दबंग पब्लिक प्रवक्ता

बाणसागर डैम के पास सोन नदी पुल के ज्वाइंट में दिखा बड़ा क्रैक, हादसे का खतरा


शहडोल

देवलोंद क्षेत्र में बाणसागर डैम के पास सोन नदी पर बने पुल के बीच ज्वाइंट में बड़ा क्रैक और गड्ढा दिखाई देने का मामला सामने आया है। इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। इसके बावजूद पुल की स्थिति को लेकर जिम्मेदारों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि पुल के बीच बने गड्ढे से बचने के प्रयास में एक ट्रक अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग से टकरा गया। गनीमत रही कि ट्रक पुल से नीचे गिरने से बच गया। हालांकि, वायरल वीडियो कब का है और घटना वास्तव में कब हुई, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

यह पुल शहडोल-रीवा मुख्य मार्ग को जोड़ता है और सोन नदी पर बाणसागर परियोजना क्षेत्र में स्थित है। जून 2025 में भी इसी पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने और बीच में गड्ढा बनने के बाद प्रशासन ने आवागमन बंद कराया था।

ऐसे में पुल के ज्वाइंट में दोबारा दिखाई दे रहे क्रैक और गड्ढे को लेकर वाहन चालकों में चिंता बढ़ गई है। लोगों ने संबंधित विभाग से पुल का तत्काल निरीक्षण कराने और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने की मांग की है।

बस स्टैंड के पास नाले में मिला नवजात का शव, पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुटी


शहडोल

ब्यौहारी थाना क्षेत्र में बस स्टैंड और शासकीय कॉलेज के समीप स्थित नाले में एक नवजात शिशु का शव मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। नवजात का शव नाले में औंधे मुंह पड़ा था। राहगीरों की नजर शव पर पड़ी तो उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही ब्यौहारी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नाले से बाहर निकलवाकर अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ आसपास के क्षेत्र में नवजात को लेकर जानकारी जुटाने का प्रयास किया, लेकिन फिलहाल यह पता नहीं चल सका है कि नवजात को नाले में किसने फेंका।

घटना की जानकारी आसपास के लोगों और महिलाओं को लगी तो बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। नवजात का शव देखकर लोगों में आक्रोश और दुख का माहौल रहा।

स्थानीय लोगों का कहना था कि आखिर कौन मां या व्यक्ति इतनी निर्दयता कर सकता है कि जन्म के बाद नवजात को इस तरह नाले में छोड़ दे। पुलिस ने नवजात के शव को अस्पताल पहुंचाया, जहां पोस्टमार्टम की कार्रवाई की गई। इसके बाद शव को कफन-दफन कराया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नवजात का जन्म कहां हुआ था और उसे नाले तक कौन लेकर पहुंचा। आसपास के क्षेत्रों में भी पुलिस जानकारी जुटा रही है। पुलिस शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।  पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि घटना के पीछे कौन जिम्मेदार है।

अध्यक्ष सीएमओ ने मंदिर को भी नही छोड़ा, भगवान को थमाया टैक्स का नोटिस, लोगो मे नाराजगी

*टूटी सड़कें, अंधेरा रास्ता, पानी की किल्लत, बजबजाती नालियां बीच जनता से टैक्स वसूली पर आमादा*


अनूपपुर

टैक्स वसूली के अजीबोगरीब मामले तो आपने बहुत सुने होंगे, लेकिन मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले की नगर परिषद बरगवां-अमलाई का एक मामला इन दिनों लोगों को हैरान कर रहा है। आरोप है कि नगर की बदहाल व्यवस्थाओं को सुधारने के बजाय नगर परिषद अब सार्वजनिक मंदिरों को भी टैक्स का नोटिस जारी कर रही है। बताया जा रहा है कि दो सार्वजनिक मंदिरों के साथ हनुमान जी महाराज के मंदिर के नाम से भी टैक्स वसूली संबंधी नोटिस जारी किया गया है। इस कार्रवाई को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी देखी जा रही है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर परिषद क्षेत्र में सड़क, पानी, बिजली, प्रकाश और साफ-सफाई जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति पहले से ही खराब है। कई मोहल्लों में लोग बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हैं। विशेष रूप से बैगा जनजातीय समाज सहित अनेक परिवारों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद कई क्षेत्रों में नियमित और पर्याप्त पानी की व्यवस्था नहीं हो पा रही है।

नगर के कई मार्ग जर्जर और टूटी सड़कों की समस्या से जूझ रहे हैं। वहीं अनेक स्थानों पर पर्याप्त स्ट्रीट लाइट न होने के कारण शाम ढलते ही राहें अंधेरे में डूब जाती हैं। इससे आम नागरिकों, महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि सफाई और अन्य नागरिक सुविधाओं की स्थिति में भी अपेक्षित सुधार नहीं हो पाया है।

नगर परिषद की स्थापना को करीब चार वर्ष पूरे हो चुके हैं, लेकिन नागरिकों का आरोप है कि इस दौरान क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं के विकास की रफ्तार अपेक्षानुसार नहीं रही। ऐसे में सार्वजनिक मंदिरों को टैक्स नोटिस जारी किए जाने की कार्रवाई ने लोगों के बीच नया सवाल खड़ा कर दिया है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जब नगरवासियों को पर्याप्त पानी, बेहतर सड़क, रोशनी और अन्य बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं, तो नगर परिषद आखिर मंदिरों से किस सुविधा के बदले टैक्स वसूलना चाहती है। लोगों का आरोप है कि परिषद जनहित से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देने के बजाय राजस्व वसूली पर अधिक सक्रिय दिखाई दे रही है।

इस पूरे मामले को लेकर लोगों ने नगर परिषद प्रशासन से पहले क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं में सुधार करने की मांग की है। नागरिकों का कहना है कि पेयजल संकट दूर करने, जर्जर सड़कों की मरम्मत कराने और अंधेरी गलियों में पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था सुनिश्चित करने के बाद ही टैक्स वसूली जैसे मामलों पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। अब देखना यह होगा कि मंदिरों को नोटिस जारी करने के विवाद पर नगर परिषद प्रशासन क्या स्पष्टीकरण देता है और जनता की मूलभूत समस्याओं का समाधान कब तक किया जाता है।

इनका कहना है।

टैक्स के लिए मंदिर को नोटिस जारी करना सरासर गलत है, हम इसका विरोध करते हैं। नगर परिषद जमकर भ्रष्टाचार मचा है। आम जनता से तो टैक्स वसूल रही है, लेकिन वार्डो में अंधेरा, बदहाल सड़क, बजबजाती नालियां, पानी की किल्लत है।

*पवन कुमार चीनी पार्षद वार्ड़ नम्बर 07*

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