दबंग पब्लिक प्रवक्ता

अनूपपुर

जिले के कोतमा बस स्टैंड के पास 4 मंजिला अग्रवाल लॉज अचानक भरभराकर गिर गया। उसके पूरे नगर में अफरा तफरी का माहौल है। मलबे में कई मजदूर व अन्य लोग लगभग 10 से 15 लोगो के दबे होने की आशंका है। लॉज के गिरने से आसपास की कई दुकानों को भी नुकसान पहुंचा है। यह हादसा शनिवार की शाम 5 बजकर 36 मिनट 43 सेकेण्ड में हुआ। घटना स्थल पर मंत्री दिलीप जैसवाल, कमिश्नर, आईजी, कलेक्टर, एसपी सहित पूरे जिले की पुलिस टीम अधिकारी, कर्मचारी सहित 100  लोगो का रेस्क्यू दल मौके पर मौजूद हैं। 3 जेसीबी 1 पोकलेन मशीन से रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। मलबे में कितने मजदूर और लोग दबे हैं, इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है।

जिले के कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 5 स्थित बस स्टैंड के पास शनिवार शाम एक दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र में हड़कंप मचा दिया। यहां स्थित तीन मंजिला अग्रवाल होटल की इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं 4 घायलों को स्थानिय चिकित्सालय लाया गया जहां एक व्यक्ति की मौत होने की खबर हैं।


प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय इमारत में कई लोग मौजूद थे। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक मलबे में 5 से 6 लोगों के दबे होने की आशंका जताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन, नगर पालिका और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई और तत्काल राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया। बचाव दल ने तत्परता दिखाते हुए मलबे से दो लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जिन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा भेजा गया। वहां उनका उपचार जारी है। वहीं, अभी भी कई लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका बनी हुई है, जिसके चलते राहत कार्य युद्धस्तर पर जारी है।


हादसे की सूचना मिलते ही हादसे की जानकारी मिलते ही राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल, कलेक्टर हर्षल पंचोली, पुलिस अधीक्षक मोती उर रहमान स्वयं मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य की निगरानी कर रहे हैं। उनके साथ अपर कलेक्टर दिलीप पांडेय, कोतमा तहसीलदार दशरथ सिंह, थाना प्रभारी रत्नांबर शुक्ला, नगर पालिका अध्यक्ष अजय सराफ सहित कई प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद हैं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और व्यापारी भी मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य में सहयोग कर रहे हैं।

एसपी मोती उर रहमान ने बताया कि बिल्डिंग लगभग 10 साल पुरानी है। लॉज के बगल में निर्माण चल रहा था। लॉज में कई लोग ठहरे हुए थे। अचानक भरभरा कर गिरने से लॉज में मौजूद लोग और मजदूर दब गए। एसईसीएल जमुना, कोतमा से रेस्क्यू दल बुलाया गया है। रेस्क्यू टीम मलबा हटाने लोगों को बाहर निकालने का काम शुरू करेगी। फिलहाल यह जानकारी नहीं मिल पाई है कि अंदर लोग दबे हैं। वह घटनास्थल के लिए रवाना हो गए हैं।


नगर पालिका की टीम जेसीबी और अन्य संसाधनों की मदद से मलबा हटाने में जुटी हुई है। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और हर संभव प्रयास कर रहा है कि मलबे में फंसे लोगों को स बाहर निकाला जा सके।


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, जिस इमारत का हिस्सा गिरा है उसके पास नई बिल्डिंग का निर्माण चल रहा था। बताया जा रहा है कि निर्माण के दौरान की गई अंडरग्राउंड खुदाई से पुरानी इमारत की कमजोर हो गई, जिससे यह हादसा हुआ। हालांकि, दुर्घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के ब हो सकेगी।


घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और भारी भीड़ घटनास्थल पर जुट गई है। प्रशासन लोगों से अपील की है कि वे मौके से दूरी बनाए रखें, ताकि राहत एवं बचाव कार्य में किसी प्रकार की न आए। फिलहाल सभी की निगाहें जारी राहत कार्य पर टिकी हुई हैं और मलबे में फंसे लोगों को सुन निकालने के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं।


बचावकार्य में 100 से ज्यादा लोग लगे


कोतमा थाना प्रभारी रत्नंबर शुक्ला ने बताया कि लॉज के ठीक बगल में स्थित एक मकान है। मकान अंडरग्राउंड खुदाई का काम चल रहा था। इसी दौरान यह हादसा हुआ। बचाव कार्य में 100 से ज्याद लगे हुए हैं। मलबे के नीचे 7-8 लोगों के फंसे होने की आशंका है। अब तक एक महिला को बचाया है।


लॉज की नींव से खोदा गड्डा


बद्री प्रसाद ताम्रकार ने बताया कि अग्रवाल लॉज के ठीक बगल में स्थानीय निवासी रामनरेश गर्ग ने व्यावसायिक उपयोग के लिए नींव का गड्ढा खोदा था। रामनरेश गर्ग का लगभग 20 बाई 50 के प्लॉ यह निर्माण कार्य करा रहे थे। लगभग एक सप्ताह पहले अग्रवाल लॉज की दीवार से सटाकर लगभग फुट गहरा एक गड्डा खोदा गया था। बाद में गड्ढे में पानी भर गया। इसके बाद लॉज का एक हिस्सा ढ उसी गड्ढे में गिर गया।


बताया जा रहा हैं कि लाज में टाइल्स और पाइप का काम चल रहा था। मौके पर एसडीआरएफ औन प्रशासन की टीम बचाव कार्य में जुटी हुई है। बड़ी संख्या में एसडीआरएफ के जवान घटनास्थल पर हैं। राहत और बचाव कार्य को तेजी से अंजाम दे रहे हैं।


अग्रवाल लाज कोतमा का फोटो

[05/04, 1:14 am] Anand Pandey Journlist: एसडीआरएफ की टीम ने मलबे में दबे कोतमा निवासी हनुमान दीन के शव को बाहर निकाला। मुंह से खून निकल रहा था। शरीर की कई हड्डियां टूट चुकी थीं। मलबे से बाहर निकालते समय मौके पर मौजूद लोग स्तब्ध रह गए। राहत और बचाव दल लगातार अन्य लोगों को खोजने में जुटा हुआ है। मौके पर शहडोल संभागायुक्त और पुलिस महानिरीक्षक पहुंची।


मुख्यमंत्री ने जताया शोक


मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोशल मिडिया के माध्यम से अपना संदेश देते हुए कहा हैं कि अनूपपुर जिले के कोतमा नगर पालिका क्षेत्र में होटल का भवन कहने की दुर्घटना दुखद है। एक नागरिक की मौत होना पीड़ादायक है। जिला प्रशासन, पुलिस एवं SECL द्वारा रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है। तीन नागरिकों को रेस्क्यू कर सकुशल निकाला गया है। NDRF की टीम मौके के लिए रवाना हो चुकी है। मंत्री दिलीप अहिरवार और अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुँचकर राहत व उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।


ईश्वर दिवंगत को श्रीचरणों में स्थान दें और शोकसंतप्त परिजनों को दुःख सहन करने की शक्ति प्रदान करें। घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूँ।


दूसरा शव निकाला मलवे से


अभी कुछ देर पहले एक और शव मलबे से निकल गया है जो होटल मरा मरम्मत का कार्य कर रहे मजदूर 50 वर्षीय रामकृपाल यादव निवासी ग्राम फुनगा का है।


यही कोतमा नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने बताया कि इस निर्माण की अनुमति ली गई है कि नहीं


इसे में फाइल देखकर बता पाऊंगा।


रात भर चलेगा बचाव कार्य


घटना के करीब 6 घंटे से अधिक समय हो गया है लेकिन घटनास्थल से केवल 15 से 20 प्रतिशत मलबा ही हटाया जा सका है। जिस गड्ढे में लोग फंसे हैं, वहां रेस्क्यू टीम को काम करने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल पा रही है। मलबे में बड़ी मात्रा में लोहे की रॉड होने के कारण जेसीबी मशीनों से भी मलबा हटाने में दिक्कत आ रही है। फिलहाल मौके पर 3 जेसीबी से बचाव कार्य जारी है, जबकि जेएमएस कंपनी से पोकलेन मशीन के पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। ऐसे में रेस्क्यू ऑपरेशन पूरी रात जारी रहने की संभावना है।

समाचार 01 फ़ोटो 01

कोयला खदान में चोरी करते 4 आरोपी रंगे हाथों गिरफ्तार, 75 हजार का सामान जप्त

अनूपपुर

रामनगर पुलिस ने बड़ी कार्यवाही करते हुए खदान में चोरी करते 4 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कुल ₹75,000 मूल्य का माल जप्त किया गया है।

थाना रामनगर क्षेत्र के अमाडांड़ OCM खदान में सुरक्षा प्रभारी संजय कुमार मिश्रा द्वारा सूचना दी गई कि बीती रात करीब 2:30 बजे अज्ञात व्यक्ति स्टोर में रखी केबल चोरी कर रहे हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी सुमित कौशिक के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपियों को चोरी करते समय ही पकड़ लिया।

गिरफ्तार आरोपियों में जैनुल आबेदीन (36 वर्ष), मोहम्मद साकिल (25 वर्ष), जलेश्वर चौधरी (35 वर्ष) निवासी कोतमा एवं रामदास निवासी मलगा (42 वर्ष) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक एंड्रॉइड मोबाइल, दो कीपैड मोबाइल, एक मोटरसाइकिल (टीवीएस स्पोर्ट्स, कीमत करीब ₹70,000) तथा लगभग 5-7 मीटर कॉपर केबल (कीमत करीब ₹5,000) जप्त की है। पुलिस ने आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 91/26 के तहत धारा 331(4), 305(B) , 3(5) बीएनएस में मामला दर्ज कर सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है ।

समाचार 02 फ़ोटो 02 

त्रिदेव व मां नर्मदा की प्रतिमा सिर पर रखकर नर्मदा परिक्रमा कर रहे प्रीतपाल की कठिन साधना की अनूठी यात्रा

अनूपपुर

मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल अमरकंटक में एक अनोखी और प्रेरणादायक नर्मदा परिक्रमा यात्रा देखने को मिल रही है। महाराष्ट्र के पुणे निवासी प्रीतपाल (उम्र लगभग 40 वर्ष) मां नर्मदा की भक्ति में लीन होकर अपने सिर पर काष्ठ से निर्मित मंदिर रखकर पैदल परिक्रमा कर रहे हैं।

इस विशेष मंदिर में त्रिदेव—ब्रह्मा, विष्णु और महेश—के साथ मां नर्मदा की प्रतिमा विराजित है। प्रीतपाल अपने दैनिक उपयोग की सामग्री पीठ पर बैग में रखकर कठिन तपस्या और हठयोग के साथ यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने अपनी परिक्रमा यात्रा ओंकारेश्वर धाम से प्रारंभ की थी और लगभग चार महीने की कठिन पदयात्रा के बाद अब अमरकंटक पहुंच चुके हैं। अमरकंटक में माई की बगिया पहुंचकर उन्होंने विधिवत पूजन-अर्चन, आरती एवं तट-जल परिवर्तन की प्रक्रिया पूर्ण की और मां नर्मदा के दक्षिण तट से अपनी आगे की यात्रा पुनः प्रारंभ कर दी है।

नर्मदा परिक्रमा यात्री महाराष्ट्र के प्रीतपाल एक हाथ में दंड और कमंडल धारण किए, हंसते-मुस्कुराते हुए भजन-कीर्तन करते निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। उनकी यह तपस्या, उत्साह और अटूट श्रद्धा मार्ग में मिलने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। प्रीतपाल प्रतिदिन लगभग 25 से 30 किलोमीटर पैदल यात्रा करते हैं। उनकी परिक्रमा पूर्ण होने में अभी लगभग तीन माह का समय और लगेगा।

उनका कहना है कि मां नर्मदा की कृपा से यात्रा के दौरान कभी कोई कमी महसूस नहीं होती। वे प्रतिदिन प्रातः और सायंकाल मंदिर में स्थापित देव प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना करते हैं। प्रीतपाल बताते हैं कि “मां नर्मदा कभी भूखे नहीं सुलातीं, किसी न किसी रूप में सहायता मिल ही जाती है। 

समाचार 03 फ़ोटो 03

दो भागों में बटे चार हाथी फिर पहुँचे जिले में, गेढीआमा व धनगवां के जंगल में ठहरे, किया फसलों को नुकसान

अनूपपुर

दो भागों में बटे चार हाथियों का समूह शुक्रवार की रात डिंडौंरी एवं मरवाही जिले की सीमा को पार कर एक बार फिर से अनूपपुर जिले में प्रवेश कर विचरण करते हुए शनिवार के दिन जंगल में ठहरे हुए हैं। हाथियों के द्वारा शुक्रवार एवं शनिवार की मध्य रात्रि ग्रामीणों के खेतों में लगी विभिन्न तरह की फसलो को अपना आहार बनाया है।

तीन हाथियों का समूह विगत 5 दिनों तक डिंडौंरी जिला,वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र के इलाके में विचरण करता हुआ, शुक्रवार की रात अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम वन परिक्षेत्र अंतर्गत तुलरा बीट एवं ग्राम पंचायत मझौली के टिकरादूधी गांव में प्रवेश कर खेत में लगे चना एवं गेहूं की फसल खाते हुए गेढीआमा के जंगल में प्रवेश कर शनिवार की सुबह से विश्राम कर रहा है। वही एक अकेला दो दांत वाला नर हाथी शुक्रवार की रात छत्तीसगढ़ राज्य के वन मंडल एवं वन परिक्षेत्र मरवाही अंतर्गत वन बीट शिवनी के ग्राम पंचायत मालाडांड की सीमा को गूजरनाला से पार कर मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिला एवं वन मंडल अंतर्गत तहसील,थाना एवं वन परिक्षेत्र जैतहरी के ग्राम पंचायत एवं वन बीट चोलना मे प्रवेश कर चोलना गांव से ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के छुहाई टोला में पहुंचकर खेत में लगे गेहूं की फसल को खाते हुए बेल्हाटोला,सरईहा टोला में संपत सिंह के घर के पास से ग्रामीणों द्वारा भगाए जाने पर धनगवां बीट का जंगल जो ग्राम पंचायत कुकुरगोड़ा एवं पड़रिया के ग्रामों के समीप है में पहुंचकर शनिवार के दिन आमापानी,चिमटहाई डोगरी नामक जंगल में दिन में विश्राम कर रहा है।

दोनों हाथियों के समूहों पर वन विभाग का निगरानी दल निरंतर निगरानी रखते हुए ग्रामीणों को सतर्क एवं सचेत रहने की बात कही है, एक दिन पूर्व मरवाही इलाके के ग्राम पंचायत पोंडी के डडिंया गांव के जंगल में महुआ फल संग्रहण करने दौरान एक वृद्ध पर हमला कर मृत कर दिया रहा।

समाचार 04 फ़ोटो 04

9 दिन से वार्ड़ में पानी का अकाल, पार्षद संतोष ने प्राइवेट टैंकर मंगवाकर बटवाया पानी 

अनूपपुर

भीषण गर्मी के बीच नगर परिषद बनगवा राजनगर के वार्ड क्रमांक 03 व 04 में पिछले 9 दिनों से पानी की सप्लाई ठप्प रहने से हालात बेहद गंभीर हो गए थे। नलों में पानी नहीं, घरों में संकट और लोगों में आक्रोश साफ देखने को मिल रहा था।

दरअसल, यहां लंबे समय से एसईसीएल के माध्यम से पानी की आपूर्ति होती रही है, लेकिन बीते दिनों मोटर जल जाने के कारण सप्लाई पूरी तरह बंद हो गई। इस वजह से वार्डवासी बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान हो गए थे।

ऐसे हालात में पार्षद पति संतोष (भीम) जायसवाल ने तत्परता दिखाते हुए 24,000 लीटर का प्राइवेट पानी टैंकर मंगवाकर वार्ड क्रमांक 03 और 04 में पानी का वितरण कराया। इस पहल से भीषण गर्मी में लोगों को बड़ी राहत मिली और एक सकारात्मक संदेश भी गया।

स्थानीय लोगों ने राहत की सांस लेते हुए कहा जब सब चुप थे, तब संतोष जी ने मदद की ऐसे ही लोग असली जनसेवक होते हैं। इस संबंध में जब पार्षद पति आशा भीम जायसवाल से बात की गई तो उन्होंने कहा वार्डों में पानी की समस्या लगातार बनी रहती है। मैं और मेरी पत्नी हर समय वार्डवासियों के साथ खडे हैं। जहां, जिस तरह मेरी जरूरत होगी, मैं हर संभव प्रयास करूंगा। इसके लिए चाहे मुझे किसी से भी मदद लेनी पड़े, मैं पीछे नहीं हटूंगा। 

समाचार 05 फ़ोटो 05

कॉम्लेक्स के कपड़ा दुकान में लगी भीषण आग, जला लाखों का सामान

शहडोल

गर्मी का मौसम शुरू होते ही आग लगने की घटनाएं बढ़ने लगी हैं। इसी कड़ी में खैरहा थाना क्षेत्र से एक बड़ी घटना सामने आई है, जहां राजेंद्र गेस्ट हाउस के बगल में स्थित नरेंद्र जायसवाल के कॉम्प्लेक्स में संचालित कपड़े की दुकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और दुकान में रखा कपड़ा सहित अन्य सामान आग की लपटों में घिर गया।

आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में दुकान में रखा पूरा सामान जलकर खाक हो गया। इस हादसे में दुकान मालिक को लाखों रुपए के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। आग लगने का सही कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट से आग लगने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

घटना की सूचना मिलते ही खैरहा थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और हालात को संभाला। वहीं धनपुरी नगरपालिका की दमकल की गाड़ी ने मौके पर पहुंचकर कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। आग लगने की इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।

समाचार 06 फ़ोटो 06

तेज मोटरसाइकिल की टक्कर से घटनास्थल में हुई ग्रामीण की हुई मौत

शहडोल

जिले के ब्यौहारी क्षेत्र में एक दर्दनाक सड़क हादसा सामने आया है। सीधी थाना क्षेत्र के ब्यौहारी-बनसुकली मेन रोड पर घुटघुरिया सीधी के पास तेज रफ्तार बाइक की टक्कर से एक ग्रामीण की मौके पर ही मौत हो गई।

बताया जा रहा है कि ग्रामीण लक्ष्मण सिंह गोंड सड़क किनारे महुआ बिन रहे थे। इसी दौरान तेज रफ्तार पल्सर बाइक सवार ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि लक्ष्मण सिंह गोंड को संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

घटना की सूचना मिलते ही सीधी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई शुरू की। हादसे के बाद मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई और पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल बन गया।

पुलिस ने आरोपी बाइक सवार के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साथ ही दुर्घटना में शामिल पल्सर बाइक को जप्त कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।

समाचार 07 फ़ोटो 07

दो मोटरसाइकिल की हुई टक्कर, हादसे में घायल हुआ विद्युत ग्रह का सुरक्षा गार्ड

उमरिया

जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र के कांटा घर में कार्यरत एक सिक्योरिटी गार्ड सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा उस समय हुआ जब गार्ड अपनी ड्यूटी समाप्त कर घर लौट रहे थे।

घायल गार्ड की पहचान सुरेश वर्मा (उम्र 54 वर्ष) के रूप में हुई है। सुरेश वर्मा अपनी 8 बजे से 4 बजे तक की ड्यूटी पूरी कर कॉलोनी स्थित अपने घर लौट रहे थे। रास्ते में उनकी बाइक की टक्कर एक दूसरी बाइक से हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दूसरी बाइक चला रहा व्यक्ति नशे में था, जो इस दुर्घटना का कारण बना।

हादसे के तुरंत बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। घायल सुरेश वर्मा को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। पाली सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र से शहडोल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया।

मामले की जानकारी सुरक्षा अधिकारियों को दी जा चुकी है और आगे की कार्रवाई जारी है। यह घटना एक बार फिर से सड़कों पर सुरक्षा और सावधानी बरतने की आवश्यकता को उजागर करती है। अब देखना यह होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इसमें क्या कुछ ठोस कदम उठाते हैं।

समाचार 08 फ़ोटो 08

तेज रफ्तार बाइक सवार ने स्कूटी को मारी टक्कर, तीन घायल, अस्पताल में भर्ती

अनूपपुर

पवित्र नगरी अमरकंटक में शनिवार शाम एक सड़क हादसे ने लोगों को झकझोर दिया। अमरकंटक थाना क्षेत्र से लगभग 7 किलोमीटर दूर अमरकंटक-शहडोल मार्ग स्थित जालेश्वर तिराहा पर 4 अप्रैल 2026 को शाम करीब 4:30 बजे तेज रफ्तार मोटरसाइकिल अनियंत्रित होकर खड़ी स्कूटी से जा टकराई, जिससे तीन लोग घायल हो गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, हर्राटोला पोडकी निवासी 32 वर्षीय मंगल माझी, पिता जय राम माझी, अपनी नई टीवीएस स्पोर्ट मोटरसाइकिल की पूजा-अर्चना कराकर अमरकंटक से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान जालेश्वर तिराहा के मोड़ पर तेज गति के कारण उनका वाहन अनियंत्रित हो गया और सड़क किनारे खड़े राजेंद्र ग्राम किरगी निवासी प्रिंस सोनी एवं उनकी चाची सुधा सोनी की स्कूटी से जा टकराया।

बताया जा रहा है कि प्रिंस सोनी और सुधा सोनी अपने बच्चों के साथ अमरकंटक में मां नर्मदा के दर्शन-पूजन के बाद वापस लौट रहे थे और जालेश्वर तिराहा पर कुछ देर रुककर आपस में बातचीत कर रहे थे। तभी यह हादसा हो गया।

हादसे में मोटरसाइकिल सवार मंगल माझी को सिर एवं पैर में गंभीर चोटें आई हैं, वहीं प्रिंस सोनी और सुधा सोनी भी घायल हुए हैं। घटना की सूचना मिलते ही अमरकंटक पुलिस थाना का बल तत्काल मौके पर पहुंचा और घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक में भर्ती कराया, जहां उनका उपचार जारी है। मंगल माझी ने 3 अप्रैल 2026 को ही नई मोटरसाइकिल खरीदी थी और अगले ही दिन पूजा कराकर लौटते समय यह दुर्घटना हो गई।

समाचार 09

ओला से फसल से बर्बाद, सर्वे करने पहुँचा कोई

उमरिया

जिले के मानपुर तहसील अंतर्गत राजस्व मंडल चिल्हारी के राजस्व ग्राम चिल्हारी एवं बम्हनगमा में तीन दिन पहले अचानक बेमौसम बारिश के साथ ओला एवं तूफान से किसानों की खड़ी फसल गेहूं, चना,अरहर, की फसल पूरी तरह से बर्बाद हो गई है। किसान चिंतित परेशान हैं। किसानों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है, ओला वृष्टि से प्रभावित क्षेत्र चिल्हारी का कुछ भाग एवं बम्हनगमा ग्राम के पीड़ित किसानों द्वारा तीन दिन बीत जाने के बाद भी प्रशासन द्वारा फसल नुकसान का आकलन करने कोई भी प्रशासनिक राजस्व अधिकारी आज तक नहीं पहुंचे है। पीड़ित किसानों द्वारा जिला कलेक्टर शासन प्रशासन से गुहार लगाई है। अधिकारी खेतों में पहुंचकर खराब हुई फसलों का सर्वे करा तुरंत मुआवजा राशि प्रदान की जाए, जिससे किसान वह अपना जीवकोपार्जन एवं अगली खेती कर सके।

समाचार 10 फ़ोटो 10

अग्रवाल लॉज गिरी, लोगो की दबने की आशंका

अनूपपुर

जिले के कोतमा थाना अंतर्गत कोतमा बस स्टैंड के वार्ड क्रमांक 05 में संचालित अग्रवाल लाज जो चार मंजिला थी, शनिवार की शाम लगभग 5:30 बजे अचानक भरभरा कर गिर गई। डायल 112 को सूचना दी गयी है। जिसमें दर्जनों मजदूर की दबने की आशंका है, वही अगल-बगल की दुकान भी दब गई है। कई घायलों को बाहर निकाल लिया गया है। बताया जाता है कि लाज के बगल से निर्माण कार्य चल रहा था इसी दौरान यह घटना घटी है।

त्रिदेव व मां नर्मदा की प्रतिमा सिर पर रखकर नर्मदा परिक्रमा कर रहे प्रीतपाल की कठिन साधना की अनूठी यात्रा


अनूपपुर

मध्य प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल अमरकंटक में एक अनोखी और प्रेरणादायक नर्मदा परिक्रमा यात्रा देखने को मिल रही है। महाराष्ट्र के पुणे निवासी प्रीतपाल (उम्र लगभग 40 वर्ष) मां नर्मदा की भक्ति में लीन होकर अपने सिर पर काष्ठ से निर्मित मंदिर रखकर पैदल परिक्रमा कर रहे हैं।

इस विशेष मंदिर में त्रिदेव—ब्रह्मा, विष्णु और महेश—के साथ मां नर्मदा की प्रतिमा विराजित है। प्रीतपाल अपने दैनिक उपयोग की सामग्री पीठ पर बैग में रखकर कठिन तपस्या और हठयोग के साथ यात्रा कर रहे हैं। उन्होंने अपनी परिक्रमा यात्रा ओंकारेश्वर धाम से प्रारंभ की थी और लगभग चार महीने की कठिन पदयात्रा के बाद अब अमरकंटक पहुंच चुके हैं। अमरकंटक में माई की बगिया पहुंचकर उन्होंने विधिवत पूजन-अर्चन, आरती एवं तट-जल परिवर्तन की प्रक्रिया पूर्ण की और मां नर्मदा के दक्षिण तट से अपनी आगे की यात्रा पुनः प्रारंभ कर दी है।

नर्मदा परिक्रमा यात्री महाराष्ट्र के प्रीतपाल एक हाथ में दंड और कमंडल धारण किए, हंसते-मुस्कुराते हुए भजन-कीर्तन करते निरंतर आगे बढ़ रहे हैं। उनकी यह तपस्या, उत्साह और अटूट श्रद्धा मार्ग में मिलने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन रही है। प्रीतपाल प्रतिदिन लगभग 25 से 30 किलोमीटर पैदल यात्रा करते हैं। वे अपनी यात्रा के दौरान खंभात की खाड़ी भी पार कर चुके हैं और अनुमान है कि उनकी परिक्रमा पूर्ण होने में अभी लगभग तीन माह का समय और लगेगा।

उनका कहना है कि मां नर्मदा की कृपा से यात्रा के दौरान कभी कोई कमी महसूस नहीं होती। वे प्रतिदिन प्रातः और सायंकाल मंदिर में स्थापित देव प्रतिमाओं की पूजा-अर्चना करते हैं। प्रीतपाल बताते हैं कि “मां नर्मदा कभी भूखे नहीं सुलातीं, किसी न किसी रूप में सहायता मिल ही जाती है। उन्होंने यह भी बताया कि नर्मदा परिक्रमा की प्रेरणा उन्हें अपने गांव के लोगों से मिली और यह उनके माता-पिता व पूर्वजों का आशीर्वाद है कि वे इस कठिन लेकिन पवित्र यात्रा को पूरा कर पा रहे हैं।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget