युवक का खेत मे मिला शव, शरीर पर जलने के निशान, हत्या की आशंका, कुए में उतराता हुआ मिला शव


शहडोल

शहडोल। जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत कलहारी गांव में बुधवार सुबह एक युवक की लाश खेत में मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। युवक के पैर में जलने के निशान मिलने के बाद परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताते हुए जांच की मांग की है।

मृतक की पहचान अजय कुशवाहा पिता छोटे लाल कुशवाहा (उम्र 23 वर्ष) निवासी कलहारी के रूप में हुई है। अजय पेशे से पिकअप वाहन चालक था। पुलिस के अनुसार शव जिस स्थान पर मिला है, वहां से अजय का घर लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित है। घटनास्थल से कुछ दूरी पर उसकी बाइक भी बरामद हुई है, जिससे मामला और संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।

परिजनों के मुताबिक अजय मंगलवार शाम को बाइक से घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह खेत में शव मिलने की सूचना मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। शव के पैर और कपड़ों में जलने के निशान पाए गए हैं, जिससे परिजनों ने हत्या कर शव खेत में फेंके जाने की आशंका जताई है।

घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौजूद हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में शव पर जलने के निशान मिले हैं, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। ब्यौहारी थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

कुए में उतराता हुआ मिला शव


शहडोल

जिले के थाना बुढार चौकी केसवाही क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पकरिया में दोपहर कुएं मे तैरता हुआ शव मिला है। हत्या की आशंका जताई जा रही है, शव मिलने से गांव के लोगों में भारी आक्रोश है। मृतक 14 जनवरी से लापता था, जिसको परिजनों के द्वारा बहुत खोजबीन करने के बाद चौकी केसवाही में सूचना दी थी। सूचना मिलते ही केसवाही चौकी एवं बुढार थाना प्रभारी अपने दल बल के साथ घटनास्थल पहुंचकर लोगों को समझाइए देते हुए, आरोपियों को जल्द से जल्द पड़कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।

नसबंदी ऑपरेशन हुआ फेल, महिला हुई गर्भवती, मुआवजे की मांग, दिव्यांग ने खेती करने की दी चेतावनी


अनूपपुर 

जनसुनवाई के दौरान दो ऐसे मामले प्रशासन का ध्यान खींचा, नसबंदी ऑपरेशन फेल होने से परेशान महिला न्याय की गुहार लगाने पहुंची, वहीं दूसरी ओर एक दिव्यांग किसान वर्षों से लंबित मुआवजे की मांग करता नजर आया।

कोतमा तहसील के थानगांव की रहने वाली 27 वर्षीय चांदनी केवट ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। चांदनी ने बताया कि उनके पहले से दो बच्चे हैं, इसलिए उन्होंने वर्ष 2022 में कोतमा स्वास्थ्य केंद्र में एलटीटी नसबंदी ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन के बाद विभाग द्वारा उन्हें सफल नसबंदी का प्रमाण पत्र भी दिया गया, लेकिन तीन साल बाद वह फिर से गर्भवती हो गईं।

चांदनी केवट ने बताया कि तीन महीने की गर्भवती होने की पुष्टि के बाद से पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक तनाव में है। उन्होंने इसे पूरी तरह डॉक्टरों की विफलता बताया और शासन से मुआवजे की मांग की। इस पर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने मामले को गंभीर मानते हुए सीएमएचओ (CMHO) को तत्काल उचित सलाह और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसी जनसुनवाई में ग्राम रक्सा के दिव्यांग किसान रामदीन राठौर भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि न्यूजोन कंपनी ने पावर प्लांट लगाने के लिए उनकी करीब 7 एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी, लेकिन काफी समय बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक मुआवजे की राशि नहीं मिली है।

रामदीन राठौर ने कहा कि वे कई बार प्रशासन और कंपनी के अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं और पहले ही 7 दिन का अल्टीमेटम दे चुके हैं। किसान ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही मुआवजे की राशि उनके खाते में नहीं डाली गई, तो वे अधिग्रहित जमीन पर दोबारा खेती शुरू कर देंगे। कलेक्टर ने इस मामले में भी जांच के निर्देश दिए हैं।

दसवीं पास युवक दे रहा 12वीं के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, कृषि विज्ञान प्रदर्शनी पर उठे सवाल

*छात्रों का भविष्य संकट में, निष्पक्ष जांच कराने की उठी मांग*


अनूपपुर

कोतमा नगर के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोतमा एवं शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोतमा में आयोजित की जा रही तथाकथित कृषि विज्ञान प्रदर्शनी को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे आयोजन की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

जानकारी के अनुसार रोहित कुमार नामक व्यक्ति ने स्वयं लिखित रूप से यह स्वीकार किया है कि वह केवल 10वीं पास है, इसके बावजूद वही व्यक्ति 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने का दावा कर रहा है। इस तथ्य के सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं

स्थानीय लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति स्वयं 10वीं पास है, वह 12वीं स्तर के विद्यार्थियों को किस प्रकार और किस स्तर का प्रशिक्षण दे सकता है, यह अपने आप में बड़ा सवाल है। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि पूरी कृषि विज्ञान प्रदर्शनी केवल कागज़ी औपचारिकताओं और फोटो तक सीमित खानापूर्ति बनकर न रह जाए

यह मामला सामान्य नहीं है, बल्कि सीधे-सीधे शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के भविष्य और शासन की योजनाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे व्यक्ति को प्रशिक्षण देने की अनुमति किस आधार पर दी गई और क्या उसकी शैक्षणिक योग्यता की कोई जांच की गई थी

इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोतमा की प्राचार्य निर्मला दुबे एवं शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोतमा के प्राचार्य आर.के. मिश्रा से निवेदन किया गया है कि वे इस मामले का तत्काल संज्ञान लें और आवश्यक जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करें।

स्थानीय नागरिकों एवं अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों पर सख़्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में शिक्षा के नाम पर इस तरह का दिखावा दोबारा न हो सवाल छात्रों के भविष्य का है, इसलिए सच्चाई का सामने आना बेहद ज़रूरी है।

वर्दीधारी एएसआई ने नशे में स्काउट छात्र को पीटा, आवेदन पर प्राचार्य द्वारा थाना प्रभारी को लिखा पत्र


अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर की धरती से ऐसा शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे पुलिस सिस्टम के माथे पर सवालिया निशान लगा दिया है। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की वही ग्राउंड जहाँ बच्चे देशभक्ति, अनुशासन और सेवा का पाठ सीखते हैं वहीं एक शराबी वर्दीधारी पुलिसकर्मी ने वर्दी के नशे, गाली और तमाचे से कलंकित कर दिया।कक्षा दसवीं के छात्र सागर यादव का कसूर सिर्फ इतना था कि वह स्काउट की ट्रेनिंग ले रहा था। आरोप है कि सहायक उप-निरीक्षक (ASI) परसादीलाल, शराब के नशे में, मुंह में गुटखा दबाए, शर्ट के बटन खुले हुए, ग्राउंड पर पहुंचा और नाबालिग छात्र का हाथ पकड़कर खींचा, फिर गले पर जोरदार तमाचा जड़ दिया।इतना ही नहीं—वर्दी की आड़ में घटिया भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा गया—“हमारी उम्र में होते तो .... मार कर परेड कराते थे।”यह कोई बयान नहीं—यह एक विकृत मानसिकता का खुला कबूलनामा है।

घटना के समय पूरी स्काउट टीम और कमांडर मौके पर मौजूद थे। यानी यह हमला किसी कोने में नहीं, खुले मैदान में सबके सामने हुआ। यह घटना बीते दिनांक 19 जनवरी 2026 के सायं लगभग 5:00 बजे की बताई जा रही है जहां पर शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अनूपपुर के स्काउट छात्रों को 26 जनवरी की तैयारी को लेकर एक पुलिसकर्मी के द्वारा परेड कराई जा रही थी। मारपीट की घटना के पश्चात छात्र ने अपना लिखित आवेदन प्राचार्य को प्रस्तुत किया संबंधित विद्यालय के प्राचार्य ने मूलत: आवेदन को थाना प्रभारी अनूपपुर के नाम प्रेषित कर छात्र को रिसीविंग दी गई है। अब देखना है कि पुलिस प्रशासन निर्दोष नाबालिक छात्र को न्याय देते हुए क्या कार्रवाई करती है।

सवाल यह भी है अगर आज एक छात्र पिटा, तो कल किसकी बारी?वीडियो कैमरे के सामने सवाल और वर्दी का डर,घटना के बाद जब पूरे मामले की वीडियो रिकॉर्डिंग चालू कर संबंधित पुलिसकर्मी से सवाल किए गए, तो सच्चाई और भी ज्यादा चौंकाने वाली सामने आई।कैमरा चालू होते ही पुलिसकर्मी ने सबसे पहले अपना नेम बैच  निकालकर जेब में रख लिया।इसके बाद पत्रकार द्वारा सवाल किया गया “स्काउट सीख रहे बच्चों को मारना क्या सही था?”इस पर पुलिसकर्मी ने जवाब दिया “मैंने ना मारा है, ना कुछ किया है।”जब अगला सीधा सवाल किया गया “नाबालिग बच्चों पर हाथ उठाना क्या पुलिस की ड्यूटी है?”तो इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया गया। पुलिसकर्मी सीधे अपनी गाड़ी में बैठे और मौके से निकल लिए।

लाखों की चोरी से मचा हड़कंप, नागपुर गए परिवार की गैरमौजूदगी में चोरों ने दिया वारदात को अंजाम


अनूपपुर

जिले के भालूमाड़ा थाना अंतर्गत बदरा निवासी शिवांश राजपूत के घर बीती रात करीब 2 बजे अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने घर में घुसकर सभी कमरों के ताले तोड़ दिए और बड़ी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी के जेवरात सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हाथ साफ कर दिया।

बताया जा रहा है कि शिवांश राजपूत अपने परिजन को इलाज के लिए नागपुर लेकर गए हुए थे। इसी दौरान सूने घर को निशाना बनाकर चोरों ने पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया। चोरी की यह घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है, जिसकी फुटेज भी सामने आई है। फुटेज के आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है।

पीड़ित परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस चोरी में लगभग एक करोड़ रुपये के आसपास की संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। चोरी में नकद राशि (कैश), सोना-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ कई अहम कागजात भी गायब बताए जा रहे हैं। फिलहाल परिवार घर से बाहर था और उन्हें चोरी की सूचना वीडियो कॉल के माध्यम से मिली। घर पहुंचने के बाद चोरी गए सामान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

शिवांश राजपूत ने बताया कि वे लगातार पुलिस प्रशासन का सहयोग करते रहे हैं और समाज को जागरूक करने का कार्य भी करते हैं। इसके बावजूद उनके साथ इस तरह की घटना होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस बड़ी चोरी का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए और दोषियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए।

नप अध्यक्ष उमंग के खिलाफ, दो पार्षदों ने कुर्सी छोड़ जमीन में बैठ जताया विरोध


अनूपपुर

ऐसा लग रहा है कि नप अध्यक्ष के खिलाफ धीरे-धीर्रे लोग मोर्चा खोलते नजर आ रहे, जिससे नगर परिषद के अध्यक्ष की छवि लगातार धूमिल होती जा रही है। जब से ये अध्यक्ष बनकर बैठे हैं तब से हमेशा सुर्खियों बने रहते हैं। जिले के जैतहरी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता के पुत्र नगर परिषद के अध्यक्ष उमंग गुप्ता की मनमानी, हिट्लरशाही रवैया, पार्षदों के अपमान व राठौर समाज के युवक देवसाय राठौर के साथ अध्यक्ष उमंग गुप्ता द्वारा मारपीट की गई थी जिसके बाद राठौर समाज व कुछ पार्षद इनके खिलाफ मोर्चा खोलकर थाना के सामने धरने पर बैठ गए थे, उसके बाद थाना में नप अध्यक्ष के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। उसी के विरोध में नगर परिषद की बैठक के दौरान वार्ड नं 13 के पार्षद राजकिशोर राठौर एवं वार्ड नं 14 की पार्षद भूरी बाई भैना ने कुर्सी छोड़ ज़मीन में में बैठ कर अपना विरोध दर्ज कराया है। यह पहला मौका नही है इसके पहले भी अध्यक्ष को पार्षदों के विरोध कई बार झेलना पड़ा है। अनिल गुप्ता व उनके पुत्र उमंग गुप्ता की राजनीतिक करियर दाव में लगता दिख रहा है।

बाणगंगा मेला में आस्था व संस्कृति के साथ खिलवाड़, भोजपुरी गानों से फूहड़ डांस, फैलाई अश्लीलता


शहडोल

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर शहडोल का ऐतिहासिक बाणगंगा मेला आस्था और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार यही मेला फूहड़ता और अश्लीलता का मंच बन गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर अश्लील बॉलीवुड और भोजपुरी गानों पर लगे ठुमकों ने न सिर्फ मर्यादा तोड़ी, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए। 

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आयोजित होने वाला शहडोल का ऐतिहासिक बाणगंगा मेला इस बार धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के बजाय फूहड़ता और अश्लीलता को लेकर विवादों में आ गया है। सात दिवसीय इस मेले का आयोजन नगर पालिका प्रशासन द्वारा सोहागपुर थाना क्षेत्र के बाणगंगा मैदान में किया गया था, जहां रात के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर खुलेआम अश्लील और फूहड़ डांस कराया गया। कार्यक्रम के दौरान पैसा फेंक तमाशा देख, नाचेगी पिंकी फुल टू लेट और आज टूटेगा कांवरिया, कान की टूट जाए राजा जी बलम जैसे अश्लील भोजपुरी गानों पर महिला डांसरों द्वारा आपत्तिजनक ठुमके लगाए गए। मंच पर चल रहे इस फूहड़ प्रदर्शन को देखकर मेले में मौजूद कई वृद्धजनों और जागरूक नागरिकों ने कड़ी आपत्ति जताई। लोगों का कहना है कि जिस मेले की पहचान धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी रही है, वहां इस तरह का प्रदर्शन समाज को गलत संदेश देता है।

सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इस अश्लील डांस के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें छोटी बच्चियां भी शामिल थीं। वहीं मंच पर कार्यक्रम के दौरान कुछ अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे, लेकिन किसी ने भी कार्यक्रम को रोकने की जहमत नहीं उठाई। इससे प्रशासनिक जिम्मेदारी और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर इस तरह की अश्लीलता ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

नगर परिषद में तीन अध्यक्ष, अध्यक्ष का भतीजा निभा रहा ‘फ्री झूला’ का चुनावी वादा?

*150 के बाद 100 पास की मांग ने खोले राज, बरगवां-अमलाई मेला बना वसूली का अड्डा* 


अनूपपुर।

नगर परिषद बरगवां–अमलाई एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित मेले में झूला संचालन को लेकर जो घटनाक्रम सामने आया है, उसने न केवल नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह मेला अब रोजगार का माध्यम न रहकर अवैध वसूली का केंद्र बनता जा रहा है।

मेले में लगे झूले को लेकर झूला संचालक ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद अध्यक्ष के भतीजे द्वारा उस पर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया और 150 के बाद 100 पास अतिरिक्त देने की मांग की गई। सवाल यह उठता है कि यह अतिरिक्त पास आखिर क्यों मांगे जा रहे थे?क्या यह मतदाताओं को मुफ्त झूला झुलाने का कोई चुनावी वादा था, जिसकी भरपाई झूला संचालक से की जा रही थी?

झूला संचालक का दावा है कि उसके पास संचालन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे और नगर परिषद की लिखित अनापत्ति के बाद ही झूला लगाया गया था। इसके बावजूद जब उसने अतिरिक्त वसूली देने से इनकार किया, तो कभी नियम-कानून का डर दिखाया गया, तो कभी अन्य तरीकों से परेशान किया गया। आरोप है कि दबाव बढ़ाने के लिए एक चूड़ी विक्रेता को ढाल बनाकर थाने में फर्जी प्रकरण दर्ज कराने की धमकी दी गई और सीधे ₹68,000 की मांग रख दी गई।

स्थानीय लोगों में यह चर्चा आम है कि यह शायद मध्य प्रदेश का इकलौता नगर परिषद है, जहां निर्णय लेने वाला केवल अध्यक्ष नहीं, बल्कि अध्यक्ष पति, अध्यक्ष भतीजा और स्वयं अध्यक्ष—तीनों माने जाते हैं। सवाल उठता है कि क्या जनता द्वारा चुना गया अध्यक्ष सिर्फ नाम का है और असली सत्ता परिवार के अन्य सदस्यों के हाथों में है?मामला यहीं नहीं रुका। बताया जा रहा है कि शहडोल संभाग से आया एक भिक्षुक, जो मेले में भीख मांगकर जीवन यापन करना चाहता था, उससे भी ₹500 की बैठकी वसूली गई। अब यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या बरगवां-अमलाई नगर परिषद अब भिखारियों से भी टैक्स वसूलने लगी है? मेले में कॉटन कैंडी बेचने वाले और खाने-पीने की छोटी टेबल दुकानों से भी ₹500 प्रति दुकान वसूले जाने के आरोप हैं। कई दुकानदारों का कहना है कि इतनी वसूली के बाद उनकी कुल बिक्री भी लागत नहीं निकाल पाई।

झूला संचालक का यह भी आरोप है कि जब उसने अवैध वसूली की शिकायत नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों से की, तो किसी ने कुछ नहीं कहा। उल्टा एक कथित गैर-जिम्मेदार व्यक्ति ने खुलेआम धमकी देते हुए कहा की अगर हिम्मत है तो अगले साल झूला लगाकर दिखाना, हमारे रहते यहां कोई काम नहीं कर सकता। मैं अध्यक्ष के परिवार का प्रतिष्ठित व्यक्ति हूं।

क्या नगर परिषद इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी? क्या अवैध वसूली के आरोपों पर कार्रवाई होगी? या फिर हर साल की तरह यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा? बरगवां-अमलाई का मेला अब आस्था और उत्सव का नहीं, बल्कि अवैध वसूली और दबंगई का प्रतीक बनता जा रहा है। जनता और छोटे व्यापारियों की नजर अब प्रशासन और शासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

तेज ट्रक ने स्कूटी को मारी टक्कर, युवक की घटनास्थल पर हुई मौत, ट्रक चालक गिरफ्तार



शहडोल

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बंधा बाजार के पास रविवार शाम करीब 7 बजे एक भीषण सड़क हादसे में स्कूटी सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान करन सिंह गोंड़ पिता सूर्यभान सिंह (उम्र 24) के रूप में हुई है। बताया गया कि करन सिंह रविवार शाम स्कूटी से बंधा बाजार से जयसिंहनगर की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया। घटना को देख स्थानीय लोगों ने तुरंत जयसिंहनगर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई करते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने ट्रक का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर ट्रक को पकड़ लिया। पुलिस ट्रक चालक को हिरासत में लेकर वाहन सहित थाने लेकर आई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे यह हादसा हुआ।

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। ट्रक चालक से पूछताछ की जा रही है वहीं युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में मातम पसर गया है। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

खबर छपने के बाद भी नहीं चेता प्रशासन, बरगवां मेला में पलटा हाइड्रा, चालक की हालत गंभीर, बड़ा हादसा टला

*नगर परिषद पुलिस व प्रशासन की लचर व्यवस्था से हुई दुर्घटना*


अनूपपुर 

जिले में रविवार की सुबह नगर परिषद बरगवां के हनुमान मंदिर बरगंवा मेला प्रांगण मे मीना बाजार का भारी भरकम झूला, खोलते समय, हाइड्रा मशीन अनियंत्रित होकर जमीन पर धड़ाम से गिर गई जिस समय हाइड्रा मशीन ने अपना नियंत्रण खोया उस वक्त राजू द ग्रेट कंपनी तथा नगर परिषद के सैकड़ो कर्मचारी सहित एक बड़ी संख्या में लोग वहां मौजूद थे, हाइड्रा के गिरते ही मेले में अफरा तफरी मच गई प्रत्यक्ष दर्शियों ने बताया की मीना बाजार के पास मौजूद कई ग्रामीण एक बड़े हादसे का शिकार होते-होते बाल बाल बच गए, गनीमत यह रही की लगभग 50 फीट ऊंची हाइड्रा मशीन की चपेट में कोई आम जन नहीं आया, वही हादसे का शिकार हुआ हाइड्रा चालक गंभीर रूप से घायल बताया है जा रहा है, गौरतलब है कि दैनिक रेवांचल टाइम्स ने अपने 16 जनवरी के अंक में प्रमुखता के साथ खबर प्रकाशित कर मेले की लचर व्यवस्था एवं राजू द ग्रेट के कारनामे सूचीबद्ध तरीके से शासन प्रशासन के जिम्मेदारों को अवगत कराया था, लेकिन विडंबना है कि हमेशा की तरह किसी बड़े हादसे के इंतजार में प्रशासन इस बार भी हाथ पर पर हाथ धरे मुख दर्शक बन ल बैठ रहा, प्रशासन ने समय रहते यदि थोड़ी सी भी तत्परता दिखाई होती तो निश्चित रूप से हादसा टल सकता था, लेकिन अफसोस ऐसा हुआ नहीं और नतीजा यह है कि हादसे में हाइड्रा चालक की जान पर बन आई है।

*सुरक्षा में चूक आखिर, जिम्मेदार कौन*

मकर संक्रांति के अवसर पर लगने मेलों की सूची में जिले के प्रमुख मेला में शुमार बरगवां मेले के आयोजन मे मेले की सुरक्षा मे हुई चूक का ठीकरा किसके सर फूटेगा यह तो जांच का विषय है, लेकिन अगर नगर परिषद अध्यक्ष गीता गुप्ता की माने तो सरासर मनमानी राजू ग्रेट एंड कंपनी की और इशारा करती है, हादसे के संबंध में  मीडिया कर्मी द्वारा पूछे गए सवाल के जवाब पर अध्यक्ष गीता गुप्ता का साफ तौर पर कहां है कि जब बरगवां मेला परिषद की ओर से मेला पांच दिवसीय घोषित है, तो फिर मीना बाजार के संचालक राजू द ग्रेट का मनमानी तरीके से  4 दिन में ही अचानक बिना किसी पूर्व सूचना के बिना किसी सुरक्षा यंत्र के भारी भीड़ के बीच हाइड्रा जैसी  बड़ी मशीन लगाकर बड़े-बड़े झूलों को खोलना गंभीर हादसों को आमंत्रण देने जैसा है।

*मेले में जमकर हुआ अवैध वसूली का खेल*

सूत्रों की माने तो मुख्य नगर पालिका अधिकारी भूपेंद्र सिंह की सह पर पांच दिवसीय आयोजित  बरगवां मेले में जमकर अवैध वसूली के खेल चला है, जहां एक तरफ साहब के अधीनस्थ इंजीनियर साहब ने इस पूरे खेल को बखूबी अंजाम दिया है, वहीं सीएमओ साहब ने भी दिखावे के तौर पर अवैध वसूली के खिलाफ छोटी मोटी कार्रवाई कर झंडा गाड़ने का काम किया है। वही अपराधी प्रवृत्ति का राजू द ग्रेट अपने अपराधी प्रवृत्ति के गुर्गों के माध्यम से झूलो का संचालन व मेला की।अवैध वसूली करवा रहा था, इन सभी लोगो की मुसाफिर भी थाने में दर्ज नही कराई गई थी। जब कि इसके सभी लोग 15 दिन पहले से मेला क्षेत्र में डेरा डाले हुए थे।

भालू के हमले से चरवाहे की मौत, बीमार भालू की भी हुई मौत, कुरकुरे खाने वाले भालू से दहशत का माहौल


शहडोल

जिले के गोहपारू वन परिक्षेत्र में जहां मवेशी चरा रहे एक व्यक्ति की भालू के हमले में मौत हो गई। वहीं कुछ ही घंटों बाद वही भालू बीमार अवस्था में मिला, जिसकी उपचार के दौरान मौत हो गई। इधर, जैतपुर वन परिक्षेत्र में लगातार आबादी वाले इलाके में घूम रहे एक अन्य भालू को लेकर वन विभाग ने रेस्क्यू की तैयारी शुरू कर दी है।

गोहपारू वन परिक्षेत्र के अटरिया जंगल में गुरुवार को मवेशी चराने गए चेतन यादव पर भालू ने अचानक हमला कर दिया था। हमले में चेतन यादव की मौके पर ही मौत हो गई थी। घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और जांच के साथ-साथ भालू की तलाश शुरू की गई।

वन विभाग के अनुसार शुक्रवार को वही भालू घटनास्थल से कुछ ही मीटर की दूरी पर दिखाई दिया, जिसकी लगातार निगरानी की जा रही थी। निगरानी के दौरान यह स्पष्ट हो गया था कि भालू अस्वस्थ है। शनिवार को हालत बिगड़ने पर वन अमले ने भालू का रेस्क्यू कर उसे लफदा वन चौकी लाया, जहां उपचार के दौरान बीती रात उसकी मौत हो गई। भालू के शव का पीएम कराकर उसका अंतिम संस्कार किया गया। 

इधर जैतपुर वन परिक्षेत्र के रसमोहनी क्षेत्र में पिछले दो महीनों से एक भालू लगातार आबादी वाले इलाकों में दिखाई दे रहा है। भालू कई बार सड़क किनारे खड़े वाहनों से कुरकुरे खाते हुए भी देखा गया है। बीती रात भालू एक बार फिर रसमोहनी बाजार क्षेत्र में नजर आया, जहां वह सड़क पर खड़े एक वाहन पर चढ़ गया और उसमें रखे कुरकुरे खा लिए। वन विभाग की टीम पहले से ही भालू की निगरानी कर रही हैं। दो माह में भालू के हमलों से दो लोगों की मौत के बाद वन विभाग पूरी तरह सतर्क हो गया है। डीएफओ श्रद्धा पेड्रो ने बताया कि रसमोहनी क्षेत्र में देखे गए भालू को रेस्क्यू करने की तैयारी की जा रही है। रविवार रात पिंजरा लगाने की योजना है, ताकि भालू को सुरक्षित पकड़कर जंगल में छोड़ा जा सके।

झूला खोलते समय हाइड्रा पलटा, ड्राइवर घायल, राजू द ग्रेट की बड़ी लापरवाही, बड़ा हादसा टला, कार्यवाही की मांग


अनूपपुर

जिले के नगर परिषद बरगंवा के अंतर्गत हनुमान मंदिर बरगंवा मैदान में आयोजित बरगवां मेला, जिसकी अवधि 14 जनवरी 2025 से 18 जनवरी 2025 तक निर्धारित थी, के दौरान बीच मेले में ही झूला खोलने का मामला सामने आने के बाद झूला संचालक राजू द ग्रेट की बड़ी लापरवाही को लेकर आक्रोश बढ़ता जा रहा है। मेले के बीच झूला हटाने के दौरान भारी हाइड्रा वाहन पलटने से चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास  की जो दुकान मौजूद थी उनका नुकसान हुआ है उनकी भरपाई कैसे होगी गनीमत रही कि बड़ी जनहानि नहीं हुई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह घटना पूरी तरह से झूला संचालक की जल्दबाजी और नियमों की अनदेखी का परिणाम है। मेला समाप्त होने के पहले भीड़भाड़ में झूला खोलने से बड़ी घटना हो सकती थी, हाइड्रा के नीचे कई लोग दब सकते थे, गनीमत रही की हाइड्रा के नीचे कोई नही आया। मेला के शुरुआत होते ही राजू द ग्रेट के ऊपर कई आरोप लग चुके थे, झूला संचालक खुद कई अपराध में लिप्त और बाहर के अपराधी प्रवृत्ति के लोगो से झूला संचालन करवाना अपने आप मे सवाल खड़ा कर रहा था।

नगर परिषद से कार्रवाई की मांग स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद बरगवां से मांग की है कि बिना अनुमति मेले के निर्धारित समय से पहले झूला खोलने वाले झूला संचालक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाए।साथ ही भविष्य में ऐसे संचालकों को मेला संचालन की अनुमति न देने और जुर्माना/ब्लैकलिस्ट करने की भी मांग उठ रही है।

पुलिस प्रशासन से भी हस्तक्षेप की अपील घटना में गंभीर रूप से घायल व्यक्ति और सार्वजनिक सुरक्षा को खतरे को देखते हुए नागरिकों ने पुलिस प्रशासन से भी मामले की जांच कर लापरवाह झूला संचालक पर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि सार्वजनिक आयोजनों में नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नजीर बन सके।

सार्वजनिक सुरक्षा से खिलवाड़ नहीं होना चाहिए स्थानीय लोगों का कहना है कि जब मेला 18 जनवरी तक स्वीकृत था, तो फिर बीच मेले में झूला खोलना न केवल नियमों के खिलाफ है बल्कि आम जनता की जान जोखिम में डालने जैसा कदम है। अब नगर परिषद और पुलिस प्रशासन  इस मामले में कितनी जल्दी और कितनी सख्ती से कार्यवाही करते हैं।

बारात लेने जा रही खाली बस का पट्टा टूटा, अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई, बड़ा हादसा टला


शहडोल

जिले के जैतपुर से सीधी होते हुए आमझोर के दरईन गांव बारात लेने जा रही एक यात्री बस रास्ते में अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे उतर गई और पेड़ से टकरा कर पलट गई। गनीमत यह रही कि हादसे के वक्त बस में कोई भी सवारी मौजूद नहीं थी, जिससे किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई।

जानकारी के अनुसार, यह बस जैतपुर साखी की निजी नर्मदा ट्रेवल्स की बताई जा रही है। जिसका संचालन संतोष पटेल द्वारा किया जाता है। बस जैतपुर से सीधी होते हुए आमझोर के दरईन जा रही थी, जहां से बारात लेकर अनूपपुर जाना था। इसी दौरान सीधी थाना क्षेत्र के सीधी–जयसिंहनगर मार्ग पर सूखा नाला के पास अचानक बस का मेन पट्टा टूट गया। तकनीकी खराबी के चलते चालक बस पर नियंत्रण नहीं रख सका और बस सड़क से नीचे उतरते हुए एक पेड़ से टकरा कर पलट गई। 

हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सीधी पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को सड़क से हटवाने की व्यवस्था की, ताकि यातायात बाधित न हो। 

पुलिस के अनुसार, बस बारात लेने जाने से पहले ही दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी और उस समय पूरी तरह खाली थी। प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण बस का मेन पट्टा टूटना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस द्वारा बस की फिटनेस और तकनीकी स्थिति की भी जांच की जा रही है।

इस घटना के बाद बस संचालकों की लापरवाही और वाहनों की नियमित तकनीकी जांच पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। अगर बस में यात्री सवार होते तो बड़ा हादसा हो सकता था,  फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।


घर मे लगी आग, युवक जिंदा जला, माँ को सुरक्षित निकाला, घर का सामान जनकर हुआ खाक


शहडोल

जिले के कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम कठौतिया में देर रात एक हृदयविदारक हादसा हो गया, जिसने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया, कच्चे मकान में अचानक लगी आग में 19 वर्षीय युवक अमित पटेल की जिंदा जलकर दर्दनाक मौत हो गई, जबकि बगल के कमरे में सो रही उसकी मां किसी तरह जान बचाकर बाहर निकलने में सफल रही।

जानकारी के अनुसार, ग्राम कठौतिया निवासी अमित पटेल और उसकी मां रात के समय कच्चे मकान के अलग-अलग कमरे में सो रहे थे। देर रात अचानक अमित के कमरे में आग भड़क उठी। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही पलों में पूरा कमरा उसकी चपेट में आ गया। कमरे में रखा गृहस्थी का सारा सामान जलकर खाक हो गया और अंदर सो रहा युवक आग में फंस गया। बंद कमरे और भीषण लपटों के कारण अमित बाहर नहीं निकल सका और जिंदा जल गया। बगल के कमरे में सो रही मां ने जब बेटे के कमरे से आग और धुआं उठता देखा तो वह घबराकर बाहर भागी और मदद के लिए चिल्लाने लगी।

आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन जब तक आग पर काबू पाया जाता, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवक की मौत हो चुकी थी। आग लगने के कारणों को लेकर फिलहाल स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस के अनुसार, युवक के कमरे में बीड़ी-सिगरेट, मोमबत्ती, लालटेन या ठंड से बचने के लिए जलायी गई अंगीठी से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

बिजली से शॉर्ट सर्किट की संभावना इसलिए नहीं मानी जा रही, क्योंकि दो दिन पहले ही घर का बिजली कनेक्शन काट दिया गया था। कोतवाली प्रभारी राघवेंद्र तिवारी ने बताया कि मर्ग और आगजनी का मामला दर्ज कर हर पहलू से जांच की जा रही है।

100 रुपए के लिए टॉवर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी से मचा हड़कंप, मादा बाघ का मिला शव


शहडोल

जिले के धनपुरी में उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब सिर्फ 100 रुपये नहीं मिलने से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। यह सनसनीखेज घटना विलियस नंबर-1 इलाके में मस्जिद के पास लगे मोबाइल टावर की है। जहां 30 वर्षीय युवक गोलू ने टावर के अंतिम छोर तक चढ़कर छलांग लगाने की धमकी दी। देखते ही देखते यह घटना इलाके में कौतूहल और दहशत का विषय बन गई।

जानकारी के अनुसार, गोलू मानसिक रूप से कमजोर बताया जा रहा है। उसने किसी से 100 रुपये मांगे थे लेकिन उसने देने से इनकार कर दिया। रुपए नहीं मिलने पर वह गुस्से में आ गया और आवेश में आकर टावर पर चढ़ गया। टावर की ऊंचाई पर पहुंचकर वह नीचे कूदने की धमकी देता रहा, जिससे आसपास के लोग घबरा गए। 

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। टावर के नीचे भारी भीड़ जमा हो गई और हर कोई सांसे थामे पुलिस की कार्रवाई देखता रहा। युवक की मानसिक स्थिति को देखते हुए पुलिस ने बेहद संयम और समझदारी से काम लिया। थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने मोर्चा संभालते हुए युवक से बातचीत शुरू की और उसे शांत करने की कोशिश की। 

काफी देर तक समझाइश के बाद पुलिस ने गोलू को 100 रुपये देने का भरोसा दिलाया। आखिरकार थाना प्रभारी की सूझबूझ और मानवीय व्यवहार से युवक सुरक्षित नीचे उतर आया, जिसके बाद सभी ने राहत की सांस ली। पुलिस के अनुसार, युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है और उसे समझाइश दी गई है।

*टाइगर रिजर्व में मादा बाघ का मिला शव*


उमरिया

जिले के क्षेत्र संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, उमरिया ने बताया कि निजी राजस्व क्षेत्र, ग्राम पुटपुरा, घटना स्थल बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के धमोखर बफ़र के बीट पिपरिया के कक्ष क्रमांक पीएफ  112 से लगभग 700 मीटर दूर मादा बाघ का शव मिला है । जिसकी उम्र 4 से 5 वर्ष है। बाघ मृत्यु की सूचना मिलते ही विभागीय अमले द्वारा तुरंत स्थल पर पहुँचकर मानक संचालन प्रक्रिया(एसओपी) के तहत आवश्यक कार्यवाही प्रारम्भ की गई। संभावित मृत्यु का कारण सोलर फेंसिंग में उलझने से लगातार विद्युत प्रवाह बताया जा रहा है। 

उन्होने बताया कि घटना की जानकारी प्राप्त होते ही वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित किया गया तथा वन्यप्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) के निर्देशानुसार एसओपी अनुसार प्रक्रियाएँ शुरू की गईं। मृत बाघ  का पंचनामा तैयार कर स्थल संरक्षण किया गया। डॉग स्क्वाड से शव तथा स्थल की जांच कराई गई साथ ही मेटल डिटेक्टर से शव की जांच की गई। सक्षम वन्य चिकित्सको की उपस्थिति में विस्तृत पोस्टमॉर्टम परीक्षण किया गया। नमूना संकलन विधिवत किया गया, जिसे परीक्षण हेतु अधिकृत प्रयोगशाला प्रेषित किया जाएगा।आवश्यक कार्यवाही उपरांत शवदाह की कार्यवाही की गई।

दो युवती एक दूसरे बाल खींचकर को पटक-पटक कर मारा, बीच सड़क बना अखाड़ा, यातायात हुआ प्रभावित


अनूपपुर

जिले में कानून व्यवस्था और सामाजिक मर्यादा पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र का है, जहां बीच सड़क पर दो युवतियों के बीच जमकर गुत्थम-गुत्थी हुई। देखते ही देखते सड़क अखाड़े में तब्दील हो गई और दोनों युवतियां एक-दूसरे को पटक-पटक कर पीटती नजर आईं।  

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह घटना व्यस्त सड़क पर हुई, जहां अचानक दोनों युवतियों के बीच किसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। बहस इतनी बढ़ गई कि दोनों ने सरेआम हाथापाई शुरू कर दी। सड़क पर चल रहे वाहन रुक गए, यातायात प्रभावित हुआ और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। हैरानी की बात यह रही कि काफी देर तक लोग तमाशबीन बने रहे और किसी ने भी बीच-बचाव करने की हिम्मत नहीं जुटाई।

मारपीट के दौरान दोनों युवतियां एक-दूसरे को जमीन पर पटकती और घसीटती दिखीं। इस पूरे घटनाक्रम का किसी ने मोबाइल से वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है और लोग खुलेआम सड़क पर कानून को हाथ में लेने की प्रवृत्ति पर चिंता जता रहे हैं।

सूत्रों के अनुसार, मारपीट के पीछे आपसी विवाद या पुरानी रंजिश की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है। पुलिस का कहना है कि वायरल वीडियो के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। वीडियो की सत्यता की पुष्टि के बाद संबंधित युवतियों की पहचान कर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने एक बार फिर सार्वजनिक स्थानों पर बढ़ते आपसी विवाद और कानून के भय के खत्म होते प्रभाव को उजागर किया है। प्रशासन और पुलिस से आमजन ने मांग की है कि ऐसी घटनाओं पर सख्ती बरती जाए, ताकि भविष्य में कोई भी बीच सड़क कानून को चुनौती देने की हिम्मत न कर सके। वहीं पूरे मामले में राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी प्रकाशचंद्र कोल ने बताया कि मामले की जानकारी मिलने पर घटनास्थल में पहुंचे थे लेकिन वहां कोई भी शिकवा शिकायत के लिए कोई नहीं था।

हाथी के हमले से गंभीर रूप से घायल 80 वर्षीय वृद्ध की उपचार के दौरान हुई मौत


अनूपपुर

जैतहरी नगर की वार्ड क्रमांक 3 में गुरुवार एवं शुक्रवार की मध्य रात्रि तीन हाथियों के समूह के एक हाथी द्वारा 80 वर्षीय वृद्ध पर हमला करने पर गंभीर रूप से घायल वृद्ध की जिला अस्पताल अनूपपुर में उपचार दौरान मृत्यु हो गई।

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार तीन हाथियों का समूह जो 25 दिनों से जैतहरी इलाके में विचरण करते हुए विगत दो दिनों से जैतहरी नगर मे रात होते ही विचरण करने आ जाते हैं, जो ग्रामीण जनों के खेत बांड़ियों में लगे विभिन्न तरह की फसलों को अपना आहार बनाने की तलाश कर घूमते हैं, गुरुवार एवं शुक्रवार की मध्य रात्रि तीनों हाथी पचौहा के पाठबाबा जंगल से निकल कर टकहुली लहरपुर से देर रात नगरपरिषद जैतहरी के वार्ड क्रमांक 3 पथरहा टोला में पहुंचे जहां खेत में बने घर के पास से बाहर खलिहान में निकले 80 वर्षीय वृद्ध हंसलाल राठौर पिता नोहरा राठौर का अचानक हाथियों से आमना सामना होने पर एक हाथी द्वारा उन्हें सूढ से पकड कर जमीन में पटक दिया तथा पैर से दबा कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, घटना की जानकारी पर परिजनों द्वारा उन्हें निजी साधन से जिला चिकित्सालय अनूपपुर ला कर उपचार कराया जा रहा था, इसी दौरान वृद्ध की उपचार दौरान मौत हो गई वही तीनों हाथी जैतहरी एवं लहरपुर ग्राम में देर रात तक विचरण कर खेत एवं बांडियो में लगे विभिन्न प्रकार की फसलों को अपना आहार बना रहे हैं।

बरगवां मेला बना अपराधियों का गढ़, अपराधी राजू द ग्रेट संभाल रहा है मेले की कमान, नप पर उठ रहे सवाल

*मेला जाने वाले हो जाए सावधान, घूम रहे हैं राजू के गुर्गे*


अनूपपुर

जिले के बरगवां स्थित मकर संक्रांति पर्व पर लगने वाले गौरवशाली बरगवां मेला का अस्तित्व अब संकट में नजर आने लगा है, भ्रष्टाचार और अव्यवस्था की मार झेल रहा मेला कभी इतिहास के पन्नों में विशाल रूप से दर्ज था, लेकिन अब इसका आकार किसी हाट बाजार से अधिक नहीं है, कभी इस मेले को दूर दराज से आए व्यापारियों से वसूले गए गए अवैध राशि ने तोड़ा तो कभी वाहन स्टैंड की अवैध वसूली का मामला पहले दिन ही आ चुका है, जहाँ पर मोटरसाइकिल वालो से 10 रुपए की जगह 40 से 50 रुपये वसूल रहे हैं, अब हालात यह है कि आधे मेले पर कब्जा तो मीना बाजार का हो गया है, जिसका सही मूल्यांकन कर नगर पालिका वसूली में सक्षम नहीं जान पड़ती। चारो तरफ अव्यवस्था के पीछे कही न कही नगर परिषद अध्यक्ष सीएमओ व मेले की देखरेख में लगे कर्मचारियों का है।

*मीना बाजार में बाहरी अपराधियों का डेरा*

बरगवां के आधे मेले में कब्जा कर कान फोडू अश्लील गानों के साथ मीना बाजार प्रदर्शनी का संचालक हिस्ट्रीशीटर राजू द ग्रेट द्वारा किया जा रहा है आपको बता दें कि राजू द ग्रेट के नाम कई अपराध दर्ज हैं, कभी बाजार बाजार स्ट्राइगर नचाकर जुआ को अंजाम देने वाला तो कभी डीजल चोर गिरोह का सरगना बन कोयला खदानों के वर्कशॉप से लाखों रुपए के डीजल चोरी की घटना को अंजाम देने वाला दबंग राजू द ग्रेट के द्वारा मीना बाजार के संचालन से अनहोनी की आशंका का बनी हुई है।

मीना बाजार के संचालन हेतु जबलपुर कटनी डिंडोरी के क्षेत्र से आए हुए आडे तिरछे चेहरे वाले अपराधिक प्रवृत्ति के कर्मचारी साफ तौर पर देखे जा सकते हैं जिनके यहां लगभग 15 दिनों पूर्व से डेरा है और मेला खत्म होने के 10 दिन बाद तक रहेगा जिनका कोई भी पुलिस वेरिफिकेशन नहीं किया गया है और ना ही संबंधित थाने में मुसाफिर दर्ज है, 24 घंटे नशे की हालत में टुल्ल इन अपराधियों को टिकट चेक करने तथा एंट्री गेट पर महिलाओं को गलत इरादे से टच करते देखा जा सकता है

*नहीं हैं सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम*

मीना बाजार में अगर आप जा रहे हैं तो सोच समझ कर कदम रखने की जरूरत है, क्यू की वहाँ पर सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नही है, कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। मीना बाजार मे लगे विशाल झूलों की श्रृंखला में सुरक्षा के कोई  इंतजाम नहीं किए गए हैं पूरी तरह से नियम कायदों को दरकिनार करते हुए 100 से 150 फीट तक की ऊंचाई के झूलो का संचालन धड़ल्ले से से किया जा रहा है जिसके ब्रेकडाउन होने तथा किसी अनहोनी की स्थिति में किसी भी प्रकार की कोई सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए हैं इसलिए मेले में पहुंचे आगंतुक अपनी स्वयं की जवाब देही पर झूला झूलते देखे जा सकते हैं वही स्थानीय पुलिस बल भी अपने सिविल में  मूकदर्शक बना बैठा कार्रवाई के नाम पर बेबस नजर आ रहा है। राजू द ग्रेट के मीना बाजार में यदि आप घूमने या फिर झूलो का लुफ्त का मन बना रहे हैं तो हो जाएं सावधान अपनी जान जोखिम में डालकर आनंद उठाना कहीं आप पर भी भारी पड़ सकता है।

*स्थानीय मचिया झूले को दे प्राथमिकता*

वर्ष भर मकर संक्रांति पर्व की राह देखते यहां के स्थानीय ग्रामीण रोजगार की आस लिए माचिया झूला लेकर मेले में आते हैं और सुरक्षित तरीके से उचित मूल्य के साथ झूला उपलब्ध कराते हैं, लेकिन राजू के गुर्गे दादागिरी करके उनके झूले नही लगने देते, अगर ज्यादातर मचिया झूला लगता है तो निश्चित ही आप सुरक्षित तरीके से झूले के लुप्त उठा सकते हैं और साथ ही स्थानीय ग्रामीणों की आमदनी मे थोड़ा सहयोग भी हो सकता है।

हिंसक वन्यप्राणी ने किया गाय का शिकार, वन विभाग की टीम मौके पर की जांच


अनूपपुर

वन परिक्षेत्र अनूपपुर के अंतर्गत चटुआ गांव के जंगल में बुधवार की सुबह एक गाय पर हिंसक वन्यप्राणी द्वारा हमला कर गाय को मृत करने के बाद मांस खा जाने की घटना की सूचना पर वन विभाग का दल मौके पर पहुंचकर जांच की ।

वन परिक्षेत्र अनूपपुर अंतर्गत भोलगढ़ बीट के ग्राम पंचायत मझगवा के चटुआ गांव से लगे जंगल में बुधवार की सुबह-सुबह एक हिंसक वन्यप्राणी द्वारा चटुआ गांव निवासी इंद्रभान सिंह पिता स्व. मानसिंह गोंड की एक चार-पांच वर्ष के गाय पर हमला कर मृत करने बाद मृत मवेशी के शव का मांस खाए जाने की सूचना पशु मालिक द्वारा दिए जाने पर वन विभाग के कर्मचारी घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा एवं अन्य कार्यवाही कर जांच की है, यह वन क्षेत्र होने के कारण वन्यप्राणियों का विचरण क्षेत्र होने से आहार की तलाश में वन्यप्राणी द्वारा पालतू मवेशियो का भी शिकार कर मांस को अपना आहार बनाते हैं, वही एक हिंसक वन्यप्राणी तेंदुआ वन परिक्षेत्र जैतहरी के क्योटार के रोहिलाकछार एवं पड़रिया पंचायत के चोई वन क्षेत्र एवं वन क्षेत्र से लगे गांव टोला/मोहल्ला में निरंतर चार दिनों से विचरण कर एक मवेशी पर हमला कर घायल करने एवं निरंतर विचरण करने से ग्रामीण चिंतित तथा भयभीत है, वन विभाग द्वारा ग्रामीणों को वन्यप्राणियों के विचरण की संभावना को देखते हुए किसी भी परिस्थिति में स्वयं जंगल नहीं जाने एवं मवेशियों को जंगल नहीं ले जाने, शाम होते ही जंगल से गुजरने वाले पगडंडी रास्तों से आवागमन नहीं करने तथा सावधानी बरतने की बात कही है।

बरगंवा मेले में अवैध वसूली, अध्यक्ष सीएमओ की मूक सहमति, इंजीनियर व एकाउंटेंट का मिला संरक्षण


अनूपपुर

जिले के बरगंवा मेले में अनुभवहीन इंजीनियर और अकाउंटेंट मेले की व्यवस्था और सुरक्षा की जिम्मेदारी तो ले ली है, लेकिन प्रथम दिवस इनके द्वारा बनाए गए ठेकेदार वाहन स्टैंड को अवैध रूप से वसूली करने की छूट दी गई है। मेले में आने वाली भीड़ को देखने से पहले ही चकमका उठे नगर परिषद के इंजीनियर और अकाउंटेंट जिनके द्वारा वाहन स्टैंड की नीलामी नियम और शर्तों के अनुरूप किए जाने के बावजूद भी अपनी लापरवाही पूर्ण आचरण और कार्य कुशलता में निपुण ना होने का प्रमाण प्रस्तुत करते हुए अपनी पूरी कृपा वाहन स्टैंड की नीलामी के दौरान दिखाते हुए वाहन स्टैंड ठेकेदार को अवैध वसूली करने की खुली छूट दी गई है, इस प्रकार शासन प्रशासन और उच्च अधिकारियों का किसी प्रकार से भाई ना होना इस और इंगित करता इस प्रकार अवैध वसूली और अवैध वसूली पर्ची प्रकाशित कर नियम विरुद्ध किए जा रहे अवैध वसूली पर अंकुश ना लगाना कहीं ना कहीं इंजीनियर और अकाउंटेंट की मिलीभगत और संरक्षण की ओर इशारा करता है। जबकि इस मामले में नगर परिषद व सीएमओ की मूक सहमति साफ-साफ दिखाई दे रही है।

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर लगने वाला पांच दिवसीय ऐतिहासिक मेला के प्रथम दिवस शुरू हो गया अवैध वसूली का तांडव कोई माई बाप नहीं इनकी अवैध वसूली पर लगाम लगाने वाला विवादों के साए में आयोजित होने जा रहा है पांच दिवसीय मेला जिसकी शुरुआत नगर परिषद के द्वारा वाहन स्टैंड नीलामी ठेकेदार के द्वारा शुरुआत कर दी गई है।नगर परिषद के द्वारा बनाई गई नियम औरशर्तों को दर किनार करते हुए वाहन स्टैंड वसूली का ठेका लेने वाले ठेकेदार के द्वारा स्वयं के द्वारा वसूली पर्ची प्रकाशित कराकर नगर परिषद द्वारा निर्धारित रेट सूची के आधार पर वसूली न करते हुए नियम और शर्तों के आधार पर साइकिल की वसूली ₹5 और टू व्हीलर वाहन की वसूली₹10 निर्धारित की गई है किंतु वाहन स्टैंड के ठेकेदार के द्वारा टू व्हीलर वाहन चालकों से₹40 की अवैध वसूली की जा रही है। मेला क्षेत्र में जितने भी बड़े-बड़े झूले लगाए गए हैं, वहाँ पर सुरक्षा के कोई भी इंतजाम नही किये गए हैं, कभी भी अप्रिय घटना घट सकती है।

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