एसपी के आदेश के बाद यातायात चौकी का अस्तित्व समाप्त, हाइवे की सुरक्षा पर उठे सवाल, क्या राम भरोसे चलेगी व्यवस्था?


अनूपपुर

जिले की यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी किए गए एक आदेश ने पुलिस महकमे के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आदेश में यातायात हाईवे सुरक्षा चौकी फुनगा में पदस्थ समस्त बल को, उप निरीक्षक आनंद तिवारी को छोड़कर, तत्काल प्रभाव से थाना यातायात अनूपपुर में पदस्थ किए जाने का उल्लेख है।

जिले में यातायात व्यवस्था के सुचारु एवं प्रभावी संचालन तथा उपलब्ध बल की कमी को देखते हुए फुनगा हाईवे सुरक्षा चौकी के बल को यातायात थाना अनूपपुर में पदस्थ किया जा रहा है। आदेश में यह भी निर्देशित किया गया है कि इस बल का उपयोग पूरे जिले में यातायात व्यवस्था के प्रभावी संचालन, यातायात नियंत्रण, सड़क सुरक्षा एवं आवश्यकता अनुसार अन्य यातायात संबंधी ड्यूटी में किया जाए।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब फुनगा क्षेत्र में हाईवे सुरक्षा के लिए अलग से चौकी स्थापित है, तो वहां से लगभग पूरा बल हटाकर यातायात थाने में संलग्न करने के बाद हाईवे की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था किसके भरोसे रहेगी?

फुनगा क्षेत्र में पूर्व में भी गंभीर सड़क दुर्घटनाओं के दौरान पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किए जाने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में हाईवे सुरक्षा चौकी के बल को हटाने का निर्णय सड़क सुरक्षा के लिहाज से कितना प्रभावी होगा, यह आने वाला समय बताएगा।

आदेश में बल की कमी को इसका प्रमुख आधार बताया गया है। लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि यातायात थाने में अचानक अतिरिक्त बल उपलब्ध कराने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई और इस फैसले से वास्तविक रूप से किस व्यवस्था को मजबूत किया जाना है।


भ्रष्टाचार, अभद्र व्यवहार व पंचायत कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाकर पंचों ने सरपंच को हटाने की मांग


अनूपपुर

जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत लालपुर पूर्व के समस्त पंचों ने सरपंच पर भ्रष्टाचार, अभद्र व्यवहार और पंचायत कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगाते हुए जनसुनवाई में पंचों ने इस संबंध में आवेदन सौंपकर उन्हें पद से हटाने की मांग की है।

पंचों ने आवेदन में आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत लालपुर पूर्व के सरपंच द्वारा पिछले करीब चार वर्षों से बाजार हाट के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है और राशि का उपयोग निजी प्रयोजनों में किया जाता है। आरोप है कि सरपंच ग्रामीणों को परेशान करने के साथ पंचायत की व्यवस्थाओं और कार्यों में भी बाधा उत्पन्न करते हैं।

पंचों ने यह भी आरोप लगाया कि सरपंच प्राथमिक विद्यालय की ईंटें तोड़कर ले गए। इसके अलावा ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 1990 में लगाए गए लिप्टिस के पेड़ों को कटवाकर बेचने का भी आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर स्वतंत्रता दिवस के दौरान विरोध और विवाद की स्थिति निर्मित होने की बात आवेदन में कही गई है।

पंचों के अनुसार, विवाद के बाद सरपंच को हटाने की मांग उठी। मामले में खन्नालाल, छोटेलाल, उमाशंकर एवं जगन्नाथ के नाम से रिपोर्ट कराए जाने की बात भी पंचों ने आवेदन में बताई है। पंचों का कहना है कि लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों में आक्रोश बढ़ रहा है। पंचों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर आरोपों का परीक्षण कराने तथा सरपंच को पद से हटाने की कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

6 दिन से डायलिसिस मशीन ‘बीमार’, मरीजों की जिंदगी बेहाल, मरम्मत-मेंटेनेंस खर्च की जांच की उठी मांग


अनूपपुर

जिला चिकित्सालय अनूपपुर में डायलिसिस मशीन पिछले करीब एक सप्ताह से खराब होने के कारण किडनी रोगियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। नियमित डायलिसिस पर निर्भर मरीजों के लिए यह स्थिति बेहद चिंताजनक है। मशीन बंद होने से मरीजों और उनके परिजनों को निजी अस्पतालों अथवा अन्य स्थानों पर डायलिसिस कराने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे आर्थिक बोझ के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी बढ़ रही है।मरीजों के परिजनों का कहना है कि मशीन खराब हुए कई दिन बीत चुके हैं, लेकिन अभी तक उसे दुरुस्त नहीं कराया जा सका है। गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए डायलिसिस समय पर होना जीवनरक्षक आवश्यकता है। ऐसे में जिला अस्पताल जैसी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था में यह सुविधा लंबे समय तक बाधित रहना व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

डायलिसिस मशीन जैसी महत्वपूर्ण चिकित्सा सुविधा के लगातार बंद रहने को लेकर अस्पताल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। मरीजों और उनके परिजनों का कहना है कि जब छह-सात दिन में एक खराब मशीन को ठीक नहीं कराया जा सका, तो गंभीर मरीजों को समय पर बेहतर उपचार और आवश्यक सुविधाएं कैसे मिल पाएंगी।

जिला चिकित्सालय के सिविल सर्जन डॉ. परस्ते की कार्यप्रणाली को लेकर भी मरीजों के परिजनों में नाराजगी है। उनका कहना है कि इतने गंभीर विषय पर तत्काल पहल और वैकल्पिक व्यवस्था की आवश्यकता थी। मरीजों और उनके परिजनों ने मांग की है कि डायलिसिस मशीन जल्द से जल्द चालू कराई जाए, ताकि गंभीर बीमारी से जूझ रहे मरीजों को इलाज के लिए दर-दर भटकने और अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाने से राहत मिल सके।

चोरी के मामले में दो आरोपी गिरफ्तार, समर्सियल पम्प जब्त


अनूपपुर

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा समर्सियल पंप चोरी के मामले में समर्सियल पंप बरामद कर दो आरोपियो को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

श्रीकान्त मिश्रा पिता अम्बिका प्रसाद मिश्रा उम्र 50 वर्ष निवासी वार्ड न. 01 सामतपुर के द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि हरिनारायण खेड़िया के ग्राम मानपुर के प्लान्टेशन में लगे टेक्समो कंपनी का डेढ हार्स पावर का समर्सियल पंप को कोई अज्ञात चोर चोरी कर ले गया है। रिपोर्ट करने पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 460/26 धारा 303(2) मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम ने आरोपी राकेश उर्फ दादू बैगा पिता नानबाबू बैगा उम्र 25 वर्ष निवासी मानपुर, सूरज महरा पिता संतोष महरा उम्र 26 वर्ष निवासी टिकुरीटोला मानपुर से जोरा तालाब के पास मानपुर से चोरी किया गया डेढ हार्स पावर का समर्सियल पंप कीमती 26000 रूपये एवं विद्युत तार तथा प्लास्टिक की रस्सी कीमती 5000 रूपये कुल 31000 रूपये का सामान जप्त कर आरोपियो को गिरफ्तार किया गया है। कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियो से अन्य चोरियों के मामलो में पूछताछ की जा रही है।

कुआं में गिरा युवक, गंभीर हालात में अस्पताल में चल रहा इलाज


अनूपपुर

जिला मुख्यालय से 6 किलोमीटर दूर स्थित कर्राटोला गांव में अचानक युवक खेत के कुआं में गिर जाने पर परिजनों एवं पड़ोसियों के द्वारा निकाल कर जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाकर भर्ती कराया जिसकी हालात नाजुक बनी हुई है।

घटना के संबंध में युवक के पिता जागेश्वर सिंह ने बताया की दोपहर में अपनी पत्नी एवं 18 वर्ष पुत्र उत्तम सिंह के साथ गांव से बाहर घर के पास खेत में काम कर रहे थे, तभी अचानक 18 वर्षीय पुत्र उत्तम सिंह कुआं में गिर गया, जिसके गिरने की आवाज आते ही मां देखकर हो हल्ला करने पर वह स्वयं एवं परिजनो तथा पड़ोसियों द्वारा उत्तम को कुंआ से बाहर निकाल कर मोटरसाइकिल से जिला चिकित्सालय अनूपपुर लाकर  चिकित्सकों को दिखाते हुए उपचार हेतु भर्ती किया गया है, जिसकी दोपहर बाद तक स्थिति गंभीर बनी हुई है युवक का चिकित्सकों द्वारा उपचार किया जा रहा है।

जेल भरो आंदोलन को मिला व्यापक समर्थन, सैकड़ों किसान मजदूर एवं महिलाओं ने दी गिरफ्तारी

*मजदूरो को फिर से बंधुआ बनाने की साजिश*


अनूपपुर

संयुक्त ट्रेड यूनियन एवं संयुक्त किसान मोर्चा के राष्ट्रीय आव्हान पर जिला मुख्यालय अनूपपुर में जेल भरो आंदोलन का व्यापक असर देखने को मिला। जेल भरो आंदोलन का नेतृत्व सीटू जिला समिति अनूपपुर, मध्यप्रदेश किसान सभा जिला समिति अनूपपुर,अखिल भारतीय जनवादी महिला समिति अनूपपुर एवं आदिवासी एकता महासभा जिला समिति अनूपपुर के अगुआई में सैकड़ों के तादाद में गिरफ्तारी दी गई। गिरफ्तारी के पूर्व आमसभा का आयोजन किया गया।

आमसभा को महिला एवं किसान नेत्री कामरेड नीना शर्मा ने संबोधित करते हुए कहीं कि भाजपा नेतृत्व वाली एनडीए सरकार में आज देश में हर तरफ हमले हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि 42 श्रम कानून खत्म कर 4 लेबर कोड लाए। अब फैक्ट्री बंद करो, हड़ताल मत करो, 12 घंटे काम करो। मजदूर को फिर से बंधुआ बनाने की साजिश है। सारी सरकारी नौकरी ठेके और आउटसोर्स में बदल दी।अमेरिका से डील करके हमारी मंडी विदेशी माल के लिए खोल दी। डेयरी, सोयाबीन, मक्का सब बर्बाद। ऊपर से मनरेगा को कमजोर कर दिया। खेत मजदूर को भूखा मरने पर छोड़ दिया।

जल, जंगल, जमीन छीनी जा रही है। कॉरपोरेट को सब सौंप दिया। महंगाई, बेरोजगारी और अत्याचार बढ़े। महिला आरक्षण के नाम पर सिर्फ सत्ता की राजनीति हो रही है। बिना शर्त महिला आरक्षण लागू करवाने के लिए पिछले 17 दिन से हमारी बहनें जंतर मंतर पर बैठी हैं, पर सरकार के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही।

व्यापमं, NEET, CUET, SSC... हर परीक्षा में घोटाला। होनहार छात्रों का हक मारा जा रहा है। जब छात्रों ने आवाज उठाई तो उन्हें कुचला गया। लेकिन बच्चों ने बता दिया कि तानाशाहों से मजाक-मजाक में भी लड़ा जाता है। अडानी-अम्बानी को मजबूत करने के लिए और 140 करोड़ जनता को बदहाल करने के लिए।

नेताओ ने कहा की साथियों, ये सरकार दमन करती है। पर न किसान झुका, न मजदूर झुका, न छात्र झुके, न महिलाएं झुकीं। इसलिए अब वक्त है - इस क्रूर और तानाशाह सरकार की मनमानी रोकने का। आगामी समय में लड़ाई और तेज करनी होगी। सैकड़ों कार्यकर्ता ने गिरफ्तारी दी और उन्हें पुलिस वाहन में ठूंस कर जेल भेजने की कार्यवाही की गई, और बिना शर्त के रिहा किया गया।

अवैध रूप से 15 जानवर परिवहन करते दो पीकप जब्त, मामला दर्ज


अनूपपुर

थाना भालूमाडा पुलिस के द्वारा मुखबिर की सूचना पर त्वरित कार्यवाही करते हुए दो अलग अलग स्थानों पर रेड कार्यवाही किया गया। हरद रेलवे अण्डर ब्रिज के पास घेराबंदी किया गया, पुलिस को देखकर एक सफेद रंग की बिना नम्बर का पीकप वाहन का चालक अपनी पीकप को खडा कर जंगल तरफ भाग गया, बिना नम्बर के वाहन को चेक किया गया तो उसमे 05 नग भैंसा एवं 02 नग भैंसी, कुल 07 नग मवेशियों को क्रूरता पूर्वक ठूस ठूस कर लोड पाया गया। दूसरे मामले में जीएम आफिस के सामने जमुना में घेराबंदी किया तो भालूमाडा तरफ से आ रहे पीकप वाहन क्रमांक 65 ZD 4094 का चालक पुलिस को देख कर अपनी पीकप वाहन को खडा कर भाग गया। वाहन क्रमांक 65 ZD 4094 को चेक किया गया तो उसमे 03 नग भैंसी एवं 05 नग भैसा कुल 08 नग मवेशियों को क्रूरता पूर्वक लोड कर परिवहन करते पाया गया। उक्त दोनो पीकप वाहन कीमत 10 लाख रुपये एवं कुल 15 नग मवेशी कीमती 3,00,000 रुपये कुल कीमती 13 लाख रुपये को जप्त किया।  दोनो वाहन अज्ञात चालको के विरूद्ध अपराध क्रमांक 226/2026 एवं 227/2026 धारा पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11(घ) म.प्र. कृषक पशु परिरक्षण अधि. की धारा 4, 6, 6(क), 9, 10, 11 एवं 66/192 एम.व्ही. एक्ट का कायम कर विवेचना में लिया गया।

सड़क-बिजली-पानी और सफाई की स्थिति बदहाल, चारो तरफ फैला कचरा, लोग परेशान, बीमारी का बढा खतरा

*नपा कर्मचारियों को 2 माह से नही मिला वेतन*


​अनूपपुर

नगर पालिका अनूपपुर क्षेत्र के अंतर्गत सफाई व्यवस्था पूरी तरह पटरी से उतर चुकी है। शहर के सबसे व्यस्ततम इलाकों से लेकर रिहाइशी कॉलोनियों तक हर तरफ गंदगी का अंबार नजर आ रहा है। स्थानीय नगर प्रशासन द्वारा नियमित और समय पर साफ-सफाई न कराए जाने के कारण आम जनता को बदबू और बीमारियों के खतरे के बीच जीने को मजबूर होना पड़ रहा है।

नगर के प्रमुख मार्गों के साथ-साथ बस स्टैंड रेलवे स्टेशन चौक व कॉलोनियों में समय पर साफ सफाई नहीं होती बल्कि यात्रियों की भारी आवाजाही वाले इन क्षेत्रों में चारों तरफ प्लास्टिक, डिस्पोजल और जूठन का ढेर लगा रहता है, जिससे बाहर से आने वाले लोगों के बीच शहर की छवि धूमिल हो रही है।

सामतपुर मंदिर, शंकर मंदिर, इंदिरा तिराहा, मढ़िया माता मंदिर, रामधन के मंदिर के साथ-साथ अन्य धार्मिक व आस्था  केंद्रों के आसपास भी कचरे का फैलाव रहता है। सावन माह मेंपूजा-पाठ के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को दुर्गंध के बीच से होकर गुजरना पड़ता है।

जिला अस्पताल के समीप फैली गंदगी स्वास्थ्य सेवाओं पर बड़ा सवालिया निशान खड़ी कर रही है। जहां मरीजों को साफ-सफाई मिलनी चाहिए, वहां मक्खियों और दुर्गंध का बोलबाला है। नगर के जिम्मेदार जनप्रतिनिधि एवं स्वच्छता प्रभारी व मुख्य नगर पालिका अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं जिसके चलते लोग गंदगी के शिकार हो रहे हैं। वही खराब स्ट्रीट लाइटों के कारण कई वार्ड अंधेरे में डूबे रहते हैं। सड़कों के गड्ढे हादसों को न्योता दे रहे हैं और पेयजल सप्लाई की अनिमियता लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।

नपा कर्मचारियों को पिछले 2 महीनों से वेतन का भुगतान नहीं किया गया है। वेतन न मिलने के कारण कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है और उनके घर का चूल्हा जलना भी मुश्किल हो रहा है। इसके बावजूद, कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर शासन और प्रशासन से गुहार लगा रहे हैं। यदि जल्द ही कर्मचारियों का वेतन जारी नहीं किया गया और सफाई व मूलभूत सुविधाओं में सुधार नहीं हुआ, तो नागरिक और कर्मचारी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

इनका कहना है।

डेलीवेज कर्मचारी एवं स्वच्छता कर्मचारियों को लगातार वेतन मिल रहा है जो रेगुलर कर्मचारी हैं उनका वेतन न मिलने का मुख्य कारण वित्तीय व्यवस्था है उसके लिए प्रयास है कि उन्हें भी सैलरी तत्काल दिया जाएगा 

*शशांक सिंह आर्मो, सीएमओ, अनूपपुर*

अमरकंटक में आस्था भी ‘शुल्क’ के घेरे में, अलग-अलग स्थानों पर शुल्क वसूली पर पर्यटकों का सवाल


अनूपपुर

मां नर्मदा की उद्गम भूमि, प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल तथा प्राकृतिक सौंदर्य से परिपूर्ण पवित्र नगरी अमरकंटक में देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु और पर्यटक आस्था, अध्यात्म एवं प्रकृति का आनंद लेने पहुंचते हैं। लेकिन वर्तमान समय में अमरकंटक के विभिन्न दर्शनीय एवं पर्यटन स्थलों पर अलग-अलग मदों में लिए जा रहे शुल्क को लेकर पर्यटकों के बीच चर्चा और सवाल उठने लगे हैं।

पर्यटकों के अनुसार वर्तमान में अमरकंटक में करीब सात अलग-अलग स्थानों अथवा सुविधाओं के नाम पर शुल्क लिया जा रहा है। इनमें रामघाट एवं इंद्रदमन तालाब के पास पार्किंग शुल्क, दिगंबर जैन सर्वोदय तीर्थ क्षेत्र में पार्किंग शुल्क, सोनमुड़ा में ग्लास व्यू-प्वाइंट शुल्क, रामघाट में रामसेतु झूला पुल का शुल्क, कपिलधारा में पार्किंग शुल्क, कपिलधारा ग्लास व्यू-प्वाइंट का शुल्क तथा कपिलधारा पार्किंग से ग्लास व्यू-प्वाइंट की ओर जाने वाले मार्ग पर बैरियर पर लिया जाने वाला शुल्क शामिल बताया जा रहा है।

इन विभिन्न स्थानों पर लिए जा रहे शुल्क को लेकर पर्यटकों के बीच एक अहम सवाल यह भी है कि इनमें से कौन-कौन से शुल्क शासकीय हैं, कौन से अधिकृत संस्थाओं द्वारा लिए जा रहे हैं और किस शुल्क के बदले कौन-कौन सी सुविधाएं उपलब्ध कराई जानी हैं? कई स्थानों पर शुल्क की अधिकृतता और उसके उपयोग को लेकर आम पर्यटकों के बीच स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं होने से पारदर्शिता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।

पर्यटकों का कहना है कि शुल्क लेने से उन्हें मूलतः कोई आपत्ति नहीं है। यदि पर्यटन स्थलों के रखरखाव, स्वच्छता, सुरक्षा, पार्किंग और सुविधाओं के विकास के लिए शुल्क आवश्यक है तो इसे व्यवस्थित एवं पारदर्शी तरीके से लिया जाना चाहिए। अमरकंटक के विभिन्न पर्यटन स्थलों पर अलग-अलग शुल्क लेने के बजाय एक ही निर्धारित स्थान पर एकीकृत पर्यटन शुल्क लिया जाए। 

नल जल योजना के आपरेटरो की बैठक सम्पन्न, जेल भरो आंदोलन में होंगे शामिल


अनूपपुर

नल जल योजना में कार्यरत आपरेटरो की बैठक सम्पन्न हुआ। बैठक को संबोधित करते हुए सीटू नेता कामरेड जुगुल किशोर राठौर ने कहा कि, आदिवासी के नाम से बनीं योजना का लाभ आदिवासियों को नहीं मिल पा रहा है, इसका मुख्य कारण यह है कि आदिवासी के नाम से वोट लेकर निर्वाचित प्रतिनिधि दर असल में कार्पोरेट घरानों की दलाली करने में लीन हैं, जिसके कारण आदिवासियों की लूट बेरोकटोक एवं बेखौफ होकर की जा रही है। यही वजह है कि  जनप्रतिनिधियों के प्रति जनता का विस्वास कम हो रही है और लोकतंत्र पर विस्वास भी कमजोर होती जा रही है। 

उन्होंने कहा कि जिला एवं सम्भाग का नेतृत्व करने वाले बड़े नेता पुष्पराजगढ़ के निवासी हैं, लेकिन विगत 7-8 वर्षों से मध्यप्रदेश शासन का उपक्रम मध्यप्रदेश जल निगम मर्यादित परियोजना क्रियान्वयन इकाई शहडोल के ठेकेदार सीएम आर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राईवेट लिमिटेड के द्वारा मध्यप्रदेश शासन श्रम विभाग द्वारा निर्धारित न्यूनतम वेतन से आधे से भी कम वेतन पर काम करवाया जाकर शोषण किया जा रहा है, जिस पर हमारे जनप्रतिनिधियों का कोई सकारात्मक हस्ताक्षेप नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है कि ठेकेदार की इस लूट की जानकारी सांसद हिमाद्री सिंह और पुष्पराजगढ़ विधानसभा क्षेत्र के विधायक फुन्देलाल सिंह मार्कों को नहीं है लेकिन आदिवासियों की इस तरह के शोषण ठेकेदार द्वारा किया जाना इन जनप्रतिनिधियों की भूमिका सवाल के घेरे में आना स्वाभाविक है।

कामरेड जुगुल राठौर ने कहा कि मजदूरों को ठेकेदार के शोषण से बचने का एक मात्र रास्ता संघर्ष है। उन्होंने अपील किया कि 10 अगस्त को जिला मुख्यालय अनूपपुर में जेल भरो आंदोलन में शामिल होकर अपनी हक़ की लड़ाई को मजबूत बनाएं।

45 लाख के मंगल भवन घटिया सामग्री से कराया जा रहा है निर्माण,  गुणवत्ता को लेकर उठे सवाल, जांच में उठी मांग

*दुर्घटना की आशंका*


अनूपपुर

नगर पालिका परिषद कोतमा के वार्ड नंबर 12, गोविंदा कालरी में करीब 45 लाख रुपये की लागत से बन रहे मंगल भवन का निर्माण कार्य गुणवत्ता को लेकर विवादों में घिर गया है। स्थानीय निवासियों ने निर्माण में घटिया सामग्री व मानकों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है।

*भारी लागत पर सवाल* 

करीब 45 लाख रुपये की स्वीकृत लागत से बन रहे इस भवन के लिए स्थानी लोगों का कहना है कि सरकारी धन का सही उपयोग नहीं हो रहा है। उनका आरोप है कि इस बड़ी राशि के अनुरूप निर्माण की गुणवत्तायुक्त नहीं है।

*घटिया निर्माण सामग्री के आरोप*

स्थानीय लोगों का दावा है कि निर्माण स्थल पर इस्तेमाल हो रही ईंट, सीमेंट और रेत की गुणवत्ता मानक से कम है। उनका कहना है कि सरकारी गाइडलाइन और तकनीकी मापदंडों का पालन नहीं किया जा रहा है।

*नींव और मजबूती पर चिंता*

स्थानी निवासियों ने आशंका जताई है कि भवन की नींव और दीवारें कमजोर बनाई जा रही हैं, जिससे आने वाले समय में भवन की सुरक्षा पर खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने भविष्य में किसी बड़ी दुर्घटना को लेकर आशंका जताई है ।

*प्रशासन से जांच की मांग*

मामले को गंभीरता से लेते हुए ग्रामीणों ने नगर पालिका प्रशासन और जिला कलेक्टर से तत्काल निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार व निर्माण कराने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।

*इनका कहना है* 

आपके द्वारा हमको जानकारी प्राप्त हुई है, इंजीनियर को भेज कर दिखवा लेते हैं

*अजय सराफ नगर पालिका अध्यक्ष कोतमा*

डिजनीलैंड मेले में सुरक्षा पर सवाल, झूला हादसे, पार्किंग से साइकिल चोरी व सुविधाओं के अभाव को लेकर उठे सवाल


अनूपपुर

कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक-7 में संचालित डिजनीलैंड मेले की व्यवस्थाओं को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और परिवार मेले में पहुंच रहे हैं, लेकिन स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि सुरक्षा और मूलभूत सुविधाओं के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। हाल के दिनों में झूला हादसे और पार्किंग से साइकिल चोरी जैसी घटनाओं के बाद लोगों में चिंता और बढ़ गई है।

स्थानीय लोगों के अनुसार मेले में प्रवेश करने वाले वाहनों की सुरक्षा के लिए कोई प्रभावी पार्किंग व्यवस्था नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले पार्किंग क्षेत्र से एक साइकिल चोरी हो गई, जिससे सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

लोगों का कहना है कि मेले में लगे यांत्रिक झूलों की नियमित जांच और तकनीकी परीक्षण आवश्यक है। आरोप है कि दो दिन पूर्व झूला टूटने से जमुना कॉलरी निवासी एक परिवार के सदस्य घायल हो गए थे। घटना के बाद मेला प्रबंधन और प्रभावित परिवार के बीच विवाद की स्थिति भी निर्मित हुई। हालांकि, इस घटना को लेकर संबंधित विभाग की ओर से कोई आधिकारिक जांच रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।

प्रवेश के लिए प्रति व्यक्ति 20 रुपये शुल्क लिया जा रहा है, जबकि टिकट पर शासकीय अनुमति अथवा कर संबंधी जानकारी स्पष्ट रूप से अंकित नहीं है। मेले में कई स्थानों पर खुले बिजली के तार दिखाई दे रहे हैं। इसके अलावा फायर सेफ्टी, प्राथमिक उपचार केंद्र, आपातकालीन निकास द्वार, सुरक्षित पार्किंग और पेयजल जैसी आवश्यक सुविधाओं की भी कमी महसूस की जा रही है। 

इस संबंध में अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कोतमा टी. आर. नाग ने कहा कि उन्हें मेले में अव्यवस्थाओं की जानकारी नहीं थी। उन्होंने बताया कि मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को मामले की जांच के निर्देश दिए जाएंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

संदिग्ध अवस्था में युवक का मिला शव, मौत का कारण अज्ञात, जांच में जुटी पुलिस


अनूपपुर

कोतमा नगर के व्यस्ततम बस स्टैंड मार्ग पर बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब सड़क किनारे एक युवक का शव संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय नागरिकों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस और नगर पालिका की टीम घटनास्थल पर पहुंची।

मृतक की पहचान अशोक चौहान (35 वर्ष), पिता भारत चौहान, निवासी जमुना कॉलोनी वार्ड क्रमांक-6, कोतमा के रूप में हुई है। पुलिस ने आवश्यक पंचनामा कार्रवाई पूरी कर शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।

घटना नगर के सबसे व्यस्त क्षेत्रों में से एक बस स्टैंड मार्ग पर हुई, जिसके चलते आसपास के लोगों में भय और असुरक्षा का माहौल देखा गया। घटना की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।

संकल्प महाविद्यालय ने मनाया 10वां स्थापना दिवस, संघर्ष, समर्पण व उत्कृष्ट शिक्षा के 9 वर्षों का गौरवशाली सफर

*एक हजार से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक व संस्कारयुक्त कर रही है शिक्षा प्रदान*


अनूपपुर

संकल्प ग्रुप ऑफ कॉलेज ने अपने 9 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर 10वां स्थापना दिवस उत्साह, गरिमा और सामाजिक सरोकारों के साथ मनाया। इस अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम सहित अनेक गणमान्य अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

मुख्य अतिथि जगन्नाथ मरकाम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि "शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर समाज और सशक्त राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है।" उन्होंने युवाओं से अनुशासन, मेहनत, सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारियों को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में अतिथि के रूप में अनूपपुर रेड क्रॉस समिति के सभापति डॉक्टर आर पी सोनी, अनूपपुर रक्षित निरीक्षक ज्योति दुबे जी के साथ - साथ जिले के गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार बंधु उपस्थित रहे।

संकल्प ग्रुप ऑफ कॉलेज के डायरेक्टर अंकित शुक्ला ने संस्था की यात्रा साझा करते हुए कहा कि संकल्प की शुरुआत सीमित संसाधनों और एक छोटे से कार्यालय से हुई थी। आज संस्था 9 वर्षों की सफल यात्रा पूरी कर अपने 10वें स्थापना वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और एक हजार से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान कर रही है।

स्थापना दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समारोह को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के दौरान संस्था की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया तथा शिक्षा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के संकल्प को दोहराया गया।

इस अवसर पर डायरेक्टर अंकित शुक्ला ने अपने जन्मदिन को सामाजिक सेवा के रूप में मनाते हुए विकलांग छात्रावास, ममता बाल गृह एवं वृद्धाश्रम में पहुंचकर जरूरतमंदों के बीच आवश्यक सामग्री एवं उपहार वितरित किए।

कार्यक्रम के अंत में कॉलेज परिवार ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आने वाले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने का संकल्प लिया।

6 करोड़ की सड़क योजना अधूरी, बीच सड़क में खड़े बिजली के खंभे से हो रहा दुर्घटना, लोगो मे आक्रोश


अनूपपुर

धार्मिक तीर्थ एवं पर्यटन नगरी अमरकंटक में भारत सरकार के हुडको से वित्तपोषित आईडीएसएमटी  योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से वर्षों पूर्व शहडोल–अनूपपुर मुख्य मार्ग पर दोहरे सीमेंट-कंक्रीट सड़क निर्माण का कार्य कराया गया था। यह निर्माण कार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नाका तिराहा से पुराने स्टेट बैंक शाखा, कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन विद्यालय, रे वा पेट्रोलियम तथा पुलिस थाना के सामने होते हुए पाल बंगला (अध्यक्ष निवास) तक कराया गया।

किन्तु आश्चर्यजनक रूप से सड़क का दूसरा भाग आज तक अधूरा पड़ा हुआ है। नाका तिराहा से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सामने तक बनने वाला द्वितीय मार्ग अब तक प्रारंभ नहीं किया गया, जिससे सड़क निर्माण योजना अधूरी अवस्था में ही दिखाई देती है।

सबसे गंभीर चिंता का विषय यह है कि मार्ग के बीचों-बीच स्थित तीन विद्युत पोल आज भी यथावत खड़े हैं। सड़क का डिवाइडर इन खंभों तक पहुंचकर समाप्त हो जाता है, जिसके कारण वाहन चालकों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है। रे वा पेट्रोलियम एवं पुलिस थाना के सामने तथा विद्युत मंडल पावर हाउस के समीप होटल के बगल में स्थित विद्युत खंभे विशेष रूप से दुर्घटना की आशंका को बढ़ा रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार इन खंभों के कारण कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस संबंध में नगर परिषद, विद्युत विभाग तथा स्थानीय प्रशासन को अनेक बार अवगत कराया जा चुका है, किंतु आज तक न तो विद्युत पोलों को स्थानांतरित किया गया और न ही अधूरी सड़क का निर्माण पूर्ण कराया गया। विद्युत खंभों को हटाकर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया गया, तो भविष्य में कोई भी गंभीर सड़क दुर्घटना हो सकती है।

जनादेश का हुआ अपमान, पार्षद चुनाव में जनता ने नकारा, हारे हुए प्रत्याशी को बना दिये एल्डरमैन, संगठन की कार्यशैली पर सवाल


अनूपपुर 

लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि माना जाता है। एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान यही है कि वह जनादेश का सम्मान करते हुए अपनी राजनीति को जन-सेवा के प्रति समर्पित रखे। लेकिन आज के दौर में नेताओं की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं नैतिक मूल्यों पर भारी पड़ती दिखाई दे रही हैं। ऐसा ही एक ताजा और विवादित मामला नगर परिषद बरगवां से सामने आया है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता संगठन ने जनता द्वारा पूरी तरह नकारे जा चुके नेताओं को पिछले दरवाजे से एंट्री दे दी है।

हाल ही में घोषित हुए मनोनीत पार्षदों की सूची के बाद क्षेत्र की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस सूची में मुख्य रूप से उन चेहरों को शामिल किया गया है, जो वार्ड पार्षद का चुनाव बुरी तरह हार चुके थे। इसमें बड़ा नाम संदीप पुरी का है कांग्रेस की अर्चना यादव से जो वार्ड सदस्य का चुनाव हारकर मैदान से बाहर हो गया था। वहीं दूसरा प्रमुख नाम अजय सिंह का है, जिन्हें संजय नगर की जनता ने पूरी तरह नकार दिया था।

अब स्थानीय जनता और राजनीतिक गलियारों में यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि जब जनता ने इन नेताओं को एक बार पूरी तरह अस्वीकार कर दिया, तो फिर संगठन ने इन्हें मनोनीत पार्षद बनाकर पिछले दरवाजे से नगर परिषद में प्रवेश क्यों कराया? क्या यह सीधे तौर पर जनता के फैसले और लोकतंत्र का अपमान नहीं है?

इस फैसले से भाजपा के उन निष्ठावान कार्यकर्ताओं और जमीनी नेताओं में भारी असंतोष और निराशा है, जो वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि संगठन को ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं को मौका देना चाहिए था, जो चुनाव के वक्त सच्चे सिपाही की तरह पार्टी प्रत्याशी को जिताने के लिए तन, मन और धन से जुटे रहते हैं। हारे हुए प्रत्याशियो को यदि  संगठन को उपकृत करना ही था  तो नेताओं की योग्यता अनुसार संगठन के किसी दायित्व की जिम्मेदारी सौंप दी तो दूसरे दल से आए हुए इन नेताओं का भारतीय जनता पार्टी की संस्कृति से परिचय तो हो जाता है।

आशीर्वाद हॉस्पिटल में चेस्ट के जटिल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, 46 वर्षीय महिला को मिला नया जीवन


 अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर में पिछले आठ वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी विश्वसनीय पहचान बना चुका आशीर्वाद हॉस्पिटल एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं को लेकर चर्चा में है। अस्पताल के अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने एक बेहद जटिल एवं चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलता पूर्वक अंजाम देकर 46 वर्षीय महिला मरीज को नया जीवन प्रदान किया है। इस सफलता के बाद अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। अस्पताल में भर्ती 46 वर्षीय महिला प्रमिला राठौर के सीने (चेस्ट) में एक जटिल गांठ (ट्यूमर) से पीड़ित थी। यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही थी और मरीज को सांस लेने सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जांच के बाद डॉक्टरों ने इसे अत्यंत संवेदनशील मामला मानते हुए तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। अस्पताल संचालक डॉ. सुनील गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में गठित विशेषज्ञ टीम ने पूरी तैयारी और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का उपयोग करते हुए इस क्रिटिकल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन में डॉ. देवेंद्र नरवरिया, डॉ. आर.पी. द्विवेदी एवं डॉ. गुड़िया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉक्टरों की टीम की विशेषज्ञता, अनुभव और सतर्कता के चलते जटिल सर्जरी बिना किसी गंभीर जटिलता के सफल रही। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार देखा जा रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर सही इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकी। न्यूनतम शुल्क में आधुनिक उपचार की सुविधा आशीर्वाद हॉस्पिटल पिछले आठ वर्षों से अनूपपुर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। अस्पताल में लगभग 20 सदस्यीय प्रशिक्षित एवं समर्पित स्टाफ मरीजों की देखभाल में लगातार सेवाएं दे रहा है। आधुनिक जांच एवं उपचार सुविधाओं के साथ यहां सामान्य से लेकर जटिल बीमारियों का इलाज भी किया जा रहा है, जिससे मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम पड़ रही है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लगभग 200 मरीजों का सफल एवं पूरी तरह निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। अस्पताल लगातार शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अस्पताल किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

 श्रावण के प्रथम सोमवार उमड़ा आस्था का सैलाब, कांवड़ में नर्मदा जल लेकर ज्वालेश्वर धाम पहुंचे हजारों श्रद्धालु


अनूपपुर

देवाधिदेव भगवान शिव को समर्पित पावन श्रावण मास के प्रथम सोमवार को मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक शिवभक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आई। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही मां नर्मदा उद्गम मंदिर, प्राचीन शिवालयों और धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा।

देश के विभिन्न राज्यों सहित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा उद्गम कुंड में पूजा-अर्चना कर विधि-विधान से पवित्र जल भरा और कांवड़ में जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए ज्वालेश्वर धाम की ओर प्रस्थान किया। श्रद्धालुओं की टोलियां पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन करते हुए शिवभक्ति में लीन दिखाई दीं।

विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमालाओं के मध्य स्थित अमरकंटक को मां नर्मदा की पावन जन्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां नर्मदा का जल स्वयं सिद्ध और पुण्यदायी माना जाता है। श्रावण मास में यहां से जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने का विशेष महत्व है। इसी आस्था के चलते प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचकर अपनी धार्मिक यात्रा का शुभारंभ करते हैं।

अमरकंटक से कुछ दूरी पर स्थित प्राचीन ज्वालेश्वर महादेव मंदिर श्रावण मास में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है। श्रद्धालु उद्गम कुंड से नर्मदा जल भरकर कई किलोमीटर की पैदल यात्रा तय करते हुए ज्वालेश्वर धाम पहुंचते हैं। 

प्रथम श्रावण सोमवार को मां नर्मदा मंदिर, श्री ज्वालेश्वर महादेव, श्री यंत्र मंदिर, प्राचीन शिवालयों एवं अन्य देवालयों में विशेष पूजन, रुद्राभिषेक और शिव आराधना का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प और नर्मदा जल अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। दिनभर मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ बनी रही।

पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज


अनूपपुर

मध्यप्रदेश पटवारी संघ भोपाल के आह्वान पर सोमवार से अनूपपुर जिले के सभी पटवारी अपनी पांच सूत्रीय मांगों के समर्थन में चरणबद्ध आंदोलन के अंतिम चरण में प्रवेश करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के पहले दिन पटवारियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर अनूपपुर को ज्ञापन सौंपा तथा अपने बस्ते एवं राजस्व अभिलेख संबंधित तहसील कार्यालयों में जमा कर दिए।

पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर के अध्यक्ष चेतन सिंह मरावी ने बताया कि प्रदेशभर के पटवारी लंबे समय से अपनी पांच सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसके विरोध में मध्यप्रदेश पटवारी संघ के निर्देशानुसार अनूपपुर जिले की सभी तहसीलों के पटवारियों ने सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारंभ कर दी है।

संघ ने कैडर रिव्यू लागू कर पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान का लाभ, नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा का नियमित आयोजन, पटवारियों को जज प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में शामिल करने, विभिन्न योजनाओं के लंबित मानदेय एवं भुगतानों का शीघ्र भुगतान,पटवारी संघ के पदाधिकारियों के स्थानांतरण नियमों के विरुद्ध किए गए तबादलों को निरस्त करने की मांग उठाई है।

संघ का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल के चलते नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, आय, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्रों के लिए आवश्यक राजस्व प्रतिवेदन सहित पटवारियों से संबंधित विभिन्न राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

सावन के प्रथम सोमवार पर रामेश्वर महादेव मंदिर में होगा 51 परिवारों का सामूहिक रुद्राभिषेक


अनूपपुर

पवित्र श्रावण मास के प्रथम सोमवार, 3 अगस्त 2026 को दोपहर 12:00 बजे से रामेश्वर महादेव मंदिर, टैक्सी स्टैंड, वार्ड क्रमांक 3, जमुना कॉलोनी में करौली शंकर महादेव दरबार शंकर सेना जिला अनूपपुर के तत्वावधान में 51 परिवारों का भव्य सामूहिक रुद्राभिषेक एवं शिव आराधना का आयोजन किया जाएगा।

आयोजन के दौरान भगवान भोलेनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधानपूर्वक रुद्राभिषेक, पूजन एवं आराधना संपन्न होगी। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्र, समाज एवं समस्त मानवता के सुख, शांति, समृद्धि तथा "रोग मुक्त, शोक मुक्त भारत" की मंगलकामना करना है।

आयोजन समिति ने क्षेत्र के समस्त शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान शिव का अभिषेक एवं पूजन करने तथा इस आध्यात्मिक आयोजन का पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं।

सावन का प्रथम सोमवार भगवान शिव की उपासना का विशेष पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन श्रद्धा एवं भक्ति भाव से किए गए रुद्राभिषेक से सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसी भावना के साथ क्षेत्र के श्रद्धालु एकत्र होकर भगवान भोलेनाथ का सामूहिक अभिषेक करेंगे तथा राष्ट्र एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना करेंगे।

शंकर सेना की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती हनी सुनील चौरसिया एवं अनूपपुर जिला अध्यक्ष राजेश सिंह ने सभी शिवभक्तों से इस पावन आयोजन में परिवार सहित शामिल होकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget