दबंग पब्लिक प्रवक्ता

तीन अलग-अलग घटनाओं में तीन की हुई मौत,  युवक, नाबालिग ने लगाई फांसी, एक को सर्प ने काटा


अनूपपुर

कोतवाली थाना अनूपपुर अंतर्गत दो अलग-अलग घटनाओं में एक युवक एवं एक नाबालिग बालिका ने अज्ञात कारणों से घर एवं जंगल में फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की सूचना पर कोतवाली पुलिस घटना के संबंध में जांच करने में जुटी हुई है। 

कोतवाली थाना अनूपपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत पसला के चरतरिहा टोला निवासी 45 वर्षीय मिठाईलाल उर्फ मिट्ठू पिता कल्लू यादव ने दोपहर में अज्ञात कारणों से घर के अंदर फांसी लगा ली, जिसकी सूचना पर सहायक उप निरीक्षक गोविन्द पनिका पुलिस दल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर मृतक के शव को अपनी अभिरक्षा में ले कर पंचनामा की कार्यवाही करते हुए, शव का जिला अस्पताल अनूपपुर में शव परिक्षण कराया, वही कोतवाली थाना क्षेत्र से 17 किलोमीटर दूरी स्थित ग्राम पंचायत औढेरा के जल्दाटोला अंतर्गत जंगल में वार्ड क्रमांक 3 जल्दाटोला औढेरा निवासी समनू बैगा की 16 वर्षीय बालिका ने अज्ञात कारणों से जंगल के अंदर तेंदू के पेंड़ मे रस्सी एवं दुपट्टा को बांधकर फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। घटना की ग्रामीणों द्वारा सरपंच पति जयपाल सिंह एवं अनूपपुर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल को दिये जाने पर दोनों ने तत्काल निरीक्षक अरविंद जैन को देर रात दिए जाने पर कोतवाली थाना अनूपपुर पुलिस के उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा,सहायक उप निरीक्षक महिपाल प्रजापति देर रात पुलिस दल के साथ घटनास्थल पहुंचकर मृतिका के शव को अपने अभिरक्षा में लेते हुए पूरी रात मृतिका के शव की निगरानी करते हुए, सुबह पंचनामा,साक्षियों के कथन लेख कर जिला अस्पताल अनूपपुर के डॉक्टर टीम से मृतिका के शव का शव परीक्षण कराते हुए अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौंप कर जांच कर रही है परिजनों एवं ग्रामीणों ने बताया की दोपहर 16 वर्षीय नाबालिक घर से कुछ दूर पर स्थित जल्दा जंगल की ओर गई रही जो वापस नहीं लौटी शाम को परिवार की एक महिला एक बच्ची के साथ दिशा-मैदान एवं सूखी लकडी लेने जंगल गए थे, जिन्होंने इसे फांसी में लटके हुए मृत स्थिति में देखा रहा।

*सर्प के काटने से युवक की हुई मौत*

घर के अंदर जमीन में सोते छंगू अगरिया 40 वर्ष युवक कों करैत प्रजाति के अत्यंत जहरीले सर्प के काटने से उपचार दौरान युवक की मंगलवार की दोपहर जिला अस्पताल अनूपपुर में मृत्यु हो गई,घटना की सूचना पर जिला अस्पताल पुलिस द्वारा मृतक की शव का पंचनामा एवं पीएम की कार्यवाही कर अग्रिम कार्यवाही हेतु संबंधित थाना को सूचित किया है। मृतक जिले के राजेंद्रग्राम थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत हर्र्ई के गिरारी गांव निव लोहे का औजार एवं सामान बनाने का काम करता था।देर शाम/रात खाना पीना खाने बाद घर में जमीन पर सोया हुआ था।

युवक के साथ हुई मारपीट, दो पर मामला दर्ज, कोल साइडिंग से उड़ रही धूल, युवाओं ने सौपा ज्ञापन


अनूपपुर

रामनगर थाना क्षेत्र में शराब मिलने के स्थान को लेकर हुए विवाद के दौरान एक युवक के साथ मारपीट किए जाने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना में युवक घायल हो गया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं 296(बी), 115(2), 351(2) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। 

वार्ड क्रमांक 01 विशेषर दफाई, राजनगर निवासी 26 वर्षीय सूरज कोल ने थाना राजनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मध्यरात्रि करीब 12 बजे वह अपने घर के बाहर निकला था। इसी दौरान मोहल्ले में रहने वाले संजू गोड़ एवं राहुल चौधरी उसके पास पहुंचे और उससे शराब मिलने के स्थान के बारे में पूछताछ करने लगे। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। पहले दोनों पक्षों के बीच सामान्य कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया और गाली-गलौज शुरू हो गई। आरोप है कि बातचीत के दौरान दोनों आरोपी आक्रोशित हो गए और उन्होंने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। 

फरियादी का आरोप है कि संजू गोड़ एवं राहुल चौधरी ने हाथ-मुक्कों, डंडे तथा कांच के टुकड़े से उसके साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान उसे कई चोटें आईं। घायल युवक ने स्वयं को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि दोनों आरोपी लगातार उसके साथ मारपीट करते रहे। और जान से मारने की धमकी दिया, इस कथित धमकी के बाद पीड़ित और उसके परिजनों में भय का माहौल बन गया। घटना के बाद परिवार के लोगों ने उसे शांत कराया और आवश्यक मदद उपलब्ध कराई।

*कोयला साइडिंग की धूल के खिलाफ तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन*


अनूपपुर जिले के बिजुरी कपिलधारा क्षेत्र के समीप संचालित कोयला साइडिंग से फैल रहे धूल प्रदूषण और पर्यावरणीय नियमों के कथित उल्लंघन के विरोध में 08 2026 सोमवार को युवा समाजसेवी राहुल द्विवेदी के नेतृत्व में युवाओं ने उप तहसील बिजुरी पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। युवाओं ने क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मामले की जांच, प्रभावी कार्रवाई तथा प्रदूषण नियंत्रण के ठोस उपाय सुनिश्चित करने की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि कोयला साइडिंग से लगातार उड़ रही कोयले की धूल के कारण आसपास के रहवासी, दुकानदार, राहगीर और आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। धूल की काली परत घरों, दुकानों, वाहनों और सड़कों पर जम रही है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, एलर्जी तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ते धूल प्रदूषण के कारण क्षेत्र का वातावरण प्रभावित हो रहा है और जनजीवन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

युवाओं ने आरोप लगाया कि कोयला साइडिंग परिसर एवं कोयला परिवहन मार्गों पर पर्याप्त जल छिड़काव नहीं किया जा रहा है। साथ ही धूल नियंत्रण के लिए आवश्यक पर्यावरणीय उपायों और मानकों का प्रभावी पालन नहीं होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। युवाओं ने प्रशासन से कार्यवाही की मांग की है।

जोड़ा तालाब में लाखों का खेल, बरसात से 15 दिन पहले गहरीकरण, परिषद के संसाधनों का इस्तेमाल पर उठ रहे सवाल

*शासकीय राशि का हो रहा दुरुपयोग*


अनूपपुर

नगर परिषद बनगवां-राजनगर एक बार फिर चर्चाओं के केंद्र में है। इस बार मामला जोड़ा तालाब में चल रहे गहरीकरण और कथित सौंदर्यीकरण कार्य का है। चौक-चौराहों से लेकर चाय की दुकानों तक एक ही सवाल गूंज रहा है कि आखिर बरसात शुरू होने से महज 10-15 दिन पहले तालाब में इतनी बड़ी मशीनें और परिषद के संसाधन लगाकर कार्य कराने की ऐसी क्या मजबूरी थी?

स्थानीय लोगों का कहना है कि नगर परिषद के 15 वार्डों में से अधिकांश वार्ड सड़क, नाली, सफाई, बिजली और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं, लेकिन जिम्मेदारों का पूरा ध्यान लाखों रुपये खर्च कर तालाब में मिट्टी और मलबा निकालने पर केंद्रित है।

लोगों का कहना है कि यदि वास्तव में तालाब का गहरीकरण या सौंदर्यीकरण कराना था तो यह कार्य गर्मी की शुरुआत में पूरा किया जाना चाहिए था। और यदि समय नहीं मिला तो बरसात के बाद वैज्ञानिक और तकनीकी तरीके से यह कार्य कराया जा सकता था। लेकिन मानसून आने के ठीक पहले जेसीबी और ट्रैक्टर लगाकर मिट्टी निकालना लोगों की समझ से परे है।

जिस जोड़ा तालाब में गहरीकरण का कार्य कराया जा रहा है, उसके नीचे वर्षों से कोयले की अंडरग्राउंड खदान संचालित रही है। खदानों के कारण तालाब का पानी लगातार रिसता रहता है और जलस्तर स्थायी नहीं रह पाता। नगर परिषद के ट्रैक्टर, कर्मचारी और अन्य संसाधन इस कार्य में लगाए गए हैं। जिन ट्रैक्टरों को गर्मी के मौसम में पेयजल आपूर्ति के लिए लगाया जाना चाहिए था, वे तालाब से मलबा ढोने में लगे दिखाई दे रहे हैं। जबकि कई वार्डों में लोग पानी की समस्या से परेशान हैं।

नागरिकों का आरोप है कि जनता के टैक्स के पैसे और शासन के बजट का उपयोग प्राथमिक सुविधाओं पर करने के बजाय ऐसे कार्यों में किया जा रहा है जिनकी उपयोगिता पर ही सवाल खड़े हो रहे हैं।

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