दबंग पब्लिक प्रवक्ता

मासूम को आवारा कुत्ते ने काटा, कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ब्लॉक व विधानसभा का घेराव व करेगी रेल रोको आंदोलन


उमरिया

जिले के चंदिया थाना अंतर्गत हर्रवाह, बिलासपुर निवासी 6 माह के अबोध बच्चे आर्यन कोल को आवारा कुत्ते ने काट लिया।बताया जा रहा है कि आर्यन अपने घर के आंगन में खेल रहा था, तभी अचानक एक आवारा कुत्ता वहां पहुंचा और उसने मासूम पर हमला कर दिया। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर परिजन मौके पर पहुंचे और किसी तरह कुत्ते को भगाया।घटना के बाद परिजनों में अफरा-तफरी मच गई। तत्काल 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई, जिसके माध्यम से बच्चे को जिला अस्पताल लाया गया। डॉक्टरों द्वारा आर्यन का इलाज किया जा रहा है। फिलहाल उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है।घटना के बाद क्षेत्र में आवारा कुत्तों के बढ़ते आतंक को लेकर लोगों में आक्रोश है।

*कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, ब्लॉक में घेराव, रेल रोको आंदोलन व विधानसभा का होगा घेराव*

अनूपपुर जिला कांग्रेस की ब्लॉक स्तरीय विरोध प्रदर्शन, रेल रोको आंदोलन, विधानसभा घेराव के सम्बन्ध में बैठक का हुआ आयोजन एवं जिला अनूपपुर जिले के जल, जंगल, जमीन व खनिज सम्पदा का दोहन करने, स्थानीय लोगों लाभ न मिलने, युवाओं को रोजगार न मिलने से युवाओं के पलायन करने, माइनिंग विभाग के सांठगांठ से अवैध उत्खनन, अवैध परिवहन करने के विरोध में जिला कांग्रेस ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

जिला कांग्रेस कार्यालय अनूपपुर मे जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया, जिसमे 20 फरवरी को जिले के सभी ब्लाकों में ब्लाक स्तरीय विरोध प्रदर्शन कार्यक्रम एवं 21 फरवरी को वेंकटनगर मे रेल रोको आंदोलन तथा सबसे महत्वपूर्ण विषय 24 फरवरी को भोपाल मे विधानसभा घेराव कार्यक्रम को लेकर रूपरेखा तैयार कर विस्तार पूर्वक चर्चा हुई, जिसमें उपस्थित समस्त कांग्रेसजानों ने अपने अपने विचार रखते हुए विभिन्न सुझाव दिए। विभिन्न समस्याओं को लेकर कलेक्टर कार्यालय पहुंच एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में उल्लेख करते हुए कहा गया कि हमारे जिले में भरपूर खनिज सम्पदा है जिसकी वजह देश की बड़ी बड़ी कंपनियों के उद्योग हमारे जिले में स्थापित हो रहे है, चाहे वह कोयला उत्खनन हो, पत्थर उत्खनन हो, रेत उत्खनन हो या फिर उद्योग स्थापित करना हो हर प्रकार के खनिज सम्पदा का दोहन करने के लिए बाहर की कंपनियां हमारे अनूपपुर जिले में कार्य कर रही है और मुनाफा कमा रही है, लेकिन इसका किसी भी तरह का फायदा स्थानीय रहवासियों, युवाओं को नहीं मिल रहा है। 

अनूपपुर जिले के कोतमा एवं अनूपपुर विधानसभा क्षेत्र में कोयला उत्खनन के लिए जेएमएस माइनिंग, ढोलू माइनिंग, नीलकंठ माइनिंग एवं अन्य कंपनियां कार्य कर रही है। उक्त कंपनियों द्वारा माइनिंग व पर्यावरण के नियमों को ताक पर रखकर नियम विरुद्ध लगातार माइनिंग जारी है, इन माइनिंग कंपनियों द्वारा ग्रामीण सड़कों का उपयोग अपने परिवहन के लिए किया जा रहा है, जिससे ग्राम वासियों के आवागमन के लिए बनी सड़के खराब हो रही है और इन सबके बदले में स्थानीय रहवासियों को सिर्फ धूल, मिट्टी और डस्ट मिल रही है, जिससे पूरे क्षेत्र की हवा दूषित होने से सांस लेने में भी तकलीफों का सामना करना पड़ रहा है। 

         जे एम एस माइनिंग प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के द्वारा 11 जनवरी 2021 में भारत सरकार के कोयला मंत्रालय से कोयला उत्पादन खदान और विकास समझौता किया था इस समझौते के 5 साल बीत जाने के बाद कंपनी के द्वारा कोयला उत्पादन और खदान का कार्य तो निरंतर प्रगति कर रहा लेकिन कंपनी के जिम्मेदारों के द्वारा समझौते में विकास शब्द को भुला दिया गया, कहां जाए तो गलत नहीं है क्योंकि किसानों को उसी समय किए गए एग्रीमेंट के तहत अभी तक केवल ठेंगा ही दिखाया जाता रहा और यही नहीं इस कंपनी को पर्यावरण विभाग के अनुमति और एग्रीमेंट के तहत 90 हजार पेड़ों के लिए वृक्षारोपण करना था उसे भी कंपनी के जिम्मेदार भूल चुके हैं।

          475 हेक्टेयर में बनने वाली जे एम एस की भूमिगत कोयला खदान लगभग 95 हेक्टेयर की जमीन पर कब्जा और कोयला खनन का कार्य शुरू कर दिया है 22 हेक्टेयर की जमीन पर कोयला मिल भी चुका है लेकिन कंपनी के द्वारा इन 5 सालों में जमीन अधिग्रहण वाले किसान हो चाहे मजदूर या इस क्षेत्र के विकास के किसी भी वादे दावों को पूरा नहीं किया गया एक तरफ कंपनी कलेक्टर महोदय को पत्र लिखकर बिना मुआवजा और नौकरी दिए कार्य शुरू करने की अनुमति मांग रही है तो दूसरी तरफ इसी कंपनी के ठेका ठेकेदार पाटनी के पार्टनर जो प्रदेश की सरकार में भी भागीदार है वह पुलिस प्रशासन के माध्यम से ग्राम पंचायत के ऊपर कंपनी के प्रति अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने का दबाव भी बना रहे हैं जो चर्चा का विषय बना हुआ है।

जिले में रेत उत्खनन के लिए कार्य कर रहे ठेकेदार व कंपनियां मनमाने तरीके से उत्खनन के नियमों को ठेंगा दिखाते हुए अपने तरीके से उत्खनन का कार्य कर रहे है और अपने मनमाना तरीके से टी पी काटकर अपने मनमाना हिसाब रेट तय कर रेत बेच रहें है। जिले के जैतहरी में हिंदुस्तान पावर लिमिटेड का पावर प्लांट संचालित है जो इस जिले की खनिज सम्पदा का भरपूर उपयोग कर रहा है। जिससे किसानों एवं जिले के युवाओं को किसी प्रकार लाभ नहीं मिला। 

जिले में देश बड़ी कंपनी अदानी पावर लिमिटेड और टोरेंट पावर लिमिटेड का पावर प्लांट लगाने का कार्य प्रारम्भ है, कंपनियों ने किसानों की जमीनें लेकर उन्हें भूमिहीन तो कर दिया लेकिन उन किसानों तथा उनके बच्चों को अभी तक रोजगार नहीं दिया गया। जंगल और जमीन पर कब्जा जमाने के बाद अदानी थर्मल पावर ने कोतमा व अनूपपुर क्षेत्र की जीवन दायिनी नदी के जल पर भी कब्जा करना शुरू कर दिया। केवई नदी पर बिना किसी प्रकार की अनुमति एवं कोतमा व अनूपपुर क्षेत्र के वासियों की बिना सहमति से अवैध रूप से बांध का निर्माण कार्य भी प्रारंभ कर दिया। 

औद्योगिक क्षेत्र विकास के नाम पर आमजन के निस्तार हेतु वर्षों से ग्राम डोंगरिया खुर्द की सुरक्षित गोचर, गोठान एवं मुर्दावली की भूमि को जिला प्रशासन द्वारा औद्योगिक प्रयोजन हेतु अदानी थर्मल पावर प्लांट के बनने वाले रेलवे लाइन हेतु आवंटित कर दिया गया। बिना ग्रामसभा की अनुमति लिए इस तरह से लिया गया यह निर्णय न केवल जनभावनाओं के विपरीत है बल्कि इससे भविष्य में गंभीर सामाजिक असंतोष उत्पन्न होने की आशंका भी है।  सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर औद्योगिक विकास किया जाना न केवल आमजन के हितों के विरुद्ध है, बल्कि इससे गांव की सामाजिक व्यवस्था, पर्यावरण संतुलन एवं पारंपरिक जीवनशैली पर भी गंभीर दुष्प्रभाव पड़ेगा। ठेका कंपनी नीलकंठ गाईनिंग लिमिटेड में कार्यरत सभी श्रमिको को कोल इण्डिया हाई पावर व ज्वाईंट कमेटी के नियमानुसार वेतन भत्ता (एच पी सी रेट) व अन्य सुविधाये प्रदान नहीं की जा रही है। 

कोल इंडिया की सहायक कंपनी एसईसीएल द्वारा संचालित राजनगर ओपन कास्ट माइंस में हो रही लगातार ब्लास्टिंग ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खनन नियमों के अनुसार ब्लास्टिंग स्थल के 500 मीटर के दायरे को ‘डेंजर जोन’ माना जाता है, लेकिन इसी दायरे में आज भी दर्जनों परिवार रह रहे हैं। 

जिले के रहवासियों को अपने जिले के जल, जंगल, जमीन देने के बाद भी उन्हें सिर्फ धूल, मिट्टी, डस्ट, प्रदूषित पर्यावरण, पीने के लिए दूषित जल ही मिल रहा है। जिन किसानों ने अपनी जमीन दी है वे रोजगार के लिए पलायन कर रहे हैं और जिन किसानों के पास जमीन है, वे चारों ओर मची पर्यावरण प्रदूषण की तबाही के कारण खेती भी नहीं कर पा रहें हैं। अनूपपुर जिले में भरपूर खनिज सम्पदा का दोहन बाहरी लोग कर रहें है और जिले के मूल निवासी आज भी अपनी रोजमर्रा की जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहें है। जिले का नक्शा बदला है, लेकिन जिले लोगो का नसीब नहीं। 

जल्द समस्याओं का निराकरण नही हुआ तो जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर द्वारा जिला कलेक्टर कार्यालय के साथ साथ उक्त कंपनियों के जिले में स्थित मुख्यालयों का भी घेराव कर उग्र आंदोलन, धरना, प्रदर्शन किया जायेगा, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी जिला प्रशासन की होगी।

ऑनलाईन पार्सल ट्रेक करते समय लिंक खोला,  खाता से उड़ गए 2.5 लाख, पुलिस जांच में जुटी


उमरिया

जिले के नौरोजाबाद में एक रिटायर्ड शिक्षक के साथ हुई साइबर ठगी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं लगती। बात शुरू हुई संगीत के शौक से और खत्म हुई बैंक खाते से ढाई लाख रुपये गायब होने पर। राजाराम चौहान ने चेन्नई की एक कंपनी से चार बांसुरियां मंगाई थीं। उम्र के इस पड़ाव पर उनका समय संगीत साधना में गुजरता था। ऑर्डर के बाद व्हाट्सएप पर रसीद आई, साथ में कूरियर का ट्रैकिंग नंबर भी। सब कुछ सामान्य दिख रहा था।

कुछ दिन बाद जब उन्होंने पार्सल की स्थिति देखने के लिए लिंक खोला, तो वहां एक मोबाइल नंबर नजर आया। पार्सल की जानकारी लेने के लिए उन्होंने उस नंबर पर कॉल कर दिया। फोन उठाने वाले ने खुद को कूरियर से जुड़ा बताया और बड़ी सहजता से कहा कि पार्सल में दर्ज मोबाइल नंबर गलत है। नंबर ठीक कर देते हैं, बस एक छोटी सी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

यहीं से ठगी की कहानी शुरू हुई। ठग ने पहले नया मोबाइल नंबर लिया गया। फिर एक लिंक भेजा गया और कहा कि उस पर क्लिक कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी है। बात इतनी सामान्य अंदाज में कही गई कि शक की कोई गुंजाइश नहीं बची। इसके बाद आरोपी ने एटीएम कार्ड की 16 अंकों की संख्या मांगी। फिर कार्ड के पीछे लिखा सीवीवी नंबर भी पूछ लिया। भरोसे में आए शिक्षक ने सारी जानकारी दे दी। उधर से आश्वासन मिला अब सब ठीक है, पार्सल समय पर मिल जाएगा। पार्सल सचमुच पोस्ट ऑफिस पहुंचा भी। शिक्षक ने राहत की सांस ली कि प्रक्रिया पूरी हो गई। लेकिन असली खेल तो पीछे चल रहा था।

कुछ समय बाद बैंक से फोन आया। बताया गया कि उनके खाते से ढाई लाख रुपये निकल चुके हैं। यह सुनते ही पैरों तले जमीन खिसक गई। तुरंत एटीएम ब्लॉक कराया गया लेकिन तब तक रकम साफ हो चुकी थी। परिवार ने फौरन साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। मामला थाना नौरोजाबाद और जिला साइबर सेल तक पहुंचा। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

बूचड़खाने ले जा रहे 21 मवेशियों से भरा ट्रक पुलिस ने पकड़ा, 3 आरोपी गिरफ्तार


शहडोल

गोहपारू पुलिस ने बूचड़खाने ले जाए जा रहे मवेशियों से भरे ट्रक को पकड़कर पशु तस्करी का भंडाफोड़ किया है। गुरुवार तड़के करीब 5 बजे थाना क्षेत्र के फॉरेस्ट बेरियल के पास की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 21 नग मवेशियों को मुक्त कराया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। ट्रक अनूपपुर जिले से उत्तर प्रदेश की ओर जा रहा था, जिसे पहले ही रोक लिया गया।

पुलिस के अनुसार, बुधवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश पासिंग एक ट्रक में अवैध रूप से मवेशियों की तस्करी की जा रही है। मुखबिर ने वाहन का नंबर और रंग भी बताया। सूचना मिलते ही पुलिस ने रणनीति बनाकर फॉरेस्ट बेरियल के पास बेरियर बंद कराया और आगे एक निजी ट्रक खड़ा कर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। जैसे ही संदिग्ध ट्रक वहां पहुंचा, उसे रोककर तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान ट्रक में ठूंस-ठूंसकर भरे गए लगभग 21 मवेशी पाए गए। मौके पर डायल 112 के दो वाहन और थाने से अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस को देखकर आरोपी भागने की फिराक में थे, लेकिन पहले से की गई घेराबंदी के कारण वे सफल नहीं हो सके। चालक सहित दो अन्य आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस का कहना है कि बरामद मवेशियों को बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। सभी मवेशियों को सुरक्षित निकालकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर पूछताछ जारी है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही झींक बिजुरी चौकी पुलिस ने जंगलों के रास्ते पैदल मवेशियों की तस्करी करते एक आरोपी को गिरफ्तार कर 6 नग मवेशियों को तस्कर के कब्जे से मुक्त कराया था।

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