दबंग पब्लिक प्रवक्ता

दो दिवसीय भव्य कुश्ती प्रतियोगिता का हुआ भव्य शुभारंभ, महिला व पुरुष पहलवानों ने दिखाया दांव पेंच


अनूपपुर

जिले के पसान नगरपालिका क्षेत्र में आयोजित दो दिवसीय भव्य दंगल (कुश्ती) प्रतियोगिता का शुक्रवार को भव्य शुभारंभ हुआ। आयोजन के पहले ही दिन राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर के महिला एवं पुरुष पहलवानों ने अपने दमदार दांव-पेंच और शानदार खेल कौशल से हजारों दर्शकों का दिल जीत लिया। अखाड़े में हुए एक से बढ़कर एक रोमांचक मुकाबलों ने खेल प्रेमियों को अंत तक बांधे रखा।

कार्यक्रम का शुभारंभ नगर पालिका अध्यक्ष राम अवध सिंह ने पहलवानों को माला पहनाकर एवं उनका आत्मीय स्वागत कर किया। इस अवसर पर उन्होंने खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि कुश्ती भारत की प्राचीन एवं गौरवशाली परंपरा का हिस्सा है। ऐसे आयोजन युवाओं को खेलों से जोड़ने, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना विकसित करने तथा क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने आयोजन समिति की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के आयोजन क्षेत्र की सांस्कृतिक एवं खेल परंपरा को नई पहचान देते हैं।

दंगल के पहले दिन कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिले, लेकिन सबसे अधिक आकर्षण महिला पहलवानों के मुकाबले रहे। महिला खिलाड़ियों ने बेहतरीन तकनीक, फुर्ती और दमदार प्रदर्शन का परिचय देते हुए पुरुष पहलवानों को भी पटखनी देकर दर्शकों की जमकर वाहवाही बटोरी। महिला पहलवानों के शानदार प्रदर्शन पर पूरा पंडाल तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और दर्शकों ने खड़े होकर उनका उत्साहवर्धन किया। देश के विभिन्न राज्यों से पहुंचे नामी महिला एवं पुरुष पहलवानों ने अखाड़े में शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी ताकत, तकनीक और अनुभव का परिचय दिया।

यातायात कार्यालय से महज़ 100 मीटर दूर उड़ रही नियमों की धज्जियाँ, नाबालिगों की बाइक चलाने पर मौन हैं विभाग


अनूपपुर

सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के पालन को लेकर लगातार जागरूकता अभियान चलाए जाने के बावजूद जिला मुख्यालय स्थित अशासकीय भारत ज्योति उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के बाहर एक गंभीर स्थिति देखने को मिल रही है। विद्यालय, जो यातायात विभाग कार्यालय से लगभग 100 मीटर की दूरी पर संचालित है, वहां प्रतिदिन अनेक छात्र-छात्राएं बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के बुलेट, मोटरसाइकिल और स्कूटर जैसे दोपहिया वाहनों से विद्यालय पहुंच रहे हैं।

विद्यालय के प्राचार्य अलेक्जेंडर ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए स्पष्ट व्यवस्था लागू की है कि केवल वही वाहन विद्यालय परिसर की पार्किंग में प्रवेश करेंगे, जिनके चालक के पास वैध ड्राइविंग लाइसेंस होगा तथा जो यातायात नियमों का पालन करेंगे। बिना लाइसेंस वाहन चलाकर आने वाले विद्यार्थियों के दोपहिया वाहनों को विद्यालय की बाउंड्री वॉल के बाहर ही खड़ा कराया जाता है। यह कदम विद्यालय प्रशासन की जिम्मेदार और अनुशासित सोच को दर्शाता है।

हालांकि प्रश्न यह उठता है कि जब प्रतिदिन बिना लाइसेंस चलने वाले वाहनों की जानकारी खुले तौर पर सामने है और यह स्थान स्वयं यातायात विभाग कार्यालय के बेहद निकट है, तब भी विभाग द्वारा न तो चालानी कार्रवाई की जा रही है, न वाहन जब्त किए जा रहे हैं और न ही मोटर वाहन अधिनियम के तहत वाहन स्वामियों अथवा अभिभावकों के विरुद्ध कोई प्रभावी कार्रवाई की जा रही है।

जनहित में अपेक्षा है कि यातायात विभाग इस मामले का तत्काल संज्ञान लेकर विद्यालय के बाहर नियमित जांच अभियान चलाए, बिना लाइसेंस वाहन चला रहे विद्यार्थियों एवं संबंधित वाहन स्वामियों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के अनुसार कार्रवाई करे तथा अभिभावकों को भी जागरूक बनाए, ताकि सड़क सुरक्षा के नियम केवल कागजों तक सीमित न रह जाएं, बल्कि धरातल पर भी प्रभावी रूप से लागू हों।

नर्मदा मंदिर ट्रस्ट पर जवाबदेही का संकट, विधायक का बड़ा हमला, रिकॉर्ड जनता व पत्रकारों के सामने रखे ट्रस्ट

*प्रशासन और ट्रस्ट पर बढ़ा पारदर्शिता का दबाव*


अनूपपुर

अमरकंटक स्थित मां नर्मदा मंदिर ट्रस्ट एक बार फिर विवादों के केंद्र में है। ट्रस्ट की आय-व्यय, करोड़ों रुपये के चढ़ावे और संपत्तियों का सार्वजनिक लेखा-जोखा मांगने वाले पुष्पराजगढ़ विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने अब प्रस्तावित ट्रस्ट बैठक को लेकर नया  मोर्चा खोल दिया है। 

मां नर्मदा करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र हैं और इसी आस्था के संरक्षण की जिम्मेदारी मां नर्मदा मंदिर ट्रस्ट पर है।  विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने ट्रस्ट की वर्षों की आय-व्यय, सोना-चांदी, चल-अचल संपत्तियों और विकास कार्यों का सार्वजनिक विवरण मांगकर बहस को नया आयाम दे दिया है। अब बैठक की तिथि बदलने की मांग और वीडियो संदेश में रिकॉर्ड सार्वजनिक करने की अपील ने पूरे मामले को और गंभीर बना दिया है। सवाल यह नहीं कि बैठक कब होगी, बल्कि यह है कि क्या ट्रस्ट जनता के सामने अपने वित्तीय और प्रशासनिक रिकॉर्ड रखने को तैयार है।

मां नर्मदा मंदिर ट्रस्ट की बैठक पहले 15 जुलाई को प्रस्तावित थी, जिसे बाद में 18 जुलाई के लिए निर्धारित किया गया। अब विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने कलेक्टर को पत्र लिखकर बैठक की तिथि फिर बदलने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि यदि बैठक 18 जुलाई को होती है तो ट्रस्ट का पूरा रिकॉर्ड पत्रकारों और जनता के समक्ष सार्वजनिक किया जाना चाहिए।

विधायक की सबसे बड़ी मांग ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता को लेकर है। उनका कहना है कि ट्रस्ट के गठन से लेकर आज तक मंदिर में आए चढ़ावे, सोना-चांदी, नकद दान, चल-अचल संपत्तियों और विकास कार्यों पर हुए खर्च का पूरा विवरण सार्वजनिक होना चाहिए। 

मामला केवल ट्रस्ट तक सीमित नहीं है बल्कि प्रशासन की भूमिका भी चर्चा का विषय बन गई है। ट्रस्ट की बैठकों का संचालन प्रशासनिक निगरानी में होता है, ऐसे में यह अपेक्षा स्वाभाविक है कि जनता द्वारा उठाए गए सवालों का जवाब भी प्रशासनिक स्तर पर मिले। यदि रिकॉर्ड उपलब्ध हैं तो उन्हें सार्वजनिक करने में देरी क्यों हो रही है।

विधायक ने कहा की यदि ट्रस्ट आर्थिक रूप से इतना सक्षम है तो अमरकंटक में श्रद्धालुओं को अब भी मूलभूत सुविधाओं के लिए संघर्ष क्यों करना पड़ता है। स्वच्छता, पेयजल, पार्किंग, यातायात व्यवस्था, श्रद्धालुओं के ठहरने की सुविधाएं और अन्य विकास कार्य अपेक्षित स्तर पर क्यों नहीं दिखाई देते है।

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