नदी में मछली पकड़ने के दौरान करंट से युवक की हुई मौत, दोस्तो ने शव को दफनाया, दो आरोपी गिरफ्तार


उमरिया 

जिले के ग्राम मगरघरा में मछली पकड़ने के दौरान करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद उसके साथ मौजूद दो दोस्तों ने मामले को छिपाने के लिए शव को गड्ढा खोदकर दफना दिया और मौके से फरार हो गए।

युवक के लापता होने के बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस जांच में पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और जांच के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

मृतक और उसके दो दोस्त घर से नदी में मछली पकड़कर पार्टी करने की योजना बनाकर निकले थे। तीनों ने मछली पकड़ने के लिए उन्होंने कथित तौर पर बिजली चोरी कर नदी में बिजली का तार डालने की योजना बनाई। जैसे ही बिजली का तार नदी के पानी में डाला गया, उसी दौरान एक युवक करंट की चपेट में आ गया। करंट का तेज झटका लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

अचानक हुई इस घटना से घबराए दोनों दोस्तों ने पुलिस और परिजनों को सूचना देने के बजाय घटना को छिपाने का फैसला किया। दोनों ने मिलकर नदी के पास एक गड्ढा खोदा और मृतक युवक के शव को उसमें दफना दिया। इसके बाद दोनों वहां से चले गए।

युवक के घर नहीं पहुंचने पर परिजनो ने थाना में सूचना दी। तलाश के दौरान परिजनों को एक स्थान पर ताजी मिट्टी दिखाई दी। उन्हें शक हुआ कि वहां कुछ छिपाया गया है। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध स्थान पर खुदाई कराई। खुदाई के दौरान युवक का शव बरामद हुआ। जांच के दौरान मृतक के दोनों दोस्तों की भूमिका सामने आई। 

राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष व पूर्व विधायक को भाजपा कार्यकर्ता ने फेसबुक पर की अभद्र टिप्पणी, दी गाली

*कुत्ता, कमीना, नीच व सुअर की औलाद, साला जैसे अपशब्दों का उपयोग, भाजपा कार्यकर्ताओं ने सौपा ज्ञापन, लक्ष्मीनारायण पर FIR की मांग*


अनूपपुर

भारतीय जनता पार्टी के अनूपपुर ग्रामीण चचाई मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रामलाल रौतेल के फेसबुक पोस्ट पर कथित तौर पर अश्लील, अभद्र, गाली-गलौज कुत्ता, कमीना, नीच व सुअर की औलाद साला जैसे अपमानजनक टिप्पणियां किए जाने के मामले में थाना चचाई में सामूहिक ज्ञापन सौंपकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने बताया कि रामलाल रौतेल के फेसबुक अकाउंट पर एक फोटो पोस्ट की गई थी। आरोप है कि इसी सार्वजनिक पोस्ट पर लक्ष्मीनारायण गुप्ता नामक फेसबुक यूजर द्वारा कई आपत्तिजनक एवं कथित रूप से अशोभनीय टिप्पणियां की गईं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की भाषा का सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल किसी सामान्य राजनीतिक असहमति या आलोचना की श्रेणी में नहीं आता, बल्कि इससे सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति की प्रतिष्ठा एवं गरिमा प्रभावित होती है।


रामलाल रौतेल भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और दो बार विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में वे मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और असहमति व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन असहमति की आड़ में अश्लील एवं गाली-गलौज वाली भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।


भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करते हुए उपलब्ध स्क्रीनशॉट एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित फेसबुक यूजर की वास्तविक पहचान और प्रोफाइल का सत्यापन करने तथा फेसबुक पोस्ट, कमेंट, प्रोफाइल लिंक, कमेंट URL, दिनांक एवं समय सहित आवश्यक डिजिटल साक्ष्य संकलित करने की मांग की गई है।


ज्ञापन में मामले की तकनीकी जांच साइबर सेल के माध्यम से कराने और जांच में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 356 सहित अन्य लागू धाराओं के तहत FIR दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए भविष्य में सोशल मीडिया पर इस प्रकार की कथित अभद्रता की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।

इलाज मांगने पहुंची अधिवक्ता ने लगाए सनसनीखेज आरोप, डॉक्टरों पर शिकायत वापस कराने का दबाव


शहडोल

जयसिंहनगर सिविल अस्पताल में इलाज कराने पहुंची महिला अधिवक्ता के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। अधिवक्ता संध्या तिवारी का आरोप है कि पेट में तेज दर्द होने पर वह अस्पताल पहुंचीं, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर आशुतोष मिश्रा और पुष्पराज पटेल ने ओपीडी का समय खत्म होने की बात कहकर इलाज करने से इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार, दर्द से परेशान संध्या ने डॉक्टरों से कम से कम ऐसी दवा देने का अनुरोध किया, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सके। आरोप है कि इस पर दोनों डॉक्टरों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अस्पताल से चले जाने को कहा।

संध्या के साथ पड़ोस की एक युवती भी अस्पताल पहुंची थी। महिला अधिवक्ता का कहना है कि युवती पूरी घटना की प्रत्यक्ष गवाह है। अस्पताल से निकलने के बाद उन्होंने पास के मेडिकल स्टोर से दर्द की दवा खरीदी और सेवन किया। इसके बाद जयसिंहनगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

संध्या का आरोप है कि घटना के अगले दिन जब वह जयसिंहनगर न्यायालय में मौजूद थीं, तभी दोनों डॉक्टर भी एक मामले में पेशी के लिए वहां पहुंचे। आरोप है कि डॉक्टरों ने कई पक्षकारों के सामने उन्हें धमकाते हुए शिकायत और सीएम हेल्पलाइन वापस लेने के लिए कहा। महिला अधिवक्ता का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों ने भी यह बातचीत सुनी है और जरूरत पड़ने पर वह उनके बयान दर्ज करा सकती हैं। संध्या ने पुलिस से अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर जांच कराने की मांग की है। 

सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि शिकायत सामने आई है। मामले की जांच के लिए दल गठित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। 

कार्यालय से गायब रहती है सीएमओ, कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, पार्षद ने कलेक्टर से जांच की मांग

*पार्षद ने जनहित पर आंदोलन की दी चेतावनी*


अनूपपुर। नगर परिषद बरगवां-अमलाई में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कथित अनियमित उपस्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-02 के पार्षद एवं लोक निर्माण, जल कार्य विभाग, आवास एवं पर्यावरण समिति के सभापति सौरभ दास कोरी ने कलेक्टर अनूपपुर को पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की है।

पार्षद ने पत्र में आरोप लगाया है कि शासन द्वारा निर्धारित कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक है, लेकिन सीएमओ द्वारा नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने की शिकायत सामने आ रही है। नगर परिषद में बायोमेट्रिक/ऑनलाइन उपस्थिति (पंचिंग) की व्यवस्था होने के बावजूद इसका अपेक्षित पालन नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पार्षद के अनुसार सीएमओ कई दिनों में कथित तौर पर दोपहर 12 से 1 बजे अथवा 3 से 4 बजे के बीच सीमित समय के लिए कार्यालय आती हैं और इसके बाद चली जाती हैं।

पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि टीएल बैठक के अलावा अन्य दिनों में फील्ड विजिट या बैठकों का हवाला देकर कार्यालय से अनुपस्थित रहने की स्थिति बनी रहती है। उनका कहना है कि इसका सीधा असर नगर परिषद के कामकाज और आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है। प्रमाण पत्र, पेंशन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को कथित तौर पर लंबे समय तक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

पत्र में नगर परिषद की प्रशासनिक एवं निर्माण संबंधी कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पार्षद ने आरोप लगाया कि समय पर टेंडर जारी नहीं होने, टेंडर प्रक्रिया में विलंब, बिना एफडीआर कार्य शुरू किए जाने तथा समय सीमा समाप्त होने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरे पड़े रहने जैसी शिकायतें हैं। संबंधितों को समय पर नोटिस जारी नहीं किए जाने की बात भी पत्र में कही गई है।

पार्षद सौरभ दास कोरी ने कलेक्टर से मांग की है कि पिछले तीन माह की बायोमेट्रिक उपस्थिति और सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही टीएल बैठक के दिनों को छोड़कर सीएमओ की वास्तविक उपस्थिति, मूवमेंट रजिस्टर और फील्ड विजिट से संबंधित लॉगबुक की भी जांच कराने की मांग की गई है।

उन्होंने शासकीय समय में अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक अनुशासनात्मक निर्देश जारी करने की मांग की है। पार्षद ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की जांच नहीं कराई गई तो जनहित में उच्च स्तर पर आंदोलन एवं आवश्यक विधिक प्रक्रिया अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। 

पीकप ने बाइक को मारी टक्कर, युवक के सर पर चढ़ा पहिया, मौके पर हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर 

चचाई थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 31 वर्षीय बाइक सवार की मौत हो गई। सी चौराहा स्थित शारदा मंदिर के पास तेज रफ्तार अज्ञात पीकप वाहन ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद बाइक सवार सड़क पर गिर गया और पिकअप का पिछला पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान 31 वर्षीय राजेंद्र गुप्ता, पिता सीताराम गुप्ता, निवासी वार्ड क्रमांक 20 चचाई के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार राजेंद्र शहडोल जिले के बुढार में रिलायंस कंपनी में कर्मचारी था। वह रात में ड्यूटी खत्म कर बाइक से अपने घर चचाई लौट रहा था। राजेंद्र घर से करीब दो किलोमीटर दूर ही था, तभी सी चौराहा से आगे शारदा मंदिर के पास अनूपपुर से अमलाई की ओर जा रहे अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी।

हादसे की सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा तैयार किया और रात में ही जिला चिकित्सालय अनूपपुर भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना स्थल के पास एक मकान में लगे CCTV कैमरे में हादसा कैद हुआ है। फुटेज में अज्ञात वाहन पिकअप दिखाई दे रहा है। पुलिस अब आसपास लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि पिकअप वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके।

अवैध पशु परिवहन पर पशु तस्करी पर कार्यवाही, 3 पीकप से 21 नग मवेशी सहित 40.50 लाख का मशरूका जब्त

*पुलिस की बड़ी कार्यवाही, आरोपी हुए फरार*


अनूपपुर

03 पिकअप वाहनों से 21 नग मवेशी बरामद,कुल  ₹40.50 लाख का माल-मशरूका जप्त मामला दर्ज किया है। थाना कोतमा को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि तीन पिकअप वाहन जिनमें  मवेशियों को ठूंस-ठूंसकर एवं क्रूरतापूर्वक बांधकर कटने हेतु छत्तीसगढ़ से केवई रपटा मार्ग कोतमा होते हुए ले जाया जा रहा है।

सूचना से एक विशेष टीम का गठन किया गया ।थाना कोतमा पुलिस टीम द्वारा केवाई रपटा पुलिया के पास नाकाबंदी की  गई। नाकाबंदी के दौरान कुछ समय बाद तीन पिकअप वाहन तेज गति से आते दिखाई दिए। दूर से ही वाहन चालकों द्वारा पुलिस की नाकाबंदी देखकर पुलिस द्वारा रुकने का संकेत देने पर चालकों ने वाहन को थोड़ी दूर पर खड़े करकर तीनों वाहन चालक वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।मौके पर पुलिस टीम द्वारा तीनों पिकअप वाहनों की जांच पड़ताल की गई ।

एक पिकअप में 07 मवेशी, दूसरी पिकअप में 07मवेशी, तथा तीसरी पिकअप में 07 मवेशी पाए गए। कुल 21 मवेशी जिनमें 13 नग भैंस (पड़ा) एवं 8 नग भैंसी सभी मवेशियों को रस्सियों से बांधकर अत्यंत क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरा गया था तथा उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था  भी नहीं थी।

पुलिस द्वारा कुल 21 नग मवेशी कीमत 10.50 लाख एवं एक पिकअप क्रमांक MP65ZG2280, दूसरी पिकअप बिना नम्बर एवं तीसरी पिकअप MP65Z4094 कुल 3 वाहन कीमत 30 लाख जप्त किए गए। जप्त माल-मशरूका की कुल अनुमानित कीमत ₹40,50,000/- है।

प्रकरण में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा मध्य प्रदेश कृषि पशु परिरक्षण अधिनियमकी की  धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर फरार वाहन चालकों एवं पशु तस्करों  की तलाश की जा रही है तथा मामले की विवेचना जारी है।

पंचायत का कचरा घर बना शराबियों का अड्डा गंदगी व अव्यवस्था से ग्रामीण परेशान, अनदेखी पर उठ रहे सवाल

*ग्रामीणों ने की कार्यवाही की मांग*


अनूपपुर

ग्राम पंचायत पयारी नंबर 01 एक में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। पंचायत द्वारा बनाए गए कचरा घर का समुचित उपयोग और रखरखाव नहीं होने के कारण यहां कचरे का ढेर लगने के साथ ही असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा घर का परिसर धीरे-धीरे शराब पीने वालों का अड्डा बनता जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार कचरा घर का उद्देश्य गांव से निकलने वाले कचरे को एकत्रित कर उसका उचित प्रबंधन करना था, लेकिन वर्तमान स्थिति में व्यवस्था अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है। आसपास गंदगी और कचरा फैले रहने से दुर्गंध की समस्या बनी रहती है। इससे राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय कचरा घर के आसपास लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने वहां शराबखोरी और खाली शराब की बोतलें पड़े होने की शिकायत की है। इससे विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को वहां से गुजरने में असुविधा महसूस होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की स्थिति से गांव का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।

गांव में स्वच्छता अभियान और कचरा प्रबंधन को लेकर लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद यदि कचरा घर ही गंदगी और अव्यवस्था का केंद्र बन जाए तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने पंचायत से कचरा घर की नियमित सफाई, कचरे का समय पर उठाव तथा परिसर की निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारी और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें। यदि शराबखोरी या अन्य अनियमित गतिविधियां पाई जाती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।                ‌‌ 

मृत गाय व बछड़े को नपा के कचरे वाली गाड़ी में भरकर खुले स्थान में फेंका, मानवता हुई शर्मसार


शहडोल

नगर पालिका के कचरा वाहन में नालियों की गंदगी के साथ मृत गाय और बछड़े को उठाया गया और फिर कचरे की तरह खुले में पलट दिया गया। पूरा मामला कैमरे मे कैद होकर सोशल मीडिया पर वायरल होंरहे है। तस्वीरें और वीडियो सवाल पूछ रहे हैं कि क्या बेजुबान मवेशियों की मौत के बाद उनकी कोई कीमत नहीं, सवाल सिर्फ यह नहीं कि मृत मवेशियों को कचरे के साथ क्यों फेंका गया, सवाल यह भी है कि आखिर जिम्मेदारों की संवेदनशीलता कहां चली गई।

नगर पालिका शहडोल के मैजिक कचरा वाहन से नालियों की गंदगी के साथ एक मृत गाय और बछड़े को कचरे की तरह कचरे के ढेर में फेक दिया गया। यह पूरा घटनाक्रम जमुई स्थित बघेल ढाबे के पीछे हेलीपैड क्षेत्र का है। वायरल वीडियो में कचरा वाहन से गंदगी के साथ मृत मवेशियों को भी खुले स्थान पर फेंकते हुए देखा जा सकता है। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने इस पूरी घटना को अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया, जिसके बाद वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद नगरपालिका की कचरा प्रबंधन व्यवस्था और मृत पशुओं के निपटारे की प्रक्रिया पर सवाल उठने लगे हैं।

सबसे गंभीर बात यह है कि शहर के खुले में डंप किए जा रहे कचरे के आसपास बड़ी संख्या में मवेशी पहुंचते हैं और कचरे में मौजूद बायो-वेस्ट के साथ जहरीली पन्नियां और प्लास्टिक तक खा लेते हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि शहर की सफाई व्यवस्था आखिर बेजुबान मवेशियों के लिए कितनी सुरक्षित है। कचरे में प्लास्टिक और जहरीले पदार्थों के सेवन से मवेशियों के बीमार पड़ने और असमय मौत का खतरा लगातार बना रहता है। इसके बावजूद यदि मृत मवेशियों को भी सामान्य कचरे के साथ खुले में फेंका जा रहा है, तो यह व्यवस्था की संवेदनशीलता पर बड़ा सवाल है।

4 माह बाद मौत की गुत्थी सुलझी, बड़े भाई पर हत्या का मामला दर्ज, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


 शहडोल

जैतपुर थाना क्षेत्र के कोसम टोला में चार महीने पहले हुई अमीराज सिंह 40 वर्ष की मौत का मामला अब हत्या में बदल गया है। मर्ग जांच और चश्मदीदों के बयानों के आधार पर पुलिस ने मृतक के बड़े भाई ऋषिराज सिंह को आरोपी बनाया है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर मामले की जांच आगे बढ़ा दी है।

घटना 29 मई की है। पुलिस के मुताबिक अमीराज सिंह का अपने बड़े भाई से विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान ऋषिराज ने फावड़े से छोटे भाई पर हमला कर दिया। जान बचाने के लिए अमीराज घर से भागा, लेकिन घर के पास पुलिया के नजदीक सड़क पर गिर गया। बाद में पुलिस को सड़क पर एक व्यक्ति के मृत पड़े होने की सूचना मिली थी।

घटना के शुरुआती दौर में इसे सड़क हादसा माना गया था और पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की थी। हालांकि मृतक के परिजनों ने पुलिस को दोनों भाइयों के बीच विवाद और मारपीट की जानकारी दी थी। परिवार का आरोप है कि उस समय मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया, जिससे हत्या का केस दर्ज नहीं हो सका।

मर्ग जांच के दौरान पुलिस ने आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए। इसमें दोनों भाइयों के बीच विवाद और मारपीट की बात सामने आने के बाद पुलिस को मौत सड़क दुर्घटना के बजाय हत्या का परिणाम होने का संदेह मजबूत हुआ। इसके बाद नए थाना प्रभारी के कार्यभार संभालने के बाद मामले की जांच आगे बढ़ाई गई और अब हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया गया है।

नप के निर्माण कार्यों के खिलाफ जनहित याचिका खारिज, हाई कोर्ट ने याचिकाकर्ता पर लगाया 50 हजार का जुर्माना

*हाईकोर्ट ने कहा की तालाब भूमि पर नही हो रहा है निर्माण*


अनूपपुर

जैतहरी नगर के वार्ड क्रमांक 3 में बस स्टैंड के सामने गौरव पथ के पास नगर परिषद द्वारा कराए जा रहे छह दुकानों के निर्माण को तालाब की जमीन पर किए जाने का आरोप लगाकर दायर जनहित याचिका को मध्यप्रदेश हाईकोर्ट की जबलपुर खंडपीठ ने खारिज कर दिया है। न्यायालय ने याचिकाकर्ता पर 50 हजार की जुर्माना लगाते हुए यह राशि प्रतिवादी क्रमांक 3 को दिए जाने के निर्देश दिए हैं। कोर्ट के आदेश के बाद निर्माण कार्य को लेकर लगाए गए तालाब की जमीन संबंधी आरोपों को लेकर भी स्थिति स्पष्ट हुई है।

हाईकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति विवेक रूसिया और न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने रिट याचिका क्रमांक WP-34297-2025, विनय सिंह विरुद्ध मध्यप्रदेश राज्य एवं अन्य में सुनाया।

याचिकाकर्ता विनय सिंह की ओर से आरोप लगाया गया था कि जैतहरी के वार्ड क्रमांक 3 में खसरा नंबर 335, रकबा 0.955 हेक्टेयर की भूमि राजस्व रिकॉर्ड में तालाब के रूप में दर्ज है और इसी भूमि पर छह व्यावसायिक दुकानों का निर्माण कराया जा रहा है।

याचिका में दुकानों के निर्माण पर रोक लगाने के साथ 23 फरवरी 2024 की स्वीकृति और 14 अक्टूबर 2024 की तकनीकी स्वीकृति को निरस्त करने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता ने तर्क दिया था कि तालाब की भूमि पर निर्माण से जल निकासी, स्वच्छता, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

प्रतिवादी क्रमांक 3 की ओर से याचिकाकर्ता के आरोपों का विरोध करते हुए कहा गया कि छह दुकानों का निर्माण तालाब वाले खसरा नंबर 335 पर नहीं, बल्कि खसरा नंबर 314 की भूमि पर किया जा रहा है।

प्रतिवादी के अनुसार दुकानों के निर्माण के लिए करीब 5.50 मीटर × 20 मीटर क्षेत्र का उपयोग किया जा रहा है। खसरा नंबर 314 पर पहले से 33 दुकानें मौजूद हैं और वर्तमान निर्माण के लिए प्रेसिडेंट-इन-काउंसिल के प्रस्ताव के साथ सक्षम प्राधिकारी से तकनीकी स्वीकृति भी प्राप्त की गई है। राजस्व निरीक्षक की रिपोर्ट में निर्माण खसरा नंबर 314 पर होना पाया गया। रिपोर्ट में यह नहीं पाया गया कि छह दुकानों का निर्माण तालाब के रूप में दर्ज खसरा नंबर 335 पर किया जा रहा है।

जीआरपी व आरपीएफ की कार्रवाई, चोरी की ईएफटी बुक, टीटीई आई कार्ड व टेबलेट जब्त, आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

रेलवे सुरक्षा बल टास्क टीम-2 अनूपपुर ने जीआरपी अनूपपुर के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए चोरी के मामले की पतासाजी के दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति के पास से टैबलेट, ईएफटी बुक एवं टीटीई का आई-कार्ड, टेबलेट बरामद किया है। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 15 हजार रुपये बताई गई है।

आरपीएफ टास्क टीम-2 व जीआरपी अनूपपुर चौकी प्रभारी की संयुक्त टीम रेलवे स्टेशन अनूपपुर के प्लेटफार्म नंबर-1 पर चेकिंग कर रही थी। यह कार्रवाई जीआरपी चौकी अनूपपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 122/26, दिनांक 16 अगस्त 2026, धारा 305(सी) BNS की पतासाजी के दौरान मुखबिर की सूचना पर की गई।

चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति काले रंग का साइड बैग लेकर संदिग्ध अवस्था में मिला। पूछताछ में उसने अपना नाम सुरेन्द्र बंसल उम्र 26 वर्ष पिता मोहन बंसल, निवासी वार्ड नंबर 14 लालपुर, मनेंद्रगढ़, जिला एमसीबी, छत्तीसगढ़ बताया।

बैग की तलाशी लेने पर एक टैबलेट दो ईएफटी बुक तथा टीटीई रमेश रविन्द्र पाण्डेय का आई-कार्ड बरामद हुआ। पुलिस के अनुसार यह आई-कार्ड 15 अगस्त 2026 को ट्रेन संख्या 18257 बिलासपुर–चिरमिरी एक्सप्रेस में टीटीई की ड्यूटी के दौरान कोतमा-बिजुरी स्टेशन के बीच चोरी हुआ था।

बरामद टैबलेट, ईएफटी बुक और अन्य सामग्री को जीआरपी अनूपपुर ने विधिवत जब्त कर प्रकरण में संलग्न कर लिया है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।

महिला का डायन कहकर गाली देकर की गई मारपीट, गर्म चिमटे से जलाया गया, एसपी से हुई शिकायत

*थाना में शिकायत न सुनने का आरोप*


उमरिया

कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम रोहनिया गांव की रहने वाली सरोज बाई बैगा ने पुलिस अधीक्षक उमरिया को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है कि उसे डायन होने के शक में जबरन घर के अंदर ले जाकर बंधक बनाया गया। उससे मारपीट करके गर्म चिमटे से उंगलियां को दागने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़िता के कथनानुसार वह अपने घर के पास रास्ते में थी। इसी दौरान कौशिल्या बाई ने उसे काम के बहाने अपने घर के भीतर बुलाया। महिला का आरोप है कि जैसे ही वह घर के अंदर पहुंची, वहां पहले से निरंजन सिंह, बिहारी सिंह, वीरेन्द्र सिंह, राजेन्द्र सिंह सहित अन्य लोग मौजूद थे। शिकायत के मुताबिक आरोपियों ने उसे पकड़ लिया और उसके साथ कथित तौर पर मारपीट शुरू कर दी।

बाल पकड़कर उसे जमीन पर घसीटा गया। इसके बाद उसके साथ बेरहमी से मारपीट की गई। डायन होने का आरोप लगाया गया और गर्म चिमटे से उसकी उंगलियों को दागा गया। इस दौरान कथित तौर पर उसके साथ गाली-गलौज भी की गई। बंधक बनाए जाने के बाद उसके पति मुकेश बैगा को भी वहां बुलाया गया। इसके बाद दोनों को एक पिकअप वाहन में बैठाकर नयागांव स्थित एक पंडा के पास ले जाया गया। पीड़िता के अनुसार वहां उससे संबंधित कथित आरोपों की जांच कराई गई। महिला का दावा है कि पंडा ने उसे डायन नहीं बताया। इसके बाद दोनों को वापस लाया गया।

उसके पति का मोबाइल फोन भी छीन लिया गया, पुलिस से शिकायत करने पर महिला और उसके पति को जान से खत्म करने की धमकी दी गई। पीड़िता ने मामला दबाने के लिए पैसों का लालच दिए जाने का भी आरोप लगाया है। सरोज बाई का कहना है की उसने उमरिया कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन उसकी रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई।  मामले की निष्पक्ष जांच कराने, आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और स्वयं तथा अपने पति की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

बहन को बचाने कुँए में कूदा भाई, दोनो की हुई मौत, पुलिस मामले की जाँच में जुटी


शहडोल 

ब्यौहारी थाना क्षेत्र में भाई-बहन की कुएं में डूबने से मौत हो गई। बताया गया कि घर के पास स्थित कुएं में 13 वर्षीय शिवानी गोंड नहा रही थी। इसी दौरान पानी निकालते समय अचानक उसका पैर फिसल गया और वह कुएं में जा गिरी। बहन को डूबता देख मौके पर मौजूद उसका 14 वर्षीय भाई अमित गोंड उसे बचाने के लिए कुएं में कूद गया। हादसे में दोनों की डूबने से मौत हो गई।

ग्राम भमरहा-दो की बताई जा रही है। मृतकों की पहचान अमित सिंह गोंड, पिता उदयभान गोंड, उम्र 14 वर्ष और शिवानी गोंड, पिता उदयभान गोंड, उम्र 13 वर्ष के रूप में हुई है। हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। काफी प्रयास के बाद दोनों को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।

ग्रामीणों के मुताबिक, दोनों भाई-बहन अपने माता-पिता की इकलौती संतान थे। एक साथ दोनों बच्चों की मौत से परिवार पर द पहाड़ टूट पड़ा है। ब्यौहारी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मामले में मर्ग कायम कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए ब्यौहारी अस्पताल भेजा गया है।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में बहन के कुएं में गिरने के बाद भाई द्वारा उसे बचाने के लिए कुएं में छलांग लगाने की बात सामने आई है। पुलिस हादसे के अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे।

बाघ के शिकार एवं वन्यजीव अंगों की तस्करी के मामले में फरार आरोपी  गिरफ्तार

*छुरी, चाकू, कुल्हाड़ी पक्षी पकड़ने का जाल बरामद*


शहडोल

मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की क्षेत्रीय इकाई जबलपुर ने बाघ के शिकार एवं वन्यजीव अंगों की तस्करी से जुड़े प्रकरण में लंबे समय से फरार आरोपी शेरू पारधी को शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में वन्यजीव अपराध से संबंधित प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

एसटीएसएफ द्वारा बालाघाट में बाघ के शिकार एवं उसके अंगों की तस्करी से जुड़े प्रकरण की विवेचना की जा रही है। विवेचना के दौरान एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई, जिसके तार देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। प्रकरण में अब तक मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों से आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

फरार आरोपी शेरू पारधी की तलाश के लिए एसटीएसएफ द्वारा मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया था। सूचना प्राप्त होने के बाद विशेष टीम गठित कर 4 सितंबर को शहडोल जिले के आसपास के क्षेत्रों में भेजी गई। आरोपी की लोकेशन धनपुरी, बुढार एवं शहडोल क्षेत्र में मिलने के बाद STSF जबलपुर की टीम ने स्थानीय वन विभाग एवं पुलिस टीम के सहयोग से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी।

लगातार रेकी के बाद टीम ने आरोपी को ब्यौहारी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी की पत्नी बिनौरी बाई को भी सह-आरोपी बनाया गया है। आरोपियों के पास से छुरी, चाकू, कुल्हाड़ी तथा पक्षी पकड़ने का जाल बरामद किया गया है।

विवेचना में सामने आया है कि गिरोह द्वारा विभिन्न राज्यों में बाघों का शिकार कर उनके अंगों की तस्करी किए जाने की आशंका है। बाघ की हड्डियों एवं अन्य अवयवों को देश के पूर्वोत्तर राज्यों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क तक पहुंचाए जाने की जानकारी भी विवेचना में सामने आई है। 

चोरी हुई 49 नग डीआई पाइप आइसर ट्रक सहित जब्त 23.50 लाख मशरूका बरामद, ट्रक चालक गिरफ्तार


अनूपपुर

थाना रामनगर पुलिस ने नगर परिषद डोला की अमृत 2.0 जल प्रदाय योजना में उपयोग हेतु रखी गई 49 नग डीआई पाइप चोरी के मामले का सफल खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई पाइप बरामद की है।

04 सितंबर 2026 को उमाशंकर कुशवाहा द्वारा थाना रामनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि नगर परिषद डोला अंतर्गत बस स्टैंड के पास अमृत 2.0 जल प्रदाय योजना के लिए रखी गई 49 नग डीआई पाइप अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर ली गई हैं। चोरी गई पाइप की अनुमानित कीमत ₹3,50,350 है। रिपोर्ट पर थाना रामनगर में अपराध क्रमांक 258/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना रामनगर पुलिस ने तत्काल जांच प्रारंभ की। विवेचना के दौरान तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के साथ-साथ घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला गया। प्राप्त साक्ष्यों एवं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदेही ट्रक की पहचान कर इंदौर निवासी ट्रक चालक अंसार पटेल पिता इशाक पटेल, उम्र 55 वर्ष को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने एक अज्ञात व्यक्ति (उक्त व्यक्ति का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया है जिसकी विवेचना की जा रही है) के कहने पर नगर परिषद डोला बस स्टैंड के पास रखी डीआई पाइप ट्रक क्रमांक MP 09 GJ 7865 में लोड की थीं। आरोपी की निशानदेही पर चोरी गई 49 नग डीआई पाइप मय ट्रक के पथरौड़ी के पास से बरामद कर ली गईं हैं । आरोपी ट्रक चालक ने बताया कि जिस व्यक्ति ने ट्रक में चोरी कराकर पाइप लोड कराया था वह अपना मोबाइल बंद कर लिया था जिस कारण से यह पाइप लेकर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाया था । 

पुलिस ने 49 नग डीआई पाइप कुल अनुमानित कीमत: ₹3,50,350 ट्रक क्रमांक MP 09 GH 7865 आइसर कंपनी का कीमती करीब 20 लाख रुपए की मशरूका बरामद की है।

गुरुनानक मटकी फोड़ प्रतियोगिता में विजेता टीम को 1.51 लाख की जगह मिले 21 हजार, धार्मिक आयोजन पर छल का आरोप

*विजेता टीम पर डरा धमकाकर दबाब बनाया गया, समिति के पंजीयन पर उठे सवाल*


शहडोल

कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शहडोल के गुरुनानक चौक में आयोजित दही हांडी एवं मटकी फोड़ प्रतियोगिता अब विवादों में घिर गई है। प्रतियोगिता में विजेता बनी अनूपपुर जिले के ग्राम केल्होरी की टीम ने आयोजन समिति पर घोषित पुरस्कार राशि देने के बजाय कम राशि देकर धोखा करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर क्षेत्र में नाराजगी और चर्चा का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, गुरुनानक चौक सेवा समिति द्वारा आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹1 लाख 51 हजार की राशि घोषित की गई थी। इस प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से टीमों ने हिस्सा लिया। अनूपपुर जिले के केल्होरी गांव से पहुंची युवाओं की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मटकी फोड़कर प्रथम स्थान हासिल किया।

विजेता टीम का आरोप है कि प्रतियोगिता जीतने के बाद जब पुरस्कार वितरण का समय आया तो उन्हें घोषित ₹1.51 लाख की पूरी राशि देने के बजाय मात्र ₹21 हजार देकर रवाना कर दिया गया। टीम के सदस्यों ने अपनी घोषित पुरस्कार राशि की मांग की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।

आरोप है कि बाहर से आई युवाओं की टीम पर दबाव बनाया गया और उन्हें डराने-धमकाने के बाद शहडोल से वापस भेज दिया गया। इस घटना के बाद धार्मिक और सामाजिक आयोजन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में युवाओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि वास्तव में ₹1.51 लाख का प्रथम पुरस्कार घोषित किया गया था, तो विजेता टीम को पूरी राशि मिलनी चाहिए थी।

मामले में गुरुनानक चौक सेवा समिति के अध्यक्ष लकी साहू, उपाध्यक्ष सोनू साहू, सचिव बबलू कटारे, सोनू खान सहित आयोजन से जुड़े अन्य पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों की माने तो ही गुरुनानक चौक सेवा समिति का कोई शासकीय रिकॉर्ड वैध दस्तावेज रजिस्ट्रेशन भी शासन के रिकॉर्ड मे उपलब्ध नहीं है, समिति के पंजीयन और शासकीय रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की वैधता की जांच की मांग भी उठने लगी है। 

विजेता टीम व क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर विजेता टीम को न्याय दिलाने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की गई है। 

नौनिहालों के उंजाले नाम पर अंधेरा, 6 आंगनबाड़ियों में लगें 12  ट्यूबलाइट, 6 पंखे, 6 बोर्ड, बिल में उड़ा दिए 81 हजार

जिम्मेदारों की आंख ने बंधी पट्टी, ग्रामीणों ने की जांच की मांग


उमरिया

सरकार कहती है - आंगनबाड़ी को सशक्त बनाओ, बच्चों को रोशनी दो, लेकिन पाली जनपद की घुनघुटी ग्राम पंचायत में इसी रोशनी को बेच दिया गया। कागजों पर ऐसा उजाला दिखाया कि पोर्टल चमक उठा, लेकिन धरातल पर 6 आंगनबाड़ी केंद्र आज भी टिमटिमाती ट्यूबलाइट और टेढ़े लटके पंखे की गवाही दे रहे हैं।

मामला  15 वां वित्त आयोग की अनटाइड राशि का है। 21 जनवरी 2026 को वाउचर नंबर  एक्स व्ही एफ सी /2025-26/पी/ 10 से रामकरण लोधी के खाते में 81 हजार रुपये बिजली फिटिंग कार्य के नाम पर डाले गए हैं जो कि वास्तविक बिल से ढाई गुना से भी ज्यादा का देयक लगा कर चूना लगाने की बात उजागर हुई है , भुगतान के मद पर लिखा है  की - 4801 कैपिटल आउटले ऑन रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन, एक्टिविटी कोड 127318791 इलेक्ट्रिक कनेक्शन। नाम इतना भारी-भरकम कि कोई आम ग्रामीण समझ ही न पाए और इसी समझ के अंधेरे का फायदा उठाकर पूरा खेल कर दिया गया।

हकीकत यह है कि प्रत्येक आंगनबाड़ी में सिर्फ 2 ट्यूबलाइट, 1 पंखा और 1 बोर्ड टांगा गया है। वही बाजारू, हल्की क्वालिटी वाला सामान। एक केंद्र में 3 हजार से ज्यादा का सामान नहीं उपयोग किया गया , इस तरह घुनघुटी की 6 आंगनबाड़ी  केंद्रों के मान से  हिसाब लगाया जाये  तो वास्तविक व्यय भी अधिकतम 18 हजार रुपये व्यय बताया जाता है इस पर भी अन्य व्यय का हिसाब भी जोड लिया जाये जैसे मिस्त्री-मजदूरी सहित 25-30 हजार रूपये से अधिक किसी भी कीमत व्यय नहीं हो सकती, फिर 81 हजार का आंकड़ा कहां से आया? इस मामले में जानकर सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में  सीधा 50 हजार से ज्यादा की राशि कागजों में ही हजम कर ली गई।

यह विकास नहीं, बच्चों के भविष्य के साथ मजाक है। जिस आंगनबाड़ी में 3 से 6 साल के बच्चे पढ़ते हैं, जहां गर्भवती महिलाओं को पोषण मिलना है, वहां बिजली के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति। वाउचर में चस्पा की गई फोटो 176899281819∼81000 एच टी टी पी / 16 जे पी जी में भी वही एक-दो बोर्ड दिख रहे हैं, लेकिन पोर्टल पर अपलोड होते ही वह फोटो सरकारी ईमानदारी का प्रमाण बन गई।

सवाल सरपंच-सचिव से ही नहीं, उस पूरी निगरानी व्यवस्था से है जो ई-ग्राम स्वराज के नाम पर सिर्फ पीडीएफ अपलोड को ही विकास मान लेती है। बिना भौतिक सत्यापन के पैसा जारी कैसे हो गया? बिना बाजार दर मिलान के 81 हजार का भुगतान किसने पास किया? क्या जनपद और जिला पंचायत के तकनीकी अमले ने कभी घुनघुटी की आंगनबाड़ियों में जाकर स्विच ऑन करके देखा है?

यह घुनघुटी का अकेला किस्सा नहीं है, यह पूरे सिस्टम की सोच है - जहां आंगनबाड़ी की रोशनी से ज्यादा वाउचर की चमक जरूरी है। जहां ट्यूबलाइट की रोशनी नहीं, कमीशन की चकाचौंध देखी जाती है।

अब ग्रामीणों ने कलेक्टर उमरिया से सीधी मांग की है, की घुनघुटी ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाली जन विश्वास कार्यक्रम में कम से कम इन आंगनवाड़ी केन्द्रो का एक बार अपने  सामने तकनीकी जांच  कराते हुए  81 हजार के वाउचर का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। ग्रामीण ने कलेक्टर उमरिया से मांग की है कि सभी  6 आंगनबाड़ियों में लगी सामग्री जब्त कर उनका बाजार मूल्यांकन से तुलनात्मक परीक्षण करते हुए अधिक भुगतान की राशि और वास्तविक बाजार मूल्य के अन्तर की राशि  वसूली के साथ एफआईआर दर्ज हो। वरना यही मान लिया जाएगा कि घुनघुटी में उजाला बांटने के नाम पर अंधेरा परोसा जा रहा है और अधिकारी उसी अंधेरे में आंख बंद किए बैठे हैं।

मवेशी चराने गए चरवाहा पर भालू ने किया हमला, उपचार के दौरान हुई मौत, मिलेगा 8 लाख का मुआवजा

शहडोल 


केशवाही वन परिक्षेत्र में मवेशी चराने गए 73 वर्षीय बुजुर्ग पर मादा भालू ने हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग की मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को तत्काल 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। वहीं नियमानुसार 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

घटना केशवाही वन परिक्षेत्र के बीट कुडेली स्थित कक्ष क्रमांक आरएफ-1005 की है। बताया गया कि कुछ लोग जंगल क्षेत्र में मवेशी चरा रहे थे। इसी दौरान दो शावकों के साथ विचरण कर रही मादा भालू का सामना मवेशी चरा रहे लोगों से हो गया। भालू को देखते ही दो लोग अपने मवेशियों के साथ पीछे हट गए लेकिन 73 वर्षीय छत्रधारी साहू, निवासी ग्राम कुडेली, वहीं रह गए। इसी दौरान मादा भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया। साथ मौजूद लोगों ने शोर मचाकर भालू को भगाने का प्रयास किया। हल्ला सुनकर मादा भालू अपने दोनों शावकों के साथ जंगल की ओर भाग गई लेकिन तब तक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।

घायल बुजुर्ग को तत्काल उपचार के लिए वन विभाग की ओर से निजी वाहन की व्यवस्था कर मेडिकल कॉलेज भेजा गया लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। रेंजर अंकुर तिवारी ने मृतक के परिजनों को तत्काल 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने बताया कि नियमानुसार 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही यह राशि परिजनों को उपलब्ध कराई जाएगी।

मवेशियों के साथ सड़क पर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा भारी, जिला पंचायत सदस्य व अन्य पर मामला दर्ज


शहडोल

ब्यौहारी क्षेत्र में आवारा मवेशियों की समस्या और गौशाला (कांजी हाउस) निर्माण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करना भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य दुर्गेश तिवारी समेत अन्य लोगों को महंगा पड़ गया। देवलोंद पुलिस ने तहसीलदार की शिकायत पर उनके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, यातायात बाधित करने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।

जनपद पंचायत ब्यौहारी क्षेत्र में बड़ी संख्या में निराश्रित मवेशियों के कारण किसान परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आवारा मवेशी खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी समस्या को लेकर कांजी हाउस निर्माण की मांग उठाते हुए भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य दुर्गेश तिवारी की अगुवाई में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मवेशियों को हांककर लोग ब्यौहारी तहसील का घेराव करने के लिए निकल पड़े। मवेशियों की संख्या अधिक होने के कारण सड़क पर भीड़ की स्थिति बन गई और यातायात भी प्रभावित हुआ।

पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोकने का प्रयास किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान सड़क पर बड़ी संख्या में मवेशियों को लाए जाने से आम रास्ता और यातायात बाधित हुआ। पुलिस का यह भी कहना है कि इस दौरान कुछ मवेशी बेहोश भी हो गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अंधी हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व कपड़े बरामद


अनूपपुर

डायल 112 कन्ट्रोल रूम द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम गोडारू के जंगल में एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति की लाश पड़ी है,जिसके सिर में चोटे हैं । पुलिस टीम तत्काल घटना स्थल की ओर रवाना हुए और मौके पर पहुंचकर विवेचना कार्यवाही प्रारंभ की। किसी अज्ञात व्यक्ति ने मृतक स्वामी सिंह गोंड उम्र 55 वर्ष निवासी ग्राम गोडारू की हत्या धारदार हथियार से सिर व चेहरे में चोटे कारित कर की थी। एसपी के निर्देश से थाना प्रभारी कोतमा के नेतृत्व में इस अंधी हत्या का खुलासा करने के लिये एक विशेष टीम गठित की गई । 

थाना कोतमा की पुलिस टीम के साथ ग्राम गोडारू में रात भर कैम्प किया। ग्रामीणों से चर्चा कर अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करके यह जानकारी प्राप्त की गई कि ग्राम गोडारू के ही श्यामसुंदर महरा पिता रामप्रसाद महरा का मृतक के साथ जमीन को लेकर एवं मृतक की पत्नी का सुगाबंदी संदेह को लेकर पूर्व में 02-03 बार वाद विवाद हो चुका था। यह जानकारी मिलने पर जब श्याम सुंदर महरा की पतासाजी की गई तो वह अपने घर से गायब मिला। पुलिस टीम ने संदेही श्याम सुंदर को ग्राम गोडारू के जंगल से पकड़कर अभिरक्षा में लिया। पूछताछ करने पर श्याम सुंदर महरा ने बताया की मृतक एवं आरोपी श्यामशुन्दर महरा का आपस में वाद विवाद हुआ था जिसमें  आरोपी ने मृतक स्वामी सिंह गोंड़ पर कुल्हाड़ी से चेहरे और सिर पर प्राण घातक प्रहार किए जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई । आरोपी के द्वारा घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी एवं घटना  के समय आरोपी द्वारा पहने हुए कपड़े जिसपर खून के छींटे पड़े थे, अपने घर पर छिपा दिया था,जिसको उसके घर से जप्त किया गया । आरोपी श्याम सुंदर महरा पिता रामप्रसाद महरा उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम गोड़ारू को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया है।

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