आकाशीय बिजली गिरने से बुआ व भतीजी की हुई मौत, एक महिला घायल, अस्पताल में चल रहा हैं इलाज


शहडोल

जिले के पपौंध थाना क्षेत्र के ओदारी गांव में महुआ की डोरी बीनने गई बुआ-भतीजी की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई, जबकि एक अन्य महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

ओदारी निवासी इत्तोबाई पति धरमदास सिंह गोंड (50 वर्ष) अपनी भतीजी सफीना सिंह पिता सुखसेन सिंह गोंड (8 वर्ष) के साथ घर से करीब एक किलोमीटर दूर महुआ के पेड़ के नीचे महुआ की डोरी बीन रही थीं। इसी दौरान मौसम अचानक बदला और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। बिजली सीधे उनके नजदीक गिरने से दोनों उसकी चपेट में आ गईं।

घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर ही इत्तोबाई और मासूम सफीना की मौके पर मौत हो गई। वहीं, साथ में मौजूद एक अन्य महिला को भी बिजली का तेज झटका लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने घटना की जानकारी परिजनों और पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पपौंध थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।

घायल महिला को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में दोनों की मौत आकाशीय बिजली गिरने से होना सामने आया है। गौरतलब है कि जिले में यह दो दिनों के भीतर आकाशीय बिजली से मौत की दूसरी बड़ी घटना है। 

कार व बाइक की जोरदार टक्कर, 2 युवक की हुई मौत, 1 घायल की हालत गंभीर, अस्पताल में भर्ती


उमरिया

मानपुर-जयसिंहनगर मार्ग पर मानपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत खुटार स्थित एक फार्म हाउस के समीप कार और बाइक के बीच हुई जोरदार टक्कर में दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे की खबर मिलते ही क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई।

मानपुर जनपद क्षेत्र के ग्राम गोवर्दे के खैरभान टोला निवासी तीन युवक किसी पारिवारिक रिश्तेदारी में गए हुए थे। सुबह वे एक ही बाइक से अपने घर वापस लौट रहे थे। बताया जा रहा है कि घर से महज डेढ़ से दो किलोमीटर की दूरी पर पहुंचने ही वाले थे कि खुटार के पास सामने से आ रही एक कार से उनकी बाइक की भीषण भिड़ंत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और तीनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एम्बुलेंस को सूचना दी व घायलों को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया।

इस दर्दनाक दुर्घटना में रामकेश केवट पिता रामभजन केवट निवासी गोवर्दे की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं गंभीर रूप से घायल प्रदीप केवट पिता मुन्ना केवट, उम्र लगभग 30 वर्ष को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन उन्होंने रास्ते में ही दम तोड़ दिया। हादसे में तीसरे युवक हिमांशु केवट पिता उमेश केवट, उम्र लगभग 26 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए।

घायल हिमांशु को प्राथमिक उपचार के बाद सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मानपुर से बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर किया गया है। उनकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है। परिजन और ग्रामीण बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंच गए। पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है। 

पति से विवाद पर पत्नी ने लगा ली फांसी, पुलिस की तत्परता से महिला की बच गई जान


शहडोल

जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र में एक महिला आत्महत्या करने जा रही थी, लेकिन समय रहते पुलिस की टीम ने तत्परता और सूझबूझ से उसकी जान बचा ली। कुदरा टोला निवासी रज्जू और उसकी पत्नी चरकी के बीच खाना बनाने की बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद इतना बढ़ गया कि नाराज होकर महिला ने खुद को कमरे में बंद कर लिया और फांसी लगाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। परिजनों के काफी समझाइश देने के बावजूद जब महिला ने दरवाजा नहीं खोला तो मामले की सूचना तत्काल धनपुरी पुलिस को दी गई।

सूचना मिलते ही धनपुरी थाने में पदस्थ आरक्षक प्रिंस अग्रवाल और कोमल लोधी मौके पर पहुंचे। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिसकर्मियों ने बिना समय गंवाए कमरे का दरवाजा खुलवाया और अंदर पहुंचकर फांसी के फंदे पर झूल रही महिला को नीचे उतारा। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के कारण महिला की सांसें चलती रहीं और उसकी जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यदि पुलिस कुछ मिनट और देर से पहुंचती तो महिला की मौत हो सकती थी। घटना के बाद महिला को आवश्यक उपचार और परामर्श उपलब्ध कराया गया।

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और पति रज्जू के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। महिला की जान बचाने का लाइव वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में धनपुरी पुलिस की सराहना हो रही है। 

पानी से बचने पेड़ के नीचे खड़ा था युवक, आकाशीय बिजली की चपेट में आने हुई मौत


शहडोल 

जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र के गोडारू गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक 22 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। बताया गया कि युवक घर के पास स्थित खेत की ओर शौच के लिए गया था। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई।

जानकारी के अनुसार गोडारू निवासी चंद्र प्रकाश केवट (22) पिता दशरथ केवट बारिश से बचने के लिए खेत में लगे एक आम के पेड़ के नीचे जाकर खड़ा हो गया। उसी समय तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ के पास आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा।

बिजली गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के घरों में मौजूद लोग बाहर निकले। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्होंने युवक को आम के पेड़ के नीचे गंभीर हालत में पड़ा देखा। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। परिजन और ग्रामीण तत्काल युवक को उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही गोहपारू थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की तथा पोस्टमार्टम कराया। पुलिस का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

महाविद्यालय में गुरु शिष्या के रिश्ते को तार-तार करती वायरल फोटो,  शोषण कहे या संरक्षण

*छात्र संगठन का अल्टीमेटम, तीन दिन करे कार्यवाही*



अनूपपुर

पुष्पराजगढ़ स्थित शासकीय स्नातक महाविद्यालय एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र में महाविद्यालय में पदस्थ शिक्षक डॉ. धर्मेंद्र सतनामी पर छात्रा के साथ अनुचित व्यवहार करने और गलत तरीके से स्पर्श करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि संबंधित शिक्षक छात्राओं से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हैं और उनकी गतिविधियों से छात्राएं मानसिक रूप से परेशान एवं असहज महसूस कर रही हैं। छात्र संगठन का दावा है कि इससे पहले भी शिक्षक के खिलाफ इस प्रकार की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन कोई ठोस कार्यवाही नहीं हुई है। मामले को लेकर छात्र-छात्राओं में नाराजगी बढ़ती जा रही है। संगठन ने प्रशासन से तीन दिन के भीतर जांच पूरी कर शिक्षक को निलंबित करने तथा अन्यत्र स्थानांतरित करने की मांग की है। यदि कार्यवाही नहीं हुई तो आंदोलन, कॉलेज घेराव और चक्का जाम जैसे कदम उठाने की चेतावनी दी गई है।


*शिक्षक पर छात्रा से अनुचित व्यवहार का आरोप*

महाविद्यालय में अध्ययनरत छात्रा से जुड़े इस मामले ने शिक्षा जगत को झकझोर दिया है। छात्र संगठन द्वारा दिए गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि संबंधित शिक्षक छात्राओं के साथ अनुचित व्यवहार करते हैं और गलत स्पर्श जैसी हरकतें करते हैं। शिकायत के अनुसार इस तरह की घटनाओं से छात्राएं स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रही हैं। छात्र संगठन का कहना है कि शिक्षा संस्थान छात्रों के लिए सुरक्षित वातावरण प्रदान करने के लिए होते हैं, लेकिन यदि शिक्षक ही विवादों में घिर जाएं तो यह पूरे शैक्षणिक माहौल पर सवाल खड़े करता है। संगठन ने मामले को गंभीर मानते हुए तत्काल जांच और कानूनी कार्यवाही की मांग की है।

*छात्र संगठन का अल्टीमेटम, तीन दिन करे कार्यवाही* 

भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन ने प्रशासन को स्पष्ट चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि तीन दिनों के भीतर आरोपी शिक्षक के खिलाफ ठोस कार्यवाही नहीं की गई तो व्यापक आंदोलन शुरू किया जाएगा। शिकायत पत्र की प्रतिलिपि उच्च शिक्षा विभाग, कलेक्टर, विधायक, सांसद और पुलिस प्रशासन को भी भेजी गई है। संगठन का कहना है कि छात्राओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन ने शिक्षक को तत्काल निलंबित करने और जांच पूरी होने तक महाविद्यालय से दूर रखने की मांग की है। इससे कॉलेज परिसर में चर्चा और तनाव का माहौल बना हुआ है।


*प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल*

मामले के सामने आने के बाद अब सभी की निगाहें महाविद्यालय प्रशासन और जिला प्रशासन की कार्रवाई पर टिक गई हैं। छात्र संगठन का आरोप है कि पहले भी संबंधित शिक्षक के खिलाफ शिकायतें सामने आई थीं, लेकिन प्रभावी कदम नहीं उठाए गए। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि यदि पूर्व में शिकायतें थीं तो उन पर क्या कार्रवाई की गई। वहीं प्रशासनिक अधिकारियों का पक्ष अभी सामने नहीं आया है। जांच शुरू होने के बाद ही आरोपों की सत्यता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल यह मामला छात्राओं की सुरक्षा, महाविद्यालय की व्यवस्था और प्रशासनिक जवाबदेही को लेकर बड़ा मुद्दा बन गया है।

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पानी से बचने पेड़ के नीचे खड़ा था युवक, आकाशीय बिजली की चपेट में आने हुई मौत

शहडोल 

जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र के गोडारू गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक 22 वर्षीय युवक की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। बताया गया कि युवक घर के पास स्थित खेत की ओर शौच के लिए गया था। इसी दौरान अचानक मौसम बदल गया और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई।

जानकारी के अनुसार गोडारू निवासी चंद्र प्रकाश केवट (22) पिता दशरथ केवट बारिश से बचने के लिए खेत में लगे एक आम के पेड़ के नीचे जाकर खड़ा हो गया। उसी समय तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ के पास आ गिरी, जिसकी चपेट में आने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ा।

बिजली गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के घरों में मौजूद लोग बाहर निकले। जब ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्होंने युवक को आम के पेड़ के नीचे गंभीर हालत में पड़ा देखा। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। परिजन और ग्रामीण तत्काल युवक को उपचार के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

घटना की सूचना मिलते ही गोहपारू थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई पूरी की तथा पोस्टमार्टम कराया। पुलिस का कहना है कि मामले में मर्ग कायम कर जांच की जा रही है।

पीएचई के कार्यपालन यंत्री 30 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार, EOW की बड़ी कार्रवाई

*1.50 लाख पहले ले चुका था रिश्वत*


अनूपपुर

जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (पीएचई) के प्रभारी कार्यपालन यंत्री ए.के. साह को 30 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई अनूपपुर स्थित उनके निजी निवास पर की गई। मामले में खुलासा हुआ है कि अधिकारी द्वारा एक ठेकेदार से कुल 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई थी, जिसमें से 1.50 लाख रुपये पहले ही लिए जा चुके थे।

जानकारी के अनुसार, पीएचई विभाग द्वारा वर्ष 2020-21 में केंद्र सरकार की जल जीवन मिशन योजना के तहत जिले में पाइपलाइन बिछाने, घर-घर नल कनेक्शन प्रदान करने तथा संबंधित निर्माण कार्यों का ठेका रीवा की आरजीए कंस्ट्रक्शन कंपनी को दिया गया था। कंपनी ने अनुबंध के अनुसार कार्य पूर्ण कर विभाग को सौंप दिया था। इसके बाद कंपनी के अंतिम भुगतान, सिक्योरिटी डिपॉजिट तथा एफडीआर की राशि जारी किए जाने की प्रक्रिया लंबित थी।

बताया गया है कि कंपनी का लगभग 14 लाख रुपये का अंतिम भुगतान, करीब 7 लाख रुपये की सिक्योरिटी डिपॉजिट राशि तथा लगभग 4 लाख रुपये की एफडीआर विभाग के पास लंबित थी। इन सभी देय राशियों को जारी करने के एवज में प्रभारी कार्यपालन यंत्री ए.के. साह द्वारा कंपनी के प्रतिनिधि एवं शिकायतकर्ता रामाश्रय यादव, निवासी बाणसागर कॉलोनी, रीवा से 2 लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई थी।

शिकायतकर्ता ने इसकी शिकायत आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) रीवा से की। शिकायत के सत्यापन के दौरान रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी अधिकारी 1 लाख 50 हजार रुपये की पहली किस्त पहले ही प्राप्त कर चुका था। इसके बाद शेष राशि में से 30 हजार रुपये लेने के लिए उसने शिकायतकर्ता को 19 जून 2026 को अपने निजी निवास स्मार्ट सिटी, अनूपपुर बुलाया।

पूर्व नियोजित योजना के तहत EOW रीवा की टीम ने पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी। जैसे ही शिकायतकर्ता ने आरोपी अधिकारी को 30 हजार रुपये की रिश्वत राशि सौंपी और उसने रकम स्वीकार की, वैसे ही पहले से मौजूद EOW टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए उसे रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद टीम ने आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया।

सूत्रों के अनुसार, संबंधित अधिकारी के विरुद्ध लंबे समय से अनियमितताओं और रिश्वतखोरी की शिकायतें मिल रही थीं। EOW की इस कार्रवाई के बाद विभागीय हलकों में हड़कंप मच गया है। वहीं जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ हुई इस कार्रवाई को आम लोगों और ठेकेदारों ने सकारात्मक कदम बताया है।

EOW मामले की विस्तृत जांच जारी है और रिश्वत के पूरे लेन-देन सहित अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। जांच में यदि अन्य तथ्य सामने आते हैं तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई सरकारी विभागों में व्याप्त भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण संदेश मानी जा रही है।

अंधेरे में जीने को मजबूर, विकास के दावों के बीच बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित सैकड़ों आदिवासी परिवार

*अठारहवीं शताब्दी जैसी जिंदगी जी रहे हैं लोग, कहा हैं जनप्रतिनिधि*


उमरिया

जब पूरा देश डिजिटल इंडिया, स्मार्ट गाँव और विकसित भारत की ओर तेजी से बढ़ रहा है, तब उमरिया जिले के पाली विकासखंड के घुनघुटी ग्राम पंचायत की आदिवासी बहुल गांव गाँधीग्राम, और कठई ग्राम पंचायत की चिनकी,सांस, गढकुर जैसे वनांचल आदिवासी  बहुल गांवों में बिजली जैसी मूलभूत सुविधा से आज भी बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए तरस रहे है, जहाँ पर सूर्यास्त होते ही पूरे गाँव अंधेरे की आगोस की घनी  चादर में डूब जाता है, जिससे ऐसा प्रतीत होता है मानो समय अभी भी अठारहवीं शताब्दी में ठहरा हुआ है। 

घुनघुटी ग्राम पंचायत के सांस गाँव में लगभग तीन सौ भूमिया (भील) आदिवासी परिवार जो की बैगा प्रजाति से जुडा माना जाता है, इस गाँव के आदिवासी दिन भर खेतों में और घुनघुटी से मेहनत-मजदूरी कर जब शाम को घर लौटते हैं तब दिनभर कठिन परिश्रम करने के बाद जब ग्रामीण अपने घरौंदे में प्रवेश करते हैं, तब उनका स्वागत धुंध अंधकार के व्दारा किया जाता है, जब आज भारत इक्कीसवीं सदी के आधुनिक सुविधाओं से सूर्य की भांति जगमगाती रोशनी से होती है तब इन गांवों के आदिवासियों का अभिनंदन घोर अंधकार से होता है। आदिवासी बच्चों की पढ़ाई विशेष कर प्रभावित होती है, महिलाओं को घरेलू कार्यों में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है, क्योंकि आज भी  ग्रामीणों का जीवन  ढिबरी एवं लालटेन की सीमित रोशनी तक सिमटा हुआ है।

सबसे बड़ा दुर्भाग्य इन गांवों का यह है कि चुनावी मौसम में बरसाती  नेताओं जनप्रतिनिधियों और उनके नुमाइंदों की आवाजाही तो होती है, आदिवासियों को बिजली के सब्ज बाग भी दिखाये जाते हैं, विकास के अनेक वादे परोसे जाते हैं, किन्तु चुनाव समाप्त होते ही आदिवासियों की थाली खाली की खाली रह जाती है। विदित होवे की वर्षों से ग्रामीण बिजली उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी यह जायज़ मांग अब तक पूरी नहीं हो सकी है। इसके लिए न क्षेत्र के जनप्रतिनिधि आवाज बुलंद करते हैं, न इस ओर प्रशासनिक पहल होती है, जबकि बिजली अब केवल एक प्रकाश का माध्यम बची बल्कि यह एक ऐसी  सुविधा बन गयी है, जो की आज जीवन  के हर पहलु को प्रभावित करती है। जैसे शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, मनोरंजन के साधन, दूर संचार के साथ ही आज आर्थिक विकास का आधार भी बनी हुई  है। बिजली के अभाव में गाँव के बच्चे आधुनिक शिक्षा से पीछे छूट रहे हैं तथा ग्रामीण शासन की अनेक योजनाओं का पूरा लाभ नहीं उठा पा रहे हैं।

वर्तमान में केंद्र एवं राज्य सरकार द्वारा 'धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान' संचालित किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य आदिवासी क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना है। ऐसे में इन बिजली विहीन  गाँवों को प्राथमिकता के आधार पर बिजली सुविधा से जोड़ना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

इन गाँवों के ग्रामीणों ने शासन, प्रशासन, जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों से मार्मिक अपील की है कि उनके गाँव तक भी विकास की रोशनी पहुँचाई जाए। जिस दिन यहाँ के घरों में पहला बल्ब जलेगा, उस दिन केवल अंधेरा ही नहीं मिटेगा, बल्कि सैकड़ों आदिवासी परिवारों के सपनों को भी नया उजाला मिलेगा।

अब प्रश्न यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी और जनप्रतिनिधि गाँधीग्राम की इस पीड़ा को सुनेंगे, या फिर यह गाँव आने वाले वर्षों तक भी विकास की रोशनी से वंचित रहेगा?

भ्रष्टाचार व जनसमस्याओं पर कांग्रेस का अनोखा विरोध, प्रदर्शन व नारेबाजी, आवारा कुत्ते को सौपा ज्ञापन


शहडोल

जिले के ब्यौहारी नगर परिषद में व्याप्त कथित भ्रष्टाचार और जनसमस्याओं को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी ब्यौहारी द्वारा नगर परिषद क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं, विकास कार्यों में कथित अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर आमसभा एवं विरोध प्रदर्शन आयोजित किया गया था। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता अपना ज्ञापन प्रशासन को सौंपने नगर परिषद कार्यालय पहुंचे, लेकिन वहां उन्हें कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं मिला। तो आवारा कुत्ते को ही ज्ञापन सौप दिया।

कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि जनता की समस्याओं को लेकर प्रशासन पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। काफी देर तक अधिकारियों का इंतजार करने के बाद कार्यकर्ताओं ने नगर परिषद कार्यालय के सामने धरना शुरू कर दिया और जिला प्रशासन तथा पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं आया तो वे किसी आवारा कुत्ते को ही ज्ञापन सौंप देंगे। जब लंबे इंतजार के बाद भी कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, तो कांग्रेसियों ने अपनी चेतावनी को अमल में बदल दिया। कार्यकर्ताओं ने एक आवारा कुत्ते को पकड़कर उसके गले में ज्ञापन लगाया और प्रतीकात्मक रूप से उसे प्रशासन का प्रतिनिधि मानते हुए ज्ञापन सौंप दिया।

इस अनोखे विरोध प्रदर्शन को देखने बड़ी संख्या में लोग मौके पर जुट गए। देखते ही देखते यह घटनाक्रम पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गया। कई लोगों ने इसे प्रशासनिक उदासीनता पर करारा व्यंग्य बताया तो कुछ ने इसे लोकतांत्रिक विरोध का अनोखा तरीका कहा। कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। क्षेत्र में “ज्ञापन वाले कुत्ते” की चर्चा अधिकारियों से ज्यादा हो रही है और प्रशासन की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में नजर आ रही है।

सब स्टेशन मे मेंटीनेंस होने के कारण 5 घंटे विद्युत सप्लाई रहेगी बंद


कोतमा

विद्युत विभाग कोतमा के सहायक अभियंता आशुतोष चंद्रा ने बताया की कोतमा नगर सहित कोयलांचल एवं ग्रामीण क्षेत्र सहित कोयला खदानों की बिजली सप्लाई शुक्रवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक 5 घंटे तक  विद्युत बाधित रहेगी।

विद्युत विभाग बिजुरी के कनिष्ठ अभियंता के एस पटेल ने बताया कि 19 जून शुक्रवार को 132/33 के वी सब स्टेशन केशवाही रोड कोतमा मे मेंटीनेंस कार्य होने के कारण शट-डाउन रहेगा, जिसके कारण शुक्रवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक बिजुरी सब स्टेशन अंतर्गत बिजुरी नगर एवं ग्रामीण क्षेत्रों सहित कोयला खदानों की बिजली सप्लाई बाधित रहेगी। उन्होंने सभी विद्युत उपभोक्ताओं से सहयोग करने की अपील की है।

अनूपपुर को ‘पावर हब’ बनाने की कीमत, विकास की जगह विनाश, किसानों की जमीन, जंगल और पर्यावरण पर संकट


*पुलिस प्रशासन बाउंसरो के दबाव में हुई जनसुनवाई, ग्रामीणों किसानों की दबा दी गई आवाज*

*एसीसी माइनिंग, सत्ता, प्रशासन व कॉर्पोरेट का ‘अवैध’ गठजोड़,  का दिखा नजारा*

अनूपपुर। 

जिले के जैतहरी क्षेत्र अंतर्गत लामाटोला कोल ब्लॉक के तहत बसखली, लामटोला, रेउला और गढ़ी गांवों में प्रस्तावित कोयला खनन परियोजना को लेकर आयोजित जनसुनवाई के दौरान किसानों, ग्रामीणों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश देखने को मिला। लगभग 1030 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण से जुड़ी इस परियोजना के विरोध में ग्रामीणों ने प्रशासन और कंपनी पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता बनकर रह गई है तथा प्रभावित लोगों की आवाज को दबाने का प्रयास किया गया।

ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस प्रशासन, सत्ता से जुड़े प्रभावशाली लोगों और निजी सुरक्षा कर्मियों के दबाव में जनसुनवाई की प्रक्रिया संचालित की गई। कई ग्रामीणों ने दावा किया कि उन्हें अपनी बात खुलकर रखने का अवसर नहीं दिया गया और विरोध के स्वर को दबाने का प्रयास किया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं बल्कि एकतरफा निर्णय को वैधता देने का प्रयास था।


*विकास नहीं, विनाश की ओर बढ़ रहा अनूपपुर*

अनूपपुर जिला पहले से ही कई बड़े औद्योगिक और ऊर्जा परियोजनाओं का केंद्र बन चुका है। अमरकंटक ताप विद्युत गृह, हिंदुस्तान पावर (मोजर बेयर), आर्या एनर्जी, सहित कई परियोजनाएं जिले में संचालित हैं 

अडानी थर्मल पावर प्लांट, न्यू इंडिया जोन (टोरंट पावर) अमरकंटक  विद्युत गृह का नया प्लांट, हिंदुस्तान पॉवर का नया प्लांट जैसे अन्य परियोजनाएं निर्माणाधीन हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जिले को ‘पावर हब’ बनाने की होड़ में प्राकृतिक संसाधनों, कृषि भूमि और स्थानीय आबादी के हितों की लगातार अनदेखी की जा रही है।

ग्रामीणों का कहना है कि जिन क्षेत्रों में पहले उद्योग स्थापित किए गए थे, वहां रोजगार, स्वास्थ्य और पर्यावरण संरक्षण के जो वादे किए गए थे, वे आज भी अधूरे हैं। इसके बावजूद नई परियोजनाओं को मंजूरी देने की प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ाई जा रही है।


*एसीसी माइनिंग परियोजना पर उठे गंभीर सवाल*

लामाटोला कोल ब्लॉक से जुड़ी एसीसी माइनिंग परियोजना अब विवादों के केंद्र में आ गई है। ग्रामीणों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का आरोप है कि कंपनी द्वारा किसानों की उपजाऊ कृषि भूमि और वन क्षेत्रों पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उनका कहना है कि यह परियोजना केवल खनन तक सीमित नहीं है, बल्कि हजारों लोगों के भविष्य, आजीविका और पर्यावरणीय संतुलन पर सीधा प्रभाव डालने वाली है। ग्रामीणों का आरोप है कि सत्ता से जुड़े कुछ प्रभावशाली नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों के संरक्षण में कंपनी को विशेष सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। 

*पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी के आरोप*

जनसुनवाई के दौरान सबसे बड़ा मुद्दा पर्यावरणीय प्रभाव आकलन (EIA) रिपोर्ट को लेकर सामने आया। प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि परियोजना से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज समय पर उपलब्ध नहीं कराए गए। कई लोगों ने दावा किया कि EIA रिपोर्ट की प्रतियां गांवों में उपलब्ध नहीं थीं, जिससे आम नागरिक परियोजना के संभावित प्रभावों को समझ ही नहीं सके। पर्यावरण विशेषज्ञों का भी मानना है कि किसी भी बड़े खनन प्रोजेक्ट के लिए पारदर्शी और निष्पक्ष पर्यावरणीय मूल्यांकन आवश्यक होता है। यदि प्रभावित समुदायों को पर्याप्त जानकारी ही उपलब्ध नहीं कराई गई, तो जनसुनवाई की प्रक्रिया की वैधता और निष्पक्षता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है।

*जंगल, जलस्रोत और जैव विविधता पर खतरा*

प्रस्तावित कोयला परियोजना जिस क्षेत्र में स्थापित की जा रही है, वह प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध माना जाता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खनन गतिविधियों के कारण जंगलों की कटाई बढ़ेगी, भूजल स्तर प्रभावित होगा और क्षेत्र के प्राकृतिक जल स्रोतों पर संकट उत्पन्न होगा। परियोजना शुरू होने के बाद प्रदूषण बढ़ेगा, जिससे खेती, पशुपालन और जनस्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा। 

*किसानों के भविष्य पर मंडराता संकट*

भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया को लेकर किसानों में गहरी चिंता है। उनका कहना है कि खेती ही उनकी आजीविका का मुख्य साधन है और जमीन छिन जाने के बाद उनके पास रोजगार का कोई स्थायी विकल्प नहीं बचेगा। ग्रामीणों का आरोप है कि मुआवजा और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। कई किसानों का कहना है यदि उनकी जमीन चली गई तो आने वाली पीढ़ियों का भविष्य क्या होगा। उनका कहना है कि केवल आर्थिक मुआवजा किसी किसान की पीढ़ियों से जुड़ी भूमि और आजीविका का विकल्प नहीं हो सकता।

*जनसुनवाई बनी खानापूर्ति?*

ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों का आरोप है कि जनसुनवाई की प्रक्रिया महज औपचारिकता बनकर रह गई है। उनका कहना है कि प्रशासन और कंपनी पहले से तय एजेंडे के अनुसार प्रक्रिया को आगे बढ़ा रहे हैं, जबकि स्थानीय लोगों की आपत्तियों और सुझावों को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा। विरोध कर रहे ग्रामीणों ने मांग की है कि परियोजना से जुड़े सभी दस्तावेज सार्वजनिक किए जाएं, स्वतंत्र एजेंसियों द्वारा पर्यावरणीय अध्ययन कराया जाए तथा प्रभावित गांवों की सहमति के बिना किसी भी प्रकार का भूमि अधिग्रहण न किया जाए।

*न्याय की मांग*

बसखली, लामटोला, रेउला और गढ़ी सहित प्रभावित गांवों के लोगों का कहना है कि वे विकास के विरोधी नहीं हैं, लेकिन ऐसा विकास स्वीकार नहीं किया जा सकता जो किसानों को विस्थापित कर दे, जंगलों को नष्ट कर दे और पर्यावरणीय संतुलन को बिगाड़ दे। ग्रामीणों ने सरकार से निष्पक्ष जांच कराने और जनसुनवाई प्रक्रिया की समीक्षा करने की मांग की है। क्या सत्ता प्रशासन औद्योगिक विकास की दौड़ में किसानों, जंगलों और पर्यावरण की आवाज एक बार फिर दबा दी जाएगी। अनूपपुर की जनता आज इसी प्रश्न का उत्तर तलाश रही है।

मेटाडोर व ट्रैक्टर ने दो बाइक को मारी टक्कर, तीन की हुई मौत, दो घायल अस्पताल में भर्ती


शहडोल

जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र स्थित नेशनल हाईवे-43 के पंचवटी चौराहे के समीप तेज रफ्तार ईंट लोड डग्गी ने बाइक को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी, जिससे बाइक पर सवार एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया, दोनों युवकों ने हेलमेट नहीं पहना था, हेमलेट की अनिवार्यता अगर समझकर यदि हेलमेट पहने होते तो शायद जान बच जाती। सड़क सुरक्षा अभियान के तहत लगातार हेलमेट पहनने की अपील की जाती है, लेकिन लोग अब भी इसे नजरअंदाज कर रहे हैं।

मृतक की पहचान सागर कोल (21 वर्ष), पिता सुंदर कोल, निवासी करण तलैया, अमन होटल के पास के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि सागर अपने साथी करण कोल के साथ बाइक से ससुराल जा रहा था। इसी दौरान पीछे से आ रही तेज रफ्तार ईंट लोड डग्गी ने बाइक को टक्कर मार दी, हादसा इतना भीषण था कि सागर कोल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि करण कोल गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बुढ़ार पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

*बाइक ट्रैक्टर की टक्कर, दो की हुई मौत, एक घायल*

उमरिया जिले के अमरपुर चौकी अंतर्गत महरोई मोड़ के पास रात हुए सड़क हादसे में बाइक सवार दो युवकों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। प्राप्त जानकारी के अनुसार बाइक और ट्रैक्टर के बीच आमने-सामने की टक्कर हो गई, जिससे तीनों युवक सड़क पर गिर गए।

हादसे में अजय कोल (30 वर्ष) पिता लालमन कोल निवासी बरकुला थाना बदेरा तथा करण (25 वर्ष) पिता गया प्रसाद की मौके पर ही मौत हो गई, दोनों आपस में साला-बहनोई बताए जा रहे हैं, वहीं अमन (24 वर्ष) पिता राजू निवासी बिहरा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

यात्री सोता रहा चोर ने चार्ज पर लगा मोबाइल कर दिया पार, सीसीटीवी में कैद हो गयी घटना


शहडोल

शहडोल रेलवे स्टेशन पर एक मोबाइल चोरी की घटना स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। एक यात्री स्टेशन परिसर में गहरी नींद में सो रहा था। इस दौरान उसका मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगा हुआ था। मौके का फायदा उठाते हुए एक व्यक्ति वहां पहुंचा और मोबाइल फोन चोरी कर वहां से निकलने का प्रयास करने लगा।

हालांकि आरोपी को शायद इस बात का अंदाजा नहीं था कि मोबाइल चोरी की पूरी घटना कैमरों में रिकॉर्ड हो जाएगी। फुटेज में संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं, जिससे उसकी पहचान और तलाश में सुरक्षा एजेंसियों को मदद मिल सकती है।

रेलवे स्टेशन जैसे सार्वजनिक स्थलों पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्रियों का आवागमन होता है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए रेलवे द्वारा आधुनिक निगरानी व्यवस्था विकसित की गई है। स्टेशन परिसर में स्थापित सीसीटीवी कैमरे न केवल सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बना रहे हैं, बल्कि चोरी, संदिग्ध गतिविधियों और अन्य आपराधिक घटनाओं की जांच में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

रेलवे अधिकारियों का कहना है कि स्टेशन परिसर में होने वाली हर गतिविधि पर लगातार नजर रखी जाती है। यही कारण है कि अपराधी तत्वों की पहचान करने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण साक्ष्य के रूप में सामने आते हैं।

दिव्यप्रकाश, मथुरा, अमन, विजय मिलकर रेत का कर रहे हैं, जेसीबी लगाकर अवैध उत्तखनन व परिवहन

*प्रशासन नतमस्तक, माफिया बेख़ौफ़, नाड़ियों का सीना छलनी करने का वीडियो वायरल*


शहडोल

जिले में अवैध रेत खनन पर लगाम लगाने के तमाम दावों के बीच रेत माफिया खुलेआम कानून को चुनौती दे रहे हैं। जानकारी के अनुसार शहडोल जिले में रेत का ठेका न होने के कारण उमरिया जिले में बैठा रेत ठेकेदार का दलाल दिव्यप्रकाश अपने साथी मथुरा, अमन व विजय के साथ मिलकर शहडोल जिले में अवैध रेत का उत्तखनन करवाकर परिवहन करवा रहा है। पूरे जिले में अपनी टीम को बैठाकर दिन रात नदियों का सीना छलनी कर रहा है।

जैतपुर थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े नदी से जेसीबी मशीन के जरिए रेत निकालने का वीडियो वायरल हुआ है, जिसने प्रशासनिक कार्रवाई और निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार हो रही कार्रवाई और सख्ती के दावों के बावजूद माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं कि वे बिना किसी डर के नदियों का सीना छलनी करने में जुटे हैं।


वायरल वीडियो को लेकर दावा किया जा रहा है कि यह जैतपुर थाना क्षेत्र के डोंगरी टोला हथगला स्थित कुनुक नदी का है। वीडियो में जेसीबी मशीन की मदद से ट्रैक्टर-ट्रालियों में रेत लोड की जाती दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दिनदहाड़े नदी से रेत निकालकर उसका भंडारण और परिवहन किया जा रहा है। कुछ दिन पहले भी कुनुक नदी के भीतर अवैध रेत भंडारण का वीडियो सामने आया था। इसके बाद भी खनन गतिविधियां जारी रहने के आरोप लग रहे हैं। क्षेत्र में लगातार अवैध उत्खनन हो रहा है, लेकिन प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही।


2 दिन पहले सोहागपुर और कोतवाली थाना क्षेत्र में अवैध खनन और परिवहन रोकने निकले वन कर्मियों पर हमला किए जाने की घटनाएं सामने आई थीं। दो अलग-अलग मामलों में खनन से जुड़े लोगों द्वारा वन विभाग के कर्मचारियों को निशाना बनाए जाने का आरोप है, जिससे प्रशासनिक अमले की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जैतपुर क्षेत्र के विभिन्न घाटों से जेसीबी के जरिए रेत निकालकर ट्रैक्टर-ट्रालियों से बाहर लाई जाती है और बाद में बड़े वाहनों में भरकर परिवहन किया जाता है। लोगों का कहना है कि दिन-रात हाइवा और अन्य भारी वाहन सड़कों पर चलते दिखाई देते हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग प्रभावी रोक नहीं लगा पा रहे हैं। वही जिला खनिज अधिकारी राहुल शांडिल्य ने कहा कि विभाग को जहां भी अवैध खनन या भंडारण की सूचना मिलती है, वहां कार्रवाई की जाती है।

वन विभाग की टीम पर दो बार हमला, वनकर्मी हुए घायल, वाहन हुआ क्षतिग्रस्त, मामला दर्ज


शहडोल 

जिले में वन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमलों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर अज्ञात हमलावरों ने वन अमले को निशाना बनाते हुए एक ही रात में दो अलग-अलग घटनाओं को अंजाम दिया। हमले में वन विभाग के अधिकारियों के वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया। वहीं दो वनकर्मी घायल हो गए। 

डिप्टी रेंजर बरखेड़ा श्री प्रसाद, वन विभाग के अधिकारियों के साथ रात्रिकालीन गश्त पर थे। इस दौरान उनका वाहन निपानिया-जरवाही मार्ग के पास अज्ञात लोगों के निशाने पर आ गया। हमलावरों ने वाहन पर हमला कर तोड़फोड़ की और मौके से फरार हो गए। दूसरी घटना में गश्त से लौट रहे बीट गार्ड सुरेश बैगा और रामकिशोर बैगा पर नरसरहा रोड स्थित डिपो और गणेश मंदिर के बीच अज्ञात हमलावरों ने हमला कर दिया। अचानक हुए इस हमले में दोनों वनकर्मी घायल हो गए। घटना के बाद घायल कर्मचारियों को उपचार उपलब्ध कराया गया और पूरे मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी गई। 

वन विभाग ने दोनों घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए संबंधित थानों में शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। बीट गार्डों पर हुए हमले की शिकायत कोतवाली थाना में की गई है। जबकि डिप्टी रेंजर एवं विभागीय अधिकारियों के वाहन पर हुए हमले की शिकायत सोहागपुर थाना में दर्ज कराई जाएगी। 

दक्षिण वन मंडल डीएफओ श्रदा पेंद्रो का कहना है कि माफिया हावी हैं। मेरी गाड़ी में भी तोड़फोड़ हुई है। मामलें की शिकायत की जा रही है। वहीं इस मामले में कोतवाली प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने जानकारी देते हुए बताया कि दो वन कर्मियों के साथ मारपीट की शिकायत पर एफआईआर दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।

फुटबॉल प्रतियोगिता फूहड़ गाना व नृत्य, NSUI का विरोध, प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का फूंका पुतला


उमरिया

जिला प्रशासन के सामने आयोजित राज्यस्तरीय सुब्रतो मुखर्जी फुटबॉल प्रतियोगिता के आगाज कार्यक्रम के दौरान मंच पर प्रस्तुत किए गए एक डांस कार्यक्रम को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।

प्रतियोगिता जैसे खेल आयोजन में फिल्मी गाने “नीचे पान की दुकान, ऊपर गोरी का मकान” पर हुए डांस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक और अधिकारी मौजूद थे, ऐसे में मंच पर हुई प्रस्तुति को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और नागरिकों ने आयोजन समिति से जवाब मांगा है कि खेल प्रतियोगिता के बीच इस तरह के मनोरंजन कार्यक्रम की अनुमति किस आधार पर दी गई।

लोगों का कहना है कि स्कूली खिलाड़ियों और खेल प्रतिभाओं को प्रोत्साहित करने के लिए आयोजित इस प्रतियोगिता में इस प्रकार के गीतों और प्रस्तुतियों से किरकिरी होना लाजमी है।

*NSUI का विरोध, प्रदर्शन, मुख्य चुनाव आयुक्त का फूंका पुतला*


अनूपपुर

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (एनएसयूआई) प्रदेश अध्यक्ष आशुतोष चौकसे के आह्वान एवं जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर के अध्यक्ष गुड्डू चौहान के निर्देशानुसार गांधी चौक, कोतमा में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं द्वारा कांग्रेस राज्यसभा प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया एवं विरोध स्वरूप भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पुतला दहन किया तथा राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीदार कोतमा को सौंपा गया। ज्ञापन में मांग करते हुए लेख किया गया कि विपक्षी दलों के प्रत्याशियों को सत्ता के दबाव में चुनाव प्रक्रिया से बाहर करने की तानाशाही प्रवृत्ति पर तत्काल रोक लगाई जाए। भारत निर्वाचन आयोग के मुख्य आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली एवं निष्पक्षता की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराई जाए। दुर्भावनापूर्ण मंशा से नामांकन पत्र निरस्त करने वाले संबंधित रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को तत्काल निलंबित कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाए। विरोध प्रदर्शन में एनएसयूआई जिलाध्यक्ष रफी अहमद के साथ बड़ी संख्या में कांग्रेस एवं एनएसयूआई के कार्यकर्ता, पदाधिकारी और समर्थक उपस्थित रहे। कार्यकर्ताओं ने अपनी आवाज बुलंद करते हुए कहा कि जनहित और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।

पुलिस कस्टडी से संदेही आरोपी हुआ फरार, प्रधान आरक्षक निलंबित, 2 एस आई पर जांच के आदेश


अनूपपुर

जिले के चचाई थाना क्षेत्र में पुलिस अभिरक्षा से एक संदेही आरोपी के फरार होने के मामले में पुलिस अधीक्षक विक्रम मुराब ने कड़ा रुख अपनाया है। आरोपी की सुरक्षा में लापरवाही पाए जाने पर प्रधान आरक्षक मोहन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर रक्षित केंद्र अनूपपुर संबद्ध कर दिया गया है। वहीं मामले में शामिल दो सहायक उप निरीक्षकों (एएसआई) के विरुद्ध विभागीय जांच के आदेश दिए गए हैं।

थाना चचाई में दर्ज अपराध की धारा 303(2) बीएनएस के तहत संदेही आरोपी मंगेश सिंह निवासी टिकरीटोला, बुढ़ार को 15 जून 2026 को माल बरामदगी एवं विवेचना संबंधी कार्रवाई के लिए पुलिस अभिरक्षा में लिया गया था। आरोपी को विवेचक एएसआई प्यारेलाल सिंह, एएसआई लालमणि चौधरी तथा प्रधान आरक्षक मोहन सिंह थाना चचाई लेकर आ रहे थे।

इसी दौरान विवेचक अधिकारियों को थाना अमलाई क्षेत्र में हुई चोरी की गाड़ियों एवं उनके कलपुर्जों की तस्दीक करनी थी। दोनों एएसआई आरोपी को प्रधान आरक्षक मोहन सिंह की निगरानी में छोड़कर अमलाई थाना परिसर में जांच के लिए चले गए। बताया गया कि वाहन थाना अमलाई की बाउंड्री के बाहर खड़ा था। कुछ समय बाद जब दोनों अधिकारी वापस लौटे तो आरोपी वाहन में मौजूद नहीं मिला। पूछताछ में प्रधान आरक्षक मोहन सिंह ने बताया कि आरोपी अपनी कलाई से हथकड़ी सरकाकर भाग निकला।

पुलिस अधीक्षक विक्रम मुराब ने आरोपी की सुरक्षा में घोर लापरवाही एवं उदासीनता मानते हुए प्रधान आरक्षक मोहन सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। साथ ही घटना के संबंध में एएसआई प्यारेलाल सिंह एवं एएसआई लालमणि चौधरी की भूमिका की जांच के आदेश भी जारी किए गए हैं। पुलिस फरार संदेही आरोपी की तलाश में जुटी हुई है।

 शादी पार्टी में मोटरसाइकिल चुराने वाले गिरोह का पर्दाफाश, 2 आरोपी गिरफ्तार, 2 फरार

*गैराज में पुरानी बाइको में लगा देते थे पार्ट*


शहडोल 

जिले से वाहन चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर गिरोह पर अमलाई थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इस गिरोह के दो मुख्य सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह शादी-समारोहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से बिना लॉक वाली बाइकों को मिनटों में ‘डायरेक्ट कनेक्शन’ कर उड़ा ले जाता था। पुलिस ने इनके कब्जे से बुलेट और यामाहा जैसी 7 लग्जरी बाइक बरामद की हैं। 

गिरोह के निशाने पर शादी-पार्टी और भीड़भाड़ वाले कार्यक्रम होते थे। गिरोह के सदस्य कार्यक्रम स्थलों के बाहर खड़ी ऐसी बाइकों की रेकी करते थे, जो बिना लॉक के खड़ी होती थीं। शातिर ये चोर बिना चाबी के ही बाइक के तारों को आपस में जोड़कर (डायरेक्ट कनेक्शन) गाड़ी स्टार्ट कर लेते थे और पलक झपकते ही मौके से रफूचक्कर हो जाते थे। इस पूरे खेल में पकड़े गए आरोपी अमन तिवारी की भूमिका सबसे अहम थी, जो तकनीकी रूप से बाइक स्टार्ट करता था, जबकि दीपू सिंह उसका साथ देता था।

चोरी के वाहनों को गिरोह के मास्टरमाइंड मंगेश सिंह के बाइक रिपेयरिंग गैराज में पहुंचा देता था जहाँ बाइकों के इंजन और अन्य कीमती पार्ट्स को निकालकर दूसरी पुरानी बाइकों में फिट कर देते थे और उन्हें बाजार में बेचकर मोटी कमाई करते थे। पुलिस ने मास्टरमाइंड मंगेश के गैराज से 4 चोरी की बाइक बरामद की हैं, जबकि 3 अन्य बाइकें अलग-अलग ठिकानों से जब्त की गई हैं। बरामद वाहनों में बुलेट, स्कूटी, यामाहा आर-वन और सीडी डीलक्स शामिल हैं, जो बीते तीन महीनों में ओपीएम (OPM) कॉलोनी, बकहो और आसपास के इलाकों से चुराई गई थीं।

मुख्य बाइक चोर अमन तिवारी पहले गुजरात के एक मंदिर से बेशकीमती प्रतिमा (मूर्ति) चोरी करने के मामले में भी जेल जा चुका है। अमलाई थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पाण्डेय ने बताया कि बाइक चोरी के इस रैकेट में अमन तिवारी और दीपू सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, गैराज संचालक व गिरोह का मास्टरमाइंड मंगेश सिंह और उसका एक अन्य साथी नमन केवट फिलहाल फरार हैं। 

बिजली कनेक्शन सुधारने गए कर्मचारी को लगा करंट से झुलसा, हुई मौत, पुलिस जाँच में जुटी


शहडोल

जिले में एक दर्दनाक हादसे में बिजली कनेक्शन सुधारने गए एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान कुंदन सिंह (28 वर्ष), पिता नरेंद्र सिंह, निवासी मालाचुआ के रूप में हुई है।

कुंदन सिंह एक आउटसोर्स कंपनी Krysta में कार्यरत था। बताया जा रहा है कि वह विद्युत कनेक्शन सुधारने के कार्य के लिए मौके पर गया था। इसी दौरान कार्य करते समय उसे अचानक तेज करंट लग गया। करंट लगने से वह गंभीर रूप से झुलस गया और मौके पर मौजूद लोगों में अफरा-तफरी मच गई।

सहकर्मियों एवं स्थानीय लोगों द्वारा तत्काल उसे उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।

संबंधित विभाग एवं पुलिस की टीम भी अस्पताल पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर हादसे का कारण विद्युत कार्य के दौरान करंट लगना बताया जा रहा है। हालांकि घटना किन परिस्थितियों में हुई और सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं, इसकी जांच की जा रही है। पुलिस द्वारा पंचनामा व वैधानिक कार्रवाई पूरी किए जाने के बाद शव का पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा दिया है।

जीएनएस फाइनेंस कंपनी के डायरेक्टर समेत 5 लोगो के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला हुआ दर्ज


शहडोल

जिले में निवेश के नाम पर लोगों को झांसे में लेकर लाखों की ठगी करने वाले कथित फाइनेंस गिरोह पर आखिरकार पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। जीएनएस फाइनेंशियल सर्विसेज प्रा. लि. कंपनी के डायरेक्टर, उनकी पत्नी समेत 5 लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। इस मामले में सबसे ज्यादा प्रभावित SECL के रिटायर्ड कर्मचारी बताए जा रहे हैं, जिन्होंने अपनी जिंदगी भर की कमाई बेहतर ब्याज के लालच में कंपनी में निवेश कर दी थी।

बुढ़ार थाना क्षेत्र के धनपुरी रोड स्थित खंडेलवाल कॉम्प्लेक्स में संचालित जीएनएस फाइनेंशियल सर्विसेज प्रा. लि. कंपनी के एजेंटों ने लोगों को यह भरोसा दिलाया था कि उनकी रकम मुंबई की प्रतिष्ठित निवेश कंपनी में लगाई जाएगी और हर महीने अच्छा ब्याज मिलेगा। साथ ही 5 साल में रकम दोगुनी होने का सपना दिखाया गया। सरईकापा निवासी संतोष वर्मन, मोहन सिंह समेत कई निवेशकों ने कंपनी के झांसे में आकर लाखों रुपये जमा कर दिए। शुरुआती कुछ महीनों तक कंपनी ने निवेशकों को ब्याज भी दिया, जिससे लोगों का भरोसा और बढ़ गया, लेकिन बाद में भुगतान बंद कर दिया गया, जब निवेशकों ने अपनी रकम वापस मांगनी शुरू की तो उन्हें डराने-धमकाने तक की शिकायतें सामने आने लगीं।

कंपनी के संचालकों ने अलग-अलग लोगों से विभिन्न खातों में पैसा जमा कराया और उनकी तरफ से ट्रेडिंग किए जाने का दावा किया गया। प्रथम दृष्टया मामला धोखाधड़ी का पाए जाने पर पुलिस ने सुखनंदन यादव, सरोज यादव, मुकेश यादव, विजय पाल और मोहम्मद अमीम के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया है। एफआईआर के अनुसार यह अपराध 6 दिसंबर 2024 से 16 मई 2026 के बीच घटित होना बताया गया है। मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) एवं 61(2) के तहत दर्ज किया गया है।

तीन लोगो को सर्प ने डसा, महिला व युवक की हुई मौत, एक महिला अस्पताल में चल रहा इलाज


अनूपपुर

जिला चिकित्सालय अनूपपुर में जहरीले सांप के काटने से उपचार दौरान एक नव विवाहिता की मौत हो गई, जबकि करैत सर्प के काटने से युवक की कोतमा अस्पताल ले जाते समय मौत होने के दूसरे दिन बाद मां को करैत सर्प के काटने से गंभीर हालात में परिजनों द्वारा जिला चिकित्सालय अनूपपुर में उपचार हेतु भर्ती किए जाने पर उपचार जारी है, जिसे चिकित्सकों द्वारा खतरे से बाहर होना बताया गया है।

शहडोल जिले के बुढार थाना अंतर्गत सरईकापा गांव में सोमवार की रात 24 वर्षीय सरिता पति अवधेश चौधरी जो अपने मायके में खाना पीना खाने बाद सोने जाने के पूर्व दिशा मैदान हेतु घर के पीछे बांड़ी में गई थी, तभी अचानक एक अज्ञात अत्यंत जहरीले सांप ने सरिता के जांघ के पास डंस दिया, जिस पर सरिता के तेजी से आवाज करने पर पिता एवं परिजन बाहर निकल कर बांडी में सांप की खोजबीन किए जाने पर सांप के नहीं मिलने सरिता की हालत खराब होते देखकर निजी वाहन कर उपचार हेतु देर रात जिला चिकित्सालय अनूपपुर में लाकर उपचार हेतु भर्ती कराया, उपचार के दौरान देर रात सविता की मृत्यु हो गुई।  ड्यूटी डॉक्टर हिमांशु पांडेय ने घटना की जानकारी अस्पताल पुलिस को दी। मृतिका के शव का पंचनामा व पीएम कराते हुए मृतिका के शव का अंतिम संस्कार किए जाने हेतु परिजनों को सौंप दिया है।

वही भालूमाडा थाना अंतर्गत पयारी क्रमांक 01 निवासी 27 वर्षीय रविशंकर पिता मनोहर चौधरी को दो दिन पूर्व घर के अंदर जमीन में सोते समय अत्यंत जहरीले करैत प्रजाति के सर्प के काटे जाने पर गंभीर स्थिति में परिजनों द्वारा उपचार हेतु कोतमा चिकित्सालय ले जाया गया जहां पर रविशंकर की मौत हो गई। कोतमा पुलिस द्वारा कार्यवाही करते हुए शव के अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंपे जाने पर परिजनों द्वारा अंतिम संस्कार किया।  इस दौरान परिवार एवं रिश्तेदारों के एकत्रित रहने एवं रात मे ठहरने पर 48 वर्षीय मां इंद्रवती चौधरी पति मनोहर चौधरी अन्य लोगों के साथ जमीन पर सोई थी, तभी देर रात करैत सर्प ने इंद्रवती के दाएं हाथ के बीच की उंगली में काट दिया, हल्ला होने पर परिवार जनों ने सर्प को देखकर उसे मारकर इंद्रवती को उपचार हेतु फुनगा अस्पताल से जिला चिकित्सालय अनूपपुर में भर्ती कराया जिसकी हालत वर्तमान समय खतरे से बाहर होना चिकित्सको द्वारा बताया गया है जो वर्तमान समय तक भर्ती रहकर उपचाररत है।

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