दबंग पब्लिक प्रवक्ता

 भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के आंखों से ओझल उमरिया, जिले के दिग्गज   फिसड्डी, अनूपपुर की बल्ले बल्ले, जिताऊ उमरिया को ठेंगा 


उमरिया

मध्यप्रदेश में चल रही निगम, प्रकोष्ठों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों में उमरिया जिले को स्थान न मिलने से एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के उच्च आलाकमान और उनकी , मोहन सरकार की  कार्य शैली को लेकर तीखे सवाल खड़े हो रहें हैं। उमरिया जिले की इस उपेक्षा पूर्ण कार्य शैली ने न सिर्फ मोहन सरकार पर सवाल खड़े कर दिये है, इस प्रक्रिया ने भाजपा के आंतरिक लोकतंत्र को लेकर भी गहरे सवाल उठा कर चर्चाओं को सरगर्म कर रखा है, क्योंकि जितनी नियुक्तिया होनी थी वह लगभग हो चुकी , शायद अब  गुंजाइश बची नही, और अगर होगी भी तो उमरिया को स्थान मिले उसकी संभावनाएं कम ही है। यद्यपि  उमरिया को उसका वाजिब हक मिलना चाहिए। शहडोल संभाग के अनूपपुर से रामलाल रौतेल और शहडोल से राजेन्द्र भारती को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से नवाजा गया है, वही उमरिया के हिस्से में कुछ नहीं आया। जिससे  तुलनात्मक रूप से यह खाई और बढ चली है। आखिर कार उमरिया जिला जो कि 1980 के दशक से भाजपा को पालने -पोषने और वट वृक्ष तैयार करने में सराहनीय भूमिका निभाई, आज उसे दुर्दिन देखने को मिल रहा है , वह हासिये में खड़ा हुआ है। इस दृष्टि से भाजपा का शीर्ष  नेतृत्व उमरिया की उपेक्षा कर प्रदेश भर में क्या  संदेश देना चाहता है। हम शहडोल संभाग के राजनैतिक परिदृश्य पर चर्चा करने पर पता चलता है कि शहडोल संभाग में आठ विधानसभा क्षेत्र आतें है, जिनमें से भाजपा के पास सात विधायक है और जो अभी भी भाजपा के हिस्से में नहीं है वह है अनूपपुर जिले का पुष्पराजगढ़ विधानसभा ही है। पिछले पंचवर्षीय 2018 अनूपपुर जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने एक भी विधानसभा नही जीती थी। इस तरह से अनूपपुर जिले ने भाजपा को जब तब लंबी चोट दी है, फिर भी अनूपपुर को भाजपा सदैव उपकृत करने का रिवाज बना लिया है। इस परिपाटी ने  सवाल खड़ा कर दिया  कि अवसर वादियों के लिए भाजपा ऐसे सुनहरे अवसर कब तक देती रहेगी,क्योंकि वर्तमान में अनूपपुर से भाजपा सरकार में मंत्री, सांसद, प्रदेश प्रवक्ता, और अब अनुसूचित जन जाति के अध्यक्ष पद से नवाजा गया है। भाजपा की समीक्षा करने पर पता चलता है कि अनूपपुर जिले में भाजपा सबसे कमजोर है, आज भी घुटने तक ही उठ पायी है, फिर भी वहा  मध्यप्रदेश सरकार में दिलीप जयसवाल जो की दूसरी बार ही विधानसभा की देहरी तक पहुंचे हैं, फिर भी मंत्री जैसे तोहफे से नवाजे गयें है, जबकि दिलीप जयसवाल वर्ष 2008 में पहली बार विधायक बने और इनके विरूद्ध इतना जनाक्रोश बढ़ा की भाजपा आलाकमान ने वर्ष 2013 में प्रत्याशी बदल कर अपनी सीट को बचाने की कवायद की थी, तब इन्होंने भाजपा की जीती हुई बाजी को बदल कर काग्रेस की झोली में डलवाने में सफल हो गयें थे, फिर वर्ष 2018 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में इन्हें हार मिली थी। वर्तमान में दुबारा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे कि मंत्री जैसे पद से नवाज दिया गया, जबकि उमरिया से शहडोल से लगातार चुनाव जीतने वाले नेताओं को किनारे कर दिया गया। इस राजनैतिक घटना क्रम में देखा जाये तो उमरिया जिले ने लगातार  भाजपा की शान बढायी है फिर भी इस जिले वासियों को उसका वांछित लाभ नहीं मिल पाया। उनके लिए कभी भी  निगम, मंडलों के  पदों के लिए कभी नाम आगे नहीं बढाया गया । जबकि दो बार के हारे नेता रामलाल रौतेल के लिए सदा भाजपा उपहार में जिम्मेदार पदो पर सुशोभित किया, इस तरह से देखा जाये तो भाजपा में वर्तमान में जिताऊ नेताओं को कमतर आंकना और हारऊ नेताओं को उपकृत करने की रिवाज से उमरिया जिले के भाजपा नेताओं और गोंड समुदाय को व्यथित कर रखा है। अगर आदिवासी नेताओं को इस योग्य नहीं समझा गया था, तो अन्य समुदाय के भाजपा नेताओं में मिथलेश मिश्रा, मनीष सिंह, कमलेश गुप्ता, देवेश शर्मा, धनुषधारी सिंह,दिलीप पांडे  अरविंद बंसल, मान सिंह,राम नारायण पयासी , जैसे कर्मठ और निष्ठावान भाजपा नेताओं की लंबी कतार लगी हुई है । ध्यान देने योग्य है की इन नेताओं में मनीष सिंह वरिष्ठता क्रम और कर्तव्यनिष्ठा में इनका शानी जिले भर में कोई नेता नहीं है। वह खुद चुनाव जीतने और जीताने का,लंबा इतिहास कायम कर रखा है। उनकी पृष्ठभूमि का आकलन करने पर पता चलता है कि उन्होंने ने भाजपा के लिए जो जमीन बनायी, वह उनके लिए और अन्यों के लिये भी समान रूप से फलदायी रही। मनीष सिंह कालरी कर्मचारी उपभोक्ता भंडार में वर्ष  2002 से लेकर 2013 तक तीन पंचवर्षीय अध्यक्ष पद पर सुशोभित रहे, चूंकि संवैधानिक अडचन के कारण उन्हें 2013 से 2018 तक अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड सकें तब भी संचालक मंडल में विजयी होकर अपना स्थान सुरक्षित रखा, और वर्ष 2019 से 2024 तक पुनः अध्यक्ष पद पर आसीन होने का गौरव हासिल किया, इस तरह अपनी छबि एक जीताऊ बना रखी है। फिर भी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उमरिया जिले को उसका वाजिब हक न देकर उपेक्षा की है, जिसकी चर्चा  वर्तमान में पूरे संभाग भर में बनी हुई  है, देखना लाजिमी होगा कि क्या उमरिया के भी दिल बहुरेंगे ‌की भाजपा को गच्चा देने वाले अनूपपुर की यूँ ही बल्ले बल्ले बनी रहेगी।

जनजातीय समुदाय के भूमि पर व्यापारी के कब्जा क्षेत्र व हाथी प्रभावित क्षेत्र का आयोग के अध्यक्ष ने किया दौरा


अनूपपुर

मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने गुरुवार को जिला मुख्यालय अनूपपुर से, 4 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पोंडी(मानपुर) के मानपुर गांव में, ग्रामीण जनजातीय समुदाय के पूर्वजों के पट्टे की भूमि एवं शासकीय भूमि पर 50 वर्ष पूर्ण किए गए कब्जा की भूमि पर, विगत एक वर्ष के समय से अनूपपुर की एक बड़े व्यापारी द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से ग्रामीण जनों की भूमि पर कब्जा करके, मानपुर ग्राम मे अनेकों स्थानों पर आरसीसी पोंल खड़ा कर बाउंड्री बाल बनाए जाने, ग्रामीण जनों के पूर्वजों की भूमि पर बनाए गए भवनों पर जबरदस्ती बलपूर्वक कब्जा करने की कोशिश व पुलिस एवं प्रशासन से अनावश्यक दबाव बनाकर ग्रामीणों से मारपीट करने, कई तरह की धमकियां देकर धमकाया जाने से ग्रामीण जन परेशान है। जिसकी शिकायतें मिलने पर जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने गुरुवार की सुबह मानपुर ग्राम पहुंचकर पीड़ित ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनते हुए ग्रामीणों के बताए जाने पर कब्जा किए गए स्थलो का निरीक्षण करते हुए ग्रामीण जनों को एकजुट रहने प्रशासन से चर्चा कर जल्द ही एक बड़ा शिविर एवं बैठक करने का आश्वासन दिया।

श्री रौतेल अनूपपुर जिले से लगे शहडोल जिले के ग्राम पंचायत रामपुर,गिरवा एवं पड़रिया के क्षेत्र में विगत 10 दिनों से अधिक समय से विचरण कर रहे, एक बिगड़ैल हाथी से प्रभावित ग्रामीण जनों से मुलाकात कर हाथियों द्वारा किए गए मकान एवं अन्य संपत्तियों के नुकसान का स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम पंचायत पड़रिया के बैरिहा गांव निवासी रामसजीवन कोल,संपत कोल के मकानों को कई बार इस हाथी द्वारा तोड़फोड़ कर मकान को पूरी तरह नष्ट कर दिये जाने, गांव में विनोद सिंह बरगाही,बृजेश यादव,हेमराज यादव सहित अन्य ग्रामीणों की संपत्तियों का हाथी द्वारा किए गए नुकसान का निरीक्षण कर पीड़ितों से चर्चा करते हुए शीघ्र ही हाथी को इस इलाके से दूर भेजे जाने की कार्यवाही चलने से अवगत कराते हुए, पीड़ितों को उचित आर्थिक सहायता राशि दिलाए जाने की बात कही, 13 मई की रात ग्राम पंचायत गिरवा के निवासी छोटेलाल सिंह जो अपने गांव स्थित घर से गौशाला की ओर स्थित खेत में बने मकान में हाथी द्वारा हमला कर मृत कर देने उनके ही एक मवेशी को हमला कर मृत कर देने खेत में बने मकान को में तोड़फोड़ कर अंदर रखे विभिन्न तरह के अनाजों को खा लेने की घटना पर, मृतक छोटेलाल सिंह के घर पहुंच कर घटना के संबंध में चर्चा करते हुए दुख व्यक्त किया तथा शासन की योजना अंतर्गत तत्काल सहायता राशि दिए जाने बिगड़ैल हाथी का रेस्क्यू कार्य प्रारंभ होने तत्काल सुरक्षित स्थान पर भेजे जाने की बात कही। श्री रौतेल अपने भ्रमण दौरान ग्राम पंचायत एवं वन बीट रामपुर के बेलिया गांव में वन विभाग द्वारा बनाए गए हाथी के रेस्क्यू कैंप के कंट्रोल रूम स्थल पर पहुंच कर बिगड़ैल हाथी के रेस्क्यू के संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी केशवाही अंकुर तिवारी से बातचीत की उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन चुके इस बिगड़ैल हाथी को जल्द ही क्षेत्र के बाहर रेस्क्यू कर ले जाया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण जन पूर्व की तरह स्वतंत्र रूप से रह सके।

युवती की हत्या व लूट के दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, लूटा गया मोबाइल जप्त


अनूपपुर

जिले के बिजुरी पुलिस ने एक महिला की अंधी हत्या और लूट के मामले का महज 06 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दोनों मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

17 वर्षीय नाबालिग बालक ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपनी एक महिला मित्र सुमन (परिवर्तित नाम, उम्र 20 वर्ष) के साथ शाम करीब 7:30 बजे कोरजा कालरी बाउंड्री के पास, रेलवे लाइन रोड पर एक सुनसान बरगद पेड़ के नीचे बैठा था।

इसी दौरान दो अज्ञात बदमाश वहां पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए युवती के साथ अश्लील हरकत और जबरदस्ती करने लगे। जब नाबालिग साथी ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उसके सिर पर पत्थर से हमला कर दिया। बदमाशों ने मृतिका को घसीटकर पास की नाली के पास ले जाकर अर्धनग्न कर दिया।

घायल होने के बावजूद नाबालिग बालक ने आरोपियों से  मुकाबला किया और हाथापाई के दौरान एक आरोपी के सीने पर दांत से काट लिया। शोर मचने पर दोनों आरोपी वहां से भाग निकले, लेकिन जाते समय वे नाबालिग का मोबाइल स्कूटी की चाबी और मृतिका का लोवर ले गए।

गंभीर हालत में पीड़िता को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने शुरुआत में बदमाशों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं (296(b), 115(2), 74, 75(2), 76, 309(6), 3(5)) के तहत मामला दर्ज किया था। लेकिन पीएम रिपोर्ट और पीड़िता की मौत के बाद मामले में धारा 103(1) बीएनएस (हत्या) का इजाफा कर अज्ञात आरोपियों की तलाश तेज कर दी गई।

पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए घटना के मात्र 6 घंटे के भीतर दो संदिग्धों को हिरासत में लिया। कड़ी पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और मृतिका का लोवर बरामद कर लिया है। इसके साथ ही घटनास्थल से महत्वपूर्ण जैविक साक्ष्य भी संकलित किए गए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों के नाम गोलू कुशवाहा पिता शंकर कुशवाहा (उम्र 32 वर्ष), निवासी: ग्राम कोरेया (हाल छाता मोहल्ला, बिजुरी)। अख्तर अली कुरैशी पिता हिफाजत अली कुरैशी (उम्र 36 वर्ष), निवासी: वार्ड क्र. 12, बिजुरी है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।

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