भीषण अग्निकांड, पलभर में राख हुई पूरी गृहस्थी, मौत के मुहाने से लौटे पांच लोग, बर्तन तक पिघल गए
अनूपपुर
प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक के नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत वार्ड क्रमांक 15, जमुना दादर गली नंबर 2 में दरम्यानी रात भीषण आगजनी की घटना सामने आई। इस हादसे में राजकुमारी बाई (उम्र 36 वर्ष), पिता गुलाब सिंह के कच्चे झोपड़ी मकान में अचानक आग लग गई, जिससे घर में रखा संपूर्ण गृहस्थी का सामान जलकर खाक हो गया। गनीमत यह रही कि आग लगने के समय झोपड़ी के अंदर सो रहे पांचों लोग महिला, उसका 6 वर्षीय पुत्र, बहन, बहनोई और मौसी समय रहते बाहर निकल आए, जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई।
आग इतनी भीषण थी कि घर में रखे लोहे और एल्युमिनियम के बर्तन तक जलकर विकृत हो गए और उनकी आकृति बिगड़ गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और टीन की अलमारी, कपड़े, बिस्तर, चद्दर, कंबल, पलंग, रसोई के बर्तन, राशन, सोने-चांदी के आभूषण, गुल्लक में रखे करीब 6 हजार रुपए, विद्युत पंखा सहित अन्य सामग्री पूरी तरह नष्ट हो गई। इतना ही नहीं, बच्चे के स्कूल के दस्तावेज, आधार कार्ड, समग्र आईडी सहित सभी जरूरी कागजात भी आग की भेंट चढ़ गए।
सूचना मिलते ही नगर परिषद अमरकंटक की अग्निशमन टीम मौके पर पहुंची और आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक सब कुछ जलकर राख हो चुका था। उल्लेखनीय है कि प्रभावित झोपड़ी के आसपास करीब 50-60 अन्य झोपड़ियां स्थित हैं। समय रहते आग पर काबू पा लिया गया, अन्यथा यह हादसा और भी भयावह रूप ले सकता था।
पीड़िता राजकुमारी बाई, जो मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करती है और सोशल मीडिया पर रील बनाकर भी सक्रिय रहती थी, ने बताया कि आग की इस घटना में उसका सब कुछ तबाह हो गया है। उसके महंगे वस्त्र, मेकअप का सामान और मोबाइल से जुड़े संसाधन भी नष्ट हो गए। पीड़िता ने भावुक होकर बताया कि उसने पाई-पाई जोड़कर अपना घर और सामान तैयार किया था, जो एक ही रात में खत्म हो गया। थाना अमरकंटक पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।