शराब बिक्री व्यवस्था पर सवाल, प्रिंट रेट से अधिक बिक्री और कथित पैकारी की शिकायतों पर जांच की मांग


अनूपपुर 

कोतमा क्षेत्र में शराब बिक्री व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों के बीच असंतोष और चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर निर्धारित प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने के साथ-साथ आसपास के मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों तक कथित रूप से पैकारी (अनधिकृत पुनर्विक्रय) के माध्यम से शराब पहुंचाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की आधिकारिक जांच होना शेष है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कोतमा, कोतमा हाईवे क्षेत्र, झिरियाटोला, राजनगर मार्केट, निगवानी, चाका, खामरोध, बेलिया फाटक, गोविंदा, श्रमिक नगर  सेमरिया चौराहा सहित कई क्षेत्रों में शराब की उपलब्धता को लेकर लोगों ने चिंता व्यक्त की है नागरिकों का कहना है कि यदि नियमों के विपरीत बिक्री और पुनर्विक्रय की गतिविधियां हो रही हैं तो इसका असर सामाजिक माहौल और जनजीवन पर पड़ सकता है।

क्षेत्र की महिलाओं और परिवारों ने भी इस विषय को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थलों और आवासीय क्षेत्रों के आसपास अनुशासित वातावरण बना रहना चाहिए। कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि सुबह के समय गांवों और मोहल्लों में शराब की उपलब्धता को लेकर लोगों में चर्चा और चिंता बढ़ रही है।

स्थानीय स्तर पर यह मांग भी उठ रही है कि शराब दुकानों पर निर्धारित दरों का पालन सुनिश्चित कराया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि नियमों का पालन और सामाजिक संतुलन दोनों समान रूप से आवश्यक हैं। शराब दुकान का संचालन ठेकेदार वीरेंद्र कुमार राय के नाम से किया जा रहा है। नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग से कार्यवाही कि मांग की है। 

इनका कहना है।

क्षेत्र में लल्लू प्रकाश सहित कुछ लोगों के माध्यम से गांवों में सुबह के समय शराब पहुंचाए जाने की शिकायतें स्थानीय स्तर पर सामने आ रही हैं। मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

*मित्तल महरा स्थानीय शिकायतकर्ता*

यदि कोतमा शराब दुकान से प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित मूल्य से अधिक बिक्री नहीं होने दी जाएगी। यदि पैकारी की शिकायतें प्राप्त होती हैं तो उनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

*कृष्णकांत उईके, आबकारी अधिकारी कोतमा*

फॉरेक्स ट्रेडिंग स्कैम, पैसा दोगुना करने का लालच देकर ठगने वाला मास्टरमाइंड का 'झूठा ऑडियो' हुआ वायरल


अनूपपुर

मध्य प्रदेश सहित पूरे भारतवर्ष में फॉरेक्स मार्केट (Forex Market) के जरिए रातों-रात पैसा दोगुना करने का झांसा देकर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाला मास्टरमाइंड उमेश कांति लाल पटेल आखिरकार कानून के शिकंजे में है। गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला यह महाठग वर्तमान में अनूपपुर जेल की सलाखों के पीछे है। हजारों निवेशकों की गाढ़ी कमाई डकारने वाले इस आरोपी ने जब देखा कि उसका भंडाफोड़ होने वाला है, तो उसने निवेशकों को गुमराह करने और समय काटने के लिए एक ऑडियो जारी किया था। निवेशकों का पैसा पूरी तरह डूबने से पहले का यह ऑडियो अब इस बड़े घोटाले में आरोपी की चालाकी का अहम सबूत बन गया है।

ठगी का शिकार हुए निवेशकों का गुस्सा शांत करने और पुलिस शिकायतों से बचने के लिए आरोपी उमेश पटेल ने एक ऑडियो संदेश जारी कर झूठे वादों की झड़ी लगा दी थी। सामने आए इस ऑडियो ट्रांसक्रिप्ट में आरोपी बड़ी ही चालाकी से कहता सुना जा सकता है कि, "काम हमारा बिल्कुल पक्का हो गया है... उनके पास फंड की कोई कमी नहीं है, फंड रेडी है।" अपनी बातों में उलझाने के लिए उसने एक 'तीसरे ग्रुप' की मनगढ़ंत कहानी रची, जो कथित तौर पर सिक्योरिटी (गारंटी) देने वाला था। उसने निवेशकों को यह कहकर बेवकूफ बनाया कि उसके पास अपनी कोई एसेट्स (संपत्ति) नहीं है, इसलिए एक अन्य ग्रुप कागजी कार्रवाई कर रहा है।

आरोपी ने अपने ऑडियो संदेश में कागजी कार्रवाई (पेपर वर्क) और डॉक्यूमेंटेशन का बहाना बनाकर निवेशकों से 10 नवंबर तक धैर्य रखने की मार्मिक अपील की थी। उसने ऑडियो में दावा किया था: "10 तारीख तक पॉसिबिलिटी 100% है कि हमारी तरफ से एक छोटी सी शुरुआत हो जाए... और उसके बाद एक बड़ा फंड भी ये लगा देंगे।" दरअसल, यह निवेशकों को कानूनी कार्रवाई से दूर रखने की एक सोची-समझी चाल थी। वह बार-बार 'प्रोसीजर' और 'लिक्विडिटी' जैसे भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल करके निवेशकों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहा था कि उनका पैसा सुरक्षित है।

उमेश पटेल के 10 नवंबर के वादे के बाद किसी भी निवेशक को एक फूटी कौड़ी वापस नहीं मिली और पूरा सिस्टम क्रैश कर दिया गया। लेकिन निवेशकों का पैसा लेकर फरार होने की उसकी योजना धरी की धरी रह गई। प्रशासन और पुलिस की सख्ती के बाद इस गुजराती ठग को अनूपपुर जिले के वरिष्ठ पत्रकार संतोष चौरसिया की रिपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया है और अब वह अनूपपुर जेल में बंद है।

मोटरसाइकिल की टक्कर से युवक घायल, अज्ञात वाहन से टकराया जंगली सूअर हुई मौत


अनूपपुर

थाना भालूमाड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोविंदा गांव के पास बीती रात्रि लगभग 10 बजे एक सड़क दुर्घटना में स्कूटी सवार युवक घायल हो गया। घटना के संबंध में थाना भालूमाड़ा पुलिस द्वारा प्रकरण क्रमांक 0272/2026 विधिवत पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई तथा स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर एकत्र हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रिंस सिंह पिता रमाशंकर सिंह, उम्र 18 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 14 भालूमाड़ा, अपने दोस्त विनय साहू की होंडा एक्टिवा स्कूटी (क्रमांक MP65 S 7891) से कोतमा से भालूमाड़ा की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे भालूमाड़ा रोड पर पेट्रोल पंप से आगे ग्राम गोविंदा गांव के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रही एक मोटरसाइकिल, जिसे कथित रूप से तेज रफ्तार एवं लापरवाहीपूर्वक चलाया जा रहा था, ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के प्रभाव से स्कूटी सवार सड़क पर गिरकर घायल हो गया।

घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवक को संभाला और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। घायल युवक को उपचार हेतु स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। मोटरसाइकिल में दो व्यक्ति सवार थे, जिनमें एक का नाम मलखांन सिंह बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मोटरसाइकिल अत्यधिक तेज गति में थी, जिसके कारण चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और दुर्घटना घटित हुई। सूचना मिलने पर भालूमाड़ा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। 

*अज्ञात वाहन से टकराया जंगली सूअर हुई मौत*


जिला मुख्यालय अनूपपुर से 9 किलोमीटर दूरी स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 43 भोलगढ गांव के समीप गुरुवार की साम अज्ञात बड़े वाहन की ठोकर से एक जंगली सूअर के टकराने पर सूअर स्थल पर मृत हो गया। वनविभाग द्वारा मृत जंगली सूअर के प्रकरण पर कार्रवाई की है। 

राष्ट्रीय राज्य मार्ग 43 में ग्राम भोलगढ़ के पिंजरहा धार के समीप कुरियारी जंगल की ओर से विचरण कर में सड़क पार कर रहा एक न जंगली सूअर अज्ञात वाहन से टकरा गया, जिसकी स्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना अनूपपुर से कोतमा की ओर जा रहे पत्रकार सुधाकर पयासी द्वारा वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल को दिए जाने पर शशिधर अग्रवाल द्वारा वन विभाग को सूचित करते हुए स्वयं घटना स्थल पर पहुंचकर भोलगढ वनरक्षक रोहित उपाध्याय एवं सुरक्षा श्रमिकों के साथ मृत जंगली सूअर के शव को वनचौकी भोलगढ़ में लाकर रखते हुए घटना की जानकारी वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिया गया। शुक्रवार के दिन डॉ. योगेश चंद्र दीक्षित पशु चिकित्सा अधिकारी अनूपपुर द्वारा पीएम की कार्यवाही किए जाने बाद वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में कफन,फूल एवं अगरबत्ती से मृत जंगली सूअर के शव का दाह संस्कार किया गया।

जनजातीय समुदाय के भूमि पर व्यापारी के कब्जा क्षेत्र व हाथी प्रभावित क्षेत्र का आयोग के अध्यक्ष ने किया दौरा


अनूपपुर

मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने गुरुवार को जिला मुख्यालय अनूपपुर से, 4 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पोंडी(मानपुर) के मानपुर गांव में, ग्रामीण जनजातीय समुदाय के पूर्वजों के पट्टे की भूमि एवं शासकीय भूमि पर 50 वर्ष पूर्ण किए गए कब्जा की भूमि पर, विगत एक वर्ष के समय से अनूपपुर की एक बड़े व्यापारी द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से ग्रामीण जनों की भूमि पर कब्जा करके, मानपुर ग्राम मे अनेकों स्थानों पर आरसीसी पोंल खड़ा कर बाउंड्री बाल बनाए जाने, ग्रामीण जनों के पूर्वजों की भूमि पर बनाए गए भवनों पर जबरदस्ती बलपूर्वक कब्जा करने की कोशिश व पुलिस एवं प्रशासन से अनावश्यक दबाव बनाकर ग्रामीणों से मारपीट करने, कई तरह की धमकियां देकर धमकाया जाने से ग्रामीण जन परेशान है। जिसकी शिकायतें मिलने पर जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने गुरुवार की सुबह मानपुर ग्राम पहुंचकर पीड़ित ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनते हुए ग्रामीणों के बताए जाने पर कब्जा किए गए स्थलो का निरीक्षण करते हुए ग्रामीण जनों को एकजुट रहने प्रशासन से चर्चा कर जल्द ही एक बड़ा शिविर एवं बैठक करने का आश्वासन दिया।

श्री रौतेल अनूपपुर जिले से लगे शहडोल जिले के ग्राम पंचायत रामपुर,गिरवा एवं पड़रिया के क्षेत्र में विगत 10 दिनों से अधिक समय से विचरण कर रहे, एक बिगड़ैल हाथी से प्रभावित ग्रामीण जनों से मुलाकात कर हाथियों द्वारा किए गए मकान एवं अन्य संपत्तियों के नुकसान का स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम पंचायत पड़रिया के बैरिहा गांव निवासी रामसजीवन कोल,संपत कोल के मकानों को कई बार इस हाथी द्वारा तोड़फोड़ कर मकान को पूरी तरह नष्ट कर दिये जाने, गांव में विनोद सिंह बरगाही,बृजेश यादव,हेमराज यादव सहित अन्य ग्रामीणों की संपत्तियों का हाथी द्वारा किए गए नुकसान का निरीक्षण कर पीड़ितों से चर्चा करते हुए शीघ्र ही हाथी को इस इलाके से दूर भेजे जाने की कार्यवाही चलने से अवगत कराते हुए, पीड़ितों को उचित आर्थिक सहायता राशि दिलाए जाने की बात कही, 13 मई की रात ग्राम पंचायत गिरवा के निवासी छोटेलाल सिंह जो अपने गांव स्थित घर से गौशाला की ओर स्थित खेत में बने मकान में हाथी द्वारा हमला कर मृत कर देने उनके ही एक मवेशी को हमला कर मृत कर देने खेत में बने मकान को में तोड़फोड़ कर अंदर रखे विभिन्न तरह के अनाजों को खा लेने की घटना पर, मृतक छोटेलाल सिंह के घर पहुंच कर घटना के संबंध में चर्चा करते हुए दुख व्यक्त किया तथा शासन की योजना अंतर्गत तत्काल सहायता राशि दिए जाने बिगड़ैल हाथी का रेस्क्यू कार्य प्रारंभ होने तत्काल सुरक्षित स्थान पर भेजे जाने की बात कही। श्री रौतेल अपने भ्रमण दौरान ग्राम पंचायत एवं वन बीट रामपुर के बेलिया गांव में वन विभाग द्वारा बनाए गए हाथी के रेस्क्यू कैंप के कंट्रोल रूम स्थल पर पहुंच कर बिगड़ैल हाथी के रेस्क्यू के संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी केशवाही अंकुर तिवारी से बातचीत की उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन चुके इस बिगड़ैल हाथी को जल्द ही क्षेत्र के बाहर रेस्क्यू कर ले जाया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण जन पूर्व की तरह स्वतंत्र रूप से रह सके।

वरिष्ठ पत्रकार संतोष चौरसिया बने एसईसीएल ओबीसी एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी, लोगो ने दी शुभकामनाएं

*30 वर्षों की निष्पक्ष पत्रकारिता और जनसमस्याओं को मुखरता से उठाने का मिला सम्मान*


अनूपपुर

जिले के वरिष्ठ पत्रकार संतोष चौरसिया को ओबीसी कोल इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में संगठन का मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस संबंध में एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव जय बहादुर सिंह यादव द्वारा नियुक्ति पत्र जारी किया गया। नियुक्ति की सूचना एसईसीएल के सीएमडी, समस्त महाप्रबंधकों सहित कोल इंडिया प्रबंधन तक प्रेषित कर दी गई है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि संतोष चौरसिया संगठन के माध्यम से ओबीसी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे तथा समाज के लोगों की समस्याओं को प्रबंधन एवं शासन स्तर तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

गौरतलब है कि संतोष चौरसिया पिछले लगभग 30 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने सदैव निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता को प्राथमिकता दी है। कोयलांचल क्षेत्र से लेकर ग्रामीण अंचलों तक आम लोगों की समस्याओं, मजदूर हित, सामाजिक विसंगतियों और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को उन्होंने लगातार प्रमुखता से उठाया है। कई बार उनकी खबरों के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई भी हुई, जिससे आमजन को राहत मिली।

पत्रकारिता जगत में उनकी पहचान एक सजग, ईमानदार और जमीनी पत्रकार के रूप में रही है। समाज के दबे-कुचले एवं जरूरतमंद लोगों की आवाज बनकर शासन-प्रशासन तक उनकी समस्याएं पहुंचाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही कारण है कि उनकी नियुक्ति को संगठन ने समाज के लिए सकारात्मक कदम बताया है।

संतोष चौरसिया की नियुक्ति की खबर सामने आते ही एसईसीएल क्षेत्र, कोयलांचल अंचल एवं सामाजिक संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई। जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, समाजसेवियों, श्रमिक संगठनों, जन प्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। उनके निवास एवं मोबाइल पर लगातार शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ है।

ओबीसी कोल इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने विश्वास जताया है कि संतोष चौरसिया अपने अनुभव, सक्रियता और सामाजिक प्रतिबद्धता के बल पर संगठन को नई मजबूती प्रदान करेंगे तथा समाजहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मानव सेवा एवं सामाजिक सरोकारों के लिए राज किशोर तिवारी को मिला गौरवपूर्ण सम्मान,राज्यपाल ने किया सम्मानित


अनूपपुर

भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा अनूपपुर के कार्यकारिणी सदस्य राज किशोर तिवारी को भारतीय रेडक्रास सोसाइटी अनूपपुर के अंतर्गत समाज सेवा एवं मानवता के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए मध्यप्रदेश के राज्यपाल द्वारा विज्ञान भवन, भोपाल में सम्मानित किया गया। यह सम्मान उनके द्वारा निरंतर किए जा रहे सेवा कार्यों, सामाजिक सक्रियता एवं रेडक्रॉस की गतिविधियों में महत्वपूर्ण योगदान के लिए प्रदान किया गया।

उल्लेखनीय है कि भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा अनूपपुर का गठन सितंबर 2025 में हुआ था, जिसमें  राज किशोर तिवारी को कार्यकारिणी सदस्य के रूप में मनोनीत किया गया। नियुक्ति के पश्चात उन्होंने रेडक्रॉस द्वारा संचालित सेवा पखवाड़ा, सेवा सप्ताह, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान एवं जनसेवा गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता निभाते हुए संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा की।

श्री तिवारी समाजसेवा के क्षेत्र में लंबे समय से सक्रिय हैं। वे राष्ट्रीय सामाजिक संगठन भारत विकास परिषद के विगत कई वर्ष से अध्यक्ष पद का दायित्व निभा रहे हैं तथा समाज में सेवा, संस्कार एवं राष्ट्रभावना जागृत करने वाले विभिन्न सामाजिक संगठनों से भी जुड़े हुए हैं। उनके नेतृत्व एवं सहभागिता से अनेक सामाजिक एवं जनहितकारी कार्यक्रम सफलतापूर्वक संचालित हुए हैं।

पेशे से संविदाकार  राज किशोर तिवारी ने सदैव सामाजिक उत्तरदायित्व को प्राथमिकता देते हुए जनसेवा को अपने जीवन का महत्वपूर्ण उद्देश्य बनाया है। उनके सम्मानित होने पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा अनूपपुर सहित जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों एवं नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए उन्हें शुभकामनाएँ प्रेषित की हैं।

भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी अनूपपुर के पदाधिकारियों ने कहा कि राज किशोर तिवारी का यह सम्मान न केवल उनके व्यक्तिगत सेवा कार्यों की पहचान है, बल्कि यह पूरे जिले के लिए गौरव एवं प्रेरणा का विषय है।

केशरवानी परिवार द्वारा आयोजित श्री मद भागवत कथा में भक्तों की दिखी अपार भीड़, हवन व भंडारा के साथ हुआ समापन


अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर के सूर्या गार्डन मे रामचंद्र केसरवानी परिवार द्वारा 26 अप्रैल से शुरू हुआ श्री मद भागवत कथा आखिरी दिन तक वातावरण भक्तिमय के साथ समाप्त हुआ। साध्वी प्राची देवी ने अपनी मधुर वाणी में कथा के विभिन्न प्रसंगों का वर्णन किया, जिससे उपस्थित श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। इस दौरान धर्म, भक्ति और जीवन के आदर्शों पर प्रकाश डाला गया।

कथावाचक  साध्वी प्राची देवी  ने भगवान श्रीकृष्ण-रुक्मिणी विवाह, कंस वध और सुदामा चरित्र जैसे प्रमुख प्रसंग सुनाए। संगीतमय कथा के दौरान विवाह झांकी और महारास लीला ने पांडाल में भक्तिमय माहौल बना दिया, जिससे श्रद्धालु नृत्य करने लगे।

भगवान श्रीकृष्ण और रुक्मिणी के विवाह का विस्तार से वर्णन किया गया। इसके बाद विवाह गीत गाए गए और श्रद्धालुओं ने झांकी के दर्शन कर पूजन किया।

कथा में गोपीजनों के साथ भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य महारास लीला का भी वर्णन किया गया, जिसे भक्ति और समर्पण का प्रतीक बताया गया। देवकी के आठवें पुत्र श्रीकृष्ण द्वारा कंस के षड्यंत्रों को विफल कर उसके वध की कथा भी सुनाई गई।

कथावाचक ने मित्रता के सर्वोच्च उदाहरण सुदामा चरित्र का वर्णन किया, जो अत्यंत भावुक प्रसंग था। इस दौरान श्रद्धालु 'राधे-राधे' के जयकारों और कीर्तन के साथ नृत्य करते दिखे। कथा के अंत में आरती की गई। भागवताचार्य ने बताया कि यह कथा जीव को परब्रह्म से मिलन का मार्ग दिखाती है। इसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण दिखा।

सुदामा चरित्र, परीक्षित मोक्ष कथा का वाचन किया गया। हवन, समापन दिवस पर भव्य आयोजन और पूजन कार्यक्रम की तैयारियां कर, ब्राम्हण भोज एवं भंडारा रामचंद्र केसरवानी के निवास स्थल आर्दश मार्ग अनुपपुर मे संपन्न हुआ।

सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनने के बाद भी नही मिल रही है मूलभूत सुविधाए, आम जनता परेशान


अनूपपुर

पवित्र नगरी एवं प्रमुख पर्यटन स्थल अमरकंटक में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को उन्नत कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का दर्जा तो दे दिया गया है, किन्तु विडंबना यह है कि आज भी यह केंद्र मूलभूत चिकित्सा सुविधाओं से कोसों दूर नजर आ रहा है। करोड़ों रुपये की लागत से निर्मित इस स्वास्थ्य केंद्र में आवश्यक जांच एवं उपचार की समुचित व्यवस्था न होने से स्थानीय नागरिकों सहित यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

अमरकंटक क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं की सबसे गंभीर समस्या जांच सुविधाओं का अभाव है। यहां मरीजों के खून की जांच सहित अन्य आवश्यक परीक्षणों के लिए सैंपल जिला मुख्यालय भेजना पड़ता है। स्थिति यह है कि आज लिया गया सैंपल 2 से 3 दिनों के बाद रिपोर्ट के रूप में वापस आता है। इस दौरान मरीज असमंजस और चिंता की स्थिति में बना रहता है, क्योंकि उसे अपनी बीमारी का सही निदान नहीं मिल पाता और उपचार भी प्रभावित होता है। कई बार मरीजों को बिना स्पष्ट जानकारी के दवाइयां लेनी पड़ती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए जोखिमपूर्ण साबित हो सकता है। सोनोग्राफी की भी व्यवस्था नही है। 

अमरकंटक को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का उन्नयन कर दिया गया है और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दर्जा दिया गया लेकिन सुविधा आज भी जस की तस है  उसमें कोई परिवर्तन अब तक नहीं आया है अब भी विकासखंड मुख्यालय पुष्पराजगढ़ तथा जिला मुख्यालय अनूपपुर पर निर्भर होना पड़ रहा है। अमरकंटक एक प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन स्थल है, जहां प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में स्वास्थ्य सुविधाओं का सुदृढ़ होना अत्यंत आवश्यक है। 

खेरमाई धाम में संतोषी माता के नवीन प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम भंडारा के साथ हुआ संपन्न


अनूपपुर

जिला मुख्यालय के वार्ड क्रमांक 02 स्थित प्रसिद्ध खेरमाई धाम में संतोषी माता की नवीन प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा का भव्य धार्मिक आयोजन श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ संपन्न हुआ।

कार्यक्रम की शुरुआत 1008 पीठाधीश्वर राजेंद्र दास महराज व पं हरिभजन अवस्थी के वैदिक मंत्रोच्चार व विद्वान पंडितों द्वारा विधि-विधान से पूजा शुरू हुई। प्रथम दिन कलश यात्रा व पंचांग पूजन से शुरू होकर पीठ पूजन अन्नाधिवास, जलाधिवास, फलाधिवास, पुष्पाधिवास, पाठ पूजन, शैय्याधिवास, दृव्याधिवास, देवीपूजन, संतोषी माता की नवीन प्रतिमा का प्राण प्रतिष्ठा संस्कार पूर्ण रीति-रिवाज के साथ संपन्न हुआ, हवन, पूर्णाहुति के साथ कार्यक्रम के आखिरी दिन प्रसाद भंडारा के साथ समाप्त हुआ।

कार्यक्रम शुरू होते ही प्रथम दिन से पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया। मंत्रोच्चार और शंखध्वनि से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु कार्यक्रम में शामिल हुए और माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त किया।

नवीन प्रतिमा की स्थापना के बाद माता का विशेष श्रृंगार किया गया, जिसमें फूलों, वस्त्रों और आकर्षक सजावट से मंदिर परिसर को मनमोहक रूप दिया गया। मंदिर परिसर में रंग-बिरंगी झालरों, फूलमालाओं और विद्युत सज्जा से उत्सव जैसा माहौल नजर आया। श्रद्धालुओं ने माता की आरती कर जयकारों के साथ भक्ति भाव प्रकट किया। 

इस धार्मिक आयोजन को सफल बनाने में पूर्व पार्षद रामाधार, रवि कुमार अग्रवाल के साथ स्थानीय नागरिकों ने सहयोग दिया। प्राण  प्रतिष्ठा के उपरांत श्रद्धालुओं के लिए विशाल भंडारे का आयोजन किया गया। भंडारे में हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम की सफलता पर आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगकर्ताओं और नगरवासियों का आभार व्यक्त किया। खेरमाई धाम में हुए इस भव्य आयोजन की पूरे नगर में सराहना की जा रही है।

बिना अनुमति पेड़ों की कटाई, वन विभाग के रेंजर की कार्यप्रणाली सवालो के घेरे में पोकलेन मशीन नही हुई जब्त


समाचार

अनूपपुर/कोतमा

वन परिक्षेत्र कोतमा के कल्याणपुर बीट अंतर्गत केवई नदी किनारे बीते दिनों बिना किसी वैध अनुमति के ठेकेदार द्वारा पोकलेन मशीन से दर्जनों फलदार एवं इमारती वृक्षों को उखाड़कर नष्ट किए जाने का मामला सामने आया है। इस घटना की जानकारी गश्त के दौरान बीट प्रभारी मनोज चौधरी द्वारा वन परिक्षेत्र अधिकारी हरीश तिवारी (रेंजर) को दी गई थी, जिसके बाद विभाग ने नोटिस जारी कर औपचारिक कार्रवाई प्रारंभ करने की बात कही है।

घटना के लगभग 15 दिन बीत जाने के बाद भी न तो मौके पर प्रयुक्त पोकलेन मशीन की जब्ती सुनिश्चित हो सकी है और न ही संबंधित ठेकेदारों के विरुद्ध किसी ठोस एवं निर्णायक कानूनी कार्रवाई का स्पष्ट परिणाम सामने आया है। जमीनी स्तर पर कार्रवाई की यह धीमी गति अब वन परिक्षेत्र अधिकारी की कार्यशैली, निर्णय क्षमता और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े कर रही है। लोगों का मानना है कि यदि सूचना मिलते ही मशीन को तत्काल जब्त कर विधिक प्रक्रिया प्रारंभ कर दी जाती, तो बड़े पैमाने पर पेड़ों की कटाई को रोका जा सकता था।

पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वन क्षेत्र में निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया व्यवस्था कमजोर पड़ने के कारण ऐसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। इसका सीधा असर क्षेत्रीय हरित आवरण, जैव विविधता और नदी किनारे की प्राकृतिक संरचना पर पड़ रहा है, जिससे पर्यावरणीय असंतुलन की स्थिति और अधिक गंभीर होती जा रही है। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निलेश पांडे ने मामले को गंभीर बताते हुए सीसीएफ शहडोल से चर्चा कर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने स्पष्ट कहा है कि यदि शीघ्र पोकलेन मशीन की जब्ती कर दोषियों पर कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं की गई, तो संगठन आंदोलन के लिए बाध्य होगा।

इनका कहना है।

जांच अधिकारी अभी बिलासपुर में है, परिवार में स्वास्थ्य खराब होने के कारण, विभाग द्वारा कार्रवाई की जा रही है।

*हरीश तिवारी, रेंजर कोतमा*

 कलेक्टर रेट से कम मजदूरी का खुलासा, अध्यक्ष व सीएमओ की चुप्पी से उठ रहे सवाल, ठेका भी कम रेट पर स्वीकृत


अनूपपुर

नगर परिषद बरगवा से जुड़े निर्माण और सफाई कार्यों में कलेक्टर रेट से कम मजदूरी दिए जाने की शिकायतों के बाद अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है। मजदूरों ने आरोप लगाया है कि न केवल उन्हें कम भुगतान किया जा रहा है, बल्कि जिस ठेके के तहत ये काम चल रहे हैं, वह भी कलेक्टर रेट से कम दर पर ही स्वीकृत किया गया है, जिससे मजदूरों को पूरा हक़ मिलना पहले से ही असंभव हो गया है।सबसे गंभीर बात यह है कि शिकायतों के बावजूद प्रशासन अब तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रहा, जिससे मजदूरों में भारी रोष और अविश्वास पैदा हो गया है।मजदूरों ने लगाया बड़ा आरोप—“कम रेट पर ठेका देकर पहले ही मजदूरी काट ली गई”मजदूरों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा जो ठेके स्वीकृत किए गए हैं, उनमें कलेक्टर रेट के अनुरूप बजट ही तय नहीं किया गया है। इससे ठेकेदार कम राशि में काम लेने के लिए मजबूर हैं और उसी की भरपाई मजदूरों की मजदूरी काटकर कर रहे हैं। अध्यक्ष व सीएमओ की चुप्पी इस मामले में मूंक सहमति दे रही है।

एक मजदूर ने बताया की ठेका ही कम रेट पर दे दिया है, तो ठेकेदार हमें पूरा क्यों देगा? प्रशासन ने पहले ही कम रेट में काम देकर हमारा हक़ काट दिया।”मजदूरों के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से की गई है, जिसमें बजट कम रखा गया और बाद में मजदूरों को कम मजदूरी दे दी गई 

एक नागरिक ने कहा जब ठेका ही गलत रेट में पास है तो मजदूरों का हक़ कौन दिलाएगा? प्रशासन जान-बूझकर अनदेखी कर रहा है। कानून कहता है कलेक्टर रेट से कम भुगतान बिल्कुल गैर-कानूनी व अपराध है। ऐसा आदेश पास करना या लागू करना दोनों गैर-कानूनी हैं दोषियों पर सजा और जुर्माना अनिवार्य है। लेकिन बरगवा में कानून का पालन न होना, जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मजदूरी भुगतान की गड़बड़ी का मूल कारण यही है कि नगर परिषद ने ठेका स्वीकृत करते समय कलेक्टर रेट को ही नजरअंदाज कर दिया। जब ठेके का बजट ही कम है, तो मजदूरों को पूरा भुगतान कैसे मिलेगा?”ये गंभीर आरोप नगर परिषद की प्रक्रियाओं और पारदर्शिता को लेकर गंभीर संदेह खड़ा करते हैं। मजदूरों की मांग ठेके की पूरी जांच हो, भुगतान कलेक्टर रेट पर मिले। ठेके की फीस और रेट की जांच की जाए ठेका कैसे और किस दर पर स्वीकृत हुआ, इसकी कॉपी सार्वजनिक की जाए मजदूरों को बकाया राशि तुरंत दी जाए। दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज हो।

श्री कल्याण सेवा आश्रम द्वारा निर्मित मुक्तिधाम को अमरकंटक नगर परिषद को किया समर्पित


अनूपपुर

पवित्र नगरी अमरकंटक में जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल करते हुए श्री कल्याण सेवा आश्रम द्वारा लगभग 40 लाख रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित आधुनिक मुक्तिधाम को आज विधिवत रूप से नगर परिषद अमरकंटक को सौंप दिया गया। इस अवसर पर पुष्पराजगढ़ के विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में नगर परिषद अमरकंटक की अध्यक्ष पार्वती सिंह, मुख्य नगर पालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते सहित समस्त पार्षदगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह का मुख्य आकर्षण वह क्षण रहा जब श्री कल्याण सेवा आश्रम के प्रबंध न्यासी स्वामी हिमाद्री मुनि ने मुक्तिधाम की चाबी औपचारिक रूप से नगर परिषद को सुपुर्द की।

इस अवसर पर अपने संबोधन में विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने कहा कि यह मुक्तिधाम केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि समाज के प्रति सेवा, संवेदना और संस्कारों का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने आश्रम के इस लोकहितकारी कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इससे नगरवासियों को अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्यों के लिए एक व्यवस्थित एवं सम्मानजनक स्थल उपलब्ध होगा।

स्वामी हिमाद्री मुनि ने अपने उद्बोधन में कहा कि आश्रम सदैव समाजसेवा के कार्यों में अग्रणी रहा है और यह मुक्तिधाम उसी सेवा भावना का प्रतिफल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नगर परिषद इस व्यवस्था का सुचारू संचालन कर इसे जनसुविधा के रूप में विकसित करेगी।

कार्यक्रम में धार्मिक संत-महात्माओं एवं जनप्रतिनिधियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें स्वामी हरस्वरूप जी महाराज, स्वामी धर्मानंद जी महाराज, विनोद कर, राजेंद्र बिष्ट  देवानंद खत्री रामगोपाल द्विवेदी पूर्व उपाध्यक्ष, रोशन पन्नारिया पार्षद, पवन तिवारी पार्षद, सुखनंदन सिंह पार्षद, विमला दुबे पार्षद, उषा सिंह उईके पार्षद, जोहन लाल चंद्रवंशी पार्षद, शक्ति पांडे पार्षद, प्रकाश द्विवेदी सांसद प्रतिनिधि,  अभिषेक द्विवेदी, डॉ. एस.के. तिवारी, संतोष पांडे सहित  जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, समाजसेवी एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।

नगर परिषद अध्यक्ष पार्वती सिंह एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते ने आश्रम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि मुक्तिधाम की व्यवस्था को सुव्यवस्थित एवं जनहितकारी बनाए रखने हेतु हर संभव प्रयास किया जायेगा  ।

उल्लेखनीय है कि उक्त मुक्तिधाम अमरकंटक नगरवासियों एवं आने वाले लोगों के लिए पूर्णतः उपलब्ध होगा। इस पहल से न केवल स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि अमरकंटक की सामाजिक संरचना में एक सशक्त और संवेदनशील अधोसंरचना का भी समावेश हुआ है।

जर्जर सड़क, जानलेवा गड्ढा, हो सकता है बड़ा हादसा, युवती से शारीरिक शोषण, आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

कोतमा नगर अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-43 का बायपास इस समय गंभीर बदहाली का शिकार है। बसखली तिराहा से शुक्ला ढाबा तक लगभग एक किलोमीटर मार्ग गहरे गड्ढों, उखड़ी डामर परत और उड़ती धूल के कारण अत्यंत जोखिमपूर्ण हो चुका है। जायसवाल कबाड़ दुकान और शुक्ला ढाबा क्षेत्र के आगे कई स्थानों पर सड़क की संरचना कमजोर हो चुकी है, जबकि बीच का बड़ा गड्ढा “जानलेवा” रूप ले चुका है, जिससे लगातार दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

यह मार्ग मध्य प्रदेश में कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर से होकर गुजरता है, जहां कोतमा बायपास इसका अहम हिस्सा है। इसके बाद यह छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर से होकर झारखंड को जोड़ता है। लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण सड़क कई स्थानों पर 1 से 2 फीट गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। दिन में धूल दृश्यता कम करती है, जबकि रात में प्रकाश और चेतावनी संकेतों की कमी से जोखिम और बढ़ जाता है।

इस समस्या के पीछे लोक निर्माण विभाग (PWD) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर असमंजस बना हुआ है, जिससे मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है।स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह मार्ग अब दुर्घटनाओं का केंद्र बन चुका है। वाहन लगातार गड्ढों में फंसते हैं और हादसे हो रहे हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित है। कोतमा बायपास का यह हिस्सा अत्यंत उच्च जोखिम दुर्घटना क्षेत्र बन चुका है, जहां कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।

*युवती से शारीरिक शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार*

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा 27 वर्षीय नवयुवती को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने के अपराध में आरोपी टीकम सिहं मरावी पिता धीरेन्द्र सिहं मरावी उम्र 30 साल निवासी ग्राम घाटा धोपगढ़ थाना करनपठार अनूपपुर को गिरफ्तार किया गया है।

27 वर्षीय नवयुवती द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि आरोपी टीकम सिहं मरावी पिता धीरेन्द्र सिहं मरावी उम्र 30 साल निवासी ग्राम घाटा भोपगढ थाना करनपठार अनूपपुर ने मित्रता की और शादी करने का विश्वास दिलाकर पिछले दो साल से शारीरिक शोषण किया जा रहा है। जो उक्त रिपोर्ट पर तत्काल अपराध क्रमांक 233/26 धारा 69 बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर टी.आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, प्रधान आरक्षक शेख रसीद, आरक्षक अब्दुल कलीम की टीम के द्वारा आरोपी टीकम सिहं मरावी को ग्राम घाठा  धोबगढ़, करनपठार से गिरफ्तार किया गया है।

दो साल से फरार करोड़ों की ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, विभिन्न राज्यो में कई मामले है दर्ज


अनूपपुर

जिले के थाना भालूमाड़ा पुलिस ने करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो वर्षों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी उमेश कांतिलाल पटेल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

मामला अपराध क्रमांक 350/2024 एवं 400/2024 से संबंधित है, जिसमें आरोपी के खिलाफ धारा 420, 406, 409, 120बी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज है। आरोपी ने निवेशकों को झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की थी और घटना के बाद से फरार चल रहा था।

ज्ञात हो कि लगभग दो वर्ष पूर्व बदरा निवासी संतोष चौरसिया की रिपोर्ट पर इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने तत्काल प्रभाव से थाना भालूमाड़ा में प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे। उनकी संवेदनशीलता और सख्त रुख का ही परिणाम है कि लंबे समय से फरार आरोपी आज कानून के शिकंजे में आ सका। आरोपी को महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित तलोजा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया।

आरोपी उमेश कांतिलाल पटेल के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में भी दर्जनभर से अधिक धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। करोड़ों रुपये की ठगी करने के बावजूद वह लंबे समय तक पैसे और प्रभाव के दम पर कार्रवाई से बचता रहा। ठगी गिरोह का एक अन्य आरोपी अलकित मालवीय निवासी गुजरात अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय कोतमा में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

बरतराई खान में भूमि अधिग्रहण पर संशय, रातों रात दुकान का हो गया निर्माण, सर्वे प्रक्रिया में उठे प्रश्न


अनूपपुर  

अमाड़ांड–बरतराई भूमिगत खदान में डिपिलरिंग पद्धति के माध्यम से कोयला उत्खनन हेतु की जा रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया इन दिनों विवादों के घेरे में आ गई है। खदान प्रबंधन स्वयं इस असमंजस में है कि भूमि, मकान एवं दुकानों के मुआवजे की दर किस आधार पर निर्धारित की जाए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान कई किसानों द्वारा मुआवजा प्राप्त करने के उद्देश्य से रातों-रात टीन शेड के अस्थायी मकान एवं दुकानों का निर्माण कर लिया गया है। इनका क्षेत्रफल हजारों वर्गफुट तक बताया जा रहा है। नियमानुसार ईंट-सीमेंट से निर्मित भवनों को पक्का निर्माण माना जाता है, जबकि पूर्णतः टीन से बने ढांचों को अस्थायी निर्माण की श्रेणी में रखा जाता है।

विवाद का मुख्य कारण यह है कि यदि टीन से बने अस्थायी निर्माणों को भी पक्के निर्माण के समान मुआवजा प्रदान किया गया, तो इससे किसानों एवं प्रबंधन के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के अंतर्गत धारा 9(1) लागू होने के पश्चात किसी भी प्रकार का नया निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित एवं अवैध हो जाता है। इसके बावजूद 2 जनवरी 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के बाद भी कई स्थानों पर निर्माण कार्य जारी रहा तथा वर्तमान में भी कुछ स्थानों पर कार्य प्रचलित है।

मामले में ड्रोन सर्वे को लेकर भी गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। आरोप है कि खदान प्रबंधन द्वारा 20 जनवरी 2026 को कलेक्टर, अनूपपुर को सूचना देने में देरी की गई तथा 27 जनवरी के पश्चात ड्रोन सर्वे कराया गया, जिससे कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

वहीं, प्रबंधन का कहना है कि 20 जनवरी 2026 को प्रस्तुत सूचना पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि 2 जनवरी 2026 (राजपत्र अधिसूचना की तिथि) का सैटेलाइट चित्र पूर्व में ही सुरक्षित कर लिया गया है।

कलेक्टर, अनूपपुर द्वारा 21 जनवरी 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि अधिग्रहित की जा रही भूमि पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण एवं क्रय-विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसके बावजूद कुछ किसानों द्वारा उक्त आदेश की अवहेलना करते हुए निर्माण कार्य जारी रखा गया।

जिन किसानों द्वारा कोई नया निर्माण नहीं किया गया है, उनका कहना है कि यदि 2 जनवरी 2026 के पश्चात निर्मित संरचनाओं को भी मुआवजा प्रदान किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने हेतु बाध्य होंगे तथा उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराएंगे।

2 जनवरी 2026 के बाद किए गए सभी निर्माणों को अवैध घोषित किया जाए। ऐसे निर्माणों पर किसी प्रकार का मुआवजा न दिया जाए।पूर्णतः टीन से निर्मित ढांचों का मुआवजा केवल अस्थायी निर्माण की निर्धारित दर से ही दिया जाए।

राजपत्र अधिसूचना के पश्चात किए गए निर्माण सामान्यतः मुआवजे के पात्र नहीं होते। मुआवजा निर्माण की प्रकृति (पक्का अथवा अस्थायी) के आधार पर निर्धारित किया जाता है। सैटेलाइट चित्र, ड्रोन सर्वे एवं राजस्व अभिलेखों को प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है।

वर्तमान स्थिति में पारदर्शिता के अभाव तथा परस्पर विरोधी दावों के कारण क्षेत्र में संशय एवं तनाव का वातावरण व्याप्त है। यदि शीघ्र ही स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो यह विवाद व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। साथ ही, उच्च स्तर पर मंत्रालय से लेकर जांच एजेंसियों तक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी भी जारी है।

रुद्र गंगा एवं वन विद्यालय के समीप वन क्षेत्र में लगी आग, आग पर पाया काबू


अनूपपुर

पवित्र पर्वत नगरी अमरकंटक के समीप स्थित जमुना दादार नवोदय क्षेत्र के वन में अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें तेज़ हवाओं के साथ फैलती हुई वन क्षेत्र के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेती जा रही हैं, जिससे आसपास के पर्यावरण, वन्यजीवों एवं जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इसी तरह अमरकंटक वन पर क्षेत्र के रुद्र गंगा में भी आग की घटना हुई है इसके एक दिवस पूर्व वार्ड क्रमांक चार एवं पांच के वन क्षेत्र में आग लगी हुई थी वन विभाग के द्वारा बुझाने प्रयास किया गया नगर परिषद अमरकंटक का दमकल संयंत्र वन क्षेत्र में आग बुझाने में ना काफी साबित हो रहा है। आग इस कदर भीषण हो रही की बुझाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। वन क्षेत्र में आग लगने से पर्यावरण प्रभावित हो रहे हैं तथा तापमान भी बढ़ रहा है । 

यह स्थिति स्थानीय नागरिकों में गहरी चिंता और आक्रोश का कारण बन रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो यह और अधिक भयावह रूप ले सकती है तथा आसपास के वन में खतरा उत्पन्न कर सकती है।

वन क्षेत्र में लगी यह आग न केवल हरित संपदा को भारी नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि अनेक वन्य प्राणियों के जीवन पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। धुएं के गुबार से वातावरण दूषित हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई है।

दूषित पेय जल की आपूर्ति पर, जल समस्या निराकरण समिति ने अजय सिंह को सौंपा ज्ञापन 


अनूपपुर

अजय सिंह राहुल अनूपपुर जिले की यात्रा के दौरान पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रामखेलावन राठौर के निवास पर पधारे तब यह ज्ञापन, अनूपपुर में नगरपालिका द्वारा दूषित पेय जल की आपूर्ति, नदियों में जिला अस्पताल सहित कई अस्पतालों सरकारी व ग़ैर सरकारी संस्थानों तथा तमाम वार्डों से निःसरित दूषित जल जोकि सीधे अनूपपुर की नदियों तिपान व चंदास में प्रवाहित किया जा रहा है जिससे नदियों का अस्तित्व ख़तरे में पड़ गया है, के संबंध में था। जल समस्या निराकरण समिति के संयोजक गिरीश पटेल ने ज्ञापन सौंपते हुए राहुल जी को बताया कि नदियों का अस्तित्व ख़तरे में है,तिपान तथा चंदास दोनों ही नदियाँ बहुत ही बुरी स्थिति में हैं और चंदास तो लगभग नाले के रूप में परिवर्तित हो गई है यदि समय रहते इस समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो इनका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।तिपान नदी में ही नगरपालिका का साधारण फिल्टर प्लांट लगा है और वहीं पर अत्यंत अपशिष्ट पदार्थों से युक्त जल निरंतर प्रवाहित हो रहा है जोकि केवल फिटकरी और क्लोरीन से साफ कर पेयजल के रूप में प्रदाय किया जा रहा है, इस संबंध में नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग और कलेक्टर को लिखित रूप से अवगत कराया गया पर बड़े आश्वासन के बावजूद कलेक्टर ने न तो कोई कार्रवाई की और न ही अपने वादे के अनुसार उन नदियों को देखने गए जहां इनका हाल बदतर हो चुका है। यहां पर जो एस टी पी प्लांट लगाने की योजना बनाई गई है वो ऐसे स्थानों पर हैं जहां अभी इसकी तत्काल में ज़रूरत नहीं है और जहां ज़रूरत है वहाँ प्लांट कीं कोई योजना नहीं है। गंगा संवर्धन योजना के तहत सरकार से जिस राशि का आवंटन हुआ उसे आवश्यक जगह पर खर्च न करके ऐसे स्थानों पर खर्च किया गया और किया जा रहा है जहां इसकी फ़ौरी तौर पर कोई ज़रूरत नहीं थी, जहां पर खर्च हो रहा है वे स्थान क्रमानुसार बाद में आते है। ज्ञापन सौंपते हुए आयोजन समिति ने राहुल से माँग की कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सूचित कर के कार्यवाही कराने की कृपा करें ताकि इस समस्या का निराकरण हो सके। राहुल ने पूरे ज्ञापन को गंभीरता पूर्वक पढ़ा और आश्वासन दिया कि वे इस पर ठोस कार्यवाही करवाने की पूरी कोशिश करेंगे। ज्ञातव्य है कि पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष जीवेंद्र सिंह ने नदियों का सर्वेक्षण कर आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत की है।

कर्मचारियों ने 17 मांगों पर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी, रुकवाया गया बाल विवाह


अनूपपुर

जिले में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को एकजुटता का परिचय देते हुए सशक्त प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ, जिला अनूपपुर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लेकर अपनी आवाज बुलंद की। दोपहर 2:00 बजे ज्येष्ठ एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मध्यप्रदेश शासन के माननीय मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर अनूपपुर को सौंपा गया।

यह ज्ञापन दादा ताराचंद यादव, मजदूर संघ जमुना-कोतमा एरिया के विभाग प्रमुख राजेश सिंह परिहार, जिला मंत्री सुमित बक्सरिया एवं विद्युत वितरण कंपनी अनूपपुर के जिलाध्यक्ष सुनील चौरसिया के नेतृत्व में प्रस्तुत कर ज्ञापन सौपा गया।

ज्ञापन में आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखते हुए राज्य सरकार से ठोस एवं व्यापक नीति निर्माण की मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि वर्तमान आउटसोर्स व्यवस्था में कार्यरत श्रमिकों को न तो सामाजिक सुरक्षा प्राप्त है और न ही उन्हें उनके कार्य के अनुरूप उचित वेतन मिल रहा है। इससे उनका आर्थिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने आउटसोर्स सर्विस सिक्योरिटी एक्ट अथवा आउटसोर्स निगम मंडल के गठन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों को स्थायित्व, पारदर्शिता और सुरक्षा मिल सकेगी। ज्ञापन में 200 से अधिक कर्मचारियों की रही भागीदारी। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। 

*प्रशासन की तत्परता से मोहिनी ग्राम में रूका बाल विवाह*


शहडोल

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह द्वारा शहडोल जिले में बाल विवाह की रोकथाम हेतु जिला एवं खंड स्तरीय दल गठित किया गया है। जिले की तहसील जयसिंहनगर अंतर्गत ग्राम मोहिनी में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की शिकायत प्राप्त होने पर प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए बालिका का बाल विवाह रूकवा दिया। शिकायत की जांच के दौरान बालिका की आयु 18 वर्ष कम पाई गई। 

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास अखिलेश मिश्रा ने बताया कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व काजोल सिंह के मार्गदर्शन में  तत्काल खंड स्तरीय टीम को मौके पर भेजा गया । यह टीम बालिका के घर मोहिनी एवं उसके मामा के घर जगडा पहुंचकर  बाल विवाह रूकवाया। टीम द्वारा परिजनो को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानो की जानकारी दी गई तथा  बालिका का विवाह 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह करने की समझाइश दी गई। 

मोटरसाइकिल जप्त, चोर गिरफ्तार, आबकारी विभाग ने अवैध शराब की जप्त, मामला दर्ज


अनूपपुर

बिजुरी पुलिस के द्वारा बिजुरी बाजार से मोटर सायकल चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया। कैलाश सोनी पिता रामविशाल सोनी उम्र 56 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 12 सब्जी मंडी ग्राउण्ड के पास बिजुरी का थाना में आकर शिकायत की थी 26 मार्च 2026 को करीब 3 बजे दोपहर अपनी मोटर सायकल क्रमांक MP65MC1292 हीरो पेशन जो पुरानी इस्तेमाली कीमती करीब 60 हजार रुपये को अपने घर के सामने रोड पर खडी कर अन्दर चला गया था, कुछ समय बाद घर से बाहर आकर देखा तो उसकी मोटर सायकल घर के बाहर नही खडी थी, लगता है कि उसकी मोटर सायकल को कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी कर के ले गया है।

शिकायत पर अपराध क्र. 134/26 धारा 303(2) बीएनएस का कायम कर अनुंसंधान में लिया गया । दौरान विवेचना चोरी गई मोटर सायकल एवं आरोपी की पता तलास की गई जो मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति बिजुरी से कोरजा तरफ हीरो मोटर सायकल से जा रहा है, जो संदिग्ध लग रहा है, जिसे पुलिस के द्वारा घेराबंदी कर पकड कर पूछताछ की गई तो आरोपी द्वारा अपना देवेन्द्र उर्फ पींटू पिता मुन्ना प्रधान उम्र 24 वर्ष निवासी बेलिया छोट का होना बताया एवं उक्त मोटर सायकल दिनांक 26 मार्च 2026 को सब्जी मंडी बिजुरी से चोरी करना बताया, चोरी की मोटरसाइकिल को जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेएमएफसी न्यायालय कोतमा पेश किया गया।

*अवैध शराब जप्त, मामला दर्ज*


उमरिया जिले में कलेक्टर राखी सहाय के द्वारा जिले में अवैध मदिरा के क्रय विक्रय,संग्रहण,परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।निर्देश के परिपालन में जिला आबकारी अधिकारी उमरिया सावित्री भगत के मार्गदर्शन में मदिरा के अवैध निर्माण,संग्रहण,परिवहन एवं विक्रय पर नियंत्रण हेतु वृत्त मानपुर अंतर्गत अवैध मदिरा के विरूद्ध कार्यवाही की गई। 

इस दौरान भरौली ढाबा के संचालक आकाश जायसवाल के कब्जे से 12 बोतल बीयर एवं 10 पाव प्लेन,धर्मेन्द्र सिंह ग्राम देवगवां के किराना दुकान से 09 पाव देशी मदिरा प्लेन,राजाराम गुप्ता ग्राम मुगवानी के कब्जे से 25 पाव देशी मदिरा प्लेन,ग्राम कठार में उमेश पटेल के कब्जे से 19 पाव देशी मदिरा प्लेन इसी प्रकार बिजौरी स्थित ढाबे में कार्यवाही करते हुये सावित्री साहू के कब्जे से 14 पाव देशी मदिरा प्लेन जब्त कर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (1) क के तहत् कुल 06 न्यायालयीन प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

एक और हाथी जिले में किया प्रवेश, हाथियों की संख्या हुई पांच, घरों में तोड़फोड़ कर फसलो को किया नुकसान


अनूपपुर 

जिले में पांचवा हाथी छत्तीसगढ़ राज्य के कटघोड़ा से मरवाही होकर मंगलवार की सुबह अनूपपुर जिले में प्रवेश कर अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर दिन में जैतहरी के धनगवां बीट के जंगल में विचरण कर रहा है, जबकि एक दंतैल हाथी जिला मुख्यालय अनूपपुर से 8 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत खांड़ा के खांड़ा जंगल में विगत 14 दिनों से विचरण कर रहा है। हाथियों के धीरे-धीरे अनूपपुर जिले को रहवास क्षेत्र बनाए जाने से जिले की जनता परेशान एवं भयभीत है। नुकसान का सर्वे नही हुआ है और न लोगो मुआवजा मिला है।

एक दंतैल हाथी छत्तीसगढ़ राज्य के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत जडगा एवं पसान की सीमा पर विचरण कर रहे हैं। हाथियों के समूह से अलग होकर कटघोरा के पसान से जीपीएम के मनेद्रगढ़, मरवाही के मरवाही वन परिक्षेत्र एवं सिवनी वन बीट के जंगल से गूजर नाला से सीमा पारकर, पहले कई बार आए हाथियों के रास्ते से चलते हुए ग्राम पंचायत चोलना एवं कुकुरगोड़ा के टोला,मोहल्ला के किनारे से होते हुए मरवाही के गुल्लीडांड बीट से जैतहरी के धनगवां बीट के बीच 30 किलोमीटर रास्ता तय कर, धनगवां के जनवनिहा जंगल में पहुंचकर अपने अन्य तीन हाथी साथियों के साथ मिलकर, जंगल में पेड़ों के डगालो को तोड़कर खाने की सूचना वन विभाग एवं ग्रामीणों द्वारा दी गई है।

धनगवां बीट के जंगल में अब हाथियों की संख्या चार हो गई तीन हाथियों के समूह द्वारा जंगल में व्यतीत करने बाद देर रात जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत पड़रिया के भलुवानटोला निवासी एवं बीट चोलना में कच्चे मकान में तोड़फोड़ कर छोई गांव के मोतीलाल राठौर के मकान में तोड़फोड़ कर घर के अंदर रखे अनाज को अपना आहार बनाया। वही चोई गांव के विभिन्न टोला में खेत में टमाटर, उड़द की फसल को खाते हुए वन बीट चोलना के चोई गांव में स्थित मिश्चित वृक्षारोपण क्रमांक एक एवं दो में 40 से अधिक आरसीसी खम्बो, 100 मीटर से अधिक फिसिंग तारो को तोड़ते हुए फिर से धनगवां के जंगल में विश्राम करने चले गए, वहीं एक दंतैल हाथी जिला मुख्यालय अनूपपुर से 7 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत खांड़ा के खांड़ा बांध के ऊपर जंगल में 14  वें दिन विश्राम करने बाद जंगल से निकल कर खांड़ा बांध में पानी पीने बाद बांध के किनारे कच्चे मकान को तीसरी बार पहुंच कर तोड़ते हुए तहस-नहस कर घर में रखें विभिन्न तरह की सामग्रियों को नष्ट किया है। यह हाथी देर रात खांडा एवं खोलगढी एवं चटुआ के मध्य स्थित जंगल में विचरण करता रहा।

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