फोन कर खुद को इंग्लैंड में रहने वाला कारोबारी बताया। उसने कहा कि उसके माता-पिता नहीं हैं और वह महिला को अपनी बड़ी बहन मानता है। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने रक्षाबंधन पर गिफ्ट भेजने की बात कही। कुछ समय बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन आने लगे। कॉल करने वालों ने खुद को दिल्ली एयरपोर्ट, कस्टम और आगरा पुलिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि इंग्लैंड से भेजा गया गिफ्ट एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है। ठगों ने गिफ्ट की कीमत करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये बताकर पहले रसीद नहीं होने के नाम पर 70 हजार रुपये जमा कराने को कहा। इसके बाद दस्तावेज, कस्टम शुल्क, टैक्स और सामान को जिले से बाहर ले जाने की अनुमति सहित अलग-अलग बहाने बनाए गए।

शिकायत के अनुसार 19 जून से 2 जुलाई के बीच महिला से अलग-अलग खातों में करीब 20 किस्तों में 23,70,900 रुपये जमा कराए गए। जब ठगों ने दोबारा बड़ी रकम की मांग की तो महिला को संदेह हुआ। दर्जनों खातों में भेजी गई और कई खातों से राशि निकाल भी ली गई। पुलिस के अनुसार फिलहाल एक खाते में मिले 80 हजार रुपये को फ्रीज कराने की कार्रवाई की गई है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 319(2) और 318 (4) के तहत मामला दर्ज कर मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। 

जमीन के विवाद पर चाचा ने भतीजे पर कुल्हाड़ी से हमलाकर, कर दी हत्या, आरोपी हुआ फरार, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बसनिहा अंतर्गत बरटोला में बुधवार दोपहर जमीन के बंटवारे को लेकर चाचा-भतीजे के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आवेश में आए चाचा ने पास रखी टांगी से भतीजे के सिर और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी चाचा मौके से फरार हो गया। सूचना पर राजेंद्रग्राम पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

मृतक की पहचान 48 वर्षीय प्रमोद सिंह मरावी के रूप में हुई है, जबकि हत्या का आरोप उसके 50 वर्षीय चाचा दल सिंह मरावी पर है। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच बंटवारे की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। चाचा को उम्मीद थी कि बंटवारे में उसके हिस्से में जमीन का एक और टुकड़ा आएगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन कहासुनी होती थी।

पुलिस ने बताया की चाचा-भतीजा बाइक से अपने खेत गए थे। वहां दोनों ने हरियाली पर्व उत्सव मनाया और इसके बाद बाइक से पास स्थित चाचा के घर लौटे। घर पहुंचने के बाद दोनों ने साथ में खाना-पीना किया। इसी दौरान जमीन के बंटवारे की पुरानी बात फिर छिड़ गई और दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। कहासुनी इतनी बढ़ी कि दल सिंह ने गुस्से में पास रखी टांगी उठा ली और प्रमोद पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने गर्दन पर लगातार कई वार किए, जिससे गर्दन गंभीर रूप से कट गई। इसके अलावा सिर और चेहरे पर भी दो-तीन वार किए गए। गंभीर चोटों के कारण प्रमोद की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस घटनास्थल पहुँचकर, फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए।  फरार आरोपी दल सिंह मरावी की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हत्या के कारणों व घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

सीएमओ, तहसीलदार सहित 14 पर कलेक्टर ने  9.5 हजार का लगाया जुर्माना, अवैध रेत परिवहन में 3 वाहन जब्त


शहडोल

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट पार्थ जायसवाल ने मध्यप्रदेश लोक सेवाओ  के प्रदाय की गारंटी अधिनियम 2010 की धारा 5 (1) (2) के तहत सेवाओ के आवेदनो को बिना किसी पर्याप्त तथा युक्तियुक्त कारण से सेवा प्रदान करने में विलंब होने पर संबंधित अधिकारियो के विरूद्व 9500 रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।

कलेक्टर ने प्रमाण पत्र न प्रदाय करने हेतु नगरपालिका अधिकारी धनपुरी अमित तिवारी, भूमि का सीमांकन संबंधित प्रकरण पर नायब तहसीलदार सोहागपुर श्यामलाल मोगरे, जन्म के 1 वर्ष के पश्चात पंजीयन के लिए अनुमति संबंधित हेतु दीपक पटेल तहसीलदार सोहागपुर, अविवादित नामान्तरण नहीं करने संबंधित हेतु नायब तहसीलदार जयसिंहनगर शनि द्विवेदी, मृत्य  प्रमाण पत्र संबंधित हेतु ग्राम पंचायत कुबरा के सचिव रामचरित साहू,  ग्राम पंचायत जैतपुर के सचिव प्रभुनाथ बैगा, संग्राम सिंह ग्राम पंचायत तेंदूडोल, ग्राम पंचायत धमनीकला के सचिव अरूण मिश्रा, ग्राम पंचायत मैरटोला के सचिव लक्ष्मण कोल, विवाह के पंजीयन संबंधित हेतु ग्राम पंचायत खैरहा अजय सिंह, रामकिशोर पटेल सचिव ग्राम पंचायत आखेटपुर पर जन्म प्रमाणपत्र समय पर नहीं उपलब्ध कराने पर, अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण करने संबंधित सहायक संचालक उद्यानिकी झनक सिंह के विरूद्व 500-500 रूपये  का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।

वही मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने संबंधित ग्राम पंचायत गोपालपुर के सचिव  के विरूद्व 1500 रूपये, जन्म प्रमाण पत्र प्रदाय  न करने पर नगरपालिका अधिकारी शहडोल निशांत सिंह के विरूद्व 2000 रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया। जारी आदेश में कहा गया है कि अधिरोपित अर्थदण्ड की राशि को संबंधित अधिकारी तीन दिवस के अंदर जमा कराने के लिए कहा गया है।

*अवैध रेत परिवहन पर 3 वाहन जब्त*


खनिज विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए रेत से भरे तीन वाहनों को जब्त किया गया है। ब्यौहारी के ग्राम मैरटोला में पेट्रोल पंप के पास जांच की। इस दौरान हाईवा क्रमांक एम पी 17/ जेड एफ /1742 में करीब 28 घनमीटर खनिज रेत का परिवहन किया जा रहा था। जांच के दौरान वाहन चालक के पास रेत परिवहन के लिए आवश्यक अभिवहन पारपत्र (ETP) नहीं मिला। इसके बाद टीम ने वाहन को जब्त कर लिया।

हाईवा के स्वामी मृगेंद्र सिंह उर्फ चिक्कू, निवासी कंधवार, जिला सीधी बताए गए हैं। कार्रवाई के दौरान दो अन्य ट्रैक्टर भी खनिज रेत का परिवहन करते पाए गए। इनमें एक ट्रैक्टर का पंजीयन क्रमांक MP18ZK7247 है, जबकि दूसरा मैसी फर्ग्यूसन कंपनी का लाल रंग का ट्रैक्टर है, जिस पर नंबर दर्ज नहीं था।

खनिज विभाग ने तीनों वाहनों को जब्त कर थाना ब्यौहारी परिसर में खड़ा कराया है। सभी वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज किया। प्रकरणों को कलेक्टर न्यायालय, शहडोल में प्रस्तुत किया जाएगा।

घरेलू विवाद में पति ने पत्नी की धारदार हथियार से कर दी हत्या, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल 

बुढ़ार थाना क्षेत्र के सरईकापा गांव में घरेलू विवाद के दौरान एक पति ने अपनी पत्नी पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना देर शाम की बताई जा रही है। वारदात के बाद परिजनों ने आरोपी पति को एक कमरे में बंद कर दिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।  बुढ़ार पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

जानकारी के अनुसार, सरईकापा निवासी काजल बैगा उम्र 23 वर्ष की उसके पति सुनील बैगा ने कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि सुनील ने काजल पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद परिवार के लोगों ने आरोपी पति को कमरे में बंद कर दिया, ताकि वह मौके से भाग न सके। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में लिया और घटनास्थल का निरीक्षण किया। महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।

बताया जा रहा है कि आरोपी सुनील बैगा बाहर रहकर काम करता था और कुछ दिन पहले ही गांव वापस लौटा था। ग्रामीणों के अनुसार, उसका व्यवहार सनकी बताया जा रहा है। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह क्या थी, इसका खुलासा पुलिस की जांच और पूछताछ के बाद ही हो सकेगा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

स्टेट साइबर की टीम पहुँची जांच करने, अश्लील वीडियो वाले मामले ने एसपी ने पुलिसकर्मी को किया निलंबित

*नाबालिग से जुड़ा मामला*


अनूपपुर। 

नाबालिग बालिका से जुड़े अश्लील वीडियो पोस्ट करने के मामले में कार्रवाई के लिए जबलपुर से अनूपपुर पहुंची स्टेट साइबर सेल की टीम के साथ मौजूद प्रधान आरक्षक को पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने निलंबित कर दिया है। मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की गई है। वहीं, आरोपी के अपराध की जानकारी परिजनों को होने के बाद आत्महत्या की एक घटना सामने आने की जानकारी है।

थाना राज्य साइबर सेल जबलपुर में अपराध क्रमांक 14/2026 के तहत धारा 67(बी) आईटी एक्ट एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 15 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। मामले में कोमल सिंह पर नाबालिग बालिका से संबंधित अश्लील वीडियो पोस्ट करने का आरोप है। प्रकरण में जबलपुर पुलिस द्वारा अग्रिम कार्रवाई की गई थी।

इसी मामले में स्टेट साइबर सेल जबलपुर से निरीक्षक सविता नीरज ठाकुर के नेतृत्व में टीम अनूपपुर पहुंची थी। टीम के साथ प्रधान आरक्षक क्रमांक 31 निरंजन खलखो भी मौजूद थे। कार्रवाई के दौरान प्रधान आरक्षक के संबंध में शिकायत सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने निष्पक्ष जांच के उद्देश्य से उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

सूत्र बताते है की आरोपी के अपराध से संबंधित जानकारी उसके परिजनों तक पहुंचने के बाद आत्महत्या की घटना सामने आई है। प्रथम दृष्टया आत्मग्लानि की संभावना व्यक्त की जा रही है, लेकिन घटना के वास्तविक कारणों को लेकर पुलिस जांच जारी है। 

मामला नाबालिग बालिका से संबंधित होने के कारण पुलिस द्वारा प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्रवाई की जा रही है। साइबर अपराध से जुड़े इस प्रकरण में सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री प्रसारित करने और नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों की जांच की जा रही है।

गांजा तस्करों के खिलाफ 3 स्थानों पर कार्यवाई,  7.27 लाख का 14.88 किलो गाँजा जब्त, 3 आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि उड़ीसा राज्य से गांजा तस्कर मादक पदार्थ गांजा लेकर थाना जैतहरी क्षेत्रांतर्गत ग्राम वेंकटनगर एवं आसपास के क्षेत्रों में बिक्री करने के उद्देश्य से आने वाले हैं। एसपी ने अनूपपुर द्वारा गांजा तस्करों की धरपकड़ एवं मादक पदार्थ की बरामदगी हेतु टीम गठित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। निर्देशों के पालन में थाना जैतहरी एवं पुलिस सहायता केन्द्र वेंकटनगर से कुल 03 टीमों का गठन किया गया।

पुलिस टीमों द्वारा तीन अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी कर कार्रवाई की गई। ग्राम मुण्डा गढ़ियाटोला स्थित कचरा घर, गढ़ियाटोला जाने वाले रास्ते के किनारे, थाना जैतहरी। आमाडांड तिराहा यात्री प्रतीक्षालय, ग्राम आमाडांड, थाना जैतहरी। मुण्डा जरोधा टोला मेन रोड किनारे बने यात्री प्रतीक्षालय, ग्राम मुण्डा।

कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों को पकड़ा गया, जिनके कब्जे से कुल 14.888 किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा जप्त किया गया।गिरफ्तार आरोपियों में कैबल मुना पिता सिधेश्वर मुना, उम्र 45 वर्ष, निवासी ग्राम सिलेटपारा, थाना घंटापारा, जिला बौध (उड़ीसा) के कब्जे से 5.430 किलोग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2,50,000/- जप्त की गई। रसीका दीप पिता हरि दीप, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम रिगांपारा, थाना घंटापारा, जिला बौध (उड़ीसा) के कब्जे से 6 किलो 543 ग्राम गांजा, जिसकी अनुमानित कीमत ₹3,27,150/- जप्त की गई। बिभार पिता टीकेधर बिभार, उम्र 43 वर्ष, निवासी ग्राम रेघामुण्डा, थाना घंटापारा, जिला बौध (उड़ीसा) के कब्जे से 2.915 किलोग्राम गांजा, पैकेट सहित जिसकी अनुमानित कीमत ₹1,50,000/- जप्त की गई।

उपरोक्त तीनों आरोपियों का कृत्य धारा 8/20(बी) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत दण्डनीय पाए जाने पर आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना जैतहरी में पृथक-पृथक अपराध कायम किए गए हैं तथा प्रकरणों को विवेचना में लिया गया है।

संजय पाठक व अन्य को भेजा 5 करोड़ का कानूनी नोटिस, बिना शर्त मांगे माफी

*सुप्रीम कोर्ट के आदेश को धोखाधड़ी व साजिश से जोड़कर भ्रामक उल्लेख कर प्रस्तुत किया*


कटनी

महेंद्र गोयनका की ओर से अधिवक्ता आर्यन उर्मलिया, अधिवक्ता, मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने न्यूज़ वेब पोर्टल yashbharat.com के मालिक/संपादक/प्रधान संपादक/प्रकाशक विधायक संजय सत्येंद्र पाठक एवं संवाददाता उषा पमनानी yasbharat.com को दिनांक 10 अगस्त 2026 को लीगल नोटिस जारी किया है। नोटिस में 8 अगस्त 2026 को प्रकाशित उस खबर पर आपत्ति दर्ज कराई गई है, जिसमें सुप्रीम कोर्ट के 7 अगस्त 2026 के आदेश का कथित रूप से गलत एवं भ्रामक उल्लेख करते हुए महेंद्र गोयनका को धोखाधड़ी एवं साजिश से जोड़कर प्रस्तुत किया गया।

लीगल नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि संबंधित मामला SLP (C) No. 26908/2025 – Euro Pratik Ispat (India) Private Limited vs Geomin Industries Private Limited एवं अन्य से संबंधित है। सुप्रीम कोर्ट ने 7 अगस्त 2026 के अपने आदेश में संबंधित Commercial Court, Jabalpur को आदेश 39 नियम 1 & 2 CPC के अंतर्गत लंबित आवेदन पर दो माह के भीतर निर्णय लेने का निर्देश दिया है। साथ ही अंतरिम निर्देशों को आवेदन के निर्णय तक जारी रखने की बात कही गई है।

लीगल नोटिस का सबसे महत्वपूर्ण आधार यह है कि सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में मामले के मेरिट पर कोई राय व्यक्त नहीं की है। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के पैरा 4 में स्पष्ट रूप से अभिलिखित है कि न्यायालय ने मामले के मेरिट पर कोई राय व्यक्त नहीं की है और Commercial Court अपने स्तर पर मामले का निर्णय करेगी। सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश के पैरा 5 में पक्षकारों के सभी अधिकार एवं दलीलें Commercial Court के समक्ष खुली रखी गई हैं।

इसके बावजूद विधायक संजय पाठक द्वारा संचालित न्यूज़ पोर्टल yashbharat.com द्वारा प्रकाशित खबर के शीर्षक में “धोखाधड़ी के आरोपी महेन्द्र गोयंका…”तथा खबर के भीतर महेंद्र गोयनका द्वारा “हर स्तर पर धोखाधड़ी और साजिश” किए जाने जैसे आरोपों को इस प्रकार प्रस्तुत किया गया, जिससे आम पाठक के बीच यह धारणा बनने की संभावना है कि सुप्रीम कोर्ट ने स्वयं महेंद्र गोयनका के विरुद्ध धोखाधड़ी या साजिश की कोई न्यायिक पुष्टि की है। नोटिस में इसे न्यायिक आदेश के वास्तविक प्रभाव से अलग और भ्रामक प्रस्तुतीकरण बताया गया है।

लीगल नोटिस में यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश में महेंद्र गोयनका के विरुद्ध धोखाधड़ी, ठगी, जालसाजी या साजिश की कोई न्यायिक finding दर्ज नहीं की गई है। न्यायालय ने विवाद के गुण-दोष पर निर्णय नहीं दिया है, बल्कि संबंधित आवेदन पर Commercial Court को निर्णय लेने के लिए कहा है।

*48 घंटे में खबर हटाने और बिना शर्त माफी की मांग।*

कानूनी नोटिस के माध्यम से Yashbharat.com से 48 घंटे के भीतर विवादित खबर को हटाने अथवा उसके प्रभाव को स्पष्ट रूप से सुधारने की मांग की गई है। इसके अलावा सोशल मीडिया पोस्ट, लिंक, री-पोस्ट, थंबनेल एवं अन्य डिजिटल सामग्री को हटाने तथा मूल खबर के समान प्रमुखता के साथ बिना शर्त माफी और स्पष्ट सुधार प्रकाशित करने की मांग की गई है।

नोटिस में यह भी मांग की गई है कि पोर्टल स्पष्ट रूप से बताए कि 7 अगस्त 2026 के सुप्रीम कोर्ट के आदेश में महेंद्र गोयंका द्वारा धोखाधड़ी या साजिश किए जाने की कोई न्यायिक finding दर्ज नहीं की गई थी और पूर्व प्रकाशित खबर ने न्यायिक आदेश के प्रभाव को गलत अथवा भ्रामक रूप से प्रस्तुत किया था।

*₹5 करोड़ के हर्जाने की मांग*

मानहानि और प्रतिष्ठा को हुई कथित क्षति के लिए लीगल नोटिस में ₹5,00,00,000 (पांच करोड़ रुपये) के हर्जाने/क्षतिपूर्ति की मांग की गई है। नोटिस में कहा गया है कि डिजिटल माध्यम पर प्रकाशित सामग्री लगातार उपलब्ध रहने, शेयर होने और पुनर्प्रकाशित होने के कारण प्रतिष्ठा को होने वाली क्षति और बढ़ सकती है।

*कानूनी कार्रवाई की चेतावनी*

लीगल नोटिस में कहा गया है कि यदि निर्धारित 48 घंटे की अवधि में पूर्ण संतोषजनक अनुपालन नहीं किया जाता है, तो महेंद्र गोयनका को कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई करने का अधिकार होगा। इसमें मानहानि के लिए दीवानी कार्यवाही, लागू कानूनी प्रावधानों के तहत आपराधिक कार्रवाई, उचित मामलों में अवमानना संबंधी कार्यवाही, आगे प्रकाशन पर रोक, सामग्री हटाने एवं अन्य वैधानिक राहत की मांग शामिल हो सकती है।

नोटिस के अंत में यह भी कहा गया है कि संबंधित खबर से जुड़े डिजिटल एवं दस्तावेजी साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए, जिसमें मूल खबर, उसके ड्राफ्ट, संपादकीय रिकॉर्ड, स्रोत सामग्री, ई-मेल/व्हाट्सऐप संचार, प्रकाशन एवं एडिटिंग लॉग, CMS रिकॉर्ड तथा सोशल मीडिया से संबंधित रिकॉर्ड शामिल हैं।

महेंद्र गोयनका की ओर से अधिवक्ता आर्यन उर्मलिया द्वारा जारी इस कानूनी नोटिस के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि न्यायालय के आदेश की वास्तविक विषय-वस्तु और उसके कानूनी प्रभाव को सही रूप में प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है तथा किसी न्यायिक आदेश में दर्ज न किए गए निष्कर्षों को न्यायालय के नाम से प्रस्तुत करना गंभीर विषय है।

सूत्रों के अनुसार इसी प्रकार पूर्व में कोलकाता में दर्ज कराई गई एक झूठी एफआईआर के कारण विगत दिनों कोलकाता पुलिस द्वारा महेंद्र गोयनका को हिरासत में लिया गया था , उक्त प्रकरण में श्री गोयनका को कोलकाता के जिला न्यायालय से जमानत मिल चुकी है, परंतु उक्त झूठी FIR दर्ज करवाने वाले व्यक्ति की कंपनी की कुल वैल्यू 8 करोड़ है, परन्तु उक्त विषय पर भी महेंद्र गोयनका ने की 1000 करोड़ की धोखाधड़ी शीर्षक लिखवाकर समाचार प्रकाशित एवं प्रसारित कराये गये थे, जिसके संबंध मे उक्त बेबुनियाद समाचार प्रकाशित एवं प्रसारित करने वालों को पृथक से मानहानि का लीगल नोटिस भेजा जा रहा है।

शराबी युवक घुस गया विद्यालय में करने लगा अजीब हरकतें, पुलिस से भी उलझ गया, सुरक्षा पर उठे सवाल


शहडोल 

जिले के बुढार थाना क्षेत्र के दमकी टोला स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय में उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शराब के नशे में एक युवक स्कूल परिसर में घुस गया। युवक बच्चों की कक्षा में पहुंचकर अजीबोगरीब हरकतें करने लगा। इससे कक्षा में मौजूद बच्चे डर गए और शिक्षक भी परेशान हो गए। घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, युवक दोपहर करीब तीन बजे शराब के नशे में स्कूल पहुंचा। इसके बाद वह सीधे बच्चों की कक्षा में घुस गया। उसने बच्चों के सामने गाने गाना शुरू कर दिया। बताया जा रहा है कि वह बार-बार 'मैं तेरे प्यार में पागल हूं' जैसे गीत गा रहा था। इसी दौरान उसने शिक्षक की कुर्सी को इधर-उधर घसीटा और कुछ देर बाद फर्श पर लेटकर अपना सिर पटकने लगा। युवक की हरकतों से बच्चे सहम गए। स्कूल में हंगामे की जानकारी मिलने पर आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए। बड़ी संख्या में ग्रामीण स्कूल के बाहर खड़े होकर खिड़कियों से अंदर का घटनाक्रम देखते रहे।

स्थिति बिगड़ती देख स्कूल के शिक्षक ने तत्काल डायल-112 को सूचना दी। सूचना मिलते ही बुढार थाना क्षेत्र की डायल-112 टीम मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने युवक को स्कूल से बाहर निकालने का प्रयास किया। इसी दौरान युवक कथित तौर पर पुलिसकर्मियों से भी उलझ गया और भागने की कोशिश करने लगा। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में पुलिसकर्मी युवक की पिटाई करते हुए दिखाई दे रहे हैं। वीडियो में पुलिस वाहन के पास युवक को डंडे से पीटे जाने का दृश्य भी नजर आ रहा है। घटना के बाद स्कूल में बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

लोहे के प्रीकास्ट मोल्ड सांचा चोरी करने वाले गिरोह के 6 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चोरी का सामान जब्त


अनूपपुर

थाना प्रभारी बिजुरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने लोहे की प्रीकास्ट मोल्ड सांचा (सेन्टिंग प्लेट) चोरी करने वाले गिरोह को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है।

राजेश कुमार गौतम पिता श्रीनिवास गौतम निवासी अनूपपुर ने थाना बिजुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि ग्राम बहेराबांध स्थित उनके प्लांट से दिनांक 06 अगस्त 2026 की रात्रि में अज्ञात चोरों द्वारा प्रीकास्ट पोल एवं पैनल बनाने में इस्तेमाल होने वाले लोहे के सांचे/सेन्टिंग प्लेट चोरी कर लिए गए हैं। फरियादी की शिकायत पर थाना बिजुरी में अज्ञात चोरों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 276/26, धारा 303(2) बीएनएस (BNS) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस टीम ने मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया एवं तकनीकी साक्ष्यों का सहारा लिया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने संदेहियों को हिरासत में लेकर जब कड़ाई से पूछताछ की, तो आरोपियों ने चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार कर लिया।

आरोपियों के कब्जे से चोरी गए समस्त लोहे के सांचे बरामद कर लिए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग ₹90,000/- (नब्बे हजार रुपये) है।

आरोपियों में ओम प्रकाश यादव पिता अशोक कुमार यादव उम्र 23 वर्ष, संजू भैना पिता रामखेलावन भैना उम्र 23 वर्ष, मनीष पाव पिता सुभाष पाव उम्र 23 वर्ष, मिथलेश साहू पिता सूरज साहू उम्र 18 वर्ष 2 माह, राम अवतार विश्वकर्मा पिता समय लाल विश्वकर्मा उम्र 26 वर्ष, वीरेंद्र साहू पिता चमरू साहू उम्र 23 वर्ष। उपरोक्त सभी 6 आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय कोतमा के समक्ष पेश किया गया है। प्रकरण का एक अन्य आरोपी फरार है, जिसकी पुलिस द्वारा सघन पता-तलाश जारी है।

आंगनबाड़ी से छुट्टी के बाद मासूम का नदी में मिला शव, पुलिस जांच में जुटी


उमरिया

संजय गांधी थर्मल पावर प्लांट के डैम के नीचे जोहिला नदी में एक मासूम बालक का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। नदी में शव मिलने की खबर आग की तरह क्षेत्र में फैल गयी। सूचना मिलते  ही लोग घटना स्थल की ओर दौडे,जिससे मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। घटना ने एक बार फिर नदी और जलस्रोतों के आसपास  की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मृतक की पहचान कार्तिक सोनी पिता दीपक सोनी निवासी शांति नगर के रूप में हुई है। बताया गया कि कार्तिक आंगनबाड़ी केंद्र में पढ़ता था। छुट्टी के बाद वह किसी साथी के साथ नदी की ओर चला गया। दोपहर करीब 1 से 2 बजे के बीच हुई इस घटना के बाद जोहिला नदी में उसका शव बरामद हुआ।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की परिस्थितियों का जायजा लेते हुए जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मौत किन परिस्थितियों में हुई यह जांच का विषय है। पुलिस द्वारा घटना के सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है। जांच के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। 

समूह वसूली का रुपया गबन कर लूट की कहानी रची, पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मोबाइल व 1.18 लाख किया जब्त


अनूपपुर

समूह वसूली की गयी नगदी राशि को स्वयं कर्मचारी के व्दारा अमानत में खयानत कर लूट की सूचना देने पर पुलिस ने मोबाईल व नगदी 118400/- जप्त आरोपी को गिरफ्तार किया है।

थाना चचाई में अमित नामदेव पिता सुनील नामदेव, उम्र 30 साल, निवासी ग्राम बड़खेरा, थाना स्लीमनाबाद, जिला कटनी, हाल दुलहरा रोड, पुरानी बस्ती अनूपपुर का स्वतंत्र माईक्रो फायनेंस प्रायवेट लिमिटेड कंपनी के फील्ड एजेन्ट कुलदीप शर्मा के व्दारा समूह के वसूली के पैसे 1,20,467/- रूपये उक्त राशि को अमानत में खयानत करने के संबंध में शिकायत किया की, कुलदीप शर्मा मेरी कंपनी में फील्ड आफीसर के पद पर कार्य करता है, वह देवरी, खुटवा, चचाई, सकोला समूह की वसूली का रुपए कलेक्सन करने के बाद, कुलदीप शर्मा पिता कन्हैया लाल उम्र 24 साल नि0 उचेहरा थाना गोहपारू जिला शहडोल से समूह वसूली का पूरा पैसा जमा कर अनूपपुर रात में तक वापस आने को बोला था, जो पैसे जमा करने अनूपपुर नहीं आया, मोबाईल बंद कर लिया तब कुलदीप शर्मा बोला कि अगर समूह वसूली के पैसे को आफिस में जमा नहीं करोगे तो मैं तुम्हें नौकरी से निकाल देंगे, तब उसने बताया कि मुझे पैसों की जरूरत होने से मैंने अपने व्यक्तिगत लाभ के लिये उक्त समूह वसूली की राशि 1,20,467/- रूपये अपने खर्चा कर किया एवं मोबाईल भी जंगल में छुपा दिया हूं । समूह के वसूली पैसों को हड़पने की नियत से मुझे गुमराह करने के लिये अपने साथ लूट की घटना होना बताया था । रिपोर्ट पर से आरोपी कुलदीप शर्मा के विरूद्ध अपराध धारा 316(2), 316(5) बीएनएस का पाये जाने से अपराध सदर पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । दौरान विवेचना आरोपी से अमानत में खयानत की गयी राशि 1,18,400/- रूपये एवं मोबाईल जप्त करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है।

पोंडा नाला हुआ जलमग्न, जान में जोखिम में डालकर गुजर रहे हैं वाहन, हो सकती है अप्रिय घटना


शहडोल

बरसात में शहडोल का पोंडा नाला एक बार फिर आफत का नाला बन गया है। लगातार बारिश के बाद नाले में पानी का जलस्तर बढ़ गया और देखते ही देखते आवागमन का रास्ता जलमग्न हो गया। हालात ऐसे हैं कि दोपहिया और चारपहिया वाहन चालक ही नहीं, बल्कि स्कूली बसें भी पानी के बीच से जान जोखिम में डालकर गुजरने को मजबूर हैं। पोंडा नाला का यह खौफनाक मंजर एक बार फिर सिस्टम की तैयारियों और वर्षों से लंबित समस्या पर सवाल खड़े कर रहा है।

पोंडा नाला में पानी भरने के बाद आसपास के ग्रामीण इलाकों का संपर्क प्रभावित होने लगता है। बारिश तेज होने पर डिंडौरी-जबलपुर और छत्तीसगढ़ की ओर जाने वाले मार्ग पर भी आवागमन बाधित होने का खतरा बना रहता है। 

पानी का बहाव तेज होने के कारण यहां से गुजरना किसी खतरे से खाली नहीं है। यह पहली बार नहीं है जब पोंडा नाला लोगों के लिए मुसीबत बना हो। पिछले साल पानी के तेज बहाव में एक कार के डूबने की घटना में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी, जबकि कुछ लोगों के लापता होने की बात सामने आई थी। इसके बावजूद बारिश आते ही वही तस्वीर दोबारा दिखाई दे रही है। वर्षों पुरानी इस समस्या के स्थायी समाधान की उम्मीद जगी है। रेलवे विभाग की ओर से पोंडा नाला ब्रिज निर्माण को स्वीकृति मिलने की जानकारी दी गई है।

बाइक की टंकी 11 लीटर, पेट्रोल भर दिया 14.62 लीटर, पेट्रोल टंकी के कर्मचारी ने वसूल लिए अवैध रुपए, हुई शिकायत


अनूपपुर

राजेन्द्रग्राम धरहर कला-अमरकंटक रोड स्थित विनायक फिलिंग स्टेशन पर एक उपभोक्ता ने पेट्रोल भरने के दौरान निर्धारित क्षमता से अधिक पेट्रोल दर्शाकर राशि वसूलने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर उपभोक्ता ने संबंधित कंपनी के अधिकारियों से शिकायत कर जांच एवं कार्रवाई की मांग की है।

जमुना कॉलोनी निवासी आशुतोष मनोज मिश्रा ने अपनी शिकायत में बताया कि वह अमरकंटक यूनिवर्सिटी से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने धरहर कला-अमरकंटक रोड स्थित विनायक फिलिंग स्टेशन पर अपनी हीरो होंडा मोटरसाइकिल क्रमांक MP 65 JP 7193 में पेट्रोल भरवाया।

उपभोक्ता के अनुसार, पेट्रोल पंप के नोजलमैन द्वारा उनकी मोटरसाइकिल में 14.62 लीटर पेट्रोल भरा जाना दर्शाया गया और इसके एवज में उनसे लगभग ₹1,700 की राशि ली गई। उन्हें इसकी रसीद भी प्रदान की गई।

आशुतोष मिश्रा का कहना है कि उनकी मोटरसाइकिल की पेट्रोल टंकी की क्षमता कंपनी के निर्धारित मापदंड के अनुसार लगभग 11 लीटर है। ऐसे में टंकी की क्षमता से लगभग साढ़े तीन लीटर अधिक पेट्रोल कैसे भरा गया, जबकि गाड़ी में 2 लीटर लगभग पेट्रोल पहले से था ,यह सवाल खड़ा होता है। उन्होंने पेट्रोल पंप के मीटर की कार्यप्रणाली और पेट्रोल की मात्रा की जांच की मांग की है।

उपभोक्ता ने इस संबंध में संबंधित ऑयल कंपनी के अधिकारियों से शिकायत करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा यदि शिकायत सही पाई जाती है तो पेट्रोल पंप संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

अब जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पेट्रोल की मात्रा दर्ज करने में तकनीकी त्रुटि हुई, मीटर में कोई गड़बड़ी थी अथवा मामला किसी अन्य कारण से हुआ। उपभोक्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति सामने लाने की मांग की है।

डीजल चोरी शक में चालको को घर पर बंधक बनाकर डंडों से की पिटाई, शिकायत न करने की दी धमकी

*कोरे कागज में जबरन करा लिए हस्ताक्षर*


शहडोल

जिले के बुढार थाना क्षेत्र में डीजल चोरी के शक में वाहन चालकों को बंधक बनाकर बेरहमी से मारपीट करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि ट्रांसपोर्ट कंपनी के संचालकों और उनके साथियों ने चालकों को एक कमरे में बंद कर डंडों, मुक्कों और थप्पड़ों से पीटा, जबरन वीडियो बनवाया और कोरे कागजों पर हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान भी लगवा लिए।

उमरिया जिले के ग्राम राघोपुर निवासी वाहन चालक इरशाद मोहम्मद ने अपने साथी चालकों मुस्तकीम मोहम्मद, सुनील रैदास, रजनीश काछी, शाहिद उर्फ पड़ा समेत अन्य के साथ पुलिस को बताया कि उन्हें बुढार स्थित हिन्द ट्रांसपोर्ट कंपनी, जो मारुति नंदन पेट्रोल पंप के सामने संचालित है, बुलाया गया था।

पीड़ितों का आरोप है कि वहां मौजूद अब्दुल शफीक खान उर्फ अब्दुल्ला, अब्दुल रफीक खान उर्फ बब्लू, अमित गुप्ता, अंजी, जयंत जामवानी, निखिल सेन और उनके अन्य साथियों ने सभी चालकों को एक कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद डंडों, मुक्कों और थप्पड़ों से उनकी पिटाई की गई। आरोप है कि दबाव बनाकर उनसे डीजल चोरी का कथित कबूलनामा करवाया गया, पूरी घटना का वीडियो रिकॉर्ड किया गया और कोरे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर तथा अंगूठे के निशान भी लगवाए गए।

पीड़ित चालकों का कहना है कि घटना के बाद उन्हें धमकी दी गई कि यदि पुलिस में शिकायत की या कानूनी कार्रवाई की तो उन्हें और उनके परिवार को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। इसी डर के कारण वे कई दिनों तक शिकायत नहीं कर सके। मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद चालकों ने बुढार थाना पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, निष्पक्ष जांच कराने और अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। 

उच्च न्यायालय का फर्जी आदेश देकर आरोपी को दिलाई जमानत, एफआईआर दर्ज

*15 दिन में जांच कर न्यायालय में पेश करने का आदेश*


अनूपपुर 

जिले में पिता की जमानत कराने के लिए पुत्र के द्वारा उच्च न्यायालय का एक कूट रचित आदेश प्रस्तुत करते हुए पुत्र के द्वारा जालसाजी किए जाने के मामले में अपर सत्र न्यायालय के निर्देश पर रामनगर पुलिस ने कूट रचना का आरोपी ओमप्रकाश नामदेव एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध धारा 336(2), 337, 338, 339 एवं 340(2) के तहत प्रकरण कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। 15 दिन में मामले की जांच कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना भी अनिवार्य किया गया है।

रामनगर थाना प्रभारी सुमित कौशिक ने बताया कि तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय के द्वारा रामनगर पुलिस को अपराध दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। मामले के बारे में बताया गया कि न्यायालय में लंबित एस.सी.ए.टी.आर. प्रकरण क्रमांक 50/24 (शासन बनाम शिवविशाल नामदेव) की सुनवाई के दौरान 16 दिसंबर 2024 को अभियुक्त शिव विशाल नामदेव के पुत्र ओमप्रकाश नामदेव के द्वारा एक आदेश उच्च न्यायालय का बताकर प्रस्तुत किया गया था। जब इस आदेश की सत्यता के संबंध में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय से जानकारी मांगी गई, तब सहायक रजिस्ट्रार, जबलपुर द्वारा स्पष्ट किया गया कि संबंधित आदेश उच्च न्यायालय द्वारा पारित ही नहीं किया गया था। इसके बाद न्यायालय ने पूरे मामले की अलग से जांच कराई।

जांच के दौरान शासकीय कन्या प्राथमिक पाठशाला फुनगा के प्रभारी प्राचार्य सुखदेव सिंह तथा मलगा विद्यालय की प्रधानाध्यापक शकुन्तला सिंह मार्को के बयान दर्ज किए गए। जांच में सुखदेव सिंह ने फर्जी आदेश की मूल प्रति न्यायालय में प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह दस्तावेज दो व्यक्तियों द्वारा स्कूल में लाकर दिया गया था। उन्होंने यह भी बताया कि आरोपी ओमप्रकाश नामदेव ने आदेश मिलने से दो-तीन दिन पहले ही उन्हें कहा था कि हाईकोर्ट से पुनः जांच का आदेश आने वाला है, जिसे प्राप्त कर लेना।

न्यायालय ने जांच के आधार पर माना कि ओमप्रकाश नामदेव एवं अन्य अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कथित रूप से उच्च न्यायालय का कूटरचित आदेश तैयार कर उसका उपयोग किया गया। आदेश में शासकीय शिक्षकों के अवकाश एवं सेवा संबंधी अधिकारों को प्रभावित करने वाले निर्देश भी शामिल थे।

आंगनबाड़ी का ताला तोड़कर चोरी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार, चोरी किया बर्तन, ताला तोड़ने के औजार जप्त


अनूपपुर

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा आंगनबाड़ी केन्द्र का रात्रि में ताला तोड़कर चोरी करने वाले 03 आरोपियो को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

आंगनबाड़ी केन्द्र भरियाटोला सकरा की कार्यकर्ता मंती बैगा पिता मुन्ना बैगा उम्र 31 वर्ष निवासी पटेल मोहल्ला सकरा थाना कोतवाली अनूपपुर ने 25-27 जुलाई 2026 के बीच की रात्रि में आंगनबाड़ी केन्द्र में लगे शासकीय एल.ई.डी. टी.वी. एल.जी. कंपनी की, पानी के लिए लगाये गये शासकीय आरो तथा बर्तन व वजन करने की मशीन को कोई अज्ञात चोर चोरी कर के ले गया है। रिपोर्ट करने पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 454/26 धारा 331(4), 305(e) बी.एन.एस. का पंजीबद्ध कर विवेचना किया गया। विवेचना दौरान संदेहियो की तलास पतारसी की गई विश्वसनीय मुखबिरो की सूचना पर थाना प्रभारी कोतवाली पुलिस की टीम के द्वारा आरोपी गोलू उर्फ आकाश बैगा पिता बसन्त बैगा उम्र 23 वर्ष निवासी ग्राम पटनाकला थाना चचाई जिला अनूपपुर, अजय बैगा पिता समयलाल बैगा उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम पटनाकला थाना चचाई जिला अनूपपुर, दद्दा बैगा पिता गंगा बैगा उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम पटनाकला थाना चचाई जिला अनूपपुर को गिरफ्तार कर आरोपीगणो से चोरी गया 02 नग स्टील की थाली, 02 चम्मच, 01 स्टील का डिब्बा तथा घटना में ताला तोड़ने में प्रयुक्त लोहे की राड व घटना में प्रयुक्त दो मोटर सायकल MP 18 ZE 6489, MP 18वZC 8848 को जप्त किया गया है। पूछताछ पर आरोपीगणो द्वारा बताया गया कि अपने अन्य साथी सानू बैगा, विकाश उर्फ विक्कू बैगा व मिथुन चौधरी के साथ मिलकर दो मोटर सायकलो से आंगनबाड़ी केन्द्र सकरा पहुंचकर लोहे की राड से आंगनबाड़ी केन्द्र का ताला तोड़कर टी.वी. आरो, वजन करने की मशीन व बर्तन चोरी करना बताये तथा टी.वी., आरो व वजन करने की मशीन फरार हमारे सहआरोपियो के पास होना बताये। प्रकरण के अन्य आरोपियो सानू बैगा, विकाश उर्फ विक्कू बैगा व मिथुन चौधरी की तलाश की जा रही है। जल्द ही अन्य आरोपियो को गिरफ्तार कर बाकी चोरी का सामान बरामद किये जावेंगें।

ट्रक ने गोवंशों को कुचला, पांच की हुई मौत, वाहन चालक ट्रेलर छोड़कर हुआ फरार


शहडोल 

सोहागपुर थाना क्षेत्र के भारत पेट्रोल पंप के सामने बुधवार देर रात एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने सड़क पर बैठे पांच गौवंशों को कुचल दिया। हादसे में सभी गौवंशों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दो मवेशी ट्रेलर के पहियों के नीचे फंस गए, जिससे चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया।

ट्रेलर बुढार से शहडोल की ओर जा रहा था। हादसे के बाद वाहन घटनास्थल पर ही खड़ा रह गया, जबकि उसके आगे और पीछे पांच मवेशियों के शव पड़े रहे। स्थानीय लोगों ने बताया कि घटना के कई घंटे बाद तक न तो पुलिस मौके पर पहुंची और न ही यातायात विभाग की टीम ने वाहन हटाने या यातायात सामान्य कराने की कोई कार्रवाई की।

ग्रामीणों का कहना है कि भारत पेट्रोल पंप के सामने अक्सर भारी वाहनों की कतार लगी रहती है। दूसरी ओर सड़क पर गौवंशों का बैठना आम बात है। ऐसे में यह स्थान लगातार हादसों का कारण बन रहा है। लोगों का आरोप है कि पेट्रोल पंप के सामने सड़क किनारे दिन-रात खड़े रहने वाले वाहनों को हटाने के लिए यातायात विभाग ने आज तक कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया।

होटल अमरकंटक इन विवादों में, लीज भूमि पर निर्माण को लेकर उठे सवाल, सौपा ज्ञापन, जांच की मांग 


अनूपपुर

पवित्र नगरी अमरकंटक में भूमि उपयोग एवं निर्माण कार्यों की पारदर्शिता को लेकर एक नया मामला सामने आया है। मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के पुष्पराजगढ़ विधानसभा अध्यक्ष हितेश तंबोली (बिरू) ने नगर परिषद अमरकंटक के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को ज्ञापन सौंपकर होटल अमरकंटक इन द्वारा लीज भूमि पर किए जा रहे निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच एवं आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि स्थानीय स्तर पर यह चर्चा है कि संबंधित भूमि की लीज अवधि समाप्त हो चुकी है, जबकि वहां निर्माण एवं विस्तार कार्य जारी है। इस संबंध में अभिलेखीय स्थिति स्पष्ट न होने के कारण मामले की विधिवत जांच आवश्यक बताई गई है, ताकि वास्तविक तथ्यों का पता चल सके और जनसामान्य के समक्ष स्थिति स्पष्ट हो सके।

युवा कांग्रेस नेता ने अपने आवेदन में मांग की है कि संबंधित भूमि की वर्तमान लीज की वैधता का अभिलेखों के आधार पर सत्यापन कराया जाए। यदि लीज अवधि समाप्त हो चुकी हो तो यह भी जांच की जाए कि निर्माण कार्य किस वैधानिक आधार पर किया जा रहा है। साथ ही भवन निर्माण की स्वीकृति, स्वीकृत नक्शा तथा अन्य आवश्यक अनुमतियों का भी परीक्षण किया जाए।

ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा नियमों का उल्लंघन सामने आता है तो संबंधित प्रावधानों के अनुसार विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा जांच प्रतिवेदन एवं की गई कार्रवाई से आवेदक को अवगत कराया जाए।

अमरकंटक जैसी धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण नगरी में भूमि एवं निर्माण संबंधी सभी कार्य विधि सम्मत और पारदर्शी हों, यह जनहित की दृष्टि से आवश्यक माना जा रहा है। अब नगर परिषद प्रशासन द्वारा इस आवेदन पर क्या कार्रवाई की जाती है, इस पर स्थानीय नागरिकों की निगाहें टिकी हुई हैं।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget