अवैध कोयला उत्खनन के विरोध में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन


शहडोल

शिवसेना शहडोल संभाग अध्यक्ष पवन पटेल के के नेतृत्व में 2 फरवरी को शिवसैनिकों द्वारा केशवाही पुलिस चौकी अंतर्गत बढ़ते अपराध और कुछ लोगों के द्वारा किए जा रहे अवैध कोयला उत्खनन, गांव गली मोहल्लों में अवैध अंग्रेजी शराब बिक्री के विरोध में पुलिस चौकी के बाहर धरना प्रदर्शन किया गया। धरना प्रदर्शन उपरांत केशवाही पुलिस चौकी प्रभारी को पुलिस अधीक्षक शहडोल के नाम ज्ञापन सौंप मांग की है कि शिवपाल भरिया (31 वर्ष) के परिजनों का आरोप है कि वह 14 जनवरी की रात 8 बजे से लापता था, जिसकी सूचना तत्काल केशवाही चौकी में दी गई थी। अगर पुलिस समय रहते सक्रियता दिखाती तो शायद शिवपाल की जान बचाई जा सकती थी। केशवाही क्षेत्र में बढ़ते अपराध को देखते हुए शिवसेना जिला इकाई शहडोल के द्वारा केशवाही चौकी प्रभारी को ज्ञापन सौंप मांग की गई थी कि केशवाही पुलिस चौकी अंतर्गत हो रहे अवैध कोयला उत्खनन, अंग्रेजी शराब पैकारी करने वालों पर कार्यवाही की जाए, परन्तु केशवाही चौकी प्रभारी द्वारा यह कृत्य करने वाली को पूरी तरह छूट दे के रखे हैं या जान कर भी अंजान बने हुए हैं। सेमरिया चौक और पकारिहा में अंग्रेजी शराब की बिक्री करवाई जा रही है, जिससे प्रतिदिन गांव मोहल्ले में विवाद की स्थिति उत्पन्न होती है। कठना नदी मरखी माता के पास में ही अवैध कोयले का उत्खनन जोरो पर है, पर केशवाही चौकी प्रभारी पूरी तरह से अंजान बने हुए हैं।

दो भागों में बंटे हाथी, एक गणेश भगवान ने गणेश के खेत में ढाया कहर रात भर फसलों का किया नुकसान


अनूपपुर

विगत चार दिनों से तीन हाथियों का समूह दो अलग-अलग भागों में बट कर विचरण कर रहे है, जिसमें एक दांत वाला एक गणेश भगवान रविवार एवं सोमवार की मध्य रात्रि वन परिक्षेत्र थाना एवं तहसील अनूपपुर के सोनमौहरी बीट अंतर्गत, ग्राम पंचायत अमगवां के वार्ड क्रमांक 10 डोंगरीटोला,गोहानाला के समीप रविवार की शाम 4 बजे से जंगल से निकल कर, गणेश सिंह पिता अमेर सिंह की चार एकड़ भूमि में लगाए गए गेहूं एवं अरहर की फसल के साथ पड़ोसी रमेश पिता मोतीलाल राठौर के तीन एकड़ की भूमि में लगे गेहूं की फसल को आहार बनाता रहा, इस दौरान कई बार एक अकेले हाथी को पटाखा हल्ला एवं अन्य तरीकों से खेतों से भगाए जाने की कोशिश ग्रामीण जन करते रहे, लेकिन खाने के लालच के कारण यह हाथी लोगों के भगाए जाने पर कुछ दूर पर लेंटाना की झाड़ियों एवं बांस के जंगल में जाकर ठहरने बाद फिर से खेतों में आकर गेहूं एवं अरहर की फसल को घंटे तक खाते रहा, पेट भरने बाद यह हाथी सोमवार की सुबह 4 बजे के लगभग खेत से निकल कर पड़ोस के सोनमौहरी के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है। वही दो हाथियों का समूह रविवार की सुबह वन परिक्षेत्र थाना एवं तहसील जैतहरी के वन बीट धनगवा के झण्डीटोला जंगल जो ग्राम पंचायत के क्योटार के कुसुमहाई ग्राम पंचायत पड़रिया के गोढाटोला,भलुवान घर टोला एवं ग्राम पंचायत कुकुरगोंड़ा के बड़का टोला,मंटोलियाटोला,कोषमटोला से लगा हुआ है जंगल में विश्राम कर रहा है। विगत रात यह दोनों हाथी किसी भी इलाके में जंगल से नहीं निकले हैं, जिनकी हाथी गस्ती दल के कर्मचारी एवं ग्रामीण जन रात भर हाथी के अचानक किसी टोला मोहल्ला में ना जाने को लेकर पूरी रात जाग जाग कर बिताएं।

रेलवे स्टेशन पर नियमों की उड़ाई जा रही खुलेआम धज्जियां, बिना अनुमति तोड़ी गई रेलवे की सुरक्षा दीवार

*घटिया सामग्री से प्लेटफॉर्म विस्तार का आरोप*


अनूपपुर

जिले के कोतमा रेलवे स्टेशन में प्लेटफॉर्म विस्तार निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं के आरोप सामने आए हैं। नगरवासी एवं यात्रियों ने रेलवे प्रशासन और निर्माण एजेंसी पर नियमों की अनदेखी करते हुए मनमाने ढंग से कार्य कराने का आरोप लगाया है। आरोप है कि प्लेटफॉर्म विस्तार के नाम पर रेलवे की सुरक्षा के लिए बनाई गई संपत्ति दीवार को बिना किसी लिखित अनुमति के तोड़ दिया गया, जो सीधे तौर पर रेलवे नियमों और सुरक्षा मानकों का उल्लंघन है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण एजेंसी द्वारा रेलवे द्वारा स्वीकृत एस्टीमेट और गुणवत्ता मानकों को ताक पर रखकर घटिया सामग्री का उपयोग किया जा रहा है। इससे न केवल सरकारी धन की खुली लूट हो रही है, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ गई है। आरोप यह भी है कि निर्माण स्थल पर पारदर्शिता के लिए आवश्यक सूचना बोर्ड तक नहीं लगाया गया है, जिसमें निर्माण एजेंसी का नाम, लागत, संबंधित विभाग और समय-सीमा का उल्लेख होना चाहिए था।

ग्रामीणों ने बताया कि जब इस संबंध में संबंधित अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो आईओडब्ल्यू (इंजीनियरिंग विभाग) सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारी फोन तक नहीं उठा रहे हैं। इससे अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि अधिकारी जवाबदेह होते, तो इस तरह खुलेआम नियमों की अनदेखी नहीं होती।

इस पूरे मामले को लेकर शिकायतकर्ता ने बिलासपुर रेलवे डिवीजन को भी सूचित किया है और मांग की है कि निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराई जाए, गुणवत्तायुक्त निर्माण कराया जाए तथा रेलवे की संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।

वहीं इस मामले में रेलवे स्टेशन अधीक्षक पी एन रजक का कहना है कि रेलवे की संपत्ति यानी सुरक्षा दीवार को निर्माण एजेंसी/ठेकेदार द्वारा तोड़ा गया है और इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों को दी गई है। अब देखना यह है कि रेलवे प्रशासन इस गंभीर मामले में कब तक ठोस कदम उठाता है या फिर यह मामला भी कागजों में दबकर रह जाएगा। यदि शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो नगर वासियों ने आंदोलन की चेतावनी भी दी है।

माघ पूर्णिमा पर श्रद्धालुओं ने नर्मदा में लगाई आस्था की  डुबकी, भक्तों ने किया पूजन, आअर्चना व दर्शन, मांगी मन्नत


अनूपपुर

पवित्र नगरी अमरकंटक में माघ मास की पूर्णिमा के पावन अवसर पर श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। पतित-पावनी पुण्य सलिला मां नर्मदा के तटों पर तड़के भोर से ही भक्तों की भीड़  उमड़ पड़ी। हजारों श्रद्धालुओं ने रामघाट, कोटि तीर्थ घाट कुंड एवं आरंडी संगम पर आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य स्नान किया तथा मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से दर्शन, पूजन एवं अर्चन कर पुण्य लाभ अर्जित किया।

माघी पूर्णिमा के पावन पर्व पर देश के विभिन्न दूरस्थ अंचलों से आए नर्मदा भक्त, तीर्थयात्री, दर्शनार्थी एवं नर्मदा परिक्रमा वासी बड़ी संख्या में अमरकंटक पहुंचे। श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान के उपरांत मां नर्मदा मैया एवं भगवान भोलेनाथ से सर्व मंगल, शांति, सुख-समृद्धि, अमन-चैन एवं परिवार तथा समाज के कल्याण की कामना की। नर्मदा तटों पर हर-हर नर्मदे और बोल बम के जयघोष से संपूर्ण वातावरण भक्तिमय हो उठा।

माघ पूर्णिमा के अवसर पर स्नान-ध्यान एवं पूजन-अर्चन का क्रम प्रातः लगभग 5 बजे से प्रारंभ होकर देर शाम तक अनवरत चलता रहा। इस दौरान नर्मदा नदी के सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं की अच्छी-खासी भीड़ बनी रही। वहीं मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर परिसर में दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी रहीं। इसके साथ ही पवित्र नगरी अमरकंटक के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर भी श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की आवाजाही दिनभर बनी रही, जिससे नगर में विशेष रौनक देखने को मिली।

माघ पूर्णिमा के दृष्टिगत श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को ध्यान में रखते हुए जिला प्रशासन एवं पुलिस विभाग द्वारा सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। जिला पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान, एसडीओपी राजेंद्र ग्राम, नगर निरीक्षक नवीन तिवारी एवं लाल बहादुर तिवारी के नेतृत्व में नर्मदा घाटों, संगम स्थलों एवं नर्मदा मंदिर परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस बल द्वारा निरंतर निगरानी रखी गई, जिससे श्रद्धालुओं ने शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित वातावरण में स्नान, ध्यान एवं दर्शन का लाभ प्राप्त किया।

नाली निर्माण की शिकायत की जांच में भृष्टाचार की बदबू- जुगुल राठौर


अनूपपुर

जनपद पंचायत जैतहरी के ग्राम पंचायत चोरभठी में गुणवत्ता विहीन नाली निर्माण का कार्य, कार्य एजेंसी सरपंच/ सचिव के द्वारा किया गया है। कार्य एजेंसी ने निर्माण कार्य में जब बेश किया जा रहा था खाली गिट्टी बिछाकर ऊपर से लेप लगाकर किया गया है और सरिया छः छः इंच के वजाय आधा आधा मीटर की दूरी से अधिक में लगाया जाकर ढलाई किया गया है। जिसकी शिकायत सीएम हेल्पलाइन में किया गया। शिकायत की जांच शिकायत कर्ता को बिना सूचित किए शिकायत कर्ता के गैरमौजूदगी में किया गया।

शिकायत को निराधार बताया गया और निर्माण कार्य को तकनीकी मानदंडों के अनुरूप बताया गया है। तकनीकी जानकारों की जांच गांव के प्रत्यक्षदर्शियों के गले के नीचे नहीं उतर रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि निर्माण कार्य का फोटो एवं वीडियो बनाकर रखा गया है शिकायतकर्ता एव ग्रामीणजन जांचकर्ता से जानना चाहते हैं कि गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य को तकनीकी मानदंडों के अनुरूप किस आधार पर साबित किया है। ग्रामीणों का कहना है कि भले ही वह तकनीकी का पढ़ाई नहीं किए हैं लेकिन हजारों निर्माण कार्य करके तकनीकी आधार पर निर्माण कार्य कैसे किया जाता है जिसकी गहरी समझ है कि तकनीकी आधार पर निर्माण कार्य कैसे किया जाता है जिसके सम्बन्ध में उन्हें गहरी समझ है। यह जांच ग्रामीणों के हलक से नीचे नहीं उतर रहा है। ग्रामीणों का यह भी कहना है कि भृष्टाचार के जांच में भी बड़ा भृष्टाचार किया गया है । उन्होंने मांग किया है उक्त नाली निर्माण कार्य का जांच , टीम गठित कर शिकायत कर्ता एवं सभी पंच उपसरपंच के मौजूदगी में किये जाने की मांग किया है।

तीन हाथी, तीन दिनों से अलग हो कर रातो में खेतों में लगी फसलों को कर रहे हैं नुकसान

*वन विभाग की दो टीम कर रही है निगरानी*


अनूपपुर

विगत 41 दिनों से तीन हाथियों का समूह अनूपपुर जिले के जैतहरी एवं अनूपपुर तहसील के ग्रामीण इलाकों में विचरण कर रहे हैं, विगत तीन दिनों से एक एवं दो की संख्या में हाथी अलग-अलग होकर घूमते हुए रात के समय ग्रामीणों के खेतों में लगी फसलों को अपना आहार बना रहे हैं। रविवार के दिन एक हाथी अनूपपुर के सोनमौहरी बीट के जंगल में एवं दो हाथी वन परिक्षेत्र एवं थाना जैतहरी के धनगवां बीट के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं।

विगत 22 जनवरी से अनूपपुर थाना तहसील एवं वन परिक्षेत्र के छुलहा भगतबांध भोलगढ सीतापुर पोंडी खांडा मानपुर बरबसपुर में विचरण कर रहे हैं, तीनों हाथी सुबह होते ही जंगलों में प्रवेश कर दिन बिताने बाद देर शाम एवं रात होने पर शहडोल मनेद्रगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग को पोंडी गांव के समीप से निरंतर पार कर ग्रामीणों के खेतों में लगी फसलों को आहार बना रहे हैं, विगत तीन दिनों से तीन हाथियों के समूह से का एक दांत वाला हाथी तथा दो अन्य हाथी दो समूह में बट कर विचरण कर रहे है, शनिवार के दिन एक दांत वाला हाथी पोंडी बीट के जंगल से साम होते ही निकलकर भोलगढ गांव के खेतों में लगी गेहूं अरहर एवं अन्य फसलों को अपना आहार बनाते हुए देर रात ट्रैक्टर एवं हल्ला कर भगाए जाने पर सोननदी को पार कर भगतबांध गांव में खेत में लगे गेहूं की फसल को पूरी रात खाते हुए रविवार की सुबह अपने दो अन्य साथियों की तलाश में ग्राम अमगवां के गोहाटोला में फसलों को खाते हुए, सुबह होने पर सोनमौहरी के जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहा है। वही दो हाथियों का समूह शनिवार के दिन सोन मौहरी बीट के बर्री एवं सेन्दरी सोनमौहरी गांव के मध्य स्थित बोडवा जंगल में दिन बीताने बाद देर शाम को जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत अमगवां के वार्ड क्रमांक 12 गोहाटोला निवासी फसल को खाते हुए अमगवां के नयाटोला पथरहा टोला छुलहा के खिरनाटोला से खिरना नाला पार कर बेलिया अमगवां हाई स्कूल के पीछे से गुवारी टकहुली पटौराटोला होते हुए रविवार की सुबह वन परिक्षेत्र थाना एवं तहसील जैतहरी के वन बीट धनगवां के जंगल जो ग्राम पंचायत केवटार के कुशमहाई गांव से लगा हुआ है, पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं, दो अलग-अलग समूह में बटे हाथियों पर नजर रखने के लिए वन विभाग द्वारा दो टीमें बनाकर हाथियों पर निगरानी रखते हुए ग्रामीण जनों को सचेत एवं सतर्क रहने की निरंतर हिदायतें दी जा रही हैं, वही हाथियों के निरंतर विचरण एवं नुकसान किये जाने पर कई गांव की ग्रामीण रात रात भर जाग कर अपनी एवं गांव की सुरक्षा करने में लगे रहते हैं तीनों हाथी विगत एक सप्ताह से जिला मुख्यालय अनूपपुर के तीन से पांच किलोमीटर की दूरी पर विचरण किए हैं।

नवयुवती से छेड़खानी व मारपीट का फरार आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


अनूपपुर

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा थाना क्षेत्र की एक 20 वर्षीय नवयुवती से बुरी नीयत से छेड़खानी एवं मारपीट के मामले में फरार आरोपी अंकित कोल निवासी ग्राम पोड़ी अनूपपुर को आन्ध्रप्रदेश से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

थाना कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत निवासी 20 वर्षीय नवयुवती के द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 15 दिसम्बर 2025 को सुबह करीब 10.30 बजे वह आईटीआई कालेज अनूपपुर पढने के लिए जा रही थी जो तिपान नदी के पास ग्राम पोड़ी का रहने वाले अंकित कोल ने बुरी नियत से हाथ पकड़कर छेड़खानी की और मना करने पर हाथ मुक्को से मारपीट की गई। उक्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 555/25 धारा 74,115(2),351 (2) बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया गया। जो घटना वारदात दिनांक से ही आरोपी अपने घर एवं गांव से फरार हो गया था।

टी.आई. कोतवाली अरविन्द जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक गोविन्द पनिका, प्रधान आरक्षक विनय बैस, आरक्षक राहुल तिवारी एवं सायबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेन्द्र अहिरवार की टीम के द्वारा फरार आरोपी अंकित कोल पिता लखनलाल कोल उम्र 24 वर्ष निवासी ग्राम पोड़ी थाना कोतवाली अनूपपुर को आन्ध्रप्रदेश के प्रकाशम जिले अंतर्गत थाना बल्लीकुरवा से गिरफ्तार किया गया है। उक्त आरोपी प्रकाशम (आन्ध्रप्रदेश) की टाईल्स फेक्ट्री में काम करके फरारी काट रहा था। कोतवाली पुलिस टीम द्वारा आरोपी को आन्ध्रप्रदेश से गिरफ्तार कर अनूपपुर लाया गया है।

बेरोजगार नवयुवको के साथ नौकरी एवं लोन के नाम पर लाखों की  धोखाधड़ी के आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा कई बेरोजगार नवयुवको को शारदा ओ.सी.एम. बकहो कालरी (जिला शहडोल) में नौकरी दिलाने और बैंक से लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी करने वाले आरोपी राजेश चौहान निवासी विवेकनगर, थाना चचाई के विरूद्ध धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।

पीड़ित आकाश प्रजापति पिता गंगाराम प्रजापति उम्र करीब 23 साल निवासी मंदाकनी होटल के पास, अनूपपुर द्वारा अपने साथ अन्य पीड़ित जनार्दन प्रसाद नापित निवासी जैतहरी, सूरज नापित निवासी संजय नगर,  थाना चचाई एवं अनिल नापित निवासी तहसील के पास अनूपपुर के साथ थाना कोतवाली अनूपपुर पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि दिनांक 29 अक्टूबर 2025 को इसकी जान पहचान राजेश चौहान निवासी विवेकनगर से अनूपपुर में हुई जो विश्वास दिलाया कि उसकी पंजाब नेशनल बैंक,  अनूपपुर में अच्छी जान पहचान है, पंजाब नेशनल बैंक अनूपपुर से दस लाख रूपये का लोन करा दूंगा जिसमें फाईल चार्ज और ऊपरी खर्चा 40000 रूपये लगेगा और दस दिन में लोन पास करा दूंगा। फरियादी आकाश प्रजापति ने राजेश चौहान की बातों पर विश्वास कर 40000 रूपये दें दिए। फिर कई दिन बीत जाने के बाद भी राजेश चौहान द्वारा लोन पास नहीं कराया और रूपये वापस करने के लिए भी टाल मटोल करता रहा। इसी तरह राजेश चौहान ने सूरज नापित निवासी ग्राम सकोला से शारदा माईन्स कालरी अमलाई में नौकरी दिलाने के नाम पर 27000 रूपये नगद लिया,  राजेश चौहान ने जनार्दन प्रसाद नापित निवासी ग्राम बकहो से शारदा माईन्स कालरी अमलाई में नौकरी दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी कर कुल तीस हजार रूपये ले लिये है। इसी तरह राजेश चौहान ने अनिल नापित निवासी चाई से शारदा माईन्स कालरी अमलाई में नौकरी दिलाने पर 85000 रूपये नगद लिया है जिनकी नौकरी भी नहीं लगी है। उक्त रिपोर्ट पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 58/26 धारा 331(4) बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर टी.आई. कोतवाली अरविन्द जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक सुरेन्द्र सिंह, प्रधान आरक्षक शेख रसीद, प्रधान आरक्षक खेमराज मार्को, आरक्षक अब्दल कलीम की टीम के द्वारा आरोपी राजेश चौहान पिता रंजीत चौहान उम्र 28 साल निवासी विवेक नगर, थाना चचाई अनूपपुर को गिरफ्तार किया जाकर विवेचना की जा रही है।

सुलगते सवाल, सत्ता का मद या जनता की प्यास? मंत्री दिलीप जायसवाल के बिगड़े बोलों से बढ़ा विवाद

*अमर्यादित टिप्पणी बन सकता है गले की फांस*


अनूपपुर

नगरपालिका परिषद बिजुरी में दूषित पेयजल की समस्या अब केवल स्थानीय असुविधा नहीं, बल्कि राजनीतिक और सामाजिक बहस का मुद्दा बन चुकी है। काला पानी सप्लाई होने की शिकायतों के बीच जनप्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं। इसी दौरान राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल की पत्रकारों के प्रति कथित अमर्यादित टिप्पणी ने मामले को और तूल दे दिया है। जनता जहां पीने के साफ पानी की मांग कर रही है, वहीं इस मुद्दे पर दिए गए मंत्री के बयान को लेकर जनमानस और मीडिया जगत में नाराज़गी देखी जा रही है।

नगरवासियों का आरोप है कि बिजुरी में फिल्टर प्लांट और टैंकरों के माध्यम से जो पानी सप्लाई किया जा रहा है, वह साफ पेयजल की कसौटी पर खरा नहीं उतर रहा। कई वार्डों में गंदे, बदरंग पानी की शिकायतें सामने आई हैं। अनेक बोरवेल वर्षों से महज कुछ समय तक ही सुचारू रूप से पानी देकर बंद पड़ जाते हैं, जबकी लोग पूरी तरह नगरपालिका सप्लाई पर निर्भर हैं। पानी की गुणवत्ता को लेकर नियमित जांच और पारदर्शिता का अभाव है। कुछ नागरिकों ने पेट और त्वचा संबंधी समस्याएं बढ़ने की आशंका जताई है, हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इस पर कोई आधिकारिक रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई है।

जब इस विषय पर मंत्री दिलीप जायसवाल से सवाल किया गया, तो उनके बयान को लेकर विवाद खड़ा हो गया। उपस्थित पत्रकारों के अनुसार, मंत्री ने कथित रूप से यह टिप्पणी की कि यह पानी बर्तन धोने या सब्जी-भाजी सींचने के उपयोग का है। यह बयान सामने आने के बाद सवाल उठ रहे हैं कि क्या जनता को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी नहीं है? यदि पानी पीने योग्य नहीं है, तो वैकल्पिक व्यवस्था क्या है — इस पर स्पष्टता अब तक नहीं मिल पाई है।

मामले को लेकर स्थानीय पत्रकारों का कहना है कि सवाल पूछने पर मंत्री का रवैया असहज और आक्रामक था। इसे लोकतांत्रिक व्यवस्था में संवाद की स्वस्थ परंपरा के विपरीत बताया जा रहा है। लोकतंत्र में मीडिया को चौथा स्तंभ माना जाता है, और जनसमस्याओं को सामने लाना उसकी जिम्मेदारी है। ऐसे में जनप्रतिनिधियों की ओर से संयमित और जवाबदेह व्यवहार की अपेक्षा की जाती है।

बिजुरी में पेयजल संकट और मंत्री के बयान के बाद अब कई बुनियादी प्रश्न चर्चा में हैं क्या क्षेत्र में पेयजल गुणवत्ता की स्वतंत्र जांच कराई जाएगी? यदि पानी पीने योग्य नहीं, तो सुरक्षित पेयजल की वैकल्पिक व्यवस्था कब तक? क्या जनप्रतिनिधियों द्वारा मीडिया के प्रति कथित असम्मानजनक व्यवहार पर कोई स्पष्टीकरण आएगा? दशकों से एक ही राजनीतिक दल के प्रतिनिधित्व के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव क्या प्रशासनिक विफलता नहीं दर्शाता। बड़ी आबादी नगरपालिका सप्लाई पर निर्भर है, वहां पानी केवल सुविधा नहीं, जीवन का प्रश्न है।राजनीतिक बयानबाज़ी से इतर, लोग ठोस समाधान चाहते हैं साफ पानी, पारदर्शी व्यवस्था और जवाबदेही। 

चार अलग-अलग स्थानों से पुलिस ने 4.2 किलो गांजा किया जप्त, आरोपी, गिरफ्तार मामला दर्ज


अनूपपुर

मुखबिर से प्राप्त सूचना के आधार पर थाना रामनगर पुलिस द्वारा कार्रवाई करते हुए आरोपी दुर्गेश महरा पिता भीमसेन महरा, उम्र 24 वर्ष, के कब्जे से अवैध मादक पदार्थ गांजा 3.093 किलोग्राम (अनुमानित कीमत ₹1,50,000) एवं एक काले रंग की हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल (सोल्ड) अनुमानित कीमत ₹1,00,000, को साक्षियों के समक्ष विधिवत जप्त कर पुलिस कब्जे में लिया गया।

आरोपी दुर्गेश महरा पिता भीमसेन महरा, उम्र 24 वर्ष, निवासी बड़का मोहल्ला झिरिया चौकी केशवाही, थाना बुढार, जिला शहडोल, का उक्त कृत्य धारा 8/20(B) एनडीपीएस एक्ट के अंतर्गत दंडनीय पाए जाने से उसे विधिवत गिरफ्तारी पत्रक के माध्यम से गिरफ्तार किया गया।आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 28/26, धारा 8/20(B) एनडीपीएस एक्ट पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। तत्पश्चात आरोपी को न्यायालय अनूपपुर में पेश किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेजा गया।

*अनूपपुर से तीन आरोपी गांजा सहित गिरफ्तार* 


अनूपपुर कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा ताबड़तोड़ रेड कर तीन आरोपियों को रंगे हाथ अवैध मादक पदार्थ गांजा सहित पकड़ा जाकर कार्यवाही की गई है। सुनीता बाई कोरी पति रामभजन कोरी उम्र 62 वर्ष निवासी वार्ड न. 15 पुरानी बस्ती अनूपपुर से 451 ग्राम कीमती 4510 रूपये का जप्त कर अपराध क्रमांक 51/26 धारा 8/20 बी एन.डी.पी. एस. एक्ट पंजीबद्ध कर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपिया मिथलेश सोनी पति मुकुन्दलाल सोनी उम्र 57 वर्ष निवासी वार्ड न. 10 पुरानी बस्ती अनूपपुर से 383 ग्राम मादक पदार्थ गांजा कीमती 3800 रूपये की जप्त कर अपराध क्रमांक 52/26 धारा 8/20 बी एन.डी.पी. एस. एक्ट पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

इसी तरह आरोपी रामदास गोड़ पिता जेठू गोड़ उम्र 45 वर्ष निवासी ग्राम ताराडांड़ (बिरहनीटोला) से अवैध मादक पदार्थ गांजा 340 ग्राम कीमती 3400 रूपये की जप्त कर अपराध क्रमांक 53/26 धारा 8/20 बी एन.डी.पी. एस. एक्ट पंजीबद्ध कर आरोपी को गिरफ्तार किया गया है।

तीन हाथियों ने खेतों में लगी फसल, घर व वनविभाग की फेंसिंग को पहुंचाया नुकसान, तीन ग्रामीण हुआ घायल

*लोगो में दहशत का माहौल*


अनूपपुर

तीन हाथियों का समूह 38 दिनों से निरंतर छत्तीसगढ़ राज्य से Lअनूपपुर जिले के जैतहरी इलाके से अनूपपुर इलाके में निरंतर विचरण कर रहे हैं। हाथियों के द्वारा ग्रामीणों के खेतों में लगी फसलों के साथ घर वन विभाग की फेंसिंग एवं गेट में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया है, रात में हाथी देखने गए ग्रामीणो को एक हाथी द्वारा की चिघांड कर दौडाये जाने पर भागते समय दो-तीन युवक गिरने के दौरान चोट आने से घायल हुए हैं, तीनों हाथी फिर ग्राम पंचायत एवं वन बीट पोंड़ी के पोंड़ी एवं खांडा गांव के मध्य स्थित जंगल में पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं।

तीन हाथियों के समूह विगत 6 दिनों से वन परिक्षेत्र के ग्राम पंचायत एवं वन बीट पोंडी के पोंडी एवं खांडा के मध्य स्थित जंगल में दिन के समय निरंतर विश्राम करने बाद प्रत्येक शाम एवं रात को जंगल से निकल कर खांड़ा पोंडी मानपुर बरबसपुर गांव में जो अनूपपुर जिला मुख्यालय से 4 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है, पहुंचकर किसानों के खेतो में गेहूं की फसल लगी है, निरंतर रात होते ही पहुंचकर गेहूं की फसल को आहार बना रहे हैं, इसी दौरान मानपुर निवासी भूमेश दुबे पिता सुखीराम दुबे के खेत में लगी गेहूं की फसल को बुधवार गुरुवार की देर रात अचानक हाथी पहुंचकर घर का दरवाजा एवं अन्य वस्तु फेंसिंग वायर तोड़ कर गेहूं की फसल को खाया, इसके एक दिन पूर्व पोंडी गांव के छुहाईटोला निवासी लूसन सिंह पिता रमेशा सिंह के बाडी में तीनों हाथी प्रवेश कर कच्चे घर की दीवाल को खाने की तलाश के चक्कर में तोड़फोड़ की, वन विभाग के द्वारा किए गए वृक्षारोपण की सुरक्षा हेतु लगाए गए फेंसिंग वायर एवं आरसीसी खम्बो को कई जगह से तोड़फोड़ कर एवं एक स्थान पर मुख्य गेट में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया, तीनों हाथी खांडा एवं पोंड़ी के जंगल से निकलकर अनूपपुर जैतपुर मुख्य मार्ग को पारकार पोंडी के विनायिका तालाब से मानपुर के छकौडीटोला के मध्य होकर जंगल से जाते समय हाथियों को देखने के लिए काफी संख्या में एकत्रित ग्रामीणो पर एक हाथी द्वारा तेजी से चिघाडते हुए दौड़ाये जाने पर दो-तीन युवक भागते समय गिरकर घायल हुए हाथियों के निरंतर विचरण करने एवं नुकसान करने से ग्रामीण जन भयभीत एवं परेशान हैं। हाथियों के विचरण एवं आम जनों की सुरक्षा को देखते हुए वन विभाग एवं पुलिस विभाग का गश्ती दल निरंतर निगरानी कर रहा है।

लक्ष्मीनारायण मंदिर से चोरी हुए लाखो के चांदी के 09 छत्र एवं शेषनाग जप्त, आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

कोतवाली अनूपपुर पुलिस एवं थाना अशोकनगर (जयपुर सिटी साऊथ) राजस्थान की पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा जयपुर (राजस्थान) के भगतसिहं मार्ग सी स्किम में बने श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर से चोरी किये गये चांदी के 09 छत्र एवं चांदी के शेषनाग कुल कीमती करीब दस लाख रूपये को ग्राम बकेली थाना कोतवाली अनूपपुर से बरामद कर आरोपी सत्यम केवट एवं अमन तिवारी को गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की है।

उल्लेखनीय है कि राजस्थान के जयपुर शहर के भगतसिहं मार्ग सी स्किम में बने श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर से दिनांक 07 एवं 08 दिसम्बर 2025 की दरम्यानी रात अज्ञात आरोपियों द्वारा मंदिर के 09 नग चांदी के छत्र एवं चांदी के विशाल शेषनाग चोरी कर लिये जाने की रिपोर्ट पर थाना अशोकनगर जिला जयपुर सिटी साउथ में अपराध क्रमांक 341/25 धारा 305 (डी) बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया गया। जो उक्त मंदिर चोरी की वारदात में थाना अशोकनगर जिला जयपुर साउथ सिटी से पुलिस टीम सहायक उपनिरीक्षक रामकुमार, आरक्षक देशराज एवं आरक्षक रामरतन की टीम पतासाजी हेतु अनूपपुर पहुंची जो टी. आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में सहायक उपनिरीक्षक पवन प्रजापति, प्रधान आरक्षक खेमराज माकों, आरक्षक अब्दुल कलीम, दीपक बुन्देला की टीम के द्वारा जयपुर राजस्थान की पुलिस टीम के साथ आरोपी सत्यम केवट पिता मुन्ना केवट उम्र 25 साल निवासी ग्राम बकेली धाना कोतवाली अनूपपुर को पकड़ा जाकर चोरी किये गये चांदी के कुल 09 छत्र एवं 01 चांदी का विशाल शेषनाग कुल वजन करीब 2 किलो 800 ग्राम कीमती करीब दस लाख रूपये जप्त किया गया है एवं पकड़े गये आरोपी सत्यम केवट से पूछताछ पर उक्त चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले मुख्य आरोपी अमन तिवारी पिता श्रीकांत तिवारी उम्र 25 साल निवासी ग्राम देवगवां थाना खैरहा जिला शहडोल को भी गिरफ्तार किया गया है। उल्लेखनीय है कि पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपी  अमन तिवारी जयपुर ( राजस्थान ) के उक्त लक्ष्मी नारायण मंदिर में पुजारी का कार्य करता था। उक्त गिरफ्तार आरोपियों को पुलिस टीम द्वारा अपने साथ अग्रिम कार्यवाही हेतु जयपुर राजस्थान ले जाया जा रहा है।

अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग, तीन युवकों पर मामला दर्ज, पीड़िता को वर्षों तक धमकाने का आरोप


अनूपपुर

नगर में एक आदिवासी युवती का अश्लील वीडियो बनाकर वर्षों तक ब्लैकमेल करने के गंभीर मामले में पुलिस ने तीन युवकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। यह मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश और चिंता का माहौल है, वहीं पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग तेज हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, वर्ष 2018 में आरोपियों द्वारा आदिवासी युवती का अश्लील वीडियो बना लिया गया था, जिसके बाद वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर लगातार उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता रहा। आरोप है कि युवती को कई वर्षों तक ब्लैकमेल कर डराया-धमकाया गया और उसकी सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का भय दिखाया गया।

पीड़िता ने मानसिक और सामाजिक दबाव से परेशान होकर 28 जनवरी को थाना कोतमा पहुंचकर थाना प्रभारी को अपनी आपबीती बताई और लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी आयुष मिश्रा, पिता वीरेंद्र मिश्रा, निवासी आज़ाद चौक, वार्ड क्रमांक 3 सहित अन्य युवकों के खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं में मामला पंजीबद्ध कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।

पीड़िता का आरोप है कि आरोपी प्रभावशाली और दबंग प्रवृत्ति के हैं, जिसके चलते उसे पहले भी थाने के चक्कर लगाने पड़े, लेकिन मामला दर्ज होने में विलंब हुआ। अब भी पीड़िता और उसके परिवार को जान-माल की सुरक्षा को लेकर भय बना हुआ है। पुलिस प्रशासन द्वारा बताया गया है कि मामले की गहन जांच जारी है और आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

यह मामला केवल एक युवती के सम्मान और सुरक्षा का नहीं, बल्कि समाज में बढ़ते साइबर अपराध, महिला शोषण और ब्लैकमेलिंग की भयावह मानसिकता का आईना है। वर्षों तक पीड़िता को प्रताड़ित किया जाना प्रशासनिक संवेदनशीलता पर भी गंभीर सवाल खड़े करता है। यदि समय रहते कार्रवाई होती, तो युवती को लंबे मानसिक उत्पीड़न से बचाया जा सकता था। अब आवश्यकता है कि दोषियों को कठोरतम सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई भी महिला की गरिमा और आत्मसम्मान के साथ खिलवाड़ करने का साहस न कर सके।

इनका कहना है।

पीड़िता के शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला पंजीबद्ध कर लिया गया है । 

*रत्नाबंर शुक्ल, थाना प्रभारी, कोतमा*

लोक धन की लूट, सीसी सड़क निर्माण में भारी अनियमितता, घटिया गुणवत्ता से ग्रामीणों में आक्रोश


अनूपपुर

अनूपपुर जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत खोड़री नंबर-2 में सीसी सड़क निर्माण कार्य को लेकर गंभीर अनियमितताओं और घटिया गुणवत्ता के आरोप सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि लोक धन का खुलेआम दुरुपयोग किया जा रहा है, जबकि शासन द्वारा निर्धारित मानकों और तकनीकी दिशा-निर्देशों का खुला उल्लंघन हो रहा है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, कोतमा मुख्य मार्ग से सीएम राइस स्कूल तक लगभग 3 मीटर चौड़ी एवं 200 मीटर लंबी सीसी सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिसकी अनुमानित लागत करीब 6 लाख 19 हजार रुपये बताई जा रही है। लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण में निर्धारित गुणवत्ता वाली सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा, जिससे सड़क की मजबूती और टिकाऊपन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि सड़क निर्माण का कार्य शुरू होते ही कई स्थानों पर दरारें दिखाई देने लगी हैं, जिससे यह आशंका गहराती जा रही है कि सड़क जल्द ही क्षतिग्रस्त हो सकती है। लोगों ने आरोप लगाया है कि पंचायत के कुछ पदाधिकारी एवं जनप्रतिनिधि ठेकेदारों से मिलीभगत कर भ्रष्टाचार को बढ़ावा दे रहे हैं, जिसके चलते सरकारी राशि का दुरुपयोग हो रहा है।

निर्माण स्थल पर कार्य से संबंधित कोई सूचना पट्ट नहीं लगाया गया है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो पा रहा कि सड़क का निर्माण किस एजेंसी द्वारा, किस तकनीकी मानक के तहत और कितनी लागत में किया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इस तरह की अपारदर्शिता भ्रष्टाचार की आशंका को और मजबूत करती है।

आक्रोशित ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराते हुए उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि समय रहते दोषियों पर कार्रवाई नहीं की गई और गुणवत्ता युक्त निर्माण सुनिश्चित नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।

ग्रामीणों की मांग है कि निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों, पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित एजेंसी के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाए तथा सड़क का निर्माण शासन के तय मानकों के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण ढंग से कराया जाए, ताकि जनता के धन की लूट पर अंकुश लगाया जा सके। 

अवैध गांजा बाइक सहित जप्त, जुआ खेलते 5 आरोपियों गिरफ्तार


अनूपपुर

थाना बिजुरी पुलिस द्वारा मादक पदार्थ गांजा के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही 2 आरोपियों से करीब 1.3 किलो गांजा और 1 मोटर साइकिल जप्त की गई है। मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि दो पहिया वाहन मे दो व्यक्ति मादक पदार्थ गांजा लेकर पथरौडी से तरसीली की तरफ जा रहे है, सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए टीम गठित कर केनापारा बिजुरी के पास घेराबंदी की गयी तथा संदेही वाहन को रोककर तलाशी ली गयी तलाशी मे आरोपी संजय गुप्ता पिता लच्छूराम गुप्ता उम्र 45 वर्ष निवासी पथरौडी थाना कोतमा तथा श्याम सिह गोड पिता जयकरण सिेंह गोड उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम डोगरिया थाना बिजुरी के पास से 1.3 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ जिसे मौके से जप्त किया गया तथा आरोपियों द्वारा अपराध मे प्रयुक्त वाहन को  भी विधिवत जप्त किया गया। उक्त आरोपियों के विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धारा 8/20बी के तहत अप. क्र 20/26 कायम किया गया तथा आरोपियों को गिरफ्तार कर दिनांक 26/1/26 को न्यायालय मे पेश किया गया।

*जुआ खेलते 5 आरोपियों गिरफ्तार*

अनूपपुर

थाना रामनगर पुलिस द्वारा अवैध जुआ गतिविधियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की गई। पुलिस कस्बा देहात भ्रमण पर थी, इसी दौरान पुलिस को विश्वसनीय मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि फुलवारी टोला स्थित क्रिकेट ग्राउंड में कुछ लोग सार्वजनिक स्थान पर ताश के पत्तों के माध्यम से रुपये–पैसों की हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुँचकर घेराबंदी कर रेड कार्रवाई की। पुलिस को देखकर जुआड़ी भागने का प्रयास करने लगे, किंतु सतर्कता से की गई घेराबंदी के चलते 5 आरोपियों को मौके पर ही रंगे हाथ पकड़ लिया गया। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे एवं जुआ फड़ से नगद राशि 1580/- (एक हजार पाँच सौ अस्सी रुपये) तथा 52 ताश के पत्ते बरामद कर विधिवत जप्त किए गए। 

सहायक आयुक्त आदिवासी द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति न देने पर हाई कोर्ट ने जारी की अवमानना नोटिस जारी 


अनूपपुर

जिले की सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सरिता नायक को अनुकम्पा नियुक्ति नहीं दिए जाने पर उच्च न्यायालय जबलपुर ने अवमानना नोटिस जारी कर चार सप्ताह में जबाब मांगा हैं।

उच्च न्यायालय जबलपुर के अधिवक्ता दीपक पांडेय ने बताया कि जिले के जनपद पंचायत जैतहरी के प्राथमिक विद्यालय लेबर कॉलोनी बरगवां में श्रवण कुमार सिंह सहायक अध्यापक के रूप में पदस्थ थे, सेवावधि के पूर्व 28 अक्टूबर 2017 को निधन हो गया, जिस पर पुत्र सुल्तान सिंह ने शासन के नियमानुसार जारी निर्देशों के अंतर्गत स्व. पिता के स्थान पर नौकरी दिए जाने का आवेदन दिया था, विभाग द्वारा अनुकंपा नहीं दिए जाने पर सुल्तान सिंह द्वारा उच्च न्यायालय जबलपुर में रिट याचिका प्रस्तुत की गई। आवेदन का निराकरण करते हुए उच्च न्यायालय ने सहायक आयुक्त आदिवासी विकास अनूपपुर को निर्देश दिए कि आवेदक द्वारा दिए गए आवेदन पर तीन माह के अंदर नियमानुसार कार्यवाही करें, आवेदक ने उच्च न्यायालय जबलपुर के आदेश की प्रति सहित पुनः अपना आवेदन सहायक आयुक्त आदिवासी विकास कार्यालय में प्रस्तुत किया, परन्तु इसके बाद भी कोई कार्यवाही नहीं होने पर विवश होकर प्रार्थी ने विभाग प्रमुख सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सरिता नायक के विरुद्ध अवमानना याचिका प्रस्तुत किया। उच्च न्यायालय जबलपुर ने मंगलवार को सुनवाई करते हुए विभाग प्रमुख सहायक आयुक्त आदिवासी विकास सरिता नायक को चार सप्ताह के अंदर (27 फरवरी) इस प्रकरण का जबबा प्रस्तुत करने के निर्देश दियें हैं।

ज्ञात हो कि जिले के सोन मौहरी निवासी आश्रित परिवार लगातार नौ वर्षों से अनुकंपा नियुक्ति के लिए भटक रहा है पर सरकार द्वारा जारी नियमों के क्रियान्वयन में अधिकारियों की जिद भारी पड़ रही है, जिले में अनुकम्पा नियुक्ति के कई प्रकरण उच्च न्यायालय और सरकारी कार्यालय में लंबित पड़े हुए हैं, परिवार के मुखिया सरकारी कर्मचारी जिसकी आय पर पूरे परिवार के भरण पोषण का दायित्व था, उसकी अकाल मृत्यु के बाद परिवार को विभाग द्वारा किस प्रकार प्रताड़ित किया जाता है। इसका उदाहरण है स्व. श्रवण सिंह के प्रकरण, जन सुनवाई, सीएम हेल्पलाइन केवल औचारिकता बन कर रह गई है, वास्तव में आम जनता को उसकी समस्या का हल तभी नसीब होगा जब वह वर्तमान व्यवस्था के अनुरूप मार्ग पर चलकर अपना काम करवा ले, सुल्तान सिंह धुर्वे के नौ वर्षों तक के संघर्ष को अगर देखें तो शासन के नियमों का कोई औचित्य नहीं रह जाता।

शिक्षक शिक्षा देने की जगह चला रहे है लाठी, मारपीट कर दी धमकी, मामला दर्ज


अनूपपुर 

जिले के फुनगा चौकी क्षेत्र के ग्रामीण अंचल से  एक चौकाने वाला मामला सामने आया है, जहां असामाजिक गतिविधियों के धनी शिक्षक की करतूतो की वजह से शिक्षा और शिक्षक की गरिमा दोनों ही कलंकित हो रही हैं। भालूमाड़ा थाना अंतर्गत ग्राम रक्शा निवासी रामनाथ साहू उम्र 40 वर्ष पत्नी हीरावती यादव के साथ फुनगा चौकी में उपस्थित होकर शिक्षक देवधर एवं उसके साथी रामबरन साहू के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराते हुए बताया कि दोनों आरोपियों द्वारा न सिर्फ मेरे साथ जबरन लाठी डंडों से मारपीट की एवं शिक्षक देवधर द्वारा मुझे गंदी-गंदी गालियां देते हुए मुझे जान से मारने की धमकी दी है। फरियादी रामनाथ साहू की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी शिक्षक देवधर तथा उसके साथी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 0/2026 धारा 296,115(२),151 (3),3,(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। गौरतलब है कि शिक्षक देवधर के दबंगई की कहानी रक्शा फुनगा व कोलमी सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्र में अक्सर सुनाई देतेव रहते हैं, लेकिन क्षेत्र के भोले भाले ग्रामीण इनके विरुद्ध रिपोर्ट लिखने की हिम्मत नहीं जुटा पाते यही वजह है कि शिक्षक होते हुए भी क्षेत्र में इनकी मनमानी चरम पर है। शिक्षक के द्वारा समाज मे शिक्षा का अलग जगाने की जगह, अपराध का अलग जगाने में लगे हैं। ऐसे शिक्षक की जगह विद्यालय की जगह जेल में होना चाहिए।

हाथियों ने मवेशी पर किया हमला, दो की हुई मौत, तोड़ा घर, फसलो को किया नुकसान


अनूपपुर

तीन हाथियों का समूह द्वारा सुबह खांडा गांव में जंगल के किनारे बसे एक ग्रामीण के दो मवेशी पर हमला कर मृत कर दिया तथा ग्रामीण के घर में तोड़फोड़ कर खेतों में लगी फसलों को आहार बनाया। 

घटना के संबंध में मिली जानकारी के अनुसार थाना,तहसील एवं वन परिक्षेत्र अनूपपुर के ग्राम पंचायत खांड़ा में जंगल के किनारे खेत मे कच्चा घर बना कर रहे खांड़ा निवासी बलराम केवट पिता रामप्यारे केवट के खांड़ा बाध के पास स्थित जंगल के किनारे खेत में घर बनाकर खेती-बाड़ी करते हुए मवेशियों को भी दिन में चराने बाद शाम रात को बांध कर रखते हैं, सुबह होते ही तीन हाथियों का समूह जो तीन दिनों से इस क्षेत्र में विचरण कर रहे हैं के द्वारा एक गाभिन गाय एवं एक बैल जो बंधे थे, हाथियो ने हमला कर मृत कर दिए वहीं बाकी मवेशी रस्सी तोड़कर जंगल की ओर भाग गए, हाथियों के द्वारा बलराम केवट के खेत में बने कच्चे मकान को तोड़फोड़ कर तहस-नहस करते हुए खेतों में लगे फसलों को भी नुकसान पहुंचाया है, घटना की जानकारी मिलने पर वन विभाग के कर्मचारियों के साथ पशु चिकित्सा डॉक्टर योगेश दीक्षित कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचकर घटना स्थल का निरीक्षण कर कार्यवाही की, वन विभाग द्वारा खांड़ा गांव से लगे जंगल से लगे ग्रामीण जनों को रात के समय खेतों में बने कच्चे मकान में ना रहकर पक्के मकान में रहने की हिदायत दी है। रात हाथियों का यह समूह किसी और विचरण करेगा यह देर रात होने पर ही पता चल सकेगा।

दूषित पेयजल और बंद नगरपालिका लाइब्रेरी के संबंध में प्रलेस के तत्वाधान में बैठक सम्पन्न 


अनूपपुर

जिला मुख्यालय के सीपीआई कार्यालय में प्रगतिशील लेखक संघ अनूपपुर के तत्वावधान में बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में प्रलेस के सदस्यों के अलावा प्रबुद्ध नागरिकों ने भी शिरकत की। इसके बारे में जानकारी देते हुए प्रगतिशील लेखक संघ के अध्यक्ष गिरीश पटेल ने बताया कि-सर्वप्रथम नगरपालिका के पूर्व उपाध्यक्ष जीवेंद्र सिंह ने अपने सर्वेक्षण के अनुभव को साझा करते हुए बताया कि नगरपालिका अनूपपुर का फिल्टर प्लांट जो कि अनूपपुर की पूर्व दिशा में बहती नदी “तिपान” में स्थापित किया गया है और इसी नदी में जिला अस्पताल से निकला दूषित पानी अस्पताल की डिस्पोजल दवाओं, वहां के मल-मूत्र से उत्सर्जित जल, पोस्टमार्टम का कचरा तथा अनूपपुर की विभिन्न कॉलोनियों का अवशिष्ट जल सब इसी नदी में लगातार प्रवाहित होता रहता है। नदी में जो फिल्टर प्लांट स्थापित किया गया है वह केवल प्राकृतिक जल का ही शोधन कर सकता है पर गंदगी, मल-मूत्र और बेक्टीरिया युक्त जल का शोधन करने के लिए अन्य प्लांटों की ज़रूरत होती है, इसके अभाव में यह जल कदापि पीने योग्य नहीं बन सकता। ऐसे जल के परिशोधन के लिए दो तरह के प्लांट होते हैं- पहला एस टी पी ( सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और दूसरा ई टी पी ( एफ्लूएंट ट्रीटमेंट प्लांट) एस टी पी घरों और कॉलोनियों से निकले गंदे जल का परिशोधन करता है, यह अपेक्षाकृत सस्ता प्लांट है जबकि ई टी पी कारख़ानों, उद्योगों से निःसरित ज़हरीले रसायनों से युक्त जल का शोधन करता है और अपेक्षाकृत मंहगा है। जब तक उपयुक्त प्लांट स्थापित होकर कार्य नहीं करने लग जाते तब तक यह पानी पीने योग्य क़तई नहीं हो सकता। जल के सीवरेज सिस्टम का पूरा वीडियो जिला अस्पताल और कॉलोनियों से होता हुआ जहाँ यह अपशिष्ट जल नदी में मिलता है, जीवेंद्र सिंह ने बनाया है, जिसे सोशल मीडिया पर पोस्ट भी किया गया है।

ऐसा अपशिष्ट जल साधारण फिल्टर प्लांट से शोधित नहीं किया जा सकता, अवशिष्ट जल ज़रूर फिल्टर प्लांट से शोधित हो सकेगा पर अपशिष्ट जल कदापि नहीं। ऐसे में नगरपालिका साधारण फिल्टर प्लांट में अपशिष्ट जल डालकर पेयजल के रूप में पूरे शहर में सप्लाई कर रही है, जोकि आमजन के स्वास्थ्य के साथ सीधा खिलवाड़ है। अभी हाल ही में दूषित पेयजल के कारण इंदौर, धार और गांधीनगर में तमाम मौतें हो चुकी हैं, अनूपपुर प्रबंधन और आमजन को सचेत हो जाना चाहिये और ऐसे जल का उपयोग पीने और भोजन पकाने में कदापि नहीं करना चाहिए पर सवाल यह उठता है कि यहाँ की पूरी जनता न तो आर ओ का भार वहन कर सकती है और न ही बोतल बंद पानी का फिर आम जनता करे तो क्या करे, यह एक यक्ष प्रश्न है, जिसका जवाब किसी के पास नहीं है।इसी क्रम में पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष रामखेलावन ने जल आपूर्ति का पूरा खाका खींचा जोकि उनके कार्यकाल में चल रहा था और वर्तमान परिस्थिति में जो जल आपूर्ति है, उस पर गहन चिंता व्यक्त की। नगरपालिका परिषद से संबंधित विनोद सोनी ने बताया कि अभी हाल ही में पेयजल की जाँच कराई गई और पीने के योग्य पाया गया है पर यह बात किसी के गले नहीं उतरी। इस संबंध में एडवोकेट हीरालाल राठौर,शिवकांत त्रिपाठी,तौहीद खान,पवन छिब्बर, बाल गंगाधर सेंगर और एडवोकेट विजेंद्र सोनी ने अपने विचार प्रस्तुत किए इनके अतिरिक्त दिनेश पटेल, अमित पोखरियाल,रामनारायण पाण्डेय, डॉक्टर असीम मुखर्जी, विवेक यादव और मोहन सिंह परस्ते भी उपस्थित रहे।सभी ने समवेत स्वर में कहा कि, हमारा यह पूरा प्रयास रहेगा कि इस समस्या का निराकरण होने तक हम अडिग रूप से डटे रहेंगे। नगरपालिका लायब्रेरी जो वर्षों से बंद पड़ी हुई है जिसके लिए मुख्य नगरपालिका अधिकारी, नगरपालिका अध्यक्ष, कलेक्टर और कमिश्नर सभी से मुलाकात कर निवेदन किया गया पर नतीजा रहा वही ढाक के तीन पात। इसके लिए भी मुहिम छेड़ी जाएगी।इस कार्यक्रम का संचालन गिरीश पटेल ने किया और आभार प्रदर्शन प्रलेस के सचिव रामनारायण पाण्डेय ने किया। आगामी बैठक 8 फ़रवरी दिन रविवार सायं 4 बजे सीपीएम कार्यालय ( होटल मंदाकिनी के बगल ) में रखी गई है और प्रलेस की ओर से सभी पत्रकारों और प्रबुद्ध नागरिकों से अपील की गई है कि इस बैठक में शामिल होने की कृपा करें।

दो दिवसीय नर्मदा महोत्सव का भव्य शुभारंभ, शोभायात्रा में गूंजा मां नर्मदा का यशोगान


अनूपपुर

पतित पावनी भगवती परंबा मां नर्मदा जी के पावन जन्मोत्सव नर्मदा महोत्सव 2026 का शुभारंभ शुक्रवार को मां नर्मदा के उद्गम स्थल मंदिर से निकाली गई सुसज्जित शोभायात्रा के साथ हुआ। दो दिवसीय महोत्सव के प्रथम दिवस श्रद्धा, आस्था और भक्ति से सराबोर वातावरण में मां नर्मदा की भव्य शोभायात्रा निकाली गई। इस अवसर पर मां नर्मदा मंदिर, उद्गम स्थल एवं मंदिर परिसर को पुष्पों, रंगोलियों एवं विद्युत सज्जा से आकर्षक रूप में सजाया गया। मां नर्मदा को फूलों से सुसज्जित रथ में विराजमान कर शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें साधु-संतों, महात्माओं, श्रद्धालुओं एवं भक्तों ने मां नर्मदा का यशोगान किया।

शोभायात्रा में स्थानीय जनजातीय दलों ने अपनी पारंपरिक कला एवं संस्कृति की अनुपम छटा बिखेरी। कर्मा, सैला लोकनृत्य दलों एवं गुदुम बाजा दलों ने ढोल, नगाड़ा, टिमकी, बांसुरी, मंजीरा, चटकोला सहित पारंपरिक वाद्ययंत्रों की मधुर धुनों पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। शासन की मंशानुरूप जिले के जनजातीय कलाकारों की सहभागिता ने शोभायात्रा को और अधिक भव्य बना दिया।

जैसे-जैसे मां नर्मदा की पालकी अमरकंटक के प्रमुख मार्गों पर पहुंची, मार्ग के दोनों ओर खड़े श्रद्धालुओं ने “नर्मदे हर” एवं “त्वदीय पाद पंकजं नमामि देवी नर्मदे” के जयघोष के साथ पुष्पवर्षा कर मां नर्मदा का स्वागत किया। भजन मंडलियों द्वारा भजन-कीर्तन एवं नृत्य की मनोहारी प्रस्तुतियां दी गईं। रथयात्रा में हजारों श्रद्धालु झांझ, मंजीरा, ढोल एवं डमरू बजाते हुए उत्साहपूर्वक मां नर्मदा की आराधना करते चले।

मां नर्मदा की शोभायात्रा पंडित दीनदयाल चौक, थाना परिसर एवं बस स्टैंड मार्ग से होते हुए पुनः नर्मदा मंदिर परिसर पहुंची। मंदिर परिसर स्थित यज्ञशाला में विधि-विधान से पूजन-अर्चन एवं आरती संपन्न हुई, तत्पश्चात 24 घंटे का नर्मदा नाम अखंड भजन-कीर्तन प्रारंभ किया गया।

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