BPL खाते में 9 करोड़ के लेंन देंन के मामले में में आयकर विभाग ने मारा छापा, हुंडई शोरूम से जुड़ा मामला

*चार लोगों से की जा रही है पूछताछ*


अनूपपुर

कोतमा नगर में आयकर विभाग की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। आयकर विभाग की टीम पुलिस बल के साथ नगर पहुंची और वित्तीय लेन-देन से जुड़े मामले में चार लोगों को पूछताछ के लिए जनपद पंचायत कार्यालय ले गई। यहां उनके बैंक खातों, आय के स्रोत, संपत्तियों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।

मामले में सबसे अधिक चर्चा एक ऐसे बैंक खाते को लेकर है, जिसमें 9 करोड़ रुपये से अधिक के कथित लेन-देन होने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति का नाम सरकारी रिकॉर्ड में बीपीएल राशन कार्डधारक के रूप में दर्ज है। हालांकि, इस संबंध में आयकर विभाग या प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

*सुबह 8 बजे पहुंची आयकर की टीम*

प्राप्त जानकारी के अनुसार आयकर विभाग एवं पुलिस की टीम बुधवार सुबह करीब 8 बजे कोतमा पहुंची। इसके बाद चार लोगों से पूछताछ शुरू की गई। कार्रवाई की जानकारी फैलते ही नगर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

*हुंडई शोरूम की जमीन जांच के दायरे में*

प्रारंभिक जानकारी में कोमल नामक व्यक्ति का नाम सामने आने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि उसका संबंध कोतमा नगर क्षेत्र स्थित हुंडई शोरूम की जमीन से भी है। हालांकि जमीन के स्वामित्व और बैंक लेन-देन से संबंधित तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

*दस्तावेजों की जांच के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर*

आयकर विभाग द्वारा फिलहाल मामले में गोपनीयता बरती जा रही है। बैंक खातों, संपत्तियों, आय के स्रोत और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि करोड़ों रुपये के कथित लेन-देन का वास्तविक स्वरूप क्या है और इसमें आय से संबंधित कोई विसंगति या वित्तीय अनियमितता है या नहीं।

छात्रावास की समस्या पर पानी मे भीगते छात्राएं 8 किमी. पैदल चलकर पहुँची कलेक्ट्रेट, कलेक्टर ने दिए जाँच के आदेश

*कलेक्टर के आश्वासन के बाद छात्राएं वापस लौटी छात्रावास*


शहडोल/ राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 से लगे कंचनपुर स्थित माता शबरी कन्या छात्रावास की दर्जनों छात्राएं सुबह छात्रावास की दीवार और गेट पार कर बाहर निकल पड़ीं। किसी के पैरों में सैंडल-जूते थे तो कुछ छात्राएं नंगे पैर ही रिमझिम बारिश के बीच करीब 7-8 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर कार्यालय की ओर रवाना हो गईं। 

छात्राओं का आरोप था कि छात्रावास में उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिया जाता। उनका कहना था कि कई बार गंदे चावल परोसे जाते हैं, जबकि सब्जी में कीड़े मिलने जैसी शिकायतें भी सामने आती रही हैं। छात्राओं ने छात्रावास में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी नाराजगी जताई। सबसे ज्यादा आक्रोश छात्रावास की अधीक्षिका के व्यवहार और कथित मनमानी को लेकर दिखाई दिया। छात्राओं का कहना था कि शिकायत करने पर हर बार व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया जाता है, लेकिन हालात में अपेक्षित बदलाव नहीं होता।

घटना की जानकारी मिलने पर आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त आनंद राय सिंह तत्काल छात्रावास पहुंचे। छात्राओं को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे अधिकारियों की बात सुनने को तैयार नहीं हुईं। नाराज छात्राओं ने कलेक्टर से सीधे मुलाकात करने की बात कही और पैदल ही सड़क पर निकल पड़ीं। छात्राएं कभी पैदल चलतीं तो कभी दौड़ती नजर आईं और उनके पीछे सहायक आयुक्त, छात्रावास की अधीक्षिका तथा अन्य कर्मचारी भी दौड़ते रहे। छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस को भी सूचना दी गई और सड़क पर पुलिस बल की मौजूदगी रही।

करीब दो से तीन घंटे तक चलने के बाद छात्राएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और कलेक्टर पार्थ जायसवाल से मुलाकात की। कलेक्टर ने छात्राओं की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और उन्हें समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। मामले में तत्काल तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए गए। 

विद्यालय व आंगनबाड़ी हुआ जलमग्न, घुटनो तक पानी को पारकर नौनिहाल पहुँच रहे पढ़ने, जिम्मेदार मौन


अनूपपुर

जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत सकरा के भरियाटोला में संचालित शासकीय प्राथमिक विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र के सामने जलभराव की समस्या गंभीर बनी हुई है।

बारिश के बाद विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र के मैदान में महीनों से पानी भरा हुआ है। हालात यह हैं कि नन्हे-मुन्ने बच्चों को प्रतिदिन घुटने से अधिक पानी से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। ग्रामीणों द्वारा समस्या की जानकारी जिम्मेदारों को दिए जाने के बावजूद अब तक जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है।

बारिश के पानी की निकासी नहीं होने के कारण पूरा मैदान जलमग्न है। बच्चों के लिए विद्यालय परिसर तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। बताया जा रहा है कि कई बच्चे इसी पानी से होकर आवागमन करने के साथ मैदान में खेलने को भी मजबूर हैं। इससे बच्चों के कपड़े खराब होने के साथ उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लंबे समय से जमा पानी में जहरीले जीव-जंतुओं के पनपने अथवा गिरने की आशंका बनी हुई है। बच्चे प्रतिदिन इसी पानी से होकर गुजरते हैं, ऐसे में किसी भी समय सांप या अन्य जहरीले जीव के संपर्क में आने से गंभीर घटना हो सकती है। इसके अलावा लगातार गंदे पानी में रहने से त्वचा संबंधी संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।

ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर जलभराव की समस्या कोई नई बात नहीं है। बारिश शुरू होते ही मैदान में पानी जमा होने लगा था। ग्रामीणों ने कई बार जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया, लेकिन न तो पानी की निकासी के लिए नाली या अन्य व्यवस्था बनाई गई और न ही समस्या का स्थायी समाधान किया गया। परिसर में महीनों से पानी जमा रहना जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है। 

जिला परियोजना समन्वयक ने शिक्षक को बंधक बनाकर गाली व मानसिक प्रताड़ना देकर की मारपीट, FIR दर्ज

*दस्तावेज व मोबाईल छीन लिए*


अनूपपुर

संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के कक्ष क्रमांक 80 में आयोजित एक बैठक के दौरान जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) संजय कुमार मिश्रा पर एक प्राथमिक शिक्षक के साथ अभद्रता, मारपीट, दस्तावेज छीनने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने पीड़ित शिक्षक की शिकायत पर डीपीसी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(2), 296(b), 115(2), धारा 351(2) के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।

घटना 12 अगस्त 2026 की है। शिकायतकर्ता इन्द्रसिंह राजपूत पिता प्रताप सिंह राजपूत, जो प्राथमिक पाठशाला पालाडिगवार में पदस्थ हैं और गाड़ासरई जिला डिंडौरी के निवासी हैं, उन्होंने ऑनलाइन/ई-एफ.आई.आर. के माध्यम से पुलिस को आपबीती सुनाई।

शिक्षक इन्द्रसिंह राजपूत ने बताया कि कलेक्ट्रेट भवन के कक्ष क्रमांक 80 में डीपीसी संजय कुमार मिश्रा द्वारा जिले के ऐसे शिक्षकों की बैठक बुलाई गई थी, जिनके द्वारा भवन निर्माण की शेष राशि के संबंध में शिकायत की गई थी। बैठक के दौरान अन्य शिक्षकों को एक दिन का समय देकर वहां से जाने को कह दिया गया।

शिक्षक का आरोप है कि जब वे बाहर निकल रहे थे, तब डीपीसी संजय कुमार मिश्रा ने उन्हें कमरे में ही रोक लिया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद डीपीसी ने उन्हें अश्लील गालियां दीं, पीठ पर घूंसा मारा और जूते से दो-चार लातें मारीं।

आरोप है कि डीपीसी ने शिक्षक के पास मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेज—जैसे पासबुक, लेजर, बिल/वाउचर, मांग पत्र की पावती, पेपर कटिंग आदि छीन लिए। इतना ही नहीं, उनका मोबाइल फोन छीनकर ‘181 CM हेल्पलाइन’ पर फोन लगवाया और दबाव बनाकर दर्ज शिकायत का निराकरण दर्ज करवाया गया।

शिकायत में डीपीसी ने शिक्षक को सादा कागज देकर दबावपूर्वक शिकायत वापस लेने का आवेदन बनवाया और संबंधित बाबू के पास जमा करवा दिया। पीड़ित को लगभग पौन घंटे तक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर जान से मारने की धमकी दी।

घटना के बाद डरा शिक्षक घर जाकर अपने परिजनों और अन्य शिक्षकों को पूरी आपबीती सुनाई। सीने में दर्द होने और मानसिक भय के कारण वे तुरंत शिकायत नहीं कर सके। हिम्मत जुटाकर 6 दिन बाद कोतवाली, अनूपपुर में एफआईआर कराई दर्ज।

दुकानदार की गोली मारकर हत्या करने वाला 30 हजार का इनामी आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


​शहडोल

अमलाई थाना क्षेत्र के रामपुर में दुकानदार रज्जन उर्फ भूपेंद्र कहार की गोली मारकर हत्या करने वाले 30,000 रुपये के इनामी मुख्य आरोपी राजकुमार मिश्रा उर्फ ‘लल्ला महाराज’ को पुलिस ने छतरपुर जिले के बागेश्वर धाम से धर दबोचा है।

13 जुलाई 2026 को रामपुर में दुकानदार पर दिनदहाड़े गोली चलाने की वारदात के बाद से मुख्य आरोपी फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल के निर्देशन में गठित विशेष जांच टीम (SIT) आरोपी की लगातार तलाश कर रही थी। इस बीच पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी छतरपुर के बागेश्वर धाम में छिपा हुआ है। पुलिस टीम ने वहां डेरा डालकर रेकी शुरू की और उसे घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया।

विवेचना के दौरान सामने आया था कि घटना के बाद आरोपी को पनाह देने और भगाने में पवन मिश्रा और सीतेश सोनी ने सक्रिय भूमिका निभाई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों सह-आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया था।

आरोपी राजकुमार शर्मा उर्फ लल्ला (पिता शेषमणि शर्मा, निवासी रामपुर) आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के विभिन्न थानों में गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं।

​कोतवाली (अनूपपुर): एनडीपीएस एक्ट एवं भा.दं.वि. (अप.क्र. 125/2005), राजेन्द्रग्राम (अनूपपुर) राज्य सुरक्षा अधिनियम एवं 188 भा.दं.वि. (अप.क्र. 56/2006), गौरेला (छत्तीसगढ़): 20बी, 29 एनडीपीएस एक्ट (अप.क्र. 297/2024), ​कोतवाली (शहडोल): 8/20 एनडीपीएस एक्ट (अप.क्र. 661/21), ​अमलाई (शहडोल): धारा 103(1) BNS एवं 25/27 आर्म्स एक्ट (अप.क्र. 192/2026)।

चेक बाउंस मामले में आरोपी को एक वर्ष का सश्रम कारावास, 3.50 लाख प्रतिकर देने का आदेश


अनूपपुर

चेक अनादरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में माननीय श्री बॉबी सोनकर, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अनूपपुर द्वारा कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी रविशंकर पटेल, निवासी ग्राम भोलगढ़, डाकघर पसला, थाना एवं तहसील अनूपपुर, जिला अनूपपुर (म.प्र.) को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत दोषसिद्ध किया गया है।

न्यायालय द्वारा आरोपी को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है तथा ₹3,50,000/- (तीन लाख पचास हजार रुपये) प्रतिकर के रूप में अदा किए जाने का आदेश पारित किया गया है। प्रकरण में भारतीय स्टेट बैंक, शाखा अनूपपुर से संबंधित ₹2,72,740/- (दो लाख बहत्तर हजार सात सौ चालीस रुपये) के भुगतान से संबंधित चेक का अनादरण हुआ 

उक्त प्रकरण में भारतीय स्टेट बैंक, शाखा अनूपपुर की ओर से बैंक के पैनल अधिवक्ता विजेंद्र सोनी, एडवोकेट द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। प्रकरण में बैंक की ओर से चेक, बैंक संबंधी अभिलेख, ऋण खाते से संबंधित दस्तावेज एवं वैधानिक नोटिस सहित आवश्यक दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए। 

न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं दस्तावेजों के परीक्षण के पश्चात आरोपी को धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के अंतर्गत दोषी माना गया। इस संबंध में बैंक के पैनल अधिवक्ता श्री सोनी ने कहा कि बैंक से लिया गया ऋण समय पर वापस करना प्रत्येक ऋणग्राही का महत्वपूर्ण वित्तीय एवं वैधानिक दायित्व है।

भारी बारिश से पुलिया टूट जर बहा, जनजीवन हुआ प्रभावित, जान में जोखिम डाल कर नदी कर रहे हैं पार


उमरिया

जिले में भारी बारिश की वजह से जनजीवन प्रभावित हो गया है। झिरझिरी नदी के ऊपर बनी पुलिया के कई हिस्से नदी के तेज बहाव में बह गया है। जिसके कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहाहै। बारिश का असर कई जिलों में देखने को मिल रहा है। कई स्थानों पर बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं जबकि नदी-नाले उफान पर हैं। जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।  

भारी बारिश के चलते जिले के नदी-नाले उफान पर हैं। बारिश और तेज जलभराव के कारण कई गांवों का जिला मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। वहीं, कुछ स्थानों पर पुल-पुलिया क्षतिग्रस्त होकर पानी के तेज बहाव में बह गई हैं। इसके चलते ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

मानपुर विकासखंड अंतर्गत ग्राम बरतराई में झिरझिरी नदी के ऊपर प्रधानमंत्री सड़क योजना के तहत हाल ही में बनी पुलिया के कई हिस्से तेज बहाव में बह गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी में अचानक बढ़े जलस्तर के कारण स्थिति गंभीर हो गई है और ग्रामीणों को जान जोखिम में डालकर नदी-नालों को पार करना पड़ रहा है।   

लगातार बारिश से नदी नाले उफान पर, पुल के ऊपर पानी आने से अमरकंटक मार्ग हुआ बंद


अनूपपुर

जिले में लगातार बारिश के बाद नदी नाले उफान पर आ गए हैं। तेज बारिश के चलते अनूपपुर- अमरकंटक मुख्य मार्ग पर राजेंद्रग्राम के पास स्थित गिजरी नाले में बाढ़ आ गई है। ऐसे में मार्ग पर बीते करीब 12 घंटे से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। नाले में पानी का तेज बहाव बना हुआ है, जिसके चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग हुई है। राहगीर घंटों से अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशान होते नजर आ रहे हैं।

गिजरी नाले में पानी बढ़ने के बाद पुलिस और प्रशासन ने एहतियातन मार्ग पर आवागमन रोक दिया है। सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए नाले के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। साथ ही, पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है। राजेंद्रग्राम और अमरकंटक के बीच आवागमन करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पुष्पराजगढ़ विधायक फुदेलाल सिंह ने गिजरी नाले पर बने पुल को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि, एमपीआरडीसी का ये पुल काफी नीचा है। थोड़ी सी तेज बारिश होते ही पुल के ऊपर पानी आ जाता है और आवागमन बंद करना पड़ता है। पुल के निर्माण की मांग की जा रही है। कई वर्षों से एमपीआरडीसी के अधिकारियों से पत्राचार कर पुराने पुल की जगह नया पुल बनाने की मांग कर रहे हैं।

साइबर ठग ने बेटी के बीमारी का बहाना बनाकर खाता से कर दिया 65 हजार पार, मामला दर्ज


शहडोल

सिंहपुर थाना क्षेत्र में साइबर ठग ने खुद को कोतमा का अग्रवाल बताते हुए फोन किया। बेटी की तबियत खराब होने और डॉक्टर को पैसे देने की कहानी सुनाकर पीड़ित को झांसे में लेकर मोबाइल पर लिंक भेजकर महज कुछ ही देर में 65 हजार रुपये की ठगी कर ली। जब की आरोपी रकम ट्रांसफर कराने के बाद मोबाइल बंद कर लिया।

जोधपुर निवासी 42 वर्षीय विकास गुप्ता के साथ ठग ने परिचित बनकर बात की और बेटी की तबीयत खराब होने का हवाला देकर डॉक्टर के खाते में पैसे ट्रांसफर करने की बात कही। बातचीत के दौरान ठग ने पहले 45 हजार और फिर 55 हजार रुपये के मैसेज भेजकर पीड़ित को विश्वास में लेने की कोशिश की। मामले में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

विकास गुप्ता के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से फोन आया, फोन करने वाले ने पूछा कि क्या वह उसे पहचानते हैं। पीड़ित ने पहचानने में असमर्थता जताई तो आरोपी ने खुद को कोतमा, जिला अनूपपुर का अग्रवाल बताते हुए बातचीत शुरू की।  इसके बाद आरोपी ने कहा कि उसका मोबाइल खराब होने वाला है और उसकी बेटी की तबीयत खराब है। डॉक्टर के खाते में पैसे ट्रांसफर करने हैं, इसलिए वह उसके खाते में रकम भेज रहा है। 

आरोपी ने पीड़ित के मोबाइल पर 45 हजार और 55 हजार रुपये के टेक्स्ट मैसेज भी भेजे। इसके बाद आरोपी ने फोन पर एक लिंक भेजकर उसे खोलने और उसमें बताए अनुसार प्रक्रिया करने को कहा। पीड़ित ने लिंक खोला तो वह एक बैंकिंग पेज के रूप में दिखाई दिया। आरोपी के कहने पर विकास गुप्ता ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 65 हजार रुपये ट्रांसफर कर दिए। 

शिकायतकर्ता ने सिंहपुर थाने में मामले की रिपोर्ट दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ अपराध दर्ज कर विवेचना में लिया है। 

स्कूल बस व ऑटो की टक्कर, ऑटो चालक की हुई मौत, दो महिलाएं हुई घायल, अस्पताल में भर्ती


अनूपपुर

अमरकंटक थाना अंतगर्त अमरकंटक-ज्वालेश्वर मार्ग पर घने कोहरे के कारण एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। ज्वालेश्वर मार्ग पर सरस्वती शिशु मंदिर की स्कूल बस और यात्रियों से भरे ऑटो के बीच हुई जोरदार टक्कर में 50 वर्षीय ऑटो चालक की मौके पर ही मृत्यु हो गई। वहीं, ऑटो में सवार दो महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गईं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया गया है।

अमरकंटक के कपिल संगम निवासी 50 वर्षीय सतीश जायसवाल अपने ऑटो में सवारियां बैठाकर अमरकंटक से ज्वालेश्वर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पोड़की से अमरकंटक आ रही सरस्वती शिशु मंदिर की स्कूल बस से उनके ऑटो की सीधी भिड़ंत हो गई। जिसमे ऑटो चालक अमरकंटक के कपिल संगम निवासी 50 वर्षीय सतीश जायसवाल की मौके पर ही मृत्यु हो गई। घायलों में 23 वर्षीय मीनाक्षी मरावी, निवासी टिकरी टोला, अमरकंटक और 55 वर्षीय ललिता कीर, निवासी पिपरिया, जिला नर्मदापुरम (होशंगाबाद) शामिल हैं।

दोनों घायल महिलाओं के पैर और हाथ की हड्डी टूटने की आशंका है। चोटों की गंभीरता एक्स-रे के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी। स्कूल बस में सवार बच्चे और अन्य यात्री सुरक्षित बताए गए हैं। टक्कर की तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और ऑटो में फंसे घायलों को बाहर निकालकर अमरकंटक सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। यहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार देने के बाद दोनों महिलाओं की गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। 

स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में बच्चे के बाल खींचने पर कर्मचारी को सीएमओ ने किया निलंबित


अनूपपुर

नगर पालिका परिषद जैतहरी में 15 अगस्त 2026 को आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम के दौरान मिष्ठान वितरण के समय एक कर्मचारी द्वारा स्कूली बालक के बाल खींचने का वीडियो सामने आया, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो के सामने आने के बाद कर्मचारी के व्यवहार को लेकर लोगों में नाराजगी देखने को मिली और मामले ने तूल पकड़ लिया।

मामले को गंभीरता से लेते हुए नगर पालिका परिषद जैतहरी के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने संबंधित कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की। जारी आदेश में उल्लेख किया गया कि वायरल वीडियो में कर्मचारी द्वारा एक बच्चे के बाल पकड़कर खींचते हुए देखा जा रहा है। इस कृत्य को मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने अनुशासनहीनता एवं लापरवाही का द्योतक मानते हुए गंभीरता से लिया।

इसके बाद संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे सेवा से पृथक कर दिया गया। नगर पालिका की इस कार्रवाई के बाद सार्वजनिक कार्यक्रमों में कर्मचारियों के आचरण और अनुशासन को लेकर स्पष्ट संदेश गया है।

लोगों का कहना है कि स्वतंत्रता दिवस जैसे गरिमामय आयोजन में बच्चों के साथ सम्मानजनक व्यवहार होना चाहिए। नगर पालिका की कार्रवाई को इसी दिशा में एक सख्त कदम माना जा रहा है।

स्वतंत्रता दिवस पर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने किया महात्मा गांधी का अपमान, कांग्रेसियों ने साफ सफाई कर किया माल्यार्पण


अनूपपुर

स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर जहां पूरा देश राष्ट्रभक्ति और देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान व्यक्त कर रहा है, वहीं अनूपपुर के पुराने नगर पालिका भवन परिसर में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के प्रति कथित उपेक्षा का मामला सामने आया है।

स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर न तो नगर पालिका अध्यक्ष, न पार्षदों और न ही नगर पालिका प्रशासन की ओर से प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर किसी प्रकार का सम्मान, माल्यार्पण अथवा श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राष्ट्रपिता की प्रतिमा की इस तरह अनदेखी ने नगरवासियों और सामाजिक नागरिकों की संवेदनाओं को आहत किया है।

नगरवासियों का कहना है की महापुरुषों को भी सम्मान मिलना चाहिए जिनके त्याग और संघर्ष के कारण भारत स्वतंत्र हुआ हैं। पुराने नगर पालिका भवन परिसर में स्थापित गांधी प्रतिमा की नियमित साफ-सफाई, रखरखाव और राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मान की व्यवस्था नगर पालिका की जिम्मेदारी का हिस्सा होना चाहिए।

नगरपालिका के निर्वाचित सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी ने स्वतंत्रता दिवस पर गांधी प्रतिमा की उपेक्षा केवल एक प्रतिमा की अनदेखी नहीं, बल्कि उन मूल्यों और संवेदनाओं की अनदेखी व अपमान पर सवाल है, जिनके लिए महात्मा गांधी ने अपना जीवन राष्ट्र को समर्पित किया था।

राष्टपिता की प्रतिमा उपेक्षा पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान व वरिष्ठ नेता आशीष त्रिपाठी ने जताई नाराजगी जताकर कहा की महापुरुषों का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। महापुरुष की प्रतिमा को स्वतंत्रता दिवस के दिन उपेक्षित छोड़ना अत्यंत पीड़ादायक है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान वरिष्ठ नेता आशीष त्रिपाठी व अन्य कांग्रेसियों ने स्वयं साफ-सफाई का सामान लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा की सम्मानपूर्वक सफाई की। इसके बाद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।

इस दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने “महात्मा गांधी की जय हो”, “आपका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा” जैसे नारों के साथ राष्ट्रपिता को नमन किया। नेताओं ने कहा कि महात्मा गांधी का सत्य, अहिंसा, त्याग और राष्ट्रसेवा का संदेश आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।


बाघिन ने चरवाहे पर किया हमला, भैंसों ने बचाई जान, अस्पताल में चल रहा है इलाज, वन विभाग हुई एलर्ट


उमरिया

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा कोर क्षेत्र अंतर्गत बीट बघडो में बाघिन द्वारा एक चरवाहे पर हमला किए जाने की घटना सामने आई है। चरवाहे की आवाज सुनकर उसकी भैंसें मौके पर पहुंचीं और बाघिन की ओर दौड़ पड़ीं, जिसके बाद बाघिन वहां से चली गई। इस दौरान चरवाहे की जान बच गई।

ग्राम बघडो निवासी 36 वर्षीय रामनरेश सिंह अपने मवेशियों को तलाशने के दौरान बफर क्षेत्र की सीमा से आगे कोर क्षेत्र में चले गए। इसी दौरान उनका सामना बाघिन और उसके शावक से हो गया। बाघिन ने अचानक उन पर हमला कर दिया, जिससे उनके हाथ में चोट आई।

हमले के दौरान रामनरेश सिंह ने मदद के लिए आवाज लगाई। उनकी आवाज सुनकर उनकी भैंसें तत्काल बाघिन की ओर दौड़ पड़ीं। भैंसों को अपनी ओर आता देख बाघिन वहां से चली गई। स्थानीय लोगों की सहायता से घायल चरवाहे को तत्काल शासकीय अस्पताल मानपुर पहुंचाकर उपचार कराया गया। उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य बताई गई है। पीड़ित को तात्कालिक सहायता राशि के रूप में 3 हजार रुपये भी प्रदान किए गए।

घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम द्वारा संबंधित क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई है तथा लगातार गश्त की जा रही है। क्षेत्र में वन अमले को सक्रिय किया गया है। साथ ही आसपास के ग्रामीणों एवं चरवाहों को जंगल में अकेले नहीं जाने तथा मवेशी चराते समय विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।

डॉक्टरी की पढ़ाई कर रही युवती से 10 लाख ऑनलाइन ठगी, पुलिस ने धोखाधड़ी का मामला किया दर्ज


शहडोल

खैरहा थाना क्षेत्र में डेंटल डॉक्टर की पढ़ाई कर रही एक युवती से टेलीग्राम ग्रुप के जरिए 10 लाख रुपये से अधिक की ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। युवती ने पुलिस को शिकायत देकर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार पीड़ित युवती डेंटल डॉक्टर की पढ़ाई कर रही है। उसके पिता कॉलरी में कर्मचारी हैं। बताया गया कि बेटी के विवाह के लिए कुछ लोन भी लिया गया था। इसी दौरान युवती टेलीग्राम ऐप पर एक ग्रुप से जुड़ी, जहां निवेश के नाम पर रकम दोगुनी करने का झांसा दिया जा रहा था। बताया जा रहा है कि युवती ने 31 जुलाई से इस ग्रुप में बताए गए बैंक खातों में धीरे-धीरे रकम ट्रांसफर करना शुरू किया। करीब दो सप्ताह के दौरान उसने 10 लाख रुपये से अधिक की राशि बताए गए खाते में जमा कर दी। शुरुआत में उसे रकम बढ़ने और वापस मिलने का भरोसा दिलाया गया, लेकिन जब निवेश की गई राशि उसके खाते में वापस नहीं आई तो उसने टेलीग्राम ग्रुप में दिए गए नंबरों पर संपर्क करने का प्रयास किया।

कई प्रयासों के बावजूद आरोपियों से संपर्क नहीं हो सका। इसके बाद टेलीग्राम ग्रुप भी बंद हो गया। तब युवती को अपने साथ हुई ठगी का पता चला और उसने खैरहा थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की है। प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि ठगी की रकम से जुड़े कुछ लेनदेन मुंबई और बेंगलुरु के खातों से हुए हैं। पुलिस अब बैंक खातों और डिजिटल लेनदेन की जानकारी जुटाकर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।

शासकीय भूमि पर अतिक्रमण मामले पर हाईकोर्ट सख्त, खसरा 676 को लेकर प्रशासन को दिए कार्रवाई के निर्देश

*कार्यवाही के दौरान पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश*


अनूपपुर

जैतहरी नगर के वार्ड क्रमांक 07 में सरकारी भूमि पर कथित अतिक्रमण और उसके कारण सार्वजनिक सड़क निर्माण में आ रही बाधा के मामले में मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय, मुख्य पीठ जबलपुर ने प्रशासन को अतिक्रमण हटाने की दिशा में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। WP-34043-2025, कैलाश सिंह मरावी बनाम मध्य प्रदेश शासन एवं अन्य मामले में 27 जुलाई 2026 को आदेश पारित किया गया। इसके बाद 12 अगस्त 2026 को न्यायालय ने खसरा नंबर से संबंधित टाइपिंग त्रुटि को भी सुधार दिया। 

याचिका में आरोप लगाया गया था कि जैतहरी के वार्ड क्रमांक 7 में सरकारी भूमि पर निजी पक्षों द्वारा कथित रूप से निर्माण कर अतिक्रमण किया गया है। इसके कारण नगर परिषद को सार्वजनिक सड़क का निर्माण कराने में परेशानी हो रही थी। सड़क निर्माण के लिए दो बार निविदाएं जारी किए जाने के बावजूद कथित अतिक्रमण के कारण कार्य आगे नहीं बढ़ सका।

सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड से सामने आया कि नगर परिषद जैतहरी के मुख्य नगर अधिकारी द्वारा वर्ष 2024 में ही संबंधित पक्षों को निर्माण हटाने के नोटिस जारी किए गए थे। नगर परिषद ने कलेक्टर और तहसीलदार से भूमि का सीमांकन कराने का अनुरोध भी किया था, ताकि सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति सहित अन्य विकास कार्यों में आ रही बाधाओं को दूर किया जा सके।

न्यायालय ने संबंधित राजस्व एवं प्रशासनिक अधिकारियों को नगर परिषद को अतिक्रमण हटाने और स्थल को साफ कराने में पूर्ण प्रशासनिक एवं लॉजिस्टिक सहयोग देने के निर्देश दिए हैं। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए आवश्यकता पड़ने पर स्थानीय पुलिस प्रशासन को तत्काल पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं।

न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि कथित अवैध निर्माण हटाकर स्थल साफ होने के बाद नगर परिषद बिना अनावश्यक देरी के सड़क निर्माण, पेयजल आपूर्ति सहित संबंधित विकास कार्यों को आगे बढ़ाए।

सेवानिवृत्त शिक्षिका से 23.70 लाख की साइबर ठगी, कस्टम और पुलिस अधिकारी बनकर ऐंठी रकम

*विदेशी गिफ्ट के नाम पर दिया झांसा*


अनूपपुर

विदेशी गिफ्ट भेजने और दिल्ली एयरपोर्ट पर कस्टम द्वारा सामान पकड़े जाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने 64 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका डुम्मी पडवार अनूपपुर जिले की निवासी को शिकार बनाया। ठगों ने पहले महिला को इंग्लैंड में रहने वाला कारोबारी बताकर बड़ी बहन का रिश्ता बनाया और रक्षाबंधन पर महंगा गिफ्ट भेजने की बात कही। इसके बाद दिल्ली एयरपोर्ट, कस्टम और आगरा पुलिस के अधिकारी बनकर अलग-अलग बहानों से रकम जमा कराते रहे। करीब दो सप्ताह में महिला से 23 लाख 70 हजार 900 रुपये ठग लिए गए।

पीड़िता शासकीय माध्यमिक कन्या विद्यालय से 31 दिसंबर 2023 को सेवानिवृत्त हुई थीं। शिकायत के अनुसार सेवानिवृत्ति के बाद मिली राशि और पेंशन से उनका जीवन-यापन चल रहा था। साइबर ठगों ने जेल जाने और कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर उनकी जमा पूंजी तक अपने खातों में ट्रांसफर करा ली।

महिला के अनुसार करीब चार माह पहले अमनप्रीत नामक युवक ने फोन कर खुद को इंग्लैंड में रहने वाला कारोबारी बताया। उसने कहा कि उसके माता-पिता नहीं हैं और वह महिला को अपनी बड़ी बहन मानता है। इसी भरोसे का फायदा उठाते हुए उसने रक्षाबंधन पर गिफ्ट भेजने की बात कही। कुछ समय बाद अलग-अलग मोबाइल नंबरों से फोन आने लगे। कॉल करने वालों ने खुद को दिल्ली एयरपोर्ट, कस्टम और आगरा पुलिस का अधिकारी बताते हुए कहा कि इंग्लैंड से भेजा गया गिफ्ट एयरपोर्ट पर पकड़ा गया है। ठगों ने गिफ्ट की कीमत करीब 1 करोड़ 75 लाख रुपये बताकर पहले रसीद नहीं होने के नाम पर 70 हजार रुपये जमा कराने को कहा। इसके बाद दस्तावेज, कस्टम शुल्क, टैक्स और सामान को जिले से बाहर ले जाने की अनुमति सहित अलग-अलग बहाने बनाए गए।

शिकायत के अनुसार 19 जून से 2 जुलाई के बीच महिला से अलग-अलग खातों में करीब 20 किस्तों में 23,70,900 रुपये जमा कराए गए। जब ठगों ने दोबारा बड़ी रकम की मांग की तो महिला को संदेह हुआ। दर्जनों खातों में भेजी गई और कई खातों से राशि निकाल भी ली गई। पुलिस के अनुसार फिलहाल एक खाते में मिले 80 हजार रुपये को फ्रीज कराने की कार्रवाई की गई है। अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 319(2) और 318 (4) के तहत मामला दर्ज कर मोबाइल नंबरों और बैंक खातों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। 

जमीन के विवाद पर चाचा ने भतीजे पर कुल्हाड़ी से हमलाकर, कर दी हत्या, आरोपी हुआ फरार, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

राजेंद्रग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत बसनिहा अंतर्गत बरटोला में बुधवार दोपहर जमीन के बंटवारे को लेकर चाचा-भतीजे के बीच हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया। आवेश में आए चाचा ने पास रखी टांगी से भतीजे के सिर और गर्दन पर ताबड़तोड़ वार कर उसकी हत्या कर दी। वारदात के बाद आरोपी चाचा मौके से फरार हो गया। सूचना पर राजेंद्रग्राम पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।

मृतक की पहचान 48 वर्षीय प्रमोद सिंह मरावी के रूप में हुई है, जबकि हत्या का आरोप उसके 50 वर्षीय चाचा दल सिंह मरावी पर है। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच बंटवारे की जमीन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। चाचा को उम्मीद थी कि बंटवारे में उसके हिस्से में जमीन का एक और टुकड़ा आएगा। इसी बात को लेकर दोनों के बीच आए दिन कहासुनी होती थी।

पुलिस ने बताया की चाचा-भतीजा बाइक से अपने खेत गए थे। वहां दोनों ने हरियाली पर्व उत्सव मनाया और इसके बाद बाइक से पास स्थित चाचा के घर लौटे। घर पहुंचने के बाद दोनों ने साथ में खाना-पीना किया। इसी दौरान जमीन के बंटवारे की पुरानी बात फिर छिड़ गई और दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। कहासुनी इतनी बढ़ी कि दल सिंह ने गुस्से में पास रखी टांगी उठा ली और प्रमोद पर हमला कर दिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने गर्दन पर लगातार कई वार किए, जिससे गर्दन गंभीर रूप से कट गई। इसके अलावा सिर और चेहरे पर भी दो-तीन वार किए गए। गंभीर चोटों के कारण प्रमोद की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद परिजनों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस घटनास्थल पहुँचकर, फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाकर साक्ष्य एकत्र किए।  फरार आरोपी दल सिंह मरावी की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और हत्या के कारणों व घटनाक्रम से जुड़े अन्य पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।

सीएमओ, तहसीलदार सहित 14 पर कलेक्टर ने  9.5 हजार का लगाया जुर्माना, अवैध रेत परिवहन में 3 वाहन जब्त


शहडोल

कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट पार्थ जायसवाल ने मध्यप्रदेश लोक सेवाओ  के प्रदाय की गारंटी अधिनियम 2010 की धारा 5 (1) (2) के तहत सेवाओ के आवेदनो को बिना किसी पर्याप्त तथा युक्तियुक्त कारण से सेवा प्रदान करने में विलंब होने पर संबंधित अधिकारियो के विरूद्व 9500 रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।

कलेक्टर ने प्रमाण पत्र न प्रदाय करने हेतु नगरपालिका अधिकारी धनपुरी अमित तिवारी, भूमि का सीमांकन संबंधित प्रकरण पर नायब तहसीलदार सोहागपुर श्यामलाल मोगरे, जन्म के 1 वर्ष के पश्चात पंजीयन के लिए अनुमति संबंधित हेतु दीपक पटेल तहसीलदार सोहागपुर, अविवादित नामान्तरण नहीं करने संबंधित हेतु नायब तहसीलदार जयसिंहनगर शनि द्विवेदी, मृत्य  प्रमाण पत्र संबंधित हेतु ग्राम पंचायत कुबरा के सचिव रामचरित साहू,  ग्राम पंचायत जैतपुर के सचिव प्रभुनाथ बैगा, संग्राम सिंह ग्राम पंचायत तेंदूडोल, ग्राम पंचायत धमनीकला के सचिव अरूण मिश्रा, ग्राम पंचायत मैरटोला के सचिव लक्ष्मण कोल, विवाह के पंजीयन संबंधित हेतु ग्राम पंचायत खैरहा अजय सिंह, रामकिशोर पटेल सचिव ग्राम पंचायत आखेटपुर पर जन्म प्रमाणपत्र समय पर नहीं उपलब्ध कराने पर, अनुज्ञप्ति का नवीनीकरण करने संबंधित सहायक संचालक उद्यानिकी झनक सिंह के विरूद्व 500-500 रूपये  का अर्थदण्ड अधिरोपित किया है।

वही मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने संबंधित ग्राम पंचायत गोपालपुर के सचिव  के विरूद्व 1500 रूपये, जन्म प्रमाण पत्र प्रदाय  न करने पर नगरपालिका अधिकारी शहडोल निशांत सिंह के विरूद्व 2000 रूपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया। जारी आदेश में कहा गया है कि अधिरोपित अर्थदण्ड की राशि को संबंधित अधिकारी तीन दिवस के अंदर जमा कराने के लिए कहा गया है।

*अवैध रेत परिवहन पर 3 वाहन जब्त*


खनिज विभाग की टीम ने कार्रवाई करते हुए रेत से भरे तीन वाहनों को जब्त किया गया है। ब्यौहारी के ग्राम मैरटोला में पेट्रोल पंप के पास जांच की। इस दौरान हाईवा क्रमांक एम पी 17/ जेड एफ /1742 में करीब 28 घनमीटर खनिज रेत का परिवहन किया जा रहा था। जांच के दौरान वाहन चालक के पास रेत परिवहन के लिए आवश्यक अभिवहन पारपत्र (ETP) नहीं मिला। इसके बाद टीम ने वाहन को जब्त कर लिया।

हाईवा के स्वामी मृगेंद्र सिंह उर्फ चिक्कू, निवासी कंधवार, जिला सीधी बताए गए हैं। कार्रवाई के दौरान दो अन्य ट्रैक्टर भी खनिज रेत का परिवहन करते पाए गए। इनमें एक ट्रैक्टर का पंजीयन क्रमांक MP18ZK7247 है, जबकि दूसरा मैसी फर्ग्यूसन कंपनी का लाल रंग का ट्रैक्टर है, जिस पर नंबर दर्ज नहीं था।

खनिज विभाग ने तीनों वाहनों को जब्त कर थाना ब्यौहारी परिसर में खड़ा कराया है। सभी वाहनों के खिलाफ खनिज नियमों के तहत प्रकरण दर्ज किया। प्रकरणों को कलेक्टर न्यायालय, शहडोल में प्रस्तुत किया जाएगा।

घरेलू विवाद में पति ने पत्नी की धारदार हथियार से कर दी हत्या, आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल 

बुढ़ार थाना क्षेत्र के सरईकापा गांव में घरेलू विवाद के दौरान एक पति ने अपनी पत्नी पर धारदार हथियार से हमला कर उसकी हत्या कर दी। घटना देर शाम की बताई जा रही है। वारदात के बाद परिजनों ने आरोपी पति को एक कमरे में बंद कर दिया और तत्काल पुलिस को सूचना दी।  बुढ़ार पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में ले लिया।

जानकारी के अनुसार, सरईकापा निवासी काजल बैगा उम्र 23 वर्ष की उसके पति सुनील बैगा ने कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। बताया जा रहा है कि पति-पत्नी के बीच किसी घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था। विवाद इतना बढ़ गया कि सुनील ने काजल पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर चोट लगने से महिला की मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद परिवार के लोगों ने आरोपी पति को कमरे में बंद कर दिया, ताकि वह मौके से भाग न सके। इसके बाद पुलिस को घटना की जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर आरोपी को हिरासत में लिया और घटनास्थल का निरीक्षण किया। महिला के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया गया है।

बताया जा रहा है कि आरोपी सुनील बैगा बाहर रहकर काम करता था और कुछ दिन पहले ही गांव वापस लौटा था। ग्रामीणों के अनुसार, उसका व्यवहार सनकी बताया जा रहा है। हालांकि, हत्या की वास्तविक वजह क्या थी, इसका खुलासा पुलिस की जांच और पूछताछ के बाद ही हो सकेगा। पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है।

स्टेट साइबर की टीम पहुँची जांच करने, अश्लील वीडियो वाले मामले ने एसपी ने पुलिसकर्मी को किया निलंबित

*नाबालिग से जुड़ा मामला*


अनूपपुर। 

नाबालिग बालिका से जुड़े अश्लील वीडियो पोस्ट करने के मामले में कार्रवाई के लिए जबलपुर से अनूपपुर पहुंची स्टेट साइबर सेल की टीम के साथ मौजूद प्रधान आरक्षक को पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने निलंबित कर दिया है। मामले में निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की गई है। वहीं, आरोपी के अपराध की जानकारी परिजनों को होने के बाद आत्महत्या की एक घटना सामने आने की जानकारी है।

थाना राज्य साइबर सेल जबलपुर में अपराध क्रमांक 14/2026 के तहत धारा 67(बी) आईटी एक्ट एवं पॉक्सो एक्ट की धारा 15 के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। मामले में कोमल सिंह पर नाबालिग बालिका से संबंधित अश्लील वीडियो पोस्ट करने का आरोप है। प्रकरण में जबलपुर पुलिस द्वारा अग्रिम कार्रवाई की गई थी।

इसी मामले में स्टेट साइबर सेल जबलपुर से निरीक्षक सविता नीरज ठाकुर के नेतृत्व में टीम अनूपपुर पहुंची थी। टीम के साथ प्रधान आरक्षक क्रमांक 31 निरंजन खलखो भी मौजूद थे। कार्रवाई के दौरान प्रधान आरक्षक के संबंध में शिकायत सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक अनूपपुर ने निष्पक्ष जांच के उद्देश्य से उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

सूत्र बताते है की आरोपी के अपराध से संबंधित जानकारी उसके परिजनों तक पहुंचने के बाद आत्महत्या की घटना सामने आई है। प्रथम दृष्टया आत्मग्लानि की संभावना व्यक्त की जा रही है, लेकिन घटना के वास्तविक कारणों को लेकर पुलिस जांच जारी है। 

मामला नाबालिग बालिका से संबंधित होने के कारण पुलिस द्वारा प्रकरण की संवेदनशीलता को देखते हुए कार्रवाई की जा रही है। साइबर अपराध से जुड़े इस प्रकरण में सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री प्रसारित करने और नाबालिग से संबंधित आपत्तिजनक सामग्री के इस्तेमाल के आरोपों की जांच की जा रही है।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget