बिना दीवार के कुएं में गिरकर तेंदुआ की हुई मौत, पांच दिन तक कुएं में पड़ा रहा शव


शहडोल

एक तेंदुआ शावक खुले कुएं में गिरकर मर गया। पांच दिन तक शव कुएं में पड़ा सड़ता रहा, लेकिन वन अमले को इसकी जानकारी तक नहीं लग पाई। वन विभाग को इस घटना की जानकारी पांच दिन बाद लगी। बताया जा रहा है कि इलाके में तेज बदबू आने पर वन विभाग के गश्ती दल को शक हुआ। जब उन्होंने कुएं में झांक कर देखा तो पानी में तेंदुए का शव तैरता हुआ दिखाई दिया। इसके बाद तत्काल अधिकारियों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही वन विभाग का अमला मौके पर पहुंचा और मंगलवार शाम तक शव निकालने और पंचनामा सहित पूरी प्रक्रिया पूरी की गई।

गोहपारू वन परिक्षेत्र के पटोरी सर्किल के बीट सकारिया में किसान राम सिंह के खेत में बने खुले कुएं में तेंदुए का शव मिला है। बताया जा रहा है कि कुएं के आसपास कोई बाउंड्री या सुरक्षा दीवार नहीं थी। संभावना जताई जा रही है कि तेंदुआ पानी की तलाश में कुएं के पास पहुंचा होगा और असंतुलित होकर कुएं में गिर गया होगा, जिससे उसकी मौत हो गई। किसान राम सिंह के खेत में फिलहाल कोई फसल नहीं लगी है, जिससे खेत में लोगों का आना-जाना भी कम रहता है। इसी कारण कई दिनों तक किसी को घटना की जानकारी नहीं लग सकी और शव कुएं में ही पड़ा रहा।

इस मामले में रेंजर गोहपारू हेमंत प्रजापति ने कहा की तेंदुआ का पोस्टमार्टम कराया गया है। प्रथम दृष्टया तेंदुए की मौत कुएं में गिरने से होना प्रतीत हो रही है। मौके पर पगमार्क भी मिले हैं।

नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाकर दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस ने महाराष्ट्र से किया गिरफ्तार


अनूपपुर

17 मार्च 2026 को 17 वर्षीय नाबालिग बालिका के स्कूल ना पहुंचकर अचानक बिना बताये कहीं चले जाने एवं ना मिलने की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 173/26 धारा 137(2) बी. एन. एस. पंजीबद्ध किया गया। पुलिस की संयुक्त टीम के द्वारा उक्त नाबालिग बालिका की लगातार प्रयास कर पतासाजी की गई एवं उक्त नाबालिग बालिका को मुम्बई (महाराष्ट्र) के पुलिस थाना खार अंतर्गत गोरेगांव से आरोपी अमन राजपूत पिता प्रेमकुमार राजपूत उम्र 19 वर्ष निवासी ग्राम भगवंतपुर थाना नवाबगंज जिला उन्नाव (उत्तरप्रदेश) के कब्जे से दस्तयाब कर परिजनो को सुपुर्द किया गया है। आरोपी अमन राजपूत को उक्त अनुसूचित जाति की नाबालिग बालिका को बहला फुसलाकर साथ में भगा ले जाने एवं दुष्कर्म किये जाने के आरोप में धारा 137(2), 64(2) (एम) बी. एन. एस. एवं 5 एल, 6 पाक्सो एक्ट एवं 3(2) (V) अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम में गिरफ्तार किया गया है। 

विवेचना में पाया गया कि 17 वर्षीय नाबालिग बालिका का स्मार्ट फोन से इन्स्टाग्राम सोशल मीडिया के द्वारा आरोपी अमन राजपूत से कुछ महीने पूर्व पहचान और दोस्ती हुई थी जो आरोपी अमन राजपूत ने मुम्बई में स्वयं का फूड रेस्टोरेन्ट मालिक होना बताकर नाबालिग बालिका को इन्स्टाग्राम के जरिये लगातार सम्पर्क कर बहला फुसलाया और आरोपी ट्रेन से अनूपपुर रेल्वे स्टेशन पहुंचा जहां नाबालिग बालिका जो स्कूल जाने के लिए घर से निकली थी, रेल्वे स्टेशन अनूपपुर पहुंच गई जहां से आरोपी ने बहला फुसलाकर अपने साथ ले जाकर मुम्बई में अपने साथ रखकर शारीरिक दुष्कर्म किया। नाबालिग बालिका को मुम्बई पहुंचकर पता चला कि आरोपी का  फूड रेस्टोरेन्ट मालिक नहीं है बल्कि वह जोमेटो कंपनी में डिलिवरी बाय का का काम करता है और झुग्गी-झोपड़ी में रहता है। 

काली बनकर युवक कर रहा नृत्य, तबियत हुई खराब, अचेत होकर गिरने से हुई मौत


उमरिया 

जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। जिले के नौरोजाबाद थाना अंतर्गत पठारी गांव में जावरा विसर्जन का कार्यक्रम हो रहा था। उस कार्यक्रम में हर वर्ष की भांति दो से तीन लोग माता काली का स्वरूप बना कर काली नृत्य कर रहे थे। उसी दौरान एक युवक की मौत हो गई है। इस मौत को लोगों ने रहस्यमयी मान रहे हैं।

जावरा जुलूस बीच गांव के चौराहे पर पहुंचा और काली नृत्य होने लगा। तभी अचानक गांव का ही काली बना हुआ 38 वर्षीय युवक राम गरीब कोल की तबियत खराब हो गई, उसने खुद को संभालने की कोशिश की लेकिन खुद को संभाल नहीं पाया। जैसे ही लोगों की नजर पड़ी उसको पकड़ने का प्रयास किया लेकिन उसी दौरान उसकी मौत हो गई l

वहीं, ग्रामीणों ने बताया कि मृतक के घर वालों का मानना है कि माता काली उसके ऊपर आ गईं। इस दौरान वह खुद को संभाल नहीं सका जिसके कारण उसकी मौत हो गई। घर के लोगों का कहना है कि यह प्राकृतिक मौत है। वह इस मामले में किसी तरह की शिकायत दर्ज नहीं कराएंगे। हालांकि गांव के कुछ लोगों ने पोस्टमार्टम कराने की सलाह दी लेकिन घर के सदस्यों ने इंकार कर दिया।

माना जा रहा है कि यह साइलेंट अटैक के कारण मौत हुई है। युवक को साइलेंट अटैक आया लेकिन मृतक के घर वाले इसे धर्म और परंपरा से जोड़कर देख रहे हैं। नौरोजाबाद थाना प्रभारी बालेन्द्र शर्मा ने बताया कि ग्राम पठारी में जावरा विसर्जन का कार्यक्रम हो रहा था, तभी काली बने किसी युवक की अचानक मौत हो गई, लेकिन उसके घर के लोग किसी तरह की रिपोर्ट करने और शव का पोस्टमार्टम करवाने को तैयार नहीं रहे, हमारे थाने में किसी तरह की कोई रिपोर्ट दर्ज नहीं है।

तालाब में डूबा मासूम, डूबने से हुई मौत, एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू कर निकाला शव


शहडोल 

जिले के हरदी गांव में तालाब में डूबने से दूसरी कक्षा के एक छात्र की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि छात्र अपने दोस्तों के साथ तालाब में नहाने गया था, जहां गहरे पानी में जाने से वह डूब गया। सुबह एसडीआरएफ की टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन कर शव को बाहर निकाला।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार हरदी गांव निवासी सात वर्षीय छात्र सीता राम उर्फ कपिल बैगा पिता मेला राम बैगा सोमवार दोपहर अपने घर के पास खेल रहा था। खेलते-खेलते वह अपने दो साथियों के साथ घर के पास स्थित बेलहा तालाब में नहाने चला गया। नहाने के दौरान वह अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफल नहीं हो सके और गांव में जाकर लोगों को इसकी जानकारी दी।

घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। सोमवार शाम तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन तालाब की अधिक गहराई और अंधेरा होने के कारण टीम को सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद मंगलवार सुबह फिर से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया।

एसडीआरएफ के सात सदस्यीय दल ने काफी मशक्कत के बाद बालक के शव को तालाब से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है। थाना प्रभारी अरुण पांडे ने बताया कि सूचना मिलते ही टीम मौके पर पहुंची थी, रेस्क्यू दल के सहयोग से शव पानी से बाहर निकाल लिया गया है ।

रेस्क्यू टीम में कोमल सिंह (पीसी), सैनिक मुकेश, चौथमल दांगी, नरेंद्र सिंह, मोहन सिंह, शारदा पटेल और धर्मेंद्र वैष्णव शामिल रहे, जिन्होंने रेस्क्यू ऑपरेशन को अंजाम दिया। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

 

प्रेम संबंध में गला घोंटकर महिला की हत्या, 24 घंटे में आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


अनूपपुर। 

जिले के थाना चचाई पुलिस ने अंधी हत्या के एक मामले का महज 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। जानकारी के अनुसार 25 मार्च को ग्राम पंचायत बकही के सरपंच पति द्वारा सूचना दी गई कि महादेवरा मंदिर के पास पहाड़ी के ऊपर जंगल में एक अज्ञात महिला का शव पेड़ से लटका हुआ मिला है। सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव का पंचनामा तैयार किया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में महिला की मृत्यु गला घोंटने से होना सामने आया। जांच के दौरान मृतिका के परिजनों से पूछताछ की गई, जिसमें पता चला कि उसका सतेंद्र गुप्ता उर्फ संगम 27 वर्ष निवासी रामपुर से प्रेम संबंध था।

पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी ने 9 मार्च को मृतिका को मिलने के बहाने बुलाया और मोटरसाइकिल से सुनसान जंगल में ले जाकर विवाद के बाद दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को पेड़ पर लटकाकर फरार हो गया। जिसके बाद थाना चचाई में मामला दर्ज कर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक के निर्देशन एवं वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में थाना चचाई की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

रेलवे स्टेशन से पुलिस ने पकड़ा 2 लाख का 10 किलो गांजा, ट्रेन का का सुपरवाईजर व अटेंडर गिरफ्तार

*शहडोल जीआरपी ने किया गिरफ्तार*


शहडोल

जीआरपी पुलिस ने शहडोल रेलवे स्टेशन पर घेराबंदी कर दो ऐसे तस्करों को रंगे हाथों पकड़ लिया, जो हीराकुंड एक्सप्रेस से जुड़े कर्मचारी ही निकले। लेकिन असली चुनौती उस नेटवर्क को ध्वस्त करना है जो रेल सेवाओं की आड़ में फल-फूल रहा है।

शहडोल जीआरपी उप निरीक्षक आरएम झरिया ने जानकारी देते हुए बताया कि पश्चिम बंगाल निवासी मृणाल कांत महतो और झारखंड निवासी दीपेश महतो शहडोल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2-3 पर एक संदिग्ध बैग के साथ ट्रेन का इंतजार कर रहे थे, उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर जीआरपी पुलिस की नजर उन पर पड़ी। जैसे ही पुलिस उनके पास पहुंची, दोनों आरोपी बैग लेकर भागने लगे, लेकिन पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया, तलाशी के दौरान बैग से 10 किलो से अधिक गांजा बरामद किया गया, जिसकी बाजार कीमत लगभग 2 लाख रुपये आंकी गई है।

चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपी मृणाल कांत महतो हीराकुंड एक्सप्रेस में अटेंडरों का सुपरवाइजर है, जबकि उसका साथी दीपेश महतो उसी ट्रेन में बेडरोल अटेंडर के रूप में कार्यरत है। पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि दोनों आरोपी अपने पद का फायदा उठाकर ट्रेनों के माध्यम से गांजा तस्करी का नेटवर्क चला रहे थे। जीआरपी पुलिस अब इस मामले में अन्य संभावित लिंक और गिरोह के सदस्यों की तलाश में जुट गई है।

इस कार्रवाई से साफ है कि पुलिस नशे के खिलाफ लगातार सख्त अभियान चला रही है, लेकिन तस्कर भी नए-नए तरीके अपनाकर कानून को चुनौती दे रहे हैं। शहडोल जीआरपी उप निरीक्षक आरएम झरिया ने बताया कि पश्चिम बंगाल निवासी मृणाल कांत महतो और झारखंड निवासी दीपेश महतो शहडोल रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2-3 पर एक संदिग्ध बैग के साथ ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। रूटीन चेकिंग के दौरान उनको पकड़ कर उनकी तलाशी ली गई तो उनके पास से गांजा मिला। गांजा जब्त कर दोनों को गिरफ्तार किया गया है।

रेलवे स्टेशन का सौंदर्यीकरण कार्य सवालों के घेरे में, सीमेंट का घोल डालकर पुराने पत्थर को बना दिया नया

*ठेकेदार कालीचरण का कारनामा, गुणवत्ता पर उठे गंभीर सवाल*


अनूपपुर 

भारतीय रेल ने बिलासपुर रेल मंडल अंतर्गत यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बिलासपुर–कटनी रेलखंड के कई रेलवे स्टेशनों पर जीर्णोद्धार एवं सौंदर्यीकरण का कार्य तेज़ी से कराया जा रहा है। इसी क्रम में अमलाई रेलवे स्टेशन भी विकास कार्यों की सूची में शामिल है, जहाँ इन दिनों कार्य प्रगति पर है।लेकिन इस विकास कार्य के बीच गंभीर अनियमितताओं और घटिया निर्माण की शिकायतें सामने आ रही हैं, जिससे पूरे प्रोजेक्ट की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं।

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, अमलाई रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 02 की ऊंचाई बढ़ाने का कार्य नियम-कायदों को ताक पर रखकर किया जा रहा है। आरोप है कि निर्माण में मानकों का पालन नहीं किया जा रहा और कार्य गुणवत्ता विहीन तरीके से किया जा रहा है।

सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि प्लेटफॉर्म की बुनियाद तैयार करने के लिए नए मटेरियल की बजाय पुराने और जर्जर पत्थरों का उपयोग किया जा रहा है। ये पत्थर उसी प्लेटफॉर्म से निकाले गए हैं और अब दोबारा इस्तेमाल किए जा रहे हैं, जो भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को न्योता दे सकते हैं।

इस कार्य को अंजाम देने वाले ठेकेदार कालीचरण का नाम पहले भी विवादों में रह चुका है। बताया जाता है कि प्लेटफॉर्म की ऊंचाई बढ़ाने के दौरान कथित रूप से अवैध मिट्टी का उपयोग करने के मामले में वह पहले भी सुर्खियों में आ चुका है। अब एक बार फिर उनके कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। 

ऐसे घटिया निर्माण कार्य न केवल यात्रियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, बल्कि भारतीय रेल की स्वच्छ और विश्वसनीय छवि को भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों और यात्रियों में इस मामले को लेकर नाराज़गी है। उनका कहना है कि यदि समय रहते इस पर कार्रवाई नहीं की गई, तो आने वाले समय में बड़ा हादसा हो सकता है।

लोगों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार व जिम्मेदार अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ न हो।


बड़ी लापरवाही, टाइगर रिजर्व में जान जोखिम में डालकर लोग बना रहे हैं वीडियो

*प्रबंधन कर रहा है हादसे का इंतजार*


उमरिया

जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व एक बार फिर लापरवाही का बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। मानपुर रोड स्थित मगधी गेट के पास शनिवार सुबह एक डीएम बाघ को सड़क पार करते हुए देखा गया। हैरानी की बात यह रही कि जहां एक ओर बाघ जंगल की ओर जा रहा था, वहीं दूसरी तरफ राहगीर अपनी जान जोखिम में डालकर वीडियो बनाने में जुटे रहे।

वायरल हो रहे वीडियो में साफ नजर आता है कि कई लोग अपने वाहन रोककर खड़े हैं, तो कुछ लोग वाहन से उतरकर सड़क पर ही बाघ के बेहद करीब पहुंचने की कोशिश कर रहे हैं। यह स्थिति किसी भी वक्त गंभीर हादसे में बदल सकती थी। सौभाग्य से बाघ बिना किसी घटना के जंगल की ओर चला गया, लेकिन सवाल यह है कि अगर कुछ अनहोनी हो जाती तो जिम्मेदार कौन होता।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली घटना नहीं है। इस मार्ग पर कई बार बाघों की आवाजाही देखी जा चुकी है। इसके बावजूद बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का प्रबंधन पूरी तरह से उदासीन बना हुआ है। न तो यहां पर्याप्त चेतावनी संकेत लगाए गए हैं और न ही सुरक्षा के कोई ठोस इंतजाम किए गए हैं।

सबसे बड़ी चिंता यह है कि जिस इलाके में वन्यजीवों की सक्रियता लगातार बनी हुई है, वहां न तो ट्रैफिक कंट्रोल है और न ही लोगों को जागरूक करने का कोई प्रयास दिखता है। पर्यटकों और स्थानीय लोगों की भीड़ अक्सर ऐसे संवेदनशील क्षेत्रों में बिना किसी रोक-टोक के पहुंच जाती है, जिससे खतरा और बढ़ जाता है।

यह घटना सीधे तौर पर प्रबंधन की लापरवाही को उजागर करती है। सवाल उठता है कि क्या अधिकारी किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहे हैं? क्या किसी इंसानी जान या वन्यजीव के नुकसान के बाद ही कार्रवाई होगी?

जरूरत इस बात की है कि तत्काल प्रभाव से इस क्षेत्र में सख्त सुरक्षा व्यवस्था लागू की जाए, वाहनों की गति सीमित की जाए और लोगों को ऐसे खतरनाक व्यवहार से रोका जाए। वरना अगली बार यह वीडियो नहीं, बल्कि हादसा बन सकता है।

बैगा माइंस के पास खुले में फेंक रहे हैं जहरीला प्लास्टिक युक्त कचरा, गौवंश पर मंडरा रहा जानलेवा खतरा


शहडोल

जिले के धनपुरी क्षेत्र में केमिकल युक्त दूषित पानी से 8 से अधिक मवेशियों की दर्दनाक मौत का मामला ठंडा भी नहीं पड़ा था कि अब धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के बंद पड़ी बैगा माइंस के पास खुले में फेंका जा रहा कचरा गौवंश के लिए जानलेवा बनता जा रहा है।

जिले के धनपुरी नगरपालिका अंतर्गत बैगा माइंस के समीप नगर का कूड़ा-कचरा खुले में डंप किया जा रहा है, जिसमें बायो वेस्ट और प्लास्टिक पन्नियां बड़ी मात्रा में शामिल हैं। इस कचरे के बीच गौवंश और अन्य मवेशी भोजन की तलाश में पहुंचकर प्लास्टिक और जहरीले अवशेषों का सेवन कर रहे हैं। इससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव पड़ रहा है और मौत का खतरा लगातार मंडरा रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा है कि आखिर यह कचरा खुले में कौन फेंक रहा है, लेकिन इसकी जिम्मेदारी से कोई भी बच नहीं सकता,नगर पालिका और संबंधित विभागों की अनदेखी के चलते यह समस्या दिन-ब-दिन विकराल होती जा रही है।

गौरतलब है कि हाल ही में अमलाई ओपन कास्ट माइंस क्षेत्र में SECL की लापरवाही के चलते केमिकल युक्त पानी पीने से 8 से अधिक गोवंशों की मौत हो गई थी। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया था, एक मां गाय का अपने बछड़े के सामने तड़प-तड़प कर दम तोड़ना बेहद ही मार्मिक और दिल दहला देने वाला दृश्य था, जिसने लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया था,इसके बावजूद हालात में कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा है। अब बंद पड़ी बैगा माइंस के पास फैल रहा यह कचरा एक और बड़े हादसे की आशंका को जन्म दे रहा है।

स्थानीय नागरिकों गौर रक्षक और पशु प्रेमियों ने प्रशासन से मांग की है कि तत्काल इस क्षेत्र की सफाई कराई जाए, कचरा फेंकने वालों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाए और गौवंश की सुरक्षा के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, वरना यह लापरवाही आने वाले समय में और भी भयावह रूप ले सकती है।

चार्जिंग पर लगी ई-स्कूटी की बैटरी में हुआ ब्लास्ट, 2 बाइक, 2 लाख नगद, व शादी का सामान जलकर हुआ खाक


शहडोल

जिले में चार्जिंग में लगी एक ई-स्कूटी अचानक आग का गोला बन गई और देखते ही देखते महिला बाल विकास विभाग की सुपरवाइजर के घर को अपनी चपेट में ले लिया। कुछ ही दिनों बाद बेटी की शादी होनी थी, लेकिन उससे पहले शादी की सारी तैयारियों को राख कर दिया। आग में एक्वेरियम की मछलियां तक जल गई। बता दें कि इंदौर में ईवी चार्जिंग कार में आग लगने से 8 लोगों की मौत हो गई थी।

दरअसल अमलाई थाना क्षेत्र के धनपुरी वार्ड में बीती रात सुपरवाइजर सुनीता रजक के घर हादसा हुआ। घर के पहले कमरे में चार्जिंग पर लगी ई-स्कूटी की बैटरी में अचानक ब्लास्ट हुआ और आग भड़क गई। लपटें इतनी तेज थीं कि घर का मुख्य द्वार और इलेक्ट्रिक मीटर भी चपेट में आ गया। आग और धुएं से घबराकर परिवार को दीवार फांदकर जान बचानी पड़ी। किचन में रखे दो गैस सिलेंडर भी आग की जद में आ गए थे, लेकिन पड़ोसियों की मदद से समय रहते उन्हें बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

इस आग में दो बाइक, ई-स्कूटी, लाखों के जेवर, करीब दो लाख रुपये नकद और 21 अप्रैल को होने वाली शादी का पूरा सामान जलकर खाक हो गया। आग की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि घर में रखा एक्वेरियम और उसमें मौजूद मछलियां भी जल गईं, वहीं मंदिर की प्रतिमाएं भी नहीं बच सकीं, करीब 5 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। अमलाई थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पाण्डेय ने बताया कि आगजनी कायम कर मामले की जांच की जा रही है।

दुर्लभ प्रजाति के खैर के अवैध परिवहन करते वन विभाग ने ट्रक किया जप्त, चालक हुआ फरार


अनूपपुर

जिले में भी दुर्लभ प्रजाति के खैर(कत्था) के हरे पेड़ों को बेरहमी से कटकर अवैधानिक रूप से तस्करी करने के दौरान, वन परिक्षेत्र बिजुरी के अधिकारी/कर्मचारियों द्वारा रात्रि गस्ती के दौरान तलाशी हेतु एक ट्रक वाहन को रोके जाने दौरान, आरोपी चालक मौके टक को खड़ा कर फरार हो गया। ट्रक के आगे पीछे तस्करों की गाड़ियां चलने की संभावना व्यक्त की जा रही है, ट्रक की तलाशी पर खैर की लकडी टुकड़ों में कटी मिली, वन विभाग द्वारा आरोपी चालक के विरुद्ध विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जप्त ट्रक को वन परिक्षेत्र कार्यालय परिसर बिजुरी में सुरक्षित रखते हुए फरार आरोपी चालक एवं अन्य की तलाश करते हुए प्रकरण की गंभीरता से जांच करने में जुटी है।

रात में वन परिक्षेत्र बिजुरी के कर्मचारियों द्वारा रात्रि ग्रस्त की जा रही थी इसी दौरान रात 9 बजे के लगभग मौहरी गोढहा,बसखली की ओर से एक बड़ा ट्रक HR 69 B 6524 तेजी से चला आ रहा था, कोतमा बीट अंतर्गत बसखली गांव के मार्ग पर पहुंचने दौरान टॉर्च के सहारे ट्रक की तलाशी हेतु खड़ा कराया गया, इसी दौरान आरोपी चालक ट्रक को खड़ा कर मौके से तेजी से अंधेरे का फायदा उठाते हुए फरार हो गया। परीक्षण दौरान ट्रक के अंदर पांच घन मीटर की दुर्लभ प्रजाति के खैर (कत्था) की लकडी बक्कल सहित टुकड़ों में काटकर रखा होना पाया गया। तलासी के दौरान वाहन में वाहन चालक मोहम्मद हारुन पिता अब्बास उम्र लगभग 33 वर्ष निवासी मुंडीगढ़ी जिला करनाल हरियाणा प्रदेश का होना पाया गया, फरार आरोपी के विरुद्ध वन अपराध,अवैध परिवहन के तहत विभिन्न धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज कर जप्त वाहन को वन परिक्षेत्र कार्यालय परिषर बिजुरी मे ला कर रखा गया है। वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिए जाने पर वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर दुर्लभ प्रजाति के खैर(कत्था)के लकडी का अवैध व्यापार करने वाले आरोपियों की तलाश की जा रही है। इसके पूर्व वन विभाग के द्वारा जैतहरी,अनूपपुर,राजेंद्रग्राम के साथ शहडोल जिले में भी जप्ती की कार्यवाही की गई है। दुर्लभ प्रजापति के खैर(कत्था)के तस्करों द्वारा व्यापक पैमाने पर तस्करी किए जाने से दुर्लभ प्रजाति के खैर(कत्था)के पेड़ों की कमी आ रही है। इस तस्करी मे अनूपपुर थाना एवं तहसील के एक गांव के मुख्य तस्कर के नाम आने की संभावना पर वन विभाग द्वारा जांच की जा रही है।

माँ व पुत्र की पिटाई से युवक की हुई मौत, दोनों आरोपी गिरफ्तार, मृतक था गांजा व शराब का आदी


अनूपपुर

जिले के कोतमा थाना क्षेत्र के श्रमिक नगर में एक मां-बेटे ने एक युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक 34 वर्षीय मनोज साहू का शव शंकर मंदिर के पास एक इमली के पेड़ के नीचे मिला। पुलिस ने इस मामले में रैमुन बाई और उसके बेटे शिवराम चौधरी को गिरफ्तार किया है। स्थानीय लोगों की सूचना पर कोतमा पुलिस मौके पर पहुंच शव को कब्जे में लेकर पंचनामा तैयार किया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा भिजवा दिया।

पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने बताया कि मृतक मनोज साहू शराब और गांजा पीने का आदी था, जिसके कारण परिवार ने उसे घर से निकाल दिया था। वह कालरी के खंडहरनुमा मकान में रहता था। आरोपी शिवराम चौधरी और उसकी मां रैमुन बाई भी पास ही रहते थे। शिवराम और मनोज दोनों गांजा और शराब के आदी थे। शिवराम चौधरी और मनोज साहू साथ बैठकर गांजा पी रहे थे। इसी दौरान किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया, जो गाली-गलौज से हाथापाई तक पहुंच गया।

शिवराम चौधरी ने पास रखे डंडे से मनोज साहू की पिटाई शुरू कर दी। तभी उसकी मां रैमुन बाई भी बाहर निकली और मनोज साहू का हाथ पकड़कर उसे पीटने लगीं। मां-बेटे की पिटाई से कुछ ही देर में मनोज साहू की मौत हो गई। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे। हालांकि, पुलिस ने स्थानीय लोगों की सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए उन्हें हिरासत में ले लिया है। पुलिस मृतक के परिजनों को सूचना देकर पोस्टमार्टम के लिए बुलाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और आगे की पूछताछ के बाद हत्या के मुख्य कारणों का खुलासा किया जाएगा।

बड़ी लापरवाही, खड़ी पीकप से भिड़ा बाइक सवार, युवक के शरीर से सरिया हुई आर- पार, हुई मौत 

*मामला हुआ दर्ज*


शहडोल

ब्यौहारी थाना क्षेत्र के खटखरिया तालाब के पास शुक्रवार शाम हुए भीषण सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना इतनी भयावह थी कि मौके पर मौजूद लोग दहशत में आ गए और कुछ देर तक समझ ही नहीं पाए कि आखिर युवक को कैसे निकाला जाए।

पुलिस के अनुसार, सड़क किनारे सरिया (लोहे की छड़) से लोड एक पिकअप वाहन खड़ा था। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रहा बाइक सवार युवक सीधे पिकअप के पीछे जा घुसा। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि पिकअप में लोड दो सरिया युवक के गर्दन और पेट में घुस गए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

हादसे के बाद मौके पर हड़कंप मच गया। आसपास खड़े लोग घटना को देख स्तब्ध रह गए। कुछ लोग मदद के लिए आगे बढ़े, लेकिन सरिया युवक के शरीर में फंसे होने के कारण उसे निकालना मुश्किल हो रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद बाइक को पीछे खींचकर युवक के शरीर से सरिया निकाला गया। इसके बाद उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान अछू कोल (30 वर्ष), निवासी वार्ड क्रमांक 2, ब्यौहारी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक अपने घर लौट रहा था, तभी यह हादसा हो गया।

घटना के बाद एक बार फिर यातायात व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि वाहनों की नियमित जांच और सख्ती नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं बढ़ रही हैं। खासतौर पर सरिया लोड करने वाले वाहन चालक सुरक्षा मानकों का पालन नहीं करते और सरिया के पीछे किसी प्रकार का चेतावनी संकेत या कपड़ा नहीं बांधते, जिससे हादसे का खतरा बना रहता है। थाना प्रभारी जिया उल हक ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पिकअप वाहन को जब्त कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

मकान में लगी आग, लाखों का सामान जलकर खाक, शासकीय उचित  मूल्य दुकान में भी लगी आग


अनूपपुर 

धार्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक के नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 11, बैंक टोला में जंगल में लगी आग ने एक कच्चे मकान को अपनी चपेट में ले लिया। गनीमत रही कि घटना के समय घर में कोई मौजूद नहीं था, जिससे एक बड़ी अनहोनी टल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर लगभग 12 बजे के आसपास किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा जंगल में गिरे सूखे पत्तों में आग लगा दी गई। तेज हवा के कारण आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और पास ही स्थित लल्लूराम उसराठे (उम्र 64 वर्ष) के कच्चे मकान तक पहुंच गई।

घटना के समय लल्लूराम की पत्नी उचित मूल्य की दुकान से राशन लेने गई थीं, जबकि वे स्वयं नर्मदा मंदिर के सामने कार्य हेतु गए हुए थे। सूचना मिलने पर दोनों तत्काल मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक मकान का एक बड़ा हिस्सा आग की लपटों में घिर चुका था। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए पानी डालकर आग बुझाने का प्रयास किया और नगर परिषद को भी सूचना दी गई। अग्निशमन दल के पहुंचने से पहले ही घर में रखा अधिकांश सामान जलकर नष्ट हो चुका था। बाद में आग पर काबू पा लिया गया।

इस आगजनी में घर का लाखों रुपये का सामान जल गया, जिसमें घरेलू उपयोग की वस्तुएं, बर्तन, कांच के सामान एवं बेटे के दहेज में मिला पलंग आदि शामिल हैं। घटना के कारणों का अब तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है, किंतु प्रारंभिक तौर पर जंगल में लगाई गई आग को ही इसका कारण माना जा रहा है।

*शासकीय उचित मूल्य दुकान में अचानक लगी आग*

अनूपपुर जिले के आदिम जाति सेवा सहकारी समिति पैक्स दुलहरा अंतर्गत शासकीय उचित मूल्य दुकान ग्राम कांसा में अचानक आग लग गई। मोहल्ले के लोगों ने विक्रेता चौकीदार एवं डायल 112 को जानकारी दी गई। दुकान विक्रेता राकेश पटेल जब उचित मूल्य दुकान पहुंचे तो ताला खोले इसके पश्चात मोहल्ले के लोगों ने पाइप पानी की व्यवस्था करके आग बुझाया गया।स्थान पर मौजूद लोगों ने बताया कि अनाज का वितरण तीन दिवस पूर्ण हो चुका था। उचित मूल्य दुकान में अनाज के खाली बोरे रखे हुए थे जिसमें आग लगी हुई थी जिसे बुझाया गया एवं दो कमरों में 20-20 बोरी अनाज वितरण हेतु बची थी, जिसमें आग ना पहुंच पाने से सुरक्षित रहा, आग में अनाज के खाली वारदाने और कुर्सी जलकर खाक हुई है। दुलहरा समिति पैक्स प्रबंधक मनोज विश्वकर्मा मौका स्थल पर पहुंचकर विक्रेता राकेश पटेल को समस्त जले हुए सामग्रियों की पंचनामा सूची बनाकर रखने का सलाह दिया। प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त शासकीय उचित मूल्य दुकान के पीछे एक छोटा सा तालाब है, जहां पर भारी मात्रा में कचरा उगा रहता है वही किसी कारणवश आग लगने के कारण रोशनदान से हवा में आग की लपटे उड़कर पहुंची, जिसके कारण आग लग गई। डायल 112 के आरक्षक द्वारा बताया गया कि इस संबंध लक्ष्मी राठौर के द्वारा जानकारी दी गई जिसका इवेंट हमें भोपाल से प्राप्त हुआ, नगर पालिका अनूपपुर को फायर ब्रिगेड भेजने की जानकारी दिया गया परंतु कहीं और व्यस्त होने के कारण समय से नहीं आ पाया। उक्त फायर ब्रिगेड सभी प्रकार के आग पर काबू पाए जाने के 2 घंटे पश्चात घटनास्थल पर पहुंची। बाकी कोई किसी प्रकार की जनधन हानि/अप्रिय घटना नहीं हुई है।

तेज रफ्तार मोटरसाइकिल ने मासूम बालिका को मारी टक्कर, अस्पताल पहुँचने से पहले हुई मौत


शहडोल 

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 4 साल की मासूम बच्ची की मौत हो गई। तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से गंभीर रूप से घायल बच्ची ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है और परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस के अनुसार जैतपुर थाना क्षेत्र के फॉरेस्ट ऑफिस के पास रहने वाली चार वर्षीय सनाया खान पिता महबूब खान अपने घर से निकलकर सड़क पार कर दूसरी ओर स्थित अपने दादा के घर जा रही थी। इसी दौरान तेज रफ्तार से आ रही अज्ञात बाइक ने बच्ची को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि बच्ची सड़क पर दूर जा गिरी और गंभीर रूप से घायल हो गई।

घटना के बाद बाइक चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। हादसा होते देख आसपास के स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और घायल बच्ची को उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल ले गए। डॉक्टरों ने बच्ची की हालत गंभीर देखते हुए उसे शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, लेकिन मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही जैतपुर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। थाना प्रभारी जैतपुर जय प्रकाश शर्मा ने बताया कि सनाया खान अपने घर से सड़क पार कर रही थी तभी अज्ञात तेज रफ्तार बाइक ने उसे टक्कर मार दी। परिजन उसे इलाज के लिए शहडोल मेडिकल कॉलेज ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं, जिनके आधार पर अज्ञात बाइक और चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। शुक्रवार सुबह 10 बजे तक वाहन और चालक की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपी चालक की तलाश जारी है। 

डम्फर से टकराई दो मालवाहक वाहन, 12 हुए घायल, 2 की स्थिति गंभीर, बरहो कार्यक्रम में जा रहा था परिवार


अनूपपुर 

जिले के फुनगा चौकी क्षेत्र में नेशनल हाइवे 43 पर गुरुवार रात करीब 10 बजे एक बड़ा सड़क हादसा हो गया। एक तेज रफ्तार डंपर द्वारा अचानक ब्रेक लगाए जाने से पीछे चल रहे दो मालवाहक वाहन आपस में टकरा गए। इस हादसे में मालवाहक पर सवार 12 लोग घायल हो गए, जिनमें से दो की स्थिति गंभीर है।

सभी घायल अनूपपुर के निगवानी गांव के निवासी हैं, जो एक मालवाहक वाहन में सवार होकर करहीबाह गांव में आयोजित 'बरहो' कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। एनएच-43 पर डंपर के पीछे चल रही दो मालवाहक गाड़ियों में से पहली गाड़ी डंपर से टकराई, जिसे पीछे से आ रही दूसरी मालवाहक ने भी टक्कर मार दी।

हादसे की सूचना मिलते ही फुनगा चौकी प्रभारी सोने सिंह परस्ते अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल राहत-बचाव कार्य शुरू किया और अपने वाहनों से घायलों को निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुनगा पहुंचाया। घायलों में 13 वर्षीय प्रमिला से लेकर 70 वर्षीय राधा कोल तक शामिल हैं, जिनका उपचार जारी है।

घायलों में रामनंद कोल (40), शिवाजी कोल (17), बबली कोल (37), नारायणी कोल (50), देवकुमारी कोल (19), प्रमिला अगरिया (13), रामदीन कोल (50), सुनील कोल (17), कस्तूरी कोल (40), गोधनी (30), सुशीला कोल (32), ऋतुवती अगरिया (30) और राधा कोल (70) शामिल हैं।

हादसे के बाद घटनास्थल पर सहायक उप निरीक्षक कोमल अर्जरिया और प्रधान आरक्षक सूर्यभान सिंह सहित भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इधर, स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से नेशनल हाईवे पर वाहनों की गति नियंत्रित करने और सुरक्षा इंतजाम पुख्ता करने की मांग की है।

डाकघर व पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी, घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग पर 13 सिलेंडर जप्त


शहडोल

उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब मुख्य डाकघर और पासपोर्ट कार्यालय को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। सूचना मिलते ही पुलिस और बीडीएस टीम मौके पर पहुंची और दोनों परिसरों में सघन तलाशी अभियान शुरू किया गया।

शहडोल डाकघर अधीक्षक पुष्पेंद्र सिंह ने बताया कि उन्हें भोपाल स्थित हेड ऑफिस से सूचना प्राप्त हुई थी कि एक अज्ञात ईमेल के माध्यम से पासपोर्ट कार्यालय और पोस्ट ऑफिस को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। जिसमें यह साफ नहीं था कि वह प्रदेश के किस जिले के लिए है। शहडोल डाकघर अधीक्षक ने एहतियान सूचना मिलते ही उन्होंने तत्काल पुलिस अधीक्षक को अवगत कराया। इसके बाद कोतवाली पुलिस और बम निरोधक दस्ता टीम हरकत में आई और शहर के मुख्य डाकघर सहित पासपोर्ट कार्यालय पहुंचकर जांच शुरू की।

शहर के व्यस्त इलाके में स्थित मुख्य डाकघर में जैसे ही पुलिस और बीडीएस टीम पहुंची, वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। बम निरोधक दस्ते ने डॉग स्क्वॉड के साथ पूरे परिसर की बारीकी से जांच की। इसी तरह पासपोर्ट कार्यालय में भी व्यापक जांच की गई, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते टाला जा सके।

सीएसपी राजेंद्र मोहन दुबे ने बताया कि यह कार्रवाई एहतियात के तौर पर की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर में इस तरह की धमकी मिलने के बाद सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हैं और सभी संवेदनशील स्थानों की जांच की जा रही है। हालांकि जांच के दौरान कहीं भी कोई संदिग्ध वस्तु या विस्फोटक सामग्री नहीं मिली, जिससे प्रशासन ने राहत की सांस ली है।

*घरेलू गैस के व्यावसायिक उपयोग पर 13 सिलेंडर जप्त*


अनूपपुर कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी हर्षल पंचोली के निर्देशन में खाद्य विभाग द्वारा जिले के विभिन्न व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर आकस्मिक निरीक्षण एवं छापामार कार्यवाही की गई है। कार्यवाही के दौरान घरेलू गैस सिलेंडरों का अवैध रूप से व्यावसायिक उपयोग करते पाए जाने पर कुल 13 नग एचपी घरेलू गैस सिलेंडर जप्त किए गए हैं।

निरीक्षण दल द्वारा प्रमुख मार्गों पर स्थित ढाबों, होटल, रेस्टोरेंट एवं गैस वितरण केंद्रों की जांच कार्यवाही के दौरान चचाई रोड अनूपपुर स्थित इवनिंग प्वाइंट फैमिली ढाबा से 01 नग, अमरकंटक रोड अनूपपुर स्थित ग्रीन सिटी फैमिली रेस्टोरेंट से 03 नग, ग्राम भेजरी स्थित करण मिष्ठान भंडार से 03 नग तथा श्री राम सी.एस.सी. एवं गैस वितरण केंद्र दमहेड़ी से 06 नग एचपी घरेलू गैस सिलेंडर जप्त किए गए।

खाद्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि संबंधित संस्थानों द्वारा द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय और वितरण विनियमन) आदेश, 2000 के प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। उन्होंने बताया कि घरेलू उपयोग हेतु प्रदाय किए जाने वाले गैस सिलेंडरों का व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में उपयोग प्रतिबंधित है।

 जंगल में जुआ खेलते 06 आरोपी गिरफ्तार, 26 हजार नगद, 06 मोबाइल, 01 मोटरसाइकिल जप्त


अनूपपुर

जिले के थाना कोतमा पुलिस द्वारा जुआरियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई है। थाना कोतमा को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम पचखुरा के जंगल में कुछ लोग ताश के पत्तों के माध्यम से रुपये–पैसों की हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना पर तत्काल पुलिस टीम भेजकर मौके पर पहुँचकर घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की। पुलिस को देखकर जुआड़ी भागने का प्रयास करने लगे, किंतु सतर्कता से की गई घेराबंदी के चलते 06 आरोपियों को मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया गया।

पकड़े गए आरोपियों के कब्जे एवं जुआ फड़ से नगद राशि 26,990 रु (छब्बीस हजार नौ सौ नब्बे रुपए) एवं 06 नग मोबाइल कीमती 34,500 रुपए एवं एक मोटरसाइकिल कीमती 50,000 रुपए तथा 52 ताश के पत्ते बरामद कर विधिवत जप्त किए गए। जुआड़ी अभय राव पिता अंजनी प्रसाद राव उम्र 26 वर्ष निवासी कोठी वार्ड नंबर 9 थाना बिजुरी, रामू शर्मा पिता राजेंद्र प्रसाद शर्मा उम्र 36 वर्ष निवासी कोठी वार्ड नंबर 10 थाना बिजुरी, मनीष यादव पिता संतोष यादव उम्र 26 वर्ष निवासी कोठी वार्ड नंबर 6 थाना बिजुरी, सरित श्रीवास्तव पिता रमाशंकर श्रीवास्तव उम्र 30 वर्ष निवासी कोठी वार्ड नंबर 7 थाना बिजुरी, अशोक प्रजापति पिता लखन प्रजापति उम्र 26 वर्ष निवासी कोठी वार्ड नंबर 4 थाना बिजुरी, मोहम्मद शब्बीर पिता मोहम्मद असगर उम्र 33 वर्ष निवासी लहसुई गांव वार्ड नंबर 15 थाना कोतमा को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस द्वारा आरोपियों के विरुद्ध धारा 13 सार्वजनिक जुआ अधिनियम एवं धारा 49 बी एन एस के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध किया गया। 

स्वयंसेवक शोधछात्रों ने दोषी प्रोफेसरों पर FIR दर्ज करने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री, मुख्यमंत्री से लगाईं गुहार

*गैरजमानती धाराओं पर मामला दर्ज, FIR के तथ्य विरोधाभासी व झूठ का पुलिंदा*


अनूपपुर

स्वयंसेवक शोध छात्रों को जिन्हें पीएचडी कोर्स से बर्खास्त करके, हॉस्टल से बाहर निकाल दिया गया है, साथ ही उनके विरुद्ध झूठी प्राथमिक की अमरकंटक थाने में दर्ज कर दी गई है। इन सभी स्वयंसेवको की शाखा लगाने की समान भागवा ध्वज, झंडा की पिलर एवं सभी सामान को छात्रावास अधीक्षकों ने जप्त कर लिया है। इनके कमरों लगी भारत माता की फोटो को हॉस्टल के कमरों से फाड़कर उसे जला दिया है। इन सभी घटना से दुखी सभी शोध छात्रों आर्यन कुमार गर्ग, सुरेश यादव, अभय यादव, ब्रिजेश यादव, राहुल कुमार पाल, दयाशंकर मिश्रा, रितिक कुमार, अनिकेत सिंह, शिवेन्द्र कुमार तिवारी, कुमार मंगलम ने आज महामहिम राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मू प्रधानमंत्री  नरेंद्र मोदी शिक्षा मंत्री  धर्मेंद्र प्रधान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव तथा जिलाधीश जिला अनूपपुर एवं पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौपा है। 

*प्रोफेसर होंगे बर्खास्त*

शोध छात्रों ने बताया की भारत सरकार के सीसीएस रूल की धारा 7 एवं भारत सरकार के डीओपीटी तथा यूजीसी द्वारा जारी निर्देश के अनुसार शासकीय सेवा में कार्यरत प्रोफेसर या लोक सेवक एक साथ एकत्रित होकर आंदोलन, धरना, प्रदर्शन नहीं कर सकते हैं। ऐसा पाए जाने पर उनके विरुद्ध कानूनी कार्यवाही मोबलीचिंग के साथ इकट्ठा होने पर उनकी बर्खास्तगी होना तय है। ज्ञात हो की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय एक्ट में तथा इसके ऑर्डिनेंस में टीचर एसोसिएशन बनाने का कोई प्रावधान नहीं है, जब एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है तब इस प्रकार का गैर-सरकारी संगठन बनाकर उसके बैनर तले इकट्ठा होकर धरना प्रदर्शन करके छात्रों पर फर्जी और झूठी एफआईआर लिखवाने तथा उन्हें बर्खास्त करवाने के लिए की गई कार्रवाई अपने आप में छात्र विरोधी और राष्ट्र विरोधी गतिविधि को प्रमाणित करता है। इस मामले में छात्रों ने सभी वीडियो, व्हाट्सएप पर की गई चैटिंग तथा फोटोग्राफ्स को भी संलग्न करके भेजा गया है। इसकी प्रतिलिपि कार्य परिषद के सदस्य तथा छत्तीसगढ़ भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश मंत्री  मोरध्वज पैकरा को भी दिया गया है, मध्यप्रदेश और छग के दो दर्जन सांसद महामहिम राष्ट्रपति से मिलकर दोषी शिक्षकों के विरुद्ध विजिटर के रूप में राष्ट्रपति को अधिकृत पावर के तहत इन दोषी कठोर कार्यवाही की मांग कर ऐसी घटना की पुनरावृति को रोकने की अपील करेंगे। 

*करवाया जा रहा है झूठी शिकायत*

धर्मांतरित हुए छात्र तथा उसके अन्य सहयोगी कम्युनिस्ट विचारधारा के एससी-एसटी छात्रों द्वारा कुलपति के ईमेल पर राष्ट्रवादी लोगों के विरुद्ध झूठी शिकायत प्रेषित की जा रही है ताकि कुलपति से जाँच कमेटी बनवाकर उन्हें भी फसाया जा सकें, प्रशासन के नजदीकी कुछ प्रोफेसरों द्वारा चोरी करके प्राप्त दस्तावेजों का हाईकोर्ट में झूठी केश करने की पोल खुल गई है, । धर्मांतरित हुए छात्र  हॉस्टल में अवैध कार्यों को लगातार अंजाम दे रहे हैं तथा इसकी पर्याप्त साक्ष्य भी मौजूद है, डॉ. चार्ल्स वर्गीज, डॉ. अनिल कुमार, डॉ. मनोहर, डॉ. सुगंधे, प्रो भुमिनाथ सहित लगभग 10 शिक्षकों द्वारा संगठित आपराधिक षड्यंत्र रचकर निर्दोष के करियर को क्षति पहुँचाने हेतु अवैध कार्य के लिए समझौता करने, करियर खराब करने या जान-माल को नुकसान पहुँचाने की धमकी देने, धर्म, जाति, या समुदाय के आधार पर शत्रुता को बढ़ावा देकर और सद्भाव बिगाड़ने वाले कार्य करने, षड्यंत्र के तहत झूठा लांछन लगाकर करियर को बदनाम करने, नुकसान पहुँचाने के इरादे से झूठा केस दर्ज करवाने, पुलिस को गुमराह करने के लिए झूठी FIR रिपोर्ट लिखवाने, झूठे साक्ष्य गढ़ना तथा झूठी गवाही देने, झूठे केस के कारण प्रतिष्ठा धूमिल करने, भारत सरकार के प्रचलित सेवा नियमों के विरुद्ध जाकर सामूहिक रूप से धरना, प्रदर्शन एवं आंदोलन करके सेवा आचरण के विरुद्ध कार्य करने, विश्वविद्यालय अधिनियम, ऑर्डिनेंस एवं स्टेट्यूट के प्रावधानों के विरुद्ध जाकर गैर-शासकीय एसोसिएशन (NGO) का गठन कर अवैधानिक कार्य करने, छात्रों के लिए बने हुए हॉस्टल में अवैध रूप से आबंटित करवाकर छात्रों के हक़ के विपरीत रहने के मामले में कानूनी कार्यवाही करने तथा एफआईआर रिपोर्ट दर्ज कर निष्पक्ष एवं उच्च स्तरीय जांच कराई जाए तथा उनके विरुद्ध विधि अनुसार कठोर दंडात्मक कार्रवाई करने की माँग छात्रों ने किया है।

*गैरजमानती धाराओं का FIR दर्ज*

जनजातीय विवि के शोध छात्र एवं आरएसएस के विभिन्न दायित्व में राष्ट्र सेवा कर रहे आर्यन कुमार गर्ग, सुरेश यादव, अभय यादव, ब्रिजेश यादव, राहुल कुमार पाल, दयाशंकर मिश्रा, रितिक कुमार, अनिकेत सिंह, शिवेन्द्र कुमार तिवारी, कुमार मंगलम पर अपराध क्रमांक प्र.सू.रि.सं. 0048 दिनाँक 21/03/2026 को भारतीय न्याय संहिता 2023 की धाराएं 126(2), 296, 351(3), 3(5) के तहत अमरकंटक थाना में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है, इस एफआईआर में शोध छात्र जय गणेश दीक्षित का भी नाम है। चार्ल्स वर्गीस पिता सी. के. वर्गीस ने एफआईआर दर्ज करवाई है, एफआईआर में उल्लेख है की- ‘सुबह मेरा पड़ोसी डक्टर अनीता शर्मा ने मुझे बताई कि रात में करीब 9 बजे ट्रांजिट आवास में आकर आपके मकान संख्या 24 जो बंद था जिसमे जोर से धक्का मारने की आवाज सुनकर मैं अपने क्वार्टर से बाहर निकली।

*FIR के तथ्य विरोधाभासी व झूठ का पुलिंदा* 

एफआईआर दर्ज करने वालों ने पुलिस को सच्चाई नहीं बताई है, छात्र जिस ओबीसी ट्रांसिट हॉस्टल में रात में गए थे, वह शिक्षकों का रेजिडेंट नहीं बल्कि छात्रों के रहने के लिए बना हुआ छात्रावास है, विवि प्रशासन सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय भारत सरकार को 200 ओबीसी छात्रों के सूची बनाकर भारत सरकार को और मध्य प्रदेश सरकार को भेजा है कि उस ट्रांजिट हॉस्टल में ओबीसी छात्र रहते हैं, जबकि एफआईआर बताता है कि उसमें डॉ चार्ल्स वर्गीज तथा 40 अन्य परिवार रहता है। सवाल यह है कि जब छात्रावास अधीक्षक स्वयं छात्रावास पर कब्जा कर लिए हैं तथा विवि प्रशासन छात्रावास को रेजिडेंस के रूप में दस्तावेज सौपकर भारत सरकार और मध्य प्रदेश शासन को धोखा दिया है, और इससे सम्पूर्ण एफआईआर स्वमेव झूठी सिद्ध हो जाती है, शिकायतकर्ता और विवि प्रशासन पर झूठी एफआईआर दर्ज करवाने, छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने और भारत सरकार के साथ धोखाधड़ी करने का मामला दर्ज होना चाहिए। इस कारण से यह मामला अब बेहद संगीन हो गया है।सुत्रों के अनुसार एफआईआर में जिस डॉक्टर अनीता शर्मा का नाम लिखा गया है, वह अब पलट गई है कह रही है की मैंने ऐसी कोई भी बात डॉक्टर चार्ल्स को नहीं बताया है, जिससे मामला और पेचीदा हो गया है और अब इस एफआईआर का खात्मा होगा तथा झूठी एफआईआर दर्ज करवाने वालों पर ही झूठ एफआईआर लिखवाने, भारत सरकार एवं मध्य प्रदेश सरकार की ओबीसी लाभार्थी छात्रों के साथ धोखा देने का मामला दर्ज हो सकता है।

सात साल पुराने मामले में कोर्ट का फैसला, पूर्व पार्षद के नाबालिग बेटे के हत्यारे को उम्रकैद की सजा


शहडोल

सराफा व्यापारी और शहडोल के पूर्व पार्षद के नाबालिग बेटे की हत्या के सात साल पुराने सनसनीखेज मामले में विशेष न्यायालय (अजा-जजा) शहडोल ने मुख्य आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी धनराज समुद्रे उर्फ अप्पू को विभिन्न धाराओं में दोषी पाते हुए अलग-अलग उम्रकैद की सजा और अर्थदंड से दंडित किया है।

कोर्ट ने आरोपी को भादंवि की धारा 302 के तहत आजीवन कारावास एवं 5000 रुपये अर्थदंड, धारा 364 में 5 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड, धारा 397 में 7 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000 रुपये अर्थदंड तथा धारा 201 भादंवि एवं 25(1-बी) आयुध अधिनियम में 3-3 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 1000-1000 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। प्रकरण में अभियोजन की ओर से उपनिदेशक अभियोजन एस.एल. कोष्टा ने पैरवी की।

मामला 30 दिसंबर 2019 का है, जब फरियादी अजय सोनी ने थाना कोतवाली में सूचना दी कि उनका 15 वर्षीय पुत्र अक्षत सोनी दोपहर में घर से मोबाइल लेकर निकला था, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। सूचना पर पुलिस ने गुम इंसान कायम कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान गवाहों के बयान और संदेह के आधार पर आरोपी धनराज उर्फ अप्पू को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अक्षत को मोटरसाइकिल से मुड़ना नदी कल्याणपुर ले गया, जहां सोने की चेन, मोबाइल और अन्य सामान लूटने के बाद धारदार चाकू से उसकी हत्या कर शव नदी में फेंक दिया था।

आरोपी से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने शव बरामद किया था। पोस्टमॉर्टम में गले पर धारदार हथियार से गहरी चोट पाई गई। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, जब्त हथियार और अन्य साक्ष्यों के आधार पर चालान न्यायालय में पेश किया। प्रकरण में अभियोजन पक्ष द्वारा 21 साक्षियों और 40 दस्तावेज प्रस्तुत किए गए। सभी साक्ष्यों और तर्कों के आधार पर न्यायालय ने मामले को जघन्य एवं गंभीर मानते हुए आरोपी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

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