स्वयंसेवक शोधछात्रों ने दोषी प्रोफेसरों पर FIR दर्ज करने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री से लगाईं गुहार

*गैरजमानती धाराओं पर मामला दर्ज, FIR के तथ्य विरोधाभासी व झूठ का पुलिंदा*


अनूपपुर

स्वयंसेवक शोध छात्रों को जिन्हें पीएचडी कोर्स से बर्खास्त करके, हॉस्टल से बाहर निकाल दिया गया है, साथ ही उनके विरुद्ध झूठी प्राथमिक की अमरकंटक थाने में दर्ज कर दी गई है। इन सभी स्वयंसेवको की शाखा लगाने की समान भागवा ध्वज, झंडा की पिलर एवं सभी सामान को छात्रावास अधीक्षकों ने जप्त कर लिया है। इनके कमरों लगी भारत माता की फोटो को हॉस्टल के कमरों से फाड़कर उसे जला दिया है। इन सभी घटना से दुखी सभी शोध छात्रों आर्यन कुमार गर्ग, सुरेश यादव, अभय यादव, ब्रिजेश यादव, राहुल कुमार पाल, दयाशंकर मिश्रा, रितिक कुमार, अनिकेत सिंह, शिवेन्द्र कुमार तिवारी, कुमार मंगलम ने आज महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी शिक्षा मंत्री  धर्मेंद्र प्रधान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव तथा जिलाधीश जिला अनूपपुर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौपा है। 

*प्रोफेसर होंगे बर्खास्त*

शोध छात्रों ने बताया की भारत सरकार के सीसीएस रूल की धारा 7 एवं भारत सरकार के डीओपीटी तथा यूजीसी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार शासकीय सेवा में कार्यरत प्रोफेसर या लोक सेवक एक साथ एकत्रित होकर आंदोलन, धरना, प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं। ऐसा पाए जाने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही मोबलीचिंग के साथ इकट्ठा होने पर उनकी बर्खास्तगी होना तय है। ज्ञात हो की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय एक्ट में तथा इसके ऑर्डिनेंस में टीचर एसोसिएशन बनाने का कोई प्रावधान नहीं है, जब एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है तब इस प्रकार का गैर-सरकारी संगठन बनाकर उसके बैनर तले इकट्ठा होकर धरना प्रदर्शन करके छात्रों पर फर्जी और झूठी एफआईआर लिखवाने तथा उन्हें बर्खास्त करवाने के लिए की गई कार्रवाई अपने आप में छात्र विरोधी और राष्ट्र विरोधी गतिविधि को प्रमाणित करता है। इस मामले में छात्रों ने सभी वीडियो, व्हाट्सएप पर की गई चैटिंग तथा फोटोग्राफ्स को भी संलग्न करके भेजा गया है। इसकी प्रतिलिपि कार्य परिषद के सदस्य तथा छत्तीसगढ़ भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री  मोरध्वज पैकरा को भी दिया गया है, मध्यप्रदेश और छग के दो दर्जन सांसद महामहिम राष्ट्रपति से मिलकर दोषी शिक्षकों के विरुद्ध विजिटर के रूप में राष्ट्रपति को अधिकृत पावर के तहत इन दोषी कठोर कार्यवाही की मांग कर ऐसी घटना की पुनरावृति को रोकने की अपील करेंगे। 

*करवाया जा रहा है झूठी शिकायत*

धर्मांतरित हुए छात्र तथा उसके अन्य सहयोगी कम्युनिस्ट विचारधारा के एससी-एसटी छात्रों द्वारा कुलपति के ईमेल पर राष्ट्रवादी लोगों के विरुद्ध झूठी शिकायत प्रेषित की जा रही है ताकि कुलपति से जाँच कमेटी बनवाकर उन्हें भी फसाया जा सकें, प्रशासन के नजदीकी कुछ प्रोफेसरों द्वारा चोरी करके प्राप्त दस्तावेजों का हाईकोर्ट में झूठी केश करने की पोल खुल गई है, । धर्मांतरित हुए छात्र  हॉस्टल में अवैध कार्यों को लगातार अंजाम दे रहे हैं तथा इसकी पर्याप्त साक्ष्य भी मौजूद है, डॉ. चार्ल्स वर्गीज, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. मनोहर, डॉ. सुगंधे, प्रो भुमिनाथ सहित लगभग 10 शिक्षकों द्वारा संगठित आपराधिक षड्यंत्र रचकर निर्दोष के करियर को क्षति पहुँचाने हेतु अवैध कार्य के लिए समझौता करने, करियर खराब करने या जान-माल को नुकसान पहुँचाने की धमकी देने, धर्म, जाति, या समुदाय के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देकर और सद्भाव बिगाड़ने वाले कार्य करने, षड्यंत्र के तहत झूठा लांछन लगाकर करियर को बदनाम करने, नुकसान पहुँचाने के इरादे से झूठा केस दर्ज करवाने, पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी FIR रिपोर्ट लिखवाने, झूठे साक्ष्य गढ़ना तथा झूठी गवाही देने, झूठे केस के कारण प्रतिष्ठा धूमिल करने, भारत सरकार के प्रचलित सेवा नियमों के विरुद्ध जाकर सामूहिक रूप से धरना, प्रदर्शन एवं आंदोलन करके सेवा आचरण के विरुद्ध कार्य करने, विश्वविद्यालय अधिनियम, ऑर्डिनेंस एवं स्टेट्यूट के प्रावधानों के विरुद्ध जाकर गैर-शासकीय एसोसिएशन (NGO) का गठन कर अवैधानिक कार्य करने, छात्रों के लिए बने हुए हॉस्टल में अवैध रूप से आबंटित करवाकर छात्रों के हक़ के विपरीत रहने के मामले में कानूनी कार्यवाही करने तथा एफआईआर रिपोर्ट दर्ज कर निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा उनके विरुद्ध विधि अनुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की माँग छात्रों ने किया है।

*गैरजमानती धाराओं का FIR दर्ज*

जनजातीय विवि के शोध छात्र एवं आरएसएस के विभिन्न दायित्व में राष्ट्र सेवा कर रहे आर्यन कुमार गर्ग, सुरेश यादव, अभय यादव, ब्रिजेश यादव, राहुल कुमार पाल, दयाशंकर मिश्रा, रितिक कुमार, अनिकेत सिंह, शिवेन्द्र कुमार तिवारी, कुमार मंगलम पर अपराध क्रमांक प्र.सू.रि.सं. 0048 दिनाँक 21/03/2026 को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 126(2), 296, 351(3), 3(5) के तहत अमरकंटक थाना में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है, इस एफआईआर में शोध छात्र जय गणेश दीक्षित का भी नाम है। चार्ल्स वर्गीस पिता सी. के. वर्गीस ने एफआईआर दर्ज करवाई है, एफआईआर में उल्लेख है की- ‘सुबह मेरा पड़ोसी डक्टर अनीता शर्मा ने मुझे बताई कि रात में करीब 9 बजे ट्रांजिट आवास में आकर आपके मकान संख्या 24 जो बंद था जिसमे जोर से धक्का मारने की आवाज सुनकर मैं अपने क्वार्टर से बाहर निकली।

*FIR के तथ्य विरोधाभासी व झूठ का पुलिंदा* 

एफआईआर दर्ज करने वालों ने पुलिस को सच्चाई नहीं बताई है, छात्र जिस ओबीसी ट्रांसिट हॉस्टल में रात में गए थे, वह शिक्षकों का रेजिडेंट नहीं बल्कि छात्रों के रहने के लिए बना हुआ छात्रावास है, विवि प्रशासन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार को 200 ओबीसी छात्रों के सूची बनाकर भारत सरकार को और मध्य प्रदेश सरकार को भेजा है कि उस ट्रांजिट हॉस्टल में ओबीसी छात्र रहते हैं, जबकि एफआईआर बताता है कि उसमें डॉ चार्ल्स वर्गीज तथा 40 अन्य परिवार रहता है। सवाल यह है कि जब छात्रावास अधीक्षक स्वयं छात्रावास पर कब्जा कर लिए हैं तथा विवि प्रशासन छात्रावास को रेजिडेंस के रूप में दस्तावेज सौपकर भारत सरकार और मध्य प्रदेश शासन को धोखा दिया है, और इससे सम्पूर्ण एफआईआर स्वमेव झूठी सिद्ध हो जाती है, शिकायतकर्ता और विवि प्रशासन पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाने, छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और भारत सरकार के साथ धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज होना चाहिए। इस कारण से यह मामला अब बेहद संगीन हो गया है।सुत्रों के अनुसार एफआईआर में जिस डॉक्टर अनीता शर्मा का नाम लिखा गया है, वह अब पलट गई है कह रही है की मैंने ऐसी कोई भी बात डॉक्टर चार्ल्स को नहीं बताया है, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है और अब इस एफआईआर का खात्मा होगा तथा झूठी एफआईआर दर्ज करवाने वालों पर ही झूठ एफआईआर लिखवाने, भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार की ओबीसी लाभार्थी छात्रों के साथ धोखा देने का मामला दर्ज हो सकता है।

सात साल पुराने मामले में कोर्ट का फैसला, पूर्व पार्षद के नाबालिग बेटे के हत्यारे को उम्रकैद की सजा


शहडोल

सराफा व्यापारी और शहडोल के पूर्व पार्षद के नाबालिग बेटे की हत्या के सात साल पुराने सनसनीखेज मामले में विशेष न्यायालय (अजा-जजा) शहडोल ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी धनराज समुद्रे उर्फ अप्पू को विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए अलग-अलग उम्रकैद की सजा और अर्थदंड से दंडित किया है।

कोर्ट ने आरोपी को भादंवि की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये अर्थदंड, धारा 364 में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड, धारा 397 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 भादंवि एवं 25(1-बी) आयुध अधिनियम में 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। प्रकरण में अभियोजन की ओर से उपनिदेशक अभियोजन एस.एल. कोष्टा ने पैरवी की।

मामला 30 दिसंबर 2019 का है, जब फरियादी अजय सोनी ने थाना कोतवाली में सूचना दी कि उनका 15 वर्षीय पुत्र अक्षत सोनी दोपहर में घर से मोबाइल लेकर निकला था, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान कायम कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान गवाहों के बयान और संदेह के आधार पर आरोपी धनराज उर्फ अप्पू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अक्षत को मोटरसाइकिल से मुड़ना नदी कल्याणपुर ले गया, जहां सोने की चेन, मोबाइल और अन्य सामान लूटने के बाद धारदार चाकू से उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया था।

आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने शव बरामद किया था। पोस्टमॉर्टम में गले पर धारदार हथियार से गहरी चोट पाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, जब्त हथियार और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चालान न्यायालय में पेश किया। प्रकरण में अभियोजन पक्ष द्वारा 21 साक्षियों और 40 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। सभी साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर न्यायालय ने मामले को जघन्य एवं गंभीर मानते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

अवैध रेत, मुरुम व मिट्टी परिवहन, उत्तखनन पर 7 ट्रैक्टर-ट्रॉली जप्त, 3 आरोपी गिरफ्तार

*पुलिस व खनिज विभाग की संयुक्त कार्यवाही*


शहडोल

जिले में अवैध रेत और मिट्टी उत्खनन के खिलाफ प्रशासन और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई लगातार जारी है। इसी कड़ी में ब्यौहारी थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध रेत उत्खनन कर परिवहन करते दो ट्रैक्टरों को जब्त कर चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं खनिज विभाग ने अलग कार्रवाई करते हुए मिट्टी और मुरुम का अवैध परिवहन करते तीन ट्रैक्टर जब्त किए हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह नोडिया और उकसा झापर नदी से अवैध रूप से रेत उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा था। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कार्रवाई करते हुए रेत से भरे दो ट्रैक्टरों को जब्त कर लिया। इस कार्रवाई में उप निरीक्षक सुरेश कुमार रैदास की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

पुलिस ने ट्रैक्टर चालक जय कुमार कोल एवं वाहन मालिक शंकर दयाल नापित के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं दूसरे ट्रैक्टर के चालक मनोज उर्फ बब्बू लाल कोल और वाहन मालिक आशीष तिवारी के खिलाफ खनिज अधिनियम एवं अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई की गई है। पुलिस ने दोनों ट्रैक्टर जब्त कर आगे की जांच शुरू कर दी है।

इधर खनिज विभाग शहडोल ने भी अवैध उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करते हुए ब्यौहारी तहसील के देवगांव क्षेत्र में मिट्टी व मुरुम का अवैध उत्खनन और परिवहन करते तीन ट्रैक्टरों को जब्त किया है। यह कार्रवाई कलेक्टर के निर्देशन में खनिज अधिकारी राहुल शांडिल्य के मार्गदर्शन में की गई।

निरीक्षण के दौरान खनिज विभाग की टीम ने तीन ट्रैक्टरों को रोका, जिनमें अवैध रूप से मिट्टी और मुरुम का परिवहन किया जा रहा था। जांच के दौरान वाहन चालकों से दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद विभाग ने कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर जब्त कर लिए।

इस मामले में वाहन चालक राजभान सिंह, दिप्पू कोल और धर्मेंद्र कोल तथा वाहन मालिक बीरेंद्र वर्मा, विजय शंकर चतुर्वेदी और सत्यम चतुर्वेदी के खिलाफ कार्रवाई की गई है। खनिज अमले ने तीनों जब्त ट्रैक्टरों को ब्यौहारी थाने में सुरक्षित खड़ा करा दिया है। प्रशासन ने अवैध उत्खनन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।

*2 ट्रैक्टर ट्रॉली जप्त, तीन आरोपी गिरफ्तार*


अनूपपुर कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा ग्राम पंगना से लाल रंग की महिंद्रा ट्रेक्टर के ट्राली में लोड रेत अवैध परिवहन करते हुए रंगे हाथो पकड़ा जाकर ट्रेक्टर चालक मोहन सिहं पिता देवलाल सिहं उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम पंगना, ट्रेक्टर ट्राली के मालिक कुमान सिहं पिता रम्मू सिहं निवासी ग्राम पंगना जिला अनूपपुर एवं रेत चोरी के लिए ट्रेक्टल ट्राली लगवाने वाले सुलोचन सिहं पिता साधू सिहं निवासी ग्राम पंगना के विरूद्ध थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 184/26 धारा 303(2), 317(5), 3(5) बी.एन.एस.4/21 खान खनिज अधिनियम 130(3)/177 एम.वी.एक्ट का पंजीबद्ध किया जाकर अवैध रेत एवं परिवहन में उपयुक्त ट्रेक्टर ट्राली कुल कीमती 7,03,000 रूपये की जप्त किया जाकर तीनो आरोपियो को गिरफ्तार किया गया है।

सहकारी उचित मूल्य दुकान के प्रबंधक सह विक्रेता ने किया, 162 व 440 क्विंटल चावल का किया गबन

*23.43 लाख की चोरी, मामला दर्ज, न्यायालय ने भेजा जेल*


उमरिया

जिले के पाली थाना अंतर्गत कुशमहा खुर्द में सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बड़ा घोटाला सामने आया है, जिसने प्रशासन और आम जनता दोनों को चौंका दिया है। गरीबों के हक का राशन हड़पने के आरोप में शासकीय उचित मूल्य दुकान कुशमहाखुर्द के तत्कालीन प्रबंधक सह विक्रेता गुलाब चंद सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह पूरा मामला तब उजागर हुआ जब ग्रामीणों ने कलेक्टर और खाद्य विभाग के पास शिकायत किया हालांकि ग्रामीण 8 माह से लगातार शिकायत करते रहे लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया, बाद में कलेक्टर खाद्य ने कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जागृति प्रजापति को पूरे मामले की जांच सौंपी, जिसकी जांच करने कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जागृति प्रजापति मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के बयान दर्ज की, तब लोगों ने जो बताया उसको सुन कर पैरों तले जमीन खिसक गई। शासन द्वारा गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले एव अति गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले लोगों को निःशुल्क खाद्यान्न सहकारी समितियों, महिला बहुउद्देशीय संस्थाओं एवं उपभोक्ता भंडार के माध्यम से खाद्यान्न वितरित करवाया जाता है और पाली जनपद पंचायत अंतर्गत आने वाले ग्राम कुशमहा खुर्द में महिला बहुउद्देशीय संस्था के तत्कालीन प्रबंधक सह विक्रेता गुलाब चंद द्वारा सात माह का खाद्यान्न ही गरीबों को नहीं दिया गया।

सभी राशन दुकान का हर सप्ताह या 15 दिन में सभी दुकानों की आन लाइन समीक्षा की जाती है और शासन द्वारा सभी दुकानों को पी ओ एस मशीन दी गई है जो आन लाइन होती है और उसके माध्यम से किस दुकान में कितना लेन देन हुआ उसका लेखा - जोखा खाद्य विभाग को रखना पड़ता है क्योंकि राशन दुकानों से वितरित होने वाला राशन खाद्य विभाग का ही होता है। सबसे बड़ी बात तो यह है कि पाली क्षेत्र के जिम्मेदार सहायक आपूर्ति अधिकारी ने कभी अपने दायित्व का निर्वहन ही नहीं किया।

कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जागृति प्रजापति ने बताया कि जांच के दौरान सहकारी उचित मूल्य दुकान कुशमहा खुर्द के प्रबंधक सह विक्रेता गुलाब चंद नापित द्वारा जून 2025 से जनवरी 2026 तक 162 क्विंटल से अधिक गेहूं, 440 क्विंटल से अधिक चावल, नमक, शक्कर जो पी डी एस और एम डी एम का शामिल रहा, सभी की कीमत 23 लाख 43 हजार 811 रुपए होती है, का गबन किया गया, हितग्राहियों से पी ओ एस मशीन में फिंगर लगवा लिया गया और उनको खाद्यान्न नहीं दिया गया, जिसका गबन गुलाब चंद नापित द्वारा कर लिया गया, सारे मामले को कलेक्टर उमरिया के समक्ष प्रस्तुत किया गया जिस पर उनके द्वारा एफ आई आर करवाने का निर्देश दिया गया और उनके निर्देश पर थाना पाली में एफ आई आर दर्ज करवाया गया। इतना ही नहीं ग्रामीणों ने यह भी बताया कि महीने में एक दिन दुकान खुलती थी और सभी से अंगूठा लगवा लिया जाता था और अनाज नहीं दिया जाता था, कुछ हितग्राहियों के घर घर जाकर परची निकाल ली जाती थी।

पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि विभागीय अधिकारियों की शिकायत पर गुलाब चंद के विरुद्ध गबन का मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है। हालांकि जांच के बाद प्रशासन ने दुकान को निलंबित कर दिया है। प्रबंधक सह विक्रेता गुलाब चंद को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से जेल भेज दिया गया।

बिजली विभाग की टीम पर जानलेवा हमला, कार से जेई की खड़ी बोलेरो को मारी टक्कर, मामला दर्ज


शहडोल

बुढार वितरण केंद्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गिरवा में सोमवार को राजस्व वसूली के दौरान एक बड़ी वारदात सामने आई है। ड्यूटी पर तैनात कनिष्ठ अभियंता जेई विकाश गोन्दुडे की खड़ी विभागीय बोलेरो को एक नशेड़ी कार चालक ने सामने से जोरदार टक्कर मार दी। घटना के वक्त जेई स्वयं गाड़ी के भीतर मौजूद थे, जो इस हमले में बाल-बाल बचे।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब बिजली विभाग की टीम बकाया राशि की वसूली कर रही थी, तभी आरोपी पवन यादव ने अपनी कार MP18C6225 से सरकारी वाहन को निशाना बनाया। टक्कर मारने के बाद आरोपी मौके से भाग निकला। जब टीम ने उसका पीछा किया, तो आरोपी के साथी नितिन रजक ने लाठी निकालकर कर्मचारियों को सरेआम धमकी दी की, यदि कोई दोबारा 'बिरुहुली' क्षेत्र में काम करने आया, तो वह उनके ऊपर गाड़ी चढ़ा देगा।

सरकारी कर्मचारियों पर हमले और शासकीय कार्य में बाधा डालने के इस गंभीर मामले को देखते हुए अमलाई पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संगीन धाराओं 281 लापरवाही से वाहन चलाना, 132 सरकारी काम में बाधा डालना और अधिकारी पर हमला, 351(3) जान से मारने की धमकी देना, 324(4) सरकारी संपत्ति (वाहन) को नुकसान पहुँचाना के तहत मामला दर्ज किया है। जेई विकाश गोन्दुडे ने बताया कि इस प्रकार की घटनाओं से फील्ड में काम करने वाले कर्मचारियों का मनोबल गिरता है। पुलिस अब आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।

नपा पर गंभीर आरोप 181 शिकायत बिना निराकरण के बंद, 10 मीटर नाली के लिए 15 लाख का एस्टीमेट

*पीड़ित ने उठाई जांच की मांग*


अनूपपुर

जिला मुख्यालय की नगर पालिका परिषद एक बार फिर कार्यप्रणाली को लेकर सवालों के घेरे में है। वार्ड क्रमांक 9 के  भूमि स्वामीके पुत्र भगवान दास मिश्रा ने आरोप लगाया है कि उनकी जमीन (खसरा नंबर 835) में नगर का निस्तारण पानी वर्षों से डाला जा रहा है, जिससे उनकी भूमि तालाब में तब्दील हो गई है।

पीड़ित के अनुसार, इस समस्या को लेकर उन्होंने कई वर्षों से मौखिक शिकायतें कीं, लेकिन हर बार सीएमओ द्वारा नाली निर्माण का आश्वासन देकर मामला टाल दिया गया। मजबूर होकर उन्होंने 12 फरवरी 2026 को सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत क्रमांक 36 7200 14 दर्ज कराई।

मिश्रा का कहना है कि शिकायत दर्ज होने के बाद भी कोई स्थलीय कार्यवाही नहीं की गई। उल्टा नगर पालिका के इंजीनियर पांडेय द्वारा फोन कर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया गया और नाली निर्माण का भरोसा दिया गया।

जब शिकायतकर्ता ने कहा कि मात्र 10 मीटर पक्की नाली बना देने से समस्या का समाधान हो जाएगा, तब भी कोई कार्यवाही नहीं हुई। आरोप है कि बाद में शिकायत को जबरन बंद कर दिया गया और यह कहा गया कि 20 तारीख तक ग्रेडिंग है, उसके बाद दोबारा शिकायत कर देना।

मामले में सबसे चौंकाने वाली बात तब सामने आई जब सीएम हेल्पलाइन से संपर्क करने पर जानकारी मिली कि नगर पालिका द्वारा इस कार्य के लिए 15 लाख रुपये से अधिक का एस्टीमेट दर्शाया गया है, जिसे परिषद की बैठक में स्वीकृति के बाद ही कार्य होगा।

जबकि शिकायतकर्ता का कहना है कि 10 मीटर नाली निर्माण का खर्च अधिकतम 40 से 50 हजार रुपये ही हो सकता है। ऐसे में लाखों का एस्टीमेट दिखाना गंभीर अनियमितता और योजना के दुरुपयोग की ओर इशारा करता है।

इस पूरे घटनाक्रम ने मध्य प्रदेश शासन की महत्वाकांक्षी सीएम हेल्पलाइन 181 योजना की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना समाधान के शिकायत बंद करना और आंकड़ों में हेरफेर कर मामले को दबाने की कोशिश करना, आम जनता के विश्वास को ठेस पहुंचाने वाला है। पीड़ित ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।

मंत्री के लिए अमर्यादित भाषा व 40 हजार लेने के मामले में भाजपा ने जारी किया मंडल अध्यक्ष को नोटिस

*भाजपा जिला महामंत्री ने तीन दिन में मांगा जबाब*


अनूपपुर

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अनूपपुर मंडल अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी से जुड़ा एक  वायरल ऑडियो इन दिनों जिले से लेकर प्रदेश भर के मीडिया ,सोशल मीडिया के साथ आमजन मानस के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। 

पक्ष, विपक्ष में बैठे लोग भारतीय जनता पार्टी की सरकार एवं सत्ता, संगठन के जिम्मेदारों की कार्यशैली पर विभिन्न तरह के आरोप, प्रत्यारोप ,व कयास लगाते हुए देखे जा रहे।

इतना ही नहीं मंडल अध्यक्ष के इस घिनौने कृत्य से जहां एक ओर गंगाजल जैसे शुद्ध पार्टी के ऊपर कालिख लग रही वहीं दूसरी ओर भाजपा के प्रति आमजन मानसिक विश्वास उठता हुआ दिखाई दे रहा के मामले को गंभीरता से लेते हुए भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने मंडल अध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

बताया जा रहा है कि वायरल ऑडियो में एक महिला के ट्रांसफर के नाम पर ₹40,000 की राशि लेने और इसके बावजूद कार्य न कराने के साथ मप्र के भाजपा सरकार के मंत्री अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार को अमर्यादित भाषा का उपयोग करते हुए कलेक्टर अनूपपुर को भी अमर्यादित ट्रीट किए जाने के आरोप सामने आए हैं। साथ ही ऑडियो में सत्ताधारी पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों, प्रभारी मंत्री और कलेक्टर के संदर्भ में आपत्तिजनक शब्दों के इस्तेमाल जनहित में तरह तरह के सवाल खड़े कर रहे को मद्देनजर रखते हुए

मामले को संज्ञान में लेकर जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने 21 मार्च को कारण बताओ नोटिस जारी कर मंडल अध्यक्ष से तीन दिवस के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। नोटिस में वायरल ऑडियो की सत्यता और आरोपों पर स्पष्ट जवाब देने के निर्देश दिए गए हैं।

भाजपा संगठन ने इस मामले को गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में रखा है और स्पष्ट किया है कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर आगे की कार्रवाई की जा सकती है। अब नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मंडल अध्यक्ष बृजेश चतुर्वेदी इस नोटिस का क्या जवाब देते हैं और संगठन आगे क्या रुख अपनाता है। यह मामला क्षेत्रीय राजनीति में चर्चा का केंद्र बना हुआ है।

अवैध रेत उत्तखनन के समय खनिज विभाग ने मारा छापा, ट्रैक्टर पलटा, 8 मजदूर घायल, अस्पताल में भर्ती


*3 की हालत गंभीर*

शहडोल

संभागीय मुख्यालय से लगे सोहागपुर थाना क्षेत्र के बिजौरी का है, जहां अवैध रेत उत्खनन के दौरान माइनिंग टीम के आने की सूचना मिलते ही भगदड़ मच गई और रेत से भरा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ट्रैक्टर में सवार करीब 8 मजदूर गंभीर रूप से घायल हो गए, जिनमें से 3 की हालत नाजुक बताई जा रही है। सभी घायलों का इलाज जिले के एक निजी अस्पताल में चल रहा। 

घायलों में अमन बैगा पिता जग्गू बैगा, दैय्या पिता बिसाहू (50 वर्ष), रनिया पति गुड्डू, बुदनी पति लल्लू, शनि पिता रामचंद्र (17 वर्ष), संतु पिता डेलू (16 वर्ष), गणेश पिता दीनदयाल और सूरज पिता बबलू (24 वर्ष) शामिल हैं। हादसे के बाद रेत माफिया और सहयोगियों ने पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए घायलों को जिला अस्पताल न ले जाकर सीधे संभाग के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां सभी का इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार गणेश समेत तीन मजदूरों की हालत बेहद गंभीर बनी हुई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजौरी स्थित नदी से लंबे समय से अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का खेल जारी है। घटना के समय भी मजदूर ट्रैक्टर में रेत लोड कर रहे थे। तभी माइनिंग टीम की कार्रवाई की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। इसी दौरान मजदूरों से भरा ट्रैक्टर तेजी से भागने लगा, लेकिन चालक संतुलन खो बैठा और ट्रैक्टर पलट गया, जिससे मजदूर उसकी चपेट में आ गए।  

गौरतलब है कि शहडोल जिले के लगभग सभी नदी-नालों से रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन बेखौफ जारी है। सबसे बड़ी बात यह है कि संभागीय मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के कार्यालय और निवास होने के बावजूद यह काला कारोबार खुलेआम चल रहा है। पहले भी रेत माफिया के कारण कई गंभीर घटनाएं हो चुकी हैं, जिनमें एक पटवारी और एक पुलिस एएसआई की कुचलकर मौत तक हो चुकी है, जबकि कई बार तहसीलदार, फॉरेस्ट और माइनिंग टीम पर हमले भी हो चुके हैं। इसके बावजूद पुलिस और संबंधित विभाग प्रभावी कार्रवाई करने में नाकाम नजर आ रहे हैं। नतीजा यह है कि अवैध रेत खनन का यह कारोबार अब सीधे तौर पर लोगों की जान पर भारी पड़ रहा है और प्रशासन किसी बड़ी घटना का इंतजार करता दिख रहा है।

पुत्र ने की थी माँ की हत्या, पुलिस ने अंधी हत्या का किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार 


अनूपपुर

18 मार्च 2026 को जरिये मोबाईल सूचना मिली की ग्राम बरबसपुर खेत में एक महिला का शव पडा हुआ है, थाना प्रभारी भालूमाडा उप निरी. डी.एस. बागरी अपने स्टाफ के साथ तत्काल रवाना होकर सूचना की तस्दीक की गई तो ग्राम बरबसपुर में डुग्गी तालाब के पास चूडामणि केवट के खेत में एक महिला का शव पडा हुआ पाया गया, जिसकी पहचान नंसी बाई यादव पति भगवान दास उर्फ लल्लू यादव उम्र 50 वर्ष निवासी ग्राम बरबसपुर थाना भालूमाडा जिला अनूपपुर के रुप में हुई। मौके पर मृतिका के पुत्र बब्बी यादव की सूचना पर जीरो पर मर्ग इंटीमेशन कायम कर मृतिका के शव का पंचनामा कार्यवाही कर शव का पीएम कराया गया, डाक्टर द्वारा पीएम रिपोर्ट में मृतिका की मृत्यु गले में रस्सी या साडी के फंदे से दबाने के कारण श्वांस अवरुद्ध होने से  मृत्यु होना लेख किया, मर्ग जांच पर अज्ञात आरोपी के विरूद्ध थाना भालूमाडा में अप.क्र. 86/2026 धारा 103(1) बीएनएस का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया । 

हत्या जैसे गंभीर जाघन्य अपराध विशेष टीम गठित कर अज्ञात आरोपी की पता तलास की गई एवं विश्वस सूत्रों से मिली जानकारी के आधार  पर, मृतिका नंसी बाई यादव के बडा पुत्र संदेही हरिश्चन्द्र उर्फ बियानू यादव पिता भगवान दास उर्फ लल्लू यादव उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम बरबसपुर से पूछताछ किया गया, पूछताछ पर उक्त संदेही ने अपनी माँ नंसी बाई यादव को रोज शराब पीने एवं इधर उधर घूमने से मना करने पर, नही मानने के कारण एवं भूमि संबंधी कागजात रख लेने भूमि का हिस्सा बांट नही करने एवं भूमि बेंचने से इंकार करने पर गुस्सा होकर,  16 मार्च 2026 की रात्रि 12 बजे से 01 बजे के बीच जब मृतिका नंसी बाई अपने घर में शराब के नशे में सो रही थी, तब उसी के पहने हुए साडी कपडा से हत्या करने के नियत से मुंह दबाकर हत्या कर देना और हत्या के आरोप से बचने के लिए मृतिका के शव को रात्रि में ही अपने कंधे में उठा कर ले जाकर घर से लगभग 800 मीटर की दूरी डुग्गी तालाब के पास चूडामणि के खेत में लाश को ठिकाने लगा देना बताया, स्वतः आरोपी ने अपराध घटित करना स्वीकार किया। आरोपी के विरूद्ध हत्या के पर्याप्त सबूत एवं वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्रित कर उक्त अपराध धारा में आरोपी हरिश्चन्द्र उर्फ बियानू यादव पिता भगवान दास यादव उर्फ लल्लू उम्र 27 वर्ष निवासी बरबसपुर को गिरफ्तार किया गया है।

नगर परिषद की जेसीबी से उपाध्यक्ष करा रहा है कॉलरी के खदान से अवैध मिट्टी का अवैध खनन, परिवहन

रेलवे स्टेशन में 10 लाख का है ठेका, पार्षदो व स्थानीय लोगो ने जताया विरोध, कार्यवाही की मांग*


अनूपपुर

जिले के अमलाई क्षेत्र में एक बार फिर अवैध उत्खनन का मामला सामने आया है। आरोप है कि कोल इंडिया की खदानों से अवैध रूप से ओवरबर्डन (ऊपरी परत की मिट्टी) निकालकर अमलाई रेलवे स्टेशन में बन रहे प्लेटफॉर्म निर्माण कार्य में डाली जा रही थी। यह काम पिछले दो दिनों से लगातार चल रहा था। इस पूरे मामले में नगर परिषद बरगवां-अमलाई की जेसीबी मशीन लगाए जाने की भी बात सामने आई है, जिससे मामला और गंभीर हो गया है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कोल इंडिया की खदानों से बिना अनुमति मिट्टी की निकासी कर उसे ट्रैक्टर और मेटाडोर के माध्यम से रेलवे स्टेशन तक पहुंचाया जा रहा था। बताया जा रहा है कि रेलवे स्टेशन में मिट्टी भराई का करीब 8 से 10 लाख रुपए का ठेका लिया गया है और उसी के तहत यह काम कराया जा रहा था। आरोप है कि यह पूरा कार्य नगर परिषद बरगवां-अमलाई के उपाध्यक्ष राज तिवारी के इशारे पर कराया जा रहा था। जिस पर पार्षद और भाजपा नेता पवन चीनी समेत अन्य भाजपा पार्षदों ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। पार्षदों का आरोप है कि कोल इंडिया की खदान से चोरी-छिपे ओवरबर्डन मिट्टी निकालकर रेलवे के निर्माण कार्य में डाली जा रही थी, जो पूरी तरह अवैध है। 

मौके पर मौजूद जेसीबी चालक राशिद खान पिता मोहम्मद रफीक ने बताया कि उसे जेसीबी लेकर आने और मिट्टी निकालने के लिए कहा गया था। उसने यह भी कहा कि नगर परिषद में इस काम की कोई विधिवत एंट्री नहीं है और न ही अवैध उत्खनन के लिए मशीन दी जाती है। चालक के अनुसार नगर परिषद के उपाध्यक्ष राज तिवारी पहले भी कई बार इसी तरह के काम अनाधिकृत रूप से कराते रहे हैं।

घटना की सूचना मिलते ही कोल इंडिया के एरिया सुरक्षा अधिकारी अमित सिंह मौके पर पहुंचे। उनके साथ सोहागपुर एरिया के अन्य सुरक्षा अधिकारी भी पहुंचे और पूरे क्षेत्र का निरीक्षण किया। इसके बाद सर्वे विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया, जिन्होंने बताया कि यह पूरा क्षेत्र सुहागपुर एरिया के अंतर्गत आता है, जहां से मिट्टी का अवैध उत्खनन किया जा रहा था। नगर परिषद बरगवां-अमलाई के मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने इस मामले में कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि ऐसे कार्यों की निगरानी इंजीनियर के माध्यम से होती है और संभव है कि मशीन उसी के द्वारा भेजी गई हो।

वहीं रेलवे विभाग की ओर से निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले आईओडब्ल्यू के प्रभारी अरविंद ने भी कहा कि उन्हें इस प्रकार की किसी गतिविधि की जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि कोई ठेकेदार चोरी-छिपे अवैध रूप से कार्य करता पाया गया तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी और ठेका भी निरस्त किया जा सकता है। बताया जा रहा है कि इस काम में दो ट्रैक्टर और एक मेटाडोर भी लगाए गए थे, जो खदान से मिट्टी निकालकर रेलवे स्टेशन तक पहुंचाने का काम कर रहे थे।

फिलहाल कोल इंडिया के अधिकारियों द्वारा देवहरा पुलिस थाना में अवैध उत्खनन की शिकायत दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। अब इस पूरे मामले में आगे की कार्रवाई का दारोमदार देवहरा पुलिस पर टिका हुआ है कि वह स्वयं मामला दर्ज करती है या फिर इसे खनिज विभाग को जांच के लिए भेजा जाता है। फिलहाल अवैध उत्खनन के इस मामले ने क्षेत्र में कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

तेज रफ्तार कार ट्रैक्टर को पीछे मारी टक्कर, 2 की हुई मौत, 2 घायल अस्पताल में भर्ती


अनूपपुर 

जिले के कोतमा थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्ग 43 में सलीम ढाबा के पास के गुरूवार की रात्रि 8 बजे सामने से ट्रैक्टर ट्राली में 4 ड्रम डीजल भर कर जा रहा था तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार क्रमांक सीजी 07 एम 1454 ने टक्कर मार दी जिससे कार सवार महिला और चालक की मौके पर ही मुत्यु हो गई। कार में बैठे दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गये। वहीं ट्रैक्टर ट्राली सहित खेत में चला गया गया। पुलिस ने दोनों वाहनों सहित डीजल को जप्त कर विवेचना में जुट गई है।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार रात्रि 8 बजे शहडोल से मनेंद्रगढ़ जा रही थी तेज रफ्तार कार ने सामने से जा रहें ट्रैक्टर के पीछे जा घुसी जिससे कार में सवार 4 लोगों में चालक 40 वर्षीय दुलारे शर्मा एवं गीता पनिका की मौके पर ही मुत्यु हो गई। वहीं दो घायलों में 64 वर्षीय हरिशंकर चतुर्वेदी एवं 33 वर्षीय मीना देवांगन सभी निवासी मनेंद्रगढ़ छत्तीसगढ़ बताये जा रहें हैं को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में भर्ती कराया गया जहां से प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को जिला चिकित्सालय अनूपपुर के लिए रेफर कर दिया गया। चालक बहुत देर तक स्टेरिंग में ही फंसा रहा, जिसे काफी मशक्कत के बाद निकाला गया। इस दौरान दोनो तरफ से कुछ देर के लिए जाम लग गया, पुलिस ने स्थिति को सम्हलते हुए वाहनों की आवाजाही शुरू कराई।

चोर घर के बाहर लगा कूलर चुराकर हुआ फरार, घटना सीसीटीवी में कैद, मामला दर्ज


शहडोल

जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र में सुबह-सुबह एक शातिर चोर कुर्ता-पायजामा पहनकर घर के बाहर लगा कुलर कंधे पर रखकर चंपत हो गया ,पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है, जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी है। लेकिन इस घटना ने साफ कर दिया है कि अब चोरों की नजर घर के बाहर रखे छोटे-बड़े हर सामान पर है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सतर्क रहें, वरना अगला नंबर किसी और का भी हो सकता है। 

धनपुरी थाना क्षेत्र के बाजार मोहल्ला, वार्ड क्रमांक 20 स्थित राधा कृष्ण मंदिर के सामने  रहने वाले भाजपा नेता मोहन सोनी के घर के बाहर लगा कुलर एक अज्ञात चोर ने सुबह करीब 5 बजे चोरी कर लिया। खास बात यह है कि चोर कुर्ता-पायजामा पहने हुए था और बेहद बेखौफ अंदाज में कूलर को कंधे पर रखकर मौके से फरार हो गया। पूरी वारदात घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।  

फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि चोर बिना किसी डर के आता है, कूलर उठाता है और आराम से चलता बनता है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और लोग अपने घरों के बाहर रखे सामान को लेकर सतर्क हो गए हैं। पीड़ित मोहन सोनी ने धनपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में धनपुरी थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने बताया कि शिकायत प्राप्त होने के बाद सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

प्यार के लिए पुत्र ने माँ का गला घोंटकर की हत्या, प्रेमिका को फ़ोन पर बताई पूरी बात, आरोपी गिरफ्तार


शहडोल 

जिले से रिश्तों को झकझोर देने वाली एक खौफनाक वारदात सामने आई है, जहां एक बेटे ने अपनी ही मां की गला घोंटकर हत्या कर दी। वजह, प्रेम संबंधों का विरोध थी। हैरानी की बात ये है कि हत्या के बाद आरोपी ने अपनी प्रेमिका को फोन कर पूरी कहानी सुनाई, जिसका ऑडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच जारी है।

घटना अमलाई थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 13, राजेंद्र सिंह कॉलोनी की है। आरोपी संजय कोरी ने अपनी मां कुसुम कोरी की देर रात उस वक्त हत्या कर दी, जब वह गहरी नींद में थी। बताया जा रहा है कि मां लगातार बेटे के अवैध संबंधों का विरोध करती थी, जिसको लेकर घर में आए दिन विवाद होता था, घटना वाली रात भी इसी बात को लेकर कहासुनी हुई और गुस्से में आकर बेटे ने अपनी मां का गला दबा दिया। 

मामले का सबसे खौफनाक पहलू हत्या के बाद सामने आया, आरोपी ने अपनी प्रेमिका को फोन कर बताया कि उसने पहले करीब 20 मिनट तक मां का गला दबाया, जिससे वह बेहोश हो गई। उसे लगा कि मां मर चुकी है, लेकिन जब उसने पानी के छींटे मारे तो मां होश में आ गई और चिल्लाने लगी। इसके बाद आरोपी ने दोबारा गला दबाकर उसे मौत के घाट उतार दिया। 

फोन पर हुई बातचीत में प्रेमिका आरोपी को शव को रेलवे ट्रैक पर रखकर इसे हादसा दिखाने की सलाह देती रही। हालांकि आरोपी ने यह कहते हुए मना कर दिया कि वह यह काम अकेले नहीं कर सकता। बातचीत में प्रेमिका बार-बार खुद को बचाने और अपना नाम न लेने की हिदायत देती रही। यहां तक कि इस वारदात को शराब के नशे में किया गया कृत्य बताने की बात भी सामने आई।

मंडल अध्यक्ष ने महिला से स्थानांतरण कराने के नाम लिए 40 हजार, पार्टी को किया दागदार, नही हुई कार्यवाही

*बातचीत में प्रभारी मंत्री, कैबिनेट मंत्री, विधायक, कलेक्टर, जिलाध्यक्ष तक का नाम, पार्टी के नाम वसूल रहे हैं लाखों रुपए, सुने वायरल ऑडियो*


अनूपपुर

जिला अनूपपुर में एक घटना जो जिले के गांव गांव से लेकर देश, प्रदेश भर में सावन,भादों के बादल की तरह छाया है, जिसमें जिला मुख्यालय अनूपपुर के मंडल अध्यक्ष के द्वारा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का नाम लेकर रुपए लेकर देने के बदले स्थानांतरण कराए जाने एवं कलेक्टर से फाइल दबाने की बातचीत की जा रही है, साथ में सामूहिक रूप से गाली दिए जाने की रिकॉर्डिंग आवाज भी सुनाई दे रही।

*सुने ऑडियो 👇👇👇


काल रिकॉर्डिंग को सुनने से स्पष्ट प्रतीत हो रहा कि मण्डल अध्यक्ष के द्वारा महिला से रुपया लिया गया है, स्थानांतरण कराए जाने के लिए लेकिन काम अभी तक नहीं हुआ है। मंडल अध्यक्ष की रिकॉर्डिंग यह भी बयां कर रही की उपरोक्त राशि 40 हजार जो प्रभारी मंत्री के पीए के माध्यम से मंत्री जी को दी गई है। 

इतनी स्पष्ट आवाज जो गूंगे बहरे भी सुनकर समझ जाएंगे पूरा मामला क्या है, फिर भी मामले को लेकर जब जिम्मेदारों से बात की जाती है तो उनका केवल एक जवाब रहता है। मामला संज्ञान में आया है, जांच कर कड़ी कार्यवाही करेंगे उन जिम्मेदारों से जनमानस के लोग यह जानना उचित समझा रहे हैं कि जब पूरी बात की रिकॉर्डिंग स्पष्ट सुनाई दे रही है। महिला कर्मचारी काम न होने की स्थिति में अपने पैसे वापस मांग रही, इसके बाद भी मंडल अध्यक्ष पूर्व विधायक कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त रामलाल रोतेल, को लेकर कलेक्टर के पास जाने की बात कर रहा है। वहीं दूसरी ओर यह भी कह रहा की प्रभारी मंत्री को स्वयं की चिंता है, गाली देकर इसी काम के बदले पैसा लिया है, काम होगा क्यों नहीं उसमें यह भी स्पष्ट सुनाई दे रहा की मैं अभी तक अपने काम में फंसा हुआ था, अब मेरा काम हो गया है, जल्द ही आपका काम हो जाएगा कलेक्टर फाइल दबा के रखा है, आज या कल हम जाकर कलेक्टर से बात करेंगे करेंगे। कलेक्टर का नाम लेकर ऐसे बात कर रहा है जैसे कलेक्टर उसका नौकर हो, और कह रहा है अगर अटैच कराना होगा तो एक घंटे में करा दूंगा। इस तरह का कार्य करके मंडल अध्यक्ष पार्टी, पदाधिकारियों, मंत्री व प्रशासन को दागदार कर रहा है, सोचने वाली बात है कि क्या मंत्री स्थानांतरण के नाम पर इतनी छोटी सी रकम ले सकता है? ऐसा लग रहा है कि पूरा 40 हजार रुपया खुद मंडल अध्यक्ष खा गया, महिला का न तो स्थानांतरण करवाया न महिला को रुपए वापस किया। पता कितने लोगों से स्थानांतरण के नाम पर लाखो रुपए वसूले होंगे। ऐसे भ्रष्ट मंडल अध्यक्ष को पार्टी तुरंत बाहर का रास्ता दिखा देना चाहिए। खबर लिखे जाने तक पार्टी ने अभी तक मंडल अध्यक्ष पर कोई कार्यवाही नही की है। कार्यवाही कब करेगी या नही करेगी आने वाला समय ही बता पायेगा।

*सुने ऑडियो👇👇👇*


प्रश्न चिन्ह तो यहां खड़ा हो रहा की भारतीय जनता पार्टी की सरकार सट्टा एवं संगठन की जिम्मेदार अपने पार्टी को गंगाजल की तरह पवित्र मानते हैं और उन्हें का अदना सा मंडल अध्यक्ष उसे गंगाजल में भ्रष्टाचार रूपी कालिख पोतकर जिलाध्यक्ष, प्रभारी मंत्री, विधायक, सरकार, सत्ता,संगठन, यहां तक की जिला प्रशासन के मुखिया कलेक्टर के नाम को बदनाम करने की कुटाई नहीं छोड़ रहा, इतने के बावजूद भी लगभग सभी जिम्मेदार चुप्पी साधकर मौन बैठे हुए हैं जो जनमानस को नहीं पच रहा। 

इन जिम्मेदारों के इस मौन चुप्पी से बड़ा सवाल यह खड़ा हो रहा कि मंडल अध्यक्ष के इस रिकॉर्डिंग रूपी ऑडियो वीडियो में सत्यता तो नहीं,प्रभारी मंत्री मंडल अध्यक्ष के माध्यम से गरीब कर्मचारी का पैसा हजम कर गए हों ।

तमाम तरह की चर्चाओं के बाद सवाल यह भी बन रहा की अगर प्रभारी मंत्री के द्वारा मंडल अध्यक्ष से स्वास्थ्य विभाग की महिला कर्मचारी का स्थानांतरण कराए जाने को लेकर पैसे नहीं लिया गया तो फिर झूठे बयान बाजी और अभद्र भाषा को लेकर मंडल अध्यक्ष के विरुद्ध अभी तक प्रभारी मंत्री के साथ सत्ता संगठन के द्वारा कड़ी कार्यवाही क्यों नहीं की गई। 

जिम्मेदार अभी भी जांच की बात कर रहे हैं,जनमानस का मानना है कि पार्टी का अदना मंडल अध्यक्ष विश्व के सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी की सरकार सत्ता संगठन के साथ कलेक्टर को भ्रष्टाचार में लिप्त कर रहा जो स्पष्ट रूप से सुनाई दे रहा, फिर इसके बाद जांच किस चीज के लिए किया जाना है। 

जन चर्चा के मुताबिक भारतीय जनता पार्टी की सरकार में बैठे जिम्मेदार के साथ सत्ता एवं संगठन के प्रमुखों को तत्काल यदि मंडल अध्यक्ष ने इतनी बड़ी पार्टी को बदनाम करने का काम किया है, तो पद से पृथक कर दिया जाना चाहिए था या की पूरे मामले में महिला कर्मचारी के द्वारा अगर मंडल अध्यक्ष को बदनाम किए जाने का चला चरित्र अपनाया गया जिसे लेकर विश्व की सबसे बड़ी पार्टी भारतीय जनता पार्टी बदनाम हो रही है के विरुद्ध पार्टी एवं सत्ता संगठन के द्वारा अभी तक कड़ी कार्यवाही किए जाने हेतु ठोस निर्णय क्यों नहीं लिए गया। जनमानस के मुताबिक तरह-तरह के चर्चाएं सामने आ रहे हैं, मीडिया एवं सोशल मीडिया में भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता पदाधिकारी स्वयं अपने ही पार्टी के जिम्मेदारों को कोसते हुए आपस में थूथू करते देखे जा रहे हैं। सबसे प्रमुख बात तो यह है कि सत्यता निष्पक्ष न्याय प्रियता की दुहाई देने वाली भारतीय जनता पार्टी की सरकार मैं बैठी जिम्मेदार सत्ता संगठन के प्रमुख अपनी एवं अपने पार्टी की मर्यादा बचाए रखने के लिए रिश्वतखोर मंडल अध्यक्ष के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही करेंगे या की जांच का बहाना बता कर पूरे मामले में लीपापोती कर सारे आरोप लिए गए रुपए के बदले सहन कर लेंगे। इस ऑडियो, वीडियो व स्क्रीन शॉट में कितनी सच्चाई हैं इसकी दबंग पब्लिक प्रवक्ता पुष्टि नही करता है।

इनका कहना -

मैं अभी मुख्यालय से बाहर हूं, मामला संज्ञान में आया है, वापस आने के बाद पूरे मामले की जांच करा कर निश्चित तौर पर दोषी जन कोई भी हो कड़ी कार्रवाही करूंगा।

*हीरा सिंह श्याम, जिलाध्यक्ष, भाजपा, अनूपपुर*

समाचारों के माध्यम से खबर मिली है, जिला अध्यक्ष से चर्चा कर तत्काल मामले को संज्ञान में ले रहा हूँ, अगर मंडल अध्यक्ष गलत है तो कड़ी कार्यवाही की जाएगी। 

गौरव सिरोठिया, भाजपा संगठन प्रभारी, संभाग शहडोल*

पूरे मामले को लेकर जब अनूपपुर जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार से फोन कॉल मिलाकर बात किए जाने का प्रयास किया गया तो एक बार उन्होंने कहा मैं थोड़ी देर से बात करता हूं, दूसरी बार कॉल किए जाने के बाद उन्होंने फोन रिसीव करना उचित नहीं समझा।

*दिलीप अहिरवार, प्रभारी मंत्री, अनूपपुर*

मुझे तत्काल पूरे मामले की ऑडियो वीडियो के साथ समाचार की खबरें भेजिए, मैं प्रदेश अध्यक्ष से बात कर पूरे मामले से अवगत कराऊंगा। मंडल अध्यक्ष हो या भाजपा का कोई भी कितना भी बड़ा पदाधिकारी क्यों ना हो, अगर गलत किया है तो कड़ी कार्यवाही होगी।

*श्याम महाजन, भाजपा प्रदेश कार्यालय मंत्री, मध्य प्रदेश*

दुकान में घुसकर व्यापारी पर हमला, नगद लूटकर हुए फरार, 10 पर पुलिस ने किया मामला दर्ज

*पीकप से आए थे आरोपी*


शहडोल

जिले में मुनगा खरीदी करने पहुंचे एक सब्जी व्यापारी पर आधा दर्जन से अधिक लोगों ने हमला बोल दिया। आरोप है कि पिकअप वाहन में भरकर आए हमलावरों ने दुकान में घुसकर व्यापारी के साथ जमकर मारपीट की और उसकी जेब से नकदी भी छीन ली। पूरी वारदात ओम ट्रेडर्स में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। बेरहमी से मारपीट कर लूट का वीडियो वायरल होने के बाद 10 से अधिक लोगों कें खिलाफ मामले दर्ज हुए है। 

कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चुनिया दादरी मोड़ निवासी गोविंद प्रसाद पटेल मुनगा खरीदी के सिलसिले में ओम ट्रेडर्स पहुंचे थे, यहां उन्होंने कल्लू पटेल से करीब 20 किलो मुनगा खरीदा और उसका भुगतान भी कर दिया। इसी दौरान कल्लू पटेल ने पुराने 20 हजार रुपये के बकाये की मांग शुरू कर दी। गोविंद द्वारा कुछ दिनों की मोहलत मांगने पर विवाद बढ़ गया और बात गाली-गलौज तक जा पहुंची। 

कुछ देर बाद कल्लू पटेल अपने बेटे राहुल, आकाश, भाई संदीप और अन्य साथियों के साथ पिकअप (MP 18 GA 3428) में सवार होकर दुकान पर आ धमका। आते ही सभी ने गोविंद को घेर लिया और लात-घूंसों से बेरहमी से मारपीट शुरू कर दी। इस हमले में व्यापारी की आंख, गर्दन और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देते हुए उसकी जेब में रखे 20 हजार रुपये भी छीन लिए। घटना के दौरान कर्मचारी भागीरथी बैगा सहित अन्य लोगों ने बीच-बचाव की कोशिश की, लेकिन हमलावर दबंगई दिखाते हुए फरार हो गए। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि किस तरह कई लोग मिलकर एक अकेले व्यक्ति पर हमला कर रहे हैं।

पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने कल्लू पटेल, राहुल, आकाश, संदीप, पिंटू, विकास कुशवाहा सहित अन्य अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराते हुए फुटेज जब्त कर ली है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। 

युवती के क्षत विक्षत शव की हुई शिनाख्त, अंधी हत्या के आरोपी गिरफ्तार, प्रेम प्रसंग का मामला

*बाइक व युवती का मोबाईल आरोपी से बरामद*


अनूपपुर

रामखेलावन राठौर पिता लल्लू लाल राठौर निवासी जैतहरी ने  सूचना दिया कि ग्राम गुंवारी मे उसका पुराना मकान एंव खेती बाडी है, जिसकी देखरेख के लिये समय-समय पर जाता रहता है । विगत दिवस सुबह जब वह अपने पुराने खंडहर मकान ग्राम गुंवारी के पास अपनी खेती एंव पेड पौधे देखने गया तो खंडहर मकान से काफी दुर्गंध आ रही थी, आसपास मवेशी चरा रहे व्यक्तियो को बुलाकर देखने गया तो मकान के कमरे मे सडी गली अवस्था मे लाश पडी मिली और नजदीक जाकर देखा तो लाश के पास काले रंग की जूती, पर्स पडा है, हाथ एंव पैर के पंजे नही दिख रहे है हाथ पैर का मांस सड गल चुका है। पहना हुआ कपडा गाउन जैसा दिख रहा चेहरा पर कपडा लिपटा हुआ है, पहनावा से लग रहा है कि महिला अज्ञात करीब 25 वर्ष की होगी। प्रथम दृष्टया मामला संदेहास्पद होने से गंभीरता को देखते हुये, फोरेंसिक वैज्ञानिक अधिकारी शहडोल द्वारा मौके पर पहुँचकर घटना स्थल का मुआयना किया गया। जाँच के दौरान शव के पास मिले पर्स ,घडी , जूती ,कपडो तथा थाना जैतहरी मे दर्ज लंबित गुमशुदा के तस्दीक एंव उसके परिजनो के  आधार पर शव की पहचान काजल पुरी पिता सुखीराम पुरी उम्र 24 वर्ष निवासी लपटा के रूप मे की गई । मौके की प्रारंभिक कार्यवाही एंव क्षत विक्षत शव का बारिकी से निरीक्षण कर शव का सीएचसी जैतहरी मे डॉक्टर टीम के द्वारा शव का पीएम कराया गया ।  शॉर्ट पीएम रिपोर्ट मे डॉक्टर द्वारा प्रथम दृष्टया मृतिका की मौत सिर मे आयी चोटो से होना बताया । मृतिका काजल के परिजनो ने जानकारी दिया कि लडकी काजल पुरी किसी रवि उर्फ ठाकुर साहब लडके से प्यार करती थीं। 17 फरवरी 2026 को भी उस लडके से फोन पर बात करती हुई कालेज अऩूपपुर जाने का कहकर निकली थी।  वह लडका उससे शादी करने से मना कर रहा है । उसी दिन से उसका मोबाईल बंद आ रहा है । परिजनो ने बताया कि हमे शंका है कि उसी लडके ने उसके साथ कुछ घटना कारित किया है और उसकी हत्या करके गुंवारी के सुनसान जंगल मे खंडहरो मे हत्या को छुपाने के लिये शव को छोड दिया है । शॉर्ट पीएम रिपोर्ट एंव जाँच मे आये तथ्यो के आधार पर प्रथम दृष्टय़ा आरोपी रवि उर्फ ठाकुर साहब उर्फ  चन्द्रभान राठौर द्वारा प्रेम प्रसंग छुपाने के लिये सुनसान जगह मे ले जाकर मृतिका की हत्या करना पाया गया। आरोपी उक्त रवि उर्फ ठाकुर साहब उर्फ चन्द्रभान राठौर निवासी जैतहरी को को पकड़कर पुछताछ की गई जो जुर्म स्वीकार करते हुये बताया कि वह जैतहरी मे अपने नाना नानी के साथ रहकर कियोस्क सेंटर चलाता है। करीब 06 माह पूर्व मृतिका काजल से फेसबुक के माध्यम से उसकी दोस्ती हुई थी, उसके बाद वह अक्सर दुकान पर कालेज संबंधी काम लेकर आती थी, तभी से  जान पहचान होकर हमारी आपस मे मोबाईल फोन पर बातचीत होने लगी थी और एक दुसरे से प्रेम करने लगे थे, जिसके बाद हमारे शारीरिक संबंध बनने लगे थे । काजल अक्सर मुझसे शादी करने का बोलती रहती थी । माह जनवरी 2026 से मृतिका उस पर विवाह करने का दबाव बनाने लगी जो आरोपी द्वारा जात बिरादरी का हवाला देकर शादी से इनकार किया तो काजल उसके घरवालो को प्रेम प्रसंग के बारे मे बताने की बात कहकर 17 फरवरी 2026 को उसके घरवालो से मिलने जैतहरी आने की बात बतायी तो आरोपी चन्द्रभान राठौर उर्फ रवि ने शादी एंव बदनामी से बचने काजल की हत्या करने की योजना बनाई । जब काजल अपने घऱ से कालेज जाने का कहकर जैतहरी आयी तो वह उसे अपने मोटरसाईकल मे बैठाकर ग्राम गुंवारी अपने नाना के सुनसान खंडहर मकान ग्राम गुंवारी मे ले जाकर उसके सिर मे पत्थऱ से मारकर उसकी हत्या कर दी साथ ही साक्ष्य छुपाने के लिये लडकी काजल पुरी के मोबाईल की सिम निकालकर तोडकर फेक दिया है एंव मोबाइल को कियोस्क दुकान मे छुपाकर रख लिया था।

दो मामले, दुकान में लगाई आग, 50 हजार का नुकसान, मांगे रुपए, दी जान से मारने की धमकी, आरोपी गिरफ्तार


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में अड़ीबाजी कर पैसे वसूलने वाले आरोपी को पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। मामले में ग्राम भमरहा द्वितीय निवासी कमलेश प्रसाद द्विवेदी ने सोमावर को थाना ब्यौहारी में शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी बालकृष्ण उर्फ बाली शुक्ला ने शराब पीने और पार्टी करने के लिए एक हजार रुपये की मांग की। जब फरियादी ने पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी ने उसे गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोपी ने जबरन डराकर फरियादी की पैंट की जेब से पांच हजार रुपये भी निकाल लिए।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 296(ए), 119(1) और 351(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।

थाना ब्यौहारी पुलिस ने आरोपी को पकड़कर न्यायालय में पेश किया, जहां से आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस पूरी कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक जियाउल हक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। टीम में एक उप निरीक्षक एवं प्रधान आरक्षक हरपाल सिंह और आरक्षक गंगा सागर गुप्ता शामिल रहे।

*फल ठेले में लगाई आग, 50 हजार का नुकसान* 

अनूपपुर जिले के बदरा बस स्टैंड में एक फल विक्रेता के ठेले में आग लगाने का मामला सामने आया है आग लगने से ठेले में रखा फल और पूरा ठेला जलकर राख हो गया, जिससे दुकानदार को करीब 45 से 50 हजार रुपये तक का नुकसान हुआ है। पीड़ित ने मामले की शिकायत थाना भालूमाड़ा में दर्ज कराते हुए एक व्यक्ति पर शंका जाहिर की है

प्राप्त जानकारी के अनुसार बदरा बस स्टैंड में नारायण दास चौधरी का फल का ठेला संचालित होता है, जिससे वह अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। बीती रात अज्ञात कारणों से ठेले में आग लग गई, जिससे ठेले में रखा पूरा फल और सामान जलकर नष्ट हो गया आसपास मौजूद लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था

इस संबंध में रविदास चौधरी पिता नारायण दास चौधरी ने बताया कि उनके पिता लंबे समय से बदरा बस स्टैंड में फल बेचने का काम करते हैं। देर रात किसी अज्ञात व्यक्ति ने ठेले में आग लगा दी, जिससे फल सहित पूरा ठेला जल गया। उन्होंने बताया कि इस घटना में करीब 45 से 50 हजार रुपये तक का नुकसान हुआ है

फरियादी द्वारा थाने में दी गई रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि उसका पहले राकेश चौधरी से विवाद हो चुका है। फरियादी का कहना है कि राकेश चौधरी उससे रंजिश रखता था, इसलिए उसे शंका है कि संभवतः उसी ने ठेले में आग लगाई होगी

जनपद उपाध्यक्ष ने थाना प्रभारी पर लगाया, धमकी व अभद्रता का आरोप, एसपी से हुई शिकायत


शहडोल। 

जिले के बुढार थाना के अंतर्गत जनपद पंचायत बुढार के उपाध्यक्ष ने थाना प्रभारी पर अभद्र व्यवहार और शिकायत दर्ज न करने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। जिले के विवादित थाना बुढार एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। इस बार मामला जनपद पंचायत बुढार के उपाध्यक्ष के साथ थाना प्रभारी द्वारा कथित अभद्र व्यवहार का है। जनपद उपाध्यक्ष ने इस संबंध में पुलिस अधीक्षक शहडोल को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।

मिली जानकारी के अनुसार जनपद पंचायत बुढार के उपाध्यक्ष हर्ष प्रताप सिंह ने पुलिस अधीक्षक को भेजे शिकायत पत्र में बताया कि 24 फरवरी को वे अपने साथ हुई अभद्रता और जानलेवा हमले की शिकायत दर्ज कराने के लिए बुढार थाना पहुंचे थे। उनके साथ सहायक लेखाधिकारी देवेंद्र कुमार गौतम भी मौजूद थे,शिकायत में आरोप लगाया गया है कि थाना प्रभारी विनय सिंह ने उनकी बात सुनने के बजाय उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और कथित रूप से गाली-गलौज करते हुए धमकी भी दी। 

शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि थाना प्रभारी द्वारा उनकी शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार कर दिया गया और कहा गया कि उन्हें किसी झूठे केस में फंसाकर उनका राजनीतिक करियर खत्म कर दिया जाएगा, इस व्यवहार से आहत होकर जनपद उपाध्यक्ष ने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस अधीक्षक से करते हुए निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रतिलिपि पुलिस महानिदेशक भोपाल, पुलिस महानिरीक्षक शहडोल संभाग और पुलिस उप महानिरीक्षक शहडोल को भी भेजी गई है। 

युवक ने कार्यालय में कर्मचारी को दी धमकी, मामला दर्ज, रिश्वत मामले में एसडीएम ने पटवारी को किया निलंबित

*राजस्व न्यायालय में भूमि प्रकरण का था मामला*


अनूपपुर 

जिले के राजस्व कार्यालय में उस समय हड़कंप मच गया जब एक युवक ने कार्यालय में घुसकर सरकारी कर्मचारी के साथ अभद्रता करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दे डाली। घटना से कुछ देर के लिए कार्यालय का कामकाज भी प्रभावित हो गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए अनुविभागीय दंडाधिकारी (एसडीएम) ने पुलिस को कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार राजस्व कार्यालय अनूपपुर में पदस्थ रीडर-1 शिवम पाठक अपने शासकीय दायित्वों का निर्वहन कर रहे थे। इसी दौरान ग्राम सकोला निवासी दिलेन्द्र पाठक कार्यालय में पहुंचा और किसी राजस्व प्रकरण को लेकर विवाद करने लगा। आरोप है कि विवाद के दौरान उसने रीडर के साथ गाली-गलौज करते हुए अभद्र व्यवहार किया और गुंडागर्दी करते हुए जान से मारने की धमकी भी दी।

घटना के दौरान आरोपी ने कार्यालय में हंगामा करते हुए शासकीय कार्य में भी बाधा उत्पन्न की। इस दौरान कुछ कर्मचारियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को शांत कराने की कोशिश की। घटना की जानकारी तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। आरोपी ने शासकीय कार्यालय में प्रवेश कर न केवल कर्मचारी के साथ अभद्रता की बल्कि धमकी देकर सरकारी कामकाज में व्यवधान भी उत्पन्न किया। कार्यालय परिसर में वीडियो बनाकर कर्मचारियों और कार्यालय की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया।

थाना कोतवाली अनूपपुर ने आरोपी दिलेन्द्र पाठक के खिलाफ अपराध क्रमांक 157/26 दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 296(बी), 351(2), 221 और 224 के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। शिकायत रीडर-1 शिवम पाठक द्वारा लिखित रूप में दी गई थी, जिसमें आरोपी पर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने, गाली-गलौज करने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप लगाए गए हैं। आरोपी भूमि प्रकरण में राजस्व कार्यालय पहुँचा था। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।


*रिश्वत लेते फ़ोटो, वीडियो वायरल एसडीएम ने पटवारी को किया निलंबित*


अनूपपुर जिले में राजस्व विभाग की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर रिश्वत लेते हुए कथित तौर पर वायरल हुई फोटो के मामले में अनूपपुर के एसडीएम कमलेश पुरी ने सख्त कार्रवाई करते हुए संबंधित पटवारी हंसराज को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बताया जा रहा है कि वायरल फोटो में पटवारी हंसराज किसी व्यक्ति से पैसे लेते हुए नजर आ रहे थे। फोटो सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश फैल गया और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पटवारी बिना पैसे लिए नामांतरण, खसरा-नकल, सीमांकन जैसे राजस्व संबंधी कार्य नहीं करते थे। मामले ने तूल पकड़ने पर प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। एसडीएम कमलेश पुरी ने प्रारंभिक जांच के बाद प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर पटवारी को निलंबित कर दिया। साथ ही पूरे मामले की विस्तृत जांच के आदेश भी दे दिए गए हैं।

एसडीएम ने स्पष्ट कहा कि राजस्व विभाग में किसी भी प्रकार की भ्रष्टाचार संबंधी गतिविधि बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जांच में आरोप पुष्ट होते हैं तो संबंधित के खिलाफ कड़ी विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाएगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन की इस कार्रवाई का स्वागत करते हुए कहा कि इससे व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी और आम जनता को राहत मिलेगी

युवती की खेतो में मिली अधजली लाश, गांव में मचा हड़कंप, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

जिले में वारदात का मामला सामने आया है जिसमें एक युवती की अधजली लाश खेतों के बीच बने खंडहर में बरामद हुई है यह लाश किसकी है कि शिनाख्त होना अभी बाकी है लेकिन थाने में दर्ज गुमशुदगी के मामलों में यह कयास लगाए जा रहे हैं की लाश के पास पड़ा एक पर्स और उसमें निकली कागज की पर्ची में नाम काजल बताया जा रहा है। हालांकि जिस स्थिति में ये लाश बरामद हुई है उस स्थिति में उसकी पहचान करना मुश्किल है लिहाजा पुलिस ने परिजनों को सूचना देकर शव की पहचान करने के लिए बुलाया है ताकि आगे के कार्यवाही की जा सके इस घटना के बाद से क्षेत्र में सनसनी फैली गई है। मामला अनूपपुर जिले की जैतहरी थाना के गांव गुंवारी का बताया जा रहा है।

अनूपपुर जिले जैतहरी थाना क्षेत्र के गुंवारी गांव में एक अज्ञात युवती का शव पाया गया। जिसकी सूचना ग्रामीणों ने दोपहर पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव और स्थल का मुआयना करते पास पड़े एक पर्स की जांच पड़ताल की। जिसमें एक कागज की पर्ची पर काजल पूरी नाम लिखा पाया गया। पुलिस ने स्थानीय लोगों से लड़की के संबंध में पूछताछ की। जिसकी कोई जानकारी नहीं मिलने पर, फॉरेंसिक टीम को बुलाकर शव की जांच पड़ताल कराई।

खेत मालिक रामखेलावन राठौर रोजाना की तरह अपने खेत पर पहुंचे लेकिन सुने पड़े मकान में लाश पड़ी है इस बात से वह अनजान थे लेकिन जिस जगह पर पेड़ कटाई रामखेलावन राठौर के द्वारा कराई गई थी वहां पहुंचने के बाद उन्हें कुछ जलने की गंध महसूस हुई तो सोने पड़े मकान जो क्षतिग्रस्त अवस्था में था वहां जाकर देखा तो किसी की अब जेल राज पड़ी हुई है जिस बात की सूचना उनके द्वारा पुलिस को दी गई।

पुलिस ने पंचनामा की प्रक्रिया करते शव को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी के पोस्टमार्टम कक्ष में सुरक्षित रखवा दिया है। एसडीओपी अनूपपुर नवीन तिवारी ने बताया कि खेत मालिक रिटायर्ड फौजी रामखेलावन राठौर अपने खेत गए हुए थे। जहां उनके ही खेत में बने पुराने खंडहरनुमा मकान से दुर्गंध महसूस हुई, पास जाकर देखने पर शव क्षत विक्षत हालत में पड़ा हुआ था। इसके बाद वह गांव लौटे और ग्रामीणों को जानकारी दी। वहीं पुलिस ने बताया कि काजल पुरी पिता सुक्खीराम पनिका ग्राम लपटा से 17 फरवरी से लापता है। गुमशुद की रिपोर्ट के आधार पर संबंधित परिजनों को पुलिस ने शव पहचान के लिए बुलाया है। परिजनों के पहचान के बाद पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल पुलिस मामले में अन्य तथ्यों पर जानकारी जुटा रही है।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget