वेंटिलेटर पर एम्बुलेंस, धक्का प्लेट स्वास्थ्य व्यवस्था, मरीज की जान बचाने परिजन लगा रहे हैं धक्का

*कबाड़ गाड़ियों से मरीजो को जीवनदान देने का सपना अधूरा*


इंट्रो -अनूपपुर की सड़कों पर दौड़ती एंबुलेंस का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जिसने जिला स्वास्थ्य विभाग के दावों की धज्जियाँ उड़ा दी हैं। वीडियो में सायरन की गूँज नहीं, बल्कि लाचार परिजनों के कराहने और गाड़ी को धक्का मारने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए पूछ रहे हैं कि क्या डिजिटल इंडिया में अब मरीजों की जान बचाने के लिए धक्का मार तकनीक ही आखिरी विकल्प बची है? यह वीडियो न केवल विभाग की किरकिरी करा रहा है, बल्कि सिस्टम के गाल पर एक जोरदार तमाचा भी है।

अनूपपुर

जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था अब भगवान भरोसे नहीं बल्कि जनता के धक्कों के भरोसे चल रही है। जिले में आपातकालीन सेवा की 108 एंबुलेंस खुद आपातकाल के दौर से गुजर रही है। जिस जीवनदायिनी गाड़ी को सायरन बजाते हुए सड़कों पर रफ्तार भरनी चाहिए थी वह अब धक्का स्टार्ट तकनीक के भरोसे खड़ी है। ऐसा लगता है कि प्रशासन ने मरीजों को अस्पताल पहुँचाने के लिए वाहनों के रखरखाव के बजाय राहगीरों और परिजनों की शारीरिक शक्ति पर निर्भर रहने का नया और शर्मनाक मानक तय कर लिया है।

मेडिकल साइंस में गोल्डन ऑवर यानी वह शुरुआती घंटा जिसमें मरीज की जान बचाई जा सकती है अनूपपुर में एंबुलेंस को स्टार्ट करने की मशक्कत में ही बर्बाद हो रहा है। ताज़ा हालातों ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर एंबुलेंस के मेंटेनेंस का बजट किसकी फाइलों में दबा है? जब गाड़ी खुद वेंटिलेटर पर हो, तो वह किसी मरणासन्न मरीज के लिए संजीवनी कैसे साबित हो सकती है। सड़कों पर दम तोड़ती ये गाड़ियाँ किसी भी वक्त किसी बड़े हादसे या असमय मौत का कारण बन सकती हैं, जिसका जवाबदेह कोई नहीं है।

सड़कों पर दिखने वाले ये दृश्य दिल दहला देने वाले हैं जहाँ एक बदहवास परिजन अपने मरीज की फिक्र छोड़कर गाड़ी को धक्का लगाता नजर आता है। अस्पताल पहुँचने की जल्दी और गाड़ी के स्टार्ट न होने का डर, परिजनों को मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ रहा है। विडंबना देखिए कि जिस व्यवस्था को जनता को राहत देनी थी, वही व्यवस्था आज जनता के कंधों पर बोझ बन गई है। प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी और इस कबाड़ हो चुकी सेवा का निरंतर संचालन स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता को उजागर करता है।

अस्पताल में बड़ी लापरवाही, प्रसव के दौरान नीचे गिरी महिला, नवजात की हुई मौत, प्रबंधन पर उठे सवाल


शहडोल 

जिले में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार जयसिंहनगर क्षेत्र के ग्राम सेमरा निवासी उमा साकेत को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के दौरान अचानक वह नवजात शिशु सहित लेबर टेबल से नीचे गिर गईं। इस हादसे में नवजात की मौत हो गई, जबकि प्रसूता को भी अंदरूनी चोटें आई हैं। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़िता के पति मुकेश साकेत का आरोप है कि प्रसव के दौरान लेबर रूम में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि प्रसव के समय अचानक लेबर टेबल टूट गया, जिससे उमा साकेत और नवजात नीचे गिर गए। परिजनों का यह भी कहना है कि घटना के बाद अस्पताल स्टाफ ने उन्हें काफी देर तक प्रसूता से मिलने नहीं दिया। बाद में उमा साकेत को अचेत अवस्था में बाहर लाया गया और बताया गया कि मृत शिशु का जन्म हुआ है।

वहीं वर्तमान में पीएनसी वार्ड में भर्ती उमा साकेत ने भी बताया कि प्रसव के दौरान टेबल टूटने से वह नीचे गिर गई थीं। हालांकि उन्हें गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन गिरने से उनकी हालत बिगड़ गई थी। अस्पताल सूत्रों के अनुसार भी लेबर टेबल के क्षतिग्रस्त होने के कारण यह हादसा हुआ, जिससे प्रसूता और नवजात दोनों नीचे गिर पड़े।

हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में लापरवाही से इनकार किया है। सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ का कहना है कि उन्होंने स्वयं लेबर रूम का निरीक्षण किया है और टेबल टूटने जैसी कोई तकनीकी खराबी नहीं पाई गई। उनके अनुसार महिला का वजन अधिक होने के कारण प्रसव के दौरान संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गईं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गर्भ में बच्चा आड़ा फंसा हुआ था, जो नवजात की मौत का कारण हो सकता है। 

पिता ने पुत्र की प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर की आत्महत्या, आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर 

जिले के फुनगा क्षेत्र में पुत्र की प्रताड़ना से परेशान पिता शिव प्रसाद चौधरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आरोपी पुत्र 30 वर्षीय पुष्पेंद्र चौधरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां से जेल भेज दिया है।

पुलिस चौकी प्रभारी सोने सिंह परस्ते ने बताया कि आरोपी पुष्पेंद्र चौधरी का अपने पिता के साथ शुरुआत से ही संबंध ठीक नहीं था। पुत्र शराब पीकर अक्सर अपनी मांगों को लेकर गाली-गलौज और मारपीट करता था। पिता और पुत्र अलग-अलग रहते थे, फिर भी वह पिता से विवाद करता था। दो दिन पहले आरोपी पुष्पेंद्र मनेंद्रगढ़ से, जहां वह मजदूरी करता था, अपने परिवार के साथ घर आया था। उसकी पत्नी ने त्योहारों के दौरान भी पिता-पुत्र के बीच विवाद की आशंका जताते हुए घर आने से मना किया था, लेकिन आरोपी ने उसकी पिटाई कर दी और सपरिवार घर आ गया। 

घर आने के बाद शाम को ही पुष्पेंद्र घर के बाहर डंडा लेकर पिता के आने का इंतजार करने लगा। रात में उसने पिता से विवाद किया और उनकी पिटाई कर दी। मां, बहन और छोटे भाई ने बीच-बचाव कर पिता को पड़ोसी के घर पहुंचाया। जब घर में सभी सो गए, तो पिता शिव प्रसाद ने घर के बाहर एक पेड़ पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की। जांच के बाद बेटे पर प्रताड़ना का मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, पुत्र द्वारा लगातार गाली-गलौज और मारपीट से पिता परेशान थे। आरोपी को जेल भेज दिया गया।

ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार को मारी टक्कर, युवक की हुई मौत, गुस्साये परिजनों ने लगाया जाम


शहडोल

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जिसके बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने जयसिंहनगर–अमझोर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक शव सड़क पर ही रखा रहा और परिजन ट्रक मालिक को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के अमझोर मार्ग स्थित रामसोहरा तिराहे के पास हुआ। मृतक की पहचान श्रवण साहू (30) निवासी गांधिया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि श्रवण साहू अपनी बाइक से जयसिंहनगर बाजार की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे बोर लदे ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ट्रक के नीचे आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना को देख आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक का पीछा कर कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने ट्रक को जप्त कर थाने में खड़ा करा दिया है, वहीं चालक को भी हिरासत में ले लिया गया है।

इधर घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। युवक की मौत से गुस्साए लोगों ने जयसिंहनगर–अमझोर मार्ग पर चक्का जाम लगा दिया, जिससे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। परिजनों का कहना है कि जब तक ट्रक मालिक को मौके पर नहीं बुलाया जाएगा और उचित कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे जाम नहीं हटाएंगे। घटना स्थल पर करीब एक घंटे तक शव सड़क पर ही रखा रहा। स्थिति को संभालने के लिए थाना प्रभारी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों को समझाया गया। 

बद से बदतर अस्पताल, घायल मरीज को नही मिली बेड,  जंग लगे स्ट्रेचर पर दी जा रही है ऑक्सीजन

*नर्क' जैसी व्यवस्था जानवरों से बदतर है इंसानों की कीमत*


अनूपपुर

स्वास्थ्य विभाग की 'हाईटेक' स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती एक तस्वीर इन दिनों अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम से सामने आई है, जो सूबे के मुखिया और स्वास्थ्य मंत्री के दावों को सरेआम झुठलाकर खोखला साबित कर रही है। अनूपपुर सीएमएचओ की नाक के नीचे चल रहे इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को इलाज के नाम पर जो 'नरक' दिया जा रहा है, उसे देखकर किसी भी संवेदनशील इंसान की रूह कांप जाए।

तस्वीर में साफ दिख रहा है कि एक घायल व्यक्ति, जिसकी जान हलक में अटकी है, उसे अस्पताल के किसी साफ-सुथरे बेड पर होना चाहिए था। लेकिन अनूपपुर स्वास्थ्य विभाग की 'महान' व्यवस्था ने उसे एक पुराने, जंग लगे और गंदगी से पटे स्ट्रेचर पर लिटाकर ऑक्सीजन लगा दी है।

जंग लगा स्ट्रेचर: जिस लोहे पर मरीज लेटा है, वह संक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र है। क्या सीएमएचओ साहब बताएंगे कि मरीज को बचाने का प्रयास हो रहा है या उसे मौत के मुंह मे धकेला जा रहा है। दीवारों पर जमी कालिख, लटकते तार और बिना चादर का वह ठिठुरता लोहे का स्ट्रेचर—क्या यही है, मध्यप्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग का सुशासन।

जो बजट आया कहाँ गया, अस्पताल के रखरखाव और बेड के नाम पर आने वाला सरकारी पैसा किस अधिकारी की तिजोरी की शोभा बढ़ा रहा है। इमरजेंसी बेड का बोर्ड मजाक क्यों उड़ाया जा रहा है, जब मरीज के सिरहाने 'Emergency Bed' का बोर्ड लगा है, तो उसे बेड क्यों नहीं मिला, क्या बेड रसूखदारों, वीआईपी के लिए रिजर्व रखे गए हैं। नो वीडियो का बोर्ड किसके लिए लगाया गया हैं, अस्पताल की दीवारों पर 'मोबाइल मना है' का बोर्ड इसलिए लगाया गया है ताकि जनता आपकी इस 'बदहाली' को दुनिया को न दिखा सके।

जिले के राजेंद्र ग्राम की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रही है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या अनूपपुर जिले के गरीब आदिवासियों और आम नागरिकों की जान इतनी सस्ती है? एक्सीडेंट के बाद दर्द से कराहते मरीज को एक साफ बेड तक न दे पाना जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की घोर विफलता है।

इनका कहना है।

मरीज को रेफर करते समय स्ट्रैचर पर रखकर ही एम्बुलेंस तक पहुँचाया जाता है, इसमे गलत क्या है, उसी समय किसी ने फ़ोटो ले ली है।

*डॉ. आर के बर्मा बीएमओ पुष्पराजगढ़*

सिर्फ महीने में उगाही के लिए आयोजित की जाती है समीक्षा बैठक, निगरानी और मॉनिटरिंग सिर्फ कागजों

*संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास कार्यालय बना शोपीस*


अनूपपुर

अनूपपुर-- शहडोल संभाग की नवगठित निकायों खासकर कोयलांचल क्षेत्र की निकायों का नगरीय निकाय के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली और अनदेखी की वजह से बुरा हाल है,शासन के विभिन्न योजनाओं के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी और मॉनिटरिंग सिर्फ कागजों में किए जाने से जमीनी स्तर पर विकास कार्यों का तेज गति से ना होना कहीं ना कहीं उच्च अधिकारियों की लापरवाही की ओर इंगित करता है, वैसे तो हर महीने समीक्षा बैठक संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एव विकास शहडोल में आयोजित की जाती है परंतु इस समीक्षा बैठक का क्या मतलब क्योंकि शासन की कई परियोजनाएं जो लंबित है वह आज भी वर्षों से लंबित ही हैं,उस पर कोई कार्यवाही नहीं होती और ना ही कोई निर्णय लिया जाता है,आखिर ऐसे में कैसे राज्य सरकार और केंद्र सरकार के द्वारा जन कल्याणकारी  कार्य जो जमीनी स्तर पर जन हितैषी कराए जाने वाले कार्य हैं वह पूर्ण करने का सपना साकार हो पाएगा?

 अनूपपुर जिले के नवगठित निकाय नगर परिषद डूमरकछार के अध्यक्ष एवं जिला योजना समिति के सदस्य डॉ. सुनील कुमार चौरसिया ने  खुलासा करते हुए बताया कि जेडी कार्यालय के द्वारा सिर्फ खाना पूर्ति के समीक्षा बैठक की जाती है,यदि समीक्षा बैठक वास्तव में शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने और जनता को लाभ दिलाने के लिए की जाती तो कहीं ना कहीं इसका लाभ जमीनी स्तर पर नागरिकों को मिलता उदाहरण स्वरूप नगर परिषद डूमरकछार सहित संभाग की कई निकायों में शासन की जनहितैषी योजनाएं जो जेडी कार्यालय के नाकामयाबी की वजह से वर्षों से लंबित है,जिसका सीधा-सीधा असर जनता को मिलने वाले लाभ से है,जेडी कार्यालय का यह कृत्य कहीं ना कहीं निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की छवि खराब करने की ओर भी इंगित करता है श्री चौरसिया ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह मासिक समीक्षा बैठक मात्र लिफाफों के लेनदेन के लिए आयोजित की जाती है, और बैठक के नाम पर अधिकारियों की निकाय से गायब रखने की योजना रहती है,बैठक के नाम पर अधिकारी एक दिन पहले और बैठक के एक दिन बाद लगातार लगभग तीन दिन तक निकायों से गायब रहते हैं जिससे निकाय के जनहितैषी कार्य प्रभावित होते हैं,यदि वास्तव में यह मासिक समीक्षा बैठक सरकार के कामों को जमीन तक उतारने के लिए की जाती तो निकायों में वर्षों से लंबित कार्य आज भी लंबित न रहते।

निर्माण कार्यों में विलंब एवं शासन- प्रशासन के द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों से निर्वाचित  जनप्रतिनिधियां से ना ही कोई राय ली जाती है और ना ही कार्यों को जमीन पर उतारने के लिए कोई सकारात्मक पहल की जाती है,यहां तक की शासन के द्वारा आए पत्रों को स्थानीय सीएमओ कचरे के डब्बे में डाल देते हैं,और गलत रिपोर्ट डालकर उन पत्रों का जवाब दे दिया जाता है, जेडी कार्यालय में बैठे जेडी भी अपनी आंख बंद किए रहते हैं,आखिर आंख भी बंद क्यों ना हो,महीने में समीक्षा तो हो ही जा रही है और समीक्षा के बाद जो परिणाम सामने आ रहे हैं वह भी साहब की जेब गर्म करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

इतना ही नहीं इन मासिक समीक्षा बैठकों के जो बैठकें होती हैं इस बैठक में स्वल्पाहार या अन्य प्रकार के खर्च भी किसी ना किसी निकाय से ही वसूल किए जाते हैं यह कैसी समीक्षा बैठक। विश्वसनीय सूत्रों की माने तो जिन समीक्षा बैठकों का व्यय जेडी कार्यालय के द्वारा निकाय से लिया जाता है वह भी ऑन रिकॉर्ड वही व्यय इनके ऑफिस से भी भुगतान कराया जाता है आखिर एक ही बैठक का दो भुगतान कैसे।

इनका कहना है

समीक्षा बैठक प्रतिमाह संभागीय संयुक्त संचालक के द्वारा आयोजित की जाती है,तब भी शासन की ऐसी कई योजनाएं हैं जो जमीनीर स्तर पर अब तक शुरू हो जानी चाहिए थी या पूर्ण हो जानी चाहिए थी,शासन की योजनाओं से मिली राशि का सदुपयोग हो जाना चाहिए था परंतु ऐसा ना करके सिर्फ कागजी खाना पूर्ति अपने निजी स्वार्थ के लिए समीक्षा बैठक में की जाती है।

*डॉ. सुनील कुमार चौरसिया अध्यक्ष नगर परिषद डूमरकछार व सदस्य जिला योजना समिति अनूपपुर*

हाथी देखने गए युवक को हाथी ने दौड़ाया गिरने से हुआ घायल, अस्पताल में भर्ती


अनूपपुर

जिले के कोतमा तहसील, वन परिक्षेत्र के चुकान गांव के जंगल में गांव की कुछ लोगों के साथ एक युवक हाथी देखने गया जो वीडियो बना रहा था, इसी दौरान हाथी के चिघाडं कर दौड़ाने से दौड़ने दौरान गिरने से घायल होने पर युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में उपचार हेतु भर्ती कराया गया है, वही वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंचकर हाथी के विचरण पर निगरानी रखते हुए ग्रामीणों को सचेत एवं सतर्क रहने की अपील की अपील की है।

बीट चुकान अंतर्गत वन कक्ष क्रमांक पीएफ 471 में एक जंगली हाथी के विचरण की सूचना ग्रामीणों को प्राप्त हुई। इस दौरान ग्राम चुकान बाकी बांध के पास सायं जंगली हाथी द्वारा आसपास उपस्थित ग्रामीणों को दौड़ाया गया। इस दौरान ग्राम चुकान निवासी दारा सिंह पिता राम सिंह पोर्ते उम्र 21 वर्ष वार्ड नंबर 13 ग्राम चुकान ग्राम पंचायत चुकान थाना भालूमाड़ा तहसील कोतमा निवासी हाथी के द्वारा दौड़ाये जाने पर घायल हो गया, दारा सिंह के पैर हाथ चेहरे चोट आई है। जिन्हें उपचार हेतु तत्काल मौके से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा लाकर भर्ती कराया गया, जिनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों द्वारा वर्तमान में उनकी स्थिति स्वस्थ बताई गई। दारा सिंह पॉलिटेक्निक कॉलेज शहडोल में प्रथम वर्ष के छात्र हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में परिक्षेत्र सहायक लतार अभिलाष सोनी एवं बीटगार्ड लतार अवध नरेश शुक्ला मौके पर पहुंचे घायल व्यक्ति को देखें तथा तात्कालिक सहायता राशि प्रदान किया गया घायल व्यक्ति का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में जारी है।


 OPEN INTERVIEW, TEACHERS & STAFF REQUIRED


MAHARSHI ANGLO GERMAN HIGHER SECONDARY SCHOOL

ANUPPUR (M.P.)

Session 2026-27.

➤ OPEN INTERVIEW

Sunday, 8th March 2026. 9:00 Α.ΜM. to 4:00P.M. At School Campus.

A Green & Peaceful Campus and Surrounding. Located Near Govt. Polytechnic College, Anuppur.

TEACHERS & STAFF REQUIRED

◆ PGT - All Streams for School.

◆TGT - All Subjects for Imparting Quality Education.

◆ PRT - All Subjects with Applying Modern Technology.

Nursery Teachers

Activity-Based Teaching for Tiny Tots.

Well-Versed with Stress-Free & Learning-by-Playing Methods.

Note - Salary is no bar for Deserving Candidates.

Contact: 9131029078 | 8839676117.


होली की दिन पुरानी रंजिश में 3 लोगो को मारा चाकू, मामला हुआ दर्ज, आरोपी फरार


शहडोल 

जिले में रंगों की होली के बीच खून की होली खेलने से सनसनी मच गई। बुढार में होली का त्योहार उस वक्त खौफ में बदल गया, जब रंगों के बीच अचानक चाकू चल गए। पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद में एक युवक को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा। परिजनों ने पुलिस पर पहले से सूचना देने के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। 

आरोप है कि अन्नू दास बैरागी ने रोहित लोधी, विक्की लोधी, अट्टू लोधी और छोटू लोधी पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में रोहित लोधी के गले और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के बाद रोहित के भाई रवि लोधी ने बुढार पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 

उनका कहना है कि एक दिन पहले ही आरोपी उसे धमकी दे रहा था, जिसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो यह खूनी वारदात टल सकती थी। इधर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। क्षेत्र में बढ़ती धनपुरी एसडीओपी विकास पाण्डेय से जब इस घटना के संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने इस घटना से खुद को अंजान बताते हुए पल्ला झाड़ लिया।

तेज रफ्तार टेलर ने स्कूटी सवार मारी टक्कर, एसईसीएल कर्मचारी की मौके पर हुई मौत


शहडोल 

जिले के बुढार नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने स्कूटी सवार एसईसीएल कर्मचारी को कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई और देखते ही देखते खुशियों का त्योहार मातम में बदल गया।

अनूपपुर जिले के संजयनगर निवासी एसईसीएल कर्मचारी राजेंद्र प्रसाद दुबे अपने निर्माणाधीन मकान का जायजा लेने स्कूटी से शहडोल जा रहे थे। जैसे ही वे बुढार स्थित नेशनल हाईवे पर टाटा मोटर्स के पास पहुंचे थे, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था। हादसे के बाद ट्रेलर मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने वाहन को जब्त कर अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं।

इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन ली। होली के त्यौहार में हुए इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और लापरवाह ड्राइविंग पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि टाटा मोटर्स की ओर जा रहे ट्रेलर से स्कूटी सवार की टक्कर हुई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। मामले में कार्रवाई की जा रही है।

रेत के अवैध खनन मामला, ट्रैक्टर पलटने से चालक की हुई मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस को खदेड़ा


शहडोल

शहडोल। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर अवैध रेत खनन को लेकर कार्रवाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बरना नदी में रेत से भरा ट्रैक्टर पलटने से 25 वर्षीय चालक सोनू चक्रवाह की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस को मौके से खदेड़ दिया। पुलिसकर्मी वाहन छोड़कर भाग निकले, जबकि ग्राम रक्षा समिति के एक सदस्य को ग्रामीणों ने पकड़कर छत्तीसगढ़ पुलिस के हवाले कर दिया।

छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के केल्हारी थाना प्रभारी मनीष धुर्वे के अनुसार जैतपुर थाना क्षेत्र की चौकी दर्शिला पुलिस अवैध उत्खनन की सूचना पर बरना नदी पहुंची थी। नदी का एक हिस्सा मध्य प्रदेश के जैतपुर थाने और दूसरा छत्तीसगढ़ के केल्हारी थाने की सीमा में आता है। आरोप है कि छत्तीसगढ़ सीमा में मौजूद रेत से भरे ट्रैक्टर को मध्य प्रदेश पुलिस अपने राज्य ले जाने लगी। चालक सोनू चक्रवाह ने इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने लाठी-डंडों से मारपीट की। इसी दौरान वह ट्रैक्टर लेकर भागने लगा, लेकिन अनियंत्रित होकर वाहन पलट गया और उसकी मौत हो गई।

हादसे के बाद नदी में मौजूद अन्य ग्रामीण एकत्र हो गए और मध्य प्रदेश पुलिस को खदेड़ दिया। पुलिस का वाहन मौके पर ही छूट गया। ग्रामीणों ने ग्राम रक्षा समिति के सदस्य मधुर जैसवाल को पकड़ लिया और केल्हारी पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी मनीष धुर्वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सदस्य को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

OPEN INTERVIEW, TEACHERS & STAFF REQUIRED


MAHARSHI ANGLO GERMAN HIGHER SECONDARY SCHOOL

ANUPPUR (M.P.)

Session 2026-27.

➤ OPEN INTERVIEW

Sunday, 8th March 2026. 9:00 Α.ΜM. to 4:00P.M. At School Campus.

A Green & Peaceful Campus and Surrounding. Located Near Govt. Polytechnic College, Anuppur.

TEACHERS & STAFF REQUIRED

◆ PGT - All Streams for School.

◆TGT - All Subjects for Imparting Quality Education.

◆ PRT - All Subjects with Applying Modern Technology.

Nursery Teachers

Activity-Based Teaching for Tiny Tots.

Well-Versed with Stress-Free & Learning-by-Playing Methods.

Note - Salary is no bar for Deserving Candidates.

Contact: 9131029078 | 8839676117.


पुलिस आरक्षक पर धक्का मुक्की कर किया हमला, फाड़ी वर्दी, मामला दर्ज, आरोपी फरार


उमरिया

जिला मुख्यालय में ड्यूटी से लौट रहे एक पुलिस आरक्षक पर हमला कर दिया गया। एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति को बचाने के प्रयास में कांस्टेबल मुकेश सिंह से मारपीट की गई और उनकी वर्दी फाड़ दी गई। पुलिस ने आरोपी विमल लाड़िया के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा समेत कई धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है।

इस घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। जानकारी के अनुसार, आरक्षक मुकेश सिंह अपनी ड्यूटी पूरी करने के बाद घर लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने देखा कि कुछ लोग एक मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति के साथ मारपीट कर रहे हैं। मानवीयता दिखाते हुए आरक्षक मुकेश सिंह ने बीच-बचाव कर उस व्यक्ति को बचाने का प्रयास किया, लेकिन यह उन्हें ही महंगा पड़ गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब आरक्षक मुकेश सिंह ने आरोपियों को रोकने की कोशिश की तो वे उनसे ही उलझ गए। मुख्य आरोपी, जिसकी पहचान विमल लाड़िया के रूप में हुई है, ने आरक्षक पर हमला कर दिया। दोनों के बीच हुई धक्का-मुक्की में आरोपी ने आरक्षक की वर्दी फाड़ दी। घटना के दौरान मौके पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही तत्काल पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रण में लिया। घायल आरक्षक मुकेश सिंह ने थाने पहुंचकर आरोपी विमल लाड़िया के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने, मारपीट करने और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश के लिए टीमें गठित कर दी गई हैं और उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी।

आरकेटीसी कंपनी का एक और कारनामा, कबाड़ की चोरी में हाथ हुए काले, पुलिस ने कबाड़ किया जप्त

*आरकेटीसी के दलाल राज, राकेश, अभिषेक, देवी, नरेंद्र व रमन्ना का काला खेल*


शहडोल

जिले के धनपुरी एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत अमलाई ओसीएम में ओबी उत्खनन का कार्य कर रही निजी कंपनी आरकेटीसी का और कारनामा सामने आया है, जिससे एसईसीएल प्रबंधन के जिम्मेदार भी शर्मसार हो जाएंगे। अमलाई ओसीएम अंतर्गत मैगजीन वॉच टावर पीछे वाली सड़क से कबाड़ की बड़ी मात्रा पकड़ी गई, पुलिस अनुसंधानों से मिली जानकारी के अनुसार लगभग 10 क्विंटल कबाड़ RKTC के तथाकथित कर्मीचारियों और मातहतों मनोज महोबिया और श्रीकांत दहिया के संरक्षण में चोरी छुपे गाड़ी क्रमांक K 30 में जिसका चालक सुभाष बर्मन था, उसकी गाड़ी में अवैध कबाड़ लोड करवाया गया और उसे कहा गया की इसे पीछे पुलिया के पास मैगजीन रोड में डंप कर देना बाकी वहां से स्थानीय कबाड़ियों के गुर्गे उक्त माल को गायब कर देंगे, इसकी गुप्त जानकारी जब पुलिस प्रशासन धनपुरी को हुई तब थाना धनपुरी से उपनिरीक्षक नागेन्द्र प्रताप सिंह सहायक उपनिरीक्षक विनोद तिवारी जब मौके पर पहुंचे तो उन्होंने देखा की कबाड़ की एक वृहद मात्रा मैगजीन रोड पर अपने आकाओं का इंतजार कर रही है। जानकारी लगते ही वहां आरकेटीसी प्रबंधन के कुछ कर्मी भी पहुंचे जहां पर उन्होंने उक्त कबाड़ को देखा और RKTC के ही कई कर्मियों ने स्थानीय पुलिस के सामने मनोज महोबिया और श्रीकांत दहिया का नाम लिया, जिससे यह बात स्पष्ट हो जाती है की उक्त पुलिस द्वारा जप्त कबाड़ RKTC के मातहतों और करीबियों द्वारा ही संबंधित स्थल तक पहुंचवाया गया 

धनपुरी पुलिस ने कबाड़ को अपनी अभिरक्षा में लेकर विवेचना शुरू कर दी है उन्होंने कहा की इसमें कंपनी के कर्मियों का नाम सामने आया है, अगर जांच उपरांत यह पाया गया की इसमें कंपनी के कर्मियों का हाथ हैं तो विधि अनुरूप कर्मियों और RKTC प्रबंधन पर भी कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी 

अमलाई ओपन कास्ट माइंस अंतर्गत ओबी उत्खनन हेतु कार्यरत निजी कंपनी लगातार सुर्खियों में हैं और सुर्खियां भी सिर्फ नकारात्मक पहले क्षेत्र के कुछ दलालों के हाथ में नियम के विपरीत जाकर लाइजनिंग का कार्य तिवारी बंधुओं को सौंपना डॉ. राज और राकेश की युगल जोड़ी लगातार कोल इंडिया के नियमो के साथ साथ रेड्डी और शिवदत्त के संरक्षण में श्रम कानूनों का घोर उल्लंघन कर रही है, साथ ही कर्मियों का शोषण भी कर रही है, कंपनी में डॉ. राज, राकेश अभिषेक, देवी, नरेंद्र और रमन्ना के गठजोड़ से लगातार अनियमितताएं पनपती जा रही है जो की एसईसीएल प्रबंधन सोहागपुर क्षेत्र के लिए एक काला अध्याय है, आए दिन कोई ना कोई लापरवाही मजदूरों का शोषण कोल इंडिया द्वारा सुनिश्चित किए गए नियमों का उल्लंघन SOP का उल्लंघन डीजीएमस के सुरक्षा नियमो की धज्जियां उड़ाना मजदूरों की गाढ़ी कमाई पर दलालों का डाका आम बात हो कर रह चुकी है, अगर समय रहते आरकेटीसी की अनियमित और स्वयंभू कार्यशैली पर एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र अंकुश नहीं लगाती तो आने वाले समय में पूर्व में हुई कुशवाहा नामक श्रमिक की मौत से भी ज्यादा बड़े हादसे अमलाई ओपन कास्ट माइंस क्षेत्र अंतर्गत होने की प्रबल संभावना नजर आती हुई दिखाई दे रही है।

शातिर गांजा तस्कर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 1.235 किलो गांजा सहित बाइक जप्त 


अनूपपुर

जिले की बिजुरी पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थ गांजा तस्कर को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। धनिया ठेला तिराहा में वाहन चेकिंग के दौरान बेलिया छोट तरफ से एक बिना नंबर की होण्डा कंपनी की एसपी 125 ब्लेक ग्रीन कलर की मोटर साइकल का चालक की  संदिग्ध गतिविधि से उसके अवैध कार्य में संलिप्तता की शंका हुई, जो मौके पर  उसके मोटर सायकल की डिक्की (झोला) चेकिंग के दौरान उसमें एक सफेद लाल रंग का नंदी लिखा हुआ झोला मिला, जिसे डिक्की से वाहर निकलवाकर चेक किया तो झोला के अन्दर में हरी सुखी पत्तियां , डंठल बीज युक्त जैसा मादक पदार्थ गांजा दिखाई दिया जिसका अवैध क़ब्ज़ा संज्ञेय अपराध है ।

आरोपी चालक का नाम पता पूछने पर अपना नाम अविनाश गुप्ता पिता स्व. राकेश गुप्ता उम्र 23 वर्ष निवासी पत्थर्रा थाना पेंड्रा जिला जीपीएम छ.ग. का होना बताया। अवैध मादक पदार्थ गांजा का बरामदगी पंचनामा तैयार किया गया। आरोपी के कब्जे से बरामद गांजा वजन करने पर 1.235 किलो होना पाया गया जो आरोपी का कृत्य अपराध धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट का कारित करना पाये जाने से अपराध सदर कायम कर अनुसंधान में लिया गया।

उल्लेखनीय है कि आरोपी गांजा तस्कर के विरूद्ध अपरहण,बलात्कार, हत्या के प्रयास और गांजा तस्करीजैसे गंभीर मामलो के 04 प्रकरण पूर्व से पंजीबध होना पाया गया है। मादक पदार्थ गांजा कुल वजन 1 किलो 235 ग्राम कीमती 12000 रुपये तथा बिना नंबर की होण्डा कंपनी की ब्लैक ग्रीन एसपी 125 मोटर सायकल कीमती 50000 रुपये एवं एक आसमानी कलर का एंड्रायड मोबाईल फोन वीवो कंपनी का कीमती 5000 रुपये, कुल 67000 रुपये का मशरुका जप्त किया गया।

धोखाधड़ी करने वालें 03 आरोपी व विक्षिप्त युवती के साथ दुष्कर्म का 01 आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

जिले के कोतमा पुलिस द्वारा बैंक खातों का लेन देन में उपयोग कर धोखाधड़ी करने वालें एक बड़े गिरोंह का पर्दाफाश करते हुए  तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आवेदक दीपक केवट पिता गनपत केवट निवासी ग्राम पडोर, लतार थाना भालूमाड़ा द्वारा थाना कोतमा में सरकारी योजना का लाभ दिलाने के नाम पर पासबुक , एटीएम रख लेने कमीशन की मांग करने व खाता का गलत इस्तेमाल कर धोखाधडी करने के संबंध में एक आवेदन पेश किया ।जिस पर थाना प्रभारी कोतमा निरी. रत्नाम्बर शुक्ल द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए पांच आरोपी शैलेन्द्र पांडेय  निवासी बदरा , बादल सोनी , विजय कश्यप टिंकल जिवनानी,आशीष सोनी निवासी गण कोतमा के विरूध्द धारा 318(4),3(5) बीएनएस का पंजीबध्द कर विवेचना में लिया गया ।दौरान विवेचना आरोपीगण बादल सोनी पिता सुधीर सोनी , टिंकल जिवनानी , आशीष सोनी तीनों निवासी कोतमा  को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय प्रस्तुत किया गया । अन्य की सरगर्मी तलाश जारी है गिरफ्तार शुदा आरोपियों से पूछतांछ पर इनके कब्जे से 19 नग एटीएम कार्ड सभी बैंक आंफ महाराष्ट एवं 03 नग मोबाईल एवं सिम कार्ड जप्त किया गया है ।सारे खातें बैंक आंफ महाराष्ट के हैं। इसमें  बैंक कर्मचारियों तथाअन्य आरोपियों की भी संलिप्ता की जांच की जा रही है । पूछतांछ के दौरान आरोपियों से यह भी पता चला की यह सभी खाते ग्राम बिजौड़ी के एक कियोस्क सेन्टर से बैंक आंफ महाराष्ट के  सारे खाते खुलवातें थे वहा से दस्तावेज ले जाकर बैंक आंफ महाराष्ट के एटीएम , पासबुक इकट्ठा कर मोबाईल सिम भी पृथक से खाताधारको से इश्यु करते थे एवं इन सभी दस्तावेजों का उपयोग अवैध पेसों के लेन देन संबंधी धोखाधड़ी में करते थे । 

*विक्षिप्त युवती के साथ दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार*

अनूपपुर जिले में फरियादिया निवासी ग्राम थाना जैतहरी, जिला अनूपपुर अपनी पुत्री एवं पति के साथ थाना उपस्थित होकर आवेदन प्रस्तुत कर रिपोर्ट किया कि ग्राम बीड निवासी वीर सिंह गोंड द्वारा उनकी मानसिक रूप से विक्षिप्त पुत्री के साथ गलत कार्य (दुष्कर्म) किया गया है।

फरियादिया के आवेदन पर थाना जैतहरी में अपराध धारा 64(2)(i), 64(2)(k) बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया l मामले की गंभीरता के देखते हुए श्रीमान पुलिस अधीक्षक महोदय अनूपपुर मोती उर रहमान द्वारा तत्काल कार्यवाही हेतु निर्देश पर फरार आरोपी वीरसिंह गोंड  पिता धनराज सिंह उम्र 32 वर्ष  निवासी ग्राम बीड की पता-तलाश कर 48घंटे के भीतर विधिवत गिरफ्तार किया गया। आरोपी को दिनांक 28.02.2026 को माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से जेल वारंट प्राप्त होने पर जिला जेल दाखिल कराया गया।

अज्ञात लोगो ने वृद्ध भिखारी की निर्मम हत्या, पुलिस जांच में जुटी, ,पुलिस की गश्त पर सवाल


शहडोल

जिला मुख्यालय पुरानी बस्ती स्थित नूरी मस्जिद और मजार के पास रेलवे लोको कॉलोनी के एक मकान में रहने वाले लगभग 60 से 70 वर्ष के वृद्ध, जिन्हें मोहल्ले के लोग प्यार से “दद्दा” और “बाबा फ़क़ीर” कहकर पुकारते थे, संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है और पुलिस गश्त की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

बताया जाता है कि बाबा फ़क़ीर वर्षों पहले भीख मांगकर अपना जीवन यापन करते थे। उम्र बढ़ने और शरीर के जवाब देने के बाद मोहल्ले के लोगों ने मानवता की मिसाल पेश करते हुए उनकी जिम्मेदारी अपने ऊपर ले ली थी। किसी ने सुबह का नाश्ता तय कर लिया था, कोई दिन का भोजन पहुंचाता था, तो कोई रात का खाना देता था। कई लोग पैसे, कपड़े, जूते-चप्पल और दवाइयों की व्यवस्था कर उनकी सेवा करते थे। मोहल्ले के लोगों के अनुसार बाबा बेहद नेक और सरल स्वभाव के इंसान थे। उनके पास हर धर्म के लोग हिंदू और मुस्लिम आते थे और उनका आशीर्वाद लेते थे। लोगों का विश्वास था कि बाबा की दुआ से परेशानियां दूर हो जाती थीं।

सूत्रों के मुताबिक गुरुवार सुबह जब एक व्यक्ति रोज की तरह बाबा को नाश्ता देने पहुंचा तो मकान का दरवाजा खुला मिला। अंदर का दृश्य देखकर वह सन्न रह गया बाबा खून से लथपथ पड़े थे। सिर के पीछे और नाक पर किसी भारी वस्तु से वार किए जाने के निशान बताए जा रहे हैं।तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची, जांच-पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा।

मोहल्ले के लोगों ने आशंका जताई है कि कुछ नशेड़ी तत्व पहले भी बाबा को परेशान करते थे। उनका मानना है कि लाचार वृद्ध से पैसे छीनने की नीयत से यह वारदात अंजाम दी गई हो सकती है। हालांकि पुलिस ने अभी तक किसी भी संभावना से इनकार नहीं किया है और जांच जारी होने की बात कही है।

संविलियन भर्ती के नियुक्ति पत्र में जारी आदेशों में गड़बड़, अधिकारियों की मिलीभगत रजनीश की चांदी ही चांदी

*न्यायालय के आदेशों की गलत व्याख्या कर जनहित के मुद्दों से दूरी भ्रष्टाचार को दे रहे बढ़ावा*


अनूपपुर

नवगठित निकाय डूमरकछार में गलत तरीके से संविलियन भर्ती, परिवीक्षा अवधि समाप्त होने के उपरांत भी नियम विरुद्ध पदस्थापना,गलत तरीके से अपने पुत्र/पुत्री एवं सगे संबंधियों को नवगठित निकायों में संविलियन कराए जाने की जांच किये जाने की मांग निकाय अध्यक्ष सहित लगातार निकाय क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के द्वारा सक्षम अधिकारियों से की जा रही है,निकाय डूमरकछार में पदस्थ संविलियन कर्मचारी रजनीश प्रसाद शुक्ला के द्वारा संविलियनल भर्ती में गठित समिति में सदस्य के रूप में फर्जी आंकड़े प्रस्तुत कर संविलियन में जो फर्जीवाड़ा किया गया वह तो किया ही गया अब निकाय गठन के बाद से अब तक तक फर्जी प्रस्तावों एवं दस्तावेजों में हेराफेरी करके कुछ निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के रिश्तेदारों एवं फर्मों और अपने चहेतों के नाम पर नगर पालिका अधिनियम एवं लेखा वित्त नियम का उलंघन करते हुए लेखापाल के द्वारा लाखों की राशि फर्जी तरीके से समय-समय पर पदस्थ सीएमओ के माध्यम से गबन किया गया है,इसकी भी शिकायत उच्च अधिकारियों को की गयी है, परन्तु इस पूरे मामले की जांच आज दिनांक तक नहीं की गयी है।

ज्ञात हो कि नवगठित निकाय डूमरकछार में पंचायत कालीन कर्मचारियों को निकाय में संविलियन किए जाने हेतु जिला चयन समिति के द्वारा 06.02.2021 को नियत की गयी थी,जिला चयन समिति द्वारा ग्राम पंचायत कालीन कर्मचारियों को म.प्र. नगर पालिका सेवा (वेतन एवं भत्ता) नियम 1967 के नियम 8 के प्रावधान अंतर्गत संविलियन किये जाने का निर्णय लिया गया था,इस निर्णय में रजनीश प्रसाद शुक्ला (तात्कालिक सचिव,ग्राम पंचायत डूमरकछार) को राजस्व उपनिरीक्षक के पद पर संविलियन किया गया था,जारी आदेश के तहत संविलियन किये गये कर्मचारियों को 03 वर्ष की परिवीक्षा अवधि के लिए पदस्थ किया गया था, 03 वर्ष के दौरान रजनीश प्रसाद शुक्ला को एलएसजीडी डिप्लोमा प्राप्त करना अनिवार्य था, यदि डिप्लोमा प्राप्त नहीं करेंगे तो मूल पद पर वापस पदस्थ कर दिया जाएगा ऐसा इनके नियुकि आदेश में वर्णित है,इनके द्वारा परिवीक्षा अवधि के दौरान एलएसजीडी डिप्लोमा प्राप्त नही किया गया है,फिर भी इन्हें वापस ग्राम पंचायत सचिव के मूल पद पर आज दिनांक तक पदस्थ नही गया है,मूल पद पर इनकी वापसी की मांग निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने उच्चाधिकारियों से की है।

सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार नवगठित निकाय डूमरकछार में राजस्व उपनिरीक्षक एवं लेखापाल रजनीश प्रसाद शुक्ला का ग्राम पंचायत सचिव से नगरीय निकाय में राजस्व उपनिरीक्षक के पद पर संविलियन नियमों के विरुद्ध किया गया है,ज्ञात हो कि पंचायत राज संचालनालय मध्य प्रदेश के द्वारा जारी पत्र क्रमांक/प.रा./पंचायत-1942/2016/10123 भोपाल दिनांक-28.06.2017 के अनुसार ग्राम पंचायत के सचिव का संविलियन शहरी विकास विभाग में नहीं हो सकता है फिर भी नवगठित निकाय डूमरकछार में रजनीश प्रसाद शुक्ला का संविलियन किया गया है, प्रदेश की कई नवगठित निकायों में इसी आधार पर पंचायत में कार्यरत कर्मचारियों का संविलियन नगरीय निकाय में नहीं किया गया तो फिर यह इस क्षेत्र में ऐसा जानबूझकर क्यों किया गया,निकाय अध्यक्ष सहित कई निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने वरिष्ठ उच्च अधिकारियों से पत्राचार कर इस पूरे मामले की जांच कराकर विभागीय,अग्रिम एवं उचित कार्यवाही किए जाने की मांग की है।

उच्च न्यायालय के आदेशों का हवाला देकर सीएमओ और लेखापाल की मिली भगत से निकाय में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया जा रहा है,इस पूरे मामले की जांच भी आवश्यक है,सवाल यह उठता है कि क्या मान. उच्च न्यायालय ने फर्जीवाड़ा करने के लिए इन्हें छूट दे रखी है,ये न्यायालय की आड़ में भ्रष्टाचार को अंजाम देने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं,जिससे शासन -प्रशासन के द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर जनहित में नागरिकों को नहीं मिल पा रहा है,जिससे निकाय क्षेत्र में निर्वाचित स्थानीय जनप्रतिनिधियों एवं नागरिकों का निकाय के अधिकारियों के प्रति रोष व्याप्त है, इस संबंध में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों ने समय-समय पर कई स्तरों पर पत्राचार किया है परंतु जांच कार्यवाही न होने से भ्रष्टाचारियों के हौसले बुलंद है।

पेपर बिगड़ने पर छात्र ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी, परिवार में शोक


शहडोल

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कोलुहा चौकीटोला में एक 25 वर्षीय आईटीआई छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। पेपर बिगड़ जाने से आहत छात्र ने गुरुवार सुबह घर के पीछे बाड़ी में आम के पेड़ पर फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मनोज चौधरी, पिता नत्थूलाल चौधरी, आईटीआई का छात्र था। उसका एक विषय में बैक लगा हुआ था, जिसका पेपर देने वह बुधवार को शहडोल गया था। शाम को घर लौटने पर उसने अपने बड़े भाई अनिल चौधरी को बताया कि उसका पेपर ठीक नहीं गया और वह इसे लेकर काफी परेशान है। भाई ने उसे समझाने की कोशिश की और कहा कि दोबारा परीक्षा दे देना, लेकिन मनोज गुमसुम रहा। बताया जा रहा है कि उसने बुधवार रात खाना भी नहीं खाया और चुपचाप अपने कमरे में सो गया।

गुरुवार सुबह वह रोज की तरह उठकर मवेशियों को बांधने के लिए खलिहान की ओर गया। जब उसका बड़ा भाई बाड़ी की तरफ पहुंचा तो देखा कि मनोज आम के पेड़ पर नायलॉन की रस्सी से फांसी के फंदे पर लटका हुआ है। उसने शोर मचाया तो परिजन मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

घटना की सूचना जैतपुर थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि पेपर बिगड़ जाने से आहत होकर उसने यह कदम उठाया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है।

ऑनलाइन गेम ने उजाड़ा परिवार, पत्नी व बेटी को पिलाया जहर, पिता बेटी की मौत, पत्नी अस्पताल में भर्ती


शहडोल 

जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। ऑनलाइन गेम में लाखों रुपये हारने के बाद एक व्यक्ति ने ऐसा कदम उठा लिया, जिससे उसकी 16 वर्षीय बेटी और बाद में खुद उसकी भी मौत हो गई, जबकि पत्नी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही है।

पुलिस के अनुसार कोतवाली थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती, सत्यम वीडियो के पास रहने वाले शंकर गुप्ता (40) को ऑनलाइन गेम खेलने की लत लग गई थी। बताया जा रहा है कि वह पिछले कुछ समय से लगातार गेम में बड़ी रकम हार रहा था और लाखों रुपये गंवा चुका था। आर्थिक तंगी और बढ़ते कर्ज के दबाव में वह मानसिक रूप से काफी तनाव में रहने लगा था।

मंगलवार रात उसने कथित तौर पर अपनी पत्नी राजकुमारी गुप्ता (36) और 16 वर्षीय पुत्री स्वाति गुप्ता को कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पिला दिया और स्वयं भी जहर का सेवन कर लिया। कुछ ही देर में तीनों की हालत बिगड़ने लगी। घर से आ रही आवाजें सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और तीनों को गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में इलाज के दौरान स्वाति गुप्ता ने दम तोड़ दिया। वहीं शंकर की हालत भी लगातार बिगड़ती गई और बुधवार देर शाम उसकी भी मौत हो गई। पत्नी राजकुमारी गुप्ता का उपचार जारी है और उनकी स्थिति नाजुक बताई जा रही है। घटना के समय दंपति का बेटा घर पर मौजूद नहीं था, जिससे वह सुरक्षित बच गया।

मामले की जानकारी देते हुए उप निरीक्षक उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि प्रकरण में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में ऑनलाइन गेम में भारी आर्थिक नुकसान को घटना का कारण माना जा रहा है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है, ताकि घटना की वास्तविक परिस्थितियां स्पष्ट हो सकें।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget