करंट लगने से पुरुष व कुँए में गिरने से महिला की हुई मौत, पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुटी


अनूपपुर 

अमरकंटक थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग घटनाओं में एक युवक और एक महिला की मृत्यु हो गई। पहली घटना नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 14 स्थित टिकरी टोला में विद्युत करंट की चपेट में आने से 42 वर्षीय राजेंद्र पिटानिया की मौत हो गई। वहीं ग्राम भेजरी में कुएं से पानी भरने के दौरान पैर फिसलने से 45 वर्षीय महिला मीराबाई मरावी की जान चली गई।

नगर परिषद अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 14 स्थित टिकरी टोला में हुई, जहां विद्युत करंट की चपेट में आने से 42 वर्षीय राजेंद्र पिटानिया पिता इंद्रपाल पिटानिया की दोपहर विद्युत करंट लगने से मृत्यु हो गई। बताया गया कि घर के एक कमरे से दूसरे कमरे में रोशनी के लिए विद्युत तार दरवाजे के रास्ते से ले जाया गया था। दरवाजा बंद होने के दौरान तार क्षतिग्रस्त हो गया था, जिससे लोहे के दरवाजे में विद्युत प्रवाह होने की स्थिति बन गई। राजेंद्र पिटानिया जब दरवाजा खोलने पहुंचे, तभी वे करंट की चपेट में आ गए और घटनास्थल पर ही उनकी मृत्यु हो गई। घटना की सूचना उनके बड़े भाई राजेश पिटानिया ने थाना अमरकंटक में दी। पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया।

दूसरी घटना में इसी थाना क्षेत्र के भेजरी गांव में वार्ड क्रमांक 4 में हादसे कुएं में पानी भरने आई 45 वर्षीय महिला मीराबाई पति अर्जुन सिंह का पर अचानक फिसल गया और महिला कुएं के अंदर जा गिरी। घटना में महिला की मौत कुएं के अंदर हो गई। घटना के दौरान ही कुछ दूर पर खड़े मोहल्ले के व्यक्ति ने घटना की सूचना अमरकंटक थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस ने गहरे कुएं को देखते शव निकालने जिला मुख्यालय अनूपपुर से एसडीईआरएफ की टीम की मदद मांगी। लेकिन इसी दौरान क्षेत्र में भ्रमण कर रहा थाना अमरकंटक डायल 112 की टीम ने स्थानीय ग्रामीणों की मदद से एसडीईआरएफ की टीम के घटनास्थल पहुंचने से पूर्व कुएं मे डूबी महिला के शव को बाहर निकाल लिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्डम के लिए शव सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक भेजा है।

पेंशन के लिए एक साल से भटक रहे बैगा दंपती, रोजगार सहायक पर 5 हजार रुपये मांगने का लगा आरोप

धान बेचकर किराया जुटाकर पहुंचे जनपद कार्यालय*


अनूपपुर

शासन द्वारा विशेष रूप से कमजोर एवं संरक्षित जनजातीय समुदायों के उत्थान और सामाजिक सुरक्षा के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिलने में कथित तौर पर परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसा ही मामला जनपद पंचायत अनूपपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत छिल्पा से सामने आया है।

ग्राम पंचायत छिल्पा निवासी रेज्जु बैगा (65) और ईती बाई बैगा (62) का कहना है कि वे पिछले करीब एक वर्ष से सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना का लाभ पाने के लिए ग्राम पंचायत के चक्कर लगा रहे हैं। मंगलवार, 29 सितंबर 2026 को दोनों अपनी समस्या लेकर जनपद पंचायत अनूपपुर पहुंचे और मीडिया के सामने अपनी व्यथा बताई।

रेज्जु बैगा और ईती बाई ने आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत छिल्पा में पदस्थ रोजगार सहायक मोहन साहू द्वारा पेंशन दिलाने के नाम पर उनसे ₹5 हजार की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि वे अत्यंत गरीब हैं और शासन से मिलने वाले राशन के सहारे जीवनयापन कर रहे हैं। ऐसे में पांच हजार रुपये की राशि जुटाना उनके लिए संभव नहीं है।

हितग्राहियों ने बताया कि आर्थिक तंगी के बावजूद वे चावल-धान बेचकर आने-जाने का किराया जुटाते हुए करीब 20 किलोमीटर दूर जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचे, ताकि उनकी समस्या का समाधान हो सके।

हितग्राहियों के अनुसार, जब वे अपनी शिकायत लेकर जनपद पंचायत पहुंचे, उस समय जनपद पंचायत सीईओ जनसुनवाई के सिलसिले में अनूपपुर में मौजूद थे, जबकि पेंशन संबंधी कार्य देखने वाले संबंधित कर्मचारी के अवकाश पर होने की बात सामने आई। ऐसे में बैगा दंपती को तत्काल समाधान नहीं मिल सका।

मीडिया कर्मियों ने उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें समझाइश दी और वापस उनके गृह ग्राम भेजा। अब सवाल यह उठ रहा है कि यदि एक वर्ष से पात्र हितग्राही पेंशन के लिए भटक रहे हैं, तो जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उनकी समस्या का समय पर निराकरण क्यों नहीं किया गया?

हालांकि रोजगार सहायक पर लगाए गए ₹5 हजार मांगने के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। मामले की निष्पक्ष जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।

जर्राटोला में 4.50 लाख की गुणवत्ता विहीन पुलिया निर्माण पर उठे सवाल, सीएम हेल्पलाइन में हुई शिकायत

*ग्रामीणों ने लगाए घटिया निर्माण के आरोप, जांच की मांग तेज*


अनूपपुर

जनपद पंचायत अनूपपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत जर्राटोला में लगभग 4 लाख 50 हजार रुपये की लागत से निर्माणाधीन पुलिया को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी सामने आई है। राजा राम पाण्डेय के घर के पास बन रही पुलिया के निर्माण में गुणवत्ता को लेकर ग्रामीणों ने गंभीर सवाल उठाते हुए संबंधित अधिकारियों से मौके पर जांच और निर्माण कार्य की गुणवत्ता परीक्षण कराने की मांग की है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में स्वीकृत मापदंडों और मौके पर किए जा रहे निर्माण के बीच अंतर दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों के मुताबिक यदि निर्माण की तकनीकी जांच नहीं कराई गई तो भविष्य में पुलिया की मजबूती और सुरक्षा को लेकर परेशानी खड़ी हो सकती है।

ग्रामीणों का दावा है कि एस्टीमेट में नींव की गहराई करीब 1.5 मीटर निर्धारित है, जबकि मौके पर लगभग 1 मीटर तक ही खुदाई किए जाने का आरोप है। ग्रामीणों ने इसकी वास्तविक माप तकनीकी अधिकारियों से कराने की मांग की है।

ग्रामीणों के अनुसार बेस में निर्धारित मोटाई के अनुरूप सामग्री नहीं डाली जा रही है। उनका आरोप है कि मौके पर बेस की परत काफी कम दिखाई दे रही है और उसके ऊपर गिट्टी डाली जा रही है। ग्रामीणों ने निर्माण सामग्री की गुणवत्ता और बेस की मोटाई की जांच की मांग की है।

पुलिया में लगाए जा रहे सरिये को लेकर भी ग्रामीणों ने आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्धारित माप के स्थान पर कम मोटाई के सरिये का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं सीमेंट, रेत और अन्य सामग्री के मिश्रण को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पुलिया पर भविष्य में भारी वाहन और ट्रैक्टर-ट्रॉली का आवागमन होना है, इसलिए निर्माण की गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की लापरवाही दुर्घटना का कारण बन सकती है।

पुलिया निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सीएम हेल्पलाइन 181 में शिकायत दर्ज कराई गई है। ग्रामीणों की मांग है कि शिकायत पर केवल कागजी कार्रवाई न हो, बल्कि जनपद पंचायत के तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण की माप, नींव की गहराई, बेस की मोटाई, सरिये की गुणवत्ता, सीमेंट-रेत का अनुपात और कुल खर्च का भौतिक सत्यापन करें।

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिन के भीतर एसडीएम अथवा जनपद पंचायत के तकनीकी अधिकारी मौके पर पहुंचकर जांच नहीं करते, तो वे सामूहिक रूप से कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर पहुंचकर लिखित शिकायत सौंपेंगे।

जिला बदर कुख्यात बदमाश तालिब का आतंक, नशे के लिए 500 रुपए ने देने पर युवक पर किया चाकू से जानलेवा हमला

*​18 से अधिक संगीन मुकदमें, पुलिस व आम लोगो के लिए बना सिरदर्द*


​शहडोल.

कोयलांचल नगरी धनपुरी में बेखौफ अपराधियों और नशेड़ियों के हौसले किस कदर बुलंद हो चुके हैं, इसका खौफनाक नमूना एक बार फिर बीच सड़क पर देखने को मिला है। इलाके का कुख्यात बदमाश मो. तालिब जिस पर पहले जिला बदर की कार्रवाई हो चुकी है और जिसके खिलाफ चोरी, एनडीपीएस (नशीले पदार्थ) समेत 18 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं, उसने कानून-व्यवस्था को सीधी चुनौती देते हुए एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। हमला केवल इस बात पर किया गया क्योंकि युवक ने नशीली कफ सिरप (कोरेक्स) खरीदने के लिए 500 रुपये की रंगदारी देने से इनकार कर दिया था।  

​कच्ची मोहल्ला निवासी अरमान अख्तर (उम्र 25 वर्ष, पिता मो. अख्तर हुसैन) अपने साथी मो. शाहिद के साथ पैदल अपने घर की ओर जा रहा था। जैसे ही दोनों अमरकंटक रोड पर इसरार की दुकान के सामने पहुंचे, सामने से कच्ची मोहल्ला निवासी मो. तालिब (पिता मो. रमजान कामरेड) अचानक आ धमका और उसने रास्ता रोक लिया।  

​आरोपी तालिब ने अरमान को धमकाते हुए कहा कि उसे कोरेक्स पीना है और तुरंत 500 रुपये निकाल कर दे। जब अरमान ने लाचारी जताते हुए पैसे देने से मना किया, तो आदतन अपराधी तालिब आगबबूला हो गया और सरेराह मां-बहन की गंदी-गंदी गालियां बकने लगा। जब पीड़ित ने इस अभद्रता का विरोध किया तो धारदार चाकू निकाला और अरमान की हत्या की नीयत से उस पर वार कर दिया। चाकू सीधे अरमान की बाईं कमर में जा धंसा, जिससे वह खून से लथपथ होकर जमीन पर गिर पड़ा। अरमान की चीख-पुकार सुनकर उसके दोस्त शाहिद ने अपनी जान पर खेलकर बीच-बचाव किया। इसी बीच शोर सुनकर मोहल्ले का एक अन्य युवक मो. सुहैल भी दौड़कर मौके पर पहुंच गए। और जाते हुए गुंडई का रौब दिखाते हुए खुली धमकी दी— "तुम मुझे नहीं जानते, मैं बहुत बड़ा गुंडा हूँ। आज तो तेरे दोस्त ने तुझे बचा लिया, लेकिन अगली बार कोरेक्स के पैसे नहीं दिए तो तुझे सीधे जान से खत्म कर दूंगा।" इसके बाद आरोपी मौके से भाग निकला। तालिब के ऊपर नशीले पदार्थों की तस्करी व अवैध खरीद-फरोख्त (NDPS एक्ट) के साथ-साथ चोरी, मारपीट और रंगदारी के 18 मामले दर्ज हैं।

धनपुरी पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 296(b) (गाली-गलौज/अश्लीलता), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 119(1) (गंभीर चोट/घातक हथियार से हमला) एवं 351(3) (जान से मारने की आपराधिक धमकी) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है।

आदिवासी छात्रावास से आधी रात 15 बोरी गेहूं चुराते ग्रामीणों ने घेरा, मौका पाकर फरार हुए चोर 

*छात्रावास अधीक्षक पर लगे चोरी के आरोप, गरीब आदिवासी बच्चों के हक पर डांका*


उमरिया

पाली विकासखंड के ग्राम चौरी स्थित शासकीय आदिवासी सीनियर बालक छात्रावास में गरीब आदिवासी बच्चों के हक का सरकारी गेहूं ही आधी रात को बेचने के लिए निकाला जा रहा था और आरोप किसी और पर नहीं, बल्कि उसी छात्रावास के अधीक्षक सुनील कुमार अहिरवार पर लगा है।

रात करीब साढ़े बारह बजे की है। शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल चौरी के चौकीदार राजेश सिंह पिता अवसर सिंह ने स्कूल परिसर के पीछे कुछ हलचल और बोरियां घसीटने की आवाज सुनी। वह टॉर्च लेकर बाहर निकला तो दंग रह गया। छात्रावास के भंडार कक्ष से अधीक्षक सुनील कुमार अहिरवार, लल्लू यादव निवासी पैली और तीन-चार अन्य लोग सरकारी गेहूं की बोरियां निकालकर हायर सेकेंडरी स्कूल की बाउंड्रीवाल के पीछे इकट्ठा कर रहे थे। वहां पहले से नई पीली प्लास्टिक की बोरियां और स्टील का टंका रखा था, जिसमें सरकारी बोरियों से निकालकर गेहूं पलटी कर तौला जा रहा था, ताकि बोरी बदलकर पहचान छिपाई जा सके।

चौकीदार के टॉर्च मारते ही हड़कंप मच गया और अंधेरे का फायदा उठाकर तीन-चार लोग भाग गए। मौके पर 15 बोरी गेहूं, कुछ खाली बोरी और टंका रखा मिला। ग्रामीणों ने बताया कि चोरी के लिए सोची समझी साजिश के तहत छात्रावास की बाहरी रोड लाइटें तक बंद कर दी गई थीं और जब ग्रामीणों ने हल्ला मचाया तब आनन-फानन में लाइटें चालू की गईं। इस पूरी वारदात के तीन लाइव वीडियो भी ग्रामीणों ने बनाए हैं, जिसमें गोदाम के अंदर 20-25 बोरी गेहूं का स्टॉक और नई बोरियों में भरने की प्रक्रिया साफ दिख रही है। वीडियो में बनाने वाला बोल रहा है कि चार दिन से प्लानिंग चल रही थी और अधीक्षक व चपरासी सब मिले हुए हैं।

यह पहला मौका नहीं है। छात्रों और ग्रामीणों ने बताया कि इसके एक दिन पहले 24 सितंबर की रात साढ़े दस बजे भी अधीक्षक अपने तीन-चार साथियों के साथ मधुमक्खी का छत्ता तोड़ने का बहाना बनाकर छात्रावास में घुसा था। उस रात भी छात्रों को कैमरे में कैद कर गोदाम से गेहूं निकाला गया, लेकिन विभागीय अधिकारियों को सूचना देने के बाद मामले को दबा दिया गया। भंडार कक्ष की चाबी हमेशा अधीक्षक के पास ही रहती है, फिर ताला बंद गोदाम से गेहूं बाहर कैसे निकला, यह अपने आप में बड़े भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है। 

घटना के बाद ग्रामीण राजा सिंह, लल्लू सिंह, अलकेश सिंह मौके पर पहुंचे और 112 पर कॉल कर पुलिस बुलाई। चौकीदार राजेश सिंह ने 26 सितंबर को थाना पाली में लिखित आवेदन देकर अधीक्षक सुनील कुमार अहिरवार और अन्य के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

घटना के बाद से फरार चल रहा अधीक्षक अब उमरिया जिला मुख्यालय में अधिकारियों के चक्कर लगा रहा है और सेटिंग की फिराक में लगा है ताकि मामले को रफा-दफा किया जा सके। ग्रामीणों ने कलेक्टर उमरिया और संभागीय  आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग शहडोल से मांग की है कि पूरे स्टॉक रजिस्टर को जब्त कर पिछले छह माह के राशन की भौतिक जांच कराई जाए और दोषी अधीक्षक को तत्काल निलंबित कर कठोर कार्रवाई की जाए।

दो अलग-अलग मामलो मे पानी मे डूबने से व छत से गिरने से 2 युवकों की हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

पुलिस चौकी फुनगा अंतर्गत दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की मृत्यु हो गई। ग्राम पंचायत बम्हनी में दोपहर खेत में भरे पानी में 35 वर्षीय महेश बैगा की डूबने से एवं ग्राम पंचायत पाली में 21 वर्षीय दिनेश चौधरी की छत से गिरने से मौत हो गई।

ग्राम पंचायत बम्हनी में दोपहर खेत में भरे पानी में डूबने से महेश बैगा पुत्र भुत्ता बैगा, निवासी बम्हनी सुबह घर से गांव की जाने की बात कह निकला था। इसी दौरान गांव के सुनसान जगह के पास एक खेत में गांव के एक बुजुर्ग ने युवक के शव को देखा, जिसकी सूचना ग्रामीणों को दी। मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने शव को देखने के बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को फुनगा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां शाम पोस्टमार्डम करा परिजनों को सौंपा दिया। पति की मौत की सूचना पर पत्नी की तबियत बिगड़ गई, जहां पुलिस ने उसे स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के लिए भर्ती कराया है।

पुलिस ने बताया कि मृतक खाने पीने का आदी था। प्रथम दृष्टया पांव फिसलने से खेत की मेढ़ पर गिरना और खेत में भरे पानी में गिरने और डूबने से युवक की मौत होना प्रतीत होता है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

दूसरी घटना पुलिस चौकी फुनगा के ही ग्राम पंचायत पाली में एक दर्दनाक हादसे में 21 वर्षीय युवक दिनेश पुत्र राकेश चौधरी की छत से गिरने से मौत हो गई। युवक शाम के समय घर की छत पर टहल रहा था। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से वह छत से नीचे गिर गया। हादसे में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस चौकी फुनगा पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार पोस्टमार्डम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुनगा लेकर पहुंची, जहां डॉक्टर ने प्राथमिक जांच में सिर में गंभीर चोट के कारण मौत होने की बात कही। पुलिस शव परिजनों को सौंप मामले की जांच कर रही है।

पहाड़ों से मलबा व पेड़ गिरने से दो दिन से तीन प्रमुख मार्ग बंद, हाथ भट्टी व विदेशी मदिरा जब्त, तीन मामला दर्ज 


अनूपपुर

प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल तथा पर्यटन केंद्र पवित्र नगरी अमरकंटक को छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले से जोड़ने वाले तीन प्रमुख संपर्क मार्ग लगातार हुई मूसलाधार बारिश के बाद बंद हो गए हैं। बंगाल की खाड़ी में उठे चक्रवाती तूफान के प्रभाव से क्षेत्र में तीन दिनों तक हुई झमाझम बारिश के चलते पहाड़ी हिस्सों से मलबा और पेड़ गिरने के कारण धरमपानी-दुर्गधारा-पकरिया मार्ग, जालेश्वर-मदरवानी मार्ग तथा विश्वविद्यालय-पेंड्रा रोड मार्ग पर आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ है।

बताया जा रहा है कि तीनों मार्ग पिछले दो दिनों से अवरुद्ध हैं। मार्गों पर गिरे पेड़ों और मलबे को हटाकर यातायात बहाल करने के लिए स्थानीय स्तर पर प्रशासन तथा छत्तीसगढ़ लोक निर्माण विभाग की ओर से कार्रवाई की अपेक्षा की जा रही है। लगातार मार्ग बंद रहने से अमरकंटक और गौरेला-पेंड्रा क्षेत्र के बीच आवागमन करने वाले लोगों के सामने अतिरिक्त दूरी तय करने की स्थिति बन गई है।

इन मार्गों का अमरकंटक की यातायात व्यवस्था में विशेष महत्व है। अमरकंटक-दुर्गधारा-पकरिया मार्ग करीब 25 किलोमीटर, जालेश्वर मार्ग लगभग 33 किलोमीटर तथा विश्वविद्यालय-पेंड्रा रोड मार्ग करीब 35 किलोमीटर लंबा है। सामान्य दिनों में इन मार्गों से अमरकंटक और पेंड्रा क्षेत्र के बीच बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, व्यापारी, पर्यटक एवं तीर्थयात्री आवागमन करते हैं।

मार्ग बंद होने के कारण पेंड्रा रोड रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्हें तराई क्षेत्र के गांवों से होकर करीब 45 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे यात्रा का समय बढ़ने के साथ ही वाहन चालकों और यात्रियों पर अतिरिक्त आर्थिक भार भी पड़ रहा है।

हाथ भट्टी व विदेशी मदिरा जब्त, तीन मामला दर्ज 

अनूपपुर जिले के अमरकंटक में आबकारी विभाग द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत जिले में अवैध मदिरा के निर्माण , संग्रहण एवं विक्रय पर अंकुश लगाने के उद्देश्य के अंतर्गत आबकारी विभाग ने अमरकंटक क्षेत्र में प्रभावी कार्रवाई करते हुए 27 सितंबर 2026 को विभिन्न स्थानों से हाथ भट्टी एवं विदेशी मदिरा बरामद की है । कार्रवाई के दौरान तीन आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई ।

अमरकंटक के वार्ड क्रमांक-7 में राजेश सिंह एवं रामकली के कब्जे से 11 लीटर हाथ भट्टी मदिरा बरामद की गई । वहीं बाराती क्षेत्र में अनीता धुर्वे के कब्जे से 7.2 बल्क लीटर विदेशी मदिरा तथा ग्राम लालपुर में संजनाबाई के कब्जे से 6.3 बल्क लीटर विदेशी मदिरा जब्त की गई ।

आबकारी विभाग ने बरामद मदिरा को जप्त करते हुए संबंधित आरोपियों के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) के तहत मामला दर्ज कर कार्यवाही की।

भिखारी बनकर डॉक्टर के घर पर दिनदहाड़े दीवार कूदकर चुराई मूर्ति, सीसीटीवी में कैद हुई करतूत


शहडोल

बुढ़ार थाना क्षेत्र की आदर्श कॉलोनी में दिनदहाड़े चोरी की एक अजीबोगरीब घटना सामने आई है। यहां एक व्यक्ति कथित तौर पर पागल और भिखारी के भेष में कई दिनों से इलाके में घूमता रहा। घर की रेकी करने के बाद मौका मिलते ही डॉक्टर के घर में घुस गया और वहां रखी एक मूर्ति चोरी कर फरार हो गया। चोरी की पूरी करतूत घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है।

जिले के बुढार थाना क्षेत्र आदर्श कॉलोनी निवासी डॉक्टर ए.के. लाला अपने घर में ही क्लिनिक संचालित करते हैं। घटना के समय डॉक्टर क्लिनिक खोलकर किसी काम से बाहर गए थे और घर के मुख्य गेट पर ताला लगा हुआ था। इसी दौरान एक व्यक्ति, जिसे स्थानीय लोग पिछले कुछ दिनों से भिखारी अथवा मानसिक रूप से अस्वस्थ समझकर नजरअंदाज कर रहे थे, घर के आसपास पहुंचा। 

सीसीटीवी फुटेज में कथित चोर पहले घर के आसपास इधर-उधर घूमकर स्थिति का जायजा लेता नजर आ रहा है। कुछ देर तक रेकी करने के बाद जब उसे आसपास कोई दिखाई नहीं दिया तो वह तेजी से गेट और दीवार को पार कर घर के अंदर दाखिल हो गया। अंदर जाने के बाद उसने सामान तलाशा, लेकिन जब कुछ खास हाथ नहीं लगा तो घर में रखी एक मूर्ति उठाई और उसी रास्ते से बाहर निकलकर फरार हो गया। भिखारी चोर की सब करतूत डाक्टर के घर में लगे सीसीटीवी कैद  हो गई।

डॉक्टर ए.के. लाला ने बताया कि एक व्यक्ति कुछ दिनों से इलाके में भिखारी के रूप में घूम रहा था, लोग उसे पागल समझते थे, लेकिन मौका मिलते ही उसने घर में प्रवेश कर मूर्ति चोरी कर ली। उनका कहना है कि यदि घर में कोई कीमती सामान रखा होता तो वह उसे भी लेकर जा सकता था। 

बिजली कनेक्शन काटे जाने से नाराज युवक शराब के नशे में चढ़ा ट्रांसफार्मर पर, कर्मचारियों को दी गाली


शहडोल

बिजली का कनेक्शन काटे जाने से नाराज एक युवक ने शराब के नशे में जान की परवाह किए बिना विद्युत सब-स्टेशन परिसर में पहुंचा और ट्रांसफॉर्मर पर चढ़कर बैठ गया, इसके बाद बिजली विभाग के कर्मचारियों के साथ गाली-गलौज करते हुए घंटों हंगामा करता रहा। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

मामला अमलाई थाना क्षेत्र के रूंगटा-साबो स्थित एसईसीएल शारदा ओसीएम की बंद पड़ी खदान की कॉलोनी के सब-स्टेशन का है। रूंगटा निवासी बबलू केवट अपने क्वार्टर की बिजली काटे जाने से नाराज था। बताया जा रहा है कि लगातार बिजली गुल होने को लेकर भी वह परेशान था। इसी दौरान शराब के नशे में वह सब-स्टेशन पहुंच गया और वहां लगे ट्रांसफॉर्मर पर चढ़कर बैठ गया। वायरल वीडियो में युवक ट्रांसफॉर्मर के ऊपर बैठा दिखाई दे रहा है। वह विद्युत विभाग के कर्मचारियों के साथ कथित तौर पर गाली गलौज करता नजर आ रहा है। सुरक्षा को देखते हुए कर्मचारी वहां से दूर हट गए।

बताया जा रहा है कि युवक के ट्रांसफॉर्मर पर चढ़ने के बाद उसकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ट्रांसफॉर्मर की बिजली सप्लाई लाइन काट दी गई थी, इसके बाद भी युवक काफी देर तक ऊपर बैठकर हंगामा करता रहा। घंटों चले इस हाई वोल्टेज ड्रामे के बाद वह आखिरकार नीचे उतरा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि संवेदनशील विद्युत परिसर में युवक प्रवेश कैसे कर गया। सब स्टेशन की सुरक्षा के लिए वहां क्या इंतजाम किए गए हैं?

युवक की हत्या के पाँच आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, हत्या में प्रयुक्त कार, बाइक, कपड़े व पर्स जब्त

*48 घंटे में पुलिस ने किया खुलासा*


अनूपपुर

प्रेम लाल कोल पिता समारू कोल उम्र 52 वर्ष निवासी सिवनी डोंगरी टोला थाना जैतहरी का रिपोर्ट लेख कराया की गणेश विसर्जन हेतु अपनी मोटर सायकल मे अपने साथी मिथुन कोल, राजेश यादव के साथ घर से निकला था, रात्रि 10 बजे मिथुन कोल अपने भाई के फोन मे गोवर्धन कोल के फोन से बताया कि तेजू का लडका सूरज अपने साथियो के साथ गोवर्धन को मारपीट कर रहे है, तब हम लोगो ने मिथुन कोल और राजेश कोल को अपने साथ ले जाकर गोवर्धन की पता तलाश किये तो वह नही मिला। लगातार पता तलाश करने पर गोवर्धन की मोटर साइकिल का टूटा हुआ क्लच केबिल और दोनो पैर की चप्पल मंडल के बगीचा मे मिला तथा मोटर सायकल, चप्पल से एक किलोमीटर दूरी पड़ा था। तेजराज राठौर से पूछने पर कोई पता नही चला, परिजन लगातार तलाश कर रहे हैं मगर गोवर्धन का पता नही चला, गोवर्धन का मोबाइल मिथुन के पास ही रह गया है।

फरियादी की रिपोर्ट पर अपराध धारा 140(3) बीएनएस का पंजीबध्द कर विवेचना मे लिया गया। विवेचन के दौरान गोवर्धन कोल पिता प्रेमलाल कोल उम्र 22 वर्ष निवासी डोंगरी टोला सिवनी का शव बदनहाई डोंगरी सिवनी के जंगल मे झाडियो के बीच मिला। शव एवं घटना स्थल का निरीक्षण करने पर प्रथम दृष्टया अपराध धारा 103(1),238 बीएनएस 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(v) एससी एसटी का घटित करना पाये जाने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी को जानकारी दी गयी। घटना स्थल पर एफ.एस.एल. अधिकारियों एवं डाग स्काट पहुँचकर शव एवं घटना स्थल का निरीक्षण वीडियोग्राफी की गई व घटना स्थल का नक्शा मौका तैयार किया गया। मृतक गोवर्धन कोल का काले रंग का पैन्ट व जिसमे बेल्ट लगा हुआ सिर के पास रखा मिला, जिसे मौके पर जप्त किया गया व शव का पंचनामा कार्यवाही कर शव का पी.एम. सीएचसी जैतहरी से करवाया गया। 

प्रकरण मे आरोपीगणो द्वारा अपराध धारा 140(3), 103(1),238 बीएनएस का घटित करना पाये जाने से धारा इजाफ़ा कर मृतक गोवर्धन कोल अनुसूचित जनजाति वर्ग का होने एवं आरोपी सूरज राठौर पिछडा वर्ग का राठौर जाति का होने से प्रकरण मे धारा 3(1)(द), 3(1)(ध), 3(2)(v) एससी एसटी एक्ट बढाई गई  प्रकरण के अज्ञात आरोपी की पता तलास किया। आरोपी सूरज राठौर, राहुल सिंह राठौर, तेजराज राठौर, दिनेश गोड व राहुल राठौर सभी निवासी सिवनी को पकड़कर कर  अभिरक्षा मे लेकर पूछताछ करने पर हत्या करना स्वीकार किया।  आरोपियो के घटना के वक्त पहने गये कपडे, घटना मे प्रयुक्त मोटरसाईकल, ईको कार, मृतक का पर्स आरोपियो द्वारा बताये स्थानो से जप्त किया गया है, आरोपियो को गिरफ्तार किया गया है।  मामले की विवेचना जारी रखते हुये गिरफ्तारशुदा आरोपियो को न्यायिक रिमांड प्राप्त करने हेतु न्यायालय अनूपपुर पेश किया गया है।    

मंगल भवन निर्माण पर विवाद, नपा को एसईसीएल ने थमाया रोक आदेश, 1.92 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्य पर उठे सवाल

*बिना अनुमति लिए निर्माण कार्य करना अवैध*


अनूपपुर

नगर पालिका परिषद पसान द्वारा वार्ड क्रमांक 11 में कराए जा रहे मंगल भवन निर्माण कार्य को लेकर नगर पालिका और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड आमने-सामने आ गए हैं। सामने आए दो महत्वपूर्ण शासकीय पत्रों से निर्माण कार्य की जमीन के स्वामित्व और अनुमति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एसईसीएल कोतमा-गोविंदा उपक्षेत्र के उपक्षेत्रीय प्रबंधक ने नगर पालिका परिषद पसान के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र भेजकर संबंधित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए हैं।

नगर पालिका परिषद पसान से 15 दिसंबर 2025 को जारी कार्यादेश के अनुसार वार्ड क्रमांक 11 में मंगल भवन निर्माण कार्य के लिए 1,92,98,660 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। पत्र में उल्लेख है कि संबंधित निविदा दर को परिषद की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई थी। निर्माण कार्य निर्धारित प्राक्कलन एवं मापदंडों के अनुसार कराने तथा कार्य के दौरान अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

एसईसीएल ने कहा की पसान ग्राम में स्थित खसरा क्रमांक 1200 की भूमि एसईसीएल की माइनिंग लीज क्षेत्र में आती है। अधिकारियों के स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित भूमि पर नगर पालिका विभाग द्वारा मंगल भवन एवं अन्य प्रकार के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। प्रबंधन ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले एसईसीएल, जमुना-कोतमा क्षेत्र से इस निर्माण के संबंध में अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं किया गया है। सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य किया जाना अनधिकृत है।

एसईसीएल ने नगर पालिका परिषद पसान को निर्देशित किया है कि संबंधित भूमि पर चल रहे अवैध/अनधिकृत निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए और भविष्य में सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू न किया जाए।पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि निर्देशों की अवहेलना करते हुए निर्माण कार्य जारी रखा गया तो नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की होगी।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगर पालिका परिषद पसान द्वारा मंगल भवन निर्माण के लिए बाकायदा निविदा प्रक्रिया पूरी कर 1.92 करोड़ रुपये से अधिक का कार्यादेश जारी किया गया, तो क्या निर्माण से पहले संबंधित भूमि के स्वामित्व और एसईसीएल की अनुमति की पर्याप्त जांच की गई थी।

दो दिन बाद झाड़ियों में मिला शव, लापता युवक गणेश विसर्जन के लिए निकला था, संदेही हिरासत में पूछताछ जारी


अनूपपुर

जैतहरी थाना क्षेत्र के डुंगरीटोला के सुनसान स्थान पर झाड़ियों में दो दिनों से लापता 22 वर्षीय युवक गोवर्धन कोल पुत्र प्रेमलाल कोल निवासी सिवनी जैतहरी का शव झाड़ियों में पाया गया। पुलिस परिजनों को सूचना देकर शव को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची। पुलिस और परिजनों की मौजूदगी में शव का शाम को पोस्टमार्डम उपरांत परिजनों को सौंप दिया है। वहीं पुलिस ने परिजनों द्वारा दर्ज कराए गए शिकायत में संदेही व्यक्ति की पुलिस अभिरक्षा में लेते हुए पूछताछ कर रही है।

जैतहरी पुलिस ने बताया कि मृतक युवक दो दिन से घर से लापता था, इस संबंध में परिजनों ने थाना पहुंच संबंधित व्यक्ति के साथ युवक की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी, कि 22 सितंबर की रात मृतक गोवर्धन कोल गणेश विसर्जन की बात कह घर से निकला था। गोवर्धन की बाइक पर दो अन्य साथी भी सवार होकर चले। लेकिन रास्ते में दो अन्य बाइक पर 2-2 सवार गांव के ही लोग मिले। इसी दौरान गोवर्धन अपने साथियों के साथ किसी स्थल पर खाने-पीने लगे। तभी दो बाइक पर गांव से साथ चले अन्य साथी भी वहां पहुंचे। अन्य साथियों को पहुंचने के बाद गोवर्धन पेट्रोल लाने की बात कहते जाने लगा, तभी अन्य साथियों में एक ने उसकी बाइक की भी पेट्रोल खत्म होने की बात कहते अपने साले को साथ भेजा, दोनों पेट्रोल टंकी से पेट्रोल लेकर वापस लौटे। इसके बाद गोवर्धन अपने दो अन्य साथी मिथुन, यादव को साथ लेकर घर की ओर चल दिया। इसी बीच दो बाइक से अन्य साथियों ने गोवर्धन कोल की बाइक का पीछा किया और उसके साथ मारपीट करने लगे। मारपीट के दौरान गोवर्धन के साथ रहे दोनों साथी भाग खड़े हुए। पुलिस के अनुसार मृतक ने घटना स्थल से मारपीट किए जाने की जानकारी परिजनों को दी। लेकिन परिजन रात के समय खोजबीन के लिए निकले तो उन्हें गोवर्धन कहीं नहीं मिला। पुलिस ने बताया कि आरोपियों द्वारा हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाने उसे घटना स्थल से उठकर दूर झाड़ियों में फेंका था। फिलहाल पुलिस संदेही से पूछताछ करते अन्य बिंदुओं पर जांच कर रही है।

नवोदय विद्यालय में छात्रों के दो गुटों में मारपीट, जाँच के लिए 6 सदस्यीय टीम गठित, 20 छात्र निलंबित


अनूपपुर

अमरकंटक में स्थित पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय अमरकंटक में  छात्रों के दो गुटों के बीच विवाद हो गया, विवाद ऐसा बढ़ा कि दोनों गुट के छात्रों के बीच मारपीट जैसी घटना हो गई।

हालांकि इस घटना में किसी को कोई गंभीर चोट नहीं आई। लेकिन दोपहर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक में 11 बच्चों को प्राथमिक उपचार के लिए लाया गया। जहां ड्यूटी डॉक्टर डॉ जनक सारीवान ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्चों को छुट्टी दे दी। डॉक्टर के अनुसार छात्रों को हल्की दर्द की शिकायत थी, किसी को खरोंच जैसे निशान मिले, कोई ग्रेवियस नहीं मिला।

वहीं स्कूल प्राचार्य अर्चना सिंह ने बताया की कक्षा 10 और 11 के बच्चों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जो हाथापाई पर उतर आया। मामले की गंभीरता को देखते हुए अभिभावकों को सूचना देकर 20 छात्रों को तत्काल स्कूल से निलंबित कर दिया गया है, साथ ही मामले की जांच के लिए 6 सदस्यों की टीम को नियुक्त किया गया है। जांच टीम 2 दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेंने के बाद छात्रों के निलंबन की संख्या बढ़ भी सकती है।

अमरकंटक पुलिस ने बताया कि घटना के संबंध में जानकारी मिली थी, तत्काल स्कूल पहुंचकर बच्चों के अभिभावकों को बुला समझाईश दी गई है। अभी स्कूल तरफ से करवाई के लिए कोई आवेदन नहीं आया है। बताया जाता है कि बच्चों के बीच किसी बात को लेकर कई दिन से विवाद सुलग रहे थे, लेकिन शिक्षकों तक जानकारी नहीं पहुंची, वही दोनों गुट आमने सामने आ गए।

छात्रावास में छात्र के ऊपर गिरा पंखा, घायल को अस्पताल में कराया गया भर्ती, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


अनूपपुर

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के गुरु गोविंद बालक छात्रावास में एक छात्र के ऊपर सीलिंग फैन गिरने की घटना सामने आई है। हादसे में छात्र के सिर पर चोट लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद छात्रावास में रह रहे अन्य छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, छात्रावास में छात्र अपने कमरे में मौजूद था। इसी दौरान सीलिंग फैन गिर गया, जिसकी चपेट में आने से छात्र घायल हो गया। उसके सिर में चोट लगने के बाद तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है।

घटना के बाद छात्रावास में रहने वाले छात्रों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है। छात्रों का कहना है कि छात्रावास के कमरों में लगे पंखों और अन्य विद्युत उपकरणों की समय-समय पर जांच और रखरखाव किया जाना जरूरी है। यदि समय रहते उपकरणों की स्थिति की जांच की जाती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।

इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े किए हैं। छात्रावास में बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहते हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की है। ऐसे में छात्र के ऊपर सीलिंग फैन गिरने की घटना को गंभीरता से लेते हुए छात्रावास के अन्य कमरों में लगे पंखों की भी जांच कराने की मांग उठ रही है।

घटना के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, छात्रों और उनके परिजनों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं। घायल छात्र की स्थिति और घटना के कारणों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के आधिकारिक बयान का इंतजार है।

लापरवाही पर दो छात्रावास अधीक्षक निलंबित, दो की वेतनवृद्धि रोकी, सात को कारण बताओ नोटिस जारी


शहडोल

कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देशानुसार सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग आनंद राय सिंहा द्वारा छात्रावासों के संचालन में लापरवाही बरतने एवं अन्य कार्यों में उदासीनता पाए जाने पर दो छात्रावास अधीक्षकों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। साथ ही दो अधीक्षकों की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने तथा सात को कारण बताओ नोटिस जारी करने की कार्रवाई की गई है।

सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार प्रकाश सिंह, अधीक्षक आदिवासी बालक छात्रावास आमडीह, जनपद पंचायत जयसिंहनगर को प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। वही बुद्धसेन सिंह, अधीक्षक जनजातीय बालक आश्रम गजवाही को भी तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में दोनो का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय जयसिंहनगर नियत किया गया है।

कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देशानुसार जनजातीय कार्य विभाग द्वारा जनजातीय सीनियर बालक छात्रावास चुहिरी के मुंशी सिंह तथा जनजातीय बालक आश्रम बरदौहा के अमर बहादुर सिंह की एक-एक वेतनवृद्धि रोकने की कार्रवाई की गई है।

इसके अलावा जनजातीय सीनियर कन्या छात्रावास कर्मचारी शहडोल की किरण सिंह, जनजातीय उत्कृष्ट बालक छात्रावास गोहपारू के रामावतार सिंह, जनजातीय सीनियर कन्या छात्रावास शहडोल की प्रतिमा चौधरी, जनजाति कर्मचारी बालक छात्रावास के राकेश पटेल, जनजाति सीनियर बालक छात्रावास बुढ़वा के गणेश दत्त नामदेव, जनजाति सीनियर बालक छात्रावास बरमानिया की शारदा नापित तथा बालक क्रीड़ा परिषद शहडोल के अधीक्षक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

कार ने स्कूटी को मारी टक्कर, महिला पुरुष की हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज रेफर, कार चालक हुआ फरार


अनूपपुर

कोतवाली थाना से 12 किलोमीटर दूर रामपुर-कोदैली मार्ग पर एक कार और स्कूटी की टक्कर हो गई। इस हादसे में स्कूटी सवार एक महिला और पुरुष गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही यातायात पुलिस की हाईवे टीम मौके पर पहुंची। टीम ने दोनों घायलों को तुरंत वाहन से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद दोनों को मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया। वहीं कार छोड़कर चालक मौके फरार हो गया।

स्थानिय लोगो के अनुसार दो पहिया वाहन रामपुर-कोदैली गांव के भीतर के रास्ते सीधे राष्ट्रीय राजमार्ग में आया जहां से गुजर रहीं कार से जा टकराया टक्कर इतनी जबरदस्त थी की कार सड़क किनारे खेत में घुस गई। और दो पहिया वाहन चालक दुर्गेश बैगा पुत्र निराला बैगा और पीछे बैठी सरवरिया बैगा पति रघुनाथ बैगा के रूप में घायल हो गये। दोनों रामपुर, थाना अमलाई, जिला शहडोल के रहने वाले हैं। सरवरिया बैगा रिश्ते में दुर्गेश की मामी हैं और धनपुरी ओसीएम में काम करती हैं। जिन्हे यातायात पुलिस और ग्रमीणों की मदद से दोनों घयलों को जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। कार चालक की पहचान 28 वर्षीय एराज खान पुत्र सफीक खान निवासी धनपुरी, शहडोल जो घटना के बाद से फरार है।

सरवरिया बैगा के सिर में गंभीर चोट लगी है और उनका बायां हाथ टूट गया है। शरीर के अन्य हिस्सों में भी अंदरूनी चोटें हैं। वहीं, दुर्गेश बैगा के दोनों पैरों में चोटें आई हैं और शरीर में अंदरूनी चोटें हैं।

यातायात पुलिस ने बताया कि कार शहडोल की ओर से रामपुर आ रही थी। स्कूटी सवार रामपुर-कोदैली गांव के भीतर के रास्ते रामपुर से कोदैली की ओर जा रहे थे, जहां सीधे हाईवे पहुंचे और से सामने से गुजर रही कार से उनकी टक्कर हो गई। पुलिस ने कार को जब्त कर लिया है, लेकिन उसका चालक अभी फरार है। घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें शहडोल रेफर किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

तेज रफ्तार कार पुल की रेलिंग तोड़ते हुए 40 फिट नीचे सोन नदी में गिरी, तीन युवक घायल, राहगीरों ने बचाई जान


अनूपपुर

जिला मुख्यालय में देर रात कलेक्टर बंगले के पास सोन नदी पुल पर तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पुल की करीब 30 फीट लंबी लोहे की रेलिंग तोड़ते हुए लगभग 40 फीट नीचे जा गिरी। हादसे में कार सवार तीन युवक घायल हो गए। गनीमत रही कि कार नदी के ऐसे हिस्से में गिरी, जहां पानी की गहराई कम थी, जिससे बड़ा हादसा टल गया

जानकारी के अनुसार MP 65-C-7111 नंबर की कार अनूपपुर से पसला की ओर जा रही थी। रात करीब 11:30 बजे सोन नदी पुल पर पहुंचते ही कार अनियंत्रित हो गई और रेलिंग तोड़कर नीचे जा गिरी। टक्कर के चलते कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गयासिटी गाइड खोजें

हादसे के बाद मौके से गुजर रहे वाहन चालकों और स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए नदी किनारे उतरकर कार में फंसे तीनों युवकों को बाहर निकाला। इसके बाद घायलों को निजी वाहन से जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। उपचार के बाद तीनों को छुट्टी दे दी गई। इनमें एक युवक को अपेक्षाकृत अधिक चोटें आई थीं।

करीब 40 फीट की ऊंचाई से कार के नीचे गिरने के बावजूद तीनों युवकों का गंभीर रूप से घायल नहीं होना राहत की बात रही। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और क्रेन की मदद से नदी किनारे गिरी कार को बाहर निकलवाकर थाना परिसर में खड़ा कराया। सुरक्षा के मद्देनजर पुल पर कुछ समय के लिए यातायात भी रोका गया, जिसे करीब आधे घंटे बाद बहाल कर दिया गया।

एसआई कोमल अजरिया के अनुसार कार में सवार अनुभव शुक्ला (32), रत्नेश शुक्ला (30) और ऋषि तिवारी (26) शराब के नशे में थे। तीनों अनूपपुर के जमुडी और सकरा क्षेत्र के रहने वाले बताए गए हैं। पुलिस के मुताबिक हादसे के संबंध में घायलों ने फिलहाल कोई जानकारी नहीं दी है। मामले की जांच जारी है।

बिजली ट्रांसफॉर्मर के अंदर से लाखों के पार्ट्स चोरी, एक आरोपी गिरफ्तार, एक आरोपी फरार चोरी का सामान जब्त


शहडोल

नल जल योजना के अंतर्गत गांव में पानी की टंकी तैयार थी, घर-घर नल से पानी पहुंचाने की तैयारी थी और जैसे ही ट्रांसफॉर्मर चालू किया गया, बिजली के बजाय चोरी का राज सामने आ गया। ट्रांसफॉर्मर के अंदर से लाखों के कीमती पार्ट्स गायब थे। शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की तो गांव के ही दो युवकों के नाम सामने आए। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का कुछ माल बरामद कर लिया है, जबकि उसका साथी फरार है।

मामला बुढ़ार थाना क्षेत्र के ग्राम चिटुहला का है। जहां जनपद पंचायत बुढ़ार अंतर्गत नल जल योजना के तहत पानी की टंकी तैयार की गई है। ग्रामीणों के घरों तक पानी पहुंचाने के लिए योजना का काम कर रहे ठेकेदार ब्रजेश कुमार तिवारी ने बिजली सप्लाई के लिए नया ट्रांसफॉर्मर लगवाया था। इसी बीच 4 और 5 सितंबर की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने ट्रांसफॉर्मर को निशाना बना लिया और उसके अंदर लगे महत्वपूर्ण पार्ट्स निकालकर फरार हो गए।

जब योजना को शुरू करने के लिए ट्रांसफॉर्मर में बिजली चालू की गई तो सप्लाई नहीं आई, ट्रांसफॉर्मर की जांच की गई तो उसके अंदर के कीमती पार्ट्स गायब मिले। इसके बाद ठेकेदार ने बुढ़ार थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पुलिस को ग्रामीणों से जानकारी मिली कि घटना से कुछ दिन पहले गांव के ही योगेश कोल और श्याम कोल ट्रांसफॉर्मर के आसपास घूमते दिखाई दिए थे। पुलिस ने योगेश कोल को पकड़कर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में योगेश ने अपने साथी श्याम के साथ मिलकर ट्रांसफॉर्मर के पार्ट्स चोरी करने की बात स्वीकार किया।

पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने चोरी के सामान को विक्रमपुर जंगल में आम के पेड़ के नीचे गाड़कर छिपाया था। बाद में चोरी का माल दोनों ने आपस में बांट लिया और अलग-अलग रास्ते चले गए। पुलिस ने पकड़े गए योगेश के कब्जे से चोरी किए गए ट्रांसफॉर्मर के कुछ पार्ट्स बरामद कर लिए हैं। फिलहाल मामले में दूसरा आरोपी श्याम कोल फरार है। पुलिस के मुताबिक, चोरी का करीब आधा सामान उसके पास होने की आशंका है। बुढ़ार पुलिस फरार आरोपी की तलाश के साथ-साथ बाकी सामान की बरामदगी के प्रयास में जुटी है।

37 लाख की सड़क पर फर्जी भुगतान का आरोप, मजदूरी हड़पने की शिकायत, भाजपा जिलाध्यक्ष व महामंत्री कटघरे में


शहडोल

जनपद पंचायत गोहपारू क्षेत्र की ग्राम पंचायत सेमरा में करीब 37 लाख रुपये की लागत से स्वीकृत ग्रेवल मार्ग को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। ग्राम पंचायत सेमरा के सरपंच ने जिला कलेक्टर और क्षेत्रीय विधायक को शिकायत देकर निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि दयाराम के घर से वाले के घर तक प्रस्तावित ग्रेवल मार्ग का निर्माण निर्धारित मापदंडों के अनुरूप नहीं कराया गया और कागजों में कार्य पूर्ण दर्शाकर भुगतान कर दिया गया।

सरपंच के अनुसार, निर्माण कार्य में वास्तविक रूप से काम करने वाले मजदूरों को अब तक उनकी मजदूरी का भुगतान नहीं किया गया है। आरोप है कि फर्जी मस्टर रोल तैयार कर मजदूरों के नाम पर राशि का आहरण किया गया। मजदूरी नहीं मिलने के कारण संबंधित मजदूरों द्वारा लगातार सीएम हेल्पलाइन में शिकायतें की जा रही हैं।

शिकायत में निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सरपंच का आरोप है कि मार्ग पर निर्धारित मोटाई के स्थान पर महज करीब एक इंच डस्ट की परत डालकर खानापूर्ति की गई। वहीं करीब चार इंच सिक्स एमएम सामग्री के फर्जी बिल लगाए जाने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक निर्माण के दौरान किसी भी परत पर रोलर नहीं चलाया गया तथा बिना टेस्ट रिपोर्ट के खराब गुणवत्ता की ग्रेवल और मुरूम का उपयोग किया गया।

बताया गया है कि बारिश के दौरान सड़क की स्थिति खराब होने लगी है और कई स्थानों पर मार्ग बह रहा है। शिकायत में निर्माण कार्य से जुड़े जिम्मेदार कर्मचारियों तथा कार्य करा रहे ठेकेदारों की भूमिका की जांच की मांग की गई है।

सरपंच ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराकर वास्तविक मजदूरों को मजदूरी दिलाने, गुणवत्ता की जांच करने तथा अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने की मांग की है। शिकायत में भाजपा किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष सुरेश चतुर्वेदी और गोहपारू मंडल महामंत्री नरेंद्र मिश्रा की भूमिका पर भी आरोप लगाए गए हैं।

फावड़ा मारकर महिला की हुई थी हत्या, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार, बेटा निकला माँ का हत्यारा

*संपत्ति-जेवर के लालच में किया कारनामा*


शहडोल

जिस मां ने बेटे को जन्म दिया, उसी बेटे ने लालच में मां की जिंदगी छीन ली, खेत के बीच बने सुनसान घर में 55 साल की विधवा प्रेम बाई अहिरवार अकेली थीं। लेकिन उन्हें क्या पता था कि मौत बाहर से नहीं, बल्कि अपने ही घर से आने वाली है। 18 सितंबर को फावड़े से सिर पर एक के बाद एक वार कर मां की हत्या करके फरार हो गया था। सीधी पुलिस ने इस खौफनाक हत्याकांड का पर्दाफाश कर आरोपी बेटे कौशल अहिरवार को गिरफ्तार कर लिया है।

मामला सीधी थाना क्षेत्र के ग्राम दरैन के बाहा टोला का है। प्रेम बाई अहिरवार, पति स्वर्गीय राम नारायण अहिरवार, अपने खेत में बने मकान में अकेली रहती थीं, उनके पति शिक्षक थे और वर्ष 2020 में उनकी मृत्यु हो गई थी, बताया जा रहा है कि पति की मौत के बाद प्रेम बाई खेत में ही मकान बनाकर रहने लगी थीं. परिवार में उनके दो बेटे हैं। बड़ा बेटा उमरिया जिले के पाली में डाक विभाग में कार्यरत है, जबकि छोटा बेटा देवशरण गांव के पुराने मकान में अलग रहता है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों, परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ तथा तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस की जांच हत्या की कड़ी को परिवार तक ले गई।

जांच में पुलिस को बेटे कौशल अहिरवार पर संदेह हुआ, पूछताछ में कथित तौर पर हत्या की वजह मां की संपत्ति, नगदी और जेवरात का लालच सामने आया, पुलिस के अनुसार, कौशल ने फावड़े से मां के सिर पर कई वार कर हत्या की थी। 

बताया जा रहा है कि आरोपी कौशल के पिता शिक्षक थे और उनकी मृत्यु के बाद उसे अनुकंपा नियुक्ति मिली थी, जिसके तहत वह स्कूल में भृत्य के पद पर पदस्थ था,पुलिस अब हत्या में इस्तेमाल फावड़े सहित अन्य साक्ष्यों को जुटाकर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है।

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