चोरी में उपयोग की गई ट्रैक्टर व चोरी की गई ट्रॉली पुलिस ने किया जब्त, नाबालिग पुलिस अभिरक्षा में


अनूपपुर

थाना रामनगर पुलिस को ट्रॉली चोरी के प्रकरण में महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त हुई है। पुलिस टीम ने चोरी में प्रयुक्त स्वराज ट्रैक्टर एवं चोरी गई ट्रॉली बरामद करते हुए एक विधि-विरुद्ध बालक को अभिरक्षा में लिया है। 24 अगस्त 2026 को ग्राम भलवाही निवासी देव सिंह गोंड उम्र 56 वर्ष ने थाना रामनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोर उसके घर के बाहर खड़ी ट्रॉली क्रमांक BAF-117319 चोरी कर ले गए हैं। चोरी गए ट्रॉली की कीमत ₹1,25,000 थी। 

इस संबंध में थाना रामनगर में अपराध क्रमांक दर्ज कर धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा लगातार पतासाजी, मुखबिर सूचना एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की गई। जांच के दौरान चोरी में उपयोग किया गया स्वराज ट्रैक्टर चेसिस नंबर MBNCA49 NKSTE 43602, वाहन क्रमांक CG 31 C 2790) तथा चोरी गई ट्रॉली विधि-विरुद्ध नाबालिग उम्र 17 वर्ष, निवासी भेड़वा टोला, थाना भालूमाड़ा के कब्जे से बरामद की गई।

पुलिस ने ट्रैक्टर एवं ट्रॉली को विधिवत जप्त कर अग्रिम विवेचना कार्रवाई प्रारंभ कर दी है। मामले में अन्य संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज फर्जी मुकदमे के खिलाफ कांग्रेस ने निकाला विरोध मार्च, मोदी शाह का जलाया पोस्टर


अनूपपुर

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा के बाद भाजपा एवं आरएसएस से जुड़े लोगों द्वारा मंच के कथित रूप से शुद्धिकरण किए जाने के मामले को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर दलित विरोधी मानसिकता का आरोप लगाया है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस घटना के दोषियों पर कार्यवाही करने के बजाय उत्तराखंड पुलिस द्वारा लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष एवं जननायक राहुल गांधी जी के खिलाफ षड्यंत्रपूर्वक फर्जी एफआईआर दर्ज की गई, जो लोकतांत्रिक मूल्यों और संविधान का अपमान है।

इसी के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर अध्यक्ष गुड्डू चौहान के नेतृत्व में आज जिला मुख्यालय अनूपपुर में कांग्रेस कार्यालय से सामतपुर चौक तक विरोध मार्च निकाला गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर नारेबाजी करते हुए विरोध दर्ज कराया तथा मोदी-शाह के पोस्टर जलाकर तानाशाही और दमनात्मक कार्यवाही के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया।

विरोध मार्च के बाद कांग्रेसजन जिला कांग्रेस कार्यालय पहुंचे, जहां संविधान विचार सभा का आयोजन किया गया। सभा को विधायक फुन्देलाल सिंह मार्को एवं पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष रमेश कुमार सिंह ने संबोधित किया।

वक्ताओं ने कहा कि कांग्रेस पार्टी संविधान, लोकतंत्र, सामाजिक न्याय और समानता के मूल्यों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहेगी। उन्होंने राहुल गांधी जी के खिलाफ दर्ज एफआईआर को वापस लेने तथा पूरे मामले में निष्पक्ष कार्यवाही की मांग की। कार्यक्रम में जिला कांग्रेस के पदाधिकारी, ब्लॉक अध्यक्ष, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, सेवादल सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

दुकान में ताले आग लगाकर चोरी का असफल प्रयास, महुआ का पेड़ बिजली पोल पर गिरा, गांव में छाया अंधेरा


अनूपपुर

कोतमा नगर के पुराने रेलवे फाटक के पास स्थित मो तजममुल की मोटर बाइंडिंग दुकान में चोरी का असफल प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। चोरों ने आधी रात को दुकान के ताले पर पेट्रोल डालकर आग लगाई और ताला तोड़ने की कोशिश की आग की लपटों के कारण मामले का खुलासा हो सका। मामले की शिकायत थाना में की गई है।

रात को बदमाशों द्वारा ताला तोड़कर दुकान के अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया गया। घटना की दौरान अनिल पोथन स्टेशन चौक कोतमा से अपने घर की ओर से जा रहे थे। जिनकी नजर दुकान के ताले से उठती आग की लपटों पर पड़ी। उन्होंने रुकते हुए सूचना पुलिस एवं अन्य लोगों को दी गई। रात्रि गस्त पुलिस टीम पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और बदमाश की तलाश में आस पास सर्चिंग भी किया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए आसपास तलाश की। घटनास्थल के समीप पेट्रोल की बोतल भी बरामद होने की बात सामने आई है। पुलिस द्वारा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर संदिग्धों आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

*महुआ का पेड़ बिजली पोल में गिरा, गांव में छाया रहा अंधेरा*

अनूपपुर जिले के कोतमा विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत छोहरी गांव में सड़क किनारे स्थित भारी महुआ का पेड़ टूटकर गांव में गिर गया। पेड़ गिरने से बिजली का पोल क्षतिग्रस्त हो गया और गांव की विद्युत व्यवस्था बाधित हो गई। सुबह से बंद हुई लाइट चालू नही हो सकी।  जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर बच्चे एवं बुजुर्गों को अंधेरे एवं मच्छरों के बीच गुजरना पड़ा।

घटना की सूचना मिलते ही पंचायत एवं विद्युत विभाग की टीम सक्रिय हुई और पेड़ को काटकर हटाने तथा क्षतिग्रस्त बिजली तारों को सुधारने का कार्य शुरू किया गया। ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण फाटकटोला सहित आसपास की बस्तियों में अंधेरा छाया रहा।

एक निजी कंपनी का टॉवर भी प्रभावित हुआ जिससे मोबाइल् नेटवर्क भी बंद रहा जो शाम तक चालू हो सका। गांव के कुछ मोहल्ले में लाइट चालू हो सकी। विद्युत विभाग की टीम द्वारा व्यवस्था बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य किया जा रहा है।


माई की बगिया मार्ग की हालत अति दयनीय, मार्ग विस्तारीकरण के बाद बना दलदल, हो रही दुर्घटनाएं, जिम्मेदार मौन


अनूपपुर

प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक के प्रमुख धार्मिक स्थल माई की बगिया जाने वाले मार्ग की हालत वर्षाकाल में अत्यंत दयनीय हो गई है। मार्ग के विस्तारीकरण के दौरान किए गए कार्य के कारण जगह-जगह जलभराव होने से विस्तारित हिस्सा दलदल में तब्दील हो गया है। इससे पर्यटक, तीर्थयात्री तथा स्थानीय वाहन चालक भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। मार्ग पर आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं और चोटिल हो रहे हैं।

जानकारी के अनुसार ग्रीष्मकाल में माई की बगिया मार्ग के विस्तारीकरण का कार्य प्रारंभ किया गया था, लेकिन लंबे समय बाद भी कार्य पूर्ण नहीं हो सका। लगभग 500 मीटर से अधिक हिस्से में मार्ग को विस्तारित करने के लिए मिट्टी हटाई गई है, जबकि सावित्री नदी पुल के पास से लगभग 800 मीटर मार्ग की स्थिति भी अत्यंत खराब बताई जा रही है। वर्षा के चलते विस्तारित हिस्से में पानी भरने से कीचड़ और दलदल की स्थिति निर्मित हो गई है।

मार्ग संकरा होने के कारण जब सामने से चार पहिया वाहन आते हैं तो उन्हें साइड देने के दौरान वाहन चालकों को विस्तारित हिस्से में उतरना पड़ता है। दलदली जमीन और गहरे गड्ढों के कारण कई बार वाहन फंस जाते हैं। इससे मार्ग पर जाम जैसी स्थिति भी निर्मित हो जाती है। दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति और अधिक जोखिमपूर्ण बनी हुई है।

विस्तारित मार्ग के दोनों ओर लंबे-लंबे घास उग आने के कारण वाहन चालकों को यह भी स्पष्ट दिखाई नहीं देता कि सड़क के किनारे कितना गहरा गड्ढा या दलदल है। ऐसे में वाहन का पहिया अचानक गड्ढे में चले जाने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

श्रावण मास के दौरान माई की बगिया पहुंचने वाले पर्यटकों, तीर्थयात्रियों, दोपहिया एवं चार पहिया वाहन चालकों को इस खराब मार्ग के कारण काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा। धार्मिक एवं पर्यटन की दृष्टि से महत्वपूर्ण इस मार्ग की दुर्दशा के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

स्थानीय नागरिकों, जनप्रतिनिधियों एवं पर्यटक-तीर्थयात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि माई की बगिया मार्ग की वर्तमान स्थिति को देखते हुए तत्काल आवश्यक सुधार कार्य कराया जाए। मार्ग के विस्तारित हिस्से को समतल कर जल निकासी की उचित व्यवस्था की जाए तथा आवागमन योग्य बनाने के लिए शीघ्र स्थायी समाधान किया जाए, ताकि श्रद्धालुओं और पर्यटकों को दुर्घटना एवं परेशानी से राहत मिल सके।

 पवित्र नगरी की सीवर लाइन हुई अस्त-व्यस्त, सीवर का गंदा व बदबूदार पानी नर्मदा नदी में मिल रहा, 

*श्रद्धालुओं व पर्यटकों को रही है परेशानी*


अनूपपुर

प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में नगर परिषद की सीवर व्यवस्था इन दिनों पूरी तरह अस्त-व्यस्त और चरमराई हुई नजर आ रही है। सीवर लाइनों के चैंबरों से निकल रहा गंदा, बदबूदार पानी खुले में बहते हुए नर्मदा नदी की ओर जा रहा है। इससे जहां एक ओर पवित्र मां नर्मदा के जल की शुद्धता और पर्यावरण को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न हो रही है, वहीं दूसरी ओर अमरकंटक आने वाले तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय नागरिकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

पवित्र रामघाट क्षेत्र में सुलभ शौचालय के सामने बने सीवर चैंबर से गंदा और अत्यधिक बदबूदार पानी तेज धार के साथ बाहर निकलकर नर्मदा नदी की ओर बह रहा है। इसी क्षेत्र में रामघाट के पार्किंग स्थल के समीप मैदान, घाट की सीढ़ियों के आसपास तथा मोड़ वाले स्थान पर भी सीवर लाइन का पानी बरसाती पानी के साथ बहता हुआ दिखाई दे रहा है। यह दूषित पानी अंततः नर्मदा नदी में पहुंच रहा है।

नाका चौराहा क्षेत्र में भी सीवर लाइन के चैंबर से तेज धार के रूप में गंदा पानी निकल रहा है, यह पानी वैतरणी नदी के माध्यम से नर्मदा नदी में मिल रहा है। रामघाट स्थित सुलभ शौचालय के सामने सीवर चैंबर से निकल रहे गंदे पानी के कारण समीप चल रहे शिव रुद्र महायज्ञ एवं भोजनालय में आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। 

सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि तेज बारिश के दौरान कई बार बाहर बहता पानी सामान्य बरसाती पानी अथवा पाताल तोड़ पानी समझकर पर्यटक, तीर्थयात्री और भक्त श्रद्धालु उसके पास हाथ-पैर और मुंह धोने लगते हैं। इससे संक्रमण व स्वास्थ्य संबंधी खतरे बढ सकते हैं।

जहां से मां नर्मदा की उद्गम धारा प्रवाहित होती है। धार्मिक मान्यताओं में नर्मदा को मोक्षदायिनी और पुण्यदायिनी नदी का दर्जा प्राप्त है। देशभर से श्रद्धालु यहां नर्मदा स्नान, पूजन, दर्शन और परिक्रमा के लिए पहुंचते हैं। ऐसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल पर सीवर का दूषित पानी नर्मदा नदी में पहुंचना न केवल पर्यावरणीय दृष्टि से गंभीर विषय है, बल्कि धार्मिक आस्था से भी जुड़ा हुआ मामला है।

स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि सीवर लाइन की तत्काल तकनीकी जांच कराकर जहां-जहां लीकेज, चैंबर ओवरफ्लो अथवा लाइन जाम होने की समस्या को ठीक कराया जाए।


महर्षि एंग्लो जर्मन हायर सेकेंडरी स्कूल की छात्रा सुहानी को जर्मनी में मिला सम्मान, विद्यालय ने भी किया सम्मानित

*राष्ट्रीय स्तर पर खेल में 5 बार प्राप्त किया प्रथम स्थान*


अनूपपुर

महर्षि एंग्लो जर्मन हायर सेकेंडरी स्कूल अनूपपुर के विद्यार्थी सदैव अपनी प्रतिभा, मेहनत और उत्कृष्ट प्रदर्शन के माध्यम से विद्यालय, अनूपपुर जिले, संभाग, राज्य, देश तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विद्यालय का नाम गौरवान्वित करते रहे हैं। शैक्षणिक क्षेत्र में विद्यालय के विद्यार्थियों ने विभिन्न परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अनेक उल्लेखनीय उपलब्धियाँ प्राप्त की हैं।

जवाहर नवोदय विद्यालय प्रवेश परीक्षा में भी महर्षि एंग्लो जर्मन हायर सेकेंडरी स्कूल अनूपपुर के विद्यार्थियों का उत्कृष्ट प्रदर्शन निरंतर रहा है। अनूपपुर जिले के साथ-साथ राज्य स्तर पर भी इस विद्यालय से बड़ी संख्या में विद्यार्थी नवोदय विद्यालय के लिए चयनित होते रहे हैं। इसी प्रकार बोर्ड परीक्षाओं में भी विद्यालय के विद्यार्थियों ने जिले में प्रथम स्थान प्राप्त कर विद्यालय की प्रतिष्ठा बढ़ाई है।

महर्षि एंग्लो जर्मन हायर सेकेंडरी विद्यालय अनूपपुर की उपलब्धियाँ केवल शिक्षा के क्षेत्र तक सीमित नहीं हैं, बल्कि खेल-कूद के क्षेत्र में भी विद्यालय के विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। विद्यालय के अनेक विद्यार्थियों ने विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय और जिले का नाम रोशन किया है।

महर्षि एंग्लो जर्मन हायर सेकेंडरी विद्यालय अनूपपुर की छात्रा सुहानी कोल का उल्लेख विशेष रूप से किया जाना गौरव की बात है। दिनांक 27 अगस्त 2026 को उत्कर्ष विद्यालय, अनुपूर में खिलाड़ियों के सम्मान समारोह के दौरान सुहानी कोल को उनकी उल्लेखनीय खेल उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। उन्होंने फुटबॉल में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए जर्मनी में भी सम्मान प्राप्त किया है। इसके अतिरिक्त उन्होंने पाँच बार राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में भाग लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

सुहानी कोल की यह उपलब्धि न केवल उनके व्यक्तिगत परिश्रम और प्रतिभा का परिणाम ही नही बल्कि यह महर्षि एंग्लो जर्मन हायर सेकेंडरी विद्यालय अनूपपुर की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, खेल प्रशिक्षण एवं विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए दिए जाने वाले प्रोत्साहन का भी प्रमाण है।

महर्षि एंग्लो जर्मन हायर सेकेंडरी विद्यालय अनूपपुर का निरंतर प्रयास रहा है कि विद्यार्थियों को शिक्षा के साथ-साथ खेल, कला, संस्कृति एवं अन्य क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा विकसित करने के अवसर प्रदान किए जाएँ। विद्यालय के विद्यार्थियों की राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियाँ इसी प्रयास की सफलता को दर्शाती हैं। निश्चित रूप से महर्षि एंग्लो जर्मन हायर सेकेंडरी विद्यालय अनूपपुर के विद्यार्थी भविष्य में भी इसी प्रकार उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विद्यालय, अनूपपुर जिले और देश का नाम रोशन करते रहेंगे।

नवविवाहिता ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, तहसीलदार, एसडीओपी पहुँचे घटनास्थल


अनूपपुर

कोतमा नगर पालिका वार्ड 12 गोविंदा कॉलरी में रहने वाली 24 वर्षीय महिला के फांसी लगाकर जान देने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। नवविवाहिता की मौत से आस पास सनसनी मच गई।

 मृतिका पूजा कोल 24 वर्ष का विवाह जितेंद्र के साथ अप्रैल 2025  में हुआ था। मायका उमरिया जिले में है। बताया जाता है की रात को फांसी में झुलते देखे जाने के बाद परिजन आनन फानन में रस्सी खोलकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा लेकर गए जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना थाना में दी गई।

नवविवाहित की मौत की सूचना मिलने पर एसडीओपी आरती शाक्य, नायब तहसीलदार एवं पुलिस मौके पर पहुंची। नवविवाहिता की मौत के बाद नायब तहसीलदार द्वारा शव पंचनामा की कार्यवाही की गई। बताया जाता है कि दोनों के बीच विवाद होता रहता था। घटना के कुछ घंटे पहले भाई से भी बात की गई है।

नाबालिग के अपहरण व दुष्कर्म के मामले में फरार आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

07 अप्रैल 2026 को रात्रि के समय एक नाबालिग बालिका अपने घर के बाहर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई थी। परिजनों द्वारा काफी तलाश करने और रिश्तेदारों से संपर्क करने के बावजूद जब बालिका का कोई पता नहीं चला, तो स्थानीय थाने में गुमशुदगी व अपहरण की धाराओं के तहत मामला दर्ज कर पुलिस ने तुरंत विवेचना शुरू की।

पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और साइबर सेल की मदद से अपहृत बालिका को सुरक्षित दस्तयाब किया। न्यायालय में दर्ज कराए गए कथनों के आधार पर मामले में दुष्कर्म की पुष्टि हुई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए आरोपी की तलाश तेज कर दी।

साइबर सेल से प्राप्त सटीक तकनीकी जानकारियों के आधार पर बिजुरी पुलिस की टीम ने दबिश देकर आरोपी ध्रुव प्रताप सिंह को तेलंगाना के हैदराबाद से धर दबोचा। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।

खेलते-खेलते मासूम बालक कुँए में गिरा हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

कोतवाली थाना क्षेत्र के कांसा गांव में घर के पास स्थित कुआं के पास खेलते-खेलते अचानक एक अबोध बालक कुआं में गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई, ग्रामीण जनों ने घटना की सूचना कोतवाली थाना अनूपपुर को दी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार जिला मुख्यालय अनूपपुर से 8 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत कांसा के वार्ड क्रमांक 13 टिकरीटोला निवासी चोखेलाल सिंह का दो वर्षीय पुत्र वीर सिंह अपनी 4 वर्षीय बहन सुनैना सिंह एवं दादी फूलबाई सिंह के साथ घर के पास स्थित नंदलाल पिता रामस्वरूप यादव के खेत में बने कुंआ के समीप खेल रहा था, तभी अचानक अबोध बालक वीर सिंह कुआं में गिरकर डूब गया हल्ला होने पर पड़ोस के ग्रामीण संतोष, विकास, शंभू एवं अन्य कुआं में अंदर घुसकर एवं बाहर से खोजबीन करने पर बालक मृत स्थिति में पानी के अंदर मिलने पर निकालते हुए घर में शव रख कर घटना की जानकारी ग्रामीणों द्वारा कोतवाली थाना अनूपपुर के थाना प्रभारी को दी गयी। पुलिस मर्ग कायम कर जांच में जुट गई है।

आरपीएफ व जीआरपी की कार्यवाही, 1.14 हजार के 10 चोरी के मोबाइल सहित आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

अनूपपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर शनिवार को जीआरपीऔर-आरपीएफ पुलिस की संयुक्त चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक को 10 चोरी के मोबाइलों के साथ गिरफ्तार किया है। मोबाइलों की कीमत करीब 1 लाख 14 हजार रुपए बताई जा रही है। जो बेचने की फिराक में था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपराध पंजीबद्ध किया।

पुलिस टीम को मुखबिर की सूचना पर ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर चेकिंग चला रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर एक युवक काले रंग का पिट्टू बैग लिए संदिग्ध हालत में घूमता दिखा। पुलिस को अपनी ओर आता देख वह भागने लगा, जिस पर टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम सनी कोल पुत्र राम बालक कोल उम्र 26 वर्ष निवासी पड़री पानी वार्ड नंबर 8 बिजुरी थाना बिजुरी जिला अनूपपुर का बताया। जिसके बैग की तलाशी लेने पर कुल 10 नग एंड्राइड मोबाइल विभिन्न कंपनियों के कीमती 114000/- का प्राप्त हुआ जिसके वैध दस्तावेज न होने से धारा 317(2) बीएनएस के तहत मोबाइल जप्त कर वैधानिक कार्यवाही की गई।

आरोपी ने बताया कि वह अपना खर्चा चलाने के लिए मोबाइल चोरी करता था और ग्राहक मिलते ही उन्हें कम दाम में बेच देता था। पूछताछ में सामने आया कि वह इन 10 मोबाइलों को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में था। जीआरपी ने अनूपपुर कोतवाली पुलिस से भी गुम हुए मोबाइलों की शिकायतों का मिलान कर उनके मालिकों को सूचना देने को कहा है।

बांध, सरोवर और तालाब हुए लबालब, झमाझम बारिश से गायत्री सरोवर का पानी पहुंचा सड़क पर, आवागमन बाधित


अनूपपुर

अमरकंटक में अषाढ़ से लेकर श्रावण मास तक हुई झमाझम एवं मूसलाधार बारिश ने नगर के बांधों, सरोवरों और तालाबों को जल से इस कदर भर दिया है कि मानो प्रकृति ने स्वयं इनके आंचल में जल की अक्षय संपदा उड़ेल दी हो। नगर क्षेत्र के अधिकांश जलस्रोत पूरी तरह लबालब हैं और अनेक स्थानों पर पानी निर्धारित क्षमता की सीमा तक पहुंच चुका है।

लगातार हुई बारिश का प्रभाव गायत्री सरोवर पर भी स्पष्ट दिखाई दे रहा है। सरोवर के पूरी तरह भर जाने के कारण माई की बगिया से गणेश धूना, होलीडे होम एवं जैन मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग के एक हिस्से में लगभग दो से तीन फीट तक वर्षाजल भर गया है। पानी की गहराई अधिक होने तथा सड़क पूरी तरह जलमग्न हो जाने के कारण इस मार्ग से वाहनों की आवाजाही फिलहाल बंद हो गई है।

अमरकंटक में पुष्कर बांध, गायत्री सरोवर, सावित्री सरोवर, माधव सरोवर, लक्ष्मी सरोवर, विवेकानंद सरोवर, आरंडी संगम सरोवर एवं बराती नाला पर निर्मित बांध पूरी तरह भर चुके हैं। इसी प्रकार नर्मदा मंदिर के समीप स्थित इंद्र दमन तालाब, मार्कंडेय आश्रम का तालाब तथा बटे कृष्णा आश्रम का तालाब भी पानी से लबालब हो गए हैं।

माई की बगिया, गणेश धूना, होलीडे होम, जैन मंदिर एवं नर्मदा परिक्रमा वासियों के बाहरी मार्ग पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है। लगभग दो से तीन फीट पानी भरे होने के कारण सड़क का स्वरूप स्पष्ट दिखाई नहीं दे रहा है। यह मार्ग नगर के लिए महत्वपूर्ण वैकल्पिक एवं बाईपास मार्ग के रूप में उपयोग किया जाता है।

भाजपा नेता अपने को एक समाचार दैनिक समाचार पत्र का संपादक कहने वाला छद्म भेस में पत्रकार- सत्येंद्र स्वरूप दुबे

*राहुल गांधी ने पद का दुरुपयोग नहीं, लोकतांत्रिक जिम्मेदारी निभाई, पीड़ित की शिकायत मामला दर्ज कराना अपराध नहीं*


अनूपपुर

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के 21 अगस्त को दिल्ली के संसद मार्ग थाने पहुंचकर कथित पैलेट गन से घायल युवक साहिल लोचाब की शिकायत पर FIR दर्ज कराने की मांग को “पद का गलत और नाजायज इस्तेमाल” बताना न केवल राजनीतिक पूर्वाग्रह को दर्शाता है, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और कानून की मूल भावना को भी गलत तरीके से प्रस्तुत करता है।

सबसे पहले यह स्पष्ट होना चाहिए कि राहुल गांधी ने किसी पुलिसकर्मी को दोषी घोषित नहीं किया, न ही किसी व्यक्ति के विरुद्ध स्वयं सजा सुनाई। उन्होंने एक घायल युवक को साथ लेकर उसकी शिकायत दर्ज करने और पूरे मामले की जांच की मांग की। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार युवक की शिकायत पर अंततः दिल्ली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति/व्यक्तियों के विरुद्ध FIR दर्ज की है। FIR में भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

*FIR दर्ज कराने की मांग को “पद का दुरुपयोग” कैसे*

भारत के संविधान में नेता प्रतिपक्ष कोई ऐसा पद नहीं है जिसका अर्थ यह हो कि उस पद पर बैठा व्यक्ति पुलिस से ऊपर हो जाता है। लेकिन इसका यह अर्थ भी नहीं है कि नेता प्रतिपक्ष किसी नागरिक के साथ कथित अन्याय होने पर उसकी आवाज उठाना छोड़ दे।

यदि किसी घायल नागरिक की शिकायत पुलिस द्वारा दर्ज नहीं की जा रही हो और वह व्यक्ति स्वयं न्याय की मांग कर रहा हो, तो विपक्ष के सर्वोच्च संसदीय पद पर बैठे नेता का उसके साथ खड़ा होना लोकतांत्रिक राजनीति का हिस्सा है।

राहुल गांधी ने पुलिस को किसी निष्कर्ष तक पहुंचने का आदेश नहीं दिया। उन्होंने सिर्फ यह सवाल उठाया कि यदि युवक घायल हुआ है और वह अपराध की शिकायत कर रहा है तो उसकी शिकायत विधिवत दर्ज कर जांच क्यों नहीं की जा रही?

*सुप्रीम कोर्ट की जांच और FIR दोनों अलग*

लेख में यह तर्क दिया गया है कि जब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच हो रही है तो राहुल गांधी को पुलिस के पास नहीं जाना चाहिए था।

यह तर्क कानूनी रूप से स्वतः सही नहीं हो जाता।

किसी घटना की उच्चस्तरीय जांच चलना इस बात का प्रमाण नहीं है कि संबंधित व्यक्ति की शिकायत दर्ज ही नहीं की जाएगी। FIR किसी आरोप को सत्य घोषित नहीं करती; FIR तो जांच की शुरुआत का माध्यम है।

यही कारण है कि 21 अगस्त को दिल्ली पुलिस ने शिकायत स्वीकार करते हुए मामला दर्ज किया। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि राहुल गांधी द्वारा उठाया गया प्रश्न केवल राजनीतिक नारा नहीं था, बल्कि एक वास्तविक शिकायत के पंजीकरण से जुड़ा था।

“अगर पैलेट गन चली तो सिर्फ एक व्यक्ति कैसे घायल हुआ?” यह कैसा तर्क है?

किसी घटना में कितने लोग घायल हुए, इससे यह तय नहीं होता कि घटना हुई अथवा नहीं हुई। सूचना अधिकार के तहत निकाली गई जानकारी में 10 व्यक्ति पायलट से घायल होना बताया गया। परंतु यदि

किसी व्यक्ति को गोली, पैलेट या किसी अन्य वस्तु से चोट लगी है तो उसका सत्यापन मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल के साक्ष्य, वीडियो फुटेज, पुलिस रिकॉर्ड, हथियार/गोला-बारूद के रिकॉर्ड और स्वतंत्र जांच से होगा।

यह कहना कि “हजारों की भीड़ थी, इसलिए केवल एक व्यक्ति घायल कैसे हुआ” अपने आप में कोई कानूनी निष्कर्ष नहीं है। बल्कि यही तो जांच का विषय है कि चोट किससे लगी, किस परिस्थिति में लगी और उस समय सुरक्षा बलों द्वारा कौन-कौन से उपकरण इस्तेमाल किए गए।

“वीडियो में पैलेट गन क्यों नहीं दिखाई दी?”वीडियो ही अंतिम सबूत नहीं

किसी घटना का वीडियो सामने न आना इस बात का प्रमाण नहीं कि घटना हुई ही नहीं। भीड़ नियंत्रण की घटनाओं में सैकड़ों कैमरों से अलग-अलग कोणों की रिकॉर्डिंग हो सकती है। किसी विशेष क्षण में किस उपकरण का इस्तेमाल हुआ, यह केवल सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो देखकर तय नहीं किया जा सकता।

मेडिकल रिपोर्ट, घटनास्थल से प्राप्त सामग्री, पुलिस की जनरल डायरी, ड्यूटी रिकॉर्ड, हथियारों और गोला-बारूद का हिसाब तथा प्रत्यक्षदर्शियों के बयान भी जांच के महत्वपूर्ण हिस्से होते हैं।

दिलचस्प तथ्य यह है कि 28 जुलाई की एक रिपोर्ट में संसद स्ट्रीट थाने की जनरल डायरी के हवाले से दावा किया गया था कि RAF ने भीड़ नियंत्रण के दौरान प्लास्टिक पैलेट वाले बैलिस्टिक कारतूस का इस्तेमाल किया था। इसलिए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होना और भी आवश्यक हो जाता है।

*कांग्रेस का सवाल सीधा है*

यदि सुरक्षा बलों ने पैलेट गन या पैलेट वाले किसी उपकरण का इस्तेमाल नहीं किया, तो निष्पक्ष जांच में यह तथ्य सामने आ जाएगा।यदि इस्तेमाल हुआ था, तो यह भी जांच में सामने आना चाहिए कि किसके आदेश पर, किस परिस्थिति में और किस नियम के तहत उसका इस्तेमाल किया गया।

*दोनों परिस्थितियों में जांच ही रास्ता है*

कांग्रेस न तो किसी निर्दोष पुलिसकर्मी को दोषी ठहराने की मांग कर रही है और न ही किसी आरोपी को बिना जांच के अपराधी घोषित कर रही है। कांग्रेस की मांग केवल इतनी है कि पीड़ित की शिकायत दर्ज हो, साक्ष्यों की जांच हो और दोषी व्यक्ति की पहचान कानून के अनुसार हो।

“क्या राहुल गांधी हर पीड़ित के साथ खड़े होते हैं?”यह मुद्दे से भटकाने वाला सवाल

यदि देश में हजारों लोग अन्याय का सामना करते हैं तो यह सरकार और व्यवस्था के लिए और बड़ा सवाल होना चाहिए, न कि राहुल गांधी के लिए।

किसी एक पीड़ित के साथ खड़े होने से दूसरे पीड़ितों के अधिकार समाप्त नहीं हो जाते। इसके बजाय सवाल यह होना चाहिए कि देश की पुलिस व्यवस्था ऐसी क्यों हो कि किसी नागरिक को अपनी शिकायत दर्ज कराने के लिए किसी बड़े नेता की आवश्यकता पड़े? यदि पुलिस हर नागरिक की शिकायत कानून के अनुसार स्वतः दर्ज करे और जांच करे, तो किसी नेता को थाने में धरना देने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी।

*नेता प्रतिपक्ष की संवैधानिक भूमिका*

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष का दायित्व केवल संसद के भीतर सरकार की आलोचना करना नहीं है। वह जनता की शिकायतों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की जवाबदेही से जुड़े मुद्दों को भी उठाता है।राहुल गांधी का थाने जाना किसी जांच अधिकारी की भूमिका निभाना नहीं था। उन्होंने पुलिस से सिर्फ शिकायत दर्ज कर जांच शुरू करने की मांग की। अंततः FIR दर्ज हो चुकी है। अब न राहुल गांधी को फैसला करना है और न भाजपा को।

*फैसला साक्ष्यों के आधार पर*

इसलिए राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बजाय यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि जांच निष्पक्ष हो, CCTV और मोबाइल वीडियो सुरक्षित रखे जाएं, मेडिकल रिकॉर्ड की जांच हो, पुलिस की जनरल डायरी और ड्यूटी रिकॉर्ड सामने आएं तथा जिस प्रकार के हथियार या कारतूस इस्तेमाल हुए उनका आधिकारिक रिकॉर्ड जांचा जाए।

यदि राहुल गांधी गलत हैं तो जांच उन्हें गलत साबित कर देगी। यदि राहुल गांधी द्वारा उठाया गया सवाल सही है तो जांच दोषियों तक पहुंचेगी। लोकतंत्र में सवाल पूछना पद का दुरुपयोग नहीं है। सवालों को दबाना लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए ज्यादा गंभीर चिंता का विषय है।

 *सत्येंद्र स्वरूप दुबे जिला महामंत्री कांग्रेस जिला अनूपपुर*

शॉपिंग कंपलेक्स की दुकानों में घुटनों तक भरा पानी, निर्माण में हुआ भ्रष्टाचार, दुकानदार परेशान


अनूपपुर

नगर पालिका कोतमा द्वारा स्टेशन चौक के पास एक करोड़ से ज्यादा की लागत से शॉपिंग कंपलेक्स का निर्माण करवाया गया था। घटिया निर्माण एवं गुणवत्ता में कमी के कारण काम्प्लेक्स के बेसमेंट में पिछले 10 शाल से पानी भरता है। आठ दुकानें बनाई गई है । बारिश के दिनों में दुकान के अंदर पानी भर जाने से शटर सहित पूरा समान खराब हो जाता है।

हर साल बारिश में 3 माह तक तलघर में पानी आ जाने से भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। जहां एक ओर दुकान बंद करने की मजबूरी रहती है वही दूसरी ओर पूरी बिल्डिंग जर्जर होती जा रही है। कॉम्प्लेक्स के व्यापारी मुकेश जैन, दुलीचंद अग्रवाल, सौरभ, अमित सहित अन्य लोगों का कहना है कि बेसमेंट में पानी भरने से जहां 4 माह तक दुकान ठप्प हो जाती है जिसके बाद जहां समान का नुकसान तो उठाना पड़ता है वहीं दूसरी और किराया भी बराबर देना पड़ता है। लगातार 3 माह तक पानी भरने के कारण पूरे परिसर मे नमी होने के साथ दुर्गंध भी बनी रहती है और मच्छर भी पनपते है, जिससे बीमारी का खतरा बना रहता है।

एक करोड़ से ज्यादा की लागत से बने निर्माण की गुणवत्ता को लेकर लोगों द्वारा सवाल खड़ा किया जा रहा है। बीच बाजार घटिया निर्माण कर खुलेआम भ्रष्टाचार किया गया।

व्यापारियों एवं नागरिकों का कहना है कि यदि ऐसे ही पानी भरता रहा तो कहीं कोई बड़ी दुर्घटना भी घटित हो सकती हैं। नागरिकों ने जिला कलेक्टर एवं सीएमओ से कॉम्प्लेक्स का निरीक्षण कर समस्या से निजात दिलाने की मांग की है।

चोरी के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चोरी का सामान पुलिस ने किया बरामद


अनूपपुर

चचाई थाना अंतर्गत चौकी देवहरा की पुलिस टीम के द्वारा चोरी के आरोपी को 24 घंटे के अंदर चोरी के सामान के साथ गिरफ्तार किया गया। कृष्ण प्रसाद ओझा पिता रामचरित ओझा उम्र 49 वर्ष निवासी क्वार्टर नंबर M/49/ 4 संजय नगर चौकी देवहरा थाना चचाई जिला अनूपपुर का चौकी में रिपोर्ट दर्ज कराया कि वह सुरक्षा प्रभारी के पद पर पदस्थ संजय नगर में आवंटित एसीसीएल के कमरों की देखरेख करता हूँ। सुबह संजय नगर कॉलोनी में गस्त भ्रमण कर रहा था, गस्त दौरान देखा कि संजय नगर कॉलोनी के आवास क्रमांक क्रमशः एवं 27/4 एवं 95/4 एम 44/2 में लगे कमरे के अंदर सिल्वर के एक-एक जालीदार दरवाजे एवं मकान नंबर M/25/1 के दो जलीदार दरवाजे नहीं थे, मुझे लगता है की रात में कोई अज्ञात व्यक्ति के द्वारा ताला तोडकर घर के अंदर घुसकर उपरोक्त पांच नग दरवाजे उनकी प्रत्येक नग ₹8000  कुल कीमती 40000 रुपए का कोई चोर चोरी कर ले गया। चोरी की अपराध धारा के 331/4 305 ए बी एन एस का कायम किया जाकर विवेचना में लिया गया। 

विवेचना दौरान संदेही निलेश बरेठा पिता हर प्रसाद बरेठा उम्र 36 वर्ष निवासी संजय नगर देवहरा थाना चचाई जिला अनूपपुर को पता तलाश कर पकड़ा गया, जिससे पूछताछ कर घटना में चोरी किए गए दो नग सिल्वर का दरवाजा व तीन नग  सिल्वर के दरवाजा खुले हुए पार्ट्स व टूटा हुआ ताला व चोरी में प्रयुक्त औजार को आरोपी के एसीसीएल के मकान क्वार्टर नंबर 36/3 संजय नगर चौकी देवहरा थाना चचाई जिला अनूपपुर से बरामद कर जप्त किया गया। आरोपी निलेश बरेठा को 24 घंटे के अंदर न्यायालय अनूपपुर में पेश किया गया यहां से आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।

लापरवाह ट्रैक्टर चालक पर मामला हुआ दर्ज, 1 की मौत, 3 हुए थे घायल


 अनूपपुर

अनूपपुर कोतवाली क्षेत्र के सामतपुर-करहीवाह में 4 अगस्त को हुए ट्रैक्टर हादसे के मामले में पुलिस ने चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है। दुर्घटना में 15 वर्षीय किशोरी की मौत हो गई थी, जबकि तीन अन्य महिलाएं गंभीर रूप से घायल हो गई थीं। घटना के 15 दिन बाद यह कार्रवाई की गई है।

पुलिस ने जांच, घायलों के बयानों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर सामतपुर निवासी आरोपी चालक सूरज राठौर के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281, 125(A), 106(1) और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 184 के तहत अपराध पंजीबद्ध किया है। 

घटना 4 अगस्त की है। सामतपुर निवासी शांति चौधरी (36), सिमित्री बाई (60), नजर चौधरी (15), सीमा चौधरी (30), केमली बाई (52) और प्राची चौधरी (27) कुल छह लोग गांव के ही सूरज राठौर के ट्रैक्टर (क्रमांक MP 65 AA 0488) में सवार होकर उसके करहीवाह स्थित खेत में रोपा लगाने गए थे। काम खत्म होने के बाद सभी वापस घर लौट रहे थे।

चालक सूरज राठौर ने प्राची और शांति को अपनी बाईं ओर तथा नजर और सीमा को दाईं ओर इंजन की सीट पर बैठाया था। सिमित्री बाई और केमली बाई ट्रॉली में बैठी थीं। चश्मदीदों के अनुसार, चालक ट्रैक्टर को तेज रफ्तार और लापरवाही से लहराते हुए चला रहा था। सीट पर बैठे लोगों ने उसे कई बार गति धीमी करने को कहा, लेकिन उसने ध्यान नहीं दिया।

महाविद्यालय में व्याप्त समस्याओं को लेकर ABVP ने सौंपा ज्ञापन जल्द समाधान न होने पर उग्र आंदोलन की चेतावनी


अनूपपुर

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) जिला इकाई अनूपपुर द्वारा 'प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस' तुलसी महाविद्यालय, अनूपपुर में व्याप्त विभिन्न शैक्षणिक व मूलभूत समस्याओं को लेकर महाविद्यालय प्रशासन एवं प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा गया।

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपते हुए बताया कि तुलसी महाविद्यालय को ‘प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस’ का दर्जा तो दे दिया गया है, लेकिन धरातल पर छात्रों को सुविधाओं के नाम पर केवल असुविधाओं का सामना करना पड़ रहा है।

छात्रों की मुख्य माँगें व समस्याएँ है जैसे महाविद्यालय कक्षाओं का नियमित संचालन: समय-सारणी के अनुसार सभी कक्षाओं का नियमित  कठोरात्मक संचालन सुनिश्चित हो। मूलभूत सुविधाओं में सुधार: पेयजल, साफ-सुथरे शौचालय एवं प्रयोगशाला (लैब) में आवश्यक उपकरणों व रसायनों की उपलब्धता कराई जाए। पुस्तकालय सुविधा: ग्रंथालय में नई शिक्षा नीति (NEP) के पाठ्यक्रम के अनुसार पर्याप्त पुस्तकें उपलब्ध कराई जाएँ ताकि छात्रों को अध्ययन में परेशानी न हो।

ज्ञापन सौंपने के दौरान एबीवीपी के जिला कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि यदि महाविद्यालय प्रशासन जल्द से जल्द इन जनहित और छात्रहित की समस्याओं का स्थायी समाधान नहीं करता है, तो विद्यार्थी परिषद चरणबद्ध तरीके से उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी महाविद्यालय प्रबंधन की होगी। इस अवसर पर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के  बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएँ एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

 सफाई मित्रों को तीन माह से नही मिला है वेतन, चारो तरफ फैला कचरा, स्वच्छत भारत मिशन की खुली पोल

*आर्थिक तंगी  से जूझ रहे हैं सफाईकर्मी*


अनूपपुर

नगर परिषद डूमरकछार में दैनिक वेतन भोगी सफाई संरक्षकों को मई,जून और जुलाई माह का मानदेय/वेतन अब तक न मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो गयी है। निकाय के जिम्मेदार अधिकारियों एवं विभाग प्रमुखों की लापरवाही की वजह से लगातार तीन माह से वेतन का भुगतान न होने के कारण सफाई कर्मियों और उनके परिवारों को अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

वेतन भुगतान में देरी का असर अब नगर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है, सफाई कर्मियों में असंतोष के बावजूद नगर परिषद अध्यक्ष एवं अन्य  निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के द्वारा निकाय सभागार में विगत तीन माह में दो बैठके कर सफाई मित्रों से से चर्चा कर नगरहित एवं जनहित को देखते हुए सफाई कार्य जारी रखने का समझाइस दी गयी, निकाय के अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रयास से सफाई व्यवस्था को यथासंभव बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है,पर फिर भी स्वच्छता का कार्य कहीं ना कहीं प्रभावित हो ही रहा है, जिसकी मुख्य वजह है यह भी है कि नगर की सफाई के बाद निकलने वाला कचरा भी ट्रांसपोर्ट होकर एमआरएफ सेंटर तक नहीं पहुंच पा रहा है क्योंकी इन कचरा को ट्रैक्टर के माध्यम से जिन साप्ताहिक मजदूरों ने एमआरएफ तक पहुंचाया पहुंचाया उन मजदूरों की मजदूरी का भी भुगतान विगत चार-पांच माह का अधिकारियों और कर्मचारियों की गैर जिम्मेदारी एवं गलती के कारण नहीं किया गया है, और वर्तमान समय में ट्रैक्टर से कचरा उठाकर एमआरएफ सेंटर भेजने की व्यवस्था भी बाधित है, निकाय के सीमित साधनों से यह कार्य किया जाता है परन्तु यह कार्य पूर्ण रूप से नहीं हो पा रहा है।

सफाई संरक्षको का कहना है कि नियमित रूप से कार्य करने के बावजूद तीन माह से मेहनताना नहीं मिलने के कारण दैनिक आवश्यकताओं के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान किए जाने की मांग की है।नगर परिषद अध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगरीय प्रशासन के संबंधित वरिष्ट अधिकारियों से कर्मचारियों के लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने एवं निकाय की व्यवस्था को गड़बड़ी पहुंचाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एव कर्मचारियों पर विभागीय कार्यवाही किए जाने की अपेक्षा जताई है, समय पर वेतन नहीं मिलने से न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है, बल्कि इसका सीधा असर नगर की सफाई व्यवस्था पर भी पड़ता है।

कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा जान बूझकर इनका मनोबल तोड़ा जाता है, ताकि निकाय क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो, इसी का परिणाम है कि इन सफाई मित्रों को हर महीने नियमित रूप से वेतन नहीं मिल पा रहा है।

 *रविसिंह, सभापति, नगरपरिषद, डूमरकछार*

खाना के विवाद पर पति ने पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला कर किया घायल, आरोपी पति फांसी लगाकर की आत्महत्या

*महिला का जिला अस्पताल में चल रहा है इलाज*


अनूपपुर

अमरकंटक थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 11 स्थित बैंक टोला में पति-पत्नी के बीच खाना देने में देरी को लेकर हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। शराब के नशे में पति ने पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के अगले ही दिन पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पत्नी पर हमले के मामले में प्रकरण दर्ज करने के साथ पति की मौत के संबंध में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार 37 वर्षीय धन सिंह उरेती पुत्र फूल सिंह उरेती, मूल निवासी सरईटोला गिरारी और वर्तमान में वार्ड क्रमांक 11 बैंक टोला में रहकर मजदूरी करता था। धन सिंह शराब के नशे में घर पहुंचा और खाना समय पर नहीं देने की बात को लेकर पत्नी पार्वती बाई से विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने पास रखी कुल्हाड़ी उठाकर पत्नी के बाएं गाल और कान के पास वार कर दिया। हमले में पार्वती बाई गंभीर रूप से घायल हो गई और उसके चेहरे से खून बहने लगा। गाल पर दो गहरे घाव आए हैं और 18 टांके लगे हैं।

घटना की जानकारी पड़ोसी सुमन सिंह ने पुलिस को दी। रात को घर से रोने की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचे, जहां पार्वती बाई घायल अवस्था में मिली। परिजनों ने तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय अनूपपुर रेफर कर दिया। महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। बताया गया कि उसके गाल पर कुल्हाड़ी के दो गहरे घाव हैं।

इधर, पत्नी पर हमले के बाद अमरकंटक थाना पुलिस ने रात करीब 2 बजे धन सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 296, 115(2), 118 (1) और 351 के तहत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस महिला के उपचार और मामले की कार्रवाई में जुटी थी, इसी दौरान धन सिंह घर से कहीं चला गया। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि वह पुलिस कार्रवाई और जेल जाने के भय से तनाव में था। हालांकि, आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी

धन सिंह की बेटी घर पहुंची तो उसने पिता को फांसी के फंदे पर लटका देखा। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। शाम को पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।

एसपी के आदेश के बाद यातायात चौकी का अस्तित्व समाप्त, हाइवे की सुरक्षा पर उठे सवाल, क्या राम भरोसे चलेगी व्यवस्था?


अनूपपुर

जिले की यातायात व्यवस्था को लेकर पुलिस अधीक्षक द्वारा जारी किए गए एक आदेश ने पुलिस महकमे के साथ-साथ आम लोगों के बीच भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आदेश में यातायात हाईवे सुरक्षा चौकी फुनगा में पदस्थ समस्त बल को, उप निरीक्षक आनंद तिवारी को छोड़कर, तत्काल प्रभाव से थाना यातायात अनूपपुर में पदस्थ किए जाने का उल्लेख है।

जिले में यातायात व्यवस्था के सुचारु एवं प्रभावी संचालन तथा उपलब्ध बल की कमी को देखते हुए फुनगा हाईवे सुरक्षा चौकी के बल को यातायात थाना अनूपपुर में पदस्थ किया जा रहा है। आदेश में यह भी निर्देशित किया गया है कि इस बल का उपयोग पूरे जिले में यातायात व्यवस्था के प्रभावी संचालन, यातायात नियंत्रण, सड़क सुरक्षा एवं आवश्यकता अनुसार अन्य यातायात संबंधी ड्यूटी में किया जाए।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब फुनगा क्षेत्र में हाईवे सुरक्षा के लिए अलग से चौकी स्थापित है, तो वहां से लगभग पूरा बल हटाकर यातायात थाने में संलग्न करने के बाद हाईवे की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था किसके भरोसे रहेगी?

फुनगा क्षेत्र में पूर्व में भी गंभीर सड़क दुर्घटनाओं के दौरान पुलिस द्वारा मौके पर पहुंचकर राहत एवं बचाव कार्य किए जाने के मामले सामने आए हैं। ऐसे में हाईवे सुरक्षा चौकी के बल को हटाने का निर्णय सड़क सुरक्षा के लिहाज से कितना प्रभावी होगा, यह आने वाला समय बताएगा।

आदेश में बल की कमी को इसका प्रमुख आधार बताया गया है। लेकिन सवाल यह भी उठ रहा है कि यातायात थाने में अचानक अतिरिक्त बल उपलब्ध कराने की आवश्यकता क्यों महसूस हुई और इस फैसले से वास्तविक रूप से किस व्यवस्था को मजबूत किया जाना है।


भ्रष्टाचार, अभद्र व्यवहार व पंचायत कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाकर पंचों ने सरपंच को हटाने की मांग


अनूपपुर

जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत लालपुर पूर्व के समस्त पंचों ने सरपंच पर भ्रष्टाचार, अभद्र व्यवहार और पंचायत कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगाते हुए जनसुनवाई में पंचों ने इस संबंध में आवेदन सौंपकर उन्हें पद से हटाने की मांग की है।

पंचों ने आवेदन में आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत लालपुर पूर्व के सरपंच द्वारा पिछले करीब चार वर्षों से बाजार हाट के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है और राशि का उपयोग निजी प्रयोजनों में किया जाता है। आरोप है कि सरपंच ग्रामीणों को परेशान करने के साथ पंचायत की व्यवस्थाओं और कार्यों में भी बाधा उत्पन्न करते हैं।

पंचों ने यह भी आरोप लगाया कि सरपंच प्राथमिक विद्यालय की ईंटें तोड़कर ले गए। इसके अलावा ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 1990 में लगाए गए लिप्टिस के पेड़ों को कटवाकर बेचने का भी आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर स्वतंत्रता दिवस के दौरान विरोध और विवाद की स्थिति निर्मित होने की बात आवेदन में कही गई है।

पंचों के अनुसार, विवाद के बाद सरपंच को हटाने की मांग उठी। मामले में खन्नालाल, छोटेलाल, उमाशंकर एवं जगन्नाथ के नाम से रिपोर्ट कराए जाने की बात भी पंचों ने आवेदन में बताई है। पंचों का कहना है कि लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों में आक्रोश बढ़ रहा है। पंचों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर आरोपों का परीक्षण कराने तथा सरपंच को पद से हटाने की कार्रवाई किए जाने की मांग की है।

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