हॉस्टल से एक के बाद एक छात्रा हो रही है गायब, 2 अधीक्षिका निलंबित, थाना में हुई शिकायत


शहडोल 

जिले के सोहागपुर क्षेत्र स्थित माता शबरी शासकीय कन्या शिक्षा परिसर, कंचनपुर इन दिनों गंभीर सवालों के घेरे में है। यहां संचालित गर्ल्स हॉस्टल से एक के बाद एक छात्राओं के लापता होने की घटनाओं ने न सिर्फ शिक्षा विभाग बल्कि जिले की सुरक्षा व्यवस्था को भी कठघरे में खड़ा कर दिया है। ताजा मामला सामने आने के बाद जिले में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार 28 दिसंबर को कक्षा 12वीं की एक छात्रा हॉस्टल से अपने मामा के साथ घर जाने की बात कहकर निकली थी, लेकिन वह घर नहीं पहुंची और लापता हो गई। इस मामले में तत्कालीन अधीक्षिका सुलोचना बट्टे ने सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अभी इस मामले की पड़ताल कर ही रही थी कि हॉस्टल से दूसरी छात्रा के लापता होने की सूचना ने सभी को चौंका दिया। 

8 जनवरी को कक्षा 10वीं की एक छात्रा अपने नाना और दो अन्य छात्राओं के साथ हॉस्टल पहुंची थी। उसकी दोनों सहेलियां तो हॉस्टल के भीतर चली गईं, लेकिन उक्त छात्रा अपनी बहन को बाहर छोड़ने की बात कहकर मुंह में कपड़ा बांधे बाहर निकली और फिर वापस नहीं लौटी। जब रोल कॉल के दौरान छात्रा की अनुपस्थिति सामने आई, तब हॉस्टल प्रबंधन में अफरा-तफरी मच गई, इसके बाद प्रिंसिपल देवेंद्र श्रीवास्तव ने मामले की शिकायत सोहागपुर थाने में दर्ज कराई,पुलिस ने इस मामले में भी अज्ञात के खिलाफ अपहरण का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

लगातार हो रही इन घटनाओं के बाद शिक्षा विभाग ने सख्त कदम उठाते हुए अधीक्षिका सुलोचना बट्टे को निलंबित कर दिया,उनके स्थान पर चंद्रकला की पदस्थापना की गई, लेकिन उनके ज्वाइन न करने पर उन्हें भी निलंबित कर दिया गया। फिलहाल ममता सिंह को नई अधीक्षिका नियुक्त किया गया है। एक के बाद एक छात्राओं के लापता होने से अभिभावकों में दहशत है और पूरे जिले में इस गर्ल्स हॉस्टल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

वहीं इस मामले में सहायक आयुक्त जन जातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा ने जानकारी देते हुए बताया कि दोनों मामलों में थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है, मामले की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। वहीं इस पूरे मामले में उप पुलिस अधीक्षक शहडोल राघवेंद्र द्विवेदी का कहना है कि हॉस्टल से दो छात्रा के लापता होने की शिकायत पर मामला दर्ज कर मामले की पड़ताल की जा रही है।




वेयर हाऊस में धर्म कांटा में हुई छेडछाडी, शार्ट धान का जिम्मेदार कौन, खरीदी केन्दो को लगा लाखों का चूना

*पूजा वेयर हाऊस में पकड मे आया मामला*


उमरिया

जिले के वेयर हाऊसो में खरीदी केंद्र से पहुचने वाली धान जो धर्म कांटा से तौल कर ली जाती है, धर्म कांटा में छेड़छाड़ करके आने वाली धान को कम आमद बता कर खरीदी केन्दो को लाखों का चूना लगाया जा रहा है। ऐसी ही सनसनीखेज वारदात  जिले के पाली में स्थित पूजा वेयर हाऊस में पकड मे आयी है। बताया जाता है कि घुनघुटी स्थित केशव वेयर हाऊस में भी इसी तरह की आंशकाये प्रबल है। धान खरीदी केन्द्र के प्रबंधक के सूझबूझ से मामले का राजफास हुआ है। बताया जाता है कि केशव वेयर हाऊस में कम आंकी गयी धान जब पहली बार पूजा वेयर हाऊस गयी, तब समिति के तौल के मुताबिक सही उतरी, लेकिन दुसरे दिन केशव वेयर का एक नामी कार्यकर्ता ने पूजा वेयर हाऊस में भी पहुँच कर पूजा धर्म कांटा में हेराफेरी कर दी जिससे पूजा वेयर हाऊस में हर परिवहन वाहक में तीन क्विंटल धान शार्ट होने लगी। यही स्थित केशव वेयर हाऊस में बतायी जा रही है। मामले का खुलासा जब हुआ जब पूजा वेयर हाऊस में धान खरीदी केन्द्र के प्रबंधक ने गलत नाप के सत्यापन के लिए पूजा वेयर हाऊस पहुँच कर अपने तौल कांटा से तौल कर उनके धर्म कांटा में तौलने पर अंतर पकड मे आया, जिस पर धान परिहन वाहन को अन्य धर्म कांटा भेजकर तौल कराया गया, जिस पर धान खरीदी केन्द्र की तौल सही पायी गयी है। इस तरह पूजा वेयर हाऊस के धर्म कांटा में छेड़छाड़ करके अतिरिक्त धान लिया जाना साबित हो गया। इस तरह देखा जाये तो जिले के वेयर हाऊसो में धर्म कांटा से छेड़छाड़ करके धान शार्ट करने के सनसनीखेज मामले का खुलासा हुआ है, जबकि के के वेयर हाऊस के धर्म कांटा को नाप तौल निरपत कीर ने समितियों की आंख बचाकर सत्यापन कर क्लीन चिट दे दी गयी है। बताया जाता है कि के के वेयर हाऊस भरौंला  की नाप तौल में गडबडी के आरोप में  इसके पहले क ई बार वेयर हाऊस सील की जा चुकी है , बताया जाता है कि एक बार इनके विरूद्ध दो करोड़ की रिकवरी निकाली गई थी,जिसमें भी गोल माल कर मामले को रफा दफा किया जा चुका है। हाऊसो में चल रही इस धांधली के उजागर होने के बाद भी  बाद भी प्रशासन अब तक वेयर हाऊसो के विरुद्ध किसी तरह की कोई कार्यवाही  न कर बेशर्मी की चादर ओढ़ कर दुबका हुआ है, जिससे वेयर हाऊसो की मनमानी बढी हुई है। धर्म कांटो में हुई इस छेडछानी से धान शार्ट होकर जिले की समितियों में करोड़ों रूपयों की जो रिकवरी निकाली गई है उसके भरपाई के लिए आखिर कार कौन जिम्मेदार होगा यह सवाल हर एक समिति के मन में सता रहा है।वेयर हाऊसो में धान का रख रखाव समिति वार अलग अलग रखा जाना चाहिए ताकि उनका भौतिक सत्यापन किया जा सकें, लेकिन इस तरह सभी समितियों का धान मिला जुला कर  गडबड रख दिया जाता है की समिति वार समीक्षा नहीं की जा सकती है। इस तरह वेयर हाऊसो की इस काली कमाई की भरपाई समितियों से किया जाना कहा तक उचित माना जाता है। इस संवेदनशील मामले में जिला प्रशासन आखिर कार किस नतीजे पर पहुचंता है  यह अभी भविष्य के गर्त में छिपा हुआ है।

2 तेंदुओं की मौत, हाथियों का आतंक, मुआवजे पर लेटलतीफी, लापरवाही पड़ी भारी, हटाए गए डीएफओ 


अनूपपुर 

जिले में वन्यजीव प्रबंधन को लेकर उठ रहे लगातार सवालों के बीच बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। जिले में पदस्थ डीएफओ विपिन कुमार पटेल का स्थानांतरण कर दिया गया है। उन्हें अनूपपुर वन मंडल से हटाकर जबलपुर वन मंडल अधिकार कार्य योजना इकाई में पदस्थ किया गया है। यह आदेश देर रात जारी हुआ, जिससे जिले की वन विभाग में में हलचल मच गई।

पिछले एक माह के भीतर अनूपपुर जिले में लगातार दो तेंदुओं की मौत  ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे। सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई कि विभाग के पास जिले में मौजूद तेंदुओं की सटीक संख्या तक उपलब्ध नहीं थी। इस बड़ी चूक को लेकर स्थानीय स्तर से लेकर प्रशासनिक हलकों तक आलोचना तेज हो गई थी।

वन्यजीव संरक्षण के नाम पर की जा रही व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठे। न तो तेंदुओं की मूवमेंट पर प्रभावी निगरानी थी और न ही संवेदनशील इलाकों में किसी तरह की पुख्ता रणनीति। चीतों की सुरक्षा के अभाव में एक के बाद एक मौत ने वन विभाग को कटघरे में ला खड़ा किया।

तेंदुओं के साथ-साथ जिले में लगातार हाथियों का विचरण भी वन विभाग के लिए बड़ी चुनौती बना रहा। जंगल से सटे ग्रामीण इलाकों में हाथियों की आवाजाही से फसल नुकसान और जान-माल का खतरा बढ़ा, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश देखने को मिलाहै, लेकिन ठोस समाधान नजर नहीं आया। ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों द्वारा किए गए नुकसान का मुआवजा उन्हें पिछले लगभग एक साल से नहीं मिला है। कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन मुआवजा प्रक्रिया बेहद सुस्त रही। इससे ग्रामीणों में विभाग के प्रति असंतोष और अविश्वास और बढ़ गया।

अवैध रेत का परिवहन रोकने गए तहसीलदार पर हुआ हमला, सरकारी वाहन में मारी ठोकर

*थाना में हुई शिकायत, पुलिस जांच में जुटी*


शहडोल

जिले ब्यौहारी और देवलौंद थाना क्षेत्र में खनन माफिया के हौसले बुलंद हैं। लगातार रेत माफिया सरकारी मुलाजिमियों पर हमला कर रहे हैं। कुछ साल पहले अवैध खनन रोकने गए पटवारी और एएसआई को खनन माफिया ने ट्रैक्टर से कुचलकर मौत के घाट उतार दिया था। अब ब्यौहारी तहसीलदार पर खनन माफिया ने हमला बोल दिया, तहसीलदार के वाहन में ठोकर मार ट्रैक्टर लेकर माफिया फरार हो गए। मामले की शिकायत तहसीलदार ने पुलिस से की है। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी है।

ब्यौहारी थाना क्षेत्र के खरपा तिराहे के पास जंगल से रेत का अवैध खनन का परिवहन किया जा रहा था। तभी तहसीलदार और उनकी टीम ने ट्रैक्टर को रोकने की कोशिश की। नाराज माफिया ने तहसीलदार पर हमला बोल दिया और सरकारी बोलोरो वाहन में ठोकर मार कर माफिया भागने लगे। जब नायब तहसील शनि द्विवेदी एवं उनकी टीम ने ट्रैक्टर का पीछा किया तो, बीच रास्ते में चलते ट्रैक्टर से चालक ने रेत अनलोड कर दी। जिससे सरकारी वाहन उनका पीछा न कर सकें। इसके बाद बाइक में सवार हो कर ट्रैक्टर मालिक का पुत्र वहां पहुंचा और उसने नायब तहसीलदार से गाली गलौज कर धमकी दी। घटना की शिकायत करते हुए ब्यौहारी नायब तहसील शनि द्विवेदी ने पुलिस को बताया कि खरपा तिराहे के पास जंगल से एक ट्रैक्टर आता दिखाई दिया, जिसमें रेत लोड थी। 

तहसीलदार एवं उनकी टीम ने वाहन को रोकने की कोशिश की तो, सरकारी वाहन को ठोकर मार ट्रैक्टर लेकर माफिया भाग गए। पीछे करने पर माफिया ने तहसीलदार से मारपीट की कोशिश की और जान से खत्म कर देने की धमकी भी दी है। पुलिस ने नायब तहसील शनि द्विवेदी की शिकायत पर कामता बैस पिता जमुना बैस एवं अमरदीप बैस उर्फ झब्बू पिता कामता बैस दोनो निवासी ग्राम सरवाही खुर्द थाना ब्यौहारी पर कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

बीते साल में कई घटनाएं हो चुकी हैं। देवलौंद में रेत माफिया ने पटवारी की ट्रैक्टर चढ़ा कर हत्या कर दी थी। उसके बाद ब्यौहारी में एएसआई महेंद्र बागरी जब रेत का अवैध खनन रोकने गए तो माफिया ने उनकी भी ट्रैक्टर चढ़ा कर हत्या कर दी। अभी बीते माह देवलौंद सथाना क्षेत्र में अवैध खनन रोकने पर रेंजर पर हमला हुआ था। इस संबंध में ब्यौहारी थाना प्रभारी प्रशिक्षु डीएसपी ऋषभ चारी का कहना है कि दो लोगों के विरुद्ध मामला दर्ज किया गया है। हम लगातार छापा मार कार्रवाई कर आरोपियों की गिरफ्तारी में लगे हुए हैं। तहसीलदार पर हमले की जानकारी लगते ही ब्यौहारी पुलिस ने अलग-अलग स्थानों से रेत का अवैध उत्खनन कर परिवहन करते 6 ट्रैक्टर को जब्त किया है।

शिकार के लिए लगाए करंट की चपेट में आने से तेंदुआ की मौत, वन विभाग जांच में जुटा


अनूपपुर

वन परिक्षेत्र जैतहरी के जैतहरी बीट में बुधवार की शाम शिकार के लिए लगाए गए करंट की चपेट में आने से तेंदुए की मौत हो गई घटना की जानकारी पर वन विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है इस दौरान डॉग एस्कॉर्ट की मदद से कुछ संदेहियो से पूछताछ की कार्रवाई की जा रही है मृत तेंदुआ के शव को पी,एम,कराने बाद वन अधिकारियों एवं जनपतिनिधियो की उपस्थिति में अंतिम संस्कार किया गया। 

वन परिक्षेत्र जैतहरी के जैतहरी बीट अंतर्गत जैतहरी गोबरी मार्ग पर वार्ड क्रमांक 14 एवं 15 में बुधवार की साम जंगली जानवरों के शिकार के उद्देश्य लगाए गए तार के करेन्ट की चपेट में आने से वन्यप्राणी तेंदुआ की मौत की सूचना मिलने पर जब जैतहरी वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचकर कार्यवाही प्रारंभ की किस दौरान संभाग मुख्यालय शहडोल से बुलाए गए डांग एस्कॉर्ट की मदद से कुछ संदेहियो को पूछताछ के लिए ला कर पूछताछ की जा रही है वहीं तेंदुआ के शव का बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के डां,राजेश तोमर एवं जैतहरी के पशु चिकित्सक सचिन समैया की टीम द्वारा पी,एम,करने बाद शहडोल सीसीएफ एम,पी,सिंह,डीएफओ अनूपपुर विपिन कुमार पटेल,एसडीओ वन डॉ,लाल सुधाकर सिंह,वन परिक्षेत्र अधिकारी जैतहरी विवेक मिश्रा ,तहसीलदार जैतहरी रमाकांत तिवारी,वन्यजीव संरक्षक अनूपपुर शशिधर अग्रवाल,नगर परिषद जैतहरी के पार्षद,लघु वन उपज संघ अनूपपुर जिलाध्यक्ष राकेश सिंह एवं अन्य की उपस्थिति में मृत तेंदुआ का अंतिम संस्कार किया गया।

सूने घर का ताला तोड़कर लाखो की चोरी, नव वर्ष मनाने गया था परिवार


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत सिविल लाइन इलाके में न्यू ईयर के दौरान सूने पड़े एक मकान को अज्ञात चोरों ने निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। परिवार के बाहर होने का फायदा उठाकर चोरों ने घर का ताला तोड़ा और अलमारी में रखे सोने-चांदी के कीमती जेवरात चोरी कर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार चोरी की यह वारदात सिविल लाइन क्षेत्र में किराए के मकान में रहने वाले रामाधार महोबिया के घर हुई है। रामाधार महोबिया ब्यौहारी शिक्षा विभाग के बीईओ कार्यालय में बाबू के पद पर पदस्थ हैं। वे मूल रूप से उमरिया जिले के नौरोजाबाद के निवासी हैं और कई वर्षों से ब्यौहारी में किराए के मकान में रहकर नौकरी कर रहे हैं।

पीड़ित रामाधार महोबिया ने बताया कि 31 दिसंबर की शाम वे अपने परिवार के साथ न्यू ईयर मनाने ब्यौहारी से नौरोजाबाद गए हुए थे। छुट्टियां समाप्त होने के बाद जब वे वापस अपने सिविल लाइन स्थित घर पहुंचे तो देखा कि घर का मुख्य ताला टूटा हुआ था। अंदर जाने पर पूरा घर अस्त-व्यस्त मिला और अलमारी खुली हुई थी।

जांच में सामने आया कि अलमारी में रखे सोने और चांदी के जेवर गायब थे। पीड़ित के अनुसार चोर उनके घर से करीब चार तोला सोना और आधा किलो से अधिक चांदी के जेवरात चोरी कर ले गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग पांच लाख रुपये बताई जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही ब्यौहारी पुलिस मौके पर पहुंची और बुधवार को घटनास्थल का मुआयना कर जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है और आसपास के क्षेत्र में पूछताछ के साथ-साथ संदिग्धों की तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही चोरों को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

आईजीएनटीयू में सुरक्षा पर सवाल, छात्रा से दुर्व्यवहार के बाद एनएसयूआई व कांग्रेस ने किया घेराव

*लचर कानून व सुरक्षा व्यवस्था, विश्वविद्यालय 450 वॉचमैन फिर भी सुरक्षित*


अनूपपुर

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (आईजीएनटीयू) अमरकंटक में एक युवती के साथ कथित दुर्व्यवहार एवं छेड़छाड़ जैसी गंभीर घटना को लेकर छात्र संगठनों में भारी आक्रोश देखने को मिला। घटना के बाद पुलिस द्वारा केवल एफआईआर दर्ज किए जाने और अब तक आरोपी की गिरफ्तारी न होने से छात्र-छात्राओं एवं संगठनों में असंतोष गहराता जा रहा है।

छात्र संगठनों का आरोप है कि विश्वविद्यालय परिसर में इस तरह की घटनाएं कोई नई नहीं हैं। आए दिन छात्र-छात्राओं से जुड़े गंभीर मामले सामने आते हैं, लेकिन विश्वविद्यालय प्रबंधन द्वारा ठोस कार्रवाई नहीं की जाती। कई मामलों को दबाव में समाप्त कर दिए जाने का भी आरोप लगाया गया है।

इसी लचर कानून-व्यवस्था और सुरक्षा व्यवस्था के विरोध में कांग्रेस युवा संगठन एवं नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) के मध्य प्रदेश छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र पांडे और आशुतोष चौकसे के नेतृत्व में छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार के बाहर घेराव कर जोरदार आंदोलन किया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए छात्रों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की मांग की।

आंदोलन के दौरान छात्र संगठनों ने जिला मजिस्ट्रेट के प्रस्ताव का हवाला देते हुए विश्वविद्यालय परिसर में स्थायी पुलिस चौकी (पुलिस स्टेशन) के निर्माण की मांग की, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू किए जाने की आवश्यकता बताई गई।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि जब शिक्षकों के लिए चुनाव संभव हैं, तो छात्र संघ चुनाव भी कराए जाने चाहिए। इसके साथ ही विश्वविद्यालय परिसर में फ्री इलेक्ट्रिक ऑटो संचालन तत्काल शुरू करने, प्रत्येक हॉस्टल में वाई-फाई सुविधा अनिवार्य करने (जिसका शुल्क छात्रों से लिया जा रहा है), तथा पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की गई।

इसके अलावा आंदोलनकारियों ने विश्वविद्यालय की लाइब्रेरी एवं शौचालयों की स्थिति में सुधार, विश्वविद्यालय अस्पताल में 24 घंटे डॉक्टरों की उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा खेल मैदानों के तत्काल सुधार की मांग उठाई, ताकि छात्र-छात्राओं को खेल गतिविधियों में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

छात्र संगठनों ने विश्वविद्यालय में छात्र-छात्राओं की एक संयुक्त समिति गठित करने की भी मांग की, जिसकी हर महीने प्रशासन के साथ बैठक हो, ताकि छात्रों से जुड़े मुद्दों पर समय रहते समाधान किया जा सके। इस दौरान एनएसयूआई एवं कांग्रेस पार्टी के संयुक्त दल द्वारा पुष्पराजगढ़ अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) वसीम अहमद भट्ट एवं विश्वविद्यालय के कुलसचिव प्रो हरिनारायण मूर्ति को ज्ञापन सौंपा। इस दौरान एसडीएम पुष्पराजगढ़ द्वारा आश्वासन दिया गया 15 दिवस के अंदर आवश्यक कार्यवाही की जाएगी। 

गंदे पानी से बरगवां अमलाई के वार्डो में मंडरा रहा खतरा, अध्यक्ष, सीएमओ, पार्षद मौन


अनूपपुर

इंदौर के भागीरथपुरा में गंदा पानी पीने से 16 लोगों की मौत की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह हादसा केवल एक क्षेत्र की लापरवाही नहीं, बल्कि प्रदेश की बदहाल पेयजल व्यवस्था की गंभीर तस्वीर को उजागर करता है। कई इलाकों में साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में पीने का पानी ही बीमारी का कारण बनता जा रहा है।इसी तरह की चिंताजनक स्थिति अनूपपुर जिले के बरगवां अमलाई वार्ड क्रमांक-1 में भी सामने आ रही है। यहां सरकारी स्कूल पानी टंकी के पास पीने वाली पाइप लाइन के चैंबर में, पास से गुजर रही अधूरी और अव्यवस्थित सीवेज नाली का गंदा पानी लगातार पहुंच रहा है। नाली का समुचित चैनलाइजेशन न होने के कारण पूरा सीवेज सड़क किनारे बहते हुए सीधे चैंबर में चला जाता है।स्थानीय लोगों का कहना है कि चैंबर का कार्य तो कराया गया, लेकिन वह भी आधा-अधूरा है। चैंबर पर प्रॉपर तरीके से ढक्कन नहीं लगाए गए हैं और अधिकांश चैंबर खुले पड़े हैं, जिससे न केवल दूषित पानी सीधे अंदर जा रहा है, बल्कि हादसों की आशंका भी बनी रहती है। चैंबर नाली की सतह से नीचे होने के कारण पूरा गंदा पानी उसमें भर जाता है और वही पानी सप्लाई लाइन के संपर्क में आ जाता है। इस मामले में अभी तक अध्यक्ष सीएमओ व पार्षद पूरी तरह मौन नजर आ रहे हैं। कभी भी बड़ी अनहोनी हो सकती है।

इस दूषित वातावरण में सप्लाई हो रहे पानी से बच्चों और आम नागरिकों के बीमार पड़ने का खतरा लगातार बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों द्वारा कई बार सफाई कर्मियों और संबंधित कर्मचारियों से शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी और ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कभी-कभार अस्थायी सफाई कर दी जाती है, जबकि मूल समस्या जस की तस बनी हुई है।स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रशासन द्वारा मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल सीवेज नाली को व्यवस्थित और बंद कराया जाए, चैंबर का निर्माण पूर्ण कर मजबूत ढक्कन लगाए जाएं, नियमित सफाई सुनिश्चित की जाए तथा पेयजल की समय-समय पर जांच कराई जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सुधार नहीं हुआ, तो असमय बड़े हादसे से इनकार नहीं किया जा सकता।

बाइक सवार बदमाशों ने की दो जगह लूट, भालू ने मालवाहक से कुरकुरे उड़ाए, घटना सीसीटीवी में कैद


शहडोल

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में बाइक सवार तीन बदमाशों ने एक के बाद एक दो लूट की वारदातों को अंजाम देकर इलाके में सनसनी फैला दी। बदमाश पहली घटना के बाद भी नहीं माने और करीब पांच किलोमीटर दूर पहुंचकर दूसरी लूट की घटना को अंजाम दिया। हालांकि दूसरी वारदात में की गई बड़ी चूक उनके लिए भारी पड़ गई और वे पुलिस की गिरफ्त में आ गए।

पुलिस के अनुसार पहली घटना शहडोल-रीवा रोड पर हुई। यहां कोरियर वाय अंकित गौतम पार्सल बांटकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने उन्हें रोक लिया और धमकी देकर उनके पास से 1500 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। वारदात के बाद पीड़ित काफी डरा-सहमा हुआ थाने पहुंचा और पुलिस को घटना की जानकारी दी।

दूसरी घटना जयसिंहनगर से जनकपुर मार्ग पर हुई, जहां उन्हीं बदमाशों ने सरजन सिंह को बीच सड़क पर रोक लिया। बदमाशों ने उनसे मोबाइल फोन छीन लिया, लेकिन जब उनके पास नकदी नहीं मिली तो आरोपियों ने पीड़ित से जबरन फोन-पे के माध्यम से 41 हजार रुपये से अधिक की रकम अपने खाते में ट्रांसफर करा ली।

दोनों पीड़ितों ने थाने पहुंचकर पुलिस को बदमाशों की बाइक, हुलिया और घटनाक्रम की जानकारी दी। शिकायतकर्ताओं के बयान के आधार पर पुलिस को स्पष्ट हो गया कि दोनों घटनाओं को अंजाम देने वाला गिरोह एक ही है और वारदातें महज एक घंटे के अंतराल में हुई हैं।

पुलिस ने फोन-पे से ट्रांसफर की गई रकम के आधार पर तकनीकी जांच शुरू की, जिससे बदमाशों तक पहुंचना आसान हो गया। जांच के बाद मंगलवार को पुलिस ने तीनों आरोपियों को पकड़ लिया।जयसिंहनगर पुलिस का कहना है कि मामले का विस्तृत खुलासा मंगलवार शाम को किया जाएगा।

*भालू ने मालवाहक से कुरकुरे उड़ाए, घटना सीसीटीवी में कैद*

जिले के जैतपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम रसमोहनी में पिछले एक माह से भालू का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर भालू ने ट्रक में रखे कुरकुरे निकाल कर खाए। इसका वीडियो सामने आया है। ग्रामीणों के अनुसार भालू लगभग हर रात रसमोहनी बाजार में पहुंच जाता है, जिससे पूरे इलाके में दहशत का माहौल बना हुआ है। डर के कारण लोग समय से पहले ही दुकानें बंद कर घरों में कैद होने को मजबूर हैं। 20 दिन में दूसरी बार भालू उसी मालवाहक से कुरकुरे निकालते सीसीटीवी में कैद हुआ है।

14 दिसंबर को हुई घटना में रसमोहनी बजार में घर के सामने खड़े मालवाहक से भालू कुरकुरे ले कर भाग गया था। जिसका सीसीटीवी फुटेज सामने आया था। अब तीन जनवरी को भालू उसी जगह खड़े मालवाहक से तिरपाल फाड़ता दिख रहा है। वाहन मालिक का कहना है कि इस बार भी भालू ने वाहन से कुरकुरे निकल कर खाए है।

इसी बीच एक सीसीटीवी फुटेज सामने आया है, जिसने वन विभाग की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि भालू करीब दो घंटे तक बाजार में खड़े एक मालवाहक वाहन के आसपास घूमता रहा और उसमें लोड सामान को खाता रहा, लेकिन इस दौरान वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। वीडीओ तीन जनवरी के तड़के का बताया जा रहा है, जो मंगलवार सुबह सामने आया है।

मालवाहक वाहन के मालिक सूरज हलवाई ने बताया कि उन्होंने अपना वाहन रसमोहनी बाजार में सड़क किनारे खड़ा किया था, जिसमें कुरकुरे चिप्स और नमकीन लोड थे। वाहन चारों तरफ से तिरपाल से ढका हुआ था। रात में भालू वहां पहुंचा, उसने पहले तिरपाल को फाड़ा और फिर वाहन में रखे कुरकुरे के पैकेट निकालकर खाने लगा। सूरज के अनुसार भालू ने कुरकुरे के तीन लड़ी निकाले, एक लड़ी में 12 पैकेट थे, इस तरह कुल 36 पैकेट भालू ने खा लिए। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पहले भी भालू उनके ही वाहन से कुरकुरे खा चुका है।

भालू की लगातार मौजूदगी की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग ने रसमोहनी बस्ती और बाजार क्षेत्र में गश्त बढ़ाने का दावा किया था। बावजूद इसके, भालू का बीच सड़क पर घंटों तक घूमना और किसी अधिकारी या कर्मचारी का मौके पर न पहुंचना कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों का कहना है कि भालू की दहशत के चलते सामान्य जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों ने वन विभाग से मांग की है कि भालू को जल्द से जल्द रेस्क्यू कर सुरक्षित जंगल क्षेत्र में छोड़ा जाए, ताकि गांव और बाजार में भय का माहौल खत्म हो सके।

बलात्कार के आरोपी को बीस साल का कारावास व जुर्माना, बुजुर्ग पर  लाठी डंडों व टंगिया से हुआ जानलेवा हमला


अनूपपुर 

लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा बताया गया कि आरोपी राजू कुशवाहा पिता स्व0 जगदीश कुशवाहा उम्र 34 वर्ष निवासी अमलाई, पेट्रोल पम्प के सामने, थाना चचाई, जिला अनूपपुर ने 24 जून 2023 के समय लगभग दिन के 1ः30 बजे के मध्य पीड़िता अमलाई में घूमने वाली और मांगकर खाने वाली गरीब औरत, जिसको आंखो से बहोत कम दिखता है, एंव निःशक्तता है, उसके साथ आरोपी ने बलात्संग कारित किया।

उक्त अपराध के संबंध में फरियादी ने थाना चचाई अनूपपुर में रिपोर्ट लिखवाई। जिसके संबंध में थाना चचाई अनूपपुर में अपराध क्रमांक 212/2023 धारा 376, 376(2)(एल) भारतीय न्याय संहीता पंजीकृत किया गया । पुलिस के द्वारा विवेचना के दौरान वहा पर उपस्थित लोगो सेे उक्त घटना के संबंध में बयान लिये गये और आरेापी को गिरफ्तार किया जाकर मामले में पुलिस की ओर सेे न्यायालय के समक्ष संपूर्ण विवेचना के उपरांत अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नरेन्द्र पटेल कें न्यायालय में सुनवाई की गयी जिसमें शासन की ओर से लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने 13 साक्षियों के साक्ष्य कराये और 34 दस्तावेजों को परीक्षत कराया गया। वही पर आरेापी के अधिवक्ता ने 2 दस्तावेज प्रस्तुत किये। साक्ष्य एंव विचारण उपरांत शासन की ओर से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा रखे गए तर्कों और बहस तथा मामले की गम्भीरता एवं परिस्थितियों को देखते हुए निःशक्तता के साथ बलात्कार करने वाले आरोपी राजू कुशवाहा को भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 376(2)(एल) मेें दोषी पाते हुए दोषसिद्ध ठहराया गया जिसमें आरोपी को 20 साल का कारावास एवं 5,000/-रू0 जुर्माना से दंडित किया गया। आरोपी पूर्व से ही न्यायायिक अभिरक्षा जिला जेल अनूपपुर में निरुद्ध है।             

*बुजुर्ग पर हुआ लाठी डंडों व टंगिया से जानलेवा हमला*

अनूपपुर जिले के कोतमा बंजारी चौक निवासी भागवत प्रसाद साहू रोज की तरह आज भी पूजा करने गांव के मंदिर जा रहे थे तभी बुरहानपुर गांव के निवासी नरेश साहू पिता अयोध्या साहू ने अपने घर के पास रास्ते में रोक कर भागवत साहू के साथ गाली गलौज मारपीट चालू कर दी और लाठी डंडे और टांगिया से भागवत साहू के ऊपर प्राण घातक हमला कर दिया, जिससे उन्हें सिर और पैर पर गंभीर चोट आई गांव की ही लोगों की मदद से उन्हें कोतमा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भर्ती कराया गया, जहां गंभीर हालत देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल अनूपपुर रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि इससे पहले भी नरेश साहू के द्वारा मारपीट की जा चुकी है।                   

प्रोक्टर एवं गैम्बल कंपनी के गोदाम में दीवाल तोड़कर चोरी पर कंपनी का सेल्स एक्सक्यूटिव सहित 4 आरोपी गिरफ्तार

*06 लाख रूपये कीमती चोरी का सामान पुलिस द्वारा बरामद* 


अनूपपुर

अनूपपुर नगर में अमरकंटक रोड पर चंदास ब्रिज के पास प्रोक्टर एण्ड गैम्बल कंपनी (P & G )के डिस्ट्रीब्यूशन का काम देखने वाली टच स्टोन सर्विस प्रायवेट लिमिटेड के गोदाम में दिनांक 09 दिसम्बर 2025 की रात्रि में पीछे के दरवाजे के पास की दीवाल में छेद करके कुन्दा उखाड़कर गोदाम में रखे विभिन्न प्रोडक्टस के भरे हुए कार्टून की बड़ी चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए डिस्ट्रीब्यूशन सेल्स एग्जीक्यूटिव सहित 04 आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी किया गया 06  लाख का माल बरामद किया गया है।

टच स्टोन सर्विसेस प्रायवेट लिमिटेड, अनूपपुर के ब्रान्च इन्चार्ज रामनारायण गुप्ता पिता रावेन्द्र प्रसाद गुप्ता उम्र करीब 32 साल निवासी वार्ड न. 22 सतना के द्वारा थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि अनूपपुर में चंदास ब्रिज के पास अमरकंटक रोड में सुखेन्द्र सिहं के मकान में किराये से भूतल पर कंपनी का गोदाम एवं ऊपर प्रथम मंजिल में कंपनी का कार्यालय है। दिनांक 08 एवं 09 दिसम्बर 2025 की  दरमयानी रात्रि में अज्ञात आरोपियो द्वारा गोदाम के पीछे के दरवाजे के कुन्दे के पास दीवाल को तोड़कर छेद करके कुन्दा उखाड़कर गोदाम में रखे हुए विभिन्न प्रोडक्टस जैसे सेविंग ब्लेड, शैम्पू, विक्स, वाशिंग पाऊडर एवं लिक्विड, पेम्पर्स, विस्पर पैड, टूथ ब्रश आदि के भरे हुए कार्टून चोरी कर लिये गये है जो उक्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में धारा 331(4), 305(ए) बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना की गई।

आरोपी अंजनी कुमार दुबे पिता अशोक कुमार दुबे अनूपपुर, अंकित द्विवेदी पिता स्व. राजीव द्विवेदी अनूपपुर, शिवांशू अवधिया पिता राजेश अवधिया कोतमा, मानस सिहं पिता चन्द्रकेश्वर सिहं उम्र 22 साल निवासी अनूपपुर को गिरफ्तार किया जाकर चोरी किये गये विभिन्न प्रोडक्टस के भरे हुए डिब्बे (कार्टून) करीब 6,00,000 रूपये  कीमती जप्त किया गया है। 

उल्लेखनीय है कि उक्त वारदात का मास्टर माईन्ड अंजनी कुमार दुबे टच्च स्टोन सर्विसेस प्रायवेट लिमिटेड की अनूपपुर ब्रान्च में बिगत करीब दो साल से डिस्ट्रीब्यूटर सेल्स एक्जक्यूटिव (DSE ) के पद पर कार्यरत था, जिसके द्वारा अपने तीन अन्य साथियो के साथ मिलकर चोरी किया गया सामान के कार्टूनो को अपने घर के पास अनूपपुर में रामजानकी मंदिर के पास बलराम राजपूत के मकान में बनी दुकान को किराये से लेकर रख दिया गया था एवं चोरी किये गये माल को बेचने के फिराक में थे, आरोपियों का पुलिस रिमाण्ड लिया जाकर मामले में जांच की जा रही है।

किराना दुकान व ज्वेलरी दुकान से चांदी के आभूषण चोरी करने वाले चोर गिरफ्तार


उमरिया

जिले के बिरसिंहपुर पाली थाना अंर्तगत अमिलिहा में पिछले दिनों हुई चोरी के मामले में  घुनघुटी पुलिस चौकी की तत्परता ने रंग दिखाया है। जिससे  मामले  का घुनघुटी पुलिस ने  से खुलासा किया है। विदित होवे की 3 जनवरी की दरम्यानी  रात अमिलिहा गाँव में  संतोष तिवारी के घर एवं किराना दुकान का ताला तोड़कर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया  था। जिसकी रिपोर्ट फरियादी द्वारा घुनघुटी चौकी में दर्ज कराई गई थी।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तकनीकी एवं जमीनी पड़ताल के आधार पर महज दो दिनों के भीतर चोरी गया लगभग चार हजार रुपये का सामान बरामद कर लिया और दो आरोपियों सुमित विश्वकर्मा एवं रामलाल खैरवार को गिरफ्तार कर लिया। यह कार्यवाही पुलिस  के कार्य की  दक्षता को दर्शाती है।

घटना के त्वरित खुलासे में घुनघुटी चौकी प्रभारी शिवपाल सिंह तोमर एएसआई शैलेंद्र चतुर्वेदी तथा उनकी टीम की भूमिका सराहनीय रही। पुलिस की इस मुस्तैदी से न केवल फरियादी को राहत मिली है, बल्कि क्षेत्र के नागरिकों में सुरक्षा और भरोसा बढ़ा है।

निश्चित ही जब पुलिस इसी प्रकार सजग संवेदनशील और तत्पर होकर कार्य करेगी तो अपराधियों के लिए कानून से बच पाना कठिन होगा। घुनघुटी पुलिस की यह कार्रवाई अन्य मामलों में भी एक सकारात्मक उदाहरण के रूप में देखी जा रही है।

*ज्वेलरी दुकान से चांदी के आभूषण चोरी करने वाले चोर गिरफ्तार,

शहडोल जिले के थाना बुढार पुलिस ने ज्वेलरी दुकान से चांदी के आभूषण चोरी करने की घटना का त्वरित खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पुलिस ने चोरी के कुछ ही घंटों के भीतर आरोपी तालिब अली को पकड़कर उसके कब्जे से चोरी के आभूषण बरामद कर लिए हैं। रविवार देर शाम पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर इसका खुलासा किया।

पुलिस के अनुसार 03 जनवरी को थाना बुढार क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 10, सिनेमा रोड बुढार स्थित राकेश ज्वैलर्स के संचालक कमलेश सराफ पिता गंगाधर सोनी, उम्र 39 वर्ष, द्वारा थाने में मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई गई। कि दोपहर लगभग 3 बजे एक व्यक्ति उनकी दुकान पर आया और छोटी बच्ची के लिए चांदी की अंगूठी और पायल दिखाने की मांग की।

दुकानदार द्वारा 5 नग चांदी की अंगूठी और तीन जोड़ी बच्चियों की छोटी चांदी की पायल दिखाए जाने के दौरान आरोपी ने मौका पाकर उक्त आभूषण चोरी कर लिए और अपनी प्लेजर स्कूटी क्रमांक MP54 MH 2488 से बाजार की ओर फरार हो गया।

घटना की सूचना मिलते ही थाना बुढार पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आसपास के क्षेत्र में तलाश शुरू की। संदेही की पहचान तालिब अली के रूप में की गई, जिसे अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की घटना को स्वीकार कर लिया।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 5 नग चांदी की अंगूठी एवं 3 जोड़ी बच्चियों की छोटी चांदी की पायल बरामद की है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 20 हजार रुपये बताई जा रही है। आरोपी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।

20 हजार की नशीली इंजेक्शन की बड़ी खेप पर पुलिस की कार्यवाही, तीन तस्कर गिरफ्तार


शहडोल

सोहागपुर थाना पुलिस ने नशे के कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन नशा सौदागरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 101 नग नशीली इंजेक्शन एवं तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग एक लाख 20 हजार रुपये बताई जा रही है। 

पुलिस के अनुसार आरोपी सोहागपुर क्षेत्र के कोटमा तिराहे के पास खड़े होकर नशीली इंजेक्शन बेचने के लिए ग्राहकों का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई। सूचना की तस्दीक के बाद पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और तीनों आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ लिया।

गिरफ्तार किए गए आरोपियों में पहला नाम आदित्य उर्फ बेटू तिवारी पिता शारदा प्रसाद तिवारी, निवासी वार्ड क्रमांक 11, बीएसएनएल ऑफिस के पास, थाना कोतवाली शहडोल का है। दूसरा आरोपी उदय नारायण उर्फ गुड्डू शुक्ला पिता स्वर्गीय शेषनारायण शुक्ला, निवासी वार्ड क्रमांक 17, बाणगंगा कॉलोनी शहडोल है। तीसरा आरोपी अविनाश यादव उर्फ अभिलाष पिता स्वर्गीय शंकर यादव बताया गया है।

मामले का खुलासा करते हुए सोहागपुर थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे ने बताया कि तीनों आरोपी पैदल खड़े होकर नशीली इंजेक्शन बेचने की फिराक में थे। पुलिस ने रविवार शाम प्रेस नोट जारी कर इस पूरी कार्रवाई की जानकारी दी। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नशीली इंजेक्शन की सप्लाई कहां से हो रही थी और इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में नशे के कारोबार में लिप्त लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।

कांग्रेस ने किया मंत्री दिलीप जायसवाल निवास का किया घेराव, भाजपा सरकार के खिलाफ की नारेबाजी 

*मंत्री विजयवर्गीय के घंटा अपशब्द कहे जाने विरोध प्रदर्शन*


अनूपपुर

इंदौर में दूषित पानी से हुए मौतों एवं पत्रकार द्वारा सवाल करने पर मंत्री विजयवर्गीय के घंटा अपशब्द कहे जाने के विरोध मंत्री निवास के सामने जोर जोर से बजाया घंटा और भाजपा सरकार खिलाफ जमकर नारेबजी करते हुए किया विरोध प्रदर्शन किया है।

इंदौर के भागीरथपुरा इलाके में जो हुआ, वह सिर्फ एक हादसा नहीं, बल्कि सिस्टम की खतरनाक लापरवाही की कहानी है, पीने का पानी जहर बन गया, कई लोगों की जान चली गई और सैकड़ों लोग बीमार पड़ गए। महीनों तक गंदे पानी की शिकायतें होती रहीं, लेकिन प्रशासन ने किसी की नहीं सुनी। अब जब मौतें हो चुकी हैं, तो जांच कार्यवाही और सियासत शुरू हो गई है। सवाल है कि देश के सबसे स्वच्छ शहर कहे जाने वाले इंदौर में आखिर यह त्रासदी कैसे हो गई और इसका जिम्मेदार कौन है? इंदौर वही शहर जिसे पिछले आठ साल से देश का सबसे स्वच्छ शहर कहा जाता रहा है। वही इंदौर, जिसकी सफाई की मिसाल दी जाती है, जहां लोग गर्व से स्वच्छता की बातें करते हैं। लेकिन इसी शहर के भागीरथपुरा इलाके में बीते दिनों जो हुआ, उसने इस चमकते तमगे पर एक गहरा और बदनुमा दाग छोड़ दिया। यहां पानी सिर्फ गंदा नहीं था, पानी जहर बन चुका था। ऐसा जहर, जिसने कई जिंदगियां लील लीं और सैकड़ों लोगों को अस्पताल के बेड तक पहुंचा दिया। यह कोई पहली घटना नहीं है इसके पहले भी मध्यप्रदेश भाजपा सरकार की लापरवाही से कई बेगुनाह जाने जा चुकी है। इंदौर के हुई इतनी बड़ी घटना के बाद जब पत्रकार द्वारा एक जवाबदार मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल किया जाता है तो उनके द्वारा जवाब में शर्मनाक अपशब्द "घंटा" कहा जाता है। इन सभी मुद्दों को लेकर लगातार कांग्रेस पार्टी द्वारा विरोध किया जा रहा है। मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष जीतू पटवारी के आह्वान पर पूरे प्रदेश भर में कांग्रेसियों द्वारा दिनांक 4 जनवरी 2026 को भाजपा सरकार के मंत्री, सांसद, विधायकों एवं पूर्व विधायकों के निवास के सामने घंटा/घड़ियाल बजाकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम दिनांक 4 जनवरी 2026 को जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्याम कुमार गुड्डू चौहान के नेतृत्व में अनूपपुर जिले के बिजुरी में भाजपा सरकार के मंत्री दिलीप जायसवाल के निवास का घेराव कर उनके निवास सामने घंटा /घड़ियाल बजाकर, भाजपा सरकार के विरोध में नारे लगाकर विरोध प्रदर्शन किया गया। सर्वप्रथम कांग्रेसजन बिजुरी हनुमान मंदिर चौराहे में एकत्रित हुए और हनुमान मंदिर के सामने उपस्थित जनों को संबोधित करते हुए  इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों पर सरकार लापरवाही बताते हुए उसकी निंदा की एवं पत्रकार द्वारा मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से सवाल पूछे जाने पर अपशब्द घंटा कहे जाने का भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री, मंत्री जमकर विरोध किया। इसके हाथों पोस्टर एवं हाथों में घंटा लेकर बजाते हुए तथा भाजपा डबल इंजन सरकार, प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, मंत्री के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पैदल मार्च निकलकर मंत्री दिलीप जायसवाल के निवास की ओर रवाना हो गए। जहां पर पुलिस प्रशासन के द्वारा मंत्री निवास के 500 मीटर पहले ही बैरिगेटिंग की गई। कांग्रेसियों को मंत्री निवास पहुंचने के पहले ही पुलिस ने उन्हें रोकने का प्रयास किया गया, परन्तु कांग्रेसजन नहीं रुके बैरीगेट क्रॉस कर आगे बढ़ने लगे, जहां पुलिस ने बल का प्रयोग कर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्याम कुमार गुड्डू चौहान, विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को, पूर्व विधायक सुनील सराफ, जिला पंचायत सदस्य रिंकू मिश्रा, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रफी अहमद के साथ साथ अन्य कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार कर लिया गया।

मिठाई खिलाने के बहाने 6 वर्ष की बालिका के साथ युवक ने जंगल में किया दुष्कर्म, आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

जिले के जैतहरी थाना अंतगर्त एक आदिवासी परिवार की 6 वर्षीय मासूम बच्ची के साथ 19 वर्षीय युवक ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। इस घटना से समाज में बाल संरक्षण और सार्वजनिक सुरक्षा को लेकर गहरी चिंता पैदा करता है। पुलिस ने आरोपी युवक को शनिवार की रात हिरासत में लेकर पूछतांछ के बाद गिरफ्तार किया। जिसे न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। शाम तक जेल भेज दिये जाने की संभावाना है।

जानकारी के अनुसार, पीड़िता के पड़ोस में रहने वाले 19 वर्षीय युवक ने बच्ची को मिठाई खिलाने का लालच दे बच्ची को दो पहिया वाहन पर बैठाकर जंगल की ओर ले गया, जहां उसने इस अमानवीय कृत्य को अंजाम दिया। घटना के बाद आरोपी ने बच्ची को धमकी दी कि घटना के बारे में किसी को न बताये और उसे घर छोड़कर मौके से फरार हो गया।

घर पहुंचने पर बच्ची ने साहस दिखाते हुए माँ को घटना की पूरी जानकारी दी। परिजन तत्काल बच्ची को लेकर जैतहरी थाना पहुंचे और पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत पर पुलिस ने मामले को गंभीर अपराध मानते हुए त्वरित कार्रवाई करते हुए 65-2, 351-3,3,4,5 एम 6 पाक्सो एक्ट 64 व / ड,137-2 के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच प्रारंभ की। पुलिस टीम ने तेजी से कार्रवाई करते हुए आरोपी की पहचान की और उसे गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने बताया कि आरोपी पीड़िता का पड़ोसी है और उसने भरोसे का गलत फायदा उठाकर यह अपराध किया। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

फाइनेंस कराए वाहनों को धोखाधड़ी कर अवैध रूप से बेचकर करोड़ों के लेन-देन के आरोपी गिरफ्तार 

*18 लाख के 14 वाहन जप्त*


शहडोल

जिले की सिंहपुर थाना पुलिस ने वाहन फाइनेंस से जुड़े एक बड़े संगठित धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश कर उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। पुलिस ने योजनाबद्ध तरीके से फाइनेंस कराए गए वाहनों को अवैध रूप से बेचकर करोड़ों के लेन-देन को अंजाम देने वाले आरोपियों को गिरफ्तार करते हुए बड़ी मात्रा में वाहन, नकदी और अन्य सामग्री जब्त की है। यह कार्रवाई शहडोल पुलिस की सतर्कता, तकनीकी विवेचना और लगातार निगरानी का परिणाम मानी जा रही है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार 25 दिसंबर 2024 को थाना सिंहपुर क्षेत्र में एक शिकायत दर्ज की गई थी, जिसमें आरोप लगाया गया कि कुछ लोगों द्वारा मोटरसाइकिल और अन्य वाहन फाइनेंस पर खरीदे गए, लेकिन किश्तें चुकाने के बजाय उन्हें दूसरे लोगों को बेच दिया गया। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया कि आरोपी सुनियोजित तरीके से फाइनेंस कंपनियों और आम लोगों को धोखा दे रहे थे। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की।

जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह के सदस्य पहले विभिन्न व्यक्तियों के नाम पर मोटरसाइकिल और अन्य वाहन फाइनेंस कराते थे। फाइनेंस की प्रक्रिया पूरी होते ही वे वाहन अपने पास रखकर उन्हें ऊंचे दामों पर अन्य लोगों को बेच देते थे। कुछ मामलों में वाहन खरीदने वालों को यह भी जानकारी नहीं दी जाती थी कि संबंधित वाहन फाइनेंस पर है। इस प्रकार आरोपी फाइनेंस कंपनियों के साथ-साथ वाहन खरीदने वाले निर्दोष लोगों को भी आर्थिक नुकसान पहुंचा रहे थे।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य, दस्तावेजों की जांच, वाहन नंबरों का सत्यापन और मुखबिर तंत्र की मदद से गिरोह के सदस्यों की पहचान की। इसके बाद अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने इस तरह की धोखाधड़ी को लंबे समय से अंजाम देना स्वीकार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 14 वाहन जब्त किए हैं, जिनमें मोटरसाइकिलें और अन्य वाहन शामिल हैं। जब्त वाहनों की अनुमानित कीमत लगभग 18 लाख रुपये बताई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में कुछ आरोपी पहले से ही न्यायिक अभिरक्षा में जेल में हैं, जबकि अन्य की भूमिका की जांच जारी है। विवेचना के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरोह के सदस्य अलग-अलग क्षेत्रों में सक्रिय रहकर फाइनेंस धोखाधड़ी को अंजाम दे रहे थे, जिससे मामला और भी गंभीर हो जाता है। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।

नेशनल हाइवे में ट्रक पलटा, शराब के नशे में था ड्राइवर, घायल को  अस्पताल में कराया गया भर्ती


शहडोल

गुजरात से झारखंड की ओर जा रहा एक भारी भरकम ट्रक एनएच-43 पर कोटमा तिराहे से पहले स्थित तालाब के पास अनियंत्रित होकर पलट गया। इस हादसे में ट्रक चालक और परिचालक घायल हो गए। घटना शुक्रवार दोपहर की बताई जा रही है। दुर्घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया।

पुलिस के अनुसार ट्रक क्रमांक डब्लू बी 23 के 3449 में कीमती प्रशाल (सामान) लोड था। ट्रक को बिरजू कुमार यादव चला रहा था, जबकि उसके साथ एक परिचालक भी मौजूद था, जिसे भी चोटें आई हैं। घटना के बाद यह सामने आया कि ट्रक चालक और परिचालक दोनों ही शराब के नशे में थे। बताया जा रहा है कि चालक अत्यधिक नशे की हालत में इतना भारी वाहन हाईवे पर चला रहा था, जो इस दुर्घटना का मुख्य कारण बना।

प्रत्यक्षदशियो के मुताबिक, जब ट्रक पलटा तो आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उस समय चालक और परिचालक वाहन से बाहर खड़े थे और उन्हें मामूली चोटें आई थीं। बाद में पहुंची डायल 112 टीम में तैनात आरक्षक अजीत सिंह चौहान एवं पायलट राजुल तिवारी ने दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस कर्मियों ने भी मौके पर यह देखा कि दोनों शराब के नशे में धुत थे।

यह घटना कई गंभीर सवाल खड़े करती है। हाईवे पर लगातार भारी वाहन दौड़ रहे हैं, लेकिन आम लोगों को यह पता नहीं होता कि इनमें से कितने वाहन चालक शराब के नशे में गाड़ी चला रहे हैं। चेकिंग के बावजूद ऐसे नशेड़ी चालक पकड़े क्यों नहीं जा रहे, यह भी चिंता का विषय है। गनीमत रही कि ट्रक एक खाली स्थान पर पलट गया। यदि यह हादसा किसी भीड़भाड़ वाले इलाके में होता, तो बड़ी जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता था। ऐसे में जिम्मेदारी तय करना और सख्त कार्रवाई करना बेहद जरूरी है।

पुलिस ने पीकप से 12 अवैध मवेशी को किया जप्त, पुत्र ने पिता को मारी लात, हुई मौत


अनूपपुर

जिले के जैतहरी थाना अंतर्गत पीकप वाहन मे कई पशु क्रूरता पूर्वक बांधकर पेंड्रा रोड तरफ से जैतहरी - अनूपपुर तरफ परिवहन कर ले जा रहे थे, सूचना को गम्भीरता से लेते हुये थाना जैतहरी पुलिस द्वारा ग्राम लपटा मे घेराबंदी की गई जो कुछ देर बाद एक पीकप वाहन बिना नम्बर पेंड्रा रोड तरफ से आते हुआ दिखा, जिसे थाना जैतहरी पुलिस द्वारा रोकने का प्रयास किया तो पीकअप चालक पुलिस को देखकर पीकप को लपटा गांव अंदर के सतखण्डा जंगल तरफ वाहन को बडी तेजी से भगाते हुये ले गया, पुलिस ने पीछा किया तो पीकप का चालक वाहन को लपटा के सतखण्डा जंगल मे छोड़कर वाहन का चालक जंगल एवं अंधेरा का फायदा उठाकर छिपते हुए भाग गया।  बिना नम्बर की पीकप के अंदर कुल 06 मवेशी भैसे किमती लगभग 1,05,000/-रू क्रूरता पूर्वक बंधे हुये है एंव पिकअप कीमती करीबन 05 लाख रुपये कुल मसरुका 6,0,5000/- रुपये को जप्त किया। कर कब्जे पुलिस लिया गया। अज्ञात चालक के विरुद्ध मामला पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया। दूसरे मामले में पीकप वाहन रजिस्ट्रेशन नम्बर UP 12 CT 1746 मे पडवा (मवेशी) ठूस ठूस कर भरे हुये है, जिनको गौरेला पेण्ड्रा तरफ से परिवहन कर लाया जा रहा है, सूचना उपरांत चौकी वेंकटनगर के सामने घेराबंदी कर पीकअप का इंतजार किया जैसे ही वाहन चौकी सामने पहुचा जिसको रूकवाने पर नही रूका जिसका तत्काल पीछा किया जो पीकअप वाहन को लपटा के जरेली जंगल तरफ वाहन को बडी तेजी से भगाते हुये ले गये जिसका पीछा किया तो चालक उक्त पीकप वाहन को जंगल मे छोड़कर कर भाग गया। उक्त पीकअप को वेंकटनगर पुलिस बिना नम्बर की पीकअप के अंदर 06 नग पडवा कीमत लगभग 03 लाख रू के रस्सी से ठूंश ठूस कर क्रूरता पूर्वक बंधे हुये थे एंव पीकप कीमत करीबन 07 लाख रुपये जप्त कर कब्जे लिया गया। चालक के विरुद्ध  का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना मे लिया गया ।  

*पुत्र ने पिता को मारी लात, हुई मौत*


शहडोल जिले के सिंहपुर थाना अंतर्गत बेटे ने अपने ही पिता को ऐसी लात मारी की पिता की मौत हो गई।  मामूली से मेहनताने की मांग पर उपजे विवाद ने एक पिता की जिंदगी छीन ली और पूरे गांव को सदमे में डाल दिया। यह दिल दहला देने वाली घटना सिंहपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कुदवार खुर्द की है। 

जानकारी के अनुसार सिंहपुर थाना क्षेत्र के कुदवार  के रहने वाले पुत्र दयाराम अपने पिता ददनू और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ 31 दिसंबर की रात नाइट पार्टी मना रहा थे। पार्टी के दौरान सभी लोग शराब के नशे में धुत थे,  इसी बीच पिता ददनू ने खेत में काम करने के एवज में अपने बेटे दयाराम से 300 रुपये मेहनताना मांगा, पिता का कहना था कि उसे भी खर्चों के लिए पैसों की जरूरत है।

बताया जा रहा है कि बेटे ने पहले तो मजदूरी बाद में देने की बात कहकर पिता को टाल दिया, लेकिन पिता के बार-बार पैसे मांगने पर दयाराम आपा खो बैठा, गुस्से में आकर उसने पिता के गुप्तांग में जोरदार लात मार दी।  लात लगते ही पिता जमीन पर गिर पड़े और गंभीर रूप से घायल हो गए,  इसके बाद भी आरोपी बेटे ने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल नहीं ले जाया,  पिता करीब 24 घंटे तक घर में दर्द से तड़पते रहे, अगले दिन जब पिता की हालत बेहद गंभीर हो गई तो दयाराम किसी तरह वाहन का इंतजाम कर उन्हें शहडोल जिला अस्पताल ले गया,  वहां उसने डॉक्टरों से यह कहकर गुमराह करने की कोशिश की कि पिता के पेट में दर्द है और पेशाब रुक गई है। लेकिन डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद ददनू को मृत घोषित कर दिया। पिता का शव घर लाने के बाद दयाराम ने घटना की पूरी कहानी अपने भाई को बताई, जिसके बाद सिंहपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल पूरा मामला पीएम रिपोर्ट पर टिका हुआ है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों और आगे की कानूनी कार्रवाई का खुलासा हो सकेगा।

विवाद में किसान की हुई हत्या, आरोपी गिरफ्तार,नवविवाहिता ने कुएं में कूदकर की आत्महत्या


अनूपपुर

जिले के अमरकंटक थाना क्षेत्र के ग्राम अमगवां में लकड़ी के रास्ते को लेकर हुए विवाद में एक किसान की निर्मम हत्या का मामला सामने आया है। अमरकंटक पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 24 घंटे के भीतर अंधी हत्या का खुलासा कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार अपराध क्रमांक 213/25 भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया है। फरियादी सूचनाकर्ता बती बाई पति रामधारी सिंह गोंड, उम्र 50 वर्ष, निवासी ग्राम अमगवां, थाना अमरकंटक ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।

फरियादी ने बताया कि उनके पति रामधारी सिंह गोंड पिता फूंदेलाल सिंह गोंड, उम्र 56 वर्ष, दिनांक 31 दिसंबर 2025 को सुबह करीब 7 बजे अपनी पत्नी के साथ खेत की मेड़ पर पड़े एक सूखे पेड़ को काटने गए थे। रामधारी सिंह लोहे की टांगी (कुल्हाड़ी) से पेड़ को चीर-फाड़ रहे थे। सुबह करीब 8 बजे बती बाई लकड़ी का छिलका (चैली) लेकर घर लौट आईं।

करीब सुबह 10 बजे जब वे दोबारा खेत पहुंचीं तो देखा कि उनके पति लकड़ी के ऊपर मृत अवस्था में पड़े थे। उनके सिर के पीछे गर्दन के बाईं ओर, गले तथा पीठ के पीछे बाईं तरफ धारदार हथियार से गंभीर वार किए गए थे। प्रथम दृष्टया यह स्पष्ट था कि धारदार टांगी/कुल्हाड़ी से मारपीट कर उनकी हत्या की गई है। घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच प्रारंभ की और मामले में अपराध क्रमांक 213/25 धारा 103(1) बीएनएस तथा मर्ग क्रमांक 52/25 धारा 194 बीएनएसएस कायम किया।

विवेचना के दौरान पुलिस ने संदेही पुरुषोत्तम सिंह पिता ईश्वर सिंह गोंड, उम्र 34 वर्ष, निवासी ग्राम अमगवां को दस्तयाब कर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि खेत के रास्ते में लकड़ी होने से उसे परेशानी हो रही थी, इसी बात को लेकर विवाद हुआ और उसने लोहे की कुल्हाड़ी से रामधारी सिंह की हत्या कर दी।

*नवविवाहिता ने कुएं में कूदकर की आत्महत्या*


शहडोल जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम सोनटोला में एक दर्दनाक घटना सामने आई है, जहां नवविवाहिता ने कुएं में कूदकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई है। पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान सरोज पति चन्द्रभान सिंह, उम्र 22 वर्ष, निवासी सोनटोला के रूप में हुई है।

पुलिस ने बताया कि घटना के कुछ समय पहले पति-पत्नी के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद के बाद सरोज नाराज होकर घर से बाहर निकल गई और घर के सामने स्थित कुएं में छलांग लगा दी। कुएं में गिरने की आवाज सुनकर पति मौके पर पहुंचा और पत्नी को बचाने का प्रयास किया। उसने आसपास के लोगों को भी मदद के लिए आवाज दी, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पुलिस और ग्रामीणों की मदद से महिला को कुएं से बाहर निकाला गया, लेकिन उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना पर गोहपारू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार फिलहाल मर्ग कायम कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है। मृतिका के परिजनों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि आत्महत्या के पीछे क्या कारण रहा। गोहपारू थाना प्रभारी राजकुमार मिश्रा ने कहा कि घटना के पहले पति पत्नि का विवाद हुआ था। उसके बाद पत्नी ने कुएं में छलांग लगाकर अपनी जान दे दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। फिलहाल मर्ग कायम किया है।

नप अध्यक्ष उमंग गुप्ता बने हिटलर, पुत्र की गलतीं पर पिता को मारी लात, राठौर समाज ने निकाली हेकड़ी, मामला दर्ज

*पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा नेता अनिल गुप्ता पर फिर लगा दाग*


अनूपपुर

जिले के जैतहरी थाना में भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष भाजपा नेता अनिल गुप्ता के पुत्र नगर परिषद जैतहरी के अध्यक्ष उमंग गुप्ता के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। अनिल गुप्ता व उनका परिवार लगातार सुर्खियां बटोरने में लगा है। कुछ माह पहले एक ब्राम्हण महिला पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने पर अनिल गुप्ता की बहुत ज्यादा अपमान झेलना पड़ा था और बाद में लिखित माफी मांगने पर मामला शांत हुआ था। अनिल गुप्ता की लगातार धूमिल हो रही है, जिससे इनका राजनैतिक कैरियर लगभग खत्म होता जा रहा है। वार्ड क्रमांक 13, पुरानी बस्ती जैतहरी निवासी देवसाय राठौर (33) ने थाना में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने एक बालक के गमले में पेशाब करने से नाराज होकर उसके पिता को लात मारी। शिकायत के अनुसार, देवसाय राठौर 31 दिसंबर को अपने चार वर्षीय बेटे श्रेयांक राठौर का बाल कटवाने चंदू नाई की दुकान पर ले गए थे।

बालक को पेशाब महसूस हुई, जिसके बाद उसने दुकान के पास लगे फूल के गमले में पेशाब कर दिया। इसी दौरान, नाई की दुकान के सामने चल रहे नगर परिषद के निर्माण कार्य स्थल पर मौजूद अध्यक्ष ने बालक को गमले में पेशाब करते देख लिया।

नगर परिषद अध्यक्ष देवसाय राठौर के पास आए और कथित तौर पर अभद्र गालियां देते हुए कहा, "अगर मैं तुम्हारे घर जाकर पेशाब कर दूं तो अच्छा लगेगा।" देवसाय ने माफी मांगते हुए गमले को पानी से धो दिया। इसके बाद, नगर परिषद अध्यक्ष ने देवसाय से उनके वार्ड के बारे में पूछा। जब देवसाय ने बताया कि वह वार्ड नंबर 13 के निवासी हैं, तो अध्यक्ष ने अचानक उनकी जांघ पर जोर से लात मार दी। इस घटना के बाद, देवसाय राठौर ने वार्ड पार्षद राज किशोर राज राठौड़ को जानकारी दी। इसके बाद समाज की बैठक आयोजित की गई, और फिर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराने का निर्णय लिया गया।

थाना परिसर में गहमा-गहमी का माहौल था। राठौर समाज के लोगों ने एफआईआर दर्ज न होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए शाम को थाने के सामने धरना दिया और नारेबाजी की। स्थिति को देखते हुए, पुलिस ने रात 7 बजे नगर परिषद अध्यक्ष उमंग गुप्ता के खिलाफ धारा 296 और 115(2) के तहत मामला दर्ज किया। मामला दर्ज होने के बाद राठौर समाज के लोग अपने घरों को लौट गए।

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