पशु तस्करी पर 5 आरोपी गिरफ्तार, 10 मवेशी जप्त, दो पक्षो में मारपीट, 5 घायल, अस्पताल में भर्ती


अनूपपुर/उमरिया

थाना प्रभारी कोतमा की पुलिस टीम के द्वारा पशु तस्करों के विरूध्द बड़ी कार्यवाही की गई है। मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक सफेद रंग के पिकप वाहन में क्रूरता पूर्वक मवेशी भैंस पडा लोड कर लामाटोला तरफ से बोडरी तरफ ले जा रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम के द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए ग्राम खोडरी तिराहे पर नाकाबंदी लगाकर उक्त पिकप वाहन को रूकाने का प्रयास किया गया जो नही रूका जिसका पीछा कर उक्त पिकप वाहन  को बोड़री जैताबहरा के जंगल वाले रास्ते से 05 व्यक्तियों के साथ पिकप में लोड मवेशियों के साथ पकड़ा गया। नाम पता पूछनें पर आरोपियों ने अपना नाम गोपाल चन्द्रा पिता ध्यान सिंह चन्दा उम्र 35 वर्ष निवासी अमेरा टिकरा थाना मरवाही जिला जीपीएम (छ.ग.), योगेश यादव उर्फ लल्लू पिता सुन्दरलाल यादव उम्र 40 वर्ष निवासी बमरौध थाना कोतमा जिला अनूपपुर (म.प्र.), हीरू लाल जयसवाल पिता सीताराम जयसवाल उम्र 35 साल निवासी दरसिला थाना जैतपुर जिला शहडोल (म.प्र.), लाला नामदेव पिता नरवर नामदेव उम्र 60 साल बंधवाटोला थाना कोतमा, जितेन्द्र कचेर पिता राहुल कचेर उम्र 18 वर्ष निवासी लामा टोला थाना कोतमा का होना बताये। पिकप में देखने  पर आरोपियों द्वारा 03 नग भैस, 01 नग पड़ा, 01 नग पहरू को क्रूरता पूर्वक बांधकर लोड कियें थे  जिन्हे उनके कब्जे से जप्त किया गया एवं पूछतांछ पर एक दिन पहले भी इसी तरह से 05 नग मवेशी (भैस पड़ा)   पिकप वाहन से लाकर रज्जू पाव निवासी जैताबहरा  के घर के पास जंगल में पेड़ के नीचे बांधना बतायें जिन्हे रज्जू पाव के घर के पास से मुक्त कराया गया । इस तरह पुलिस द्वारा कुल 10 मवेशी (भैंस पड़ा) कीमती करीबन 400000/- एवं पीकप वाहन कीमती करीबन 400000/- को जप्त किया गया गया। अपराध धारा 11 (1) घ पशु के प्रति क्रूरता निवारण अधिनिमय एवं 6, 6 (क), 6 (ख) (1), 9(1), 10 म.प्र. कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम कायम कर विवेचना मे लिया गया । उक्त प्रकरण में 05 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है एवं अन्य फरार आरोपियों की पतासाजी की जा रही है । 

*दो पक्षो में जमकर मारपीट, 5 घायल अस्पताल में भर्ती*


उमरिया जिले के चंदिया थाना अंतर्गत ग्राम तेंदुआ में पुरानी रंजिश के विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच में जबरदस्त लाठी डंडा फावड़े से मारपीट हुई हैं, जिसमे कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। एक वर्ष पूर्व परिवार की लड़की को भगाकर ले जाने का पुराना विवाद था, तेंदुआ गांव के एक ही परिवार के साथ लोगों ने दूसरे परिवार के पांच लोगों पर मारपीट की है, जिनमें कपिल छेदीलाल उम्र 22 वर्ष ग्राम तेंदुआ, भूरा गाडरी धनीराम कुमार गाडरी उम्र 37 वर्ष, मुकेश गडारी उर्फ लंगड़ा गाडरी उम्र 27 वर्ष, तम्मा गडारी उम्र 56 वर्ष, उमा गडारी पति अजय गडारी उम्र 28 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए है,जिनका इलाज चंदिया सामुदायिक  स्वास्थ्य केंद्र चल रहा था बाद में दोपहर को रेफर करके जिला अस्पताल भर्ती कराया गया है, जहाँ घायलों का इलाज जारी है। मारपीट करने वाले भैया लाल, छोटू, अंकित, मुकेश, रामखेलावन, लाला व अन्य सात लोगों ने मिलकर गडारी परिवार के लोगों घायल किया हैं। चंदिया थाने में मामला दर्ज करके पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

आईजीएनटीयू में संदिग्ध भर्ती प्रक्रिया में राष्ट्रीय जनजाति आयोग ने लगाई रोक, करेगी जांच


अनूपपुर

राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग भारत सरकार द्वारा दिनांक 24 जनवरी 2026 को नोटिस पत्र कुलपति इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय लालपुर, अमरकंटक, अनूपपुर मध्यप्रदेश के नाम पर जारी किया गया है जिसमें आईजीएनटीयू अमरकंटक द्वारा सेंटर आफ एक्सीलेंस के अंतर्गत की जा रही कथित संदिग्ध भर्ती प्रक्रिया पर रोक एवं उच्च स्तरीय जांच हेतु अनुरोध विषय अंकित किया गया है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग को श्री मोरध्वज पैकरा से दिनांक 24 जनवरी 2026 में एक याचिका/ शिकायत/ सूचना प्राप्त हुई है और आयोग ने भारत के संविधान के अनुच्छेद 338क के अंतर्गत उसे प्रदत्त शक्तियों का अनुसरण करते हुए इस मामले को अन्वेषण जांच करने का निश्चय किया है। अतः आपसे एतद्वारा अनुरोध किया जाता है कि आप सूचना के प्राप्त होने के तीन दिन के अंदर अधोहस्ताक्षरी को डाक से या व्यक्तिक रूप से उपस्थित होकर या किसी अन्य संचार साधन से संबंधित आरोपो/ मामलों और सूचनाओं पर की गई कार्यवाही से संबंधित सूचना प्रस्तुत करें। 

आगे उल्लेख है कि कुलपति आईजीएनटीयू कृपया ध्यान रखें कि यदि नियत अवधि में आयोग को आपका उत्तर प्राप्त नहीं होता है तो आयोग भारत के संविधान के अनुच्छेद 338क के अंतर्गत उसे प्रदत्त सिविल न्यायालय की शक्तियों का प्रयोग कर सकता है तथा व्यक्तिक रूप से या प्रतिनिधि के माध्यम से आयोग के समक्ष उपस्थित होने के लिए आपको समन जारी कर सकता है। उक्त पत्र की प्रतिलिपि सूचनार्थ शिकायतकर्ता श्री मोरध्वज पैकरा सदस्य कार्य परिषद आईजीएनटीयू अमरकंटक मध्यप्रदेश को प्रेषित किया गया है।उक्त पत्र अंकित कुमार सेन अनुसंधान अधिकारी राष्ट्रीय अनुसूचित जनजाति आयोग भारत सरकार के हस्ताक्षर से जारी हुआ है।

कुआं में गिरने से सफेद नर भालू शावक की हुई मौत, खण्डहर मकान में मादा भालू ने जन्मे शावक


अनूपपुर

जैतहरी क्षेत्र के मुंडा गांव में विगत रात विचरण करते हुए एक सफेद रंग के नर भालू शावक की अचानक कुएं में गिर गया जिससे उसकी मौत हो गई घटना की सूचना पर वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर भालू के शव को बाहर निकाल कर परीक्षण किया जिसमें भालू को मृत पाया 

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार वन परिक्षेत्र जैतहरी के गढ़ियाटोला भी अंतर्गत मुंडा गांव की चूहिराटोला निवासी मनदेव राठौर पिता लक्ष्मण राठौर के खेत में स्थित जगत विहीन कुआं जिसमे गुरुवार की रात एक वन्यजीव भालू के गिरने एवं अन्य के तेजी से आवाज करने को सुनते हुए ग्रामीणों ने गढ़ियाटोला वनरक्षक नरेंद्र पटेल को सूचना दिए जाने पर वन विभाग के कर्मचारी मौके पर पहुंचकर भालू को कुएं से बाहर निकाल कर परीक्षण किया जिसमें सफेद नर भालू शावक मृत स्थिति में होना पाया गया मृत भालू के शव को वन डिपो जैतहरी लाकर शव परीक्षण कराने बाद वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में दाह संस्कार की कार्यवाही की गई।

*खण्डहर मकान में मादा भालू ने जन्मे शावक*

अनूपपुर जिले के कोतमा क्षेत्र के आमाडांड गांव में विगत दिनों एक मादा भालू ने एक खंडहर घर के अंदर दो शावकों को जन्म दिया, जिसकी सूचना ग्रामीणों द्वारा वन विभाग को दिए जाने पर वन विभाग द्वारा निगरानी की जा रही है।

इस संबंध में परिक्षेत्र सहायक मलगा राजमणि सिंह ने बताया कि वन परिक्षेत्र कोतमा अंतर्गत आमाडांड गांव में स्थित ग्राम पंचायत भवन के पास एक खंडहर घर जिसमे कई कमरा के घर के अंदर विगत दिनों एक मादा भालू ने दो शावकों को जन्म दिया, ग्रामीण जनों द्वारा मादा भालू को खंडहर घर के अंदर जाते देखा तथा कौतूहल वश अंदर जा कर देखने पर भालू के बच्चों की आवाज सुनाई दिए जाने पर वन विभाग को सूचना दी गई, बीट प्रभारी मलगा दादूराम कुशवाहा वन विभाग की कर्मचारियों एवं सुरक्षाश्रमिकों के साथ स्थल का निरीक्षण कर भालू के द्वारा दिए गए जन्म के स्थल को सुरक्षित किया गया तथा निरंतर निगरानी की जा रही, इस बीच 21 जनवरी की दोपहर पंचायत भवन आमाडांड के समीप एक भालू द्वारा आमाडांड निवासी 40 वर्षीय मुकेश पिता मोहन केवट पर हमला कर घायल किए जाने पर पीड़ित को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा ले जाकर उपचार कराया मादा भालू के खंडहर घर में बच्चों को जन्म देने से ग्रामीणों में कौतूहल का विषय बना हुआ है।

नाबालिग चाचा ने 6 साल की मासूम भतीजी से किया दुष्कर्म, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार


शहडोल

जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक नाबालिग सगे चाचा ने अपनी ही 6 साल की मासूम भतीजी के साथ दुष्कर्म जैसी घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर किशोर न्यायालय में पेश किया है।

जानकारी के अनुसार, कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत रहने वाली एक महिला, जो घरों में साफ-सफाई (होम मेड) का काम करती है, रोज की तरह अपने काम पर गई हुई थी। घर पर उसकी 6 वर्षीय मासूम बेटी अकेली थी। इसी सूनेपन का फायदा उठाते हुए बच्ची के नाबालिग सगे चाचा की नीयत डोल गई, उसने रिश्तों की मर्यादा को ताक पर रखकर मासूम के साथ दरिंदगी की। जब पीड़िता की मां काम खत्म कर घर वापस लौटी तो अपनी बेटी की हालत देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई।

बच्ची की शारीरिक स्थिति और आपबीती सुनकर मां सन्न रह गई, उसने बिना देर किए साहस दिखाया और सीधे कोतवाली थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। ​मामले की गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई शुरू की। आरोपी चाचा के खिलाफ संबंधित धाराओं और पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) के तहत मामला दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया। आरोपी नाबालिग है, इसलिए पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने के बाद आवश्यक औपचारिकताओं के साथ किशोर न्यायालय में पेश किया है।

वहीं इस मामले में शहडोल एएसपी अभिषेक दिवान ने जानकारी देते हुए बताया कि एक महिला ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई है। जिसमें बताया कि उसकी गैर मौजूदगी में 6 साल की बेटी के साथ उसके देवर ने दुष्कर्म किया। शिकायत के बाद मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया और किशोर न्यायालय में पेश किया गया है। फिलहाल आगे की कार्रवाई की जा रही है।

बैल को बचाने के चक्कर मे सरिया से लदा ट्रैक्टर ट्रॉली पलटी, तीन मासूम बहनो की हुई मौत


अनूपपुर

जिले की पवित्र नगरी अमरकंटक थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली सड़क दुर्घटना सामने आई है। जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। दरअसल, अमरकंटक से करीब 35 किलोमीटर दूर ग्राम खजुरवार में सीमेंट और सरिया से लदा एक ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। जिससे ट्रैक्टर पर सवार तीन नाबालिग बच्चियों की दर्दनाक मौत हो गई। यह हादसा उस वक्त हुआ जब चालक ने अचानक सामने आए एक पालतू बैल को बचाने की कोशिश की।

जानकारी के मुताबिक, निर्माण सामग्री लेकर ट्रैक्टर खजुरवार से लालपुर की ओर जा रहा था। ट्रैक्टर के इंजन पर रुक्मणी बाई महोबे अपनी तीन नाबालिग बेटियों के साथ बैठी थीं। ट्रैक्टर को उनके पति दिनेश कुमार महोबे का बड़ा भाई चला रहा था। इस दौरान रास्ते में एक बैल अचानक सामने आया, चालक ने उसे बचाने के लिए ट्रैक्टर मोड़ा, जिससे वाहन का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क किनारे पलट गया।

इस हादसे में रुक्मणी बाई महोबे की तीनों बेटियां काव्या महोबे (6), अमानिका महोबे (3) और आंशिका महोबे (तीन माह) गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन और ग्रामीण घायलों को तत्काल दमेहडी अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन दुर्भाग्यवश रास्ते में ही तीनों मासूमों ने दम तोड़ दिया। घटना में मां रुक्मणी बाई महोबे को भी चोटें आई हैं, जिनका इलाज जारी है।

सूचना मिलते ही अमरकंटक पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शवों का पंचनामा किया। पोस्टमार्टम के बाद शवों को परिजनों को सौंप दिया है। अमरकंटक पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है। इस पूरे मामले में पुष्पराजगढ़ एसडीओपी नवीन तिवारी ने बताया कि घटना की जानकारी लगते ही मौके पर पहुंचकर पंचनामा किया गया। शवों का पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं इस हादसे के बाद गांव में मातम छा गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस आरक्षक ने सर्विस रायफल से खुद को गोली मारकर की आत्महत्या, मौके से टूटा मोबाइल बरामद


शहडोल

पुलिस लाइन से दिल दहलाने वाली घटना सामने आई है, जहां नाइट ड्यूटी पर तैनात पुलिस आरक्षक ने अपनी सर्विस रायफल से खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस लाइन के रक्षित केंद्र के आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

जानकारी के अनुसार, आरक्षक शिशिर सिंह राजपूत ड्यूटी के दौरान कुर्सी पर बैठे हुए थे, इसी दौरान उन्होंने 7.62 एमएम सर्विस रायफल से अपने सिर में गोली मार ली। गोली सिर के आर-पार हो गई, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे। घटनास्थल का निरीक्षण के दौरान मौके से आरक्षक का टूटा हुआ मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। प्रारंभिक तौर पर यह आशंका जताई जा रही है कि आत्मघाती कदम उठाने से पहले आरक्षक किसी से मोबाइल पर बात कर रहा था और किसी बात को लेकर वे अत्यधिक आवेश में आ गए, इसी दौरान उन्होंने मोबाइल तोड़ दिया और फिर खुद को गोली मार ली।

पुलिस मामले की हर एंगल से जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। साथ ही आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है। मृतक के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। इस घटना ने पुलिस महकमे में कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर ड्यूटी के दौरान मानसिक दबाव और तनाव को लेकर। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी। एसपी रामजी श्रीवास्तव ने कहा मामले की पड़ताल की जा रही है।

सौंफ धोने से पानी हरा, तिल धोए तो पानी काला, बाजार में जमकर मिलावट खोरी, स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़


अनूपपुर 

जिले के बिजुरी कस्बे में किराना दुकानों से खरीदे गए रोजमर्रा के खाने-पीने के सामान की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। दो अलग-अलग किराना दुकानों से खरीदी गई मोटी सौंफ और काले तिल में कृत्रिम रंग मिलाए जाने का मामला सामने आया है। ग्राहक ने जब उपयोग से पहले अपने घर पर सामान्य तरीके से सामान धोकर देखा तो सौंफ से पानी में हरा रंग घुलता दिखा, वहीं काले तिल के मामले में भी पानी का रंग असामान्य रूप से बदल गया। जांच के दौरान कंकड़-पत्थर और अन्य अशुद्धियां भी अलग हुईं।

ग्राहक के मुताबिक मोटी सौंफ को पानी में भिगोया गया तो कुछ ही देर में पानी का रंग बदलकर हरा हो गया। अलग-अलग बर्तनों में अलग-अलग स्तर का रंग निकलना यह संकेत देता है कि सौंफ में रंग या चमक बढ़ाने वाला पदार्थ मिलाया गया है। वहीं काले तिल को धोने पर भी पानी में काला रंग दिखाई देने लगा। इसके बाद सामग्री को छानकर देखा गया तो उसमें छोटे कंकड़-पत्थर भी मिले।

स्थानीय लोगों का कहना है कि ऐसी मिलावट सिर्फ स्वाद या वजन बढ़ाने के लिए नहीं बल्कि सीधे-सीधे स्वास्थ्य से खिलवाड़ है। सबसे अधिक खतरा बच्चों और बुजुर्गों को होता है, जिनकी रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। दुकानदारों से शिकायत करने पर वे अपनी गलती मानने को तैयार नहीं होते। ग्राहक ने बताया कि जब उन्होंने दुकानदार को रंग निकलने और अशुद्धियां मिलने की बात बताई तो दुकानदारों ने साफ मना कर दिया और उल्टा बहाना बना दिया कि “ऐसा तो होता रहता है” और “माल सही है”। ग्राहक को बिल भी नही देते।

इस घटना के बाद खाद्य एवं औषधि प्रशासन की निगरानी पर भी सवाल उठ रहे हैं। लोगों का कहना है कि बाजार में खुले में बिकने वाले सामान की नियमित जांच और सैंपलिंग न होने से मिलावटखोर बेखौफ हो गए हैं। मांग की जा रही है कि खाद्य विभाग बिजुरी बाजार में किराना और मसाले की दुकानों से सैंपल लेकर जांच कराए, रिपोर्ट सार्वजनिक करे और दोषी पाए जाने पर कार्रवाई हो।

IGNTU अमरकंटक में PESA योजना के अंतर्गत कांट्रैक्चुअल भर्ती पर गंभीर सवाल, पारदर्शिता पर उठे प्रश्न

*सूची और सूचनाओं को गोपनीय रखने का आरोप, इंटरव्यू प्रक्रिया पर भी सवाल*


अनूपपुर/भोपाल

पंचायती राज मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा जुलाई 2025 में मध्यप्रदेश सरकार और इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU), अमरकंटक के सहयोग से भोपाल में पंचायत (अनुसूचित क्षेत्रों तक विस्तार) अधिनियम, 1996 (PESA) से संबंधित उत्कृष्टता केंद्र (Centre of Excellence) स्थापित करने हेतु समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस पहल को जनजातीय क्षेत्रों में स्थानीय स्वशासन को सुदृढ़ करने और PESA अधिनियम के प्रभावी क्रियान्वयन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया गया था।

हालांकि, इस महत्वाकांक्षी योजना के अंतर्गत IGNTU अमरकंटक में की जा रही कांट्रैक्चुअल रिक्रूटमेंट प्रक्रिया को लेकर अब गंभीर सवाल और संदेह सामने आ रहे हैं। विश्वविद्यालय में प्रभारी कुलपति प्रो. सौभाग्य रंजन पाढ़ी सहित प्रो. भूमि नाथ त्रिपाठी, प्रो. गौरीशंकर महापात्रा, तरुण ठाकुर और जयंत बेहरा की भूमिका को लेकर प्रक्रिया की पारदर्शिता, निष्पक्षता और वैधानिकता पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

*समर्थ पोर्टल को दरकिनार करने पर सवाल*

दिनांक 02 दिसंबर 2025 को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर PESA योजना के अंतर्गत कांट्रैक्चुअल भर्ती का विज्ञापन प्रकाशित किया गया। हैरानी की बात यह है कि इस भर्ती के लिए विश्वविद्यालय के आधिकारिक समर्थ (Samarth) पोर्टल का उपयोग नहीं किया गया, जबकि IGNTU में अधिकांश भर्तियाँ इसी केंद्रीकृत पोर्टल के माध्यम से की जाती रही हैं। इसके बजाय आवेदन किसी अन्य माध्यम से आमंत्रित किए गए, जिससे प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

*पर्सनल ई-मेल के उपयोग पर संदेह*

भर्ती प्रक्रिया से जुड़ी सूचनाओं और संचार के लिए व्यक्तिगत (Personal) ई-मेल ID जैसे saubhagyaranjan3211@gmail.com के उपयोग की बात सामने आई है। जबकि PESA योजना से जुड़े पदाधिकारियों के विश्वविद्यालय डोमेन वाले आधिकारिक ई-मेल ID (जैसे srpadhi@igntu.ac.in) सार्वजनिक रूप से उपयोग में नहीं लाए गए। किसी केंद्रीय विश्वविद्यालय की भर्ती प्रक्रिया में पर्सनल ई-मेल का प्रयोग UGC/केंद्रीय विश्वविद्यालयों के स्थापित प्रशासनिक मानकों के विपरीत माना जाता है। उल्लेखनीय है कि पूर्व में भी IGNTU में इसी प्रकार पर्सनल ई-मेल के उपयोग के माध्यम से पीएचडी प्रवेश परीक्षाओं में अनियमितताओं के आरोप लग चुके हैं।

*सूची और सूचनाओं को गोपनीय रखने का आरोप*

आवेदन प्रक्रिया पूर्ण होने और स्क्रूटनी के बाद भी Eligible और Non-Eligible उम्मीदवारों की प्रमाणित सूची विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर प्रकाशित नहीं की गई। इतना ही नहीं, Short-listed Candidates को सूचना केवल व्यक्तिगत ई-मेल के माध्यम से दी गई, जबकि न तो वेबसाइट पर और न ही किसी सार्वजनिक माध्यम से कोई सूचना जारी की गई।

इंटरव्यू की तिथि, स्थान और प्रक्रिया से संबंधित विवरण भी सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध नहीं कराए गए हैं। बताया जा रहा है कि 24 जनवरी 2026 को इंटरव्यू प्रस्तावित है, लेकिन अब तक इसकी कोई आधिकारिक सार्वजनिक सूचना जारी नहीं की गई है।

*इंटरव्यू प्रक्रिया पर भी सवाल*

सूत्रों के अनुसार प्रो. गौरीशंकर महापात्रा और जयंत बेहरा द्वारा कुछ उम्मीदवारों को व्यक्तिगत रूप से इंटरव्यू के लिए योग्य बताए जाने की जानकारी दी गई। वहीं यह भी आरोप हैं कि प्रो. भूमि नाथ त्रिपाठी और प्रो. महापात्रा मिलकर इंटरव्यू कमेटी का गठन इंटरव्यू की तिथि निर्धारणउम्मीदवारों के चयन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय ले रहे हैं, जबकि इन निर्णयों से संबंधित कोई औपचारिक दस्तावेज़ या अधिसूचना सार्वजनिक नहीं की गई है।

*अध्यक्ष पद को लेकर भी असमंजस*

जब विज्ञापन जारी किया गया था, उस समय PESA योजना के अध्यक्ष के रूप में प्रो. भूमि नाथ त्रिपाठी का नाम सामने आता है, जबकि वर्तमान में अध्यक्ष पद को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं की गई है। यह प्रशासनिक अस्पष्टता अपने आप में गंभीर प्रश्न खड़े करती है।

*कम आवेदन अवधि और मीडिया में विज्ञापन का अभाव*

आमतौर पर किसी भी भर्ती प्रक्रिया में कम से कम 30 दिनों की आवेदन अवधि निर्धारित की जाती है, लेकिन यहां केवल 16 दिनों में आवेदन प्रक्रिया बंद कर दी गई। इसके अतिरिक्त, न तो इस भर्ती का विज्ञापन किसी प्रमुख समाचार पत्र, न्यूज़ चैनल या Employment News में दिया गया, जो कि एक केंद्रीय विश्वविद्यालय की सामान्य और आवश्यक प्रक्रिया मानी जाती है।

*निष्पक्ष जांच की मांग*

इन सभी तथ्यों के आधार पर विश्वविद्यालय में यह धारणा मजबूत हो रही है कि भर्ती प्रक्रिया में गंभीर विसंगतियां और संभावित लूपहोल मौजूद हैं। आरोप यह भी हैं कि कुछ पदाधिकारी अपने करीबी या पसंदीदा उम्मीदवारों को लाभ पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं।

विश्वविद्यालय में पूर्व में भी घूसखोरी, भ्रष्टाचार और आर्थिक अनियमितताओं के आरोप सामने आते रहे हैं। दस्तावेजों के अनुसार प्रो. भूमि नाथ त्रिपाठी पर पहले भी वित्तीय अनियमितताओं से जुड़े आरोप लग चुके हैं, जिससे यह मामला और गंभीर हो जाता है।

उपरोक्त परिस्थितियां PESA योजना जैसी संवेदनशील और जनजातीय हितों से जुड़ी परियोजना की विश्वसनीयता को आघात पहुंचाती हैं। विशेषज्ञों और विश्वविद्यालय समुदाय की ओर से मांग उठ रही है कि इस पूरी भर्ती प्रक्रिया की स्वतंत्र, निष्पक्ष और उच्चस्तरीय केंद्रीय जांच कराई जाए। साथ ही जांच अवधि के दौरान संबंधित पदाधिकारियों को शैक्षणिक एवं प्रशासनिक दायित्वों से पृथक रखा जाए तथा सभी दस्तावेज़, निर्णय और चयन प्रक्रियाएं सार्वजनिक की जाएं, ताकि पारदर्शिता और कानून के शासन में विश्वास बहाल हो सके।

पत्नी के मारपीट की शिकायत के बाद पति ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल 

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र से एक दर्दनाक मामला सामने आया है, जहां घरेलू विवाद और कथित मानसिक प्रताड़ना से परेशान एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस जांच में सामने आया है कि घटना के कुछ घंटे पहले ही पत्नी ने पति के खिलाफ थाने में मारपीट की शिकायत दर्ज कराई थी।

जैतपुर नगर में रहने वाले रामनारायण कहार (34) ने 12 जनवरी को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। पुलिस के अनुसार, आत्महत्या से कुछ घंटे पहले रामनारायण की पत्नी लक्ष्मी कहार ने पति पर मारपीट का आरोप लगाते हुए जैतपुर थाने में शिकायत दर्ज करवाई थी। जब रामनारायण को यह जानकारी मिली कि उसकी पत्नी ने उसके खिलाफ पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई है, तो वह मानसिक रूप से बेहद परेशान हो गया। इसी मानसिक दबाव और तनाव के चलते उसने घर में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। बताया जा रहा है कि जब पत्नी ने पति को फांसी के फंदे पर लटका देखा, तो वह तुरंत थाने पहुंची और घटना की सूचना पुलिस को दी। इसके बाद वह अपने मायके चली गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतारा और पंचनामा कार्रवाई के बाद मर्ग कायम कर जांच शुरू की।

विवेचना के दौरान मृतक के परिजनों और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए गए। परिजनों ने पुलिस को बताया कि लक्ष्मी कहार आए दिन रामनारायण के साथ गाली-गलौज करती थी और कई बार मारपीट भी करती थी। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के एक दिन पहले भी पत्नी ने विवाद की शुरुआत की थी और मारपीट के बाद उल्टा थाने जाकर पति के खिलाफ शिकायत दर्ज करवा दी थी। रामनारायण का विवाह धनपुरी की रहने वाली लक्ष्मी के साथ 2017 में हुआ था, शादी के कुछ समय बाद ही दोनों परिवार से अलग रहने लगे थे। अलग रहने के दौरान पति पत्नि का विवाद रोज होता था। 

प्रलेस के दिवंगत स्तम्भों को दी गई श्रद्धांजलि, दूषित पेयजल आपूर्ति के बारे में होगी महत्वपूर्ण बैठक 


अनूपपुर

प्रलेस की जनवरी माह की बैठक सी पी आई कार्यालय में संपन्न हुई। इस बैठक में प्रलेस के हाल ही में दिवंगत साहित्यकारों- ज्ञानरंजन,अवधेश प्रीत, विनोद शुक्ल, वीरेंद्र यादव,राजेंद्र कुमार, नासिर अहमद सिकंदर को श्रद्धांजलि अर्पित की गई और इसी क्रम में प्रलेस अनूपपुर की उपाध्यक्ष सुधा शर्मा के सुपुत्र विष्णुशरण पाण्डेय जिनका दुर्घटना में निधन हो गया था, उन्हें भी श्रद्धांजलि अर्पित की गई और सभी की आत्मा की शान्ति के लिए दो मिनट मौन रह कर प्रार्थना की गई।

प्रलेस अनूपपुर के अध्यक्ष गिरीश पटेल ने जानकारी देते हुए बताया कि अनूपपुर नगरपालिका के द्वारा जिस पेयजल की आपूर्ति की जा रही है उसमें दूषित जल आकर मिलता है। अभी हाल ही में इंदौर और गांधीनगर में तमाम लोग दूषित पेयजल के उपयोग के कारण अकाल ही कालकलवित हो गए हैं। कुछ दिन पूर्व ही अनूपपुर नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष जीवेंद्र सिंह ने पेयजल आपूर्ति की पूरी प्रणाली का गंभीरता पूर्वक निरीक्षण किया और पाया कि यह बहुत गंभीर मामला है, यदि समय पर न चेता गया तो इसके गंभीर परिणाम आ सकते हैं। इस समस्या से निपटने के लिए दिनांक 25 जनवरी को सायं 4 बजे एक वृहत बैठक सी पी आई कार्यालय में आयोजित की गई है जिसमें नगर के प्रबुद्ध और चिंतक नागरिकों से अपील की गई है कि इसमें शिरकत करके इसके समाधान हेतु सहभागी बनें।

अनूपपुर नगरपालिका द्वारा संचालित पुस्तकालय व वाचनालय वर्षों से बंद पड़ा हुआ है। इसके लिए नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका अध्यक्ष, कलेक्टर और कमिश्नर सभी से मिलकर आवेदन किया गया पर सिवा आश्वासनों के और कुछ भी नहीं मिला और न ही पुस्तकालय प्रारंभ हुआ, जबकि जैतहरी में नई ई लाइब्रेरी का शुभारंभ हुआ है तथा शहडोल में भी इस हेतु लाखों रूपए आबंटित किये गये हैं पर अनूपपुर में चालू लायब्रेरी बंद कर दी गई है। इस विषय पर भी चर्चा होनी है।अस्तु इस हेतु बैठक में उपस्थित होने के लिए अपील की गई है।

जंगल के जुआं फड़ में पुलिस ने मारा छापा, 3 लाख नगद, 11 बाइक जप्त, 13 आरोपी गिरफ्तार


उमरिया

जिले के कन्नाबहरा के घने जंगलों में बीते कई दिनों से संचालित हो रहे बड़े जुआ साम्राज्य का भंडाफोड़ करते हुए पुलिस ने 13 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और लाखों की नगदी व वाहन जब्त किए हैं। यह वही गिरोह है जो अनूपपुर और शहडोल में कई बार पुलिस की पकड़ से बचता रहा था, लेकिन उमरिया पुलिस की रणनीति और ताबड़तोड़ दबिश से आखिरकार पूरा नेटवर्क ध्वस्त हो गया।

थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा और घुनघुटी चौकी में पदस्थ उप निरीक्षक शैलेंद्र चतुर्वेदी ने अपनी टीम के साथ कन्नाबहरा के जंगल में गुप्त सूचना के आधार पर घेराबंदी की। जंगल के बीचों-बीच रात के अंधेरे में चल रहा यह जुआ फड़ पूरी तरह सक्रिय था और विभिन्न जिलों से पहुंचे जुआरी बिना किसी भय के बड़ी रकम के लेन-देन में जुटे हुए थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचते ही चारों तरफ से घेराबंदी कर 13 लोगों को दबोच लिया, जबकि कुछ आरोपी घने जंगल का फायदा उठाकर भागने में सफल रहे। उनकी तलाश के लिए भी पुलिस की अलग-अलग टीमें तैनात की गई हैं।

पुलिस को छापेमारी के दौरान 3 लाख 2 हजार रुपये नगद, 52 पट्टी और 11 मोटरसाइकिलें को जप्त किया है, हर दिन यहां लाखों का खेल चलता था। पकड़े गए आरोपियों में मनोज गोले पिता श्रीराम गोले, निवासी घरौला मोहल्ला शहडोल, अंशुल मिश्रा, पिता संजय मिश्रा, निवासी शिवम कॉलोनी शहडोल, धीरज जायसवाल, पिता विनोद जायसवाल, निवासी जमुई शहडोल, अवधेश कुमार, पिता बेचू चौधरी, निवासी अमराडंडी, अमलाई, उदय शर्मा, पिता श्यामसुंदर शर्मा, निवासी विचारपुर शहडोल, गिरीश सोनी, पिता पन्ना सोनी, निवासी केशवाही, लल्ला सोनी, पिता स्व. कटेलाल, निवासी केशवाही, शिवम विश्वकर्मा, पिता शिवनाथ, निवासी विचारपुर शहडोल, करुणेश पांडे, पिता मिथिलेश पांडे व भागे व्यक्तियों की जानकारी पुलिस ने दर्ज कर ली है।

युवक का खेत मे मिला शव, शरीर पर जलने के निशान, हत्या की आशंका, कुए में उतराता हुआ मिला शव


शहडोल

शहडोल। जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र अंतर्गत कलहारी गांव में बुधवार सुबह एक युवक की लाश खेत में मिलने से क्षेत्र में हड़कंप मच गया। युवक के पैर में जलने के निशान मिलने के बाद परिजनों ने इसे हत्या का मामला बताते हुए जांच की मांग की है।

मृतक की पहचान अजय कुशवाहा पिता छोटे लाल कुशवाहा (उम्र 23 वर्ष) निवासी कलहारी के रूप में हुई है। अजय पेशे से पिकअप वाहन चालक था। पुलिस के अनुसार शव जिस स्थान पर मिला है, वहां से अजय का घर लगभग दो किलोमीटर दूर स्थित है। घटनास्थल से कुछ दूरी पर उसकी बाइक भी बरामद हुई है, जिससे मामला और संदिग्ध प्रतीत हो रहा है।

परिजनों के मुताबिक अजय मंगलवार शाम को बाइक से घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। बुधवार सुबह खेत में शव मिलने की सूचना मिलने पर परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। शव के पैर और कपड़ों में जलने के निशान पाए गए हैं, जिससे परिजनों ने हत्या कर शव खेत में फेंके जाने की आशंका जताई है।

घटनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौजूद हैं। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि प्रारंभिक जांच में शव पर जलने के निशान मिले हैं, लेकिन मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। ब्यौहारी थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

कुए में उतराता हुआ मिला शव


शहडोल

जिले के थाना बुढार चौकी केसवाही क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पकरिया में दोपहर कुएं मे तैरता हुआ शव मिला है। हत्या की आशंका जताई जा रही है, शव मिलने से गांव के लोगों में भारी आक्रोश है। मृतक 14 जनवरी से लापता था, जिसको परिजनों के द्वारा बहुत खोजबीन करने के बाद चौकी केसवाही में सूचना दी थी। सूचना मिलते ही केसवाही चौकी एवं बुढार थाना प्रभारी अपने दल बल के साथ घटनास्थल पहुंचकर लोगों को समझाइए देते हुए, आरोपियों को जल्द से जल्द पड़कर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करने की बात कही है।

नसबंदी ऑपरेशन हुआ फेल, महिला हुई गर्भवती, मुआवजे की मांग, दिव्यांग ने खेती करने की दी चेतावनी


अनूपपुर 

जनसुनवाई के दौरान दो ऐसे मामले प्रशासन का ध्यान खींचा, नसबंदी ऑपरेशन फेल होने से परेशान महिला न्याय की गुहार लगाने पहुंची, वहीं दूसरी ओर एक दिव्यांग किसान वर्षों से लंबित मुआवजे की मांग करता नजर आया।

कोतमा तहसील के थानगांव की रहने वाली 27 वर्षीय चांदनी केवट ने स्वास्थ्य विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया। चांदनी ने बताया कि उनके पहले से दो बच्चे हैं, इसलिए उन्होंने वर्ष 2022 में कोतमा स्वास्थ्य केंद्र में एलटीटी नसबंदी ऑपरेशन कराया था। ऑपरेशन के बाद विभाग द्वारा उन्हें सफल नसबंदी का प्रमाण पत्र भी दिया गया, लेकिन तीन साल बाद वह फिर से गर्भवती हो गईं।

चांदनी केवट ने बताया कि तीन महीने की गर्भवती होने की पुष्टि के बाद से पूरा परिवार मानसिक और आर्थिक तनाव में है। उन्होंने इसे पूरी तरह डॉक्टरों की विफलता बताया और शासन से मुआवजे की मांग की। इस पर कलेक्टर हर्षल पंचोली ने मामले को गंभीर मानते हुए सीएमएचओ (CMHO) को तत्काल उचित सलाह और नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिए।

इसी जनसुनवाई में ग्राम रक्सा के दिव्यांग किसान रामदीन राठौर भी अपनी शिकायत लेकर पहुंचे। उन्होंने बताया कि न्यूजोन कंपनी ने पावर प्लांट लगाने के लिए उनकी करीब 7 एकड़ जमीन अधिग्रहित की थी, लेकिन काफी समय बीत जाने के बावजूद उन्हें अब तक मुआवजे की राशि नहीं मिली है।

रामदीन राठौर ने कहा कि वे कई बार प्रशासन और कंपनी के अधिकारियों से गुहार लगा चुके हैं और पहले ही 7 दिन का अल्टीमेटम दे चुके हैं। किसान ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही मुआवजे की राशि उनके खाते में नहीं डाली गई, तो वे अधिग्रहित जमीन पर दोबारा खेती शुरू कर देंगे। कलेक्टर ने इस मामले में भी जांच के निर्देश दिए हैं।

दसवीं पास युवक दे रहा 12वीं के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण, कृषि विज्ञान प्रदर्शनी पर उठे सवाल

*छात्रों का भविष्य संकट में, निष्पक्ष जांच कराने की उठी मांग*


अनूपपुर

कोतमा नगर के शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोतमा एवं शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोतमा में आयोजित की जा रही तथाकथित कृषि विज्ञान प्रदर्शनी को लेकर एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने पूरे आयोजन की पारदर्शिता और गुणवत्ता पर प्रश्नचिह्न लगा दिया है।

जानकारी के अनुसार रोहित कुमार नामक व्यक्ति ने स्वयं लिखित रूप से यह स्वीकार किया है कि वह केवल 10वीं पास है, इसके बावजूद वही व्यक्ति 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को प्रशिक्षण देने का दावा कर रहा है। इस तथ्य के सामने आने के बाद शिक्षा व्यवस्था और छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर चिंताएं उत्पन्न हो गई हैं

स्थानीय लोगों का कहना है कि जो व्यक्ति स्वयं 10वीं पास है, वह 12वीं स्तर के विद्यार्थियों को किस प्रकार और किस स्तर का प्रशिक्षण दे सकता है, यह अपने आप में बड़ा सवाल है। ऐसे में यह आशंका भी जताई जा रही है कि पूरी कृषि विज्ञान प्रदर्शनी केवल कागज़ी औपचारिकताओं और फोटो तक सीमित खानापूर्ति बनकर न रह जाए

यह मामला सामान्य नहीं है, बल्कि सीधे-सीधे शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों के भविष्य और शासन की योजनाओं की विश्वसनीयता से जुड़ा हुआ है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि ऐसे व्यक्ति को प्रशिक्षण देने की अनुमति किस आधार पर दी गई और क्या उसकी शैक्षणिक योग्यता की कोई जांच की गई थी

इस पूरे प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोतमा की प्राचार्य निर्मला दुबे एवं शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोतमा के प्राचार्य आर.के. मिश्रा से निवेदन किया गया है कि वे इस मामले का तत्काल संज्ञान लें और आवश्यक जांच कराकर स्थिति स्पष्ट करें।

स्थानीय नागरिकों एवं अभिभावकों ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कहीं लापरवाही पाई जाती है तो दोषियों पर सख़्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में शिक्षा के नाम पर इस तरह का दिखावा दोबारा न हो सवाल छात्रों के भविष्य का है, इसलिए सच्चाई का सामने आना बेहद ज़रूरी है।

वर्दीधारी एएसआई ने नशे में स्काउट छात्र को पीटा, आवेदन पर प्राचार्य द्वारा थाना प्रभारी को लिखा पत्र


अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर की धरती से ऐसा शर्मनाक मामला सामने आया है, जिसने पूरे पुलिस सिस्टम के माथे पर सवालिया निशान लगा दिया है। शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय की वही ग्राउंड जहाँ बच्चे देशभक्ति, अनुशासन और सेवा का पाठ सीखते हैं वहीं एक शराबी वर्दीधारी पुलिसकर्मी ने वर्दी के नशे, गाली और तमाचे से कलंकित कर दिया।कक्षा दसवीं के छात्र सागर यादव का कसूर सिर्फ इतना था कि वह स्काउट की ट्रेनिंग ले रहा था। आरोप है कि सहायक उप-निरीक्षक (ASI) परसादीलाल, शराब के नशे में, मुंह में गुटखा दबाए, शर्ट के बटन खुले हुए, ग्राउंड पर पहुंचा और नाबालिग छात्र का हाथ पकड़कर खींचा, फिर गले पर जोरदार तमाचा जड़ दिया।इतना ही नहीं—वर्दी की आड़ में घटिया भाषा का इस्तेमाल करते हुए कहा गया—“हमारी उम्र में होते तो .... मार कर परेड कराते थे।”यह कोई बयान नहीं—यह एक विकृत मानसिकता का खुला कबूलनामा है।

घटना के समय पूरी स्काउट टीम और कमांडर मौके पर मौजूद थे। यानी यह हमला किसी कोने में नहीं, खुले मैदान में सबके सामने हुआ। यह घटना बीते दिनांक 19 जनवरी 2026 के सायं लगभग 5:00 बजे की बताई जा रही है जहां पर शासकीय उत्कृष्ट उच्चतर माध्यमिक विद्यालय अनूपपुर के स्काउट छात्रों को 26 जनवरी की तैयारी को लेकर एक पुलिसकर्मी के द्वारा परेड कराई जा रही थी। मारपीट की घटना के पश्चात छात्र ने अपना लिखित आवेदन प्राचार्य को प्रस्तुत किया संबंधित विद्यालय के प्राचार्य ने मूलत: आवेदन को थाना प्रभारी अनूपपुर के नाम प्रेषित कर छात्र को रिसीविंग दी गई है। अब देखना है कि पुलिस प्रशासन निर्दोष नाबालिक छात्र को न्याय देते हुए क्या कार्रवाई करती है।

सवाल यह भी है अगर आज एक छात्र पिटा, तो कल किसकी बारी?वीडियो कैमरे के सामने सवाल और वर्दी का डर,घटना के बाद जब पूरे मामले की वीडियो रिकॉर्डिंग चालू कर संबंधित पुलिसकर्मी से सवाल किए गए, तो सच्चाई और भी ज्यादा चौंकाने वाली सामने आई।कैमरा चालू होते ही पुलिसकर्मी ने सबसे पहले अपना नेम बैच  निकालकर जेब में रख लिया।इसके बाद पत्रकार द्वारा सवाल किया गया “स्काउट सीख रहे बच्चों को मारना क्या सही था?”इस पर पुलिसकर्मी ने जवाब दिया “मैंने ना मारा है, ना कुछ किया है।”जब अगला सीधा सवाल किया गया “नाबालिग बच्चों पर हाथ उठाना क्या पुलिस की ड्यूटी है?”तो इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया गया। पुलिसकर्मी सीधे अपनी गाड़ी में बैठे और मौके से निकल लिए।

लाखों की चोरी से मचा हड़कंप, नागपुर गए परिवार की गैरमौजूदगी में चोरों ने दिया वारदात को अंजाम


अनूपपुर

जिले के भालूमाड़ा थाना अंतर्गत बदरा निवासी शिवांश राजपूत के घर बीती रात करीब 2 बजे अज्ञात चोरों ने बड़ी चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरों ने घर में घुसकर सभी कमरों के ताले तोड़ दिए और बड़ी मात्रा में नकदी, सोना-चांदी के जेवरात सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेजों पर हाथ साफ कर दिया।

बताया जा रहा है कि शिवांश राजपूत अपने परिजन को इलाज के लिए नागपुर लेकर गए हुए थे। इसी दौरान सूने घर को निशाना बनाकर चोरों ने पूरी योजना के साथ वारदात को अंजाम दिया। चोरी की यह घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हुई है, जिसकी फुटेज भी सामने आई है। फुटेज के आधार पर पुलिस जांच में जुट गई है।

पीड़ित परिवार द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस चोरी में लगभग एक करोड़ रुपये के आसपास की संपत्ति के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। चोरी में नकद राशि (कैश), सोना-चांदी के आभूषणों के साथ-साथ कई अहम कागजात भी गायब बताए जा रहे हैं। फिलहाल परिवार घर से बाहर था और उन्हें चोरी की सूचना वीडियो कॉल के माध्यम से मिली। घर पहुंचने के बाद चोरी गए सामान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो पाएगी।

शिवांश राजपूत ने बताया कि वे लगातार पुलिस प्रशासन का सहयोग करते रहे हैं और समाज को जागरूक करने का कार्य भी करते हैं। इसके बावजूद उनके साथ इस तरह की घटना होना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि इस बड़ी चोरी का जल्द से जल्द खुलासा किया जाए और दोषियों को गिरफ्तार कर सख्त कार्रवाई की जाए।

नप अध्यक्ष उमंग के खिलाफ, दो पार्षदों ने कुर्सी छोड़ जमीन में बैठ जताया विरोध


अनूपपुर

ऐसा लग रहा है कि नप अध्यक्ष के खिलाफ धीरे-धीर्रे लोग मोर्चा खोलते नजर आ रहे, जिससे नगर परिषद के अध्यक्ष की छवि लगातार धूमिल होती जा रही है। जब से ये अध्यक्ष बनकर बैठे हैं तब से हमेशा सुर्खियों बने रहते हैं। जिले के जैतहरी भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल गुप्ता के पुत्र नगर परिषद के अध्यक्ष उमंग गुप्ता की मनमानी, हिट्लरशाही रवैया, पार्षदों के अपमान व राठौर समाज के युवक देवसाय राठौर के साथ अध्यक्ष उमंग गुप्ता द्वारा मारपीट की गई थी जिसके बाद राठौर समाज व कुछ पार्षद इनके खिलाफ मोर्चा खोलकर थाना के सामने धरने पर बैठ गए थे, उसके बाद थाना में नप अध्यक्ष के खिलाफ मामला दर्ज हुआ था। उसी के विरोध में नगर परिषद की बैठक के दौरान वार्ड नं 13 के पार्षद राजकिशोर राठौर एवं वार्ड नं 14 की पार्षद भूरी बाई भैना ने कुर्सी छोड़ ज़मीन में में बैठ कर अपना विरोध दर्ज कराया है। यह पहला मौका नही है इसके पहले भी अध्यक्ष को पार्षदों के विरोध कई बार झेलना पड़ा है। अनिल गुप्ता व उनके पुत्र उमंग गुप्ता की राजनीतिक करियर दाव में लगता दिख रहा है।

बाणगंगा मेला में आस्था व संस्कृति के साथ खिलवाड़, भोजपुरी गानों से फूहड़ डांस, फैलाई अश्लीलता


शहडोल

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर शहडोल का ऐतिहासिक बाणगंगा मेला आस्था और संस्कृति का प्रतीक माना जाता है, लेकिन इस बार यही मेला फूहड़ता और अश्लीलता का मंच बन गया। सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर अश्लील बॉलीवुड और भोजपुरी गानों पर लगे ठुमकों ने न सिर्फ मर्यादा तोड़ी, बल्कि समाज की संवेदनशीलता पर भी सवाल खड़े कर दिए। 

मकर संक्रांति के पावन पर्व पर आयोजित होने वाला शहडोल का ऐतिहासिक बाणगंगा मेला इस बार धार्मिक और सांस्कृतिक गरिमा के बजाय फूहड़ता और अश्लीलता को लेकर विवादों में आ गया है। सात दिवसीय इस मेले का आयोजन नगर पालिका प्रशासन द्वारा सोहागपुर थाना क्षेत्र के बाणगंगा मैदान में किया गया था, जहां रात के समय सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर खुलेआम अश्लील और फूहड़ डांस कराया गया। कार्यक्रम के दौरान पैसा फेंक तमाशा देख, नाचेगी पिंकी फुल टू लेट और आज टूटेगा कांवरिया, कान की टूट जाए राजा जी बलम जैसे अश्लील भोजपुरी गानों पर महिला डांसरों द्वारा आपत्तिजनक ठुमके लगाए गए। मंच पर चल रहे इस फूहड़ प्रदर्शन को देखकर मेले में मौजूद कई वृद्धजनों और जागरूक नागरिकों ने कड़ी आपत्ति जताई। लोगों का कहना है कि जिस मेले की पहचान धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक परंपराओं से जुड़ी रही है, वहां इस तरह का प्रदर्शन समाज को गलत संदेश देता है।

सबसे चिंताजनक बात यह रही कि इस अश्लील डांस के दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे, जिनमें छोटी बच्चियां भी शामिल थीं। वहीं मंच पर कार्यक्रम के दौरान कुछ अधिकारी-कर्मचारी और स्थानीय नेता भी मौजूद रहे, लेकिन किसी ने भी कार्यक्रम को रोकने की जहमत नहीं उठाई। इससे प्रशासनिक जिम्मेदारी और नैतिकता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सांस्कृतिक कार्यक्रम के नाम पर इस तरह की अश्लीलता ने नगर पालिका प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान लगा दिए हैं।

नगर परिषद में तीन अध्यक्ष, अध्यक्ष का भतीजा निभा रहा ‘फ्री झूला’ का चुनावी वादा?

*150 के बाद 100 पास की मांग ने खोले राज, बरगवां-अमलाई मेला बना वसूली का अड्डा* 


अनूपपुर।

नगर परिषद बरगवां–अमलाई एक बार फिर गंभीर आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। मकर संक्रांति के अवसर पर आयोजित मेले में झूला संचालन को लेकर जो घटनाक्रम सामने आया है, उसने न केवल नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह भी सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या यह मेला अब रोजगार का माध्यम न रहकर अवैध वसूली का केंद्र बनता जा रहा है।

मेले में लगे झूले को लेकर झूला संचालक ने आरोप लगाया है कि नगर परिषद अध्यक्ष के भतीजे द्वारा उस पर लगातार मानसिक दबाव बनाया गया और 150 के बाद 100 पास अतिरिक्त देने की मांग की गई। सवाल यह उठता है कि यह अतिरिक्त पास आखिर क्यों मांगे जा रहे थे?क्या यह मतदाताओं को मुफ्त झूला झुलाने का कोई चुनावी वादा था, जिसकी भरपाई झूला संचालक से की जा रही थी?

झूला संचालक का दावा है कि उसके पास संचालन से जुड़े सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे और नगर परिषद की लिखित अनापत्ति के बाद ही झूला लगाया गया था। इसके बावजूद जब उसने अतिरिक्त वसूली देने से इनकार किया, तो कभी नियम-कानून का डर दिखाया गया, तो कभी अन्य तरीकों से परेशान किया गया। आरोप है कि दबाव बढ़ाने के लिए एक चूड़ी विक्रेता को ढाल बनाकर थाने में फर्जी प्रकरण दर्ज कराने की धमकी दी गई और सीधे ₹68,000 की मांग रख दी गई।

स्थानीय लोगों में यह चर्चा आम है कि यह शायद मध्य प्रदेश का इकलौता नगर परिषद है, जहां निर्णय लेने वाला केवल अध्यक्ष नहीं, बल्कि अध्यक्ष पति, अध्यक्ष भतीजा और स्वयं अध्यक्ष—तीनों माने जाते हैं। सवाल उठता है कि क्या जनता द्वारा चुना गया अध्यक्ष सिर्फ नाम का है और असली सत्ता परिवार के अन्य सदस्यों के हाथों में है?मामला यहीं नहीं रुका। बताया जा रहा है कि शहडोल संभाग से आया एक भिक्षुक, जो मेले में भीख मांगकर जीवन यापन करना चाहता था, उससे भी ₹500 की बैठकी वसूली गई। अब यह सवाल उठना लाज़मी है कि क्या बरगवां-अमलाई नगर परिषद अब भिखारियों से भी टैक्स वसूलने लगी है? मेले में कॉटन कैंडी बेचने वाले और खाने-पीने की छोटी टेबल दुकानों से भी ₹500 प्रति दुकान वसूले जाने के आरोप हैं। कई दुकानदारों का कहना है कि इतनी वसूली के बाद उनकी कुल बिक्री भी लागत नहीं निकाल पाई।

झूला संचालक का यह भी आरोप है कि जब उसने अवैध वसूली की शिकायत नगर परिषद के जिम्मेदार अधिकारियों से की, तो किसी ने कुछ नहीं कहा। उल्टा एक कथित गैर-जिम्मेदार व्यक्ति ने खुलेआम धमकी देते हुए कहा की अगर हिम्मत है तो अगले साल झूला लगाकर दिखाना, हमारे रहते यहां कोई काम नहीं कर सकता। मैं अध्यक्ष के परिवार का प्रतिष्ठित व्यक्ति हूं।

क्या नगर परिषद इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराएगी? क्या अवैध वसूली के आरोपों पर कार्रवाई होगी? या फिर हर साल की तरह यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा? बरगवां-अमलाई का मेला अब आस्था और उत्सव का नहीं, बल्कि अवैध वसूली और दबंगई का प्रतीक बनता जा रहा है। जनता और छोटे व्यापारियों की नजर अब प्रशासन और शासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।

तेज ट्रक ने स्कूटी को मारी टक्कर, युवक की घटनास्थल पर हुई मौत, ट्रक चालक गिरफ्तार



शहडोल

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत बंधा बाजार के पास रविवार शाम करीब 7 बजे एक भीषण सड़क हादसे में स्कूटी सवार युवक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। घटना से क्षेत्र में हड़कंप मच गया और मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान करन सिंह गोंड़ पिता सूर्यभान सिंह (उम्र 24) के रूप में हुई है। बताया गया कि करन सिंह रविवार शाम स्कूटी से बंधा बाजार से जयसिंहनगर की ओर जा रहा था। इसी दौरान सामने से तेज रफ्तार में आ रहे ट्रक ने स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से फरार हो गया। घटना को देख स्थानीय लोगों ने तुरंत जयसिंहनगर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई करते हुए आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस ने ट्रक का पीछा किया और कुछ ही दूरी पर ट्रक को पकड़ लिया। पुलिस ट्रक चालक को हिरासत में लेकर वाहन सहित थाने लेकर आई है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि ट्रक की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे यह हादसा हुआ।

पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। ट्रक चालक से पूछताछ की जा रही है वहीं युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में मातम पसर गया है। घटना के बाद से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है।

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