पीकप में लगी आग, वाहन सहित तेंदूपत्ता जलकर हुआ राख, हाथी से ग्रामीणो में दहशत, वन विभाग एलर्ट


उमरिया

जिले के मानपुर विधानसभा मुख्यालय क्षेत्र अंतर्गत बल्हौड़ समिति के ग्राम परासी ‘अ’ से तेंदूपत्ता लोड कर निकली एक पिकअप वाहन में अचानक भीषण आग लग गई। घटना में वाहन सहित लगभग 60 बोरी तेंदूपत्ता जलकर पूरी तरह राख हो गया। जानकारी के अनुसार पीकप वाहन क्रमांक MP 18 GA 5243 में तेंदूपत्ता लोड कर मुख्य सड़क की ओर ले जाया जा रहा था, जो प्रतिक्षालय एवं स्वागत गेट से लगभग 150 मीटर पहले मोड़ के पास पहुंचा ही था कि अचानक धुआं उठने लगा। चालक कुछ समझ पाता, उससे पहले ही आग ने पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया और देखते ही देखते पिकअप वाहन धू-धू कर जलने लगा। आग इतनी भयावह थी कि वाहन में रखे सभी जरूरी दस्तावेज भी जलकर नष्ट हो गए, हालांकि राहत की बात यह रही कि चालक एवं वाहन मालिक विजय कुमार पटेल, निवासी नगनौड़ी, तहसील जयसिंहनगर, जिला शहडोल, समय रहते वाहन से बाहर निकल आए और सुरक्षित बच गए। घटना के बाद क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया, स्थानीय लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक पूरा वाहन जल चुका था, अब इस घटना को लेकर कई बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं, यदि समिति से तेंदूपत्ता लोड कर वाहन भेजा गया था, तो सुरक्षा एवं जवाबदेही किसकी बनती जांच का विषय हैं।

*हाथी से ग्रामीणो में दहशत, वन विभाग एलर्ट*


उमरिया जिले के बांधवगढ़ वन परिक्षेत्र में जंगली हाथी ई-5 की लगातार बदलती लोकेशन ने ग्रामीणों की चिंता बढ़ा दी है। बीते सोमवार की रात हाथी का मूवमेंट डबरौंहा,धनवाही,लगवारी,बड़ेरी और कछवार क्षेत्र में देखा गया,जिसके बाद गांवों में दहशत का माहौल बन गया। मंगलवार सुबह हाथी के रोहनिया बीट की ओर बढ़ने की जानकारी सामने आई है,जिस पर वन विभाग लगातार नजर बनाए हुए है। जानकारी के अनुसार ये वही हाथी है जिसने अनूपपुर क्षेत्र में जमकर उत्पात मचाया था। उस दौरान कई मवेशियों को नुकसान पहुंचाने के साथ इंसानों पर भी हमले किए गए थे। बढ़ते खतरे को देखते हुए पार्क प्रबंधन ने हाथी का रेस्क्यू कर उसे बांधवगढ़ के खितौली वन क्षेत्र में निगरानी के बीच रखा था, लेकिन हालिया दिनों में हाथी वहां से निकलकर अलग-अलग क्षेत्रों में विचरण कर रहा है। हालांकि राहत की बात यह है कि हाथी में कॉलर आईडी लगी हुई है, जिससे वन अमला उसकी हर गतिविधि की मॉनिटरिंग कर पा रहा है। आपको बता दे इस जंगली हाथी का नाम ई-5 है। वन विभाग की टीमें लगातार सक्रिय हैं और सोशल मीडिया व मुनादी के जरिए ग्रामीणों को  उक्त हाथी से सजग रहने की सलाह दी जा रही है। अब तक हाथी ने आबादी वाले क्षेत्र में कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचाया है, लेकिन उसके पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए लोगों में भय बना हुआ है। वन विभाग ने ग्रामीणों से अपील की है कि हाथी दिखने पर उसके पास न जाएं, रात में अकेले जंगल या नदी किनारे न निकलें और किसी भी मूवमेंट की सूचना तत्काल वन अमले को दें।

पुलिस अभिरक्षा से आरोपी फरार मामले में थानाप्रभारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को आईजी ने किया निलंबित


उमरिया 

जिले के इंदवार थाने से पुलिस अभिरक्षा में रखा गया एक आरोपित फरार हो जाने के मामले में शहडोल रेंज की आईजी एन. चैत्रा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी समेत तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। मामले को गंभीर लापरवाही मानते हुए संबंधित पुलिसकर्मियों को लाइन अटैच भी किया गया है।

एसडीओपी उमरिया पुन्नू सिंह परस्ते ने बताया कि इंदवार थाना क्षेत्र के ग्राम पनपथा में पूर्व में हुई लूट की वारदात के दो आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लिया गया था। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि लूटा गया सोना-चांदी कटनी जिले के बरही निवासी बंटी ताम्रकार को बेचा गया है। इसी आधार पर पुलिस ने बंटी ताम्रकार को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पुलिस के अनुसार आरोपी के पास से करीब एक किलो 50 ग्राम चांदी और 15 ग्राम सोना बरामद कर जब्त किया गया। हालांकि जप्ती कार्रवाई के दौरान आरोपी ने दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने से इनकार करते हुए दावा किया कि सामान गिरवी रखा गया था, खरीदा नहीं गया। इसी दौरान वह पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया।

घटना के बाद प्रारंभिक जांच में लापरवाही पाए जाने पर थाना प्रभारी विजय कुमार पटले, सब इंस्पेक्टर सूर्यपाल सिंह और एएसआई अमर बहादुर सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। साथ ही तीनों को लाइन अटैच किया गया है। पुलिस विभाग ने इंदवार थाने की कमान अब इंस्पेक्टर नंदलाल धुर्वे को सौंपी है। वहीं फरार आरोपी की तलाश के लिए विशेष टीम गठित कर दबिश दी जा रही है।

बताया गया है कि टीआई विजय कुमार पटले घटना के समय लॉ एंड ऑर्डर ड्यूटी में तैनात थे, लेकिन केस डायरी उनके पास होने के कारण जवाबदेही तय करते हुए उन पर भी कार्रवाई की गई। घटना के बाद पुलिस व्यवस्था और सुरक्षा प्रबंधन को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

 भाजपा के शीर्ष नेतृत्व के आंखों से ओझल उमरिया, जिले के दिग्गज   फिसड्डी, अनूपपुर की बल्ले बल्ले, जिताऊ उमरिया को ठेंगा 


उमरिया

मध्यप्रदेश में चल रही निगम, प्रकोष्ठों में अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्यों में उमरिया जिले को स्थान न मिलने से एक बार फिर भारतीय जनता पार्टी के उच्च आलाकमान और उनकी , मोहन सरकार की  कार्य शैली को लेकर तीखे सवाल खड़े हो रहें हैं। उमरिया जिले की इस उपेक्षा पूर्ण कार्य शैली ने न सिर्फ मोहन सरकार पर सवाल खड़े कर दिये है, इस प्रक्रिया ने भाजपा के आंतरिक लोकतंत्र को लेकर भी गहरे सवाल उठा कर चर्चाओं को सरगर्म कर रखा है, क्योंकि जितनी नियुक्तिया होनी थी वह लगभग हो चुकी , शायद अब  गुंजाइश बची नही, और अगर होगी भी तो उमरिया को स्थान मिले उसकी संभावनाएं कम ही है। यद्यपि  उमरिया को उसका वाजिब हक मिलना चाहिए। शहडोल संभाग के अनूपपुर से रामलाल रौतेल और शहडोल से राजेन्द्र भारती को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी से नवाजा गया है, वही उमरिया के हिस्से में कुछ नहीं आया। जिससे  तुलनात्मक रूप से यह खाई और बढ चली है। आखिर कार उमरिया जिला जो कि 1980 के दशक से भाजपा को पालने -पोषने और वट वृक्ष तैयार करने में सराहनीय भूमिका निभाई, आज उसे दुर्दिन देखने को मिल रहा है , वह हासिये में खड़ा हुआ है। इस दृष्टि से भाजपा का शीर्ष  नेतृत्व उमरिया की उपेक्षा कर प्रदेश भर में क्या  संदेश देना चाहता है। हम शहडोल संभाग के राजनैतिक परिदृश्य पर चर्चा करने पर पता चलता है कि शहडोल संभाग में आठ विधानसभा क्षेत्र आतें है, जिनमें से भाजपा के पास सात विधायक है और जो अभी भी भाजपा के हिस्से में नहीं है वह है अनूपपुर जिले का पुष्पराजगढ़ विधानसभा ही है। पिछले पंचवर्षीय 2018 अनूपपुर जिले की तीनों विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने एक भी विधानसभा नही जीती थी। इस तरह से अनूपपुर जिले ने भाजपा को जब तब लंबी चोट दी है, फिर भी अनूपपुर को भाजपा सदैव उपकृत करने का रिवाज बना लिया है। इस परिपाटी ने  सवाल खड़ा कर दिया  कि अवसर वादियों के लिए भाजपा ऐसे सुनहरे अवसर कब तक देती रहेगी,क्योंकि वर्तमान में अनूपपुर से भाजपा सरकार में मंत्री, सांसद, प्रदेश प्रवक्ता, और अब अनुसूचित जन जाति के अध्यक्ष पद से नवाजा गया है। भाजपा की समीक्षा करने पर पता चलता है कि अनूपपुर जिले में भाजपा सबसे कमजोर है, आज भी घुटने तक ही उठ पायी है, फिर भी वहा  मध्यप्रदेश सरकार में दिलीप जयसवाल जो की दूसरी बार ही विधानसभा की देहरी तक पहुंचे हैं, फिर भी मंत्री जैसे तोहफे से नवाजे गयें है, जबकि दिलीप जयसवाल वर्ष 2008 में पहली बार विधायक बने और इनके विरूद्ध इतना जनाक्रोश बढ़ा की भाजपा आलाकमान ने वर्ष 2013 में प्रत्याशी बदल कर अपनी सीट को बचाने की कवायद की थी, तब इन्होंने भाजपा की जीती हुई बाजी को बदल कर काग्रेस की झोली में डलवाने में सफल हो गयें थे, फिर वर्ष 2018 के चुनाव में भाजपा प्रत्याशी के रूप में इन्हें हार मिली थी। वर्तमान में दुबारा चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे थे कि मंत्री जैसे पद से नवाज दिया गया, जबकि उमरिया से शहडोल से लगातार चुनाव जीतने वाले नेताओं को किनारे कर दिया गया। इस राजनैतिक घटना क्रम में देखा जाये तो उमरिया जिले ने लगातार  भाजपा की शान बढायी है फिर भी इस जिले वासियों को उसका वांछित लाभ नहीं मिल पाया। उनके लिए कभी भी  निगम, मंडलों के  पदों के लिए कभी नाम आगे नहीं बढाया गया । जबकि दो बार के हारे नेता रामलाल रौतेल के लिए सदा भाजपा उपहार में जिम्मेदार पदो पर सुशोभित किया, इस तरह से देखा जाये तो भाजपा में वर्तमान में जिताऊ नेताओं को कमतर आंकना और हारऊ नेताओं को उपकृत करने की रिवाज से उमरिया जिले के भाजपा नेताओं और गोंड समुदाय को व्यथित कर रखा है। अगर आदिवासी नेताओं को इस योग्य नहीं समझा गया था, तो अन्य समुदाय के भाजपा नेताओं में मिथलेश मिश्रा, मनीष सिंह, कमलेश गुप्ता, देवेश शर्मा, धनुषधारी सिंह,दिलीप पांडे  अरविंद बंसल, मान सिंह,राम नारायण पयासी , जैसे कर्मठ और निष्ठावान भाजपा नेताओं की लंबी कतार लगी हुई है । ध्यान देने योग्य है की इन नेताओं में मनीष सिंह वरिष्ठता क्रम और कर्तव्यनिष्ठा में इनका शानी जिले भर में कोई नेता नहीं है। वह खुद चुनाव जीतने और जीताने का,लंबा इतिहास कायम कर रखा है। उनकी पृष्ठभूमि का आकलन करने पर पता चलता है कि उन्होंने ने भाजपा के लिए जो जमीन बनायी, वह उनके लिए और अन्यों के लिये भी समान रूप से फलदायी रही। मनीष सिंह कालरी कर्मचारी उपभोक्ता भंडार में वर्ष  2002 से लेकर 2013 तक तीन पंचवर्षीय अध्यक्ष पद पर सुशोभित रहे, चूंकि संवैधानिक अडचन के कारण उन्हें 2013 से 2018 तक अध्यक्ष का चुनाव नहीं लड सकें तब भी संचालक मंडल में विजयी होकर अपना स्थान सुरक्षित रखा, और वर्ष 2019 से 2024 तक पुनः अध्यक्ष पद पर आसीन होने का गौरव हासिल किया, इस तरह अपनी छबि एक जीताऊ बना रखी है। फिर भी भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने उमरिया जिले को उसका वाजिब हक न देकर उपेक्षा की है, जिसकी चर्चा  वर्तमान में पूरे संभाग भर में बनी हुई  है, देखना लाजिमी होगा कि क्या उमरिया के भी दिल बहुरेंगे ‌की भाजपा को गच्चा देने वाले अनूपपुर की यूँ ही बल्ले बल्ले बनी रहेगी।

बिजली गुल होने पर गलती से लगा काल, नेता ने बेल्ट से कर दी मारपीट, जान से मारने की दी धमकी


उमरिया

जिले के नौरोजाबाद थाना क्षेत्र में बिजली गुल होने पर धोखे से एक नेताजी को आपका फ़ोन लग गया और लाइनमैन समझ कर खरीखोटी सुना दी, और नेता जी बेल्ट से मार-मार कर आपकी पीठ लाल कर दिया। यह प्रकरण नौरोजाबाद नगर में घटित हुआ है।जहां पीड़ित पक्ष की शिकायत उपरांत पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है

मामला बाजारपुरा का है,जहां अतुल सोनी पिता प्रताप सोनी ने नौरोजाबाद थाने में जाकर बताया कि 25 अप्रैल की रात 12:30 के आसपास बिजली गुल होने पर सब स्टेशन नौरोजाबाद फ़ोन लगाने के लिए उठाया लेकिन फ़ोन धोखे से बाजारपुरा निवासी भाजपा नेता अमित गुप्ता को लग गया। फोन लगाकर मैंने इतना कहा कि भईया शादी का कार्यक्रम चल रहा है, आपने लाइट क्यों बन्द कर दी है। इतना सुनते ही अमित गुप्ता आग बबूला हो गए, उन्होंने मुझे अपने घर के पास बुलाकर अमित गुप्ता ने न केवल गंदी-गंदी गाली दी इसके साथ ही बेल्ट निकाल कर ताबड़तोड़ मारपीट कर दी और जान से मारने की धमकी भी दी है।

पुलिस ने मामले की जांच उपरांत पीड़ित अतुल सोनी का मेडिकल करवाने के बाद आरोपी अमित गुप्ता निवासी बाजारपुरा के खिलाफ नौरोजाबाद थाने में बीएनएस की धारा 296(a),115(2),351(2) के तहत मामला दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।

हाइवा का हुआ ब्रेक डाउन, 4 घंटे ठप्प रहा सड़क मार्ग, जंगल मे गर्मी में यात्री हुए परेशान

उमरिया


जिले के ताला–पनपथा मार्ग पर रविवार सुबह 8 बजे से लगा जाम दोपहर 12:30 बजे तक भी नहीं खुल पाया। एक हाइवा के बीच सड़क खराब होने से शुरू हुई समस्या, सिंगल रोड और अधूरी पटरी के कारण विकराल रूप लेती गई। लेकिन सबसे बड़ा सवाल प्रशासनिक उदासीनता पर खड़ा हो रहा है।

मौके पर न तो पुलिस की सक्रिय मौजूदगी दिखी, न ही वन विभाग का कोई अमला। नतीजा—हजारों की संख्या में फंसे लोग 42 डिग्री की झुलसाती गर्मी में बेहाल रहे। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं पानी के लिए तरसते नजर आए, कई लोग मजबूरी में जंगल की ओर भटकते दिखे और पेड़ों की छांव में बैठकर राहत तलाशते रहे।

स्थिति और चिंताजनक इसलिए भी है क्योंकि यह पूरा इलाका वन क्षेत्र से सटा हुआ है। ऐसे में जाम में फंसे लोगों का जंगल की ओर जाना, जंगली जानवरों के खतरे को भी बढ़ा रहा है। इसके बावजूद वन विभाग की निष्क्रियता गंभीर सवाल खड़े करती है।

सबसे तीखा सवाल यहीं से उठता है—चार घंटे से ज्यादा समय तक जाम लगा रहा, लेकिन जिम्मेदार महकमा मौके से गायब क्यों रहा? क्या आपात स्थिति से निपटने के लिए कोई पूर्व योजना नहीं? एक सामान्य ब्रेकडाउन ने पूरे सिस्टम की तैयारी की पोल खोल दी। यह सिर्फ चूक नहीं, बल्कि संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है।

जब हालात इतने बिगड़ जाएं कि लोग पानी के लिए जंगल की ओर भटकने लगें, और फिर भी प्रशासन हरकत में न आए तो यह सीधे-सीधे जवाबदेही का मुद्दा बनता है।

नाबालिग बच्चों से करवाई जा रही है मजदूरी, नियमो की उड़ा रहे हैं धज्जियाँ,श्रम विभाग कटघरे में


उमरिया 

जिला मुख्यालय में बाल श्रम का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसने प्रशासन और श्रम विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे एक वीडियो में छोटे बच्चों को भारी सामान ट्रक में लोड करते हुए देखा जा सकता है। दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो पाली रोड स्थित मंसूरी ट्रेडर्स, अब्दुल कबाड़ी का है।

वीडियो के सामने आने के बाद शहर में चर्चा तेज हो गई है। लोग इसे न सिर्फ अमानवीय बता रहे हैं, बल्कि कानून का खुला उल्लंघन भी मान रहे हैं। भारत में बाल श्रम (निषेध एवं विनियमन) अधिनियम के तहत 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से इस तरह का काम करवाना पूरी तरह प्रतिबंधित है। इसके बावजूद खुलेआम बच्चों से मजदूरी करवाई जा रही है, जो जिम्मेदार विभागों की लापरवाही को उजागर करता है।

इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात लेबर इंस्पेक्टर यश दत्त त्रिपाठी का बयान है। जब उनसे इस वायरल वीडियो को लेकर बात की गई, तो उन्होंने साफ कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। उनका यह जवाब अब सवालों के घेरे में है। जब मामला सोशल मीडिया पर वायरल हो चुका है, तो जिम्मेदार अधिकारी अनजान कैसे रह सकते हैं?

स्थानीय लोगों का कहना है कि यह पहली बार नहीं है जब शहर में बाल श्रम के मामले सामने आए हों। पहले भी ऐसे आरोप लगते रहे हैं, लेकिन कार्रवाई के नाम पर ठोस कदम कम ही देखने को मिले हैं। अब यह वीडियो एक बार फिर पूरे सिस्टम की कार्यशैली पर सवाल खड़ा कर रहा है। चाइल्डलाइन, पुलिस और श्रम विभाग की भूमिका को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 

पंचायत में कर्मचारियों के रिश्तेदारों के नाम लग रहें लाखों के बिल, बह रही भष्ट्राचार की गंगा


उमरिया

जिले के ग्राम पंचायतों में सामग्री क्रय करने के लिए शासन व्दारा भले ही मापदंडों का निर्धारण कर दिया गया हो लेकिन उसका पालन कही पर भी होता दिखाई नहीं देता, खरीदी तो उन्हीं लोगों से होगी जो कार्य एजेंसी के मन मुताबिक देयक और बढे हुई सामग्री का हिसाब बराबर चुकता करेंगे। उमरिया जिले की ग्राम पंचायतों में इस तरह के कईं वेंडर धारियों की निशाने में आये है, जिनकी  न तो दूकानें है न फर्म और ना ही क्रेसर पर बिल दर्जनों ग्राम पंचायतों में बराबर देखने को मिलता है, न जाने ग्राम पंचायतों के इस धांधली भरे खेल पर कब और कौन रोका लगायेगा।जिले भर में ग्राम पंचायतों के देयको की झलकियाँ देखें तो पता चलता है की जिन लोगों की दुकानो का कही रता पता नहीं है, उनसे भी सामग्री क्रय बताकर लाखों रूपयों के शासकीय धन राशि का दोहन ग्राम पंचायतों के सरपंच और सचिव करते देखें जा रहे हैं। कुल मिलाकर देखा जाये की जिसकी जहाँ पर सेंटिग बैठ गयी उसी के नाम का देयक लगाये जाते हैं। ऐसी ही एक झलकी पाली जनपद पंचायत के मलहदू ग्राम पंचायत में देखने में आयी है। देखने में आया है की मलहदू ग्राम पंचायत में ग्राम रोजगार सचिव ने अपने सगे पिता के नाम का बिल ग्राम पंचायत में लगाकर लाखों रूपये का आहरण किया है। यद्यपि रोजगार सहायक के पास वित्तीय अधिकार तो नहीं है फिर भी इतना अधिकार तो है ही की पिता की दूकानदारी की चमक तो बढ़ा ही सकते हैं। सरपंच - सचिव को उनका कमीशन और बढी हुई सामग्री का बिल और उसकी राशि ईमानदारी से मिल जाये तो वह कोई भी विक्रेता बन सकता है।

ग्राम पंचायत मलहदू में हुई इस अवैध खरीदी की शिकायत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व के यहाँ की गयी है, जिसमें बताया गया है कि दुकान दार ने बिना जी एस टी  के बिलों लगभग 18 देयको के माध्यम से  1,84,350  रूपये के सीमेंट के बिल लगाकर शासकीय धन राशि का दोहन किया गया है। 

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में बाघ की हुई मौत, किया गया शव दाह, विभाग की जांच जारी


उमरिया

जिले के विश्वप्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व में फिर बाघ की मौत हुई हैँ। वर्ष 2026 बांधवगढ़ में बाघो के लिए अनुकूल नहीं साबित नहीं हो रहा है। बांधवगढ टाइगर रिजर्व के परिक्षेत्र पनपथा कोर की बीट बघडो में एक बाघ शावक के मृत होने की सूचना प्राप्त हुई। सूचना होने पर तत्काल एनटीसीए प्रोटोकॉल के अनुसार मौके पर वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति में डाग स्क्वाड बुलाकर क्षेत्र की सघन सचिग करायी जाकर मेटल डिटेक्टर से जांच करायी गई। उसके उपरांत निर्धारित एसओपी का पालन करते हुए वन्यप्राणी स्वास्थ्य अधिकारी, बांधवगढ टाइगर रिजर्व एवं खंड पशु चिकित्सा अधिकारी, मानपुर की टीम द्वारा शव परीक्षण किया गया। शव परीक्षण उपरांत विभागीय सक्षम अधिकारियों प्रभारी क्षेत्र संचालक एवं उपसंचालक बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व उमरिया , राजस्व अधिकारी, एनटीसीए प्रतिनिधि एवं जनप्रतिनिधि की उपस्थिति में शवदाह किया गया। शव परीक्षण में प्रथम दृष्टया मृत्यु का कारण आपसी संघर्ष में मृत्यु होना पाया गया है। क्षेत्र में विभागीय कैंप हाथियों की सहायता से सर्च कराया जा रहा है तथा विवेचना जारी है।

बांधवगढ़ टाइगर रिज़र्व सहित उमारिया जिले के सामान्य वन मण्डल में अब तक सात बाघ मारे जा चुके हैँ, जिनमे चार की मौत टाइगर रिज़र्व क्षेत्र सीमा पर एवं तीन सामान्य वन मण्डल की सीमा पर मारे गए है।

बाघ के हमले से महिला की मौत


उमरिया 

जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पनपथा परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम झालावार से सटे जंगल का मामला जहां बाघ के हमले से महिला की मौत की हो गई है, कुछ ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस व पार्क प्रबंधन बांधवगढ़ के कर्मचारी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं, पुलिस मामले की जांच कर रही हैं। मृतक का नाम कुशमी बाई 50 वर्ष जो महुआ बीन रही थी, महिला को बाघ ने दबोचा जिससे उसकी मौके पर मौत हो गयी।

क्रेसर डस्ट से बना दी छात्रावास की बाऊण्डी बाल, चोरी छिपाने तत्काल कर दी प्लास्टर 


उमरिया

जिले के बिरसिंहपुर पाली कन्या छात्रावास की बाउन्ड्री बाल क्रेसर डस्ट से जोडाई का मामला प्रकाश में आया है। बताया जाता है कि लोक निर्माण विभाग ( पी आई यू) के व्दारा कन्या छात्रावास के नव निर्मित भवन में बाऊण्डी बाल बनाने का काम रीवा के किसी ठेकेदार को टेंडर में दिया गया है, जो काम पाली के एक अनाधिकृत ठेकेदार को पेटी कांटेक्ट में कराया जा रहा है। लोक निर्माण विभाग के तय मापदण्डों के अनुरूप यह काम उत्तम किस्म की रेत से कराया जाना था, लेकिन कार्य एजेंसी के व्दारा क्रेसर डस्ट से ही तैयार कर दी गई है। इस बात को जब लोक निर्माण विभाग के समक्ष उठाया गया तो उन्होंने दूरभाष में ही संबंधित कार्य एजेंसी को फटकार लगाते हुए तत्काल कार्य स्थल से डस्ट हटवाने के निर्देश दिए, साथ ही यह भी कहा की जो डस्ट से बाऊण्डी बनायी गयी है उसको गिरा दिया जायेगा। तब तक ठेकेदार अपना काम कर बाऊण्डी बाल की प्लास्टर कर चलते बना। इस तरह मापदंड के विपरीत बनी बाऊण्डी बाल कितनी दिन चलेंगी, कह पाना कठिन हो गया है। ठेकेदार तो अपने तरह से काम कर चलता बना, अब बारी है लोक निर्माण विभाग की वह क्या कदम उठाता है की ठेकेदार के इशारों पर उसे हरी झंडी दे दी जायेगी ‌।

मुक्ति धाम की राशि से पंचायत ने लगवा दी स्ट्रीट लाइट, हुई शिकायत, सीईओं ने जांच के दिए आदेश


उमरिया

उमरिया जिले की 19 ग्राम पंचायतों में कुल 543 एलईडी स्ट्रीट लाइटों के नियम विरुद्ध लगाए जाने की शिकायतों के बाद अब उनके कार्यों की जांच शुरू कर दी गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ने मानपुर जनपद पंचायत की 6 ग्राम पंचायतों और करकेली जनपद पंचायत की 13 ग्राम पंचायतों में भौतिक सत्यापन के लिए उपयंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है।

निर्देश में कहा गया है कि 5वें वित्त आयोग की राशि खर्च करने से पहले ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार कर उसे पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज करना आवश्यक है। प्राथमिकता अनुसार श्मशान घाट विकास कार्यों पर राशि खर्च की जानी थी, लेकिन कई पंचायतों में इसके विपरीत स्ट्रीट लाइट का कार्य कराया गया।

जांच के दौरान उपयंत्री यह देखेंगे कि नए खंभे लगाए गए हैं या नहीं, वायरिंग जमीन के अंदर की गई है या नहीं, तकनीकी स्वीकृति और प्राक्कलन के अनुसार कार्य हुआ है या नहीं, तथा लाइटें चालू हालत में हैं या नहीं। उपयोगिता के आधार पर विस्तृत प्रतिवेदन जिला पंचायत को सौंपा जाएगा।

करकेली जनपद पंचायत की 13 पंचायतों में 355 स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। इनमें पठारीकला में 15, बिरुहलिया 22, कॉलोनी 34, महरोई 60, महिमार 30, बिलासपुर 31, अतरिया 22, अखड़ार 22, पथरहटा 45, बरहटा 21, करकेली 10, पिनौरा 18 और नरवार-25 में 25 लाइट शामिल हैं। वहीं मानपुर जनपद पंचायत की 6 पंचायतों में 188 स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। इनमें दमोय 26, जनकपुरी 26, चितरांव 26, मझोखर 30, सकरिया 14 और गोरड्या में 26 लाइट लगाई गई हैं।

एकलव्य आवासीय विद्यालय में करोड़ों की खरीदी मामले में गुणवत्ता से खिलवाड़, गेंहू से कम दाम पर आटा की आपूर्ति 


उमरिया

जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पाली में सामग्री आपूर्ति के लिए आमंत्रित निविदा प्रक्रिया में जिस तरह से संबंधित निविदा कारो ने दर अंकित कर सस्ते दरो में आपूर्ति कर रहे हैं उससे खरीदी प्रक्रिया में संकट के बादल मंडराने लगे हैं। विदित होवे की जिस दर पर कृषक धान बेच कर उसे घाटे का सौदा मान रहा है उस दर पर निविदा कारो ने चावल आपूर्ति करने का अनुबंध करने जा रही है।

ध्यान देने योग्य है कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में अध्ययन रत छात्र -छात्राओं को उत्तम सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए उच्च गुणवत्ता युक्त सामग्री क्रय करने के लिए विद्यालय के प्राचार्य ने अपने पत्र क्र /इ एम आर एस / निविदा/ 2025-26/809 पाली दिनांक 12-3-26 के माध्यम से निविदा प्रक्रिया आमंत्रित कर 01 अप्रैल 26 से 31 मार्च 27 तक सामग्री प्रदान करने के लिए निविदा बुलाई गई थी , जो नियमत‌: खोली जा चुकी है। निविदा खुलने के बाद आपूर्तिकर्ताओं ने प्रतिस्पर्धा में जो दर डालें है, उससे सप्लाई प्रक्रिया संदेश के दायरे में आ गयी है। जग जाहिर है कि मध्यप्रदेश सरकार के व्दारा मोटी धान का  समर्थन मूल्य 23.69 प्रति किलो रखा गया है और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में चावल की आपूर्ति 26.00 रूपये प्रति किलो में करने की तैयारी की गयी है। इसी तरह गेहूँ का समर्थन मूल्य किसान के लिए बोनस सहित 26.25 प्रति किलो रखा गया है तब 25.00 प्रति किलो में आटा की उपलब्धता कराना अपने आप में सवाल खड़ा कर रहा है। इसी तरह अरहर दाल 58.00 प्रति किलो सप्लाई करने की तैयारी है। यह वस्तुऐं तो हांडी के दो दाने के समान है। बाजार मूल्य से कम दाम पर आपूर्ति निश्चित ही माप और गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ करने को आदर्श आवासीय विद्यालय में धूम मचाने को तैयार है।

उल्लेखनीय है कि जब बाजार में भारी वृद्धि की संभावनायें बनी हुई है, तब एक साल तक कम दर का सौदा करना कही न कहीं खरीदी प्रक्रिया को प्रभावित करने की ओर इशारा करती है। ऐसी स्थिति में विद्यालय के प्रबंध समिति को चाक चौबंद रहने की जरूरत है ।

भारतीय किसान संघ राष्ट्रीय मार्ग पर करेंगा चक्का जाम, प्रशासन पर अनदेखी के आरोप 

*अनिश्चितकालीन ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन की चेतावनी*


उमरिया

जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर अब किसान शांत बैठने वाला नहीं है, बताया जाता है कि शासन प्रशासन से  बार बार आग्रह कर वह थक चुका है , और अब वह आर पार के लडाई का मन बना लिया है।बताया जाता है कि किसानों की जायज मांगों की उपेक्षा लगातार जिला प्रशासन के व्दारा किया जा रहा है।जिससे  किसानों में व्यापक जनक्रोष बढता जा रहा है और स्थित इतनी बिगड गयी है कि  भारतीय किसान संघ ने प्रशासन की इस अनदेखी से नाराज होकर आंदोलन का रास्ता चुन लिया है। भारतीय किसान संघ ने अब साफ तौर पर उग्र आंदोलन छेडने की तैयारी कर ली है।भारतीय किसान संघ ने इसके लिए विधिवत आंदोलन छेडने की चेतावनी भी दे  दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान समय रहते  नहीं हुआ तो भारतीय किसान संघ अब बिना देर किये ही शहडोल -घुनघुटी हाईवे पर चक्का जाम आंदोलन कर अपने मांगों की लड़ाई लडेगा। 

भारतीय किसान संघ जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि  कई बार भारतीय किसान संघ के व्दारा कलेक्टर उमरिया को विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है बाबजूद  इसके प्रशासन के व्दारा किसानों की सुविधाओं को लेकर ऐहतियाती कदम नहीं उठाये गये। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि इसके बाद प्रथम स्मरण पत्र कलेक्टर को और द्वितीय स्मरण पत्र आयुक्त शहडोल संभाग को दिया गया, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

संघ का आरोप है कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। एक ओर जहां प्रदेश सरकार किसानों के हित में योजनाओं और घोषणाओं की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उमरिया जिला प्रशासन इन समस्याओं से आंखें मूंदे बैठा है।

किसान संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कई बार प्रशासन से चर्चा और बैठक के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे किसान आंदोलित होने को मजबूर हो गया है। 

भारतीय किसान संघ ने ऐलान किया है कि अब “घेरा डालो, डेरा डालो” आंदोलन के तहत शहडोल-घुनघुटी हाईवे को पूरी तरह बंद किया जाएगा। इस आंदोलन में 42 गांवों के किसान शामिल होंगे, जो सड़क पर ही रहकर खाना-पीना और डेरा डालेंगे। संघ ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं। आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति के लिए पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर 9 लाख की ठगी, आरोपी फरार,  पुलिस कार्यशैली पर सवाल

*बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान का मामला*


उमरिया 

जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 9 लाख रुपये की ठगी की गई। हैरानी की बात यह है कि आरोपियों के सामने होने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और पीड़ितों को यह कहकर टाल दिया कि मामला उत्तर प्रदेश का है।

उत्तर प्रदेश के दो युवकों को एक युवक ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोप है कि आरोपी ने दोनों से करीब 9 लाख रुपये वसूले और उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर उमरिया बुला लिया। इतना ही नहीं, भरोसा दिलाने के लिए दोनों युवकों को एक महीने तक कथित “प्रशिक्षण” भी कराया गया।

मामला तब उजागर हुआ जब आरोपीयों की जानकारी मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी यह किराएदार मुझे वन विभाग में नौकरी के नाम पर कमरा किराए पर लिया है ना तो यह कभी ड्यूटी जाते हैं ना ही यह वर्दी में रहते हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ तो की, लेकिन न तो आरोपी को हिरासत में लिया और न ही तत्काल कोई ठोस कार्रवाई की।

वही पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने पुलिस से मदद मांगी तो उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि वे उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, इसलिए अपने राज्य में जाकर शिकायत करें। इस रवैये से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जब इस पूरे मामले की जानकारी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन को लगी, तो उन्होंने साफ तौर पर सभी दस्तावेजों को फर्जी बताया। प्रबंधन का कहना है कि इस तरह की कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं हुई है और यह पूरी तरह ठगी का मामला है। उन्होंने पुलिस को धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की सलाह भी दी है। आरोपी खुद को करकेली के वन विभाग कार्यालय में कार्यरत बताता था, जिससे पीड़ितों को उस पर भरोसा हो गया। लेकिन अब आरोपी फरार बताया जा रहा है।

प्रबंधन का कहना है कि इस तरह की कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं हुई है और यह पूरी तरह ठगी का मामला है। उन्होंने पुलिस को धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की सलाह भी दी है।

नप के शव वाहन की ठोकर से युवक की हुई मौत, ड्राइवर हुआ फरार


उमरिया 

जिले के नौरोजाबाद थानांतर्गत बाजारपुरा और जीएम कॉम्प्लेक्स के बीच नवनिर्मित पेट्रोल पंप अस्तित्व में आते ही बड़े हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। पाली की ओर जा रहा नगर परिषद पाली के शव वाहन की ठोकर से देवगवा निवासी एक युवक को ठोकर लग गई। ठोकर इतनी जबरजस्त थी कि मौके पर ही उक्त युवक अचेत अवस्था मे चला गया। जिसें मौके पर पहुँचे डॉ के एल बघेल के द्वारा मृत घोषित कर दिया गया।

मृतक की पहचान संजू कोल पिता स्व बिहारी कोल उम्र 40 साल निवासी दईगवा थाना नौरोजाबाद के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद नौरोजाबाद पुलिस मौके पर पहुँची। मौके पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। शव वाहन को नौरोजाबाद थाने में खड़ा करवा दिया गया है।

नौरोजाबाद टीआई बालेन्द्र शर्मा ने जानकारी देते बताया कि घटना की जानकारी के बाद जब पुलिस टीम मौके पर पहुँची तो देखा गया कि शव वाहन पलटा पड़ा हुआ था। ड्राइवर। मौके से नदारद था। शव को एसईसीएल रीजनल अस्पताल में रखा गया हैं। वाहन कब्जे में ले लिया गया है। जांच जारी है।

पैरा मेडिकल कॉलेज में छात्राओं के साथ छलावा, कलेक्टर को छात्राओं ने सुनाई आप बीती, लगाई न्याय की गुहार


उमरिया

विवेकानंद पैरामेडिकल कॉलेज विकट गंज में अध्ययन रत छात्राओं के धैर्य का बांध आखिर कार तीन वर्ष के बाद टूट गया, और आज जन सुनवाई में पहुँच कर अपनी आप बीती कलेक्टर धरणेन्द्र जैन के समक्ष प्रस्तुत की। ज्ञापन देने वाली विवेकानंद पैरा मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने बताया की हम छात्राओं के व्दारा बी एम एल टी की पढ़ाई के लिए  वर्ष 2023 में दाखिला ली थी, तब से अनवरत रूप से कालेज में अध्ययन रत है लेकिन तीन वर्ष बीत गयें न तो हमारा परीक्षा फार्म आज तक भरवाया गया और न ही हमारी परीक्षा आयोजित की गयी, पिछले वर्ष भी हम लोग जब परीक्षा फार्म भरवाये जा रहे थे तब कांलेज प्रबंधन से बात की थी, तब यह कह कर शांत कर दिया गया था कि आप लोगो की परीक्षा अगले सत्र में आयोजित की जायेगी । अब जब इस सत्र में भी परीक्षायें आयोजित की गयी तब भी इन छात्राओं के परीक्षा फार्म नहीं भराये गये, तब छात्राओं ने जन सुनवाई में पहुंच कर आप बीती बतलायी, जबकि इस मामले में विवेकानंद पैरा मेडिकल कॉलेज के जय कुमार पाण्डेय कहा कहना है की छात्राओं की उपस्थिति 75 प्रतिशत अनिवार्य है, लेकिन यह छात्राओं की उपस्थिति कम होने। के कारण परीक्षा में सम्मिलित नहीं किया जा सकता। कुछ छात्राओं के दस्तावेज अपूर्ण है,जिस कारण इन छात्राओं को परीक्षा में नहीं बैठ पा रही है। 

यह मामला काफी गंभीर हैं की विवेकानंद पैरा मेडिकल कॉलेज में छात्रायें पिछले तीन वर्ष से अध्ययन रत है फिर इनके साथ यह छलावा किसी गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करती है। मामले की जांच अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को सौंपी गई है। छात्राओं के साथ हो रहें छलावा की असलियत जांच में उजागर होने की आश लगायी जा रही हैं।

ऑनलाईन पार्सल ट्रेक करते समय लिंक खोला,  खाता से उड़ गए 2.5 लाख, पुलिस जांच में जुटी


उमरिया

जिले के नौरोजाबाद में एक रिटायर्ड शिक्षक के साथ हुई साइबर ठगी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं लगती। बात शुरू हुई संगीत के शौक से और खत्म हुई बैंक खाते से ढाई लाख रुपये गायब होने पर। राजाराम चौहान ने चेन्नई की एक कंपनी से चार बांसुरियां मंगाई थीं। उम्र के इस पड़ाव पर उनका समय संगीत साधना में गुजरता था। ऑर्डर के बाद व्हाट्सएप पर रसीद आई, साथ में कूरियर का ट्रैकिंग नंबर भी। सब कुछ सामान्य दिख रहा था।

कुछ दिन बाद जब उन्होंने पार्सल की स्थिति देखने के लिए लिंक खोला, तो वहां एक मोबाइल नंबर नजर आया। पार्सल की जानकारी लेने के लिए उन्होंने उस नंबर पर कॉल कर दिया। फोन उठाने वाले ने खुद को कूरियर से जुड़ा बताया और बड़ी सहजता से कहा कि पार्सल में दर्ज मोबाइल नंबर गलत है। नंबर ठीक कर देते हैं, बस एक छोटी सी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

यहीं से ठगी की कहानी शुरू हुई। ठग ने पहले नया मोबाइल नंबर लिया गया। फिर एक लिंक भेजा गया और कहा कि उस पर क्लिक कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी है। बात इतनी सामान्य अंदाज में कही गई कि शक की कोई गुंजाइश नहीं बची। इसके बाद आरोपी ने एटीएम कार्ड की 16 अंकों की संख्या मांगी। फिर कार्ड के पीछे लिखा सीवीवी नंबर भी पूछ लिया। भरोसे में आए शिक्षक ने सारी जानकारी दे दी। उधर से आश्वासन मिला अब सब ठीक है, पार्सल समय पर मिल जाएगा। पार्सल सचमुच पोस्ट ऑफिस पहुंचा भी। शिक्षक ने राहत की सांस ली कि प्रक्रिया पूरी हो गई। लेकिन असली खेल तो पीछे चल रहा था।

कुछ समय बाद बैंक से फोन आया। बताया गया कि उनके खाते से ढाई लाख रुपये निकल चुके हैं। यह सुनते ही पैरों तले जमीन खिसक गई। तुरंत एटीएम ब्लॉक कराया गया लेकिन तब तक रकम साफ हो चुकी थी। परिवार ने फौरन साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। मामला थाना नौरोजाबाद और जिला साइबर सेल तक पहुंचा। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

बारातियों से भरी पीकप पलटी, ऑटो कार की टक्कर, घायल अस्पताल में भर्ती, गंभीर घायल हुए रेफर


उमरिया 

जिले में देर रात चंदिया स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पास बारातियों से भरी एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में आधे दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही कई 108 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर पहुंचीं और घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए चंदिया अस्पताल लाया गया। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल उमरिया रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। 

वही जिला मुख्यालय से होकर ताला की ओर जाने वाले स्टेट हाईवे में सेंट्रल एकेडमी स्कूल के पास शुक्रवार की रात भीषण सड़क हादसा हुआ है, बताया गया है कि आर्टिका कार क्रमांक MP 54 ZB 7435 और ऑटो टैक्सी के बीच सीधी टक्कर हुई है, जिसमे सवार 10 लोग घायल हुए है,घायल लीला बाई और सूभरन सिंह ने बताया कि वे लोग ग्राम बरतराई से चंदिया थाना अंतर्गत मझौली जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया, टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई, स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया,सभी घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हादसे में एक व्यक्ति को गंभीर चोट आई है, उसका पैर पूरी तरह फ्रैक्चर हो गया है कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की जांच में जुट गई है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. के सी सोनी ने बताया कि दुघर्टना में 10 लोग घायल हुए थे जिनमें से 2 लोगो की ज्यादा हालत गंभीर होने से जबलपुर मेडिकल कॉलेज रैफर किया गया है। वहीं अमहा रेलवे पुल के पास भी एक युवक गंभीर दुर्घटना का शिकार हुआ, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये सभी हादसे देर रात या दरमियानी रात की बताई जा रही है।

शारदा घाट के पास ऑटो पलटा,आधा दर्जन घायल


उमरिया

जिले के चंदिया थाना अंतर्गत अखडार से सटे शारदा घाट के पास दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। ऑटो में सवार होकर रिश्तेदार के घर से अपने गांव लौट रहा परिवार अचानक हुए हादसे का शिकार हो गया। यह घटना करीब दोपहर की बताई जा रही है, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ितों के अनुसार,ऑटो जैसे ही शारदा घाट के पास पहुंचा, पीछे से आ रहे एक अज्ञात ऑटो वाहन ने तेज रफ्तार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। पलटते ही ऑटो में सवार लोग सड़क पर गिर पड़े और चीख-पुकार मच गई। घायलों में अधिकांश महिलाएं शामिल हैं, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही चंदिया पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए चंदिया अस्पताल लाया गया है।

प्रबंधन की दमनकारी नीतियों के विरोध में संयुक्त मोर्चा का आंदोलन, जोहिला क्षेत्र में  श्रमिकों में व्यापक असंतोष 


उमरिया

देश की मिनी रत्न कंपनी  साउथ इस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड जोहिला क्षेत्र में श्रमिकों के जायज और संक्षिप्त 72 मांगों को लेकर पिछले सात दिनों से आंदोलन में बैठे हुए हैं, लेकिन प्रबंधन के कानो में जूं नहीं रेंग रही हैं। प्रबंधन के इस श्रमिकों के बीच में असंतोष भडक रहा है। बताया जाता है कि एस ई सी एल जोहिला क्षेत्र में जब से तत्कालीन महाप्रबंधक के कार्य शैली से जब तब आये दिन आंदोलन में होते रहे हैं, लेकिन इस कार्य शैली से व्यथित होकर जोहिला क्षेत्र के सभी श्रमिक संगठन आज आंदोलन की राह पकड लिये हैं ‌। 

विदित होवे की जोहिला क्षेत्र में औद्योगिक संबंधों को महाप्रबंधक के अडियल रवैये के कारण शून्य हो गयें है और महाप्रबंधक के कृत्यों से श्रमिक संगठनों से कई बार अपमान के घूंट पीकर रह गया। श्रमिक संगठन के सीटू श्रमिक संघ के संयुक्त सलाहकार समिति के सदस्य ने प्रबंधन के कार्यों की निंदा करते हुए भष्ट्राचार, ठेका श्रमिको का प्रबंधन शोषण करते हुए उनके हाजिरी का अथाह पैसा लूटने में प्रबंधन जुटा हुआ है। कंचन ओपन कास्ट खदान में सुरक्षा नियमों की अनदेखी का मामला उठाते हुए कहा की प्रबंधन श्रमिकों की जान के साथ खेल रहा है। सीटू नेता ने शुद्ध जल पीने को भी नहीं मिलता है। विंध्या क्षेत्र में आज तीन दशक से पानी के शुद्ध पानी न मिल पाना, एस ई सी एल प्रबंधन  के भष्ट कार्यशैली को उजागर रख दिया है ‌। उल्लेखनीय है कि जोहिला क्षेत्र में सडकों की हालात जर्जर हो गयी है, लेकिन प्रबंधन इस काम में लीपापोती कर उनके नाम पर जब तब भारी धांधली कर मामले को रफा -दफा कर दिया जाता है। आज के आंदोलन में संयुक्त मोर्चा की ओर से अशोक पाण्डेय बी एम एस, बिहारी लाल पटेल एच एम एस, पारस नाथ एटक, दिलीप सोनी इंटक, कुंजमणि वर्मा सीटू का जत्था क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे। आंदोलन का आज सातवा दिवस है और इसी क्रम में संयुक्त मोर्चा प्रबंधन की दमनकारी नीतियों के विरोध में अनशन रत है। आज आंदोलन स्थल पर एक आम सभा रखी गयी जिसे श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए प्रबंधन के काले कारनामे पर प्रकाश डाला। आज के आम सभा में अमृत लाल विश्वकर्मा सीटू, प्रीतम पाठक इंटक नागैन्द्र सिंह बी एम एस, राम कुंअर प्रजापति इंटक, अशोक पाण्डेय एटक, एस डी सिंह सीटू, मो फजल एटक नौमी शरण यादव बी एम एस अरूण मिश्रा एच एम एस आदि श्रमिक नेताओं की भागीदारी देखी गयी ‌। श्रमिक संगठन ने प्रबंधन से आग्रह किया है कि शीघ्र जायज मांगो को स्वीकार कर लागू करें वरना क्षेत्र में और उग्र आंदोलन छेडा जायेगा। इस सबके बाद भी प्रबंधन की कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। 

ध्यान देने योग्य है कि भारतीय जनता पार्टी की देश की सरकार चल रही है फिर भी उसकी अनुषांगिक मजदूर संघ बी एम एस को भी जोहिला क्षेत्र के प्रबंधन के श्रमिक विरोधी नीतियों के चलते हडताल का रास्ता अख्तियार करना पड रहा है, जो बेहद निराशा जनक माना जा रहा है। श्रमिकों के हित बथ्द सरकार श्रमिकों के हित में कब तक कदम उठायेगी, यह भविष्य के गर्त में छिपा हुआ है।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget