सूरज और रानी की अधूरी प्रेम कहानी- अपर्णा दुबे
💔सूरज और रानी की अधूरी प्रेम कहानी 💔
एक लड़का था, जिसका नाम सूरज था और एक लड़की थी, जिसका नाम रानी था। दोनों एक-दूसरे से बहुत प्यार करते थे। उनके दिल में एक ही सपना था, एक दिन शादी करके साथ-साथ पूरी जिंदगी बिताना। सूरज अक्सर रानी से कहता था, “रानी, मैं तुम्हें हमेशा खुश रखूँगा। बस थोड़ा समय और, फिर मैं तुम्हारे घरवालों से हमारा रिश्ता माँगने आऊँगा।” रानी भी सूरज पर पूरा विश्वास करती थी। वह अपने माता-पिता के सपनों को भी पूरा करना चाहती थी और सूरज को भी खोना नहीं चाहती थी। एक दिन रानी के पिता उसके लिए एक रिश्ता लेकर आए। लड़का अच्छा कमाता था, परिवार अच्छा था और समाज में उसकी अच्छी प्रतिष्ठा थी। रानी के पिता ने मन ही मन तय कर लिया कि वे रानी की शादी उसी घर में करेंगे। लेकिन सूरज को इस बात की कोई जानकारी नहीं थी। रानी कई बार सोचती रही कि वह सूरज को सब कुछ बता देगी, लेकिन हर बार उसके सामने सूरज का चेहरा आ जाता और वह कुछ कह नहीं पाती। वह सूरज से बहुत प्यार करती थी और उसे खोने से डरती थी। उधर सूरज भी यही सोच रहा था कि अब उसे रानी के घरवालों से बात करनी चाहिए। एक दिन सूरज रानी के घर पहुँचा। उसे देखकर रानी के पिता ने सारी बात साफ-साफ बता दी। उन्होंने कहा, “बेटा, आज मैं रानी के लिए रिश्ता देखकर आया हूँ। लड़का अच्छा है, परिवार अच्छा है और वह अच्छी कमाई करता है। कुछ ही महीनों में हम रानी की शादी उसी घर में करने का सोच रहे हैं।” यह सुनकर सूरज के पैरों तले जमीन खिसक गई। वह कुछ नहीं बोला। चुपचाप वहाँ से चला गया। उसकी आँखों में आँसू थे और दिल में सिर्फ एक सवाल था— “रानी ने मुझे पहले क्यों नहीं बताया?” सूरज ने रानी से फोन पर पूछा, “तुमने मुझे यह बात पहले क्यों नहीं बताई?” रानी के पास कोई जवाब नहीं था। वह भी रो रही थी। उसने कहा, “सूरज, मैं तुम्हें खोना नहीं चाहती थी… और अपने माता-पिता को भी दुखी नहीं करना चाहती थी। मैं दोनों को बचाना चाहती थी, लेकिन शायद मैं खुद ही दोनों के बीच फँस गई।” सूरज ने बहुत कोशिश की कि रानी से एक बार मिल सके। वह बार-बार फोन करता रहा, लेकिन परिस्थितियाँ ऐसी बन गईं कि दोनों एक-दूसरे से मिल नहीं पाए। आखिरकार सूरज ने रानी को एक आखिरी संदेश भेजा— “रानी, तुम परेशान मत होना। शायद हमारी कहानी का रास्ता यहीं से अलग हो रहा है। मैंने तुम्हें सच्चे दिल से चाहा था और हमेशा तुम्हारी खुशी की दुआ करूँगा। तुम जहाँ भी रहो, खुश रहना। अगर कभी जिंदगी हमें दोबारा मिलाने का मौका दे, तो शायद हमारी अधूरी कहानी को एक नया रास्ता मिल जाए। और अगर ऐसा न हो सके, तो भी मेरी जिंदगी की सबसे खूबसूरत याद तुम ही रहोगी।” रानी ने वह संदेश पढ़कर बहुत देर तक आँसू बहाए। उसने आसमान की तरफ देखा और मन ही मन कहा— “कुछ रिश्ते किस्मत में साथ रहने के लिए नहीं, बल्कि जिंदगी भर याद रहने के लिए लिखे जाते हैं।” सूरज और रानी की प्रेम कहानी पूरी नहीं हुई… लेकिन उनका प्यार उनके दिलों में हमेशा अधूरा होकर भी सच्चा रहा। 💔 अर्पणा दुबे



















