आकाशीय बिजली गिरने से तीन लोगो की हुई मौत, एक मासूम सहित चार लोग हुए घायल

*झींक बिजुरी, छुटकी व मुसरा गांव में हुई घटना*


शहडोल 

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर आकाशीय बिजली गिरने से 11 वर्षीय बालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार से अधिक लोग घायल हो गए। सभी घायलों का अस्पताल में उपचार जारी है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में तेज बारिश के दौरान आकाशीय बिजली ने भारी तबाही मचा दी। थाना क्षेत्र के चार अलग-अलग स्थानों पर बिजली गिरने से 11 वर्षीय बालक समेत तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि चार से अधिक लोग घायल हो गए। घटना के बाद पुलिस और ग्रामीणों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर घायलों को अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

जैतपुर थाना क्षेत्र की झींक बिजुरी चौकी अंतर्गत ग्राम झींक में खेत में धान की रोपाई के दौरान अचानक आकाशीय बिजली गिर गई। इसकी चपेट में आने से 28 वर्षीय किशन, पत्नी राकेश, गंभीर रूप से घायल हो गईं। ग्रामीण उन्हें झींक बिजुरी अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन वहां चिकित्सक मौजूद नहीं थे। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल शहडोल भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। इस हादसे में दो अन्य लोग भी घायल हुए हैं, जिनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। 

दूसरी घटना दरशिला चौकी क्षेत्र के छुटकी टोला में हुई। पुलिस के अनुसार, खेत में धान की रोपाई कर रहे 45 वर्षीय सुंदर पाव पर आकाशीय बिजली गिर गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में दो अन्य ग्रामीण भी घायल हुए हैं, जिनका उपचार जारी है।

तीसरी बड़ी घटना जैतपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मुसरा में हुई। यहां 11 वर्षीय धर्मेंद्र सिंह, पिता प्रेमलाल सिंह, घर के बाहर खड़ा था। इसी दौरान तेज बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिरने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में उसकी भाभी भी घायल हो गईं, जिनका उपचार जारी है। मृतकों के शवों का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंपा जाएगा। वहीं घायलों का उपचार अस्पताल में जारी है। 

स्टेशन में चलती ट्रेन में उतरने के प्रयास में महिला का पैर कटा, आरपीएफ ने पहुँचाया अस्पताल चल रहा है इलाज

*बरौनी गोंदिया एक्सप्रेस की घटना*


शहडोल

शहडोल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म क्रमांक-01 पर एक दर्दनाक हादसा हो गया। गाड़ी संख्या 15231 बरौनी-गोंदिया एक्सप्रेस के प्रस्थान के दौरान एक महिला यात्री ने चलती ट्रेन से उतरने की कोशिश की, जिससे उसका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे पटरी पर गिर गई। ट्रेन की चपेट में आने से महिला का एक पैर कट गया। इस हृदयविदारक घटना के बाद प्लेटफॉर्म पर हड़कंप मच गया और यात्रियों ने मुस्तैदी दिखाते हुए तुरंत चैन पुलिंग कर ट्रेन को रोका।

घटना के समय प्लेटफॉर्म पर ड्यूटी में तैनात रेलवे सुरक्षा बल की महिला आरक्षी आभा तिवारी ने तत्परता दिखाते हुए दौड़कर महिला को बचाने का हरसंभव प्रयास किया। हालांकि, ट्रेन की गति और अचानक हुए हादसे के कारण वह महिला को गिरने से नहीं बचा सकीं। हादसा इतना भीषण था कि महिला गंभीर रूप से घायल हो गई और स्टेशन पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

हादसे के तुरंत बाद आरपीएफ की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आपातकालीन चिकित्सा सहायता के लिए एंबुलेंस को फोन किया। लेकिन एंबुलेंस पहुँचने में वि होने लगा और घायल महिला का अत्यधिक खून बह रहा था। 

स्थिति की गंभीरता और महिला की नाजुक हालत को देखते हुए आरपीएफ जवानों ने बिना समय गंवाए तत्काल निर्णय लिया। जवानों ने स्ट्रैचर की मदद से गंभीर रूप से घायल महिला को स्टेशन से बाहर निकाला और एक ऑटो-रिक्शा में बिठाकर उपचार हेतु तत्काल जिला चिकित्सालय शहडोल रवाना किया।

अस्पताल में घायल महिला का तत्काल इलाज शुरू कराया जा सके, इसके लिए आरपीएफ के आरक्षक महेंद्र कुमार को महिला के साथ भेजा गया है। आरक्षक महेंद्र कुमार की देखरेख में महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसका आपातकालीन उपचार कर रही है। समाचार लिखे जाने तक महिला की हालत गंभीर बनी हुई है। आरपीएफ अधिकारियों के अनुसार घायल महिला का नाम, पता और अन्य क्रेडेंशियल्स की जानकारी जुटाई जा रही है। पहचान और मेडिकल रिपोर्ट मिलते ही मामले की विस्तृत रिपोर्ट जारी की जाएगी।

मछली पकड़ने गया शिक्षक सोन नदी में डूबा, रेस्क्यू टीम ने तलाश की शुरू, अजगर द्वारा पानी मे खींचने की आशंका


अनूपपुर

जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र में सोन नदी के दूधिया घाट पर मछली पकड़ने गए 40 वर्षीय एक अतिथि शिक्षक पानी मे डूब गया। अभी तक शव बरामद नहीं किया जा सका है। पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर खोजबीन शुरू कर दी है।

शिक्षक अपने एक साथी के साथ मछली पकड़ने गए थे। साथी ने बताया कि जब शिक्षक महेंद्र चौधरी घाट के एक छोर से दूसरे छोर की ओर लौट रहे थे, तो किनारे से लगभग 10 मीटर पहले उनका पैर किसी चीज में उलझ गया। उन्होंने पैर निकालने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हुए।

साथी विजय चौधरी के अनुसार, महेंद्र ने नीचे हाथ डालकर पैर में उलझी चीज को निकालने की कोशिश की, तभी उन्हें पैर में अजगर सांप लपेटा होने का अहसास हुआ। साथी ने तुरंत पानी में उतरकर महेंद्र को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वे डूब चुके थे। महेंद्र ने बताया की अजगर पानी मे खींचकर ले गया।

घटना की सूचना मिलने पर जैतहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से शव की तलाश शुरू की गई, लेकिन दूधिया घाट पर पानी अधिक होने और ऊबड़-खाबड़ जगह के कारण सफलता नहीं मिली। इसके बाद अनूपपुर से एसडीआरएफ की टीम को बुलाया गया, जिसने खोजबीन शुरू की किन्तु रात होने पर इसे रोक दिया सोमवार की सुबह पुनः तलासी अभियान शुरू होगा।

जैतहरी थाना प्रभारी गोकुलानंद पांडे ने बताया कि मृतक की पहचान महेंद्र चौधरी के रूप में हुई है। वे शासकीय मॉडल स्कूल लहरपुर मुर्रा गांव में अतिथि शिक्षक थे। महेंद्र चौधरी मूल रूप से शहडोल जिले के निवासी थे, वह स्कूल में ही रह रहे थे।

आकाशीय बिजली की चपेट में आने से महिला व पुरुष की हुई मौत, दो घायल अस्पताल में भर्ती


अनूपपुर 

जिले में आकाशीय बिजली गिरने की दो अलग-अलग घटनाओं में एक महिला और एक अधेड़ की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसों में पशुधन को भी नुकसान पहुंचा है। प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर राहत एवं आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है।

बिजुरी थाना क्षेत्र की ग्राम पंचायत उमरदा के पकरिया गांव में खेत में धान की रोपाई कर रही महिलाओं पर आकाशीय बिजली गिर गई। घटना में पुनिया साहू की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक ही परिवार की मुन्नी बाई और सुनीता साहू गंभीर रूप से झुलस गईं। ग्रामीणों ने तीनों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने पुनिया साहू को मृत घोषित कर दिया। दोनों घायलों का उपचार जारी है। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची तथा पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

दूसरे मामले में जिले के कोतमा थाना क्षेत्र के पथरोड़ी गांव में राइस मिल के पास बकरियां चराने गए 45 वर्षीय मोतीलाल यादव की भी आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई। बारिश शुरू होने पर मोतीलाल एक अस्थायी झोपड़ी में शरण लेने पहुंचे थे, तभी वे बिजली की चपेट में आ गए। इस घटना में उनके मवेशियों को भी नुकसान पहुंचा। पुलिस ने शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस दोनो मामलों की जांच में जुट गई है।

चरित्र संदेह में पति ने पत्नी की कुल्हाड़ी से की हत्या, आरोपी गिरफ्तार, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

जिले की पुलिस चौकी फुनगा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत पयारी क्रमांक-1 में शनिवार सुबह चरित्र संदेह के चलते एक पति ने अपनी पत्नी की कुल्हाड़ी से वार कर निर्मम हत्या कर दी। घटना से पूरे गांव में सनसनी फैल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतका मुनिया बाई शनिवार सुबह लगभग 9:30 बजे घर में खाना बना रही थी। इसी दौरान उसका पति मायाराम चौधरी कुल्हाड़ी लेकर पहुंचा और कथित रूप से चरित्र संदेह को लेकर उसके सिर पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। गंभीर चोटों के कारण महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस चौकी फुनगा के प्रभारी सोने सिंह परस्ते पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। वहीं सूचना मिलते ही एसडीओपी आरती शाक्य भी मौके पर पहुंचीं और घटनास्थल का जायजा लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मायाराम चौधरी को हिरासत में ले लिया है। मृतका के शव को पंचनामा कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई में जुटी हुई है।

दिनदहाड़े बाइक की डिग्गी से 2 लाख पार, 40 घरों के काटे विद्युत कनेक्शन, जेई पर अभद्रता का आरोप



शहडोल

चौपाटी के सामने दिनदहाड़े हुई चोरी की वारदात ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अज्ञात बदमाश बाइक की डिग्गी से दो लाख रुपये लेकर फरार हो गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

रीवा रोड स्थित सर्किट हाउस के सामने रहने वाले सुनील श्रीवास्तव बैंक से दो लाख रुपये निकालकर अपनी मोटरसाइकिल की डिग्गी में रखकर घर लौट रहे थे। दोपहर करीब चार बजे वह चौपाटी के सामने कुछ सामान खरीदने के लिए रुके और बाइक वहीं खड़ी कर दी। जब कुछ देर बाद वापस लौटे तो देखा कि मोटरसाइकिल की डिग्गी खुली हुई है और उसमें रखी पूरी नकदी गायब थी। 

पीड़ित ने तत्काल कोतवाली थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल रही है, ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। साथ ही बैंक और घटनास्थल के बीच के मार्ग की भी जांच की जा रही है।

*40 घरों के काटे गए बिजली कनेक्शन*

शहडोल जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र की झींक बिजुरी पुलिस चौकी अंतर्गत गांव झींक बिजुरी में बिजली बिल की वसूली के दौरान शुक्रवार शाम विवाद की स्थिति बन गई। बिजली विभाग की टीम बकाया बिजली बिल की वसूली के लिए गांव पहुंची थी। इस दौरान कई उपभोक्ताओं के बिजली कनेक्शन काटे जाने पर ग्रामीणों ने विरोध जताया। मामला बढ़ने पर दोनों पक्ष पुलिस चौकी पहुंचे और लिखित शिकायत दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

ग्रामीण अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि गांव के कुछ घरों पर बिजली बिल बकाया था। इसकी वसूली के लिए जैतपुर बिजली विभाग का अमला, जिसमें कनिष्ठ अभियंता (जेई) भी शामिल थे, गांव पहुंचा। उनके अनुसार विभाग की कार्रवाई के दौरान कई उपभोक्ताओं ने मौके पर ही बकाया राशि जमा कर दी, जबकि कुछ लोगों ने भुगतान नहीं किया।

अनिल श्रीवास्तव का आरोप है कि जब ग्रामीणों ने बिजली कनेक्शन काटने का कारण पूछा और विरोध दर्ज कराया तो मौके पर मौजूद जेई ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। इसके बाद ग्रामीण बड़ी संख्या में झींक बिजुरी पुलिस चौकी पहुंचे और पूरे मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने भी अपनी ओर से शिकायत पुलिस को सौंपी है। 

झींक बिजुरी चौकी प्रभारी रामपाल वर्मा ने बताया कि ग्रामीणों एवं बिजली विभाग के कर्मचारियों, दोनों पक्षों से लिखित शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है। 

करंट से मौत, शव रखकर विद्युत विभाग को घेरा, मृतक के परिजनों को 8 लाख मुआवजा व नौकरी का आश्वासन, धरना समाप्त

*खेत मे काम कर रहे किसान की बिजली की एल टी तार गिरने से हुई थी मौत*


अनूपपुर

जिला मुख्यालय में वार्ड क्रमांक 10 में खेत में काम कर रहे एक किसान की करंट लगने से दर्दनाक मौत हो गई। आक्रोशित परिजन एवं नगर के लोग एंबुलेंस में शव रख कर विद्युत विभाग कार्यालय लेकर पहुंचे और अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया।

आरोप है कि एलटी लाइन का एक विद्युत तार, जो वर्षों से जर्जर हालत में झूल रहा था, अचानक खेत में भरे पानी में गिर गया। इससे पूरे खेत में करंट फैल गया और कमलेश पटेल उसकी चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि इस तार की खराब स्थिति को लेकर विद्युत कंपनी को पहले भी कई बार शिकायतें दी गई थीं, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया।

ग्रामीणों व परिजनों को लिखित आश्वासन पत्र एवं आठ लाख मुआवजा के बाद प्रदर्शनकारियों ने आंदोलन समाप्त किया। मृतक का अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा। मध्य प्रदेश अनुसूचित जन जाति आयोग अध्ययक्ष रामलाल रौतेल, जगनाथ मरकाम अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, प्राशी अग्रवाल अनुविभागीय अधिकारी तथा अशोक एक्का थाना प्रभारी की उपस्थिति में निर्णय लिया गया है कि मृतक के पुत्री शिवांगी पटेल पिता स्वर्गीय कमलेश पटेल की वाहय स्त्रोत कार्मिक के रूप में आवेदन प्राप्त करने के पश्चात विद्युत विभाग में पदस्थ किया जावेगा, तथा छोटे पुत्र सौरभ पटेल की उम्र 15 वर्ष जो अभी विद्यालय में अध्ययनरत है बालक के बालिक हो जाने पर आवेदन प्रस्तुत करने पर वाहय स्त्रोत कार्मिक के रूप में नियुक्त किया जावेगा।

मृतक के परिजनों को 8 लाख मुआवजा की राशि दी जाएगी। जिसमें चार लाख संबल योजना से एवं चार लाख विद्युत विभाग देगा। साथ ही आयोग के अध्यक्ष ने आश्वासन दिया है कि मुख्यमंत्री से चर्चा कर स्वेच्छा अनुदान राशि से मदद की जाएगी। इस आश्वासन के बाद आंदोलनकारी मान गए और परिजनों ने साथ शव को घर चल चले गए। इससे प्रशासन ने राहत की सांस ली।

झाड़-फूंक के विवाद में पति-पत्नी ने ओझा की कर दी थी हत्या, पुलिस ने दोनो को किया गिरफ्तार


शहडोल 

जिले के सीधी थाना क्षेत्र के चंदौरा गांव में अंधविश्वास और झाड़-फूंक के विवाद में हुई हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने मामले में पति-पत्नी को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त टांगी (कुल्हाड़ी) भी बरामद कर ली है। आरोपियों ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, बुद्धसेन सिंह और भीमसेन सिंह सगे भाई हैं। बुद्धसेन को संदेह था कि उसके छोटे भाई भीमसेन और उसकी पत्नी चंद्रकिरण जादू-टोना करते हैं, जिसके कारण उसके बच्चे बार-बार बीमार पड़ते हैं। इसी शक के चलते उसने झाड़-फूंक करने वाले राजबहोर सिंह को घर बुलाया था। राजबहोर सिंह और बुद्धसेन, भीमसेन के घर के सामने कथित टोटका करने के उद्देश्य से नारियल गाड़ रहे थे। इसी दौरान आहट सुनकर भीमसेन और उसकी पत्नी चंद्रकिरण बाहर आ गए। दोनों को देखकर बुद्धसेन और राजबहोर वहां से भागने लगे। भागते समय राजबहोर का जूता खेत में फंस गया, जिससे वह गिर पड़ा। इसी दौरान दोनों ने उस पर टांगी से हमला कर दिया। वार उसकी कमर के रीढ़ वाले हिस्से में लगा, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना की सूचना पर सीधी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। जांच के दौरान पुलिस ने संदेह के आधार पर भीमसेन और उसकी पत्नी से पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने हत्या करना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के घर से हत्या में प्रयुक्त टांगी बरामद कर ली है। थाना प्रभारी शिवेंद्र राम भगत ने बताया कि हत्या जादू-टोना के शक और झाड़-फूंक को लेकर हुए विवाद के कारण हुई थी। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है।

झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति पर टांगी से हमला कर उतारा मौत के घाट, पति पत्नी पर हत्या का संदेह, मामला दर्ज


शहडोल 

जिले के सीधी थाना क्षेत्र के चंदौरा गांव में अंधविश्वास और झाड़-फूंक के विवाद ने एक व्यक्ति की जान ले ली। घर के सामने कथित टोटका करने पहुंचे झाड़-फूंक करने वाले व्यक्ति पर टांगी से हमला कर उसकी हत्या कर दी गई। पुलिस को हत्या मामले में पति-पत्नी पर संदेह है। हालांकि, मामले की जांच पुलिस कर रही है। घटना की जानकारी लगते ही पुलिस अधीक्षक डॉ संजय कुमार अग्रवाल मौके के लिए रवाना हुए है।

पुलिस के अनुसार, बुद्धसेन सिंह और भीमसेन सिंह सगे भाई हैं। बताया गया कि बुद्धसेन के बच्चे अक्सर बीमार रहते थे। इस बात को लेकर बड़े भाई बुद्धसेन को संदेह था कि उसका छोटा भाई भीमसेन और उसकी पत्नी चंद्रकिरण जादू-टोना करते हैं, जिसके कारण बच्चे बीमार पड़ते हैं। इसी शंका के चलते बुद्धसेन ने झाड़-फूंक करने वाले राजबहोर सिंह को घर बुलाया।

बताया गया कि राजबहोर सिंह और बुद्धसेन, भीमसेन के घर के सामने कथित टोटका करने के उद्देश्य से नारियल गाड़ रहे थे। इसी दौरान आहट सुनकर भीमसेन और उसकी पत्नी चंद्रकिरण बाहर आ गए। दोनों को देखकर बुद्धसेन और राजबहोर वहां से भागने लगे। भागते समय राजबहोर का जूता खेत में फंस गया, जिससे वह गिर पड़ा।

आरोप है कि इसी दौरान टांगी से राजबहोर पर हमला कर दिया। वार उसकी कमर के रीढ़ वाले हिस्से में लगा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीर चोट के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई।घटना की सूचना मिलने पर सीधी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया है। हत्या जादू टोना के शक में हुई है। अभी फिलहाल पुलिस ने मामले में मर्ग कायम किया है। संदेहियों को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर कार्रवाई शुरू कर दी। 

रोशनदान से घर में घुसे चोर, लगभग 3 लाख का घरेलू सामान व जेवर चोरो ने किया पार


अनूपपुर 

जिले के जैतहरी थाना क्षेत्र के मुर्रा गांव में चोरों ने कमलेश सिंह गोंड के घर से लगभग 3 लाख का घरेलू सामान और गहने चुराकर भाग निकले।

चोरी के वक्त कमलेश सिंह की पत्नी और उनकी छोटी बेटी बगल के कमरे में सो रही थीं, लेकिन उन्हें जरा भी आहट नहीं हुई। जब कमलेश हिंदुस्तान पॉवर प्लांट से ड्यूटी से घर लौटे और उनकी पत्नी ने दरवाज़ा खोला, तब जाकर चोरी की बात सामने आई। घर वालों ने जब कमरों में जाकर देखा तो पूरा सामान बिखरा पड़ा था। अलमारी, बर्तन की पेटी और दीवान सब खुले पड़े थे। घर के पीछे बाड़ी में दो अलमारियां खुली मिलीं, जिनका सामान बाहर फेंका हुआ था।

घटना की खबर तुरंत पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने छानबीन की और अज्ञात चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि यह किसी गिरोह का काम लग रहा है। शुरुआती जांच में पता चला है कि चोर घर से लगी सीढ़ी के सहारे रोशनदान तक पहुंचे और वहां से कुंडी खोलकर अंदर घुसे। चोर दोनों अलमारियों को उठाकर बाहर बाड़ी में ले गए और वहां आराम से अलमारी खोलकर गहने, सामान और बर्तन चुरा लिए। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और जल्द ही चोरों को पकड़ लिया जाएगा।

जानलेवा हमला करने व लूट के आरोपी शिक्षक को जनजातीय कार्य विभाग ने किया निलंबित


​अनूपपुर

जिले के थाना राजेन्द्रग्राम के अंतर्गत ग्राम पटनाकला में बीते 25 जून को भगवती मानव कल्याण संगठन के कार में सवार युवकों पर जानलेवा हमला कर नकदी व मोबाइल लूटने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया था। अमित कुमार यादव 28 वर्ष, निवासी ग्राम कोड़ा कृष्णा कोल 32 वर्ष, निवासी ग्राम जमुड़ी अपनी चार पहिया वाहन से जा रहे थे। इसी दौरान आरोपी शिक्षक विष्णु पनाडिया, सेमू पनाडिया, विष्णु की पत्नी, एक अन्य महिला, एक अज्ञात पुरुष और बल्लू बकरा ने राजेंद्रग्राम से ही उनका पीछा करना शुरू किया। ग्राम पटनाकला के पास आरोपियों ने अपनी कार को पीड़ितों की कार (क्रमांक MP 65 ZB 3194) के आगे अड़ाकर रास्ता रोक लिया।

​कार रुकते ही आरोपियों ने अमित कुमार यादव पर टाई लीवर रॉड से सिर पर तीन-चार बार ताबड़तोड़ प्रहार किए, जिससे उनका सिर फट गया और अत्यधिक खून बहने लगा। इसके बाद आरोपियों ने दूसरे युवक कृष्णा कोल पर तलवार और रॉड की बेंत से पीठ पर गंभीर हमला किया। आरोपियों ने पीड़ितों की कार में तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। आरोपी जाते-जाते 10,000 रुपये नकद और वीवो वाई-2100 मोबाइल लूट ले गए।

प्राचार्य, शा.उत्कृष्ट उ.मा.वि. लखौरा के पत्र क्रमांक/स्था/2026/633 लखौरा ने अवगत कराया गया है कि विष्णू प्रसाद पनाडिया प्राथमिक शिक्षक, शा.मा.वि. धरहरखुर्द संकुल केन्द्र शा.उ.उ.मा.वि. लखौरा जिला अनूपपुर के विरूद्ध अपराध क्रमांक 153/26 धारा 296, (b), 115(2), 351(3), 324(1), 309(3), 126 (2) बीएनएस दर्ज होने के कारण गिरफतार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया। शिक्षक को 48 घंटे से अधिक समय तक न्यायिक अभिरक्षा में रखा गया। म०प्र० सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण, तथा अपील) नियम 1966 के नियम 09 के तहत श्री विष्णू प्रसाद पनाडिया प्राथमिक शिक्षक, शा.मा.वि. धरहरखुर्द को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है, तथा कार्यालय विकासखण्ड शिक्षा अधिकारी जैतहरी मुख्यालय नियत किया जाता है। निलंबन अवधि में इन्हे नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता की पात्रता होगी।

नाबालिग चालक, ड्रिंक एंड ड्राइव, बिना परमिट पर कार्यवाही, 47 चालान, 1.32 लाख का जुर्माना


अनूपपुर

यातायात पुलिस ने जिलेभर में स्कूली वाहनों के विरुद्ध विशेष सघन जांच अभियान चलाकर नियमों की अनदेखी करने वालों पर बड़ा प्रहार किया है।  इस अभियान के दौरान कई स्कूली वाहन सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते पाए गए, जबकि नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने और शराब के नशे में वाहन चलाने जैसे गंभीर मामलों में भी कड़ी कार्यवाही की गई।

महज दो दिनों में हुई इस कार्यवाही ने वाहन संचालकों में हड़कंप मचा दिया। 20 जुलाई को 17 चालानों पर ₹66,000 तथा 21 जुलाई की दोपहर तक 30 चालानों पर ₹66,600 का जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार 47 चालानों के माध्यम से कुल ₹1,32,600 (एक लाख बत्तीस हजार छह सौ रुपये) का शमन शुल्क अधिरोपित किया गया।

जांच के दौरान 12 नाबालिग वाहन चालक वाहन चलाते पाए गए, जिनके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई। इसके अलावा 5 कमर्शियल वाहन चालक शराब के नशे में वाहन चलाते पाए गए, जिन्हें वाहन जब्त कर न्यायालय भेजने की कार्रवाई की गई। वहीं 13 मामलों में परमिट शर्तों का उल्लंघन, 2 वाहन बिना फिटनेस प्रमाणपत्र, 1 चालक बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस तथा 1 वाहन बिना बीमा संचालित होता मिला, जिन पर भी नियमानुसार कार्यवाही की गई।

भूमि बिक्री पर 4 लाख की धोखाधड़ी करने वाला फरार व मंदिर में चोरी करने वाला आरोपी गिरफ्तार, चोरी का सामान जब्त


उमरिया 

थाना कोतवाली उमरिया पुलिस द्वारा धोखाधड़ी के प्रकरण में फरार आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। थाना कोतवाली उमरिया में अपराध क्रमांक 263/2026, धारा 318(4), 316(2) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया था । यह प्रकरण आवेदक नीरज अंकेश निवासी शहडोल की शिकायत पर दर्ज हुआ । जांच के दौरान यह तथ्य सामने आए कि आरोपी कमलेश कुमार साहू ने विकटगंज जिला उमरिया स्थित अपनी भूमि के विक्रय के संबंध में दिनांक 07.06.2024 को शिकायतकर्ता से विधिवत पंजीकृत अनुबंध (एग्रीमेंट) किया तथा कुल विक्रय मूल्य ₹10,00,000 तय कर शिकायतकर्ता से ₹4,00,000 अग्रिम राशि ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त कर ली । शेष राशि विक्रय विलेख के समय दी जानी थी ।

विवेचना में यह भी पाया गया कि आरोपी उक्त भूमि के संबंध में पहले ही एक अन्य व्यक्ति से धनराशि प्राप्त कर चुका था, जिसकी जानकारी उसने शिकायतकर्ता से जानबूझकर छिपाई । इसके बाद अनुबंध की अवधि प्रभावी रहते हुए उसी भूमि को अन्य व्यक्तियों के पक्ष में विक्रय विलेख निष्पादित कर दिया । इस प्रकार आरोपी ने एक ही भूमि के संबंध में अलग-अलग व्यक्तियों से धनराशि प्राप्त कर छलपूर्वक धोखाधड़ी की तथा शिकायतकर्ता की ₹4,00,000 की राशि वापस नहीं की, जिससे उसे आर्थिक क्षति हुई ।

प्रकरण में पर्याप्त तथ्य प्राप्त होने पर थाना कोतवाली उमरिया में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। विवेचना के दौरान आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसी क्रम में को आरोपी कमलेश कुमार साहू पिता गणेश प्रसाद साहू उम्र 33 वर्ष निवासी ग्राम बेलमना थाना चंदिया जिला उमरिया, हाल निवासी दूरसंचार कॉलोनी थाना मकरोनिया जिला सागर को मकरोनिया, जिला सागर से गिरफ्तार किया गया।

*मंदिर मे चोरी का सामान जप्त आरोपी गिरफ्तार*


उमरिया जिले के थाना मानपुर पुलिस टीम द्वारा मंदिर मे चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का मशरूका बरामद किया है । 20 जुलाई 2026 को अक्षत पाण्डेय निवासी ग्राम ताला द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि ग्राम ताला स्थित हनुमान मंदिर से 10 किलोग्राम पीतल का घंटा एवं 03 किलोग्राम तांबे का शेषनाग किसी अज्ञात आरोपी द्वारा चोरी कर ले गया है। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना मानपुर मे अपराध क्रमांक 232/2026 धारा 331(4), 305(क) बी.एन.एस. कायम कर विवेचना मे लिया गया । विवेचना के दौरान मुखबिर की सूचना एवं साक्ष्यों के आधार पर आरोपी राजाराम बैगा पिता रामगरीब बैगा, उम्र 20 वर्ष, निवासी ग्राम ताला को हिरासत मे लेकर पूछताछ की गई, जिसके द्वारा जुर्म स्वीकार करने पर गिरफ्तार किया गया । आरोपी की निशानदेही पर चोरी गया  सम्पूर्ण मशरूका बरामद कर जप्त किया गया तथा आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की गई।

गर्भवती को नही मिला एम्बुलेंस, चली गई महिला की जान, एंबुलेंस के जिला कोऑर्डिनेटर को नोटिस जारी


शहडोल

जिले के जैतपुर क्षेत्र में एक गर्भवती महिला की मौत की आवाज अभी तक गूंज ही रही थी, 108 एंबुलेंस व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को समय पर 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके चलते परिजनों को ऑटो से अस्पताल ले जाना पड़ा। लेकिन जैतपुर अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले को खबर प्रकाशित हुई, जिसके बाद सांसद हिमाद्री सिंह ने कलेक्टर से फोन पर बात कर जवाब मांगा। सांसद और कलेक्टर के बीच हुई बातचीत का वीडियो भी सामने आया है। लेकिन कार्यवाही केवल नोटिस तक सीमित रह गई है।

मृतका की पहचान जैतपुर थाना क्षेत्र के गलहथा गांव के मौहार टोला निवासी 22 वर्षीय जयमंती पाण्डो, पत्नी रामकुमार पाण्डो के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि 12 जुलाई की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्होंने 108 एंबुलेंस को चार से अधिक बार फोन किया। हर बार यही जवाब मिला कि एंबुलेंस शहडोल में है और आने में समय लगेगा। काफी देर इंतजार के बाद परिजन गांव से ऑटो किराए पर लेकर महिला को अस्पताल ले गए।

बताया गया कि ऑटो से अस्पताल ले जाते समय जयमंती ने रास्ते में ही बच्ची को जन्म दे दिया। किसी तरह उसे जैतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

घटना की खबर के बाद शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया और कलेक्टर को फोन कर पूरी जानकारी ली। बातचीत के दौरान सांसद ने कहा कि यदि जिले में एंबुलेंस की कमी है तो इसकी जानकारी दी जाए, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त एंबुलेंस उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 108 एंबुलेंस के जिला कोऑर्डिनेटर को नोटिस जारी किया है। 

ट्रक ने बाइक सवार को मारी टक्कर, युवक की हुई मौत, ग्रामीणों व परिजनों का फूटा गुस्सा, सड़क किया जाम


शहडोल 

जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र अंतर्गत बेम्हौरी बस स्टैंड के पास कोयला परिवहन में लगी हाइवा की टक्कर से 20 वर्षीय युवक राजेंद्र कोल की दर्दनाक मौत हो गई। हादसे के बाद परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और कई घंटों तक सड़क जाम रही। लोगों का कहना है कि क्षेत्र में कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की तेज रफ्तार लगातार लोगों की जान ले रही है।

हाइवा क्रमांक CG 10 BL 9095 दामिनी कोल माइंस से कोयला लेकर संगमा कोल साइडिंग जा रही थी। बेम्हौरी हनुमान मंदिर के सामने बाइक सवार राजेंद्र कोल उसकी चपेट में आ गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई और शव हाइवा के नीचे फंस गया।

हादसे के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सड़क जाम कर एसईसीएल के महाप्रबंधक एवं उपक्षेत्रीय प्रबंधक को मौके पर बुलाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना था कि क्षेत्र में लगातार हो रहे हादसों के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया जा रहा है। काफी समझाइश के बाद शाम को शव बाहर निकाला गया।

ग्रामीणों का कहना है कि कोयला परिवहन में लगे भारी वाहनों की गति, सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था की गंभीर समीक्षा की जरूरत है। लोगों ने मांग की है कि दुर्घटना की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

नपा उपाध्यक्ष के परिसर से चलाया जा रहा था, 500 करोड़ का महाघोटाला, मोहरे भाग गए, सफेदपोशो को मिला संरक्षण

*​GNS फाइनेंशियल कांड में सुलगते सवाल, आखिर कब तक 'रसूखदारों' की चौखट के बाहर थमी रहेगी जांच की रफ्तार*


​शहडोल

जिले के बुढार-धनपुरी क्षेत्र में जनता के खून-पसीने की कमाई पर जो 'डाका' डाला गया है, उसका पैमाना और भी खौफनाक है। लगभग 500 करोड़ रुपये की इस कथित निवेश ठगी ने हजारों परिवारों को तबाह कर दिया है। बावजूद इसके, व्यवस्था की सुस्ती और जांच की कछुआ चाल चीख-चीखकर सवाल पूछ रही है कि क्या अपराधियों को कानून से ज्यादा किसी के रसूख का 'कवच' मिला हुआ है?

​*1200 शिकार, 500 करोड़ की 'लूट'*

​दर्ज एफआईआर के मुताबिक, GNS फाइनेंशियल कंपनी के शातिर संचालकों—सुखनंदन यादव, सरोज यादव और मुकेश यादव ने 'डबल मुनाफे' का मायाजाल बुनकर करीब 1200 से अधिक सीधे-साधे निवेशकों को अपने जाल में फंसाया। लूट का आंकड़ा शुरुआती शिकायतों में जो आंकड़ा करोड़ों में था, वह अब 250 करोड़ से लेकर 500 करोड़ रुपये के बीच बताया जा रहा है।

​जैसे ही पाप का घड़ा भरा, कंपनी के संचालक जनता की गाढ़ी कमाई समेटकर रफूचक्कर हो गए। पीड़ितों का सवाल: जब महीनों से पानी की तरह पैसा बहाया जा रहा था, तब स्थानीय खुफिया तंत्र और प्रशासन की आंखें क्यों बंद थीं।

​*किराएदार भागा मकान मालिक की जिम्मेदारी कहा गई* 

​इस पूरे महाघोटाले में सबसे तीखा और गंभीर सवाल उन किरदारों' पर उठ रहा है, जिन्होंने इस अवैध धंधे को फलने-फूलने के लिए अपनी जमीन और साख उधार दी थी। ​कानून का सीधा सिद्धांत यदि किसी अवैध गोदाम, वाहन या भवन से कोई गैरकानूनी धंधा संचालित होता है, तो सबसे पहले उसके मालिक को शिकंजे में लिया जाता है। तो फिर GNS कंपनी के मामले में यह ढिलाई क्यों?

​स्थानीय गलियारों और पीड़ित जनता के बीच यह बात पूरी ताकत से गूंज रही है कि जिस आलीशान भवन से इस ठगी के साम्राज्य को चलाया जा रहा था, वह धनपुरी नगरपालिका परिषद के उपाध्यक्ष और रसूखदार कांग्रेस नेता हनुमान खंडेलवाल का है। ​क्या एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि को यह भनक तक नहीं थी कि उनके भवन में करोड़ों के वारे-न्यारे हो रहे हैं। ​क्या यह सिर्फ एक साधारण 'मकान-किराएदार' का रिश्ता था, या इसके पीछे संरक्षण और हिस्सेदारी का कोई गहरा खेल है?

​जनता मांग कर रही है कि जांच की सुई जब तक इस रसूखदार चौखट तक नहीं पहुंचेगी, तब तक इंसाफ की उम्मीद बेमानी है। (हालांकि, जब तक कोई सक्षम एजेंसी या अदालत इस पर मुहर नहीं लगाती, तब तक निष्पक्षता के नाते उनका पक्ष भी सामने आना जरूरी है—लेकिन जांच से परहेज क्यों?

*​सोया रह गया पुलिस प्रशासन*

​निवेशकों का सीधा आरोप है कि कंपनी के खिलाफ शिकायतें नई नहीं थीं। शुरुआती स्तर पर ही अगर प्रशासन ने अपनी चमचमाती गाड़ियों से उतरकर इन दफ्तरों की थोड़ी भी स्क्रूटनी की होती, तो आज हजारों घर बर्बाद होने से बच जाते।

​किसकी कमाई डूबी? इसमें किसी बड़े पूंजीपति का पैसा नहीं है। इसमें खेतों में पसीना बहाने वाले किसान, दिहाड़ी मजदूर, छोटे व्यापारी, अपनी पेंशन का एक-एक पैसा जोड़ने वाले बुजुर्ग और घर चलाने वाली महिलाएं शामिल हैं। कई लोगों ने अपनी पैतृक जमीनें बेचकर और रिटायरमेंट फंड इस उम्मीद में लगा दिया था कि बच्चों का भविष्य सुधरेगा। आज वे थानों और दफ्तरों के चक्कर काट-काटकर अपनी चप्पलें घिस रहे हैं।

​*एजेंटों' की कार्रवाई से काम नहीं चलेगा*

​पीड़ितों और सामाजिक संगठनों ने अब आर-पार की लड़ाई का मूड बना लिया है। उनकी मांगें बिल्कुल साफ और आक्रामक हैं। डायरेक्टरों के साथ संरक्षकों की भी हो गिरफ्तारी। जांच का दायरा केवल यादव बंधुओं तक सीमित न रहे। उन्हें वर्षों तक 'अभयदान' देने वाले हर सफेदपोश की भूमिका खंगाली जाए। इस 500 करोड़ की राशि को किन-किन बैंक खातों में ट्रांसफर किया गया, किन बेनामी संपत्तियों में निवेश किया गया, इसकी फोरेंसिक ऑडिट हो।

​आरोपियों और उनके करीबियों की चल-अचल संपत्तियों को अविलंब कुर्क कर निवेशकों की पाई-पाई की रिकवरी की जाए।  जिन अधिकारियों की नाक के नीचे यह समानांतर बैंकिंग सिस्टम चल रहा था, उन पर भी लापरवाही की गाज गिरे।

​*परीक्षा की घड़ी में जांच एजेंसियां*

​बुढार-धनपुरी का यह कथित घोटाला अब महज एक आर्थिक अपराध नहीं रह गया है। यह शहडोल के पुलिस-प्रशासन की साख, रसूखदारों के दबाव के आगे कानून की ताकत और आम जनता के बचे-खुचे भरोसे की सबसे बड़ी अग्निपरीक्षा है।

​क्या शहडोल पुलिस केवल 'भगोड़े' मोहरों की तलाश का नाटक करती रहेगी, या फिर उन असली 'शतरंज के खिलाड़ियों' के गिरेबान तक हाथ डालेगी जो शहर में ही बैठकर सत्ता और रसूख का लुत्फ उठा रहे हैं? जनता की नजरें टिकी हैं, और आक्रोश का लावा कभी भी फूट सकता है।

1000 करोड़ के कथित कॉर्पाेरेट फर्जीवाड़े में महेंद्र गोयनका दिल्ली से गिरफ्तार, कोलकाता पुलिस कर रही पूछताछ

*फर्जी हस्ताक्षरों से कंपनियों पर नियंत्रण स्थापित करने का आरोप, कई राज्यों में दर्ज हैं धोखाधड़ी और जालसाजी के मामले*


इंट्रोः- उद्योगपति एवं विधायक संजय पाठक के परिवार से जुड़ी कंपनियों में कथित रूप से लगभग 1000 करोड़ रुपये के कॉर्पाेरेट फर्जीवाड़े के मामले में कोतमा निवासी महेंद्र गोयनका की गिरफ्तारी के बाद जांच तेज हो गई है। कोलकाता पुलिस ने उन्हें दिल्ली से गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से 10 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की गई है। इस दौरान पुलिस वित्तीय लेनदेन, दस्तावेजी हेराफेरी और कथित धोखाधड़ी से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर पूछताछ करेगी। जांच एजेंसियों के अनुसार, महेंद्र गोयनका पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी हस्ताक्षरों, कूटरचित दस्तावेजों और कथित जालसाजी के माध्यम से पाठक परिवार की कई कंपनियों पर अवैध नियंत्रण स्थापित करने का प्रयास किया। मामले में कोलकाता में भारतीय न्याय संहिता एवं संबंधित प्रावधानों के तहत धोखाधड़ी, आपराधिक षड्यंत्र, जालसाजी और फर्जी दस्तावेजों के उपयोग से जुड़ी गंभीर धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। सूत्रों के मुताबिक, गोयनका पूर्व में पाठक परिवार से जुड़ी कंपनी यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में वरिष्ठ प्रबंधकीय पद पर कार्यरत रहे हैं। उन पर कंपनी के वित्तीय लेनदेन में कथित अनियमितताओं, संपत्तियों के दुरुपयोग तथा दस्तावेजों में हेराफेरी के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियां अब कंपनी से जुड़े वित्तीय रिकॉर्ड और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी जांच कर रही हैं।

अनूपपुर

करीब 1000 करोड़ रुपये की कथित वित्तीय धोखाधड़ी से जुड़े बहुचर्चित मामले में कोलकाता पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रायपुर निवासी कारोबारी महेंद्र गोयनका को दिल्ली से गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार आरोपी पिछले करीब डेढ़ से दो वर्षों से फरार चल रहा था और उसकी तलाश कई राज्यों की जांच एजेंसियां कर रही थीं। बताया जा रहा है कि इस दौरान मध्यप्रदेश पुलिस भी उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी थी। गिरफ्तारी के बाद अब उसे न्यायालय में पेश करने और आगे की पूछताछ के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। जांच एजेंसियों के अनुसार महेंद्र गोयनका पहले मध्यप्रदेश के विधायक संजय पाठक के परिवार से जुड़ी कंपनी यूरो प्रतीक इस्पात इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में वरिष्ठ प्रबंधकीय जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। आरोप है कि कंपनी के संचालन के दौरान बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं की गईं और पहले से बेची जा चुकी संपत्तियों एवं माल के लेन-देन में भी कथित गड़बड़ियां की गईं, जिससे करोड़ों रुपये के वित्तीय नुकसान की आशंका जताई गई है।

*फर्जी दस्तावेज व हस्ताक्षरों का आरोप*

जांच के दौरान यह भी आरोप सामने आया है कि महेंद्र गोयनका और उनके कुछ सहयोगियों ने फर्जी हस्ताक्षरों और कथित जाली दस्तावेजों के माध्यम से परिवार से जुड़ी कई कंपनियों के नियंत्रण पर कब्जा करने का प्रयास किया। इसी आधार पर कोलकाता में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धोखाधड़ी, आपराधिक साजिश, जालसाजी तथा अन्य संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश तेज कर दी थी और अंततः दिल्ली से उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की।

*कटनी में भी दर्ज हैं आपराधिक मामले*

जांच एजेंसियों के मुताबिक महेंद्र गोयनका और उनके सहयोगियों के खिलाफ मध्यप्रदेश के कटनी जिले में भी धोखाधड़ी, जालसाजी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और आपराधिक षड्यंत्र से जुड़े दो अलग-अलग मामले दर्ज हैं। बताया जा रहा है कि इस मामले में कुछ सह-आरोपियों की अग्रिम जमानत याचिकाएं पहले ही सर्वाेच्च न्यायालय द्वारा खारिज की जा चुकी हैं, जिसके बाद जांच और तेज कर दी गई थी।

*एनसीएलटी के आदेश में भी हुई थीं टिप्पणियां*

सूत्रों के अनुसार, मुंबई स्थित राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) ने 9 मई 2025 को जारी अपने एक आदेश में महेंद्र गोयनका और उनकी पत्नी मीनू गोयनका से जुड़े वित्तीय लेन-देन पर भी महत्वपूर्ण टिप्पणियां दर्ज की थीं। इसके अलावा गोयनका से जुड़ी एक अन्य कंपनी निसर्ग इस्पात के वित्तीय लेन-देन और कथित अनियमितताओं की जांच भी विभिन्न स्तरों पर जारी है।

*पूरे वित्तीय नेटवर्क की होगी पड़ताल*

जांच एजेंसियों का मानना है कि महेंद्र गोयनका की गिरफ्तारी इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण कड़ी साबित हो सकती है। अब जांच का दायरा केवल एक कंपनी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क, कंपनियों के आपसी लेन-देन, बैंकिंग ट्रांजेक्शन, दस्तावेजों की सत्यता और अन्य संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका की भी गहन जांच की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कई और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं, जिससे इस कथित वित्तीय घोटाले की पूरी परतें खुल सकती हैं।

*जांच जारी, कई और खुलासों की संभावना*

कोलकाता पुलिस सहित संबंधित जांच एजेंसियां अब आरोपी से विस्तृत पूछताछ कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े दस्तावेजों, बैंक रिकॉर्ड, कंपनियों के वित्तीय लेन-देन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच के आधार पर आने वाले दिनों में इस प्रकरण में और गिरफ्तारियां या नए खुलासे होने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा है। कोलकाता पुलिस की 10 दिन की रिमांड के दौरान मामले में शामिल अन्य व्यक्तियों, कंपनियों और वित्तीय लेनदेन की कड़ियों की जांच की जाएगी। जांच एजेंसियों का मानना है कि पूछताछ के दौरान कथित कॉर्पाेरेट फर्जीवाड़े से जुड़े कई महत्वपूर्ण खुलासे सामने आ सकते हैं।

युवक तलवार लेकर गांव में घूमने से मचा हड़कंप, पुलिस के सामने करता रहा अजीब हरकते


शहडोल

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र की झींक बिजुरी चौकी अंतर्गत ग्राम सेमरिया में एक युवक के हाथ में तलवार लेकर गांव में घूमने का मामला सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन युवक पुलिस के सामने भी तलवार लहराता रहा। पुलिस ने उसे दूर से समझाने का प्रयास किया, हालांकि वह नहीं माना और पुलिस को धमकाते हुए आगे बढ़ गया। इस दौरान किसी ग्रामीण ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब चर्चा का विषय बना हुआ है।

पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि एक युवक हाथ में तलवार लेकर गांव में घूम रहा है। आशंका जताई गई थी कि वह किसी पर हमला कर सकता है। सूचना मिलते ही झींक बिजुरी चौकी प्रभारी उप निरीक्षक रामपाल वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

चौकी प्रभारी ने बताया कि युवक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। पुलिस ने उसके पास जाने के बजाय सुरक्षित दूरी बनाकर उसे समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह अपनी ही धुन में चलता रहा और तलवार लहराते हुए पुलिस को भी धमकाने लगा। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने संयम बरता ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

कुछ देर बाद युवक वहां से चला गया। इस दौरान मौजूद एक व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। वीडियो में युवक हाथ में तलवार लेकर पुलिस के सामने चलता हुआ दिखाई दे रहा है। पुलिस का कहना है कि युवक की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है और परिजनों से दोबारा इलाज कराने के लिए कहा जाएगा, ताकि भविष्य में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो। वहीं, पुलिस मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई भी कर रही है।

पिता नाबालिग पुत्री से करता था अश्लील हरकत, दुष्कर्म का किया प्रयास, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल 

जिले में रिश्तों को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जिले की 16 वर्षीय नाबालिग ने अपने ही पिता पर दुष्कर्म के प्रयास और लंबे समय से अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया है। पीड़िता घर से भागकर जबलपुर पहुंची, जहां उसने पुलिस को पूरी आप बीती सुनाई और अपनी बात के समर्थन में मोबाइल से रिकॉर्ड किए गए कुछ वीडियो भी दिखाए। 

मामले की जानकारी मिलने के बाद जबलपुर पुलिस ने शहडोल पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद शहडोल पुलिस नाबालिग को अपने साथ शहडोल लेकर आई और महिला थाने में उसकी शिकायत पर आरोपी पिता के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। नाबालिग की पहचान गोपनीय रखने के लिए थाना क्षेत्र का नाम सार्वजनिक नहीं किया जा रहा है।

किशोरी 9 जुलाई को घर से निकलकर शहडोल रेलवे स्टेशन पहुंची। वहां से कटनी होते हुए वह करीब 180 किलोमीटर दूर जबलपुर पहुंच गई। वह दिनभर शहर में घूमती रही और रात रेलवे स्टेशन पर गुजारी। रेलवे स्टेशन पर बैठे देखकर एक पुलिसकर्मी ने उससे पूछताछ की और उसे महिला थाने ले गया। वहां किशोरी ने अपने साथ हो रही प्रताड़ना की जानकारी पुलिस को दी।

पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका पिता पिछले करीब दो वर्षों से शराब के नशे में घर आता था और उसके साथ अश्लील हरकतें करता था। उसने आरोप लगाया कि पिता अनुचित तरीके से छूता था तथा विरोध करने पर धमकाता भी था। पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल ने बताया की पुलिस ने नाबालिग को सुरक्षित शहडोल लाकर महिला थाने में उसकी शिकायत पर रिपोर्ट दर्ज की और आरोपी पिता की गिरफ्तारी कर ली गई है।

सरपंच, सचिव की बड़ी लापरवाही, नाली के अंदर डाल दी पेयजल पाइपलाइन, फूटा ग्रामीणों का गुस्सा

*कार्यवाही की मांग*


​अनूपपुर

जनपद पंचायत अनूपपुर के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत बदरा से विकास कार्यों में लापरवाही और मनमानी का एक बेहद हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ जनपद पंचायत कार्यालय और पंचायत भवन से महज 10 मीटर की दूरी पर चल रहे पेयजल पाइपलाइन विस्तार कार्य में तकनीकी मानकों की जमकर धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि जिस मार्ग से प्रतिदिन जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारी गुजरते हैं, उसी मार्ग पर हो रही इस घोर अनियमितता को लेकर सभी ने आँखें मूंद रखी हैं।

स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के लिए नियमानुसार जमीन की खुदाई कर पाइपलाइन बिछाई जानी थी। लेकिन ठेकेदार और पंचायत प्रशासन ने मेहनत और बजट बचाने के चक्कर में पाइपलाइन को सीधे गंदे पानी की नाली के भीतर ही डाल दिया। ग्रामीणों का कहना है कि नाली के भीतर पाइप डालने से भविष्य में पाइप क्षतिग्रस्त होने पर पूरी बस्ती में दूषित और जहरीला पानी सप्लाई होने का गंभीर खतरा पैदा हो गया है। लाखों रुपये की सरकारी योजना को इस तरह पलीता लगाना सीधे तौर पर जनता के स्वास्थ्य से खिलवाड़ है।

ग्रामीणों ने इस घटिया निर्माण कार्य का विरोध किया और नियमानुसार काम कराने की मांग की, तो पंचायत प्रशासन द्वारा उनकी शिकायतों को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया। इतना ही नहीं, कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि विरोध करने वालों पर सरपंच-सचिव द्वारा अपने राजनैतिक प्रभाव और ऊंची पहुंच का हवाला देकर दबाव बनाने व उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास भी किया गया।

​मामले को लेकर क्षेत्र की जनता में भारी आक्रोश है। ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से कलेक्टर अनूपपुर, मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) जिला पंचायत, अनुविभागीय अधिकारी तथा संबंधित विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मांग की है कि इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय तकनीकी एवं वित्तीय जांच कराई जाए। यदि जांच में निर्माण कार्य की गुणवत्ता में कमी या किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी पाई जाती है, तो दोषी सरपंच, सचिव और संबंधितों के खिलाफ सख्त वैधानिक एवं दंडात्मक कार्रवाई की जाए।

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