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पुलिस की गुंडागर्दी, ट्रैक्टर विवाद में युवक की बाइक को बोलेरो से मारी टक्कर, एसपी से हुई शिकायत
अनूपपुर
थाना जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत बलबहरा में पुलिस की दबंगई का एक और सनसनीखेज मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि जैतहरी थाने में पदस्थ 2 एएसआई ने बोलेरो वाहन से उसकी बाइक को टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया और गाली-गलौज की।
पीड़ित राजू राठौर पिता नरबद राठौर निवासी बलबहरा ने बताया कि उसने अपना ट्रैक्टर न्यायालय के आदेश से छुड़वाया था और अपने चाचा नरहरी राठौर के घर के पास खड़ा किया था।
राजू खेत में धान कटाई के लिए जा रहा था, तभी उसे फोन आया कि पुलिस वाले ट्रैक्टर के पास फोटो-वीडियो बना रहे हैं। आनन-फानन में राजू अपनी मोटरसाइकिल पल्सर क्रमांक MP 65 54 MB 5961 से मौके पर पहुंचा।
आरोप है कि मौके पर बोलेरो वाहन क्रमांक MP 07 ZC 6588 में जैतहरी थाने के एएसआई विनोद विश्वकर्मा और एएसआई श्याम शुक्ला मौजूद थे। राजू का आरोप है कि दोनों ने गाड़ी से उतरते ही उसे माँ-बहन की गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया। बोलेरो से बाइक को जोरदार टक्कर मारते हुए निकल गए। इस टक्कर से राजू की बाइक बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसके हाथ की उंगलियों व पैर में चोट आई है।
घटना के बाद ग्राम पंचायत बलबहरा के सरपंच सुरेश कोल की उपस्थिति में मौका पंचनामा तैयार किया गया है। जिसमें 12 ग्रामीणों ने गवाह के रूप में हस्ताक्षर किए हैं। घटना के बाद पीड़ित को स्थानीय लोगों ने प्राथमिक उपचार दिलाया और वह सीधे जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय अनूपपुर पहुंचा, जहाँ उसने मौखिक व लिखित शिकायत दर्ज कराई है।
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69 लाख खर्च करने के बाद, दुबई में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा ज्ञानेंद्र, प्रधानमंत्री से एयर एंबुलेंस सहयोग की अपील
अनूपपुर
जिला मुख्यालय का एक बेटा इन दिनों दुबई के अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष कर रहा है। परिवार अपने बेटे की सलामती के लिए हर संभव प्रयास कर चुका है, लेकिन लगातार बढ़ते इलाज के खर्च ने परिवार की आर्थिक कमर तोड़ दी है। अब परिवार के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ज्ञानेंद्र तिवारी को जल्द से जल्द सुरक्षित भारत कैसे लाया जाए।
अनूपपुर की जनता की ओर से देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से एक मार्मिक अपील की जा रही है कि वे इस मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए ज्ञानेंद्र तिवारी को भारत लाने के लिए एयर एंबुलेंस की व्यवस्था कराने में आवश्यक हस्तक्षेप करें।
परिवार से प्राप्त जानकारी के अनुसार, ज्ञानेंद्र तिवारी 15 अक्टूबर 2026 की रात करीब 10 बजे दुबई में कार्डियक अटैक का शिकार हो गए थे। इसके बाद उन्हें दुबई के अल जहरा अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। परिवार का कहना है कि अब तक उनके इलाज पर लगभग 69 लाख रुपये खर्च हो चुके हैं और अस्पताल का प्रतिदिन का खर्च करीब 4.5 लाख रुपये बताया जा रहा है। आर्थिक स्थिति ऐसी हो चुकी है कि परिवार के पास अब महज दो दिनों के खर्च की व्यवस्था बची है।
एक परिवार के लिए इससे बड़ी पीड़ा क्या होगी कि अपने बेटे की जिंदगी बचाने के लिए उसने अपनी पूरी जमा पूंजी लगा दी, लेकिन इसके बावजूद हर दिन लाखों रुपये का खर्च बढ़ता जा रहा है। परिवार की आर्थिक क्षम चुकी है। अब ऐसे में सरकार से मदद की मार्मिक अपील की जा रही है। जिससे मरीज को स्वदेश लाया जा सके।
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भरवेली बालाघाट ने अमरपाटन को हराकर जीती चैंपियन ट्रॉफी, मिला 51 हजार का प्रथम पुरस्कार
*जगतगुरु माउली सरकार अंतरराज्यीय फुटबॉल टूर्नामेंट का समापन*
अनूपपुर
ग्राम जोड़ो अभियान के अंतर्गत रानी प्रभा कुमारी स्टेडियम भेजरी में आयोजित जगतगुरु माउली सरकार अंतरराज्यीय फुटबॉल टूर्नामेंट चैंपियन ट्रॉफी वर्ष 2026 का भव्य समापन हुआ। प्रतियोगिता के अंतिम दिन विभिन्न वर्गों के फाइनल मुकाबले खेले गए, जिनमें खिलाड़ियों ने शानदार खेल प्रतिभा का प्रदर्शन किया। फाइनल मुकाबले में खेलने वाले खिलाड़ियों को अनूपपुर कलेक्टर रत्नाकर झा एवं प्रतियोगिता के संरक्षक भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने कहा की आदिवासी अंचल की प्रतिभाओं को इस तरह के आयोजन प्रतिभा दिखाने का अवसर प्रदान करते हैं खेल से युवाओं का शारीरिक मानसिक विकास होने के साथ समाज के अंदर अपने हुनर का प्रदर्शन करने का भी मौका मिलता है
सीनियर वर्ग का फाइनल मुकाबला भरवेली बालाघाट और अमरपाटन मैहर की टीम के बीच हुआ। रोमांचक मुकाबले में भरवेली बालाघाट ने एक गोल से जीत दर्ज कर चैंपियन ट्रॉफी अपने नाम की। विजेता टीम को 51 हजार रुपए का प्रथम पुरस्कार प्रदान किया गया, जबकि उपविजेता अमरपाटन मैहर की टीम को 25 हजार रुपए की पुरस्कार राशि देकर सम्मानित किया गया।
अंडर-18 वर्ग के फाइनल मुकाबले में मीडियारास की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रथम स्थान प्राप्त किया। विजेता टीम को 21 हजार रुपए का पुरस्कार दिया गया। वहीं हाईस्कूल लीला की टीम द्वितीय स्थान पर रही, जिसे 11 हजार रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
प्रतियोगिता में बालिका वर्ग का फाइनल मुकाबला राम एकेडमी शहडोल और कन्या परिसर राजेंद्रग्राम के बीच खेला गया। इसमें राम एकेडमी शहडोल की टीम प्रथम विजेता बनी, जिसे 11 हजार रुपए का पुरस्कार प्रदान किया गया। वहीं कन्या परिसर राजेंद्रग्राम की टीम उपविजेता रही और उसे 5100 रुपए की पुरस्कार राशि दी गई। सीनियर क्वालिफाई मुकाबलों मे चारों टीमों को खेल के प्रति प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से 11-11 हजार रुपए की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
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निःशुल्क चिकित्सा शिविर निजी अस्पताल में मरीज भेजने का जरिया? एसईसीएल अस्पताल में लगे कैंप पर गंभीर सवाल
*निजी अस्पताल बुलाने व कमीशनखोरी के आरोप*
अनूपपुर
एसईसीएल के कोतमा कॉलरी चिकित्सालय, भालूमाड़ा में आयोजित निःशुल्क सुपरस्पेशलिटी चिकित्सा परामर्श शिविर अब सवालों के घेरे में आ गया है। बिलासपुर के किम्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आयोजित इस शिविर का उद्देश्य मरीजों को बेहतर चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराना बताया गया था, लेकिन शिविर में पहुंचे कई लोगों के अनुभव और मौके पर सामने आई परिस्थितियां इसकी उपयोगिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं
आरोप है कि बड़े-बड़े बैनर लगाकर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं का प्रचार किया गया, जबकि मौके पर मुख्य रूप से ब्लड प्रेशर, शुगर और पैर से संबंधित एक छोटी जांच मशीन की सुविधा दिखाई दी, कई मरीजों को विस्तृत जांच एवं उपचार के लिए बिलासपुर स्थित निजी अस्पताल आने की सलाह दी गई, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह शिविर वास्तव में मरीजों की सुविधा के लिए आयोजित किया गया था या निजी अस्पताल में मरीजों को भेजने का माध्यम बन रहा था।
शिविर के प्रचार बैनर के अनुसार किम्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल की ओर से तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। डॉ. वाय रवि शेखर जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी विशेषज्ञ, डॉ. सुधा राम न्यूरो एवं स्पाइन सर्जरी विशेषज्ञ, डॉ. अनिरुद्ध श्याम पल्मोनोलॉजिस्ट एवं छाती रोग विशेषज्ञ। बैनर में पेट, पित्ताशय, हर्निया, रीढ़ की समस्याओं, ब्रेन ट्यूमर, अस्थमा, सीओपीडी और अन्य गंभीर बीमारियों के परामर्श का उल्लेख था, लेकिन सवाल यह है कि इतने गंभीर रोगों के लिए आयोजित सुपरस्पेशलिटी शिविर में संबंधित जांच की सुविधाएं उपलब्ध नही थीं।
मिली जानकारी के अनुसार शिविर में लगभग 70 लोगों का पंजीयन किया गया आरोप है कि इनमें कई ऐसे मरीज भी शामिल थे, जो विशेष शिविर में भाग लेने नहीं, बल्कि प्रतिदिन की तरह एसईसीएल चिकित्सालय में अपना नियमित उपचार कराने आए थे।
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अमरकंटक की आध्यात्मिक पहचान को मिले विशिष्ट स्वरूप, प्रमुख प्रवेश मार्गों पर स्थापित हों भव्य स्वागत द्वार
अनूपपुर
देश के प्रमुख धार्मिक, आध्यात्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन केंद्रों में विशिष्ट स्थान रखने वाली पवित्र नगरी अमरकंटक की पहचान केवल एक पर्यटन स्थल तक सीमित नहीं है। यह मां नर्मदा की उद्गमस्थली, ऋषि-मुनियों की तपोभूमि और सनातन आस्था की चिरंतन धरोहर है। यहां की आध्यात्मिक चेतना, पौराणिक महत्ता और ऐतिहासिक विरासत इसे देश के अन्य पर्यटन स्थलों से अलग और विशिष्ट पहचान प्रदान करती है। ऐसे में अमरकंटक की गरिमा के अनुरूप इसके प्रमुख प्रवेश मार्गों पर भव्य एवं आकर्षक स्वागत द्वारों की स्थापना का विषय अब गंभीर विमर्श की अपेक्षा कर रहा है।
विडंबना यह है कि देश के विभिन्न क्षेत्रों से मां नर्मदा के दर्शन, पूजन और पवित्र उद्गम स्थल के दर्शनार्थ आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का स्वागत करने वाले प्रमुख मार्गों पर आज भी ऐसे भव्य स्वागत द्वार दिखाई नहीं देते, जो प्रथम दृष्टि में ही अमरकंटक की धार्मिक एवं आध्यात्मिक पहचान का परिचय करा सकें। नगर में प्रवेश करने वाले मार्गों पर अलग-अलग संस्थाओं और निजी व्यक्तियों द्वारा लगाए गए विभिन्न नामों एवं स्वरूपों के सूचना बोर्ड अवश्य दिखाई देते हैं, लेकिन उनमें पवित्र तीर्थनगरी की समग्र पहचान और गरिमा का वह प्रभाव परिलक्षित नहीं होता, जिसकी अपेक्षा इस ऐतिहासिक तीर्थस्थल से की जाती है।
अमरकंटक को जोड़ने वाले सभी प्रमुख प्रवेश मार्गों पर यदि सुव्यवस्थित, कलात्मक और भव्य स्वागत द्वारों का निर्माण कराया जाए तथा उन पर स्पष्ट अक्षरों में ‘पवित्र नगरी अमरकंटक तीर्थ में आपका हार्दिक स्वागत है’ अंकित किया जाए, तो यह न केवल यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों का आत्मीय अभिनंदन होगा, बल्कि अमरकंटक की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक पहचान का भी प्रभावशाली प्रकटीकरण होगा।
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महाविद्यालय में राजनीतिक कार्यक्रमों के आयोजन पर एनएसयूआई ने उठाए सवाल, राज्यपाल के नाम सौंपा ज्ञापन
उमरिया
जिले का अग्रणी शा. रणविजय प्रताप सिंह महाविद्यालय उमरिया में प्राचार्य द्वारा लगातार महाविद्यालय परिसर एवं सभागार में बार-बार राजनीतिक एवं संगठनात्मक कार्यक्रमों की अनुमति दिए जाने के मामले को लेकर छात्र-छात्राओं ने राज्यपाल महोदय के नाम ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि ऐसे आयोजनों के कारण नियमित कक्षाएं प्रभावित होती हैं और विद्यार्थियों का महत्वपूर्ण शैक्षणिक समय बर्बाद होता है। इस दौरान एनएसयूआई जिला अध्यक्ष मो. असलम शेर ने कहा कि महाविद्यालय का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को शिक्षा देना है, न कि राजनीतिक एवं संगठनात्मक गतिविधियों का केंद्र बनना। जब महाविद्यालय परिसर में बार-बार ऐसे कार्यक्रम आयोजित होते हैं, तो इसका सीधा असर छात्र-छात्राओं की पढ़ाई पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलना उनका अधिकार है और उनके भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि ऐसी राजनीतिक गतिविधि एवं आयोजन होगें तो हम इसका पूरी ताकत से विरोध करेंगे, धरना प्रदर्शन एवं भूख हड़ताल में बैठने के लिए बाध्य होंगे जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रबंधन एवं जिला प्रशासन की होगी। ज्ञापन के माध्यम से पूर्व में आयोजित कार्यक्रमों की निष्पक्ष जांच, प्राचार्य की भूमिका की जांच तथा भविष्य में विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित करने वाले बाहरी राजनीतिक कार्यक्रमों पर रोक लगाने की मांग की गई। साथ ही दोषी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई। एनएसयूआई ने स्पष्ट किया कि यह मांग किसी राजनीतिक दल के विरोध में नहीं, बल्कि महाविद्यालय की शैक्षणिक गरिमा और छात्र-छात्राओं के शिक्षा के अधिकार की रक्षा के लिए है। ज्ञापन सौंपते समय दर्जनों छात्र छात्रा मौजूद रहे।
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अवैध रूप से भण्डारित 350 घन मीटर रेत का किया गया विनिष्टिकरण
शहडोल
कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देशन में तथा खनिज अधिकारी राहुल शांडिल्य के मार्गदर्शन मे आज खनिज विभाग द्वारा पुलिस विभाग के सहयोग से संयुक्त रूप से तहसील गोहपारू अंतर्गत ग्राम अतरिया मे तीन अलग-अलग स्थानों पर 350 घन मीटर खनिज रेत का अवैध भंडारण पाए जाने पर जेसीबी मशीन के माध्यम से मिट्टी मिलाकर विनिष्टिकरण किया गया। उक्त कार्यवाही खनि निरीक्षक किशोर भोन्डेकर, पवन डोंगरे, आकाश चौबे तथा सर्वेयर समयलाल गुप्ता के द्वारा पुलिस विभाग के सहयोग से किया गया।
इसी प्रकार ग्राम चुहिरी में खनिज रेत का अनधिकृत भण्डारण मे संलग्न होने पर वाहन को जब्त किया जाकर थाना गोहपारू में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया एवं खनिज नियमों के तहत कार्यवाही की जा रही है
विभाग द्वारा गोहपारू तहसील अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों पर खनिजों के अवैध उत्खनन,परिवहन एवम भण्डारण की सतत रूप से जांच की जा रही है।
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मुख्यमंत्री के आगमन पर फर्जी वाहनो का बिल, एक ही फर्म की पाँच अलग-अलग गाड़ियों के नाम पर पर भुगतान
उमरिया
जनपद पंचायत पाली की ग्राम पंचायत धनवाही में देखने को मिला है, जहाँ ग्राम पंचायत की सरपंच छोटी बाई और सचिव ने मिलकर मुख्यमंत्री जैसे संवैधानिक पद के आगमन की आड़ में फर्जी वाहन बिलों का एक ऐसा जाल बुना है, जिसे देखकर हर कोई हैरान है, एक ही फर्म, एक ही बैंक खाता, एक ही व्यक्ति और पाँच अलग-अलग गाड़ियों के नाम पर कुल 20,500 रुपये का भुगतान कर दिया गया है, और यह सब हुआ है पंचायती राज अधिनियम, वित्तीय नियमों और सरकारी प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ाते हुए, प्राप्त पाँचों बिलों की गहनता से जांच करने पर यह पूरा मामला सिर्फ अनियमितता नहीं बल्कि सोची-समझी साजिश और सरकारी धन के गबन की श्रेणी में आता है।
मामले का पर्दाफाश तब हुआ जब पंचायत के दस्तावेज सामने आए, सभी पाँचों बिल दिव्या यादव ग्राम सेमरिया जिला उमरिया नामक फर्म के लेटरहेड पर बने हैं, जिस पर बड़े अक्षरों में लिखा है नोट-हमारे यहाँ बोलेरो गाड़ी किराये पर उपलब्ध है, मोबाइल नंबर 7828600685, बैंक खाता नंबर 580402010024554 यूनियन बैंक ऑफ इंडिया उमरिया और IFSC कोड UBIN0558044 सभी बिलों पर एक जैसा है, जो यह साबित करता है कि यह एक ही व्यक्ति की फर्म है, अब जरा बिलों की तारीख और गाड़ियों के नंबर पर गौर कीजिए, पहला बिल क्रमांक 44 दिनांक 25 अक्टूबर 2022 को जारी किया गया है, जिसमें गाड़ी नंबर MP 17 ZA 1482 पिकअप गाड़ी के नाम पर 4900 रुपये का भुगतान दिखाया गया है और विवरण में खनिज ले जाना जैसा कुछ लिखा है, दूसरा बिल क्रमांक 42 दिनांक 30 नवंबर 2022 का है, जिसमें गाड़ी नंबर MP 54 T 0666 बोलेरो के नाम पर 4700 रुपये का भुगतान, तीसरा बिल क्रमांक 43 दिनांक 23 दिसंबर 2022 का है, जिसमें गाड़ी नंबर MP 54 Z 1817 बुलेरो के नाम पर मुख्यमंत्री आगमन के नाम पर 3000 रुपये का भुगतान, चौथा बिल क्रमांक 40 दिनांक 29 दिसंबर का है, जिसमें गाड़ी नंबर MP 54 T 1061 बोलेरो के नाम पर मुख्यमंत्री आगमन के नाम पर ही 3000 रुपये का भुगतान और पाँचवां बिल क्रमांक 41 दिनांक 03 दिसंबर 2024 का है, जिसमें गाड़ी नंबर MP 54 BN 4726 बुलेरो के नाम पर मुख्यमंत्री आगमन के नाम पर ही 4900 रुपये का भुगतान दर्शाया गया है, यानी महज दो महीने के भीतर अक्टूबर से दिसंबर 2022 के बीच ही चार अलग-अलग गाड़ियों के नाम पर 15,600 रुपये और फिर दो साल बाद 2024 में फिर से उसी फर्म की पाँचवीं गाड़ी के नाम पर 4900 रुपये, कुल मिलाकर 20,500 रुपये का भुगतान ग्राम पंचायत धनवाही के खाते से किया गया है और इन सभी पाँचों बिलों पर ग्राम पंचायत धनवाही की सरपंच श्रीमती छोटी बाई और सचिव के हस्ताक्षर और सील लगी हुई है, बिना उनके हस्ताक्षर के पंचायत से एक रुपया भी नहीं निकल सकता, इसलिए इस पूरे घोटाले की सीधी जिम्मेदारी सरपंच श्रीमती छोटी बाई और सचिव की ही बनती है।

