बिना नंबर के दौड़ रहे ट्रेक्टरों से प्रशासन बेखबर, रेत चोरों ने कार्यवाही से बचने खोजा आसान तरीका 

*रेत माफिया बेकाबू, प्रशासन मौन, कभी भी हो सकती है दुर्घटना*


उमरिया

जिले में अवैध रेत उत्खनन में संलिप्त कारोबारियों ने कार्यवाही से बचने के लिए तरह -तरह के तरीके इजाद करते रहते हैं । इन दिनों रेत चोरी के कारोबार में संलिप्त अधिकांश ट्रेक्टर और टालिया बिना नंबर लिखायें ही सरपट दौड़ रही है और जिम्मेदार अधिकारी इस ओर कभी ध्यान ही नहीं देते , जिससे  रेत चोर आजाद होकर इस काले व्यवसाय को खुले रूप से अंजाम दे रहे हैं । 

विदित हो की उमरिया जिले में रेत उत्खनन पर शासन व्दारा रायल्टी पर पूर्ण रूप से 15 जून से रोक लगाते हुए रायल्टी पर पाबंदी लगा दी गयी है । तब से रेत माफिया के हौसले और ही ज्यादा बुलंद हो गये और वह कभी भी कहीं भी रेत चोरी करने के लिए आमदा हों गये है । उमरिया जिले के कोने-कोने से रेत चोरी की खबरें हर दिन की प्रमुख खबरों में प्रकाश में आती है , लेकिन उमरिया जिले के आलाकमान अधिकारियों ने कभी भी इन खबरों को गंभीरता पूर्वक संज्ञान में नहीं लिया ।

उल्लेखनीय है की बिना रजिस्ट्रेशन या नंबर प्लेट के गाड़ियों के चलाने पर भारत देश में मोटर वाहन अधिनियम 1988  की धारा 192 के तहत कार्यवाही होती है ,जो की धारा 39 का उल्लंघन है । इस अपराध के लिए पहली बार पकड़े जाने पर पांच हजार तक का जुर्माना और वाहन को जब्त किया जा सकता है, और अगर संबंधित जन के व्दारा बार बार गलती पाये जाने पर दस हजार का जुर्माना और एक साल की सजा हो सकती है ।मोटर वाहन अधिनियम 192 कहती हैं की जो भी व्यक्ति बिना वैध पंजीकरण या नंबर प्लेट के वाहन चलाता है वह दण्डनीय अपराध है,इन वाहनों में दो पहिया से लेकर चार पहिया हों या व्यावसायिक वाहन शामिल हैं ।इसी तरह धारा 39 के अनुसार बिना नंबर प्लेट के कोई भी वाहन सार्वजनिक सड़कों पर नहीं चलाये जा सकते हैं , लेकिन आजकल रेत चोरी में बिना नंबर प्लेट के ही पीकप और ट्रेक्टर दौड़ाये जा रहें हैं , ताकि वाहन मालिकों को सहजता से पकड़ा न जा सके । ध्यान देने योग्य है कि पिछले दिनों एक प्रशासनिक अधिकारी ने रेत उत्खनन के मामले में चार ट्रेक्टरों को पकड़ा था , और चोरों ने अंधेरे का लाभ उठा कर भाग निकलने में कामयाब हो गए ,उन ट्रेक्टरों की फोटो प्रशासनिक अधिकारी ने अपने मोबाइल में कैद कर लिया, लेकिन किसी भी वाहन में नंबर प्लेट न होने के कारण कार्यवाही नहीं की जा सकी ।

इस तरह के बिना नंबर प्लेट के वाहनों पर कार्यवाही करने का अधिकार पुलिस, यातायात पुलिस और परिवहन विभाग के पास सुरक्षित रहता है और उनकी जिम्मेदारी बनती है की ऐसे वाहनों पर समय-समय पर कार्यवाही करते रहे , लेकिन उमरिया जिला प्रशासन की कार्यशैली के बारे में कुछ कहना, लिखना बेमानी बन गया है की आखिर कार उनकी नजरों में इस तरह की गड़बड़ियां दिखाई क्यों नहीं देती और इस तरह से क्षेत्र में चोर, उचक्कों ने माफिया राज कायम कर रखा है ।

माफिया राज के मकड़जाल को तोड़ने के लिए जिला प्रशासन को अपनी आंख -कान खोलकर काम करने की जरूरत है , ताकि किसी बडी अप्रिय घटना घटित न हो सकें।

पावर प्लांट मे बिना वेरिफिकेशन श्रमिकों की एंट्री, संयत्र व जिले की सुरक्षा और कानून व्यवस्था पर मंडरा रहा खतरा

*पुलिस और प्रबंधन की अनदेखी*


उमरिया

जिले के बिरसिंहपुर पाली स्थित संजय गांधी ताप विद्युत केंद्र में सुरक्षा की गंभीर खामियां उजागर हुई हैं। यहां बड़ी संख्या में ठेका श्रमिकों को बिना पुलिस वेरिफिकेशन सिर्फ आधार कार्ड दिखाकर गेट पास जारी किए जा रहे हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह लापरवाही न केवल संयंत्र बल्कि पूरे जिले की सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए बड़ा खतरा है। जानकारी के मुताबिक 9 अगस्त से शुरू हुए 60 दिनों के शटडाउन के दौरान विभिन्न यूनिटों के मेंटेनेंस कार्यों मे सैकड़ों श्रमिक जुटे हैं। इनमें स्थानीय के अलावा बिहार, बंगाल, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों से आए श्रमिक भी शामिल हैं। बिना पुख्ता जांच और पहचान सत्यापन के इनका प्रवेश सीधे-सीधे सुरक्षा नियमों की अनदेखी है।

सुरक्षा अधिकारी एसके दुबे ने स्वीकार किया कि स्थाई कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य हैए लेकिन ठेका श्रमिकों को केवल आधार कार्ड पर ही पास दिया जाता है। उन्होंने कहा कि यह कोई नई व्यवस्था नहीं है, कई वर्षों से इसी तरह किया जा रहा है। 

वहीं,  पाली थाना प्रभारी राजेश चंद्र मिश्रा ने कहा कि पुलिस इस मामले को गंभीरता से लेगी और कंपनी प्रबंधन से बाहर से आए श्रमिकों की पूरी जानकारी मांगी जाएगी। उनका स्पष्ट कहना है कि बिना पुलिस वेरिफिकेशन पास जारी करना सुरक्षा नियमों के खिलाफ है।

स्थानीय नागरिकों और श्रमिक संगठनों ने भी प्रबंधन पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि केवल आधार कार्ड देखकर किसी को भी प्रवेश देना खतरनाक हैए क्योंकि उसकी वास्तविकता मौके पर जांचे बिना साबित नहीं हो सकती।विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इस लापरवाही से अपराधी या असामाजिक तत्व आसानी से प्लांट में घुस सकते हैंए जिससे न केवल ऊर्जा उत्पादन प्रभावित हो सकता है बल्कि आसपास के इलाकों की सुरक्षा पर भी गंभीर असर पड़ सकता है। साफ है कि यह व्यवस्था वर्षों से चली आ रही है और अब तक इस पर ठोस कदम नहीं उठाए गए। लेकिन अब जब मामला उजागर हुआ है, तो यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रबंधन और पुलिस मिलकर सुरक्षा को पुख्ता बनाने के लिए क्या कदम उठाएंगे।

पैरामेडिकल परीक्षा फर्जीवाड़ा मामले में 6 आरोपियों को कारावास


उमरिया

पैरामेडिकल डिप्लोमा परीक्षा 2015 में फर्जीवाड़ा कर अपराध करने वाले 6 अभियुक्तों को न्यायालय ने दोषी करार देते हुए डेढ़-डेढ़ वर्ष का सश्रम कारावास सुनाया है।

मीडिया प्रभारी (अभियोजन) नीरज पाण्डेय ने बताया कि 27 अगस्त 2016 को अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय रीवा द्वारा शासकीय महाविद्यालय उमरिया में एक्स-रे रेडियोलॉजी की परीक्षा आयोजित की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान परीक्षा केंद्र पर 6 पंजीकृत छात्रों—अजीत कुमार चौधरी, कमलेश सिंह गोंड, कमलेश कुमार चौधरी, चन्द्रप्रताप सिंह, दिलीप कुमार रैदास एवं प्रांजुल सोनी को अन्य व्यक्तियों से परीक्षा दिलवाते पकड़ा गया।

घटना की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली उमरिया में धारा 419, 420 भा.दं.सं. एवं मप्र मान्यता प्राप्त परीक्षाएं अधिनियम 1937 की धारा 30/4 के तहत मामला दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया गया। एडीपीओ नीरज पाण्डेय द्वारा संचालित प्रभावी अभियोजन के आधार पर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी उमरिया दीपक कुमार अग्रवाल ने आरोपियों को दोष सिद्ध पाया और प्रत्येक को डेढ़ वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

महिला की संदिग्ध मौत, मायके वालों ने ननद पर लगाया हत्या का आरोप


उमरिया

जिले के थाना कोतवाली अंतर्गत ग्राम बरतराई निवासी विवाहिता अनूपा तिवारी पति मनीष तिवारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतका की मां गुलाब द्विवेदी पति लखन द्विवेदी निवासी ग्राम बंधवार, तहसील बुढ़ार जिला शहडोल ने पुलिस अधीक्षक उमरिया को शिकायत देकर गंभीर आरोप लगाए हैं।

उनका कहना है कि ननद पूजा तिवारी व उसके पति द्वारा सोना-चांदी हथियाने की मंशा से षड्यंत्रपूर्वक मारपीट कर गला घोंटकर हत्या की गई है। परिजनों ने बताया कि मृतका के शरीर पर कई जगह चोट के निशान भी मिले हैं। उन्होंने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

विजय की इंजीनियरिंग से कांग्रेस के सुदृढ़ता पर सवाल, जिलाध्यक्ष का कांटों भरा ताज, क्या कांग्रेस को दिला पाएंगे विजय?

*चुनाव में कई बार किस्मत आजमा चुके, परन्तु उन्हें सफलता नहीं मिली*


उमरिया

उमरिया जिले में कांग्रेस जिलाध्यक्ष के पद से नवाजे गए इंजीनियर विजय कोल की घोषणा से जिला भर में कांग्रेस और जन मानस में खलबली मच गई ।यह पहला अवसर है ,जब उमरिया जिले में किसी आदिवासी युवक को इतनी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है । इसके पहले इस पद पर अनारक्षित वर्ग के ही नेता काबिज थे , लेकिन इस बार आदिवासी बाहुल्य जिला होने के कारण कांग्रेस ने यह प्रयोग किया है , इससे कांग्रेस को लाभ या हानि क्या होगा इसके परिणाम तो भविष्य के गर्भ में छिपा है परन्तु जो कयास लगाए जा रहे हैं , उससे साफ जाहिर होता है की जिला अध्यक्ष की यह ताज कांटों भरा हुआ है ‌। दर असल उमरिया जिला आदिवासी अनुसूचित क्षेत्र है जहां पर  विधानसभा और संसदीय क्षेत्र सभी आदिवासी वर्ग के लिए आरक्षित हैं , जहां पर सिर्फ आदिवासी वर्ग के लोग जन प्रतिनिधि हैं। अनारक्षित वर्ग के लिए संगठन में ही कुछ जगह बन जाती है , और उससे भी अनारक्षित वर्ग के लोग अलग कर दिये जायेगे, तो उनका राजनैतिक दलों से मोहभंग हो जायेगा , यही वजह है की भाजपा जैसे संगठन में इस तरह के प्रयोग करने से बच रही है ।

उमरिया जिले के सामाजिक संरचना की चर्चा करें तो उमरिया जिले में लगभग 54 प्रतिशत आदिवासी वर्ग और 46 प्रतिशत अन्य समुदाय के लोग निवास रत है । आदिवासी समुदाय में सर्वाधिक आबादी गोंड समुदाय की है , फिर बैगा और इसके बाद कोल समुदाय आता है।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष के पद पर विजय कोल की घोषणा होने के बाद से गोंड समुदाय के मन में यह बात घर कर गई है की अगर आदिवासी समुदाय से ही बनाना था,तो गोंड समुदाय के नेताओं को वरीयता दिया जाना चाहिए था , लेकिन तीसरे पायदान पर खड़े कोल समुदाय को जिम्मेदारी सौंपने से अनारक्षित वर्ग के साथ गोंड और बैगा समुदाय के लोग भी खासा आक्रोशित बताये जा रहें हैं ।‌

कांग्रेस जिलाध्यक्ष विजय कोल इसके पहले तरह - तरह के चुनाव में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं , परन्तु किसी भी चुनाव में उन्हें सफलता नहीं मिली है , जिससे साफ़ जाहिर होता है की क्षेत्र के जनमानस में भी उनकी खास पकड़ और स्वीकार्यता नहीं है ,जिस पैमाने पर जनता के बीच होनी चाहिए ‌।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष विजय कोल आर्थिक रूप से भी इतने सक्षम नहीं है की सत्ता और अपने से घिरे होने के बाद कांग्रेस संगठन को बेहतर तरीके से चला सकते हैं ‌।

कांग्रेस जिलाध्यक्ष के पास अब एक मौका जरूर शेष बचा है की कांग्रेस में अभी भी संगठन में अन्य पदों पर भी नियुक्तियां होनी है ,जिला कांग्रेस कमेटी का गठन होना है , ब्लाक अध्यक्षों की नियुक्तियां होनी है , अगर विजय कोल इन नियुक्तियों में अपने इंजीनियरिंग का कमाल कर गये ,तो कांग्रेस जिलाध्यक्ष जिले में कुछ चमत्कार कर सकते हैं , और वह अन्यों से बेहतर संगठन चला कुशल जिलाध्यक्ष साबित हो सकतें हैं ,की कांग्रेस के लिए  प्रयोगशाला बनी उमरिया जिले के कांग्रेस के सुदृढ़ीकरण सवालों के गड़बड़ झाले में उलझ कर रह जायेगा ‌

चुनाव की समय-सीमा समाप्त, मंडल अध्यक्ष व कार्य कारणी के गठन में भाजपा आलाकमान को आ रहा पसीना

*मंडल अध्यक्ष के लिए विधायक की नियम विरुद्ध पैरवी के चलते नियुक्तियां अधर में लटकी*


उमरिया

भारतीय जनता पार्टी के संगठन में भले ही जिला अध्यक्ष बने कई महीने बीत गए , लेकिन अभी भी जिले में भाजपा की जिला कार्यकारिणी का गठन न हो पाना संगठन की सक्रियता पर सवाल खड़े कर रहा है । बताया जाता रहा है की प्रदेश अध्यक्ष के  निर्वाचन मे हुए विलंब के कारण  भी जिले की कार्यकारिणी का गठन नहीं हो पाया ।इस सबके बीच में पिछले दिनों जिले के शेष पांच मंडल अध्यक्षों के लिए जिले से लेकर प्रदेश कार्यालय तक मंडल अध्यक्ष को लेकर रस्साकसी का खेल चला था । जिले के मंडल अध्यक्ष को लेकर अनुपयुक्त नेताओं की ताजपोशी कराने के लिए जिला संगठन से लेकर विधायक गणों ने प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खण्डेलवाल और संगठन मंत्री हितानंद जी तक अपात्रों की ताज पोशी करने की सिफारिश लेकर पहुंचे विधायकों को संगठन ने सिरे से नकारते हुए जिले में पर्यवेक्षक भेजकर जिला कार्यकारिणी और मंडल अध्यक्ष के पात्रों की नियुक्ति के नाम का पैनल मांगा गया था , जिसके परिणामस्वरूप जिले में दो पर्यवेक्षक आये थे और उन्होंने प्रमुख भाजपा नेताओं से राय सुमारी कर भोपाल कार्यालय में अपनी रिपोर्ट जमा कर दिया है , जिसके आधार पर 18-19 अगस्त तक घोषणा करने की समय बाध्यता तय की गयी थी , लेकिन तय समय-सीमा गुजरने के बाद भी प्रदेश भाजपा आलाकमान को घोषणा करने में पसीना आ रहा है ।

उमरिया जिले के बांधवगढ़ विधान सभा के कोहका और करकेली मंडल अध्यक्ष के चयन के लिए जिन नामों को लेकर विधायक जी पैरवी कर रहे हैं उनमें करकेली मंडल से विनोद सिंह और कोहका मंडल से मैक्स साहू का नाम बताया जाता है । इसके पीछे वह जातीय समीकरण को साधना चाहते हैं । विनोद सिंह राठौर समाज का नेतृत्व करते हैं वही शिवकुमार साहू((मैक्स) साहू समाज से आते है । दोनों मंडलों में राठौर समाज की आबादी पायी जाती है , लेकिन कोहका मंडल में राठौर समुदाय की आबादी अधिकतम पायी जाती है , जहां से शिव कुमार साहू की ताजपोशी के लिए भाजपा विधायक जी  तय मापदण्डो की उपेक्षा करते हुए बनाना चाहते हैं , जबकि साहू समाज की आबादी अन्य समुदाय से कम है ।ऐसा नहीं है की कोहका मंडल से राठौर समुदाय के भाजपा नेता नहीं है फिर भी उनकी अनदेखी कर साहू समाज के एक अदने से  व्यक्ति के लिए पूरी ताकत लगा रहे हैं जबकि इनके चाल चरित्र को लेकर संगठन में तरह तरह के लांछन लगाए जा चुके हैं ।इसी तरह करकेली मंडल के जिस नेता जी की पैरवी की जा रही है वह तय आयु सीमा को पार कर चुके हैं ।इसी तरह मानपुर विधानसभा क्षेत्र के तीन मंडल अध्यक्ष की नियुक्ति अनावश्यक रूप से अपात्र नेताओं की ताजपोशी के लिए अड़ायें देखें जा रहें हैं ‌, इस तरह से मंडल अध्यक्षों की नियुक्ति अधर में लटकी हुई है । भाजपा जैसे विशालकाय संगठन जो की अनुशासन प्रिय और मापदण्डो के लिए जानी जाती हैं उस राष्ट्रीय दल की हालात ऐसी हास्यास्पद स्थिति से गुजर रही है की मंडल अध्यक्ष के लिए  विधायक की नियम विरुद्ध पैरवी के चलते आज भी नियुक्तियां अधर में लटकी हुई है । भाजपा आलाकमान नियुक्तियों के मामले को गंभीरता से लेते हुए अविलंब पहल करेंगे ऐसी जनापेक्षा भाजपा के कनिष्ठ -वरिष्ट कार्यकत्ताओं की मांग है ।

संस्कृति विभाग द्वारा कृष्ण पर्व पर त्रिदिवसीय सास्कृतिक कार्यक्रम की अनुपम प्रस्तुति 


उमरिया/बिरसिंहपुर पाली 

मध्यप्रदेश शासन के संस्कृति विभाग व्दारा नगर पालिका परिषद पाली में कालरी स्टेडियम में त्रिदिवसीय कृष्ण पर्व कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। यह त्रिदिवसीय सास्कृतिक कार्यक्रम भगवान बलदाऊ जन्म दिवस के पावन अवसर से शुरू होकर कृष्ण जन्माष्टमी पर्व पर समापन हुआ। सांस्कृतिक कार्यक्रम के प्रथम दिवस पर हलधर बलदाऊ के चरित्रों पर आधारित रहा है, जो की दर्शकों के लिए अनुपम और अव्दितीय प्रस्तुति ने श्रोताओं का मन मोह लिया। हर एक श्रोता के लिए यह कार्यक्रम आकृषक मनोरम और प्रेरणा दायी साबित हुआ। भक्ति दायी गीत दुखी लाल दाहिया उमरिया और , श्री कृष्ण नृत्य नाटिका  संघमित्रा तायवांडे भोपाल और भक्ति गायन कबीरा बैंण्ड उमरिया  व्दारा यह कार्यक्रम ने न दर्शकों के लिए मन मोह लिया वरन हर एक के लिए भक्ति भाव से सराबोर कर गया।  दुसरे दिन भक्ति गायन ममता मिश्रा नर्मदा पुरम ने नगर में बिराजित आदि शक्ति माँ बिरासनी के प्रार्थना करते हुए कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया है तत्पश्चात श्री कृष्ण गीत का  गायन कर छोहर, बधाई और झूला गीतों की प्रस्तुति कर हर एक उपस्थित जन समुदाय को भाव विभोर कर दिया, श्री मती ममता मिश्रा ने अच्युतं केशवं,कृष्ण दामोदरं,रामनारायणं जानकी भंल्वाम से अपने श्वर की अक्षूण्य म्रस्तुति को विराम दी।केंन्दित अभिनयना डांस अकादमी उडीसा के व्दारा अधरं मधुरम, नयनं मधुरम, मधुराधिपतेरखिलं  मधुरम की धुन पर नृत्य नाटिका की अनोखी छटा बिखेर कर दर्शकों का ध्यान केंद्रित करने में सफल रही,  नृत्य नाटिका का एक एक छटा अविस्मरणीय बन हर एक के चित्र पटल में कैद हो गयी ‌।  इसके बाद कृष्ण गोपिका का रास नृत्य का शास्तीय नृत्य कृष्ण की बाल लीलाओं को प्रस्तुत करते हुए कृष्णाय तुभ्यं नमामि के श्वर लहरी सभी कलाओ का मंजन कर जन मानस को भक्ति से सराबोर कर गया  । तीसरे दिवस श्री कृष्ण नृत्य नाटिका शालनी खरे  एंव ग्रुप जबलपुर, भक्ति गायन विवेक मेहता एवं साथी इन्दौर की शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी गई।


संस्कृति विभाग व्दारा आयोजित इस कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अंबिकेश प्रताप सिंह का सराहनीय प्रयास इस कार्यक्रम को सफल बनाने में महती भूमिका निभाई, वहीं पर मुख्य नगरपालिका अधिकारी भूपेन्द्र सिंह की मेहनत कार्यक्रम को सफल बनाने में रंग लायी।

जन्माष्टमी पर बाँधवधीश मंदिर पर लगा मेला, 12 हजार श्रद्धालुओं ने किए दर्शन, सुरक्षा में 350 जवानों थे तैनात

*सर्वप्रथम रीवा रियासत के वंषज दिव्यराज सिंह ने पूजा अर्चना की*


उमरिया 

जिले में जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर बांधवगढ़ ताला स्थित बाँधवाधीश मंदिर में भव्य आस्था का सैलाब उमड़ा। श्रद्धालू  8 किमी का पैदल सफर तय कर मंदिर तक पहँचे, और पूजा अर्चना की । इस दौरान 12 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने जन्माष्टमी पर्व पर बाँधवाधीश के दर्शन किये। मेले में श्रद्धालुओं की सुरक्षा व्यवस्था में  350 जवानों  को तैनात किया गया था।मेला के दौरान बांधवाधीश मंदिर परिसर में समग्र मेले की व्यवस्था हेतु बांधवगढ़ नेशनल पार्क के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय उपस्थित रहे।

इस बार संभाग एवं जिले के प्रमुख अधिकारियों ने मंदिर तक की दूरी श्रद्धालुओं के साथ पैदल ही तय की तथा पर्यावरण संरक्षण एवं अपनी दैनिक दिनचर्या में फिजिकल एक्टिविटीज को शामिल करने का संदेश दिया। सर्वप्रथम रीवा रियासत के वंषज दिव्यराज सिंह ने पूजा अर्चना की।

इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू, सी ई ओ जिला पंचायत अभय सिंह, वन मंडलाधिकारी विवेक सिंह ने सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया एवं आवश्यक दिशा निर्देश दिए, ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना नही करना पड़े। मेले के सफल संचालन के लिए एस डी एम मानपुर टी आर नाग, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम सत्या ,डिप्टी कलेक्टर मीनाक्षी इंगले, हरनीत कौर कलसी की ड्यूटी लगाई गई थी।

मंदिर प्रांगण के लिए प्रभारी अधिकारी बालेन्द्र शर्मा थाना नौरोजाबाद शेष शैय्या चरण गंगा के पास प्रभारी अधिकारी सत्यदेव यादव प्रभारी बिलासपुर, बड़ा तालाब, महाराजा तालाब व्यवस्था के लिए प्रभारी अधिकारी प्लाटून कमांडर राहुल साहू होमगार्ड कार्यालय, किला गेट के लिए प्रभारी अधिकारी उनि मनीष सिंह थाना चंदिया, कबीर गुफा बैरियर पास स उ नि सोनेलाल ठाकुर थाना चंदिया की ड्यूटी लगाई गई थी तथा उनके सहयोग के लिए अन्य कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी। इस बार स्वास्थ्य विभाग द्वारा सर्पदंश की स्थिति से निपटने के लिए एंटी वेनम की व्यवस्था भी की गई थी।

इसी तरह राष्ट्रीय उद्यान मुख्य प्रवेश द्वार 1 टिकट काउंटर के पहले प्रभारी अधिकारी निरीक्षक ज्योति शुक्ला थाना प्रभारी चंदिया, टिकिट काउंटर व्यवस्था के लिए उनि अमित विश्वकर्मा पुलिस लाइन उमरिया,प्रवेश द्वार राष्ट्रीय उद्यान 2 टिकट काउंटर के बाद प्रभारी अधिकारी निरीक्षक विजय पटले के साथ ही बाजार एवं मेला व्यवस्था, यातायात एवं पार्किंग व्यवस्था के साथ ही संचार व्यवस्था, वीडियो ग्राफी, फोटोग्राफी, सूचना संकलन के लिए ड्यूटी लगाई गई थी।

व्यवसायी के यहाँ नकली राजश्री का भंडाफोड, माल बरामद, मगर नही हुई कार्यवाही, प्रशासन की कार्यशैली पर प्रश्रचिन्ह

*बिना जीएसटी की चल रही है दुकाने*


उमरिया

पाली में एक किराना व्यापारी के यहाँ से नकली राजश्री गुटखा के व्यापक मात्रा में पकड मे आने की खबरें आई थी, लेकिन अंततः मामला में कोई वैधानिक कार्यवाही किये बिना ही मामला रफा -दफा कर दिया गया था। इस छापे के दौरान  पाली थाना के पुलिस की उपस्थिति में यह छापा मार कार्यवाही की गयी थी। जबकि इस कार्यवाही में खाद्य विभाग और राजस्व अमला की गैर मौजूदगी में यह कार्यवाही अपने आप में सवाल खड़े कर गये। 

होना यह चाहिए था की जिस तरह से नकली खाद्य सामग्री का खुलासा हुआ था, इसमें नकली गुटखा बनाने वालो तक जांच की जानी चाहिए था, चूकी हरीश किराना स्टोर जहाँ पर नकली राजश्री गुटखा पकडी गयी है, वह राजश्री गुटखा का विक्रेता है, न की निर्माण कर्ता। इसलिए नकली राजश्री उत्पादक कर्ता के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई कर एक प्रदेश स्तरीय नकली राजश्री का भंडाफोड़ होता और नकली उत्पाद पर रोक लग पाता , लेकिन पाली पुलिस ने इस व्यापक पैमाने पर चल रहे उत्पाद के विरूद्ध अभियान छेडने की बजाय जो मिल गया उसी में संतोष कर मामले को सदा के लिए दफन कर दिया। 

एक तो गुटखा वैसे भी धीमा जहर है, जो सेवन करने से मौत की ओर ढकेल रहा है, ऊपर से वह भी नकली खुले बाजार में बिकता नजर आ रहा है। कोई मरे तो मरे, पुलिस ने तो अपना काम शुरू कर अपना हित साध लिया। उमरिया जिले की पुलिस अधीक्षक से अपेक्षा है की  बीते दिवस नकली राजश्री गुटखा के छापा मार कार्यवाही को अपने हाथ में लेते हुए पूरे मामले की तफ्तीश करते हुए राज्य स्तरीय अपराध को उजागर कर पुलिस विभाग की धूंधली छवि को साफ -सुथरी और उजली बनाने आवश्यक कदम उठायेगी ‌।

पाली नगर में अभी भी ऐसी दूकान के बारे में चर्चा चल पडी है की यहाँ पर प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान अभी भी बिना जी एस टी के ही अपना कारोबार चला रहे हैं, तो कुछ ने जीएसटी का रिन्यूअल कराना उचित नहीं समझ रहे हैं, तो इस तरह से जीएसटी की चोरी अनवरत रूप से जारी है, अपेक्षा है की प्रशासन आर्थिक अपराध से जुड़े इस मामले में आवश्यक कदम उठाते हुए वैधानिक कार्यवाही करेंगे, ताकि जी एस टी चोरी के रैकेट का पर्दाफाश हो सकें।

बांधवगढ़ में मिला मृत वन्यजीव का अवशेषअमले ने शुरू की जांच


उमरिया

जिले के बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व मे गत दिवस एक मृत वन्यजीव के अवशेष पाये गये हैं। विभाग के उप संचालक पीके वर्मा ने बताया है कि बीटीआर क्षेत्र अंतर्गत पनपथा रेंज की सलखनिया बीट के घोघरा नाला मे गश्तीदल को मृत वन्य प्राणी का शव दिखाई दिया। घटना की सूचना पर वरिष्ठ अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर हालात का जायजा लिया। सांथ ही निर्धारित प्रोटोकॉल अनुसार डॉग स्क्वाड और मेटल डिटेक्टर से इलाके की सर्चिंग कराई गई। डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम के दौरान वन्य प्राणी के सभी अंग मौजूद पाये गए। पीएम के दौरान बिसरा एकत्रित किया गया, जिसे परीक्षण हेतु भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट आने के उपरांत ही वन्य प्राणी की प्रजाति संबंधी जानकारी मिल सकेगी। इस कार्यवाही मे उप संचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व, एनटीसीए के प्रतिनिधि, वन प्राणी स्वास्थ्य चिकित्सक, डॉक्टर वेटरनरी, डॉक्टर मानपुर, सहायक संचालक पनपथा, रेंज ऑफिसर पनपथा बफर सहित फील्ड स्टाफ उपस्थित था।

भाजपा मंडल अध्यक्ष चयन के लिए प्रदेश नेतृत्व के फेरें लगाते विधायक, अपात्रों के लिए लगा रहे जोर

*राय शुमारी की उपेक्षा कर नेताओं की करा रहे बेइज्जत*


उमरिया

जिले में भाजपा मंडल अध्यक्षो की बहुप्रतीक्षित सूची के इंतजार का समय लगातार बढ्ता जा रहा है। इससे उमरिया जिले के  विधायकों की बैचनी बढती ही जा रही है। बताया जा रहा है की जिले के 14 मंडल अध्यक्ष में से 9 मंडल अध्यक्ष की घोषणा चुनाव के समय हो पायी थी, पांच मंडल अध्यक्ष को लेकर शुरू से ही सत्ता और संगठन के बीच विवाद की स्थिति बनी हुई थी, जिस वजह से इनके नियुक्ति में विराम लगा दिया गया था। तब से लेकर अब तक मंडल अध्यक्ष के लिए सत्ता और संगठन के बीच तलवार खिची हुई है। संगठन उन चेहरों को आगे लाना चाहता है, जो भाजपा की दृष्टि से उपयुक्त हो, ताकि संगठन का कार्य सुचारू रूप से चलता रहेे , और भाजपा का वर्चस्व का शिखर ऊंचा उठा रखे, ना की जिनके चाल चरित्र को लेकर जन मानस में सवाल उठते रहे हैं। जबकि विधायक की पसंद उन कार्यकर्ताओं की ताजपोशी के लिए है, जो न गणेश परिक्रमा कर विधायकों की चापलूसी करते हैं वरना उनका उद्देश्य भाजपा के बलबूते काले कारनामों पर पर्दा पड़ता रहे। कमीशन खाेरी, ठेकेदारी पर आंच न आये। भले ही शुमारी में एक भी मत हासिल नहीं किये हो लेकिन मंडल अध्यक्ष का ताज उनके सिर ही होना चाहिए। विधायक एक लोकतांत्रिक व्यवस्था से चुनकर आये जन प्रतिनिधि होते हैं उनके लिए भाजपा का एक-एक कार्यकर्ता मंडल अध्यक्ष के समान है, सही गलत का विचार कर कार्यकर्ताओं को समान रूप से एक नजरिया रखना चाहिए, लेकिन विधायक शिव बनकर भष्मासुर को ही वरदान देने के लिए पूरी ताकत लगा रखे है,। इसके लिए उन्होंने बीते दिनों भोपाल में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल और संगठन महामंत्री हितानंद जी से बंद कमरे में बैठ कर अपने पंसदीदा चेहरों के लिए दबाव बना रहे हैं। बताया जाता है की सौजन्य भेंट के बहाने प्रदेश अध्यक्ष जी से मिली और जो लोग बैठे हुए थे, उनसे आग्रह कर एकांत में चर्चा की। माना जा रहा है की मानपुर विधान सभा के अमरपुर, घुनघुटी और बांधवगढ़ विधानसभा के कोहका और करकेली में अपने चहेतो के लिए पैरवी करते देखें गयें।जबकि इन मंडल अध्यक्ष के लिए जिनके लिए पैरवी कर रहे हैं उनमें न सिर्फ कांग्रेस पृष्ठभूमि के कार्यकर्ता शामिल हैं जिनके भाई पिताजी कांग्रेस के मंडल और जिला पदाधिकारी जैसे जिम्मेदार पदों पर आसीन हैं बल्कि इसके साथ ही कमीशनखोरी, ठेकेदारी जैसे व्यवसाय को बचाने के लिए ही भाजपा का दुशाला ओढ रखें है। इसी तरह कुछ पर मधु शाला में बालाओं के साथ नृत्य करते देखे जा सकते हैं तो कुछ भाजपा गाइडलाइन के अनुसार तय आयु सीमा पार कर चुके हैं। भाजपा चुनाव के लिए दो स्तर पर राय शुमारी कर जो की बूथ स्तर और जिला स्तर  पर कार्यकर्ताओं की बे इज्जत कराने का काम  किया गया। विधायकों ने आखिर कार ऐसे चेहरों को आगे बढाने के लिए पूरी ताकत लगा रखी है। क्या भाजपा जैसे विशाल संगठन में कार्यकर्ताओं की इतनी कमी हो गयीं हैं की जो कार्यकर्ता तय मापदंडों के अनुरूप सही नहीं फिर भी उनकी ताजपोशी के लिए भाजपा आलाकमान के फेरें लगाते देखे जा रहे हैं।

भाजपा संगठन आधारित दल है जहाँ पर संगठन ही सर्वोपरि होता है लेकिन उमरिया जिले में विधायकों के दबाव के आगे संगठन लाचार नजर आ रहा है। संगठन में अगर विधायकों की मनमानी चलेगी तो भाजपा और कांग्रेस का बेसिक अंतर खत्म हो जायेगा और भाजपा संगठन भी समाप्ति की ओर कदम ताल करते लगेगा।  भाजपा संगठन आलाकमान मंडल अध्यक्ष के घोषणा करने के पहले सभी उठाये गए बिन्दुओं के तह पर जाकर सूक्ष्मतम जांच कराने के बाद सूझबूझ से निर्णय करना भाजपा संगठन के लिए हितकारी होगी, ऐसी जनापेक्षा की गयी है।

500 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर बाघिन को पहुँचाया वन विहार


उमरिया

जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के बहेरहा बाड़े में पिछले कुछ महीनों से रह रही एक मादा बाघिन को 4 अगस्त को रेस्क्यू कर, विशेष रेस्क्यू ट्रक के माध्यम से 500 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर भोपाल स्थित वन विहार नेशनल पार्क लाया गया।

रेस्क्यू ऑपरेशन में वन्यजीव विभाग की एक प्रशिक्षित और समर्पित टीम ने बाघिन को सुरक्षित रूप से वन विहार पहुंचाने के लिए पूरी सजगता और जिम्मेदारी का परिचय दिया। बाघिन अब पूरी तरह स्वस्थ है और वन विहार के विशेषज्ञ डॉक्टरों और अधिकारियों की निगरानी में है, जहां उसकी देखभाल की जा रही है।बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के फील्ड डायरेक्टर डॉ. अनुपम सहाय ने इस अभियान के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा, यह केवल एक रेस्क्यू ऑपरेशन नहीं, बल्कि हमारी वन्यजीवों के प्रति प्रतिबद्धता और संवेदनशीलता का प्रतीक है। बाघिन को नए वातावरण में सुरक्षित स्थान और आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराना हमारा कर्तव्य था, जिसे हमारी टीम ने पूरी निष्ठा से निभाया।रेस्क्यू टीम का योगदान इस विशेष रेस्क्यू ऑपरेशन में विभिन्न विशेषज्ञों और अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही। टीम में डॉ. राजेश तोमर (वन्यजीव स्वास्थ्य अधिकारी, बांधवगढ़), दीपक राज (वन परिक्षेत्र अधिकारी, मगधी), मनीष द्विवेदी, राज किशोर बर्मन, योगेंद्र सिंह, और श्रीलाल यादव (वाहन चालक) का योगदान रहा।

गांजा सहित आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


उमरिया

जिले मे एक बार फिर पुलिस ने गांजे की बिक्री की कोशिश मे बैठे एक व्यक्ति को धर-दबोचा है। इस संबंध मे मिली जानकारी के अनुसार बीती रात मुखबिर से इस आशय की सूचना मिली थी कि अशोक साहू पिता भाई लाल साहू 38 निवासी ग्राम पथरहटा जिला उमरिया गांजा बेंचने की फिराक मे बैठा हुआ है। जिस पर थाना चंदिया पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते मौके पर पहुंच कर आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 1.660 किलो गांजा कीमती 16 हजार रूपये पाया गया। इस मामले मे आरोपी के विरूद्ध धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर उसे न्यायालय मे पेश किया गया है।

खाद के किल्लत से किसान परेशान खुलेआम बाजार में दुगने दाम पर हो रही खाद की  कालाबाजारी


उमरिया

जिले में रासायनिक उर्वरक की भरी किल्लत से किसान परेशान हैं । सहकारी संस्थाओं में उपलब्धता नहीं होने से किसान को खुले बाजार से बढ़ी हुई दरों में यूरिया और डीएपी खरीदने को मजबूर हैं ,यह दर खाद के कमी के कारण दोगुने दर पर बेची जा रही है। मालुम होवे की सहकारी समितियों में 270 रूपये की यूरिया खाद 400 से लेकर 500 रूपये में बेची जा रही है। बताया जाता है की सहकारी संस्थाओं में मांग के अनुरूप आपूर्ति न होने से यह समस्या पैदा हुई है। जिले में खाद की कालाबजारी रोकने में जिला प्रशासन पूर्णतः नकारा साबित हो रहा है। 

वर्तमान परिवेश में किसान उर्वरक खाद डी ए पी, यूरिया, फास्फोरस, जिंक आदि पर निर्भर है, जिसकी आपूर्ति मध्यप्रदेश शासन के व्दारा उमरिया जिले में खाद आपूर्ति नियमित रूप से न होने के कारण  किसानों के समक्ष चुनौती बन गयी है। मध्यप्रदेश शासन व्दारा सहकारी समितियों  के माध्यम से किसानों के लिए प्रदान किया जाता रहा है, लेकिन सहकारी समितियों को उनके मांग के अनुरूप आपूर्ति नहीं होने के कारण किसान मजबूरी में बाजार से महंगे दर पर खाद खरीदने के लिए मजबूर हैं।जिला प्रशासन से अपेक्षा है की सहकारी समितियों में मांग के अनुरूप उपलब्ध कराने की आवश्यक पहल करेंगे।

जियो कंपनी का कार्ड चोरी, दो आरोपी गिरफ्तार


उमरिया 

जिले के नौरोजाबाद थानांतर्गत जियो कम्पनी के कार्ड चोरी मामले मे पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस संबंध मे जानकारी देते हुए टीआई बालेन्द्र शर्मा ने बताया फरियादी सौरभ कुमार शर्मा ने सूचना दी थी कि ग्राम बरही एवं करकेली मे जियो कंपनी के मोबाइल टावरों मे 5जी नेटवर्क को सुचारू रूप मे चलाने वाले 02 नग 5जी बीबीयू (ईएनओडीईबी)अज्ञात बदमाश चुरा कर ले गये हैं। जिसके बाद अज्ञात आरोपियों के विरूद्ध धारा 305 (ए)बीएनएस का अपराध दर्ज कर विवेचना प्रारंभ की गई। जांच के दौरान मिले साक्ष्यों एवं मुखबिर की सूचना के आधार पर संदेही राहुल रजक पिता पुरूषोत्तम रजक 28 निवासी पाली  तथा सूर्यप्रकाश विश्वकर्मा पिता शिवप्रसाद विश्वकर्मा 22 निवासी ग्राम सूखा थाना पाली को हिरासत मे लेकर पूछताछ की गई। जिसके उन्होने जुर्म स्वीकार कर लिया। पकड़ा गया एक आरोपी राहुल रजक इससे पहले पुणे की टावर कंपनी मे काम करता था, जिसे  टावर मे लगे उपकरण की जानकारी थी। पुलिस ने चोरीशुदा दोनो बीबीयू, जिनका बाजारू मूल्य 6 लाख 40 हजार रूपये है, बरामद कर आरेापियों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया है।

पांच लोगों ने मिल कर किया था बाघ का शिकार, तीन आरोपी गिरफ्तार


उमरिया

जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व मे पांच लोगों ने एक बाघ का शिकार किया था। उक्त खुलासा रविवार को पकड़े गए आरोपी हरदुल बैगा से पूछताछ मे हुआ है। हरदुल से मिली जानकारी के आधार पर दो और आरोपियों को हिरासत में लिया गया है। जिन्हें मिलाकर इस मामले मे अब तक तीन आरोपी पकड़े जा चुके हैं। जबकि 2 की तलाश जारी है। बीटीआर के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर विभागीय अमले ने गत दिवस ग्राम रोहनिया निवासी हरदुल बैगा नामक ग्रामीण के घर से बाघ के जबड़े, 13 नाखून, एक कैनाईन तथा तीन दांत जब्त किये गये थे।

इस घटना के बाद से विभाग मे हड़कंप मचा हुआ है। वहीं इससे नागरिकों और वन्यजीव प्रेमियों मे भी चिंता व्याप्त है। इस बीच सोमवार सुबह हरदुल बैगा को न्यायालय में पेश किया गया है। जहां से उसे रिमांड पर लेकर पुनः पूछताछ की जाएगी। सीएफ डॉ.सहाय ने बताया कि आरोपियों द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक बाघ के अन्य अवशेष भी जब्त करने का प्रयास किया जा रहा है। जल्दी ही आरोपियों ने बाघ की हत्या कैसे और कहां की, यह भी जानकारी सामने आयेगी।

चोरी से परेशान पटवारी ने चोर पकड़वाने पर रखा 51 हजार का इनाम


उमरिया 

जिले के बिरसिंहपुर पाली के प्रकाश नगर स्थित राजस्व विभाग की कॉलोनी में 20 जून की रात एक पटवारी के घर चोरी हुई थी। चोरों ने लाखों के गहने और नकद रुपए चुरा लिए थे। पुलिस अभी तक चोरों को पकड़ नहीं पाई है। इससे परेशान होकर पटवारी ने खुद चोरों को पकड़ने वाले को 51 हजार रुपए और 3 ग्राम सोना देने की बात कही है।

घटना की सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर तत्काल एसडीएम अंबिकेश सिंह भी पहुंचे और जांच शुरू की गई। पुलिस ने प्रारंभिक छानबीन की, लेकिन एक माह से ज्यादा बीत जाने के बाद भी न तो चोरों का कोई सुराग मिला और न ही चोरी गया माल बरामद हो पाया।

जिसके बाद पटवारी राजेश प्रजापति ने अब खुद इनाम घोषित कर दिया है। उन्होंने सार्वजनिक रूप से शपथ पत्र देकर कहा है कि जो भी व्यक्ति चोरों की पहचान बताएगा या चोरी का सामान वापस दिलाने में मदद करेगा, उसे 51 हजार रुपए नगद और तीन ग्राम सोना इनाम में दिया जाएगा। पटवारी का कहना है कि पुलिस प्रयास कर रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस नतीजा सामने नहीं आया। इसी कारण उन्होंने खुद पहल कर यह इनाम घोषित किया है, ताकि चोरों की जानकारी मिल सके और चोरी गया सामान वापस आ सके।

इलाजरत नर हाथी का हुआ निधन


उमरिया

क्षेत्र संचालक बांधवगढ टाईगर रिजर्व ने बताया कि 19 मई 2025 को दो हाथियों द्वारा की गई घटना में तीन व्यक्तियों की दुखद मृत्यु हुई थी। उक्त दो हाथियों में से एक नर हाथी, जो इस घटना में प्रत्यक्ष रूप से सम्मिलित पाया गया था, को 21 मई 2025 को संजय टाइगर रिजर्व क्षेत्र से निश्चेतन कर रेस्क्यू किया गया एवं बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व लाया गया। नर हाथी का रेस्क्यू के उपरांत विगत दो माह से बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के रामा कैंप में उपचार किया जा रहा था। उपचार की प्रक्रिया बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन्यप्राणी चिकित्सक के सतत पर्यवेक्षण में संचालित की जा रही थी। इसके अतिरिक्त संजय टाइगर रिजर्व, मुकुंदपुर जू तथा रेस्क्यू सेंटर, एस.डब्ल्यू.एफ.एच., जबलपुर के विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा भी नियमित रूप से उसका परीक्षण एवं उपचार किया जा रहा था। दुर्भाग्यवश, 22 जुलाई 2025 को प्रातः काल में उक्त नर हाथी का निधन हो गया। निधन के उपरांत शव विच्छेदन की कार्यवाही विशेषज्ञों द्वारा की जा रही है।

गिजरी बाँध में लापता युवक की मिली लाश


उमरिया

मुख्यालय से महज 7–8 किमी दूर स्थित ग्राम गिजरी के बंधा में सोमवार सुबह एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान उदय यादव पिता माधव यादव, उम्र लगभग 20 वर्ष निवासी गिजरी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक रविवार शाम से ही लापता था।सुबह के समय जब ग्रामीण दैनिक निस्तार के लिए बंधा की ओर गए तो उन्होंने पानी में एक शव को तैरते हुए देखा। तत्काल इसकी सूचना ग्रामवासियों द्वारा पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक के शव को बाहर निकालकर कब्जे में लिया।युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, यह फिलहाल स्पष्ट नहीं हो पाया है। लेकिन प्रारंभिक स्थिति को देखते हुए पुलिस इस मामले को संदिग्ध मान रही है और हत्या की आशंका से इनकार नहीं कर रही। ग्रामीणों और परिजनों से पूछताछ कर पुलिस घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।युवक का शव पानी में कैसे पहुंचा? क्या यह महज़ हादसा है या इसके पीछे कोई गहरी साज़िश है? इन सभी सवालों के जवाब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही सामने आएंगे।फिलहाल गिजरी गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजन घटना से स्तब्ध हैं।

कुंए मे तेंदुआ के गिरने से हुईं मौत, किया अंतिम संस्कार


उमरिया 

जिले के बांधवगढ़ टाईगर रिजर्व के मानपुर बफर परिक्षेत्र अंतर्गत गत दिवस एक तेंदुए की कुंएं मे गिर कर मौत हो गई। बताया गया है कि मंगलवार की शाम ग्राम मरईखुर्द स्थित यादव मोहल्ला मे तेंदुआ कुएं मे गिर गया। जिसकी सूचना पर विभागीय कर्मचारी तत्काल मौके पर पहुंचे पर रात के अंधेरे मे कुछ भी दिखाई नहीं दिया। सुबह तेंदुए का शव पानी मे उतराता नजर आया। जिसे बाहर निकलवा गया। उप संचालक पीके वर्मा ने बताया कि मृत मादा तेंदुए की उम्र करीब 4 साल है। घटना की जानकारी मिलते ही बीटीआर के क्षेत्र संचालक डॉ. अनुपम सहाय, वरिष्ठ अधिकारियों तथा विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम के सांथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिये। पीएम के उपरांत एनटीसीए की गाईडलाईन के अनुसार मृत तेंदुए के शव को जला कर नष्ट किया गया। इस अवसर पर उप वनमण्डलाधिकारी मानपुर बीएस उप्पल, वन परिक्षेत्राधिकारी एमके अहिरवार, तहसीलदार पंकज तिवारी, एनटीसीए प्रतिनिधि डॉ. ज्ञानेन्द्र प्रजापति तथा स्थानीय ग्रामीण उपस्थित थे।

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