बैल के हमले से किसान की आंत आई पेट से बाहर, घायल का डॉक्टर ने उपचार करके बचाई जान
बैल के हमले से किसान की आंत आई पेट से बाहर, घायल का डॉक्टर ने उपचार करके बचाई जान
अनूपपुर
कहते हैं डॉक्टर भगवान होते हैं कहावत जिला चिकित्सालय में प्रत्यक्ष रूप से देखने को मिली, जहां घर में बैल बांधते समय एक अधेड़ पर बैल ने हमला कर दिया, गंभीर रूप से घायल पेट फटने से शरीर के अंदर की पूरी आंते बाहर आ गई सूचना पर सर्जन साकेत कौशिक ने देर रात अस्पताल पहुंचकर पीड़ित का उपचार किए जाने से जान बच सकी।
जैतहरी तहसील एवं थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत एवं ग्राम गौरेला निवासी 50 वर्षीय बहादुर पिता लाल्ला सिंह गोंड अपने घर के गौशाला में पालतू बैल को रस्सी से बांध रहे थे, तभी अचानक बैल ने बहादुर पर हमला कर दिया, जिससे बैल की सींग बहादुर के पेट में घुसने से पेट के अंदर की पूरी आंत बाहर आ गई, घटना की जानकारी मिलने पर क्षेत्र के पूर्व जनपद सदस्य फुंदेलाल सिंह ने जिला मुख्यालय अनूपपुर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल एवं जैतहरी बीएमओ डॉक्टर मोहन सिंह श्याम को घटना की जानकारी देते हुए मरीज को एंबुलेंस से जिला चिकित्सालय मरीज को लाया गया, ड्यूटी डॉक्टर हिमांशु पांडेय एवं शशिधर अग्रवाल की सूचना पर सर्जन डां. कौशिक साकेत सूचना मिलने पर जिला चिकित्सालय पहुंचकर 2 घंटे की निरंतर मेहनत करते हुए मरीज के पेट से बाहर निकले आंतो को पूरी तरह अंदर करते हुए कई टांके लगाकर उपचार किया। समय पर उपचार किए जाने से एक गरीब मजदूर एवं कृषक की जान बच सकी, जो जिला चिकित्सालय में उपचाररत भर्ती है।

