कलेक्टर रेट से कम मजदूरी का खुलासा, अध्यक्ष व सीएमओ की चुप्पी से उठ रहे सवाल, ठेका भी कम रेट पर स्वीकृत


अनूपपुर

नगर परिषद बरगवा से जुड़े निर्माण और सफाई कार्यों में कलेक्टर रेट से कम मजदूरी दिए जाने की शिकायतों के बाद अब एक और बड़ा खुलासा हुआ है। मजदूरों ने आरोप लगाया है कि न केवल उन्हें कम भुगतान किया जा रहा है, बल्कि जिस ठेके के तहत ये काम चल रहे हैं, वह भी कलेक्टर रेट से कम दर पर ही स्वीकृत किया गया है, जिससे मजदूरों को पूरा हक़ मिलना पहले से ही असंभव हो गया है।सबसे गंभीर बात यह है कि शिकायतों के बावजूद प्रशासन अब तक किसी भी प्रकार की कार्रवाई नहीं कर रहा, जिससे मजदूरों में भारी रोष और अविश्वास पैदा हो गया है।मजदूरों ने लगाया बड़ा आरोप—“कम रेट पर ठेका देकर पहले ही मजदूरी काट ली गई”मजदूरों का कहना है कि नगर परिषद द्वारा जो ठेके स्वीकृत किए गए हैं, उनमें कलेक्टर रेट के अनुरूप बजट ही तय नहीं किया गया है। इससे ठेकेदार कम राशि में काम लेने के लिए मजबूर हैं और उसी की भरपाई मजदूरों की मजदूरी काटकर कर रहे हैं। अध्यक्ष व सीएमओ की चुप्पी इस मामले में मूंक सहमति दे रही है।

एक मजदूर ने बताया की ठेका ही कम रेट पर दे दिया है, तो ठेकेदार हमें पूरा क्यों देगा? प्रशासन ने पहले ही कम रेट में काम देकर हमारा हक़ काट दिया।”मजदूरों के अनुसार, यह पूरी प्रक्रिया सुनियोजित तरीके से की गई है, जिसमें बजट कम रखा गया और बाद में मजदूरों को कम मजदूरी दे दी गई 

एक नागरिक ने कहा जब ठेका ही गलत रेट में पास है तो मजदूरों का हक़ कौन दिलाएगा? प्रशासन जान-बूझकर अनदेखी कर रहा है। कानून कहता है कलेक्टर रेट से कम भुगतान बिल्कुल गैर-कानूनी व अपराध है। ऐसा आदेश पास करना या लागू करना दोनों गैर-कानूनी हैं दोषियों पर सजा और जुर्माना अनिवार्य है। लेकिन बरगवा में कानून का पालन न होना, जिला स्तर पर निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रहा है।

विशेषज्ञों का कहना है कि मजदूरी भुगतान की गड़बड़ी का मूल कारण यही है कि नगर परिषद ने ठेका स्वीकृत करते समय कलेक्टर रेट को ही नजरअंदाज कर दिया। जब ठेके का बजट ही कम है, तो मजदूरों को पूरा भुगतान कैसे मिलेगा?”ये गंभीर आरोप नगर परिषद की प्रक्रियाओं और पारदर्शिता को लेकर गंभीर संदेह खड़ा करते हैं। मजदूरों की मांग ठेके की पूरी जांच हो, भुगतान कलेक्टर रेट पर मिले। ठेके की फीस और रेट की जांच की जाए ठेका कैसे और किस दर पर स्वीकृत हुआ, इसकी कॉपी सार्वजनिक की जाए मजदूरों को बकाया राशि तुरंत दी जाए। दोषी अधिकारियों और ठेकेदारों पर एफआईआर दर्ज हो।

श्री कल्याण सेवा आश्रम द्वारा निर्मित मुक्तिधाम को अमरकंटक नगर परिषद को किया समर्पित


अनूपपुर

पवित्र नगरी अमरकंटक में जनकल्याण की दिशा में एक महत्वपूर्ण एवं सराहनीय पहल करते हुए श्री कल्याण सेवा आश्रम द्वारा लगभग 40 लाख रुपये की अनुमानित लागत से निर्मित आधुनिक मुक्तिधाम को आज विधिवत रूप से नगर परिषद अमरकंटक को सौंप दिया गया। इस अवसर पर पुष्पराजगढ़ के विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को की गरिमामयी उपस्थिति रही।

कार्यक्रम में नगर परिषद अमरकंटक की अध्यक्ष पार्वती सिंह, मुख्य नगर पालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते सहित समस्त पार्षदगण एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह का मुख्य आकर्षण वह क्षण रहा जब श्री कल्याण सेवा आश्रम के प्रबंध न्यासी स्वामी हिमाद्री मुनि ने मुक्तिधाम की चाबी औपचारिक रूप से नगर परिषद को सुपुर्द की।

इस अवसर पर अपने संबोधन में विधायक फुंदेलाल सिंह मार्को ने कहा कि यह मुक्तिधाम केवल एक निर्माण कार्य नहीं, बल्कि समाज के प्रति सेवा, संवेदना और संस्कारों का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने आश्रम के इस लोकहितकारी कार्य की सराहना करते हुए कहा कि इससे नगरवासियों को अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील कार्यों के लिए एक व्यवस्थित एवं सम्मानजनक स्थल उपलब्ध होगा।

स्वामी हिमाद्री मुनि ने अपने उद्बोधन में कहा कि आश्रम सदैव समाजसेवा के कार्यों में अग्रणी रहा है और यह मुक्तिधाम उसी सेवा भावना का प्रतिफल है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नगर परिषद इस व्यवस्था का सुचारू संचालन कर इसे जनसुविधा के रूप में विकसित करेगी।

कार्यक्रम में धार्मिक संत-महात्माओं एवं जनप्रतिनिधियों की भी गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें स्वामी हरस्वरूप जी महाराज, स्वामी धर्मानंद जी महाराज, विनोद कर, राजेंद्र बिष्ट  देवानंद खत्री रामगोपाल द्विवेदी पूर्व उपाध्यक्ष, रोशन पन्नारिया पार्षद, पवन तिवारी पार्षद, सुखनंदन सिंह पार्षद, विमला दुबे पार्षद, उषा सिंह उईके पार्षद, जोहन लाल चंद्रवंशी पार्षद, शक्ति पांडे पार्षद, प्रकाश द्विवेदी सांसद प्रतिनिधि,  अभिषेक द्विवेदी, डॉ. एस.के. तिवारी, संतोष पांडे सहित  जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता, समाजसेवी एवं पत्रकारगण उपस्थित रहे।

नगर परिषद अध्यक्ष पार्वती सिंह एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते ने आश्रम के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आश्वस्त किया कि मुक्तिधाम की व्यवस्था को सुव्यवस्थित एवं जनहितकारी बनाए रखने हेतु हर संभव प्रयास किया जायेगा  ।

उल्लेखनीय है कि उक्त मुक्तिधाम अमरकंटक नगरवासियों एवं आने वाले लोगों के लिए पूर्णतः उपलब्ध होगा। इस पहल से न केवल स्थानीय नागरिकों को बेहतर सुविधा मिलेगी, बल्कि अमरकंटक की सामाजिक संरचना में एक सशक्त और संवेदनशील अधोसंरचना का भी समावेश हुआ है।

जर्जर सड़क, जानलेवा गड्ढा, हो सकता है बड़ा हादसा, युवती से शारीरिक शोषण, आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

कोतमा नगर अंतर्गत राष्ट्रीय राजमार्ग-43 का बायपास इस समय गंभीर बदहाली का शिकार है। बसखली तिराहा से शुक्ला ढाबा तक लगभग एक किलोमीटर मार्ग गहरे गड्ढों, उखड़ी डामर परत और उड़ती धूल के कारण अत्यंत जोखिमपूर्ण हो चुका है। जायसवाल कबाड़ दुकान और शुक्ला ढाबा क्षेत्र के आगे कई स्थानों पर सड़क की संरचना कमजोर हो चुकी है, जबकि बीच का बड़ा गड्ढा “जानलेवा” रूप ले चुका है, जिससे लगातार दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।

यह मार्ग मध्य प्रदेश में कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर से होकर गुजरता है, जहां कोतमा बायपास इसका अहम हिस्सा है। इसके बाद यह छत्तीसगढ़ में अंबिकापुर से होकर झारखंड को जोड़ता है। लंबे समय से मरम्मत न होने के कारण सड़क कई स्थानों पर 1 से 2 फीट गहरे गड्ढों में तब्दील हो गई है। दिन में धूल दृश्यता कम करती है, जबकि रात में प्रकाश और चेतावनी संकेतों की कमी से जोखिम और बढ़ जाता है।

इस समस्या के पीछे लोक निर्माण विभाग (PWD) और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के बीच अधिकार क्षेत्र को लेकर असमंजस बना हुआ है, जिससे मरम्मत कार्य प्रभावित हो रहा है।स्थानीय नागरिकों के अनुसार यह मार्ग अब दुर्घटनाओं का केंद्र बन चुका है। वाहन लगातार गड्ढों में फंसते हैं और हादसे हो रहे हैं, जिससे दोपहिया वाहन चालक सबसे अधिक प्रभावित है। कोतमा बायपास का यह हिस्सा अत्यंत उच्च जोखिम दुर्घटना क्षेत्र बन चुका है, जहां कभी भी गंभीर हादसा हो सकता है।

*युवती से शारीरिक शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार*

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा 27 वर्षीय नवयुवती को शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने के अपराध में आरोपी टीकम सिहं मरावी पिता धीरेन्द्र सिहं मरावी उम्र 30 साल निवासी ग्राम घाटा धोपगढ़ थाना करनपठार अनूपपुर को गिरफ्तार किया गया है।

27 वर्षीय नवयुवती द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि आरोपी टीकम सिहं मरावी पिता धीरेन्द्र सिहं मरावी उम्र 30 साल निवासी ग्राम घाटा भोपगढ थाना करनपठार अनूपपुर ने मित्रता की और शादी करने का विश्वास दिलाकर पिछले दो साल से शारीरिक शोषण किया जा रहा है। जो उक्त रिपोर्ट पर तत्काल अपराध क्रमांक 233/26 धारा 69 बी.एन.एस. पंजीबद्ध किया जाकर टी.आई. कोतवाली निरीक्षक अरविन्द जैन के नेतृत्व में उपनिरीक्षक सरिता लकड़ा, प्रधान आरक्षक शेख रसीद, आरक्षक अब्दुल कलीम की टीम के द्वारा आरोपी टीकम सिहं मरावी को ग्राम घाठा  धोबगढ़, करनपठार से गिरफ्तार किया गया है।

दो साल से फरार करोड़ों की ठगी का मास्टरमाइंड गिरफ्तार, विभिन्न राज्यो में कई मामले है दर्ज


अनूपपुर

जिले के थाना भालूमाड़ा पुलिस ने करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो वर्षों से फरार चल रहे मुख्य आरोपी उमेश कांतिलाल पटेल को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। लंबे समय से फरार आरोपी की गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

मामला अपराध क्रमांक 350/2024 एवं 400/2024 से संबंधित है, जिसमें आरोपी के खिलाफ धारा 420, 406, 409, 120बी सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज है। आरोपी ने निवेशकों को झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की थी और घटना के बाद से फरार चल रहा था।

ज्ञात हो कि लगभग दो वर्ष पूर्व बदरा निवासी संतोष चौरसिया की रिपोर्ट पर इस गंभीर मामले को संज्ञान में लेते हुए पुलिस अधीक्षक मोतिउर रहमान ने तत्काल प्रभाव से थाना भालूमाड़ा में प्रकरण दर्ज करने के निर्देश दिए थे। उनकी संवेदनशीलता और सख्त रुख का ही परिणाम है कि लंबे समय से फरार आरोपी आज कानून के शिकंजे में आ सका। आरोपी को महाराष्ट्र के नवी मुंबई स्थित तलोजा जेल से प्रोडक्शन वारंट पर लाकर गिरफ्तार किया।

आरोपी उमेश कांतिलाल पटेल के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों में भी दर्जनभर से अधिक धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। करोड़ों रुपये की ठगी करने के बावजूद वह लंबे समय तक पैसे और प्रभाव के दम पर कार्रवाई से बचता रहा। ठगी गिरोह का एक अन्य आरोपी अलकित मालवीय निवासी गुजरात अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में लगातार जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि उसे भी जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय कोतमा में पेश किया गया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

बरतराई खान में भूमि अधिग्रहण पर संशय, रातों रात दुकान का हो गया निर्माण, सर्वे प्रक्रिया में उठे प्रश्न


अनूपपुर  

अमाड़ांड–बरतराई भूमिगत खदान में डिपिलरिंग पद्धति के माध्यम से कोयला उत्खनन हेतु की जा रही भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया इन दिनों विवादों के घेरे में आ गई है। खदान प्रबंधन स्वयं इस असमंजस में है कि भूमि, मकान एवं दुकानों के मुआवजे की दर किस आधार पर निर्धारित की जाए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अधिग्रहण प्रक्रिया के दौरान कई किसानों द्वारा मुआवजा प्राप्त करने के उद्देश्य से रातों-रात टीन शेड के अस्थायी मकान एवं दुकानों का निर्माण कर लिया गया है। इनका क्षेत्रफल हजारों वर्गफुट तक बताया जा रहा है। नियमानुसार ईंट-सीमेंट से निर्मित भवनों को पक्का निर्माण माना जाता है, जबकि पूर्णतः टीन से बने ढांचों को अस्थायी निर्माण की श्रेणी में रखा जाता है।

विवाद का मुख्य कारण यह है कि यदि टीन से बने अस्थायी निर्माणों को भी पक्के निर्माण के समान मुआवजा प्रदान किया गया, तो इससे किसानों एवं प्रबंधन के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।

किसानों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण, पुनर्वासन एवं पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर और पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 के अंतर्गत धारा 9(1) लागू होने के पश्चात किसी भी प्रकार का नया निर्माण पूर्णतः प्रतिबंधित एवं अवैध हो जाता है। इसके बावजूद 2 जनवरी 2026 को जारी राजपत्र अधिसूचना के बाद भी कई स्थानों पर निर्माण कार्य जारी रहा तथा वर्तमान में भी कुछ स्थानों पर कार्य प्रचलित है।

मामले में ड्रोन सर्वे को लेकर भी गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं। आरोप है कि खदान प्रबंधन द्वारा 20 जनवरी 2026 को कलेक्टर, अनूपपुर को सूचना देने में देरी की गई तथा 27 जनवरी के पश्चात ड्रोन सर्वे कराया गया, जिससे कुछ व्यक्तियों को लाभ पहुंचाने की आशंका व्यक्त की जा रही है।

वहीं, प्रबंधन का कहना है कि 20 जनवरी 2026 को प्रस्तुत सूचना पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि 2 जनवरी 2026 (राजपत्र अधिसूचना की तिथि) का सैटेलाइट चित्र पूर्व में ही सुरक्षित कर लिया गया है।

कलेक्टर, अनूपपुर द्वारा 21 जनवरी 2026 को जारी आदेश में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि अधिग्रहित की जा रही भूमि पर किसी भी प्रकार का नया निर्माण एवं क्रय-विक्रय पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। इसके बावजूद कुछ किसानों द्वारा उक्त आदेश की अवहेलना करते हुए निर्माण कार्य जारी रखा गया।

जिन किसानों द्वारा कोई नया निर्माण नहीं किया गया है, उनका कहना है कि यदि 2 जनवरी 2026 के पश्चात निर्मित संरचनाओं को भी मुआवजा प्रदान किया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने हेतु बाध्य होंगे तथा उच्च स्तर पर शिकायत दर्ज कराएंगे।

2 जनवरी 2026 के बाद किए गए सभी निर्माणों को अवैध घोषित किया जाए। ऐसे निर्माणों पर किसी प्रकार का मुआवजा न दिया जाए।पूर्णतः टीन से निर्मित ढांचों का मुआवजा केवल अस्थायी निर्माण की निर्धारित दर से ही दिया जाए।

राजपत्र अधिसूचना के पश्चात किए गए निर्माण सामान्यतः मुआवजे के पात्र नहीं होते। मुआवजा निर्माण की प्रकृति (पक्का अथवा अस्थायी) के आधार पर निर्धारित किया जाता है। सैटेलाइट चित्र, ड्रोन सर्वे एवं राजस्व अभिलेखों को प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है।

वर्तमान स्थिति में पारदर्शिता के अभाव तथा परस्पर विरोधी दावों के कारण क्षेत्र में संशय एवं तनाव का वातावरण व्याप्त है। यदि शीघ्र ही स्पष्ट निर्णय नहीं लिया गया, तो यह विवाद व्यापक जनआंदोलन का रूप ले सकता है। साथ ही, उच्च स्तर पर मंत्रालय से लेकर जांच एजेंसियों तक शिकायत दर्ज कराने की तैयारी भी जारी है।

रुद्र गंगा एवं वन विद्यालय के समीप वन क्षेत्र में लगी आग, आग पर पाया काबू


अनूपपुर

पवित्र पर्वत नगरी अमरकंटक के समीप स्थित जमुना दादार नवोदय क्षेत्र के वन में अचानक भीषण आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। आग की लपटें तेज़ हवाओं के साथ फैलती हुई वन क्षेत्र के बड़े हिस्से को अपनी चपेट में लेती जा रही हैं, जिससे आसपास के पर्यावरण, वन्यजीवों एवं जनजीवन पर गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। इसी तरह अमरकंटक वन पर क्षेत्र के रुद्र गंगा में भी आग की घटना हुई है इसके एक दिवस पूर्व वार्ड क्रमांक चार एवं पांच के वन क्षेत्र में आग लगी हुई थी वन विभाग के द्वारा बुझाने प्रयास किया गया नगर परिषद अमरकंटक का दमकल संयंत्र वन क्षेत्र में आग बुझाने में ना काफी साबित हो रहा है। आग इस कदर भीषण हो रही की बुझाने में भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। वन क्षेत्र में आग लगने से पर्यावरण प्रभावित हो रहे हैं तथा तापमान भी बढ़ रहा है । 

यह स्थिति स्थानीय नागरिकों में गहरी चिंता और आक्रोश का कारण बन रही है। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया गया, तो यह और अधिक भयावह रूप ले सकती है तथा आसपास के वन में खतरा उत्पन्न कर सकती है।

वन क्षेत्र में लगी यह आग न केवल हरित संपदा को भारी नुकसान पहुंचा रही है, बल्कि अनेक वन्य प्राणियों के जीवन पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं। धुएं के गुबार से वातावरण दूषित हो रहा है, जिससे स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका भी बढ़ गई है।

दूषित पेय जल की आपूर्ति पर, जल समस्या निराकरण समिति ने अजय सिंह को सौंपा ज्ञापन 


अनूपपुर

अजय सिंह राहुल अनूपपुर जिले की यात्रा के दौरान पूर्व नगर पालिका अध्यक्ष रामखेलावन राठौर के निवास पर पधारे तब यह ज्ञापन, अनूपपुर में नगरपालिका द्वारा दूषित पेय जल की आपूर्ति, नदियों में जिला अस्पताल सहित कई अस्पतालों सरकारी व ग़ैर सरकारी संस्थानों तथा तमाम वार्डों से निःसरित दूषित जल जोकि सीधे अनूपपुर की नदियों तिपान व चंदास में प्रवाहित किया जा रहा है जिससे नदियों का अस्तित्व ख़तरे में पड़ गया है, के संबंध में था। जल समस्या निराकरण समिति के संयोजक गिरीश पटेल ने ज्ञापन सौंपते हुए राहुल जी को बताया कि नदियों का अस्तित्व ख़तरे में है,तिपान तथा चंदास दोनों ही नदियाँ बहुत ही बुरी स्थिति में हैं और चंदास तो लगभग नाले के रूप में परिवर्तित हो गई है यदि समय रहते इस समस्या का निराकरण नहीं किया गया तो इनका अस्तित्व समाप्त हो जाएगा।तिपान नदी में ही नगरपालिका का साधारण फिल्टर प्लांट लगा है और वहीं पर अत्यंत अपशिष्ट पदार्थों से युक्त जल निरंतर प्रवाहित हो रहा है जोकि केवल फिटकरी और क्लोरीन से साफ कर पेयजल के रूप में प्रदाय किया जा रहा है, इस संबंध में नगर पालिका, स्वास्थ्य विभाग और कलेक्टर को लिखित रूप से अवगत कराया गया पर बड़े आश्वासन के बावजूद कलेक्टर ने न तो कोई कार्रवाई की और न ही अपने वादे के अनुसार उन नदियों को देखने गए जहां इनका हाल बदतर हो चुका है। यहां पर जो एस टी पी प्लांट लगाने की योजना बनाई गई है वो ऐसे स्थानों पर हैं जहां अभी इसकी तत्काल में ज़रूरत नहीं है और जहां ज़रूरत है वहाँ प्लांट कीं कोई योजना नहीं है। गंगा संवर्धन योजना के तहत सरकार से जिस राशि का आवंटन हुआ उसे आवश्यक जगह पर खर्च न करके ऐसे स्थानों पर खर्च किया गया और किया जा रहा है जहां इसकी फ़ौरी तौर पर कोई ज़रूरत नहीं थी, जहां पर खर्च हो रहा है वे स्थान क्रमानुसार बाद में आते है। ज्ञापन सौंपते हुए आयोजन समिति ने राहुल से माँग की कि प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को सूचित कर के कार्यवाही कराने की कृपा करें ताकि इस समस्या का निराकरण हो सके। राहुल ने पूरे ज्ञापन को गंभीरता पूर्वक पढ़ा और आश्वासन दिया कि वे इस पर ठोस कार्यवाही करवाने की पूरी कोशिश करेंगे। ज्ञातव्य है कि पूर्व नगरपालिका उपाध्यक्ष जीवेंद्र सिंह ने नदियों का सर्वेक्षण कर आवश्यक रिपोर्ट प्रस्तुत की है।

कर्मचारियों ने 17 मांगों पर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, आंदोलन की दी चेतावनी, रुकवाया गया बाल विवाह


अनूपपुर

जिले में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर मंगलवार, 21 अप्रैल 2026 को एकजुटता का परिचय देते हुए सशक्त प्रदर्शन किया। भारतीय मजदूर संघ, जिला अनूपपुर के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न विभागों के सैकड़ों कर्मचारियों ने भाग लेकर अपनी आवाज बुलंद की। दोपहर 2:00 बजे ज्येष्ठ एवं वरिष्ठ पदाधिकारियों के नेतृत्व में 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन मध्यप्रदेश शासन के माननीय मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर अनूपपुर को सौंपा गया।

यह ज्ञापन दादा ताराचंद यादव, मजदूर संघ जमुना-कोतमा एरिया के विभाग प्रमुख राजेश सिंह परिहार, जिला मंत्री सुमित बक्सरिया एवं विद्युत वितरण कंपनी अनूपपुर के जिलाध्यक्ष सुनील चौरसिया के नेतृत्व में प्रस्तुत कर ज्ञापन सौपा गया।

ज्ञापन में आउटसोर्स कर्मचारियों की समस्याओं को विस्तारपूर्वक रखते हुए राज्य सरकार से ठोस एवं व्यापक नीति निर्माण की मांग की गई। कर्मचारियों ने कहा कि वर्तमान आउटसोर्स व्यवस्था में कार्यरत श्रमिकों को न तो सामाजिक सुरक्षा प्राप्त है और न ही उन्हें उनके कार्य के अनुरूप उचित वेतन मिल रहा है। इससे उनका आर्थिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। कर्मचारियों ने आउटसोर्स सर्विस सिक्योरिटी एक्ट अथवा आउटसोर्स निगम मंडल के गठन की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि इससे कर्मचारियों को स्थायित्व, पारदर्शिता और सुरक्षा मिल सकेगी। ज्ञापन में 200 से अधिक कर्मचारियों की रही भागीदारी। संघ के पदाधिकारियों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि सरकार द्वारा उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आने वाले समय में व्यापक स्तर पर आंदोलन किया जाएगा। 

*प्रशासन की तत्परता से मोहिनी ग्राम में रूका बाल विवाह*


शहडोल

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह द्वारा शहडोल जिले में बाल विवाह की रोकथाम हेतु जिला एवं खंड स्तरीय दल गठित किया गया है। जिले की तहसील जयसिंहनगर अंतर्गत ग्राम मोहिनी में अक्षय तृतीया के अवसर पर बाल विवाह की शिकायत प्राप्त होने पर प्रशासन ने त्वरित कार्यवाही करते हुए बालिका का बाल विवाह रूकवा दिया। शिकायत की जांच के दौरान बालिका की आयु 18 वर्ष कम पाई गई। 

जिला कार्यक्रम अधिकारी महिला बाल विकास अखिलेश मिश्रा ने बताया कि अनुविभागीय अधिकारी राजस्व काजोल सिंह के मार्गदर्शन में  तत्काल खंड स्तरीय टीम को मौके पर भेजा गया । यह टीम बालिका के घर मोहिनी एवं उसके मामा के घर जगडा पहुंचकर  बाल विवाह रूकवाया। टीम द्वारा परिजनो को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006 के प्रावधानो की जानकारी दी गई तथा  बालिका का विवाह 18 वर्ष पूर्ण होने के बाद ही विवाह करने की समझाइश दी गई। 

मोटरसाइकिल जप्त, चोर गिरफ्तार, आबकारी विभाग ने अवैध शराब की जप्त, मामला दर्ज


अनूपपुर

बिजुरी पुलिस के द्वारा बिजुरी बाजार से मोटर सायकल चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया। कैलाश सोनी पिता रामविशाल सोनी उम्र 56 वर्ष निवासी वार्ड क्र. 12 सब्जी मंडी ग्राउण्ड के पास बिजुरी का थाना में आकर शिकायत की थी 26 मार्च 2026 को करीब 3 बजे दोपहर अपनी मोटर सायकल क्रमांक MP65MC1292 हीरो पेशन जो पुरानी इस्तेमाली कीमती करीब 60 हजार रुपये को अपने घर के सामने रोड पर खडी कर अन्दर चला गया था, कुछ समय बाद घर से बाहर आकर देखा तो उसकी मोटर सायकल घर के बाहर नही खडी थी, लगता है कि उसकी मोटर सायकल को कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी कर के ले गया है।

शिकायत पर अपराध क्र. 134/26 धारा 303(2) बीएनएस का कायम कर अनुंसंधान में लिया गया । दौरान विवेचना चोरी गई मोटर सायकल एवं आरोपी की पता तलास की गई जो मुखबिर सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति बिजुरी से कोरजा तरफ हीरो मोटर सायकल से जा रहा है, जो संदिग्ध लग रहा है, जिसे पुलिस के द्वारा घेराबंदी कर पकड कर पूछताछ की गई तो आरोपी द्वारा अपना देवेन्द्र उर्फ पींटू पिता मुन्ना प्रधान उम्र 24 वर्ष निवासी बेलिया छोट का होना बताया एवं उक्त मोटर सायकल दिनांक 26 मार्च 2026 को सब्जी मंडी बिजुरी से चोरी करना बताया, चोरी की मोटरसाइकिल को जप्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमाण्ड पर जेएमएफसी न्यायालय कोतमा पेश किया गया।

*अवैध शराब जप्त, मामला दर्ज*


उमरिया जिले में कलेक्टर राखी सहाय के द्वारा जिले में अवैध मदिरा के क्रय विक्रय,संग्रहण,परिवहन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।निर्देश के परिपालन में जिला आबकारी अधिकारी उमरिया सावित्री भगत के मार्गदर्शन में मदिरा के अवैध निर्माण,संग्रहण,परिवहन एवं विक्रय पर नियंत्रण हेतु वृत्त मानपुर अंतर्गत अवैध मदिरा के विरूद्ध कार्यवाही की गई। 

इस दौरान भरौली ढाबा के संचालक आकाश जायसवाल के कब्जे से 12 बोतल बीयर एवं 10 पाव प्लेन,धर्मेन्द्र सिंह ग्राम देवगवां के किराना दुकान से 09 पाव देशी मदिरा प्लेन,राजाराम गुप्ता ग्राम मुगवानी के कब्जे से 25 पाव देशी मदिरा प्लेन,ग्राम कठार में उमेश पटेल के कब्जे से 19 पाव देशी मदिरा प्लेन इसी प्रकार बिजौरी स्थित ढाबे में कार्यवाही करते हुये सावित्री साहू के कब्जे से 14 पाव देशी मदिरा प्लेन जब्त कर मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34 (1) क के तहत् कुल 06 न्यायालयीन प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है।

एक और हाथी जिले में किया प्रवेश, हाथियों की संख्या हुई पांच, घरों में तोड़फोड़ कर फसलो को किया नुकसान


अनूपपुर 

जिले में पांचवा हाथी छत्तीसगढ़ राज्य के कटघोड़ा से मरवाही होकर मंगलवार की सुबह अनूपपुर जिले में प्रवेश कर अपने तीन अन्य साथियों के साथ मिलकर दिन में जैतहरी के धनगवां बीट के जंगल में विचरण कर रहा है, जबकि एक दंतैल हाथी जिला मुख्यालय अनूपपुर से 8 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत खांड़ा के खांड़ा जंगल में विगत 14 दिनों से विचरण कर रहा है। हाथियों के धीरे-धीरे अनूपपुर जिले को रहवास क्षेत्र बनाए जाने से जिले की जनता परेशान एवं भयभीत है। नुकसान का सर्वे नही हुआ है और न लोगो मुआवजा मिला है।

एक दंतैल हाथी छत्तीसगढ़ राज्य के कटघोरा वन मंडल अंतर्गत जडगा एवं पसान की सीमा पर विचरण कर रहे हैं। हाथियों के समूह से अलग होकर कटघोरा के पसान से जीपीएम के मनेद्रगढ़, मरवाही के मरवाही वन परिक्षेत्र एवं सिवनी वन बीट के जंगल से गूजर नाला से सीमा पारकर, पहले कई बार आए हाथियों के रास्ते से चलते हुए ग्राम पंचायत चोलना एवं कुकुरगोड़ा के टोला,मोहल्ला के किनारे से होते हुए मरवाही के गुल्लीडांड बीट से जैतहरी के धनगवां बीट के बीच 30 किलोमीटर रास्ता तय कर, धनगवां के जनवनिहा जंगल में पहुंचकर अपने अन्य तीन हाथी साथियों के साथ मिलकर, जंगल में पेड़ों के डगालो को तोड़कर खाने की सूचना वन विभाग एवं ग्रामीणों द्वारा दी गई है।

धनगवां बीट के जंगल में अब हाथियों की संख्या चार हो गई तीन हाथियों के समूह द्वारा जंगल में व्यतीत करने बाद देर रात जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत पड़रिया के भलुवानटोला निवासी एवं बीट चोलना में कच्चे मकान में तोड़फोड़ कर छोई गांव के मोतीलाल राठौर के मकान में तोड़फोड़ कर घर के अंदर रखे अनाज को अपना आहार बनाया। वही चोई गांव के विभिन्न टोला में खेत में टमाटर, उड़द की फसल को खाते हुए वन बीट चोलना के चोई गांव में स्थित मिश्चित वृक्षारोपण क्रमांक एक एवं दो में 40 से अधिक आरसीसी खम्बो, 100 मीटर से अधिक फिसिंग तारो को तोड़ते हुए फिर से धनगवां के जंगल में विश्राम करने चले गए, वहीं एक दंतैल हाथी जिला मुख्यालय अनूपपुर से 7 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत खांड़ा के खांड़ा बांध के ऊपर जंगल में 14  वें दिन विश्राम करने बाद जंगल से निकल कर खांड़ा बांध में पानी पीने बाद बांध के किनारे कच्चे मकान को तीसरी बार पहुंच कर तोड़ते हुए तहस-नहस कर घर में रखें विभिन्न तरह की सामग्रियों को नष्ट किया है। यह हाथी देर रात खांडा एवं खोलगढी एवं चटुआ के मध्य स्थित जंगल में विचरण करता रहा।

गर्मी को लेकर युवा नेता रवि की अपील, पशु-पक्षियों के लिए पानी व पर्यावरण संरक्षण पर दिया जोर

स्थानीय रोजगार, मंदिरों की साफ-सफाई और जनसेवा शिविर लगाने की भी उठाई मांग


अनूपपुर 

गर्मी के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए क्षेत्र के युवा नेता रवि श्रीवास ने नगर एवं ग्रामीण क्षेत्र के लोगों से महत्वपूर्ण अपील की है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से कहा कि इस भीषण गर्मी में इंसानों के साथ-साथ पशु-पक्षियों का ध्यान रखना भी हमारी जिम्मेदारी है।

उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि अपने घरों के आसपास पशु-पक्षियों के पीने के लिए पानी की व्यवस्था अवश्य करें, ताकि गर्मी में उन्हें राहत मिल सके।रवि श्रीवास ने प्रशासनिक समस्याओं को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि समाज का एक बड़ा वर्ग छोटे-छोटे कार्यों के लिए भटकता रहता है, इसलिए जनप्रतिनिधियों को प्रत्येक गांव में शिविर लगाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।

धार्मिक स्थलों की स्वच्छता पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि मंदिरों की साफ-सफाई हम सभी की जिम्मेदारी है। साथ ही उन्होंने मंदिरों के आसपास शराब की दुकानों पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग भी की।

रोजगार के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि जिले में स्थापित कंपनियों में सबसे पहला अवसर स्थानीय लोगों को मिलना चाहिए, जिससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिल सके।

इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण संरक्षण पर भी विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि गर्मी के दिनों में पेड़-पौधों की कटाई न करें और जंगलों में आग लगाने से बचें, क्योंकि इससे पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है और शुद्ध वायु प्राप्त होती है।

युवा नेता की इस पहल को क्षेत्र में सकारात्मक रूप से देखा जा रहा है और लोगों से भी अपील की जा रही है कि वे इन सुझावों को अपनाकर समाज और पर्यावरण की रक्षा में योगदान दें।

ट्रांसमिशन लाइनों के समीप बने 04 निर्माण हटाये गए, अवैध निर्माणों के खिलाफ अभियान शुरू


अनूपपुर

मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एम.पी. ट्रांसको) द्वारा जिले में एक्स्ट्रा हाईटेंशन ट्रांसमिशन लाइनों के आसपास हो रहे अवैध निर्माणों की खतरनाक स्थिति को दृष्टिगत सख्त अभियान शुरू किया गया है। एमपी ट्रांसको के अधिकारियों द्वारा अवगत कराया गया है कि अभियान का उद्देश्य न केवल ऐसे निर्माणों को हटाना है, बल्कि नागरिकों को यह स्पष्ट रूप से समझाना भी है कि ट्रांसमिशन लाइनों के समीप किया गया निर्माण सीधे जीवन के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।

हाई टेंशन ट्रांसमिशन लाइनो के आसपास नियमानुसार 132 के.वी. ट्रांसमिशन लाइन के दोनों ओर 27 मीटर का क्षेत्र और 220 के वी लाइन में 35 मीटर सुरक्षा कॉरीडोर के रूप में प्रतिबंधित है। इसके भीतर किसी भी प्रकार का निर्माण पूर्णतः वर्जित है। इस क्षेत्र में बने मकान, दुकान या अन्य संरचनाएं इसलिए अत्यंत जोखिमपूर्ण हैं क्योंकि तेज हवा या अन्य कारणों से तारों के झूलने (स्विंग) की स्थिति में कभी भी जानलेवा हादसा हो सकता है।

अनूपपुर और कोतमा क्षेत्र में अब तक 23 ऐसे निर्माण चिन्हित किए गए हैं, जो इस प्रतिबंधित क्षेत्र के भीतर आते हैं। इन सभी मामलों में  संबंधित लोगों को नोटिस जारी कर स्पष्ट चेतावनी दी गई है कि वे स्वयं निर्माण हटाएं, अन्यथा प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। इन निर्माणों से न केवल रहने वालों की जान जोखिम में है, बल्कि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में पूरे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति भी बाधित हो सकती है।

क्षेत्र में रेलवे को आपूर्ति करने वाली 220 केवी ट्रैक्शन -ट्रांसमिशन लाइन के नजदीक बने निर्माण सहित चार ऐसे निर्माणों को हटाया जा चुका है जो मानव जीवन के लिए खतरा हो सकते थे। सहायक अभियंता जगदीश असाटी द्वारा स्थानीय प्रशासन की मदद से पब्लिक एड्रेस सिस्टम, व्यक्तिगत संपर्क और नोटिस के माध्यम से लोगों को समझाया जा रहा है कि थोड़ी सी लापरवाही, बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

12वीं 10वीं परीक्षा में बेथेल मिशन स्कूल के छात्र-छात्राओं ने किया उत्कृष्ठ प्रदर्शन, लैपटॉप योजना में 36 छात्र लाभान्वित

*गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, अनुशासन, समर्पण, लक्ष्य से परिपूर्ण स्कूल*


अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर में संचालित बेथेल मिशन हायर सेकंडरी स्कूल के विद्यार्थियों ने इस वर्ष भी 10वीं सीबीएसई एवं 12वीं एमपी बोर्ड परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए अपने परिवार, विद्यालय एवं जिला का नाम रौशन किया है। विद्यालय हमेशा ही अपनी अच्छी व गुणवत्ता पूर्ण सार्वभौमिक शिक्षा के लिए जाना जाता है जिसके परिणामस्वरूप सत्र 2025-26 में विद्यालय के 3 छात्रों ने 90 प्रतिशत से अधिक व 9 छात्रों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किए है।  इसी तरह कक्षा 12वीं में 16 बच्चों ने 80 प्रतिशत से अधिक अंक अर्जित किए, मेधावी छात्र लैपटॉप योजना में कुल 36 छात्र लाभान्वित हुए। विद्यालय के छात्रों के इस प्रदर्शन में विद्यालय के संचालक पी के पुन्नुस, प्राचार्य सुदीप चक्रवर्ती व सभी शिक्षको का योगदान रहा, जिन्होंने छात्रों के साथ मेहनत कर उनके उज्जवल भविष्य की नीव रखी।

हाई स्कूल परीक्षा संजना साहू ने 93 प्रतिशत, आकृति गुप्ता 91.2 प्रतिशत, एम डी अजमत 90 प्रतिशत वहीं हायर सेकंडरी सर्टिफिकेट परीक्षा में ऋषह गुप्ता 91.2 प्रतिशत, अदिति राठौर 89.2 प्रतिशत अंक प्राप्त किया है। विद्यालय के छात्रों ने मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन के बल पर शानदार परिणाम हासिल किए। निरंतर परिश्रम और सही दिशा में किया गया प्रयास सफलता की कुंजी होता है। परिणाम घोषित होते ही विद्यालय परिसर में खुशी का माहौल बन गया। इन विद्यार्थियों की सफलता से विद्यालय परिवार गौरवान्वित है। विद्यार्थियों, अभिभावकों और शिक्षकों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर बधाई दी।

विद्यालय के डायरेक्टर ने कहा कि यह सफलता केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि शिक्षकों, अभिभावकों और पूरे विद्यालय परिवार की सामूहिक मेहनत का परिणाम है। उन्होंने बताया कि विद्यालय में नियमित कक्षाओं, अतिरिक्त अध्ययन सत्रों, मॉडल टेस्ट, समय-समय पर मार्गदर्शन शिविर और अनुशासित अध्ययन वातावरण के कारण यह सफलता संभव हो सकी। विद्यार्थियों को परीक्षा की तैयारी के दौरान विषय विशेषज्ञ शिक्षकों द्वारा विशेष मार्गदर्शन दिया गया।

सफल विद्यार्थियों ने बताया कि नियमित पढ़ाई, नोट्स तैयार करना, पुराने प्रश्नपत्र हल करना और शिक्षकों से समय-समय पर मार्गदर्शन लेना उनकी सफलता का प्रमुख कारण रहा। छात्रों ने कहा कि कठिन परिश्रम, आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच से किसी भी लक्ष्य को प्राप्त किया जा सकता है। अभिभावकों ने भी विद्यालय के शिक्षकों और प्रबंधन की सराहना की। उन्होंने कहा कि विद्यालय द्वारा बच्चों को न केवल शिक्षा दी जाती है, बल्कि अनुशासन, संस्कार और नैतिक मूल्यों की भी शिक्षा दी जाती है। विद्यालय के प्राचार्य ने अंत में कहा कि सफलता की यह परंपरा आगे भी जारी रहेगी और विद्यालय भविष्य में भी बेहतर परिणाम देने के लिए संकल्पित है। बोर्ड के परीक्षा में उत्कृष्ट परिणाम के साथ बेथल मिशन हायर सेकंडरी स्कूल ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि गुणवत्ता पूर्ण शिक्षा, अनुशासन और समर्पण से हर लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। 

जंगल मे पेड़ पर चढ़कर लकड़ी काटते समय युवक गिरा हुई मौत, वन विभाग ने की जाँच शुरू


अनूपपुर

कोतमा वन परिक्षेत्र अंतर्गत सकोला बीट के जंगल में सरई के पेड़ में चढ़कर लकड़ी काट रहे युवक गुड्डू बसोर 25 वर्ष निवासी पतेराटोला की गिरने से दर्दनाक मौत होने का मामला सामने आया है। मृतक 30 फीट ऊंचाई पर पेड़ से लकड़ी काट रहा था। 

जंगल में युवक की मौत की खबर से वन विभाग में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि वन विभाग की निष्क्रियता एवं साठगांठ से आए दिन जंगलों में लकड़ी कटाई का अवैध कार्य खुलेआम किया जाता है। घटना की सूचना अस्पताल स्टाफ के द्वारा दिए जाने पर पुलिस ने शव का निरीक्षण एवं पीएम उपरांत परिजनों को सौंप दिया। मामले में मर्ग कायम कर डायरी घटनास्थल भालूमाडा होने के कारण भेजी जाएगी ।

बताया जा रहा है कि गुड्डू बसोर पिता पूरन सुबह घर से साइकिल में लकड़ी काटने के लिए निकला था। जमुना कॉलोनी वर्कशॉप के पीछे सरई के जंगलों में लगभग 30 फीट उपर पेड़ में चढकर काटने के दौरान अचानक गिर गया। गंभीर घायल होने पर वन चौकीदार चौधरी दो पहिया वाहन से कोतमा अस्पताल लाया जहां मौत हो गई।

जन चर्चा है कि मृतक को मिर्गी के भी बीमारी थी जिस कारण भी गिरने की संभावना बताई जा रही है। घटना को लेकर जहां स्थानीय लोगों में वन विभाग के प्रति भारी आक्रोश देखा जा रहा है। वन विभाग के द्वारा निजी आदमियों के माध्यम से जल्द से जल्द मामले को शांत करने में जुटा हुआ था। 

पर्यावरण प्रेमियों का आरोप है कि रेंजर की विफलता के कारण क्षेत्र में जंगलों का सफाया तेजी से हो रहा है। जहां खुलेआम जंगलों की हरियाली पर कुल्हाड़ी का प्रहार जारी है वही मलगा सर्किल से कोयला खनन का काम भी तेजी से हो रहा। जिम्मेदार साठगांठ कर वनों का नुकसान करा रहे हैं। 

इनका कहना है।

पेड़ में चढ़े युवक की गिरकर मौत होने की घटना की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराई जाएगी।

*हरीश तिवारी रेंजर कोतमा*

हाई स्कूल परीक्षा में अश्विनी मिश्रा ने 96.6 प्रतिशत हासिल कर नाम किया रोशन किया


अनूपपुर 

मॉडल स्कूल कोतमा के होनहार छात्र अश्विनी मिश्रा ने हाई स्कूल बोर्ड परीक्षा मे 500 में से 478 अंक हासिल कर 95.6 प्रतिशत लाकर विद्यालय तथा जिले का नाम रोशन किया है। छात्र अश्विनी की सफलता ने एक बार फिर से साबित कर दिया है कि, जहां चाह है वहां राह है, शासकीय हायर सेकेंडरी मॉडल स्कूल कोतमा का यह छात्र विषम परिस्थिति में भी अपने लक्ष्य की और अग्रसर रहते हुए सफलता प्राप्त की। इस अवसर पर समाज के वरिष्ठ जनों एवं विद्यालय के गुरुजनों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए छात्र अश्वनी के उज्जवल भविष्य की कामना की है। वही भाजपा जिला अध्यक्ष हीरा सिंह श्याम ने कहां की जिले के सभी होनहार छात्रों को बेहतर शिक्षा देने उद्देश्य के साथ प्रदेश की भाजपा सरकार संकल्पित है। टॉपर छात्रों की शिक्षा के राह पर कोई भी व्यवधान उत्पन्न ना हो, इसके लिए सरकार कई  योजनाओं के माध्यम से  छात्रों का भविष्य सावरकर हर संभव मदद के लिए तैयार है। इस अवसर पर बिसाहूलाल सिंह विधायक अनूपपुर, गुड्डू चौहान जिला अध्यक्ष कांग्रेस, रामदास पुरी पूर्व भाजपा जिला अध्यक्ष, अनिल गुप्ता पूर्व अध्यक्ष विंध्य विकास प्राधिकरण, सुनील सराफ पूर्व विधायक कोतमा, पत्रकार आनंद पांडेय, नीरज गुप्ता, विजय तिवारी, विजय कुमार पंडा, राहुल मिश्रा एवं चीनी मित्र मंडली द्वारा माता एवं पिता सतीश मिश्रा को बधाई प्रेषित करते हुए अश्वनी मिश्रा के उज्जवल भविष्य की कामना की है।

नर्मदा के संरक्षण हेतु सरकार एवं समाज में समन्वय प्राकृतिक जंगलों का संरक्षण जरूरी- मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

*मुख्यमंत्री डॉ यादव के अध्यक्षता में नर्मदा समग्र मिशन की बैठक हुई आयोजित*


अनूपपुर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि नर्मदा नदी जीवनदायिनी नदियों में से एक है। नर्मदा नदी के संरक्षण के लिए शासन एवं समाज के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने निर्देश दिए कि नर्मदा के उद्गम स्थल के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु प्रभावी प्रयास किए जाएँ तथा नदी तटों पर अतिक्रमण हटाने की कार्यवाही सतत रूप से की जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि अमरकंटक की अखंडता बनाए रखने के लिए अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों तथा विशेष क्षेत्र विकास प्राधिकरण के प्रतिनिधियों द्वारा  जन जागृति बढ़ाई जाए, ताकि उद्गम स्थल का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री डॉ यादव आज अमरकंटक में नर्मदा समग्र मिशन की बैठक में अधिकारियों के निर्देशित कर रहे थे।

बैठक में मध्यप्रदेश शासन के वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री दिलीप अहिरवार, कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल, अध्यक्ष श्री नर्मदे हर सेवा न्यास एवं मध्यप्रदेश कोल विकास प्राधिकरण के अध्यक्ष (कैबिनेट मंत्री दर्जा) रामलाल रौतेल, जन अभियान परिषद के उपाध्यक्ष पद्मश्री मोहन नागर व अन्य जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। 

मुख्यमंत्री ने अमरकंटक क्षेत्र में प्राकृतिक वनों के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि स्थानीय प्रजाति के पौधे, वन औषधि पौधों का प्राथमिकता के साथ रोपण किया जाए। अमरकंटक के प्राकृतिक स्वरूप को निखारने के लिए स्थानीय प्रजाति साल, महुआ, आँवला, चार, हर्रा, गुलबकावली आदि स्थानीय प्रजातियों के पौधों का रोपण कर उन्हें बढ़ावा दिया जा रहा है, 

मुख्यमंत्री ने अमरकंटक में नए निर्माण कार्यों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अमरकंटक क्षेत्र में अनियंत्रित कंक्रीट निर्माण को प्रतिबंधित किया जाए। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अमरकंटक तथा नर्मदा उद्गम स्थल पर अवैध अतिक्रमण के विरुद्ध समय-समय पर सख्त कार्रवाई करने के निर्देश कलेक्टर को दिए। 

*माँ नर्मदा उद्गम स्थल पर की पूजा-अर्चना*

मुख्यमंत्री ने आज अनूपपुर जिले के पवित्र तीर्थ स्थल अमरकंटक प्रवास के दौरान माँ नर्मदा के उद्गम स्थल पहुंचकर मां नर्मदा की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने माँ नर्मदा की आरती कर प्रदेश के नागरिकों के उत्तम स्वास्थ्य, सुख-समृद्धि एवं चहुँमुखी विकास के लिए मंगल कामना की। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि माँ नर्मदा मध्यप्रदेश की जीवनरेखा है और उनका आशीर्वाद सदैव प्रदेशवासियों पर बना रहता है।

अवैध मुरूम उत्तखनन कर परिवहन पर ट्रैक्टर ट्रॉली जप्त, मामला हुआ दर्ज


अनूपपुर

जिले के वेंकटनगर चौकी पुलिस को दौरान भ्रमण ग्राम कदमसरा में मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि, ग्राम मुण्डा का राजेश राठौर आमाडांड की पहाडी किनारे से अवैध खनिज मुरूम का चोरी से उत्तखनन कर अपने नीले रंग के ट्रेक्टर ट्राली में ट्रेक्टर चालक से मुरूम लोड करवाकर ग्राम कदमसरा रानी तालाब तरफ मुरूम बेंचने आने वाला हैं। मुखबिर के बताये स्थान ग्राम कदमसरा रानी तालाब के पास पहुंचे तो मुण्डा तरफ से एक ट्रेक्टर आते दिखा, उक्त ट्रेक्टर को रूकवाकर चेक किया गया तो ट्रेक्टर की ट्राली में मुरूम लोड था, जो ट्रेक्टर चालक से पूछतांछ की गई तो चालक अपना अपना नाम बबलू सिंह भैना पिता लाल सिंह भैना उम्र 21 वर्ष निवासी ग्राम मुण्डा गढ़ियाटोला थाना जैतहरी जिला अनूपपुर का होना बताया। उक्त ट्रेक्टर राजेश राठौर निवासी गढ़ियाटोला मुण्डा का होना बताया, राजेश राठौर के कहने पर अवैध रूप से आमाडांड की पहाडी किनारे से मुरूम लोड करके लाना बताया, उक्त मुरूम की कोई टी.पी. या वैध दस्ताबेज नही होना बताया, ट्रेक्टर चालक बबलू सिंह भैना एवं वाहन स्वामी राजेश राठौर का कृत्य धारा 303(2),317(5), 305(ई) बीएनएस एवं  4/21 खान एवं खान खनिज विकास अधिनियम 1957 के तहत दण्डनीय पाये जाने पर मामला दर्ज किया। चालक बबलू सिंह भैना के कब्जे से बिना रजिस्ट्रेशन नंबर के स्वराज कंपनी का ट्रेक्टर मय ट्राली में लोड 03 घन मीटर अवैध मुरूम (खनिज) वाहन एवं मुरूम कुल कीमती 503000/- रूपये की जप्त कर कब्जे पुलिस लिया, जप्त शुदा सम्पत्ति को चौकी वेंकटनगर चौकी परिसर में खड़ा कराया गया है।

3 हाथी करनपठार, 1 हाथी खांड़ा के जंगल में किया फसलो को नुकसान, दीवार तोड़ा

*हाथी के हमले से घायल मृत वृद्ध के परिजनों को नहीं मिली सहायता राशि*


अनूपपुर

छत्तीसगढ़ राज्य से दो अलग-अलग समूह में आये चार हाथियों में से तीन हाथियों का समूह शुक्रवार को 103 वें दिन राजेंद्रगाम के करनपठार के जंगल में विश्राम कर रहे हैं। वहीं एक अकेला हाथी जिला मुख्यालय से 8 किलोमीटर दूर पोंड़ी एवं खांडा के जंगल में आज चौथे दिन ठहरा हुआ है। हाथियों के समूह द्वारा ग्रामीण जनों के फसलों तथा एक घर को खाने की तलाश में तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचाया है। बरबसपुर,पोंड़ी,खांड़ा के ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों को हाथी के विचरण की सूचना समय पर मुनादी एवं अन्य माध्यम से नहीं दिए जाने का आरोप लगाया है। दो माह के बाद भी ग्राम बरबसपुर में हाथी के हमले से मृत वृद्ध के परिजनों को वन विभाग द्वारा सहायता राशि नहीं दिए जाने से ग्रामीण परेशान एवं आक्रोश की स्थिति में है।

109 दिन पूर्व तीन हाथियों का समूह छत्तीसगढ़ राज्य के मरवाही इलाके की सीमा को पार करते हुए, अनूपपुर जिले के जैतहरी,अनूपपुर से बुढार,अहिरगवां एवं डिंडौंरी में विचरण अनूपपुर जिले के राजेंद्रग्राम के तुलरा वन बीट में सात दिनो तक घूमते तीनों हाथी, गुरुवार की रात से करनपठार बीट में प्रवेश कर शुक्रवार के दिन अतरिया,कुर्सेरा एवं बेनीबारी के बीच जंगल में ठहरे हुये है, यह इलाका बेनीबारी,अतरिया एवं कुसेरा गांव की सीमा के मध्य स्थित है। तीनों हाथियों द्वारा दिन में जंगल में विश्राम कर देर शाम एवं रात को जंगल से निकल कर आहार की तलाश में ग्रामीण जनो के घरों एवं खेतों में लगी,रखी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। विगत कई दिनों से हाथियों के समूह को ग्रामीणों द्वारा अपने इलाके से बाहर किए जाने हेतु मशाल एवं अन्य माध्यमों से बाहर किए जाने हेतु खदेडे जाने पर हाथियों का समूह आक्रामक होकर ग्रामीण पर हमला करने का प्रयास करते दिखाई दे रहे हैं। वन विभाग का अमला हाथियों के विचरण पर निरंतर निगरानी रखते हुए ग्रामीण जनों को सतर्क एवं सचेत रहने की समझाइए दी है।

एक अकेला हाथी जो 3 अप्रैल की रात एक माह बाद फिर से अपने साथी हाथियों की तलाश में, छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा को पार कर अनूपपुर जिले के जैतहरी इलाके में 3 दिन विचरण कर, विगत 5 दिनों से जिला मुख्यालय अनूपपुर 6 से 9 किलोमीटर की दूरी पर स्थित भोलगढ एवं पोंडी बीट के जंगल, जो ग्राम पंचायत बरबसपुर के बरबसपुर भोलगढ ग्राम पंचायत पोंड़ी के ग्राम पोंड़ी एवं मानपुर एवं ग्राम पंचायत खांड़ा के खांड़ा बाध के समीप स्थित जंगल में दिन के समय अकेले रहकर शाम एवं रात होते ही, शहडोल से कोतमा मनेद्रगढ़ की ओर गई राष्ट्रीय राजमार्ग, अनूपपुर खांडा, रामपुर मार्ग को कई स्थानों से रात एवं सुबह पार करते हुए ग्रामीण इलाकों में पहुंचकर खेतों में लगी फसलों को अपना आहार बना रहा है। विगत चार दिनों के मध्य यह हाथी ग्राम पंचायत बरबसपुर निवासी एवं ग्राम पंचायत के सरपंच बिसाहूलाल रौतेल,जमुना,गंगा पांडेय आदि के खेतों में लगे फसलों को नुकसान पहुंचाने के साथ बरबसपुर निवासी गंगाराम पांडेय के खेत में बने मकान की दीवार में तोड़फोड़ कर,खेतों में रखें सिंचाई हेतु पाइपों को तोड़फोड़ कर नुकसान पहुंचा है। सुबह होने पर यह फिर से खांड़ा बांध के पास के जंगल में जाकर दिन में ठहर जाता है। ग्राम बरबसपुर,पोंड़ी,खांड़ा एवं मानपुर के ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों/कर्मचारियों पर इस आकमक एवं खतरनाक इस हाथी के ग्रामीण अंचलों में आने की सूचना ग्रामीणों को मुनादी एवं अन्य माध्यमों से समय पर नहीं दिए जाने हाथी द्वारा फसल एवं घरों की नुकसान दौरान पटाखा एवं उपकरणों का उपयोग नहीं करने देर से स्थल पर पहुंचकर टॉर्च ले कर खड़े होकर ग्रामीण जनों के हो रहे नुकसान का तमाशा देखते देखते रहने का आरोप लगाया है। ग्रामीण जन अपनी फसलों घर ऑन एवं इलाकों से हाथी को दूर किए जाने की कोशिश स्वयं मशाल एवं अन्य माध्यम से किए जाने की बात कही है, भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी एवं बरबसपुर निवासी ज्ञानेंद्र सिंह परिहार ने वन विभाग के अधिकारियों को देर रात गांव में हाथी के विचरण की सूचना मिलने पर अवगत कराते हुए तत्काल समुचित व्यवस्था किए जाने की बात कहीं।  

 1 किमी की सड़क पर 14 ब्रेकर, लोग हो रहे हैं घायल, पूर्व नपा उपाध्यक्ष ने डीआरएम को कार्यवाही के लिए लिखा पत्र


अनूपपुर

डी .आर. एम. दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन को जीवेंद्र सिंह पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष ने पत्र लिखकर मांग की है, रेलवे गेट थाना तिराहा अनूपपुर से रेलवे द्वारा बनाई गई आरसीसी सड़क से पूर्व पश्चिम केबिन तक 01 किलोमीटर की सड़क बनाई गई हैं, उस सड़क पर 14 ब्रेकर बनाई गई है वो नियमो को दरकिनार करके बनाई गई है। जिस कारण से आम जनता हाथ, पैर टूट रहा है, लोग प्रतिदिन घायल हो रहे है। जिसका अवलोकन कर दोषियों पर कार्यवाही करें।

अनूपपुर रेलवे के वरिष्ठ खंड अभियंता रोहित कुमार द्वारा थाना तिराहा अनूपपुर मुख्य द्वार से स्टेशन होते हुए पूर्व पश्चिम केबिन तक कुल 14 स्पीड ब्रेकर निर्माण कराएं गए हैं जो कि सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देश के विरुद्ध है, साथ ही सभी स्पीड ब्रेकर आईसीआर के निर्धारित मापदंडों के विपरीत हैं।

रेलवे अनूपपुर में ही रेलवे लाइन के दक्षिणी हिस्से में भी सड़क निर्माण कार्य आर ई कालोनी से RPF बैरक होते हुए पुराने रेलवे फाटक तक बनाया गया है परन्तु इस 1.5 किलोमीटर सड़क पर एक भी स्पीड ब्रेकर नही बनाया गया है। रेलवे अधिकारियों द्वारा दोहरा मापदंड क्यों अपनाया गया है। इससे साफ तौर पर जाहिर होता है कि रेलवे के वरिष्ठ खंड अभियंता कार्य के अपने नियम और क़ानून है, रेलवे लाइन के उत्तर में 14 स्पीड ब्रेकर है और दक्षिण में 01भी स्पीड ब्रेकर नही है।

रेलवे का कार्य उच्च मापदंडों पर आधारित होता है, लेकिन अब भ्रष्टाचार की सभी सीमाओं को लांघा जा रहा है। कुछ समय निकाल कर बनाए गए सड़क का अवलोकन करने से सब कुछ साफ हो जाएगा। शिवम रेलवे कालोनी में अलग मापदंडों के ब्रेकर बना हुआ है तो आइओडब्ल्यू आफिस के आसपास के स्पीड ब्रेकर की डिजाइन अलग है तो पश्चिमी दिशा केबिन सड़क पर ब्रेकर का मापदंड बिल्कुल अलग-अलग है। निरीक्षण कर बिना मापदंडों के बनाए गए स्पीड ब्रेकर को तत्काल प्रभाव से तोड़वाने का कष्ट करें ताकि आम जनता दुर्घटना से बच सकें।

किसानों की समस्याओं को लेकर जिला कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन


अनूपपुर

जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष गुड्डू चौहान के नेतृत्व में दिनांक 9 अप्रैल को कलेक्टर कार्यालय अनूपपुर के बाहर किसानों के समर्थन में किसानों की समस्याओं को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया और किसानों की समस्याओं से संबंधित, जिला कलेक्टर के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। सर्वप्रथम कांग्रेसजन जिला पंचायत कार्यालय के सामने एकत्रित हुए और जिला पंचायत कार्यालय से कलेक्टर कार्यालय तक हाथों बैनर लेकर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए, पैदल मार्च निकालकर कलेक्टर कार्यालय के सामने पहुंचे, जहां पर कांग्रेसियों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और भाजपा सरकार के विरोध में नारेबाजी करते हुए जमकर विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेसियों के कलेक्टर कार्यालय की ओर आगे बढ़ने पर कलेक्ट्रेट गेट के सामने तैनात पुलिस बल ने उन्हें रोक दिया गया और तब जिलाध्यक्ष गुड्डू चौहान ने किसानों की समस्या से संबंधित कलेक्टर महोदय के नाम एक ज्ञापन मौके पर उपस्थित अधिकारी को सौंपा गया। ज्ञापन में उल्लेख कर बताया गया प्रदेश की सत्तारूढ भाजपा सरकार की किसान विरोधी नीतियों के कारण आज अन्न दाता किसान काफी परेशानियों से जूझ रहा है। किसानों की गेहू की उपार्जन की तारीखे बार बार बढ़ाई जा रही है पहले 23 मार्च, फिर 1 अप्रेल, 10 अप्रेल, 15 अप्रेल की गई है जिससे किसानों में भारी आक्रोश निर्मित हो गया है। प्रदेश में किसानों को गेहूं उपार्जन का इंतजार खत्म होने का नाम ही नहीं ले रहा है। प्रदेश सरकार ने सहकारी संस्थाओं से किसानों का ऋण वसूलने की अंतिम तिथि 31 मार्च निर्धारित की थी सरकार के कुप्रबंधन के कारण लगभग 50 प्रतिशत किसान डिफाल्टर हो गए है तथा किसानों को कृषि उप मडी मे अपनी उपज 2000 से 2200 रूपये के ओने पौने दामों में मजबूरी में बेचने को विवश होना पड़ रहा है, जबकि पडोसी राज्य राजस्थान में 16 मार्च से गेहू उपार्जन किया जा रहा है। प्रमुख मांग रखते हुए लेख किया कि गेहूं सहित सभी रवि फसल उपार्जन के लिए लंबित पंजीयन कार्यों को अबिलंब पंजीकृत कर किसानों के उपार्जन खरीदी सुनिश्चित किया जाए। कृषि पंप कनेक्शन पर स्मार्ट मीटर लगाना बंद किया जाए। खरीफ एवं रवि फसलों के अलावा जायज फसल एवं सब्जी उत्पादक किसानों को रासायनिक खाद की आपूर्ति सुनिश्चित कराया जाए। किसानों को कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्धता सुनिश्चित कराया जाए।आगामी खरीफ फसलों के लिए पर्याप्त रासायनिक खाद एवं बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित कराया जाए। अंत में उल्लेख किया गया कि किसानों के हित में उक्त समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान करें, अन्यथा किसान हित में जिला कांग्रेस अनूपपुर उग्र आंदोलन करने के लिए विवश होगा, जिसकी सम्पूर्ण जवाबदेही जिला प्रशासन की होगी। 

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