66 करोड़ की नल जल योजना पर श्रमिकों का विद्रोह वेतन, सुरक्षा और श्रम अधिकारों की अनदेखी का आरोप

*51 गांवों की जलापूर्ति हुई ठप्प*


अनूपपुर

मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित द्वारा 66 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित किरगी ग्रामीण समूह जल प्रदाय योजना का उद्देश्य 51 गांवों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाना था। इसके संचालन एवं रखरखाव का जिम्मा सी एम आर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड को दिया गया है। कर्मचारियों का आरोप है कि वर्ष 2018 से लगातार सेवाएं देने के बावजूद उन्हें शासन द्वारा निर्धारित न्यूनतम मानदेय तक नहीं दिया गया है। इतना ही नहीं, जल शोधन संयंत्र,पंप हाउस,फील्ड कर्मचारियों सहित संवेदनशील स्थानों पर कार्य करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा उपकरण, बीमा और सुरक्षा निधि जैसी सुविधाओं से भी वंचित रखा गया है। कई बार शिकायतों और ज्ञापनों के बावजूद कोई समाधान नहीं निकला जिससे परेशान हो आखिरकार कर्मचारियों ने काम बंद कर हड़ताल शुरू कर दी है, जिससे पूरी योजना की कार्यप्रणाली और कंपनी की जवाबदेही पर सवाल खड़े हो गए हैं।

कर्मचारियों का आरोप है कि उन्हें शासन द्वारा निर्धारित दरों के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा है। यदि यह आरोप सही है तो यह न्यूनतम वेतन से जुड़े श्रम प्रावधानों के उल्लंघन का मामला बन सकता है। श्रमिकों का कहना है कि कई वर्षों से वेतन वृद्धि तक नहीं हुई जबकि महंगाई लगातार बढ़ती रही है। सवाल यह है कि करोड़ों की परियोजना में श्रमिकों को उनका वैधानिक अधिकार क्यों नहीं मिला है।

जल शोधन संयंत्र, पंप हाउस और विद्युत उपकरणों के बीच काम करने वाले कर्मचारियों को सुरक्षा किट, हेलमेट, दस्ताने, जूते और अन्य सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराना नियोक्ता की जिम्मेदारी मानी जाती है। हड़ताली कर्मचारियों का दावा है कि वर्षों की सेवा के बावजूद उन्हें सामाजिक सुरक्षा से जुड़े लाभों की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है और न ही लाभ मिला है। श्रमिकों का कहना है कि सुरक्षा निधि और अन्य वैधानिक लाभ आज तक नहीं मिले है। यदि कर्मचारियों की पात्रता के बावजूद ऐसे लाभ नहीं दिए गए हैं तो संबंधित विभागों को इसकी जांच करनी चाहिए।

कर्मचारियों और ग्रामीणों का आरोप है कि कई गांवों में आज भी नल कनेक्शन होने के बावजूद नियमित पानी नहीं पहुंच रहा है। इसके बावजूद पंचायतों को योजना हस्तांतरित करने की तैयारी की जा रही है। सवाल उठ रहा है कि जब व्यवस्था पूरी तरह सुचारु नहीं हुई तो उसका संचालन ग्राम पंचायतों पर क्यों डाला जा रहा है।

सबसे बड़ा प्रश्न यह है कि 66 करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी यदि कर्मचारी असंतुष्ट हैं और कई गांवों को नियमित जलापूर्ति नहीं मिल रही तो जवाबदेही किसकी तय होगी? यदि कर्मचारियों के आरोप सही हैं तो संबंधित विभागों को निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार पक्षों पर कार्यवाही करनी चाहिए, ताकि 51 गांवों की जनता पेयजल संकट का सामना न करना पड़े।

जर्जर पानी की टंकी हो सकता है बड़ा हादसा, भीषण गर्मी में बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं लोग, एसईसीएल प्रबंधन मौन

*समस्या हल नही तो होगा आंदोलन*


अनूपपुर/​कोतमा

एक तरफ जहां सूरज की तपिश और भीषण गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर रखा है, वहीं दूसरी तरफ एसईसीएल जमुना कोतमा क्षेत्र के प्रबंधन की उदासीनता के कारण कोतमा वार्ड क्रमांक 13 के निवासी पानी के लिए हाहाकार मचा हैं। वार्ड में स्थित पानी की टंकी बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुकी है, जिसके कारण क्षेत्र में पेयजल का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।

​स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह स्थिति अचानक पैदा नहीं हुई है वार्ड वासियों द्वारा कई बार सोशल मीडिया, मुख्यधारा की मीडिया और मौखिक रूप से एसईसीएल प्रबंधन को मौखिक शिकायतें दी जा चुकी हैं, प्रबंधन को साफ तौर पर अवगत कराया गया था कि पानी की टंकी पूरी तरह से जर्जर हो चुकी है और कभी भी बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है, इसके बावजूद, एसईसीएल के अधिकारियों के कानों पर जूं तक नहीं रेंगी

​प्रबंधन की इसी लापरवाही का नतीजा आज वार्ड क्रमांक 13 के सैकड़ों परिवारों को भुगतना पड़ रहा है। नई पानी टंकी का निर्माण न होने से इस कड़कती धूप और गर्मी में लोगों को पानी के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है, दैनिक जरूरतों के लिए भी पानी नसीब नहीं हो पा रहा है, जिससे स्थानीय जनता में एसईसीएल के प्रति भारी आक्रोश है।

"एसईसीएल सिर्फ कोयला निकालने में व्यस्त है, उसे यहां रहने वाले लोगों की मूलभूत सुविधाओं से कोई सरोकार नहीं है, बार-बार ध्यान आकर्षण कराने के बाद भी आज तक नई पानी टंकी का निर्माण नहीं कराया गया, अगर जल्द ही समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो  उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

​जब एसईसीएल को समय रहते जर्जर टंकी की सूचना दे दी गई थी, तो नए निर्माण में देरी क्यों की जा रही है। क्या एसईसीएल प्रबंधन किसी बड़े हादसे या जनता के पूरी तरह सड़क पर उतरने का इंतजार कर रहा है।

​क्षेत्र की जनता ने अब जिला प्रशासन और एसईसीएल के उच्च अधिकारियों से मांग की है कि मामले को संज्ञान में लेते हुए युद्ध स्तर पर नई पानी टंकी का निर्माण कराया जाए और तब तक वार्ड में पानी के वैकल्पिक इंतजाम सुचारू रूप से किए जाएं।

दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया किशोर की पानी मे डूबने से हुई मौत, पुलिस जाँच में जुटी


 शहडोल

दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया 15 वर्षीय किशोर मौत के गहरे पानी में समाने से मौत हो गयी। ब्यौहारी थाना क्षेत्र के केल्हारी गांव में हुए इस दर्दनाक हादसे से पूरे गांव में शोक की लहर फैल गई। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे, जबकि पुलिस ने शव को बाहर निकलवाकर जांच शुरू कर दी है।

केल्हारी निवासी दीपेश प्रजापति (15) पिता महेश प्रजापति अपने दोस्तों के साथ गांव के पास स्थित समधिन नदी में नहाने गया था। बताया गया कि नदी का घाट उसके घर से कुछ ही दूरी पर स्थित है। नहाते समय दीपेश अचानक गहरे पानी में चला गया और डूबने लगा। साथ मौजूद उसके दोस्तों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन वे सफल नहीं हो सके।

हादसे के बाद दीपेश का एक दोस्त घबराकर घर पहुंचा और परिजनों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिवार के सदस्य और ग्रामीण बड़ी संख्या में नदी किनारे पहुंचे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थानीय लोगों की मदद से किशोर के शव को बाहर निकलवाया।

घटना के बाद परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। ब्यौहारी अस्पताल में किशोर के पिता महेश प्रजापति ने अपने इकलौते बेटे का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। उन्होंने भावुक होकर कहा कि उनका एक ही पुत्र था, अब वह भी नहीं रहा। ऐसे में वे पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते।

हालांकि पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को समझाइश दी, सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और घटना की जांच शुरू कर दी है। 

टीवी कूलर से लोड ट्रक में लगी आग, पूरा सामान जलकर हुआ खाक, लाखो का नुकसान


उमरिया

जिले के इंदवार थाना क्षेत्र के बरही-मानपुर मार्ग एसएच-10 पर स्थित पनपथा गांव के हाई स्कूल के पास दरमियानी रात करीब 2 से 2:30 बजे एक छह चकिया ट्रक अचानक आग की लपटों में घिर गया। कुछ ही मिनटों में आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और पूरा ट्रक धू-धू कर जलने लगा। हादसे में लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है, जबकि चालक सुरक्षित है। 

जानकारी के अनुसार कटनी का यह ट्रक कटनी से ब्यौहारी के टिहकी गांव की ओर जा रहा था। देर रात होने के कारण चालक ने वाहन को सड़क किनारे खड़ा कर विश्राम करना उचित समझा और पास ही सो गया। इसी बीच अज्ञात कारणों से ट्रक में आग लग गई। जब तक चालक और आसपास के लोग कुछ समझ पाते, तब तक आग पूरे वाहन को अपनी चपेट में ले चुकी थी। 

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आग की लपटें इतनी तेज थीं कि दूर से दिखाई दे रही थीं। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते कार्रवाई होने से आसपास के क्षेत्र में आग फैलने से रोक लिया गया।घटना को और भी गंभीर इसलिए माना जा रहा है, क्योंकि जिस स्थान पर ट्रक खड़ा था, उसके ठीक ऊपर 11 हजार केवी की विद्युत लाइन भी गुजरी थी। हालांकि फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी या फिर इसके पीछे किसी असामाजिक तत्व की शरारत है।

पुलिस और संबंधित विभाग सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि ट्रक में टीवी, कूलर समेत अन्य बेशकीमती इलेक्ट्रॉनिक सामग्री लोड थी। आग की चपेट में आने से न केवल ट्रक पूरी तरह जल खाक भी हो गया बल्कि उसमें रखा पूरा सामान भी खाक हो गया। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार नुकसान लाखों रुपये में बताया जा रहा है।

दो घटनाओं में 3 की मौत, 2 घायल, कार अनियंत्रित होकर खेत मे घुसी, बाइक हुई दुर्घटना 


अनूपपुर

जिले के राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र मे दो अलग-अलग सड़क हादसे में 3 लोगों की मृत्यु हो गई हैं। जबकि 2 घायलों का इलाज जारी हैं।

पहली घटना राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम मौहारी परसेलखर्द निवासी 28 वर्षीय राम सिंह पुत्र ढिमरा किरर जंगल में मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई जिससे वह घटनास्थल में ही दम तोड़ दिया। कुछ लोगो देखकर सूचना पर मौके पर पुलिस ने पंचनामा बना पोस्टमार्डम उपरांत शव परिजनों को सौप कर जांच की कार्यवाई प्रारंभ कर दी।

दूसरी घटना राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र में कार सवार 4 लोग राजेंद्रग्राम से अपने गृह ग्राम बंहनी जा रहें थे। तभी कारीमाट जंगल मोड में तिवारी टोला के समीप स्थित तीखे मोड़ पर कार चालक वाहन से नियंत्रण खो दिया जिससे कार सड़क छोड़कर सीधे खेत में जा घुसी। हादसा इतना भीषण था कि एक व्यक्ति की मौके पर ही मृत्यु हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए है। जिसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान एक अन्य घायल ने भी दम तोड़ दिया है। वर्तमान में दो घायलों का इलाज जारी हैं। मृतको में 29 वर्षीय नर्मदा प्रसाद कनौजिया एवं 25 वर्षीय सोनू कनौजिया दोनो के सगे भाई थे।

थाना प्रभारी राजेंद्रग्राम पीसी कोल ने बताया कि सड़क दुघर्टना में 3 की मृत्यु हो गई हैं। जिसमे एक बाईक चालक किरर के जंगलमें अनियंत्रित होकर गिरा और मैके पर मौत हो गई। दूसरी कार अनियंत्रित होकर खेत में घुसी जिसमें दो की मौत हुई हैं। जांच की जा रहीं हैं।

चोरो ने घर मे घुसकर 7 लाख के सोना, चांदी के जेवर किये पार, आंगन में सोते रह गए घरवाले, मामला दर्ज


शहडोल 

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र स्थित कनाडी खुर्द गांव में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। घर के आंगन में परिवार गहरी नींद में सोता रहा और अज्ञात चोर मकान में घुसकर करीब 7 लाख रुपये के जेवरात व नकदी लेकर फरार हो गए। सुबह घटना का पता चलने पर परिवार के होश उड़ गए, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार किसान कुंज बिहारी गुप्ता के घर में चोरी की यह वारदात हुई है। पीड़ित किसान ने बताया कि गर्मी के कारण परिवार के सभी सदस्य रात में घर के आंगन में सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात चोर घर में घुस गए। बदमाशों ने पहले चैनल गेट का ताला तोड़ा, फिर कमरे में लगे अन्य तालों को भी तोड़कर अंदर प्रवेश किया। इसके बाद अलमारी में रखे कीमती सामान पर हाथ साफ कर दिया।

किसान कुंज बिहारी गुप्ता के अनुसार चोर लगभग दो किलो चांदी, एक तोला सोना और एक लाख रुपये नकद लेकर भाग गए। उन्होंने बताया कि खेती-किसानी के काम और खाद-बीज खरीदने के लिए एक लाख रुपये घर में रखे थे, जिन्हें भी चोर अपने साथ ले गए। पीड़ित के मुताबिक चोरी गए सामान की कुल कीमत 7 लाख रुपये से अधिक है।

घटना की जानकारी सुबह तब लगी जब परिवार के सदस्य जागे और घर के भीतर सामान बिखरा हुआ देखा। इसके बाद तत्काल जयसिंहनगर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

नगर परिषद बनगंवा में कलेक्टर का बड़ा एक्शन, गेट बंद कर 2 घंटे चली जांच, फाइलें जप्त, कर्मचारियों पर कार्रवाई के निर्देश

*हाजिरी लगाकर गायब होने वालो पर निलंबन की कार्यवाही के निर्देश*


अनूपपुर

जिले के नगर परिषद बनगवा में उस समय हड़कंप मच गया जब अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली अचानक औचक निरीक्षण पर पहुंच गए। बताया जाता है कि परिषद पहुंचते ही मुख्य द्वार बंद कराया गया और करीब दो घंटे तक हाजिरी रजिस्टर, वित्तीय अभिलेखों, निर्माण कार्यों से जुड़ी फाइलों एवं अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों की गहन जांच की गई।

निरीक्षण के दौरान कई फाइलों और अभिलेखों की जांच के बाद अनियमितता की आशंका वाले दस्तावेजों को जप्त कर लिया गया। कलेक्टर के अचानक पहुंचे दल को देखकर परिषद कार्यालय में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और कर्मचारी पूरे समय सतर्क नजर आए।

सूत्रों के अनुसार निरीक्षण के दौरान परिषद के अकाउंटेंट एवं लेखपाल राजेश मिश्रा के कार्यों को लेकर भी कलेक्टर ने नाराजगी जताई। चर्चा है कि उन्हें सोमवार से डूडा अटैच किए जाने के मौखिक निर्देश दिए गए हैं, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि आदेश जारी होने के बाद ही हो सकेगी।

*निलंबन की कार्यवाही की जाए*

निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कर्मचारियों की उपस्थिति पर विशेष ध्यान दिया। बताया जा रहा है कि उन्होंने नगर परिषद के सीएमओ लखन पनिका को निर्देशित किया कि ऐसे कर्मचारियों की सूची तैयार की जाए जो लगातार अवकाश पर रहते हैं या कार्यालय में हाजिरी लगाने के बाद कार्यस्थल से गायब हो जाते हैं।

सूत्रों के मुताबिक कलेक्टर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ऐसे कर्मचारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई की जाए तथा सोमवार तक पूरी रिपोर्ट उन्हें उपलब्ध कराई जाए। इस निर्देश के बाद परिषद के कर्मचारियों में खलबली मच गई है।

निरीक्षण के दौरान जो कर्मचारी कार्यालय में उपस्थित नहीं पाए गए, चाहे वे नियमित हों, संविदा कर्मचारी हों या अन्य श्रेणी के कर्मचारी, सभी की जानकारी तलब की गई। कलेक्टर ने अनुपस्थित कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।

*जप्त फाइलों पर जांच को लेकर बढ़ी चर्चाएं*

नगर परिषद बनगवा पिछले कुछ समय से विभिन्न निर्माण कार्यों, भुगतान प्रक्रियाओं और प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा में रही है। ऐसे में कलेक्टर द्वारा फाइलों को जप्त कर जांच शुरू किए जाने के बाद नगर में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

अब लोगों के बीच सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर उन फाइलों में ऐसा क्या मिला, जिसके कारण कलेक्टर को स्वयं हस्तक्षेप करना पड़ा? क्या यह कार्रवाई किसी बड़े वित्तीय या प्रशासनिक खुलासे की भूमिका है? और क्या आने वाले दिनों में परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर बड़ी कार्रवाई देखने को मिलेगी?

फिलहाल कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण ने नगर परिषद बनगवा के प्रशासनिक तंत्र में हलचल बढ़ा दी है और पूरे क्षेत्र की नजरें अब सोमवार को प्रस्तुत होने वाली रिपोर्ट तथा आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।

घटिया निर्माण सामग्री से बन रही पीसीसी सड़क, मानकों की अनदेखी कर शासकीय राशि के दुरुपयोग 

*ग्रामीणों में आक्रोश, कार्रवाई की मांग*


अनूपपुर 

जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत  गोहांड्रा के डोंगरीटोला में निर्माणाधीन पीसीसी सड़क को लेकर गंभीर अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारियों और निर्माण कार्य से जुड़े लोगों द्वारा तकनीकी मानकों की खुलेआम अनदेखी करते हुए सड़क निर्माण कराया जा रहा है, जिससे शासकीय धनराशि के दुरुपयोग की आशंका गहरा गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम पंचायत  गोहांड्रा  में शासकीय निधि से पीसीसी सड़क का निर्माण कार्य जारी है। आरोप है कि निर्माण कार्य तकनीकी स्वीकृति एवं निर्धारित अनुपात (रेशियो) के अनुरूप नहीं किया जा रहा। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण में गुणवत्ताहीन सामग्री का उपयोग किया जा रहा है तथा रेत में अत्यधिक मिट्टी मिली हुई है। इसके अलावा सीमेंट की मात्रा भी निर्धारित मानकों से काफी कम बताई जा रही है, जिससे सड़क की मजबूती और गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण की पहली परत में ही निम्न स्तर की सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। यदि यही स्थिति बनी रही तो सड़क कुछ ही समय में उखड़ सकती है और उसमें दरारें पड़ने की आशंका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि शासन द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन भ्रष्टाचार और लापरवाही के कारण योजनाओं का लाभ जनता तक सही रूप में नहीं पहुंच पा रहा है। निर्माण कार्य की निगरानी करने वाले संबंधित अधिकारी यदि समय-समय पर गुणवत्ता की जांच की जाती तो घटिया सामग्री के उपयोग की शिकायतें सामने नहीं आतीं। 

कानूनी कार्रवाई की मांग

ग्रामीणों एवं जनप्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन, जनपद पंचायत तथा संबंधित विभाग से मांग की है कि निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि शीघ्र जांच कर दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई तो वे सामूहिक रूप से जिला प्रशासन के समक्ष शिकायत दर्ज कर आंदोलन करने को विवश होंगे।

इनका कहना है।

गुणवत्ता की किसी प्रकार की कमी नहीं है, मौके पर आकर आप भी स्वयं जांच कर सकते हैं, अगर कुछ कमी है तो उसकी जांच करवाई जाएगी 

*चिंतामणि केवट, सचिव, ग्राम पंचायत गोहांड्रा*

सेंट्रल बैंक के सहायक प्रबंधक को CBI ने 10 हजार का रिश्वत लेते किया गिरफ्तार, मचा हड़कंप


शहडोल

सीबीआई ने शहडोल में बड़ी कार्रवाई करते हुए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के सहायक प्रबंधक को रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बैंकिंग कियोस्क की अनुमति और प्रस्ताव स्वीकृत करने के बदले अधिकारी ने 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद सीबीआई की टीम ने जाल बिछाया और बैंक अधिकारी को रकम लेते ही दबोच लिया।

शहडोल निवासी दीपेंद्र सिंह ने चार बैंकिंग कियोस्क खोलने के लिए सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में आवेदन किया था,आरोप है कि आवेदन को स्वीकृति देने और आवश्यक अनुमति जारी करने के बदले बैंक के सहायक प्रबंधक अभ्यंकर शर्मा ने 10 हजार रुपये रिश्वत की मांग की थी।बार-बार रिश्वत की मांग से परेशान होकर दीपेंद्र सिंह ने पूरे मामले की शिकायत सीबीआई जबलपुर इकाई के पुलिस अधीक्षक एस.के. राठी से की। शिकायत की पुष्टि होने के बाद सीबीआई ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की।       

बताया जा रहा है कि सीबीआई की 8 सदस्यीय टीम शहडोल पहुंची और पूरे मामले पर नजर रखी गई। तय योजना के अनुसार सहायक प्रबंधक अभ्यंकर शर्मा ने बैंक के बाहर गुरुद्वारे के पास दीपेंद्र सिंह से 10 हजार रुपये की रिश्वत ली। जैसे ही रिश्वत की रकम आरोपी के हाथ में पहुंची, पहले से घात लगाए मौजूद सीबीआई टीम ने उसे रंगे हाथों पकड़ लिया। सीबीआई की इस कार्रवाई के बाद बैंकिंग और प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोपी अधिकारी से पूछताछ जारी है और सीबीआई पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं इस कार्रवाई को भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है, जिससे सरकारी और बैंकिंग संस्थानों में रिश्वतखोरी करने वालों में डर का माहौल है।

अंतरराज्यीय चोर गिरोह का पर्दाफाश, 50 लाख का 38 तोला सोना व स्कॉर्पियो जब्त

*सूने मकानों को बनाते थे निशाना, 6 आरोपी गिरफ्तार*


अनूपपुर

मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती जिलों में लगातार सक्रिय अंतर्राज्यीय चोर गिरोह का गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के 6 शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है, जो सीमा पार कर अनूपपुर (एमपी) और पेंड्रा (सीजी) के इलाकों में सूने मकानों को निशाना बनाते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50 लाख रुपए से अधिक कीमत का 38 तोला सोना, डेढ़ किलो चांदी, चोरी के पैसों से खरीदी गई नई स्कॉर्पियो कार, दो बाइक, आईफोन और हाईटेक तिजोरी तोड़ने वाले आधुनिक उपकरण बरामद किए हैं।

पिछले कुछ समय से अनूपपुर-पेंड्रा क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में लगातार अज्ञात चोरों द्वारा सेंधमारी की शिकायतें मिल रही थीं। पुलिस की तकनीकी जांच में सामने आया कि यह गिरोह दोनों राज्यों की सीमाओं का फायदा उठाकर वारदात को अंजाम देता था। आरोपी चोरी करने के बाद तुरंत राज्य बदल देते थे ताकि स्थानीय पुलिस की पकड़ में न आ सकें। इस गिरोह की गिरफ्तारी से दो राज्यों के कुल 7 बड़े चोरी के मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें शामिल हैं अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र के 2 बड़े चोरी के मामले। जीपीएम (छत्तीसगढ़): कोतमीकला के 3 और मरवाही थाना क्षेत्र के 2 मामले।

पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपी छत्तीसगढ़ के जीपीएम (गौरेला-पेंड्रा-मरवाही) जिले के ही रहने वाले हैं, जो संगठित होकर मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले तक जाकर वारदातों को अंजाम दे रहे थे।गिरफ्तार आरोपियों के नाम परमेश्वर गोस्वामी, सूरज गोस्वामी, सुमित गोस्वामी, प्रणय पांडेय, विशाल जादव, शरद काटकर हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने कबूल किया कि उन्होंने चोरी की मोटी रकम से अपने शौक पूरे करने के लिए एक नई स्कॉर्पियो गाड़ी, दो मोटरसाइकिलें और कीमती आईफोन खरीदे थे। इसके अलावा उनके पास से ताले और लोहे की मजबूत तिजोरियां काटने व तोड़ने वाले आधुनिक कटर और औजार भी जब्त किए गए हैं।

*साइबर सेल व 4 थानों की टीम को मिली सफलता*

लगातार हो रही चोरियों को देखते हुए एएसपी अविनाश मिश्रा के नेतृत्व में मरवाही, पेंड्रा, कोटमी और सिवनी पुलिस की एक संयुक्त विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, संदिग्ध मोबाइल लोकेशन और साइबर सेल के तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घेराबंदी कर इन छह आरोपियों को दबोचा। पुलिस ने सभी आरोपियों को स्थानीय न्यायालय में पेश किया, जहां से कोर्ट ने उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।

दो पक्षों में भूमि विवाद, इंची टेप से नप गई विवादित जमीन, मीडिया के सवालों पर भड़के तहसीलदार, कोर्ट आने की बात कही

*पाटन में राजस्व कार्यवाही पर उठे गंभीर सवाल*


अनूपपुर

जिले के जैतहरी तहसील के ग्राम पाटन में दो पक्षों के बीच भूमि विवाद कई महीनों से चला आ रहा है। दोनों पक्ष राजस्व कार्यालयों से लेकर न्यायालयों तक न्याय की गुहार लगा रहे हैं। एक पक्ष ने जिला एवं सत्र न्यायालय अनूपपुर तथा अपर कलेक्टर न्यायालय अनूपपुर का दरवाजा खटखटाया है, जबकि दूसरे पक्ष ने जनसुनवाई में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद मौके पर पहुंचे प्रभारी तहसीलदार ने विवादित भूमि की नपती कर मौका जांच कार्यवाही शुरू की और पंचनामा तैयार कर जबजस्ती गवाही को हस्ताक्षर करके को कहा। यहीं से विवाद खड़ा हो गया, ग्रामीणों और प्रभावित पक्षों का आरोप है कि सीमांकन जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में आवश्यक तकनीकी उपकरणों और राजस्व अभिलेखों का समुचित उपयोग नहीं किया गया है। दूसरी ओर मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर अधिकारी का नाराज होना और स्पष्ट जवाब देने से बचना भी संदेहों को और गहरा कर रहा है। अब यह मामला केवल जमीन विवाद नहीं बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता और राजस्व प्रक्रिया की विश्वसनीयता का विषय बन गया है।

राजस्व नियमों के अनुसार किसी भी विवादित भूमि के सीमांकन में खसरा, नक्शा, फील्ड बुक, स्थायी चिन्ह और विभागीय मापन उपकरणों का उपयोग महत्वपूर्ण माना जाता है। आधुनिक समय में कई स्थानों पर जीपीएस, टोटल स्टेशन मशीन और तकनीकी सर्वे पद्धतियों का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में यदि किसी संवेदनशील विवाद में पारंपरिक और सीमित साधनों से नपती की जाती है तो उसकी विश्वसनीयता पर प्रश्न उठना स्वाभाविक है। लेकिन पाटन में हुई मौका जांच कार्यवाही को लेकर आरोप है कि केवल इंची टेप और स्केल के सहारे जमीन की नपती कर दी गई है तो यह सवाल उठना स्वाभाविक है। यही मुद्दा अब विवाद का मुख्य कारण बन गया है।

भूमि विवाद से जुड़ा मामला पहले से ही न्यायालय और उच्च राजस्व अधिकारियों के समक्ष विचाराधीन बताया जा रहा है। ऐसे में मौके पर जाकर सीमांकन जमीन नपित और पंचनामा तैयार करने की प्रक्रिया पर सवाल खड़े हो रहे हैं। लोकतंत्र में मीडिया जनता और प्रशासन के बीच जवाबदेही का माध्यम माना जाता है। पाटन मामले में मीडिया द्वारा पूछे गए सवालों पर पद प्रभारी तहसीलदार के नाराज होने और कथित तौर पर कोर्ट में आने की बात कही गई। यदि कार्यवाही नियमों के अनुसार हुई थी तो तथ्यों के साथ जवाब देना चाहिए। इस कार्यवाही निष्पक्ष और नियम सम्मत थी तो प्रशासन को पूरे प्रकरण की जानकारी सार्वजनिक करनी चाहिए थी। वहीं यदि प्रक्रिया में कोई कमी रही है तो उसकी समीक्षा भी आवश्यक है।

रेत रफ्तार बस गाय को कुचलते हुए मेटाडोर से भिड़ी, कई लोग हुए घायल, घटना सीसीटीवी में कैद


शहडोल

जिले के बुढार थाना क्षेत्र अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग NH-43 स्थित पकरिया चौराहे पर देर रात एक तेज रफ्तार बनारस से रायपुर जा रही द्विवेदी ट्रेवल्स की यात्री बस क्रमांक MP-13-P-2513 ने पहले सड़क पर मौजूद एक गाय को कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद अनियंत्रित बस ने सामने चल रही रेत से भरी डग्गी को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में डग्गी पलट गई और बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि डग्गी चालक को चोटें आईं, वहीं बस में सवार कई यात्रियों को भी हल्की चोटें पहुंची हैं। 

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए घायलों की मदद की और पुलिस को सूचना दी। बताया जा रहा है कि जिस डग्गी को बस ने टक्कर मारी, वह कथित तौर पर अवैध रेत परिवहन में लगी हुई थी। हालांकि पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। हादसे का एक CCTV फुटेज भी सामने आया है, जिसमें तेज रफ्तार बस सीधे गाय को टक्कर मारते हुए डग्गी से भिड़ती दिखाई दे रही है। फुटेज सामने आने के बाद बस चालक की लापरवाही पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बस की रफ्तार काफी अधिक थी, जिसके कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। NH-43 पर लगातार बढ़ रहे सड़क हादसों ने एक बार फिर हाईवे सुरक्षा और तेज रफ्तार वाहनों पर कार्रवाई की जरूरत को उजागर कर दिया है। फिलहाल बुढार पुलिस मामले की जांच कर रही है। सड़क किनारे लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसने तेज रफ्तार और लापरवाही की खौफनाक तस्वीर सामने ला दी। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी में जुटी हुई है।

13 मवेशियों को लेकर बूचड़खाने जा रही पीकप को पुलिस ने पकड़कर किया जप्त, मामला दर्ज


शहडोल 

जिले में मवेशी तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ब्यौहारी पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 13 मवेशियों से भरी एक पिकअप को पकड़ लिया। उत्तर प्रदेश के बूचड़खाने ले जाए जा रहे छह भैंस और सात पड़ों को सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। पुलिस ने चालक को गिरफ्तार कर वाहन जब्त कर लिया है, जबकि वाहन मालिक समेत तीन आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस के अनुसार मुखबिर से सूचना मिली थी कि जयसिंहनगर की ओर से एक पिकअप वाहन में बड़ी संख्या में मवेशियों को भरकर बूचड़खाने ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही ब्यौहारी पुलिस सक्रिय हुई और टंकी तिराहे पर घेराबंदी कर संदिग्ध वाहन को रोक लिया।

जांच के दौरान पिकअप क्रमांक यूपी 70 पीटी 6672 में छह भैंस और सात पड़ों सहित कुल 13 मवेशी ठूंस-ठूंसकर भरे पाए गए। वाहन में पशुओं के लिए चारा-पानी की कोई व्यवस्था नहीं थी। पुलिस ने चालक से मवेशियों के परिवहन संबंधी वैध दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

पूछताछ में चालक ने अपना नाम मोहम्मद अब्दुल पुत्र मोहम्मद अतीत उर्फ राजू (21 वर्ष), निवासी उमरगंज, थाना नैनी, जिला प्रयागराज (उत्तर प्रदेश) बताया। चालक ने पुलिस को बताया कि वाहन मालिक मोहम्मद अली, निवासी भड़रा थाना चाकघाट के कहने पर मवेशियों को लादा गया था।

पुलिस ने पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(घ) एवं मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 66/192 के तहत अपराध क्रमांक 406/2026 दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। कार्रवाई के दौरान लगभग 2.20 लाख रुपये मूल्य के 13 मवेशी तथा करीब 7 लाख रुपये कीमत का पिकअप वाहन जब्त किया गया। 

लंदन का डॉक्टर बनकर विधवा शिक्षिका से 34 लाख की कर दी साइबर ठगी, महिला को जीवनसाथी की थी तलाश


शहडोल

शहडोल में एक शासकीय महिला शिक्षिका ऑनलाइन वैवाहिक साइट के जरिए ठगी का शिकार हो गई। ठग ने खुद को लंदन का डॉक्टर बताकर विश्वास जीता और विभिन्न बहानों से लगभग 34 लाख रुपये ऐंठ लिए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है।

एक शासकीय महिला शिक्षिका जो ऑनलाइन वैवाहिक वेबसाइट के माध्यम से ठगों के जाल में फंस गई। आरोपी ने खुद को लंदन (यूनाइटेड किंगडम) का डॉक्टर बताकर महिला से दोस्ती की और विश्वास जीतने के बाद करीब 34 लाख रुपये की ठगी कर ली।

पति का कुछ समय पहले निधन हो गया था। अकेलेपन के बीच उसने जीवनसाथी की तलाश में एक वैवाहिक वेबसाइट पर अपना प्रोफाइल बनाया था। इसी दौरान उसकी पहचान एक व्यक्ति से हुई, जिसने अपना नाम डॉ. संजय प्रसाद सिंह बताया और खुद को लंदन निवासी डॉक्टर बताया। शुरुआत में दोनों के बीच सामान्य बातचीत होती रही, लेकिन धीरे-धीरे आरोपी ने महिला का विश्वास जीत लिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने विभिन्न बहानों से महिला से पैसों की मांग शुरू की। कभी उपहार भेजने, कभी कानूनी प्रक्रिया तो कभी अन्य जरूरी कारणों का हवाला देकर उसने महिला को कई बार अलग-अलग खातों में रकम जमा कराने के लिए राजी कर लिया। विश्वास में आकर महिला लगातार पैसे भेजती रही।

जब महिला ने अपने बैंक खाते की जांच की तो उसके होश उड़ गए। खाते से करीब 34 लाख रुपये निकल चुके थे। खुद के साथ हुई ठगी का एहसास होने पर महिला ने तत्काल पुलिस और साइबर सेल से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और ऑनलाइन लेन-देन से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।

सीएसपी राजेंद्र मोहन दुबे ने बताया कि महिला द्वारा साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई गई है। प्रारंभिक जांच में लगभग 34 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश के लिए जांच जारी है। 

दो बच्चों की हुई मौत, पांच वर्षीय मासूम को मिट्टी से भरे ट्रैक्टर ने कुचला, किशोर जामुन के पेड़ से गिरा


शहडोल 

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग दर्दनाक घटनाओं में दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। एक घटना में घर के सामने खेल रहे पांच वर्षीय बालक को मिट्टी से भरे ट्रैक्टर ने कुचल दिया, जबकि दूसरी घटना में जामुन तोड़ने पेड़ पर चढ़ा 12 वर्षीय बालक गिर गया, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। 

पुलिस के अनुसार पहली घटना जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के ताली खुर्द गांव की है। यहां अमन उर्फ भोलू सिंह (5) पिता रजनीश सिंह अपने घर के सामने अन्य बच्चों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान मिट्टी से लोड ट्रॉली लेकर जा रहा एक ट्रैक्टर वहां से गुजरा। बताया जा रहा है कि खेलते-खेलते अमन अचानक सड़क पर आ गया और ट्रैक्टर की चपेट में आ गया। हादसा इतना गंभीर था कि बालक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर और चालक को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

दूसरी घटना ग्राम नगडवाह की है। पुलिस के मुताबिक 12 वर्षीय निशांत बैगा पिता मिस्टर बैगा घर के पास स्थित जामुन के पेड़ पर चढ़कर फल तोड़ रहा था। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह पेड़ से नीचे गिर पड़ा। गिरने से उसे गंभीर चोटें आईं और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। दोनों मामलों में जांच जारी है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कोयले से लोड खड़े ट्रक में अचानक लगी आग, पेट्रोल पंप के नजदीक की घटना, बड़ा हादसा टला


शहडोल 

जिले के बुढ़ार थाना क्षेत्र में पेट्रोल पंप के समीप खड़ी एक कोयला लोड ट्रक में अचानक आग लग गई। घटना बुढ़ार-धनपुरी मार्ग स्थित कॉलेज के पास हाईवे पर हुई, जहां ट्रक सड़क किनारे खड़ा था। आग लगने की सूचना मिलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, क्योंकि ट्रक पेट्रोल पंप के बेहद नजदीक खड़ा था और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका से लोग दहशत में आ गए।

ट्रक के केबिन से अचानक धुआं निकलना शुरू हुआ। शुरुआत में लोगों ने इसे सामान्य तकनीकी खराबी समझा, लेकिन कुछ ही मिनटों में धुआं घने काले गुबार में बदल गया और आग की लपटें केबिन से बाहर निकलने लगीं। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया। आग की तेज लपटें और धुएं का गुबार दूर से दिखाई देने लगा, जिससे आसपास मौजूद लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई।

तत्काल दमकल विभाग और बुढ़ार पुलिस को सूचना दी। सूचना पर दमकल वाहन मौके पर पहुंचा और कर्मचारियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। समय रहते आग बुझा लिए जाने से बड़ा हादसा टल गया। यदि आग पेट्रोल पंप तक पहुंच जाती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।

आग लगने के दौरान ट्रक के आसपास मौजूद लोगों ने सुरक्षित दूरी बना ली और यातायात को भी कुछ समय के लिए प्रभावित होना पड़ा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया तथा आवश्यक कार्रवाई शुरू की। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

शहडोल-उमरिया में रेत माफिया का जाल, ठेका एक जिले का, उत्खनन दूसरे जिले में, जिम्मेदार विभागों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल

*दिव्यप्रकाश, मथुरा, विजय और अमन नदियों का सीना छलनी, चला रहे है, अवैध रेत का सिंडिकेट*


शहडोल

संभाग के उमरिया व शहडोल जिले में रेत का अवैध उत्तखनन जोरो पर है, उमरिया जहाँ पर रेत का ठेका है, शहडोल जहां रेत का ठेका नही है, दोनो जिलो में उमरिया वाला रेत ठेकेदार धड़ल्ले से दोनो जिलो में रेत का अवैध कारोबार कर रहा है। शहडोल जिले में प्रतिदिन हजारो गाड़ी रेत की खपत है, कई बड़े बड़े सड़क, आवास, कॉलोनियों के काम चल रहे हैं, जहाँ पर अवैध रेत की खपत की जा रही है।

शहडोल और उमरिया जिले में रेत के कारोबार से जुड़े कुछ प्रभावशाली लोगों द्वारा नियमों को ताक पर रखकर बड़े पैमाने पर अवैध उत्खनन किया जा रहा है। हैरानी की बात यह है की खनिज विभाग एवं पुलिस विभाग की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दे रही है, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। दिव्यप्रकाश और मथुरा नामक व्यक्तियों की जोड़ी इन दिनों दोनों जिलों में रेत के कारोबार को लेकर सुर्खियों में है। दोनो की जोड़ी घुनघुटी से लेकर पूरा शहडोल जिले अवैध रेत की सप्लाई करते हैं। वही विजय और अमन नामक व्यक्ति पूरे उमरिया ज़िले में अवैध रेत नेटवर्क का संचालन कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी घाटों से लेकर परिवहन और बिक्री तक की पूरी व्यवस्था इन्हीं लोगों के माध्यम से संचालित की जा रही है।


*रात के अंधेरे में चल रहा अवैध उत्खनन*

रात होते ही नदी घाटों पर मशीनों और वाहनों की आवाजाही बढ़ जाती है। कई स्थानों पर देर रात से लेकर सुबह तक रेत निकालने का काम जारी रहता है। बताया जा रहा है कि नियमों के विपरीत नदी के संवेदनशील क्षेत्रों से भी रेत निकाली जा रही है, जिससे पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई है। रातभर मेटाडोर और अन्य छोटे-बड़े वाहन रेत ढोते हुए देखे जा सकते हैं। इसके बावजूद जिम्मेदार विभागों द्वारा कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है। ऐसे में नदियों का स्वरूप बदल सकता है और आसपास के क्षेत्रों में भू-क्षरण जैसी समस्याएं उत्पन्न हो सकती हैं।

*10 हजार रुपये में बिक रही एक डग्गी रेत*

क्षेत्र में रेत की मांग बढ़ने के साथ-साथ अवैध कारोबारियों की चांदी हो रही है। सूत्रों के अनुसार, एक डग्गी रेत की कीमत खुलेआम लगभग 10 हजार रुपये तक वसूली जा रही है। निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाली रेत के लिए लोगों को मनमानी कीमत चुकानी पड़ रही है। आरोप है कि वैध व्यवस्था के अभाव का फायदा उठाकर अवैध कारोबारी भारी मुनाफा कमा रहे हैं। रेत की कीमतों में लगातार वृद्धि हो रही है। इसका सीधा असर आम नागरिकों और छोटे निर्माण कार्यों पर पड़ रहा है। 

*ठेका नहीं, फिर भी धड़ल्ले से चल रहा रेत का कारोबार*

सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जब शहडोल जिले में वर्तमान में रेत का वैध ठेका नहीं है, तब बड़े पैमाने पर रेत की आपूर्ति आखिर हो कैसे रही है। आरोप है कि उमरिया जिले से जुड़े रेत ठेकेदारों द्वारा शहडोल की नदियों से अवैध रूप से रेत निकालकर बाजार में बेची जा रही है। यदि किसी क्षेत्र में वैध स्वीकृति नहीं है, तो वहां से खनिज निकालना कानून का उल्लंघन माना जाता है। ऐसे में शहडोल की नदियों से कथित रूप से हो रहे अवैध उत्खनन ने प्रशासनिक निगरानी पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।

*खनिज व पुलिस विभाग की भूमिका पर सवाल*

खनिज विभाग व पुलिस विभाग की भूमिका भी चर्चा के केंद्र में है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अवैध उत्खनन और परिवहन की जानकारी विभागीय अधिकारियों को होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की जा रही है। कई ग्रामीणों का दावा है कि रातभर वाहनों की आवाजाही खुलेआम होती है, जिसे नजरअंदाज करना संभव नहीं है। अवैध कारोबार को संरक्षण मिलने के कारण ही यह नेटवर्क लगातार मजबूत होता जा रहा है। लेकिन विभागों की निष्क्रियता ने संदेह को और गहरा कर दिया है। यदि नियमित जांच, वाहन चेकिंग और नदी घाटों की निगरानी की जाए तो अवैध उत्खनन पर काफी हद तक रोक लगाई जा सकती है।

*पर्यावरण व राजस्व का हो रहा नुकसान*

विशेषज्ञों के अनुसार, अनियंत्रित और अवैध रेत उत्खनन से केवल पर्यावरण को ही नहीं, बल्कि सरकारी राजस्व को भी भारी नुकसान होता है। नदी के प्राकृतिक प्रवाह में बाधा आने से जलस्तर प्रभावित होता है, वहीं अवैध खनन के कारण शासन को मिलने वाला राजस्व भी कम हो जाता है। कई जगहों पर नदी किनारों का कटाव बढ़ गया है। यदि इसी प्रकार अवैध उत्खनन जारी रहा तो भविष्य में पुल-पुलियों, कृषि भूमि और जल स्रोतों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

*प्रशासन से कार्रवाई की मांग*

क्षेत्र के नागरिकों, सामाजिक संगठनों और जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि जिन स्थानों से अवैध उत्खनन की शिकायतें मिल रही हैं, वहां संयुक्त टीम बनाकर जांच की जानी चाहिए। साथ ही अवैध परिवहन में उपयोग हो रहे वाहनों को जब्त कर दोषियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

तीन अलग-अलग घटनाओं में तीन की हुई मौत,  युवक, नाबालिग ने लगाई फांसी, एक को सर्प ने काटा


अनूपपुर

कोतवाली थाना अनूपपुर अंतर्गत दो अलग-अलग घटनाओं में एक युवक एवं एक नाबालिग बालिका ने अज्ञात कारणों से घर एवं जंगल में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस घटना के संबंध में जांच करने में जुटी हुई है। 

कोतवाली थाना अनूपपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पसला के चरतरिहा टोला निवासी 45 वर्षीय मिठाईलाल उर्फ मिट्ठू पिता कल्लू यादव ने दोपहर में अज्ञात कारणों से घर के अंदर फांसी लगा ली, जिसकी सूचना पर सहायक उप निरीक्षक गोविन्द पनिका पुलिस दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मृतक के शव को अपनी अभिरक्षा में ले कर पंचनामा की कार्यवाही करते हुए, शव का जिला अस्पताल अनूपपुर में शव परिक्षण कराया, वही कोतवाली थाना क्षेत्र से 17 किलोमीटर दूरी स्थित ग्राम पंचायत औढेरा के जल्दाटोला अंतर्गत जंगल में वार्ड क्रमांक 3 जल्दाटोला औढेरा निवासी समनू बैगा की 16 वर्षीय बालिका ने अज्ञात कारणों से जंगल के अंदर तेंदू के पेंड़ मे रस्सी एवं दुपट्टा को बांधकर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की ग्रामीणों द्वारा सरपंच पति जयपाल सिंह एवं अनूपपुर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल को दिये जाने पर दोनों ने तत्काल निरीक्षक अरविंद जैन को देर रात दिए जाने पर कोतवाली थाना अनूपपुर पुलिस के उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा,सहायक उप निरीक्षक महिपाल प्रजापति देर रात पुलिस दल के साथ घटनास्थल पहुंचकर मृतिका के शव को अपने अभिरक्षा में लेते हुए पूरी रात मृतिका के शव की निगरानी करते हुए, सुबह पंचनामा,साक्षियों के कथन लेख कर जिला अस्पताल अनूपपुर के डॉक्टर टीम से मृतिका के शव का शव परीक्षण कराते हुए अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप कर जांच कर रही है परिजनों एवं ग्रामीणों ने बताया की दोपहर 16 वर्षीय नाबालिक घर से कुछ दूर पर स्थित जल्दा जंगल की ओर गई रही जो वापस नहीं लौटी शाम को परिवार की एक महिला एक बच्ची के साथ दिशा-मैदान एवं सूखी लकडी लेने जंगल गए थे, जिन्होंने इसे फांसी में लटके हुए मृत स्थिति में देखा रहा।

*सर्प के काटने से युवक की हुई मौत*

घर के अंदर जमीन में सोते छंगू अगरिया 40 वर्ष युवक कों करैत प्रजाति के अत्यंत जहरीले सर्प के काटने से उपचार दौरान युवक की मंगलवार की दोपहर जिला अस्पताल अनूपपुर में मृत्यु हो गई,घटना की सूचना पर जिला अस्पताल पुलिस द्वारा मृतक की शव का पंचनामा एवं पीएम की कार्यवाही कर अग्रिम कार्यवाही हेतु संबंधित थाना को सूचित किया है। मृतक जिले के राजेंद्रग्राम थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्र्ई के गिरारी गांव निव लोहे का औजार एवं सामान बनाने का काम करता था।देर शाम/रात खाना पीना खाने बाद घर में जमीन पर सोया हुआ था।

जोड़ा तालाब में लाखों का खेल, बरसात से 15 दिन पहले गहरीकरण, परिषद के संसाधनों का इस्तेमाल पर उठ रहे सवाल

*शासकीय राशि का हो रहा दुरुपयोग*


अनूपपुर

नगर परिषद बनगवां-राजनगर एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में है। इस बार मामला जोड़ा तालाब में चल रहे गहरीकरण और कथित सौंदर्यीकरण कार्य का है। चौक-चौराहों से लेकर चाय की दुकानों तक एक ही सवाल गूंज रहा है कि आखिर बरसात शुरू होने से महज 10-15 दिन पहले तालाब में इतनी बड़ी मशीनें और परिषद के संसाधन लगाकर कार्य कराने की ऐसी क्या मजबूरी थी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद के 15 वार्डों में से अधिकांश वार्ड सड़क, नाली, सफाई, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों का पूरा ध्यान लाखों रुपये खर्च कर तालाब में मिट्टी और मलबा निकालने पर केंद्रित है।

लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में तालाब का गहरीकरण या सौंदर्यीकरण कराना था तो यह कार्य गर्मी की शुरुआत में पूरा किया जाना चाहिए था। और यदि समय नहीं मिला तो बरसात के बाद वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से यह कार्य कराया जा सकता था। लेकिन मानसून आने के ठीक पहले जेसीबी और ट्रैक्टर लगाकर मिट्टी निकालना लोगों की समझ से परे है।

जिस जोड़ा तालाब में गहरीकरण का कार्य कराया जा रहा है, उसके नीचे वर्षों से कोयले की अंडरग्राउंड खदान संचालित रही है। खदानों के कारण तालाब का पानी लगातार रिसता रहता है और जलस्तर स्थायी नहीं रह पाता। नगर परिषद के ट्रैक्टर, कर्मचारी और अन्य संसाधन इस कार्य में लगाए गए हैं। जिन ट्रैक्टरों को गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति के लिए लगाया जाना चाहिए था, वे तालाब से मलबा ढोने में लगे दिखाई दे रहे हैं। जबकि कई वार्डों में लोग पानी की समस्या से परेशान हैं।

नागरिकों का आरोप है कि जनता के टैक्स के पैसे और शासन के बजट का उपयोग प्राथमिक सुविधाओं पर करने के बजाय ऐसे कार्यों में किया जा रहा है जिनकी उपयोगिता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।

नेशनल हाइवे में तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार को मारी जोरदार टक्कर, घटनास्थल पर युवक की हुई मौत


शहडोल

जिले में एक बार फिर तेज रफ्तार ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। अमलाई थाना क्षेत्र के बटुरा हाईवे पर तेज गति से दौड़ रही कार ने बाइक सवार युवक को ऐसी टक्कर मारी कि उसकी मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते लोगों की भारी भीड़ घटनास्थल पर जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी।


पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार दुर्घटना शहडोल-अनूपपुर हाईवे पर स्थित एक पेट्रोल पंप के पास हुई। बताया जा रहा है कि तेज गति से आ रही एक कार और बाइक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया।


मृतक की पहचान महेंद्र कोल के रूप में हुई है, जो बुढार क्षेत्र के भुतही मोहल्ला का निवासी था। हादसे की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और परिचित भी मौके पर पहुंच गए। युवक की असमय मौत से परिवार में शोक का माहौल है।


घटना के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और शव को अपने कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।


अमलाई थाना प्रभारी भूपेंद्र मणि पांडे का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। मामले में मर्ग कायम कर लिया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है।


गौरतलब है कि इसी हाईवे पर हाल ही में दो दिनों पहले एक ट्रेलर की टक्कर से बाइक सवार परिवार हादसे का शिकार हुआ था, जिसमें एक बुजुर्ग महिला की मौत हो गई थी जबकि अन्य सदस्य घायल हुए थे। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं ने हाईवे सुरक्षा व्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों पर नियंत्रण को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस ने वाहन चालकों से सावधानीपूर्वक और निर्धारित गति सीमा में वाहन चलाने की अपील की है।

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