युवक व महिला के साथ लूट व मारपीट के तीन आरोपी गिरफ्तार, 1.60 लाख का मशरूका जब्त, एक आरोपी फरार


शहडोल

ब्यौहारी थाना क्षेत्र में युवक और उसकी महिला रिश्तेदार के साथ हुई लूट और मारपीट की वारदात का खुलासा कर दिया है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने आरोपियों की गिरफ्तारी के निर्देश दिए, जिसके बाद ब्यौहारी पुलिस ने चार टीमें गठित कर रात भर सर्च अभियान चलाया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई मोटर साइकिल, नकदी और अन्य सामग्री समेत करीब 1.60 लाख रुपये का माल बरामद किया है। मामले में एक आरोपी अभी फरार है।

पुलिस के अनुसार रात करीब 10 बजे अभिषेक चतुर्वेदी (27) निवासी बरकछ अपनी महिला रिश्तेदार के साथ बाइक से मऊ तिराहा की ओर जा रहा था। मऊ तिराहा स्थित पुलिया के पास दोनों रुके थे। इसी दौरान दो मोटर साइकिलों से चार युवक वहां पहुंचे और दोनों को घेरकर मोबाइल और रुपये देने की मांग करने लगे।

विरोध करने पर आरोपियों ने अभिषेक के साथ डंडे से मारपीट की, जबकि महिला रिश्तेदार के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की गई। इसके बाद आरोपी महिला का मोबाइल और 900 रुपये नकद तथा अभिषेक का पर्स छीनकर ले गए। पर्स में आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और 600 रुपये नकद थे। आरोपी उनकी मोटर साइकिल भी अपने साथ ले गए।

घटना की सूचना डायल-112 के जरिए पुलिस को मिली। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। एसपी के निर्देश पर गठित चार पुलिस टीमों ने रातभर जंगल, संभावित ठिकानों और अन्य स्थानों पर सर्च अभियान चलाया। पुलिस ने 12 घंटे के भीतर चन्द्रभान बुनकर, नीतीश लोनी और पप्पू राठौर, तीनों निवासी मऊ, ब्यौहारी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई मोटर साइकिल, नकदी और अन्य सामग्री बरामद की है। बरामद माल की कुल कीमत करीब 1.60 लाख रुपये बताई गई है। मामले में फरार चौथे आरोपी की तलाश जारी है।

नदी में डूबे किशोर का शव 13 घंटे बाद उतराता मिला शव, 2 दोस्तो के साथ नहाने गया था मृतक


अनूपपुर

कोतमा थाना क्षेत्र अंतर्गत केवई नदी में नहाने गए 15 वर्षीय किशोर की पानी में डूबने से आखिरकार मौत हो गई। शनिवार की शाम अपने तीन दोस्तों के साथ नदी पर नहाने गया किशोर गहरे पानी में उतरने के कारण डूब गया था। जहां शनिवार रात तक चले रेस्क्यू अभियान और ग्रामीणों की खोजबीन के बाद, रविवार सुबह किशोर का शव पानी में उतराता मिला। परिजनों ने शव को बाहर निकाला है, जिसके बाद रेस्क्यू कार्य समाप्त कर टीम जिला मुख्यालय लौट गई। वहीं पुलिस शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्डम के लिए सीएचसी कोतमा में भेज कर अन्य कार्रवाई कर रही है।

मृतक 15 वर्षीय अभिषेक पाटस्कर, पुत्र माधव पाटस्कर, निवासी वार्ड नंबर 6, कोतमा शनिवार शाम अपने दोस्तों के साथ लहसुई गांव के रास्ते केवई नदी पर बने रपटे को पार कर, उससे 100-150 मीटर दूर स्टॉप डैम से सटे कुंडनुमा गड्ढे में नहाने गया था। नहाने के दौरान अभिषेक अनजाने में गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथ गए अन्य दोस्त गहरे पानी में नहीं उतरे थे; वे अभिषेक को डूबता देख डरकर मौके से भाग निकले और घर पहुंचकर परिजनों को पूरी बात बताई।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों ने कोतमा थाना पुलिस को सूचित किया। पुलिस तुरंत स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों के साथ मौके पर पहुंची और तलाश शुरू की। हालांकि, अंधेरा और पानी की अत्यधिक गहराई के कारण स्थानीय स्तर पर सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला मुख्यालय अनूपपुर को सूचित किया गया। सूचना पर जिला अनूपपुर पुलिस कंट्रोल रूम द्वारा आपदा प्रबंधन टीम को अलर्ट किया गया। 

एसडीआरएफ की टीम ने नदी के विभिन्न हिस्सों में टॉर्च व सर्च लाइट के सहारे खोजबीन अभियान चलाया, लेकिन रात में सफलता नहीं मिली। इसके बाद रविवार सुबह करीब 6.10 बजे परिजनों को शव किनारे के पास पानी में तैरता मिला। परिजनों ने शव को पानी से बाहर निकाला। घटना की सूचना के बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा भेज दिया है।

लावारिस पड़े मिले थायराइड के 10 ब्लड सेम्पल, बीएमओ ने जारी किया नोटिस, एजेंसी ने लैब टेक्नीशियन को हटाया


अनूपपुर

कोतमा स्वास्थ्य केंद्र से मरीजों के ब्लड सैंपल जांच के लिए बाहर भेजने के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। बस स्टैंड में थायराइड जांच के करीब 10 सैंपल लावारिस हालत में मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने संबंधित निजी एजेंसी को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। मामले में एजेंसी प्रबंधन ने कार्रवाई करते हुए जिम्मेदार लैब टेक्नीशियन सचिन वर्मा को कार्य से हटा दिया है।

कोतमा स्वास्थ्य केंद्र की लैब से मरीजों के ब्लड सैंपल एकत्रित कर उन्हें जांच के लिए शहडोल होते हुए गोहपारू भेजा जाना था। सैंपल कलेक्शन से लेकर उन्हें संबंधित जांच केंद्र तक सुरक्षित पहुंचाने की जिम्मेदारी निजी एजेंसी साइंस होम को सौंपी गई थी।

इसी प्रक्रिया के तहत थायराइड जांच के लिए मरीजों के करीब 10 सैंपल एकत्रित किए गए थे। लेकिन निर्धारित व्यवस्था के तहत सैंपल संबंधित जांच केंद्र तक पहुंचने के बजाय बस स्टैंड में लावारिस हालत में पड़े मिले। सैंपल पैकेट मिलने की जानकारी सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया और जिम्मेदारी तय करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

सैंपल पैकेट की तस्वीर सामने आने और मामले की जानकारी मिलने के बाद कोतमा स्वास्थ्य केंद्र के बीएमओ डॉ. केएल दीवान ने संबंधित एजेंसी साइंस होम को नोटिस जारी किया था। नोटिस के माध्यम से सैंपल परिवहन में हुई लापरवाही को लेकर जवाब मांगा गया और जिम्मेदार कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

इसके बाद एजेंसी प्रबंधन ने मामले की जांच की। जांच के उपरांत जिम्मेदार लैब टेक्नीशियन सचिन वर्मा को कार्य से हटा दिया गया। एजेंसी की इस कार्रवाई के बाद मामले में कर्मचारी की जिम्मेदारी तय किए जाने की जानकारी सामने आई है।

2 दोस्तों के साथ नहाने गया किशोर नदी में डूबा, 7 घंटे चला रेस्क्यू अभियान नहीं मिला शव


अनूपपुर

कोतमा थाना अंतर्गत दोस्तों के साथ केवई नदी में नहाने गए 15 वर्षीय किशोर की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन, पुलिस प्रशासन और रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची और किशोर की तलाश शुरू की गई। करीब सात घंटे तक चले सर्च अभियान के बावजूद देर रात तक किशोर का शव बरामद नहीं हो सका।

जानकारी के अनुसार कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 6 निवासी अभिषेक पटस्कर पिता माधव पटस्कर, उम्र 15 वर्ष, दो दोस्तों के साथ घर से निकला था। बताया गया कि करीब साढ़े 4 बजे लहसुई रपटा के पास केवई नदी में नहाने के दौरान अभिषेक गहरे पानी में चला गया और डूब गया। उसके साथ मौजूद दोस्तों ने तत्काल मोबाइल से परिजनों को घटना की जानकारी दी।

किशोर के नदी में डूबने की खबर फैलते ही नदी किनारे बड़ी संख्या में लोग पहुंच गए। स्थानीय बचाव दल के साथ जिले से पहुंची एसडीआरएफ की टीम ने नदी में सर्च अभियान शुरू किया। टीम ने देर रात तक घटनास्थल से करीब तीन किलोमीटर के दायरे में तलाश की, लेकिन किशोर का कोई सुराग नहीं मिल सका।

बताया जा रहा है कि लहसुई रपटा के पास केवई नदी का हिस्सा काफी गहरा और खोह नुमा है, जिसके कारण रेस्क्यू टीम को तलाश में कठिनाई का सामना करना पड़ा। अंधेरा होने के बाद अभियान रोक दिया गया। रविवार सुबह फिर से रेस्क्यू अभियान शुरू कर किशोर की तलाश की जाएगी।

घटनास्थल पर एसडीएम टीआर नाग, एसडीओपी आरती शाक्य, तहसीलदार दशरथ सिंह, थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ल, सीएमओ नीलम सिंह चौहान सहित पुलिस-प्रशासन के अधिकारी और सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। घटना के बाद किशोर के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

जंगल मे मवेशी चराने के दौरान आकाशीय बिजली की चपेट मे आने से दो की मौत, पुलिस जांच में जुटी


समाचार

जिले में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से हुई दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की मौत हो गई। दोनों ही मवेशी चराने के लिए जंगल गए थे और अचानक रिमझिम बारिश शुरू होने पर दोनों बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान पेड़ों पर आकाशीय बिजली गिरने से दोनों उसकी चपेट में आ गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटनाएं जयसिंहनगर और जैतपुर थाना क्षेत्र में हुई हैं।

जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के ढोलर गांव निवासी मुन्ना सिंह गोंड (50) मवेशियों को चराने के लिए जंगल गया था। इसी दौरान अचानक बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए मुन्ना एक पेड़ के नीचे जाकर खड़ा हो गया। तभी अचानक आकाशीय बिजली पेड़ पर गिर गई। इसकी चपेट में आने से मुन्ना की मौके पर ही मौत हो गई। देर रात तक मुन्ना घर नहीं लौटा तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। सुबह जंगल में पेड़ के नीचे उसका शव मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

दूसरी घटना जैतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम कदौड़ी की है। यहां 55 वर्षीय हुबलाल बैगा बकरियां चराने जंगल गया था। बारिश शुरू होने पर वह एक पेड़ के नीचे खड़ा हो गया। इसी दौरान आकाशीय बिजली गिरने से वह उसकी चपेट में आ गया और उसकी मौत हो गई।

जंगल से गुजर रहे अन्य चरवाहों ने घटना की जानकारी परिजनों और पुलिस को दी। दोनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक तौर पर दोनों मौतें आकाशीय बिजली की चपेट में आने से हुई हैं।

पुराने विवाद को लेकर युवक पर चाकू से हमला, तीन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल

अमलाई थाना क्षेत्र में पुराने विवाद को लेकर एक युवक पर चाकू से जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। बाइक से पहुंचे तीन आरोपियों ने दुकान के पास खड़े युवक के गले पर चाकू से वार किया और मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए तीनों आरोपियों को चंद घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार घटना अमलाई थाना क्षेत्र के आलमगंज स्थित चिप हाउस के पास की है। युवक आशिक 40 दुकान के पास खड़ा था। इसी दौरान अरसद अंसारी अपने साथी भक्की कोल और योगेंद्र चौबे के साथ एक बाइक पर सवार होकर वहां पहुंचा। बताया जा रहा है कि अरसद अंसारी का आशिक से पुराना विवाद चल रहा था। इसी विवाद को लेकर आरोपियों ने युवक को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक तीनों आरोपियों ने आशिक को दुकान के पास खड़ा देखा और उसके पास पहुंचकर चाकू से गले पर वार कर दिया। हमले में युवक घायल होकर वहीं गिर पड़ा। वारदात के बाद आरोपी मौके से भाग निकले। आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवक को संभाला और पुलिस को सूचना दी।

जानकारी मिलते ही थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणि पांडे पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घायल युवक को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में पूछताछ करते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने जांच के दौरान तीनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें घटना के कुछ घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में कुछ पूर्व से आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त बताए जा रहे हैं। पुलिस ने तीनों के खिलाफ हत्या के प्रयास सहित अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है।

जुआं फड़ में पुलिस का छापा, 4 आरोपी गिरफ्तार, 7.43 लाख का मशरूका जब्त


शहडोल

गोहपारू थाना पुलिस ने सुनसान स्थान पर चल रहे जुआ फड़ पर दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से नकदी के साथ छह मोटरसाइकिलें बरामद की हैं। जब्त मशरूका की कुल कीमत करीब 7 लाख 43 हजार रुपये से अधिक बताई जा रही है।

पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि सुडवार के डोंगरी टोला स्थित सुनसान स्थान पर कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखते ही जुआ खेल रहे कुछ लोग मौके से भाग निकले, जबकि चार आरोपियों को पुलिस ने घेराबंदी कर पकड़ लिया।

पुलिस ने मौके पर आरोपियों की तलाशी लेने के साथ जुआ फड़ की जांच की। इस दौरान उनके कब्जे से 13 हजार 300 रुपये नकद बरामद किए गए। इसके अलावा मौके से छह मोटरसाइकिलें भी जब्त की गईं। पुलिस के अनुसार नकदी और वाहनों समेत जब्त किए गए कुल मशरूका की कीमत करीब 7 लाख 43 हजार रुपये से अधिक है।

पुलिस ने पकड़े गए आरोपियों की पहचान जेसा नायक, सूरज प्रसाद, मोहम्मद मुबारक और महबूब खान के रूप में की है। सभी के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।जुआ फड़ से कुछ लोगों के भागने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस उनकी पहचान और तलाश में जुटी है। 

खेत पर काम कर रही वृद्धा ओर दो भालुओं ने किया हमला, घायल का मेडिकल कालेज में चल रहा है उपचार


अनूपपुर

वन परिक्षेत्र बिजुरी के बेलगांव बीट अंतर्गत निमहा गांव में खेत काम कर रही 60 वर्षीय वृद्धा पर दो भालुओ ने हमला कर गंभीर रूप से घायल किए जाने पर, वन विभाग एवं परिजनों के द्वारा बिजुरी से जिला चिकित्सालय अनूपपुर से मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर किया गया जहां उपचार किया जा रहा है।

वन परिक्षेत्र, थाना बिजुरी अंतर्गत ग्राम पंचायत बेनीबहरा के निमहा के वन कक्ष क्रमांक आर.एफ. 529 में मिले वनाधिकार भूमि पर किए जा रहे खेती मे 60 वर्षीया अमृतिया पाव पति मिलन पाव अकेले खेत में निदाई का काम कर रही थी, तभी वन क्षेत्र से आए दो भालुओ ने अचानक हमला कर हाथ एवं शरीर के अंगों में नाखून एवं मुंह से काटकर गंभीर रूप से घायल कर दिया, दोनों भालुओ के जंगल की ओर जाने पर वृद्धा खून से लथपथ हालात में हिम्मत कर अकेले ही एक किलोमीटर का रास्ता पैदल चल कर घर आकर घटना की जानकारी परिजनों को दिया, वनविभाग एवं परिजनो द्वारा बिजुरी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां वन परिक्षेत्र अधिकारी बिजुरी पवन कुमार ताम्रकार, परिक्षेत्र सहायक कोठी बेसाहन सिंह आर्मो, बीट प्रभारी बेलगांव अनिल कुमार केवट के साथ वन अधिकारी/कर्मचारी अस्पताल पहुंचकर पीडिता से मुलाकात कर प्रारंभिक सहायता राशि प्रदाय की।  ड्यूटी डॉक्टर द्वारा वृद्ध महिला की हालत की गंभीरता को देखते हुए जिला चिकित्सालय अनूपपुर रेफर किया गया, देर रात जिला चिकित्सालय में उपचार कर  बेहतर उपचार हेतु उसे मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया गया। वृद्धख का उपचार किया जा रहा है जिसकी हालत खतरे से बाहर होना बताया जा रहा है।

 इनका कहना है।

खेत में काम कर रही वृद्धा पर दो भालुओ द्वारा हमला कर घायल किए जाने की घटना प्रकाश से आने पर, मैं स्वयं अस्पताल जाकर पीड़िता को देखकर, चिकित्सकों से उपचार से संबंधित बातचीत कर, पीड़िता के परिजनों को शासन के नियमानुसार प्रारंभिक सहायता राशि दी गई है।

 *पवन कुमार ताम्रकार, वन परिक्षेत्र अधिकारी, बिजुरी*

बदहाल स्वास्थ्य, सड़क और यातायात व्यवस्था पर विकास मंच का हल्लाबोल एसडीएम को सौंपा ज्ञापन

 *7 से 30 दिन की समय-सीमा तय, मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन की चेतावनी*


इंट्रो 

अनूपपुर जिले के पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में स्वास्थ्य, सड़क और यातायात की बदहाल व्यवस्था को लेकर अब आवाज बुलंद होने लगी है। पुष्पराजगढ़ विकास मंच ने क्षेत्र की प्रमुख जनसमस्याओं को लेकर अनुविभागीय दंडाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर समय-सीमा में समाधान की मांग की है। मंच ने स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्टाफ की कमी, सोनोग्राफी सुविधा का अभाव, अस्पताल की सफाई व्यवस्था, जर्जर सड़कों और मुख्यालय में यातायात व्यवस्था को लेकर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है।

अनूपपुर।जिले के पुष्पराजगढ़ विकास मंच का कहना है कि आदिवासी और ग्रामीण बहुल क्षेत्र होने के बावजूद यहां की बुनियादी सुविधाएं लंबे समय से सवालों के घेरे में हैं। सबसे बड़ी चिंता स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर है, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों, मेडिकल स्टाफ तथा तृतीय-चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों के रिक्त पदों के कारण मरीजों को परेशानी उठानी पड़ रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोनोग्राफी सुविधा नहीं होने से गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को जांच के लिए दूर जाना पड़ता है। वहीं अस्पताल परिसर की साफ-सफाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए हैं।दूसरी ओर रीवा-अमरकंटक मुख्य मार्ग पर पटना से पोड़की तक बड़े-बड़े गड्ढे और सड़क किनारे खराब शोल्डर दुर्घटनाओं को न्योता दे रहे हैं। पोड़की-बिजौरी मार्ग की स्थिति भी खराब बताई गई है। राजेंद्रग्राम मुख्यालय में स्कूल समय पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक और मुख्य मार्ग से बस-ऑटो की अवैध पार्किंग हटाने की मांग भी ज्ञापन में प्रमुखता से शामिल है।


*स्वास्थ्य केंद्र में डॉक्टरों और स्टाफ की कमी*

पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के सबसे बड़े स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों, मेडिकल स्टाफ और तृतीय-चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की कमी का मुद्दा विकास मंच ने प्रमुखता से उठाया है। मंच का कहना है कि पर्याप्त चिकित्सकीय अमला नहीं होने से ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाता। मंच ने प्रशासन से स्वास्थ्य केंद्र में स्वीकृत लेकिन रिक्त सभी आवश्यक पदों को 30 दिवस के भीतर भरने की मांग की है, ताकि क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जा सके।सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में सोनोग्राफी की सुविधा उपलब्ध नहीं होने का मुद्दा भी ज्ञापन में उठाया गया है। खासकर गर्भवती महिलाओं को जांच के लिए दूर जाना पड़ता है, जिससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती है। गंभीर मरीजों के लिए भी यह सुविधा बेहद जरूरी बताई गई है। विकास मंच ने अस्पताल में आवश्यक सोनोग्राफी उपकरण उपलब्ध कराने के साथ रेडियोलॉजिस्ट की व्यवस्था 30 दिवस के भीतर सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही अस्पताल परिसर में साफ-सफाई और स्वच्छता व्यवस्था तत्काल सुधारने की मांग की गई है।

*पटना-पोड़की और बेनीवारी-सागरटोला मार्ग जर्जर*

रीवा-अमरकंटक मुख्य मार्ग के पटना से पोड़की तक सड़क पर बने जानलेवा गड्ढों को लेकर मंच ने चिंता जताई है। सड़क के किनारे शोल्डर खराब होने से वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा बढ़ गया है। इसी तरह बेनीवारी-सागरटोला जाने वाले मुख्य मार्ग की खराब हालत भी ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। विकास मंच ने इन मार्गों पर गड्ढों की मरम्मत और शोल्डर भराई का काम सात दिवस के भीतर कराने की मांग की है।पोड़की से बिजौरी तक जाने वाली सड़क भी लंबे समय से खराब स्थिति में होने का आरोप विकास मंच ने लगाया है। सड़क पर जगह-जगह क्षतिग्रस्त हिस्सों के कारण ग्रामीणों, विद्यार्थियों और राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के दौरान समस्या और बढ़ने की बात कही गई है। मंच ने प्रशासन से इस मार्ग का तत्काल निरीक्षण कर पेंचवर्क एवं आवश्यक मरम्मत कार्य सात दिवस के भीतर पूरा कराने की मांग की है, ताकि लोगों को सुरक्षित आवागमन मिल सके।

*भारी वाहन व मुख्य मार्ग पर पार्किंग पर रोक की मांग*

राजेंद्रग्राम मुख्यालय में विद्यार्थियों की सुरक्षा को लेकर स्कूल समय में भारी वाहनों के प्रवेश पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है। इसके लिए सुबह 9:30 से 10:30 और शाम 3:30 से 5 बजे तक का समय निर्धारित करने का सुझाव दिया गया है। वहीं पुष्पराजगढ़ मुख्यालय में निर्धारित बस और ऑटो स्टैंड होने के बावजूद मुख्य मार्ग पर वाहनों की पार्किंग से जाम और दुर्घटना की स्थिति बनने का आरोप है। मंच ने अवैध पार्किंग हटाकर बस-ऑटो को निर्धारित स्टैंड से संचालित कराने की मांग की है।पुष्पराजगढ़ विकास मंच ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में जनहित की इन मांगों पर ठोस कार्यवाही नहीं हुई, तो मंच क्षेत्रवासियों के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन और चरणबद्ध प्रदर्शन करेगा। मंच ने कहा कि उसका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में जाना नहीं, बल्कि क्षेत्र की बुनियादी समस्याओं का समाधान कराना है।

गर्भवती महिला को नहीं मिला एंबुलेंस, पीकप से पहुँची अस्पताल, यात्री ट्रेन से गिरकर हुआ घायल


उमरिया

जिले के ग्राम बरतराई गांव से उमरिया जिला अस्पताल की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है। प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों ने एंबुलेंस सेवा से मदद मांगी थी। परिजन काफी देर तक वाहन का इंतजार करते रहे, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर प्रसूता की हालत को देखते हुए उन्होंने इंतजार करना उचित नहीं समझा और तत्काल पिकअप वाहन बुलाकर उसे जिला अस्पताल के लिए रवाना किया।

इस घटना के बाद एक बार फिर सरकारी एंबुलेंस सेवा की उपलब्धता और आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव जैसी संवेदनशील स्थिति में यदि परिवार को स्वयं वाहन की व्यवस्था करनी पड़े तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। लोगों का कहना है कि आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा किसी परिवार पर उपकार नहीं, बल्कि जरूरत के समय उपलब्ध कराई जाने वाली आवश्यक सेवा है।

मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। सिविल सर्जन डॉ. के. सोनी ने बताया कि वर्तमान में रेफर के मामलों की संख्या अधिक होने के कारण एंबुलेंस व्यवस्था में कुछ परेशानी सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि प्रसूता और नवजात दोनों स्वस्थ हैं। अस्पताल के गेट पर कर्मचारी के मौजूद नहीं मिलने की बात पर संबंधित कर्मचारियों को नोटिस देने और मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।

*यात्री ट्रेन से गिरकर हुआ घायल, आरपीएफ ने भेजा अस्पताल*

शहडोल में हरिद्वार-पुरी उत्कल एक्सप्रेस में सफर के दौरान नींद आने से एक यात्री चलती ट्रेन से नीचे गिरकर घायल हो गया। ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवानों की नजर शहडोल रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन किनारे पड़े घायल यात्री पर पड़ी। जवानों ने तत्काल अधिकारियों को सूचना दी और रेलवे एंबुलेंस की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।

घटना सोमवार को शहडोल रेलवे स्टेशन के पास किलोमीटर संख्या 910/18-20 की डाउन लाइन पर पॉइंट नंबर 94 के नजदीक हुई। ड्यूटी के दौरान आरपीएफ स्टाफ ने एक व्यक्ति को रेलवे ट्रैक के किनारे घायल अवस्था में देखा। सूचना मिलते ही पोस्ट प्रभारी, उप निरीक्षक एस. उरांव और अन्य बल सदस्य मौके पर पहुंचे। पूछताछ में घायल ने अपना नाम प्रदीप कुशवाहा (40), पिता स्वर्गीय लक्ष्मी नारायण कुशवाहा, निवासी टिकरिया टोला, सतना थाना क्षेत्र बताया। उसके पास मोबाइल फोन नहीं था। 

प्रदीप ने बताया कि वह ट्रेन से कटनी से रायपुर जा रहा था। वह जनरल कोच में पीछे की ओर गेट के पास बैठा था। सफर के दौरान उसे नींद आ गई और इसी दौरान वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। ट्रेन की गति कम होने के कारण उसे गंभीर चोट नहीं आई लेकिन उसके बाएं पैर में फ्रैक्चर हो गया। 

महिला व युवक को सर्प ने डसा, अस्पताल में चल रहा है इलाज, 6 शराबियों पर पुलिस ने की कार्यवाही


अनूपपुर

जिला मुख्यालय से सटे तिपान खोली में महिला को कोबरा नांग ने हाथ में डस लिए व जाने व सांप के थैला में बैठे होने की सूचना पर सर्पप्रहरी ने थैला में बैठे कोबरा नांग का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया, वहीं चचाई में युवक को सर्प के काटने पर जिला चिकित्सालय में परिजनों द्वारा भर्ती कराया गया, जहां दोनों पीडितो का उपचार चिकित्सकों द्वारा किया जा रहा है। जिला मुख्यालय के सर्पप्रहरियों ने अनूपपुर एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों मे आठ सर्पों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर वन क्षेंत्र में स्वतंत्र विचरण हेतु छोड़ा।

चचाई थानांतर्गत वीर सिंह पिता राजदीन सिंह उम्र 20 वर्ष जो तीजा त्योहार के अवसर पर पूजा पाठ हेतु घर के पास बेलपत्र तोड़ रहा था, तभी अचानक जहरीले सर्प ने दाएं पैर में घुटने के पास डस कर झाड़ियों में चला गया, जिसे परिजनों द्वारा जिला चिकित्सालय लाने पर डियूटी डॉक्टर ने उपचार किया। वही अनूपपुर से 3 किलोमीटर दूर तिपान खोली में 32 वर्षीय तारावती पति महेश बैगा जो ईट वाले बिना छपाई के घर के अंदर दीवाल में टांगे थैला जिसके अंदर चावल के साथ पर्स में पैसा रखी थी, निकालते समय कोबरा नांग सर्प ने बाएं हाथ के अंगूठे में डस लिया, जिसे जिला चिकित्सालय में ले जाने पर ड्यूटी डॉक्टर द्वारा उपचार प्रारंभ किया। कोबरा नांग के थैला के अंदर ही बैठे होने निरंतर फुफकारने की आवाज आने पर पड़ोसियो द्वारा सर्पप्रहरी शशिधर अग्रवाल को सूचना दिए जाने पर वह अपने सहयोगी साथी लल्लूलाल कोल एवं हीरालाल कोल के साथ तत्काल स्थल पर पहुंचकर दीवाल में टगें थैले में बैठे 2 फीट लंबे अत्यंत जहरीले कोबरा नांग प्रजाति के सर्प का सफलतापूर्वक रेस्क्यू किया।

 पुलिस ने सार्वजनिक स्थानों में बैठ कर शराब पीने वालों के विरूद्ध की गई कार्यवाही

गणेश चतुर्थी एवं गणेश उत्सव त्यौहार शांति पूर्ण तरीके से मनाये जाने हेतु थाना प्रभारी भालूमाड़ा के द्वारा पुलिस स्टाफ के साथ लगातार कस्बा क्षेत्रों में भ्रमण कर सार्वजनिक स्थानों में बैठकर शराब पीने वाले शराबियों के विरूद्ध कार्यवाही करते हुए छट तालाब जमुना में 6 शराबियों को सार्वजनिक स्थल पर शराब पीते हुए पाये जाने पर आरोपियों के विरुद्ध 36(b) आबकारी एक्ट के तहत कार्यवाही कर आरोपीगणों के विरूद्ध अप.क्र. 269, 270, 271, 272, 273, 274/2026 पंजीबद्ध किया गया है । 

आरोपियों में अजय सिंह गोंड पिता स्व. मंगल सिंह गोंड उम्र 23 वर्ष निवासी न्यू डबल स्टोरी जमुना, नारेन्द्र कुमार गुप्ता पिता स्व. विक्की राम गुप्ता उम्र 31 वर्ष निवासी गोविंदा कालोनी कोतमा, दीपक सिंह गोंड पिता नानदाउ सिंह गोंड उम्र 26 वर्ष निवासी पिपरिया जोगी टोला कोतमा, तुला सिंह पिता स्व. सवाल सिंह उम्र 21 वर्ष निवासी दैखल थाना भालूमाडा, श्री दास पिता स्व. हीरन दास उम्र 38 वर्ष निवासी गोविंदा कालरी कोतमा, सूरज सिंह पिता स्व. कुंदन सिंह गोंड उम्र 23 वर्ष निवासी पाथरखेडा दफाई जमुना


बाघ के हमले से ग्रामीण हुआ घायल, 15 घंटे बाद हुई पुष्टि, ग्रामीणों में नाराजगी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


उमरिया

मानपुर परिक्षेत्र के सेमरा-सेमरी (कठुलिया हार) इलाके में एक बाघ ने हमला कर 50 वर्षीय ग्रामीण को घायल कर दिया। पीड़ित शंकर पटेल (निवासी सेमरी) को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मानपुर ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। घटना के बाद पुलिस बल और अतिरिक्त वन अमला मौके पर तैनात किया गया है, तथा रेस्क्यू टीम बाघ को पकड़ने की कार्रवाई में जुट गई है।

शनिवार रात करीब 9 बजे ही वन विभाग को कठुलिया हार क्षेत्र में बाघ की आवाजाही की सूचना मिल गई थी। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने पंजों के निशान (पगमार्क) के आधार पर बाघ की उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि भी की थी। इसके बावजूद रविवार सुबह तक संवेदनशील क्षेत्र की घेराबंदी नहीं की गई।

सुरक्षात्मक उपाय न होने के कारण रविवार सुबह से ही बाघ को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा लगता रहा। दोपहर करीब 12:10 बजे अचानक बाघ ने सेमरी निवासी शंकर पटेल पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों द्वारा शोर मचाने पर बाघ पीछे हटकर समीप स्थित नाले की ओर चला गया।

घटना के समय मौके पर केवल पांच मैदानी वनकर्मी मौजूद थे, जबकि वन परिक्षेत्र मानपुर के कोई वरिष्ठ जिम्मेदार अधिकारी वहां उपस्थित नहीं थे। शनिवार रात बाघ की पुष्टि होने के बावजूद 15 घंटे का समय बीत जाने तक सुरक्षा घेरा न बनाए जाने और भीड़ को नियंत्रित न किए जाने को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते घेराबंदी कर भीड़ को रोक दिया जाता, तो यह हादसा टल सकता था।

घटना के बाद पुलिस और वन विभाग का अतिरिक्त अमला मौके पर पहुंचा और लोगों को घटनास्थल से दूर किया गया। वर्तमान में रेस्क्यू टीम मौके पर मौजूद है और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।

पीकप ने बाइक को मारी टक्कर, 2 की हुई मौत, 2 घायलो का अस्पताल में चल रहा है इलाज


अनूपपुर

शनिवार की रात सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। कोतमा से घर लौट रहे बाइक सवार चार लोगों को भोलगढ़ के पास पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में निखिल केवट 20 वर्ष और बद्री केवट 35 वर्ष की मौत हो गई। घायल राज बैगा 20 वर्ष का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि बाइक चला रहे रवि कुशवाहा 36 वर्ष को परिजन जिला अस्पताल से निजी अस्पताल ले गए हैं।

हादसे में घायल निखिल केवट ने शनिवार की रात मौत हो गई। जबकि बद्री केवट की रविवार सुबह मौत हो गई। घायल राज बैगा का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं, बाइक चालक रवि कुशवाहा को परिजन जिला अस्पताल से निजी अस्पताल ले गए हैं।

घायल राज बैगा ने बताया कि वे बरगवां और झगरहा के रहने वाले हैं। रवि कुशवाहा लकड़ी के ठेकेदार हैं। उनके साथ मजदूरी करने वाले तीन लोग कोतमा के खुंटवा गांव से शनिवार रात करीब 10 बजे घर लौट रहे थे। चारों एक ही बाइक पर सवार थे। भोलगढ़ के पास पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।

टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार चारों लोग सड़क पर दूर जा गिरे। बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद डायल 112 की गाड़ी सभी घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंची।

अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पंचनामा बनाया और पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। पीकप वाहन में लकड़ियां लोड थीं और उसमें 5-6 मजदूर भी लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार चार लोग भी वापस आ रहे थे। पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों और टक्कर मारने वाले वाहन के बारे में जानकारी जुटा रही है।

नदी में मछली पकड़ने के दौरान करंट से युवक की हुई मौत, दोस्तो ने शव को दफनाया, दो आरोपी गिरफ्तार


उमरिया 

जिले के ग्राम मगरघरा में मछली पकड़ने के दौरान करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद उसके साथ मौजूद दो दोस्तों ने मामले को छिपाने के लिए शव को गड्ढा खोदकर दफना दिया और मौके से फरार हो गए।

युवक के लापता होने के बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस जांच में पूरे मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और जांच के बाद दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

मृतक और उसके दो दोस्त घर से नदी में मछली पकड़कर पार्टी करने की योजना बनाकर निकले थे। तीनों ने मछली पकड़ने के लिए उन्होंने कथित तौर पर बिजली चोरी कर नदी में बिजली का तार डालने की योजना बनाई। जैसे ही बिजली का तार नदी के पानी में डाला गया, उसी दौरान एक युवक करंट की चपेट में आ गया। करंट का तेज झटका लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

अचानक हुई इस घटना से घबराए दोनों दोस्तों ने पुलिस और परिजनों को सूचना देने के बजाय घटना को छिपाने का फैसला किया। दोनों ने मिलकर नदी के पास एक गड्ढा खोदा और मृतक युवक के शव को उसमें दफना दिया। इसके बाद दोनों वहां से चले गए।

युवक के घर नहीं पहुंचने पर परिजनो ने थाना में सूचना दी। तलाश के दौरान परिजनों को एक स्थान पर ताजी मिट्टी दिखाई दी। उन्हें शक हुआ कि वहां कुछ छिपाया गया है। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और संदिग्ध स्थान पर खुदाई कराई। खुदाई के दौरान युवक का शव बरामद हुआ। जांच के दौरान मृतक के दोनों दोस्तों की भूमिका सामने आई। 

राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष व पूर्व विधायक को भाजपा कार्यकर्ता ने फेसबुक पर की अभद्र टिप्पणी, दी गाली

*कुत्ता, कमीना, नीच व सुअर की औलाद, साला जैसे अपशब्दों का उपयोग, भाजपा कार्यकर्ताओं ने सौपा ज्ञापन, लक्ष्मीनारायण पर FIR की मांग*


अनूपपुर

भारतीय जनता पार्टी के अनूपपुर ग्रामीण चचाई मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रामलाल रौतेल के फेसबुक पोस्ट पर कथित तौर पर अश्लील, अभद्र, गाली-गलौज कुत्ता, कमीना, नीच व सुअर की औलाद साला जैसे अपमानजनक टिप्पणियां किए जाने के मामले में थाना चचाई में सामूहिक ज्ञापन सौंपकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।

ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने बताया कि रामलाल रौतेल के फेसबुक अकाउंट पर एक फोटो पोस्ट की गई थी। आरोप है कि इसी सार्वजनिक पोस्ट पर लक्ष्मीनारायण गुप्ता नामक फेसबुक यूजर द्वारा कई आपत्तिजनक एवं कथित रूप से अशोभनीय टिप्पणियां की गईं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की भाषा का सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल किसी सामान्य राजनीतिक असहमति या आलोचना की श्रेणी में नहीं आता, बल्कि इससे सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति की प्रतिष्ठा एवं गरिमा प्रभावित होती है।


रामलाल रौतेल भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और दो बार विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में वे मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और असहमति व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन असहमति की आड़ में अश्लील एवं गाली-गलौज वाली भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।


भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करते हुए उपलब्ध स्क्रीनशॉट एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित फेसबुक यूजर की वास्तविक पहचान और प्रोफाइल का सत्यापन करने तथा फेसबुक पोस्ट, कमेंट, प्रोफाइल लिंक, कमेंट URL, दिनांक एवं समय सहित आवश्यक डिजिटल साक्ष्य संकलित करने की मांग की गई है।


ज्ञापन में मामले की तकनीकी जांच साइबर सेल के माध्यम से कराने और जांच में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 356 सहित अन्य लागू धाराओं के तहत FIR दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए भविष्य में सोशल मीडिया पर इस प्रकार की कथित अभद्रता की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।

इलाज मांगने पहुंची अधिवक्ता ने लगाए सनसनीखेज आरोप, डॉक्टरों पर शिकायत वापस कराने का दबाव


शहडोल

जयसिंहनगर सिविल अस्पताल में इलाज कराने पहुंची महिला अधिवक्ता के साथ कथित बदसलूकी का मामला सामने आया है। अधिवक्ता संध्या तिवारी का आरोप है कि पेट में तेज दर्द होने पर वह अस्पताल पहुंचीं, लेकिन वहां मौजूद डॉक्टर आशुतोष मिश्रा और पुष्पराज पटेल ने ओपीडी का समय खत्म होने की बात कहकर इलाज करने से इनकार कर दिया। शिकायत के अनुसार, दर्द से परेशान संध्या ने डॉक्टरों से कम से कम ऐसी दवा देने का अनुरोध किया, जिससे उन्हें कुछ राहत मिल सके। आरोप है कि इस पर दोनों डॉक्टरों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और अस्पताल से चले जाने को कहा।

संध्या के साथ पड़ोस की एक युवती भी अस्पताल पहुंची थी। महिला अधिवक्ता का कहना है कि युवती पूरी घटना की प्रत्यक्ष गवाह है। अस्पताल से निकलने के बाद उन्होंने पास के मेडिकल स्टोर से दर्द की दवा खरीदी और सेवन किया। इसके बाद जयसिंहनगर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। सीएम हेल्पलाइन पर भी शिकायत की गई, लेकिन उनका आरोप है कि अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

संध्या का आरोप है कि घटना के अगले दिन जब वह जयसिंहनगर न्यायालय में मौजूद थीं, तभी दोनों डॉक्टर भी एक मामले में पेशी के लिए वहां पहुंचे। आरोप है कि डॉक्टरों ने कई पक्षकारों के सामने उन्हें धमकाते हुए शिकायत और सीएम हेल्पलाइन वापस लेने के लिए कहा। महिला अधिवक्ता का कहना है कि मौके पर मौजूद लोगों ने भी यह बातचीत सुनी है और जरूरत पड़ने पर वह उनके बयान दर्ज करा सकती हैं। संध्या ने पुलिस से अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज सुरक्षित कर जांच कराने की मांग की है। 

सीएमएचओ डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि शिकायत सामने आई है। मामले की जांच के लिए दल गठित किया गया है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी। 

कार्यालय से गायब रहती है सीएमओ, कार्यप्रणाली पर उठे सवाल, पार्षद ने कलेक्टर से जांच की मांग

*पार्षद ने जनहित पर आंदोलन की दी चेतावनी*


अनूपपुर। नगर परिषद बरगवां-अमलाई में मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) की कथित अनियमित उपस्थिति और प्रशासनिक कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठने लगे हैं। नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-02 के पार्षद एवं लोक निर्माण, जल कार्य विभाग, आवास एवं पर्यावरण समिति के सभापति सौरभ दास कोरी ने कलेक्टर अनूपपुर को पत्र देकर मामले की जांच कराने की मांग की है।

पार्षद ने पत्र में आरोप लगाया है कि शासन द्वारा निर्धारित कार्यालयीन समय सुबह 10 बजे से शाम 6 बजे तक है, लेकिन सीएमओ द्वारा नियमित रूप से कार्यालय में उपस्थित नहीं रहने की शिकायत सामने आ रही है। नगर परिषद में बायोमेट्रिक/ऑनलाइन उपस्थिति (पंचिंग) की व्यवस्था होने के बावजूद इसका अपेक्षित पालन नहीं किए जाने का भी आरोप लगाया गया है। पार्षद के अनुसार सीएमओ कई दिनों में कथित तौर पर दोपहर 12 से 1 बजे अथवा 3 से 4 बजे के बीच सीमित समय के लिए कार्यालय आती हैं और इसके बाद चली जाती हैं।

पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि टीएल बैठक के अलावा अन्य दिनों में फील्ड विजिट या बैठकों का हवाला देकर कार्यालय से अनुपस्थित रहने की स्थिति बनी रहती है। उनका कहना है कि इसका सीधा असर नगर परिषद के कामकाज और आम नागरिकों को मिलने वाली सेवाओं पर पड़ रहा है। प्रमाण पत्र, पेंशन और विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से जुड़े कार्यों के लिए लोगों को कथित तौर पर लंबे समय तक कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।

पत्र में नगर परिषद की प्रशासनिक एवं निर्माण संबंधी कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठाए गए हैं। पार्षद ने आरोप लगाया कि समय पर टेंडर जारी नहीं होने, टेंडर प्रक्रिया में विलंब, बिना एफडीआर कार्य शुरू किए जाने तथा समय सीमा समाप्त होने के बावजूद निर्माण कार्य अधूरे पड़े रहने जैसी शिकायतें हैं। संबंधितों को समय पर नोटिस जारी नहीं किए जाने की बात भी पत्र में कही गई है।

पार्षद सौरभ दास कोरी ने कलेक्टर से मांग की है कि पिछले तीन माह की बायोमेट्रिक उपस्थिति और सीसीटीवी फुटेज की निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके साथ ही टीएल बैठक के दिनों को छोड़कर सीएमओ की वास्तविक उपस्थिति, मूवमेंट रजिस्टर और फील्ड विजिट से संबंधित लॉगबुक की भी जांच कराने की मांग की गई है।

उन्होंने शासकीय समय में अधिकारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित कराने के लिए आवश्यक अनुशासनात्मक निर्देश जारी करने की मांग की है। पार्षद ने चेतावनी दी है कि यदि मामले की जांच नहीं कराई गई तो जनहित में उच्च स्तर पर आंदोलन एवं आवश्यक विधिक प्रक्रिया अपनाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा। 

पीकप ने बाइक को मारी टक्कर, युवक के सर पर चढ़ा पहिया, मौके पर हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर 

चचाई थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 31 वर्षीय बाइक सवार की मौत हो गई। सी चौराहा स्थित शारदा मंदिर के पास तेज रफ्तार अज्ञात पीकप वाहन ने सामने से आ रही बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद बाइक सवार सड़क पर गिर गया और पिकअप का पिछला पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया। युवक की मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान 31 वर्षीय राजेंद्र गुप्ता, पिता सीताराम गुप्ता, निवासी वार्ड क्रमांक 20 चचाई के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार राजेंद्र शहडोल जिले के बुढार में रिलायंस कंपनी में कर्मचारी था। वह रात में ड्यूटी खत्म कर बाइक से अपने घर चचाई लौट रहा था। राजेंद्र घर से करीब दो किलोमीटर दूर ही था, तभी सी चौराहा से आगे शारदा मंदिर के पास अनूपपुर से अमलाई की ओर जा रहे अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी।

हादसे की सूचना राहगीरों ने पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा तैयार किया और रात में ही जिला चिकित्सालय अनूपपुर भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। घटना स्थल के पास एक मकान में लगे CCTV कैमरे में हादसा कैद हुआ है। फुटेज में अज्ञात वाहन पिकअप दिखाई दे रहा है। पुलिस अब आसपास लगे अन्य CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि पिकअप वाहन और उसके चालक की पहचान की जा सके।

अवैध पशु परिवहन पर पशु तस्करी पर कार्यवाही, 3 पीकप से 21 नग मवेशी सहित 40.50 लाख का मशरूका जब्त

*पुलिस की बड़ी कार्यवाही, आरोपी हुए फरार*


अनूपपुर

03 पिकअप वाहनों से 21 नग मवेशी बरामद,कुल  ₹40.50 लाख का माल-मशरूका जप्त मामला दर्ज किया है। थाना कोतमा को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि तीन पिकअप वाहन जिनमें  मवेशियों को ठूंस-ठूंसकर एवं क्रूरतापूर्वक बांधकर कटने हेतु छत्तीसगढ़ से केवई रपटा मार्ग कोतमा होते हुए ले जाया जा रहा है।

सूचना से एक विशेष टीम का गठन किया गया ।थाना कोतमा पुलिस टीम द्वारा केवाई रपटा पुलिया के पास नाकाबंदी की  गई। नाकाबंदी के दौरान कुछ समय बाद तीन पिकअप वाहन तेज गति से आते दिखाई दिए। दूर से ही वाहन चालकों द्वारा पुलिस की नाकाबंदी देखकर पुलिस द्वारा रुकने का संकेत देने पर चालकों ने वाहन को थोड़ी दूर पर खड़े करकर तीनों वाहन चालक वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गए।मौके पर पुलिस टीम द्वारा तीनों पिकअप वाहनों की जांच पड़ताल की गई ।

एक पिकअप में 07 मवेशी, दूसरी पिकअप में 07मवेशी, तथा तीसरी पिकअप में 07 मवेशी पाए गए। कुल 21 मवेशी जिनमें 13 नग भैंस (पड़ा) एवं 8 नग भैंसी सभी मवेशियों को रस्सियों से बांधकर अत्यंत क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरा गया था तथा उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था  भी नहीं थी।

पुलिस द्वारा कुल 21 नग मवेशी कीमत 10.50 लाख एवं एक पिकअप क्रमांक MP65ZG2280, दूसरी पिकअप बिना नम्बर एवं तीसरी पिकअप MP65Z4094 कुल 3 वाहन कीमत 30 लाख जप्त किए गए। जप्त माल-मशरूका की कुल अनुमानित कीमत ₹40,50,000/- है।

प्रकरण में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम तथा मध्य प्रदेश कृषि पशु परिरक्षण अधिनियमकी की  धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर फरार वाहन चालकों एवं पशु तस्करों  की तलाश की जा रही है तथा मामले की विवेचना जारी है।

पंचायत का कचरा घर बना शराबियों का अड्डा गंदगी व अव्यवस्था से ग्रामीण परेशान, अनदेखी पर उठ रहे सवाल

*ग्रामीणों ने की कार्यवाही की मांग*


अनूपपुर

ग्राम पंचायत पयारी नंबर 01 एक में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। पंचायत द्वारा बनाए गए कचरा घर का समुचित उपयोग और रखरखाव नहीं होने के कारण यहां कचरे का ढेर लगने के साथ ही असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा घर का परिसर धीरे-धीरे शराब पीने वालों का अड्डा बनता जा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार कचरा घर का उद्देश्य गांव से निकलने वाले कचरे को एकत्रित कर उसका उचित प्रबंधन करना था, लेकिन वर्तमान स्थिति में व्यवस्था अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है। आसपास गंदगी और कचरा फैले रहने से दुर्गंध की समस्या बनी रहती है। इससे राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय कचरा घर के आसपास लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने वहां शराबखोरी और खाली शराब की बोतलें पड़े होने की शिकायत की है। इससे विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को वहां से गुजरने में असुविधा महसूस होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की स्थिति से गांव का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।

गांव में स्वच्छता अभियान और कचरा प्रबंधन को लेकर लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद यदि कचरा घर ही गंदगी और अव्यवस्था का केंद्र बन जाए तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने पंचायत से कचरा घर की नियमित सफाई, कचरे का समय पर उठाव तथा परिसर की निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।

ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारी और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें। यदि शराबखोरी या अन्य अनियमित गतिविधियां पाई जाती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।                ‌‌ 

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