घर मे छत के बीच 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन का गाड़ दिया खंबा, अधिकारियों ने सुरक्षा नियमों उड़ाई धज्जियां 


शहडोल

पपौंध क्षेत्र में बिजली का पोल सड़क किनारे या खेत में नहीं, बल्कि एक व्यक्ति के घर की छत के बीचों-बीच गाड़ दिया गया है। ऊपर से इसी पोल के सहारे गुजर रही है 11 हजार वोल्ट की हाईटेंशन लाइन, यानी जिस छत पर परिवार का रहना-जाना है, उसी के ऊपर मौत का करंट दौड़ रहा है। छत के ऊपर से हाईटेंशन लाइन ले जाने के इस ‘खतरनाक जुगाड़’ का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 

जिले के अंतिम छोर पर स्थित पपौंध क्षेत्र की ग्राम पंचायत सकन्दी साकेत मोहल्ला में बिजली विभाग का एक अजब-गजब कारनामा सामने आया है। यहाँ जिम्मेदारों ने इंजीनियरिंग और सुरक्षा नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए एक ग्रामीण के घर की पक्की छत के बीचों-बीच बिजली का खंभा गाड़ दिया। 

छत को चीरकर खड़े किए गए इस पोल से 11 हजार वोल्ट (11 KV) की हाईटेंशन बिजली लाइन गुजर रही है। घरों के बेहद करीब और सिर के ठीक ऊपर से गुजरती यह मौत की लाइन पूरे मोहल्ले के लिए 24 घंटे का खतरा बन चुकी है। छत पर पैर रखते ही करंट का डर सताने लगता है। ग्रामीणों के अनुसार, पूर्व में भी कई लोग इस हाईटेंशन तार की चपेट में आकर गंभीर रूप से झुलस चुके हैं। हर वक्त किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है और लोग अपने ही आशियाने में खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं। 

ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार बिजली विभाग के चक्कर काटे गए और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे गए, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, स्थानीय निवासियों ने बिजली विभाग और जिला प्रशासन से गुहार लगाई है कि किसी बड़ी जनहानि या अनहोनी से पहले इस खंभे व हाईटेंशन लाइन को तुरंत सुरक्षित दूरी पर शिफ्ट किया जाए।

आरपीएफ ने स्टेशन से 7.7 लाख का गाँजा किया जब्त, दो आरोपी तस्कर गिरफ्तार


अनूपपुर

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे अनूपपुर के आरपीएफ टास्क फ़ोर्स टीम ने निगौरा रेलवे स्टेशन पर भेष बदल कर गांजे की तस्करी कर रहे दो आरोपियों को पकड़ा। आरोपियों के कब्जे से कुल 15.540 किलोग्राम गांजा (जिसकी अनुमानित कीमत करीब 7.77 लाख रुपये है) बरामद किया गया।

रात करीब 1:15 बजे सहायक उप निरीक्षक अमरेंद्र सिंह के नेतृत्व में आरपीएफ टास्क फोर्स टीम द्वारा निगौरा रेलवे स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में संदिग्ध व्यक्तियों एवं सामान की जांच की जा रही थी। इसी दौरान भेष बदले हुए दो व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत होने पर उन्हें रोककर पूछताछ की गई। उनके पास रखी कपड़ों की पोटलियों की तलाशी लेने पर बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान हंसा नाथ 40 वर्ष, निवासी जिला संगरूर, पंजाब तथा मनता नाथ उर्फ लंबू 39 वर्ष, निवासी जिला संगरूर, पंजाब के रूप में हुई। तलाशी के दौरान हंसा नाथ के कब्जे से 7.280 किलोग्राम तथा मनता नाथ के कब्जे से 8.260 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया।

आरपीएफ द्वारा दोनों आरोपियों को बरामद गांजे सहित पुलिस थाना जैतहरी के सुपुर्द किया गया। पुलिस द्वारा अपराध क्रमांक 285/2026, धारा 8/20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अग्रिम जांच की जा रही है। 

तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई, युवक की घटनास्थल में हुई मौत


शहडोल 

ब्यौहारी थाना क्षेत्र में दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। साखी बंधा के आगे सीधी रोड पर तेज रफ्तार बाइक सड़क किनारे लगे पेड़ से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार 21 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू की।

मृतक की पहचान संदीप कोल  उम्र 21 वर्ष,  पिता पदुम कोल, निवासी खड्डा के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, संदीप रविवार देर शाम ब्यौहारी से अपने घर की ओर जा रहा था। वह बाइक पर अकेला सवार था। जैसे ही वह साखी बंधा के आगे सीधी रोड पर पहुंचा, तभी तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे पेड़ से जा टकराई।

टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे में युवक को गंभीर चोटें आईं और उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। दुर्घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई पूरी की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए ब्यौहारी अस्पताल भेज दिया गया। पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी है। मोटरसाइकिल तेज रफ्तार होने के कारण घटना घठित हुई है।

ग्राम पंचायत में कार्यालयीन समय पर लटका रहता है ताला, बड़ी लापरवाही, ग्रामीण परेशान

*हितग्राहियों के नही हो रहे हैं काम*


अनूपपुर

अनूपपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत आमाडांड में प्रशासनिक व्यवस्था की लापरवाही सामने आई है। कार्यालयीन समय के दौरान पंचायत भवन पर ताला लटका मिलने से पंचायत का कार्य प्रभावित हो रहा है। इससे ग्रामीणों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ लेने में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन में सचिव और सरपंच अक्सर अनुपस्थित रहते हैं। पंचायत की पूरी व्यवस्था ग्राम रोजगार सहायक के भरोसे संचालित हो रही है। जबकि पंचायत की औपचारिक कार्यप्रणाली, विकास कार्यों की निगरानी, शासकीय योजनाओं के क्रियान्वयन और ग्रामीणों की शिकायतों के निराकरण के लिए सरपंच एवं पंचायत सचिव की नियमित उपस्थिति आवश्यक है।

बताया जा रहा है कि पंचायत भवन बंद रहने के कारण ग्रामीणों को जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र, पेंशन, आवास, मनरेगा, राशन तथा अन्य शासकीय योजनाओं से संबंधित जानकारी और आवश्यक कार्यों के लिए भटकना पड़ता है। ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत की अव्यवस्था की शिकायत जिम्मेदार अधिकारियों से की गई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

गौरतलब है कि कोतमा क्षेत्र में हाल के दिनों में प्रशासनिक सक्रियता देखने को मिली है। नवागत कलेक्टर द्वारा स्कूलों का निरीक्षण किया गया, वहीं विभिन्न जनपद पंचायतों में जनकल्याण शिविर आयोजित कर ग्रामीणों की समस्याओं के निराकरण के प्रयास किए गए। इसके बावजूद आमाडांड ग्राम पंचायत की व्यवस्था पूरी तरह चरमराई हुई नजर आ रही है।

अब सवाल यह है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी पंचायत भवन में लटके ताले और कर्मचारियों की कथित उदासीनता को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई करेंगे, या फिर मामला केवल जांच और कागजी कार्रवाई तक ही सीमित रह जाएगा। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जल्द ही पंचायत की व्यवस्था सुधरेगी और उन्हें शासकीय योजनाओं का लाभ समय पर मिल सकेगा।

इनका कहना है।      ‌ 

आपके द्वारा हमें जानकारी प्राप्त हुई है कि ग्राम पंचायत में ताला बंद है, हम दिखवाते हैं कि ग्राम पंचायत में ताला क्यों बंद है।  

आदेश टोप्पो, पंचायत इंस्पेक्टर, जनपद पंचायत, अनूपपुर*

40 बच्चे स्कूल जाने के लिए उफनती नदी को करते हैं पार, कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा, शिक्षा विभाग कुम्भकर्णी नींद में

*हायर सेकेंडरी स्कूल बिलासपुर का मामला*


उमरिया

करकेली विकासखंड के मानिकपुर गांव के विद्यार्थियों के लिए बड़की नदी अब बड़ी मुसीबत बन गई है। गांव के करीब 40 बच्चे रोजाना अपनी पढ़ाई के लिए जान जोखिम में डालकर नदी पार कर हायर सेकेंडरी स्कूल बिलासपुर पहुंच रहे हैं। कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को नदी में कई जगह कमर तक भरे पानी और तेज बहाव के बीच रास्ता तय करना पड़ रहा है।

सोमवार को सामने आए एक वीडियो ने बच्चों की इस परेशानी को उजागर कर दिया। वीडियो में विद्यार्थी समूह में नदी पार करते नजर आ रहे हैं। बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ा हुआ है और बहाव भी तेज है। ऐसे हालात में बच्चों का नदी पार करना कभी भी गंभीर हादसे का कारण बन सकता है। इसके बावजूद स्कूल पहुंचने के लिए विद्यार्थियों के सामने सुरक्षित और आसान विकल्प उपलब्ध नहीं है।

ग्रामीणों के अनुसार मानिकपुर गांव से बड़की नदी पार करने के बाद बिलासपुर स्थित हायर सेकेंडरी स्कूल की दूरी करीब एक किलोमीटर है। यदि विद्यार्थी नदी पार करने वाले रास्ते का इस्तेमाल नहीं करते हैं तो उन्हें करीब 10 किलोमीटर का अतिरिक्त सफर करना पड़ता है। सामान्य दिनों में जिस नदी को पार करना संभव होता है, बारिश के बाद उसी नदी में पानी का स्तर और बहाव दोनों बढ़ जाते हैं। ऐसे में छोटे-बड़े सभी विद्यार्थियों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। 

ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी दिन अचानक पानी बढ़ने पर बड़ी घटना हो सकती है। अभिभावकों की मांग है कि प्रशासन बारिश के मौसम को देखते हुए तत्काल वैकल्पिक आवागमन की व्यवस्था करे। उनका कहना है कि शिक्षा के लिए बच्चों को अपनी जान जोखिम में डालने की स्थिति किसी भी हालत में स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए। यदि समय रहते व्यवस्था नहीं की गई तो तेज बारिश के दौरान यह रास्ता किसी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। 

हायर सेकेंडरी स्कूल बिलासपुर के प्रभारी प्राचार्य अमित पटेल ने बताया कि उन्हें विद्यार्थियों के नदी पार करके स्कूल आने की जानकारी नहीं थी। बच्चों की ओर से भी इस संबंध में स्कूल प्रबंधन को कोई सूचना नहीं दी गई। 

वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग भी हरकत में आया है। जिला शिक्षा अधिकारी बीएस बरकड़े ने कहा कि स्कूल के प्राचार्य से पूरे मामले की जानकारी ली जाएगी और आवश्यक जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि प्रयास किया जाएगा कि विद्यार्थियों को नदी पार करके स्कूल आने की सुरक्षित व्यवस्था की जाएगी।

बस स्टैंड के पास नाले में मिला नवजात का शव, पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुटी


शहडोल

ब्यौहारी थाना क्षेत्र में बस स्टैंड और शासकीय कॉलेज के समीप स्थित नाले में एक नवजात शिशु का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। नवजात का शव नाले में औंधे मुंह पड़ा था। राहगीरों की नजर शव पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नाले से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के क्षेत्र में नवजात को लेकर जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि नवजात को नाले में किसने फेंका।

घटना की जानकारी आसपास के लोगों और महिलाओं को लगी तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। नवजात का शव देखकर लोगों में आक्रोश और दुख का माहौल रहा।

स्थानीय लोगों का कहना था कि आखिर कौन मां या व्यक्ति इतनी निर्दयता कर सकता है कि जन्म के बाद नवजात को इस तरह नाले में छोड़ दे। पुलिस ने नवजात के शव को अस्पताल पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। इसके बाद शव को कफन-दफन कराया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात का जन्म कहां हुआ था और उसे नाले तक कौन लेकर पहुंचा। आसपास के क्षेत्रों में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। पुलिस शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।  पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे कौन जिम्मेदार है।

अध्यक्ष सीएमओ ने मंदिर को भी नही छोड़ा, भगवान को थमाया टैक्स का नोटिस, लोगो मे नाराजगी

*टूटी सड़कें, अंधेरा रास्ता, पानी की किल्लत, बजबजाती नालियां बीच जनता से टैक्स वसूली पर आमादा*


अनूपपुर

टैक्स वसूली के अजीबोगरीब मामले तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की नगर परिषद बरगवां-अमलाई का एक मामला इन दिनों लोगों को हैरान कर रहा है। आरोप है कि नगर की बदहाल व्यवस्थाओं को सुधारने के बजाय नगर परिषद अब सार्वजनिक मंदिरों को भी टैक्स का नोटिस जारी कर रही है। बताया जा रहा है कि दो सार्वजनिक मंदिरों के साथ हनुमान जी महाराज के मंदिर के नाम से भी टैक्स वसूली संबंधी नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र में सड़क, पानी, बिजली, प्रकाश और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पहले से ही खराब है। कई मोहल्लों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। विशेष रूप से बैगा जनजातीय समाज सहित अनेक परिवारों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कई क्षेत्रों में नियमित और पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।

नगर के कई मार्ग जर्जर और टूटी सड़कों की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं अनेक स्थानों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होने के कारण शाम ढलते ही राहें अंधेरे में डूब जाती हैं। इससे आम नागरिकों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति में भी अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।

नगर परिषद की स्थापना को करीब चार वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन नागरिकों का आरोप है कि इस दौरान क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास की रफ्तार अपेक्षानुसार नहीं रही। ऐसे में सार्वजनिक मंदिरों को टैक्स नोटिस जारी किए जाने की कार्रवाई ने लोगों के बीच नया सवाल खड़ा कर दिया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब नगरवासियों को पर्याप्त पानी, बेहतर सड़क, रोशनी और अन्य बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, तो नगर परिषद आखिर मंदिरों से किस सुविधा के बदले टैक्स वसूलना चाहती है। लोगों का आरोप है कि परिषद जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने के बजाय राजस्व वसूली पर अधिक सक्रिय दिखाई दे रही है।

इस पूरे मामले को लेकर लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से पहले क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं में सुधार करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि पेयजल संकट दूर करने, जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने और अंधेरी गलियों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही टैक्स वसूली जैसे मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। अब देखना यह होगा कि मंदिरों को नोटिस जारी करने के विवाद पर नगर परिषद प्रशासन क्या स्पष्टीकरण देता है और जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान कब तक किया जाता है।

इनका कहना है।

टैक्स के लिए मंदिर को नोटिस जारी करना सरासर गलत है, हम इसका विरोध करते हैं। नगर परिषद जमकर भ्रष्टाचार मचा है। आम जनता से तो टैक्स वसूल रही है, लेकिन वार्डो में अंधेरा, बदहाल सड़क, बजबजाती नालियां, पानी की किल्लत है।

*पवन कुमार चीनी पार्षद वार्ड़ नम्बर 07*

डैम के बेस्टवेयर उफनते पानी मे साइकिल से किशोर की खतरनाक स्टंटबाजी का वीडियो वायरल


उमरिया

उमरिया के उमरार डैम के बेस्टवेयर पर उफनते पानी के बीच साइकिल चलाते एक किशोर का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में किशोर बेस्टवेयर के ऊपर साइकिल चलाता नजर आ रहा है। यह स्टंट बेहद खतरनाक है और जरा सी चूक किसी बड़ी अनहोनी का कारण बन सकती है।

लगातार हो रही बारिश के चलते डैम और बेस्टवेयर से पानी का तेज बहाव देखने को मिल रहा है। उफनते पानी के इस मनोरम दृश्य को देखने के लिए आसपास के लोग बड़ी संख्या में पहुंच रहे हैं।

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक किशोर डैम के बेस्टवेयर पर साइकिल चलाते हुए नजर आ रहा है। पानी के तेज बहाव के बीच इस तरह साइकिल चलाना बेहद जोखिम भरा है।

बताया जा रहा है कि किशोर शायद वीडियो या रील बनाने के चक्कर में यह खतरनाक स्टंट कर रहा था। हालांकि वायरल वीडियो में नजर आ रहे किशोर की पहचान और वीडियो की पूरी पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।

बेस्टवेयर पर लगातार तेज रफ्तार से बहता पानी किसी भी व्यक्ति को अपने साथ बहा सकता है। ऐसे में मनोरंजन या सोशल मीडिया पर रील बनाने के लिए जान जोखिम में डालना भारी पड़ सकता है। 


दो पीकप वाहन से 13 मवेशियों को पुलिस ने कराया मुक्त, 1 मवेशी की हो चुकी थी मौत, आरोपी हुए फरार


अनूपपुर

थाना जैतहरी पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि दो सफेद रंग के फुल बॉडी पिकअप वाहनों में मवेशियों को ठूंस-ठूंसकर एवं क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाया जा रहा है। सूचना पर थाना जैतहरी एवं पुलिस सहायता केन्द्र वेंकटनगर की दो टीमों द्वारा टकहुली-पचौहा रोड पर नाकाबंदी की गई।

नाकाबंदी के दौरान जैतहरी ऑक्सीजन प्लांट की ओर से टकहुली-पचौहा रोड की तरफ दो पिकअप वाहन तेज गति से आते दिखाई दिए। पुलिस टीम द्वारा दोनों वाहनों को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वाहन चालकों ने वाहन नहीं रोके। वेंकटनगर टीम द्वारा पीछा किए जाने पर एक पिकअप वाहन को टकहुली-पचौहा रोड के किनारे कुछ दूरी पर छोड़कर चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।

पिकअप वाहन की तलाशी लेने पर उसमें 03 नग पड़ा एवं 04 नग भैंसी, कुल 07 मवेशी, रस्सियों से बांधकर ठूंस-ठूंसकर एवं क्रूरतापूर्वक भरे हुए पाए गए। मवेशियों को हिलने-डुलने एवं सांस लेने में अत्यधिक परेशानी हो रही थी। मौके से पिकअप वाहन कीमत लगभग ₹7,00,000/- एवं 07 मवेशी कीमत लगभग ₹3,50,000/-, कुल ₹10,50,000/- का सामान जप्त कर पुलिस कब्जे में लिया गया।

दूसरे वाहन से बरामद 07 मवेशियों में से मृत भैंस सहित मवेशियों की अनुमानित कीमत ₹60,000/- तथा पिकअप वाहन की कीमत लगभग ₹5,00,000/- है। दोनों मामलों में कुल 02 पिकअप वाहन एवं 14 मवेशी जप्त किए गए हैं। प्रकरण में संबंधित धाराओं के अंतर्गत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। दोनों फरार वाहन चालकों की तलाश जारी है।

बोलेरो से 2.26 लाख का 302 लीटर अवैध शराब को पुलिस ने वाहन सहित किया जब्त, 2 आरोपी फरार, मामला दर्ज


अनूपपुर

थाना जैतहरी पुलिस द्वारा अवैध शराब के परिवहन एवं विक्रय के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए एक बिना नंबर की महिंद्रा बोलेरो वाहन से भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब जप्त की गई। कार्रवाई के दौरान कुल 302.520 लीटर अंग्रेजी शराब, जिसकी अनुमानित कीमत ₹2,26,476/- है, तथा महिंद्रा बोलेरो वाहन जप्त किया गया। मामले में आरोपी राजा सिंधी एवं अज्ञात चालक के विरुद्ध मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

थाना जैतहरी पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग की बोलेरो S6 वाहन में भारी मात्रा में अवैध अंग्रेजी शराब अनूपपुर की ओर से जैतहरी लाई जा रही है। थाना जैतहरी पुलिस टीम द्वारा डायल-112 स्टाफ एवं चालक के साथ मुखबिर द्वारा बताए स्थान बेलिया फाटक पर घेराबंदी की गई। इसी दौरान अनूपपुर की ओर से एक ट्रक के पीछे एक सफेद रंग की बोलेरो वाहन आती दिखाई दी। पुलिस टीम द्वारा वाहन को रोकने का प्रयास किया गया। वाहन धीमा होने पर चालक की बगल वाली सीट पर राजा सिंधी बैठा हुआ दिखाई दिया।

इसके बाद अज्ञात चालक द्वारा वाहन को तेज गति से जैतहरी की ओर भगाया गया। पुलिस एवं डायल-112 वाहन द्वारा पीछा किए जाने पर बोलेरो चालक अमन होटल के बगल से पीछे के रास्ते में वाहन लेकर घुस गया। कुछ दूरी पर चालक एवं राजा सिंधी अंधेरे का फायदा उठाकर बोलेरो वाहन को छोड़कर मौके से फरार हो गए।

पुलिस टीम बिना नंबर की बोलेरो वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन में कार्टूनों के अंदर 8 PM, मैक डॉवेल्स, रॉयल स्टैग, मैजिक मूमेंट, बोल्ट बीयर, गोवा ब्रांड सहित विभिन्न कंपनियों की अंग्रेजी शराब पाई गई। जप्त शराब की कुल मात्रा 302.520 लीटर तथा अनुमानित कीमत ₹2,26,476/- एवं बोलेरो वाहन कीमती 10 लाख पाई गई। अवैध शराब एवं बोलेरो वाहन को जप्त कर कर लिया।




ज्वेलर्स दुकान व सूने घर मे चोरी, 5 लाख का सामान पार, 8 जुआड़ी गिरफ्तार, 4 लाख का सामान जब्त


शहडोल

जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में चोरी की घटनाओं से लोगों में चिंता बढ़ गई है। पिछले दो दिनों में चोरों ने अलग-अलग स्थानों पर चोरी की दो वारदातों को अंजाम दिया। एक घटना में सूने मकान का ताला तोड़कर लाखों रुपये के जेवर और नकदी चोरी कर ली गई, जबकि दूसरी वारदात में ज्वैलरी दुकान का ताला तोड़कर चांदी के जेवर चोरी किए गए। पुलिस के अनुसार दोनों घटनाओं में पांच लाख रुपये से अधिक की चोरी होने की बात सामने आई है।

पुलिस के अनुसार पहली घटना जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 11 में रावेंद्र सिंह के घर हुई। बताया गया कि परिवार रिश्तेदारी में गया हुआ था और मकान कई घंटे से सूना था। इसी का फायदा उठाकर अज्ञात बदमाशों ने घर का ताला तोड़ा और अंदर प्रवेश कर लाखों रुपये के जेवर और नकदी लेकर फरार हो गए। सुबह पड़ोसियों ने घर का दरवाजा खुला देखा तो उन्होंने परिवार को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने पर परिजन घर पहुंचे और अंदर सामान बिखरा देखकर चोरी की जानकारी पुलिस को दी।

इसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

वहीं दूसरी घटना जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के अमझोर बस स्टैंड स्थित ज्वैलरी दुकान में हुई। पुलिस के मुताबिक रात के समय बदमाश दुकान का ताला तोड़कर अंदर घुसे और चांदी के जेवर चोरी कर लिए। दुकान संचालक के अनुसार भगवान गणेश और लक्ष्मी की मूर्तियों सहित करीब 160 ग्राम चांदी के जेवर चोरी हुए हैं।

*जुआं फड़ से 8 जुआड़ी गिरफ्तार, 4 लाख का सामान जब्त*


शहडोल जिले के अमलाई थाना पुलिस ने बीते रात लुकमपुर रोड स्थित बिछिया जंगल के किनारे चल रहे बड़े जुआ फड़ पर दबिश देकर छह जुआरियों को मौके से गिरफ्तार किया। पुलिस ने फड़ से 30 हजार 200 रुपये नकद, चार मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन सहित चार लाख रुपये से अधिक का मशरूका जब्त किया है। मामले में कुल आठ लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है, जबकि दो आरोपी पुलिस की गिरफ्त से बाहर हैं।

मुखबिर से सूचना मिली थी कि लुकमपुर रोड स्थित बिछिया जंगल के पास जुआ फड़ संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणि पांडे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस की कार्रवाई से जुआरियों में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान छह लोगों को पकड़ लिया गया और मौके से नकदी सहित वाहन व मोबाइल फोन बरामद किए गए। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पुनीत गौतम, उत्तम कहार, अमित चौहान, सुनील कुमार राव, दीपक चतुर्वेदी और अतीक अंसारी उर्फ जुल्ली के रूप में बताई है। वहीं, अब्दुल रहमान और अनिल मंडल की तलाश की जा रही है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट की धारा 13 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 112(2) के तहत संगठित अपराध का मामला दर्ज किया है।

नाबालिक छात्राओं के साथ अश्लील कृत्य करने वाले शिक्षक को 14 वर्ष का कारावास व 1 लाख का जुर्माना


अनूपपुर

थाना रामनगर क्षेत्र के एक स्कूल में पढ़ने वाली 9 नाबालिग छात्राओं के साथ लैंगिक अपराध के मामले में आरोपी शिक्षक को तृतीय अपर सत्र न्यायालय के विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) ने दोषी करार देते हुए कठोर सजा सुनाई है

आरोपी शिक्षक को पॉक्सो अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत प्रत्येक मामले में अलग-अलग 5 वर्ष के सश्रम कारावास और 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया। इसके अतिरिक्त बीएनएस के तहत 3 वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई। अलग-अलग धाराओं में कुल सजा व अर्थदंड 90 हजार रुपये निर्धारित किया गया था। हालांकि, आरोपी की आयु को देखते हुए न्यायालय ने सभी सजाओं को एक साथ चलाने का आदेश दिया। इस प्रकार आरोपी को कुल 14 वर्ष का सश्रम कारावास और 1 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है।

घटना 20 अगस्त 2024 से 23 अगस्त 2024 के बीच की है। इस दौरान आरोपी शिक्षक के विरुद्ध स्कूल में अध्ययनरत 12 वर्ष से कम आयु की नाबालिग छात्राओं के साथ बुरी नीयत से छेड़छाड़ करने की शिकायत थाना रामनगर में दर्ज कराई गई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 

सभी नाबालिग छात्राओं के बयान दर्ज किए गए और आवश्यक साक्ष्य एकत्र किए गए। विवेचना पूर्ण होने के बाद विशेष न्यायालय पॉक्सो में अभियोग पत्र प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में नाबालिग छात्राओं ने अपने साथ हुई घटनाओं के संबंध में साक्ष्य दिए। दोनों पक्षों को सुनने और उपलब्ध साक्ष्यों के परीक्षण के बाद न्यायालय ने आरोपी शिक्षक को दोषी पाते हुए कठोर दंड सुनाया। 

सूने मकान का ताला तोड़कर चोरी करने वाले तीन शातिर आरोपी गिरफ्तार, 95 हजार का मशरूका बरामद


अनूपपुर:

जिले में चोरी और नकबजनी की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण लगाने हेतु थाना बिजुरी पुलिस ने शासकीय आवास में हुई चोरी का चंद घंटों में खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

शोभा जायसवाल उम्र 34 वर्ष, निवासी उप स्वास्थ्य केंद्र थानगांव थाना बिजुरी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी की15 अगस्त 2026 से 18 अगस्त 2026 के मध्य अज्ञात चोरों ने उनके शासकीय आवास की किचन व कमरे का ताला तोड़कर अंदर रखे सोने-चांदी के जेवरात, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और 35,000 रुपये नकद कुल मशरूका कीमत लगभग 95,000 रुपये अज्ञात चोरो ने चोरी कर लिए हैं। रिपोर्ट पर थाना बिजुरी में बीएनएस (BNS) की धारा 331(4) एवं 305(ए) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू की गई।

विवेचना के दौरान मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। सूचना के आधार पर कोरजा रोड के पास संदिग्ध अवस्था में घूम रहे तीन युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों के कब्जे से चोरी का मशरूका बरामद कर उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।

आरोपी मूलचंद केवट उम्र 30 वर्ष, पिता बलवीर केवट, निवासी ग्राम थानगांव, थाना बिजुरी, विकास सिंह गोंड, पिता चंद्रभान सिंह गोंड, निवासी ग्राम थानगांव, थाना बिजुरी, अशोक उर्फ मिर्चु सिंह गोंड उम्र 32 वर्ष, पिता बब्बू सिंह गोंड, निवासी ग्राम थानगांव, थाना बिजुरी को गिरफ्तार किया गया है।

आरोपियों के पास से 1 लैपटॉप, 1 मोबाइल फोन, 1 इंडक्शन चूल्हा, 1 हेयर ड्रायर,  1 बैटरी, 01 चोरी में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद किया है। जिस्की कीमत 95 हजार रुपया है।

खेत मे लगे झटका तार के करंट की चपेट में आया युवक, मौके पर हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर। 

फुनगा चौकी क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पाली के धनकुटा में खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए झटका तार की चपेट में आने से 35 वर्षीय युवक सम्हारू केवट की दर्दनाक मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। हादसे ने खेतों की सुरक्षा के लिए विद्युत करंट के इस्तेमाल को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जानकारी के अनुसार सम्हारू केवट खेत की ओर गया था। इसी दौरान वह खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी मौके पर ही मौत होने की बात सामने आई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई।

खेत की सुरक्षा के लिए जानबूझकर विद्युत लाइन से तार को जोड़कर करंट प्रवाहित किया गया था, तो यह गंभीर लापरवाही का मामला है। ऐसे में खेत के आसपास आने-जाने वाले लोगों की जान को भी खतरा हो सकता है। घटना के बाद ग्रामीणों में भी इस तरह की व्यवस्था को लेकर चिंता है।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ करंट के स्रोत, खेत की सुरक्षा के लिए लगाए गए तार और उसमें विद्युत प्रवाह की स्थिति की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि तार में बिजली किस माध्यम से पहुंचाई गई थी।

छात्रों ने खोला मोर्चा, स्कूल में पानी टपकने से परेशान छात्र पहुँच गए कलेक्टर से मिलने, कहा हमारी समस्या सुनिए साहब


शहडोल

शहडोल में एक बार फिर छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। कक्षा 11वीं आर्ट के छात्र-छात्राएं स्कूल से पैदल कलेक्ट्रेट पहुंच गए और कलेक्टर से दो टूक कहा, पहले हमारी समस्या सुनिए कलेक्टर  साहब अरबसीधे मुलाकात कर अपनी समस्या बताने पर अड़ गए।

छात्रों का आरोप है कि उन्हें जर्जर स्कूल भवन में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है, जहां बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है और कई बार क्लासरूम में पानी तक भर जाता है। बारिश के बीच पानी टपकते क्लासरूम में पढ़ाई करने को मजबूर छात्रों का कहना है कि किताब-कॉपी और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे हालात में किसी अनहोनी की आशंका भी बनी रहती है। 

छात्रों की सबसे बड़ी नाराजगी इस बात को लेकर है कि स्कूल की नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें वहां शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। छात्रों के मुताबिक नई बिल्डिंग का ठेकेदार द्वारा अभी तक हैंडओवर नहीं किया गया है, जिसके चलते तैयार भवन का उपयोग नहीं हो पा रहा और दूसरी ओर विद्यार्थी पुराने जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं।

लगातार तीसरे दिन छात्रों के कलेक्ट्रेट पहुंचने से स्कूल भवन, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सवाल यह है कि जब नई बिल्डिंग तैयार है, तो आखिर छात्र-छात्राओं को जर्जर भवन में कब तक पढ़ाया जाएगा और तैयार भवन का हैंडओवर कब होगा। 

वही इस पूरे मामले में उत्कर्ष विद्यालय और रघुराज विद्यालय क्रमांक-2 के प्रभारी प्राचार्य मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि सीमित कक्षा होने के कारण क्लासरूम में पानी भर गया है, उसकी सफाई करा व्यवस्था बनाई जा रही थी , तभी बच्चे बिना बताए चले गए।

पंचायत का विकास ठप्प, सचिव लापता, राजनैतिक दलो के मंच बन जाते हैं, अधिकारी मौन, ग्रामीण परेशान

*शिकायत के बाद भी जिला पंचायत से अभयदान*


उमरिया

करकेली जनपद पंचायत के देवगवा खुर्द ग्राम पंचायत के सचिव भंडारी सिंह ने इसे अपनी मर्जी का दूसरा नाम दे दिया है। पूरे जिले की नजरें भाजपा के जिला स्तरीय कार्यक्रम पर टिकी थीं, तब मंच की पहली कतार में देवगवा खुर्द के सचिव साहब विराजमान थे और ठीक उसी वक्त उनके गांव में पंचायत भवन के दरवाजे पर सालों से लटका ताला अपनी कहानी खुद कह रहा था। ग्रामीणों का सीधा कहना है कि साहब ने आज तक पंचायत का रुख तक नहीं किया। महीने में एक दिन आना तो दूर, कभी-कभार भी दिखाई नहीं देते।

मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण कहता है की कोई शासकीय सेवक किसी राजनीतिक दल के मंच पर नहीं बैठ सकता, लेकिन सचिव भंडारी सिंह के लिए ये नियम सिर्फ कागजो पर हैं। यह पहला मौका नहीं है जब वे भाजपा और आरएस के कार्यक्रमों में मंचासीन दिखे हों। इससे पहले भी कई बार उनकी तस्वीरें मंचों से सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने तंग आकर इसकी लिखित शिकायत जिला पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी तक पहुंचाई थी कि सचिव ड्यूटी नहीं करते और पूरा समय सियासत में देते हैं, लेकिन शिकायत के बाद न कोई जांच हुई, न कोई कार्रवाई। अब गांव में चर्चा है कि आवाज कमजोर है या फिर संरक्षण इतना मजबूत है कि नियम भी झुक जाते हैं।

सचिव को पंचायत के विकास से कोई मतलब नहीं है। उनकी पूरी दिलचस्पी ऊंचेहरा के प्रसिद्ध ज्वाला धाम में है। आरोप है कि वहां रोज लाखों रुपये का चढ़ावा आता है और उसका सीधा संचालन इन्ही के व्दारा किया जाता है, साथ ही उन पर ग्राम पंचायत ऊंचेहरा की सरकारी परिसंपत्तियों  पर कब्जे के आरोप भी लगे हैं। जब अधिकारी ही पंचायत में पैर नहीं रखेगा तो आवास, शौचालय, पेंशन और नाली सड़क की फाइलें कौन देखेगा। इसी वजह से गांव के लोग सालों से दफ्तरों के चक्कर काटकर लौट आते हैं।

सरपंच और ग्रामीणों से बयान लेकर यह पता किया जाए कि पिछले एक साल में सचिव कितने दिन पंचायत आए। जनपद और जिला पंचायत की बैठकों का हाजरी रजिस्टर खंगाला जाए और यह भी देखा जाए कि एक सरकारी सेवक सरकारी ड्यूटी छोड़कर धार्मिक स्थल के संचालन में कैसे व्यस्त है। शिकायत हो चुकी है, मंच की तस्वीर सबूत है। 

छात्रावास के रसोई घर मे अचानक लगी आग, छात्राओं में मची अफरा-तफरी, दमकल ने पाया आग पर काबू


शहडोल 

ब्यौहारी थाना क्षेत्र के मऊ गांव स्थित शासकीय अनुसूचित जाति जूनियर कन्या छात्रावास की रसोई में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। आग से उठे धुएं को देखकर छात्राएं घबरा गईं और आनन-फानन में छात्रावास से बाहर निकल आईं। देखते ही देखते धुआं छात्रावास के कई कमरों तक पहुंच गया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण भी मौके पर पहुंच गए और आग बुझाने में मदद की। घटना के समय छात्रावास में कोई शिक्षक या चौकीदार मौजूद नहीं था। बच्चों ने बताया कि मैडम मीटिंग में गई हैं।

घटना की सूचना तत्काल पुलिस की डायल-112 सेवा और दमकल विभाग को दी गई। सूचना मिलते ही डायल-112 में तैनात पुलिसकर्मी नितेश सस्त्या और पायलट ललन प्रसाद पनिका मौके पर पहुंचे। इसके बाद दमकल वाहन की मदद से आग बुझाने का प्रयास शुरू किया गया। आग पर पूरी तरह काबू पाने में करीब एक घंटे का समय लगा। इस दौरान छात्रावास में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा और सुरक्षा के लिहाज से सभी छात्राओं को बाहर रखा गया।

पुलिसकर्मियों और दमकल कर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि घटना के दौरान किसी छात्रा के घायल होने की सूचना नहीं है। आग लगने से रसोई में रखे सामान को नुकसान पहुंचने की आशंका है। हालांकि, नुकसान का आकलन अभी नहीं किया गया है।

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में आग छात्रावास के रसोई घर से लगना सामने आया है। आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट बताई जा रही है, लेकिन इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद आग के लगने के कारणों का पता चल सकेगा।

ट्रेन में टीटीई का बैग हुआ चोरी, मामला हुआ दर्ज, रेलवे पुलिस चोरो की तलाश की शुरू


अनूपपुर

अनूपपुर रेलवे स्टेशन के पास बिलासपुर-चिरमिरी पैसेंजर ट्रेन संख्या 18257 के कोच S-3 में तैनात रहे बिलासपुर रेल मंडल के एक टीटीई का बैग चोरी हो होने की शिकायत टीटीई ने मामले की शिकायत जीआरपी से की शिकायत पर जीआरपी अनूपपुर चौकी ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बताया गया कि टीटीई रविंद्र पांडे ड्यूटी पर तैनात थे और उनकी बर्थ नंबर 17 के पास रखा बैग चोरी हो गया। बैग चोरी होने की जानकारी मिलने के बाद टीटीई ने मामले की शिकायत जीआरपी से शिकायत पर जीआरपी अनूपपुर चौकी ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

टीटीई बिलासपुर रेल मंडल में पदस्थ हैं और ट्रेन संख्या 18257 में ड्यूटी कर रहे थे। ट्रेन के S-3 कोच में उनकी बर्थ नंबर 17 थी। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका बैग चोरी कर लिया। कुछ समय बाद जब टीटीई ने अपना बैग देखा तो वह वहां नहीं मिला। उन्होंने आसपास तलाश की और यात्रियों से भी जानकारी लेने का प्रयास किया, लेकिन बैग का कोई पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने घटना की सूचना जीआरपी को दी। पुलिस अब ट्रेन के कोच में मौजूद यात्रियों और घटना के समय आसपास मौजूद लोगों से जानकारी जुटा रही है। जीआरपी यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बैग किस समय चोरी हुआ और उस दौरान कौन-कौन से यात्री संबंधित कोच में मौजूद थे।

चलती बाइक में निकला सांप, चालक ने कूदकर बचाई जान, नदी में  बहकर आया अज्ञात शव


शहडोल

शहर के रेलवे फाटक के पास उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया, जब एक चलती बाइक के अंदर अचानक सांप दिखाई देने से बाइक चालक के होश उड़ गए। बाइक चलाते समय जैसे ही चालक की नजर सांप पर पड़ी, उसके हाथ-पांव फूल गए और आनन-फानन में उसने बाइक रोककर खुद की जान बचाने के लिए बाइक से कूदकर दूरी बना ली। 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बाइक सवार सामान्य रूप से रेलवे फाटक के पास से गुजर रहा था। इसी दौरान उसे बाइक के अंदर सांप के होने का अहसास हुआ, सांप को देखकर चालक घबरा गया और तत्काल बाइक छोड़कर दूर जा खड़ा हुआ, कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और वहां हड़कंप की स्थिति बन गई। 

इसके बाद स्थानीय लोगों ने हिम्मत जुटाकर बाइक में छिपे सांप को बाहर निकालने का प्रयास शुरू किया, काफी मशक्कत के बाद सांप को बाइक से बाहर निकाला गया, सांप के बाहर निकलने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। हालांकि इस पूरे घटनाक्रम से बाइक चालक इतना भयभीत हो गया कि सांप को बाइक से निकालने के बाद भी उसने दोबारा बाइक चलाने की हिम्मत नहीं जुटाई, बाइक सवार काफी देर तक मौके पर ही खड़ा रहा।

*नदी में बहकर आया अज्ञात शव*


शहडोल जिले के सीधी थाना क्षेत्र के ग्राम जमडी स्थित बनास नदी में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया, नदी की तेज धार के बीच शव पेड़ की टहनियों में फंसा हुआ दिखाई दिया, जिसके बाद स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। नदी की धार में बहकर एक अज्ञात व्यक्ति का शव जमडी क्षेत्र तक पहुंच गया, नदी किनारे मौजूद लोगों की नजर जब पेड़ की टहनियों में फंसे शव पर पड़ी तो मौके पर भीड़ जमा हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही सीधी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की, पुलिस फिलहाल मृतक की पहचान कराने के प्रयास में जुटी हुई है। शव की शिनाख्त अभी नहीं हो सकी है। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि लगातार बारिश के दौरान नदी के तेज बहाव में फंसकर व्यक्ति की डूबने से मौत हुई होगी, हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

प्रसूता की मौत पर, महिला ने बदला लेकर मारने का किया दावा, ग्रामीणों ने बनाया बंधक, पुलिस छुड़ाकर ले गई थाने


उमरिया

करकेली जनपद पंचायत में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, यहां जिला अस्पताल में एक महिला का इलाज चल रहा था, इस दौरान उसकी तबियत अचानक बिगड़ गई, आनन फानन में डॉक्टरों ने प्रसूता को शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, हॉस्पिटल जाते समय रास्ते में महिला की मौत हो गई।

मौत होने के बाद शव गांव में अंतिम संस्कार के लिए लाया गया, अंतिम संस्कार वाले स्थान पर एक महिला अचानक पहुंची और उसने जो दावा किया उससे सब हैरान और परेशान हो गए, महिला ने दावा करते हुए कहा कि उसने ही प्रसूता की हत्या की है, उसने अपने बच्चे की मौत का बदला लिया है, महिला के इस चौंकाने वाले दावे के बाद अंतिम संस्कार के दौरान उपस्थित लोगों में हड़कंप मच गया और तनाव माहौल बन गया।

जैसे ही इस बात की सूचना अन्य लोगों को पड़ी तो मौके पर ग्रामीण एकत्रित हो गए और महिला को बंधक बना लिया, इसके बाद घटना की सूचना पुलिस प्रशासन को दी, सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और महिला व उसके पति को हिरासत में लेकर उमरिया कोतवाली भेज दिया गया, जहां पूछताछ जारी है।

हालांकि, प्रसूता की मौत का कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ, लेकिन महिला द्वारा किए गए दावे से गांव में तनाव का माहौल जरूर उत्पन्न हो गया, महिला के किए गए दावे में कितनी सच्चाई है यह तो पुलिस के जांच के बाद ही सामने आएगा।

इस मामले में अपर कलेक्टर प्रत्यूष श्रीवास्तव ने बताया, "हमें जैसे ही सूचना मिली कि तामन्नारा में कुछ ग्रामीणों ने एक महिला को बंधक बना लिया है तो हम तुरंत मौके पर पहुंचे और पुलिस की मदद से महिला को कोतवाली उमरिया भेज दिया है, मृतका का अंतिम संस्कार करने के लिए ग्रामीणों को समझाया गया है, वहीं, पुलिस मामले की जांच में जुट गई है अब पूछताछ के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।

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