एकलव्य छात्रावास के 150 छात्र समस्याओं को लेकर छात्रावास से कलक्ट्रेट के लिए निकले, कलेक्टर से करेंगे मुलाकात


शहडोल

जैतपुर क्षेत्र स्थित विरौड़ी एकलव्य छात्रावास से 150 से अधिक छात्र अचानक हॉस्टल से सड़क पर निकल पड़े। छात्र अपनी समस्याओं को लेकर सीधे कलेक्टर से मिलने की मांग कर रहे हैं। इसी जिद के चलते छात्र करीब 60 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर कलेक्ट्रेट पहुंचने के लिए निकल पड़े। बड़ी संख्या में छात्रों के हॉस्टल से निकलने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया।

छात्र रसमोहनी के रास्ते कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे हैं। प्रशासन के समझाने से पहले ही छात्र करीब 15 किलोमीटर पैदल सफर तय कर चुके थे। इसके बाद भी उन्होंने अपना मार्च रोकने से इनकार कर दिया। छात्रों का कहना है कि वे अपनी समस्याएं स्थानीय स्तर के अधिकारियों के सामने नहीं, बल्कि सीधे कलेक्टर के सामने रखना चाहते हैं।

छात्रों के पैदल मार्च की जानकारी मिलने के बाद सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा भी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत करने का प्रयास किया। छात्र समझाइश के बावजूद छात्र आगे बढ़ते रहे। छात्रों को सुरक्षित तरीके से वापस छात्रावास पहुंचाने के लिए प्रशासन ने एक यात्री बस और प्रशासनिक वाहन भी उनके पीछे लगाए हैं। 

एकलव्य छात्रावास में छात्रों की समस्याओं और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे अहम बात यह है कि बड़ी संख्या में छात्र अपनी समस्याएं स्थानीय अधिकारियों के सामने रखने के बजाय सीधे कलेक्टर से मिलने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का इस तरह हॉस्टल की दीवार लांघकर पैदल निकलना प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। जिले के अलग-अलग छात्रावासों के विद्यार्थी अपनी समस्याओं को लेकर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंच चुके हैं। 

पीकप व बाइक को जोरदार टक्कर, छात्र की मौके पर हुई मौत, आक्रोशित लोगों ने सड़क पर लगाया जाम


अनूपपुर

कोतमा तहसील अंतर्गत अमांडाड़ रोड से लगे फुलवारी टोला में सड़क हादसे में 18 वर्षीय 12वीं कक्षा के छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम हर्री निवासी ललित केवट, पिता बृजेश केवट के रूप में हुई है। हादसे की खबर फैलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया।

ललित केवट मलगा हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था। वह अपने ग्राम हर्री से स्कूल जाने के लिए बाइक से निकला था। बाइक पर तीन युवक सवार बताए जा रहे हैं। इसी दौरान अमांडाड़ रोड के फुलवारी टोला के पास यह हादसा हो गया।

लोगो ने बताया की बाइक के आगे एक पिकअप वाहन चल रहा था। इसी दौरान सामने से एक टेलर वाहन के अचानक आने के कारण पिकअप चालक ने वाहन की गति धीमी कर दी। पीछे से आ रही बाइक पिकअप वाहन से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार पिकअप वाहन की चपेट में आ गए। ललित केवट को गंभीर चोटें आईं और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

युवक की मौत से आक्रोशित लोगों ने अमांडाड़ रोड पर जाम लगा दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई और आवागमन प्रभावित हो गया। घटना की सूचना तत्काल रामनगर एवं बिजुरी पुलिस को दी गई। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने तथा हादसे की जांच की कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस दुर्घटना के कारणों और घटनाक्रम की जांच की जा रही है। हादसे में शामिल वाहनों तथा बाइक सवार अन्य युवकों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

जर्जर विद्यालय भवन में गिर रहा है छत का प्लास्टर, कभी भी हो सकता है हादसा, छात्रों की सुरक्षा पर सवाल

*शासकीय माध्यमिक विद्यालय हरद का मामला*


अनूपपुर 

जिले के अंतर्गत शासकीय माध्यमिक विद्यालय हरद का भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। विद्यालय की छत की हालत बेहद खराब नजर आ रही है। छत का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर नीचे की ओर झड़ रहा है तथा लोहे की सरिया दिखाई दे रही हैं। ऐसे में विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।

विद्यालय के कक्ष की छत पर बड़े पैमाने पर टूट-फूट दिखाई दे रही है। छत का प्लास्टर और निर्माण सामग्री कई स्थानों से उखड़ चुकी है। फोटो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि छत के अंदर लगी लोहे की सरिया बाहर निकल आई हैं। बारिश एवं नमी के कारण भवन की स्थिति और अधिक खराब होने की आशंका बनी हुई है।

जर्जर छत के नीचे विद्यार्थियों को बैठाकर पढ़ाना किसी खतरे से कम नहीं है। यदि छत का कोई और हिस्सा अचानक टूटकर गिरता है तो विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ गंभीर दुर्घटना हो सकती है। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में भी भवन की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि भवन की स्थिति अब सामान्य मरम्मत से सुधरने वाली नहीं दिख रही है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए नए भवन का निर्माण कराया जाना चाहिए। विद्यालय के जर्जर भवन की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग एवं प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। 

मामूली विवाद पर पिता ने पुत्र की कर दी थी हत्या, फरार आरोपी ने ट्रेन के सामने कूदकर की आत्महत्या

*हत्या करने का था अफसोस*


शहडोल

ग्राम कोठिया में बेटे की कुल्हाड़ी से हत्या करने के बाद फरार आरोपी पिता ने पांचवें दिन ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। दो अक्टूबर से पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में दिन-रात जंगलों में सर्चिग कर रही थीं। जंगल में छिपे आरोपी ने घटना के बाद अपने भांजे से फोन पर बात कर हत्या को लेकर अफसोस भी जताया था।  हत्या स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिला। मृतक की पहचान 55 वर्षीय नंदकुमार सिंह गोंड के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, ग्राम कोठिया में दो अक्टूबर को नंदकुमार सिंह गोंड का अपने बेटे सिंघरराज सिंह गोंड से किसी मामूली बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर नंदकुमार ने बेटे पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से सिंघराज की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से भागकर आसपास के घने जंगलों में छिप

सूचना मिलते ही ब्यौहारी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा सहित अन्य कार्रवाई की। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें आसपास के जंगलों में लगाई गई थीं। थाना प्रभारी अभिलाष मिश्रा के अनुसार, पुलिस ग्रामीणों के साथ दिन-रात लगातार जंगल में सर्चिग कर रही थी। बीती रात भी 100 से अधिक ग्रामीणों के साथ करीब रात दो बजे तक तलाश की गई, लेकिन घना जंगल होने के कारण आरोपी का पता नहीं चल सका।

घटना के बाद आरोपी का एक ऑडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि जंगल में छिपे नंदकुमार ने अपने भांजे को फोन कर कहा था कि उसने यह हत्या कैसे कर दी, उसे खुद समझ नहीं आ रहा और उसे घटना का काफी अफसोस है। बातचीत के बाद उसने फोन बंद कर लिया था। इसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही।

धारदार तलवार के साथ निगरानी बदमाश गिरफ्तार, 45 लीटर अवैध शराब जप्त, मामला दर्ज


अनूपपुर

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा मंगलवार की दोपहर मुखबिर की सूचना पर थाना कोतवाली अनूपपुर के निगरानी बदमाश प्रकाश वासिल निवासी पटौराटोला अनूपपुर को धारदार तलवार के साथ गिरफ्तार किया गया है।

कोतवाली को दोपहर मुखबिर की सूचना पर हनुमान मंदिर पास रेल्वे स्टेशन रोड अनूपपुर में सड़क पर धारदार तलवार लेकर गुण्डा गर्दी कर रहे, निगरानी बदमाश प्रकाश वासिल पिता बसंत वासिल उम्र 31 वर्ष निवासी वार्ड न. 02 पटौराटोला अनूपपुर को रंगे हाथो धारदार तलवार के साथ गिरफ्तार किया। थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 545/26 धारा 25 (2) आर्म्स एक्ट में पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी प्रकाश वासिल के विरूद्ध थाना कोतवाली अनूपपुर में पूर्व से चोरी, मारपीट, धमकी देने, चोंट पहुचाने एवं अवैध हथियार रखने के करीब एक दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध है एवं न्यायालय में विचाराधीन है।

*45 लीटर अवैध शराब जब्त*

थाना करपठार प्रभारी इंचार्ज/चौकी प्रभारी सरई पुलिस द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। मुखबिर की सूचना पर चौकी सरई पुलिस टीम द्वारा ग्राम तरंग में घेराबंदी कर एक व्यक्ति को अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब की बिक्री करने हेतु तीन प्लास्टिक के डिब्बा रखे हुए पकड़ा गया। आरोपी से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम सुनील पनिका पिता जयरामदास पनिका उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम तरंग वॉशिंग डोंगरी चौकी सरई थाना करपठार जिला अनूपपुर मध्य प्रदेश का होना बताया। उसके कब्जे से 45 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब कीमती 4500/- रूपये की मुताबिक जप्ती पत्रक व वीडियोग्राफी कराई जाकर समक्ष गवाहों के जप्त कर मौके पर शीलबंद कर कब्जे पुलिस लिया गया। जिसे विधिवत जप्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध चौकी सरई, में अपराध क्रमांक 0/26 धारा 34(1) म.प्र. आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना की जा रही है।

मामूली विवाद पर पिता ने पुत्र की कर दी थी हत्या, फरार आरोपी ने ट्रेन के सामने कूदकर की आत्महत्या

*हत्या करने का था अफसोस*


शहडोल

ग्राम कोठिया में बेटे की कुल्हाड़ी से हत्या करने के बाद फरार आरोपी पिता ने पांचवें दिन ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। दो अक्टूबर से पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में दिन-रात जंगलों में सर्चिग कर रही थीं। जंगल में छिपे आरोपी ने घटना के बाद अपने भांजे से फोन पर बात कर हत्या को लेकर अफसोस भी जताया था।  हत्या स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिला। मृतक की पहचान 55 वर्षीय नंदकुमार सिंह गोंड के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, ग्राम कोठिया में दो अक्टूबर को नंदकुमार सिंह गोंड का अपने बेटे सिंघरराज सिंह गोंड से किसी मामूली बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर नंदकुमार ने बेटे पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से सिंघराज की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से भागकर आसपास के घने जंगलों में छिप

सूचना मिलते ही ब्यौहारी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा सहित अन्य कार्रवाई की। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें आसपास के जंगलों में लगाई गई थीं। थाना प्रभारी अभिलाष मिश्रा के अनुसार, पुलिस ग्रामीणों के साथ दिन-रात लगातार जंगल में सर्चिग कर रही थी। बीती रात भी 100 से अधिक ग्रामीणों के साथ करीब रात दो बजे तक तलाश की गई, लेकिन घना जंगल होने के कारण आरोपी का पता नहीं चल सका।

घटना के बाद आरोपी का एक ऑडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि जंगल में छिपे नंदकुमार ने अपने भांजे को फोन कर कहा था कि उसने यह हत्या कैसे कर दी, उसे खुद समझ नहीं आ रहा और उसे घटना का काफी अफसोस है। बातचीत के बाद उसने फोन बंद कर लिया था। इसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही।

मारपीट व जान से मारने की धमकी, नही हुई एफआईआर दर्ज, एसपी से लगाई न्याय की गुहार

*थाने में आवेदन लेने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई*


अनूपपुर

सामूहिक रूप से गाली-गलौज, बुरी तरह मारपीट और जान से मारने की धमकी दिए जाने के मामले में कार्रवाई नहीं होने से परेशान एक पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब से न्याय की गुहार लगाई है पीड़ित उत्तम कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद वह थाना भालूमाड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। बाद में जब उन्होंने ई-एफआईआर कर उसकी प्रति लेकर थाने में कार्रवाई के लिए प्रस्तुत की, तो उसे भी स्वीकार नहीं किया गया

उत्तम कुमार सिंह ने बताया कि 28 सितंबर 2026 की शाम को अपनी मोटरसाइकिल से घर की ओर जा रहे थे इसी दौरान ऑपरेटिव बाजार, जमुना कॉलरी में एक महिला रास्ते में खड़ी थी हॉर्न बजाने के बाद महिला के रास्ते से नहीं हटने पर विवाद की स्थिति बनी, आरोप है कि महिला के परिजन एवं अन्य लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी और जान से मारने का प्रयास किया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोग उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं आवेदन में कहा गया है कि वीडियो में एडिट कर कुछ आपत्तिजनक बातें लिखते हुए उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।

पीड़ित ने बताया की आरोपियों ने उसे बुरी तरह पीटा, जिससे उसके सिर, आंख और छाती में गंभीर चोटें आई हैं उनका आरोप है कि हमला जान से मारने के उद्देश्य से किया गया था, उन्होंने बताया कि घटना के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन आरोपियों द्वारा उनके साथ मारपीट जारी रखी गई। महिला सहित अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी भी दी।

पीड़ित थाना भालूमाड़ा में उपस्थित होकर आवेदन दिया, लेकिन उनकी रिपोर्ट पर FIR दर्ज नहीं की गई और न ही उन्हें आवेदन की प्राप्ति दी गई। उनका कहना है कि घटना में लगी चोटों के बावजूद उनका मेडिकल परीक्षण भी तत्काल नहीं कराया गया। पीड़ित वन विभाग में वनरक्षक के पद पर कार्यरत हैं और घटना के दिन अवकाश पर थे।

जंगल में मवेशी चराने गए बुजुर्ग पर भालू ने किया हमला, उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज में हुई मौत


 शहडोल

गोहपारू क्षेत्र में भालू के हमले में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना खन्नौधी वन परिक्षेत्र के मनटोलिया स्थित घोरसी जंगल की है। बुजुर्ग मवेशी चराने के लिए जंगल गए थे, तभी भालू ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को पहले जयसिंहनगर अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार मनटोलिया घोरसी निवासी ठाकुरदीन सिंह (62) पिता लाला सिंह मवेशी चराने जंगल गए थे। इसी दौरान भालू ने उन पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह भालू को वहां से भगाया और घटना की सूचना वन विभाग को दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल ठाकुरदीन को अस्पताल पहुंचाया।

खन्नौधी रेंजर सुदीप मिश्रा ने बताया कि भालू के हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्हें पहले जयसिंहनगर अस्पताल भेजा गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वन विभाग की ओर से तत्काल नगद सहायता राशि दी गई है। रेंजर के मुताबिक करीब आठ लाख रुपये की सहायता राशि परिवार को जल्द दी जाएगी। इसके लिए कुछ आवश्यक दस्तावेजों का इंतजार है। जिले की सीमा बांधवगढ़ और संजय गांधी टाइगर रिजर्व से जुड़ी है। इसके अलावा शहडोल के जंगलों में भी भालू समेत कई वन्यजीव पाए जाते हैं। 

एसईसीएल के इंदिरा नगर कॉलोनी में दूसरी बार जर्जर मकान का हिस्सा गिरा, सीआईएसएफ जवान की पत्नी गंभीर घायल

*50-60 परिवारों की सुरक्षा पर सवाल, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा*


अनूपपुर

रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत एसईसीएल के देव क्षेत्र की इंदिरा नगर कॉलोनी में दोपहर एक गंभीर हादसा हो गया। सर्वे ऑफ हो चुकी जर्जर कॉलोनी के क्वार्टर क्रमांक 108 में बर्तन धो रही महिला के ऊपर अचानक आंगन के ऊपर बना छज्जे/छत का हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

घायल महिला के पति कमलेश राम मरकाम सीआईएसएफ के जवान हैं। बताया जा रहा है कि जिस क्वार्टर में यह हादसा हुआ, वह एसईसीएल द्वारा ही जवान कमलेश राम मरकाम को आवंटित किया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल महिला को मलबे से बाहर निकाला और उपचार के लिए मनेंद्रगढ़ सेंट्रल हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें अंबिकापुर रेफर कर दिया।

करीब 15 दिन पहले इसी मकान के पीछे स्थित एक अन्य मकान पर भी इसी तरह छत/निर्माण का हिस्सा गिर चुका था। यानी कॉलोनी के जर्जर भवनों से उत्पन्न खतरे का संकेत पहले ही मिल चुका था। अब दोबारा इसी तरह की घटना सामने आने के बाद एसईसीएल प्रबंधन की ओर से जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे उपायों पर सवाल उठ रहे हैं।

इंदिरा नगर कॉलोनी का यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां सीआईएसएफ के लगभग 50 से 60 परिवारों के निवासरत होने की बात सामने आ रही है। इंदिरा नगर कॉलोनी को सर्वे ऑफ किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद यहां आज भी करीब 50 परिवारों के रहने की बात सामने आ रही है। कॉलोनी के कई भवनों की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है।

कई भवनों की छतों और दीवारों के ऊपर तक पेड़-पौधे उग आए हैं। जगह-जगह भवनों के जर्जर होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इन भवनों का समय-समय पर तकनीकी और सुरक्षा निरीक्षण किया जा रहा है। 

किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय इंदिरा नगर कॉलोनी के सभी जर्जर भवनों की तत्काल जांच कराकर वहां रह रहे परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

मारपीट के बाद इलाज के दौरान हुई थी मौत, हत्या का आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

गोरेलाल पनिका निवासी बेलिया रेलवे फाटक के पास की 30 सितंबर 2026 को रात्रि लगभग 2 बजे मारपीट की गई थी, गंभीर रूप से घायल होने पर परिजनो द्वारा दिनांक 1 अक्टूबर 2026 को जिला अस्पताल अनूपपुर मे उपचार हेतु भर्ती कराया गया था, जहाँ उपचार के दौरान गोरेलाल पनिका की रात्रि 8 बजे मृत्यु हो गई थी। सूचना पर थाना जैतहरी पुलिस द्वारा जिला अस्पताल अनूपपुर पहुचकर सूचनाकर्ता मोहनलाल पनिका पिता स्व. गोरेलाल पनिका उम्र 60 वर्ष निवासी बेलिया रेलवे फाटक के पास की रिपोर्ट पर अपराध क्र. 0/2026 धारा 103(1) बीएनएस का कायम कर विवेचना मे लिया गया,  मर्ग क्र 0/2026 धारा 194 बीएनएसएस का कायम कर शव का पीएम जिला अस्पताल अनूपपुर से कराया गया। विवेचना पर पाया गया कि आरोपी रवि शंकर पनिका दिनांक 30 सितंबर 2026 को जैतहरी आया था, वह शराब का अत्यधिक सेवन करने के बाद लगभग रात्रि 02 बजे घर गया और पत्नी एंव बच्चो को शराब के नशे मे मारपीट करने लगा, जिसे बीच बचाव हेतु उसके वयोवृद्ध दादा गोरेलाल पनिका पिता धौकल पनिका उम्र 85 वर्ष निवासी ग्राम बेलिया रेलवे फाटक जैतहरी बीच बचाव करने आये तो आरोपी आक्रोशित होकर उन्ही के उपर लाठी से प्रहार करने लगा, नशे की हालत मे रवि शंकर पनिका निर्दयता पूर्वक पीटता रहा  और मारपीट करके भाग गया, परिजनो के द्वारा 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल अनूपपुर भर्ती कराया गया जहा उनकी रात्रि 8 बजे मृत्यु हो गई। आरोपी की पता तलाश कर तत्काल गिरफ्तारी कर पुछताछ कर कार्यवाही कर न्यायालय पेश किया गया है जो जिला जेल वारंट बनने पर जिला जेल दाखिल किया गया है।

स्वच्छता अभियान में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता फ़ोटो खिंचाकर कर दिया पूरा नगर स्वच्छ

*चारो तरफ दिखा कचरे का ढेर व बजबजाती नलियां, क्या यही है स्वच्छ भारत मिशन अभियान*


अनूपपुर

गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता को लेकर नगर परिषद बरगवां (अमलाई) द्वारा विशेष सफाई अभियान के नाम पर सिर्फ दिखावा साबित हुआ है। अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों, नगर परिषद के पदाधिकारियों और भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने सफाई गतिविधियों में सहभागिता करने के नाम पर सिर्फ फोटो खिंचवाए। हालांकि, अभियान के बाद नगर के कई प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर दिखाई दे रही गंदगी ने स्वच्छता व्यवस्था और अभियान की पोल खोलते नजर आ रही है, स्वच्छ भारत मिशन पर बड़ा सवाल खड़े कर दिया हैं। कई जगह सफाई करते नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षद, भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता दिखाई दे रहे हैं, मगर वह केवल कुछ मिनटों के लिए फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया में फ़ोटो डालकर महात्मा गांधी को यह बताना चाह रहे है की पूरा देश स्वच्छ हो गया।

नगर परिषद बरगवां की ओर से सभी वार्डो में सफाई कराई गई और अभियान से संबंधित तस्वीरें सामने आईं। लेकिन स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में शहर को स्वच्छ बनाना हैं तो फ़ोटो शेषन से बाहर निकलकर सही रूप से पसीना बहाकर पूरा किया जा सकता है। मगर जनप्रतिनिधियों व भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं में ऐसी क्षमता दूर-दूर तक कही दिखाई नही दे रही है। सफाई अभियान केवल किसी एक स्थान या विशेष दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए। नगर के ऐसे स्थान, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है, वहां भी नियमित सफाई की जरूरत है।

शहर के बस स्टैंड, बापू चौक, रेलवे स्टेशन चौराहा और दुर्गा मंदिर बाजार सहित कई प्रमुख स्थानों पर कचरा के ढ़ेर व नालियां बजबजाती सामने आ नजर आ रही है। इन इलाकों में जगह-जगह कचरे के ढेर और गंदगी की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि जब गांधी जयंती जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर विशेष सफाई अभियान चलाया के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति है, तो बाकी दिन सफाई कैसी होती होगी यह बताने की जरूरत नही है, सब कुछ साफ-साफ नजर आ रहा है।

स्वच्छता अभियान का उद्देश्य केवल एक दिन सफाई कराकर उसकी तस्वीरें खिंचवाना नहीं, स्वच्छता व्यवस्था कायम नही हो सकती है। करना नगर परिषद  है। नियमित कचरा उठाव, सार्वजनिक स्थलों की सफाई, कचरा निस्तारण और सफाई व्यवस्था की  चारों तरह नदारद दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है जनप्रतिनिधि नगर की सफाई व्यवस्था बनाने में खरे नही उतर रहे हैं।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या स्वच्छता अभियान केवल गांधी जयंती जैसे विशेष अवसरों तक सीमित रह जाएगा? क्या सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार व्यवस्था गंभीरता से काम करेगी? यदि अभियान के दौरान जनप्रतिनिधि और नगर परिषद का अमला सक्रिय हो सकता है, तो आम दिनों में वही सक्रियता क्यों दिखाई नहीं देती?

नगरवासियों की अपेक्षा है कि स्वच्छता अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर उसे नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए। शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और धार्मिक स्थलों के आसपास नियमित सफाई हो तथा जमा कचरे का समय पर उठाव सुनिश्चित किया जाए। तभी स्वच्छता अभियान का उद्देश्य धरातल पर दिखाई देगा और गांधी जयंती पर दिए जाने वाले स्वच्छता के संदेश का वास्तविक अर्थ सामने आएगा।

पिता ने पुत्र पर कुल्हाड़ी से किया हमला, घटना स्थल पर युवक की हुई मौत, आरोपी हुआ फरार


शहडोल

ब्यौहारी थाना क्षेत्र के ग्राम कोठिया में पिता-पुत्र के बीच चल रहा विवाद खूनी वारदात में बदल गया। खेत में काम करने के दौरान हुए विवाद में पिता ने अपने 28 वर्षीय बेटे पर कथित तौर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गले पर गंभीर वार लगने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पिता मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

मृतक की पहचान सिंह राज सिंह गोंड 28 वर्ष निवासी ग्राम कोठिया के रूप में हुई है। पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक और उसके पिता नंद कुमार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच पिछले करीब एक साल से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। आए दिन दोनों के बीच कहासुनी और झगड़ा होने की बात सामने आई है।

सिंह राज सिंह घर के पास स्थित खेत में काम कर रहा था।स इसी दौरान किसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि नंद कुमार ने कुल्हाड़ी से बेटे के गले पर हमला कर दिया। इसके बाद भी उसने कई वार किए। गंभीर चोट लगने के कारण सिंह राज सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर ब्यौहारी पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी पिता वहां से फरार हो चुका था। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद वह जंगल की ओर भाग गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। 

मानसिक अस्वस्थ युवक ने डंडे से हमला कर चार की कर दी हत्या, चार घायलो का मेडिकल कॉलेज में चल रहा है इलाज

*मां सहित नाना-नानी व ममेरी बहन की मौत, एसपी सहित पुलिस टीम मौके पर*


अनूपपुर

जिले के छोटी तुम्मी ग्राम पंचायत के अमोदा गांव में दिल दहला देने वाली घटना में नाना-नानी के घर रह रहे 32 वर्षीय युवक प्रेम सिंह गोंड़ निवासी नौरोजाबाद उमरिया ने अचानक अपनी ही 70 वर्षीय नानी भन्त्री बाई गोंड और बीच बचाव करने पहुंचे 75 वर्षीय नाना संपत सिंह गोंड़ पर डंडे से लगातार प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, वहीं बीच बचाव करने पहुंची 50 वर्षीय मां अनुपिया बाई पर भी हमला कर घायल कर दिया। इस घटना में 4 की मौत हो गई। वहीं इस दौरान युवक ने अपने मामा सहित उनकी 4 अन्य पर भी डंडे से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिनका वर्तमान में शहडोल में इलाज कराया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब पहुंच कर मौके पर निरीक्षण कर जायाजा लिया। 

पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार युवक प्रेम सिंह गोंड मानसिक विक्षिप्त है, जो अपनी मां के साथ किसी पारिवारिक कारणों में कुछ समय से अपने नाना-नानी के घर अमोदा में रह रहा था। घटना के पहले की रात करीब 1-2 बजे गांव के ही मंदिर पुजारी 62 वर्षीय गंगा सिंह पर अचानक डंडे से हमला किया था जिसमें पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने परिजनों के साथ उन्हें उपचार के लिए अस्पताल के लिए भेजा था। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रेम सिंह गोंड़ का हाथ पैर बांधकर घर के पास बैठा दिया था। कुछ देर शांत रहने के बाद सुबह करीब 4 से 5 के बीच मां को लगा कि अब वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएगा उसके हाथ पांव की बंधी रस्सी की खोत दी। लेकिन कुछ समय बाद अचानक ही युवक पास रखे डंडे से अपनी नानी भन्नी बाई पर हमला कर दिया। इसी दौरान बीच बचाव के लिए उसके नाना संपत सिंह दौड़े, लेकिन युवक ने उसे पर भी ताबड़तोड़ डंडे से प्रहार करना शुरू कर दिया। दोनों वहीं जमीन पर गिर गए, घटना को देखकर मां अनुप्रिया बाई भी बीच बचाव के लिए दौड़ी लेकिन युवक ने उसे पर भी हमला कर दिया। यह कम पारिवारिक स्थिति में लगातार चलता रहा। इसके बाद युवक ने अपने मामा व उनकी 3 बेटियों पर भी डंडे से हमला किया जिसमें सभी को चोटे आई। घटना के सूचना पर फॉरेंसिक टीम को भी गांव बुलाया गया जहां साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। घटनास्थल की घेराबंदी कर दिया गया है। शवों का पंचनामा तैयार करते आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।

घायल चैन सिंह ने बताया कि पास में घर होने के बावजूद डर की वजह से लोग मदद के लिए आगे नहीं आए। हमले के दौरान बड़ी बेटी किसी तरह वहां से निकलकर जंगल की तरफ भागी। उसने चैन सिंह को पूरी घटना बताई। चैन सिंह घर की तरफ दौड़े। वहां पहुंचते ही प्रेम सिंह ने उन पर भी हमला कर दिया। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे। प्रेम सिंह को पकड़कर दोबारा रस्सी से बांध दिया। तब तक संपत सिंह, भन्नी बाई और अनुप्रिया की मौत हो चुकी थी। सभी घायलों को शहडोल मेडिकल अस्पताल ले जाया गया। यहां मोनिका ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चैन सिंह के हाथ में फ्रैक्चर और सिर में चोट आई है। बच्ची भारती की हालत गंभीर है। उसे आईसीयू में रखा गया है।

*घटनास्थल पर पहुँची स्वास्थ्य विभाग की टीम*

पुष्पराजगढ़ बीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया- बेनीवारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। शवों की जांच और फोटोग्राफी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर शवों को बेनीबारी में पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम घटनास्थल पर संभव है या शवों को बेनीबारी लाया जाएगा, यह फोरेंसिक टीम के निर्देश और मौके की स्थिति के आधार पर तय होगा।

कार ने बाइक को मारी टक्कर, दो युवकों की हुई मौत, गुस्साए लोगों ने हाइवे किया जाम, पुलिस ने खुलवाया जाम


शहडोल

सोहागपुर थाना क्षेत्र में एनएच-43 पर धुरवार तिराहे के पास भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार दो लोगों की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार कार ने सामने से बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरे युवक ने मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान दम तोड़ दिया।

सूचना मिलते ही सोहागपुर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस के अनुसार बाइक सवार आसपास के गांव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। हालांकि, हादसे के बाद दोनों घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया था, जहां उपचार के दौरान दूसरे युवक की भी मौत हो गई।

दो लोगों की मौत की जानकारी मिलने के बाद बड़ी संख्या में परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। आक्रोशित लोगों ने शहडोल-बुढ़ार मार्ग पर चक्काजाम कर दिया। इससे हाईवे पर दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई। करीब दो किलोमीटर तक वाहन फंसे रहे, जिससे राहगीरों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। जाम की सूचना मिलते ही सोहागपुर पुलिस के साथ यातायात प्रभारी और यातायात कर्मी भी मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें समझाया। इसके बाद जाम खुलवाया गया और मार्ग पर यातायात व्यवस्था दोबारा सुचारू कराई गई।

पुलिस ने हादसे की परिस्थितियों की जांच शुरू कर दी है। टक्कर मारने वाली कार और हादसे के कारणों को लेकर भी पुलिस जानकारी जुटा रही है।

अस्पताल में नही मिला एम्बुलेंस, तड़पती रही महिला, हुई मौत, नवविवाहिता की मौत पर पति गिरफ्तार


अनूपपुर 

कोतमा से।समुदायिक स्वास्थ्य  केंद्र में उपचार के लिए भर्ती 60 वर्षीय महिला को चिकित्सकों ने गंभीर हालत में हायर सेंटर रेफर किया, लेकिन परिजनों के अनुसार एंबुलेंस के इंतजार में महिला करीब चार घंटे तक अस्पताल में दर्द से तड़पती रही। देर शाम एंबुलेंस पहुंचने के बाद महिला को हायर सेंटर ले जाने के लिए शिफ्ट किया जा रहा था, तभी उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए लापरवाही का आरोप लगाया है।

देवरी निवासी शांतिबाई केवट शुगर एवं सांस संबंधी परेशानी के चलते उनकी पुत्री मोना केवट और दामाद राजू केवट सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा लेकर पहुंचे थे। यहां उपचार के दौरान दोपहर करीब 1 बजे चिकित्सकों ने महिला की हालत गंभीर बताते हुए उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया।

मृतका की पुत्री मोना केवट के अनुसार रेफर किए जाने के बाद दोपहर करीब 2 बजे से परिजन एंबुलेंस का इंतजार करते रहे। इस दौरान महिला की हालत बिगड़ती रही और वह दर्द से कराहती रही। करीब चार घंटे तक एंबुलेंस नहीं पहुंची। 6 बजे के बाद एंबुलेंस अस्पताल पहुंची। महिला को हायर सेंटर ले जाने के लिए जैसे ही शिफ्ट किया जा रहा था, उसी दौरान उसकी सांस उखड़ गई। दामाद राजू केवट ने स्वास्थ्य विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच कर दोषी पर कार्यवाही की मांग की है गई है

बीएमओ डॉ के एल दीवान के अनुसार एंबुलेंस उपलब्ध कराने के प्रयास किए गए जो देर से पहुंची। जिस कारण मरीज को परेशानी हैं।

*नवविवाहिता की मौत पर पति को पुलिस ने किया गिरफ्तार*

अनूपपुर जिले के कोतमा थाना अंतर्गत करीब 14 दिन पूर्व नवविवाहिता महिला की मौत के मामले में पुलिस ने आरोपी पति को दहेज प्रताड़ना से हुई मौत के आरोप में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामला नगर के वार्ड क्रमांक 12 स्थित गोविंद कॉलरी का है।

17 सितंबर को 20 वर्षीय नवविवाहिता नेहा चौहान का शव घर में फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया गया था। घटना के बाद मायके पक्ष ने उसके पति पर दहेज की मांग को लेकर मारपीट एवं प्रताड़ित करने के गंभीर आरोप लगाए थेकानून प्रवर्तन

बताया गया कि मृतिका नेहा ने करीब छह माह पूर्व पवन चौहान के साथ प्रेम विवाह किया था। विवाह के बाद दोनों आमाडांड कॉलोनी में परिवार के साथ रह रहे थे। मायके पक्ष का आरोप था कि पति द्वारा आए दिन विवाद करते हुए नेहा के साथ मारपीट की जाती थी और दहेज की मांग को लेकर उसे प्रताड़ित किया जाता था। इस संबंध में थाने में शिकायत किए जाने की बात भी सामने आई थी

पुलिस ने मृतिका की मां, पिता, भाई सहित मायके पक्ष के अन्य लोगों के बयान दर्ज किए। विवेचना के दौरान मृतिका के पति द्वारा आए दिन विवाद एवं मारपीट कर प्रताड़ित किए जाने की जानकारी सामने आने पर पति पवन चौहान के विरुद्ध  प्रकरण दर्ज किया।

करंट लगने से पुरुष व कुँए में गिरने से महिला की हुई मौत, पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुटी


अनूपपुर 

अमरकंटक थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में एक युवक और एक महिला की मृत्यु हो गई। पहली घटना नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 14 स्थित टिकरी टोला में विद्युत करंट की चपेट में आने से 42 वर्षीय राजेंद्र पिटानिया की मौत हो गई। वहीं ग्राम भेजरी में कुएं से पानी भरने के दौरान पैर फिसलने से 45 वर्षीय महिला मीराबाई मरावी की जान चली गई।

नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 14 स्थित टिकरी टोला में हुई, जहां विद्युत करंट की चपेट में आने से 42 वर्षीय राजेंद्र पिटानिया पिता इंद्रपाल पिटानिया की दोपहर विद्युत करंट लगने से मृत्यु हो गई। बताया गया कि घर के एक कमरे से दूसरे कमरे में रोशनी के लिए विद्युत तार दरवाजे के रास्ते से ले जाया गया था। दरवाजा बंद होने के दौरान तार क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे लोहे के दरवाजे में विद्युत प्रवाह होने की स्थिति बन गई। राजेंद्र पिटानिया जब दरवाजा खोलने पहुंचे, तभी वे करंट की चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना उनके बड़े भाई राजेश पिटानिया ने थाना अमरकंटक में दी। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया।

दूसरी घटना में इसी थाना क्षेत्र के भेजरी गांव में वार्ड क्रमांक 4 में हादसे कुएं में पानी भरने आई 45 वर्षीय महिला मीराबाई पति अर्जुन सिंह का पर अचानक फिसल गया और महिला कुएं के अंदर जा गिरी। घटना में महिला की मौत कुएं के अंदर हो गई। घटना के दौरान ही कुछ दूर पर खड़े मोहल्ले के व्यक्ति ने घटना की सूचना अमरकंटक थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने गहरे कुएं को देखते शव निकालने जिला मुख्यालय अनूपपुर से एसडीईआरएफ की टीम की मदद मांगी। लेकिन इसी दौरान क्षेत्र में भ्रमण कर रहा थाना अमरकंटक डायल 112 की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से एसडीईआरएफ की टीम के घटनास्थल पहुंचने से पूर्व कुएं मे डूबी महिला के शव को बाहर निकाल लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्डम के लिए शव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक भेजा है।

पेंशन के लिए एक साल से भटक रहे बैगा दंपती, रोजगार सहायक पर 5 हजार रुपये मांगने का लगा आरोप

धान बेचकर किराया जुटाकर पहुंचे जनपद कार्यालय*


अनूपपुर

शासन द्वारा विशेष रूप से कमजोर एवं संरक्षित जनजातीय समुदायों के उत्थान और सामाजिक सुरक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिलने में कथित तौर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला जनपद पंचायत अनूपपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत छिल्पा से सामने आया है।

ग्राम पंचायत छिल्पा निवासी रेज्जु बैगा (65) और ईती बाई बैगा (62) का कहना है कि वे पिछले करीब एक वर्ष से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए ग्राम पंचायत के चक्कर लगा रहे हैं। मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को दोनों अपनी समस्या लेकर जनपद पंचायत अनूपपुर पहुंचे और मीडिया के सामने अपनी व्यथा बताई।

रेज्जु बैगा और ईती बाई ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत छिल्पा में पदस्थ रोजगार सहायक मोहन साहू द्वारा पेंशन दिलाने के नाम पर उनसे ₹5 हजार की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि वे अत्यंत गरीब हैं और शासन से मिलने वाले राशन के सहारे जीवनयापन कर रहे हैं। ऐसे में पांच हजार रुपये की राशि जुटाना उनके लिए संभव नहीं है।

हितग्राहियों ने बताया कि आर्थिक तंगी के बावजूद वे चावल-धान बेचकर आने-जाने का किराया जुटाते हुए करीब 20 किलोमीटर दूर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे, ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके।

हितग्राहियों के अनुसार, जब वे अपनी शिकायत लेकर जनपद पंचायत पहुंचे, उस समय जनपद पंचायत सीईओ जनसुनवाई के सिलसिले में अनूपपुर में मौजूद थे, जबकि पेंशन संबंधी कार्य देखने वाले संबंधित कर्मचारी के अवकाश पर होने की बात सामने आई। ऐसे में बैगा दंपती को तत्काल समाधान नहीं मिल सका।

मीडिया कर्मियों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें समझाइश दी और वापस उनके गृह ग्राम भेजा। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि एक वर्ष से पात्र हितग्राही पेंशन के लिए भटक रहे हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उनकी समस्या का समय पर निराकरण क्यों नहीं किया गया?

हालांकि रोजगार सहायक पर लगाए गए ₹5 हजार मांगने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

जर्राटोला में 4.50 लाख की गुणवत्ता विहीन पुलिया निर्माण पर उठे सवाल, सीएम हेल्पलाइन में हुई शिकायत

*ग्रामीणों ने लगाए घटिया निर्माण के आरोप, जांच की मांग तेज*


अनूपपुर

जनपद पंचायत अनूपपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत जर्राटोला में लगभग 4 लाख 50 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुलिया को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। राजा राम पाण्डेय के घर के पास बन रही पुलिया के निर्माण में गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके पर जांच और निर्माण कार्य की गुणवत्ता परीक्षण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में स्वीकृत मापदंडों और मौके पर किए जा रहे निर्माण के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक यदि निर्माण की तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में पुलिया की मजबूती और सुरक्षा को लेकर परेशानी खड़ी हो सकती है।

ग्रामीणों का दावा है कि एस्टीमेट में नींव की गहराई करीब 1.5 मीटर निर्धारित है, जबकि मौके पर लगभग 1 मीटर तक ही खुदाई किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों ने इसकी वास्तविक माप तकनीकी अधिकारियों से कराने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार बेस में निर्धारित मोटाई के अनुरूप सामग्री नहीं डाली जा रही है। उनका आरोप है कि मौके पर बेस की परत काफी कम दिखाई दे रही है और उसके ऊपर गिट्टी डाली जा रही है। ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और बेस की मोटाई की जांच की मांग की है।

पुलिया में लगाए जा रहे सरिये को लेकर भी ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित माप के स्थान पर कम मोटाई के सरिये का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं सीमेंट, रेत और अन्य सामग्री के मिश्रण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पुलिया पर भविष्य में भारी वाहन और ट्रैक्टर-ट्रॉली का आवागमन होना है, इसलिए निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है।

पुलिया निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों की मांग है कि शिकायत पर केवल कागजी कार्रवाई न हो, बल्कि जनपद पंचायत के तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण की माप, नींव की गहराई, बेस की मोटाई, सरिये की गुणवत्ता, सीमेंट-रेत का अनुपात और कुल खर्च का भौतिक सत्यापन करें।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर एसडीएम अथवा जनपद पंचायत के तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच नहीं करते, तो वे सामूहिक रूप से कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपेंगे।

जिला बदर कुख्यात बदमाश तालिब का आतंक, नशे के लिए 500 रुपए ने देने पर युवक पर किया चाकू से जानलेवा हमला

*​18 से अधिक संगीन मुकदमें, पुलिस व आम लोगो के लिए बना सिरदर्द*


​शहडोल.

कोयलांचल नगरी धनपुरी में बेखौफ अपराधियों और नशेड़ियों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं, इसका खौफनाक नमूना एक बार फिर बीच सड़क पर देखने को मिला है। इलाके का कुख्यात बदमाश मो. तालिब जिस पर पहले जिला बदर की कार्रवाई हो चुकी है और जिसके खिलाफ चोरी, एनडीपीएस (नशीले पदार्थ) समेत 18 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं, उसने कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देते हुए एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। हमला केवल इस बात पर किया गया क्योंकि युवक ने नशीली कफ सिरप (कोरेक्स) खरीदने के लिए 500 रुपये की रंगदारी देने से इनकार कर दिया था।  

​कच्ची मोहल्ला निवासी अरमान अख्तर (उम्र 25 वर्ष, पिता मो. अख्तर हुसैन) अपने साथी मो. शाहिद के साथ पैदल अपने घर की ओर जा रहा था। जैसे ही दोनों अमरकंटक रोड पर इसरार की दुकान के सामने पहुंचे, सामने से कच्ची मोहल्ला निवासी मो. तालिब (पिता मो. रमजान कामरेड) अचानक आ धमका और उसने रास्ता रोक लिया।  

​आरोपी तालिब ने अरमान को धमकाते हुए कहा कि उसे कोरेक्स पीना है और तुरंत 500 रुपये निकाल कर दे। जब अरमान ने लाचारी जताते हुए पैसे देने से मना किया, तो आदतन अपराधी तालिब आगबबूला हो गया और सरेराह मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां बकने लगा। जब पीड़ित ने इस अभद्रता का विरोध किया तो धारदार चाकू निकाला और अरमान की हत्या की नीयत से उस पर वार कर दिया। चाकू सीधे अरमान की बाईं कमर में जा धंसा, जिससे वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। अरमान की चीख-पुकार सुनकर उसके दोस्त शाहिद ने अपनी जान पर खेलकर बीच-बचाव किया। इसी बीच शोर सुनकर मोहल्ले का एक अन्य युवक मो. सुहैल भी दौड़कर मौके पर पहुंच गए। और जाते हुए गुंडई का रौब दिखाते हुए खुली धमकी दी— "तुम मुझे नहीं जानते, मैं बहुत बड़ा गुंडा हूँ। आज तो तेरे दोस्त ने तुझे बचा लिया, लेकिन अगली बार कोरेक्स के पैसे नहीं दिए तो तुझे सीधे जान से खत्म कर दूंगा।" इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकला। तालिब के ऊपर नशीले पदार्थों की तस्करी व अवैध खरीद-फरोख्त (NDPS एक्ट) के साथ-साथ चोरी, मारपीट और रंगदारी के 18 मामले दर्ज हैं।

धनपुरी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 296(b) (गाली-गलौज/अश्लीलता), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 119(1) (गंभीर चोट/घातक हथियार से हमला) एवं 351(3) (जान से मारने की आपराधिक धमकी) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।

आदिवासी छात्रावास से आधी रात 15 बोरी गेहूं चुराते ग्रामीणों ने घेरा, मौका पाकर फरार हुए चोर 

*छात्रावास अधीक्षक पर लगे चोरी के आरोप, गरीब आदिवासी बच्चों के हक पर डांका*


उमरिया

पाली विकासखंड के ग्राम चौरी स्थित शासकीय आदिवासी सीनियर बालक छात्रावास में गरीब आदिवासी बच्चों के हक का सरकारी गेहूं ही आधी रात को बेचने के लिए निकाला जा रहा था और आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि उसी छात्रावास के अधीक्षक सुनील कुमार अहिरवार पर लगा है।

रात करीब साढ़े बारह बजे की है। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल चौरी के चौकीदार राजेश सिंह पिता अवसर सिंह ने स्कूल परिसर के पीछे कुछ हलचल और बोरियां घसीटने की आवाज सुनी। वह टॉर्च लेकर बाहर निकला तो दंग रह गया। छात्रावास के भंडार कक्ष से अधीक्षक सुनील कुमार अहिरवार, लल्लू यादव निवासी पैली और तीन-चार अन्य लोग सरकारी गेहूं की बोरियां निकालकर हायर सेकेंडरी स्कूल की बाउंड्रीवाल के पीछे इकट्ठा कर रहे थे। वहां पहले से नई पीली प्लास्टिक की बोरियां और स्टील का टंका रखा था, जिसमें सरकारी बोरियों से निकालकर गेहूं पलटी कर तौला जा रहा था, ताकि बोरी बदलकर पहचान छिपाई जा सके।

चौकीदार के टॉर्च मारते ही हड़कंप मच गया और अंधेरे का फायदा उठाकर तीन-चार लोग भाग गए। मौके पर 15 बोरी गेहूं, कुछ खाली बोरी और टंका रखा मिला। ग्रामीणों ने बताया कि चोरी के लिए सोची समझी साजिश के तहत छात्रावास की बाहरी रोड लाइटें तक बंद कर दी गई थीं और जब ग्रामीणों ने हल्ला मचाया तब आनन-फानन में लाइटें चालू की गईं। इस पूरी वारदात के तीन लाइव वीडियो भी ग्रामीणों ने बनाए हैं, जिसमें गोदाम के अंदर 20-25 बोरी गेहूं का स्टॉक और नई बोरियों में भरने की प्रक्रिया साफ दिख रही है। वीडियो में बनाने वाला बोल रहा है कि चार दिन से प्लानिंग चल रही थी और अधीक्षक व चपरासी सब मिले हुए हैं।

यह पहला मौका नहीं है। छात्रों और ग्रामीणों ने बताया कि इसके एक दिन पहले 24 सितंबर की रात साढ़े दस बजे भी अधीक्षक अपने तीन-चार साथियों के साथ मधुमक्खी का छत्ता तोड़ने का बहाना बनाकर छात्रावास में घुसा था। उस रात भी छात्रों को कैमरे में कैद कर गोदाम से गेहूं निकाला गया, लेकिन विभागीय अधिकारियों को सूचना देने के बाद मामले को दबा दिया गया। भंडार कक्ष की चाबी हमेशा अधीक्षक के पास ही रहती है, फिर ताला बंद गोदाम से गेहूं बाहर कैसे निकला, यह अपने आप में बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। 

घटना के बाद ग्रामीण राजा सिंह, लल्लू सिंह, अलकेश सिंह मौके पर पहुंचे और 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई। चौकीदार राजेश सिंह ने 26 सितंबर को थाना पाली में लिखित आवेदन देकर अधीक्षक सुनील कुमार अहिरवार और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

घटना के बाद से फरार चल रहा अधीक्षक अब उमरिया जिला मुख्यालय में अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है और सेटिंग की फिराक में लगा है ताकि मामले को रफा-दफा किया जा सके। ग्रामीणों ने कलेक्टर उमरिया और संभागीय  आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शहडोल से मांग की है कि पूरे स्टॉक रजिस्टर को जब्त कर पिछले छह माह के राशन की भौतिक जांच कराई जाए और दोषी अधीक्षक को तत्काल निलंबित कर कठोर कार्रवाई की जाए।

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