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पंचायत में निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और भुगतान को लेकर शिकायत, 25 लाख की पुलिया निर्माण पर भी उठे सवाल
अनूपपुर
जनपद पंचायत कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत बुढ़ानपुर में शासकीय निर्माण कार्यों में अनियमितता और गुणवत्ताविहीन कार्य कराए जाने के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों ने विकास कार्यों के नाम पर शासकीय राशि के दुरुपयोग और पंचायत स्तर पर नियमों की अनदेखी किए जाने की शिकायत की है।
शिकायत के अनुसार ग्राम पंचायत में मैटेरियल सप्लाई के नाम पर ऐसी फर्म से भुगतान किए जाने का आरोप है, जिसका GST नंबर वर्तमान में इनवेलिड बताया जा रहा है। सत्यम कंस्ट्रक्शन के GSTIN 23BGGPS2445J1ZA को लेकर सवाल उठाए गए हैं। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि उक्त फर्म पंचायत के उपसरपंच के.के. सोनी के परिवार से संबंधित है। मामले में पंचायत सचिव चिंतामणि केवट, सरपंच मिठाई लाल और उपसरपंच के.के. सोनी की भूमिका की जांच की मांग की गई है।
ग्राम पंचायत बुढ़ानपुर में मुख्यमंत्री ग्राम सड़क अधोसंरचना योजना के तहत करीब 25 लाख रुपए की लागत से आरसीसी पुलिया निर्माण स्वीकृत किया गया है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य निर्धारित एस्टीमेट और तकनीकी मापदंडों के अनुरूप नहीं कराया जा रहा है। निर्माण स्थल पर सूचना बोर्ड नहीं लगाए जाने के साथ पुलिया में लगाई जा रही सरिया की मात्रा को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
ग्रामीणों के अनुसार पुलिया के बेस की ढलाई में सीमेंट की मात्रा कम होने के कारण निर्माण के बाद ही जगह-जगह दरारें दिखाई देने लगी हैं। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच और मौके पर उपयोग की जा रही सामग्री की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है। जन विश्वास शिविर में भी पहुंची शिकायत।
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टीईटी परीक्षा के विरोध व विभिन्न मांगों पर शिव मंदिर पहुंचकर शिक्षकों ने लगाई न्याय की अर्जी
अनूपपुर
टीईटी परीक्षा की अनिवार्य बाध्यता सहित शिक्षकों की विभिन्न मांगों को लेकर पीएमयूएम शिक्षक संघ के आह्वान पर प्रदेशभर में धर्मपीठों के समक्ष न्याय की अर्जी प्रस्तुत की गई। इसी क्रम में अनूपपुर जिले के शिक्षक न्याय यात्रा के साथ शिव मंदिर तीपान नदी जैतहरी रोड अनूपपुर पहुंचकर धर्मपीठ के समक्ष अर्जी प्रस्तुत कर न्याय की गुहार लगाई।
कार्यक्रम कर्मचारी कल्याण कोष, पीएमयूएम शिक्षक संघ के नेतृत्व में आयोजित किया गया। संगठन के संस्थापक सतीश खरे के निर्देशानुसार प्रदेश के 55 जिलों में शिक्षकों द्वारा धर्मपीठों के समक्ष मूल अर्जी प्रस्तुत की गई।
शिक्षकों ने शिव दरबार में प्रार्थना करते हुए कहा कि राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले शिक्षकों की न्यायपूर्ण मांगों पर शासन शीघ्र सकारात्मक निर्णय ले। इस दौरान शिक्षकों ने टीईटी की अनिवार्य बाध्यता समाप्त करने, समान कार्य के लिए समान वेतन एवं केंद्रीय वेतनमान लागू करने, वास्तविक नियुक्ति तिथि से वरिष्ठता का लाभ देने तथा पुरानी पेंशन योजना (OPS) बिना शर्त बहाल करने सहित विभिन्न मांगें रखीं।
शिक्षकों ने कहा कि सम्मान, अधिकार और न्यायपूर्ण मांगों के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा। उपस्थित सदस्यों में संगठन के पदाधिकारी, महिला शक्ति एवं कई शिक्षक साथी उपस्थित रहे
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भाजपा पिछड़ा मोर्चा के जिलाध्यक्ष बने प्रेमचंद, शिवरतन को मिली जिला महामंत्री की कमान, लोगो ने दी शुभकामनाएं
अनूपपुर
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति एवं भाजपा जिला अध्यक्ष अनूपपुर हीरा सिंह श्याम की अनुशंसा के उपरांत भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने अनूपपुर जिले में संगठनात्मक नियुक्तियां करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता प्रेमचंद यादव को जिला अध्यक्ष एवं शिवरतन वर्मा को जिला महामंत्री नियुक्त किया है।
प्रेमचंद यादव भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री के रूप में संगठन में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर चुके हैं, वहीं शिवरतन वर्मा अनूपपुर भाजपा के पूर्व मंडल अध्यक्ष रहे हैं। दोनों ही वरिष्ठ एवं अनुभवी कार्यकर्ताओं को पिछड़ा वर्ग मोर्चा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से भाजपा कार्यकर्ताओं में हर्ष का वातावरण है।
नवनियुक्त जिला अध्यक्ष प्रेमचंद यादव एवं जिला महामंत्री शिवरतन वर्मा की नियुक्ति पर भाजपा कार्यकर्ताओं एवं पदाधिकारियों ने शुभकामनाएं एवं बधाई प्रेषित करते हुए उनके उज्ज्वल कार्यकाल की कामना की। कार्यकर्ताओं ने कहा कि दोनों अनुभवी नेताओं के संगठनात्मक अनुभव, सक्रियता एवं जमीनी जुड़ाव से भाजपा पिछड़ा वर्ग मोर्चा को नई दिशा और मजबूती मिलेगी तथा संगठनात्मक कार्यों को और अधिक गति प्राप्त होगी।
कार्यकर्ताओं ने विश्वास व्यक्त किया कि नवनियुक्त पदाधिकारी पार्टी की रीति-नीति एवं विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाते हुए पिछड़ा वर्ग समाज के बीच संगठन को और मजबूत बनाने की दिशा में प्रभावी भूमिका निभाएंगे। साथ ही केंद्र एवं प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में भी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
नवनियुक्त पदाधिकारियों ने संगठन द्वारा सौंपी गई जिम्मेदारी के लिए वरिष्ठ नेतृत्व एवं कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त करते हुए संगठन को मजबूत बनाने के लिए पूरी निष्ठा और सक्रियता से कार्य करने की बात कही। उक्त जानकारी भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह द्वारा दी गई।
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सेवा संकल्प अभियान के जरिए जन-जन तक पहुंचेगा सेवा और विकास का संदेश- विधायक मनीषा सिंह
अनूपपुर।
भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 वर्षों के सार्वजनिक जीवन एवं जनसेवा को जन-जन तक पहुंचाने तथा विकसित भारत-2047 के संकल्प को साकार करने के उद्देश्य से 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ चलाया जाएगा। सेवा संकल्प अभियान की संपूर्ण जानकारी को साझा करने के लिए 14 सितंबर 2026 को भाजपा कार्यालय अनूपपुर में मध्य प्रदेश भाजपा जिला उपाध्यक्ष जयसिंहनगर की विधायक मनीषा सिंह ,भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम तथा भाजपा जिला मीडिया प्रभारी राजेश सिंह की उपस्थिति में प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए श्रीमती मनीषा सिंह ने कहा कि अभियान की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस 17 सितंबर को ‘सेवा दिवस’ के रूप में की जाएगी। इस अवसर पर रक्तदान शिविर सहित विभिन्न सेवा कार्यक्रम आयोजित होंगे। प्रदेश के सभी बूथों पर शाम 7 बजे ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम आयोजित कर प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की जनसेवा के प्रति आभार व्यक्त किया जाएगा। इसके साथ ही 2 अक्टूबर को प्रदेशभर में स्वच्छता अभियान चलाया जाएगा।
अभियान के तहत ‘नमो सेवा-अनकही कहानियां’ के माध्यम से प्रधानमंत्री के जनकल्याणकारी कार्यों और योजनाओं से आए बदलावों को नुक्कड़ नाटक एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के जरिए गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। वहीं ‘आंगन मिलन सेवा’ के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों और उनकी माताओं के साथ कार्यक्रम आयोजित कर पोषण, स्वास्थ्य एवं महिला कल्याण योजनाओं की जानकारी दी जाएगी।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष एवं जयसिंहनगर विधायक श्रीमती मनीषा सिंह ने बताया कि प्रदेश के सभी 11,404 शक्ति केंद्रों पर ‘सेवा की कहानी’ कार्यक्रम के माध्यम से केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं से लाभान्वित नागरिकों की वास्तविक सफलता की कहानियां सामने लाई जाएंगी। प्रत्येक शक्ति केंद्र से कम से कम 10 कहानियां तैयार कर सोशल मीडिया पर साझा की जाएंगी।
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लोक सेवा गारंटी अधिनियम पर लापरवाही, 8 अधिकारियों पर कलेक्टर ने लगाया जुर्माना
शहडोल
मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम 2010 के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का प्रदाय नहीं करने वाले पदाभिहित अधिकारियों के विरुद्ध कलेक्टर श्री पार्थ जायसवाल द्वारा कार्रवाई की गई है। कार्यालय कलेक्टर, लोक सेवा प्रबंधन, जिला शहडोल द्वारा जारी आदेश के अनुसार 4 सितंबर से 9 सितंबर 2026 की स्थिति में समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों में 8 पदाभिहित अधिकारियों पर अधिनियम की धारा 7(1)(क)(ख) के तहत एकमुश्त अर्थदण्ड की शास्ति अधिरोपित की गई है।
जारी आदेश के अनुसार नायब तहसीलदार वृत्त पपौंध, तहसील ब्यौहारी नरेश सोनी पर 1,000 रुपये, नायब तहसीलदार वृत्त बिजुरी, तहसील जैतपुर रामकिशोर पद्माकर पर 500 रुपये, सचिव ग्राम पंचायत बरगवां, जनपद पंचायत बुढार श्याम करण पाव पर 500 रुपये, निरीक्षक नाप-तौल विभाग जिला शहडोल एस.के. निगम पर 1,000 रुपये, सचिव ग्राम पंचायत ढोढा, जनपद पंचायत जयसिंहनगर जवाहरलाल पटेल पर 500 रुपये, सचिव ग्राम पंचायत धनौरा, जनपद पंचायत बुढार ब्रजेन्द्र जैसवाल पर 500 रुपये, सचिव ग्राम पंचायत महुआटोला, जनपद पंचायत जयसिंहनगर दिलकरण पाव पर 500 रुपये तथा सचिव ग्राम पंचायत कुम्हेडिन, जनपद पंचायत बुढार चन्द्रशेखर तिवारी पर 500 रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।
लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम 2010 की धारा 5(1)(2) के तहत उक्त सेवाओं के आवेदनों का बिना पर्याप्त एवं युक्तियुक्त कारण के निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं करने का दोषी पाया गया। अर्थदण्ड की राशि तीन कार्य दिवस के भीतर लोक सेवा प्रबंधन कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
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अवैध रेत भंडारण की सूचना पर एसपी ने किया निरीक्षण
शहडोल
जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल ने थाना सोहागपुर क्षेत्र के नरवर, बिजौरी एवं क्षीरसागर के संभावित रेत उत्खनन क्षेत्रों का पुलिस टीम के साथ अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति एवं जमीनी हकीकत का जायजा लिया।
सघन चेकिंग के दौरान मौके पर किसी प्रकार का सक्रिय रेत उत्खनन होता हुआ नहीं पाया गया। क्षीरसागर के समीप बड़ी मात्रा में रेत का भंडारण पाया गया। भंडारित रेत के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए खनिज विभाग को निर्देश दिये है।
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बड़ी लापरवाही, गर्भवती महिला को नहीं मिली समय पर एंबुलेंस, पिकअप से पहुंचाया जिला अस्पताल
उमरिया।
जिले के बरतराई गांव में एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा शुरू होने के बाद समय पर एंबुलेंस नहीं मिल सकी। परिजनों द्वारा एंबुलेंस के लिए कई बार संपर्क किए जाने के बावजूद जब करीब एक घंटे तक वाहन गांव नहीं पहुंचा तो परिवार को मजबूरी में निजी पिकअप वाहन की व्यवस्था करनी पड़ी। इसी वाहन से प्रसूता को उमरिया जिला अस्पताल पहुंचाया गया।
जानकारी के अनुसार बरतराई गांव से उमरिया जिला अस्पताल की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है। प्रसव पीड़ा से परेशान महिला को अस्पताल ले जाने के लिए परिजनों ने एंबुलेंस सेवा से मदद मांगी थी। परिजन काफी देर तक वाहन का इंतजार करते रहे, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध नहीं होने पर प्रसूता की हालत को देखते हुए उन्होंने इंतजार करना उचित नहीं समझा और तत्काल पिकअप वाहन बुलाकर उसे अस्पताल के लिए रवाना किया।
परिजनों का कहना है कि गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने में पहले ही काफी समय निकल गया था। ऐसे में यदि रास्ते में उसकी तबीयत और बिगड़ जाती या कोई आपात स्थिति बनती तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होती? ग्रामीण क्षेत्र में गर्भवती महिलाओं के लिए समय पर परिवहन सुविधा उपलब्ध कराना स्वास्थ्य व्यवस्था की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
इस घटना के बाद एक बार फिर सरकारी एंबुलेंस सेवा की उपलब्धता और आपातकालीन स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रसव जैसी संवेदनशील स्थिति में यदि परिवार को स्वयं वाहन की व्यवस्था करनी पड़े तो यह स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी स्थिति पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। लोगों का कहना है कि आपातकालीन स्वास्थ्य सुविधा किसी परिवार पर उपकार नहीं, बल्कि जरूरत के समय उपलब्ध कराई जाने वाली आवश्यक सेवा है।
मामले को लेकर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। सिविल सर्जन डॉ. के. सोनी ने बताया कि वर्तमान में रेफर के मामलों की संख्या अधिक होने के कारण एंबुलेंस व्यवस्था में कुछ परेशानी सामने आ रही है। उन्होंने बताया कि प्रसूता और नवजात दोनों स्वस्थ हैं। अस्पताल के गेट पर कर्मचारी के मौजूद नहीं मिलने की बात पर संबंधित कर्मचारियों को नोटिस देने और मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं।
अब सवाल यह है कि ग्रामीण क्षेत्रों में यदि किसी गर्भवती महिला को अचानक अस्पताल पहुंचाने की जरूरत पड़े तो क्या उसे समय पर एंबुलेंस उपलब्ध हो पाएगी? बरतराई की घटना ने इस व्यवस्था की वास्तविक स्थिति पर बहस जरूर छेड़ दी है।
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गेट के पास बैठा यात्री को आ गई नींद, ट्रेन से गिरकर हुआ घायल, आरपीएफ ने भेजा अस्पताल
शहडोल
हरिद्वार-पुरी उत्कल एक्सप्रेस में सफर के दौरान नींद आने से एक यात्री चलती ट्रेन से नीचे गिरकर घायल हो गया। ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ जवानों की नजर शहडोल रेलवे स्टेशन के पास रेलवे लाइन किनारे पड़े घायल यात्री पर पड़ी। जवानों ने तत्काल अधिकारियों को सूचना दी और रेलवे एंबुलेंस की मदद से उसे जिला अस्पताल पहुंचाया।
घटना सोमवार को शहडोल रेलवे स्टेशन के पास किलोमीटर संख्या 910/18-20 की डाउन लाइन पर पॉइंट नंबर 94 के नजदीक हुई। ड्यूटी के दौरान आरपीएफ स्टाफ ने एक व्यक्ति को रेलवे ट्रैक के किनारे घायल अवस्था में देखा। सूचना मिलते ही पोस्ट प्रभारी, उप निरीक्षक एस. उरांव और अन्य बल सदस्य मौके पर पहुंचे। पूछताछ में घायल ने अपना नाम प्रदीप कुशवाहा (40), पिता स्वर्गीय लक्ष्मी नारायण कुशवाहा, निवासी टिकरिया टोला, सतना थाना क्षेत्र बताया। उसके पास मोबाइल फोन नहीं था। हालांकि कागज पर लिखे दो मोबाइल नंबर मिले, जिनके जरिए पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया।
प्रदीप ने बताया कि वह ट्रेन संख्या 18478 हरिद्वार-पुरी उत्कल एक्सप्रेस से कटनी से रायपुर जा रहा था। वह जनरल कोच में पीछे की ओर गेट के पास बैठा था। सफर के दौरान उसे नींद आ गई और इसी दौरान वह चलती ट्रेन से नीचे गिर गया। उसने कटनी से रायपुर का टिकट लिया था लेकिन हादसे में टिकट भी गुम हो गया। ट्रेन की गति कम होने के कारण उसे गंभीर चोट नहीं आई लेकिन उसके बाएं पैर में फ्रैक्चर हो गया।
समाचार 09
अपंजीकृत कारखानों की सूचना श्रम विभाग को दें
उमरिया
श्रम पदाधिकारी ने बताया कि श्रम विभाग, मध्यप्रदेश द्वारा अपंजीकृत कराखानों, संस्थानों और निर्माण कार्यों की जानकारी जुटाने के लिए श्रम प्रहरी पहल शुरू की है। इसके तहत कोई भी जागरूक नागरिक अपने आसपास एसे संचालित कारखाने या व्यवसायिक प्रतिष्ठान, जो श्रम विभाग में पंजीकृत नहीं हैं उनकी सूचना श्रम विभाग उमरिया को दे सकता है। विभाग का उददेश्य श्रमिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ श्रम कानूनों का पालन करवाना और श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करना है।

