सचिव के पंचायत से नदारद रहने और नल-जल योजना के बंद होने से ग्रामीण परेशान, कलेक्टर से की शिकायत
सचिव के पंचायत से नदारद रहने और नल-जल योजना के बंद होने से ग्रामीण परेशान, कलेक्टर से की शिकायत
अनूपपुर
कोतमा जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत गोडारू में कथित भ्रष्टाचार, अव्यवस्था और मूलभूत सुविधाओं की बदहाली को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों ने पंचायत सचिव पर मनमाने तरीके से कार्य करने और कई दिनों तक पंचायत भवन से नदारद रहने के आरोप लगाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि सचिव की अनुपस्थिति के कारण पंचायत से जुड़े छोटे-बड़े कार्य प्रभावित हो रहे हैं और हितग्राहियों को बार-बार पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
ग्रामीणों के अनुसार गरीब एवं मजदूर वर्ग के लोग आवश्यक कार्यों के लिए सुबह से पंचायत पहुंचते हैं और घंटों इंतजार करने के बाद भी उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। ग्रामीणों ने पंचायत में नियमित रूप से सचिव की उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है।
ग्रामीणों का आरोप है कि लाखों रुपये की लागत से तैयार नल-जल योजना का अपेक्षित लाभ गांववासियों को नहीं मिल रहा है। गांव के बीच स्थापित पानी की टंकी खड़ी होने के बावजूद कई वार्डों में पेयजल संकट बना हुआ है। लोगों को आज भी पानी के लिए लाइन लगाने तथा दूर-दराज से पानी लाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
गांव की बदहाल सड़कों को लेकर भी ग्रामीणों में आक्रोश है। बारिश के दौरान कई रास्ते कीचड़ में तब्दील हो जाते हैं, जिससे आवागमन प्रभावित होता है।
कुछ दिनों पूर्व बदरा में आयोजित जन विश्वास शिविर में जिला कलेक्टर के पास पंचायत में मची अनियमितता एवं मनमर्जी को लेकर सचिव के खिलाफ शिकायत कर जांच की मांग की गई है।

