वन विभाग की टीम पर दो बार हमला, वनकर्मी हुए घायल, वाहन हुआ क्षतिग्रस्त, मामला दर्ज


शहडोल 

जिले में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर अज्ञात हमलावरों ने वन अमले को निशाना बनाते हुए एक ही रात में दो अलग-अलग घटनाओं को अंजाम दिया। हमले में वन विभाग के अधिकारियों के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। वहीं दो वनकर्मी घायल हो गए। 

डिप्टी रेंजर बरखेड़ा श्री प्रसाद, वन विभाग के अधिकारियों के साथ रात्रिकालीन गश्त पर थे। इस दौरान उनका वाहन निपानिया-जरवाही मार्ग के पास अज्ञात लोगों के निशाने पर आ गया। हमलावरों ने वाहन पर हमला कर तोड़फोड़ की और मौके से फरार हो गए। दूसरी घटना में गश्त से लौट रहे बीट गार्ड सुरेश बैगा और रामकिशोर बैगा पर नरसरहा रोड स्थित डिपो और गणेश मंदिर के बीच अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में दोनों वनकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद घायल कर्मचारियों को उपचार उपलब्ध कराया गया और पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। 

वन विभाग ने दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थानों में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीट गार्डों पर हुए हमले की शिकायत कोतवाली थाना में की गई है। जबकि डिप्टी रेंजर एवं विभागीय अधिकारियों के वाहन पर हुए हमले की शिकायत सोहागपुर थाना में दर्ज कराई जाएगी। 

दक्षिण वन मंडल डीएफओ श्रदा पेंद्रो का कहना है कि माफिया हावी हैं। मेरी गाड़ी में भी तोड़फोड़ हुई है। मामलें की शिकायत की जा रही है। वहीं इस मामले में कोतवाली प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दो वन कर्मियों के साथ मारपीट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

फुटबॉल प्रतियोगिता फूहड़ गाना व नृत्य, NSUI का विरोध, प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का फूंका पुतला


उमरिया

जिला प्रशासन के सामने आयोजित राज्यस्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता के आगाज कार्यक्रम के दौरान मंच पर प्रस्तुत किए गए एक डांस कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

प्रतियोगिता जैसे खेल आयोजन में फिल्मी गाने “नीचे पान की दुकान, ऊपर गोरी का मकान” पर हुए डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और अधिकारी मौजूद थे, ऐसे में मंच पर हुई प्रस्तुति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने आयोजन समिति से जवाब मांगा है कि खेल प्रतियोगिता के बीच इस तरह के मनोरंजन कार्यक्रम की अनुमति किस आधार पर दी गई।

लोगों का कहना है कि स्कूली खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित इस प्रतियोगिता में इस प्रकार के गीतों और प्रस्तुतियों से किरकिरी होना लाजमी है।

*NSUI का विरोध, प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का फूंका पुतला*


अनूपपुर

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के आह्वान एवं जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर के अध्यक्ष गुड्डू चौहान के निर्देशानुसार गांधी चौक, कोतमा में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया एवं विरोध स्वरूप भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया तथा राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीदार कोतमा को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग करते हुए लेख किया गया कि विपक्षी दलों के प्रत्याशियों को सत्ता के दबाव में चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने की तानाशाही प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली एवं निष्पक्षता की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। दुर्भावनापूर्ण मंशा से नामांकन पत्र निरस्त करने वाले संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को तत्काल निलंबित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रफी अहमद के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस एवं एनएसयूआई के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि जनहित और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

पुलिस कस्टडी से संदेही आरोपी हुआ फरार, प्रधान आरक्षक निलंबित, 2 एस आई पर जांच के आदेश


अनूपपुर

जिले के चचाई थाना क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा से एक संदेही आरोपी के फरार होने के मामले में पुलिस अधीक्षक विक्रम मुराब ने कड़ा रुख अपनाया है। आरोपी की सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने पर प्रधान आरक्षक मोहन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र अनूपपुर संबद्ध कर दिया गया है। वहीं मामले में शामिल दो सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

थाना चचाई में दर्ज अपराध की धारा 303(2) बीएनएस के तहत संदेही आरोपी मंगेश सिंह निवासी टिकरीटोला, बुढ़ार को 15 जून 2026 को माल बरामदगी एवं विवेचना संबंधी कार्रवाई के लिए पुलिस अभिरक्षा में लिया गया था। आरोपी को विवेचक एएसआई प्यारेलाल सिंह, एएसआई लालमणि चौधरी तथा प्रधान आरक्षक मोहन सिंह थाना चचाई लेकर आ रहे थे।

इसी दौरान विवेचक अधिकारियों को थाना अमलाई क्षेत्र में हुई चोरी की गाड़ियों एवं उनके कलपुर्जों की तस्दीक करनी थी। दोनों एएसआई आरोपी को प्रधान आरक्षक मोहन सिंह की निगरानी में छोड़कर अमलाई थाना परिसर में जांच के लिए चले गए। बताया गया कि वाहन थाना अमलाई की बाउंड्री के बाहर खड़ा था। कुछ समय बाद जब दोनों अधिकारी वापस लौटे तो आरोपी वाहन में मौजूद नहीं मिला। पूछताछ में प्रधान आरक्षक मोहन सिंह ने बताया कि आरोपी अपनी कलाई से हथकड़ी सरकाकर भाग निकला।

पुलिस अधीक्षक विक्रम मुराब ने आरोपी की सुरक्षा में घोर लापरवाही एवं उदासीनता मानते हुए प्रधान आरक्षक मोहन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही घटना के संबंध में एएसआई प्यारेलाल सिंह एवं एएसआई लालमणि चौधरी की भूमिका की जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। पुलिस फरार संदेही आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

 शादी पार्टी में मोटरसाइकिल चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 2 आरोपी गिरफ्तार, 2 फरार

*गैराज में पुरानी बाइको में लगा देते थे पार्ट*


शहडोल 

जिले से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह पर अमलाई थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह शादी-समारोहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बिना लॉक वाली बाइकों को मिनटों में ‘डायरेक्ट कनेक्शन’ कर उड़ा ले जाता था। पुलिस ने इनके कब्जे से बुलेट और यामाहा जैसी 7 लग्जरी बाइक बरामद की हैं। 

गिरोह के निशाने पर शादी-पार्टी और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम होते थे। गिरोह के सदस्य कार्यक्रम स्थलों के बाहर खड़ी ऐसी बाइकों की रेकी करते थे, जो बिना लॉक के खड़ी होती थीं। शातिर ये चोर बिना चाबी के ही बाइक के तारों को आपस में जोड़कर (डायरेक्ट कनेक्शन) गाड़ी स्टार्ट कर लेते थे और पलक झपकते ही मौके से रफूचक्कर हो जाते थे। इस पूरे खेल में पकड़े गए आरोपी अमन तिवारी की भूमिका सबसे अहम थी, जो तकनीकी रूप से बाइक स्टार्ट करता था, जबकि दीपू सिंह उसका साथ देता था।

चोरी के वाहनों को गिरोह के मास्टरमाइंड मंगेश सिंह के बाइक रिपेयरिंग गैराज में पहुंचा देता था जहाँ बाइकों के इंजन और अन्य कीमती पार्ट्स को निकालकर दूसरी पुरानी बाइकों में फिट कर देते थे और उन्हें बाजार में बेचकर मोटी कमाई करते थे। पुलिस ने मास्टरमाइंड मंगेश के गैराज से 4 चोरी की बाइक बरामद की हैं, जबकि 3 अन्य बाइकें अलग-अलग ठिकानों से जब्त की गई हैं। बरामद वाहनों में बुलेट, स्कूटी, यामाहा आर-वन और सीडी डीलक्स शामिल हैं, जो बीते तीन महीनों में ओपीएम (OPM) कॉलोनी, बकहो और आसपास के इलाकों से चुराई गई थीं।

मुख्य बाइक चोर अमन तिवारी पहले गुजरात के एक मंदिर से बेशकीमती प्रतिमा (मूर्ति) चोरी करने के मामले में भी जेल जा चुका है। अमलाई थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पाण्डेय ने बताया कि बाइक चोरी के इस रैकेट में अमन तिवारी और दीपू सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, गैराज संचालक व गिरोह का मास्टरमाइंड मंगेश सिंह और उसका एक अन्य साथी नमन केवट फिलहाल फरार हैं। 

बिजली कनेक्शन सुधारने गए कर्मचारी को लगा करंट से झुलसा, हुई मौत, पुलिस जाँच में जुटी


शहडोल

जिले में एक दर्दनाक हादसे में बिजली कनेक्शन सुधारने गए एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान कुंदन सिंह (28 वर्ष), पिता नरेंद्र सिंह, निवासी मालाचुआ के रूप में हुई है।

कुंदन सिंह एक आउटसोर्स कंपनी Krysta में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि वह विद्युत कनेक्शन सुधारने के कार्य के लिए मौके पर गया था। इसी दौरान कार्य करते समय उसे अचानक तेज करंट लग गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

सहकर्मियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा तत्काल उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

संबंधित विभाग एवं पुलिस की टीम भी अस्पताल पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण विद्युत कार्य के दौरान करंट लगना बताया जा रहा है। हालांकि घटना किन परिस्थितियों में हुई और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा पंचनामा व वैधानिक कार्रवाई पूरी किए जाने के बाद शव का पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा दिया है।

जीएनएस फाइनेंस कंपनी के डायरेक्टर समेत 5 लोगो के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला हुआ दर्ज


शहडोल

जिले में निवेश के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर लाखों की ठगी करने वाले कथित फाइनेंस गिरोह पर आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जीएनएस फाइनेंशियल सर्विसेज प्रा. लि. कंपनी के डायरेक्टर, उनकी पत्नी समेत 5 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। इस मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित SECL के रिटायर्ड कर्मचारी बताए जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई बेहतर ब्याज के लालच में कंपनी में निवेश कर दी थी।

बुढ़ार थाना क्षेत्र के धनपुरी रोड स्थित खंडेलवाल कॉम्प्लेक्स में संचालित जीएनएस फाइनेंशियल सर्विसेज प्रा. लि. कंपनी के एजेंटों ने लोगों को यह भरोसा दिलाया था कि उनकी रकम मुंबई की प्रतिष्ठित निवेश कंपनी में लगाई जाएगी और हर महीने अच्छा ब्याज मिलेगा। साथ ही 5 साल में रकम दोगुनी होने का सपना दिखाया गया। सरईकापा निवासी संतोष वर्मन, मोहन सिंह समेत कई निवेशकों ने कंपनी के झांसे में आकर लाखों रुपये जमा कर दिए। शुरुआती कुछ महीनों तक कंपनी ने निवेशकों को ब्याज भी दिया, जिससे लोगों का भरोसा और बढ़ गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया, जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो उन्हें डराने-धमकाने तक की शिकायतें सामने आने लगीं।

कंपनी के संचालकों ने अलग-अलग लोगों से विभिन्न खातों में पैसा जमा कराया और उनकी तरफ से ट्रेडिंग किए जाने का दावा किया गया। प्रथम दृष्टया मामला धोखाधड़ी का पाए जाने पर पुलिस ने सुखनंदन यादव, सरोज यादव, मुकेश यादव, विजय पाल और मोहम्मद अमीम के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। एफआईआर के अनुसार यह अपराध 6 दिसंबर 2024 से 16 मई 2026 के बीच घटित होना बताया गया है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 61(2) के तहत दर्ज किया गया है।

तीन लोगो को सर्प ने डसा, महिला व युवक की हुई मौत, एक महिला अस्पताल में चल रहा इलाज


अनूपपुर

जिला चिकित्सालय अनूपपुर में जहरीले सांप के काटने से उपचार दौरान एक नव विवाहिता की मौत हो गई, जबकि करैत सर्प के काटने से युवक की कोतमा अस्पताल ले जाते समय मौत होने के दूसरे दिन बाद मां को करैत सर्प के काटने से गंभीर हालात में परिजनों द्वारा जिला चिकित्सालय अनूपपुर में उपचार हेतु भर्ती किए जाने पर उपचार जारी है, जिसे चिकित्सकों द्वारा खतरे से बाहर होना बताया गया है।

शहडोल जिले के बुढार थाना अंतर्गत सरईकापा गांव में सोमवार की रात 24 वर्षीय सरिता पति अवधेश चौधरी जो अपने मायके में खाना पीना खाने बाद सोने जाने के पूर्व दिशा मैदान हेतु घर के पीछे बांड़ी में गई थी, तभी अचानक एक अज्ञात अत्यंत जहरीले सांप ने सरिता के जांघ के पास डंस दिया, जिस पर सरिता के तेजी से आवाज करने पर पिता एवं परिजन बाहर निकल कर बांडी में सांप की खोजबीन किए जाने पर सांप के नहीं मिलने सरिता की हालत खराब होते देखकर निजी वाहन कर उपचार हेतु देर रात जिला चिकित्सालय अनूपपुर में लाकर उपचार हेतु भर्ती कराया, उपचार के दौरान देर रात सविता की मृत्यु हो गुई।  ड्यूटी डॉक्टर हिमांशु पांडेय ने घटना की जानकारी अस्पताल पुलिस को दी। मृतिका के शव का पंचनामा व पीएम कराते हुए मृतिका के शव का अंतिम संस्कार किए जाने हेतु परिजनों को सौंप दिया है।

वही भालूमाडा थाना अंतर्गत पयारी क्रमांक 01 निवासी 27 वर्षीय रविशंकर पिता मनोहर चौधरी को दो दिन पूर्व घर के अंदर जमीन में सोते समय अत्यंत जहरीले करैत प्रजाति के सर्प के काटे जाने पर गंभीर स्थिति में परिजनों द्वारा उपचार हेतु कोतमा चिकित्सालय ले जाया गया जहां पर रविशंकर की मौत हो गई। कोतमा पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए शव के अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंपे जाने पर परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार किया।  इस दौरान परिवार एवं रिश्तेदारों के एकत्रित रहने एवं रात मे ठहरने पर 48 वर्षीय मां इंद्रवती चौधरी पति मनोहर चौधरी अन्य लोगों के साथ जमीन पर सोई थी, तभी देर रात करैत सर्प ने इंद्रवती के दाएं हाथ के बीच की उंगली में काट दिया, हल्ला होने पर परिवार जनों ने सर्प को देखकर उसे मारकर इंद्रवती को उपचार हेतु फुनगा अस्पताल से जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया जिसकी हालत वर्तमान समय खतरे से बाहर होना चिकित्सको द्वारा बताया गया है जो वर्तमान समय तक भर्ती रहकर उपचाररत है।

66 करोड़ की नल जल योजना पर श्रमिकों का विद्रोह वेतन, सुरक्षा और श्रम अधिकारों की अनदेखी का आरोप

*51 गांवों की जलापूर्ति हुई ठप्प*


अनूपपुर

मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित द्वारा 66 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किरगी ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना का उद्देश्य 51 गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना था। इसके संचालन एवं रखरखाव का जिम्मा सी एम आर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्ष 2018 से लगातार सेवाएं देने के बावजूद उन्हें शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानदेय तक नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं, जल शोधन संयंत्र,पंप हाउस,फील्ड कर्मचारियों सहित संवेदनशील स्थानों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, बीमा और सुरक्षा निधि जैसी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया है। कई बार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला जिससे परेशान हो आखिरकार कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे पूरी योजना की कार्यप्रणाली और कंपनी की जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं।

कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित दरों के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा है। यदि यह आरोप सही है तो यह न्यूनतम वेतन से जुड़े श्रम प्रावधानों के उल्लंघन का मामला बन सकता है। श्रमिकों का कहना है कि कई वर्षों से वेतन वृद्धि तक नहीं हुई जबकि महंगाई लगातार बढ़ती रही है। सवाल यह है कि करोड़ों की परियोजना में श्रमिकों को उनका वैधानिक अधिकार क्यों नहीं मिला है।

जल शोधन संयंत्र, पंप हाउस और विद्युत उपकरणों के बीच काम करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा किट, हेलमेट, दस्ताने, जूते और अन्य सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराना नियोक्ता की जिम्मेदारी मानी जाती है। हड़ताली कर्मचारियों का दावा है कि वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है और न ही लाभ मिला है। श्रमिकों का कहना है कि सुरक्षा निधि और अन्य वैधानिक लाभ आज तक नहीं मिले है। यदि कर्मचारियों की पात्रता के बावजूद ऐसे लाभ नहीं दिए गए हैं तो संबंधित विभागों को इसकी जांच करनी चाहिए।

कर्मचारियों और ग्रामीणों का आरोप है कि कई गांवों में आज भी नल कनेक्शन होने के बावजूद नियमित पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके बावजूद पंचायतों को योजना हस्तांतरित करने की तैयारी की जा रही है। सवाल उठ रहा है कि जब व्यवस्था पूरी तरह सुचारु नहीं हुई तो उसका संचालन ग्राम पंचायतों पर क्यों डाला जा रहा है।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि 66 करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यदि कर्मचारी असंतुष्ट हैं और कई गांवों को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल रही तो जवाबदेही किसकी तय होगी? यदि कर्मचारियों के आरोप सही हैं तो संबंधित विभागों को निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार पक्षों पर कार्यवाही करनी चाहिए, ताकि 51 गांवों की जनता पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।

जर्जर पानी की टंकी हो सकता है बड़ा हादसा, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं लोग, एसईसीएल प्रबंधन मौन

*समस्या हल नही तो होगा आंदोलन*


अनूपपुर/​कोतमा

एक तरफ जहां सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है, वहीं दूसरी तरफ एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र के प्रबंधन की उदासीनता के कारण कोतमा वार्ड क्रमांक 13 के निवासी पानी के लिए हाहाकार मचा हैं। वार्ड में स्थित पानी की टंकी बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुकी है, जिसके कारण क्षेत्र में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

​स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह स्थिति अचानक पैदा नहीं हुई है वार्ड वासियों द्वारा कई बार सोशल मीडिया, मुख्यधारा की मीडिया और मौखिक रूप से एसईसीएल प्रबंधन को मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, प्रबंधन को साफ तौर पर अवगत कराया गया था कि पानी की टंकी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है और कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसके बावजूद, एसईसीएल के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी

​प्रबंधन की इसी लापरवाही का नतीजा आज वार्ड क्रमांक 13 के सैकड़ों परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। नई पानी टंकी का निर्माण न होने से इस कड़कती धूप और गर्मी में लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी नसीब नहीं हो पा रहा है, जिससे स्थानीय जनता में एसईसीएल के प्रति भारी आक्रोश है।

"एसईसीएल सिर्फ कोयला निकालने में व्यस्त है, उसे यहां रहने वाले लोगों की मूलभूत सुविधाओं से कोई सरोकार नहीं है, बार-बार ध्यान आकर्षण कराने के बाद भी आज तक नई पानी टंकी का निर्माण नहीं कराया गया, अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो  उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

​जब एसईसीएल को समय रहते जर्जर टंकी की सूचना दे दी गई थी, तो नए निर्माण में देरी क्यों की जा रही है। क्या एसईसीएल प्रबंधन किसी बड़े हादसे या जनता के पूरी तरह सड़क पर उतरने का इंतजार कर रहा है।

​क्षेत्र की जनता ने अब जिला प्रशासन और एसईसीएल के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मामले को संज्ञान में लेते हुए युद्ध स्तर पर नई पानी टंकी का निर्माण कराया जाए और तब तक वार्ड में पानी के वैकल्पिक इंतजाम सुचारू रूप से किए जाएं।

दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया किशोर की पानी मे डूबने से हुई मौत, पुलिस जाँच में जुटी


 शहडोल

दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया 15 वर्षीय किशोर मौत के गहरे पानी में समाने से मौत हो गयी। ब्यौहारी थाना क्षेत्र के केल्हारी गांव में हुए इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जबकि पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू कर दी है।

केल्हारी निवासी दीपेश प्रजापति (15) पिता महेश प्रजापति अपने दोस्तों के साथ गांव के पास स्थित समधिन नदी में नहाने गया था। बताया गया कि नदी का घाट उसके घर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। नहाते समय दीपेश अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथ मौजूद उसके दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।

हादसे के बाद दीपेश का एक दोस्त घबराकर घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंचे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से किशोर के शव को बाहर निकलवाया।

घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ब्यौहारी अस्पताल में किशोर के पिता महेश प्रजापति ने अपने इकलौते बेटे का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनका एक ही पुत्र था, अब वह भी नहीं रहा। ऐसे में वे पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते।

हालांकि पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश दी, सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। 

टीवी कूलर से लोड ट्रक में लगी आग, पूरा सामान जलकर हुआ खाक, लाखो का नुकसान


उमरिया

जिले के इंदवार थाना क्षेत्र के बरही-मानपुर मार्ग एसएच-10 पर स्थित पनपथा गांव के हाई स्कूल के पास दरमियानी रात करीब 2 से 2:30 बजे एक छह चकिया ट्रक अचानक आग की लपटों में घिर गया। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा ट्रक धू-धू कर जलने लगा। हादसे में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, जबकि चालक सुरक्षित है। 

जानकारी के अनुसार कटनी का यह ट्रक कटनी से ब्यौहारी के टिहकी गांव की ओर जा रहा था। देर रात होने के कारण चालक ने वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर विश्राम करना उचित समझा और पास ही सो गया। इसी बीच अज्ञात कारणों से ट्रक में आग लग गई। जब तक चालक और आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक आग पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले चुकी थी। 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से दिखाई दे रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते कार्रवाई होने से आसपास के क्षेत्र में आग फैलने से रोक लिया गया।घटना को और भी गंभीर इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि जिस स्थान पर ट्रक खड़ा था, उसके ठीक ऊपर 11 हजार केवी की विद्युत लाइन भी गुजरी थी। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या फिर इसके पीछे किसी असामाजिक तत्व की शरारत है।

पुलिस और संबंधित विभाग सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ट्रक में टीवी, कूलर समेत अन्य बेशकीमती इलेक्ट्रॉनिक सामग्री लोड थी। आग की चपेट में आने से न केवल ट्रक पूरी तरह जल खाक भी हो गया बल्कि उसमें रखा पूरा सामान भी खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार नुकसान लाखों रुपये में बताया जा रहा है।

दो घटनाओं में 3 की मौत, 2 घायल, कार अनियंत्रित होकर खेत मे घुसी, बाइक हुई दुर्घटना 


अनूपपुर

जिले के राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र मे दो अलग-अलग सड़क हादसे में 3 लोगों की मृत्यु हो गई हैं। जबकि 2 घायलों का इलाज जारी हैं।

पहली घटना राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम मौहारी परसेलखर्द निवासी 28 वर्षीय राम सिंह पुत्र ढिमरा किरर जंगल में मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिससे वह घटनास्थल में ही दम तोड़ दिया। कुछ लोगो देखकर सूचना पर मौके पर पुलिस ने पंचनामा बना पोस्टमार्डम उपरांत शव परिजनों को सौप कर जांच की कार्यवाई प्रारंभ कर दी।

दूसरी घटना राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र में कार सवार 4 लोग राजेंद्रग्राम से अपने गृह ग्राम बंहनी जा रहें थे। तभी कारीमाट जंगल मोड में तिवारी टोला के समीप स्थित तीखे मोड़ पर कार चालक वाहन से नियंत्रण खो दिया जिससे कार सड़क छोड़कर सीधे खेत में जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए है। जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया है। वर्तमान में दो घायलों का इलाज जारी हैं। मृतको में 29 वर्षीय नर्मदा प्रसाद कनौजिया एवं 25 वर्षीय सोनू कनौजिया दोनो के सगे भाई थे।

थाना प्रभारी राजेंद्रग्राम पीसी कोल ने बताया कि सड़क दुघर्टना में 3 की मृत्यु हो गई हैं। जिसमे एक बाईक चालक किरर के जंगलमें अनियंत्रित होकर गिरा और मैके पर मौत हो गई। दूसरी कार अनियंत्रित होकर खेत में घुसी जिसमें दो की मौत हुई हैं। जांच की जा रहीं हैं।

चोरो ने घर मे घुसकर 7 लाख के सोना, चांदी के जेवर किये पार, आंगन में सोते रह गए घरवाले, मामला दर्ज


शहडोल 

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र स्थित कनाडी खुर्द गांव में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। घर के आंगन में परिवार गहरी नींद में सोता रहा और अज्ञात चोर मकान में घुसकर करीब 7 लाख रुपये के जेवरात व नकदी लेकर फरार हो गए। सुबह घटना का पता चलने पर परिवार के होश उड़ गए, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार किसान कुंज बिहारी गुप्ता के घर में चोरी की यह वारदात हुई है। पीड़ित किसान ने बताया कि गर्मी के कारण परिवार के सभी सदस्य रात में घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात चोर घर में घुस गए। बदमाशों ने पहले चैनल गेट का ताला तोड़ा, फिर कमरे में लगे अन्य तालों को भी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद अलमारी में रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

किसान कुंज बिहारी गुप्ता के अनुसार चोर लगभग दो किलो चांदी, एक तोला सोना और एक लाख रुपये नकद लेकर भाग गए। उन्होंने बताया कि खेती-किसानी के काम और खाद-बीज खरीदने के लिए एक लाख रुपये घर में रखे थे, जिन्हें भी चोर अपने साथ ले गए। पीड़ित के मुताबिक चोरी गए सामान की कुल कीमत 7 लाख रुपये से अधिक है।

घटना की जानकारी सुबह तब लगी जब परिवार के सदस्य जागे और घर के भीतर सामान बिखरा हुआ देखा। इसके बाद तत्काल जयसिंहनगर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

नगर परिषद बनगंवा में कलेक्टर का बड़ा एक्शन, गेट बंद कर 2 घंटे चली जांच, फाइलें जप्त, कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश

*हाजिरी लगाकर गायब होने वालो पर निलंबन की कार्यवाही के निर्देश*


अनूपपुर

जिले के नगर परिषद बनगवा में उस समय हड़कंप मच गया जब अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली अचानक औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। बताया जाता है कि परिषद पहुंचते ही मुख्य द्वार बंद कराया गया और करीब दो घंटे तक हाजिरी रजिस्टर, वित्तीय अभिलेखों, निर्माण कार्यों से जुड़ी फाइलों एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान कई फाइलों और अभिलेखों की जांच के बाद अनियमितता की आशंका वाले दस्तावेजों को जप्त कर लिया गया। कलेक्टर के अचानक पहुंचे दल को देखकर परिषद कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारी पूरे समय सतर्क नजर आए।

सूत्रों के अनुसार निरीक्षण के दौरान परिषद के अकाउंटेंट एवं लेखपाल राजेश मिश्रा के कार्यों को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। चर्चा है कि उन्हें सोमवार से डूडा अटैच किए जाने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि आदेश जारी होने के बाद ही हो सकेगी।

*निलंबन की कार्यवाही की जाए*

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कर्मचारियों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने नगर परिषद के सीएमओ लखन पनिका को निर्देशित किया कि ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार की जाए जो लगातार अवकाश पर रहते हैं या कार्यालय में हाजिरी लगाने के बाद कार्यस्थल से गायब हो जाते हैं।

सूत्रों के मुताबिक कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाए तथा सोमवार तक पूरी रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए। इस निर्देश के बाद परिषद के कर्मचारियों में खलबली मच गई है।

निरीक्षण के दौरान जो कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं पाए गए, चाहे वे नियमित हों, संविदा कर्मचारी हों या अन्य श्रेणी के कर्मचारी, सभी की जानकारी तलब की गई। कलेक्टर ने अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

*जप्त फाइलों पर जांच को लेकर बढ़ी चर्चाएं*

नगर परिषद बनगवा पिछले कुछ समय से विभिन्न निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रियाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रही है। ऐसे में कलेक्टर द्वारा फाइलों को जप्त कर जांच शुरू किए जाने के बाद नगर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

अब लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर उन फाइलों में ऐसा क्या मिला, जिसके कारण कलेक्टर को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा? क्या यह कार्रवाई किसी बड़े वित्तीय या प्रशासनिक खुलासे की भूमिका है? और क्या आने वाले दिनों में परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी?

फिलहाल कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण ने नगर परिषद बनगवा के प्रशासनिक तंत्र में हलचल बढ़ा दी है और पूरे क्षेत्र की नजरें अब सोमवार को प्रस्तुत होने वाली रिपोर्ट तथा आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

घटिया निर्माण सामग्री से बन रही पीसीसी सड़क, मानकों की अनदेखी कर शासकीय राशि के दुरुपयोग 

*ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग*


अनूपपुर 

जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत  गोहांड्रा के डोंगरीटोला में निर्माणाधीन पीसीसी सड़क को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारियों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों द्वारा तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी करते हुए सड़क निर्माण कराया जा रहा है, जिससे शासकीय धनराशि के दुरुपयोग की आशंका गहरा गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत  गोहांड्रा  में शासकीय निधि से पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य जारी है। आरोप है कि निर्माण कार्य तकनीकी स्वीकृति एवं निर्धारित अनुपात (रेशियो) के अनुरूप नहीं किया जा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है तथा रेत में अत्यधिक मिट्टी मिली हुई है। इसके अलावा सीमेंट की मात्रा भी निर्धारित मानकों से काफी कम बताई जा रही है, जिससे सड़क की मजबूती और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की पहली परत में ही निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो सड़क कुछ ही समय में उखड़ सकती है और उसमें दरारें पड़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण योजनाओं का लाभ जनता तक सही रूप में नहीं पहुंच पा रहा है। निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले संबंधित अधिकारी यदि समय-समय पर गुणवत्ता की जांच की जाती तो घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतें सामने नहीं आतीं। 

कानूनी कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि शीघ्र जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से जिला प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कर आंदोलन करने को विवश होंगे।

इनका कहना है।

गुणवत्ता की किसी प्रकार की कमी नहीं है, मौके पर आकर आप भी स्वयं जांच कर सकते हैं, अगर कुछ कमी है तो उसकी जांच करवाई जाएगी 

*चिंतामणि केवट, सचिव, ग्राम पंचायत गोहांड्रा*

सेंट्रल बैंक के सहायक प्रबंधक को CBI ने 10 हजार का रिश्वत लेते किया गिरफ्तार, मचा हड़कंप


शहडोल

सीबीआई ने शहडोल में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बैंकिंग कियोस्क की अनुमति और प्रस्ताव स्वीकृत करने के बदले अधिकारी ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया और बैंक अधिकारी को रकम लेते ही दबोच लिया।

शहडोल निवासी दीपेंद्र सिंह ने चार बैंकिंग कियोस्क खोलने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में आवेदन किया था,आरोप है कि आवेदन को स्वीकृति देने और आवश्यक अनुमति जारी करने के बदले बैंक के सहायक प्रबंधक अभ्यंकर शर्मा ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।बार-बार रिश्वत की मांग से परेशान होकर दीपेंद्र सिंह ने पूरे मामले की शिकायत सीबीआई जबलपुर इकाई के पुलिस अधीक्षक एस.के. राठी से की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद सीबीआई ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।       

बताया जा रहा है कि सीबीआई की 8 सदस्यीय टीम शहडोल पहुंची और पूरे मामले पर नजर रखी गई। तय योजना के अनुसार सहायक प्रबंधक अभ्यंकर शर्मा ने बैंक के बाहर गुरुद्वारे के पास दीपेंद्र सिंह से 10 हजार रुपये की रिश्वत ली। जैसे ही रिश्वत की रकम आरोपी के हाथ में पहुंची, पहले से घात लगाए मौजूद सीबीआई टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद बैंकिंग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोपी अधिकारी से पूछताछ जारी है और सीबीआई पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे सरकारी और बैंकिंग संस्थानों में रिश्वतखोरी करने वालों में डर का माहौल है।

अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, 50 लाख का 38 तोला सोना व स्कॉर्पियो जब्त

*सूने मकानों को बनाते थे निशाना, 6 आरोपी गिरफ्तार*


अनूपपुर

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में लगातार सक्रिय अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 6 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जो सीमा पार कर अनूपपुर (एमपी) और पेंड्रा (सीजी) के इलाकों में सूने मकानों को निशाना बनाते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 लाख रुपए से अधिक कीमत का 38 तोला सोना, डेढ़ किलो चांदी, चोरी के पैसों से खरीदी गई नई स्कॉर्पियो कार, दो बाइक, आईफोन और हाईटेक तिजोरी तोड़ने वाले आधुनिक उपकरण बरामद किए हैं।

पिछले कुछ समय से अनूपपुर-पेंड्रा क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में लगातार अज्ञात चोरों द्वारा सेंधमारी की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस की तकनीकी जांच में सामने आया कि यह गिरोह दोनों राज्यों की सीमाओं का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देता था। आरोपी चोरी करने के बाद तुरंत राज्य बदल देते थे ताकि स्थानीय पुलिस की पकड़ में न आ सकें। इस गिरोह की गिरफ्तारी से दो राज्यों के कुल 7 बड़े चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें शामिल हैं अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र के 2 बड़े चोरी के मामले। जीपीएम (छत्तीसगढ़): कोतमीकला के 3 और मरवाही थाना क्षेत्र के 2 मामले।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपी छत्तीसगढ़ के जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) जिले के ही रहने वाले हैं, जो संगठित होकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले तक जाकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे।गिरफ्तार आरोपियों के नाम परमेश्वर गोस्वामी, सूरज गोस्वामी, सुमित गोस्वामी, प्रणय पांडेय, विशाल जादव, शरद काटकर हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने चोरी की मोटी रकम से अपने शौक पूरे करने के लिए एक नई स्कॉर्पियो गाड़ी, दो मोटरसाइकिलें और कीमती आईफोन खरीदे थे। इसके अलावा उनके पास से ताले और लोहे की मजबूत तिजोरियां काटने व तोड़ने वाले आधुनिक कटर और औजार भी जब्त किए गए हैं।

*साइबर सेल व 4 थानों की टीम को मिली सफलता*

लगातार हो रही चोरियों को देखते हुए एएसपी अविनाश मिश्रा के नेतृत्व में मरवाही, पेंड्रा, कोटमी और सिवनी पुलिस की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध मोबाइल लोकेशन और साइबर सेल के तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर इन छह आरोपियों को दबोचा। पुलिस ने सभी आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

दो पक्षों में भूमि विवाद, इंची टेप से नप गई विवादित जमीन, मीडिया के सवालों पर भड़के तहसीलदार, कोर्ट आने की बात कही

*पाटन में राजस्व कार्यवाही पर उठे गंभीर सवाल*


अनूपपुर

जिले के जैतहरी तहसील के ग्राम पाटन में दो पक्षों के बीच भूमि विवाद कई महीनों से चला आ रहा है। दोनों पक्ष राजस्व कार्यालयों से लेकर न्यायालयों तक न्याय की गुहार लगा रहे हैं। एक पक्ष ने जिला एवं सत्र न्यायालय अनूपपुर तथा अपर कलेक्टर न्यायालय अनूपपुर का दरवाजा खटखटाया है, जबकि दूसरे पक्ष ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे प्रभारी तहसीलदार ने विवादित भूमि की नपती कर मौका जांच कार्यवाही शुरू की और पंचनामा तैयार कर जबजस्ती गवाही को हस्ताक्षर करके को कहा। यहीं से विवाद खड़ा हो गया, ग्रामीणों और प्रभावित पक्षों का आरोप है कि सीमांकन जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में आवश्यक तकनीकी उपकरणों और राजस्व अभिलेखों का समुचित उपयोग नहीं किया गया है। दूसरी ओर मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर अधिकारी का नाराज होना और स्पष्ट जवाब देने से बचना भी संदेहों को और गहरा कर रहा है। अब यह मामला केवल जमीन विवाद नहीं बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और राजस्व प्रक्रिया की विश्वसनीयता का विषय बन गया है।

राजस्व नियमों के अनुसार किसी भी विवादित भूमि के सीमांकन में खसरा, नक्शा, फील्ड बुक, स्थायी चिन्ह और विभागीय मापन उपकरणों का उपयोग महत्वपूर्ण माना जाता है। आधुनिक समय में कई स्थानों पर जीपीएस, टोटल स्टेशन मशीन और तकनीकी सर्वे पद्धतियों का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में यदि किसी संवेदनशील विवाद में पारंपरिक और सीमित साधनों से नपती की जाती है तो उसकी विश्वसनीयता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। लेकिन पाटन में हुई मौका जांच कार्यवाही को लेकर आरोप है कि केवल इंची टेप और स्केल के सहारे जमीन की नपती कर दी गई है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है। यही मुद्दा अब विवाद का मुख्य कारण बन गया है।

भूमि विवाद से जुड़ा मामला पहले से ही न्यायालय और उच्च राजस्व अधिकारियों के समक्ष विचाराधीन बताया जा रहा है। ऐसे में मौके पर जाकर सीमांकन जमीन नपित और पंचनामा तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोकतंत्र में मीडिया जनता और प्रशासन के बीच जवाबदेही का माध्यम माना जाता है। पाटन मामले में मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर पद प्रभारी तहसीलदार के नाराज होने और कथित तौर पर कोर्ट में आने की बात कही गई। यदि कार्यवाही नियमों के अनुसार हुई थी तो तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए। इस कार्यवाही निष्पक्ष और नियम सम्मत थी तो प्रशासन को पूरे प्रकरण की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए थी। वहीं यदि प्रक्रिया में कोई कमी रही है तो उसकी समीक्षा भी आवश्यक है।

रेत रफ्तार बस गाय को कुचलते हुए मेटाडोर से भिड़ी, कई लोग हुए घायल, घटना सीसीटीवी में कैद


शहडोल

जिले के बुढार थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग NH-43 स्थित पकरिया चौराहे पर देर रात एक तेज रफ्तार बनारस से रायपुर जा रही द्विवेदी ट्रेवल्स की यात्री बस क्रमांक MP-13-P-2513 ने पहले सड़क पर मौजूद एक गाय को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद अनियंत्रित बस ने सामने चल रही रेत से भरी डग्गी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में डग्गी पलट गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डग्गी चालक को चोटें आईं, वहीं बस में सवार कई यात्रियों को भी हल्की चोटें पहुंची हैं। 

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों की मदद की और पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि जिस डग्गी को बस ने टक्कर मारी, वह कथित तौर पर अवैध रेत परिवहन में लगी हुई थी। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। हादसे का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें तेज रफ्तार बस सीधे गाय को टक्कर मारते हुए डग्गी से भिड़ती दिखाई दे रही है। फुटेज सामने आने के बाद बस चालक की लापरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस की रफ्तार काफी अधिक थी, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। NH-43 पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई की जरूरत को उजागर कर दिया है। फिलहाल बुढार पुलिस मामले की जांच कर रही है। सड़क किनारे लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसने तेज रफ्तार और लापरवाही की खौफनाक तस्वीर सामने ला दी। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी हुई है।

13 मवेशियों को लेकर बूचड़खाने जा रही पीकप को पुलिस ने पकड़कर किया जप्त, मामला दर्ज


शहडोल 

जिले में मवेशी तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ब्यौहारी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 मवेशियों से भरी एक पिकअप को पकड़ लिया। उत्तर प्रदेश के बूचड़खाने ले जाए जा रहे छह भैंस और सात पड़ों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया है, जबकि वाहन मालिक समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि जयसिंहनगर की ओर से एक पिकअप वाहन में बड़ी संख्या में मवेशियों को भरकर बूचड़खाने ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही ब्यौहारी पुलिस सक्रिय हुई और टंकी तिराहे पर घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया।

जांच के दौरान पिकअप क्रमांक यूपी 70 पीटी 6672 में छह भैंस और सात पड़ों सहित कुल 13 मवेशी ठूंस-ठूंसकर भरे पाए गए। वाहन में पशुओं के लिए चारा-पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। पुलिस ने चालक से मवेशियों के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

पूछताछ में चालक ने अपना नाम मोहम्मद अब्दुल पुत्र मोहम्मद अतीत उर्फ राजू (21 वर्ष), निवासी उमरगंज, थाना नैनी, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) बताया। चालक ने पुलिस को बताया कि वाहन मालिक मोहम्मद अली, निवासी भड़रा थाना चाकघाट के कहने पर मवेशियों को लादा गया था।

पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(घ) एवं मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत अपराध क्रमांक 406/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान लगभग 2.20 लाख रुपये मूल्य के 13 मवेशी तथा करीब 7 लाख रुपये कीमत का पिकअप वाहन जब्त किया गया। 

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