महिला मोबिलाइजर का पंचायत भवन में फांसी पर लटका हुआ मिला शव, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल 

जिले के बुढार थाना क्षेत्र के चौकी केशवाही अंतर्गत ग्राम पंचायत बलबहरा में बुधवार को एक महिला मोबिलाइजर का शव पंचायत भवन के अंदर फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की खबर फैलते ही गांव में हड़कंप मच गया और मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत बलबहरा के पंचायत भवन में कार्यरत मोबिलाइजर सुनैना कुशवाहा पति सुरेंद्र कुशवाहा बुधवार सुबह अपनी ड्यूटी के लिए पंचायत भवन पहुंची थीं। दोपहर में जब उनके पति सुरेंद्र कुशवाहा उन्हें लेने पंचायत भवन पहुंचे, तो दरवाजा अंदर से टिका हुआ था। संदेह होने पर जब वह अंदर पहुंचे तो देखा कि उनकी पत्नी का शव फांसी के फंदे से लटका हुआ है।

यह दृश्य देखते ही सुरेंद्र कुशवाहा घबरा गए और शोर मचाने लगे। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और घटना की जानकारी पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

मृतका के पति ने आरोप लगाया है कि उनकी पत्नी को एक व्यक्ति, जो सोनी समाज का बताया जा रहा है, काफी समय से परेशान कर रहा था। उनका कहना है कि इसी मानसिक प्रताड़ना के कारण उनकी पत्नी ने यह आत्मघाती कदम उठाया है। फिलहाल पुलिस इस आरोप की भी जांच कर रही है।

इस संबंध में बुढार थाना प्रभारी विनय सिंह गहरवार ने बताया कि मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक तौर पर इसे आत्महत्या का मामला माना जा रहा है, हालांकि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में शोक और चर्चा का माहौल बना हुआ है।

नाबालिग चोर को गिरफ्तार, बाइक जप्त, जीजा साले में हुआ विवाद, मोटरसाइकिल में लगा दी आग


शहडोल

जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र में कुछ ही घंटों के अंतराल में एक ही स्थान से दो मोटरसाइकिल चोरी होने का मामला सामने आया था, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और मुखबिर की सूचना पर एक नाबालिग आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की वारदात कबूल कर ली, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर कोटमा रोड स्थित टांकी नाला के पास झाड़ियों से चोरी की दोनों मोटरसाइकिल बरामद कर ली गईं।

जानकारी के अनुसार बाणगंगा क्षेत्र के पास से अलग-अलग समय पर दो मोटरसाइकिल चोरी होने की शिकायत थाने में दर्ज कराई गई थी। दोनों घटनाएं एक ही स्थान से होने के कारण पुलिस भी हैरान रह गई थी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की।

फरियादी रविशंकर जायसवाल (40) निवासी ग्राम पटासी और दिलीप मिश्रा (47) निवासी बाणगंगा पेट्रोल पंप के पीछे, थाना सोहागपुर ने 10 मार्च को अपनी-अपनी मोटरसाइकिल चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इस पर थाना सोहागपुर में क्रमशः अपराध क्रमांक 97/26 और 98/26 धारा 305 (बी) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

मुखबिर की सूचना पर  पुलिस ने बाणगंगा कॉलोनी वार्ड नंबर 17 निवासी 14 वर्ष 10 माह के एक अपचारी बालक को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान उसने दोनों मोटरसाइकिल चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर कोटमा रोड स्थित टांकी नाला के पास झाड़ियों में छिपाकर रखी गई दोनों मोटरसाइकिलें बरामद कर ली गईं, जिनकी कुल कीमत लगभग एक लाख रुपये बताई जा रही है। इसके बाद पुलिस ने अपचारी बालक के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की।

*मोटरसाइकिल में लगा दी आग, आरोपी फरार*

शहडोल जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र के गोदावल में पारिवारिक विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। जीजा-साले के बीच चल रहे झगड़े के चलते साले ने घर के बाहर खड़ी बाइक में आग लगा दी। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गोदावल तिराहे के पास रहने वाले मोनू कुमार सोनी के घर के बाहर उनकी बाइक खड़ी थी। जीजा-साले के बीच हुए विवाद के बाद साले ने गुस्से में आकर बाइक में आग लगा दी। आग लगने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

आग लगने की घटना के बाद घर में सो रहे मोनू कुमार सोनी और उनके परिजन जाग गए। उन्होंने तुरंत आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप धारण कर लिया था और बाइक बुरी तरह जलने लगी। परिजनों ने तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी।

सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय संसाधनों की मदद से आग को बुझाया गया। हालांकि तब तक बाइक को काफी नुकसान हो चुका था। घटना के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। मोनू कुमार सोनी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुट गई है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

कई माह से पशु अस्पताल पर लटक रहा है ताला, पशुपालक परेशान, पशु विभाग मौन

*इलाज न होने से पशुओं की हो रही है मौत*


अनूपपुर

जिले के अंतर्गत आने वाले ग्राम बेलिया बड़ी में स्थित पशु अस्पताल विगत दो माह से बंद पड़ा है, जिससे आसपास के चार-पांच गांवों के किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। तालाबंदी की वजह से बीमार पशुओं का इलाज नहीं हो पा रहा है, और किसान मजबूर होकर दवा व इलाज के लिए दूसरे गांवों में भटक रहे हैं।

ग्रामीणों के अनुसार अस्पताल में डॉक्टर प्रभारी के रूप में तो हैं, लेकिन वे सिर्फ कागजों पर ही सीमित हैं। वास्तविकता यह है कि पिछले दो महीनों से अस्पताल एक भी दिन नहीं खुला। यह कोई नई समस्या नहीं है, बल्कि वर्षों से यह अस्पताल इसी हालत में है। बावजूद इसके विभागीय अधिकारियों ने आज तक इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।।

हाल ही में एक स्थानीय किसान अपने बीमार पशु के लिए दवा लेने बेलिया बड़ी पशु अस्पताल पहुंचा। उसे उम्मीद थी कि यहां पहुंचकर दवा मिल जाएगी जिससे उसके पशु को राहत मिलेगी, लेकिन वहां पहुंचते ही उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। अस्पताल के दरवाजों पर लगा भारी ताला देख उसे निराशा हाथ लगी। किसान का कहना था कि उसने सोचा था कि यहां दवा मिल जाएगी, लेकिन पता चला कि यह अस्पताल तो आए दिन बंद ही रहता है।

ग्रामीणों का कहना है कि इस अस्पताल के बंद रहने से बेलिया बड़ी समेत आसपास के कई गांवों के सैकड़ों पशुपालक प्रभावित हो रहे हैं। वे बार-बार प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन सुनवाई नहीं हुई।स्थानीय निवासियों ने प्रशासन और पशुपालन विभाग से मांग की है कि या तो अस्पताल में नियमित डॉक्टर और स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए, या फिर किसानों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। पशु उनकी अजीविका का आधार हैं और इलाज के अभाव में उनकी जान पर बन आती है, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।    

*इनका कहना है।

जल्द ही पशु विभाग से कर्मचारी को भेज कर अस्पताल खोला जाएगा। 

*डॉ. बी बी चौधरी, उपसंचालक पशु चिकित्सा सेवा अनूपपुर*

तेज रफ्तार पीकप ने मोटरसाइकिल को मारी टक्कर, पति-पत्नी की हुई मौत, ड्राइवर हुआ फरार


 शहडोल

जिले के बुढार थाना क्षेत्र की चौकी केशवाही अंतर्गत ग्राम पडरिया में मंगलवार रात एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने बाइक को जोरदार टक्कर मारते हुए दोनों को कुचल दिया और चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बाइक सवार दंपती अपने घर की ओर जा रहे थे, तभी अचानक पीछे से तेज रफ्तार से आ रहे एक पिकअप वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों सड़क पर गिर गए और वाहन उन्हें कुचलते हुए मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही चौकी केशवाही पुलिस और बुढार थाना प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने दोनों शवों को अपने कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे के कारण कुछ देर के लिए मार्ग पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोगों की भीड़ लग गई।

स्थानीय लोगों का कहना है कि हादसा एक तेज रफ्तार पिकअप वाहन की वजह से हुआ है, जो टक्कर मारने के बाद चालक सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आसपास के क्षेत्रों और अन्य थानों को भी अज्ञात वाहन की जानकारी दे दी है ताकि उसे जल्द से जल्द पकड़ा जा सके।

बताया जा रहा है कि मृतक महिला और पुरुष पति-पत्नी थे और पास के ही गांव के रहने वाले थे। दोनों किसी काम से बाहर गए थे और बाइक से घर लौट रहे थे, तभी यह दर्दनाक हादसा हो गया। पुलिस का कहना है कि अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है और मामले की जांच जारी है। जल्द ही आरोपी वाहन चालक को पकड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

लूट के इरादे से महिला पर जानलेवा हमला, आरोपी गिरफ्तार, महिला की हालत नाजुक


उमरिया 

जिले के इंदवार थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम चन्सुरा में एक दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। यहां 60 वर्षीय बुजुर्ग महिला रामलली मिश्रा पर उनके ही घर में लूट की नीयत से जानलेवा हमला किया गया। महिला को गंभीर हालत में खून से लथपथ पाया गया और उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी हालत नाजुक होने पर कटनी रेफर कर दिया गया।

घटना की जानकारी तब मिली जब गांव के ही मंगल अहीर रोज की तरह महिला को दूध देने पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने और आवाज लगाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्हें संदेह हुआ। आसपास के लोगों को इकट्ठा कर पुलिस को सूचना दी गई। इंदवार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दरवाजा खोलकर अंदर देखा तो महिला फर्श पर खून से लथपथ पड़ी थीं। पुलिस ने तुरंत उन्हें बरही अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद कटनी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया।

पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की तो चौंकाने वाले खुलासे हुए। जांच में पता चला कि आरोपी गांव का ही युवक सचिन, जो नशे का आदी है। उसने लूट की नीयत से रात करीब 11.30 बजे महिला के घर में घुसकर टांगी से उन पर हमला कर दिया। महिला के चीखने-चिल्लाने पर भी आसपास कोई नहीं पहुंच सका। आरोपी ने महिला को गंभीर रूप से घायल करने के बाद घर से चांदी की पायल, सोने का लॉकेट, मोटरसाइकिल और अन्य कीमती सामान लूटकर फरार हो गया। आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। 

राजनैतिक गतिविधियों में शामिल होने पर नप के प्रभारी लेखापाल राजेश मिश्रा हटाए गए, शहडोल कार्यालय अटैच

*अधिकारी या नेता..? दो नावों की सवारी पड़ी भारी, विभाग ने दिखाया बाहर का रास्ता*


अनूपपुर

मध्यप्रदेश शासन के नगरीय प्रशासन एवं विकास संचालनालय ने अनुशासनहीनता और सरकारी नियमों के उल्लंघन के मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए अनूपपुर जिले की नगर परिषद बनगवां (राजनगर) में पदस्थ प्रभारी लेखापाल राजेश मिश्रा को तत्काल प्रभाव से उनके पद से हटा दिया है। उन्हें संभागीय कार्यालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, शहडोल संभाग से अटैच कर दिया गया है।

आरोपों के बाद सख्त कार्रवाई

आयुक्त नगरीय प्रशासन एवं विकास द्वारा जारी आदेश के अनुसार राजेश मिश्रा (मूल पद राजस्व उप निरीक्षक) पर शासकीय सेवा में रहते हुए सक्रिय रूप से राजनीतिक गतिविधियों में शामिल रहने, लेखा नियमों के विरुद्ध कार्य करने और वरिष्ठ अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी करने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। इन आरोपों को गंभीरता से लेते हुए विभाग ने तत्काल कार्रवाई की है।

तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश

जारी आदेश में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि राजेश मिश्रा को नगर परिषद बनगवां से तत्काल प्रभाव से हटाकर संभागीय कार्यालय नगरीय प्रशासन एवं विकास, शहडोल में संलग्न (अटैच) किया जाता है। आदेश जारी होते ही इसे प्रभावी माना गया है।

2008 से जमे अधिकारी पर गिरी गाज

बताया जा रहा है कि राजेश मिश्रा वर्ष 2008 से ग्राम पंचायत और बाद में नगर परिषद में लंबे समय से पदस्थ थे। स्थानीय स्तर पर उनके प्रभाव और राजनीतिक दखल को लेकर कई बार शिकायतें भी सामने आई थीं। विभाग की इस कार्रवाई के बाद परिषद के अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों के बीच भी हलचल मच गई है।

7 दिन में मांगी गई चार्जशीट

मामला यहीं समाप्त नहीं हुआ है। आयुक्त ने संभागीय संयुक्त संचालक, शहडोल को निर्देश दिए हैं कि राजेश मिश्रा के विरुद्ध आरोप पत्र तैयार कर सात दिनों के भीतर संचालनालय को उपलब्ध कराया जाए। इससे संकेत मिलते हैं कि विभागीय जांच के बाद उनके खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई हो सकती है।

क्या कहते हैं अधिकारी

“नगर परिषद से भारमुक्त होने के बाद ही उन्हें संभागीय कार्यालय में अटैच किया जाएगा। यदि ऐसा नहीं हुआ है तो संबंधित सीएमओ से तत्काल बात कर आवश्यक कार्रवाई कराई जाएगी।”

&आर.पी. मिश्रा, संयुक्त संचालक, नगरीय प्रशासन एवं विकास, शहडोल

मिक्सर मशीन के नीचे दबा मजदूर, हुई मौत, लूट के वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपियों गिरफ्तार


शहडोल

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बोदा टोला में नहर निर्माण कार्य के दौरान एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई। काम के दौरान अचानक मिक्सर मशीन के नीचे दबने से मजदूर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना के बाद निर्माण स्थल पर अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार घोघरी गांव से नवगवां तक नहर निर्माण का कार्य चल रहा है। इसी निर्माण कार्य में छोटी घोघरी निवासी गोजे बैगा (48) मजदूरी कर रहा था। सोमवार दोपहर काम के दौरान किसी जरूरत के चलते वह मिक्सर मशीन को आगे बढ़ाने के लिए अकेले ही उसे ढकेलने लगा। बताया जा रहा है कि निर्माण स्थल पर ढलान होने के कारण मशीन अचानक तेजी से आगे बढ़ने लगी और गोजे बैगा उसकी चपेट में आ गया।

मिक्सर मशीन के नीचे दबने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना को देख वहां मौजूद अन्य मजदूर तुरंत मौके पर पहुंचे और किसी तरह मशीन को हटाकर उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मजदूरों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। जानकारी मिलते ही जैतपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई करते हुए शव को अपने कब्जे में लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।

थाना प्रभारी ने बताया कि नहर निर्माण के दौरान मिक्सर मशीन की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हुई है। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा। 

*लूट के वारदात को अंजाम देने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार*



शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना पुलिस ने दिनदहाड़े हुई लूट की वारदात का महज 48 घंटे में खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन और घड़ी बरामद की है। पूछताछ में सामने आया कि आरोपियों ने नशे और महंगे शौक पूरे करने के लिए वारदात की साजिश रची थी।

पुलिस के मुताबिक ब्यौहारी थाना क्षेत्र के खरपा गांव का एक युवक अपनी मोटरसाइकिल से बरकछ गांव अपनी महिला मित्र को छोड़ने जा रहा था। इसी दौरान शहडोल–ब्यौहारी मुख्य मार्ग पर स्थित वन बिहार ढाबे के आगे तीन बदमाशों ने युवक की बाइक रुकवा ली और उसके साथ लूटपाट की। आरोपियों ने युवक और युवती से मोबाइल फोन, घड़ी और नकदी सहित करीब 40 हजार रुपये का मशरूका लूट लिया और मौके से फरार हो गए।

घटना के समय सड़क पर लोगों की आवाजाही कम थी, जिसका फायदा उठाकर बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद भाग निकले। घटना के बाद पीड़ित युवक सीधे ब्यौहारी थाने पहुंचा और पूरे मामले की शिकायत पुलिस से की। पुलिस ने पीड़ित युवक को साथ लेकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और रीवा की ओर जाने वाले मार्ग में लगे कई सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।जांच के दौरान पुलिस को एक आरोपी की पहचान मिल गई। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई तो उसने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी उजागर कर दिए।

चोरी के फरार आरोपी गिरफ्तार, 77 हजार नगद, 3 सोने के लॉकेट एक चैन व 1.7 किलो चांदी जप्त

*इनोवा कार से आये थे आरोपी*


अनूपपुर

जिले के भालूमाड़ा थाना अंतर्गत नागेन्द्र कुमार अवस्थी पिता रामदेव अवस्थी उम्र 44 वर्ष निवासी ग्राम बदरा थाना भालूमाडा के द्वारा दिनांक 20 जनवरी 2026 को सूचना दी गई थी कि एम.एन. सिंह पेट्रोल पम्प के मालिक संग्राम सिंह निवासी बदरा के परिवार सहित ईलाज कराने नागपुर चले गये है तथा घर में ताला बंद था। 19-20/01/2026 की रात्रि करीब 01.30 बजे से 2.30 बजे के बीच अज्ञात चोर घर का ताला तोड कर चोरी करने घर में घुस कर अलमारी में रखे सोने चांदी के जेवरात एवं नगदी चोरी कर ले गये है। थाना भालूमाडा में अप.क्र. 24/2026 धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस कायम कर विवेचना की गई । मकान मालिक के घऱ में लगे सीसीटीव्ही कैमरा से तीन चोंरो द्वारा नकाब लगाये होने से पहचांन नही हो सकी तथा घर के बाहर चोरो के द्वारा पहुंचने के लिए इनोवा कार का उपयोग किया गया था। टोल नाका मैनटोला बिजुरी से एक इनोवा कार क्रमांक CG 16 CG 2914 दिनांक 20 जनवरी 2026 के रात्रि 03.35 बजे मनेन्द्रगढ तरफ जाती हुई दिख रही है, तथा उसमें पांच लोग बैठे हुए है, जिसके उपर संदेह करते हुए गाडी नम्बर का पता किया गया तो पता चला कि कुर्वान रजा खान पिता गुलबहार खान निवासी तिलईधार थाना सीतापुर सरगुजा छ.ग. के नाम से दर्ज है। उक्त वाहन से बदरा पहुंचकर घऱ का ताला तोड कर सोने चांदी का जेवरात अलमारी में रखे तोड खोल कर चोरी कर ले गये थे। चोरों की पता तलास के दौरान वाहन मालिक कुर्वान रजा खान को पकड कर पूछताछ की गई जो बताया कि उसके मामा ससुर जब्बीर खान उसके दोस्त आरिफ खान, नंदलाल उर्फ नंदू गिरी, पास्टर उर्फ मानवेन्द्र लकडा, अनीश उर्फ गोल्डन सभी मिलकर चोरी किये है और चोरी के सोने चांदी के जेवरात अम्बिकापुर स्थित माँ अन्नपूर्ण ज्वेलर्स के मालिक नीरज सोनी पिता उमेश सोनी निवासी चांदनी चौक अम्बिकापुर को 9 लाख रुपये में बिक्री कर दिये है जिसमें उक्त जानकारी के पश्चात आरोपियों की धर पकड के दौरान आरोपी अनीश उर्फ गोल्डन, नंदलाल उर्फ नंदू गिरी, तथा वाहन मालिक कुर्बान खान रजा तथा चोरी के जेवरात खरीददार नीरज सोनी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई तो बताये कि 20 जनवरी 2026 को दोपहर 2.30 बजे चोर जब्बीर खान, आरिफ खान और अनीश उर्फ गोल्डन के साथ मिलकर खरीददार नीरज सोनी को बिक्री कर दिये है। आरोपी खरीददार नीरज सोनी के कब्जे से एक 1 किलो 700 ग्राम चांदी के जेवरात जिसमें पायल कडा एवं बिछिया तथा सोने की एक चैन करीब 2 तोले जप्त कर कब्जे पुलिस लिया गया है, तथा वाहन मालिक आरोपी कुर्बान रजा खान से उसकी इनोवा कार क्रमांक CG 16 CG 2914 को जप्त कर बिगडी हालत में होने से कोतवाली अंबिकापुर में खडी करा दिये है तथा आरोपीगणों को पुलिस रिमाण्ड में रखा गया था, जिन्हे दिनांक 09 फरवरी 2026 को न्यायिक रिमाण्ड में न्यायालय पेश किया गया था तथा आरोपी जब्बीर खान, आरिफ खान एवं पास्टर उर्फ मानवेन्द्र लकडा फरार चल रहे थे जिनकी गिरफ्तारी टीम गठित कर पता तलास की जा रही थी, जो 08 मार्च 2026 को फरार आरोपी मोहम्मद आरिफ खान पिता मतीन खान उम्र 28 वर्ष निवासी बिशुनपुर थाना सीतापुर जिला अंबिकापुर एवं मो. जसबीर खान पिता हामिद खान उम्र 47 वर्ष निवासी है रायकेरा गांधीपारा जिला अंबिकापुर छ.ग. को रायकेरा एवं सीतापुर से गिरफ्तार किया जाकर आरोपी जब्बीर खान से नगदी 50 हजार रुपए एवं आरोपी आरिफ खान से नगदी 27050 हजार व सोने के 3 लाकेट जप्त किया गया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय कोतमा पेश किया गया जहाँ से न्यायिक हिरासत में जिला जेल अनूपपुर भेजा गया है। प्रकरण के एक आरोपी पास्टर उर्फ मानवेंद्र लकड़ा जो अभी भी फरार है।

पशु तस्कर अब्दुल रहमान "बल्लू" को पुलिस ने किया गिरफ्तार, काला साम्राज्य का बेताज बादशाह बेनकाब


अनूपपुर

जिले में खौफ का पर्याय बन चुके और बेजुबान पशुओं के खून के सौदागर बल्लू उर्फ अब्दुल रहमान का 'गुंडा राज' अब सलाखों के पीछे दम तोड़ रहा है। अनूपपुर एसपी मोती उर रहमान के कड़े तेवरों और कोतमा पुलिस की पैनी घेराबंदी ने उस शातिर सरगना को धर दबोचा है, जो लंबे समय से कानून की आंखों में धूल झोंककर फरार चल रहा था।

मूल रूप से मुजफ्फरनगर उत्तरप्रदेश का निवासी यह शख्स कोतमा की गलियों में पशु तस्करी का जहर घोल रहा था। इसके पापों का कच्चा चिट्ठा इतना भारी है कि अनूपपुर से लेकर शहडोल तक 11 संगीन मुकदमे इसकी गवाही दे रहे हैं।

तस्करी का खौफनाक जाल 31 जनवरी की वह रात जब ट्रक (CG 04 NX 5617) में 22 मवेशियों को बेरहमी से भरकर ले जाया जा रहा था। उस ट्रक में न केवल बेजुबान जानवर थे, बल्कि 315 बोर का लोडेड देशी कट्टा और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए थे। यह अपराधी सिर्फ तस्करी नहीं करता था, बल्कि हथियारों के दम पर क्षेत्र में दहशत फैलाने की फिराक में रहता था। इसके गुर्गे उमेश केवट और संजय पटेल पहले ही जेल की हवा खा रहे हैं, और अब 'आका' की बारी है।कोतमा की धरती से इस अपराधी का सफाया पुलिस प्रशासन अब इस कुख्यात अपराधी को जिले की सीमा से खदेड़ने (जिला बदर) की तैयारी में है।

वेंटिलेटर पर एम्बुलेंस, धक्का प्लेट स्वास्थ्य व्यवस्था, मरीज की जान बचाने परिजन लगा रहे हैं धक्का

*कबाड़ गाड़ियों से मरीजो को जीवनदान देने का सपना अधूरा*


इंट्रो -अनूपपुर की सड़कों पर दौड़ती एंबुलेंस का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है जिसने जिला स्वास्थ्य विभाग के दावों की धज्जियाँ उड़ा दी हैं। वीडियो में सायरन की गूँज नहीं, बल्कि लाचार परिजनों के कराहने और गाड़ी को धक्का मारने की आवाजें सुनाई दे रही हैं। लोग इस वीडियो को शेयर करते हुए पूछ रहे हैं कि क्या डिजिटल इंडिया में अब मरीजों की जान बचाने के लिए धक्का मार तकनीक ही आखिरी विकल्प बची है? यह वीडियो न केवल विभाग की किरकिरी करा रहा है, बल्कि सिस्टम के गाल पर एक जोरदार तमाचा भी है।

अनूपपुर

जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था अब भगवान भरोसे नहीं बल्कि जनता के धक्कों के भरोसे चल रही है। जिले में आपातकालीन सेवा की 108 एंबुलेंस खुद आपातकाल के दौर से गुजर रही है। जिस जीवनदायिनी गाड़ी को सायरन बजाते हुए सड़कों पर रफ्तार भरनी चाहिए थी वह अब धक्का स्टार्ट तकनीक के भरोसे खड़ी है। ऐसा लगता है कि प्रशासन ने मरीजों को अस्पताल पहुँचाने के लिए वाहनों के रखरखाव के बजाय राहगीरों और परिजनों की शारीरिक शक्ति पर निर्भर रहने का नया और शर्मनाक मानक तय कर लिया है।

मेडिकल साइंस में गोल्डन ऑवर यानी वह शुरुआती घंटा जिसमें मरीज की जान बचाई जा सकती है अनूपपुर में एंबुलेंस को स्टार्ट करने की मशक्कत में ही बर्बाद हो रहा है। ताज़ा हालातों ने यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर एंबुलेंस के मेंटेनेंस का बजट किसकी फाइलों में दबा है? जब गाड़ी खुद वेंटिलेटर पर हो, तो वह किसी मरणासन्न मरीज के लिए संजीवनी कैसे साबित हो सकती है। सड़कों पर दम तोड़ती ये गाड़ियाँ किसी भी वक्त किसी बड़े हादसे या असमय मौत का कारण बन सकती हैं, जिसका जवाबदेह कोई नहीं है।

सड़कों पर दिखने वाले ये दृश्य दिल दहला देने वाले हैं जहाँ एक बदहवास परिजन अपने मरीज की फिक्र छोड़कर गाड़ी को धक्का लगाता नजर आता है। अस्पताल पहुँचने की जल्दी और गाड़ी के स्टार्ट न होने का डर, परिजनों को मानसिक और शारीरिक रूप से तोड़ रहा है। विडंबना देखिए कि जिस व्यवस्था को जनता को राहत देनी थी, वही व्यवस्था आज जनता के कंधों पर बोझ बन गई है। प्रशासनिक अधिकारियों की चुप्पी और इस कबाड़ हो चुकी सेवा का निरंतर संचालन स्वास्थ्य विभाग की घोर लापरवाही और संवेदनहीनता को उजागर करता है।

अस्पताल में बड़ी लापरवाही, प्रसव के दौरान नीचे गिरी महिला, नवजात की हुई मौत, प्रबंधन पर उठे सवाल


शहडोल 

जिले में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार जयसिंहनगर क्षेत्र के ग्राम सेमरा निवासी उमा साकेत को प्रसव पीड़ा होने पर जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव के दौरान अचानक वह नवजात शिशु सहित लेबर टेबल से नीचे गिर गईं। इस हादसे में नवजात की मौत हो गई, जबकि प्रसूता को भी अंदरूनी चोटें आई हैं। घटना के बाद परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं।

पीड़िता के पति मुकेश साकेत का आरोप है कि प्रसव के दौरान लेबर रूम में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया। उनका कहना है कि प्रसव के समय अचानक लेबर टेबल टूट गया, जिससे उमा साकेत और नवजात नीचे गिर गए। परिजनों का यह भी कहना है कि घटना के बाद अस्पताल स्टाफ ने उन्हें काफी देर तक प्रसूता से मिलने नहीं दिया। बाद में उमा साकेत को अचेत अवस्था में बाहर लाया गया और बताया गया कि मृत शिशु का जन्म हुआ है।

वहीं वर्तमान में पीएनसी वार्ड में भर्ती उमा साकेत ने भी बताया कि प्रसव के दौरान टेबल टूटने से वह नीचे गिर गई थीं। हालांकि उन्हें गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन गिरने से उनकी हालत बिगड़ गई थी। अस्पताल सूत्रों के अनुसार भी लेबर टेबल के क्षतिग्रस्त होने के कारण यह हादसा हुआ, जिससे प्रसूता और नवजात दोनों नीचे गिर पड़े।

हालांकि, अस्पताल प्रबंधन ने इस मामले में लापरवाही से इनकार किया है। सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ का कहना है कि उन्होंने स्वयं लेबर रूम का निरीक्षण किया है और टेबल टूटने जैसी कोई तकनीकी खराबी नहीं पाई गई। उनके अनुसार महिला का वजन अधिक होने के कारण प्रसव के दौरान संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गईं। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गर्भ में बच्चा आड़ा फंसा हुआ था, जो नवजात की मौत का कारण हो सकता है। 

पिता ने पुत्र की प्रताड़ना से तंग आकर फांसी लगाकर की आत्महत्या, आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर 

जिले के फुनगा क्षेत्र में पुत्र की प्रताड़ना से परेशान पिता शिव प्रसाद चौधरी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने आरोपी पुत्र 30 वर्षीय पुष्पेंद्र चौधरी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया जहां से जेल भेज दिया है।

पुलिस चौकी प्रभारी सोने सिंह परस्ते ने बताया कि आरोपी पुष्पेंद्र चौधरी का अपने पिता के साथ शुरुआत से ही संबंध ठीक नहीं था। पुत्र शराब पीकर अक्सर अपनी मांगों को लेकर गाली-गलौज और मारपीट करता था। पिता और पुत्र अलग-अलग रहते थे, फिर भी वह पिता से विवाद करता था। दो दिन पहले आरोपी पुष्पेंद्र मनेंद्रगढ़ से, जहां वह मजदूरी करता था, अपने परिवार के साथ घर आया था। उसकी पत्नी ने त्योहारों के दौरान भी पिता-पुत्र के बीच विवाद की आशंका जताते हुए घर आने से मना किया था, लेकिन आरोपी ने उसकी पिटाई कर दी और सपरिवार घर आ गया। 

घर आने के बाद शाम को ही पुष्पेंद्र घर के बाहर डंडा लेकर पिता के आने का इंतजार करने लगा। रात में उसने पिता से विवाद किया और उनकी पिटाई कर दी। मां, बहन और छोटे भाई ने बीच-बचाव कर पिता को पड़ोसी के घर पहुंचाया। जब घर में सभी सो गए, तो पिता शिव प्रसाद ने घर के बाहर एक पेड़ पर फांसी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर परिजनों और ग्रामीणों से पूछताछ की। जांच के बाद बेटे पर प्रताड़ना का मामला दर्ज किया गया। पुलिस के अनुसार, पुत्र द्वारा लगातार गाली-गलौज और मारपीट से पिता परेशान थे। आरोपी को जेल भेज दिया गया।

ट्रक ने मोटरसाइकिल सवार को मारी टक्कर, युवक की हुई मौत, गुस्साये परिजनों ने लगाया जाम


शहडोल

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर हुए एक दर्दनाक सड़क हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई, जिसके बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने जयसिंहनगर–अमझोर मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक शव सड़क पर ही रखा रहा और परिजन ट्रक मालिक को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़े रहे।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के अमझोर मार्ग स्थित रामसोहरा तिराहे के पास हुआ। मृतक की पहचान श्रवण साहू (30) निवासी गांधिया के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि श्रवण साहू अपनी बाइक से जयसिंहनगर बाजार की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे बोर लदे ट्रक ने उसे जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ट्रक के नीचे आ गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन लेकर मौके से फरार हो गया। घटना को देख आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ट्रक का पीछा कर कुछ दूरी पर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने ट्रक को जप्त कर थाने में खड़ा करा दिया है, वहीं चालक को भी हिरासत में ले लिया गया है।

इधर घटना की खबर मिलते ही मृतक के परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। युवक की मौत से गुस्साए लोगों ने जयसिंहनगर–अमझोर मार्ग पर चक्का जाम लगा दिया, जिससे मार्ग पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। परिजनों का कहना है कि जब तक ट्रक मालिक को मौके पर नहीं बुलाया जाएगा और उचित कार्रवाई का आश्वासन नहीं मिलेगा, तब तक वे जाम नहीं हटाएंगे। घटना स्थल पर करीब एक घंटे तक शव सड़क पर ही रखा रहा। स्थिति को संभालने के लिए थाना प्रभारी और तहसीलदार मौके पर पहुंचे और परिजनों व ग्रामीणों को समझाया गया। 

बद से बदतर अस्पताल, घायल मरीज को नही मिली बेड,  जंग लगे स्ट्रेचर पर दी जा रही है ऑक्सीजन

*नर्क' जैसी व्यवस्था जानवरों से बदतर है इंसानों की कीमत*


अनूपपुर

स्वास्थ्य विभाग की 'हाईटेक' स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल खोलती एक तस्वीर इन दिनों अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम से सामने आई है, जो सूबे के मुखिया और स्वास्थ्य मंत्री के दावों को सरेआम झुठलाकर खोखला साबित कर रही है। अनूपपुर सीएमएचओ की नाक के नीचे चल रहे इस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में एक दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को इलाज के नाम पर जो 'नरक' दिया जा रहा है, उसे देखकर किसी भी संवेदनशील इंसान की रूह कांप जाए।

तस्वीर में साफ दिख रहा है कि एक घायल व्यक्ति, जिसकी जान हलक में अटकी है, उसे अस्पताल के किसी साफ-सुथरे बेड पर होना चाहिए था। लेकिन अनूपपुर स्वास्थ्य विभाग की 'महान' व्यवस्था ने उसे एक पुराने, जंग लगे और गंदगी से पटे स्ट्रेचर पर लिटाकर ऑक्सीजन लगा दी है।

जंग लगा स्ट्रेचर: जिस लोहे पर मरीज लेटा है, वह संक्रमण का सबसे बड़ा केंद्र है। क्या सीएमएचओ साहब बताएंगे कि मरीज को बचाने का प्रयास हो रहा है या उसे मौत के मुंह मे धकेला जा रहा है। दीवारों पर जमी कालिख, लटकते तार और बिना चादर का वह ठिठुरता लोहे का स्ट्रेचर—क्या यही है, मध्यप्रदेश सरकार व स्वास्थ्य विभाग का सुशासन।

जो बजट आया कहाँ गया, अस्पताल के रखरखाव और बेड के नाम पर आने वाला सरकारी पैसा किस अधिकारी की तिजोरी की शोभा बढ़ा रहा है। इमरजेंसी बेड का बोर्ड मजाक क्यों उड़ाया जा रहा है, जब मरीज के सिरहाने 'Emergency Bed' का बोर्ड लगा है, तो उसे बेड क्यों नहीं मिला, क्या बेड रसूखदारों, वीआईपी के लिए रिजर्व रखे गए हैं। नो वीडियो का बोर्ड किसके लिए लगाया गया हैं, अस्पताल की दीवारों पर 'मोबाइल मना है' का बोर्ड इसलिए लगाया गया है ताकि जनता आपकी इस 'बदहाली' को दुनिया को न दिखा सके।

जिले के राजेंद्र ग्राम की यह तस्वीर सोशल मीडिया पर आग की तरह फैल रही है। लोग पूछ रहे हैं कि क्या अनूपपुर जिले के गरीब आदिवासियों और आम नागरिकों की जान इतनी सस्ती है? एक्सीडेंट के बाद दर्द से कराहते मरीज को एक साफ बेड तक न दे पाना जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की घोर विफलता है।

इनका कहना है।

मरीज को रेफर करते समय स्ट्रैचर पर रखकर ही एम्बुलेंस तक पहुँचाया जाता है, इसमे गलत क्या है, उसी समय किसी ने फ़ोटो ले ली है।

*डॉ. आर के बर्मा बीएमओ पुष्पराजगढ़*

सिर्फ महीने में उगाही के लिए आयोजित की जाती है समीक्षा बैठक, निगरानी और मॉनिटरिंग सिर्फ कागजों

*संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एवं विकास कार्यालय बना शोपीस*


अनूपपुर

अनूपपुर-- शहडोल संभाग की नवगठित निकायों खासकर कोयलांचल क्षेत्र की निकायों का नगरीय निकाय के वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यशैली और अनदेखी की वजह से बुरा हाल है,शासन के विभिन्न योजनाओं के तहत चल रहे निर्माण कार्यों की निगरानी और मॉनिटरिंग सिर्फ कागजों में किए जाने से जमीनी स्तर पर विकास कार्यों का तेज गति से ना होना कहीं ना कहीं उच्च अधिकारियों की लापरवाही की ओर इंगित करता है, वैसे तो हर महीने समीक्षा बैठक संभागीय संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन एव विकास शहडोल में आयोजित की जाती है परंतु इस समीक्षा बैठक का क्या मतलब क्योंकि शासन की कई परियोजनाएं जो लंबित है वह आज भी वर्षों से लंबित ही हैं,उस पर कोई कार्यवाही नहीं होती और ना ही कोई निर्णय लिया जाता है,आखिर ऐसे में कैसे राज्य सरकार और केंद्र सरकार के द्वारा जन कल्याणकारी  कार्य जो जमीनी स्तर पर जन हितैषी कराए जाने वाले कार्य हैं वह पूर्ण करने का सपना साकार हो पाएगा?

 अनूपपुर जिले के नवगठित निकाय नगर परिषद डूमरकछार के अध्यक्ष एवं जिला योजना समिति के सदस्य डॉ. सुनील कुमार चौरसिया ने  खुलासा करते हुए बताया कि जेडी कार्यालय के द्वारा सिर्फ खाना पूर्ति के समीक्षा बैठक की जाती है,यदि समीक्षा बैठक वास्तव में शासन की योजनाओं को जमीनी स्तर पर पहुंचाने और जनता को लाभ दिलाने के लिए की जाती तो कहीं ना कहीं इसका लाभ जमीनी स्तर पर नागरिकों को मिलता उदाहरण स्वरूप नगर परिषद डूमरकछार सहित संभाग की कई निकायों में शासन की जनहितैषी योजनाएं जो जेडी कार्यालय के नाकामयाबी की वजह से वर्षों से लंबित है,जिसका सीधा-सीधा असर जनता को मिलने वाले लाभ से है,जेडी कार्यालय का यह कृत्य कहीं ना कहीं निर्वाचित जनप्रतिनिधियों की छवि खराब करने की ओर भी इंगित करता है श्री चौरसिया ने आरोप लगाते हुए कहा है कि सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार यह मासिक समीक्षा बैठक मात्र लिफाफों के लेनदेन के लिए आयोजित की जाती है, और बैठक के नाम पर अधिकारियों की निकाय से गायब रखने की योजना रहती है,बैठक के नाम पर अधिकारी एक दिन पहले और बैठक के एक दिन बाद लगातार लगभग तीन दिन तक निकायों से गायब रहते हैं जिससे निकाय के जनहितैषी कार्य प्रभावित होते हैं,यदि वास्तव में यह मासिक समीक्षा बैठक सरकार के कामों को जमीन तक उतारने के लिए की जाती तो निकायों में वर्षों से लंबित कार्य आज भी लंबित न रहते।

निर्माण कार्यों में विलंब एवं शासन- प्रशासन के द्वारा समय-समय पर जारी दिशा निर्देशों से निर्वाचित  जनप्रतिनिधियां से ना ही कोई राय ली जाती है और ना ही कार्यों को जमीन पर उतारने के लिए कोई सकारात्मक पहल की जाती है,यहां तक की शासन के द्वारा आए पत्रों को स्थानीय सीएमओ कचरे के डब्बे में डाल देते हैं,और गलत रिपोर्ट डालकर उन पत्रों का जवाब दे दिया जाता है, जेडी कार्यालय में बैठे जेडी भी अपनी आंख बंद किए रहते हैं,आखिर आंख भी बंद क्यों ना हो,महीने में समीक्षा तो हो ही जा रही है और समीक्षा के बाद जो परिणाम सामने आ रहे हैं वह भी साहब की जेब गर्म करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।

इतना ही नहीं इन मासिक समीक्षा बैठकों के जो बैठकें होती हैं इस बैठक में स्वल्पाहार या अन्य प्रकार के खर्च भी किसी ना किसी निकाय से ही वसूल किए जाते हैं यह कैसी समीक्षा बैठक। विश्वसनीय सूत्रों की माने तो जिन समीक्षा बैठकों का व्यय जेडी कार्यालय के द्वारा निकाय से लिया जाता है वह भी ऑन रिकॉर्ड वही व्यय इनके ऑफिस से भी भुगतान कराया जाता है आखिर एक ही बैठक का दो भुगतान कैसे।

इनका कहना है

समीक्षा बैठक प्रतिमाह संभागीय संयुक्त संचालक के द्वारा आयोजित की जाती है,तब भी शासन की ऐसी कई योजनाएं हैं जो जमीनीर स्तर पर अब तक शुरू हो जानी चाहिए थी या पूर्ण हो जानी चाहिए थी,शासन की योजनाओं से मिली राशि का सदुपयोग हो जाना चाहिए था परंतु ऐसा ना करके सिर्फ कागजी खाना पूर्ति अपने निजी स्वार्थ के लिए समीक्षा बैठक में की जाती है।

*डॉ. सुनील कुमार चौरसिया अध्यक्ष नगर परिषद डूमरकछार व सदस्य जिला योजना समिति अनूपपुर*

हाथी देखने गए युवक को हाथी ने दौड़ाया गिरने से हुआ घायल, अस्पताल में भर्ती


अनूपपुर

जिले के कोतमा तहसील, वन परिक्षेत्र के चुकान गांव के जंगल में गांव की कुछ लोगों के साथ एक युवक हाथी देखने गया जो वीडियो बना रहा था, इसी दौरान हाथी के चिघाडं कर दौड़ाने से दौड़ने दौरान गिरने से घायल होने पर युवक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में उपचार हेतु भर्ती कराया गया है, वही वन विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौके पर पहुंचकर हाथी के विचरण पर निगरानी रखते हुए ग्रामीणों को सचेत एवं सतर्क रहने की अपील की अपील की है।

बीट चुकान अंतर्गत वन कक्ष क्रमांक पीएफ 471 में एक जंगली हाथी के विचरण की सूचना ग्रामीणों को प्राप्त हुई। इस दौरान ग्राम चुकान बाकी बांध के पास सायं जंगली हाथी द्वारा आसपास उपस्थित ग्रामीणों को दौड़ाया गया। इस दौरान ग्राम चुकान निवासी दारा सिंह पिता राम सिंह पोर्ते उम्र 21 वर्ष वार्ड नंबर 13 ग्राम चुकान ग्राम पंचायत चुकान थाना भालूमाड़ा तहसील कोतमा निवासी हाथी के द्वारा दौड़ाये जाने पर घायल हो गया, दारा सिंह के पैर हाथ चेहरे चोट आई है। जिन्हें उपचार हेतु तत्काल मौके से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा लाकर भर्ती कराया गया, जिनका उपचार चल रहा है। डॉक्टरों द्वारा वर्तमान में उनकी स्थिति स्वस्थ बताई गई। दारा सिंह पॉलिटेक्निक कॉलेज शहडोल में प्रथम वर्ष के छात्र हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में परिक्षेत्र सहायक लतार अभिलाष सोनी एवं बीटगार्ड लतार अवध नरेश शुक्ला मौके पर पहुंचे घायल व्यक्ति को देखें तथा तात्कालिक सहायता राशि प्रदान किया गया घायल व्यक्ति का इलाज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा में जारी है।


 OPEN INTERVIEW, TEACHERS & STAFF REQUIRED


MAHARSHI ANGLO GERMAN HIGHER SECONDARY SCHOOL

ANUPPUR (M.P.)

Session 2026-27.

➤ OPEN INTERVIEW

Sunday, 8th March 2026. 9:00 Α.ΜM. to 4:00P.M. At School Campus.

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◆ PGT - All Streams for School.

◆TGT - All Subjects for Imparting Quality Education.

◆ PRT - All Subjects with Applying Modern Technology.

Nursery Teachers

Activity-Based Teaching for Tiny Tots.

Well-Versed with Stress-Free & Learning-by-Playing Methods.

Note - Salary is no bar for Deserving Candidates.

Contact: 9131029078 | 8839676117.


होली की दिन पुरानी रंजिश में 3 लोगो को मारा चाकू, मामला हुआ दर्ज, आरोपी फरार


शहडोल 

जिले में रंगों की होली के बीच खून की होली खेलने से सनसनी मच गई। बुढार में होली का त्योहार उस वक्त खौफ में बदल गया, जब रंगों के बीच अचानक चाकू चल गए। पुरानी रंजिश को लेकर हुए विवाद में एक युवक को गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा। परिजनों ने पुलिस पर पहले से सूचना देने के बावजूद कार्रवाई न करने का आरोप लगाया है। 

आरोप है कि अन्नू दास बैरागी ने रोहित लोधी, विक्की लोधी, अट्टू लोधी और छोटू लोधी पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में रोहित लोधी के गले और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई और आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना के बाद रोहित के भाई रवि लोधी ने बुढार पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 

उनका कहना है कि एक दिन पहले ही आरोपी उसे धमकी दे रहा था, जिसकी जानकारी पुलिस को दी गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। परिजनों का आरोप है कि अगर समय रहते पुलिस कार्रवाई करती तो यह खूनी वारदात टल सकती थी। इधर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपी की तलाश में दबिश दी जा रही है। क्षेत्र में बढ़ती धनपुरी एसडीओपी विकास पाण्डेय से जब इस घटना के संबंध में चर्चा की गई तो उन्होंने इस घटना से खुद को अंजान बताते हुए पल्ला झाड़ लिया।

तेज रफ्तार टेलर ने स्कूटी सवार मारी टक्कर, एसईसीएल कर्मचारी की मौके पर हुई मौत


शहडोल 

जिले के बुढार नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने स्कूटी सवार एसईसीएल कर्मचारी को कुचल दिया। हादसा इतना भीषण था कि कर्मचारी की मौके पर ही मौत हो गई और देखते ही देखते खुशियों का त्योहार मातम में बदल गया।

अनूपपुर जिले के संजयनगर निवासी एसईसीएल कर्मचारी राजेंद्र प्रसाद दुबे अपने निर्माणाधीन मकान का जायजा लेने स्कूटी से शहडोल जा रहे थे। जैसे ही वे बुढार स्थित नेशनल हाईवे पर टाटा मोटर्स के पास पहुंचे थे, पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रेलर ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। 

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चालक लापरवाही से वाहन चला रहा था। हादसे के बाद ट्रेलर मौके पर छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने वाहन को जब्त कर अज्ञात चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और त्योहार की खुशियां मातम में बदल गईं।

इस दर्दनाक हादसे ने एक परिवार की खुशियां छीन ली। होली के त्यौहार में हुए इस हादसे ने सड़क सुरक्षा और लापरवाह ड्राइविंग पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। थाना प्रभारी ने बताया कि टाटा मोटर्स की ओर जा रहे ट्रेलर से स्कूटी सवार की टक्कर हुई, जिससे उसकी मृत्यु हो गई। मामले में कार्रवाई की जा रही है।

रेत के अवैध खनन मामला, ट्रैक्टर पलटने से चालक की हुई मौत, गुस्साए ग्रामीणों ने पुलिस को खदेड़ा


शहडोल

शहडोल। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा पर अवैध रेत खनन को लेकर कार्रवाई के दौरान बड़ा हादसा हो गया। बरना नदी में रेत से भरा ट्रैक्टर पलटने से 25 वर्षीय चालक सोनू चक्रवाह की मौत हो गई। घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने मध्य प्रदेश पुलिस को मौके से खदेड़ दिया। पुलिसकर्मी वाहन छोड़कर भाग निकले, जबकि ग्राम रक्षा समिति के एक सदस्य को ग्रामीणों ने पकड़कर छत्तीसगढ़ पुलिस के हवाले कर दिया।

छत्तीसगढ़ के एमसीबी जिले के केल्हारी थाना प्रभारी मनीष धुर्वे के अनुसार जैतपुर थाना क्षेत्र की चौकी दर्शिला पुलिस अवैध उत्खनन की सूचना पर बरना नदी पहुंची थी। नदी का एक हिस्सा मध्य प्रदेश के जैतपुर थाने और दूसरा छत्तीसगढ़ के केल्हारी थाने की सीमा में आता है। आरोप है कि छत्तीसगढ़ सीमा में मौजूद रेत से भरे ट्रैक्टर को मध्य प्रदेश पुलिस अपने राज्य ले जाने लगी। चालक सोनू चक्रवाह ने इसका विरोध किया तो पुलिसकर्मियों ने लाठी-डंडों से मारपीट की। इसी दौरान वह ट्रैक्टर लेकर भागने लगा, लेकिन अनियंत्रित होकर वाहन पलट गया और उसकी मौत हो गई।

हादसे के बाद नदी में मौजूद अन्य ग्रामीण एकत्र हो गए और मध्य प्रदेश पुलिस को खदेड़ दिया। पुलिस का वाहन मौके पर ही छूट गया। ग्रामीणों ने ग्राम रक्षा समिति के सदस्य मधुर जैसवाल को पकड़ लिया और केल्हारी पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी मनीष धुर्वे टीम के साथ मौके पर पहुंचे और सदस्य को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

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