एक करोड़ की धोखाधड़ी मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने 17 वाहनों से वसूले 18.5 हजार


अनूपपुर

22 फरवरी 2024 को राधा देवी राठौर, निवासी ग्राम चोई, थाना जैतहरी द्वारा लगभग 30 अन्य पीड़ित महिलाओं के साथ थाना उपस्थित होकर शिकायत दर्ज कराई गई कि माया राठौर, उसके पति पूरन राठौर, पुत्र नोहर उर्फ बबलू राठौर एवं दामाद दिनेश राठौर द्वारा विभिन्न बैंकों एवं फाइनेंस कंपनियों से ऋण दिलाने तथा किश्तें स्वयं जमा करने का प्रलोभन देकर ग्रामीण महिलाओं के नाम पर ऋण स्वीकृत कराया गया और ऋण की राशि स्वयं प्राप्त कर ली गई। शिकायत के अनुसार, आरोपियों द्वारा ग्राम चोई के 30 से अधिक महिला हितग्राहियों एवं अन्य ग्रामीणों से एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि की धोखाधड़ी की गई।।

शिकायत पर थाना जैतहरी में अपराध पंजीबद्ध कर आरोपियों की तलाश की जा रही थी। प्रकरण में लगभग दो वर्ष से फरार आरोपी दिनेश राठौर को गिरफ्तार कर वैधानिक कार्यवाही उपरांत न्यायालय अनूपपुर के समक्ष पेश किया गया। अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।

*17 वाहनों से 18.5 हजार  का जुर्माना*

शहडोल जिले में यातायात पुलिस द्वारा नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की जा रही है। जांच के दौरान निर्धारित गति सीमा से अधिक रफ्तार में वाहन चलाते पाए जाने पर तीन वाहनों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करते हुए 7 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

कार्रवाई के दौरान अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। हेलमेट नहीं पहनने वाले छह वाहन चालकों तथा तीन सवारी बैठाकर वाहन चलाने वालों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर भी कार्रवाई करते हुए जुर्माना वसूला गया।

यातायात पुलिस द्वारा विभिन्न यातायात नियमों के उल्लंघन के मामलों में कुल 17 वाहनों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई करते हुए 18 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूल किया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य तेज रफ्तार से वाहन चलाने तथा यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले वाहन चालकों पर नियंत्रण स्थापित करना और सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को कम करना है।

दुर्गा प्रतिमा ले जा रहे ट्रैक्टर को बस ने मारी टक्कर, 10 घायल, 6 की हालत गंभीर, मेडिकल कॉलेज में भर्ती


शहडोल

ब्यौहारी थाना क्षेत्र में चरखारी के पास रविवार देर शाम बड़ा सड़क हादसा हो गया। मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर जा रहे ट्रैक्टर-ट्रॉली को बस ने टक्कर मार दी। हादसे में 10 लोग घायल हो गए, जिनमें 13 साल का एक बालक भी शामिल है। घायलों में छह की हालत नाजुक होने पर उन्हें रीवा मेडिकल कॉलेज और शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। सभी घायलों को एंबुलेंस के माध्यम से हायर सेंटर भेजा गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े।

ग्रामीण ट्रैक्टर में मां दुर्गा की प्रतिमा लेकर साखी की ओर जा रहे थे। उन्हें गांव के पंडाल में प्रतिमा स्थापित करनी थी। चरखारी के पास ट्रैक्टर सड़क किनारे खड़ा था। इसी दौरान सीधी से ब्यौहारी आ रही बस ने ट्रैक्टर को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ट्रॉली में प्रतिमा के साथ बैठे कई ग्रामीण नीचे गिर पड़े और घायल हो गए। ट्रैक्टर में करीब 16 लोग सवार थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

ट्रैक्टर में करीब 16 लोग सवार थे, जिनमें से 10 घायल हुए हैं। घायलों में सबसे छोटा बालक 13 साल का है। कुछ लोगों के हाथ-पैर टूटे हैं, जबकि अन्य को गंभीर चोटें आई हैं। घायलों की स्थिति को देखते हुए छह लोगों को हायर सेंटर रेफर किया गया है। इनमें रीवा मेडिकल कॉलेज और शहडोल मेडिकल कॉलेज शामिल हैं। सभी को एंबुलेंस से भेजा गया है। हादसे के दौरान ट्रॉली में मां दुर्गा की प्रतिमा भी रखी थी। पुलिस ने प्रतिमा को सुरक्षित गांव रवाना करवाया, ताकि पंडाल में उसकी स्थापना की जा सके। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

नप उपाध्यक्ष  दुर्गा माँ की फ़ोटो फेंककर तोड़ने व धार्मिक भावनाएं आहत करने का लगा आरोप, लोगो मे आक्रोश, देखे वायरल वीडियो


शहडोल

बुढ़ार नगर परिषद क्षेत्र में दुर्गा उत्सव मंच के पक्कीकरण कार्य को लेकर विवाद सामने आया है। जिसका वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है। मामले में नगर परिषद उपाध्यक्ष शेखर चौधरी पर माता दुर्गा की तस्वीर को नीचे हटाकर फेंकने का आरोप लगाया गया है। जो वीडियो में साफ-साफ दिखाई दे रहा है। घटना के बाद स्थानीय हिंदू समाज और विभिन्न संगठनों में नाराजगी देखी जा रही है। लोगों ने मामले में प्रशासन से हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई की मांग की है।

*वायरल वीडियो देखें👇👇👇*


प्राप्त जानकारी के अनुसार, बुढ़ार में लगभग 40 वर्ष पुराने दुर्गा उत्सव मंच के पक्कीकरण कार्य को लेकर विवाद की स्थिति निर्मित हुई। इसी दौरान कथित तौर पर नगर परिषद उपाध्यक्ष शेखर चौधरी ने गुस्से में आकर मंच पर स्थापित माता दुर्गा की तस्वीर को नीचे हटाकर फेंक दिया। जिसमें संबंधित घटनाक्रम और उसके बाद लोगों द्वारा विरोध दर्ज कराया है।

माता दुर्गा की तस्वीर से जुड़े इस घटनाक्रम को लेकर स्थानीय लोगों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता बरती जानी चाहिए। मामले को लेकर हिंदू समाज के लोगों और विभिन्न संगठनों में नाराजगी व्याप्त है। विरोध जताते हुए संबंधित लोगों ने प्रशासन से शिकायत कर मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

घटना के वायरल वीडियो के बाद अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं। स्थानीय लोगों की मांग है कि सामने आए वीडियो और घटना से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जाए, ताकि पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। साथ ही, धार्मिक भावनाओं से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता बरतते हुए कानून के अनुसार कदम उठाए जाएं।


नदी व बांध में डूबने से युवक व सेवानिवृत्त डिप्टी रेंजर की हुई मौत, पुलिस जाँच में जुटी


अनूपपुर

दो अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दो लोगो की डूबने से मौत हो गयी है। अनूपपुर नगरपालिका के वार्ड क्रमांक 13 में 22 वर्षीय युवक की चंदास नदी में डूबने से मौत हो गई। आशंका है कि नहाते समय उसे मिर्गी का दौरा पड़ा, जिससे वह पानी में गिर गया और डूब गया। युवक का शव नदी किनारे पड़ा देखकर स्थानीय लोगों ने परिजनों और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम उपरांत परिजनों को सौप कर जांच प्रारंभ कर दी हैं।

मृतक की पहचान चंदासटोला निवासी मानस सिंह पिता चंद्रकेश्वर सिंह के रूप में हुई है। विवेचक एसआई त्रिलोक सिंह बालरे ने बताया कि मानस को पिछले 3-4 साल से मिर्गी के दौरे पड़ रहे थे। जहां वह डूबा, वहां 7 फीट से ज्यादा गहरा पानी था। मानस अविवाहित था। परिवार में उसकी छोटी बहन कंचन सिंह ही बची है। माता-पिता और दो भाई - बहन की पहले ही मौत हो चुकी है। कंचन के लिए मानस ही एकमात्र सहारा था।

वही कोतमा थाना क्षेत्र में सेवानिवृत डिप्टी रेंजर 65 वर्षीय रमेश कोल पिछले 15 दिनों से लापता थे। जिनका शव के बेलियाबड़ी गांव स्थित बांध में मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को बांध से बाहर निकाला। पानी में लंबे समय तक रहने के कारण शव बुरी तरह गल चुका था, जिससे पहचान मुश्किल हो रही थी। परिजन ने कपड़ों और अन्य सामानों से शव की पहचान रमेश कोल के रूप में की। वह बेलियाबड़ी, कोतमा के रहने वाले थे और 2017 में डिंडौरी जिले से वन विभाग में डिप्टी रेंजर पद से सेवानिवृत्त हुए थे।

परिजनों के अनुसार रमेश कोल 25 सितंबर को खेत जाने की बात कहकर घर से निकले थे, पर वापस नहीं लौटे। परिजन ने गुमशुदगी दर्ज कराई थी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम उपरांत परिजनों सौप कर जांच प्रारंभ कर दी हैं।

भवन सम्बंधी समस्याओं से परेशान कन्या छात्रावास के 32 छात्राएं, 3 बजे रात कलेक्टर से मिलने निकली पैदल, मचा हड़कंप

*प्रसाशन ने समझाकर कराया सुरक्षित वापस*


शहडोल 

जिले के आवासीय छात्रावासों में रहने वाले छात्र-छात्राओं का अपनी समस्याएं लेकर पैदल कलेक्टर से मिलने निकलना प्रशासन के लिए चिंता का विषय बनता जा रहा है। पिछले दो महीने में इस तरह की पांचवीं घटना सामने आई है। ताजा मामला गोहपारू कन्या छात्रावास का है, जहां खाने और भवन संबंधी समस्याओं से परेशान 32 छात्राएं शनिवार तड़के करीब तीन बजे छात्रावास से निकलकर पैदल शहडोल के लिए रवाना हो गईं। छात्राओं का कहना था कि वे कलेक्टर से मिलकर अपनी समस्याएं बताएंगी और जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगी।

छात्राओं के अचानक छात्रावास छोड़कर निकलने की सूचना मिलते ही अधीक्षक ने पुलिस और वरिष्ठ अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। पुलिस बल मौके पर पहुंचा और छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए उनके साथ रहा। मामले की जानकारी मिलने पर डिप्टी कमिश्नर, जनजातीय कार्य विभाग और पुलिस के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। तब तक छात्राएं शहडोल से करीब आठ किलोमीटर पहले निपानिया गांव तक पहुंच चुकी थीं। वे 16 किलोमीटर से अधिक पैदल चल चुकी थीं।

मौके पर पहुंचे एसी ट्राइबल आनंद राय सिन्हा ने छात्राओं से बातचीत की और उन्हें समझाया। अधिकारियों ने बताया कि वे उचित समय पर कलेक्टर के सामने अपनी शिकायतें रख सकती हैं। समझाइश के बाद छात्राएं वापस लौटने के लिए राजी हो गईं। इसके बाद उन्हें बस से सुरक्षित छात्रावास पहुंचाया गया। अधिकारियों ने छात्रावास में ही छात्राओं की समस्याएं सुनीं और जल्द समाधान का आश्वासन दिया।

इससे पहले जैतपुर क्षेत्र से 200 छात्र-छात्राओं के पैदल चलकर शहडोल 72 किलोमीटर दूर कलेक्टर से मिलने के लिए निकल पड़े थे। अधिकारियों ने छात्रों को समझाकर वापस भेजा, जबकि छात्राएं शहडोल पहुंचीं और अधिकारियों के सामने अपनी समस्याएं रखीं। 

अज्ञात ट्रेलर ने स्कूटी को मारी टक्कर, एक की हुई मौत, एक घायल अस्पताल में भर्ती, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

बुढ़ार थाना क्षेत्र में बीती रात एक सड़क हादसे में स्कूटी सवार सुजीत कुमार यादव (50) की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके साथ सवार एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा शहडोल-बुढ़ार मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्ग-43 में क्रशर के पास हुआ। स्कूटी सवार दोनों व्यक्ति अपने घर बुढ़ार जा रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार अज्ञात ट्रेलर ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

बुढ़ार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल को तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज भेजा गया, जबकि शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस अज्ञात ट्रेलर वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है। मृतक के परिजन और स्थानीय लोग भी घटनास्थल पर पहुंच गए।

हादसे में युवक की मौत से नाराज परिजनों और लोगों ने सड़क पर चक्काजाम करने की तैयारी कर ली थी। स्थिति को देखते हुए थाना प्रभारी खेम सिंह और उपनिरीक्षक रजनीश तिवारी पुलिस बल के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और स्थानीय लोगों को समझाइश दी और कार्रवाई का भरोसा दिलाया। समय रहते लोगों को शांत करा लिया गया।

फिलहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे को अंजाम देने वाले अज्ञात ट्रेलर और उसके चालक का पता लगाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस दुर्घटना के कारणों की भी जांच कर रही है।

दो मोटरसाइकिल की हुई जोरदार टक्कर,  दो की हुई मौत, कई घायल,  विद्यालय में किशोरी को लगा करंट


उमरिया

नौरोजाबाद थाना क्षेत्र में जरहा चौराहा के आगे कौड़िया पुल के पास दो बाइकों की आ सामने जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसा इतना भीषण था कि इसमें दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। 

अमृतलाल पिता प्यारेलाल बैगा उम्र करीब 25 वर्ष, कैलाश पिता रामबली बैगा उम्र करीब 24 वर्ष और सागर बैगा उम्र करीब 30 वर्ष, पल्सर बाइक क्रमांक एमपी 54 जेडबी 3918 से उमरिया की ओर से घुलघुली की तरफ जा रहे थे। इसी दौरान दूसरी ओर से मंगल कोल अपने नाती शंकर कोल के साथ बाइक क्रमांक एमपी 54 एम 1263 से अपने ग्राम भुंन्डी की ओर जा रहे थे। कौड़िया पुल के समीप दोनों बाइकों की आमने-सामने जोरदार टक्कर हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों बाइकों पर सवार लोग सड़क पर जा गिरे। हादसे में दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान अमृतलाल बैग नाश बैगा के रूप में बताई जा रही है। वहीं सागर बगा घायल हुआ है।

घायल सागर बैगा को 112 की मदद से उपचार के लिए जिला चिकित्सालय उमरिया ले जाया गया। वहीं दूसरी बाइक पर सवार मंगल कोल के घायल होने की जानकारी सामने आई है। मंगल कोल अपने नाती शंकर कोल के साथ निजी वाहन से उपचार के लिए उमरिया अस्पताल पहुंचा। घटना की सूचना मिलते ही नौरोजाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। 

*विद्यालय में किशोरी को लगा करंट*

उमरिया जिले के जनपद करकेली अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जरहा में ग्राम सेहरा टोला (जरहा) निवासी पुरुषोत्तम बैगा की पुत्री अनुशिका, कक्षा 3 की छात्रा पढ़ाई करने विद्यालय पहुंची थी, बताया जा रहा है की विद्यालय के प्रयोगशाला भवन के नीचे विद्युत प्रवाहित तार के संपर्क में आने से उसे करंट लग गया, जिसके कारण वह बेहोशी हो गई। बेहोशी की वहालत में उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसका इलाज चल रहा है। घटना के बाद विद्यालय परिसर की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे है। बिजली का खुला हुआ तार विद्यालय परिसर होने से अन्य बच्चों की सुरक्षा पर खतरा मंडराने लगा है।


पत्नी व सास की हत्या कर आरोपी हुआ फरार, बन्द कमरे में मिला शव, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र के नवागांव में बंद कमरे के अंदर मां-बेटी के शव मिलने से सनसनी फैल गई। दोनों शव करीब पांच दिन पुराने बताए जा रहे हैं। घर से दुर्गंध आने पर आसपास के लोगों ने महिला के रिश्तेदार को सूचना दी। अहमदाबाद में रह रहे रिश्तेदार ने डायल-112 को जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घर के बाहर लगा ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो कमरे में दोनों के शव मिले।

मृतकों की पहचान रुचि रजक (30) और उसकी मां सावित्री पति प्रेमलाल (50) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार रुचि का मायका सीधी जिले के मझौली में है। उसकी शादी वर्ष 2025 में नवागांव में हुई थी और वह पति के साथ रह रही थी। पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि रविवार को उसकी मां सावित्री बेटी को मायके ले जाने के लिए नवागांव पहुंची थी।

पुलिस के मुताबिक इसी बात को लेकर रुचि के पति से विवाद होने की जानकारी सामने आई है। आशंका है कि विवाद के बाद पति ने पत्नी और सास की हत्या कर दी और घटना को अंजाम देने के बाद घर में बाहर से ताला लगाकर फरार हो गया। स्थानीय लोगों ने उसे रविवार रात गांव से जाते हुए देखने की बात पुलिस को बताई है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर एफएसएल टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की कार्रवाई शुरू करने की तैयारी की है। पुलिस रुचि के पति की तलाश कर रही है। सीएसपी राजेंद्र मोहन दुबे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में हत्या के मामले में रुचि के पति पर संदेह है। वह फिलहाल फरार है। 

टोल प्लाजा में थार चालक ऋषि सिंह ने बंदूक निकालकर टोल कर्मी को दी धमकी, थाना में हुई शिकायत

*टोल देने व फास्ट टैग रिचार्ज पर हुआ विवाद*


शहडोल

सोहागपुर थाना क्षेत्र के धुरवार स्थित एनएच-43 टोल प्लाजा पर फास्टैग रिचार्ज को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि थार वाहन सवार एक व्यक्ति ने टोल कर्मियों को बंदूक दिखाकर धमकाया। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है, जिसमें वाहन चालक हाथ में हथियार लिए नजर आ रहा है। टोल कर्मियों ने मामले की शिकायत सोहागपुर थाने में की है।

टोल कर्मी राजकुमार यादव के मुताबिक रात करीब 10 बजे बुढार की ओर से एक थार वाहन शहडोल की तरफ आ रहा था। वाहन धुरवार स्थित टोल प्लाजा पर पहुंचा तो फास्टैग में पर्याप्त रिचार्ज नहीं था। इस पर टोल कर्मियों ने वाहन चालक से पहले फास्टैग रिचार्ज कराने के लिए कहा। आरोप है कि चालक इस बात को लेकर नाराज हो गया और टोल कर्मियों से विवाद करने लगा।

राजकुमार यादव का आरोप है कि विवाद बढ़ने पर चालक ने थार में रखा पिस्टल या कट्टा जैसा दिखाई देने वाला हथियार निकाल लिया और टोल कर्मियों को धमकाने लगा। हथियार देखकर मौके पर मौजूद अन्य टोल कर्मचारी भी वहां पहुंच गए और बीच-बचाव किया। इसके बाद मामला शांत हुआ।

शिकायतकर्ता ने पुलिस को दिए आवेदन में थार वाहन चालक का नाम ऋषि सिंह बताया है। टोल प्रबंधन की ओर से भी घटना को लेकर कार्रवाई की मांग की गई है। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

सोहागपुर पुलिस ने कहा की टोल कर्मियों की शिकायत प्राप्त हुई है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है। फुटेज के आधार पर वाहन चालक की पहचान किए जाने की बात पुलिस ने कही है। वाहन से निकाला गया हथियार लाइसेंसी है या अवैध, इसकी भी जांच की जा रही है। जांच के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एकलव्य छात्रावास के 150 छात्र समस्याओं को लेकर छात्रावास से कलक्ट्रेट के लिए निकले, कलेक्टर से करेंगे मुलाकात


शहडोल

जैतपुर क्षेत्र स्थित विरौड़ी एकलव्य छात्रावास से 150 से अधिक छात्र अचानक हॉस्टल से सड़क पर निकल पड़े। छात्र अपनी समस्याओं को लेकर सीधे कलेक्टर से मिलने की मांग कर रहे हैं। इसी जिद के चलते छात्र करीब 60 किलोमीटर का पैदल सफर तय कर कलेक्ट्रेट पहुंचने के लिए निकल पड़े। बड़ी संख्या में छात्रों के हॉस्टल से निकलने की सूचना मिलते ही प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया।

छात्र रसमोहनी के रास्ते कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ रहे हैं। प्रशासन के समझाने से पहले ही छात्र करीब 15 किलोमीटर पैदल सफर तय कर चुके थे। इसके बाद भी उन्होंने अपना मार्च रोकने से इनकार कर दिया। छात्रों का कहना है कि वे अपनी समस्याएं स्थानीय स्तर के अधिकारियों के सामने नहीं, बल्कि सीधे कलेक्टर के सामने रखना चाहते हैं।

छात्रों के पैदल मार्च की जानकारी मिलने के बाद सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग आनंद राय सिन्हा भी मौके पर पहुंचे और छात्रों से बातचीत करने का प्रयास किया। छात्र समझाइश के बावजूद छात्र आगे बढ़ते रहे। छात्रों को सुरक्षित तरीके से वापस छात्रावास पहुंचाने के लिए प्रशासन ने एक यात्री बस और प्रशासनिक वाहन भी उनके पीछे लगाए हैं। 

एकलव्य छात्रावास में छात्रों की समस्याओं और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे अहम बात यह है कि बड़ी संख्या में छात्र अपनी समस्याएं स्थानीय अधिकारियों के सामने रखने के बजाय सीधे कलेक्टर से मिलने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का इस तरह हॉस्टल की दीवार लांघकर पैदल निकलना प्रशासन के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। जिले के अलग-अलग छात्रावासों के विद्यार्थी अपनी समस्याओं को लेकर पैदल कलेक्ट्रेट पहुंच चुके हैं। 

पीकप व बाइक को जोरदार टक्कर, छात्र की मौके पर हुई मौत, आक्रोशित लोगों ने सड़क पर लगाया जाम


अनूपपुर

कोतमा तहसील अंतर्गत अमांडाड़ रोड से लगे फुलवारी टोला में सड़क हादसे में 18 वर्षीय 12वीं कक्षा के छात्र की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। मृतक की पहचान ग्राम हर्री निवासी ललित केवट, पिता बृजेश केवट के रूप में हुई है। हादसे की खबर फैलते ही क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और आक्रोशित लोगों ने सड़क पर जाम लगा दिया।

ललित केवट मलगा हायर सेकेंडरी स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था। वह अपने ग्राम हर्री से स्कूल जाने के लिए बाइक से निकला था। बाइक पर तीन युवक सवार बताए जा रहे हैं। इसी दौरान अमांडाड़ रोड के फुलवारी टोला के पास यह हादसा हो गया।

लोगो ने बताया की बाइक के आगे एक पिकअप वाहन चल रहा था। इसी दौरान सामने से एक टेलर वाहन के अचानक आने के कारण पिकअप चालक ने वाहन की गति धीमी कर दी। पीछे से आ रही बाइक पिकअप वाहन से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक सवार पिकअप वाहन की चपेट में आ गए। ललित केवट को गंभीर चोटें आईं और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

युवक की मौत से आक्रोशित लोगों ने अमांडाड़ रोड पर जाम लगा दिया। सड़क के दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई और आवागमन प्रभावित हो गया। घटना की सूचना तत्काल रामनगर एवं बिजुरी पुलिस को दी गई। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने तथा हादसे की जांच की कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस दुर्घटना के कारणों और घटनाक्रम की जांच की जा रही है। हादसे में शामिल वाहनों तथा बाइक सवार अन्य युवकों के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा रही है।

जर्जर विद्यालय भवन में गिर रहा है छत का प्लास्टर, कभी भी हो सकता है हादसा, छात्रों की सुरक्षा पर सवाल

*शासकीय माध्यमिक विद्यालय हरद का मामला*


अनूपपुर 

जिले के अंतर्गत शासकीय माध्यमिक विद्यालय हरद का भवन लंबे समय से जर्जर स्थिति में पहुंच चुका है। विद्यालय की छत की हालत बेहद खराब नजर आ रही है। छत का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर नीचे की ओर झड़ रहा है तथा लोहे की सरिया दिखाई दे रही हैं। ऐसे में विद्यालय में अध्ययनरत विद्यार्थियों और शिक्षकों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बनी हुई है।

विद्यालय के कक्ष की छत पर बड़े पैमाने पर टूट-फूट दिखाई दे रही है। छत का प्लास्टर और निर्माण सामग्री कई स्थानों से उखड़ चुकी है। फोटो में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है कि छत के अंदर लगी लोहे की सरिया बाहर निकल आई हैं। बारिश एवं नमी के कारण भवन की स्थिति और अधिक खराब होने की आशंका बनी हुई है।

जर्जर छत के नीचे विद्यार्थियों को बैठाकर पढ़ाना किसी खतरे से कम नहीं है। यदि छत का कोई और हिस्सा अचानक टूटकर गिरता है तो विद्यार्थियों और शिक्षकों के साथ गंभीर दुर्घटना हो सकती है। विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों में भी भवन की स्थिति को लेकर चिंता बनी हुई है।

ग्रामीणों का कहना है कि भवन की स्थिति अब सामान्य मरम्मत से सुधरने वाली नहीं दिख रही है। विद्यार्थियों की सुरक्षा को देखते हुए वैकल्पिक व्यवस्था करते हुए नए भवन का निर्माण कराया जाना चाहिए। विद्यालय के जर्जर भवन की स्थिति को देखते हुए ग्रामीणों और अभिभावकों ने शिक्षा विभाग एवं प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल निरीक्षण कराने की मांग की है। 

मामूली विवाद पर पिता ने पुत्र की कर दी थी हत्या, फरार आरोपी ने ट्रेन के सामने कूदकर की आत्महत्या

*हत्या करने का था अफसोस*


शहडोल

ग्राम कोठिया में बेटे की कुल्हाड़ी से हत्या करने के बाद फरार आरोपी पिता ने पांचवें दिन ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। दो अक्टूबर से पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में दिन-रात जंगलों में सर्चिग कर रही थीं। जंगल में छिपे आरोपी ने घटना के बाद अपने भांजे से फोन पर बात कर हत्या को लेकर अफसोस भी जताया था।  हत्या स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिला। मृतक की पहचान 55 वर्षीय नंदकुमार सिंह गोंड के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, ग्राम कोठिया में दो अक्टूबर को नंदकुमार सिंह गोंड का अपने बेटे सिंघरराज सिंह गोंड से किसी मामूली बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर नंदकुमार ने बेटे पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से सिंघराज की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से भागकर आसपास के घने जंगलों में छिप

सूचना मिलते ही ब्यौहारी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा सहित अन्य कार्रवाई की। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें आसपास के जंगलों में लगाई गई थीं। थाना प्रभारी अभिलाष मिश्रा के अनुसार, पुलिस ग्रामीणों के साथ दिन-रात लगातार जंगल में सर्चिग कर रही थी। बीती रात भी 100 से अधिक ग्रामीणों के साथ करीब रात दो बजे तक तलाश की गई, लेकिन घना जंगल होने के कारण आरोपी का पता नहीं चल सका।

घटना के बाद आरोपी का एक ऑडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि जंगल में छिपे नंदकुमार ने अपने भांजे को फोन कर कहा था कि उसने यह हत्या कैसे कर दी, उसे खुद समझ नहीं आ रहा और उसे घटना का काफी अफसोस है। बातचीत के बाद उसने फोन बंद कर लिया था। इसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही।

धारदार तलवार के साथ निगरानी बदमाश गिरफ्तार, 45 लीटर अवैध शराब जप्त, मामला दर्ज


अनूपपुर

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा मंगलवार की दोपहर मुखबिर की सूचना पर थाना कोतवाली अनूपपुर के निगरानी बदमाश प्रकाश वासिल निवासी पटौराटोला अनूपपुर को धारदार तलवार के साथ गिरफ्तार किया गया है।

कोतवाली को दोपहर मुखबिर की सूचना पर हनुमान मंदिर पास रेल्वे स्टेशन रोड अनूपपुर में सड़क पर धारदार तलवार लेकर गुण्डा गर्दी कर रहे, निगरानी बदमाश प्रकाश वासिल पिता बसंत वासिल उम्र 31 वर्ष निवासी वार्ड न. 02 पटौराटोला अनूपपुर को रंगे हाथो धारदार तलवार के साथ गिरफ्तार किया। थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 545/26 धारा 25 (2) आर्म्स एक्ट में पंजीबद्ध किया गया है। आरोपी प्रकाश वासिल के विरूद्ध थाना कोतवाली अनूपपुर में पूर्व से चोरी, मारपीट, धमकी देने, चोंट पहुचाने एवं अवैध हथियार रखने के करीब एक दर्जन से अधिक आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध है एवं न्यायालय में विचाराधीन है।

*45 लीटर अवैध शराब जब्त*

थाना करपठार प्रभारी इंचार्ज/चौकी प्रभारी सरई पुलिस द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। मुखबिर की सूचना पर चौकी सरई पुलिस टीम द्वारा ग्राम तरंग में घेराबंदी कर एक व्यक्ति को अवैध रूप से कच्ची महुआ शराब की बिक्री करने हेतु तीन प्लास्टिक के डिब्बा रखे हुए पकड़ा गया। आरोपी से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम सुनील पनिका पिता जयरामदास पनिका उम्र 32 वर्ष निवासी ग्राम तरंग वॉशिंग डोंगरी चौकी सरई थाना करपठार जिला अनूपपुर मध्य प्रदेश का होना बताया। उसके कब्जे से 45 लीटर अवैध कच्ची महुआ शराब कीमती 4500/- रूपये की मुताबिक जप्ती पत्रक व वीडियोग्राफी कराई जाकर समक्ष गवाहों के जप्त कर मौके पर शीलबंद कर कब्जे पुलिस लिया गया। जिसे विधिवत जप्त किया गया। आरोपी के विरुद्ध चौकी सरई, में अपराध क्रमांक 0/26 धारा 34(1) म.प्र. आबकारी अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया जाकर विवेचना की जा रही है।

मामूली विवाद पर पिता ने पुत्र की कर दी थी हत्या, फरार आरोपी ने ट्रेन के सामने कूदकर की आत्महत्या

*हत्या करने का था अफसोस*


शहडोल

ग्राम कोठिया में बेटे की कुल्हाड़ी से हत्या करने के बाद फरार आरोपी पिता ने पांचवें दिन ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। दो अक्टूबर से पुलिस की कई टीमें आरोपी की तलाश में दिन-रात जंगलों में सर्चिग कर रही थीं। जंगल में छिपे आरोपी ने घटना के बाद अपने भांजे से फोन पर बात कर हत्या को लेकर अफसोस भी जताया था।  हत्या स्थल से करीब तीन किलोमीटर दूर रेलवे ट्रैक पर उसका शव मिला। मृतक की पहचान 55 वर्षीय नंदकुमार सिंह गोंड के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, ग्राम कोठिया में दो अक्टूबर को नंदकुमार सिंह गोंड का अपने बेटे सिंघरराज सिंह गोंड से किसी मामूली बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर नंदकुमार ने बेटे पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से सिंघराज की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से भागकर आसपास के घने जंगलों में छिप

सूचना मिलते ही ब्यौहारी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा सहित अन्य कार्रवाई की। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कई टीमें आसपास के जंगलों में लगाई गई थीं। थाना प्रभारी अभिलाष मिश्रा के अनुसार, पुलिस ग्रामीणों के साथ दिन-रात लगातार जंगल में सर्चिग कर रही थी। बीती रात भी 100 से अधिक ग्रामीणों के साथ करीब रात दो बजे तक तलाश की गई, लेकिन घना जंगल होने के कारण आरोपी का पता नहीं चल सका।

घटना के बाद आरोपी का एक ऑडियो भी सामने आया है। बताया जा रहा है कि जंगल में छिपे नंदकुमार ने अपने भांजे को फोन कर कहा था कि उसने यह हत्या कैसे कर दी, उसे खुद समझ नहीं आ रहा और उसे घटना का काफी अफसोस है। बातचीत के बाद उसने फोन बंद कर लिया था। इसके बाद पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी रही।

मारपीट व जान से मारने की धमकी, नही हुई एफआईआर दर्ज, एसपी से लगाई न्याय की गुहार

*थाने में आवेदन लेने के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई*


अनूपपुर

सामूहिक रूप से गाली-गलौज, बुरी तरह मारपीट और जान से मारने की धमकी दिए जाने के मामले में कार्रवाई नहीं होने से परेशान एक पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब से न्याय की गुहार लगाई है पीड़ित उत्तम कुमार सिंह ने आरोप लगाया है कि घटना के बाद वह थाना भालूमाड़ा में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन उनकी शिकायत पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई। बाद में जब उन्होंने ई-एफआईआर कर उसकी प्रति लेकर थाने में कार्रवाई के लिए प्रस्तुत की, तो उसे भी स्वीकार नहीं किया गया

उत्तम कुमार सिंह ने बताया कि 28 सितंबर 2026 की शाम को अपनी मोटरसाइकिल से घर की ओर जा रहे थे इसी दौरान ऑपरेटिव बाजार, जमुना कॉलरी में एक महिला रास्ते में खड़ी थी हॉर्न बजाने के बाद महिला के रास्ते से नहीं हटने पर विवाद की स्थिति बनी, आरोप है कि महिला के परिजन एवं अन्य लोगों ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी और जान से मारने का प्रयास किया।

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ, जिसमें कुछ लोग उसके साथ मारपीट करते दिखाई दे रहे हैं आवेदन में कहा गया है कि वीडियो में एडिट कर कुछ आपत्तिजनक बातें लिखते हुए उसे सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया।

पीड़ित ने बताया की आरोपियों ने उसे बुरी तरह पीटा, जिससे उसके सिर, आंख और छाती में गंभीर चोटें आई हैं उनका आरोप है कि हमला जान से मारने के उद्देश्य से किया गया था, उन्होंने बताया कि घटना के दौरान कुछ लोगों ने उन्हें बचाने का प्रयास भी किया, लेकिन आरोपियों द्वारा उनके साथ मारपीट जारी रखी गई। महिला सहित अन्य लोगों ने उसके साथ मारपीट की तथा जान से मारने की धमकी भी दी।

पीड़ित थाना भालूमाड़ा में उपस्थित होकर आवेदन दिया, लेकिन उनकी रिपोर्ट पर FIR दर्ज नहीं की गई और न ही उन्हें आवेदन की प्राप्ति दी गई। उनका कहना है कि घटना में लगी चोटों के बावजूद उनका मेडिकल परीक्षण भी तत्काल नहीं कराया गया। पीड़ित वन विभाग में वनरक्षक के पद पर कार्यरत हैं और घटना के दिन अवकाश पर थे।

जंगल में मवेशी चराने गए बुजुर्ग पर भालू ने किया हमला, उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज में हुई मौत


 शहडोल

गोहपारू क्षेत्र में भालू के हमले में एक बुजुर्ग की मौत हो गई। घटना खन्नौधी वन परिक्षेत्र के मनटोलिया स्थित घोरसी जंगल की है। बुजुर्ग मवेशी चराने के लिए जंगल गए थे, तभी भालू ने उन पर हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग को पहले जयसिंहनगर अस्पताल ले जाया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार मनटोलिया घोरसी निवासी ठाकुरदीन सिंह (62) पिता लाला सिंह मवेशी चराने जंगल गए थे। इसी दौरान भालू ने उन पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों ने किसी तरह भालू को वहां से भगाया और घटना की सूचना वन विभाग को दी। जानकारी मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायल ठाकुरदीन को अस्पताल पहुंचाया।

खन्नौधी रेंजर सुदीप मिश्रा ने बताया कि भालू के हमले में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हुए थे। उन्हें पहले जयसिंहनगर अस्पताल भेजा गया, लेकिन हालत गंभीर होने पर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। वन विभाग की ओर से तत्काल नगद सहायता राशि दी गई है। रेंजर के मुताबिक करीब आठ लाख रुपये की सहायता राशि परिवार को जल्द दी जाएगी। इसके लिए कुछ आवश्यक दस्तावेजों का इंतजार है। जिले की सीमा बांधवगढ़ और संजय गांधी टाइगर रिजर्व से जुड़ी है। इसके अलावा शहडोल के जंगलों में भी भालू समेत कई वन्यजीव पाए जाते हैं। 

एसईसीएल के इंदिरा नगर कॉलोनी में दूसरी बार जर्जर मकान का हिस्सा गिरा, सीआईएसएफ जवान की पत्नी गंभीर घायल

*50-60 परिवारों की सुरक्षा पर सवाल, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा*


अनूपपुर

रामनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत एसईसीएल के देव क्षेत्र की इंदिरा नगर कॉलोनी में दोपहर एक गंभीर हादसा हो गया। सर्वे ऑफ हो चुकी जर्जर कॉलोनी के क्वार्टर क्रमांक 108 में बर्तन धो रही महिला के ऊपर अचानक आंगन के ऊपर बना छज्जे/छत का हिस्सा भरभराकर गिर पड़ा। हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई।

घायल महिला के पति कमलेश राम मरकाम सीआईएसएफ के जवान हैं। बताया जा रहा है कि जिस क्वार्टर में यह हादसा हुआ, वह एसईसीएल द्वारा ही जवान कमलेश राम मरकाम को आवंटित किया गया है। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने तत्काल महिला को मलबे से बाहर निकाला और उपचार के लिए मनेंद्रगढ़ सेंट्रल हॉस्पिटल पहुंचाया, जहां स्थिति गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उन्हें अंबिकापुर रेफर कर दिया।

करीब 15 दिन पहले इसी मकान के पीछे स्थित एक अन्य मकान पर भी इसी तरह छत/निर्माण का हिस्सा गिर चुका था। यानी कॉलोनी के जर्जर भवनों से उत्पन्न खतरे का संकेत पहले ही मिल चुका था। अब दोबारा इसी तरह की घटना सामने आने के बाद एसईसीएल प्रबंधन की ओर से जर्जर भवनों की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे उपायों पर सवाल उठ रहे हैं।

इंदिरा नगर कॉलोनी का यह मामला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यहां सीआईएसएफ के लगभग 50 से 60 परिवारों के निवासरत होने की बात सामने आ रही है। इंदिरा नगर कॉलोनी को सर्वे ऑफ किया जा चुका है, लेकिन इसके बावजूद यहां आज भी करीब 50 परिवारों के रहने की बात सामने आ रही है। कॉलोनी के कई भवनों की स्थिति बेहद खराब बताई जा रही है।

कई भवनों की छतों और दीवारों के ऊपर तक पेड़-पौधे उग आए हैं। जगह-जगह भवनों के जर्जर होने के संकेत दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या इन भवनों का समय-समय पर तकनीकी और सुरक्षा निरीक्षण किया जा रहा है। 

किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय इंदिरा नगर कॉलोनी के सभी जर्जर भवनों की तत्काल जांच कराकर वहां रह रहे परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।

मारपीट के बाद इलाज के दौरान हुई थी मौत, हत्या का आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

गोरेलाल पनिका निवासी बेलिया रेलवे फाटक के पास की 30 सितंबर 2026 को रात्रि लगभग 2 बजे मारपीट की गई थी, गंभीर रूप से घायल होने पर परिजनो द्वारा दिनांक 1 अक्टूबर 2026 को जिला अस्पताल अनूपपुर मे उपचार हेतु भर्ती कराया गया था, जहाँ उपचार के दौरान गोरेलाल पनिका की रात्रि 8 बजे मृत्यु हो गई थी। सूचना पर थाना जैतहरी पुलिस द्वारा जिला अस्पताल अनूपपुर पहुचकर सूचनाकर्ता मोहनलाल पनिका पिता स्व. गोरेलाल पनिका उम्र 60 वर्ष निवासी बेलिया रेलवे फाटक के पास की रिपोर्ट पर अपराध क्र. 0/2026 धारा 103(1) बीएनएस का कायम कर विवेचना मे लिया गया,  मर्ग क्र 0/2026 धारा 194 बीएनएसएस का कायम कर शव का पीएम जिला अस्पताल अनूपपुर से कराया गया। विवेचना पर पाया गया कि आरोपी रवि शंकर पनिका दिनांक 30 सितंबर 2026 को जैतहरी आया था, वह शराब का अत्यधिक सेवन करने के बाद लगभग रात्रि 02 बजे घर गया और पत्नी एंव बच्चो को शराब के नशे मे मारपीट करने लगा, जिसे बीच बचाव हेतु उसके वयोवृद्ध दादा गोरेलाल पनिका पिता धौकल पनिका उम्र 85 वर्ष निवासी ग्राम बेलिया रेलवे फाटक जैतहरी बीच बचाव करने आये तो आरोपी आक्रोशित होकर उन्ही के उपर लाठी से प्रहार करने लगा, नशे की हालत मे रवि शंकर पनिका निर्दयता पूर्वक पीटता रहा  और मारपीट करके भाग गया, परिजनो के द्वारा 108 एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल अनूपपुर भर्ती कराया गया जहा उनकी रात्रि 8 बजे मृत्यु हो गई। आरोपी की पता तलाश कर तत्काल गिरफ्तारी कर पुछताछ कर कार्यवाही कर न्यायालय पेश किया गया है जो जिला जेल वारंट बनने पर जिला जेल दाखिल किया गया है।

स्वच्छता अभियान में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता फ़ोटो खिंचाकर कर दिया पूरा नगर स्वच्छ

*चारो तरफ दिखा कचरे का ढेर व बजबजाती नलियां, क्या यही है स्वच्छ भारत मिशन अभियान*


अनूपपुर

गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता को लेकर नगर परिषद बरगवां (अमलाई) द्वारा विशेष सफाई अभियान के नाम पर सिर्फ दिखावा साबित हुआ है। अभियान के दौरान जनप्रतिनिधियों, नगर परिषद के पदाधिकारियों और भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने सफाई गतिविधियों में सहभागिता करने के नाम पर सिर्फ फोटो खिंचवाए। हालांकि, अभियान के बाद नगर के कई प्रमुख सार्वजनिक स्थानों पर दिखाई दे रही गंदगी ने स्वच्छता व्यवस्था और अभियान की पोल खोलते नजर आ रही है, स्वच्छ भारत मिशन पर बड़ा सवाल खड़े कर दिया हैं। कई जगह सफाई करते नगर परिषद अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, पार्षद, भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ता दिखाई दे रहे हैं, मगर वह केवल कुछ मिनटों के लिए फोटो खिंचवाकर सोशल मीडिया में फ़ोटो डालकर महात्मा गांधी को यह बताना चाह रहे है की पूरा देश स्वच्छ हो गया।

नगर परिषद बरगवां की ओर से सभी वार्डो में सफाई कराई गई और अभियान से संबंधित तस्वीरें सामने आईं। लेकिन स्थानीय स्तर पर लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में शहर को स्वच्छ बनाना हैं तो फ़ोटो शेषन से बाहर निकलकर सही रूप से पसीना बहाकर पूरा किया जा सकता है। मगर जनप्रतिनिधियों व भाजपा के पदाधिकारी व कार्यकर्ताओं में ऐसी क्षमता दूर-दूर तक कही दिखाई नही दे रही है। सफाई अभियान केवल किसी एक स्थान या विशेष दिवस तक सीमित नहीं रहना चाहिए। नगर के ऐसे स्थान, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोगों की आवाजाही होती है, वहां भी नियमित सफाई की जरूरत है।

शहर के बस स्टैंड, बापू चौक, रेलवे स्टेशन चौराहा और दुर्गा मंदिर बाजार सहित कई प्रमुख स्थानों पर कचरा के ढ़ेर व नालियां बजबजाती सामने आ नजर आ रही है। इन इलाकों में जगह-जगह कचरे के ढेर और गंदगी की स्थिति को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी है। लोगों का सवाल है कि जब गांधी जयंती जैसे महत्वपूर्ण अवसर पर विशेष सफाई अभियान चलाया के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति है, तो बाकी दिन सफाई कैसी होती होगी यह बताने की जरूरत नही है, सब कुछ साफ-साफ नजर आ रहा है।

स्वच्छता अभियान का उद्देश्य केवल एक दिन सफाई कराकर उसकी तस्वीरें खिंचवाना नहीं, स्वच्छता व्यवस्था कायम नही हो सकती है। करना नगर परिषद  है। नियमित कचरा उठाव, सार्वजनिक स्थलों की सफाई, कचरा निस्तारण और सफाई व्यवस्था की  चारों तरह नदारद दिखाई दे रही है। स्थानीय लोगों का कहना है जनप्रतिनिधि नगर की सफाई व्यवस्था बनाने में खरे नही उतर रहे हैं।

इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या स्वच्छता अभियान केवल गांधी जयंती जैसे विशेष अवसरों तक सीमित रह जाएगा? क्या सार्वजनिक स्थानों पर नियमित सफाई सुनिश्चित करने के लिए जिम्मेदार व्यवस्था गंभीरता से काम करेगी? यदि अभियान के दौरान जनप्रतिनिधि और नगर परिषद का अमला सक्रिय हो सकता है, तो आम दिनों में वही सक्रियता क्यों दिखाई नहीं देती?

नगरवासियों की अपेक्षा है कि स्वच्छता अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम न बनाकर उसे नियमित व्यवस्था का हिस्सा बनाया जाए। शहर के प्रमुख बाजारों, चौराहों, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन और धार्मिक स्थलों के आसपास नियमित सफाई हो तथा जमा कचरे का समय पर उठाव सुनिश्चित किया जाए। तभी स्वच्छता अभियान का उद्देश्य धरातल पर दिखाई देगा और गांधी जयंती पर दिए जाने वाले स्वच्छता के संदेश का वास्तविक अर्थ सामने आएगा।

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