ओसीएम खदान के डैम में युवक की तैरते हुए मिली लाश, हाथ पैर रस्सी से बंधे थे, हत्या, की आशंका


अनूपपुर

जिले के थाना भालूमाड़ा अंतर्गत ग्राम छोहरी में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव निवासी मोटू उर्फ सनी (18 वर्ष), पिता रंजू सहीस का शव छोहरी ओसीएम खदान के डैम में संदिग्ध परिस्थितियों में तैरता हुआ मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। शव की स्थिति देखकर हत्या की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार रविवार को ग्रामीणों ने डैम के पानी में एक शव तैरता हुआ देखा। सूचना मिलते ही ग्राम सरपंच ने पुलिस को मामले की जानकारी दी। बताया जा रहा है कि शव लगभग तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा था, जो पानी के ऊपर आ गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब शव को बाहर निकलवाया तो उसके हाथ और पैर नायलॉन की रस्सी से बंधे हुए पाए गए। इतना ही नहीं, मृतक की पीठ पर एक बोरी बंधी हुई थी, जिसमें रेत भरी हुई थी।

शव की स्थिति और मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को देखते हुए घटना को बेहद गंभीर माना जा रहा है। मृतक के शरीर पर कई स्थानों पर चोट के निशान भी दिखाई दिए हैं, जिससे यह मामला और अधिक संदिग्ध हो गया है। क्षेत्र में घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त हैं।

सूचना मिलते ही थाना प्रभारी उमेश उपाध्याय पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पहुंचे। उनके साथ पुलिसकर्मी दशरथ बागड़ी, कृपाल सिंह सहित अन्य अधिकारी एवं जवान मौजूद रहे। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए तथा पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस हर पहलू से जांच की जा रही है। मृतक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उसे डैम तक कैसे पहुंचाया गया तथा घटना के पीछे कौन लोग हो सकते हैं, इन सभी बिंदुओं पर जांच जारी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ ही तकनीकी साक्ष्यों को भी खंगाल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। 

तहसील कार्यालय में लोकायुक्त ने मारा छापा, 75 हजार की रिश्वत लेते सहायक खंड लेखापाल हुआ गिरफ्तार


शहडोल

जिले के ब्यौहारी तहसील परिसर में रीवा लोकायुक्त की टीम ने  लोकायुक्त पुलिस ने ब्यौहारी तहसील कार्यालय में पदस्थ सहायक खंड लेखापाल लल्लू प्रजापति को 75,000 रूपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी कर्मचारी एक सरकारी मकान से जुड़े मामले को निपटाने और उस पर से अवैध कब्जा हटाने के एवज में पीड़ित से मोटी रकम का सौदा कर रहा था।

​बाणसागर के रहने वाले शिकायतकर्ता रमेश प्रसाद रजक पिता मंगल प्रसाद रजक ने लोकायुक्त कार्यालय रीवा में इस बात की शिकायत दर्ज कराई थी कि तहसील के सहायक खंड लेखापाल लल्लू प्रजापति उनके सरकारी मकान के मामले को रफा-दफा करने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि शिकायतकर्ता रमेश प्रसाद रजक कोई आम नागरिक नहीं, बल्कि नगर परिषद खांड की उपाध्यक्ष सुधा रजक के पति हैं। जनप्रतिनिधि के परिवार से जुड़े होने के बावजूद आरोपी कर्मचारी उन पर लगातार पैसों के लिए दबाव बना रहा था।

लोकायुक्त अधिकारियों ने बताया कि आरोपी लल्लू प्रजापति ने पीड़ित रमेश रजक से सरकारी मकान का मामला पूरी तरह सुलझाने के नाम पर बड़ा सौदा किया था। इस सौदे के तहत आरोपी ने शिकायतकर्ता से पूर्व में ही 35,000 रूपये की राशि एडवांस के रूप में ऐंठ ली थी। इसके बाद भी वह बाकी की रकम के लिए लगातार दबाव बना रहा था, जिससे परेशान होकर पीड़ित ने कानून की मदद लेने का फैसला किया।

शिकायत की पुष्टि होने के बाद लोकायुक्त रीवा की टीम ने ब्योहारी तहसील कार्यालय में घेराबंदी की। तय रणनीति के मुताबिक, जैसे ही रमेश प्रसाद रजक ने आरोपी लल्लू प्रजापति को 75,000 रूपये की नकद राशि थमाई, वैसे ही सादे कपड़ों में मुस्तैद लोकायुक्त की टीम ने धावा बोल दिया। आरोपी को रिश्वत के पैसों के साथ रंगे हाथों दबोच लिया गया और उसके हाथ धुलवाए जाने पर वे गुलाबी हो गए।

15 दिन पहले ही लोकायुक्त रीवा की टीम ने ब्योहारी में कार्यालय में भी एक अन्य कर्मचारी को रिश्वत लेते हुए दबोचा था। लोकायुक्त पुलिस आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की कागजी और कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

दो की मौत की जांच व टीआई को हटाने के मामले पर कांग्रेस ने किया एसपी ऑफिस का घेराव 

*पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद के लगे नारे*


अनूपपुर

जिले के सभी कांग्रेसजन को एकजुट कर गुड्डू चौहान ने दिखाई ताकत, बिजुरी घटना में हुई नाबालिकों की मृत्यु की जांच एवं टीआई विकास सिंह को बिजुरी से हटाकर घटना की निष्पक्ष जांच की उठी मांग, पुलिस ने रोकने के लिए किया वाटर कैनन का इस्तेमाल, मांग नहीं मानने पर कांग्रेसी घंटों बैठे धरने पर

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष श्याम कुमार गुड्डू चौहान के अगुवाई में बिजुरी मे घटित हृदय विदारक घटना मे दो मासूम बच्चे एक नाबालिक किशोरी जिसके साथ दरिन्दगी कर हत्या कर दी गई तथा एक नाबालिक किशोर की जो पूरे मामले का साक्षी था जिसे भी मौत के घाट उतार दिया गया दोनों नाबालिकों के न्याय एवं लापरवाही व मामले मे लीपापोती करने वाले थाना प्रभारी विकास सिंह को बिजुरी थाने से हटाकर पूरे मामले मे उनकी भूमिका की जांच की मांग को लेकर एसपी कार्यालय का विशाल घेराव किया गया। जहां पूरे जिले भर की कांग्रेस नेता एक साथ एक जुट दिखाई दिए। सर्वप्रथम कांग्रेसजन सामतपुर तालाब के पास एकत्रित हुए और फिर हांथो में पोस्टर लेकर बिजुरी नाबालिकों को न्याय दो, पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद, टीआई विकास सिंह को बिजुरी से हटाओ, टीआई विकास सिंह की तानाशाही नहीं चलेगी, बिजुरी नाबालिकों को न्याय देना होगा, दोनों नाबालिकों के मृत्यु की निष्पक्ष जांच कराओ, का नारा लगाते हुए सामतपुर तालाब से एस पी कार्यालय तक पैदल मार्च निकालकर एसपी कार्यालय का घेराव किया। पुलिस ने एसपी कार्यालय के सामने पहले से ही बैरिकेटिंग की गई थी जिसे कांग्रेसी पार कर एसपी कार्यालय के अंदर जाने का प्रयास करने लगे और पुलिस ने तेज पानी के प्रेशर वाटर कैनन का प्रयोग कर कांग्रेसियों को रोका गया। पुलिस की सख्ती व तानाशाही पूर्ण रवैये को देखते हुए, अपनी मांगों को लेकर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान, विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को, जिला कांग्रेस प्रभारी अजय सिंह, पूर्व विधायक मनोज कुमार अग्रवाल, पूर्व विधायक सुनील सराफ, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सिंह, गौ संरक्षण प्रकोष्ठ प्रदेश अध्यक्ष डॉ व्हीपीएस चौहान के साथ जिले भर के सभी कांग्रेस नेता व भारी संख्या में मौजूद कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए और सभी कांग्रेसी लगातार घंटो तक अपनी मांगों को मनवाने के लिए धरने पर ही बैठे रहें। कांग्रेसियों के घंटों तक धरने पर बैठ जाने एवं न्याय की मांग को लेकर अड़े रहने पर जिला प्रशासन द्वारा कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल को अंदर बुलाया गया और कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल की पुलिस अधीक्षक से मुलाकात हुई। जहां जल्द ही उनकी मांग अनुसार कार्यवाही करने का भरोसा दिलाया गया। जिसके बाद कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता धरने को समाप्त किया गया। इस दौरान पूरे जिले भर से सभी कांग्रेस नेता, पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहें।

ट्रेलर बाइक सवार युवक को रौंदा हुई मौत, पीकप को टक्कर मारकर पलटा, मजदूर घायल, चालक फरार


शहडोल

जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-43 बायपास पर हुए एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद ट्रेलर चालक वाहन लेकर फरार हो गया लेकिन कुछ दूरी पर एक पिकअप वाहन को टक्कर मारने के बाद ट्रेलर सड़क किनारे पलट गया। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस और अस्पताल सूत्रों के अनुसार मृतक की पहचान संजय बैगा के रूप में हुई है, जो बिजली का कार्य करता था। बताया गया है कि वह बाइक से अपने घर लौट रहा था। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आए एक ट्रेलर ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक वाहन की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार हादसा बेहद भयावह था। टक्कर स्थल से करीब आधा किलोमीटर दूर युवक का क्षत-विक्षत शव मिला, जबकि उसकी बाइक लगभग एक किलोमीटर दूर जाकर पाई गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही सोहागपुर थाना प्रभारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। इसी दौरान जानकारी मिली कि फरार ट्रेलर बुढार थाना क्षेत्र के सरफा पुल के पास मजदूरों से भरी एक पिकअप से टकरा गया है।

बताया जा रहा है कि टक्कर के बाद ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसे में पिकअप में सवार कुछ मजदूर घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने ट्रेलर को जब्त कर लिया है और चालक की तलाश शुरू कर दी है। हादसे के कारणों और चालक की लापरवाही सहित सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ी 5.71 लाख की पुलिया, गुणवत्ता विहीन हो रहा है निर्माण कार्य, ज़िमेदार मौन


समाचार

जिले के जनपद पंचायत अनूपपुर के ग्राम पंचायत पयारी क्रमांक 1 में  जोगी कुंड चौरा धाम के पास 5.71 लाख रुपये की लागत से बन रही पुलिया महज एक निर्माण नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की जीती-जागती मिसाल बन गई है। गुणवत्ता को ताक पर रखकर किस तरह निर्माण सामग्री के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। इस पूरे खेल में निर्माण कार्य की निगरानी करने वाली सब-इंजीनियर नेहा सिंह और एसडीओ की मौन कार्यप्रणाली गंभीर सवालों के घेरे में है।

पुलिया निर्माण में लापरवाही और सामग्री बचाने का खेल बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया जा रहा है। सिविल इंजीनियरिंग के बुनियादी नियमों को ताक पर रखकर किए जा रहे इस निर्माण में ढलाई के दौरान गैप वाली अमानक शटरिंग का उपयोग किया गया और वाइब्रेटर का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं हुआ। नतीजतन, सीमेंट का घोल बह गया और दीवार में सिर्फ सूखी गिट्टी बची रह गई है,  जहाँ ढलाई का काम चल रहा है, वहाँ कंक्रीट को अच्छे से सेट करने के लिए किसी 'कंक्रीट वाइब्रेटर' (vibrator) मशीन का इस्तेमाल होता नहीं दिख रहा है। बिना वाइब्रेटर के, कंक्रीट के अंदर हवा के बुलबुले (voids) रह जाते हैं, जिससे कंक्रीट में 'हनीकॉम्बिंग' (छत्ते जैसी दरारें) आ जाती है और मजबूती घट जाती है।  बारिश में जब पानी का तेज बहाव इससे टकराएगा, तो यह दीवार पानी के मामूली दबाव से ही भरभरा कर ढह  सकती  है इसके अलावा, निर्माण की लागत बचाने के चक्कर में कंक्रीट का मिश्रण जानबूझकर बेहद कमजोर और अमानक तैयार किया गया है। किसी भी पुलिया की मजबूती सरियों के सही जाल पर निर्भर करती है, लेकिन यहाँ सरिया बचाने की पूरी कोशिश की गई है। सरिया इतना बेतरतीब बंधा है कि ट्रैक्टर या कोई भारी मालवाहक वाहन गुजरने पर पुलिया वजन का संतुलन नहीं सह पाएगी और बीच से टूट सकती है। हद तो यह है कि ठेकेदार और निर्माण एजेंसी द्वारा कंक्रीट की ढलाई अक्सर उस वक्त की जाती है, जब मौके पर कोई तकनीकी अधिकारी मौजूद ही नहीं होता। नियमों के तहत कंक्रीट की ढलाई हमेशा इंजीनियर की मौजूदगी में होनी चाहिए। मगर सारा कार्य आँख मूदकर हो रहा हैं। क्षेत्र के जागरूक नागरिकों ने जिला कलेक्टर  मामले में तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है। 

इस मामले में पक्ष जानने के लिए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी के मोबाइल नंबर 9131074485 पर कॉल किया गया व मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत अनूपपुर को कॉल किया गया तो दोनों ने कॉल रिसीव नही किया।

एएसआई ने गोली मारकर की आत्महत्या, कारण अज्ञात पुलिस अधिकारी पहुँचे घटना स्थल, जांच शुरू


उमरिया

जिला मुख्यालय स्थित पुलिस लाइन में उस समय सनसनी फैल गई, जब आर्मोरर शाखा में पदस्थ एक पुलिस कर्मचारी ने खुद की गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना के बाद पुलिस महकमे में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान विजय कुमार सिंह (54) निवासी जमुनिया, जिला सागर के रूप में हुई है। वे वर्तमान में उमरिया पुलिस लाइन की आर्मोरर शाखा के प्रभारी के रूप में पदस्थ थे। विजय कुमार सिंह लंबे समय से पुलिस विभाग में सेवाएं दे रहे थे और हथियारों के रखरखाव व संबंधित व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए हैं। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।

प्रारंभिक स्तर पर सूत्रों के बीच यह चर्चा है कि विजय कुमार सिंह कुछ समय से पारिवारिक समस्याओं और मानसिक तनाव से गुजर रहे थे। हालांकि पुलिस ने इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। विभागीय अधिकारी फिलहाल जांच पूरी होने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से बच रहे हैं।

सहकर्मियों के अनुसार विजय कुमार सिंह शांत स्वभाव और अनुशासित कार्यशैली के लिए जाने जाते थे। उनकी अचानक मौत की खबर से पुलिस लाइन में शोक के साथ-साथ कई सवाल भी खड़े हो गए हैं। साथ काम करने वाले कर्मचारियों ने बताया कि उन्होंने कभी सार्वजनिक रूप से किसी परेशानी का जिक्र नहीं किया था। घटना की सूचना परिजनों को दे दी गई है। उनके उमरिया पहुंचने के बाद आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जाएगी। कोतवाली थाना प्रभारी मदन लाल मरावी ने बताया कि मामले के हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही मौत के कारण स्पष्ट हो सकेंगे।


उपार्जन का गेहूं बेचते पकड़ाया ट्रक, ट्रांसपोर्टर एवं खाद्य विभाग की मिलीभगत, पुलिस ने जप्त किया ट्रक


अनूपपुर

जिले में एक बार फिर से छतरपुर के ट्रांसपोर्टर की कलई खुली, मामला जब पुलिस के पास पहुंचा तो पुलिस ने ट्रक को जप्त कर अपनी अभिरक्षा में खड़ा करवा लिया है, जिले में चल रहे गेहूं उपार्जन में समिति स्तरीय खरीदी जो खुले में की जाती रही उसको परिवहन कर गोदाम तक पहुंचाने का कार्य फिर से छतरपुर जिले के परिवहनकर्ता मेसर्स पवन कुमार जैन एंड ट्रांसपोर्ट कंपनी को दिया गया है। जिसके द्वारा जिले की प्रत्येक समितियों से उपार्जन के गेहूं को परिवहन किया जा रहा है, पूर्व में धान के परिवहन का कार्य भी इसी कंपनी को दिया गया था, वैसे देखा जाय तो नागरिक आपूर्ति निगम की मिलीभगत से लगातार कई वर्षों से उमरिया जिले के परिवहन का कार्य इसी कंपनी को दिया जा रहा है और इसके मैनेजर, ठेकेदार, वाहन चालक सभी मिल कर भारी मात्रा में उपार्जन के अनाज की चोरी करते हैं और उसकी घटती समिति प्रबंधकों को पूरा करनी पड़ती है।

उपार्जन केंद्र मातेश्वरी स्व-सहायता समूह बिलासपुर से गेहूं लोड कर धनवाही स्थित वामिका वेयरहाउस भेजा जा रहा था, जिसको धनवाही मोड़ पर ट्रक क्रमांक एम पी 07 एच बी 5285 का चालक बेचते हुए पकड़ा गया। सूत्रों के अनुसार ट्रक में उपार्जन केंद्र से लगभग 650 बोरी गेहूं लोड किया गया था और चालक द्वारा रास्ते में कितनी मात्रा में गेहूं बेचा गया, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। फोटो मे देखा जा सकता है कैसे टेसू के पेड़ के नीचे गेहूं के बोरे क़ो रखा गया है बरहाल आगे जो भी हो प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही गेहूं की वास्तविक कमी, जिम्मेदारों की भूमिका और संभावित हेराफेरी की स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। मामले के उजागर होने के बाद उपार्जन केंद्रों से वेयरहाउस तक होने वाले गेहूं परिवहन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं।

जहर पीने से महिला समेत तीन बेटियों सहित चार की हुई मौत, दो मासूम खेलते- खेलते कुए में गिरे दोनो की हुई मौत


शहडोल 

जिले के अंतिम छोर पर स्थित पपौंध थाना क्षेत्र में शनिवार को कुछ ही घंटों के भीतर हुई दो अलग-अलग दर्दनाक घटनाओं ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। पहली घटना में एक महिला और उसकी तीन मासूम बेटियों की कीटनाशक सेवन से मौत हो गई, जबकि दूसरी घटना में खेलते समय कुएं में गिरने से चार वर्षीय चाचा-भतीजे की जान चली गई। दोनों घटनाओं में कुल छह लोगों की मौत होने से क्षेत्र में शोक का माहौल है।

पुलिस के अनुसार, हिरवार गांव निवासी अनिता सिंह (32) अपनी तीन बेटियों रितिका सिंह (7), कृष्णकुमारी सिंह (4) और अर्पिता सिंह (2) के साथ घर में रहती थी। उसका पति वाहन चालक है और रोजगार के सिलसिले में दूसरे जिले में गया हुआ था। बताया जा रहा है कि शनिवार शाम अनिता ने पहले अपनी तीनों बेटियों को कृषि कार्य में उपयोग होने वाली कीटनाशक दवा पिलाई और बाद में स्वयं भी उसका सेवन कर लिया।

घटना के कुछ देर बाद सभी की हालत बिगड़ने लगी। इसी दौरान एक बच्ची घर से बाहर निकलकर पड़ोसियों तक पहुंची और बताया कि उसकी मां ने उसे और उसकी बहनों को कीटनाशक पिलाया है तथा स्वयं भी खा लिया है। सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने पुलिस को खबर दी।

पुलिस मौके पर पहुंची और चारों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने परीक्षण के बाद सभी को मृत घोषित कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में शोक की लहर फैल गई। परिजन और ग्रामीण भी इस घटना से स्तब्ध हैं। यह घटना किस कारण से हुई अभी तक खुलासा नही हो सका है।

*खेलते-खेलते कुएं में गिरे दो मासूम हुई मौत*

इसी थाना क्षेत्र के बरा बघेलहा गांव में एक और दुखद हादसा सामने आया। पुलिस के अनुसार चार वर्षीय किशन कोल और उसका चार वर्षीय भतीजा सत्यम कोल घर के पास स्थित कुएं के आसपास खेल रहे थे। इसी दौरान दोनों अचानक कुएं में गिर गए।

घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पपौंध थाना क्षेत्र में एक ही दिन में हुई इन दो दर्दनाक घटनाओं ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है। चार मासूम बच्चियों और बच्चों समेत कुल छह लोगों की मौत से हिरवार और बरा बघेलहा गांवों में मातम पसरा हुआ है। पुलिस दोनों मामलों की अलग-अलग जांच कर रही है।

दो महिलाओं पर भालू ने किया हमला, घायल जिला चिकित्सालय रेफर, इलाज जारी


अनूपपुर

रविवार की सुबह जिला मुख्यालय से 22 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत धनगवां के पटपरिहा टोला में दो महिलाएं जो सुबह दिशा मैदान के लिए घर से कुछ दूर खेत की ओर गई थी, तभी अचानक जंगल की ओर से आकर विचरण कर रहा एक भालू ने दोनों पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, घायलों में 35 वर्षीय गुड्डी पति गोरेलाल कोल के कमर में तथा 65 वर्षीय वृद्धा तिजिया पति रामबदन कोल के चेहरा,छाती एवं शरीर के अन्य हिस्सो पर चोट आई है। घटना के बाद ग्रामीणों के इकट्ठा होकर हो-हल्ला करने पर भालू जंगल की ओर चला गया।

ग्राम पंचायत धनगवां सरपंच संजय गोठिया द्वारा मौके पर पहुंचकर दोनों घायलों को फुनगा अस्पताल भेजा है। घटना की जानकारी मिलने पर जिला मुख्यालय अनूपपुर के वन्यजीव संरक्षक ने शशिधर अग्रवाल ने फुनगा के सामाजिक कार्यकर्ता नारेंद्र प्रताप सिंह एवं उमेश अग्रवाल से आग्रह करने पर दोनो समाजसेवी फुगना अस्पताल पहुंचकर दोनों घायलो की स्थिति को देखकर परिजनों से घटना के संबंध में जानकारी ली। उमेश अग्रवाल द्वारा उपवन मंडल अधिकारी अनूपपुर प्रकाश मनोहर राव पखाले,वन परिक्षेत्र अधिकारी कोतमा हरीश कुमार तिवारी को घटना की जानकारी देते हुए उचित कार्यवाही किए जाने की अपेक्षा की है। दोनों घाययों का ड्यूटी डॉक्टर द्वारा प्राथमिक उपचार कर बेहतर उपचार हेतु जिला चिकित्सालय अनूपपुर को रेफर किया है।


 

आकाशीय बिजली गिरने से युवक-युवती की हुई मौत, एक किशोरी घायल अस्पताल में भर्ती


अनूपपुर

जिले के अमरकंटक में आकाशीय बिजली गिरने से दर्दनाक हादसा हो गया। इस घटना में एक युवक और एक युवती की मौत हो गई, जबकि एक किशोरी गंभीर रूप से घायल हो गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक और दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार अमरकंटक नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-2 बराती क्षेत्र में आयोजित श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के समापन पर भंडारे का आयोजन किया गया था। भंडारे में शामिल होने के बाद श्रद्धालु अपने-अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान अचानक मौसम ने करवट ली और तेज गर्जना और बारिश शुरू हो गई। लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने का प्रयास कर रहे थे, तभी आकाशीय बिजली गिर गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बिजली गिरने से हर्ष टांडिया और आरती वर्मा उसकी चपेट में आ गए। हादसे में दोनों गंभीर रूप से झुलस गए। वहीं 17 वर्षीय किशोरी राधा भी घायल हो गई। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल राहत कार्य शुरू किया और घायलों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक पहुंचाया।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों ने हर्ष टांडिया और आरती वर्मा की जांच की, जहां उन्हें मृत घोषित कर दिया गया। वहीं घायल किशोरी राधा का उपचार जारी है। चिकित्सकों के अनुसार उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। वहीं घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई शुरू की। मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए भेजा गया।

50 लाख गाँजा कार जब्त, एक गिरफ्तार, तीन फरार, अवैध लकड़ी का परिवहन करते ट्रक जब्त


शहडोल 

जिले के जयसिंहनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 350 किलो गांजा बरामद कर एक अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मौके से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके तीन साथी फरार हो गए हैं।

मुखबिर से सूचना मिली थी कि उड़ीसा से भारी मात्रा में गांजा लेकर कुछ तस्कर मध्यप्रदेश के रास्ते उत्तर प्रदेश की ओर जा रहे हैं। सूचना के आधार पर जयसिंहनगर थाना पुलिस ने चंदेला मार्ग पर घेराबंदी कर संदिग्ध वाहनों को रोककर तलाशी ली। कार्रवाई के दौरान एक लग्जरी इनोवा और एक स्विफ्ट कार से लगभग 350 किलो गांजा बरामद किया गया।

पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर निवासी राहुल कुमार चर्मकार को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी उड़ीसा से गांजा लाकर मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में सप्लाई करते थे। जब्त गांजे की कीमत लाखों रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा तस्करी में प्रयुक्त दोनों वाहनों को भी जब्त कर लिया गया है। गांजा और वाहनों सहित कुल मशरूका की कीमत लगभग 50 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है।

कार्रवाई के दौरान गिरोह से जुड़े तीन अन्य आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गए। पुलिस ने उनकी पहचान कर ली है और गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है। साथ ही जब्त मोबाइल फोन और अन्य दस्तावेजों के आधार पर पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है।

*अवैध लकडी परिवहन करते मिनी ट्रक वन विभाग वन किया जब्त*


वनमंडल अनूपपुर के जैतहरी रेंज अंतर्गत वेंकटनगर सर्किल में विगत रात गस्ती दौरान वनविभाग की टीम के सदस्य परिक्षेत्र सहायक गोरसी शिवचरण पुरी,बीट प्रभारी वेंकटनगर भीखम प्रसाद कोल,बीट प्रभारी गढियाटोला नारेन्द्र कुमार पटेल,बीट प्रभारी पोडी तरुण सिंह एवं सुरक्षाश्रमिको के साथ सामुहिक गस्ती के दौरान वेंकटनगर वन क्षेत्र में एक संदिग्ध वाहन को घेराबंदी कर रुकवाकर ट्रैक्टर वाहन को चेक किया गया, वाहन क्र. CG10R1013 जिसमें सेमल प्रजाति लकड़ी लोड पायी गयी, लकड़ी के परिवहन संबंधी दस्तावेज चालक सतुहन पिता चुन्नीलाल यादव उम्र 29 वर्ष निवासी नेउरा जिला बिलासपुर के पास किसी प्रकार का वैध दस्तावेज नहीं मिले। वाहन में रखी सेमल की 4,5 घन मीटर लकड़ी जिसे अनूपपुर जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र के बरेली गांव के राजस्व क्षेत्र से लकड़ी ठेकेदार के कहने पर विलासपुर के ट्रांसपोर्ट द्वारा बिलासपुर बगैर किसी वैधानिक दस्तावेज के अवैध परिवहन करते पाए जाने पर वाहन सहित सेमल की लकड़ी आयसर मिनी ट्रक सहित जप्त कर जप्ती की कार्यवाही करते वन अपराध क्रमांक 4995/13 दर्ज कर सुरक्षा की दृष्टि से परिक्षेत्र सहायक परिसर वेंकटनगर लाकर सुरक्षित खड़ा करा कर विधिपूर्वक कार्यवाही की गयी।

इनका कहना है।

वनविभाग के गस्ती दल द्वारा विगत रात्रि गस्त के दौरान संदेही वाहन रोक कर मिनी ट्रक में बहुमूल्य प्रजाति के सेमल की लकड़ी मिनी टक सहित जप्त कर वैधानिक प्रारंभिक कार्यवाही कर जांच की जा रही है।

*विवेक कुमार मिश्रा,वन परिक्षेत्र अधिकारी, जैतहरी* 

सड़क दुर्घटना में अब तक 6 लोगो की हुई मौत, 39 घायलों का मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में चल रहा है इलाज

*कमिश्नर, कलेक्टर पहुँचे मेडिकल कालेज, 4-4 लाख आर्थिक सहायता, मुख्यमंत्री ने व्यक्त की शोक संवेदना*


अनूपपुर

जिले की सीमा क्षेत्र में शनिवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 6 हो गई है। करन पठार थाना क्षेत्र के बिजौरा के पास श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई थी। हादसे में 41 लोग घायल हुए हैं। इनमें से कई की हालत गंभीर बनी हुई है।

जानकारी के अनुसार, ग्राम पड़मनिया से करीब 50 ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर ग्राम बिजौरा पूजा-अर्चना (पुजहाई) कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान शनि धाम के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। ट्रॉली पलटते ही घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और कई लोग उसके नीचे दब गए।

हादसे की सूचना मिलते ही पाली एसडीएम मीनाक्षी बंजारे और पुलिस टीम मौके पर पहुंची। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकाला गया। घायलों को तत्काल एम्बुलेंस के जरिए पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया।

प्रारंभिक जानकारी में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई थी। इसके बाद पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान दो अन्य घायलों ने दम तोड़ दिया। वहीं गंभीर हालत में शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किए गए दो और घायलों की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस तरह मृतकों की संख्या बढ़कर छह हो गई है।

हादसे में जान गंवाने वाले सभी लोग ग्राम पड़मनिया के निवासी बताए जा रहे हैं। मृतकों की पहचान घनश्याम सिंह (45), सहबल बैगा (55), भूपत सिंह (50), बीर सिंह (60), धर्मपाल (15) और कृष्णपाल सिंह (40) के रूप में हुई है।

हादसे में कुल 41 लोग घायल हुए हैं। इनमें से 22 गंभीर घायलों का शहडोल मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। कुछ घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है। एक गंभीर मरीज को देर रात जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए अनूपपुर कलेक्टर हर्षल पंचोली और शहडोल संभागायुक्त सुरभि गुप्ता व उमरिया कलेक्टर राखी सहाय ने अस्पताल व मेडिकल कॉलेज शहडोल पहुंचे। उन्होंने घायलों का हालचाल जाना और डॉक्टरों को बेहतर इलाज सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने परिजनों से मलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। हादसे में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से 4-4 लाख रुपए की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफार्म X पर पोस्ट लिखा- अनूपपुर जिले में पुष्पराजगढ़ सड़क दुर्घटना में 6 लोगो की मौत और घायलों के लिए इस दुख की घड़ी में परिवार वालो के लिए शोक संवेदना व्यक्त की है।

जिलाध्यक्ष के दावेदार के पक्ष में उतरा मीडिया सेल, एक चेहरे के लिए अपना चाल और चरित्र खोते जा रही है भाजपा पार्टी

*बाहरी व्यक्ति को थोपने का हो रहा है खेल*


अनूपपुर

भाजपा संगठन में अनुसूचित जाति मोर्चा, अनुसूचित जनजाति मोर्चा, किसान मोर्चा सहित कई मोर्चों के जिला अध्यक्षों की घोषणा हो चुकी है, जबकि पिछड़ा वर्ग मोर्चा, महिला मोर्चा और युवा मोर्चा के जिलाध्यक्षों की घोषणा अभी शेष है। इनमें सबसे अधिक चर्चा और विवाद भाजपा युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष पद को लेकर देखने को मिल रहा है।

जब किसी पद के एक दावेदार के समर्थन में पार्टी का मीडिया सेल खुलकर सामने आता दिखाई दे रहा है। आशुतोष तिवारी को लेकर जिले के बाहर का निवासी होने तथा कॉलरी कर्मचारी होने जैसे सवाल लगातार उठ रहे हैं। भाजपा जिला मीडिया सह-प्रभारी श्रीराम केवट की ओर से 28 मई 2026 को एक प्रेस नोट जारी किया गया, जिसमें आशुतोष तिवारी को “उभरता हुआ राजनीतिक चेहरा” बताते हुए उनके खिलाफ चल रही “बाहरी” वाली बहस पर सवाल खड़े किए गए। चूंकि यह प्रेस नोट भाजपा जिला मीडिया सेल की ओर से जारी हुआ है, इसलिए इसे भाजपा संगठन का आधिकारिक पक्ष माना जा रहा है।

यहीं से कई सवाल खड़े होने लगे हैं। क्या किसी एक दावेदार के समर्थन में इस तरह आधिकारिक प्रेस नोट जारी होना यह संकेत नहीं देता कि जिलाध्यक्ष पद की “स्क्रिप्ट” पहले ही लिखी जा चुकी है? क्या पैनल बनाना और नाम भेजना मात्र औपचारिकता बनकर रह गया है? यह सवाल अब अन्य दावेदारों और कार्यकर्ताओं के बीच भी चर्चा का विषय बन गया है।

जिला मीडिया सह-प्रभारी ने अपने प्रेस नोट में यह भी लिखा कि कुछ लोग आशुतोष तिवारी के उभरते राजनीतिक व्यक्तित्व से घबराए हुए हैं। लेकिन सवाल यह है कि आखिर यह घबराहट किसे है? क्योंकि जिस प्रकार संगठन के मीडिया प्रकोष्ठ को स्वयं सफाई देने के लिए सामने आना पड़ा, उससे यह बहस और गहरी हो गई है। जहां तक “बाहरी” होने के मुद्दे का सवाल है, यह बहस भावनात्मक नहीं बल्कि तथ्यात्मक आधार पर उठाई जा रही है। 

मीडिया की ओर से भाजपा जिला मीडिया सह-प्रभारी और संगठन से कुछ स्पष्ट सवाल भी पूछे जा रहे हैं। यदि आशुतोष तिवारी पिछले 22 वर्षों से अनूपपुर में निवास कर रहे हैं, तो क्या उन्होंने यहां का निवास प्रमाण पत्र बनवाया है? उनके आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र और सेवा अभिलेखों में कौन-सा पता दर्ज है? इस भाजपा संगठन इन सवालों का जवाब किस प्रकार देता है।

श्रद्धालुओं से भरी ट्रैक्टर ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलटी, 4 की हुई मौत, 41 घायल अस्पताल में भर्ती


उमरिया/अनूपपुर

उमरिया, अनूपपुर जिले की सीमा में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, जबकि लगभग 41 लोग घायल हो गये। घायलों में 22 पुरूष, 14 महिलायें, और 05 बच्चे शामिल हैं। हादसा उस समय हुआ जब श्रद्धालुओं से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी के अनुसार ग्राम पडनिया के करीब 50 ग्रामीण ट्रैक्टर-ट्रॉली में सवार होकर बिजौरा मे पूजन कार्यक्रम के लिए जा रहे थे। इसी दौरान अनूपपुर सीमा से लगे तिवनी गांव स्थित सनी धाम के पास अचानक ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि ट्रॉली में सवार कई लोग उसके नीचे दब गये और मौके पर ही 4 ग्रामीणों ने दम तोड़ दिया, जबकि दर्जनों लोग गंभीर रूप से घायल हो गये।

*मौके पर पहुंचा पुलिस और प्रशासन*

घटना की सूचना मिलते ही पाली एसडीएम, पुलिस प्रशासन और राजस्व अमला तत्काल मौके पर पहुंच गया। स्थानीय ग्रामीणों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। ट्रॉली के नीचे दबे लोगों को बाहर निकालकर एम्बुलेंस एवं अन्य वाहनों की सहायता से पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया, जहां घायलों का उपचार जारी है। बताया जा रहा है कि कई घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।

सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए बिरसिंहपुर पाली अस्पताल लाया गया, घटना के बाद एसईसीएल और संजय गाँधी ताप परियोजना की चिकित्सकों की टीम सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पाली पहुँच कर उपचार कार्य में लगे हुए हैं।  जिसमे 5 गंभीर घायलों को मेडिकल कॉलेज शहडोल इलाज के लिए भेजा गया हैं। मृतकों के नाम घनश्याम सिंह 45 वर्ष पढमनिया, अनूपपुर, सहबल बैगा पिता गल्ली राम 55 वर्ष गिजरी, अनूपपुर, भूपत सिंह, 50 वर्ष पढमनिया बीर सिंह, 60 वर्ष गिजरी।

रेलवे भूमि पर अवैध कब्जे और नोटिस वसूली का खेल, 45 वर्षों से बसे परिवारों और दुकानदारों पर कार्रवाई की तैयारी

*रेलवे अधिकारियों पर मिलीभगत के आरोप, लोगों में आक्रोश*


अनूपपुर/कोतमा

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अनूपपुर-अंबिकापुर रेल मार्ग स्थित कोतमा रेलवे स्टेशन परिसर में रेलवे भूमि पर वर्षों से निवास और व्यवसाय कर रहे लोगों को रेलवे प्रशासन द्वारा पुनः नोटिस जारी किए जाने के बाद क्षेत्र में नाराजगी बढ़ गई है। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि रेलवे अधिकारी बीते चार दशकों से केवल नोटिस देकर वसूली की प्रक्रिया अपनाते रहे, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार रेलवे स्टेशन परिसर और उससे लगे क्षेत्रों में लगभग 40 से 45 वर्षों से अनेक परिवार मकान बनाकर निवास कर रहे हैं तथा कई लोग दुकानें संचालित कर अपने परिवार का भरण-पोषण कर रहे हैं। हाल ही में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, मनेन्द्रगढ़ कार्यालय की ओर से कथित अतिक्रमण हटाने के संबंध में नोटिस जारी किया गया है, जिसमें सात दिवस के भीतर भूमि खाली करने के निर्देश दिए गए हैं। नोटिस में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्धारित समय सीमा में अतिक्रमण नहीं हटाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि रेलवे विभाग द्वारा समय-समय पर नोटिस जारी कर केवल औपचारिकता निभाई जाती रही है। लोगों का कहना है कि कई बार कब्जाधारियों से कथित रूप से अवैध वसूली भी की गई, लेकिन न तो अतिक्रमण हटाया गया और न ही भूमि का नियमितीकरण किया गया। नागरिकों ने आरोप लगाया कि कुछ प्रभावशाली लोगों ने रेलवे भूमि पर कब्जा कर उसे अन्य लोगों को बेच दिया तथा नए निर्माण भी कराए गए, जिसमें स्थानीय अधिकारियों की मिलीभगत से इनकार नहीं किया जा सकता।

मामला नगर के वार्ड क्रमांक 9 इस्लामगंज और टैक्सी स्टैंड से जुड़ी रेलवे भूमि का बताया जा रहा है, जहां दर्जनों की संख्या में दुकानें और मकान निर्मित हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि यदि रेलवे प्रशासन वास्तव में कार्रवाई करना चाहता है तो पहले वर्षों से निवासरत गरीब परिवारों और छोटे व्यापारियों के पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लोगों ने मांग की है कि रेलवे विभाग लीज अथवा किराया प्रणाली लागू कर भूमि का वैध आवंटन करे, जिससे रेलवे को राजस्व प्राप्त हो और स्थानीय लोगों को भी राहत मिल सके। लोगो ने निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए रेलवे के उच्च अधिकारियों एवं जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील की है।

आपत्तिजनक वीडियो पर बघेली कलाकार गिरफ्तार, भेजा गया जेल, पहले से चोरी के 5 मामले है लंबित


रीवा/जबलपुर

रीवा के यूट्यूबर मनीष कुमार पटेल को ब्राह्मण समाज और समाज की युवतियों को लेकर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक वीडियो पोस्ट करने के मामले में मध्य प्रदेश हाईकोर्ट से राहत नहीं मिली है। जस्टिस रामकुमार चौबे की एकल पीठ ने शुक्रवार को मामले की सुनवाई करते हुए अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। सिविल लाइन पुलिस रीवा ने आरोपी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

जानकारी के अनुसार रीवा जिले के लौर थाना क्षेत्र के ग्राम खुटहा निवासी मनीष कुमार पटेल ने वेलेंटाइन वीक के दौरान एक वीडियो बनाकर उसे यूट्यूब, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पोस्ट किया था। वीडियो में ब्राह्मण समाज की युवतियों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं। वीडियो वायरल होने के बाद जिले में ब्राह्मण समाज के लोगों में आक्रोश फैल गया और पुलिस से शिकायत की गई।

शिकायत मिलने के बाद सिविल लाइंस थाना में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। ईटौरा निवासी आशीष तिवारी की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 196(1)(ए) और 353(2) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू की।

गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी ने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पैनल अधिवक्ता रघुवर प्रजापति और आपत्तिकर्ता की ओर से अधिवक्ता अनिल तिवारी ने पक्ष रखा।

राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि आरोपी के खिलाफ पहले से ही चोरी के पांच आपराधिक मामले लंबित हैं, इसलिए उसे अग्रिम जमानत देना उचित नहीं होगा। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जस्टिस रामकुमार चौबे की एकल पीठ ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।

बताया गया कि आरोपी इससे पहले भी निचली अदालत में जमानत याचिका दायर कर चुका था, जिसे 9 फरवरी 2026 को रीवा के चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश की अदालत ने खारिज कर दिया था। अदालत ने अपने आदेश में कहा था कि आरोपी पहले भी ब्राह्मण समाज के धार्मिक कर्मकांडों को लेकर आपत्तिजनक कंटेंट पोस्ट कर चुका है।

सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद विवाद बढ़ने लगा तो आरोपी ने पोस्ट में कुछ शब्द बदल दिए, लेकिन सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी। इससे समाज के लोगों में नाराजगी और बढ़ गई।

ब्राह्मण समाज के लोगों का आरोप है कि वीडियो के जरिए जानबूझकर समाज की बेटियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने की कोशिश की गई। फिलहाल पुलिस का कहना है कि आरोपी की तलाश की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह पहला मौका नहीं है जब मनीष पटेल विवादों में घिरा हो। इससे पहले भी उसके सोशल मीडिया कंटेंट को लेकर कई बार शिकायतें दर्ज हो चुकी हैं। पूर्व में उसने सेना के जवानों को लेकर भी आपत्तिजनक कंटेंट साझा किया था।

महिला से भाजपा पार्षद पर लगाया ठगी का आरोप, भूमि के नाम पर ठगे लाखो रुपए, कलेक्टर से हुई शिकायत


अनूपपुर

नगर पालिका परिषद अनूपपुर के वार्ड क्रमांक 2 के भाजपा पार्षद संजय चौधरी एवं सूर्य चौधरी पर एक गरीब मजदूर महिला से शासकीय भूमि को निजी पट्टे की जमीन बताकर लाखों रुपये लेने का गंभीर आरोप लगा है। मामले को लेकर पीड़िता ने कलेक्टर के समक्ष शिकायत प्रस्तुत कर कठोर कार्रवाई की मांग की है।

शिकायतकर्ता रजनी रजक पति स्वर्गीय लाला रजक, निवासी वार्ड क्रमांक 6 सामतपुर, थाना, तहसील एवं जिला अनूपपुर ने आवेदन में बताया कि वह मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती हैं। वर्ष 2023-24 में वार्ड क्रमांक 2 निवासी सूर्य चौधरी एवं भाजपा पार्षद संजय चौधरी उनके घर पहुंचे और मॉडल स्कूल के पास स्थित भूमि को अपना पट्टे की जमीन बताते हुए विक्रय करने की बात कही।पीड़िता के अनुसार, दोनों आरोपियों ने पहले विद्युत ठेकेदार करतार केवलानी के सामने 50 हजार रुपये लिए। इसके बाद दो अलग-अलग अवसरों पर उनके घर पहुंचकर उनके बेटे के सामने 50-50 हजार रुपये और लिए। इस प्रकार कुल 1 लाख 50 हजार रुपये उनसे ले लिए गए। वहीं जमीन पर बाउंड्री निर्माण कराने के नाम पर महिला से दो गाड़ी मुरूम और दो गाड़ी ईंट भी गिरवाई गई, जिसमें लगभग 50 हजार रुपये अतिरिक्त खर्च हुए। इस तरह पीड़िता को करीब दो लाख रुपये की आर्थिक क्षति हुई।

महिला ने आवेदन में बताया कि घरेलू समस्याओं के चलते वह तीन माह तक बाउंड्री निर्माण नहीं करा सकीं। इसी दौरान उक्त जमीन किसी अन्य व्यक्ति को बेच दी गई। बाद में जानकारी मिली कि जिस भूमि को निजी पट्टे की जमीन बताया गया था, वह वास्तव में शासकीय भूमि है।

पीड़िता का आरोप है कि जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो दोनों आरोपियों द्वारा लगातार टालमटोल की जाती रही। आज तक न तो राशि लौटाई गई और न ही कोई जमीन दिलाई गई। उन्होंने कलेक्टर से मांग की है कि उनसे ली गई पूरी राशि वापस दिलाई जाए तथा दोनों आरोपियों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

तेज रफ्तार ट्रक ने मचाया उत्पात, कई वाहन व दुकानें क्षतिग्रस्त, मामला दर्ज, ट्रक व चालक की तलाश जारी


अनूपपुर/कोतमा

कोतमा नगर के गहरवार प्रेस के पास में मंगलवार रात एक तेज रफ्तार ट्रक चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए जमकर उत्पात मचा दिया। ट्रक चालक ने सड़क किनारे खड़े वाहनों, दुकानों एवं अन्य सामानों को टक्कर मार दी, जिससे कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए तथा दो लोग घायल हो गए। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। कोतमा थाना पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर आरोपी ट्रक चालक के विरुद्ध मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

वॉर्ड क्रमांक 12 गोविंदा कालरी निवासी जावेद खान पुत्र जहीर खान की गहरवार प्रेस के पास इलेक्ट्रॉनिक की दुकान है। मंगलवार रात लगभग 8:50 बजे वे अपनी दुकान बंद कर रहे थे। इसी दौरान शारदा मंदिर रोड की ओर से ट्रक क्रमांक MH43 CQ 6715 का चालक सोनू सोनकर पिता प्यारेलाल सोनकर निवासी गेट दफाई भालूमाडा तेज गति एवं लापरवाहीपूर्वक ट्रक चलाते हुए वहां पहुंचा और दुकान के सामने खड़ी टीवीएस मोटरसाइकिल क्रमांक CG16 C 5046 को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगने से मोटरसाइकिल जावेद खान के ऊपर गिर गई, जिससे उन्हें चोटें आईं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार ट्रक चालक ने वाहन को पीछे करते समय दुर्गेश चौधरी निवासी ग्राम ऊरा की मोटरसाइकिल क्रमांक CG16 C 9321 को भी टक्कर मार दी, जिससे मोटरसाइकिल क्षतिग्रस्त हो गई। घटना के दौरान मनोज जैन गन्ना वाले की कुर्सियां टूट गईं, वहीं अनिमेश प्रताप सिंह की दुकान की छत एवं शटर भी क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद भी ट्रक चालक नहीं रुका और ट्रक लेकर गोविंदा कालरी की ओर भागने लगा।

भागते समय ट्रक चालक ने अभिषेक सिंह उर्फ विक्की निवासी भालूमाडा की कार को भी टक्कर मार दी तथा मुक्तेश्वर मिश्रा निवासी वार्ड क्रमांक 13 लहसुई कैम्प की मोटरसाइकिल को ठोकर मारते हुए उन्हें घायल कर दिया। कोतमा पुलिस ने आरोपी ट्रक चालक के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा ट्रक एवं आरोपी चालक की तलाश की जा रही है।

किराना दुकान में घुसी तेज रफ्तार कार, घायल मासूम की हुई मौत, मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम भमरहा में एक दर्दनाक सड़क हादसे में 9 वर्षीय बालक की मौत हो गई। तेज रफ्तार और अनियंत्रित कार सड़क किनारे स्थित किराना दुकान में जा घुसी, जिससे दुकान में बैठा मासूम गंभीर रूप से घायल हो गया। उपचार के दौरान अस्पताल ले जाते समय उसकी मौत हो गई।घटना के बाद पूरे गांव में हड़कंप मच गया, वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस ने कार और चालक को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार भमरहा गांव के कैथा चौराहा के पास महेंद्र सिंह की किराना दुकान संचालित है। सोमवार शाम उनका 9 वर्षीय पुत्र दीपक दुकान में बैठा हुआ था। इसी दौरान ब्यौहारी की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक कार अनियंत्रित होकर सीधे दुकान के अंदर जा घुसी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दुकान के अंदर बैठा दीपक गंभीर रूप से घायल हो गया।

तेज आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में घायल बालक को अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रीवा रेफर कर दिया, लेकिन रास्ते में ही मासूम ने दम तोड़ दिया।

घटना की जानकारी मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कार सहित चालक को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 

नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के दो आरोपी गिरफ्तार, रेत से भरा ट्रैक्टर ट्रॉली को वन विभाग ने किया जप्त


अनूपपुर

जिले के थाना करन पठार पुलिस द्वारा नाबालिग बालिका के साथ दुष्कर्म के दो आरोपीयों को ग्राम देवरी से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

15 वर्षीय नाबालिग बालिका द्वारा अपने माता पिता के साथ थाना करनपठार अनूपपुर पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि रिस्तेदारी में शादी के कार्यक्रम के दौरान आरोपी प्रकाश सिंह पिता मधुर सिंह , नान्हू सिंह पिता गोकुल सिंह मरावी दोनो निवासी देवरी थाना करनपठार जिला अनूपपुर के द्वारा नाबालिक बालिका को जबरदस्ती नान्हू सिंह के घर ले जाकर  बन्द कमरे में जबरदस्ती ले जाकर जान से मारने की धमकी देकर आरोपी प्रकाश सिंह द्वारा नाबालिग बालिका के साथ शारीरिक दुष्कर्म किया गया है। उक्त रिपोर्ट पर थाना करनपठार अनूपपुर में अप. क्र. 170/26 धारा 96,64(2)(i),64(2)(j),65(1),142,351(3) बीएनएस  ¾ पक्सो एक्ट पंजीबद्ध किया गया।

*अवैध रेत परिवहन में ट्रैक्टर ट्रॉली जप्त*


अनूपपुर जिले के वन परिक्षेत्र बिजुरी में वन अपराध के खिलाफ लगातार कार्यवाही जारी है।  इसी क्रम में बेलगांव बीट के वन क्षेत्र में रेत के अवैध उत्खनन परिवहन में संलग्न ट्रैक्टर ट्रॉली कों जप्त कर वन अपराध दर्ज किया गया ।

मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई की बीट बेलगांव के कक्ष RF 529 कनई नदी से ट्रैक्टर ट्रॉली के द्वारा रेत का उत्खनन कर परिवहन किया जा रहा है। मुखबिर की सूचना पर टीम गठित कर मौक़ा स्थल पर भेजा गया। टीम के द्वारा स्वराज कम्पनी का सोल्ड ट्रैक्टर ट्रॉली को घेरा बंदी कर वन क्षेत्र में उत्खनन स्थल पर रोक कर रेत उत्खनन एवं परिवहन के संबंध में वैध दस्तावेजों की मांगने पर वाहन चालक रंजीत सिंह पिता बुद्धू सिंह निवासी सरई नाका थाना बिजुरी द्वारा रेत उत्खनन परिवहन के संबंध में कोई भी वैध दस्तावेज़ प्रस्तुत नहीं किए जाने की दशा में वन अधिकारियों को सूचित कर प्राप्त निर्देशानुसार वाहन चालक के खिलाफ वन अपराध दर्ज कमाक 4728/13 दर्ज कर नियमानुसार कार्यवाही करते ट्रैक्टर ट्रॉली कों जप्त कर वन परिक्षेत्र कार्यालय बिजुरी लाया गया। आरोपी वाहन चालक एवं वाहन मालिक के विरुद्ध प्रथम दृष्टया वन अपराध कारित किए जाने पर भारतीय वन अधिनियम 1927 की वन अपराध दर्ज किया गयं

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