शिकार के लिए लगाए गए करंट की चपेट में आये 2 युवक, 1 की हुई मौत, 1 घायल अस्पताल में भर्ती


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के साखी गांव के पास जंगल में जंगली जानवरों के शिकार के लिए बिछाए गए करंट की चपेट में आने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से झुलस गया। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों युवकों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने एक युवक को मृत घोषित कर दिया। वहीं दूसरे का इलाज जारी है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान साखी निवासी प्रिंस लोनी (19) पुत्र सूरज लोनी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि प्रिंस अपने एक साथी के साथ घर से निकला था। दोनों जब गांव के पास जंगल वाले क्षेत्र से गुजर रहे थे, तभी वहां जंगली जानवरों के शिकार के उद्देश्य से अवैध रूप से बिछाए गए बिजली के तार की चपेट में आ गए। करंट लगते ही दोनों युवक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े।

घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बिजली के संपर्क से दोनों को अलग कर तत्काल अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उपचार के दौरान प्रिंस ने दम तोड़ दिया, जबकि दूसरे युवक का इलाज जारी है। उसकी हालत पर चिकित्सकों की निगरानी बनी हुई है।

सूचना मिलने पर ब्यौहारी थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मृतक के शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम की कार्रवाई कराई। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले में मर्ग कायम कर विवेचना शुरू कर दी गई है। दोषियों की पहचान के लिए आसपास के ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल में उपचार के दौरान मरीज की हुई मौत, परिजनों ने लापरवाही का लगाया आरोप


 अनूपपुर

जिले के जैतहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान एक मरीज की मौत हो जाने के बाद परिजनों ने चिकित्सकीय लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर क्षेत्र में चर्चा तेज हो गई है। परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत लगातार बिगड़ती रही, इसके बावजूद उसे समय रहते उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर नहीं किया गया, जिसके कारण उसकी जान चली गई।

मृतक के परिजनों के अनुसार मरीज को पेशाब नली में रुकावट, पेट फूलने तथा अत्यधिक दर्द की शिकायत थी। परिजन उसे उपचार के लिए जैतहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे थे। उनका कहना है कि मरीज की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल विशेषज्ञ उपचार की आवश्यकता थी, लेकिन अस्पताल में उचित व्यवस्था नहीं होने के बावजूद मरीज को रेफर नहीं किया गया।

परिजनों ने आरोप लगाया कि कैथेटर लगवाने के लिए वे रात भर इधर-उधर भटकते रहे, लेकिन कहीं भी समय पर सुविधा उपलब्ध नहीं हो सकी। उनका कहना है कि यदि मरीज को समय रहते जिला अस्पताल या किसी बड़े चिकित्सा केंद्र भेज दिया जाता तो संभवतः उसकी जान बचाई जा सकती थी।

मृतक के परिवार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी में पदस्थ डॉ. मुकेश शर्मा पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। परिजनों का कहना है कि चिकित्सक द्वारा मरीज की स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया गया और आवश्यक निर्णय लेने में देरी की गई।घटना के बाद स्थानीय लोगों में भी आक्रोश देखा जा रहा है।  

दोस्तों के साथ सोन नदी में नहाने गया किशोर की डूबने से हुई मौत, ग्रामीणों ने शव को निकाला


शहडोल 

जिले के पपौंध थाना क्षेत्र के बड़ी खारी गांव में 17 वर्षीय किशोर की सोन नदी में डूबने से मौत हो गई। घटना उस समय हुई जब किशोर अपने दोस्तों के साथ नदी में नहाने गया था। अचानक गहरे पानी में चले जाने से वह डूबने लगा। साथियों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी।

जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान विप्र साकेत (17) निवासी बड़ी खारी के रूप में हुई है। वह अपने दोस्तों के साथ सोन नदी में नहाने पहुंचा था। नहाते समय वह नदी के गहरे हिस्से में चला गया और पानी में डूब गया। दोस्तों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास मौजूद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलते ही पपौंध थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से किशोर के शव को नदी से बाहर निकाला गया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला नदी में नहाने के दौरान डूबने से मौत का सामने आया है। फिलहाल मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच की जा रही है। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी इस हादसे के बाद शोक का माहौल है।

गौशाला में गिरी आकाशीय बिजली, तीन मवेशियों की मौत, कुत्तों के हमले से हिरण घायल


अनूपपुर

कोतवाली थाना अनूपपुर अंतर्गत 15 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत औढेरा के औढेरा गांव में दो गाय एवं एक बैल सहित तीन मवेशियों की गौशाला के पास आकाशीय बिजली गिरने से चपेट में आने पर स्थल पर मौत हो गई। घटना की सूचना पशु मालिक रामचरण पिता भंगी कोल एवं बेनी प्रसाद यादव पिता गणेश यादव निवासी औढेरा ने कोतवाली थाना अनूपपुर में किए जाने पर पशु चिकित्सा द्वारा मौके पर पहुंचकर मृत तीनों पालतू मवेशियों के शवो का शव परीक्षण की कार्यवाही की, इस दौरान ग्राम पंचायत सरपंच श्याम बाई सिंह,जयपाल सिंह,वन्यजीव संरक्षक अनूपपुर शशिधर अग्रवाल,पशु मालिक एवं ग्रामीण जन उपस्थित रहे। 

*जंगली कुत्तों के हमले से हिरण हुआ घायल*

उमरिया जिले के चंदिया क्षेत्र स्थित बरम बाबा के पास एक हिरण पर जंगली कुत्तों के झुंड ने हमला कर दिया। कुत्ते हिरण का शिकार करने का प्रयास कर रहे थे, तभी वहां से गुजर रहे ग्रामीणों की नजर घायल हिरण पर पड़ी। ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए हिरण को बचाने का प्रयास किया और तत्काल वन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही एसडीओ कुलदीप त्रिपाठी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए वन अमले को मौके पर रवाना किया।

वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घायल हिरण का रेस्क्यू किया और उसे अपने कब्जे में लेकर चंदिया रेंज कार्यालय पहुंचाया। जहां हिरण का विधिवत उपचार किया जा रहा है। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार हिरण की हालत पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और स्वस्थ होने के बाद उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। 

कार अनियंत्रित होकर मकान में घुसी, तीन लोग घायल, गाँजा व शराब जप्त, तीन पर मामला दर्ज


अनूपपुर

जिले के डोला नगर परिषद क्षेत्र में एक बड़ा सड़क हादसा होते-होते टल गया। कोतमा से मनेन्द्रगढ़ जा रही एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर सड़क किनारे स्थित एक मकान में जा घुसी। गनीमत रही कि हादसे के समय घर खाली था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। कार क्रमांक CG16CU8927 कोतमा से मनेन्द्रगढ़ की ओर जा रही थी। डोला नगर परिषद के वार्ड क्रमांक-3 में चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा। तेज रफ्तार कार सड़क किनारे नाले को पार करती हुई कुंदन गुप्ता के मकान में जा घुसी।

हादसे के समय मकान में कोई मौजूद नहीं था। इससे किसी तरह की जनहानि नहीं हुई। कार में 8 वर्षीय बच्चे सहित कुल 3 लोग सवार थे, जिन्हें भी गंभीर चोट नहीं आई। कार के मकान में घुसते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत कार में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद इलाके में कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस और एंबुलेंस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है।

*747 ग्राम गांजा व 16 लीटर अवैध शराब जप्त*


अनूपपुर जिले के थाना बिजुरी पुलिस ने गांजा एवं अवैध शराब के विरुद्ध अलग-अलग कार्यवाही करते हुए कुल लगभग ₹12,000 मूल्य का मशरूका जप्त कर आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की है। मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति घनश्याम यादव लोहसरा स्थित ठाकुर बाबा मंदिर के पास अवैध मादक पदार्थ गांजा बिक्री करने की नियत से रखा हुआ है। सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए पुलिस टीम द्वारा घेराबंदी कर संदेही घनश्याम यादव पिता ददानी यादव, उम्र 48 वर्ष, निवासी कनईटोला, बिजुरी को पकड़ा गया।

तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 747 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा बरामद हुआ, जिसे विधिवत जप्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 231/2026, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

थाना बिजुरी पुलिस द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध चलाए गए अभियान के दौरान तीन अलग-अलग प्रकरणों में कार्रवाई करते हुए, रतन सिंह पिता बीर बहादुर सिंह, उम्र 55 वर्ष, निवासी माइनस कॉलोनी, बिजुरी। राकेश सिंह कंवर पिता श्यामलाल सिंह कंवर, उम्र 45 वर्ष, निवासी उमरदा। शीतल प्रसाद पनिका पिता बेसाहू लाल पनिका, उम्र 30 वर्ष, निवासी उमरदा। के कब्जे से कुल 04 लीटर अंग्रेजी शराब एवं 12 लीटर देसी महुआ शराब जप्त कर आबकारी अधिनियम के तहत वैधानिक कार्यवाही की गई।

मॉडल ट्राइबल स्कूल पर संकट 8वीं के बाद आदिवासी बच्चों का भविष्य, अभिभावक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर


*विद्यालय का नही हुआ उन्नयन*

अनूपपुर। 

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (अमरकंटक) परिसर स्थित मॉडल ट्राइबल स्कूल को कक्षा 9वीं से 12वीं तक उन्नत करने की वर्षों पुरानी मांग अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। सोमवार को अभिभावक संघ अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठ गया है। अभिभावकों का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन केंद्र सरकार को भ्रामक जानकारी देकर स्कूल के उन्नयन को लगातार टाल रहा है, जिससे आठवीं उत्तीर्ण कर चुके सैकड़ों आदिवासी विद्यार्थियों का भविष्य अधर में लटक गया है। उनका कहना है कि कई बार आवेदन, ज्ञापन और जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बावजूद कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। कई सांसदों द्वारा केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को पत्र लिखे जाने और राष्ट्रपति तक गुहार लगाने के बाद भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। अभिभावकों का कहना है कि यह केवल एक स्कूल के विस्तार का मुद्दा नहीं, बल्कि आदिवासी बच्चों के शिक्षा के अधिकार, समान अवसर और सामाजिक न्याय से जुड़ा संवेदनशील प्रश्न है।

*शिक्षा पर लगा विराम, बच्चों का भविष्य संकट में*

मॉडल ट्राइबल स्कूल की स्थापना आदिवासी विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से की गई थी, लेकिन विद्यालय आज भी केवल कक्षा 8वीं तक सीमित है। परिणामस्वरूप विद्यार्थियों को अन्य स्कूलों में प्रवेश लेने के लिए मजबूर होना पड़ता है। आर्थिक और सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के अनेक बच्चे बीच में ही पढ़ाई छोड़ देते हैं। अभिभावकों का कहना है कि यदि समय रहते 9वीं से 12वीं तक कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हुआ तो अनेक प्रतिभाशाली छात्र शिक्षा से वंचित हो जाएंगे।

*ज्ञापन व सांसदों के पत्र भी नहीं आए काम*

विद्यालय के उन्नयन के लिए अभिभावकों, छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं ने कई बार विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपे। इसके बाद शहडोल सांसद हिमाद्री सिंह, मंडला सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते और खरगोन-बड़वानी सांसद गजेन्द्र सिंह पटेल ने भी केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय को अनुशंसा पत्र भेजे। राष्ट्रपति को ज्ञापन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री से व्यक्तिगत मुलाकात के बावजूद अब तक कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, जिससे अभिभावकों में गहरा असंतोष है।

*प्रशासन पर गुमराह करने का आरोप*

अभिभावक संघ का आरोप है कि विश्वविद्यालय प्रशासन वास्तविक स्थिति से केंद्र सरकार को अवगत कराने के बजाय भ्रामक जानकारी प्रस्तुत कर रहा है। उनका कहना है कि लगातार उपेक्षा के कारण अब शांतिपूर्ण और अनिश्चितकालीन आंदोलन ही अंतिम विकल्प बचा है। अभिभावकों का स्पष्ट कहना है कि जब तक विद्यालय को कक्षा 12वीं तक उन्नत करने का लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

*धरना से पहले लगा प्रतिबंध*

धरना की अनुमति मांगने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासनिक भवन और मुख्य द्वार के आसपास प्रतिबंधात्मक आदेश लागू कर दिए गए। अभिभावकों और सामाजिक संगठनों का कहना है कि शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे पर संवाद स्थापित करने के बजाय आंदोलन पर रोक लगाने का प्रयास लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उनका मानना है कि प्रशासन को प्रतिबंध लगाने के बजाय समस्या के समाधान के लिए सकारात्मक पहल करनी चाहिए।

*शिक्षा बचाओ आंदोलन बना आदिवासी अधिकारों की आवाज*

अभिभावकों का कहना है कि यह संघर्ष किसी संस्था के विरोध का नहीं, बल्कि आदिवासी बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने का अभियान है। उनका विश्वास है कि शिक्षा ही सामाजिक न्याय, समान अवसर और आत्मनिर्भरता का सबसे मजबूत आधार है। उन्होंने समाज, जनप्रतिनिधियों और सरकार से अपील की है कि मॉडल ट्राइबल स्कूल को शीघ्र कक्षा 12वीं तक उन्नत किया जाए ताकि जनजातीय विद्यार्थियों को अपने ही परिसर में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करने का अवसर मिल सके।

हर्राटोला पंचायत में पत्नी सरपंच पति बना ठेकेदार, घटिया निर्माण और नियमों की अनदेखी के गंभीर आरोप

*आशा कार्यकर्ता पद के साथ सरपंच की सीट भी संभाल रही निर्वाचित सरपंच रामदुलारी*


अनूपपुर

जिले की जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ के ग्राम पंचायत हर्राटोला एक बार फिर गंभीर आरोपों के कारण चर्चा में है। ग्रामीणों द्वारा सौंपे गए शिकायत पत्र में आरोप लगाया गया है कि सरपंच रामदुलारी सिंह के कार्यकाल में पंचायत के अधिकांश विकास कार्य उनके पति द्वारा ठेकेदारी के माध्यम से कराए गए है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि निर्माण कार्यों में गुणवत्ता की अनदेखी की गई, फर्जी तरीके से भुगतान निकाला गया तथा ग्राम सभा की स्वीकृति के बिना योजनाओं को क्रियान्वित किया गया है। ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि सरपंच रामदुलारी सिंह आशा कार्यकर्ता के रूप में भी कार्यरत हैं और अपने दोनों पदों का उपयोग कर प्रशासन को गुमराह करने का प्रयास किया जा रहा है। शिकायत में पूरे कार्यकाल के विकास कार्यों, भुगतान, गुणवत्ता और नियमों के पालन की निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषियों पर कार्यवाही की मांग की गई है।

*सरपंच बनने के बाद पति बना ठेकेदार*

ग्रामीणों का आरोप है कि सरपंच रामदुलारी सिंह के निर्वाचित होने के बाद पंचायत के लगभग सभी निर्माण कार्य उनके पति नत्थू सिंह के माध्यम से कराए गए है। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि पंचायत के कार्यों में पारदर्शिता नहीं बरती गई और ठेकेदारी जैसी व्यवस्था अपनाकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत प्रतिनिधि स्वयं या उनके निकट संबंधी पंचायत कार्यों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष लाभ नहीं ले सकते, लेकिन इस सिद्धांत की अनदेखी की गई है। अब इस पूरे मामले की जांच भगवान भरोसे अधर में लटकते दिखाई पड़ रही है।

*सरपंच है, आशा कार्यकर्ता*

ग्रामीणों का आरोप है यह भी है कि सरपंच रामदुलारी सिंह वर्तमान में आशा कार्यकर्ता के रूप में भी कार्यरत हैं। ग्रामीणों का दावा है कि दोनों भूमिकाओं के कारण प्रशासनिक कार्यों में निष्पक्षता प्रभावित हुई है तथा शासन को भ्रामक जानकारी दी गई है। शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि संबंधित विभाग यह स्पष्ट करे कि दोनों जिम्मेदारियों के निर्वहन में किसी प्रकार के सेवा नियमों या दिशा-निर्देशों का उल्लंघन हुआ है या नहीं। इस संबंध में भी स्वतंत्र जांच की मांग की गई है।

*घटिया निर्माण व लाखों की वित्तीय अनियमितता*

ग्रामीणों के अनुसार पंचायत में सड़क, पुल और अन्य विकास कार्यों में मानकों का पालन नहीं किया गया है। शिकायत में आरोप है कि गिट्टी और बोल्डर के स्थान पर घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है कई सड़कों में बिना बेस डाले ही सड़क की ढलाई कर दी है है, जबकि भुगतान उच्च गुणवत्ता वाले कार्यों के नाम पर किया गया है। कुछ कार्यों में वास्तविक लागत से कई गुना अधिक राशि निकालने का भी आरोप लगाया गया है। 

*जांच की मांग*

ग्रामीणों ने सामूहिक हस्ताक्षरयुक्त ज्ञापन देकर सरपंच, सचिव और संबंधित अधिकारियों के पूरे कार्यकाल की जांच की मांग की है।  साथ ही, जांच पूरी होने तक संदिग्ध निर्माण कार्यों के भुगतान और नए कार्यों पर रोक लगाने की मांग भी की गई है।

इनका कहना है।

शिकायत प्राप्त हुई है जल्द ही जांच कर कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी, आशा कार्यकर्ता के संबंध में स्वास्थ्य विभाग को पत्राचार किया गया है जैसे ही दस्तावेज जानकारी प्राप्त होती है कार्यवाही नियमानुसार होगी।

*हरीश चंद्र द्विवेदी, सीईओ पुष्पराजगढ़*

हम किसी पर बोझ नही बनना चाहते सुसाइड नोटर लिखकर, माँ बेटी ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी


​अनूपपुर

जिले के कोतमा थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां एक मां और उसकी बेटी ने आत्महत्या कर ली। प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार शाम दोनों ने एक आम के पेड़ की अलग-अलग डालियों से फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली।

थाना प्रभारी कोतमा रत्नांभर शुक्ला के अनुसार, मृतकों की पहचान 42 वर्षीय मीरा रैदास और उनकी पुत्री पूनम रैदास के रूप में की गई है। मीरा रैदास अपने पति से अलग होकर मायके में रह रही थीं और अपनी बेटी का पालन-पोषण कर रही थीं। जानकारी के अनुसार, पति से भरण-पोषण की राशि दिलाने का मामला न्यायालय में चल रहा था और उन्हें अदालत के आदेशानुसार भरण-पोषण की राशि मिल भी रही थी।

प्रारंभिक जांच से यह पता चला है कि रविवार की सुबह मां और बेटी कोतमा बाजार गई थीं, जहां से उन्होंने रस्सी खरीदी थी। इसके बाद, शाम को करीब चार बजे वे अपने घर से कुछ दूर स्थित एक सुनसान जगह पर पहुंचीं और आम के पेड़ की दो अलग-अलग डालियों पर फांसी का फंदा बनाकर आत्महत्या कर ली।

मौके से पुलिस ने बेटी पूनम द्वारा लिखा गया एक सुसाइड नोट बरामद किया है। इस नोट में लिखा है— “हम किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते।” पुलिस ने सुसाइड नोट को जब्त कर लिया है और मामले की गहन जांच शुरू कर दी है।

पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में आर्थिक तंगी जैसी कोई बात सामने नहीं आई है। आत्महत्या के सटीक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है और मामले के सभी पहलुओं की विस्तृत जांच की जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया था।

शासकीय भूमि बताने पर पटवारी के साथ की मारपीट, बनाया बंधक, मामला हुआ दर्ज


उमरिया

जिले के पाली तहसील अंतर्गत ग्राम बकेली में राजस्व विभाग के एक पटवारी के साथ कथित मारपीट और बंधक बनाने का गंभीर मामला सामने आया है। जमीन सीमांकन को लेकर शुरू हुआ विवाद हिंसक रूप ले बैठा। पीड़ित पटवारी की शिकायत पर पाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

फरियादी गोरेलाल सिंह मार्को निवासी भरहुत, वर्तमान में पटवारी हल्का बकेली में पदस्थ हैं। वे ग्राम बकेली में जमीन सीमांकन का कार्य पूरा कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान बड़वाही तिराहा के पास उनकी मुलाकात विपिन सोनी से हुई।

विपिन सोनी ने सीमांकन के दौरान उसकी जमीन को शासकीय भूमि बताए जाने पर नाराजगी जताई। उसने कथित तौर पर कहा कि आज तक किसी पटवारी ने उसकी जमीन को शासकीय नहीं बताया और इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान आरोपी ने गालियां देते हुए पटवारी के साथ मारपीट की।

पटवारी का आरोप है कि मारपीट के दौरान आरोपी ने उनकी बाईं कलाई मरोड़ दी, धक्का देकर जमीन पर गिराया और लातों से हमला किया। इसके बाद उन्हें घसीटते हुए अपने घर के अंदर ले जाकर कुछ देर तक बंधक बनाए रखा और वहां भी मारपीट की।

घटना के दौरान विकाश बैगा, मानू प्रजापति और संजय साहू मौके पर पहुंचे। तीनों ने घर का गेट खटखटाया, जिसके बाद आरोपी ने दरवाजा खोला और पटवारी को बाहर निकाला। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि आरोपी ने जाते-जाते धमकी दी कि अगली बार मिलने पर जान से मार देगा। मारपीट में पटवारी के बाएं हाथ की कलाई और बाएं पैर में चोटें आई हैं। इसके बाद वे अपनी पत्नी कुसुम सिंह के साथ पाली थाने पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की शिकायत दर्ज कराई।

सरकारी ड्यूटी पर तैनात राजस्व कर्मचारी के साथ कथित मारपीट और बंधक बनाए जाने की इस घटना से राजस्व महकमे में भी चर्चा का माहौल है। पुलिस अब प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने बताया कि पटवारी की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की विवेचना जारी है और जांच के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

19 मंडल, एक भी जनजातीय मंडल अध्यक्ष नही, जनजातीय बाहुल्य जिले में भाजपा संघटन आदर्श विचारधारा की कर रही है हत्या


शहडोल


19 मंडल, एक भी जनजातीय मंडल अध्यक्ष नहीं: जनजातीय बाहुल्य शहडोल में भाजपा संगठन पर उपेक्षा के आरोप

शहडोल। जनजातीय बाहुल्य शहडोल जिले में भारतीय जनता पार्टी के संगठनात्मक विस्तार को लेकर नया विवाद सामने आया है। भाजपा के हालिया मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति के बाद संगठन पर जनजातीय समाज की उपेक्षा के आरोप लगने लगे हैं। जिले के 19 मंडलों में एक भी जनजातीय चेहरे को मंडल अध्यक्ष की जिम्मेदारी नहीं दिए जाने से पार्टी के भीतर और जनजातीय समाज में असंतोष की चर्चा तेज हो गई है। जनजातीय मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति न होने के मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष अमिता चपरा पूरी तरह घिरते हुए नजर आ रही है। अब देखना यह होगा की भाजपा संगठन का डंडा जिलाध्यक्ष पर चलता है या यह पूरा मामला टॉय-टॉय फिस्स हो जाएगा।

जानकारी के अनुसार, भाजपा के प्रदेश संगठन द्वारा संगठनात्मक संतुलन और सामाजिक समरसता को ध्यान में रखते हुए विभिन्न वर्गों को प्रतिनिधित्व देने पर जोर दिया जाता रहा है। पार्टी के अंदर भी यह अपेक्षा व्यक्त की जाती रही है कि जनजातीय बहुल जिलों में जनजातीय कार्यकर्ताओं को संगठन में पर्याप्त अवसर दिए जाएं। ऐसे में शहडोल जैसे आदिवासी बहुल जिले में 19 में से एक भी मंडल अध्यक्ष जनजातीय वर्ग से नहीं बनाए जाने पर सवाल उठ रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का कहना है कि शहडोल संभाग लंबे समय से भाजपा का मजबूत गढ़ माना जाता है। नगर निकाय से लेकर विधानसभा और लोकसभा चुनावों तक भाजपा को लगातार सफलता मिलती रही है। इस सफलता में जनजातीय समाज की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। ऐसे में संगठनात्मक नियुक्तियों में इस वर्ग को प्रतिनिधित्व नहीं मिलना भविष्य की राजनीति पर प्रभाव डाल सकता है।

शहडोल संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व सांसद हिमाद्रि सिंह कर रही हैं, जिन्होंने पिछले लोकसभा चुनाव में रिकॉर्ड मतों से जीत दर्ज की थी। वहीं जिले की जयसिंहनगर विधानसभा से विधायक मनीषा सिंह प्रदेश भाजपा की उपाध्यक्ष होने के साथ संगठन में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभा रही हैं। इसके अलावा ब्यौहारी से विधायक शरद कोल, जिन्हें प्रदेश के सबसे युवा विधायकों में गिना जाता है, तथा वरिष्ठ विधायक जय सिंह मरावी, जो लगातार छह बार विधानसभा चुनाव जीत चुके हैं, भी जनजातीय समाज से आते हैं।

इतने प्रभावशाली जनजातीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी के बावजूद जिला संगठन में जनजातीय नेतृत्व को स्थान नहीं मिलने पर कई कार्यकर्ता इसे संगठनात्मक असंतुलन मान रहे हैं। उनका कहना है कि मंडल स्तर पर नेतृत्व तैयार करने का अवसर नहीं मिलने से युवा कार्यकर्ताओं का मनोबल प्रभावित हो सकता है।

सूत्रों के अनुसार, कई भाजपा कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि संगठन में सभी वर्गों को समान अवसर मिले तो पार्टी की जमीनी पकड़ और अधिक मजबूत होगी। उनका कहना है कि जनजातीय समाज हमेशा भाजपा के साथ मजबूती से खड़ा रहा है और संगठन में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करना भी आवश्यक है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संगठनात्मक नियुक्तियां केवल प्रशासनिक निर्णय नहीं होतीं, बल्कि उनका सामाजिक और राजनीतिक संदेश भी जाता है। विशेषकर उन जिलों में जहां किसी वर्ग की आबादी और राजनीतिक भागीदारी अधिक हो, वहां उस वर्ग को संगठन में उचित प्रतिनिधित्व देना भविष्य की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।

हालांकि, भाजपा जिला संगठन की ओर से इस विषय पर अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यदि संगठन की ओर से स्थिति स्पष्ट की जाती है तो इस विवाद की तस्वीर और साफ हो सकती है।

फिलहाल, 19 मंडलों में एक भी जनजातीय मंडल अध्यक्ष नहीं बनाए जाने का मुद्दा जिले में राजनीतिक चर्चा का केंद्र बना हुआ है। आने वाले समय में प्रदेश नेतृत्व इस विषय पर क्या रुख अपनाता है और संगठनात्मक स्तर पर कोई पुनर्विचार होता है या नहीं, इस पर राजनीतिक हलकों की नजर बनी हुई है। जनजातीय समाज के प्रतिनिधित्व को लेकर उठे इस विवाद का असर भविष्य में भाजपा की संगठनात्मक मजबूती और चुनावी रणनीति पर पड़ सकता है।

नहाने गया युवक डूबा हुई मौत, अतिक्रमण हटाते समय मलबे में दबा व्यक्ति, जेसीबी में हुआ पथराव


शहडोल

शहडोल जिला मुख्यालय में सड़क चौड़ीकरण के लिए चल रही बुलडोजर कार्रवाई के बीच एक मकान का मलबा व्यक्ति के ऊपर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल को जिला अस्पताल के आईसीयू में भर्ती कराया गया है। घटना से गुस्साए परिजनों और स्थानीय लोगों ने कार्रवाई में लगी नगर पालिका की जेसीबी पर पथराव कर दिया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। कुछ देर के लिए पूरे इलाके में तनाव की स्थिति बन गई।

जिला प्रशासन के निर्देश पर नगर पालिका की टीम सड़क चौड़ीकरण के लिए बुलडोजर और जेसीबी की मदद से अतिक्रमण हटा रही थी। इसी दौरान अचानक एक मकान का हिस्सा ढह गया और उसका मलबा सीताराम गुप्ता (45) के ऊपर आ गिरा, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल इलाज के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी नाजुक हालत को देखते हुए आईसीयू में भर्ती किया गया है। डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है।

घटना के बाद मौके पर मौजूद परिजनों और स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश फैल गया, नाराज परिजनों ने कार्रवाई में लगी नगर पालिका की जेसीबी पर पथराव कर दिया, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। स्थिति बिगड़ते देख मौके पर अफरा-तफरी मच गई और कार्रवाई में लगे कर्मचारी व अन्य लोग जान बचाकर इधर-उधर भागने लगे। कुछ समय के लिए पूरे क्षेत्र में तनाव का माहौल बना रहा।

जिला प्रशासन ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने और यातायात व्यवस्था सुधारने के उद्देश्य से इन्द्रा चौक से न्यू बस स्टैंड तक सड़क चौड़ीकरण अभियान शुरू किया है। व्यापारियों के विरोध के बाद सड़क की प्रस्तावित चौड़ाई 18 मीटर से घटाकर 17 मीटर कर दी गई थी। 

*वाटर प्लांट में नहाने गया युवक की डूबा हुई मौत*


शहडोल

जिले में प्रतिबंधित स्थानों पर नहाने के दौरान हादसे थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। गोहपारू थाना क्षेत्र के सोन टोला स्थित जल संसाधन विभाग के वाटर प्लांट में नहाने गए 21 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। युवक अपने दोस्तों के साथ यहां नहाने पहुंचा था। घटना के बाद एसडीईआरएफ टीम ने रेस्क्यू कर शव बाहर निकाला। खास बात यह है कि इसी वाटर प्लांट में एक महीने के भीतर डूबने से मौत की यह दूसरी घटना है।

सोन टोला स्थित सोन नदी पर जल संसाधन विभाग ने पानी फिल्टर करने के लिए वाटर प्लांट बनाया है। सुरक्षा कारणों से यहां आम लोगों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित है। परिसर के बाहर बड़े-बड़े चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और चौकीदार भी तैनात है। इसके बावजूद लोग उसकी बात अनसुनी कर जबरन अंदर चले जाते हैं।

पुलिस ने बताया कि धनपुरी थाना क्षेत्र के बम्होरी निवासी 21 वर्षीय आयुष प्रजापति अपने दोस्तों के साथ वाटर प्लांट में नहाने पहुंचा था। इसी दौरान वह गहरे पानी में चला गया और डूबकर लापता हो गया। सूचना मिलने पर गोहपारू पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीईआरएफ टीम को बुलाया गया। रेस्क्यू अभियान में एसडीईआरएफ टीम ने युवक का शव पानी से बाहर निकाला। इसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले की जांच की जा रही है।

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से दो बुजुर्गों की हुई मौत, कुँए में गिरा मासूम हुई मौत


शहडोल 

जिले गोहपारू और ब्यौहारी थाना क्षेत्रों में मवेशी चराने गए दो बुजुर्गों की आकाशीय बिजली की चपेट में आने से मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में शोक का माहौल है।

गोहपारू थाना क्षेत्र के उमरिया गांव निवासी इंदरनिया यादव (70), पति स्वर्गीय भोला यादव, मवेशी चराने बदरा जंगल गई थीं। शाम को तेज आंधी और बारिश शुरू होने पर मवेशी तो अपने आप घर लौट आए, लेकिन महिला घर नहीं पहुंचीं। बारिश थमने के बाद परिजन उनकी तलाश में निकले। घर से करीब दो किलोमीटर दूर सरई के पेड़ के नीचे इंदरनिया का शव मिला। आशंका है कि बारिश से बचने के लिए वह पेड़ के नीचे खड़ी थीं, तभी आकाशीय बिजली गिरने से उनकी मौके पर ही मौत हो गई।।

इसी तरह ब्यौहारी थाना क्षेत्र के बनासी गांव निवासी गोविंद सिंह  (62), पिता बदन सिंह, शनिवार को मवेशी चराने जंगल गए थे। देर शाम तेज आंधी और बारिश के दौरान मवेशी घर लौट आए, लेकिन गोविंद सिंह वापस नहीं आए। परिजनों ने उनकी तलाश शुरू की तो बनासी जंगल में छूहला के पेड़ के नीचे उनका शव मिला। प्रारंभिक जांच में उनकी मौत भी आकाशीय बिजली गिरने से होना सामने आया है।

*कुएं में गिरा मासूम हुई मौत*


जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के कुबरा गांव में एक दर्दनाक हादसे में तीन साल के मासूम की कुएं में डूबने से मौत हो गई। घर के आंगन में खेल रहा बच्चा दौड़ते-दौड़ते बाड़ी में बने खुले कुएं तक पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक की लहर है। मृतक की पहचान दीवांश साहू (3) पुत्र दीपक साहू, निवासी कुबरा गांव के रूप में हुई है। बताया गया कि दीवांश घर के आंगन में खेल रहा था। खेलते-खेलते वह घर की बाड़ी की ओर दौड़ गया, जहां एक कुआं स्थित है। इसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे कुएं में जा गिरा। परिजनों को बच्चा दिखाई नहीं दिया तो उसकी तलाश शुरू की गई। खोजबीन के दौरान जब कुएं में देखा गया तो मासूम पानी में दिखाई दिया। परिजन और ग्रामीण तत्काल उसे बाहर निकाला तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।

ट्रेन की चपेट में आया युवक, हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज रेफर, रेलवे पुलिस ने जांच की शुरू


अनूपपुर

कोतमा रेलवे स्टेशन से अंबिकापुर की ओर रवाना हुई, शहडोल–अंबिकापुर पैसेंजर ट्रेन की चपेट में आने से एक युवक गंभीर रू प से घायल हो गया। घटना लहसुई गांव के समीप रेलवे सिग्नल के पास हुई, जिससे क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई।

घायल युवक की पहचान खुमान प्रजापति 25 वर्ष निवासी देवरी, थाना भालूमाड़ा के रूप में हुई है। बताया जाता है कि युवक रेलवे ट्रैक के समीप मौजूद था। इसी दौरान ट्रेन के सामने आने से वह उसकी चपेट में आ गया और गंभीर रूप से घायल होकर दूर जा गिरा।

घटना के बाद ट्रेन चालक ने तत्काल ट्रेन रोककर रेलवे विभाग और रेलवे पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रेलवे पुलिस और संबंधित कर्मचारी मौके पर पहुंचे तथा घायल युवक को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के दौरान चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया। जहाँ युवक की हालत गंभीर बताई जा रही थी। रेलवे पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 

पुलिस ने 50 लाख का 2 कार सहित 267 किलो गाँजा किया जब्त, मौका पाकर जंगल मे आरोपी हुए फरार

*जयसिंहनगर व ब्यौहारी पुलिस की कार्यवाही*


शहडोल

जिले के ब्यौहारी व जयसिंहनगर थाना पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में दो लग्जरी वाहनों से करीब 267 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। जब्त मादक पदार्थ और वाहनों की कुल कीमत 50 लाख रुपये से अधिक आंकी गई है। दोनों मामलों में तस्कर पुलिस की घेराबंदी देखकर वाहन छोड़कर जंगल की ओर फरार हो गए। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।

मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहडोल से मानपुर की ओर से एक सफेद रंग की ब्रेजा कार (सीजी-13-एए-7494) में गांजे की खेप ले जाई जा रही है। सूचना मिलते ही ब्यौहारी पुलिस ने सोन नदी पुल से वाहन का पीछा शुरू किया और वन विभाग के रेस्ट हाउस के पास बड़े वाहनों की मदद से रास्ता रोककर कार को घेर लिया। पुलिस की घेराबंदी देखकर आरोपी कार छोड़कर फरार हो गए। तलाशी लेने पर वाहन से 127 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।

*स्कॉर्पियो से मिला 140 किलो गांजा*

दूसरी कार्रवाई जयसिंहनगर थाना पुलिस ने की। पुलिस को सूचना मिली थी कि मानपुर-टेटका मार्ग से एक काली स्कॉर्पियो में गांजा ले जाया जा रहा है। पुलिस ने वाहन का पीछा किया तो तस्कर भुरका रोड के जंगल में स्कॉर्पियो छोड़कर फरार हो गए। तलाशी के दौरान वाहन से 140 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।

दोनों मामलों में पुलिस ने कुल 267 किलोग्राम गांजा और दो लग्जरी वाहन जब्त किए हैं। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत 50 लाख रुपये से अधिक बताई गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर उनकी पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। पिछले एक माह में यह गांजा तस्करी के खिलाफ तीसरी बड़ी कार्रवाई है।

महुआ बीनने गई नाबालिग बालिका व बुजुर्ग महिला आई आकाशीय बिजली की चपेट में दोनो की हुई मौत


शहडोल

दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में आकाशीय बिजली गिरने से दो लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। मृतकों में एक 68 वर्षीय बुजुर्ग महिला और एक 11 वर्षीय बालिका शामिल हैं। दोनों घटनाओं के बाद पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पहली घटना जैतपुर थाना क्षेत्र के कोटरी गांव की है। पुलिस के अनुसार 68 वर्षीय फुलची बाई कोल जंगल में महुआ की डोरी (महुआ के फल/बीज) बीनने गई थीं। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया और तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

दूसरी घटना जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के गांधिया गांव में हुई। यहां तेज हवा चलने के बाद घर के सामने लगे आम के पेड़ के नीचे गिरे आम बीनने गई 11 वर्षीय प्रियांशी रैदास आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। परिजनों ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है।

हाई कोर्ट ने महिला के जिलाबदर को किया रद्द, कलेक्टर लगाया 25 हजार जुर्माना, कमिश्नर के खिलाफ़ की तल्ख टिप्पणी


उमरिया

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने उमरिया निवासी माधुरी तिवारी के खिलाफ की गई जिलाबदर की कार्रवाई को रद्द कर दिया। कोर्ट ने उमरिया कलेक्टर के फैसले पर हैरानी जताई और 25 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। साथ ही कमिश्नर पर भी तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा की संभागायुक्त अपने विवेक से काम नहीं करते हैं। किसी डाकघर की तरह आई हुई डाक पर मुहर लगाने का काम कर रहे हैं।

एसएसओ के बयान पर कर दी गई कार्रवाई अधिवक्ता संजीव कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि माधुरी के खिलाफ अक्टूबर 2024 में उमरिया कलेक्टर धरणेन्द्र कुमार जैन ने जिलाबदर की कार्रवाई की थी। महिला पर दर्ज 6 आपराधिक मामलों में से 2 धारा 110 और 2 मामूली मारपीट की धाराओं के हैं। इसके साथ ही दो एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किए गए हैं।

महिला को किसी भी मामले में सजा नहीं हुई है। जस्टिस विवेक अग्रवाल की कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी पाया कि कलेक्टर ने एसएसओ मदन लाल मरावी के बयान के आधार पर महिला के खिलाफ जिलाबदर का आदेश पारित किया है।

महिला के पास कोई प्रतिबंधित पदार्थ नहीं मिला एसएसओ ने अपने बयान में यह भी स्वीकार किया है कि एनडीपीएस के एक प्रकरण में आरोपी रमेश सिंह सेंगर के बयान के आधार पर याचिकाकर्ता महिला को आरोपी बनाया गया था। कोर्ट को बताया गया कि महिला के पास कोई भी प्रतिबंधित पदार्थ नहीं मिला था।

हाईकोर्ट ने पाया कि पुलिस ने जो रिपोर्ट भेजी थी उसमें महिला के खिलाफ कोई कार्रवाई राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत नहीं की गई थी। उसे कलेक्टर ने बिना देखे जिला बदर कर दिया। जिसकी अपील कमिश्नर के यहां की गई। उन्होंने भी दस्तावेजों की जांच नहीं की। इसके बाद हाईकोर्ट में अपील की थी। कोर्ट ने आदेश को गलत पाया और उमरिया कलेक्टर पर 25 हजार की कास्ट लगाई है। साथ ही कमिश्नर से कहा कि आज अंग्रेजों का राज नहीं चल रहा है। कानून के अनुसार ही काम करना चाहिए।

आम बिनने गए किशोर आया आकाशीय बिजली की चपेट में, हुई मौत


अनूपपुर 

जिले की कोतवाली थाना अंतगर्त ग्राम बिजोड़ी में बारिश के दौरान आकाशीय बिजली गिरने से आम के पेड़ के नीचे आम बीनते समय 15 वर्षीय नबालिक की मौके पर ही मृत्यु हुई है।

थाना प्रभारी अरविन्द जैन ने बताया कि ग्राम बिजोड़ी निवासी रामनरेश यादव का 15 वर्षीय पुत्र अंश यादव उर्फ ऋषभ तेज हवा चलने पर आम के पेड़ के नीचे आम बीनते गया था, तभी बारिश के साथ आकाशीय बिजली गिरने से मृत्यु हुई है। ग्रामीणों ने इसकी सूचना कोतवाली को दी मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का निरिक्षण कर पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्डम के लिए जिला चिकित्सालय भेजा।

महिला की हत्या का खुलासा, लिव-इन पार्टनर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, भेजा जेल


अनूपपुर 

जिले के भालूमाड़ा थाना क्षेत्र में बुधवार को 22 जून को 42 वर्षीय महिला की संदिग्ध मौत के मामले का खुलासा कर दिया है। थाना प्रभारी उमेश उपाध्याय ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंदरूनी चोटों और दोनों हाथों की हड्डियां टूटने से हत्या की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने मृतका के लिव-इन पार्टनर 40 वर्षीय सफी खान को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां से जेल भेज दिया गया

42 वर्षीय जानकीबाई गोंड तीन साल पहले अपने पति और बच्चों को छोड़कर जमुना इलाके में अपनी बहन के पास आई थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात पड़ोस में रहने वाले सफी खान से हुई। कुछ समय बाद सफी खान ने जीएम बंगले के पास कॉलरी की जमीन पर एक मकान बनाया और जानकीबाई के साथ लिव-इन में रहने लगा। बताया जा रहा है कि दोनों ही नशे के आदी थे। घटना वाले दिन जानकीबाई दिनभर घर से लापता थी। शाम को जब वह घर लौटी, तो सफी खान ने उससे बाहर रहने की वजह पूछी, जिसे लेकर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। गुस्से में आकर सफी खान ने डंडे से जानकीबाई पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। आरोपी ने उसे इस बेरहमी से पीटा कि महिला के दोनों हाथों की हड्डियां टूट गईं और सिर और पेट में गंभीर चोटें आईं। इंटरनल ब्लीडिंग होने के कारण कुछ ही देर में कमरे के भीतर ही उसने दम तोड़ दिया।

घटना के बाद जब सफी खान की मां उसके घर पहुंची, तो आरोपी ने मारपीट की बात छुपाते हुए झूठी कहानी गढ़ी कि जानकीबाई नाली पर गिर गई थी और सिर में चोट लगने से उसकी मौत हो गई। इसके बाद मां ने ही थाने जाकर पुलिस को घटना की सूचना दी।

पुलिस ने जब शव को देखा तो उस पर चोटों के निशान थे, जिससे शक गहरा गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जब पसलियां-हड्डियां टूटने और अंदरूनी अंगों में चोट की बात सामने आई, तो पुलिस ने आरोपी सफी खान के खिलाफ हत्या और एससी-एसटी (SC-ST) एक्ट के तहत केस दर्ज किया।

घटना के बाद से ही आरोपी सफी खान पुलिस को चकमा देने के लिए अलग-अलग ठिकानों पर छिप रहा था। पुलिस ने जब स्थानीय लोगों से पूछताछ की, तो पड़ोसियों ने भी घटना के वक्त मारपीट होने की बात स्वीकार की। इसके बाद मुखबिर की सटीक सूचना पर भालूमाड़ा पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी सफी खान को जमुना क्षेत्र से गिरफ्तार कर पूछताछ में घटना की बात कहीं।

10 लाख का नशीला इंजेक्शन व स्मैक बरामद, तीन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल

कोतवाली शहडोल क्षेत्र में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन और स्मैक बरामद कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त मादक पदार्थों की कुल कीमत लगभग 10 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि ऋषभ तिवारी नामक युवक किरण टॉकीज के पास अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री करने की फिराक में है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी और घेराबंदी कर ऋषभ तिवारी को पकड़ लिया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उसके अन्य दो साथियों नितिन यादव और संदीप यादव को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 880 नग नशीले इंजेक्शन तथा 53.6 ग्राम स्मैक बरामद की। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब 10 लाख रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऋषभ तिवारी पिता दिनेश तिवारी उम्र 24 वर्ष ग्राम टिहकी हाल निवास खेर माता मंदिर के पास, नितिन यादव पिता बृजेश यादव उम्र 22 वर्ष निवासी घरौला मोहल्ला हनुमान मंदिर के पास वार्ड क्रमांक 14 तथा संदीप यादव पिता नरेश यादव उम्र 22 वर्ष निवासी मतनी टोला एमपीईबी के पीछे के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21, 29 एवं मध्यप्रदेश ड्रग कंट्रोल अधिनियम की धारा 5/13 के तहत प्रकरण दर्ज किया है। पुलिस ने अग्रिम कार्रवाई के बाद आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि जिले में नशे के अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। अवैध मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों के विरुद्ध आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

चार हाथियों ने 2 घरों को तोड़ा, फसलों को किया नुकसान, रहने के लिए पहुँच गए होटल


अनूपपुर

चार जंगली प्रवासी हाथियों का समूह जो तीन दिन पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा को 37 दिन बाद फिर से पार कर अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेंत्र की सीमा में प्रवेश कर सुबह से धनगवां बीट के जंगल दिन भर विश्राम करने बाद देर शाम जंगल से निकल कर जैतहरी नगर के सम्राट होटल, बस स्टैंड, रेलवे लाइन को पार कर शुक्रवार की सुबह गोबरी बीट के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं।

चारों प्रवासी हाथियों द्वारा तीन दिनों के मध्य दो घरों में तोड़फोड़ कर एवं ग्रामीणों के खेत एवं बांडियों में लगे विभिन्न तरह की फसलों, सब्जियो,आम,कटहल आदि के पेड़ों को तोड़फोड़ कर फल को खाते हुए नुकसान पहुंचाया है।

हाथियों के समूह के एक बार फिर से जैतहरी इलाके में प्रवेश कर विचरण करने पर वन विभाग के अधिकारी/कर्मचारी,जैतहरी थाना की पुलिस,जिला मुख्यालय अनूपपुर कि वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल ग्रामीणों के सहयोग से हाथियों के विचरण पर निरंतर निगरानी रखते हुए ग्रामीण जनों को सचेत एवं सतर्क करने ग्रामीणों द्वारा सहयोग करने के कारण किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति निर्मित नहीं हो सकी।

 रात में जब चार हाथियों का समूह जब जैतहरी नगर के मुख्य मार्ग पर प्रवेश किया तब एक उपद्रवी युवक द्वारा लंबे डंडे से हाथियों पर बार-बार हमला कर हाथियों को मारने की कोशिश करते नजर आया जिसकी पहचान कर वन विभाग एवं पुलिस विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को इस उपद्रवी युवक को की पहचान कर उसके विरुद्ध वन्यजीव के साथ मारपीट करने पर शख्त कार्यवाही किया जाना चाहिए।

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