राष्ट्रीय फ्लोर बॉल प्रतियोगिता में कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन के खिलाड़ियों ने जीता स्वर्ण पदक


अनूपपुर

राष्ट्रीय फ्लोर बॉल प्रतियोगिता में कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन विद्यालय, अमरकंटक के 11 खिलाड़ियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय और अमरकंटक क्षेत्र का गौरव बढ़ाया। राष्ट्रीय स्तर पर मध्यप्रदेश की टीम का प्रतिनिधित्व करते हुए खिलाड़ियों ने शानदार खेल कौशल का परिचय दिया और स्वर्ण पदक जीतकर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।

हरियाणा के सोनीपत में आयोजित राष्ट्रीय फ्लोर बॉल प्रतियोगिता में 10 राज्यों की टीमों ने सहभागिता की। प्रतियोगिता में खिलाड़ियों के बीच रोमांचक मुकाबले हुए, जिनमें मध्यप्रदेश की टीम ने अपने दमदार प्रदर्शन से सफलता अर्जित की।

मध्यप्रदेश की टीम ने महाराष्ट्र को 3-1 से चंडीगढ़ की टीम को 3-0 से शिकस्त दी। सेमीफाइनल मुकाबले में जम्मू-कश्मीर को 2-0 से हराया, जबकि फाइनल में तमिलनाडु की टीम को 1-0 से पराजित कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। टीम की इस उपलब्धि में कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन, अमरकंटक के खिलाड़ियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

विद्यालय के 11 विद्यार्थियों का राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए चयन होना अपने आप में महत्वपूर्ण उपलब्धि रही। श्री कल्याण सेवा आश्रम, अमरकंटक के प्रबंध न्यासी स्वामी हिमाद्री मुनि जी महाराज ने खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। 

कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन विद्यालय, अमरकंटक के प्राचार्य कमलेश मिश्रा ने भी विद्यार्थियों की सफलता पर हर्ष व्यक्त किया। खिलाड़ियों की इस उपलब्धि पर विद्यालय परिवार और कोच आकाश सिंह और टीम मैनेजर सुभाष गुप्ता एवं क्षेत्रवासियों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ, शंकर मंदिर से निकली भव्य कलश यात्रा, 18 अक्टूबर तक होगा आयोजन

*महिलाओं, बच्चों और पुरुषों सहित सैकड़ों श्रद्धालु हुए शामिल*


अनूपपुर

नगर के अमरकंटक तिराहा स्थित युवा दुर्गा उत्सव समिति के तत्वावधान में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का शुभारंभ रविवार, 11 अक्टूबर 2026 को भव्य कलश यात्रा के साथ हुआ। इस अवसर पर शंकर मंदिर से श्रीमद्भागवत कथा पंडाल तक विशाल कलश यात्रा निकाली गई। यात्रा में महिलाओं, बच्चों और पुरुषों सहित सैकड़ों श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। धार्मिक वातावरण और भक्तिमय माहौल के बीच निकली कलश यात्रा में श्रद्धालुओं की आस्था देखते ही बनी। इसी पंडाल में माँ दुर्गा की प्रतिमा का स्थापना भी किया गया है। जो नौ दिनों तक आयोजन चलेगा।

कलश यात्रा के साथ क्षेत्र में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का सात दिवसीय धार्मिक आयोजन प्रारंभ हो गया। आयोजन को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखा गया। यात्रा में शामिल महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर धार्मिक परंपराओं का निर्वहन किया। वहीं, अन्य श्रद्धालु भी भक्ति भाव के साथ यात्रा में शामिल हुए। आयोजन स्थल पर पहुंचकर श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की और कथा के सफल आयोजन की कामना की।

आयोजन समिति द्वारा जारी कार्यक्रम के अनुसार, श्रीमद्भागवत कथा का वाचन 12 अक्टूबर से 18 अक्टूबर 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से शाम 7 बजे तक किया जाएगा। कथा व्यास गौारंगी एवं विशाखा भारद्वाज द्वारा श्रीमद्भागवत की महिमा और विभिन्न धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। कथा के दौरान भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, गोवर्धन पूजा, रुक्मिणी विवाह, सुदामा चरित्र सहित विभिन्न प्रसंगों का श्रवण कराया जाएगा।

कार्यक्रम के अंतिम दिन 18 अक्टूबर को सुदामा चरित्र, राजा परीक्षित मोक्ष कथा, पूर्णाहुति एवं महाप्रसाद भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इसके साथ ही प्रतिदिन श्रीदुर्गा आरती और भंडारा प्रसाद की व्यवस्था भी रहेगी।

युवा दुर्गा उत्सव समिति ने श्रद्धालुओं से श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करने की अपील की है। आयोजकों को उम्मीद है कि कथा के माध्यम से क्षेत्र में धार्मिक चेतना, भक्ति और सामाजिक सद्भाव का संदेश प्रसारित होगा।

धंस रही है मैकल की पहाड़ी, जमीन खिसकने से उखड़ रहे हैं पेड़, हो रहे हैं गड्ढे, जांच में जुटी विशेषज्ञों की टीम


अनूपपुर

जिले के पुष्पराजगढ़ क्षेत्र में मैकल पर्वत की पहाड़ियों में भू-धंसाव का मामला अब गंभीर होता जा रहा है। धर्मदास, पटना और पकरी पानी सहित अलग-अलग स्थानों से पहाड़ी जमीन के खिसकने, गहरे गड्ढे बनने और पेड़ों के उखड़ने की तस्वीरें सामने आई हैं। कुछ स्थानों पर करीब 10 से 20 फीट तक जमीन नीचे खिसक गई है।

घटना को गंभीरता से लेते हुए वन एवं राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय अमरकंटक के भूगोल एवं भूगर्भ विज्ञान विभाग के विशेषज्ञों की टीम जांच में जुट गई है।

प्रारंभिक जानकारी में धर्मदास, पटना और पकरी पानी में जमीन की ऊपरी परत के नीचे खिसकने और गहरे दरारें बनने की बात सामने आई है। विशेषज्ञ चट्टानों की संरचना, मिट्टी की प्रकृति, ढलान, जल निकासी और भूजल गतिविधियों का अध्ययन कर रहे हैं।

वहीं स्थानीय लोगों ने जंगल की अंधाधुंध कटाई, पत्थर उत्खनन और ब्लास्टिंग को भी इस घटना का कारण बताया है। इसी बीच अमरकंटक में 2134, 14 हेक्टेयर में प्रस्तावित सेटेलाइट सिटी को लेकर भी पर्यावरण प्रेमियों ने सवाल खड़े किए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि मैकल क्षेत्र की प्राकृतिक स्थिरता और जलस्रोतों की सुरक्षा के लिए पहले भू-स्खलन की वजह बन सकते हैं, इसलिए इस प्रोजेक्ट का पर्यावरणीय आकलन जरूरी है। फिलहाल भूगर्भ विज्ञान विभाग की रिपोर्ट का इंतजार है।

ईव्हीएम मामले में स्ट्रांग रूम प्रभारी व सहायक शिक्षक को कलेक्टर ने किया निलंबित


अनूपपुर

जिला मुख्यालय के पुराने तहसील परिसर स्थित स्ट्रांग रूम से 24 ईव्हीहएम चोरी होने के कथित मामले में जिला निर्वाचन अधिकारी रत्नाकर झा ने स्ट्रांग रूम प्रभारी एवं सहायक शिक्षक फूल सिंह श्याम को निलंबित कर दिया है।

सहायक शिक्षक फूल सिंह श्याम ने 30 सितंबर को कोतवाली अनूपपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें पुराने तहसील परिसर स्थित स्ट्रांग रूम से 8 बैलेट बॉक्स और 16 कंट्रोल यूनिट चोरी होने की बात कही गई थी। मामले की जांच के लिए गठित जिला स्तरीय समिति को जांच के दौरान उप जिला निर्वाचन अधिकारी के हस्ताक्षर वाला 11 अक्टूबर 2021 का एक पत्र मिला। इसमें संबंधित ईवीएम को भोपाल भेजे जाने का उल्लेख था। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, ईव्हीलएम को भोपाल भेजे जाने का रिकॉर्ड संबंधित अभिलेखों में दर्ज नहीं था। इसी मामले में रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही और अन्य आरोपों के आधार पर स्ट्रांग रूम प्रभारी फूल सिंह श्याम को निलंबित किया गया है।

24 ईव्हीयएम चोरी होने की शिकायत के बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया था। जांच के दौरान पुराने पत्र में ईवीएम को भोपाल भेजे जाने का उल्लेख मिलने से मामले में नया तथ्य सामने आया। अब रिकॉर्ड संधारण में हुई चूक और ईवीएम के आवागमन से जुड़े दस्तावेजों की स्थिति जांच का अहम बिंदु है।



पीएफ फंड जमा न होने पर सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर, गलियों में लगा कचरे का ढ़ेर


अनूपपुर 

जैतहरी नगर परिषद के 50 से ज़्यादा सफाई कर्मचारी पीएफ फंड में राशि जमा करने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए हैं।

इससे नगर के 15 वार्डों की सफाई और पानी सप्लाई पर असर पड़ा है। नवरात्र से पहले ही मुख्य रास्तों और गलियों में कचरे के ढेर लग गए हैं। घरों और दुकानों के सामने कचरा जमा होने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं परिषद अध्यक्ष 4 महीने की राशि कुछ दिनों में डालने का आश्वासन दिया हैं लेकिन कर्मचारी पूरी राशि जमा करने पर अड़े हुए हैं।

कर्मचारियों की मांग है कि उनके मानदेय से कट रही पीएफ की राशि को नगर परिषद उनके फंड में जमा करे। उनका आरोप है कि पिछले दो साल से पीएफ की राशि काटी जा रही है, पर फंड में जमा नहीं हुआ। कर्मचारियों ने पहले भी आवेदन और मांग पत्र सौंपकर चेतावनी दी थी।

कर्मचारियों का आरोप है कि नगर परिषद में लगभग 20 ऐसे कर्मचारी है जो 20 साल से अपनी सेवाएं नगर परिषद को दे रहे हैं, लेकिन नगर परिषद ने इनमें से मात्र दो को नियमित किया है, शेष आज भी दैनिक वेतन भोगी रूप में सेवाएं दे रहे हैं। फिलहाल सफाई कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल से नगर परिषद की चिंताएं बढ़ गई है, वहीं जगह जगह कचरे के जमाव से नगरवासियों की मुश्किलें बढ़ गई है।

पुलिस ने पशु तस्करो के विरूद्ध की कार्यवाही, 21 मवेशी सहित ट्रक जब्त, मामला दर्ज


अनूपपुर

थाना भालूमाड़ा पुलिस को सूचना मिली की एक ट्रक में मवेशी लोड कर हरद से बदरा तरफ जा रहा है, सूचना मिलते ही पुलिस टीम द्वारा हनुमान मंदिर कुशियारा फाटक में घेराबंदी किया गया तो एक ट्रक चालक मौके पर मिला, गाडी चेक किया जो अशोक लीलेण्ड का ट्रक क्र CG 31 B 8590 में 19 नग भैसा एवं 02 नग भैसी कुल 21 नग मवेशी को ट्रक मे ठूस ठूस कर क्रूरता पूर्वक लोढ कर ले जाना पाया गया, जिन्हे जप्त कर मवेशियो को कांजी हाउस कोतमा मे रखा गया है। आरोपी चालक शहनबाज अहमद पिता इकबाल अहमद  उम्र 34 साल निवासी अकबरपुर उर्फ गंगागंज थाना नबाजगंज उ.प्र. को घटना स्थल पर गिरफ्तार किया गया। आरोपी चालक द्वारा बताया गया कि वाहन मालिक अजय कुमार सैनी का होना बताया एवं फिरोज उर्फ सोनू कुर्रेशी निवासी लपटा थाना जैतहरी से मवेशी देना बताया एवं अब्दुल रहमान उर्फ बल्लू मवेशी बाजार कोतमा व अजय कुमार सैनी मवेशी बाजार कोतमा के साथ चालक द्वारा काम करना बताया। चारो आरोपियों के विरूद्ध अपराध क्रमांक 310 /2026 धारा 11(घ) पशु क्रूरता अधि. म.प्र. कृषक पशु परि. अधि. 4, 6, 6(क), 9, 10, 11 एवं 66/192 ए एम.व्ही एक्ट का कायम किया ।

सफेद रंग का अशोक लीलेण्ड का ट्रक कीमती 15 लाख रुपये, 21 नग मवेशी कीमती 10 लाख 50 हजार कुल कीमत 25,50000/- रुपये का मशरूका जब्त किया गया है।

कांग्रेस ने मनाया ‘काला दिवस’, काले वस्त्र पहनकर निकाला पैदल मार्च, प्रधानमंत्री व गृहमंत्री फूंका पुतला

*पुलिस ने कांग्रेसियों को लिया हिरासत में*


अनूपपुर

दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के सांसदों द्वारा जंतर-मंतर की ओर किए जा रहे विरोध मार्च को पुलिस द्वारा रोके जाने और नेताओं की हिरासत के विरोध में कांग्रेस ने 8 अक्टूबर को देशभर में ‘काला दिवस’ मनाने का आह्वान किया। 

इसी क्रम में जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर द्वारा जिला कांग्रेस कार्यालय से दोपहर करीब 3 बजे जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता काले वस्त्र धारण कर जिला कांग्रेस कार्यालय से सामतपुर तालाब तक पैदल मार्च करते हुए पहुंचे।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में हुई पुलिस कार्यवाही के विरोध में नारेबाजी की तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कार्यवाही करते हुए जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान, विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को, पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश सिंह सहित अन्य कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। कांग्रेस नेताओं के अनुसार, उन्हें अस्थायी जेल में रखा गया और कुछ घंटों बाद रिहा कर दिया गया।

दिल्ली में इंडिया ब्लॉक के नेताओं ने जंतर-मंतर की ओर मार्च करने का प्रयास किया था। पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेताओं को हिरासत में लिया था। कांग्रेस ने इसके विरोध में 8 अक्टूबर को देशभर में प्रदर्शन का आह्वान किया था। 

जिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने और लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। कांग्रेस नेताओं ने शांतिपूर्ण प्रदर्शन और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के अधिकार की रक्षा की मांग की।

जिला अस्पताल रेफर मरीज की एंबुलेंस रास्ते में हुई खराब, बीमार  एंबुलेंस, व्यवस्था पर उठे सवाल


अनूपपुर

अमरकंटक स्वास्थ्य केंद्र से रात में अनूपपुर के लिए रेफर किए गए एक मरीज को ले जा रही 108 एंबुलेंस रास्ते में खराब हो गई। बताया गया कि वाहन खराब होने के बाद मरीज और उसके परिजनों को परेशानी का सामना करना पड़ा तथा मरीज को वापस अमरकंटक लाना पड़ा।पहाड़ी और दूरस्थ क्षेत्र में आधी रात के समय एंबुलेंस का बीच रास्ते में खराब होना मरीज और उसके परिजनों के लिए गंभीर चिंता का विषय बन गया। यदि मरीज की हालत अत्यंत गंभीर होती तो मरीज की जान चली जाती। 

नागरिकों का कहना है की प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा देने से स्वास्थ्य व्यवस्था सुदृढ़ नहीं हो सकती।अस्पताल में जांच और उपचार की पर्याप्त व्यवस्था नहीं होने की स्थिति में गंभीर मरीजों की परेशानी का सामना करना पड़ता है। अस्पताल में पर्याप्त , प्रशिक्षित पैरामेडिकल स्टाफ, नियमित जांच सुविधाएं, एक्स-रे, आवश्यक दवाइयां, चिकित्सा उपकरण और 24 घंटे आपातकालीन सेवाएं भी उपलब्ध नही है।

नागरिकों ने मांग की है कि अमरकंटक में कम से कम एक स्थायी, अच्छी स्थिति वाली और 24 घंटे उपलब्ध एंबुलेंस सुनिश्चित की जाए। अमरकंटक के नागरिकों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को वास्तविक रूप से सुविधायुक्त बनाने की मांग की है। 

आंचल को दूसरी बार मिली एयर एंबुलेंस की सुविधा, हार्ट की जांच व उपचार के लिए बेंगलुरु हुई रवाना 


अनूपपुर

संकट की घड़ी में एक बार फिर मध्यप्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए अनूपपुर जिले के जमुना कॉलोनी निवासी कुमारी आंचल शुक्ला पिता नरेंद्र शुक्ला को एयर एंबुलेंस की सुविधा उपलब्ध कराई। आंचल शुक्ला का वर्ष 2018 में बेंगलुरु में हार्ट ट्रांसप्लांट हुआ था। 

हार्ट ट्रांसप्लांट के बाद से आंचल का नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार बेंगलुरु के विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है। कुछ समय पूर्व अचानक तबीयत बिगड़ने पर सरकार ने सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें उपचार के लिए बेंगलुरु भेजने में मदद की थी।

आंचल की तबियत दोबारा बिगड़ने और हार्ट से संबंधित गंभीर समस्या की जानकारी उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल को मिली। उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए आंचल के लिए दूसरी बार एयर एंबुलेंस की व्यवस्था कराई। आंचल को रीवा से एयर एंबुलेंस के माध्यम से बेंगलुरु भेजा गया, जहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में उनका स्वास्थ्य परीक्षण एवं उपचार किया जा रहा है। परिजनों के अनुसार फिलहाल आंचल की स्थिति स्थिर एवं स्वास्थ्य में सुधार बताया जा रहा है।

संकट की इस घड़ी में समय पर मदद मिलने पर आंचल शुक्ला ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में मिली तत्काल सहायता उनके परिवार के लिए बड़ी राहत है।

नगर परिषद के कर्मचारी ठेकेदारों की फाइल रोककर परेशान करने का लग रहा है, कर्मचारियों के भूमिका पर सवाल 

*सामग्री की कमी बताकर सप्लाई कराने तक के आरोप*


अनूपपुर

नगर परिषद बनगवां-राजनगर में इन दिनों मास्टर रोल कर्मचारियों और विभिन्न कार्यों के प्रभारी कर्मचारियों की कार्यप्रणाली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय ठेकेदारों का आरोप है कि उनकी फाइलों को अनावश्यक रूप से रोककर उन्हें परेशान किया जाता है और दस्तावेजों की कमी बताकर बार-बार कार्यालय के चक्कर लगवाए जाते हैं। 

उन कर्मचारियों की भूमिका को लेकर उठ रहे हैं, जो परिषद के कार्यों के निरीक्षण के दौरान स्वयं सामग्री की कमी बताते हैं और उसके बाद उसी सामग्री को मंगवाने की प्रक्रिया में भी सक्रिय नजर आते हैं। यदि निरीक्षण करने वाला व्यक्ति ही कमी बताने के बाद सामग्री की व्यवस्था से जुड़े कार्यों में भूमिका निभाता है, तो स्वाभाविक रूप से सवाल उठता है कि सामग्री की आवश्यकता तय करने से लेकर सप्लाई और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है।

कई मामलों में पहले किसी सामग्री की कमी बताई जाती है और बाद में उसी सामग्री की व्यवस्था विशेष फर्मों अथवा सप्लायरों के माध्यम से कराए जाने की स्थिति सामने आती है। यदि यह आरोप सही पाए जाते हैं तो यह परिषद की खरीद प्रक्रिया और निगरानी व्यवस्था पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

ऐसे में यह जांच बेहद जरूरी है कि किस कर्मचारी ने सामग्री की आवश्यकता बताई, किस अधिकारी ने स्वीकृति दी, किस फर्म से सामग्री खरीदी गई, वास्तविक सामग्री कितनी आई और उसका भुगतान किसके नाम किया गया। नगर परिषद में अलग-अलग कार्यों के लिए बड़ी संख्या में प्रभारी बनाए जाने को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। 

यदि परिषद की पिछले वर्षों की सामग्री खरीदी एवं सप्लाई से संबंधित फाइलों, कोटेशन, सप्लाई ऑर्डर, जीएसटी बिल, ई-वे बिल, स्टॉक रजिस्टर, सामग्री प्राप्ति रजिस्टर, वाउचर और बैंक भुगतान का मिलान कराया जाए तो वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है।

नगर परिषद बनगवा राजनगर सीएमओ लखन पनिका का कहना है कि ऐसा नहीं है अगर ऐसा हो रहा है तो मैं इसकी जांच करता हूं और दोषी पाए जाने पर कार्यवाही की जाएगी

एनएसयूआई के बैनर तले बस की मांग के लिए सड़क पर चक्काजाम करने वाले 9 कॉलेज छात्रों पर मामला दर्ज


अनूपपुर

राजेंद्रग्राम में स्थित पुष्पराजगढ़ कॉलेज के छात्रों ने बस चलाने की मांग को लेकर एनएसयूआई के बैनर तले पटना गांव के पास पेट्रोल पंप के सामने रीवा-अमरकंटक हाईवे पर चक्काजाम प्रदर्शन की वजह से करीब 4 घंटे तक दोनों तरफ गाड़ियां थमी रही, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। जिस पर नायब तहसीलदार मुकुंद प्रधान की शिकायत पर राजेंद्रग्राम पुलिस ने 9 छात्र नेताओं पर नामजद और कई अन्य लोगों पर प्रकरण पंजीबद्ध किया हैं। छात्रों द्वारा प्रर्दशन की सूचना एसडीएम पुष्पराजगढ़ को दी गई थी, जिसकी अनुमति नहीं मिली थी। इसके बाद भी छात्रों ने सडक जाम कर 4 घंटे प्रर्दशन किया।

हाईवे जाम करने के आरोप में जिन छात्र नेताओं पर नए कानून (BNS) की धाराओं के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है, जिसमे जितेन्द्र खाण्डे, प्रहलाद कुमार चंदेल, पंकज कृष्ण रौतेल, संदीप धुर्वे, ऋचा देवी, मनमोहन सिंह, जय दीप मार्को, सत्य पाल चंद्रवंशी एवं वासू तेंदुलकर का नाम शामिल हैं।

17 सितंबर से कॉलेज को पुराने भवन से हटाकर नये भवन में चालू किया गया है। यह नया भवन मुख्य रास्ते से करीब 700 मीटर दूर एक पहाड़ी पर बना है। जहां से कॉलेज तक सही रास्ता न होने और चढ़ाई की वजह से छात्र बस चलाने और पक्की सड़क बनवाने की मांग कर रहे हैं।

कॉलेज की प्रिंसिपल संगीता मसीह ने बताया कि मुख्य रास्ते से कॉलेज तक 14.21 लाख रुपए की लागत से गिट्टी वाली सड़क बनाने की मंजूरी मिल चुकी है और डामर की सड़क बनाकर काम शुरू कराया जाना है। उन्होंने साफ किया कि सरकारी नियम में अलग से बस चलाने का कोई प्रावधान नहीं होता, इसे जनभागीदारी समिति के जरिए ही चलाया जाता है। इस समस्या के हल और बस की व्यवस्था को लेकर छात्रों के साथ बैठकर बात करने की तैयारी है।

 मां नर्मदा के दरबार में पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य, विधिवत पूजन कर लिया आशीर्वाद


अनूपपुर

मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में आध्यात्मिक वातावरण उस समय और अधिक गरिमामय हो उठा, जब द्वारका शारदा पीठाधीश्वर अनंत विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने मां नर्मदा मंदिर पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन किया। जगद्गुरु के मंदिर पहुंचने पर पुजारीगण एवं सेवायतों द्वारा परंपरागत रूप से उनका विशेष सम्मान किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां नर्मदा का विशेष पूजन-वाचन संपन्न हुआ। इस दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा और भक्ति के भाव से अभिभूत नजर आया।

जगद्गुरु शंकराचार्य ने मां नर्मदा के पावन उद्गम का दर्शन कर पूजा-अर्चना की और मां नर्मदा से लोककल्याण की कामना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। उनके सान्निध्य में संपन्न धार्मिक अनुष्ठान ने अमरकंटक की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक व्यापकता प्रदान की। दर्शन-पूजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज के साथ उनके भक्तगण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। 

नर्मदा मंदिर में पूजन-अर्चन के पश्चात जगद्गुरु शंकराचार्य श्री मार्कंडेय आश्रम पहुंचे। यहां आश्रम के आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मऋषि स्वामी रामकृष्णानंद महाराज के शिष्यों ने श्रद्धापूर्वक उनका स्वागत किया। आश्रम परिसर में वैदिक परंपरानुसार पादुका पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था के साथ पादुकाओं का पूजन कर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। मां नर्मदा के पावन दर्शन से लेकर श्री मार्कंडेय आश्रम में पादुका पूजन तक पूरा आयोजन सनातन संस्कृति और संत परंपरा की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता रहा है। एक ओर नर्मदा मंदिर में वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई दी तो दूसरी ओर आश्रम परिसर में गुरु-भक्ति और श्रद्धा का वातावरण दिखाई दिया।

मां नर्मदा के दरबार में पहुंचे जगद्गुरु शंकराचार्य, विधिवत पूजन कर लिया आशीर्वाद


अनूपपुर

मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक में आध्यात्मिक वातावरण उस समय और अधिक गरिमामय हो उठा, जब द्वारका शारदा पीठाधीश्वर अनंत विभूषित जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज ने मां नर्मदा मंदिर पहुंचकर विधिवत दर्शन-पूजन किया। जगद्गुरु के मंदिर पहुंचने पर पुजारीगण एवं सेवायतों द्वारा परंपरागत रूप से उनका विशेष सम्मान किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच मां नर्मदा का विशेष पूजन-वाचन संपन्न हुआ। इस दौरान मंदिर परिसर श्रद्धा और भक्ति के भाव से अभिभूत नजर आया।

जगद्गुरु शंकराचार्य ने मां नर्मदा के पावन उद्गम का दर्शन कर पूजा-अर्चना की और मां नर्मदा से लोककल्याण की कामना करते हुए आशीर्वाद प्राप्त किया। उनके सान्निध्य में संपन्न धार्मिक अनुष्ठान ने अमरकंटक की आध्यात्मिक गरिमा को और अधिक व्यापकता प्रदान की। दर्शन-पूजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं भक्तगण उपस्थित रहे। जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती महाराज के साथ उनके भक्तगण एवं श्रद्धालु मौजूद रहे। 

नर्मदा मंदिर में पूजन-अर्चन के पश्चात जगद्गुरु शंकराचार्य श्री मार्कंडेय आश्रम पहुंचे। यहां आश्रम के आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मऋषि स्वामी रामकृष्णानंद महाराज के शिष्यों ने श्रद्धापूर्वक उनका स्वागत किया। आश्रम परिसर में वैदिक परंपरानुसार पादुका पूजन किया गया। श्रद्धालुओं ने पूरी आस्था के साथ पादुकाओं का पूजन कर संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। मां नर्मदा के पावन दर्शन से लेकर श्री मार्कंडेय आश्रम में पादुका पूजन तक पूरा आयोजन सनातन संस्कृति और संत परंपरा की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत करता रहा है। एक ओर नर्मदा मंदिर में वैदिक मंत्रों की गूंज सुनाई दी तो दूसरी ओर आश्रम परिसर में गुरु-भक्ति और श्रद्धा का वातावरण दिखाई दिया।

विश्व के प्रथम प्रस्तार श्रीयंत्र मंदिरअमरकंटक का निर्माण पूर्ण, विधि - विधान के साथ होगी प्राण प्रतिष्ठा

*श्रीयंत्र की अधिष्ठात्री मां त्रिपुर सुंदरी, पांचवां धाम बनने की कल्पना*


( मनोज कुमार द्विवेदी, अनूपपु्र, मप्र )

अनूपपु्र 

हम सभी अत्यंत सौभाग्यवान हैं कि अपने जीवन मे भारतीय प्राचीन उपासना पद्धति के प्रसिद्ध तांत्रिक शक्तिपीठ श्रीयंत्र मन्दिर अमरकंटक को आकार लेता देख पाए और अब भगवती मां जगदम्बा की कृपा से इसकी प्राण प्रतिष्ठा के पुनीत महोत्सव के साक्षी बनेगें। मां नर्मदा की उद्गम नगरी अमरकंटक की पावन धरा पर विश्व प्रसिद्ध श्रीयंत्र महामेरु शक्तिपीठ के प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन आगामी

23 से 26 अक्टूबर 2026 को होने जा रहा है। इसकी सम्पूर्ण तैयारियां हो चुकी हैं । मन्दिर परिसर और अमरकंटक नगर की सजावट का कार्य तेजी से किया जा रहा है। श्रीयंत्र महामेरु मन्दिर , सोनमूडा रोड, अमरकंटक मे आयोजित होने वाले इस ऐतिहासिक ,भव्य, दिव्य महोत्सव के आयोजक 

हरिद्वार के विख्यात संत एवं श्रीयंत्र मन्दिर - बटे कृष्ण आश्रम अमरकंटक के प्रमुख, महंत श्री शरद पुरी महाराज के मार्गदर्शन  में एवं समस्त शिष्यगण , भक्तगण एवं नगरवासी पूरी उर्जा ,उत्साह और तन्मयता के साथ महोत्सव की तैयारी कर रहे हैं। कार्यक्रम मे शामिल होने के लिये देश - विदेश के कोने - कोने से आने वाले हजारों संतों , आचार्यो, अतिथियों, श्रद्धालुओं , शिष्यमंडल की वृहद व्यवस्था की जा रही है।

ऐसा कहा जाता है कि श्रीयंत्र मन्दिर का निर्माण , मन्दिर का कार्य प्रारंभ करने वाले के जीवन मे पूरा नहीं हो पाता। श्री यंत्र मन्दिर अमरकंटक का निर्माण परमपूज्य विद्वान ब्रम्हलीन संत श्री श्री 1008 श्री अटल पीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी शुकदेवानंद जी महाराज के मार्गदर्शन और नेतृत्व मे लगभग तीन दशक पहले शुरु किया गया था।

इस मन्दिर की अत्यंत महत्ता है।

छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ लेखक, पत्रकार स्व राजू तिवारी जी ने इस मन्दिर पर विस्तार से प्रकाश डाला है। आज आप सभी को यह जरुर जानना चाहिये कि मैकल और विंध्य पर्वत के त्रिकोण अमरकंटक में अवस्थित श्रीयंत्र मंदिर समूचे संसार में श्री यंत्र महामेरु शक्तिपीठ के नाम से जाना जाता है।

प्रसिद्ध तांत्रिक मंदिर कामाख्या की भव्यता को आलोकित करने वाला यह श्रीयंत्र महामेरु ज्योतिष विज्ञान का प्रसिद्ध देवशास्त्र भी है । जहां प्राकृतिक रहस्यों के साथ पृथ्वी एवं ग्रहों की गणना, गति एवं गणना क्रिया को समझा जा सकता है।

मंदिर निर्माण का बीड़ा ब्रम्हलीन संत महामंडलेश्वर स्वामी शुकदेवानंद पुरी जी महाराज ने उठाया था। यह तांत्रिक शक्तिपीठ  लगभग तीन दशक मे धीरे-धीरे अपना आकार ग्रहण कर पाया।

मंदिर का आधार पद्मबंध, मध्य भाग त्रिकोणात्मक रचना तथा मंदिर का शीर्ष भाग देवबंध के स्वरूप में बनाया गया है। मंदिर के चारों कोनों में कालतत्व का अद्भुत एवं दर्शनीय अंकन किया गया है।

पृथ्वी एवं समस्त ग्रहों की गणना, गणना गति की क्रिया मंदिर के पांचवें धाम में उपलब्ध होगी। अमरकंटक में स्थापित श्रीयंत्र महामेरु शक्तिपीठ में वास्तुशास्त्र, गणित, तंत्र विज्ञान, कला-कौशल और वेदांत की ऐसी साकार कल्पना की गई है, जिसे आने वाले समय में भी एक अद्भुत उदाहरण के रूप में देखा जाएगा। श्रीयंत्र मंदिर की गणना और इसकी संरचना अपने आप में विशिष्ट है।

 मंदिर के निर्माण में श्रीयंत्र के विभिन्न अंगों और ज्यामितीय संरचनाओं को वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक दृष्टि से समाहित किया गया है। विश्व के प्रथम महामेरु प्रस्तार के रूप में इस मंदिर को अद्भुत मंदिर बताया जा रहा है। मंदिर की स्थापना और उसके स्वरूप को लेकर बताया गया है कि श्रीयंत्र के विभिन्न प्रस्तारों में प्रथम भू-प्रस्तार, द्वितीय कूर्म-प्रस्तार तथा तृतीय मेरु-प्रस्तार माना जाता है। इसी परंपरा के आधार पर अमरकंटक में निर्माणाधीन यह मंदिर अपने आप में एक विशिष्ट आध्यात्मिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।

*सघन वनांचल के बीच शक्तिपीठ श्रीयंत्र मंदिर*

सघन वनांचल के बीच पहाड़ी क्षेत्र में स्थित अमरकंटक में श्रीयंत्र मंदिर का निर्माण किया गया है। अत्यंत मनोरम तथा प्राकृतिक वातावरण वाले इस स्थान को शक्तिपीठ के लिए चुना गया है। मंदिर का निर्माण निर्धारित वास्तु एवं तांत्रिक मान्यताओं के अनुरूप होगा। मंदिर के लिए भव्य एवं अनोखे स्वरूप वाला प्रवेश द्वार बनाया गया है। जिस स्थान पर श्रीयंत्र मंदिर की स्थापना की गयी है, वह प्राकृतिक दृष्टि से भी अत्यंत सुंदर एवं दुर्लभ क्षेत्र है। यहां जलधारा सहित शिवलिंग की आकृति जैसी प्राकृतिक संरचनाएं भी दिखाई देती हैं।

श्रीयंत्र महामेरु मंदिर

महाशक्ति मंडल में अमरकंटक का महामेरु श्रीयंत्र मंदिर लगभग 52 फीट लंबा, 52 फीट चौड़ा और 52 फीट ऊंचा है। गिरि वनवासी विकास संस्थान के सदस्य त्रिभुवेन्द्र कुमार दास के अनुसार यह मंदिर जगन्नाथ, रामेश्वरम्, बद्रीनाथ और द्वारिकापीठ की तरह विश्व में अपनी अलग पहचान बनाने वाला पांचवें धाम के स्वरूप में विकसित किया जा रहा है।

महर्षि अगस्त्य द्वारा उपदिष्ट मंदिर-विज्ञान के आधार पर निर्मित श्रीयंत्र महामेरु मंदिर का आधार अत्यंत विशिष्ट है। मंदिर की पूरी संरचना में श्रीयंत्र के स्वरूप को वैज्ञानिक और आध्यात्मिक दृष्टि से समाहित किया गया है।

*श्रीयंत्र की अद्भुत संरचना*

मंदिर के शीर्ष भाग में श्रीयंत्र की दसों आवरण संरचनाओं को अत्यंत कठिनाई के साथ उकेरा गया है। इनमें त्रिकोण,अष्टकोण, अंतर्दशार,बहिर्दशार,चतुर्दशार,अष्टदल,षोडशदल, तीन दल,वृत्त,बिंदु, तीन भूपुर आदि श्रीयंत्र के प्रमुख अंगों को दर्शाया गया है।

श्रीयंत्र की इस जटिल संरचना को मंदिर में अत्यंत कलात्मक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। प्रत्येक आकृति का अपना आध्यात्मिक एवं तांत्रिक महत्व बताया गया है। मंदिर के चारों कोनों पर सिंह और नाग की आकृति मंदिर की वास्तुकला में विभिन्न प्रतीकों का प्रयोग किया गया है। मंदिर के चारों कोणों पर अत्यंत बलशाली सिंहों की आकृतियां बनाई गई हैं।

इसके साथ ही नाग और अन्य प्रतीकात्मक आकृतियों को भी मंदिर की संरचना में स्थान दिया गया है। इनके माध्यम से शक्ति, काल और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रतीकात्मक स्वरूप प्रस्तुत किया गया है।

मंदिर का शीर्ष भाग श्रीयंत्र मंदिर की वास्तुकला में देवी राजराजेश्वरी त्रिपुर सुंदरी का स्वरूप प्रमुख है। मंदिर के शीर्ष भाग में श्रीयंत्र के विभिन्न आवरणों को अत्यंत कलात्मक एवं कठिन प्रक्रिया से तैयार किया गया है। मंदिर की संरचना में श्रीयंत्र के प्रत्येक भाग को निर्धारित क्रम में स्थापित किया गया है। इसके निर्माण में वास्तुशास्त्र तथा तंत्रशास्त्र की मान्यताओं का विशेष ध्यान रखा गया है।

*श्रीयंत्र की अधिष्ठात्री मां त्रिपुर सुंदरी*

श्रीयंत्र की अधिष्ठात्री आदि शक्ति श्री महात्रिपुर सुंदरी की पूजा एवं प्रतिष्ठा मंदिर में की जाएगी। मंदिर के गर्भगृह में देवी की प्रतिमा स्थापित किए जाने की योजना है। यहां श्रद्धालुओं को श्रीयंत्र की अधिष्ठात्री देवी की पूजा-अर्चना का अवसर प्राप्त होगा। मंदिर में प्रवेश और पूजा की व्यवस्था भी धार्मिक परंपराओं एवं निर्धारित विधि के अनुसार किया जाएगा।

*पांचवां धाम बनने की कल्पना*

भारतीय संस्कृति में मनुष्य के जीवन के चार प्रमुख पुरुषार्थ—धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष माने गए हैं। श्रीयंत्र महामेरु मंदिर को इन आध्यात्मिक उद्देश्यों की साधना का महत्वपूर्ण केंद्र बनाने की कल्पना की गई है।

इस मंदिर के माध्यम से लोगों को अपने जीवन के धार्मिक स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।आध्यात्मिक लक्ष्य को समझने और साधना की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिलने की उम्मीद व्यक्त की गई है। अमरकंटक जैसे प्राकृतिक एवं आध्यात्मिक वातावरण वाले क्षेत्र में यह मंदिर देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों मे शामिल है। श्रीयंत्र मन्दिर की प्राणप्रतिष्ठा के बाद इसका पुण्य प्रताप सदा सर्वत्र व्याप्त होगा।

बिना अनुमति प्रदर्शन व आपत्तिजनक नारे लगाने की शिकायत, अधिवक्ता ने एसडीएम से कार्रवाई की मांग


अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर में कांग्रेस द्वारा बिना अनुमति धरना-प्रदर्शन और रैली निकालने तथा कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश करने को लेकर विवाद सामने आया है। मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता भूपेन्द्र सिंह सेंगर ने एसडीएम अनूपपुर को ज्ञापन सौंपकर संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिसंगत कार्रवाई की मांग की है।

अधिवक्ता भूपेन्द्र सिंह सेंगर द्वारा दिए गए ज्ञापन के अनुसार, कांग्रेस पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं द्वारा जिला मुख्यालय में रैली निकाली गई और कलेक्ट्रेट परिसर तक पहुंचकर प्रदर्शन किया गया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि प्रदर्शन के दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के विरुद्ध आपत्तिजनक एवं भड़काऊ नारे लगाए गए। ज्ञापन में कहा गया है कि इस प्रकार के नारों से सामाजिक सौहार्द प्रभावित होने की आशंका है।

शिकायतकर्ता ने प्रदर्शन के लिए अनुमति लिए जाने तथा कलेक्ट्रेट परिसर में प्रवेश से संबंधित नियमों की भी जांच किए जाने की मांग की है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई किए जाने का आग्रह किया है।

मामले को लेकर भाजपा जिलाध्यक्ष हीरा सिंह श्याम सहित अन्य लोगों द्वारा भी आपत्ति जताए जाने की बात सामने आई है। भाजपा नेताओं ने प्रदर्शन के दौरान लगाए गए नारों पर नाराजगी व्यक्त की है।

अधिवक्ता सेंगर ने एसडीएम को सौंपे ज्ञापन में पूरे घटनाक्रम की जांच कर उपलब्ध तथ्यों के आधार पर कार्रवाई करने की मांग की है। अब प्रशासन द्वारा शिकायत पर क्या कदम उठाया जाता है, इस पर लोगों की नजर बनी हुई है।

पुराने तहसील कार्यालय से 24 ईवीएम मशीन हुई चोरी, शिकायत जे बाद मामला हुआ दर्ज, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

जिला मुख्यालय के पुराने तहसील कार्यालय के पीछे बने ईवीएम वेयरहाउस में सुरक्षित रखी गई ईवीएम मशीनों में से 24 मशीनें गायब मिलने के बाद मामला पुलिस तक पहुंच गया है। मामले में 30 सितम्‍बर को प्राथमिक विद्यालय सीतापुर के सहायक शिक्षक फूल सिंह पिता धना सिंह निवासी कर्राटोला ने  तहसीलदार अनूपपुर वेद प्रकाश सिंह तथा प्राथमिक विद्यालय बस्ती के सहायक शिक्षक संजय निगम के साथ कोतवाली पहुंच शिकायत दर्ज कराई। जिसके आधार पर कोतवाली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बीएनएस की धारा 331(4) और 305(ए) के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की गई है। मामला उस समय सामने आया, जब पुराने तहसील भवन क्षतिग्रस्‍त होने के कारण उसे डिसमेंटल कराया जा रहा था। इस दौरान ईवीएम मशीनों को पॉलीटेक्निक महाविद्यालय में संचालित तहसील कार्यालय के कक्ष पर स्थानांतरित करने की कार्रवाई की जा रही थी। इसी दौरान संबंधित पुराने तहसील कार्यालय भवन के पीछे बने ईव्‍हीएम वेयर हाउस भवन की दीवार क्षतिग्रस्त मिली। इसके बाद मशीनों का भौतिक सत्यापन कराया गया तो रिकॉर्ड और मौके पर उपलब्ध मशीनों की संख्या में अंतर सामने आया।

शिकायत के अनुसार भौतिक सत्यापन के दौरान कुल 24 ईवीएम मशीनें कम पाई गईं। इनमें 8 बैलेट यूनिट (बीयू) और 16 कंट्रोल यूनिट (सीयू) शामिल हैं। मशीनों के सीरियल नंबर भी शिकायत में दर्ज किए गए हैं। शिकायत में बताया गया है कि वर्ष 2014 में स्थानीय निर्वाचन यानी पंचायत चुनाव के लिए अनूपपुर के पुराने तहसील कार्यालय में बड़ी संख्या में ईवीएम मशीनें सुरक्षित रखी गई थीं। रिकॉर्ड के मुताबिक वहां 620 कंट्रोल यूनिट और 1670 बैलेट यूनिट रखी गई थीं। 

कोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब जांच में यह स्पष्ट होना बाकी है कि 24 ईवीएम मशीनें वास्तव में कब गायब हुईं, क्या इन्हें चोरी कर बाहर ले जाया गया या रिकॉर्ड और भौतिक उपलब्धता के बीच किसी अन्य कारण से अंतर आया। फिलहाल 24 ईवीएम मशीनों के गायब होने और पुराने क्षतिग्रस्‍त तहसील भवन अनूपपुर के डिसमेंटल किेये जाने के कार्य आदेश के बाद भी ईव्‍हीएम वेयर हाउस से ईव्‍हीएम को पहले क्‍यो नही हटाया गया। 

पशु तस्करी पर पुलिस ने 12 जानवर ट्रक सहित किया जब्त, 27.72 लीटर अवैध शराब जप्त


अनूपपुर

जिले में अवैध गतिविधियों एवं पशु तस्करी की रोकथाम हेतु चलाए जा रहे सघन अभियान के तहत थाना करनपठार/चौकी सरई पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक मिनी ट्रक में क्रूरतापूर्वक भैंस पड़वा पशुओं को भरकर अवैध रूप से जबलपुर बूचड़ खाना ले जाया जा रहा है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुँची तो मुसलमान निवासी फरहदा के ईट भट्टा के पीछे रोड किनारे ट्रक में लोड 12 भैंस पड़ा, कीमती करीबन 04 लाख 80 हजार रुपए, ट्रक कीमती करीबन 15 लाख रुपए, कुल कीमती 19 लाख 80 हजार रुपए का मशरूका, आरोपी ट्रक चालक मोहम्मद अजीज पिता मोहम्मद इशाक निवास आजाद नगर मौहरिया थाना हनुमान ताल जिला जबलपुर के दस्तयाब होने पर, आरोपी ट्रक चालक से ट्रक में पशु परिवहन करने के वैध दस्तावेज चाहे गये जो मौके पर पेश नहीं किया गया। अपराध धारा 6 (क) (ख) 9,10 पशु परीक्षण अधिनियम 1959 तथा 11 (घ) पशु क्रूरता अधिनियम 1960 66/192,3/ 181,130/ 177(3) मोटर व्हीकल एक्ट का अपराध पाए जाने से अपराध क्रमांक 314/26 धारा 6(क) (ख) 9,10 पशु परीक्षण अधिनियम 1959 तथा 11 (घ) पशु क्रूरता अधिनियम 1960 66/192,3/181,130/177(3) मोटर व्हीकल एक्ट का अपराध पाए जाने से पंजीबद्ध कर कार्यवाही की गई। पशु तस्करी में अन्य व्यक्ति के संबंध में पता साज़ी कि विवेचना की जा रही है।

*27.72 लीटर अवैध शराब जप्त*

अनूपपुर जिले में अवैध मदिरा के निर्माण, धारण एवं विक्रय के विरुद्ध चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत आबकारी विभाग की संयुक्त टीम ने 28 सितंबर 2026 को वार्ड क्रमांक 15 ग्राम पयारी, ग्राम घाठा एवं ग्राम अल्हवार में तलाशी कार्रवाई की।

कार्रवाई के दौरान टीम ने 06 लीटर हाथ भट्टी मदिरा, 07.92 बल्क लीटर स्प्रिट एवं 13.8 बल्क लीटर माल्ट विदेशी मदिरा बरामद की। इस प्रकार कुल 27.72 बल्क लीटर मदिरा जप्त की गई। मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 की धारा 34(1)(क) के अंतर्गत आरोपियों के विरुद्ध वैधानिक प्रकरण कायम किए गए।

वोट चोरी के खिलाफ कांग्रेस का हल्ला बोल, कलेक्ट्रेट का किया घेराव, बैरिकेड तोड़ कलेक्ट्रेट पहुंचे कार्यकर्ता

*कांग्रेस ने किया पैदल मार्च, राष्ट्रपति के नाम सौपा ज्ञापन*


अनूपपुर

चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता, मतदाता सूची और मतदान व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवालों के बीच जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर ने बुधवार को केंद्र सरकार और निर्वाचन आयोग के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव एवं मध्यप्रदेश कांग्रेस प्रभारी हरीश चौधरी तथा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी के निर्देशानुसार जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया।

प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। एक व्यक्ति को मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार का मुखौटा पहनाकर प्रतीकात्मक रूप से बेड़ियों में जकड़ा गया और उसे सामतपुर तालाब से जिला कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन कार्यालय तक पैदल मार्च में ले जाया गया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ‘‘वोट चोरी के खिलाफ अब आर-पार की लड़ाई’’ सहित विभिन्न नारे लगाए और चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की।

पैदल मार्च कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ता जिला निर्वाचन कार्यालय परिसर में प्रवेश करने का प्रयास करने लगे। प्रशासन द्वारा पहले से बैरिकेडिंग की गई थी। जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान सहित कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोकने का प्रयास किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा वाटर कैनन का इस्तेमाल भी किया गया। इसके बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ता बैरिकेड पार कर कलेक्ट्रेट परिसर में पहुंच गए और वहां धरने पर बैठ गए।

इसके बाद कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कांग्रेस ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूचियों से संबंधित आरोपों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग रखी। निर्वाचन आयोग की आधिकारिक जानकारी के अनुसार ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य निर्वाचन आयुक्त हैं।

ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के नाम से प्रतीकात्मक पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर नारेबाजी की।

अवैध शराब और नशीले पदार्थों की बिक्री व कार्यवाही व रोक की मांग, कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन


शहडोल

जिले में अवैध शराब, गांजा, स्मैक, नशीली गोलियों, तंबाकू, गुटखा सहित अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री और सेवन पर रोक लगाने की मांग को लेकर भारतीय शक्ति चेतना पार्टी एवं भगवती मानव कल्याण संगठन जिला शहडोल के पदाधिकारियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में नशे के बढ़ते प्रभाव से युवाओं और विद्यार्थियों के प्रभावित होने की बात कही गई है।

ज्ञापन में मांग की गई है कि जिले में नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार और तस्करी के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए। स्कूल, कॉलेज एवं छात्रावासों के आसपास नशीले पदार्थ बेचने वालों पर कार्रवाई तथा संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नियमित गश्त और निगरानी बढ़ाई जाए।

संगठन ने नशे के अवैध कारोबार से जुड़े मुख्य सप्लायरों और तस्करी नेटवर्क की जांच कर कानूनी कार्रवाई करने, युवाओं एवं विद्यार्थियों के लिए नशा विरोधी जन-जागरूकता कार्यक्रम और शिविर आयोजित करने की मांग की है। साथ ही नशे के आदी लोगों के उपचार एवं पुनर्वास के लिए नशामुक्ति केंद्रों की जानकारी आम जनता तक पहुंचाने की मांग की गई।

ज्ञापन में नशे संबंधी शिकायत करने वाले नागरिकों की पहचान गोपनीय रखने और शिकायतों की प्रभावी जांच करने की मांग भी शामिल है। संगठन ने जिले में अवैध रूप से शराब की बिक्री पर रोक लगाने तथा बिना नंबर के वाहनों से गांव-गांव शराब पहुंचाए जाने की शिकायतों की जांच की मांग की।

ज्ञापन में सागर जिले के डंडा क्षेत्र में जहरीली शराब से हुई मौतों का उल्लेख करते हुए ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए शहडोल जिले में अवैध शराब पर प्रभावी कार्रवाई की मांग की गई। 

पांच महीने से ठप्प नल-जल योजना, जनसुनवाई में पहुंचकर ग्रामीण ने  उठाई आवाज, करोड़ों रुपये की योजना बंद होने का आरोप

*जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल*


अनूपपुर

ग्राम पंचायत छोहरी में करोड़ों रुपये की लागत से तैयार की गई नल-जल योजना पिछले करीब पांच महीने से बंद होने का मामला अब जिला प्रशासन की जनसुनवाई तक पहुंच गया है ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष एवं युवा नेता लक्ष्मण यादव ने मंगलवार को कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर जनसुनवाई में लिखित शिकायत दर्ज कराई और ग्रामीणों की समस्या को प्रशासन के सामने प्रमुखता से रखा

लक्ष्मण यादव द्वारा प्रस्तुत शिकायत में बताया गया है कि ग्राम पंचायत छोहरी में पीएचई विभाग की नल-जल योजना के माध्यम से ग्रामीणों को पेयजल उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन योजना लंबे समय से बंद पड़ी है शिकायत के अनुसार करीब पांच माह से नल-जल व्यवस्था ठप होने के कारण ग्रामीणों को पेयजल के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है

शिकायत में आरोप लगाया कि योजना के संचालन में पीएचई विभाग के नल-जल ठेकेदार तथा ग्राम पंचायत के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण व्यवस्था प्रभावित हुई है उन्होंने प्रशासन से मामले की जांच कराकर नल-जल योजना को तत्काल चालू कराने की मांग की है

उन्होंने सवाल उठाया कि जब ग्रामीणों को नियमित पेयजल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से शासन द्वारा बड़ी राशि खर्च की गई है, तो आखिर इतनी लंबी अवधि से योजना बंद रहने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा इसे चालू कराने के लिए प्रभावी कदम क्यों नहीं उठाए गए

जनसुनवाई में दर्ज शिकायत में निराकरण की समय-सीमा 27 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है शिकायत को कार्यपालन यंत्री, पीएचई अनूपपुर के कार्यालय की ओर भी अंकित किया गया है प्रशासन से मांग की है कि मामले की जांच कर यह पता लगाया जाए कि करोड़ों रुपये की नल-जल योजना आखिर किन कारणों से पांच माह से बंद है।

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