बाघ के शिकार एवं वन्यजीव अंगों की तस्करी के मामले में फरार आरोपी  गिरफ्तार

*छुरी, चाकू, कुल्हाड़ी पक्षी पकड़ने का जाल बरामद*


शहडोल

मध्यप्रदेश स्टेट टाइगर स्ट्राइक फोर्स की क्षेत्रीय इकाई जबलपुर ने बाघ के शिकार एवं वन्यजीव अंगों की तस्करी से जुड़े प्रकरण में लंबे समय से फरार आरोपी शेरू पारधी को शहडोल जिले के ब्यौहारी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी के विरुद्ध विभिन्न राज्यों में वन्यजीव अपराध से संबंधित प्रकरण दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।

एसटीएसएफ द्वारा बालाघाट में बाघ के शिकार एवं उसके अंगों की तस्करी से जुड़े प्रकरण की विवेचना की जा रही है। विवेचना के दौरान एक संगठित गिरोह के सक्रिय होने की जानकारी सामने आई, जिसके तार देश के विभिन्न राज्यों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय वन्यजीव तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की आशंका है। प्रकरण में अब तक मध्यप्रदेश सहित पांच राज्यों से आठ आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है।

फरार आरोपी शेरू पारधी की तलाश के लिए एसटीएसएफ द्वारा मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया था। सूचना प्राप्त होने के बाद विशेष टीम गठित कर 4 सितंबर को शहडोल जिले के आसपास के क्षेत्रों में भेजी गई। आरोपी की लोकेशन धनपुरी, बुढार एवं शहडोल क्षेत्र में मिलने के बाद STSF जबलपुर की टीम ने स्थानीय वन विभाग एवं पुलिस टीम के सहयोग से उसकी गतिविधियों पर नजर रखी।

लगातार रेकी के बाद टीम ने आरोपी को ब्यौहारी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी की पत्नी बिनौरी बाई को भी सह-आरोपी बनाया गया है। आरोपियों के पास से छुरी, चाकू, कुल्हाड़ी तथा पक्षी पकड़ने का जाल बरामद किया गया है।

विवेचना में सामने आया है कि गिरोह द्वारा विभिन्न राज्यों में बाघों का शिकार कर उनके अंगों की तस्करी किए जाने की आशंका है। बाघ की हड्डियों एवं अन्य अवयवों को देश के पूर्वोत्तर राज्यों के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय तस्करी नेटवर्क तक पहुंचाए जाने की जानकारी भी विवेचना में सामने आई है। 

चोरी हुई 49 नग डीआई पाइप आइसर ट्रक सहित जब्त 23.50 लाख मशरूका बरामद, ट्रक चालक गिरफ्तार


अनूपपुर

थाना रामनगर पुलिस ने नगर परिषद डोला की अमृत 2.0 जल प्रदाय योजना में उपयोग हेतु रखी गई 49 नग डीआई पाइप चोरी के मामले का सफल खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई पाइप बरामद की है।

04 सितंबर 2026 को उमाशंकर कुशवाहा द्वारा थाना रामनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि नगर परिषद डोला अंतर्गत बस स्टैंड के पास अमृत 2.0 जल प्रदाय योजना के लिए रखी गई 49 नग डीआई पाइप अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर ली गई हैं। चोरी गई पाइप की अनुमानित कीमत ₹3,50,350 है। रिपोर्ट पर थाना रामनगर में अपराध क्रमांक 258/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई।

प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना रामनगर पुलिस ने तत्काल जांच प्रारंभ की। विवेचना के दौरान तकनीकी एवं भौतिक साक्ष्यों के साथ-साथ घटनास्थल एवं आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को भी खंगाला गया। प्राप्त साक्ष्यों एवं सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदेही ट्रक की पहचान कर इंदौर निवासी ट्रक चालक अंसार पटेल पिता इशाक पटेल, उम्र 55 वर्ष को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने एक अज्ञात व्यक्ति (उक्त व्यक्ति का मोबाइल नंबर उपलब्ध कराया है जिसकी विवेचना की जा रही है) के कहने पर नगर परिषद डोला बस स्टैंड के पास रखी डीआई पाइप ट्रक क्रमांक MP 09 GJ 7865 में लोड की थीं। आरोपी की निशानदेही पर चोरी गई 49 नग डीआई पाइप मय ट्रक के पथरौड़ी के पास से बरामद कर ली गईं हैं । आरोपी ट्रक चालक ने बताया कि जिस व्यक्ति ने ट्रक में चोरी कराकर पाइप लोड कराया था वह अपना मोबाइल बंद कर लिया था जिस कारण से यह पाइप लेकर गंतव्य तक नहीं पहुंच पाया था । 

पुलिस ने 49 नग डीआई पाइप कुल अनुमानित कीमत: ₹3,50,350 ट्रक क्रमांक MP 09 GH 7865 आइसर कंपनी का कीमती करीब 20 लाख रुपए की मशरूका बरामद की है।

गुरुनानक मटकी फोड़ प्रतियोगिता में विजेता टीम को 1.51 लाख की जगह मिले 21 हजार, धार्मिक आयोजन पर छल का आरोप

*विजेता टीम पर डरा धमकाकर दबाब बनाया गया, समिति के पंजीयन पर उठे सवाल*


शहडोल

कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर शहडोल के गुरुनानक चौक में आयोजित दही हांडी एवं मटकी फोड़ प्रतियोगिता अब विवादों में घिर गई है। प्रतियोगिता में विजेता बनी अनूपपुर जिले के ग्राम केल्होरी की टीम ने आयोजन समिति पर घोषित पुरस्कार राशि देने के बजाय कम राशि देकर धोखा करने का गंभीर आरोप लगाया है। मामले को लेकर क्षेत्र में नाराजगी और चर्चा का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, गुरुनानक चौक सेवा समिति द्वारा आयोजित मटकी फोड़ प्रतियोगिता में प्रथम पुरस्कार के रूप में ₹1 लाख 51 हजार की राशि घोषित की गई थी। इस प्रतियोगिता में विभिन्न क्षेत्रों से टीमों ने हिस्सा लिया। अनूपपुर जिले के केल्होरी गांव से पहुंची युवाओं की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद मटकी फोड़कर प्रथम स्थान हासिल किया।

विजेता टीम का आरोप है कि प्रतियोगिता जीतने के बाद जब पुरस्कार वितरण का समय आया तो उन्हें घोषित ₹1.51 लाख की पूरी राशि देने के बजाय मात्र ₹21 हजार देकर रवाना कर दिया गया। टीम के सदस्यों ने अपनी घोषित पुरस्कार राशि की मांग की, लेकिन उनकी बात नहीं सुनी गई।

आरोप है कि बाहर से आई युवाओं की टीम पर दबाव बनाया गया और उन्हें डराने-धमकाने के बाद शहडोल से वापस भेज दिया गया। इस घटना के बाद धार्मिक और सामाजिक आयोजन की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव जैसे धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजन में युवाओं के साथ इस प्रकार का व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। यदि वास्तव में ₹1.51 लाख का प्रथम पुरस्कार घोषित किया गया था, तो विजेता टीम को पूरी राशि मिलनी चाहिए थी।

मामले में गुरुनानक चौक सेवा समिति के अध्यक्ष लकी साहू, उपाध्यक्ष सोनू साहू, सचिव बबलू कटारे, सोनू खान सहित आयोजन से जुड़े अन्य पदाधिकारियों की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। सूत्रों की माने तो ही गुरुनानक चौक सेवा समिति का कोई शासकीय रिकॉर्ड वैध दस्तावेज रजिस्ट्रेशन भी शासन के रिकॉर्ड मे उपलब्ध नहीं है, समिति के पंजीयन और शासकीय रिकॉर्ड से जुड़े दस्तावेजों की वैधता की जांच की मांग भी उठने लगी है। 

विजेता टीम व क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर विजेता टीम को न्याय दिलाने और दोषी पाए जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करने की मांग की गई है। 

नौनिहालों के उंजाले नाम पर अंधेरा, 6 आंगनबाड़ियों में लगें 12  ट्यूबलाइट, 6 पंखे, 6 बोर्ड, बिल में उड़ा दिए 81 हजार

जिम्मेदारों की आंख ने बंधी पट्टी, ग्रामीणों ने की जांच की मांग


उमरिया

सरकार कहती है - आंगनबाड़ी को सशक्त बनाओ, बच्चों को रोशनी दो, लेकिन पाली जनपद की घुनघुटी ग्राम पंचायत में इसी रोशनी को बेच दिया गया। कागजों पर ऐसा उजाला दिखाया कि पोर्टल चमक उठा, लेकिन धरातल पर 6 आंगनबाड़ी केंद्र आज भी टिमटिमाती ट्यूबलाइट और टेढ़े लटके पंखे की गवाही दे रहे हैं।

मामला  15 वां वित्त आयोग की अनटाइड राशि का है। 21 जनवरी 2026 को वाउचर नंबर  एक्स व्ही एफ सी /2025-26/पी/ 10 से रामकरण लोधी के खाते में 81 हजार रुपये बिजली फिटिंग कार्य के नाम पर डाले गए हैं जो कि वास्तविक बिल से ढाई गुना से भी ज्यादा का देयक लगा कर चूना लगाने की बात उजागर हुई है , भुगतान के मद पर लिखा है  की - 4801 कैपिटल आउटले ऑन रूरल इलेक्ट्रिफिकेशन, एक्टिविटी कोड 127318791 इलेक्ट्रिक कनेक्शन। नाम इतना भारी-भरकम कि कोई आम ग्रामीण समझ ही न पाए और इसी समझ के अंधेरे का फायदा उठाकर पूरा खेल कर दिया गया।

हकीकत यह है कि प्रत्येक आंगनबाड़ी में सिर्फ 2 ट्यूबलाइट, 1 पंखा और 1 बोर्ड टांगा गया है। वही बाजारू, हल्की क्वालिटी वाला सामान। एक केंद्र में 3 हजार से ज्यादा का सामान नहीं उपयोग किया गया , इस तरह घुनघुटी की 6 आंगनबाड़ी  केंद्रों के मान से  हिसाब लगाया जाये  तो वास्तविक व्यय भी अधिकतम 18 हजार रुपये व्यय बताया जाता है इस पर भी अन्य व्यय का हिसाब भी जोड लिया जाये जैसे मिस्त्री-मजदूरी सहित 25-30 हजार रूपये से अधिक किसी भी कीमत व्यय नहीं हो सकती, फिर 81 हजार का आंकड़ा कहां से आया? इस मामले में जानकर सूत्रों का कहना है कि इस पूरे मामले में  सीधा 50 हजार से ज्यादा की राशि कागजों में ही हजम कर ली गई।

यह विकास नहीं, बच्चों के भविष्य के साथ मजाक है। जिस आंगनबाड़ी में 3 से 6 साल के बच्चे पढ़ते हैं, जहां गर्भवती महिलाओं को पोषण मिलना है, वहां बिजली के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति। वाउचर में चस्पा की गई फोटो 176899281819∼81000 एच टी टी पी / 16 जे पी जी में भी वही एक-दो बोर्ड दिख रहे हैं, लेकिन पोर्टल पर अपलोड होते ही वह फोटो सरकारी ईमानदारी का प्रमाण बन गई।

सवाल सरपंच-सचिव से ही नहीं, उस पूरी निगरानी व्यवस्था से है जो ई-ग्राम स्वराज के नाम पर सिर्फ पीडीएफ अपलोड को ही विकास मान लेती है। बिना भौतिक सत्यापन के पैसा जारी कैसे हो गया? बिना बाजार दर मिलान के 81 हजार का भुगतान किसने पास किया? क्या जनपद और जिला पंचायत के तकनीकी अमले ने कभी घुनघुटी की आंगनबाड़ियों में जाकर स्विच ऑन करके देखा है?

यह घुनघुटी का अकेला किस्सा नहीं है, यह पूरे सिस्टम की सोच है - जहां आंगनबाड़ी की रोशनी से ज्यादा वाउचर की चमक जरूरी है। जहां ट्यूबलाइट की रोशनी नहीं, कमीशन की चकाचौंध देखी जाती है।

अब ग्रामीणों ने कलेक्टर उमरिया से सीधी मांग की है, की घुनघुटी ग्राम पंचायत में आयोजित होने वाली जन विश्वास कार्यक्रम में कम से कम इन आंगनवाड़ी केन्द्रो का एक बार अपने  सामने तकनीकी जांच  कराते हुए  81 हजार के वाउचर का भौतिक सत्यापन कराने की मांग की है। ग्रामीण ने कलेक्टर उमरिया से मांग की है कि सभी  6 आंगनबाड़ियों में लगी सामग्री जब्त कर उनका बाजार मूल्यांकन से तुलनात्मक परीक्षण करते हुए अधिक भुगतान की राशि और वास्तविक बाजार मूल्य के अन्तर की राशि  वसूली के साथ एफआईआर दर्ज हो। वरना यही मान लिया जाएगा कि घुनघुटी में उजाला बांटने के नाम पर अंधेरा परोसा जा रहा है और अधिकारी उसी अंधेरे में आंख बंद किए बैठे हैं।

मवेशी चराने गए चरवाहा पर भालू ने किया हमला, उपचार के दौरान हुई मौत, मिलेगा 8 लाख का मुआवजा

शहडोल 


केशवाही वन परिक्षेत्र में मवेशी चराने गए 73 वर्षीय बुजुर्ग पर मादा भालू ने हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल बुजुर्ग की मेडिकल कॉलेज में उपचार के दौरान मौत हो गई। घटना के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। विभाग की ओर से मृतक के परिजनों को तत्काल 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। वहीं नियमानुसार 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

घटना केशवाही वन परिक्षेत्र के बीट कुडेली स्थित कक्ष क्रमांक आरएफ-1005 की है। बताया गया कि कुछ लोग जंगल क्षेत्र में मवेशी चरा रहे थे। इसी दौरान दो शावकों के साथ विचरण कर रही मादा भालू का सामना मवेशी चरा रहे लोगों से हो गया। भालू को देखते ही दो लोग अपने मवेशियों के साथ पीछे हट गए लेकिन 73 वर्षीय छत्रधारी साहू, निवासी ग्राम कुडेली, वहीं रह गए। इसी दौरान मादा भालू ने अचानक उन पर हमला कर दिया। साथ मौजूद लोगों ने शोर मचाकर भालू को भगाने का प्रयास किया। हल्ला सुनकर मादा भालू अपने दोनों शावकों के साथ जंगल की ओर भाग गई लेकिन तब तक बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो चुके थे।

घायल बुजुर्ग को तत्काल उपचार के लिए वन विभाग की ओर से निजी वाहन की व्यवस्था कर मेडिकल कॉलेज भेजा गया लेकिन उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। रेंजर अंकुर तिवारी ने मृतक के परिजनों को तत्काल 10 हजार रुपये की सहायता राशि प्रदान की। उन्होंने बताया कि नियमानुसार 8 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है और जल्द ही यह राशि परिजनों को उपलब्ध कराई जाएगी।

मवेशियों के साथ सड़क पर विरोध प्रदर्शन करना पड़ा भारी, जिला पंचायत सदस्य व अन्य पर मामला दर्ज


शहडोल

ब्यौहारी क्षेत्र में आवारा मवेशियों की समस्या और गौशाला (कांजी हाउस) निर्माण की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन करना भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य दुर्गेश तिवारी समेत अन्य लोगों को महंगा पड़ गया। देवलोंद पुलिस ने तहसीलदार की शिकायत पर उनके खिलाफ पशु क्रूरता अधिनियम, यातायात बाधित करने समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है।

जनपद पंचायत ब्यौहारी क्षेत्र में बड़ी संख्या में निराश्रित मवेशियों के कारण किसान परेशान हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि आवारा मवेशी खेतों में पहुंचकर फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। इसके बावजूद प्रशासन की ओर से समस्या के समाधान के लिए पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है। इसी समस्या को लेकर कांजी हाउस निर्माण की मांग उठाते हुए भाजपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य दुर्गेश तिवारी की अगुवाई में ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में मवेशियों को हांककर लोग ब्यौहारी तहसील का घेराव करने के लिए निकल पड़े। मवेशियों की संख्या अधिक होने के कारण सड़क पर भीड़ की स्थिति बन गई और यातायात भी प्रभावित हुआ।

पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को रास्ते में रोकने का प्रयास किया। इस दौरान जिला पंचायत सदस्य और अधिकारियों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान सड़क पर बड़ी संख्या में मवेशियों को लाए जाने से आम रास्ता और यातायात बाधित हुआ। पुलिस का यह भी कहना है कि इस दौरान कुछ मवेशी बेहोश भी हो गए थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

अंधी हत्या का पुलिस ने किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी व कपड़े बरामद


अनूपपुर

डायल 112 कन्ट्रोल रूम द्वारा सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम गोडारू के जंगल में एक अधेड़ उम्र के व्यक्ति की लाश पड़ी है,जिसके सिर में चोटे हैं । पुलिस टीम तत्काल घटना स्थल की ओर रवाना हुए और मौके पर पहुंचकर विवेचना कार्यवाही प्रारंभ की। किसी अज्ञात व्यक्ति ने मृतक स्वामी सिंह गोंड उम्र 55 वर्ष निवासी ग्राम गोडारू की हत्या धारदार हथियार से सिर व चेहरे में चोटे कारित कर की थी। एसपी के निर्देश से थाना प्रभारी कोतमा के नेतृत्व में इस अंधी हत्या का खुलासा करने के लिये एक विशेष टीम गठित की गई । 

थाना कोतमा की पुलिस टीम के साथ ग्राम गोडारू में रात भर कैम्प किया। ग्रामीणों से चर्चा कर अपने मुखबिर तंत्र को सक्रिय करके यह जानकारी प्राप्त की गई कि ग्राम गोडारू के ही श्यामसुंदर महरा पिता रामप्रसाद महरा का मृतक के साथ जमीन को लेकर एवं मृतक की पत्नी का सुगाबंदी संदेह को लेकर पूर्व में 02-03 बार वाद विवाद हो चुका था। यह जानकारी मिलने पर जब श्याम सुंदर महरा की पतासाजी की गई तो वह अपने घर से गायब मिला। पुलिस टीम ने संदेही श्याम सुंदर को ग्राम गोडारू के जंगल से पकड़कर अभिरक्षा में लिया। पूछताछ करने पर श्याम सुंदर महरा ने बताया की मृतक एवं आरोपी श्यामशुन्दर महरा का आपस में वाद विवाद हुआ था जिसमें  आरोपी ने मृतक स्वामी सिंह गोंड़ पर कुल्हाड़ी से चेहरे और सिर पर प्राण घातक प्रहार किए जिससे उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई । आरोपी के द्वारा घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी एवं घटना  के समय आरोपी द्वारा पहने हुए कपड़े जिसपर खून के छींटे पड़े थे, अपने घर पर छिपा दिया था,जिसको उसके घर से जप्त किया गया । आरोपी श्याम सुंदर महरा पिता रामप्रसाद महरा उम्र 26 वर्ष निवासी ग्राम गोड़ारू को गिरफ्तार कर न्यायालय पेश किया गया है।

सांसद हिमाद्रि सिंह के प्रयास से वेंकटनगर में रुकी नर्मदा एक्सप्रेस, विधायक फुन्देलाल का दावा निकला झूठा, उठे सवाल

*रेल मंत्री के पत्र ने खोली हकीकत, कांग्रेस नेता जनता को कर रहे हैं गुमराह*


अनूपपुर

वेंकटनगर रेलवे स्टेशन पर नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन के ठहराव को लेकर राजनीतिक श्रेय की लड़ाई तेज हो गई है। शहडोल सांसद हिमाद्रि सिंह के प्रयासों से नर्मदा एक्सप्रेस ट्रेन का वेंकटनगर में ठहराव शुरू होने का दावा किया जा रहा है। इस संबंध में केंद्रीय रेल मंत्री द्वारा सांसद हिमाद्रि सिंह को भेजे गए पत्र के सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा शुरू हो गई है।

बताया जा रहा है कि सांसद हिमाद्रि सिंह ने क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही मांग को गंभीरता से लेते हुए वेंकटनगर रेलवे स्टेशन पर नर्मदा एक्सप्रेस के ठहराव की मांग केंद्रीय रेल मंत्रालय के समक्ष रखी थी। सांसद द्वारा किए गए पत्राचार और प्रयासों के बाद रेलवे मंत्रालय ने मामले पर विचार किया और ट्रेन के ठहराव को मंजूरी दी। रेल मंत्री द्वारा सांसद को भेजे गए पत्र में इस संबंध में जानकारी दिए जाने का दावा किया जा रहा है।

क्षेत्रवासियों का कहना है कि नर्मदा एक्सप्रेस जैसी महत्वपूर्ण ट्रेन के वेंकटनगर में ठहराव से स्थानीय नागरिकों को बड़ी सुविधा मिली है। अब यात्रियों को शहडोल, अनूपपुर उमारिया जिलो के रेलवे स्टेशन तक आवागमन करने की सुविधा मिल गयी है। व्यापारियों, विद्यार्थियों, मरीजों और आम यात्रियों को इसका सीधा लाभ मिलेगा।

इधर, पुष्पराजगढ़ विधायक फुन्देलाल सिंह द्वारा भी नर्मदा एक्सप्रेस के ठहराव को अपने प्रयासों का परिणाम बताए जाने के बाद मामला राजनीतिक विवाद का रूप ले चुका है। विधायक के नाम से समाचार और फोटो जारी होने के बाद सांसद समर्थकों ने इस पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना है कि रेल मंत्री द्वारा सांसद हिमाद्रि सिंह को भेजे गए पत्र से स्पष्ट होता है कि ट्रेन के ठहराव के लिए सांसद द्वारा लगातार प्रयास किए गए थे।

सांसद समर्थकों और भाजपा नेताओं का आरोप है कि विधायक द्वारा ट्रेन के ठहराव का श्रेय लेने के लिए जनता के बीच भ्रामक जानकारी प्रसारित की गई। उनका कहना है कि बिना किसी ठोस प्रमाण के किए गए ऐसे दावे आम जनता को गुमराह करने वाले हैं। भाजपा नेताओं ने कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों और पदाधिकारियों पर भी निशाना साधते हुए कहा कि झूठे दावे और राजनीतिक श्रेय लेने की होड़ से कांग्रेस की छवि प्रभावित हो रही है।

हालांकि, इस पूरे मामले में विधायक पक्ष की ओर से भी अपने प्रयासों और रेलवे मंत्रालय के साथ किए गए पत्राचार से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक किए जाने पर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो सकती है। फिलहाल रेल मंत्री के पत्र को लेकर यह दावा मजबूत हो रहा है कि वेंकटनगर में नर्मदा एक्सप्रेस के ठहराव के पीछे सांसद हिमाद्रि सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

तीन चोर को पुलिस ने किया गिरफ्तार, सोने चांदी के आभूषण सहित 20 लाख का सामान बरामद 


शहडोल

जिला मुख्यालय के जैन कॉलोनी में सूने मकान का ताला तोड़कर हुई लाखों रुपये की चोरी का कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण समेत करीब 20 लाख रुपये कीमत का मशरूका बरामद किया गया है।

जैन कॉलोनी निवासी नवीन ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मकान सूना था और अज्ञात आरोपियों ने ताला तोड़कर घर के अंदर रखे सोने-चांदी के आभूषण चोरी कर लिए। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की।

पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करते हुए फिंगरप्रिंट विशेषज्ञों की मदद से साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान पुलिस को आरोपियों के संबंध में महत्वपूर्ण सुराग मिले, जिसके बाद तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ और जांच के आधार पर पुलिस ने चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए तीनों को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान आदर्श यादव उर्फ आदि (18), निवासी घरोला मोहल्ला, शहडोल, शशिकांत गौतम (26), निवासी वार्ड क्रमांक 14/19 घरोला मोहल्ला और आशीष साहू उर्फ करण (19), निवासी घरोला मोहल्ला, शहडोल के रूप में हुई है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण समेत करीब 20 लाख रुपये कीमत का सामान बरामद हुआ है। पुलिस अब आरोपियों से चोरी की अन्य वारदात को लेकर पूछताछ कर रही है।

पीकप की टक्कर से किशोर की हुई मौत, चालक हुआ फरार, मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

राजेन्द्रग्राम थाना क्षेत्र के ग्राम लांघाटोला और पटना गांव के पास अज्ञात वाहन की टक्कर से 11 वर्षीय किशोर की दर्दनाक मौत हो गई। घटना की जानकारी परिजनों को दी, परिजन किशोर को लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टर ने किशोर को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौप कर जांच प्रारंभ कर दी। वाहन को जब्त कर कर फरार चालक पर अपराध दर्ज कर तलाश की जा रही है।

पुलिस ने बताया कि किशोर 11 वर्षीय सागर बघेल पुत्र संदीप कुमार बघेल निवासी लांघाटोला राजेंद्रग्राम की ओर से लांघाटोला गांव की ओर अपना मवेशी लेकर जा रहा था, तभी राजेंद्रग्राम की ओर से जा रहा मालवाहक वाहन एपी 65 जेडसी 6591 का चालक ने लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते किशोर को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। जिससे वह सड़क पर गिर गया और सिर सहित अन्य हिस्से में लगी गंभीर चोट और सिर से अधिक खून बह जाने के कारण किशोर की मौके पर मौत हो गई।

घटना की जानकारी स्थानीय लोगों ने डायल 112 को दी, जब तक पुलिस डायल 112 घटना स्थल मौके पर पहुंचता, तब तक परिजन किशोर को इलाज की आस में निजी वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पुष्पराजगढ़ लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। चालक के खिलाफ धारा 281(ए), 125(1) के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। चालक घटना के बाद से फरार है, पुलिस चालक की खोजबीन कर रही है।

युवक का शव रेस्क्यू दल ने तालाब से निकाला बाहर, अनाधिकृत पार्किंग पर 5 ट्रक मालिको पर एफआईआर


अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर से 11 किलोमीटर दूर स्थित लखनपुर गांव में 21 वर्ष युवक लापता था। लापता युवक की चप्पल घर के पीछे स्थित तालाब के पास मिलने पर तालाब में डूब जाने के संदेह पर आपदा प्रबंधन के रेस्क्यू दल ने खोजबीन के दौरान युवक का शव तालाब के अंदर डूबे हुए स्थिति में बरामद कर पुलिस को सौपा। 

लखनपुर गांव के वार्ड क्रमांक 7 शंकर मंदिर के पास के निवासी निरंजन पटेल जो ग्राम पंचायत लखनपुर में रोजगार सहायक के पद पर पदस्थ हैं, 21 वर्षीय बालक प्रतीक उर्फ आकार पटेल जो 3 सितंबर की शाम से घर से लापता होने पर परिजनों एवं ग्रामीण जनों द्वारा विभिन्न माध्यमों से पूरी रात खोजबीन की, किंतु रात भर युवक का कहीं पता नहीं चल सका, घर से कुछ दूर पर स्थित अमहाई तालाब के मेढ में युवक की चप्पल पड़े होना दिखने पर परिजनों एवं ग्रामीणों द्वारा कोतवाली पुलिस को युवक के तालाब के अंदर पानी में डूब जाने का संदेह व्यक्त करते हुए खोजबीन कराए जाने की मांग पर, जिला मुख्यालय अनूपपुर के एसडीईआरएफ आपदा प्रबंधन के रेस्क्यू दल को घटना की सूचना दिए जाने पर रेस्क्यू दल प्रभारी रामनरेश भवेदी अपने 8 सदस्यीय रेस्क्यू दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर अमहाई तालाब में विभिन्न माध्यमों से खोजबीन की जिस पर लापता युवक का शव तालाब के अंदर गहरे पानी में मिलने पर रेस्क्यू कर बाहर निकाल कर मृतक के शव को कोतवाली पुलिस को सौपा। पुलिस दल के साथ स्थल पर मृतक के शव का पंचनामा कर साक्षियो के कथन लेते हुए मृतक के शव का जिला चिकित्सालय अनूपपुर में ड्यूटी डॉक्टर से पी,एम,कराने बाद शव के कफन दफन हेतु परिजनों को सौपा। मृत युवक प्रतीक पटेल आईटीआई अनूपपुर में अध्ययनरत था।

*अनाधिकृत पार्किंग पर 5 ट्रक मालिको पर एफआईआर*

शहडोल कलेक्टर पार्थ जायसवाल के आदेशानुसार पुलिस विभाग एवं राजस्व  विभाग की संयुक्त टीम ने शहडोल से बुढार मार्ग में ट्रक जांच की कार्रवाई में ओवरलोडिंग एवं रोड पर अनाधिकृत तौर पर असुरक्षित खड़े ट्रकों पर कार्यवाही की गई है। तहसीलदार बुढ़ार मनोज सिंह ने बताया है कि यातायात व्यवस्था को सुगम एवं सहज तथा सुरक्षित बनाने के लिए 5 ट्रक मालिको के विरुद्ध एफ आई आर की कार्यवाही की गई।

हिंसक वन्य प्राणी ने गाय का किया शिकार, शिकायतों के निराकरण में लापरवाही, पर्यवेक्षक निलंबित


अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर से 17 किलोमीटर दूर स्थित किरर के वन क्षेत्र से घिरे सजहा गांव से लगे जंगल में चरने गई पालतू गाभिन गाय को हिंसक वन्यप्राणी द्वारा हमला कर मृत करने बाद शरीर के मांस खा लेने की सूचना पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर जांच प्रारंभ की। 

परिक्षेत्र अनूपपुर के ग्राम पंचायत औढेरा अंतर्गत सजहा निवासी श्रवण सिंह बंजारा पिता स्व,साहब सिंह बंजारा का पुत्र 2 दिन पूर्व घर के पालतू मवेशियों को लेकर घर के पास स्थित जमुडी वन बीट के सुरही खोज जंगल में चराने ले गए थे, एक गाभिन गाय को छोड़ शेष मवेशी घर वापस आ गए, किंतु गाभिन गाय के घर वापस ना आने पर पशु मालिक एवं उनके परिजनों द्वारा जंगल में खोजने पर मृत स्थिति में मिली, हिंसक वन्यप्राणी द्वारा हमला कर गाय को मृत करने बाद मांस को खाकर अपना आहार बनाया, स्थल पर आपस में संघर्ष के साक्ष्य मिले घटना की सूचना पर जमुडी बीट प्रभारी रामेश्वर पटेल,वन्यजीव संरक्षण शशिधर अग्रवाल,पशु चिकित्सा के एव्हीएफओ संत कुमार ग्राम,सुरक्षाश्रमिक महेंद्र चौधरी एवं पशु मालिक के साथ घटना स्थल का निरीक्षण कर कार्यवारही की।

किरर का यह क्षेत्र घने वनों से घिरा हुआ है, जहां के ग्रामीण अपने मवेशियों को चराने के लिए गांव के राजस्व क्षेत्र में चरागाह ना होने गांव जंगलों से घिरे होने के कारण वन क्षेत्र में मवेशियों को चराने के लिए बाध्य रहते हैं घने वन के मध्य हिंसक वन्यप्राणियों के साथ कई तरह के वन्यप्राणी वन क्षेंत्र में अपना आश्रय बनाकर विचरण आहार की तलास करते हैं।

*शिकायतों के निराकरण में लापरवाही, पर्यवेक्षक निलंबित*

अनूपपुर कलेक्टर रत्नाकर झा ने मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान 2026 के अंतर्गत 29 अगस्त 2026 को जनपद पंचायत जैतहरी क्षेत्र में आयोजित मुख्यमंत्री जनविश्वास अभियान शिविर के दौरान सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पाए जाने पर महिला एवं बाल विकास विभाग की पर्यवेक्षक मीना शिव को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने के आदेश दिए हैं।

शिविर में सीएम हेल्पलाइन की शिकायतों की समीक्षा के दौरान महिला एवं बाल विकास परियोजना जैतहरी के सेक्टर फुनगा/गौरेला में कुल 37 शिकायतें लंबित पाई गईं। शिकायतों का निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं किया गया था। साथ ही, संबंधित सेक्टर की पर्यवेक्षक मीना शिव शिविर में अनुपस्थित पाई गईं। प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर तत्काल प्रभाव से निलंबित किया है। निलंबन अवधि में मीना शिव का मुख्यालय जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास, जिला अनूपपुर कार्यालय निर्धारित किया गया है। 

धारदार हथियार से ग्रामीण की हत्या, अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज, पुलिस जाँच में जुटी


अनूपपर

कोतमा थाना क्षेत्र के ग्राम गोड़ारु में एक 55 वर्षीय ग्रामीण की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है। घटना की सूचना डायल-112 के माध्यम से पुलिस को मिली। मामले की सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब के निर्देशन में तत्काल कोतमा पुलिस सक्रिय हुई और थाना प्रभारी निरीक्षक रत्नाबर शुक्ल पुलिस बल के साथ तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे।

पुलिस के अनुसार ग्राम गोड़ारु पहुंचने पर मृतक स्वामी सिंह गोंड, पिता तनमन सिंह, उम्र 55 वर्ष, निवासी गोड़ारु का शव मिला। प्रथम दृष्टया मृतक के शरीर पर धारदार हथियार से चेहरे एवं सिर में कई चोटों के निशान पाए गए हैं।

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अज्ञात आरोपी के विरुद्ध धारा 103(1) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं तथा हत्या के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।

हत्या की वारदात के बाद पुलिस द्वारा ग्रामीणों एवं मुखबिरों से लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। अज्ञात आरोपी की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद गांव में सनसनी का माहौल है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है।

पंचायत भवन में पटवारी की शराब पार्टी, विरोध करने पर ग्रामीणों से की अभद्रता, कार्यवाही की मांग


शहडोल

जैतपुर तहसील की ग्राम पंचायत बोकरमार का पंचायत भवन इन दिनों प्रशासनिक संवेदनहीनता का अखाड़ा बना हुआ है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो ने हड़कंप मचा दिया है, जिसमें हल्का नंबर 54 के पटवारी ज्ञान सिंह मार्गो पंचायत भवन के भीतर शराब और कबाब की दावत उड़ाते नजर आ रहे हैं।

जब किसान अपनी फार्मर आईडी बनवाने की आस में पंचायत भवन पहुंचे थे, सरपंच के कक्ष का नजारा देखकर ग्रामीण दंग रह गए। मेज पर शराब की बोतलें थीं और पास ही मांस रखा हुआ था, जब ग्रामीणों ने सरकारी दफ्तर की मर्यादा याद दिलाते हुए विरोध दर्ज कराया, तो पटवारी नशे में ग्रामीणों पर ही बिफर पड़े, आरोप है कि पटवारी ने सेवा देने के बजाय अपनी कथित ‘राजघराना’ पृष्ठभूमि का रौब झाड़ा और बेखौफ लहजे में यहां तक कह डाला कि बड़े से बड़ा अधिकारी भी उनका कुछ नहीं बिगाड़ सकता।

एक दशक से जमे पटवारी की इस कार्यशैली से ग्रामीण परेशान चुके हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि भवन को मयखाना बनाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। मामले के पुख्ता वीडियो साक्ष्य एसडीएम, तहसीलदार और राजस्व निरीक्षक को सौंपे गए, मगर प्रशासनिक चुप है, न्याय की आस खोते ग्रामीणों ने वीडियो को इंटरनेट पर साझा कर दिया ,जो अब सोशल मीडियाई तेजी से वायरल हो रही है। पंचायत भवन किसी अफसर का निजी ड्राइंग रूम नहीं, बल्कि किसानों और ग्रामीणों के बुनियादी अधिकारों का केंद्र है। 

पशु तस्करी पर पुलिस की कार्यवाही, तीन पीकप सहित 20 मवेशी जब्त, एक आरोपी गिरफ्तार, अन्य आरोपी फरार

*21.20 लाख का मशरूका जब्त*


 अनूपपुर

थाना जैतहरी पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि तीन पिकअप वाहन जिसमें एक का वाहन क्रमांक MP 19 ZT 5653 एवं 2 बिना नंबर की जिनमें मवेशियों को ठूंस-ठूंसकर एवं क्रूरतापूर्वक बांधकर कटने हेतु मरवाही, छत्तीसगढ़ की ओर से सिवनी-मुण्डा मार्ग होते हुए ले जाया जा रहा है।

पुलिस द्वारा 03 टीमों का गठन कर ग्राम मुण्डा-सिवनी मार्ग पर नाकाबंदी की गई। साथ ही छत्तीसगढ़ पुलिस को भी सूचना दी गई। छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संदिग्ध वाहनों का पीछा कर उन्हें खदेड़ा गया तथा अनूपपुर पुलिस से समन्वय स्थापित किया गया।

नाकाबंदी के दौरान तीनों पिकअप वाहन तेज गति से आते दिखाई दिए। पुलिस द्वारा रुकने का संकेत देने पर चालकों ने वाहन नहीं रोके और भागने का प्रयास किया। पुलिस टीमों द्वारा पीछा करने पर तीनों चालक वाहन छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए।

एक पिकअप में 07 मवेशी, दूसरी में 06 मवेशी, जिनमें एक भैंस मृत अवस्था में थी, तथा तीसरी पिकअप में 07 मवेशी पाए गए। सभी मवेशियों को रस्सियों से बांधकर अत्यंत क्रूरतापूर्वक ठूंस-ठूंसकर भरा गया था तथा उनके लिए चारा-पानी की व्यवस्था नहीं थी।

दूसरी पिकअप में सवार आसीफ कुरैशी पिता हसनैन कुरैशी, उम्र 26 वर्ष, निवासी जेकेडी झगड़ाखान, मनेन्द्रगढ़, छत्तीसगढ़ को पुलिस टीम द्वारा पीछा कर पकड़ा गया। उसके विरुद्ध संबंधित धाराओं में प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। कुल 20 मवेशी एवं 03 पिकअप वाहन जप्त किए गए। जप्त माल-मशरूका की कुल अनुमानित कीमत 21 लाख 20 हजार रुपया है। 

उपवास का सामान लेकर घर लौट था किशोर की हाइवा की टक्कर से हुई मौत, पुलिस ने ट्रक किया जब्त


उमरिया

उमरिया के चिल्हारी में हरछठ के उपवास के लिए दूध लेकर साइकिल से घर लौट रहे 12 वर्षीय मनजीत को रेत से भरे हाईवा ने टक्कर मार दी। हादसे में मासूम की मौके पर ही मौत हो गई। गांव में मातम पसरा है। दर्दनाक सड़क हादसे ने पूरे गांव को झकझोर दिया।

हरछठ के उपवास को लेकर घरों में सुबह से ही तैयारियां चल रही थीं। इसी सिलसिले में चिल्हारी निवासी मनजीत पिता लालमन कोल भी सुबह दूध लेने के लिए साइकिल से बस स्टैंड गया था। दूध लेकर वह अपने घर वापस लौट रहा था। इसके बाद उसे अमलियाई हार स्थित अपने खेत की ओर जाना था। लेकिन घर और खेत पहुंचने से पहले ही रास्ते में हुए हादसे ने परिवार की खुशियां छीन लीं।

हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घटना की जानकारी आसपास के ग्रामीणों और पुलिस को दी। हाईवा का नंबर एमपी 19 एचए 7552 बताया गया है। पुलिस ने वाहन को अपने कब्जे में लेकर हादसे के कारणों और पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू कर दी है।  अमरपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जरूरी कार्रवाई शुरू की। 

पुलिस ने हादसे में शामिल हाईवा को कब्जे में लिया है। अब हादसा किस तरह हुआ, हाईवा की गति कितनी थी और टक्कर किन परिस्थितियों में हुई, इन सभी बिंदुओं पर जांच की जा रही है। : शहडोल जिले में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण नदी-नाले उफान पर हैं। केशवाही और अमलाई क्षेत्र में कई छोटी नदियों और नालों का जलस्तर बढ़ने से पुलों के ऊपर पानी बह रहा है। इसके चलते कई मार्गों पर आवागमन बंद हो गया है और गांवों का मुख्यालय से संपर्क टूट गया है। प्रशासन और पुलिस ने लोगों की सुरक्षा को देखते हुए पानी वाले रास्तों पर आवाजाही रोक दी है।

तहसील कार्यालय में टपक रहा है पानी, फाइलों के साथ दिख रहे हैं प्लास्टिक के डिब्बे, कर्मचारी परेशान


शहडोल

जैतपुर तहसील कार्यालय की जर्जर बिल्डिंग बारिश में इस कदर टपकने लगी कि कर्मचारियों को कार्यालय चलाने के लिए छत से गिरते पानी के नीचे प्लास्टिक के डिब्बे और टब रखने पड़े। जगह-जगह से टपकती छत, दीवारों में रिसता पानी और करंट का खतरा, इन सबके बीच कर्मचारी अपनी जान जोखिम में डालकर काम करने को मजबूर हैं।

हालात ऐसे हैं कि सरकारी दफ्तर में कामकाज फाइलों और कंप्यूटरों से कम, पानी से बचाव के इंतजामों के बीच ज्यादा होता नजर आ रहा है। तहसील भवन की छत टपकी तो मरम्मत नहीं हुई, बल्कि नीचे प्लास्टिक के टब रख दिए गए,मानो बारिश के पानी को रोकने के लिए सरकारी सिस्टम ने ‘डिब्बा योजना’ शुरू कर दी हो।

जैतपुर तहसील कार्यालय की पुरानी बिल्डिंग भी बारिश का पानी नहीं झेल पा रही, छत के कई हिस्सों से पानी टपक रहा है। दीवारों में भी नमी बढ़ गई है और पानी रिसने की शिकायत सामने आई है।

बारिश से निजात पाने के लिए विभाग ने बाकायदा प्लास्टिक के बड़े-बड़े डिब्बे और टब रख दिए हैं। जहां से पानी टपकता है, उसके ठीक नीचे डिब्बा रख दिया जाता है और उसी में पानी जमा किया जा रहा है। यानी सरकारी दफ्तर में अब बारिश के पानी को रोकने का इंतजाम किसी मरम्मत से नहीं, बल्कि प्लास्टिक के डिब्बों से हो रहा है। सबसे चिंताजनक स्थिति बिजली और कंप्यूटर सिस्टम को लेकर बताई जा रही है। कंप्यूटर ऑपरेटर के अनुसार, दीवारों में पानी रिसने के कारण हल्का बिजली का करंट महसूस हो रहा है। 

जैतपुर नायब तहसीलदार आरके पदमाकर का कहना है कि तहसील भवन पुराना होने के कारण बारिश में पानी टपक रहा है। समस्या की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दे दी गई है और फिलहाल पानी को डिब्बों में एकत्र करने की व्यवस्था की गई है।

टोरंट पॉवर के 922 एकड़ भूमि का मामला केंद्र तक पहुंचा, एनजीटी ने टोरेंट पावर समेत अन्य लोगो को भेजा नोटिस, मांगा जवाब

*रक्सा-कोलमी-दैकाल थर्मल पावर प्रोजेक्ट के जमीन हस्तांतरण से लेकर पर्यावरण मंजूरी तक उठे सवाल*


अनूपपुर। 

जिले के रक्सा, कोलमी और दैकाल क्षेत्र में प्रस्तावित टोरेंट पावर के 2×800 मेगावाट क्षमता वाले कोल आधारित अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। करीब 1600 मेगावाट के इस प्रस्तावित प्रोजेक्ट से जुड़ी 922 एकड़ भूमि के हस्तांतरण और पर्यावरणीय स्वीकृति को लेकर मामला अब केंद्र सरकार और नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) तक पहुंच गया है।

अनूपपुर तहसील के रक्सा और कोलमी क्षेत्र की लगभग 476.788 हेक्टेयर, यानी करीब 922 एकड़ भूमि को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं। शिकायत के अनुसार यह भूमि पूर्व में पावर प्लांट की स्थापना के उद्देश्य से किसानों से अधिग्रहित की गई थी। आरोप है कि सितंबर 2025 में न्यू जोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा यह भूमि टोरेंट पावर लिमिटेड को हस्तांतरित कर दी गई।

पूर्व जिला पंचायत सदस्य बुद्धसेन राठौर ने इस संबंध में 7 अगस्त 2026 को केंद्र सरकार के समक्ष शिकायत प्रस्तुत की थी। शिकायत में राष्ट्रीय पुनर्वास एवं पुनर्स्थापन नीति-2007 के प्रावधानों का हवाला देते हुए भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई गई है। आरोप लगाया गया है कि कंपनी परिवर्तन के बाद प्रभावित किसानों के लिए नए सिरे से मुआवजे और पुनर्वास संबंधी प्रावधानों का पालन नहीं किया गया।

शिकायत के बाद भारत सरकार के भूमि संसाधन विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। विभाग के निदेशक सर्वदानंद बरनवाल ने 13 अगस्त 2026 को मध्य प्रदेश के प्रमुख सचिव, राजस्व को पत्र भेजकर पूरे प्रकरण की जांच और संबंधित रिकॉर्ड के सत्यापन की आवश्यकता बताई है। पत्र में NRRP-2007 की प्रयोज्यता, वर्ष 2012 के पुनर्वास आदेश तथा 13 जून 2025 को हुई बैठक की वैधानिक स्थिति की जांच का उल्लेख किया गया है। इसकी प्रति कलेक्टर अनूपपुर को भी भेजी गई है।

इधर, इसी परियोजना को 17 अप्रैल 2026 को मिली पर्यावरणीय स्वीकृति को भी एनजीटी में चुनौती दी गई है। बुद्धसेन राठौर द्वारा दायर अपील क्रमांक 13/2026 पर 25 अगस्त को एनजीटी की सेंट्रल जोन बेंच, भोपाल में सुनवाई हुई। जस्टिस शेओ कुमार सिंह और सुधीर कुमार चतुर्वेदी की बेंच ने टोरेंट पावर सहित सभी संबंधित प्रतिवादियों को नोटिस जारी कर चार सप्ताह के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।

एनजीटी ने पक्षकारों को छह सप्ताह के भीतर ई-फाइलिंग पोर्टल पर खोज योग्य पीडीएफ प्रारूप में दस्तावेज और जवाब दाखिल करने को कहा है। अपीलकर्ता को एक सप्ताह के भीतर आवश्यक दस्तावेजों की तामील कराने के निर्देश दिए गए हैं। मामले से जुड़े देरी माफी, अंतरिम राहत और अनुवादित दस्तावेजों से संबंधित आवेदनों पर भी नोटिस जारी किया गया है। मामले की अगली सुनवाई 6 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है। अब इस मामले में केंद्र सरकार के स्तर पर होने वाला रिकॉर्ड सत्यापन और एनजीटी में दाखिल होने वाले जवाब महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

बहुचर्चित खैर के पेड़ कटाई मामले में नया मोड़, आदिवासी पर दबाब बनाकर बनाया बलि का बकरा, थाना में हुई शिकायत

*डरा धमकाकर सादे कागज में करा लिए हस्ताक्षर*


उमरिया

घुनघुटी वन परिक्षेत्र में बहुचर्चित खैर की अवैध कटाई का मामला अब नया मोड़ ले चुका है। जंगल में बड़े पैमाने पर खैर के पेड़ों की कटाई के बाद जब ठूंठ गिनती हुई तो विभाग की नींद उड़ गई। अपनी इसी विफलता और लापरवाही पर पर्दा डालने और आंकड़ों की खानापूर्ति के लिए वन विभाग ने गांव के भोले-भाले आदिवासी वाहन चालक को निशाने पर ले लिया है।

सूत्रों के अनुसार घुनघुटी के जंगलों में खैर की अवैध कटाई लंबे समय से चल रही थी, जिसकी भनक तक स्थानीय बीट अमले को नहीं लगी। जब मामला उच्च अधिकारियों के संज्ञान में आया और ठूंठों की गिनती कराई गई तो जंगल में बड़ी संख्या में खैर के ठूंठ पाए गए। इस पर विभाग ने कार्रवाई करते हुए पहले स्थानीय बीट गार्ड और उप वनपाल को निलंबित कर दिया और आनन-फानन में जांच बैठा दी गई।

इसी जांच की आड़ में विभाग ने अपनी गर्दन बचाने के लिए तीन अलग-अलग अपराध पंजीबद्ध किए, जिनका अपराध क्रमांक 806/04, 7790/23 और 807/01 है। इन तीनों प्रकरणों को एक साथ जोड़कर 25 अगस्त को घुनघुटी निवासी एक गरीब आदिवासी के नाम धारा 72 के तहत समन जारी कर दिया गया।

समन मिलते ही 31 अगस्त को पीड़ित प्रदीप बैगा उर्फ टिप्पू पिता कन्जी बैगा निवासी घुनघुटी, जो वाहन चलाकर अपना परिवार पालता है, बयान देने घुनघुटी स्थित रेंज ऑफिस पहुंचा। आरोप है कि उसे घुनघुटी से अन्यत्र स्थान पर ले जाया गया। पीड़ित का आरोप है कि बयान के नाम पर बीट गार्ड सुभाष पटेल ने उससे गाली-गलौज शुरू कर दी और खैर काटने वालों के नाम बताने का दबाव बनाया। जब उसने कहा कि साहब मैं तो दिन भर गाड़ी चलाता हूं, मुझे जंगल के बारे में कुछ नहीं पता, तो उसे हाथ-मुक्कों से पीटा गया, जिससे वह जमीन पर गिर पड़ा। इसके बाद उसके बायें पैर के जंघे पर 4-5 डंडे मारे गए, जिसके चोट के निशान अभी भी बने हुए हैं। उसे करीब पांच घंटे तक बंधक बनाकर रखा गया और डरा-धमकाकर तीन-चार सादे कागजों पर जबरन हस्ताक्षर करा लिए गए।

विभाग की इस कार्यप्रणाली से कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं। यदि खैर की कटाई हुई है तो विभाग ने मौके पर असली तस्करों को क्यों नहीं पकड़ा? ठूंठ गिनती के बाद ही अचानक एक ही आदिवासी पर तीन अपराध कैसे दर्ज हो गए? और बयान के लिए बुलाए गए व्यक्ति को पीटकर सादे कागज पर हस्ताक्षर कराने की क्या जरूरत पड़ गई?

पीड़ित ने 1 सितंबर को थाना पाली में आवेदन देकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी बीट गार्ड पर कार्रवाई की मांग की है। पाली पुलिस ने आवेदक का मेडिकल कराते हुए आवेदन पर जांच शुरू कर दी है।

दो अलग-अलग हत्याकांड में 7 आरोपियों को आजीवन कारावास, छत से पानी टपकने पर स्कूल बन्द, घर पर लग रहा स्कूल



शहडोल

बुढ़ार एवं शहडोल में हुए दो अलग-अलग चर्चित हत्याकांडों के कुल सात आरोपियों को आज न्यायालय द्वारा आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई। अपर सत्र न्यायालय बुढ़ार से सजा पाने वाले आरोपियों में लाला बैगा उर्फ मड़दा, पिता रमेश कुमार, आयु 21 वर्ष, अंजू उर्फ अंजली द्विवेदी, पति दीपक सिंह, आयु 42 वर्ष, प्रियंका मिश्रा, पिता दयानारायण मिश्रा, आयु 33 वर्ष, अलका उर्फ शैलजा द्विवेदी, पति अरविंद शर्मा, आयु 24 वर्ष तथा आभा द्विवेदी, पिता स्व. अमर द्विवेदी, आयु 21 वर्ष, सभी निवासी वार्ड नंबर-15, टिकुरीटोला बुढ़ार, थाना बुढ़ार शामिल हैं।

आरोपियों ने 27 मई 2024 की रात करीब 9 बजे आरक्षी केंद्र बुढ़ार क्षेत्रांतर्गत वार्ड नंबर-15, टिकुरीटोला बुढ़ार में कुशमी कोल के घर के सामने घातक हथियारों, लाठी, डंडे और हॉकी से लैस होकर पड़ोस में रहने वाले जोगेंद्र सिंह एवं उसके अन्य साथियों पर प्राणघातक हमला किया था। इलाज के दौरान दो दिन बाद जोगेंद्र सिंह बघेल की जबलपुर अस्पताल में मौत हो गई थी। इस प्रकरण में बीते 25 अगस्त को न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रख लिया था और आज फैसला सुनाया गया। 

इसी प्रकार कोतवाली शहडोल अंतर्गत रेलवे कॉलोनी में दीपावली के दूसरे दिन 13 नवंबर 2023 की रात हुए दोहरे हत्याकांड में रिजवान कुरैशी, पिता अब्दुल वदूद कुरैशी, उम्र 24 वर्ष, निवासी दरभंगा चौक शहडोल एवं शीनू लक्ष्मणन हत्याकांड के आरोपी सचिन मोजरकार और उसके भाई चंद्रशेखर मोजरकर को भी न्यायालय ने आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। आरोपियों ने दीपावली के दूसरे दिन मामूली कहासुनी के बाद तलवार एवं अन्य घातक हथियारों से हमला कर रिजवान और शीनू को मौत के घाट उतार दिया था। 

*पानी टपकने पर स्कूल हुआ बन्द, घर पर लग रहा स्कूल*

शहडोल

जैतपुर क्षेत्र की गलहथा पंचायत में तस्वीर इन दावों से उलट नजर आ रही है। यहां शासकीय प्राथमिक विद्यालय मौहरटोला, संकुल केंद्र खमरिया का भवन इतना जर्जर हो चुका है कि बारिश के दौरान छत से पानी टपकने लगता है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए भवन में कक्षाएं लगाना मुश्किल हो गया। ऐसे में गांव के एक व्यक्ति ने बच्चों की पढ़ाई जारी रखने के लिए अपने घर का बरामदा निशुल्क उपलब्ध करा दिया। पिछले एक माह से अधिक समय से इसी बरामदे में स्कूल संचालित हो रहा है।

स्कूल भवन काफी पुराना है और पिछले कुछ वर्षों में लगातार जर्जर होता गया। बारिश के दौरान छत समेत भवन के अन्य हिस्सों से पानी टपकने की समस्या और बढ़ गई। इस संबंध में अधिकारियों को कई बार जानकारी दी गई। संकुल स्तर पर भी पत्राचार किया गया, लेकिन भवन की मरम्मत नहीं हो सकी।

हालात ऐसे बने कि स्कूल भवन में कक्षाएं संचालित करना बंद करना पड़ा। इसके बाद शिक्षक ने ग्रामीणों से चर्चा की। स्कूल भवन से करीब 50 मीटर की दूरी पर रहने वाले प्रहलाद सिंह ने बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो, इसके लिए अपने घर का बरामदा स्कूल संचालन के लिए निशुल्क दे दिया। अब शिक्षक रोजाना इसी बरामदे में बच्चों को पढ़ा रहे है।

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