दबंग पब्लिक प्रवक्ता

समाचार 01 फ़ोटो 01

युवक से मिलने गई युवती की संदिग्ध अवस्था में हुई मौत, दो आरोपियों से पूछताछ जारी, मौत का कारण अज्ञात

अनूपपुर

जिले बिजुरी थाना क्षेत्र में बुधवार की देर रात 20 वर्षीय युवती की संदेहास्पद स्थति में मौत हो गई। वहीं दो आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछतांछ जारी है। रात में ही पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब मौके पर पहुंच कर स्थिति का जायजा लिया और घटना की जानकारी ली। गुरूवार की सुबह पोस्टमर्डम जारी हैं। रिर्पोट के बाद ही स्थिति साफ होगी।

पुलिस के अनुसार बुधवार की रात्रि युवती अपने 17 वर्षिय युवक दोस्त के साथ सुनसान जगह में समय बिताने गई थी, लड़की को अकेला पा कर आरोपियों ने किया दुष्कर्म का प्रयास, युवती के साथ गए नाबालिग युवक पर आरोपियों ने किया हमला किया जिससे युवक घायल होकर गिर पड़ा, होश आने पर घायल युवक के विरोध के बाद भागे आरोपितों ने पुनः मारपीट कर मोबाईल सहित अन्य चीजे लेकर भाग निकले। अपराधिक प्रवृत्ति के आरोपियों द्वारा युवती से छेड़छाड़ और दुष्कर्म का प्रयास इसके बाद संदेहास्पद स्थति में अस्पताल में युवती को लाया गया जहाँ इलाज के दौरान युवती ने दम तोड़ा दिया। वहीं मौत के कारण का अब तक पता नही चल पाया है। पोस्टमार्डम रिर्पोट के बाद स्थिति साफ होगी। 

इस हैवानियत भरी घटना की खबर से पूरे क्षेत्र में सनसनी फैल गई। लोगों आक्रोशित हो गए और अस्पताल एवं पुलिस थाने में भारी भीड़ देर रात एकत्र हो गई। पुलिस द्वारा मामले की जांच एवं आरोपियों की तलाश के लिए अलग-अलग टीम बनाकर सर्च में जुट गई है। सूचना मिलने के बाद रात में ही अतरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम, एसडीओपी कोतमा आरती शाक्य अस्पताल एवं घटनास्थल पहुंच गए। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने पूरे मामले में लड़की के साथ आरोपियों द्वारा छेड़छाड़ करने और युवती के साथ गए नाबालिग युवक के साथ मारपीट करने की बात कही है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। दो संदेहियों को हिरासत में लेकर पूछतांछ की जा रहीं हैं।

समाचार 02 फ़ोटो 02

जनजातीय समुदाय के भूमि पर व्यापारी ने किया कब्जा, आयोग अध्यक्ष ने किया कब्जे भूमि का किया निरीक्षण

*हाथी प्रभावित क्षेत्र का भ्रमण कर हाथी के रेस्क्यू पर वन अधिकारियों से की बातचीत*

अनूपपुर

मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने गुरुवार को जिला मुख्यालय अनूपपुर से, 4 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पोंडी(मानपुर) के मानपुर गांव में, ग्रामीण जनजातीय समुदाय के पूर्वजों के पट्टे की भूमि एवं शासकीय भूमि पर 50 वर्ष पूर्ण किए गए कब्जा की भूमि पर, विगत एक वर्ष के समय से अनूपपुर की एक बड़े व्यापारी द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से ग्रामीण जनों की भूमि पर कब्जा करके, मानपुर ग्राम मे अनेकों स्थानों पर आरसीसी पोंल खड़ा कर बाउंड्री बाल बनाए जाने, ग्रामीण जनों के पूर्वजों की भूमि पर बनाए गए भवनों पर जबरदस्ती बलपूर्वक कब्जा करने की कोशिश व पुलिस एवं प्रशासन से अनावश्यक दबाव बनाकर ग्रामीणों से मारपीट करने, कई तरह की धमकियां देकर धमकाया जाने से ग्रामीण जन परेशान है। जिसकी शिकायतें मिलने पर जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने गुरुवार की सुबह मानपुर ग्राम पहुंचकर पीड़ित ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनते हुए ग्रामीणों के बताए जाने पर कब्जा किए गए स्थलो का निरीक्षण करते हुए ग्रामीण जनों को एकजुट रहने प्रशासन से चर्चा कर जल्द ही एक बड़ा शिविर एवं बैठक करने का आश्वासन दिया।

श्री रौतेल अनूपपुर जिले से लगे शहडोल जिले के ग्राम पंचायत रामपुर,गिरवा एवं पड़रिया के क्षेत्र में विगत 10 दिनों से अधिक समय से विचरण कर रहे, एक बिगड़ैल हाथी से प्रभावित ग्रामीण जनों से मुलाकात कर हाथियों द्वारा किए गए मकान एवं अन्य संपत्तियों के नुकसान का स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम पंचायत पड़रिया के बैरिहा गांव निवासी रामसजीवन कोल,संपत कोल के मकानों को कई बार इस हाथी द्वारा तोड़फोड़ कर मकान को पूरी तरह नष्ट कर दिये जाने, गांव में विनोद सिंह बरगाही,बृजेश यादव,हेमराज यादव सहित अन्य ग्रामीणों की संपत्तियों का हाथी द्वारा किए गए नुकसान का निरीक्षण कर पीड़ितों से चर्चा करते हुए शीघ्र ही हाथी को इस इलाके से दूर भेजे जाने की कार्यवाही चलने से अवगत कराते हुए, पीड़ितों को उचित आर्थिक सहायता राशि दिलाए जाने की बात कही, 13 मई की रात ग्राम पंचायत गिरवा के निवासी छोटेलाल सिंह जो अपने गांव स्थित घर से गौशाला की ओर स्थित खेत में बने मकान में हाथी द्वारा हमला कर मृत कर देने उनके ही एक मवेशी को हमला कर मृत कर देने खेत में बने मकान को में तोड़फोड़ कर अंदर रखे विभिन्न तरह के अनाजों को खा लेने की घटना पर, मृतक छोटेलाल सिंह के घर पहुंच कर घटना के संबंध में चर्चा करते हुए दुख व्यक्त किया तथा शासन की योजना अंतर्गत तत्काल सहायता राशि दिए जाने बिगड़ैल हाथी का रेस्क्यू कार्य प्रारंभ होने तत्काल सुरक्षित स्थान पर भेजे जाने की बात कही। श्री रौतेल अपने भ्रमण दौरान ग्राम पंचायत एवं वन बीट रामपुर के बेलिया गांव में वन विभाग द्वारा बनाए गए हाथी के रेस्क्यू कैंप के कंट्रोल रूम स्थल पर पहुंच कर बिगड़ैल हाथी के रेस्क्यू के संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी केशवाही अंकुर तिवारी से बातचीत की उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन चुके इस बिगड़ैल हाथी को जल्द ही क्षेत्र के बाहर रेस्क्यू कर ले जाया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण जन पूर्व की तरह स्वतंत्र रूप से रह सके।

समाचार 03 फ़ोटो 03

वृंदावन के मलूक पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी के अमरकंटक आगमन से वार्षिक उत्सव हुआ भव्य एवं आध्यात्मिक

अनूपपुर

प्रदेश के प्रमुख धार्मिक आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पावन तपो भूमि पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित श्री परमहंस आश्रम, धारकुंडी शाखा में आयोजित वार्षिक उत्सव वर्ष 2026 श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के वातावरण में संपन्न हुआ। इस अवसर पर वृंदावन से पधारे मलूक पीठाधीश्वर महामंडलेश्वर स्वामी के आगमन ने कार्यक्रम को विशेष गरिमा एवं आध्यात्मिक ऊँचाई प्रदान की। आश्रम परिवार एवं श्रद्धालुओं ने उनका भावपूर्ण स्वागत एवं अभिनंदन किया।

दो दिवसीय इस आयोजन के प्रथम दिवस रामचरित मानस पाठ बैठक एवं महामृत्युंजय जप का आयोजन किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार और भक्तिमय वातावरण के बीच श्रद्धालुओं ने धर्म लाभ प्राप्त किया।

द्वितीय दिवस त्रिशूल पूजन, समाधि पूजन एवं पूर्णाहुति हवन संपन्न हुआ। संतों के सत्संग में धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन मूल्यों पर सारगर्भित विचार प्रस्तुत किए गए। दोपहर 12:30 बजे नगर भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर उपस्थित संतों एवं श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए आध्यात्मिक जीवन में सेवा, संयम एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान आश्रम परिसर में श्रद्धा और भक्तिभाव का अद्भुत संगम देखने को मिला।

कार्यक्रम के समापन अवसर पर श्री परमहंस आश्रम के स्वामी लवलीन बाबा जी ने सभी संत-महात्माओं, अतिथियों, श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं एवं आयोजन से जुड़े सभी सेवाभावी कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग, सहभागिता और आशीर्वाद से वार्षिक उत्सव सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। साथ ही भविष्य में भी धर्म, सेवा और आध्यात्मिक चेतना के ऐसे आयोजनों को निरंतर जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

समाचार 04 फ़ोटो 04

उत्पाती हाथी को पकड़ने के लिए वन विभाग ने तीन प्रशिक्षित हाथियों के साथ शुरू किया बड़ा रेस्क्यू अभियान

*जल्द ही पकड़ में आ सकते है हाथी*

शहडोल

शहडोल के केशवाही वन परिक्षेत्र में उत्पाती हाथी को पकड़ने के लिए वन विभाग ने बड़ा रेस्क्यू अभियान शुरू किया है। संजय गांधी और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से पहुंचे विशेष दल के साथ तीन प्रशिक्षित हाथियों की मदद से ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

शहडोल के केशवाही वन परिक्षेत्र के बेरिहा क्षेत्र में उत्पाती हाथी के रेस्क्यू के लिए वन विभाग ने बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। यह रेस्क्यू ऑपरेशन अगले दो दिनों तक चलेगा, जिसमें संजय गांधी और बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से पहुंचे विशेष रेस्क्यू दल के साथ तीन प्रशिक्षित हाथियों को भी शामिल किया गया है। शहडोल एसडीओ फॉरेस्ट संतोष शुक्ला ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि हाथी की लगातार निगरानी की जा रही है और जल्द ही उसे सुरक्षित तरीके से काबू में कर लिया जाएगा।

एसडीओ संतोष शुक्ला के अनुसार, रेस्क्यू दल में वन विभाग के डॉक्टर, अधिकारी और रेंज स्तर का अमला लगातार जुटा हुआ है। प्रशिक्षित हाथियों की मदद से उत्पाती हाथी को नियंत्रित करने की रणनीति बनाई गई है। उन्होंने बताया कि रेस्क्यू टीम को शुरुआती सफलता भी मिली है, क्योंकि उत्पाती हाथी का संपर्क रेस्क्यू में शामिल तीनों हाथियों से हो चुका है।।

जानकारी के मुताबिक बीती रात उत्पाती हाथी कुछ समय के लिए रेस्क्यू कैंप के पास भी पहुंच गया था और प्रशिक्षित हाथियों के साथ देखा गया। हालांकि बाद में वह पहाड़ी क्षेत्र की ओर निकल गया। फिलहाल रेस्क्यू दल और प्रशिक्षित हाथी उसकी हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।

गौरतलब है कि कुछ दिन पहले केशवाही के गिरवा गांव में खेत में सो रहे एक किसान को हाथी ने कुचलकर मार डाला था। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग की तीन टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं। गज रक्षक एप के माध्यम से लोगों को समय-समय पर अलर्ट भी भेजे जा रहे हैं। वहीं, हाथी के बस्ती के करीब पहुंचने पर ग्रामीणों को कच्चे मकानों से हटाकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।

समाचार 05 फ़ोटो 05

ठेका समाप्त उसके बाद भी दौड़ रहे अवैध रेत से भरे ट्रक, ग्रामीणों व ट्रक ड्राइवर के बीच हुआ विवाद

शहडोल

जिले में रेत खदानों का वैध ठेका नहीं होने के बावजूद रेत से भरे हाइवा वाहनों का आवागमन लगातार जारी है। जैतपुर थाना क्षेत्र के गाड़ाघाट, लुकमपुर और गलहथा क्षेत्र से अवैध उत्खनन और परिवहन के आरोप लग रहे हैं। बीती रात गाड़ाघाट मार्ग पर तेज रफ्तार रेत लोड हाइवा को लेकर चालक और स्थानीय लोगों के बीच विवाद हो गया। घटना का वीडियो सामने आया है। वीडियो बनाने वाले युवक ने दावा किया कि वाहन में भरी रेत अवैध है और गाड़ाघाट से लोड की गई है।

एक दिन पहले भी सोशल मीडिया पर ऐसा ही एक वीडियो वायरल हुआ था। उसमें रेत से भरे हाइवा चालक ने पूछने पर बताया था कि रेत गलहथा से लोड की गई है। दोनों स्थान जैतपुर थाना क्षेत्र में आते हैं। जिले में वर्तमान में किसी भी रेत खदान का वैध ठेका नहीं है। ऐसे में इन क्षेत्रों से रेत निकासी को लेकर सवाल उठ रहे हैं। जिला खनिज अधिकारी राहुल शांडिल्य ने भी कहा है कि यदि इन स्थानों से रेत निकाली जा रही है तो वह अवैध है।

जिला खनिज अधिकारी ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए जांच कराने की बात कही थी। इसके बावजूद रात में गाड़ाघाट मार्ग से कई रेत लोड हाइवा गुजरते रहे, लेकिन मौके पर न जांच दिखाई दी और न ही कोई कार्रवाई।

स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि क्षेत्र में लंबे समय से खुलेआम अवैध रेत उत्खनन और परिवहन किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार पुलिस और खनिज विभाग को शिकायत दी गई, लेकिन अब तक प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। ग्रामीणों के अनुसार दिन-रात बड़ी संख्या में वाहन निकल रहे हैं। कुछ वाहनों को प्रभावशाली लोगों से जुड़ा बताया जा रहा है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। अब पूरे मामले में खनिज विभाग की कार्रवाई पर नजर टिकी हुई है।

समाचार 06 फ़ोटो 06

बाजार में पैदल चलना बना जोखिम से भरा, फुटपाथ के अभाव में राहगीर वाहनों के बीच निकलने को मजबूर

अनूपपुर/कोतमा

इन दिनों नगर के मुख्य बाजार, बस स्टैंड मार्ग, सब्जी मंडी क्षेत्र तथा आसपास के व्यावसायिक हिस्सों में पैदल चलने वालों के लिए अलग से फुटपाथ की व्यवस्था नहीं होने से आम नागरिकों को रोजाना जोखिम के बीच आवाजाही करनी पड़ रही है। बाजार क्षेत्र की व्यस्त सड़कों पर दुकानों के सामने खड़े वाहन, सड़क किनारे लगे अस्थायी ठेले और लगातार बढ़ती भीड़ के कारण पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित रास्ता लगभग समाप्त हो गया है।

सुबह से देर शाम तक खरीदारी और दैनिक कार्यों के लिए लोगों की आवाजाही बनी रहती है। महिलाओं, बुजुर्गों, स्कूली बच्चों तथा ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले लोगों को सड़क के किनारे-किनारे चलना पड़ता है। कई स्थानों पर दोपहिया और चारपहिया वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण पैदल निकलना और कठिन हो जाता है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार शाम के समय स्थिति सबसे अधिक गंभीर हो जाती है। मुख्य बाजार और सब्जी मंडी क्षेत्र में भीड़ बढ़ने के साथ कई बार राहगीरों को सड़क के बीच रुककर वाहन निकलने का इंतजार करना पड़ता है। कई बार सामने से आ रहे वाहनों और पीछे से गुजर रहे दोपहिया वाहनों के बीच से निकलना पड़ता है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

नगर पालिका सूत्रों के अनुसार मुख्य बाजार क्षेत्र पुरानी बसाहट ( विकसित आवासीय एवं व्यावसायिक ) इलाके में विकसित हुआ है, इसलिए सड़क की चौड़ाई सीमित है। दूसरी ओर स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि फुटपाथ जैसी बुनियादी सुविधा की अनदेखी तथा अव्यवस्थित पार्किंग पर प्रभावी नियंत्रण नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ी है। पैदल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना नगर पालिका और स्थानीय शहरी प्रबंधन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। नागरिकों ने मांग की है कि मुख्य बाजार और सब्जी मंडी जैसे भीड़भाड़ वाले हिस्सों में अव्यवस्थित पार्किंग पर नियंत्रण, यातायात व्यवस्था सही करे।

समाचार 07 फोटो 07

लड़की से बात करने पर नाबालिग नव दोस्त को रील बनाने ले गए जंगल ले जाकर कर दी थी हत्या, दो नाबालिग आरोपी गिरफ्तार

उमरिया 

जिले से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने सोशल मीडिया के दौर में किशोरों की कुंठित होती मानसिकता को उजागर कर दिया है। मानपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले सगमनिहा जंगल में हुई एक 15 वर्षीय नाबालिग किशोर की अंधी हत्या का मानपुर पुलिस ने महज 48 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस खौफनाक कत्ल को अंजाम देने वाले कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि मृतक के ही दो नाबालिग दोस्त निकले।

मूल रूप से कटनी जिले के विजयराघवगढ़ का रहने वाला 15 वर्षीय मयंक चौधरी करीब 10 दिन पहले मानपुर में अपने रिश्तेदार के घर घूमने आया था। 14 मई 2026 को वह बाजार से सामान लेकर घर लौटा और फिर थोड़ी देर में बाहर चला गया। जब वह रात तक नहीं लौटा और उसका मोबाइल भी बंद आया, तो परिजनों ने मानपुर थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने नए कानून के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन 17 मई को सिगुड़ी क्षेत्र के जंगल में मयंक की लाश मिलने से सनसनी फैल गई।

पुलिस टीम ने जब मयंक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड्स और संदेह के आधार पर उसके एक नाबालिग दोस्त 'A' को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो रूह कंपा देने वाला सच सामने आया। आरोपी ने बताया कि मयंक उसकी एक सहेली (लड़की) से बातचीत करता था, जो उसे बर्दाश्त नहीं था। इसी रंजिश के चलते उसने अपने एक अन्य नाबालिग साथी 'B' के साथ मिलकर मयंक को रास्ते से हटाने का प्लान बनाया।

घटना के दिन दोनों आरोपी मयंक को इंस्टाग्राम रील बनाने के बहाने जंगल ले गए। वहां उन्होंने मयंक को झांसा दिया कि वे किडनैपिंग का एक सीन शूट कर रहे हैं। मयंक उनकी बातों में आ गया, जिसके बाद आरोपियों ने टेप से उसके हाथ और मुंह को पूरी तरह बांध दिया। मयंक जब असहाय हो गया, तो आरोपियों ने चाकू निकालकर उसके सीने और गले पर ताबड़तोड़ वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

समाचार 08 फ़ोटो 08

किसान मोर्चा जिलाध्यक्ष का कार्यक्रम जिले भर में दौरा कर नेताओं से संर्पक अभियान 

उमरिया

भारतीय जनता पार्टी के किसान मोर्चा के नव नियुक्त जिलाध्यक्ष राकेश व्दिवेदी ने जिलाध्यक्ष पद की घोषणा होते ही जिले भर में जन संर्पक अभियान चलाकर जिले भर के ज्येष्ठ श्रेष्ठ नेताओं से मिलने जुलने काम तेज कर दिया है। इस कड़ी में राकेश व्दिवेदी के जिलाध्यक्ष बनने के बाद आज पहली बार बिरसिंहपुर पाली नगरी पहुँच कर माता बिरासनी के दर्शन कर विधिवत पूजा आराधना कर माँ का आशीर्वाद ग्रहण किया। इस अवसर पर पाली मंडल अध्यक्ष राधा विजय तिवारी के साथ  पाली मंडल  के पदाधिकारी उनके साथ उपस्थित रहें। इसके बाद जिलाध्यक्ष पाली के वरिष्ठ भाजपा नेता सरजू प्रसाद अग्रवाल से मिलकर औपचारिक चर्चा की। सरजू प्रसाद अग्रवाल ने जिलाध्यक्ष का भाव विभोर होकर स्वागत करते हुए उनका मुंह मीठा कराया। विदित होवे की इसके पहले दिवसों में पूर्व सांसद ज्ञान सिंह, विधायक शिव नारायण सिंह, मानपुर क्षेत्र की लोकप्रिय विधायक मीना सिंह उमरिया जिले के जिलाध्यक्ष आशुतोष अग्रवाल, पूर्व जिलाध्यक्ष मनीष सिंह, भाजपा के वरिष्ठ नेता मिथलेश मिश्रा से मिलकर भाजपा के सिद्धान्तों पर चलकर किसानों के हितों को साधने का सकल्प लिया। राकेश व्दिवेदी एक लंबे समय से भाजपा के लिए कृत संकल्पित होकर काम करते आ रहें हैं। इसके पूर्व भी आपने भाजपा के कई  दायित्वों का कुशल संचालन किया है, अब आपको संगठन ने जिलाध्यक्ष पद की जिम्मेदारी सौंप कर उनकी दक्षता, कौशल का उपयोग करने का काम किया है, अपेक्षा है कि इस दायित्व में भी आप सफल साबित होगें।

नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे स्कूल संचालक, शहर में बिना मान्यता के संचालित हो रहे प्ले स्कूल

 *एनएसयूआई ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, तत्काल कार्रवाई की मांग*


जबलपुर

जिस उम्र में बच्चों को अच्छे रास्ते के लिए सही सीढ़ी दिखाई जाती है, उस उम्र में स्कूल संचालक मासूमों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। शहर में बिना मान्यता के संचालित हो रहे प्ले स्कूलों के खिलाफ एनएसयूआई ने आज मोर्चा खोल दिया। संगठन के पदाधिकारियों ने छात्रनेता अनुराग शुक्ला व शफी खान के नेतृत्व में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर 450 से अधिक अवैध प्ले स्कूलों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।   

एनएसयूआई छात्र नेता अनुराग शुक्ला व शफी खान ने कहा कि सूचना का अधिकार से खुलासा हुआ है कि जबलपुर में 600 से अधिक प्ले स्कूल चल रहे हैं, लेकिन शासन से मान्यता सिर्फ 146 स्कूलों को ही मिली है। शेष 450 स्कूल बिना किसी वैध अनुमति, फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों के धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। 1.5 से 5 साल तक के मासूम बच्चे इन स्कूलों में पढ़ते हैं,जहां राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।  

एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि जिन 146 स्कूलों को मान्यता मिली है, उनमें भी कई एक ही संस्था के नाम से पोर्टल पर 6-6 बार पंजीकृत हैं। मान्यता शुल्क मात्र 2100 रुपए होने के बावजूद संचालक पंजीयन से बच रहे हैं, क्योंकि विभागीय कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद हैं।  

*अवैध फीस वसूली का भी आरोप*

ज्ञापन में कहा गया कि अधिकांश निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों से एडमिशन फीस,एनुअल चार्ज और एक्टिविटी फीस के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही हैं। शासन स्तर पर इनका कोई शुल्क निर्धारित नहीं है, फिर भी हजारों रुपए वसूले जा रहे हैं।  

पूर्व में शासन द्वारा शिक्षा माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई थी किंतु वर्तमान में कारवाई न होने से शिक्षा माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। एनएसयूआई ने मांग की है कि जिले के सभी प्ले स्कूलों का तत्काल भौतिक सत्यापन कराकर बिना मान्यता संचालित 450 स्कूलों को तुरंत बंद कर संचालकों पर 5000 रुपए जुर्माना लगाया जाए।  

अवैध फीस वसूलने वाले स्कूलों से अभिभावकों को राशि वापस दिलाई जाए,मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची और शुल्क संरचना सार्वजनिक की जाए,फायर सेफ्टी, सीसीटीवी और प्रशिक्षित स्टाफ की जांच कर अमानक स्कूलों की मान्यता रद्द की जाए। 

ज्ञापन सौंपते समय प्रदेश सचिव प्रतीक गौतम,अदनान अंसारी,अंकित शुक्ला,एजाज अंसारी,सैफ मंसूरी,अंकित कोरी,गौरव जायसवाल,युग ठाकुर,अनिकेत तिवारी,दक्ष रैकवार,वकार खान,रोहन राजपूत सहित सैकड़ो छात्र मौजूद थे।

वरिष्ठ पत्रकार संतोष चौरसिया बने एसईसीएल ओबीसी एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी, लोगो ने दी शुभकामनाएं

*30 वर्षों की निष्पक्ष पत्रकारिता और जनसमस्याओं को मुखरता से उठाने का मिला सम्मान*


अनूपपुर

जिले के वरिष्ठ पत्रकार संतोष चौरसिया को ओबीसी कोल इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में संगठन का मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस संबंध में एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव जय बहादुर सिंह यादव द्वारा नियुक्ति पत्र जारी किया गया। नियुक्ति की सूचना एसईसीएल के सीएमडी, समस्त महाप्रबंधकों सहित कोल इंडिया प्रबंधन तक प्रेषित कर दी गई है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि संतोष चौरसिया संगठन के माध्यम से ओबीसी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे तथा समाज के लोगों की समस्याओं को प्रबंधन एवं शासन स्तर तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

गौरतलब है कि संतोष चौरसिया पिछले लगभग 30 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने सदैव निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता को प्राथमिकता दी है। कोयलांचल क्षेत्र से लेकर ग्रामीण अंचलों तक आम लोगों की समस्याओं, मजदूर हित, सामाजिक विसंगतियों और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को उन्होंने लगातार प्रमुखता से उठाया है। कई बार उनकी खबरों के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई भी हुई, जिससे आमजन को राहत मिली।

पत्रकारिता जगत में उनकी पहचान एक सजग, ईमानदार और जमीनी पत्रकार के रूप में रही है। समाज के दबे-कुचले एवं जरूरतमंद लोगों की आवाज बनकर शासन-प्रशासन तक उनकी समस्याएं पहुंचाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही कारण है कि उनकी नियुक्ति को संगठन ने समाज के लिए सकारात्मक कदम बताया है।

संतोष चौरसिया की नियुक्ति की खबर सामने आते ही एसईसीएल क्षेत्र, कोयलांचल अंचल एवं सामाजिक संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई। जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, समाजसेवियों, श्रमिक संगठनों, जन प्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। उनके निवास एवं मोबाइल पर लगातार शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ है।

ओबीसी कोल इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने विश्वास जताया है कि संतोष चौरसिया अपने अनुभव, सक्रियता और सामाजिक प्रतिबद्धता के बल पर संगठन को नई मजबूती प्रदान करेंगे तथा समाजहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget