मुक्ति धाम की राशि से पंचायत ने लगवा दी स्ट्रीट लाइट, हुई शिकायत, सीईओं ने जांच के दिए आदेश


उमरिया

उमरिया जिले की 19 ग्राम पंचायतों में कुल 543 एलईडी स्ट्रीट लाइटों के नियम विरुद्ध लगाए जाने की शिकायतों के बाद अब उनके कार्यों की जांच शुरू कर दी गई है। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी अभय सिंह ने मानपुर जनपद पंचायत की 6 ग्राम पंचायतों और करकेली जनपद पंचायत की 13 ग्राम पंचायतों में भौतिक सत्यापन के लिए उपयंत्रियों को जिम्मेदारी सौंपी है।

निर्देश में कहा गया है कि 5वें वित्त आयोग की राशि खर्च करने से पहले ग्राम पंचायत विकास योजना तैयार कर उसे पंचायत दर्पण पोर्टल पर दर्ज करना आवश्यक है। प्राथमिकता अनुसार श्मशान घाट विकास कार्यों पर राशि खर्च की जानी थी, लेकिन कई पंचायतों में इसके विपरीत स्ट्रीट लाइट का कार्य कराया गया।

जांच के दौरान उपयंत्री यह देखेंगे कि नए खंभे लगाए गए हैं या नहीं, वायरिंग जमीन के अंदर की गई है या नहीं, तकनीकी स्वीकृति और प्राक्कलन के अनुसार कार्य हुआ है या नहीं, तथा लाइटें चालू हालत में हैं या नहीं। उपयोगिता के आधार पर विस्तृत प्रतिवेदन जिला पंचायत को सौंपा जाएगा।

करकेली जनपद पंचायत की 13 पंचायतों में 355 स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। इनमें पठारीकला में 15, बिरुहलिया 22, कॉलोनी 34, महरोई 60, महिमार 30, बिलासपुर 31, अतरिया 22, अखड़ार 22, पथरहटा 45, बरहटा 21, करकेली 10, पिनौरा 18 और नरवार-25 में 25 लाइट शामिल हैं। वहीं मानपुर जनपद पंचायत की 6 पंचायतों में 188 स्ट्रीट लाइट लगाई गई हैं। इनमें दमोय 26, जनकपुरी 26, चितरांव 26, मझोखर 30, सकरिया 14 और गोरड्या में 26 लाइट लगाई गई हैं।

एकलव्य आवासीय विद्यालय में करोड़ों की खरीदी मामले में गुणवत्ता से खिलवाड़, गेंहू से कम दाम पर आटा की आपूर्ति 


उमरिया

जिले के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय पाली में सामग्री आपूर्ति के लिए आमंत्रित निविदा प्रक्रिया में जिस तरह से संबंधित निविदा कारो ने दर अंकित कर सस्ते दरो में आपूर्ति कर रहे हैं उससे खरीदी प्रक्रिया में संकट के बादल मंडराने लगे हैं। विदित होवे की जिस दर पर कृषक धान बेच कर उसे घाटे का सौदा मान रहा है उस दर पर निविदा कारो ने चावल आपूर्ति करने का अनुबंध करने जा रही है।

ध्यान देने योग्य है कि एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में अध्ययन रत छात्र -छात्राओं को उत्तम सुविधायें उपलब्ध कराने के लिए उच्च गुणवत्ता युक्त सामग्री क्रय करने के लिए विद्यालय के प्राचार्य ने अपने पत्र क्र /इ एम आर एस / निविदा/ 2025-26/809 पाली दिनांक 12-3-26 के माध्यम से निविदा प्रक्रिया आमंत्रित कर 01 अप्रैल 26 से 31 मार्च 27 तक सामग्री प्रदान करने के लिए निविदा बुलाई गई थी , जो नियमत‌: खोली जा चुकी है। निविदा खुलने के बाद आपूर्तिकर्ताओं ने प्रतिस्पर्धा में जो दर डालें है, उससे सप्लाई प्रक्रिया संदेश के दायरे में आ गयी है। जग जाहिर है कि मध्यप्रदेश सरकार के व्दारा मोटी धान का  समर्थन मूल्य 23.69 प्रति किलो रखा गया है और एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में चावल की आपूर्ति 26.00 रूपये प्रति किलो में करने की तैयारी की गयी है। इसी तरह गेहूँ का समर्थन मूल्य किसान के लिए बोनस सहित 26.25 प्रति किलो रखा गया है तब 25.00 प्रति किलो में आटा की उपलब्धता कराना अपने आप में सवाल खड़ा कर रहा है। इसी तरह अरहर दाल 58.00 प्रति किलो सप्लाई करने की तैयारी है। यह वस्तुऐं तो हांडी के दो दाने के समान है। बाजार मूल्य से कम दाम पर आपूर्ति निश्चित ही माप और गुणवत्ता के साथ खिलवाड़ करने को आदर्श आवासीय विद्यालय में धूम मचाने को तैयार है।

उल्लेखनीय है कि जब बाजार में भारी वृद्धि की संभावनायें बनी हुई है, तब एक साल तक कम दर का सौदा करना कही न कहीं खरीदी प्रक्रिया को प्रभावित करने की ओर इशारा करती है। ऐसी स्थिति में विद्यालय के प्रबंध समिति को चाक चौबंद रहने की जरूरत है ।

भारतीय किसान संघ राष्ट्रीय मार्ग पर करेंगा चक्का जाम, प्रशासन पर अनदेखी के आरोप 

*अनिश्चितकालीन ‘घेरा डालो, डेरा डालो’ आंदोलन की चेतावनी*


उमरिया

जिले में किसानों की समस्याओं को लेकर अब किसान शांत बैठने वाला नहीं है, बताया जाता है कि शासन प्रशासन से  बार बार आग्रह कर वह थक चुका है , और अब वह आर पार के लडाई का मन बना लिया है।बताया जाता है कि किसानों की जायज मांगों की उपेक्षा लगातार जिला प्रशासन के व्दारा किया जा रहा है।जिससे  किसानों में व्यापक जनक्रोष बढता जा रहा है और स्थित इतनी बिगड गयी है कि  भारतीय किसान संघ ने प्रशासन की इस अनदेखी से नाराज होकर आंदोलन का रास्ता चुन लिया है। भारतीय किसान संघ ने अब साफ तौर पर उग्र आंदोलन छेडने की तैयारी कर ली है।भारतीय किसान संघ ने इसके लिए विधिवत आंदोलन छेडने की चेतावनी भी दे  दी है कि यदि किसानों की समस्याओं का समाधान समय रहते  नहीं हुआ तो भारतीय किसान संघ अब बिना देर किये ही शहडोल -घुनघुटी हाईवे पर चक्का जाम आंदोलन कर अपने मांगों की लड़ाई लडेगा। 

भारतीय किसान संघ जिला अध्यक्ष अभिषेक अग्रवाल ने बताया कि  कई बार भारतीय किसान संघ के व्दारा कलेक्टर उमरिया को विभिन्न समस्याओं को लेकर ज्ञापन सौंपा गया है बाबजूद  इसके प्रशासन के व्दारा किसानों की सुविधाओं को लेकर ऐहतियाती कदम नहीं उठाये गये। भारतीय किसान संघ के जिलाध्यक्ष ने बताया कि इसके बाद प्रथम स्मरण पत्र कलेक्टर को और द्वितीय स्मरण पत्र आयुक्त शहडोल संभाग को दिया गया, लेकिन अब तक किसी भी स्तर पर ठोस कार्रवाई नहीं की गई।

संघ का आरोप है कि प्रशासन किसानों की समस्याओं को लेकर पूरी तरह उदासीन बना हुआ है। एक ओर जहां प्रदेश सरकार किसानों के हित में योजनाओं और घोषणाओं की बात करती है, वहीं दूसरी ओर उमरिया जिला प्रशासन इन समस्याओं से आंखें मूंदे बैठा है।

किसान संघ के पदाधिकारियों का कहना है कि कई बार प्रशासन से चर्चा और बैठक के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास किया गया, लेकिन हर बार उन्हें नजरअंदाज किया जा रहा है, जिससे किसान आंदोलित होने को मजबूर हो गया है। 

भारतीय किसान संघ ने ऐलान किया है कि अब “घेरा डालो, डेरा डालो” आंदोलन के तहत शहडोल-घुनघुटी हाईवे को पूरी तरह बंद किया जाएगा। इस आंदोलन में 42 गांवों के किसान शामिल होंगे, जो सड़क पर ही रहकर खाना-पीना और डेरा डालेंगे। संघ ने साफ कर दिया है कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं हो जातीं। आंदोलन के दौरान किसी भी प्रकार की स्थिति के लिए पूरी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर 9 लाख की ठगी, आरोपी फरार,  पुलिस कार्यशैली पर सवाल

*बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान का मामला*


उमरिया 

जिले के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नौकरी दिलाने के नाम पर करीब 9 लाख रुपये की ठगी की गई। हैरानी की बात यह है कि आरोपियों के सामने होने के बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कार्रवाई नहीं की और पीड़ितों को यह कहकर टाल दिया कि मामला उत्तर प्रदेश का है।

उत्तर प्रदेश के दो युवकों को एक युवक ने बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में नौकरी दिलाने का झांसा दिया। आरोप है कि आरोपी ने दोनों से करीब 9 लाख रुपये वसूले और उन्हें फर्जी ज्वाइनिंग लेटर देकर उमरिया बुला लिया। इतना ही नहीं, भरोसा दिलाने के लिए दोनों युवकों को एक महीने तक कथित “प्रशिक्षण” भी कराया गया।

मामला तब उजागर हुआ जब आरोपीयों की जानकारी मकान मालिक ने पुलिस को सूचना दी यह किराएदार मुझे वन विभाग में नौकरी के नाम पर कमरा किराए पर लिया है ना तो यह कभी ड्यूटी जाते हैं ना ही यह वर्दी में रहते हैं। मौके पर पहुंची पुलिस ने पूछताछ तो की, लेकिन न तो आरोपी को हिरासत में लिया और न ही तत्काल कोई ठोस कार्रवाई की।

वही पीड़ितों का आरोप है कि जब उन्होंने पुलिस से मदद मांगी तो उन्हें यह कहकर वापस भेज दिया गया कि वे उत्तर प्रदेश के निवासी हैं, इसलिए अपने राज्य में जाकर शिकायत करें। इस रवैये से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

जब इस पूरे मामले की जानकारी बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रबंधन को लगी, तो उन्होंने साफ तौर पर सभी दस्तावेजों को फर्जी बताया। प्रबंधन का कहना है कि इस तरह की कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं हुई है और यह पूरी तरह ठगी का मामला है। उन्होंने पुलिस को धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की सलाह भी दी है। आरोपी खुद को करकेली के वन विभाग कार्यालय में कार्यरत बताता था, जिससे पीड़ितों को उस पर भरोसा हो गया। लेकिन अब आरोपी फरार बताया जा रहा है।

प्रबंधन का कहना है कि इस तरह की कोई भर्ती प्रक्रिया नहीं हुई है और यह पूरी तरह ठगी का मामला है। उन्होंने पुलिस को धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई करने की सलाह भी दी है।

नप के शव वाहन की ठोकर से युवक की हुई मौत, ड्राइवर हुआ फरार


उमरिया 

जिले के नौरोजाबाद थानांतर्गत बाजारपुरा और जीएम कॉम्प्लेक्स के बीच नवनिर्मित पेट्रोल पंप अस्तित्व में आते ही बड़े हादसों का केंद्र बनता जा रहा है। पाली की ओर जा रहा नगर परिषद पाली के शव वाहन की ठोकर से देवगवा निवासी एक युवक को ठोकर लग गई। ठोकर इतनी जबरजस्त थी कि मौके पर ही उक्त युवक अचेत अवस्था मे चला गया। जिसें मौके पर पहुँचे डॉ के एल बघेल के द्वारा मृत घोषित कर दिया गया।

मृतक की पहचान संजू कोल पिता स्व बिहारी कोल उम्र 40 साल निवासी दईगवा थाना नौरोजाबाद के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद नौरोजाबाद पुलिस मौके पर पहुँची। मौके पर कार्यवाही करते हुए पुलिस ने शव को कब्जे में ले लिया है। शव वाहन को नौरोजाबाद थाने में खड़ा करवा दिया गया है।

नौरोजाबाद टीआई बालेन्द्र शर्मा ने जानकारी देते बताया कि घटना की जानकारी के बाद जब पुलिस टीम मौके पर पहुँची तो देखा गया कि शव वाहन पलटा पड़ा हुआ था। ड्राइवर। मौके से नदारद था। शव को एसईसीएल रीजनल अस्पताल में रखा गया हैं। वाहन कब्जे में ले लिया गया है। जांच जारी है।

पैरा मेडिकल कॉलेज में छात्राओं के साथ छलावा, कलेक्टर को छात्राओं ने सुनाई आप बीती, लगाई न्याय की गुहार


उमरिया

विवेकानंद पैरामेडिकल कॉलेज विकट गंज में अध्ययन रत छात्राओं के धैर्य का बांध आखिर कार तीन वर्ष के बाद टूट गया, और आज जन सुनवाई में पहुँच कर अपनी आप बीती कलेक्टर धरणेन्द्र जैन के समक्ष प्रस्तुत की। ज्ञापन देने वाली विवेकानंद पैरा मेडिकल कॉलेज की छात्राओं ने बताया की हम छात्राओं के व्दारा बी एम एल टी की पढ़ाई के लिए  वर्ष 2023 में दाखिला ली थी, तब से अनवरत रूप से कालेज में अध्ययन रत है लेकिन तीन वर्ष बीत गयें न तो हमारा परीक्षा फार्म आज तक भरवाया गया और न ही हमारी परीक्षा आयोजित की गयी, पिछले वर्ष भी हम लोग जब परीक्षा फार्म भरवाये जा रहे थे तब कांलेज प्रबंधन से बात की थी, तब यह कह कर शांत कर दिया गया था कि आप लोगो की परीक्षा अगले सत्र में आयोजित की जायेगी । अब जब इस सत्र में भी परीक्षायें आयोजित की गयी तब भी इन छात्राओं के परीक्षा फार्म नहीं भराये गये, तब छात्राओं ने जन सुनवाई में पहुंच कर आप बीती बतलायी, जबकि इस मामले में विवेकानंद पैरा मेडिकल कॉलेज के जय कुमार पाण्डेय कहा कहना है की छात्राओं की उपस्थिति 75 प्रतिशत अनिवार्य है, लेकिन यह छात्राओं की उपस्थिति कम होने। के कारण परीक्षा में सम्मिलित नहीं किया जा सकता। कुछ छात्राओं के दस्तावेज अपूर्ण है,जिस कारण इन छात्राओं को परीक्षा में नहीं बैठ पा रही है। 

यह मामला काफी गंभीर हैं की विवेकानंद पैरा मेडिकल कॉलेज में छात्रायें पिछले तीन वर्ष से अध्ययन रत है फिर इनके साथ यह छलावा किसी गंभीर वित्तीय अनियमितताओं की ओर इशारा करती है। मामले की जांच अनुविभागीय अधिकारी राजस्व को सौंपी गई है। छात्राओं के साथ हो रहें छलावा की असलियत जांच में उजागर होने की आश लगायी जा रही हैं।

ऑनलाईन पार्सल ट्रेक करते समय लिंक खोला,  खाता से उड़ गए 2.5 लाख, पुलिस जांच में जुटी


उमरिया

जिले के नौरोजाबाद में एक रिटायर्ड शिक्षक के साथ हुई साइबर ठगी की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं लगती। बात शुरू हुई संगीत के शौक से और खत्म हुई बैंक खाते से ढाई लाख रुपये गायब होने पर। राजाराम चौहान ने चेन्नई की एक कंपनी से चार बांसुरियां मंगाई थीं। उम्र के इस पड़ाव पर उनका समय संगीत साधना में गुजरता था। ऑर्डर के बाद व्हाट्सएप पर रसीद आई, साथ में कूरियर का ट्रैकिंग नंबर भी। सब कुछ सामान्य दिख रहा था।

कुछ दिन बाद जब उन्होंने पार्सल की स्थिति देखने के लिए लिंक खोला, तो वहां एक मोबाइल नंबर नजर आया। पार्सल की जानकारी लेने के लिए उन्होंने उस नंबर पर कॉल कर दिया। फोन उठाने वाले ने खुद को कूरियर से जुड़ा बताया और बड़ी सहजता से कहा कि पार्सल में दर्ज मोबाइल नंबर गलत है। नंबर ठीक कर देते हैं, बस एक छोटी सी प्रक्रिया पूरी करनी होगी।

यहीं से ठगी की कहानी शुरू हुई। ठग ने पहले नया मोबाइल नंबर लिया गया। फिर एक लिंक भेजा गया और कहा कि उस पर क्लिक कर भुगतान की प्रक्रिया पूरी करनी है। बात इतनी सामान्य अंदाज में कही गई कि शक की कोई गुंजाइश नहीं बची। इसके बाद आरोपी ने एटीएम कार्ड की 16 अंकों की संख्या मांगी। फिर कार्ड के पीछे लिखा सीवीवी नंबर भी पूछ लिया। भरोसे में आए शिक्षक ने सारी जानकारी दे दी। उधर से आश्वासन मिला अब सब ठीक है, पार्सल समय पर मिल जाएगा। पार्सल सचमुच पोस्ट ऑफिस पहुंचा भी। शिक्षक ने राहत की सांस ली कि प्रक्रिया पूरी हो गई। लेकिन असली खेल तो पीछे चल रहा था।

कुछ समय बाद बैंक से फोन आया। बताया गया कि उनके खाते से ढाई लाख रुपये निकल चुके हैं। यह सुनते ही पैरों तले जमीन खिसक गई। तुरंत एटीएम ब्लॉक कराया गया लेकिन तब तक रकम साफ हो चुकी थी। परिवार ने फौरन साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। मामला थाना नौरोजाबाद और जिला साइबर सेल तक पहुंचा। पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।

बारातियों से भरी पीकप पलटी, ऑटो कार की टक्कर, घायल अस्पताल में भर्ती, गंभीर घायल हुए रेफर


उमरिया 

जिले में देर रात चंदिया स्थित नायरा पेट्रोल पंप के पास बारातियों से भरी एक पिकअप वाहन अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में आधे दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना मिलते ही कई 108 एम्बुलेंस तत्काल मौके पर पहुंचीं और घायलों को प्राथमिक उपचार देते हुए चंदिया अस्पताल लाया गया। बताया जा रहा है कि कुछ घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल उमरिया रेफर किया गया, जहां उनका इलाज जारी है। 

वही जिला मुख्यालय से होकर ताला की ओर जाने वाले स्टेट हाईवे में सेंट्रल एकेडमी स्कूल के पास शुक्रवार की रात भीषण सड़क हादसा हुआ है, बताया गया है कि आर्टिका कार क्रमांक MP 54 ZB 7435 और ऑटो टैक्सी के बीच सीधी टक्कर हुई है, जिसमे सवार 10 लोग घायल हुए है,घायल लीला बाई और सूभरन सिंह ने बताया कि वे लोग ग्राम बरतराई से चंदिया थाना अंतर्गत मझौली जा रहे थे, तभी यह हादसा हो गया, टक्कर इतनी तेज थी कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई, स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए राहत और बचाव कार्य शुरू किया,सभी घायलों को 108 एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया।

हादसे में एक व्यक्ति को गंभीर चोट आई है, उसका पैर पूरी तरह फ्रैक्चर हो गया है कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंचकर घटना की जांच में जुट गई है। जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. के सी सोनी ने बताया कि दुघर्टना में 10 लोग घायल हुए थे जिनमें से 2 लोगो की ज्यादा हालत गंभीर होने से जबलपुर मेडिकल कॉलेज रैफर किया गया है। वहीं अमहा रेलवे पुल के पास भी एक युवक गंभीर दुर्घटना का शिकार हुआ, जिसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ये सभी हादसे देर रात या दरमियानी रात की बताई जा रही है।

शारदा घाट के पास ऑटो पलटा,आधा दर्जन घायल


उमरिया

जिले के चंदिया थाना अंतर्गत अखडार से सटे शारदा घाट के पास दर्दनाक सड़क हादसा हुआ है। ऑटो में सवार होकर रिश्तेदार के घर से अपने गांव लौट रहा परिवार अचानक हुए हादसे का शिकार हो गया। यह घटना करीब दोपहर की बताई जा रही है, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ितों के अनुसार,ऑटो जैसे ही शारदा घाट के पास पहुंचा, पीछे से आ रहे एक अज्ञात ऑटो वाहन ने तेज रफ्तार में टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। पलटते ही ऑटो में सवार लोग सड़क पर गिर पड़े और चीख-पुकार मच गई। घायलों में अधिकांश महिलाएं शामिल हैं, जिनमें कुछ को गंभीर चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलते ही चंदिया पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। त्वरित कार्रवाई करते हुए सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के लिए चंदिया अस्पताल लाया गया है।

प्रबंधन की दमनकारी नीतियों के विरोध में संयुक्त मोर्चा का आंदोलन, जोहिला क्षेत्र में  श्रमिकों में व्यापक असंतोष 


उमरिया

देश की मिनी रत्न कंपनी  साउथ इस्टर्न कोल फील्ड्स लिमिटेड जोहिला क्षेत्र में श्रमिकों के जायज और संक्षिप्त 72 मांगों को लेकर पिछले सात दिनों से आंदोलन में बैठे हुए हैं, लेकिन प्रबंधन के कानो में जूं नहीं रेंग रही हैं। प्रबंधन के इस श्रमिकों के बीच में असंतोष भडक रहा है। बताया जाता है कि एस ई सी एल जोहिला क्षेत्र में जब से तत्कालीन महाप्रबंधक के कार्य शैली से जब तब आये दिन आंदोलन में होते रहे हैं, लेकिन इस कार्य शैली से व्यथित होकर जोहिला क्षेत्र के सभी श्रमिक संगठन आज आंदोलन की राह पकड लिये हैं ‌। 

विदित होवे की जोहिला क्षेत्र में औद्योगिक संबंधों को महाप्रबंधक के अडियल रवैये के कारण शून्य हो गयें है और महाप्रबंधक के कृत्यों से श्रमिक संगठनों से कई बार अपमान के घूंट पीकर रह गया। श्रमिक संगठन के सीटू श्रमिक संघ के संयुक्त सलाहकार समिति के सदस्य ने प्रबंधन के कार्यों की निंदा करते हुए भष्ट्राचार, ठेका श्रमिको का प्रबंधन शोषण करते हुए उनके हाजिरी का अथाह पैसा लूटने में प्रबंधन जुटा हुआ है। कंचन ओपन कास्ट खदान में सुरक्षा नियमों की अनदेखी का मामला उठाते हुए कहा की प्रबंधन श्रमिकों की जान के साथ खेल रहा है। सीटू नेता ने शुद्ध जल पीने को भी नहीं मिलता है। विंध्या क्षेत्र में आज तीन दशक से पानी के शुद्ध पानी न मिल पाना, एस ई सी एल प्रबंधन  के भष्ट कार्यशैली को उजागर रख दिया है ‌। उल्लेखनीय है कि जोहिला क्षेत्र में सडकों की हालात जर्जर हो गयी है, लेकिन प्रबंधन इस काम में लीपापोती कर उनके नाम पर जब तब भारी धांधली कर मामले को रफा -दफा कर दिया जाता है। आज के आंदोलन में संयुक्त मोर्चा की ओर से अशोक पाण्डेय बी एम एस, बिहारी लाल पटेल एच एम एस, पारस नाथ एटक, दिलीप सोनी इंटक, कुंजमणि वर्मा सीटू का जत्था क्रमिक भूख हड़ताल पर बैठे। आंदोलन का आज सातवा दिवस है और इसी क्रम में संयुक्त मोर्चा प्रबंधन की दमनकारी नीतियों के विरोध में अनशन रत है। आज आंदोलन स्थल पर एक आम सभा रखी गयी जिसे श्रमिक संगठनों के पदाधिकारियों ने संबोधित करते हुए प्रबंधन के काले कारनामे पर प्रकाश डाला। आज के आम सभा में अमृत लाल विश्वकर्मा सीटू, प्रीतम पाठक इंटक नागैन्द्र सिंह बी एम एस, राम कुंअर प्रजापति इंटक, अशोक पाण्डेय एटक, एस डी सिंह सीटू, मो फजल एटक नौमी शरण यादव बी एम एस अरूण मिश्रा एच एम एस आदि श्रमिक नेताओं की भागीदारी देखी गयी ‌। श्रमिक संगठन ने प्रबंधन से आग्रह किया है कि शीघ्र जायज मांगो को स्वीकार कर लागू करें वरना क्षेत्र में और उग्र आंदोलन छेडा जायेगा। इस सबके बाद भी प्रबंधन की कुंभकर्णी नींद में सोया हुआ है। 

ध्यान देने योग्य है कि भारतीय जनता पार्टी की देश की सरकार चल रही है फिर भी उसकी अनुषांगिक मजदूर संघ बी एम एस को भी जोहिला क्षेत्र के प्रबंधन के श्रमिक विरोधी नीतियों के चलते हडताल का रास्ता अख्तियार करना पड रहा है, जो बेहद निराशा जनक माना जा रहा है। श्रमिकों के हित बथ्द सरकार श्रमिकों के हित में कब तक कदम उठायेगी, यह भविष्य के गर्त में छिपा हुआ है।

शांति सिंह का स्वर्णिम प्रदर्शन, राज्य स्तरीय खेलो एमपी यूथ गेम्स में एक दिन में दो पदक जीतकर रचा इतिहास

*राष्ट्रीय चैंपियनशिप इवेंट में करेंगी प्रदेश का प्रतिनिधित्व*


उमरिया

उमरिया की प्रतिभाशाली धावक शांति सिंह ने दोहरी सफलता अर्जित कर अपने शानदार प्रदर्शन से प्रदेश और शहर का नाम रोशन किया है।
मध्य प्रदेश शासन द्वारा आयोजित खेलो एमपी यूथ गेम्स, भोपाल में 800 मीटर दौड़ में स्वर्ण पदक और 400 दौड़ में रजत पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट परिचय दिया। साथ ही यह अत्यंत गर्व का विषय है कि आगामी राष्ट्रीय चैंपियनशिप 2026, के 800 मीटर इवेंट में वे मध्य प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी। प्रदेश शासन खेल और युवा कल्याण विभाग के द्वारा आयोजित खेलो एम पी यूथ गेम्स 2025 का आयोजन सम्पूर्ण प्रदेश में ब्लाक स्तर से जिला और संभाग स्तर से राज्य स्तर तक लगभग 9 संभागों में आयोजित किया जा रहा हैं जिसका उद्घाटन प्रदेश के मुखिया मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव के द्वारा विभिन्न मंत्रियों की उपस्थिति में टी टी नगर स्टेडियम भोपाल में प्रखर गायक कैलाश खेर की उपस्थिति में किया गया था।

खेलो एम पी यूथ गेम्स के राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता भोपाल के 800 मीटर दौड़ में उमरिया जिला विकासखंड मानपुर ग्राम बारहुत पिपरहा टोला निवासी शांति सिंह जिन्होंने स्वर्ण पदक जीत कर जिले को गौरवान्वित किया है। शांति ने एक साथ दो पदक अर्जित किए हैं 400 मीटर दौड़ में रजत पदक प्राप्त कर जिले की पहली बालिका एथलीट बनी, जिसने राज्य स्तर पर एक ही दिन में दो पदक प्राप्त किए हैं। शांति के पिता मोल सिंह कृषक और माता सुमित्रा बाई गृहणी का कार्य करती हैं शांति सिंह वर्तमान में मध्य प्रदेश राज्य एथलेटिक अकादमी भोपाल की छात्रा हैं जो राष्ट्रीय व अंतराष्ट्रीय  प्रतियोगिता में पदक जीतने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रही हैं। खेल और युवा कल्याण विभाग की जिला स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेकर शांति सिंह ने राज्य स्तर की पात्रता प्राप्त की थी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीताराम से मुलाकात कर जिले को राज्य स्तर पर पदक दिलाने का भरोसा दिया था। जिले की होनहार बेटी की उपलब्धि पर लोगो ने शांति को बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है, वे अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी देश व उमरिया का गौरव बढ़ाएँ।

विद्यालय के छात्र उल्टी दस्त से हुए ग्रसित, स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में पहुँचकर शुरू किया इलाज 


उमरिया

उमरिया जिले के करकेली विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय जरहा में अध्ययन रत छात्र  अचानक बीमार होने की खबर हर एक एक को हैरान कर दी है बताया जाता है कि विद्यालय में अध्ययन रत छात्र आखिर कार बीमार कैसे हो गये। छात्रों के बीमार की खबर मिलते ही उमरिया जिले का प्रशासनिक अमला सक्रिय हो गया और सी एम एच ओ उमरिया ने अपने स्वास्थ्य अमले के साथ विद्यालय पहुच कर छात्रों की तबीयत का जायजा लिया, एम्बुलेंस के माध्यम से गंभीर छात्रों को जिला चिकित्सालय भेजकर उपचार कराने की व्यवस्था की गयी, वही पर कुछ छात्रों को घुलघुली स्वास्थ्य केन्द्र में उपचार कराया गया,अंतत छात्रों की स्थिति बिगडने के पहले ही परिस्थितियों को सम्हाल लिया गया ।विद्यालय में छात्रों के स्वास्थ्य बिगडने की खबर मिलते ही बांधवगढ़ के अनुविभागीय अधिकारी तत्काल जरहा पहुँच कर स्थित का जायजा लिया ,छात्रों के साथ ही स्वास्थ्य अमले की टीम को गांव भेजकर घर घर में सघन जांच कराने के निर्देश दिए गए। बताया जाता है कि  बच्चों को बुखार उल्टी और दस्त की शिकायत के बाद स्कूल प्रबंधन ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को सूचना दी थी,साथ ही  शिक्षा विभाग की टीम को भी सूचित किया गया जिससे वह भी  मौके पर पहुंची । स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चों का इलाज शुरू कर दिया है। कुछ बच्चों को उल्टी दस्त और बुखार की शिकायत हुई है सभी का स्कूल में ही इलाज किया जा रहा है वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम गांव में भी जांच में निकली है। तथा साथ 21 बच्चों को घुलघुली और जिला अस्पताल भेजा गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचकर जांच में जुटे हुए हैं 

उमरिया एसडीएम अंबिकेश प्रताप सिंह ने बताया कि स्वास्थ्य टीम मौके पर पहुंच गई है बच्चों का इलाज शुरू हो गया है मैं भी मौके पर पहुंच गया हूँ अभी सब कुछ सामान्य है बच्चों की देखरेख जारी है स्वास्थ्य विभाग की टीम  इलाज में जुटी है है कुछ ग्रामीणों ने नाम न बताने की शर्त पर बताया की यह पूरा उल्टी दस्त का मामला सुरुचि भोज़, और  वही स्थानीय लोगों कहना था की  बूंदी खाने से हुआ है गौरतलब है की हायर सेकेंडरी स्कूल जरहा मे कार्यरत स्व सहायता समूह के ऊपर छात्र-छात्राओं सही भोजन न देने का आरोप परिजनों ने लगाया है।

प्रधानमंत्री के भूमि पूजन के बाद भी इन्दवार सिंचाई परियोजना का  कार्य ठण्डे बस्ते में 

*राजनैतिक प्रतिस्पर्धा से खटाई में पडी महती योजना, बजट के बाद भी निर्माण शुरू नहीं हुआ*


उमरिया

लोक सभा चुनाव के पूर्व देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने उमरिया जिले के इन्दवार मध्यम सिंचाई परियोजना का भोपाल के लाल परेड मैदान  से ही वर्चुअल भूमि पूजन 29 फरवरी 2024 दिन गुरूवार को करते हुए आधार शिला रखी थी, जिसके शिलालेख आज भी जनपद पंचायत मानपुर में आज भी धूल खा रहे हैं।मालुम होवे की लाल परेड मैदान में माननीय प्रधानमंत्री ने सत्तह हजार करोड़ रूपये से अधिक के भूमि पूजन और लोकार्पण कार्यक्रम संपन्न किये गए थे जिसमें चार सिचाई परियोजनायें शामिल थी जिनमें जन जातीय बाहुल्य जिले जबलपुर संभाग के  मंडला, डिण्डौरी  और शहडोल संभाग के अनूपपुर व उमरिया जिले के इन्दवार में  सोन नदी में मध्यम सिंचाई परियोजना शामिल थी,जिसमें लगभग  छह हजार, चार सो करोड़ रूपये की लागत से बननी थी जिसमें इन्दवार सिचाई परियोजना के लिये तीन सौ छप्पन करोड़ अडतीस लाख करोड़ रूपये स्वीकृति दी गई थी इस सिंचाई परियोजना से  दो हजार से अधिक  हेक्टेयर भूमि की सिचाई किया जाने का अनुमान बजट में बताया गया था  । इस सिचाई परियोजना के लिए वर्ष 2024 के बजट में शामिल किया गया था जिसकी अधिकृत सूचना मध्यप्रदेश के  जल संसाधन मंत्री तुलसी राम सिलावट के व्दारा शामिल किये जाने की सूचना सांसद श्रीमती  हिमाद्री सिंह संसदीय क्षेत्र शहडोल  और क्षेत्रीय विधायक मानपुर  सुश्री मीना सिंह को पत्र लिखकर दी गई थी। पत्र मिलते ही  जिले भर में खुशी की लहर दौड़ गयी और साथ ही भारतीय जनता पार्टी की दोनों जन नेत्रियों  के बीच श्रेय लेने की होढ मच गयी , दोनों के व्दारा अपने प्रयासों को जनता के बीच पहुचाने की भरसक कोशिश की गयी, जिसकी चर्चाये अपने -अपने तरह से चलती रही है इन खबरों से भारतीय जनता पार्टी के जनप्रतिनिधियों के बीच पहले से चली आ रही प्रतिस्पर्धा यहाँ तक पहुँच गयी की यह महत्वपूर्ण सिंचाई परियोजना दो साल बीत जाने के बाद भी उसी हाल में पडा हुआ है। अगर इस मामले में राजनैतिक पहल की जाती तो इन दो वर्षों में परियोजना अपने मूल स्वरूप को प्राप्त करती दिखाई देती, जो की जिले के किसानों के लिए मिला वरदान साबित होती, लेकिन सरकार की यह सिंचाई परियोजना प्रधानमंत्री के भूमि पूजन के बाद भी क्षेत्रीय  राजनैतिक प्रतिस्पर्धा  की बलि चढ़ गयी।

जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड एम्बुलेंस संचालन में कर रही है लाखो का फर्जीवाड़ा

*फर्जी कॉल सेवा का ले रही है सहारा*


उमरिया

जिले के मरीजों को राहत भरी यात्रा कर सुलभता से चिकित्सालय तक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए मध्यप्रदेश शासन की यशस्वी योजना एम्बुलेंस (108) जिसे आपातकालीन चिकित्सा सेवा और जननी एक्सप्रेस के नाम चल रही है। पर उमरिया जिले में जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के एम्बुलेंस की सेवा का बीड़ा उठा  रही है जो सेवा कम काली कमाई का जरिया ज्यादा बन गयी है और इसके चलते वह कतिपय फर्जी कॉल्स का सहारा लेकर  ऐसा घिनौना खेल चल रही है, जो बिना सेवा के ही कमायी होती रहेंगी और दुसरे की सेवा से भी बच जायेगें। एक तरफ बिना काम किये एम्बुलेंस का मीटर चलता रहेंगा, दुसरी ओर  असली मरीज को भी लाने की झंझट खत्म। इस घिनौने भरे खेल से एक तरफ जहाँ ठेकेदार की जेबें गर्म होती रहती है वही इस खेल में कई मरीजों को  अस्पताल पहुंचने के इंतजार में  जान से गवां बैठते हैं,  जिस के लिये इस ठेकेदार को कदापि दोषी नहीं माना जा सकता।पडताल करने पर पता चलता है कि एक  तरफ एम्बुलेंस के पहिए सिर्फ कागजों और फर्जी कॉल्स पर दौडक़र सरकार को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं, वही कुछेक मरीज अपने जीवन से हाथ धो लिये। उल्लेखनीय है कि जिले के पाली, करकेली,मानपुर, चंदिया और नौरोजाबाद समेत तमाम लोकेशंस पर तैनात एम्बुलेंस सेवाओं की जमीनी हकीकत दुखभरी और  भयावह है, बताया जाता है की  पाली लोकेशन के वाहन संख्या (सीजी-04-एनएस-4602) ने तो इस मामले में  बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं। पीसीआर बुक की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिन नंबरों से एम्बुलेंस बुलाई गई, वे नंबर या तो खुद एम्बुलेंस स्टाफ के हैं, या फिर बंद और अनरिचेबल हैं। हैरानी की बात तो यह है कि जब जिला चिकित्सालय के कंप्यूटर रिकॉर्ड खंगाले गए, तो अधिकांश केसों में पेशेंट नॉट फाउंड का मैसेज सामने आया। साफ है कि सरकारी तेल फूंकने और केस नंबर बढ़ाकर शासन से ज्यादा फंडिंग ऐंठने के लिए यह पूरा जाल बुना गया है।

भ्रष्टाचार का यह सिंडिकेट ऊपर से नीचे तक जुड़ा हुआ है। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया की  यह सब कंपनी के जिला अधिकारी सतेंद्र वर्मा के इशारे पर हो रहा है। जो कर्मचारी इस काले खेल में शामिल होने से इनकार करता है, उसे मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जाता है। स्थानीय गुर्गों से धमकियां दिलवाई जाती हैं, वेतन काट लिया जाता है या नौकरी से निकालने का भय दिखाकर घर बैठा दिया जाता है। पायलट रोहनी कुशवाहा ने इस जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई और थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है, जो इस बात का प्रमाण है कि कंपनी के भीतर तानाशाही और उगाही का साम्राज्य चल रहा है।

इस घोटाले का सबसे काला पहलू यह है कि जब एम्बुलेंस फर्जी कॉल्स के कारण सडक़ों पर हवा में दौड़ रही होती है, ठीक उसी वक्त किसी प्रसव पीड़ा से गुजरती महिला या दिल के दौरे से तड़पते मरीज को वाहन नहीं मिल पाता। कंट्रोल रूम से वाहन व्यस्त है का संदेश दे दिया जाता है। एम्बुलेंस जिला प्रभारी सतेंद्र वर्मा से जानकारी लेने की कोशिश की गयी लेकिन उन्होंने फोन उठाना उचित नहीं समझा। उमरिया जिले में कार्यरत जेएईएस कंपनी का कारोबार जिले के साथ ही  पूरे प्रदेश में फैला हुआ है। 

बीमारों की सांसों पर संकट, एम्बुलेंस संचालन में व्यापक फर्जीवाड़ा कर कंपनी कर रही लाखों का खेल

*जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की एम्बुलेंस की सेवा से काली कमाई*


उमरिया

जिले के मरीजों को राहत भरी यात्रा कर सुलभता से चिकित्सालय तक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध  कराने के लिए मध्यप्रदेश शासन की यशस्वी योजना एम्बुलेंस (108) जिसे आपातकालीन चिकित्सा सेवा और जननी एक्सप्रेस के नाम पर संचालित कर मरीजों की जान बचाने का उद्यम कर रही वही पर सरकार की इस सुखद मंशा पर ठेकेदार व्दारा पानी फेरते हुए  अपनी  तिजोरियां भरने का जरिया बना  चुकी है। बताया जाता है की उमरिया जिले में जय अम्बे इमरजेंसी सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड के एम्बुलेंस की सेवा का बीड़ा उठा  रही है जो सेवा कम काली कमाई का जरिया ज्यादा बनायी है और इसके चलते वह कतिपय फर्जी कॉल्स का सहारा लेकर  ऐसा घिनौना खेल चल रही है, जि  बिना सेवा के ही कमायी होती रहेंगी और दुसरे की सेवा से भी बच जायेगें। एक तरफ बिना काम किये एम्बुलेंस का मीटर चलता रहेंगा, दुसरी ओर  असली मरीज को भी लाने की झंझट खत्म। इस घिनौने भरे खेल से एक तरफ जहाँ ठेकेदार की जेबें गर्म होती रहती है वही इस खेल में कई मरीजों को  अस्पताल पहुंचने के इंतजार में  जान से गवां बैठते हैं,  जिस के लिये इस ठेकेदार को कदापि दोषी नहीं माना जा सकता।पडताल करने पर पता चलता है कि एक  तरफ एम्बुलेंस के पहिए सिर्फ कागजों और फर्जी कॉल्स पर दौडक़र सरकार को करोड़ों का चूना लगा रहे हैं, वही कुछेक मरीज अपने जीवन से हाथ धो लिये। उल्लेखनीय है कि जिले के पाली, करकेली,मानपुर, चंदिया और नौरोजाबाद समेत तमाम लोकेशंस पर तैनात एम्बुलेंस सेवाओं की जमीनी हकीकत दुखभरी और  भयावह है, बताया जाता है की  पाली लोकेशन के वाहन संख्या (सीजी-04-एनएस-4602) ने तो इस मामले में  बेशर्मी की सारी हदें पार कर दी हैं। पीसीआर बुक की पड़ताल में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि जिन नंबरों से एम्बुलेंस बुलाई गई, वे नंबर या तो खुद एम्बुलेंस स्टाफ के हैं, या फिर बंद और अनरिचेबल हैं। हैरानी की बात तो यह है कि जब जिला चिकित्सालय के कंप्यूटर रिकॉर्ड खंगाले गए, तो अधिकांश केसों में पेशेंट नॉट फाउंड का मैसेज सामने आया। साफ है कि सरकारी तेल फूंकने और केस नंबर बढ़ाकर शासन से ज्यादा फंडिंग ऐंठने के लिए यह पूरा जाल बुना गया है।

*जिला प्रभारी पर गंभीर आरोप*

भ्रष्टाचार का यह सिंडिकेट ऊपर से नीचे तक जुड़ा हुआ है। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया की  यह सब कंपनी के जिला अधिकारी सतेंद्र वर्मा के इशारे पर हो रहा है। जो कर्मचारी इस काले खेल में शामिल होने से इनकार करता है, उसे मानसिक रूप से प्रताडि़त किया जाता है। स्थानीय गुर्गों से धमकियां दिलवाई जाती हैं, वेतन काट लिया जाता है या नौकरी से निकालने का भय दिखाकर घर बैठा दिया जाता है। पायलट रोहनी कुशवाहा ने इस जुल्म के खिलाफ आवाज उठाई और थाने में शिकायत भी दर्ज कराई है, जो इस बात का प्रमाण है कि कंपनी के भीतर तानाशाही और उगाही का साम्राज्य चल रहा है।

*जब एम्बुलेंस फेक केस में बिजी*

इस घोटाले का सबसे काला पहलू यह है कि जब एम्बुलेंस फर्जी कॉल्स के कारण सडक़ों पर हवा में दौड़ रही होती है, ठीक उसी वक्त किसी प्रसव पीड़ा से गुजरती महिला या दिल के दौरे से तड़पते मरीज को वाहन नहीं मिल पाता। कंट्रोल रूम से वाहन व्यस्त है का संदेश दे दिया जाता है। यह सिर्फ आर्थिक भ्रष्टाचार नहीं, बल्कि यह गैर इरादतन  हत्या के समान है। क्या शासन-प्रशासन को उन मौतों का हिसाब नहीं लेना चाहिए जो एम्बुलेंस की अनुपलब्धता के कारण हुईं?

*अफसरों की चुप्पी पर उठ रहे सवाल*

जिले में इतना बड़ा फर्जीवाड़ा चल रहा है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद में सो रहे हैं। एम्बुलेंस जिला प्रभारी सतेंद्र वर्मा से जानकारी लेने की कोशिश की गयी लेकिन उन्होंने   फोन उठाना उचित नहीं समझा। जिससे इस संवेदनशील मामले में उनकी भी संलिप्तता की बू आ रही है। वहीं, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. वी.एस. चंदेल ने करेंगे का रटा-रटाया जवाब देकर पल्ला झाड़ लिया है। सवाल यह है कि यह खानापूर्ति कब तक चलेगी, क्या किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन की नींद टूटेगी। 

*प्रदेशव्यापी ऑडिट की दरकार*

उमरिया जिले में कार्यरत जेएईएस कंपनी का कारोबार जिले के साथ ही  पूरे प्रदेश में फैला हुआ है। यदि एक छोटे से  जिले में फर्जी काल का खेल चल रहा है तब अन्य जिले अछूते रह पायेंगे कह पाना कठिन है। इसलिए इस मामले की प्रदेश स्तरीय सघन जांच करायी जाये तो  करोड़ों का घोटाले सामने आ सकता है ।इस मामले की विस्तृत जांच करने पर  इस कंपनी का खेला सामने आयेगा।

कलेक्टर के खिलाफ पत्रकारों ने खोला मोर्चा, प्रेस कॉन्फ्रेंस का किया बहिष्कार


उमरिया

जिले में जब से कलेक्टर के पद पर धरणेन्द्र कुमार जैन ने पद भार ग्रहण किया है तब से लगातार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए उनका रवैया पत्रकारों के साथ असहयोगात्मक ही रहा है। जिले में कोई भी घटना या किसी पीड़ित, शोषित, गरीब का मामला आता है या कहीं कोई गलत काम हो रहा है तो आम जनता की आवाज को उठाने का कार्य मीडिया ही करता है, और उन मुद्दों पर जब जिले के कलेक्टर से संवाद स्थापित करने का प्रयास किया जाता है तो उनके द्वारा सीधे कह दिया जाता है कि मैं कुछ भी नहीं बता सकता हूं, जबकि समूचे विश्व में हर जगह से समाचार संकलन का कार्य मीडिया द्वारा ही अनादि काल से किया जा रहा है, इतना ही नहीं समाज में विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका के बाद मीडिया को चौथे स्तम्भ का दर्जा दिया गया है और उमरिया जिले के कलेक्टर द्वारा लगातार चौथे स्तम्भ की उपेक्षा की जा रही है, वहीं आज भारत सरकार के महत्वपूर्ण कार्यक्रम जी राम जी अधिनियम 2025 के लिए पी आई बी अर्थात प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो की तरफ से आए मनीष दुबे को भी जिले के कलेक्टर के रवैये के चलते विरोध का सामना करना पड़ा जबकि उनको जिले के पत्रकारों से संवाद स्थापित करना था और वह संवाद स्थापित नहीं हो सका।

गौरतलब है कि इतना ही नहीं जिले के सभी पत्रकारों ने यह भी कहा कि आज भर नहीं जब तक जिले के कलेक्टर का रवैया नहीं सुधरेगा तब तक हमारे द्वारा भी इसी तरह का असहयोगात्मक रवैया अपनाया जाएगा। इसके चलते भले ही शासन की योजनाओं का प्रचार प्रसार न हो उसकी समस्त जिम्मेदारी जिले के कलेक्टर की होगी। कलेक्टर के तानाशाही रवैये से क्षुब्ध पत्रकारों ने किया प्रेस कॉन्फ्रेंस का बहिष्कार किया है।


वन विभाग की दोहरे मापदण्ड से उपजते सवाल, बाघ की मौत मामले में दोषियों पर नही हुई कार्यवाही 


उमरिया

जिले के चंदिया वन परिक्षेत्र में पिछले माह कथली नदी के किनारे बाघ की हत्या के मामले में दोषी वन कर्मचारियों के ऊपर अब तक कार्यवाही नहीं किये जाने से वन मंडलाधिकारी की कार्यवाही पर तीखे सवाल खड़े करके रख दिया है, जबकि नौरोजाबाद परिक्षेत्र के कल्दा बीट में राजस्व भूमि पर खैर के वृक्षों की कटाई को अवैध मानते हुए वन मंडलाधिकारी ने वन रक्षक और वन पाल को निलंबित करने का फरमान जारी किया गया है। इतना ही नही इसी तरह नौरोजाबाद परिक्षेत्र के मनेरी बीट में राजस्व गाँव  करौंदी के खेत से दो सागौन  वृक्ष का मामले में भी विभाग चुप्पी साधे बैठा हुआ है।

ज्ञात होवे की चंदिया वन परिक्षेत्र के अन्तर्गत पिछले 12 दिसंबर 2025 को कथली नदी के किनारे बिजली के करेंट से एक बाघ की हत्या का मामला दर्ज किया गया था, वन विभाग ने बाघ के हत्या के लिए छह आरोपियों को पकड कर न्यायालय भेंज दिया, साथ ही इस मामले में दोषी पाये गये वन कर्मचारियों की जांच शुरू कर दी जांच में विभाग के कतिपय कर्मचारियों को दोषी पाया गया था, जिसकी जांच प्रतिवेदन वन परिक्षेत्राधिकारी और उप वन मंडलाधिकारी उमरिया की अनुशंसा सहित वन मंडलाधिकारी उमरिया के दफ्तर में पिछले एक माह से धूल खा रही है, लेकिन इस मामले में अब तक कोई ठोस कार्यवाही न होने से अधिकारियों पर कतिपय कर्मचारियों को बचाने के आरोप लगाये जा रहे हैं। नौरोजाबाद परिक्षेत्र के कल्दा बीट के कर्मचारियों के ऊपर हुई कार्यवाही से वन विभाग को  कटघरे में खड़ा करता है , विभागीय कार्यवाही में इस तरह की असमानता बरतने के पीछे राज क्या छिपा है।

विदित होवे की बाघ एक राष्ट्रीय पशु है और उसके रख रखाव के लिए बाघ अभयारण्य बनाकर पाल रही है और उसके हत्या के लिए दोषियों को जहाँ एक ओर जेल की हवा खा रहे हैं उसी मामले में विभागीय कर्मचारियों के दोष साबित होने के बाद  कार्यवाही न किया जाना विभाग के आला अधिकारी की कार्यवाही को न सिर्फ सवालों के घेरे में बताया जा रहा है,उन पर पक्षपात और विसंगति पूर्ण कार्यवाही के लिए जिम्मेदार माना जा रहा है।इस संदर्भ में वन मंडलाधिकारी विवेक सिंह  से दूरभाष पर 9407199140 से संपर्क किया गया लेकिन नेटवर्क न होने के कारण बात नहीं हो पायी।

पुलिस की सख्त कार्रवाई, होटल–ढाबों में अवैध शराब पिलाने वालों पर कसा शिकंजा, मामला दर्ज


उमरिया

जिले के बिरसिंहपुर पाली नगर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने एवं अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण के उद्देश्य से नगर निरीक्षक राजेशचंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पाली पुलिस द्वारा लगातार सघन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार की रात पाली के अस्थायी  बस स्टैंड क्षेत्र में स्थित होटल-ढाबों पर पुलिस ने औचक निरीक्षण किया।चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने बीनस होटल, गुरुनानक होटल एवं महंता ढाबा का निरीक्षण किया। इस दौरान बीनस होटल में ग्राहकों को बैठाकर अवैध रूप से शराब पिलाए जाने का मामला सामने आया, जिस पर पुलिस ने मौके पर ही मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम की धारा 34(1) एवं 36 के तहत संबंधित होटल संचालक के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की।

इस कार्रवाई में उप निरीक्षक बीरेंद्र यादव, प्रधान आरक्षक महेश मिश्रा एवं आरक्षक अजीत कुमार सहित पुलिस स्टाफ उपस्थित रहा। वहीं गुरुनानक होटल एवं महंता ढाबा में भी पुलिस द्वारा काउंटर, रसोईघर एवं बैठने की व्यवस्था की गहन जांच की गई तथा संचालकों को नियमों का पालन करने की सख्त हिदायत दी गई।

पाली पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नगर क्षेत्र में किसी भी होटल या ढाबे में अवैध शराब पिलाने, नियमों के उल्लंघन एवं अनैतिक गतिविधियों को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस प्रकार की औचक चेकिंग और सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी। इस कार्रवाई से होटल-ढाबा संचालकों में हड़कंप की स्थिति बनी रही, वहीं आम नागरिकों ने पुलिस की इस  पहल की सराहना की है।

जुंआ फड़ पर पुलिस का छापा 5 हजार नगद सहित 2 लाख का मसरूका जब्त 


उमरिया

जिले के बिरसिंहपुर पाली थाना के घुनघुटी चौकी की पुलिस को चंदनिया में चल रहे जुंआ के काले व्यवसाय को पकड़ने में महती सफलता अर्जित की है। बताया जाता है कि शहडोल के कतिपय जुआड़ी चंदनिया को जुंआ खेलने का अड्डा बना रहे थे, जिसकी भनक लगते ही घुनघुटी पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए इस अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने की ठान ली, और आज जुंआ फड में छापा मारकर जुंआ खेलते हुए रंगे हाथ पकडा। जुआरियों के पास से 5 हजार रूपये ताश पत्ती और दो लाख रूपये का मसरूका जब्त करने में कामयाबी हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों में  रजनी उर्फ सिराजुल्लाह खान सोहागपुर, शंभू गुप्ता, मोहम्मद फारूक रंगरेज, बिलाल खान, मुस्तखिन खान सभी निवासी शहडोल बतलाये जाते हैं। जुंआ का यह घिनौना खेल चंदनिया गाँव से आगे पानी टंकी से अन्दर खेला जा रहा था। इन दिनों घुनघुटी पुलिस क्षेत्र में चल रहे अवैध व्यवसायों पर अंकुश लगाने की सराहनीय पहल में जुटी हुई है ।

2 बाघ का शव मिलने से मचा हड़कंप, प्रबंधन पर उठ रहर सवाल  विभाग जांच में जुटी


शहडोल

धमोखर परिक्षेत्र अंतर्गत ग्राम रायपुर के कुदरी टोला में गुरुवार दोपहर उस वक्त सनसनी फैल गई, जब खेत में बने एक पुराने कुएं में बाघ का शव देखा गया। सूचना मिलते ही जिम्मेदार पार्क अधिकारी और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई और स्थिति का जायजा लिया।प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित इस पुराने कुएं से तेज दुर्गंध आ रही थी, जिससे आशंका जताई जा रही है कि बाघ की मौत 48 घंटे से अधिक समय पहले हो चुकी है। हैरानी की बात यह है कि बाघ शावक की मौत के महज 24 घंटे के भीतर एक और बाघ का शव मिलना पार्क प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।यह घटना न सिर्फ वन विभाग के लिए चुनौती बनकर सामने आई है,बल्कि वन्यजीव प्रेमियों के लिए भी बेहद निराशाजनक है।जिस स्थान पर बाघ का शव मिला, वह जंगल चौकी के बेहद करीब बताया जा रहा है,ऐसे में निगरानी व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।फिलहाल वन विभाग द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है और मौत के कारणों की जांच की जा रही है।

*मादा बाघ शावक का शव मिलने से मचा हड़कंप*

उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के वन परिक्षेत्र ताला, कथली बीट (आर.एफ.331) में गश्त के दौरान एक मादा बाघ शावक का शव मिला।सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और मानक संचालन प्रक्रिया के तहत कार्रवाई प्रारंभ की। मृत शावक की आयु लगभग 7–8 माह आंकी गई है और प्रारंभिक जांच में मृत्यु का संभावित कारण किसी अन्य वन्य प्राणी से संघर्ष बताया गया।घटना की सूचना वरिष्ठ अधिकारियों को तुरंत दी गई और वन्यप्राणी अपराध नियंत्रण ब्यूरो एवं राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण के निर्देशानुसार सभी प्रक्रियाएं अपनाई गईं। शव का पंचनामा तैयार कर स्थल सुरक्षित किया गया। डॉग स्क्वॉड एवं मेटल डिटेक्टर से स्थल की जांच की गई, जिसमें कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि नहीं मिली।सक्षम वन्य चिकित्सक की उपस्थिति में विस्तृत पोस्टमार्टम परीक्षण कराया गया और आवश्यक नमूने संकलित कर अधिकृत प्रयोगशाला भेजे गए। सभी वैधानिक और तकनीकी प्रक्रियाओं के पूरा होने के बाद को शव दाह की कार्यवाही संपन्न की गई। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व प्रशासन ने क्षेत्र में सतर्कता बढ़ा दी है और गश्ती अभियान जारी रखा है, ताकि वन्य प्राणियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

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