बिना छत आसमान के नीचे पढ़ाई करने के लिए मजबूर छात्र- छात्राएं, बुनियादी सुविधाएं नदारद

*सांसद व विधायक निवास से नजदीक विद्यालय*


अनूपपुर

जिले की लखौरा ग्राम पंचायत के बरटोला प्राथमिक स्कूल में शिक्षा आज भी खुले आसमान के नीचे दम तोड़ती नजर आ रही है। जहां मासूम बच्चे किताबें हाथ में लेकर तो स्कूल पहुंचते हैं, लेकिन उनके सिर पर न छत है, न सुरक्षा और न ही बुनियादी सुविधाएं। प्राथमिक स्कूल में शिक्षा यहां पढ़ने वाले मासूम बच्चों के सिर पर आज तक पक्की छत नहीं है। शिक्षा का मंदिर खुले मैदान में सिमटकर रह गया है, जहां किताबें तो हैं, शिक्षक भी हैं, लेकिन सुरक्षा, सुविधा और सम्मान नदारद है।

दरअसल, दो वर्ष पहले जर्जर हालत में पहुंच चुके पुराने स्कूल भवन को कलेक्टर के आदेश पर डिस्मेंटल कर दिया गया था। आदेश के बाद उम्मीद जगी थी कि जल्द ही नया भवन बनेगा, लेकिन दो साल बीत जाने के बावजूद फाइलें दफ्तरों में ही धूल फांक रही हैं। नतीजा यह है कि बच्चे आज भी खुले आसमान के नीचे पढ़ने को मजबूर हैं। बरसात में कभी किसी ग्रामीण के घर तो कभी अस्थायी छप्पर के नीचे कक्षाएं लगाई जाती हैं, जबकि तेज धूप और कड़ाके की ठंड में बच्चों की पढ़ाई सीधे प्रभावित होती है।

विद्यालय परिसर में पीने के पानी की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। हैंडपंप मौजूद जरूर है, लेकिन वह भी हवा उगल रहा है। प्यासे बच्चे पढ़ाई के साथ-साथ मूलभूत सुविधाओं की कमी से भी जूझ रहे हैं। इस स्कूल में अध्ययनरत सभी बच्चे आदिवासी समुदाय से हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि यही वजह है कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा।

सबसे हैरानी की बात यह है कि स्थानीय विधायक फुंदेलाल सिंह का निवास मात्र 4 से 5 किलोमीटर की दूरी पर है और वे कांग्रेस के कद्दावर नेता माने जाते हैं। बावजूद इसके इस मुद्दे पर कोई ठोस पहल नहीं हुई। वहीं शहडोल संभाग की भाजपा सांसद हिमाद्रि सिंह का निवास भी स्कूल से महज 5 से 6 किलोमीटर दूर बताया जाता है, लेकिन उनका भी ध्यान इस ओर नहीं गया।

बाघ-बाघिन मौत के मामले 7 आरोपी गिरफ्तार, तार, खूंटी बरामद, भेजे गए जेल


शहडोल 

मृत हालत में मिले बाघ और बाघिन मामले में वन विभाग ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इन आरोपियों में वह लोग भी शामिल हैं जिनके खेत से तार और खूंटी को बरामद किया गया था। उत्तर वन मंडल की डीएफओ तरुणा वर्मा द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार किए गए आरोपियों के नाम सरमन यादव, उम्र 38 वर्ष, मोरन लाल यादव, उम्र 43 वर्ष, राजेश यादव, उम्र 49 वर्ष, रामभगत यादव उम्र 37 वर्ष, मातादीन यादव, उम्र 27 वर्ष, जमुना सिंह गोंड़ उम्र 66 वर्ष और रामचरण सिंह गोंड़ उम्र 59 वर्ष हैं। उन्होंने बताया कि बाघ और बाघिन का शव मिलने के बाद घटना स्थल और उसके आसपास के क्षेत्र में डॉग स्क्वायड से सर्चिंग कराई गई थी और निशानदेही पर संदिग्धों को हिरासत में लेकर कर पूछताछ की गई और उनके द्वारा शिकार में प्रयोग किए गए तार, खूँटी इत्यादि सामग्री को जब्त कर लिया गया। सभी आरोपियों को न्यायालय जयसिंहनगर के समक्ष न्यायालयीन रिमाण्ड हेतु प्रस्तुत किया गया जिस पर न्यायालय द्वारा आरोपियों को न्यायिक हिरासत में मऊ (ब्यौहारी) जेल भेज दिया गया। उपरोक्त प्रकरण में वन विभाग द्वारा अभी और विवेचना की जा रही है। यहां यह भी उल्लेखनीय है कि राजस्व भूमि ग्राम करपा बीट बनचाचर वन परिक्षेत्र जयसिंहनगर के अंतर्गत बाघ और बाघिन मृत पाए गए थे। जिस पर वन विभाग द्वारा कार्यवाही करते हुए घटना स्थल को सुरक्षित किया गया व डॉग स्क्वाड की सहायता से घटना स्थल एवं उसके आस-पास छानबीन की कार्यवाही की गई थी। विशेषज्ञ वन्य जीव चिकित्सक डॉ. राजेश तोमर बी.टी.आर और डॉ. अभय सेंगर एस. टी. आर. के द्वारा पोस्टमार्टम किया गया था, जिसमें उनके शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए थे।

संपत्ति को लेकर परिवार के लोगो का ड्रामा, सड़क से लेकर थाना तक हुई गाली-गलौच व मारपीट

*दोनो पक्षो ने थाना में कई शिकायत*


शहडोल 

जिले में पारिवारिक संपत्ति विवाद उस वक्त सरेआम तमाशा बन गया, जब एक ही परिवार के लोग सड़क से लेकर थाना परिसर तक आपस में भिड़ते नजर आए। यह विवाद सिर्फ सड़क तक सीमित नहीं रहा, बल्कि थाना परिसर तक जा पहुंचा। जहां खुलेआम हाथापाई और गाली-गलौज होती रही। झगड़े, हाथापाई और गाली-गलौज का यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया और अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें लोगों की बेखौफ हरकतें और उन्हें संभालने में जूझती पुलिस साफ दिखाई दे रही है।

मामला बुढ़ार और धनपुरी थाना क्षेत्र से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, धनपुरी थाना के पीछे स्थित माली मोहल्ला निवासी परिवार के सदस्यों के बीच संपत्ति और मुआवजा राशि को लेकर विवाद शुरू हुआ। झगड़े की शुरुआत बुढ़ार थाना क्षेत्र के जैन झरोखा के सामने सड़क पर हुई। जहां दोनों पक्षों के बीच जमकर हाथापाई हुई। सड़क पर हो रहे इस विवाद को वहां से गुजरने वाले लोग देखते रहे और किसी ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दिया।

विवाद यहीं नहीं थमा और दोनों पक्ष धनपुरी थाने पहुंच गए। थाने के भीतर भी आरोप-प्रत्यारोप, अपशब्दों और झूमा-झपटी का दौर चलता रहा। वायरल हो रहे वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि किस तरह पुलिसकर्मी विवाद कर रहे लोगों को शांत कराने और थाने से बाहर निकालने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन हालात काबू में करना उनके लिए मुश्किल हो रहा है।

बताया जा रहा है कि माली मोहल्ला निवासी अजय माली की कुछ वर्ष पहले करंट की चपेट में आने से मौत हो गई थी। उसकी पत्नी सोनम बाद में अपने प्रेमी के साथ पुणे चली गई थी। अब सोनम के धनपुरी लौटने पर पति की मौत के बाद मिली मुआवजा राशि और संपत्ति को लेकर देवर विजय और देवरानी से विवाद खड़ा हो गया। जो देखते ही देखते हिंसक रूप ले बैठा। आखिर में मामला बुढ़ार थाने पहुंचा, जहां पुलिस दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने में जुटी हुई है। हालांकि सड़क से लेकर थाना परिसर तक चले इस विवाद और उसका वायरल वीडियो जिले की कानून-व्यवस्था और पुलिस की कार्यशैली पर कई सवाल खड़े कर रहा है।

गाय की हत्या कर मांस की बिरयानी सेन्टर में कर रहे थे सप्लाई, एक आरोपी गिरफ्तार, मांस व औजार जप्त


शहडोल

मुख्यमंत्री के शहडोल दौरे के पहले गौ तस्करी व गौ मांस के मामलों में सनसनीखेज घटना सामने आई है। जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र में जंगल के भीतर एक गाय की निर्मम हत्या कर उसके मांस को डिब्बों में भरकर तस्करी की जा रही थी। मुखबीर की सूचना पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया, जबकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। मुख्यमंत्री का आगमन इस क्षेत्र में प्रस्तावित है। ऐसे समय में जब पूरा प्रशासनिक अमला सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद करने में लगा है, तब पशु तस्करी और गौवंश के प्रति क्रूरता की ऐसी खबरें चिंताजनक हैं। 

दरअसल धनपुरी थाना क्षेत्र के समीप नीलकंठ मंदिर के पीछे झाड़ियों के बीच दो व्यक्ति गौवंश को काटने की सूचना मिलते ही गौ रक्षक और हिंदू संगठन के लोगों ने पुलिस को सूचना दी। थाना पुलिस स्टाफ व गवाहों के साथ मौके पर पहुंची और घेराबंदी की, पुलिस को देखकर दोनों आरोपी भागने लगे, जिनमें से एक को पकड़ लिया गया, पकड़े गए आरोपी की पहचान मोहम्मद अंसार अंसारी, निवासी वार्ड नंबर 11 भुटहीटोला, थाना बुढार, शहडोल है। फरार आरोपी का नाम अज्जू अंसारी, निवासी सिंहपुर है।

मौके से पुलिस ने गौवंश का मांस, धारदार हथियार, रस्सी, मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री जब्त की है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गौमांस को क्षेत्र में संचालित कुछ बिरयानी सेंटरों में सप्लाई किया जाता था।मामले में गोवंश प्रतिषेध अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पिंटू नामक व्यक्ति के नेटवर्क के जरिए रात के अंधेरे में ट्रक और पिकअप वाहनों से गौवंश की तस्करी की जा रही है। इन मवेशियों को कानपुर और उन्नाव जैसे क्षेत्रों में भेजा जा रहा है।

गौ रक्षक हिंदू संगठन ने आरोप लगाया कि जिले में लंबे समय से गौमांस का कारोबार चल रहा है, जिसे सख्ती से कुचलने की जरूरत है। फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। एसडीओपी विकास पाण्डेय ने बताया कि एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।


कार ने बाइक को मारी टक्कर, 3 मजदूर हुए गंभीर घायल, अस्पताल में भर्ती


अनूपपुर

जिले के वेंकटनगर चौकी क्षेत्र अंतर्गत राइस मिल के पास सोमवार की दोपहर तेज रफ्तार कार ने सड़क किनारे खड़ी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। इस हादसे में बाइक सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को उपचार हेतु सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी भेजा गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने जिला चिकित्सालय अनूपपुर रेफर कर दिया। टक्कर तेज थी कि दोनो वाहन सड़क से बाहर जा पहुंचे। दुर्घटना के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।

जानकारी के अनुसार कार क्रमांक एमपी 18 सीए 1536 बुढ़ार से बिलासपुर की ओर जा रही थी। इसी दौरान वेंकटनगर में स्कूल निर्माण कार्य में लगे तीन मजदूर सनी गोड़ (19 वर्ष), सुशील कोल (24 वर्ष) और राजा महरा (26 वर्ष) तीनों निवासी ग्राम छादा, थाना नरौजादा, जिला उमरिया जो कि वेंकटनगर से रानीतालाब मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। जहां रास्ते में फोन पर बात करने के लिए उन्होंने बाइक रोककर हीरामोती राइस मिल के पास खड़े हुए थे, तभी अचानक तेज रफ्तार कार ने बाइक समेत तीनों को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार चालक मौके से फरार हो गया।

शादीशुदा महबूबा को पाने की सनक में पुत्र का गला घोंटकर की हत्या, कोयला खदान में फेंक दिया शव


शहडोल

जिले के थाना धनपुरी में जहां प्रेमिका को पाने की सनक में एक प्रेमी ने मासूमियत का गला घोंट दिया। सात साल के बच्चे को रास्ते का कांटा मानकर उसे मौत के घाट उतार दिया गया और शव को बंद पड़ी कोयला खदान में फेंक दिया गया। दिल दहला देने वाला अपराध सामने आया है, जहां प्रेम की सनक में एक युवक ने हैवानियत की सारी हदें पार कर दीं। प्रेमिका के साथ रहने की चाह में प्रेमी ने अपने ही सात साल के मासूम बेटे की बेरहमी से हत्या कर दी और शव को बंद पड़ी कोयला खदान में फेंक दिया। पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। 

पुलिस के अनुसार पुरानी बस्ती निवासी मोइसीन का झिल्ली दफाई क्षेत्र में मजदूरी करने वाली नंदनी कोल से प्रेम प्रसंग था। मोइशीन नंदनी को पाने के लिए इस कदर पागल हो चुका था कि वह उसके रास्ते की हर रुकावट खत्म करने को तैयार था। नंदनी ने उसके साथ रहने से इनकार कर दिया था, वजह उसके दो छोटे बच्चे थे। यही बात मोइशीन को खटक रही थी और उसने बच्चों को अपने प्रेम के बीच कांटा मान लिया।

आरोपी ने पहले नंदनी के सात साल के ऋतिक कोल को निशाना बनाया। वह मासूम को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया और बगैय्या नाला के पास बंद पड़ी कोयला खदान में ले जाकर उसका गला घोंट दिया। हत्या के बाद उसने बच्चे के शव को खदान में भरे पानी में फेंक दिया। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी दूसरे बच्चे को भी खत्म करने की योजना बना रहा था। 

गौरतलब है कि ऋतिक कोल, पिता बलराम कोल, बीते पांच दिनों से लापता था। परिजनों ने धनपुरी थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी और बच्चे की तलाश के लिए पांच हजार रुपये के इनाम की घोषणा भी की गई थी। आखिरकार कोयला खदान में पानी में तैरता हुआ शव मिला, जिससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई।

शव की हालत, नग्न अवस्था में बरामदगी और घटनास्थल की परिस्थितियों ने हत्या की आशंका को और मजबूत किया। कड़ी पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी मोइशीन को गिरफ्तार कर लिया, जिसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

दो बाघो की मौत से मचा हड़कंप, एक कि करेंट तो दूसरे की आपसी संघर्ष से घायल, संक्रमण से गई जान


शहडोल 

जिले में 2 बाघों की मौत का मामला दक्षिण के वन परिक्षेत्र जयसिंहनगर के करपा बीट से आया है जहां दो बाघ की मौत हो गई है। बताया जा रहा है कि एक बाघ की मौत करंट से हुई है। वही बताया जा रहा है दूसरा बाघ जो कि हाल ही में टाईगर फाइट में वन मंडल उत्तर शहडोल की जयसिंह नगर रेंज की वनचाचर बीट के कक्ष क्रमांक 380 RF मे दो बाघ के आपसी संघर्ष में घायल हुए थे। जिसमें से एक बाघ को बांधवगढ़ टाईगर रिज़र्व के मगधी कोर ज़ोन में बने इनक्लोजर में रखा गया है। वही इस दूसरे बाघ की मौत संक्रमण फैलने से हुई है।

हाल ही में पीसीसीएफ वाइल्ड लाइफ ने उमरिया जिले और आसपास के क्षेत्र के लिए एक अलर्ट जारी किया था जिसमें बताया गया था कि सामान्य वन मंडल में जो टाइगर विचरण कर रहे हैं उन पर शिकारियों की नजर है। लेकिन पीसीसी का वाइल्डलाइफ के अलर्ट को शहडोल संभाग में नजर अंदाज कर दिया गया यही कारण है कि इस लैंडस्केप में इस नए वर्ष में कुल 6 बाघों की मौत हो चुकी है।

दरअसल जयसिंहनगर का यह क्षेत्र टाईगर कॉरिडोर के रूप में जाना जाता है। बांधवगढ़ के बाघ संजय दुबरी टाईगर रिज़र्व आने जाने के लिए उपयोग में करते है। लेकिन वर्तमान में दिन ब दिन जंगलों में बढ़ रहे अतिक्रमण से यह कॉरिडोर अस्तिव खोता चला जा रहा है।

अक्सर जंगलों के आसपास के गांव में अपनी खेती को बचाने के लिए किसान झटका करंट के नाम पर हैवी करंट अपने बाड़े में प्रवाहित कर देते हैं जिसमें छोटे-छोटे वन्यजीवों से लेकर के टाइगर तक फंस जाते हैं हाल ही में उमरिया जिले में एक रिटायर्ड टीआई के घर के बाड़े में ऐसे ही एक बाघ की मौत जनवरी माह में हुई है। वही जंगलों के अंदर वाइल्ड बोर जैसे छोटे छोटे वन्यजीव के शिकार के लिए लगाए गए करंट में बाघ चपेट में आ जाते है। यदि गस्त के नाम पर चलने वाले फर्जीवाड़े पर बड़े अधिकारी सख्त हो जाए तो ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति शायद कम हो जाए।

मजदूरों से भरा मालवाहक वाहन अनियंत्रित होकर पलटा, 10 लोग गंभीर घायल, अस्पताल में भर्ती


शहडोल

शहडोल कोतवाली थाना क्षेत्र के शाहपुर-मालाचुआ मार्ग पर सुबह मजदूरों से भरा मालवाहक वाहन अनियंत्रित होकर सड़क किनारे नाले में जा घुसा। हादसे में वाहन में सवार दस ग्रामीणों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जबकि पांच अन्य को मामूली चोट आने पर उपचार के बाद घर भेज दिया गया।

अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार अनूपपुर जिले के अंतिम छोर के ग्राम पड़मनिया खुर्द और ग्राम कुंई से ग्रामीणों को मालवाहक वाहन के जरिए शहर मजदूरी कराने के लिए लाया जा रहा था। सुबह करीब 10 बजे शाहपुर और मालाचुआ के बीच अचानक वाहन का स्टेरिंग जाम हो गया, जिससे तेज रफ्तार मालवाहक संतुलन खो बैठा और सीधे नाले में जा गिरा। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों की मदद से वाहन में फंसे मजदूरों को बाहर निकाला गया। घटना की सूचना मिलते ही 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को जिला चिकित्सालय शहडोल लाया गया।

अगरिया बैगा (18), राजकली बैगा (18), दिल्ला बाई सिंह (48), अंगूर बाई सिंह (35), प्यारा बाई यादव (36), शांति बाई सिंह (35), रामेश सिंह (42), चमेली सिंह (15), कलावती सिंह (22) और अनीता सिंह (20) शामिल हैं। वहीं भुंगिया बाई, द्रोपति बाई, सुनीता सिंह, सविता बाई सहित दो-तीन अन्य को मामूली चोटें आई हैं। घटना की सूचना पर पुलिस ने मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। जिले में लगातार सड़क हादसे हो रहे हैं और लोगों की जान जा रही है। माल वाहक वाहनों में दर्जनों लोगों को बैठाया जा रहा है, सवारियां ढोई जा रही है, लेकिन यातायात विभाग इस पर कोई कार्यवाही नहीं कर रहा है। जिससे लगातार हादसो में इजाफा हो रहा है।

दो बाइक की जबरदस्त भिड़ंत, दो युवकों की हुई मौत, मेले से लौटते समय हुआ हादसा


शहडोल 

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गांधिया में देवीदाई मंदिर के पास रविवार देर शाम एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। लापरी मेला देखकर लौट रही और मेले की ओर जा रही दो बाइकों की आमने-सामने भिड़ंत में दोनों बाइकों के चालकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दोनों बाइकों पर सवार चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

पुलिस के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब विनय सिंह (24) लापरी मेला देखकर बाइक से अपने घर लौट रहा था। उसके साथ उसकी दो बहनें भारती सिंह (19) और उमा सिंह (25) भी सवार थीं। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में आ रही दूसरी बाइक से उसकी आमने-सामने टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों बाइक चालक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर चोटों के कारण मौके पर ही उनकी मौत हो गई। दूसरी बाइक पर सवार युवक लवकुश अहिरवार (21), निवासी ग्राम दुआरी, थाना जयसिंहनगर, अपने एक दोस्त और चचेरे भाई के साथ लापरी मेला जा रहा था। हादसे में लवकुश की भी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ सवार सरमन और मायाराम बैगा गंभीर रूप से घायल हो गए।

घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जयसिंहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एंबुलेंस की मदद से चारों घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। वहीं दोनों मृतकों के शवों को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई कर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में हादसे का कारण तेज रफ्तार और आमने-सामने की टक्कर बताया जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच जारी है। इस दर्दनाक हादसे से दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है।

बन्द कोयला खदान में 5 दिन से लापता बच्चे का पानी मे उतराता हुआ मिला शव


शहडोल

जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र से दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है, जहां संदिग्ध परिस्थितियों में लापता 7 वर्षीय मासूम ऋतिक कोल का शव बंद कोयला खदान के भरे पानी से बरामद किया है। बच्चे का शव नग्न अवस्था में मिलने से हत्या की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार झिल्ली दफाई निवासी ऋतिक कोल, बीते 5 दिनों से लापता था, परिजनों द्वारा धनपुरी थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। बच्चे की तलाश में पुलिस और परिजन जुटे थे। पता बताने वाले के लिए 5 हजार रुपये के इनाम की भी घोषणा की गई थी। बगैय्या नाला के पास कोयला खदान में भरे पानी में बच्चे का शव तैरता मिला। स्थानीय लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस शव पानी से बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच में जुटी हुई है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी, इधर, मासूम की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने बताया कि एक 7 वर्षीय बच्चे 5 दिन से लापता था, जिसका शव मिला है, मर्ग कायम कर मामले की पड़ताल की जा रही है।

विद्यालय के प्रभारी प्राचार्य/संकुल प्रभारी को बीआरसीसी पुष्पराजगढ़ का भी प्रभार कैसे.?

*लिपिक पदस्थ पर कार्यालयीन ऑपरेटर का कार्य कर रहा अतिथि शिक्षक*


अनूपपुर

जिले के जनपद पंचायत जैतहरी और पुष्पराजगढ़ का एक बेहद लचर प्रशासनिक व्यवस्था प्रकाश में आया है जो बड़ा ही विचारणीय विषय है। 

आदिवासी विकास विभाग अंतर्गत विकासखंड शिक्षा जैतहरी के ग्राम पंचायत गौरेला में स्थित शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गौरेला जो कई विद्यालयों का संकुल केंद्र भी है यहां पर प्रभारी प्राचार्य/संकुल प्रभारी के रूप में हर प्रसाद तिवारी को पदस्थ किया गया है,जबकि विद्यालय और संकुल स्तर पर ही वृहद कार्य क्षेत्र है इन्हें विद्यालय प्रबंधन के अतिरिक्त अन्य विद्यालयों संबंधित जन शिक्षण क्षेत्र तथा संकुल कार्य को भी निष्पादन किया जाना है जब इतनी जिम्मेदारी पर्याप्त मात्रा में है जिसे वह निर्वहन करने में काफी कठिनाई महसूस कर रहे हैं फिर भी उन्हें पुष्पराजगढ़ विकासखंड का सर्व शिक्षा अभियान ब्लॉक कोऑर्डिनेटर की जिम्मेदारी भी प्रशासनिक चूक के तहत प्रदान कर दी गई। बीआरसीसी और प्राचार्य/संकुल प्रभारी हर प्रसाद तिवारी सुबह-सुबह दोहरे दायित्व निर्वहन के चक्कर में विद्यालय पहुंचते हैं आनन-फानन मे कार्य निपटाते हुए 30 किलोमीटर दूर पुष्पराजगढ़ विकासखंड मुख्यालय राजेंद्र ग्राम पहुंचते हैं वहां भी जिस तरह इन महोदय के द्वारा कार्य संपादित किया जाता हो यह बता पाना मुश्किल है इस संबंध में महोदय स्वयं अथवा जिम्मेदारी प्रदान करने वाले विभाग के मुखिया ही बता सकते हैं कि दो तीन दायित्व और दो ब्लॉक क्षेत्र से आना-जाना करके किस तरह अपने पदों का निर्वहन कर रहे हैं। प्रश्न यही उठता है कि क्या दो दायित्व पर दो अन्यत्र क्षेत्र में महत्वपूर्ण पदों पर जिम्मेदारी सौंपना उचित है या प्रशासनिक चूक.?

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गौरेला में एक विषम परिस्थिति और देखने को मिली जहां पर स्थाई पद पर लिपिक पदस्थ है फिर भी प्राचार्य हर प्रसाद तिवारी के द्वारा अतिथि शिक्षक से कंप्यूटर ऑपरेटर संबंधित समस्त कार्यालयीन कार्य संपादित कराए जा रहे हैं। विद्यालयों में रेगुलर टीचर ना होने की वजह से अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जाती है ताकि अध्यापन कार्य सुचार रूप से संपन्न हो सके और इस समय पर बोर्ड एग्जाम नजदीक है ऐसी स्थिति में प्राचार्य अपने स्वेच्छाचारी रवैया को अपनाते हुए अतिथि शिक्षक से कार्यालय संबंधित समस्त कार्य कराए जा रहे हैं और वहां पर पदस्थ लिपिक जिसका कार्यालय कार्य करने की जिम्मेदारी है वह विद्यालय प्रांगण और ग्राउंड में दिनभर घूमते हुए देखे जाते हैं।इस संबंध में जानकारी हेतु हमने आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त अनूपपुर से दूरभाष पर संपर्क करना चाहा तो कॉल रिसीव ही नहीं हुआ और ना कभी होता है।

इनका कहना है।

दो-दो जिम्मेदारियां की वजह से मैं स्वयं व्यस्तता के कारण ग्रह कार्य में समय नहीं दे पाता। लिपिक पदस्थ है परंतु कंप्यूटर संबंधी कार्य न कर पाने के कारण विद्यालय की व्यवस्था चलाने के लिए जिससे काम आता है उससे मुझे काम लेना पड़ता है। दोहरे दायित्व के बारे में शासन प्रशासन विभाग बता सकता है। 

हर प्रसाद तिवारी प्राचार्य उच्चतर विद्यालय गौरेला/बीआरसीसी *पुष्पराजगढ़*

फ़ोटो खींचने पर धान खरीदी केंद्र प्रभारी ने की युवक से मारपीट, युवक की हुई मौत, आरोपी गिरफ्तार


शहडोल 

जिले के पपौंध थाना क्षेत्र के तिखवा गांव में धान खरीदी केंद्र के पास शुरू हुआ एक मामूली विवाद जानलेवा साबित हो गया। मोबाइल से फोटो लेने की बात पर हुए झगड़े में घायल युवक की इलाज के दौरान आठ दिन बाद मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने आरोपी धान खरीदी केंद्र प्रभारी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक जमोड़ी निवासी अशोक पाल 22 जनवरी को अपने दोस्तों के साथ तिखवा स्थित धान खरीदी केंद्र के पास घूम रहा था। इसी दौरान अशोक ने अपने मोबाइल से कुछ तस्वीरें खींच लीं। यह देखकर धान खरीदी केंद्र प्रभारी शशिकांत शर्मा को शक हुआ कि वह केंद्र की फोटो ले रहा है। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो कुछ ही देर में विवाद और मारपीट में बदल गई।

बताया जा रहा है कि विवाद बढ़ने पर शशिकांत शर्मा ने अशोक पाल के साथ मारपीट शुरू कर दी। मौके पर मौजूद अशोक के दो साथी वहां से भाग गए और उन्होंने घटना की जानकारी अशोक के भाई दिनेश पाल को दी। सूचना मिलते ही दिनेश मौके पर पहुंचा और अपने भाई के साथ हो रही मारपीट का विरोध किया। इसी दौरान आरोप है कि धान खरीदी केंद्र प्रभारी ने दिनेश के सिर पर लोहे की रॉड से वार कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

परिजन घायल दिनेश को तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। हालत नाजुक होने पर उसे पहले रीवा और बाद में जबलपुर रेफर किया गया, जहां शनिवार दोपहर इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। जिसके शव को घर लाया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि वह शव आने के बाद ब्यौहारी में चक्का जाम करेंगे। आरोपी धान खरीदी केंद्र प्रभारी शशिकांत शर्मा को हिरासत में ले लिया गया है। मामले की गहन जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अवैध पशु परिवहन में 22 नग भैस के साथ 2 आरोपी गिरफ्तार, देशी कट्टे के साथ 2 कारतूस जप्त 


अनूपपुर

थाना कोतमा की टीम के द्वारा पशु तस्करों के विरूध्द बड़ी कार्यवाही की है। पुलिस को विश्वनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि  भालूमाड़ा रोड़ से एक ट्रक जिस पर काले रंग की तिरपाल ढ़ककर बंधी है तथा ट्रक में भैंसों को ठूस-ठूंस कर भरा गया है । उक्त ट्रक भालूमाडा रोड से कोतमा होकर जंगल चौकी के सामने हाईवे से अनूपपुर तरफ निकलने वाला है । ट्रक के आगे आगे एक सफेद रंग की बालेनो कार रैकी कर रही है  । मुखबिर की सूचना पर थाना प्रभारी कोतमा द्वारा तत्काल पुलिस टीम के साथ रवाना होकर मुखबिर के बतायें स्थान जंगल चौकी हाईवे रोड़ पर रोड से नीचे आड़ में पुलिस वाहन खड़ा कर नाके बंदी की जो कि कुछ देर बाद एक ट्रक जिस पर तिरपाल बंधी थी, कोतमा तरफ से आता दिखा जिसे  रोकने पर वह ट्रक नही रूका और तेजी से भागा जिसको पुलिस वाहन से पीछा करके थोडी दूर आगे पतेराटोला के पास हाईवे रोड़ में वाहन आगे लगाकर रोका गया जो कि ट्रक क्रमांक सीजी 04 एन एक्स 5617 में बैठे चालक सहित कुल तीन व्यक्ति ट्रक से कूद कर भागे जो नीचे सडक पर गिरे जिन्हे गिरते पड़ते दोडाकर दो व्यक्तियों को पकड़ा गया तथा तिसरा व्यक्ति अंधेरे का फायदा उठाकर तंगल तरफ भाग गया  । पकड़े गये दोनो व्यक्तियों के नाम उमेश केवट पिता स्व. दीनदयाल केवट निवासी पुरानी बस्ती कोतमा एवं अंकित द्विवेदी पिता रमेश कुमार द्विवेदी निवासी ग्राम झाली थाना कोठी जिला सतना (म.प्र.)  तथा भागने वाले व्यक्ति का नाम जय भान सिंह गोंड निवासी ज्योति पेट्रोल पम्प के पास कोतमा का होना बतायें । ट्रक को खुलवाकर देखा गया तो ट्रक के अंदर 22 नग भैंस  पाडे मवेशी नायलन की रस्सियों से क्रूरता पूर्वक ठूंस-ठूंस कर भरकर बांधे गये थे । ट्रक की केबिनमें देख कर तलाशी लेने पर  एक पन्नी में 315 बोर का एक देशी कट्टा तथा 02 नग जिन्दा कारतूस पाये गये ।आरोपियों के संयुक्त कब्जे से ट्रक क्रमांक सीजी 04 एन एक्स 5617  कीमती 15 लाख रूपये एव 22 नग मवेशी कीमती 11 लाख रूपये ,देशी कट्टा  व 02 नग जिन्दा कारतूस एवं दो नग मोबाईल जप्त कर गिरफ्तार किया गया।

महिला की हत्या का कातिल निकला पति, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


अनूपपुर 

जिले के राजेन्द्रग्राम में 26 जनवरी को मिले नरकंकाल की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। इस हत्या का कातिल कोई और नहीं, बल्कि मृतका का पति ही निकला। पुलिस ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी रामकुमार उर्फ राजकुमार चंद्रवंशी अपनी पत्नी राजेश नंदिनी उर्फ सुरसा की हत्या कर दूसरी शादी करना चाहता था।

शादी के कई साल बाद भी संतान न होने की वजह से दोनों के बीच अक्सर झगड़ा होता था। जब पति ने दूसरी शादी की बात की, तो पत्नी ने इसका कड़ा विरोध किया। इसी विवाद के चलते आरोपी ने अपनी पत्नी को रास्ते से हटाने का खौफनाक प्लान बनाया।

वारदात वाले दिन आरोपी अपनी पत्नी को उसके मायके से घर ला रहा था। रास्ते में बरबसपुर के जोगी नाला के पास फिर से विवाद शुरू हुआ, जिसके बाद आरोपी ने गला दबाकर उसकी हत्या कर दी। साक्ष्य मिटाने के लिए उसने शव को जलाया और नाले के पास गड्ढे में दबा दिया। 26 जनवरी को जब ग्रामीणों ने वहां हड्डियां, जले हुए कपड़े और बाल देखे, तब मामले का खुलासा हुआ।

शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह हत्या बताई गई। जांच के दौरान मृतका के मायके वालों ने जबड़े के दांतों और अधजले कपड़ों के आधार पर उसकी पहचान की। परिजन ने पति पर शक जताया, जिसके बाद 29 जनवरी को पुलिस ने राजेन्द्रग्राम से उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। सख्ती बरतने पर आरोपी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।पुलिस ने आरोपी के पास से मृतका का मोबाइल फोन, आधार कार्ड और रेलवे टिकट बरामद कर लिया है।

तीन बड़ी चोरी का हुआ खुलासा, सोना, चांदी व मोबाईल जप्त, पांच चोर सहित सोनार गिरफ्तार


अनूपपुर

जिले के थाना राजेन्द्रग्राम क्षेत्र में गुरुवार की रात चोरी की योजना बनाते पांच संदिग्ध की पूछताछ में तीन बड़ी चोरी का खुलासा हुआ है। शुक्रवार को पुलिस ने आरोपियों से पूछताछ के बाद जब्त सामानों के साथ पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने पत्रवार्ता में अंतर जिला चोर गिरोह का पर्दाफाश किया।

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि 26 अक्टूबर 2025 को सरला पडवार ने राजेंद्रग्राम थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात व्यक्ति सूने मकान का ताला तोडकर सोने चांदी के जेवरात और कुछ नगदी ले गए हैं। 7 जनवरी 26 को जवाहर वर्मा ने चोरी की रिर्पोट में बताया कि सूने घर का ताला तोडकर सोने चांदी के जेवरात और कुछ नगदी की चोरी हो गई। 15 जनवरी 26 को अजय कुमार अग्रवाल ने रिपोर्ट दर्ज था कि चोरो ने सूने मकान का ताला तोडकर नगदी ले गए हैं। तीन चोरी की घटना में मामला दर्ज के बाद भी कोई आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। पुलिस अज्ञात आरोपियो की लगातार पता तलाश कर रही थी। गुरूवार की रात्रि गश्त के दौरान थाना प्रभारी लीला गांव में एक वाहन में कुछ संदिग्ध युवकों को बैठे देखा, संदेह होने पर कार क्रमांक एमपी 20 सीबी 0625 सड़क के किनारें संदिग्ध हालत में खड़ा हैं। वाहन में बैठे लोगों से पूछताछ पर सही कारण नही बता पाए और घबरा गए। जिसमे 51 वर्षीय राकेश नागेश्वर पुत्र रघु नागेश्वर, 22 वर्षीय आर्यन बहारे पुत्र राजा बहारे दोनो निवासी ग्राम उकवा जिला बालाघाट, 26 वर्षीय अर्जुन चौधरी पुत्र स्व. सुरेश चौधरी, 24 वर्षीय अभिषेक चौधरी पुत्र अनिल चौधरी दोनों निवासी राम मंदिर के पीछे घुई खदान जीसीएफ स्टेट थाना सिविल लाईन जबलपुर पूछताछ के लिए थाने ले आए। जहां सख्ती से पूछताछ में राजेन्द्रग्राम, डिण्डौरी और अन्य जगह पर चोरी करना बताया। चोरी का सामान सोनार 27 वर्षीय अंकित सोनी पुत्र रमेश सोनी निवासी भरवेली जिला बालाघाट को बेचना बताया। अंकित सोनी से पूछताछ के बाद जेवरात बरामद किए गए। पुलिस आरोपियो से एक कार, सोना 27 ग्राम, चांदी 1300 ग्राम तीन मोबाईल फोन और ताला तोडने के उपकरण जब्त कर किया। पुलिस ने सभी आरोपितो को न्यायायल प्रस्तुत किया जहां से जेल भेज दिया गया।

ओसीएम में केमिकल युक्त दूषित पानी पीने से 8 से अधिक गौवंशों की तड़प-तड़प कर दर्दनाक मौत

&2022 में शारदा ओसीएम में हुई थी 19 गौवंशो की मौत*


शहडोल 

जिले से एक और गंभीर और चिंताजनक घटना सामने आई है। जिले के एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र अंतर्गत अमलाई ओसीएम परिसर में कथित तौर पर केमिकल युक्त दूषित पानी पीने से 8 से अधिक गौवंशों की दर्दनाक मौत हो गई। एक के बाद एक गौवंशों के तड़प-तड़पकर दम तोड़ने की घटना से पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया है।

जानकारी के अनुसार, धनपुरी थाना क्षेत्र में स्थित अमलाई ओसीएम परिसर में 4 गाय, 3 बछड़े और एक बैल की आकस्मिक मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों और गौ रक्षकों का आरोप है कि एसईसीएल परिसर में जमा दूषित और रासायनिक तत्वों से युक्त पानी पीने के कारण इन गौवंशों की जान गई है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और गौ रक्षक मौके पर पहुंच गए और एसईसीएल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए। 

गौ रक्षक राम दुबे ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि एसईसीएल की लापरवाही के चलते हर वर्ष इसी क्षेत्र में गौवंशों की मौत हो रही है। उन्होंने बताया कि 1 अगस्त 2022 को अमलाई ओसीएम परिसर में इसी तरह कई गौवंशों की मौत हुई थी, वहीं 2 सितंबर 2022 को शारदा ओसीएम परिसर में भी 19 गौवंशों की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत दर्ज की गई थी, इसके बावजूद आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और न ही स्थायी समाधान निकाला गया। 

घटना की जानकारी मिलते ही धनपुरी पुलिस मौके पर पहुंची और मृत गौवंशों का पंचनामा तैयार कर उन्हें पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया, इसके साथ ही बुढार से पशु चिकित्सा विभाग की टीम भी मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच की, पशु चिकित्सकों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही गौवंशों की मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। 

वहीं इस पूरे मामले पर धनपुरी थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो ने बताया कि अमलाई ओसीएम परिसर में 8 गौवंशों की मौत की सूचना मिली है। पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई कर गौवंशों को पीएम के लिए भेज दिया है। पीएम रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

गोदाम में लगी भीषण आग, लाखो का हुआ नुकसान, लकड़ी से लदा पीकप जप्त, मामला दर्ज

*बारदाना, बीज व धान जलकर हुआ खाक*


 शहडोल

कोतवाली थाना क्षेत्र के नरसरहा स्थित मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एंड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन (MPWLC) के गोदाम में गुरुवार तड़के भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। आग इतनी भयावह थी कि दमकल की कई गाड़ियों के पहुंचने के बावजूद पांच घंटे से ज्यादा समय तक उस पर पूरी तरह काबू नहीं पाया जा सका। आग की चपेट में आकर गोदाम में रखा बारदाना, धान और बीज जलकर खाक हो गया, जिससे लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

आग लगने की सूचना मिलते ही शहडोल फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। आग की भयावहता को देखते हुए शहडोल फायर टीम के 8 से अधिक दमकल वाहनों को लगाया गया, लेकिन आग पर काबू पाना आसान नहीं रहा। हालात की गंभीरता को देखते हुए रिलायंस कंपनी की फायर टीम से भी मदद मांगी गई, जो मौके पर पहुंचकर आग बुझाने में जुटी हुई है।

जानकारी मिलते ही शहडोल कलेक्टर डॉ. केदार सिंह, एसडीएम सहित अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य का जायजा लिया। फिलहाल अधिकारी नुकसान के आंकलन को लेकर कुछ भी कहने से बचते नजर आ रहे हैं। आग लगने के कारणों का भी अब तक खुलासा नहीं हो सका है और इसे अज्ञात कारणों से लगी आग बताया जा रहा है।

बताया जा रहा है कि यह गोदाम मध्यप्रदेश वेयरहाउसिंग एण्ड लॉजिस्टिक्स कॉर्पोरेशन की शाखा शहडोल के अंतर्गत आता है, जिसकी कुल भंडारण क्षमता लगभग 2800 मैट्रिक टन है। नरसरहा परिसर स्थित MPWLC-1, 2 और 3 गोदामों में यह आग लगी है। लगातार प्रयासों के बावजूद आग पूरी तरह बुझ नहीं पाई है, जिससे आसपास के क्षेत्र में भी दहशत का माहौल बना हुआ है। प्रशासन द्वारा हालात पर नजर रखी जा रही है और आग पर नियंत्रण के प्रयास लगातार जारी हैं।

*लकड़ी से लदा पीकप जप्त, मामला दर्ज*


शहडोल दक्षिण वनमंडल शहडोल अंतर्गत वन विभाग ने अवैध लकड़ी परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए खैर प्रजाति की लकड़ी से लदे एक वाहन को जब्त किया है। पकड़े गए वाहन और उसके चालक के विरुद्ध वन अपराध का प्रकरण दर्ज कर वाहन को सुरक्षित रूप से नरसरहा काष्ठागार डिपो में खड़ा कराया गया है। बुधवार देर रात प्रेस नोट जारी कर वन विभाग ने इसका खुलासा किया है।

वन परिक्षेत्र शहडोल के सर्किल शहडोल अंतर्गत बीती रात्रि ग्राम छपराटोला क्षेत्र में अवैध लकड़ी परिवहन की सूचना वन विभाग को प्राप्त हुई थी। सूचना के आधार पर वन विभाग की टीम ने 5 नंबर रेलवे ब्रिज के पास कच्ची सड़क से गुजर रहे वाहन क्रमांक एमपी 18 एल 1157 को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान वाहन में खैर प्रजाति की लकड़ी लोड पाई गई।

पूछताछ में वाहन चालक ने अपना नाम अनुज पिता बुद्ध कोल, निवासी बमुरा बताया। चालक खैर लकड़ी के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद वन विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वन अपराध पंजीबद्ध किया गया और वाहन को नरसरहा डिपो में सुरक्षित खड़ा कराया गया। इस कार्रवाई में वन परिक्षेत्राधिकारी रामनरेश विश्वकर्मा, परिक्षेत्र सहायक मथुरा सिंह मार्को, विवेक यादव सहित अन्य वनकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

जैतपुर वन परिक्षेत्र में इन दिनों जंगल की कटाई का मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि लोग दिनदहाड़े जंगलों की कटाई कर रहे हैं, लेकिन वन अमला जंगल की कटाई रोकने में नाकाम है। सूत्र बताते हैं कि कुछ वन कर्मियों की मिलीभगत से कटाई की जा रही है।

गणतंत्र दिवस पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान, रात भर फहराता रहा तिरंगा, प्रधानाचार्य सोते रहे घर पर

*संकुल प्रभारी करना चाहते हैं मामला रफा-दफा, जानकारी के बाद भी नही लिया कोई एक्शन*


अनूपपुर 

पूरे देश मे 77वां गणतंत्र दिवस 26 जनवरी राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर बड़ी धूमधाम व हर्षोल्लास से मनाया गया, मगर अनूपपुर जिले में पूरी रात झंडा फहराकर राष्ट्रीय ध्वज का जान बूझकर अपमान किया गया, और कार्यवाही के नाम पर अधिकारी एक दूसरे पर पल्ला झाड़कर एक दूसरे का मुंह ताकते नजर आ रहे हैं। आखिर कब तक ऐसे लोग राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा का अपमान करके देश के ऊपर कालिख पोतते रहेंगे।

26 जनवरी भारत के लिए अत्यंत गौरव और सम्मान का दिन रहता है। इसी दिन हमारा संविधान लागू हुआ था और भारत एक संप्रभु, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष, लोकतांत्रिक गणराज्य बना। इस राष्ट्रीय पर्व पर देशभर में तिरंगा फहराया जाता है और हर भारतीय के मन में देशभक्ति की भावना जागृत होती है। तिरंगा केवल एक झंडा नहीं है, बल्कि यह हमारे देश की स्वतंत्रता, एकता, बलिदान और स्वाभिमान का प्रतीक है। ऐसे पावन दिन पर तिरंगे का अपमान होना न केवल दुखद है, बल्कि पूरे राष्ट्र के लिए चिंताजनक भी है। राष्ट्रीय पर्व पर तिरंगे का अपमान कई रूपों में देखने को मिलता है, जैसे झंडे को गलत तरीके से फहराना, जमीन पर गिराना, फाड़ना, जलाना या राजनीतिक और व्यक्तिगत स्वार्थ के लिए उसका दुरुपयोग करना निंदनीय व अपराध है। यह कृत्य न केवल देशवासियों की भावनाओं को ठेस पहुँचाता है, बल्कि हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान का भी अपमान है।

जिले से राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा के अपमान की खबर आ रही है, जिसका वीडियो व फ़ोटो शोसल मीडिया में जमकर वायरल हो रहा है, जो कि भारत के गणतंत्र पर तीखा प्रहार है। ग्राम पंचायत बेलिया बड़ी के कुरिया टोला के शासकीय विद्यालय में 26 जनवरी 2026 के दिन सुबह छात्र-छात्राओं, विद्यालय के प्रधानाचार्य व शिक्षकों की उपस्थिति में राष्ट्रीय ध्वज तिरंगा फहराकर गणतंत्र दिवस हर्षोल्लास व धूमधाम से मनाया गया। त्योहार मनाने के बाद सभी लोग अपने-अपने घर को चले गए, विद्यालय के शिक्षक व प्रधानाचार्य इतनी बड़ी लापरवाही करते हुए राष्ट्रीय ध्वज को पूरे रात फहरने दिया गया। सुबह जब कुछ ग्रामीणों ने देखा कि राष्ट्रीय ध्वज दूसरे दिन सुबह होने तक फहर रहा है, तो इसकी मौखिक शिकायत फ़ोटो वीडियो संकुल प्राचार्य साकिर को दिखाकार की गई, उसके बाद आनन फानन में राष्ट्रीय ध्वज विद्यालय प्रांगण से उतारा गया, शाम होने से पहले तिरंगा उतारने की जिम्मेदारी विद्यालय प्रबंधन की थी, मगर प्रबंधन ने जान बूझकर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान कर विद्यालय के ऊपर कालिख पोत दी है।

इस संबंध में जब कुछ लोग संकुल प्राचार्य देवगवा साकिर के पास जाकर विद्यालय प्रबंधन को नोटिस जारी करके कार्यवाही करने की बात कही तो उन्होंने प्रधानाचार्य का पक्ष लेते हैं कार्यवाही करने व नोटिस जारी करने के लिए साफ-साफ मना कर दिया। संकुल प्राचार्य का कहना था कि जब तक कोई लिखित शिकायत नही करेगा तब तक राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के बाद भी किसी के ऊपर कार्यवाही नही की जा सकती। जब की बड़े-बड़े अधिकारी व न्यायालय भी बिना शिकायत के किसी भी मामले संज्ञान लेकर कार्यवाही होती चली आ रही है। लेकिन संकुल प्राचार्य के अंडर में जितने भी विद्यालय संचालित है, इसी तरह मनमानी करके खुली छूट दे रखी है।

संकुल प्रभारी देवगवा के शाकिर कई वर्षों से इसी तरह के सुर्खियां बटोरकर शिक्षा जगत का नाम रोशन कर रहे हैं, कई बार जिले के अधिकारियों द्वारा अनुशासन बिगाड़ने के संबंध में इनके खिलाफ आदेश जारी हो चुके हैं, परंतु पुनः संकुल प्रभारी बनने के बावजूद भी आज भी वही कारनामा वही लापरवाही करते चले आ रहे है, संकुल प्रभारी को जानकारी होने के तीन दिवस बाद भी अपने वरिष्ठ अधिकारियों को इस मामले में सूचित तक नही किया गया, बस मामले को रफा-दफा करवाने के चक्कर मे लगे हुए हैं। 

भारतीय कानून के तहत राष्ट्रीय ध्वज (तिरंगे) का अपमान करना एक गंभीर अपराध है। राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के तहत दोषी पाए जाने पर 3 साल तक की जेल, जुर्माना या दोनों सजा हो सकती है। अब देखना यह है की राष्ट्रीय ध्वज के अपमान पर ऐसे लापरवाह संकुल प्राचार्य व विद्यालय के प्रधानाचार्य पर विभाग या जिला प्रशासन कार्यवाही कर मामला दर्ज करवाता हैं या अभयदान देकर मामले को रफा दफा करता है। 

इनका कहना है।

जब इस मामले में सरिता नायक सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग अनूपपुर को उनके मोबाइल पर कॉल किया गया तो उन्होंने कॉल रिसीव नही किया।

आपसे जानकारी प्राप्त हुई है, हमने बीआरसी को बोल दिया है कि जांच कर जांच प्रतिवेदन प्रेषित करें, उसके बाद उच्च अधिकारियों से मार्गदर्शन प्राप्त कर उचित कार्रवाई की जा सके।      

*आशुतोष कुशवाहा जिला शिक्षा केंद्र अनूपपुर*   

शराब के नशे में पंचायत भवन में घुसकर सचिव से अभद्रता,बकुएं में उतराता मिला युवक का शव


शहडोल

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र के तीतरा पंचायत भवन में आयोजित ग्राम सभा के दौरान उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब शराब के नशे में चार दबंग युवक जबरन सभा में घुस आए। आरोपियों ने पंचायत सचिव के साथ गाली-गलौज और अभद्र व्यवहार करते हुए शासकीय कार्य में बाधा डाली। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया है, हालांकि आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

पंचायत सचिव केशव प्रसाद द्विवेदी ने बताया कि मंगलवार को तीतरा पंचायत भवन में विधिवत ग्राम सभा का आयोजन किया गया था, जिसमें गांव के बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। इसी दौरान कुछ लोग शराब के नशे में धुत होकर सभा में पहुंचे और बिना कारण हंगामा करने लगे। जब सचिव ने उन्हें समझाने और विरोध करने की कोशिश की, तो आरोपी उग्र हो गए और उनके साथ गाली-गलौज करने लगे। आरोप है कि इस दौरान सचिव के साथ धक्का-मुक्की भी की गई।

घटना को बढ़ता देख ग्राम सभा में मौजूद ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला, अन्यथा मामला और गंभीर हो सकता था। इसके बाद पंचायत सचिव ने जैतपुर थाने पहुंचकर पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत पुलिस को सौंपी।पुलिस ने शिकायत के आधार पर रघो महरा, रामलखन प्रजापति, रामशरण प्रजापति, सत्तार मुसलाम सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न करने समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है।

इस संबंध में थाना प्रभारी जैतपुर जिया उल हक ने बताया कि मंगलवार शाम सचिव द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपियों के खिलाफ सख्त धाराओं में अपराध पंजीबद्ध किया गया है। फिलहाल सभी आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए बुधवार सुबह से पुलिस ने धर-पकड़ अभियान शुरू कर दिया है। थाना प्रभारी ने दावा किया है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

*कुएं में उतराता मिला युवक का शव*

शहडोल

कोतवाली थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर 15 मदन एजेंसी के पीछे किराए के कमरे में रहने वाले एक युवक का शव बुधवार दोपहर कुएं में उतराता हुआ मिला। युवक मंगलवार से लापता था, जिसकी तलाश परिजन कर रहे थे।

मदन एजेंसी के पीछे स्थित शास्त्री भवन परिसर में ही बने कुएं के पास युवक की चप्पल पड़ी देख परिजनों को अनहोनी की आशंका हुई। जब कुएं में झांककर देखा गया तो युवक का शव पानी में उतराता मिला। इसके बाद तत्काल स्थानीय लोगों ने पुलिस की डायल 112 को सूचना दी। मृतक की पहचान राज बकसरिया (18 वर्ष) पिता राजन बकसरिया, निवासी खैरहा, हाल निवास वार्ड नंबर 15 मदन एजेंसी के पीछे शास्त्री भवन के रूप में हुई है।

सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची कोतवाली पुलिस ने शव को कुएं से बाहर निकलवाकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है और मौत के कारणों का पता लगाने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

अवैध रेत से भरा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटा, चालक की हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी 


शहडोल

जिले में रेत का वैध ठेका नहीं होने का फायदा उठाकर रेत माफिया पूरी तरह संगठित होकर सक्रिय हो चुके हैं। हालात ऐसे हैं कि जिले की नदियों का सीना दिन-रात छलनी किया जा रहा है। बेखौफ रेत माफिया खुलेआम अवैध उत्खनन कर शहडोल जिले से रीवा, सतना सहित उत्तरप्रदेश तक रेत की तस्करी कर रहे हैं। माफियाओं के हौसले इस कदर बुलंद हैं कि वे शासकीय अधिकारियों और कर्मचारियों पर हमला करने से भी नहीं चूक रहे। इसी अवैध रेत कारोबार की एक और दर्दनाक तस्वीर बुढार थाना क्षेत्र से सामने आई है, जहां अवैध रेत परिवहन के दौरान एक ट्रैक्टर चालक युवक की जान चली गई।

ताजा मामला बुढार थाना अंतर्गत ग्राम मर्जाद का है। यहां कुकुरघोड़ी नाला के पास अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया,इस हादसे में ट्रैक्टर चालक आकाश कोल की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, मृतक आकाश कोल, ग्राम मर्जाद का निवासी था और अपने नाना के घर रहकर मजदूरी कर रहा था। बताया जा रहा है कि आकाश रेत से भरा ट्रैक्टर लेकर जा रहा था, तभी रास्ते में संतुलन बिगड़ने से ट्रैक्टर पलट गया और वह उसके नीचे दब गया, स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह कोई साधारण सड़क दुर्घटना नहीं बल्कि अवैध रेत उत्खनन और परिवहन का सीधा परिणाम है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लंबे समय से नालों और नदियों से अवैध रूप से रेत निकाली जा रही है और बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के ट्रैक्टर-ट्रॉलियां दौड़ाई जा रही हैं। न तो ट्रैक्टर चालकों को कोई प्रशिक्षण होता है और न ही परिवहन के दौरान नियमों का पालन किया जाता है। ऐसे में हादसे होना तय है। हालांकि पुलिस इस पूरे मामले को फिलहाल एक सामान्य हादसा बता रही है।

बुढार पुलिस का कहना है कि ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलटा, जिससे चालक की मौत हुई है और मामले की जांच की जा रही है। लेकिन सवाल यह उठता है कि आखिर रेत से भरा ट्रैक्टर वहां क्या कर रहा था, रेत कहां से निकाली गई और किसके लिए ले जाई जा रही थी, क्या इस अवैध कारोबार के पीछे बैठे माफियाओं तक जांच पहुंचेगी या फिर मामला एक और दुर्घटना बताकर ठंडे बस्ते में डाल दिया जाएगा।


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