ज़मीनी विवाद को लेकर भाई ने भाई के ऊपर किया जानलेवा हमला, जान से मारने की धमकी, मामला हुआ दर्ज


अनूपपुर

जिले कोतमा थाना अंतर्गत रेउसा पंचायत के चाका गाँव का जहाँ एक भाई ने अपने ही भाई के ऊपर ज़मीनी विवाद को लेकर अपने ही भाई के ऊपर लोहे के सबल से जानलेवा हमला कर लहूलुहान कर दिया व वही जमीन पर पटकर लात घूसों से बेदम पिटाई कर दी, दुबारा उलझने पर जान से मार देने की धमकी दी गई, पडोसियो बीच बचाव करने पर फरयादी चंद्रशेखर जायसवाल पिता रामचंद्र जायसवाल ने आरोपी सुरेंद्र जायसवाल पिता रामचंद्र जायसवाल के खिलाफ कोतमा थाने लिखित शिकायत की, कोतमा पुलिस ने मेडिकल कराकर बिभिन्न धारा 296(बी), 115(2), 351(3) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया।

फरियादी चन्द्रशेखर जयसवाल पिता रामचन्द जयसवाल उम्र 34 वर्ष निवासी ग्राम ढाका का हमराह परिवारिक भाई कैलाश जयसवाल के साथ थाना उपस्थित आकर जुबानी रिपोर्ट किया की सुबह करीब 09.00 बजे मेरा छोटा भाई सुरेन्द्र कुमार जयसवाल घर के पास बाड़ी के मेड़ रास्ता में खूँटा सब्बल से गाड़ रहा था। मैं उसे बोला कि रास्ते में खूँटा मत गाड़ो रास्ते के किनारे से खूँटा गाड़ो। इसी बात को लेकर भाई सुरेन्द्र कुमार जयसवाल मुझे मादर बहन की अश्लील गालियां देते हुए हाथ में रखे सब्बल से मुझे मारा सब्बल मेरे बांये पैर के बीच की अंगुली में लगी, बांये पैर की अंगुली भोठरी होकर खून निकलने लगा।

तब सुरेन्द्र जयसवाल मुझे पकड़कर जमीन में उठाकर पटक कर हाथ मुक्का से मेरे पेट में व पसलियों में सामने मारपीट करने लगा। मारपीट होते देख मेरी पत्नी धनमतिया जयसवाल ने मेरे परिवारिक भाई कैलाश जयसवाल को फोन लगाई तब कैलाश आकर पत्नी के साथ बीच बचाव किये तो भाई सुरेन्द्र मुझे बोला खूँटा नहीं गाड़ने दोगे तो तुझे जान से खत्म कर दूंगा। मारपीट से मेरे बांये पैर की बीच की अंगुली में, दांये आंख के भौं, पेट के सामने दोनों पसलियों में चोट लगी है। घटना को रजनी जयसवाल, सुषमा तिवारी, शिवम तिवारी चश्मदीद गवाह है।

लाखों की लागत से बना डंपिंग यार्ड कराया ध्वस्त, अब मुख्य मार्ग पर फेंक रहे हैं कचरा, उड़ा रहे सरकारी धन की धज्जियां

*सीएमओ की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल*


अनूपपुर

नगर पालिका परिषद बिजुरी में स्वच्छता के नाम पर न केवल नियमों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, बल्कि सरकारी खजाने को भी बेरहमी से चूना लगाया जा रहा है। वर्तमान मुख्य नगरपालिका अधिकारी की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं, जहां एक ओर पूर्व में निर्मित सर्वसुविधायुक्त डंपिंग यार्ड को उजाड़ दिया गया, वहीं दूसरी ओर अब मुख्य सड़क मार्ग को कचरा घर बनाकर जनता के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया है।

*​लाखों के सरकारी निवेश पर चला बुलडोजर*

​विश्वस्त सूत्रों और प्राप्त जानकारी के अनुसार, परिषद के पूर्व कार्यकाल के दौरान तत्कालीन मुख्य नगरपालिका अधिकारी मीना कोरी द्वारा शासकीय नियमानुसार रिहायशी क्षेत्र से काफी दूर एक व्यवस्थित कचरा डंपिंग यार्ड का निर्माण कराया गया था। इस प्रोजेक्ट में शासन के लाखों-करोड़ों रुपये खर्च हुए थे ताकि नगर का अपशिष्ट प्रबंधन वैज्ञानिक तरीके से हो सके। लेकिन वर्तमान प्रशासन ने स्वलाभवश या घोर लापरवाही के चलते उस बने-बनाए यार्ड को तुड़वा दिया। यह सीधे तौर पर शासकीय राशि के दुरुपयोग और वित्तीय अनियमितता की श्रेणी में आता है।

*​नियमों को ठेंगा, मार्ग पर कचरे का अंबार*

​पुराने डंपिंग यार्ड को बंद करने के बाद, अब नगर का सारा कचरा वार्ड 1 और वार्ड 14-15 को जोड़ने वाले मुख्य मौहरी-लोहसरा मार्ग के किनारे खुले में फेंका जा रहा है। ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2016 स्पष्ट कहता है कि कचरा डंपिंग साइट चारदीवारी से घिरी और आबादी से दूर होनी चाहिए। इसके बावजूद, मुख्य सड़क पर कचरा फेंककर न केवल पर्यावरण को प्रदूषित किया जा रहा है, बल्कि आवारा पशुओं और कचरे के फैलाव के कारण आए दिन सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।

*​प्रशासनिक मिलीभगत व स्वलाभ की चर्चा*

​नगर में यह चर्चा जोरों पर है कि एक व्यवस्थित डंपिंग यार्ड होने के बावजूद उसे नष्ट कर सड़क किनारे कचरा फेंकने के पीछे क्या मंशा है? जानकारों की मानें तो यह स्वलाभ के चक्कर में उठाया गया कदम है, जो कि सीधे तौर पर शासकीय राशियों के दोहन का मामला प्रतीत होता है। लाखों की सरकारी संपत्ति को नष्ट करना और नए सिरे से अव्यवस्था फैलाना जांच का विषय है।

*​महामारी की आहट, जिम्मेदार मौन*

​सड़क किनारे जमा कचरे की सड़ांध से समीपवर्ती स्कूलों और बस्तियों में संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। एक तरफ जहां पूरा देश स्वच्छ भारत मिशन के तहत स्वच्छता रैंकिंग सुधारने में जुटा है, वहीं बिजुरी नपा के जिम्मेदार अधिकारी नियमों के विपरीत जाकर नगर को नरक बनाने पर तुले हैं। स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूर्व में निर्मित डंपिंग यार्ड को नष्ट करने और सड़क किनारे कचरा फेंकने वाले जिम्मेदार अधिकारियों पर वित्तीय अनियमितता का मामला दर्ज किया जाए और इसकी उच्च स्तरीय जांच कराई जाए।

रेंजर की तानाशाही के खिलाफ सड़कों पर उतरे ग्रामीण, रेंज कार्यालय का किया घेराव व प्रदर्शन

*अवैध वसूली का आरोप- खाली ट्रैक्टर को जप्त, ड्राइवर से मारपीट, बंधक बनाने का आरोप*


अनूपपुर

वन परिक्षेत्र बिजुरी में पदस्थ रेंजर पवन ताम्रकार की कार्यप्रणाली के खिलाफ मंगलवार को ग्रामीणों और ट्रैक्टर मालिकों का धैर्य जवाब दे गया। दर्जनों ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे ग्रामीणों ने बिजुरी रेंज कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रेंजर द्वारा नियम-कानून ताक पर रखकर खाली ट्रैक्टरों को जप्त किया जा रहा है और विरोध करने पर चालकों के साथ मारपीट की जा रही है।

*25 हजार की मांग, बर्बाद करने की धमकी*

मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़ित ट्रैक्टर मालिक रवि सिंह बघेल ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार, उनका ट्रैक्टर (MP65ZA7949) जो कि अंचल ट्रेडर्स में मटेरियल शिफ्टिंग और पानी सप्लाई के काम में लगा है, उसे वन कर्मियों ने रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि कर्मचारियों ने ड्राइवर ओम कुशवाहा से गाली-गलौज करते हुए 25 हजार रुपये की मांग की। पैसे देने से इनकार करने पर रेंजर ने कथित तौर पर ड्राइवर की पिटाई की और उसे बंधक बना लिया।

*नियमों की आड़ में वसूली का खेल, साख पर लगा बट्टा*

प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि बिना किसी वैध कारण के खाली ट्रैक्टरों को रोकना और उन्हें छोड़ने के बदले मोटी रकम की मांग करना रेंजर की आदत बन चुकी है। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब रेंजर की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। रेंजर मुर्दाबाद के नारों के बीच ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा।

*शांतिपूर्ण प्रदर्शन में गूंजे 'रेंजर मुर्दाबाद' के नारे*

रेंजर की इस कथित गुंडागर्दी से नाराज होकर क्षेत्र के दर्जनों ट्रैक्टर मालिक और ग्रामीण लामबंद हो गए। रेंज कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने 'रेंजर पवन ताम्रकार मुर्दाबाद' के नारे लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर निर्दोष लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं।

*इन प्रमुख बिंदुओं पर ग्रामीणों ने घेरा प्रशासन को*

अवैध रूप से जप्ती कर बिना किसी ठोस कारण के खाली ट्रैक्टर को रेंज ऑफिस में खड़ा किया गया और मानवाधिकार उल्लंघन कर ड्राइवर को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट किया गया जब ट्रैक्टर छोड़ने की बात कही गई तो छोड़ने के बदले मोटी रकम की डिमांड की गई जो कि विभाग के ऊपर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा करता दिखाई दे रहा है इस तरह रेंजर पवन ताम्रकार के द्वारा किए गए कृत्य से फॉरेस्ट विभाग के निचले स्तर के कर्मचारी के साथ साथ बड़े स्तर के अधिकारियों के भी जमकर छवि धूमिल हो रही है अब देखना यह है कि इस पूरे मामले पर फॉरेस्ट विभाग के उच्च अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं या फिर इस तरह अवैध तरीके से ग्रामीणों को परेशान करने की खुली छूट दे देंगे।

*थाने पहुंची शिकायत, जांच व कार्यवाही की मांग*

पीड़ित पक्ष ने बिजुरी थाना प्रभारी को आवेदन देकर रेंजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मांग की गई है कि घायल ड्राइवर का मेडिकल कराया जाए और अवैध रूप से रोके गए वाहन को तुरंत मुक्त किया जाए। इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है और वन विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है!

इनका कहना है।

मेरे ड्राइवर को बंधक बनाकर पीटा गया और मुझसे 25 हजार मांगे गए। रेंजर साहब ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो गाड़ी राजसात कराकर मुझे बर्बाद कर देंगे।

*रवि सिंह बघेल, पीड़ित ट्रैक्टर मालिक*

असम के छात्र के साथ हुई मारपीट के विरोध में अभाविप ने सौपा ज्ञापन, सड़क हादसे में कई घायल


अनूपपुर

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद अनूपपुर जिले के कार्यकर्ताओं द्वारा इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजाति विश्वविद्यालय में असम के छात्र के साथ हुई मारपीट के विरोध में विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सोपा। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं का कहना है कि विश्वविद्यालय में लगातार भय का वातावरण बनता जा रहा है ,असामाजिक तत्वों का लगातार प्रवेश बढ़ रहा है जिसके कारण से छात्रों में भय का माहौल बढ़ता जा रहा है  छात्र छात्राएं स्वयं को असुरक्षित महसूस कर रहे है, विश्वविद्यालय के अंदर आसामाजिक तत्वों के प्रवेश के कारण नशीले पदार्थों का सेवन लगातार बढ़ रहा है जिसके कारण से आए दिन कई बड़ी घटनाएं सामने आती हैं, साथ ही छात्रावासों के मुख्य अधीक्षक द्वारा अपने निजी स्वार्थ के लिए आसामाजिक तत्वों को फर्जी तरीके से विश्वविद्यालय के अंदर शरण व संरक्षण देते हैं व उनकी गतिविधियों को बढ़ावा देने का काम लगातार कर रहे हैं इन सभी विषयों को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थी परिषद ने अनूपपुर जिले की पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपते हुए यह कहा कि यदि सा दिवस में गंभीर निर्णय नहीं लिया गया तो विद्यार्थी परिषद उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा जिसका जिम्मेदार विश्वविद्यालय प्रशासन व पुलिस प्रशासन रहेगा।

*सड़क हादसे में कई हुए घायल*

उमरिया नोरोजाबाद थाना अंतर्गत ग्राम मनेरी में हुए सड़क हादसे में राजू पिता सुरेश बैगा उम्र 26 वर्ष निवासी कौड़िया,पंकज पिता अमित कोल उम्र 22 वर्ष निवासी जरहा,राखी पिता सुदामा कोल उम्र 18 वर्ष निवासी बोदली,प्रीति पिता कमलेश कोल उम्र 19 निवासी रहठा घायल हुए है,ये सभी मेला में शामिल होकर वापस आ रहे थे,तभी सड़क हादसे का शिकार हुए है।इसके अलावा ग्राम कौड़िया के पास हुए सड़क हादसे में सुदीप पिता कुमरईया बैगा उम्र 60 वर्ष,संजय पिता राजू बैगा, राजू पिता सुदीप बैगा घायल बताये जा रहे है।

इन दोनों घटनाओं के अलावा गुरुवार की रात निगहरी के पास भी सड़क हादसा हुआ है,इस हादसे में भी देर रात दो बाइक की आपसी भिड़ंत हुई है,ये हादसा धुर्वे क्रेसर के पास बताया जा रहा है।इस हादसे में ग्राम हर्रई निवासी सोनू सिंह एवम डिंडौरी जिले के ग्राम चौरा निवासी दो युवकों के गम्भीर रूप से घायल होने की खबर है।

शिवसेना की शिकायत पर वन विभाग ने किया 15 ट्रैक्टर अवैध रेत जप्त 


अनूपपुर

सोन मौहरी बीट क्षेत्र में सोन नदी से अवैध रेत खनन के खिलाफ वन विभाग ने कार्रवाई करते हुए कई ट्रॉली अवैध रेत जब्त किए हैं। यह कार्रवाई शिवसेना शहडोल संभाग प्रमुख पवन पटेल द्वारा वन विभाग में शिकायत किए जाने के बाद की गई।

स्थानीय ग्रामीणों ने शिकायत की कि सोन मौहरी गांव के ही कुछ रेत तस्करों द्वारा, गार्ड राजबली साकेत चौकीदार की मौजूदगी के बावजूद, वन विभाग की ज़मीन पर अतिक्रमण कर रात में जेसीबी से रास्ता बनाकर दिन-रात धड़ल्ले से सोन नदी से रेत चोरी की जा रही थी। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत शिवसेना नेता पवन पटेल से की।

पवन पटेल ने तत्काल डिप्टी रेंजर अनूपपुर को फोन कर इस अवैध गतिविधि की सूचना दी। इसके बाद वन विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और रेत तस्करों द्वारा वन भूमि पर एकत्रित अवैध रेत जब्त कर लिया।

हालांकि, ग्रामीणों ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत करने के बाद भी रेत चोर रात में ट्रैक्टर से रेत चोरी करते हैं, जिससे उन्हें सोने में दिक्कत हो रही है। उनका दावा है कि सोन नदी से लाखों-करोड़ों रुपये का रेत गैर-कानूनी तरीके से निकाला जा चुका है, लेकिन बीट प्रभारी और चौकीदारों को इसकी कोई खबर नहीं है।

शिवसेना नेता पवन पटेल ने आरोप लगाया कि सोन मौहरी ही नहीं, बल्कि अनूपपुर जिले के चोलना घाट, पोड़ी जैसे अनेक घाटों से भी अवैध रूप से रेत चोरी की जाती है। उन्होंने खनिज विभाग के अधिकारियों पर आरोप लगाया कि वे सिर्फ दिखावे के लिए कार्रवाई करते हैं।


दहेज प्रताड़ना मामले में एकतरफा कार्रवाई का आरोप, पति पर केस, अन्य नामजदों पर नहीं हुई एफआईआर


अनूपपुर 

जिले के रामनगर थाना रामनगर क्षेत्र में दर्ज दहेज प्रताड़ना के एक मामले में पुलिस की कार्यवाही पर सवाल उठने लगे हैं। पीड़िता प्रतिमा वर्मा ने आरोप लगाया है कि उसकी लिखित शिकायत एवं एफआईआर की प्रति में पति श्यामसुंदर वर्मा के साथ-साथ परिवार के अन्य सदस्यों के नाम स्पष्ट रूप से दर्ज होने के बावजूद पुलिस ने केवल पति के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज किया, जबकि अन्य नामजद आरोपियों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पीड़िता के अनुसार, उसके आवेदन में ससुर भुनलाल वर्मा, सास श्यामवती वर्मा, ननद जानकी वर्मा, जीजा गोरालाल वर्मा तथा देवर अशोक वर्मा के नाम स्पष्ट रूप से लिखित में दर्ज हैं। प्रतिमा वर्मा का आरोप है कि इन सभी ने मिलकर दहेज की मांग को लेकर उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया, लेकिन पुलिस ने इनके विरुद्ध कोई प्रकरण पंजीबद्ध नहीं किया।

एफआईआर की प्रति के अनुसार पुलिस ने अप.क्र. 10/26 के तहत धारा 85 बीएनएस (दहेज प्रतिषेध अधिनियम) में केवल पति श्यामसुंदर वर्मा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पीड़िता का कहना है कि कई बार थाने के चक्कर लगाने के बाद जाकर पति पर केस दर्ज हुआ, जबकि अन्य आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

पीड़िता के आवेदन में दहेज की मांग का भी स्पष्ट उल्लेख किया गया है। शिकायत के अनुसार विवाह के बाद ससुराल पक्ष द्वारा एक मोटरसाइकिल, सोने की चेन, अन्य सोने-चांदी के आभूषण तथा दो लाख रुपये नकद की लगातार मांग की जा रही थी। दहेज पूरा न होने पर प्रतिमा वर्मा के साथ मारपीट, मानसिक उत्पीड़न किया गया और अंततः उसे घर से निकाल दिया गया। प्रतिमा वर्मा ने मांग की है कि उसके आवेदन में दर्ज सभी तथ्यों और नामजद आरोपियों के आधार पर निष्पक्ष जांच की जाए तथा शेष आरोपियों के विरुद्ध भी विधिसम्मत कार्रवाई कर उसे न्याय दिलाया जाए।

मकर संक्रांति पर सर रिसोर्ट एंड फन सिटी, में भव्य रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम का होगा आयोजन 


        

अनूपपुर

मकर संक्रांति के पावन अवसर पर जिले में सांस्कृतिक उत्सव की भव्य झलक देखने को मिलेगी। आगामी 18 जनवरी 2026, दिन रविवार को सर रिसोर्ट एंड फन सिटी, अमरकंटक रोड, सकरा (अनूपपुर) में एक रंगारंग सांस्कृतिक एवं मनोरंजन कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन क्षेत्रवासियों के लिए मनोरंजन, संगीत और स्वादिष्ट भोजन का अनूठा संगम लेकर आ रहा है।कार्यक्रम की विशेष आकर्षण होंगे मुंबई से पधार रहे जूनियर शशि कपूर, जो अपने सशक्त अभिनय और मंचीय प्रस्तुति से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन करेंगे। वहीं संगीत की दुनिया के प्रसिद्ध गायक देबू चक्रवर्ती (इंडियन आइडल फेम सीजन छः, भारत की शान सीजन तीन मे अपनी मधुर एवं ऊर्जावान गायकी से समां बांधेंगे। इनके अलावा कार्यक्रम में आकर्षक डांस परफॉर्मेंस एवं अन्य म्यूजिकल प्रस्तुतियां भी शामिल रहेंगी।

आयोजकों के अनुसार यह कार्यक्रम केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसमें दर्शकों के लिए स्वादिष्ट एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन की भी विशेष व्यवस्था की गई है। कार्यक्रम में प्रवेश हेतु प्रवेश शुल्क मात्र 300 रुपये प्रति व्यक्ति रखा गया है, जिसमें भोजन शामिल है।कार्यक्रम का समय शाम 7 बजे से रात 10 बजे तक निर्धारित किया गया है। आयोजन स्थल सर रिसोर्ट एंड फन सिटी, सकरा, अनूपपुर को आकर्षक ढंग से सजाया जाएगा, ताकि दर्शकों को एक यादगार अनुभव प्राप्त हो सके।

आयोजकों ने जिले एवं आसपास के क्षेत्रों के नागरिकों से अपील की है कि वे अपने परिवार व मित्रों के साथ इस मकर संक्रांति विशेष सांस्कृतिक संध्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाएं और लोक-संस्कृति व आधुनिक मनोरंजन के इस संगम का आनंद लें। यह कार्यक्रम न केवल मनोरंजन का अवसर प्रदान करेगा, बल्कि क्षेत्र में सांस्कृतिक गतिविधियों को भी नई पहचान देगा।

शराब पीकर किया गाली-गलौच युवक हुआ गिरफ्तार 


अनूपपुर

जिले के चचाई थाना अंतर्गत बाबा कुटी परिसर एवं सोन नदी घाट की साफ सफाई ग्राम पंचायत मेडियारास के द्वारा मकर संक्रांत पर्व के उपलक्ष्य में कराई जा रही थी, इस दौरान बकेली के कुछ शराबी आकर सफाई कर्मी एवं पंचायत कर्मियों के साथ गाली गलौज लड़ाई झगड़ा करने लगे, जिसकी लिखित शिकायत ग्राम पंचायत सरपंच मेडियारास के द्वारा किया गया मौके से पुलिस टीम भेजा गया, जिसमें अनावेदक सत्यम केवट पिता मुन्ना लाल केवट उम्र 25 साल निवासी बकेली थाना कोतवाली अनूपपुर का मौके पर मिला एवं उनके अन्य साथी पुलिस को देखकर भाग गए, अनावेदक को मौके से धारा 170 बीएनएसएस में गिरफ्तार कर अनावेदक के खिलाफ इस्तगासा क्रमांक 06/26 धारा 170 ,126,135 (3) बीएनएसएस के तहत कार्यवाही की गई। अन्य अनावेदक की तलाश कर उनके खिलाफ भी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।

ग्राम पंचायत मे हरे भरे पेड़ पौधो को उजाड़कर फर्जीवाड़ा कर करा रहे हैं तालाब का निर्माण


अनूपपुर

जिले के जनपद पंचायत कोतमा में आने वाले ग्राम पंचायत खामरौद यहां सरपंच सचिव रोजगार सहायक तीनों कि मिली भगत से पहले  जमीन पर वृक्षारोपण किए थे और अब छोटे छोटे पौधे को काटकर अब यहां तलाब का निर्माण कर रहे है। मामला कोतमा जनपद अंतर्गत ग्राम पंचायत खमरौद का जहा पर पंचायत एजेंसी के द्वारा खुलेआम कोतमा जनपद के यंत्री उपयंत्री के सह पर प्रमाणित भ्रष्टाचार को अंजाम दिया जा रहा है। बिना मास्टर रोल निकाले ही किया जाता है निर्माण कार्य वा बिना मूल्यांकन के पैसा की निकासी की जा रही है।

कोतमा जनपद के इंजीनियर के सह से ख़मरोद पंचायत मे विकास की गति चरम सीमा पार चुका है, निर्माण कार्य ल पुल, पुलिया, सीसी रोड मुलक हितग्राही के काम खेत तालाब मे बिना मास्टर निकाले ही चालू कराया जाता है काम और बाद मे बंद कमरे मे बैठ कर जो मजदूर कभी काम करने नहीं जाते वा जो पंचायत तो क्या संभाग से भी बाहर रहते है उनके नाम का फर्जी मास्टर तैयार कर पंचायत के कामों मे हाजरी लगाकर प्रमाणित फर्जीवाड़े को अंजाम दिया जाता है, ऐसा नहीं है की इन सब कारनामो की जानकारी कोतमा जनपद मे अंगद के पैर की तरह आसन जमाए बैठे इंजिनियर डोंगरवार को नहीं है। 

अगस्त 2025 मे ही पूरे प्लाट मे लगे हरे भरे लिपटिस के ऊपर ही चालू करा दिए खेत तालाब निर्माण कार्य जिससे यह प्रमाणित होता है की पंचायत के रोजगार सहायक के द्वारा घर मे बैठकर बिना साइड देखे बिना मास्टर निकाले ही मेटो के माध्यम से अपना सेटिंग बनाकर काम को चालू करा दिया जाता है, और जब रोजगार सहायक मोहन केवट से इस बारे मे पूछा गया तो कहते है की जब मैं जिओ टैक करने गया था तो उस प्लाट मे लिपटिस का पेड़ नहीं था, पर अब कैसे आ गया मैं नहीं जनता हूँ। हितग्राही का कहना है जितना लिपटिस लगा था, उसका पैसा दे दूंगा मैं और किसी को बोलने का हक नहीं है, जो शासन मेरे ऊपर कार्यवाही करेगा मै देख लूंगा थाना में शिकायत करे या कुछ भी करें।

मैं निर्माण कार्य के जगह पर गयी थी, लिपटिस प्लाट मे लगा हुआ है और खेत तालाब का काम भी वही पे हो रहा है, टाइमिंग के लिए भी बोली हूँ,अगल बगल के पंचायतो मे भी ऐसा ही चलता है धीरे धीरे सुधार करेंगे।

*रानी पनिका, सचिव, ग्राम पंचायत ख़मरौद*

मुझे निर्माण कार्यों के जानकारी नहीं रहती है, आप इन सब बारे मे हमारे पति से से बात कर लीजिये।

*पिंकी सिंह सरपंच ग्राम पंचायत ख़मरौद*

जब पंचायत के सरपंच सचिव ही कुछ नहीं बोलते है तो मैं क्या कर सकता हूँ। 

*मोहन केवट, रोजगार सहायक ग्राम पंचायत ख़मरौद*

 मतगणना सुनने के लिए बैठे लोगों को जान से मारने की कोशिश करने वाले आरोपियों को 10-10 वर्ष का कारावास व जुर्माना


अनूपपुर

लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा बताया गया कि आरोपी शंकर चैधरी पिता स्व. बालकरण चैधरी उम्र 20 वर्ष एंव संतोष कुमार चैधरी पिता स्व. बालकरण चैधरी, उम्र 23 वर्ष दोनों निवासी सोन मौहरी, थाना कोतवाली अनूपपुर, जिला अनूपपुर 01 जुलाई 2022 को रात्रि करीब 09ः00 बजे पुलिस थाना अनूपपुर अन्तर्गत ग्राम सोन मौहरी में फाटक हाई स्कूल के पास वोट की गिनती सुनने के लिये बैठे हुए फरियादी कदमिया बाई एंव अन्य आह्तगण राधेश्याम चैधरी, कपसू चैधरी व सोना चैधरी को मां-बहन के अश्लील शब्द उच्चारित कर उन्हें एंव अन्य सुनने वालो को क्षोभ कारित किया एंव लाठी- डण्डा एंव टांगी/कुल्हाडी से मारकर गंभीर प्राण घातक चोेटे कारित की जिससे मृत्यु हो सकती थी तथा यदि मृत्यु होती तो हत्या के दोषी होते।  

उक्त अपराध के संबंध में फरियादी ने थाना कोतवाली अनूपपुर मे आकर रिपोर्ट लिखवाई। जिसके संबंध में थाना कातवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 370/2022 धारा 294, 323, 506, 34, 307 भारतीय दण्ड संहीता में पंजीकृत किया गया। पुलिस के द्वारा विवेचना के दौरान आरोपी को गिरफ्तार किया गया तथा घटना के संबंध में आहतगण एंव अन्य साक्षियों के बयान लिया गया एंव जप्ती की कार्यवाही की जाकर जांच हेतु एफ0एस0एल0 सागर भेजा गया। मामले में पुलिस की ओर सेे न्यायालय के समक्ष संपूर्ण विवेचना के उपरांत अंतिम प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश नरेन्द्र पटेल कें न्यायालय में सुनवाई की गयी जिसमें शासन की ओर से लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा ने 14 साक्षियों के साक्ष्य कराये और 23 दस्तावेजों को परीक्षत कराया गया। वही पर आरेापी के अधिवक्ताओ ने 4 दस्तावेज को प्रदर्शित कराया। साक्ष्य एंव विचारण उपरांत शासन की ओर से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक द्वारा रखे गए तर्कों और बहस तथा मामले की गम्भीरता एवं परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी शंकर चैधरी एंव संतोष कुमार चैधरी को भारतीय दण्ड संहिता 1860 की धारा 294, 323, 506, 34, 307 मेें आरोपियो को दोषी पाते हुए दोषसिद्ध ठहराया गया जिसमें आरोपी को 10-10 साल का कारावास एवं 5,000/-रू0 जुर्माना से दंडित किया गया। आरोपी को निर्णय उपरान्त न्यायायिक अभिरक्षा जिला जेल अनूपपुर में भेद दिया गया। 

तीन हाथी मटर की फसल को बनाया आहार, लापरवाही पर 6 स्व सहायता समूहो का अनुबंध समाप्त


अनूपपुर

विगत 18 दिन पूर्व आए तीन हाथियों का समूह निरंतर जैतहरी क्षेत्र के धनगवां बीट के जंगल में दिन एवं रात को भी विचरण कर रहे है जो कई दिन बाद गुरुवार शुक्रवार की मध्यरात्रि तीनों हाथी जंगल से निकल कर एक किसान के खेत में लगी मटर की फसल को अपना आहार बनाते हुए सुबह होते ही वापस जंगल जा कर ठहर गए।

विदित है कि तीन हाथियों का समूह 23 दिसंबर की रात छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा को पार कर एक बार फिर से अनूपपुर जिले के जैतहरी इलाके में धनगवां वन बीट के जंगल में निरंतर 18 दिन से दिनो से ठहरे हुए हैं जो विगत कई दिनों से रात के समय भी जंगल में ही रहकर रात बिता रहे हैं लेकिन गुरुवार एवं शुक्रवार की मध्य रात्रि तीनों हाथी धनगवां बीट के कुसुमहाई गांव से लगे झंडीटोला के पास से एक किसान वीरन नापित के खेत में लगे मटर की फसल को अपना आहार बनाते हुए चोई गांव के गोढाटोला एवं धनगवां पंचायत के दर्रीटोला तक विचरण करते हुए शुक्रवार की सुबह होने ही फिर से धनगवां के जंगल में विचरण एवं विश्राम करने चले गए हाथियों के निरंतर विचरण पर वन विभाग द्वारा दो अलग-अलग स्तर पर गश्ती दल तैयार कर ग्रामीणों की मदद से रात भर ग्रस्त करते हुए ग्रामीणों को सतर्क एवं सचेत रहने की बात कह रहे हैं लेकिन जंगल से लगे कुछ गांव के ग्रामीण अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हिदायत दिए जाने के बाद भी घनघोर जंगल के मध्य पहुंच रहे हैं जिससे कभी भी किसी भी तरह की अनहोनी घटना घट सकती है हाथियों का समूह दिन के समय स्वतंत्र रूप से एकांत में वन क्षेत्र में विश्राम करते हैं जिन्हें मनुष्य के चलने या उनके रहने की आहट मिलने पर कभी भी आक्रोशित हो कर हमला कर सकते हैं वन विभाग एवं ग्राम पंचायतो के द्वारा ग्रामीणों को दिन के समय जंगल नहीं जाने की हिदायत एक बार फिर से दी गई है।

*लापरवाही पर 6 स्व सहायता समूहो का अनुबंध समाप्त*

अनूपपुर में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में पीएम पोषण निर्माण संचालन में लापरवाही एवं अनियमितता पाए जाने पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी ने कार्यवाही करते हुए 11 स्कूलों के 6 स्व सहायता समूहो का अनुबंध समाप्त करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संबंधित स्कूल के शाला प्रबंधन समिति को पीएम पोषण संचालन का दायित्व सौपा है। 

एकीकृत प्राथमिक विद्यालय रामनगर, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय सल्हारों, प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय चोलना एवं प्राथमिक विद्यालय बचहा टोला, प्राथमिक विद्यालय बंधवाटोला प्राथमिक विद्यालय जर्राटोला एवं प्राथमिक विद्यालय अगरियान टोला, एकीकृत माध्यमिक विद्यालय करौंदी, प्राथमिक विद्यालय कोलान टोला मे पीएम पोषण निर्माण कार्य का संचालन करने वाले 6 स्व सहायता समूह का अनुबंध समाप्त किया गया है।

भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी पचड़ी पानी में लगाएगा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर


अनूपपुर

भारतीय रेडक्रास सोसाइटी जिला शाखा अनूपपुर के अध्यक्ष एवं  कलेक्टर हर्षल पंचोली के मार्गदर्शन में स्वामी विवेकानंद की जयंती एवं युवा दिवस के अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा अनूपपुर द्वारा 12 जनवरी 2026 तक सेवा सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 12 जनवरी 2026 (सोमवार) को ग्राम पड़री-पानी, हल्थ ब्लॉक अनूपपुर में एक निःशुल्क बृहद स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा।

यह शिविर प्रातः 9:30 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें अनुभवी चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा आमजन को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी जिला शाखानपुर के सचिव डॉ कुमार तिवारी ने बताया कि शिविर में सिकल सेल एनीमिया, ब्लड प्रेशर एवं शुगर (एनसीडी), टीबी एवं मलेरिया, मौसमी बीमारियों, दंत रोगों तथा कुपोषित बच्चों की जांच एवं आवश्यक उपचार की व्यवस्था रहेगी। साथ ही जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी शाखा अनूपपुर के सभापति डॉ आरपी सोनी द्वारा क्षेत्रवासियों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाएं। यह आयोजन भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, मध्य प्रदेश राज्य शाखा भोपाल के निर्देशानुसार एवं जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से संपन्न किया जाएगा।

विकास की राह में रोड़ा बनते 'स्वार्थ' के स्वर: ओरिएंट पेपर मिल के योगदान पर राजनीति का साया

*सरकार की मंशा बनाम जमीनी हकीकत, सुनियोजित व्यवधान और 'पारिश्रमिक' की चाह*


​शहडोल

मध्य प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर शहडोल जिले को पहचान दिलाने वाली 'ओरिएंट पेपर मिल' (OPM) आज न केवल क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ है, बल्कि हजारों परिवारों के चूल्हे जलने का आधार भी है। जहाँ एक ओर केंद्र और राज्य सरकारें 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन एमपी' के तहत उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लाल कालीन बिछा रही हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ स्थानीय स्वयंभू नेताओं द्वारा निजी हितों के चलते इस औद्योगिक संस्थान की छवि धूमिल करने और कार्यों में व्यवधान डालने का प्रयास किया जा रहा है।

*​स्थानीय रोजगार का सबसे बड़ा केंद्र*

​ओरिएंट पेपर मिल की स्थापना के समय से ही इसका दृष्टिकोण समावेशी विकास का रहा है। कंपनी ने उन स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी, जिन्होंने उद्योग की स्थापना के लिए अपनी भूमि दी थी। आंकड़ों पर गौर करें तो संस्थान में लगभग 60 से 70 प्रतिशत कार्यबल स्थानीय है। इसमें न केवल कंपनी के स्थायी कर्मचारी (Employees) शामिल हैं, बल्कि ठेका पद्धति के माध्यम से भी हजारों स्थानीय युवाओं को सम्मानजनक रोजगार प्राप्त हो रहा है।

​*सरकार की मंशा बनाम जमीनी हकीकत*

​मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर लगातार यह प्रयास किए जा रहे हैं कि प्रदेश में निवेश आए और स्वरोजगार के अवसर बढ़ें। लेकिन, शहडोल के इस अंचल में कुछ 'छुटभैया नेता' सरकार के इन प्रयासों को पलीता लगाने में जुटे हैं। अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने और जनता के बीच 'मसीहा' बनने के चक्कर में ये लोग अक्सर कंपनी के गेट पर किराए की भीड़ जमा कर प्रदर्शन करते हैं। एक स्थानीय कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया: "कंपनी ने हमें तब सहारा दिया जब रोजगार के कोई साधन नहीं थे। आज कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए शांतिपूर्ण कार्य वातावरण को खराब कर रहे हैं, जिससे अंततः नुकसान हम जैसे श्रमिकों का ही होगा।"

​*सुनियोजित व्यवधान और 'पारिश्रमिक' की चाह*

​जानकारों का मानना है कि इन प्रदर्शनों के पीछे जनहित कम और व्यक्तिगत स्वार्थ अधिक है। यह एक कड़वा सच है कि औद्योगिक शांति को भंग कर ये तथाकथित नेता प्रबंधन पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं ताकि उनकी 'सुविधा-शुल्क' या अनुचित मांगों की पूर्ति हो सके। विकास की इस दौड़ में जब ओरिएंट पेपर मिल उत्पादन के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है, तब इस तरह के धरना-प्रदर्शन न केवल कंपनी के ऑपरेशंस में बाधा डालते हैं, बल्कि जिले की औद्योगिक छवि को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।

*​सामाजिक सरोकार (CSR) में अग्रणी*

​ओरिएंट पेपर मिल केवल कागज का उत्पादन नहीं करती, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक उत्थान में भी भागीदार है। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में कंपनी के सीएसआर (CSR) कार्यों ने शहडोल के दूरदराज के गांवों में बदलाव की लहर पैदा की है। स्वास्थ्य सेवा: स्थानीय ग्रामीणों के लिए समय-समय पर चिकित्सा शिविर। ​शिक्षा: कंपनी से जुड़े शिक्षण संस्थानों में स्थानीय बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा।आधारभूत ढांचा: सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं में निरंतर सहयोग।

*​क्या विकास विरोधी राजनीति का होगा अंत*

​बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या मुट्ठी भर लोगों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा हजारों लोगों के रोजगार से बड़ी है? स्थानीय जनता अब इन हथकंडों को समझने लगी है। प्रदर्शनों में जुटने वाली 'किराए की भीड़' यह साबित करती है कि वास्तविक कामगारों और भूमि स्वामियों का समर्थन इन नेताओं के पास नहीं है। प्रशासन को भी ऐसे तत्वों पर नकेल कसने की आवश्यकता है जो औद्योगिक शांति भंग कर विकास की गति को धीमा कर रहे हैं। यदि ओरिएंट पेपर मिल जैसे संस्थान सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में कार्य नहीं कर पाएंगे, तो भविष्य में कोई भी नया निवेशक शहडोल की ओर रुख करने से डरेगा।

*​उद्योग बचेगा, तो बचेगा रोजगार*

​अंततः, ओरिएंट पेपर मिल शहडोल की पहचान है। स्थानीय लोगों को चाहिए कि वे इन स्वार्थी तत्वों के बहकावे में न आएं और अपने तथा अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए औद्योगिक संस्थान का साथ दें। सरकार और जनता के साझा सहयोग से ही ओरिएंट पेपर मिल विकास के नए सोपान तय कर सकेगी।

टोरंट पावर लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित थर्मल पावर प्रोजेक्ट की पर्यावरण  संरक्षण जनसुनवाई सफलतापूर्वक सम्पन्न

*न्यू जोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अनुषंगी की पारदर्शी, जिम्मेदार एवं सहभागी पहल*


अनूपपुर

जिले के रक्सा–कोलमी क्षेत्र में न्यू ज़ोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (टोरंट पावर लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी) द्वारा प्रस्तावित अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट को लेकर आयोजित पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई बुधवार को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। यह जनसुनवाई रक्सा खेल मैदान, ग्राम रक्सा में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहडोल (म.प्र.) के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

ग्राम सभाओं का सर्वसम्मत समर्थन

जनसुनवाई के दौरान ग्राम रक्सा की सरपंच उमा सिंह द्वारा ग्राम सभा का लिखित प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रस्तावित परियोजना के पक्ष में पूर्ण समर्थन व्यक्त किया गया। इसी क्रम में ग्राम (कोलमी) के सरपंच राजू पनिका द्वारा भी अपनी ग्राम सभा का सर्वसम्मत समर्थन पत्र प्रस्तुत किया गया। ग्रामीण वक्ताओं में चक्रधर मिश्रा, अमोल सिंह मरकाम ,आदित्य राठौर नरेंद्र राठौर एवं छत्रधारी  राठौर ने अपनी-अपनी ग्राम सभाओं की ओर से स्पष्ट रूप से कहा कि क्षेत्र के विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए यह परियोजना आवश्यक है, बशर्ते पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

*प्रशासनिक उपस्थिति एवं प्रक्रिया का पारदर्शी संचालन*

पर्यावरण जनसुनवाई की अध्यक्षता एडीएम दिलीप कुमार पांडे द्वारा की गई। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अशोक तिवारी की उपस्थिति में  कम्पनी के कंसल्टेंट ग्रीन सी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि नंदनी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के विषय जानकारी उपस्थित जनमानस को दी संपूर्ण प्रक्रिया नियमानुसार सम्पन्न कराई गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा रखे गए सुझावों, प्रश्नों एवं आपत्तियों को गंभीरता से सुना और उन्हें अभिलेखित किया। कार्यक्रम के दौरान जिले एवं संभाग स्तर के वरिष्ठ पत्रकार भी उपस्थित रहे, जिससे जनसुनवाई की पारदर्शिता और विश्वसनीयता और अधिक सुदृढ़ हुई।

*कंपनी प्रबंधन की स्पष्ट एवं जिम्मेदार प्रस्तुति*

कंपनी की ओर से प्रतिनिधि द्वारा उपस्थित जनसमुदाय द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का तथ्यात्मक, संतुलित एवं तकनीकी रूप से स्पष्ट उत्तर दिया। कंपनी प्रबंधन ने दोहराया कि प्रस्तावित पावर प्रोजेक्ट में पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। कंपनी द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि परियोजना में अत्याधुनिक वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली, वैज्ञानिक एवं संतुलित जल प्रबंधन व्यवस्था, फ्लाई ऐश एवं औद्योगिक अपशिष्ट का सुरक्षितएवं नियमानुसार निपटान, व्यापक हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) का विकास, तथा सतत पर्यावरणीय निगरानी प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी।स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक विकास पर फोकस

न्यूज़ोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि परियोजना के निर्माण एवं संचालन चरण में स्थानीय युवाओं, तकनीकी कर्मियों एवं सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा।

*CSR के अंतर्गत सामाजिक विकास की प्रतिबद्धता*

कंपनी ने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कौशल विकास, पेयजल आपूर्ति, सड़क एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु दीर्घकालिक योजनाएं लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनी प्रबंधन ने कहा कि स्थानीय समुदाय के साथ सहभागिता और विश्वास के आधार पर ही परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई में ग्रामीणों का सर्वसम्मत समर्थन, प्रशासनिक संतुलन और कंपनी की जिम्मेदार प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि न्यूज़ोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का यह प्रस्तावित पावर प्रोजेक्ट पर्यावरणीय संतुलन, नियामकीय अनुपालन और स्थानीय सहभागिता के साथ अनूपपुर जिले को ऊर्जा सुरक्षा, रोजगार सृजन और सतत औद्योगिक विकास की नई दिशा प्रदान करेगा।

न्यू जोन प्राइवेट लिमिटेड एवं टोरंट पावर लिमिटेड की 7 जनवरी को पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई विकास

*पर्यावरण और ग्रामीण सहभागिता का संतुलित मॉडल*


अनूपपुर

अनूपपुर जिले में पावर प्रोजेक्ट को लेकर न्यू जोन प्राइवेट लिमिटेड एवं टोरंट पावर लिमिटेड द्वारा 7 जनवरी को आयोजित की जा रही पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई को क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक स्तर पर इस जनसुनवाई को पारदर्शिता, संवाद और सहभागिता का सशक्त मंच माना जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी बड़े औद्योगिक निवेश के साथ प्रश्न और आशंकाएं स्वाभाविक होती हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन द्वारा तथ्यों के साथ खुला संवाद स्थापित करने की पहल विश्वास को मजबूत करती है। इसी उद्देश्य से पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) से जुड़े सभी पहलुओं को जनसुनवाई में सार्वजनिक रूप से रखा जा रहा है।

*आधुनिक तकनीक के साथ पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर*

ग्रामीणों के अनुसार न्यू जोन प्राइवेट लिमिटेड एवं टोरंट पावर लिमिटेड का यह पावर प्रोजेक्ट नवीनतम और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों पर आधारित है। जल प्रबंधन, वायु गुणवत्ता नियंत्रण, राख एवं अपशिष्ट निपटान, तथा हरित क्षेत्र विकास के लिए सभी वैधानिक एवं वैज्ञानिक मानकों के पालन का आश्वासन कंपनी द्वारा दिया गया है। अत्याधुनिक प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों और सतत निगरानी प्रणाली के माध्यम से पर्यावरणीय प्रभाव को निर्धारित सीमाओं के भीतर रखने की योजना ग्रामीणों के भरोसे को और मजबूत करती है।

*7 जनवरी की जनसुनवाई संवाद और समाधान का मंच*

7 जनवरी को आयोजित पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई को ग्रामीण अपने विचार, सुझाव और शंकाएं रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर मान रहे हैं।  रक्सा गांव के पूर्व सरपंच  अमोल सिंह मरकाम कहना है कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय के साथ साझेदारी को सुदृढ़ करने की प्रक्रिया है। विशेषज्ञों की मौजूदगी में पर्यावरणीय, सामाजिक और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

*रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल*

ग्रामीणों का मानना है कि इस पावर प्रोजेक्ट से अनूपपुर क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निर्माण चरण से लेकर संचालन अवधि तक स्थानीय युवाओं, तकनीकी कर्मियों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दिए जाने की नीति से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। परिवहन, छोटे व्यापार, ढाबा, आवास और अन्य सहायक सेवाओं को भी इससे नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

*CSR के माध्यम से सामाजिक और सामुदायिक विकास*

न्यू जोन प्राइवेट लिमिटेड एवं टोरंट पावर लिमिटेड द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत आसपास के गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, कौशल विकास, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दीर्घकालिक योजनाएं लागू करने की बात कही गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे गांवों का समग्र सामाजिक विकास सुनिश्चित होगा।

*विकास और विश्वास का संतुलन*

स्थानीय ग्रामीण समुदाय इस परियोजना को केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि अनूपपुर जिले के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक भविष्य से जुड़ा अवसर मान रहा है। नियामकीय अनुपालन, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और स्थानीय सहभागिता के साथ यह पावर प्रोजेक्ट विकास और विश्वास के संतुलन का उदाहरण है।

बिना परमिट दौड़ती बस पर 51 हजार का जुर्माना, पानी मे डूबा ट्रक चालक का शव बरामद


अनूपपुर

यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ यातायात पुलिस अनूपपुर ने सख़्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत बिना वैध परमिट के संचालित की जा रही एक यात्री बस पर कड़ी कार्यवाही की गई।

यातायात पुलिस द्वारा जांच के दौरान बस क्रमांक MP 04 PA 4119 को रोका गया। दस्तावेजों की गहन जांच में पाया गया कि बस *बिना वैध परमिट के यात्रियों का परिवहन कर रही थी। नियमों के स्पष्ट उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए बस को मौके पर ही जब्त किया गया तथा मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण तैयार अग्रिम कार्यवाही हेतु भेजा गया जहां से उक्त वाहन पर 51,000 (इक्यावन हजार रुपये) का भारी-भरकम जुर्माना आरोपित किया गया। बिना वैध परमिट संचालित वाहन यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा होते हैं। ऐसे वाहन न केवल कानून का उल्लंघन करते हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित करते हैं। इसी उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है।

*पानी मे डूबा ट्रक चालक का शव बरामद*

शहडोल जिले के थाना अमलाई क्षेत्र अंतर्गत दिनांक 11 अक्टूबर 2025 को ओसीएम में डम्पर ट्रक, चालक सहित डूब गया था जिसके रेस्क्यू कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अनूपपुर की टीम द्वारा संयुक्त प्रयास किया गया था, परन्तु ट्रक लगभग 100 फिट से अधिक गहराई मे होने के कारण सफलता नहीं मिल पाई थी। घटना के बाद से खदान से निरंतर पानी को निकाला जा रहा है। जहां आज एसईसीएल मे प्रबंघक द्वारा सुबह 8.15 बजे सूचना मिली कि ट्रक दिखाई दे रहा है। उक्त सूचना पर तत्काल जिला सेनानी के आदेशानुसार 1 पीसी ( टीम प्रभारी के नेतृत्व मे 06 एसडीआरएफ एवं 01 एचजी जवान कुल 08 सदस्यीय टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई, घटनास्थल की दूरी लगभग 30 किमी दूर थी। जिला अनूपपुर और शहडोल की संयुक्त टीम द्वारा ओसीएम अमलाई मे डम्पर ट्रक सहित डूबे वाहन चालक की डैड बाडी रिकवर कर पुलिस को सुपुर्द कर दी गई है रेस्क्यू कार्य समाप्त हुआ। मृतक का नाम अनिल कुशवाहा पिता शिवदत्त प्रसाद उम्र 40 वर्ष निवासी मउगंज जिला मउगंज का है।

शीतलहर का प्रकोप, प्रकृति ने ओढ़ी सफेद चादर, जमी बर्फ, तापमान शून्य के करीब, नजारा शिमला–मनाली जैसा


अनूपपुर

मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में शीतलहर का ऐसा प्रकोप देखने को मिल रहा है कि प्रकृति ने आज एक बार फिर जमी बर्फ के रूप में मैदानों पर सफेद चादर सी ओढ़ ली है। चार दिनों के अंतराल के बाद आज 5 जनवरी 2026, सोमवार को सुबह होते ही ओस की शबनमी बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं और यत्र-तत्र-सर्वत्र बर्फ ही बर्फ नजर आने लगी।

घास-फूस, पत्तियां, छानी-छप्पर, तिरपाल, टीन की छतें तथा चौपहिया वाहनों की छत और कांच पर बर्फ की मोटी परत जम गई। पवित्र नगरी अमरकंटक एक बार फिर शीतलहर के आगोश में आ गई है। मौसम के जानकारों के अनुसार आज न्यूनतम तापमान पुनः शून्य डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जबकि बीते चार दिनों तक तापमान 12 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था।

नववर्ष के बाद लगातार तीन दिनों तक आसमान में घने और गहरे काले बादल छाए रहने से ठंड से कुछ राहत मिली थी, लेकिन जैसे ही बादल छटे, ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया। इसका परिणाम यह रहा कि एक बार फिर अमरकंटक में बर्फ जम गई और पूरा क्षेत्र सफेद चादर में ढक गया।

आज सुबह मैदानों, घास और पत्तियों में रुई की तरह जमी बर्फ ने अमरकंटक को शिमला, कुल्लू और मनाली जैसा दृश्य प्रदान किया। वाहनों के कांच और छतों पर जमी बर्फ ठंड की तीव्रता को बयां कर रही थी। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। बड़ी संख्या में पर्यटक, तीर्थ यात्री एवं श्रद्धालु ठंड की परवाह किए बिना मां नर्मदा के पावन जल में डुबकी लगाते हुए स्नान और दर्शन करते रहे।

मोटरसाइकिल चोरी का खुलासा, चोरी गई मोटरसाइकिल सहित आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

जिले के थाना कोतमा पुलिस द्वारा मोटरसाइकिल चोरी के प्रकरण में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई मोटरसाइकिल बरामद की गई।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 04 जनवरी 2026 को फरियादी मोहम्मद इकबाल पिता मोहम्मद अहमद, निवासी वार्ड क्रमांक 04, कोतमा द्वारा थाना कोतमा में उपस्थित होकर जुबानी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। फरियादी ने बताया कि वह दिनांक 04 जनवरी 2026 को अपने परिजनों को ट्रेन में बैठाने हेतु कोतमा रेलवे स्टेशन गया था, जहां रेलवे स्टेशन की सीढ़ियों के पास उसने अपनी काले रंग की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (क्रमांक MP 65 ZB 5429) खड़ी की थी। लगभग आधे घंटे बाद वापस आने पर उसकी मोटरसाइकिल वहां मौजूद नहीं थी। अज्ञात चोर द्वारा लगभग 70,000 रुपये की मोटरसाइकिल चोरी कर ली गई।

रिपोर्ट पर थाना कोतमा में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान थाना कोतमा पुलिस द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन एवं आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की सघन जांच की गई तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। परिणामस्वरूप पुलिस द्वारा आरोपी मोहम्मद एनस, उम्र 19 वर्ष, निवासी बनियाटोला, कोतमा को दस्तयाब कर उसके कब्जे से चोरी गई मोटरसाइकिल कीमत लगभग 70,000/- रुपये बरामद की गई। आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

जंगल में रेत का अवैध उत्तखनन ट्रैक्टर जप्त, चालक व मजदूर फरार, पुलिस ने 2 सटोरियों की कार्यवाही


अनूपपुर

जिले के जैतहरी वन परिक्षेत्र के गढ़ियाटोला बीट के जंगल में रविवार को जंगल के अंदर नाला से रेत खनन करते एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को वन विभाग की टीम द्वारा पकड़ कर जप्त किया इस दौरान ट्रैक्टर चालक एवं मजदूर फरार हो गए।

इस संबंध में वन परिक्षेत्राधिकारी जैतहरी विवेक मिश्रा ने बताया गया कि वन परिक्षेत्र जैतहरी के गढ़ियाटोला बीट अंतर्गत के कक्ष क्रमांक आर,एफ,322 खोरीबाबा जंगल के पास नाला से कुछ मजदूरों द्वारा फावड़ा तसला से अवैधानिक तरह से रेत उत्खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरे जाने की सूचना मुखबिर से मिली थी, जंगल गस्त कर रहे परिक्षेत्र सहायक वेंकटनगर संतोष कुमार श्रीवास्तव एवं गढ़ियाटोला वनरक्षक नारेंद्र कुमार पटेल को मिलने पर वन कर्मचारी सुरक्षा श्रमिकों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचकर देखा गया कि कुछ मजदूर जंगल के अन्दर नाला से फावड़ा से रेत खोद कर तसला में भर कर ट्रैक्टर ट्राली में भर रहे थे, वन कर्मचारियों को देखते ही मजदूर एवं ट्रैक्टर चालक स्थल से भाग गए, इस दौरान वन विभाग की टीम द्वारा रेत से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली एवं स्थल पर पड़े फावड़ा एवं तसला को जप्त कर वन अपराध के तहत प्रकरण दर्ज कर ट्रैक्टर ट्रॉली को को परिक्षेत्र सहायक वेंकटनगर परिसर में ला कर रखा गया, वन विभाग की टीम द्वारा ट्रैक्टर चालक एवं ट्रैक्टर मालिक की तलाश की जा रही है।

*पुलिस ने 2 सटोरियों की कार्यवाही*

अनूपपुर

जिले थाना भालूमाड़ा पुलिस टीम  के द्वारा मुखबिर की सूचना पर कस्बा जमुना में रेड कार्यवाही कर उजेर बिरियानी के पास जमुना में खेदन लाल नई पिता स्वर्गीय सुकुल श्रीवास उमर 70 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 2 जमुना कॉलोनी एवं सूरज श्रीवास पिता खेतन लाल श्रीवास उमर 23 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 2 जमुना कादरी थाना भालूमाड़ा का सट्टा के अंकों पर रुपयों का बाजी लगाते मिले जिनके कब्जे से प्रथक प्रथक क्रमशः₹510 एवं 610 रुपए एवं सट्टा पर्ची व डॉट पेन जप्त किया गया आरोपीगणों के विरुद्ध के अप.क्र. 07/2026 धारा 4(क) सट्टा एक्ट एवं 08/2026 धारा 4(क) सट्टा एक्ट का अपराध कायम कर विवेचना मे लिया गया ।

आरोपी खेदन लाल श्रीवास के कब्जे से नगदी  510 रुपये एवं सट्टा पर्ची व डाट पेन एवं आरोपी सूरत श्रीवास के कब्जे से कल 610 रुपए एवं सट्टा पर्ची व डॉट पेन जप्त किया गया हैं। खेदन लाल नई पिता स्वर्गीय सुकुल श्रीवास उमर 70 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 2 जमुना कॉलोनी एवं सूरज श्रीवास पिता खेतन लाल श्रीवास उमर 23 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 2 जमुना कादरी थाना भालूमाड़ा को मामला दर्ज किया गया है।

पवित्र माघ मास के प्रथम दिवस में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था, मां नर्मदा में लगाई पुण्य डुबकी


अनूपपुर

प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में पवित्र माघ मास के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा, प्रथम दिवस के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर हजारों की संख्या में भक्त श्रद्धालु, तीर्थ यात्री, दर्शनार्थी एवं परिक्रमा वासी पतित पावनी पुण्य सलिला मां नर्मदा के पावन तटों पर पहुंचे और आस्था की पुण्य डुबकी लगाई।

श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा जी के रामघाट उत्तर एवं दक्षिण तट, कोटि तीर्थ, घाट कुंड तथा पुष्कर बांध में विधिपूर्वक स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया। इसके पश्चात भक्तों ने मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर में विधि-विधानपूर्वक दर्शन, पूजन एवं अर्चन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

माघ मास के प्रथम दिवस के साथ ही एक माह तक चलने वाले माघ स्नान एवं कल्पवास का धार्मिक एवं आध्यात्मिक विधान भी विधिवत प्रारंभ हो गया। सुबह तड़के से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जो दिनभर लगातार बनी रही। मंदिर परिसर में भी दर्शनार्थियों की भारी भीड़ देखी गई। इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश के अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, जबलपुर, बालाघाट एवं छिंदवाड़ा जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे।

हालांकि मौसम में ठंड अपेक्षाकृत कम होने के कारण श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा भाव के साथ मां नर्मदा में स्नान किया। दिनभर घाटों और मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और सनातन आस्था का वातावरण बना रहा।

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