दबंग पब्लिक प्रवक्ता

कण कण में विज्ञान पुस्तक, आलेख एवं कविताओं का संग्रह व ज्ञानवर्धक


पुस्तक समीक्षा

पुस्तक - कण कण में विज्ञान

समीक्षक - सुशी सक्सेना

कण कण में विज्ञान पुस्तक बहुत से विज्ञान लेखकों और विज्ञान से संबंधित बच्चों के रचनात्मक सहयोग से बनी है। यह आलेख एवं कविताओं का संग्रह है, जिनसे विज्ञान से संबंधित बहुत सारी रोचक और ज्ञानवर्धक जानकारी प्राप्त होगी। इसे स्पेस टू स्पेस समूह के संस्थापक अमर पाल सिंह और  लेखिका सुशी सक्सेना ने मिलकर संपादित किया है। कण कण में विज्ञान एक अद्वितीय और रोचक पुस्तक है जो विज्ञान के विभिन्न पहलुओं को सरल और सुलभ भाषा में प्रस्तुत करती है। इस पुस्तक का मुख्य उद्देश्य विज्ञान को आम जनता तक पहुंचाना है। 

पुस्तक में विज्ञान के बुनियादी सिद्धांतों और अवधारणाओं को समझाया गया है। यह न केवल वैज्ञानिक तथ्यों को बताती है, बल्कि उनके पीछे के कारणों और प्रभावों को भी स्पष्ट करती है। सहयोगी लेखकों ने विभिन्न अध्यायों में यह समझाने का प्रयास किया है कि विज्ञान हमारे दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा है। यह विद्यार्थियों और विज्ञान में रुचि रखने वालों के लिए बेहद उपयोगी है।

पुस्तक की भाषा सरल और सुलभ है, जिसे विभिन्न आयु वर्ग के पाठक इसे आसानी से समझ सकते हैं।वैज्ञानिक अवधारणाओं को समझाने के लिए पुस्तक में कई चित्र और डायग्राम शामिल हैं, जो पाठकों के लिए समझ को और भी आसान बना देते हैं। यह पुस्तक शिक्षकों और विद्यार्थियों के लिए एक मूल्यवान संसाधन हो सकती है। जो लोग विज्ञान में रुचि नहीं रखते हैं, उनके लिए भी यह पुस्तक प्रेरणादायक हो सकती है। यह विज्ञान की रोचकता और उसकी महत्ता को उजागर करती है।

कण कण में विज्ञान एक उत्कृष्ट पुस्तक है जो विज्ञान को सरल, सुलभ और रोचक तरीके से प्रस्तुत करती है। यह न केवल विज्ञान के विद्यार्थियों के लिए बल्कि आम पाठकों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संसाधन हो सकती है। लेखकों की लेखन शैली और प्रस्तुतिकरण की विधि पुस्तक को और भी प्रभावी बनाती है।

योग से निरोग रहने के साथ मिलती है आध्यात्मिक शक्ति व ऊर्जा का संचार- योगाचार्य बालयोगी

*बर्फानी आश्रम अमरकंटक में आयोजित हुआ अष्टांग योग शिविर*


अमरकंटक बर्फानी आश्रम के मठाधीश दिगंबर अखाड़े के महामंडलेश्वर लक्ष्मण दास बाल योगी ने योग दिवस के अवसर पर एक देसी सीवर का संचालन किया जिसमें उन्होंने योग के विभिन्न पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए आए हुए प्रशिक्षण राशियों का मार्गदर्शन भी किया।

अनूपपुर

अमरकंटक स्थित बर्फानी आश्रम के श्री महंत योगाचार्य लक्ष्मण दास बाल योगी ने बर्फानी आश्रम अमरकंटक में आयोजित अष्टांग योग शिविर में प्रशिक्षणओ को संबोधित करते हुए कहा कि योग से शरीर तो निरोग होता ही है साथ साथ में ऐसी अध्यात्मिक शक्ति प्राप्त होती है जिससे शरीर को नई ऊर्जा मिलती है, उनका मानना है कि अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस हर साल मनाया जाता है। हर वर्ष इस दिन को एक खास थीम के साथ मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य योग के लाभों के बारे में जागरूकता बढ़ाना होता है। इस साल योग फॉर सेल्फ एंड सोसायटी की थीम के योग दिवस 2024 मनाया जा रहा है यह थीम इस बात को दर्शाती है कि योग सिर्फ व्यक्तिगत कल्याण के लिए ही नहीं इह दिन भारत के लिए बेहद खास होता है, क्योंकि योग के मामले में भारत को विश्व गुरु माना जाता है। योग का हम सभी के जीवन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है। माना जाता है कि इसे करने से व्यक्ति बड़े से बड़े तनाव से छुटकारा पा सकता है। आजकल ऑफिस और पारिवारिक समस्याओं के चलते हर दूसरा व्यक्ति तनाव से ग्रस्त है। ऐसे में सभी को योग करने की विशेष सलाह दी जा रही है। इससे न केवल मानसिक शांति मिलती है बल्कि सोचने समझने की क्षमता में भी वृद्धि होती है। वहीं कुछ लोग योग न करके ध्यान करने पर अधिक विश्वास रखते हैं, क्योंकि इससे सुकून और संतुलन होने का एहसास होता है। इसके अलावा ध्यान व्यक्ति को भावनात्मक रूप से भी मजबूत बनाता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि ध्यान, धारणा, समाधि का योग से क्या संबंध है?  अगर नहीं तो आइए जान लेते हैं।

*ध्यान, धारणा, समाधि का योग से क्या संबंध है ?*

महर्षि पतंजलि को दुनिया का पहला योग गुरु माना जाता है। उन्होंने योग के अभ्यास और दर्शन पर गहरा प्रभाव डाला है। साथ ही योग के 196 मुद्राओं को आम लोगों के लिए सहेजा है। योग के आठ अंग माने जाते हैं, जिसे अष्टांग कहते हैं। इनमें यम, नियम, आसन, प्राणायाम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान और समाधि का नाम शामिल है। अष्टांग योग करने से शारीरिक रूप से ताकत और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। शरीर के सभी अंगों को मजबूत करने के लिए योग के इन आठों अंगों का अभ्यास करना अनिवार्य है। इससे शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार से शांति भी मिलती है। दूसरे शब्दों में कहे तो ध्यान, धारणा और समाधि ये सभी योग के चरण है, जो एक साथ मिलकर अष्टांग का निर्माण करते है।

*ध्यान, धारणा और समाधि में अंतर*

ध्यान, धारणा, समाधि ये योग के चरण माने जाते हैं। ध्यान करते समय व्यक्ति अपनी एकाग्रता को गहराई तक ले जाने का प्रयास करता है, जिससे एकाग्र क्षमता बढ़ती है। साथ ही इसे करने से मन के विचलन को भी कम किया जाता है। वहीं धारणा की हमारे जीवन में अहम भूमिका होती है। धारणा में व्यक्ति बाहरी चीजों से मन हटाकर एक बिंदु पर स्थिर होता है। इसमें मन पूरी तरह से शांत और किसी एक चीज पर केंद्रित हो जाता है। इस दौरान व्यक्ति को आंतरिक शांति और स्पष्टता का अनुभव होता है। इसके अलावा समाधि, जिसे योग का अंतिम स्तर माना जाता है। इसे आध्यात्मिक और ध्यान की उच्च अवस्था कहते है, जिसमें व्यक्ति को शांति और सुकून का अनुभव होता है।

अखिल भारतीय पत्रकार कल्याण संघ का पत्रकार संगोष्ठी व सम्मान समारोह का होगा आयोजन

*नर्मदे हर सेवा न्यास बराती अमरकंटक में मां नर्मदा की पूजा अर्चना के साथ कार्यक्रम होगा आरंभ*


अनूपपुर 

अखिल भारतीय पत्रकार कल्याण संघ का प्रांतीय अधिवेशन कार्यकारिणी गठन, राष्ट्रीय कार्य परिषद की बैठक प्रगतिशील पत्रकार सम्मान एवं संगोष्ठी कार्यक्रम अमरकंटक के नर्ड हर सेवा न्यास आश्रम में 23 जून दिन रविवार को आयोजित हो रहा है जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में दिलीप जायसवाल कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री, मध्य प्रदेश शासन कार्यक्रम के अध्यक्ष राम लाल रौतेल अध्यक्ष कोल विकास प्राधिकरण, मध्य प्रदेश शासन एवं विशिष्ट अतिथि हिमाद्री सिंह, सांसद शहडोल, फुन्देलाल सिंह मार्को, विधायक पुष्पराजगढ़, डी.सी. सागर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, आशीष वशिष्ठ, कलेक्टर अनूपपुर, जीतेन्द्र सिंह पंवार, पुलिस अधीक्षक अनूपपुर की गरिमामई उपस्थिति में होने जा रहा है। 

कार्यक्रम के मुख्यवक्ता के रूप में  श्री प्रशांत बाजपेई राष्ट्रीय विचारक लेखक पाचजन्य पत्रिका एवं श्री शरद दीक्षित राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिल भारतीय पत्रकार कल्याण संघ होंगे। आयोजक मंडल ने जिले एवं संभाग सहित मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों से पत्रकारों का आमंत्रित किया है और प्रगतिशील पत्रकारों का अधिक से अधिक कार्यक्रम में शामिल होने का संगठन ने आग्रह किया है, कार्यक्रम का प्रमुख विषय पत्रकारिता का वर्तमान परिदृश्य एवं पत्रकार सुरक्षा है ,अखिल भारतीय पत्रकार कल्याण संघ, प्रांतीय समिति मध्य प्रदेश के सदस्य आदर्श दुबे अनूपपुर , नरेन्द्र बुधोलिया रीवा-, विकास सोनी जबलपुर संजय सिंह कटनी ,राजेश लाड ग्वालियर, अनूप रॉबिन जबलपुर व्यवस्था देख रहे हैं।

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