युवक के साथ हुई मारपीट, दो पर मामला दर्ज, कोल साइडिंग से उड़ रही धूल, युवाओं ने सौपा ज्ञापन


अनूपपुर

रामनगर थाना क्षेत्र में शराब मिलने के स्थान को लेकर हुए विवाद के दौरान एक युवक के साथ मारपीट किए जाने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना में युवक घायल हो गया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं 296(बी), 115(2), 351(2) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। 

वार्ड क्रमांक 01 विशेषर दफाई, राजनगर निवासी 26 वर्षीय सूरज कोल ने थाना राजनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मध्यरात्रि करीब 12 बजे वह अपने घर के बाहर निकला था। इसी दौरान मोहल्ले में रहने वाले संजू गोड़ एवं राहुल चौधरी उसके पास पहुंचे और उससे शराब मिलने के स्थान के बारे में पूछताछ करने लगे। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। पहले दोनों पक्षों के बीच सामान्य कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया और गाली-गलौज शुरू हो गई। आरोप है कि बातचीत के दौरान दोनों आरोपी आक्रोशित हो गए और उन्होंने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। 

फरियादी का आरोप है कि संजू गोड़ एवं राहुल चौधरी ने हाथ-मुक्कों, डंडे तथा कांच के टुकड़े से उसके साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान उसे कई चोटें आईं। घायल युवक ने स्वयं को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि दोनों आरोपी लगातार उसके साथ मारपीट करते रहे। और जान से मारने की धमकी दिया, इस कथित धमकी के बाद पीड़ित और उसके परिजनों में भय का माहौल बन गया। घटना के बाद परिवार के लोगों ने उसे शांत कराया और आवश्यक मदद उपलब्ध कराई।

*कोयला साइडिंग की धूल के खिलाफ तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन*


अनूपपुर जिले के बिजुरी कपिलधारा क्षेत्र के समीप संचालित कोयला साइडिंग से फैल रहे धूल प्रदूषण और पर्यावरणीय नियमों के कथित उल्लंघन के विरोध में 08 2026 सोमवार को युवा समाजसेवी राहुल द्विवेदी के नेतृत्व में युवाओं ने उप तहसील बिजुरी पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। युवाओं ने क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मामले की जांच, प्रभावी कार्रवाई तथा प्रदूषण नियंत्रण के ठोस उपाय सुनिश्चित करने की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि कोयला साइडिंग से लगातार उड़ रही कोयले की धूल के कारण आसपास के रहवासी, दुकानदार, राहगीर और आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। धूल की काली परत घरों, दुकानों, वाहनों और सड़कों पर जम रही है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, एलर्जी तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ते धूल प्रदूषण के कारण क्षेत्र का वातावरण प्रभावित हो रहा है और जनजीवन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

युवाओं ने आरोप लगाया कि कोयला साइडिंग परिसर एवं कोयला परिवहन मार्गों पर पर्याप्त जल छिड़काव नहीं किया जा रहा है। साथ ही धूल नियंत्रण के लिए आवश्यक पर्यावरणीय उपायों और मानकों का प्रभावी पालन नहीं होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। युवाओं ने प्रशासन से कार्यवाही की मांग की है।

खनिज माफिया, खनिज विभाग व पुलिस प्रशासन की सांठगांठ से शासन को हर माह लग रहा लाखों का चूना

*जिम्मेदार कार्यवाही के नाम पर सिर्फ करते हैं खानापूर्ति, माफिया डन4 दहाड़े करते हैं अवैध रेत उत्तखनन*


अनुपपुर

राज्य सरकार द्वारा अपनी आय बढ़ाने नित नए प्रयास किए जाते है, लेकिन अनुपपुर जिले के कोतमा जनपद के भालूमाडा, कोतमा, बिजुरी, राजनगर इलाके में पुलिस और खनन माफिया की जुगलबंदी से हर महीने खुलेआम 24 घंटे खनिज रेत की चोरी व परिवहन तथा अवैध भंडारण किया जा रहा है, जिससे शासन को हर महीने राजस्व की बड़ी क्षति हो रही है। पुलिस अनुविभाग कोतमा अंतर्गत पुलिस थाना और चौकी क्षेत्रों में यदाकदा नाम मात्र की कार्यवाही कर महज औपचारिकता कर दी जाती है, इससे यह बात तो स्पष्ट हो जाती है कि अवैध रेत की चोरी जारी है। बिजुरी थाना के कुछ पुलिसकर्मी पूरी रात इन माफियाओं को अवैध रेत परिवहन में भरपूर सहयोग करते हैं, बिजुरी पुलिस के काम करने का अंदाज ही निराला है, थाना क्षेत्र के केवई नदी, कोठी, ग्राम थानगांव, ग्राम बहेराबांध, कनई नदी, बेलगांव, ग्राम छतई में रात्रि 8 बजे से सुबह 8 तक लगभग एक दर्जन ट्रैक्टर तथा मिनी ट्रक के साथ हथियार बंद अपराधिक पृष्ठभूमि के लोग अपने वाहन लेकर पूरी रात गुंडागर्दी के साथ अवैध रेत परिवहन किया जाता है, यदि कोई भी व्यक्ति रास्ते में या कहीं भी इन्हें बोलने या रोकने टोकने की कोशिश की गई तो उसकी खैर नहीं, मसलन यह कुछ भी, किसी भी हद तक जा सकते हैं, कई बार रेत माफियाओं के विरुद्ध शिकायत करने पर लोगों के साथ मारपीट भी की गई, जानकारी के अनुसार राज्य शासन के अलावा कुछ पुलिस अधिकारी अपने-अपने थाना क्षेत्र का अवैध रेत परिवहन करने का ठेका देते है, जिले में यह अवैध योजना काफी समय से लागू है, यही वजह है कि पुलिस शिकायत के बाद भी रेत माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करना चाहती, उल्टे शिकायत करने वालों पर ही फर्जी मामले दर्ज कर दिए जाते हैं, ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, कुछ समय पहले एक पत्रकार ने उक्त अवैध कार्यों का कवरेज करने गया हुआ था, जिस पर फर्जी मामला दर्ज कर लिया गया और मारपीट भी की गई, इससे यह तो स्पष्ट है कि पुलिस अपराधियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है, देशभक्ति जन सेवा की इससे बड़ी मिसाल क्या होगी, उल्लेखनीय है कि जीवनदायिनी केवई नदी से प्रतिदिन लगभग 100 से 150 ट्रिप अवैध रेत परिवहन किया जाता है, उक्त क्षेत्र के किसी भी शहर गांव ,कस्बे में अधिकांश स्थानों में बिना ईटीपी के अवैध रेत का भंडारण बड़े पैमाने पर किया गया है, कभी भी इसकी जांच की जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते है। जहां से रेत खनन किया जाता है, उन क्षेत्रों का भी निरीक्षण करना आवश्यक है, रेत परिवहन में संलग्न अधिकांश वाहनो से नंबर प्लेट ही गायब है, नंबर की तो बात ही न करे, उक्त कार्यों को अंजाम देने वाले अधिकांश व्यक्ति अपराधिक लोग हैं, जिनके ऊपर कई गंभीर मामले दर्ज है, इनके द्वारा बिना ई-टीपी के 5 से 10 हजार रुपए महंगे दामों में रेत की अवैध रूप से बिक्री की जाती है, पुलिस के साथ खनिज विभाग भी इन सब बातों से अनजान नहीं है, उसके बावजूद भी कार्यवाही करने में दोनों लाचार है, जिला खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को कार्यवाही करने की फुर्सत ही नहीं है, रेत माफिया निर्भीक होकर राज्य शासन को हर वर्ष करोड़ों का चूना लगा रहे हैं, विभागीय अधिकारियो को जैसे सांप सूंघ गया हो, शिकायत करने के बाद भी ठोस कार्यवाही न करना कई संदेशों को जन्म देता है, रेत माफिया पूरे क्षेत्र में रात भर तांडव करते हैं और सब के सब इस मामले में खामोश है। अनुभाग कोतमा तथा स्थानीय पुलिस से लेकर जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मामले में कुछ भी बोलने और कार्यवाही करने से बच रहे हैं, एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिले के कोयलांचल क्षेत्र के तीन चार प्रचलित थाना क्षेत्रों से हर माह सेवा शुल्क चढ़ाया जाता है, इसी कारण कोई भी इन सब मुद्दों को लेकर कार्यवाही तो दूर बात तक सुनना पसंद नहीं करते, आलम तो यह है कि क्षेत्र में चाहे जितनी बड़ी से बड़ी घटना क्यों ना हो जाए वरिष्ठ अधिकारी भी फोन रिसीव नहीं करते, इन सब बातों का आम जनमानस में विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, इन सभी अवैध गतिविधियों की शिकायत जन क्रांति सामाजिक संस्था के प्रमुख पदाधिकारियो ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी भोपाल, खनिज आयुक्त, पुलिस कमिश्नर, संभाग आयुक्त राजस्व शहडोल को शिकायत पत्र प्रेषित कर उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर संलिप्त दोषी लोगों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कार्यवाही करने की मांग की गई है।


पयारी में 'कागजी तालाब' पर 50 हजार का भुगतान, शिकायत के बाद भी मौन अधिकारी CEO की नीयत पर गंभीर सवाल

*कागजो में लबालब तालाब, जमीन पर गायब, मजदूरों का हो रहा आर्थिक शोषण*


अनूपपुर

जनपद पंचायत अनूपपुर के तहत आने वाली ग्राम पंचायत पयारी नम्बर 01 में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक तानाशाही का ऐसा घिनौना खेल उजागर हुआ है, जिसने पूरी व्यवस्था को बेनकाब कर दिया है। बिना एक तगाड़ी मिट्टी उठाए 'कागजी तालाब' के नाम पर ₹50,000 का अग्रिम भुगतान डकार लिया गया, तो दूसरी तरफ चिलचिलाती धूप में पसीना बहाने वाले असली मजदूरों के पेट पर लात मारकर उन्हें सिर्फ 100 से 124 रुपये की भीख नुमा दिहाड़ी थमा दी गई।  इस खुली लूट की कई  बार  खबर के माध्यम से  जानकारी दे चुकी हैं, लेकिन जिला और जनपद CEO की 'शून्य कार्रवाई' ने अब सीधे उनकी प्रशासनिक नीयत और ईमानदारी पर ही सबसे बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। 

पयारी नम्बर 01 पंचायत में चल रहे दो अलग-अलग कार्यों की यह कहानी अधिकारियों के कथित 'मूक संरक्षण' को उजागर करने के लिए काफी है।

खेल नंबर 01-'मिस्टर इंडिया' तालाब, जो कागजों में लबालब, जमीन पर गायब, हितग्राही का नाम: संतोष कुमार, वर्क कोड: 1746002039/IF/22012035163882, स्वीकृत राशि ₹3,22,000 रुपए।

इस कार्य के लिए तीन-तीन फर्जी मस्टर रोल जारी करके लगभग ₹50,000 का भुगतान भी मजे से निकाल लिया गया। जमीनी हकीकत: मौके पर जाकर देखें तो दूर-दूर तक न तो कोई खुदाई का निशान है और न ही कोई तालाब! बिना एक भी मजदूर के काम किए, यहाँ कागजी तौर पर हाजिरी भरकर मजदूरों का मूल्यांकन 175 से 180 रुपये तक कर दिया गया और सरकारी खजाने में सरेआम डकैती डाल दी गई।

खेल नंबर 02- पसीना बहाया इंसानों ने, मलाई खाई मशीनों ने, हितग्राही का नाम: वेदवती महरा पति दादी महरा, वर्क कोड: 1746002039/IF/22012035271662

यहाँ गरीब मजदूरों की NMMS एप से रोज सुबह हाजिरी लगी, फेस स्कैन हुआ, लेकिन जब पैसे देने की बारी आई तो उनके खातों में महज 100 से 124 रुपये डालकर उनके अधिकारों की धज्जियां उड़ा दी गईं।

हद तो तब हो गई जब शुरुआती काम के बाद गरीब मजदूरों को काम से भगाकर रात के अंधेरे में जेसीबी (JCB) मशीन से तालाब खुदवाया गया, जो मनरेगा के कायदों के बिल्कुल खिलाफ है। रही-सही कसर तब पूरी हो गई जब तालाब की निकाली गई मिट्टी को सार्वजनिक रास्ते पर फेंक दिया गया, जिससे आने वाले बरसात में पूरा रास्ता में कीचड़ हो जाये।

 ग्राम पंचायत पयारी नम्बर 01 में हो रहे इस आर्थिक कदाचार की शिकायतें जब कई कार्यालय तक पहुँच चुकी हैं, तो फिर अब तक कार्रवाई का आंकड़ा 'शून्य' क्यों है? इस चुप्पी को भ्रष्टाचार में 'मूक सहमति' क्यों न माना जाएगा।

जब गायब तालाब के नाम पर ₹50,000 का फर्जी भुगतान हो रहा था, तब जनपद CEO साहब की 'जांच टीम' और तकनीकी मूल्यांकन करने वाले सब-इंजीनियर (उपयंत्री) किस गहरी नींद में सो रहे थे? बिना मौके पर गए 'गायब तालाब' की मापन पुस्तिका (MB) कैसे भर दी गई?

एक तरफ गरीब मजदूर अपनी जायज मजदूरी के लिए भटक रहे हैं और खुलेआम मशीनों से काम हो रहा है, गरीबों के हक की कमाई पर डाका डालने वाले इन भ्रष्ट सचिव, सरपंच और रोजगार सहायक  और सब  इंजीनियर। को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है, जो कई शिकायतों के बाद भी प्रशासन उन पर हाथ डालने से कतरा रहा है।

हिंदुस्तान पॉवर प्लांट के खिलाफ, ड्यूटी छोड़ रेलवे कर्मचारी करता रहा अनिश्चितकालीन धरना, प्रदर्शन 

*नियम विरुद्ध आंदोलनकारियों के साथ मंच पर बैठकर देता रहा समर्थन*


अनूपपुर

जिले के जैतहरी स्थित हिंदुस्तान पॉवर प्लांट (मोजर वेयर) के खिलाफ  स्थानीय ट्रांसपोर्टरों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं एवं आम नागरिकों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया गया। यह आंदोलन प्लांट प्रबंधन के कथित मनमाने रवैये और ट्रांसपोर्टरों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में आयोजित किया गया था। आंदोलन में शामिल सैकड़ों लोगों ने प्लांट से निकलने वाली राखड़ से भरी गाड़ियों को गेट से बाहर निकलते ही सड़क पर रोक दिया, जिससे क्षेत्र में कई घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर और स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि हिंदुस्तान पॉवर प्लांट द्वारा स्थानीय ट्रांसपोर्टरों की लगातार उपेक्षा की जा रही है और बाहरी लोगों को प्राथमिकता देकर क्षेत्रीय लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा किया जा रहा है। ओवरलोड गाड़ी चलवाई जा रही, जिससे दुर्घटना होती हैं, सड़के खराब हों रही है एवं अन्य मुद्दे को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया।

लेकिन इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा एक रेलवे कर्मचारी की मौजूदगी को लेकर हो रही है। सूत्रों से जानकारी के अनुसार रेलवे फाटक अमलाई पर पदस्थ कर्मचारी करुणा निधान सिंह की ड्यूटी थी, मगर वह ड्यूटी छोड़कर दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक अपनी ड्यूटी छोड़कर कई घंटों तक धरना प्रदर्शन में शामिल रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वे आंदोलनकारियों के बीच सक्रिय रूप से मौजूद थे और प्रदर्शन के दौरान लगातार वहीं बने रहे।

अब सवाल यह उठ रहा है कि एक शासकीय कर्मचारी, विशेषकर रेलवे जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत कर्मचारी, ड्यूटी के समय किसी धरना, प्रदर्शन या आंदोलन में कैसे शामिल हो सकता है? रेलवे विभाग के नियमों के अनुसार ड्यूटी के दौरान लापरवाही या बिना अनुमति कार्यस्थल छोड़ना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना जाता है। ऐसे में करुणा निधान सिंह की भूमिका को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो यह पहला मामला नहीं है जब उक्त कर्मचारी पर ड्यूटी में लापरवाही के आरोप लगे हों। इससे पहले भी उनके खिलाफ कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे फाटक जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर तैनात कर्मचारी का ड्यूटी छोड़कर किसी और को अपनी जगह तैनात करके आंदोलन में शामिल होना किसी बड़े हादसे को निमंत्रण देने जैसा है। यदि उस दौरान कोई रेल दुर्घटना या अन्य अप्रिय घटना घट जाती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता।

इस पूरे मामले को लेकर अब रेलवे विभाग की भूमिका पर भी निगाहें टिक गई हैं। आम जनता और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि विभाग इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो यह अन्य कर्मचारियों के लिए भी गलत संदेश होगा। वहीं कुछ लोगों का आरोप है कि विभाग अक्सर ऐसे मामलों में कर्मचारियों को संरक्षण देता आया है, जिससे अनुशासनहीनता बढ़ती जा रही है।

धरना प्रदर्शन के बाद क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या रेलवे प्रशासन करुणा निधान सिंह के खिलाफ विभागीय जांच बैठाएगा या फिर मामले को दबाकर उन्हें अभयदान दे दिया जाएगा। अब देखना यह होगा कि रेलवे प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और नियमों की अवहेलना करने वाले कर्मचारी पर क्या कार्रवाई करता है। 

रेलवे के एक कर्मचारी का कहना है की कोई भी रेलवे कर्मचारी रेलवे ट्रेड यूनियन के अलावा किसी भी धरना, प्रदर्शन, आंदोलन में शामिल नही हों सकता है।

इनका कहना है।

मैं अपने निजी कार्य से जैतहरी गया था, धरना, प्रदर्शन, आंदोलन में शामिल होने नही गया था।

*करुणा निधान सिंह गेट कीपर रेलवे फाटक अमलाई*


अज्ञात नवजात शिशु का मिला शव, रेत तस्करी में बिना नम्बर की मेटाडोर जप्त


अनूपपुर

अनूपपुर नगर के बस स्टैंड में स्थित सुलभ कांप्लेक्स में एक अज्ञात तत्काल का पैदा हुआ नवजात शिशु बालक मृत स्थिति होने पर पुलिस ने बरामद किया। कोतवाली पुलिस अनूपपुर को सूचना मिली कि अनूपपुर नगर के बस स्टैंड में स्थित सुलभ कांप्लेक्स के शौचालय में एक नवजात शिशु मृत स्थिति में है। पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर अज्ञात नवजात शिशु बालक के शव को कब्जे में लेकर जिला चिकित्सालय के शव परीक्षण कक्ष के फ्रीजर में सुरक्षित रखाते हुए अज्ञात महिला एवं अन्य आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से खोजबीन कर रही है इस बीच रविवार की दोपहर पुलिस के द्वारा नवजात शिशु बालक के शव का ड्यूटी डॉक्टर संजय सिंह से शव परीक्षण करवा कर नगरपालिका अनूपपुर के उपयंत्री बृजेश पांडेय,स्वच्छता निरीक्षक बृजेश मिश्रा के सौजन्य से जेसीबी से  सोननदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम में कोतवाली थाना अनूपपुर के आरक्षक अमित यादव,पुलिस सहायता केंद्र जिला चिकित्सालय अनूपपुर के आरक्षक आशीष तिवारी,अनूपपुर नगर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल,महेश प्रसाद रौतेल,गोपाल प्रसाद राठौर की उपस्थिति में मृत नवजात शिशु के शव को कफन से ढक कर फूल,अगरबत्ती अर्पित करते हुए सामाजिक रीति रिवाज अनुसार अंतिम संस्कार किया।

*बिना नंबर की मेटाडोर जब्त*


अनूपपुर 

जिले में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बिना नंबर की डग्गी वाहन को जब्त किया है। लंबे समय से मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे क्षेत्रों में अवैध रेत परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के बाद खनिज विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया, जिसमें एक संदिग्ध डग्गी वाहन रेत का परिवहन करते हुए पकड़ा गया।

रात बिजुरी क्षेत्र में चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान खनिज निरीक्षक ईशा वर्मा ने बिना नंबर की डग्गी वाहन को रोककर जांच की। पूछताछ में चालक ने वाहन मालिक का नाम अमन पांडे, निवासी डोला बताया, लेकिन वाहन से संबंधित वैध दस्तावेज और ई-ट्रांजिट पास (ईटीपी) प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में रेत परिवहन पूरी तरह अवैध पाए जाने पर खनिज अमले ने तत्काल वाहन को जब्त कर रामनगर थाना की अभिरक्षा में सौंप दिया।

कार्रवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वाहन पर नंबर प्लेट तक नहीं लगी थी। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बिना नंबर का वाहन सड़कों पर कैसे दौड़ रहा था? स्थानीय लोगों का कहना है कि नंबर प्लेट का न होना यह संकेत देता है कि वाहन लंबे समय से अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा होगा और पहचान छिपाने के उद्देश्य से नंबर नहीं लगाया गया होगा।

ससुर ने बहू के साथ किया गाली गलौच, डंडे से हमला करने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मामला 


अनूपपुर/कोतमा

कोतमा थाना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत गोविंदा कॉलोनी  में घरेलू विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। बहू द्वारा गाली-गलौज का विरोध करने पर ससुर द्वारा डंडे से हमला किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

माया यादव (35 वर्ष), पति रामप्रसाद यादव, निवासी वार्ड क्रमांक 12 गोविंदा कॉलोनी, थाना कोतमा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपने पति और बच्चों के साथ अलग आवास में निवास करती है, जबकि उसके ससुर एवं देवर अलग मकान में रहते हैं। उसका पति रामप्रसाद यादव घर के बाहर अपने पिता रतूलाल यादव के साथ बैठा हुआ था। इसी दौरान घरेलू बात को लेकर कथित रूप से ससुर रतूलाल यादव अचानक नाराज हो गए और गाली-गलौज करने लगे।

आरोप है कि जब पीड़िता ने इसका विरोध करते हुए गाली देने से मना किया तो ससुर ने हाथ में रखे लकड़ी के डंडे से उस पर हमला कर दिया। इस हमले में महिला के हाथ, गाल और सिर पर गंभीर चोटें आईं तथा सिर से खून बहने लगा। घटना के दौरान उसे जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पीड़िता ने डायल-112 की सहायता से थाना कोतमा पहुंचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी ससुर रतूलाल यादव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 115(2), 351(2) एवं अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

 सार्वजनिक तालाब पाटने, पेड़ों को नुकसान पहुंचाने जेसीबी जब्ती के बाद छोड़े जाने पर उठे सवाल


अनूपपुर/कोतमा

कोतमा नगर के वार्ड  क्रमांक 07 मे स्थित नेशनल हाईवे-43 के समीप स्थित सार्वजनिक तालाब क्षेत्र में मिट्टी भराव किए जाने तथा तालाब की मेड़ पर लगे फलदार एवं इमारती वृक्षों को नुकसान पहुंचाए जाने के आरोपों ने क्षेत्र में व्यापक चर्चा छेड़ दी है। ग्रामीणों, स्थानीय नागरिकों एवं पर्यावरण संरक्षण से जुड़े लोगों ने मामले को सार्वजनिक हित, जल संरक्षण और पर्यावरण सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय बताते हुए निष्पक्ष जांच, जिम्मेदारी तय करने तथा दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की मांग की है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मीरा वर्मन की भूमि के समीप स्थित सार्वजनिक तालाब क्षेत्र में जेसीबी मशीन की सहायता से मिट्टी डालकर भराव कार्य किए जाने की सूचना सामने आई। ग्रामीणों का आरोप है कि इस दौरान तालाब की मेड़ पर वर्षों से खड़े फलदार एवं इमारती वृक्षों को नुकसान पहुंचाया गया अथवा उखाड़ दिया गया। स्थान लोगों का कहना है कि इस प्रकार की गतिविधियां सार्वजनिक जल स्रोतों और हरित क्षेत्र को प्रभावित करती हैं, जिससे पर्यावरणीय संतुलन और जल संरक्षण व्यवस्था पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

घटना की जानकारी मिलने पर ग्रामीणों ने प्रशासन को सूचना दी। सूचना के बाद प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा और स्थल का निरीक्षण किया। तहसीलदार कोतमा दशरथ सिंह के अनुसार, तालाब क्षेत्र में मिट्टी भराव की सूचना मिलने पर कार्य में प्रयुक्त जेसीबी मशीन को जब्त कर आवश्यक निर्देश दिए गए। मशीन को थाने में खड़ा कराया गया। बाद में जेसीबी मशीन छोड़े जाने को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी और सवाल खड़े हो गए हैं।

इनका कहना है।

मीरा बर्मन की भूमि पर तालाब मिट्टी से पाटा जा रहा था मौके से प्रयुक्त जेसीबी मशीन जप्त कर हिदायत देकर छोड़ दिया गया।

*दशरथ सिंह, तहसीलदार कोतमा*

सिद्ध बाबा पहाड़ी में एकादशमुखी हनुमान मंदिर का प्रथम वार्षिकोत्सव संपन्न, हजारों श्रद्धालुओं ने लिया आशीर्वाद


अनूपपुर

नगर परिषद बरगवां के अमलाई वार्ड क्रमांक 5 स्थित सिद्ध बाबा पहाड़ी पर विराजमान श्री एकादशमुखी संकटमोचन हनुमान मंदिर का प्रथम वार्षिकोत्सव शुक्रवार को श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र सहित आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और भगवान हनुमान के दर्शन कर पूजा-अर्चना की।

कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल विशेष पूजन-अर्चन से हुई। इसके बाद श्रद्धालुओं द्वारा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ एवं सुंदरकांड पाठ का आयोजन किया गया। पूरे मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा तथा जय श्रीराम और जय बजरंगबली के उद्घोष गूंजते रहे।

वार्षिकोत्सव के अवसर पर मंदिर में विराजमान एकादशमुखी हनुमान जी का विशेष श्रृंगार एवं महाआरती की गई। श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। आयोजन के दौरान सैकड़ों श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।

आयोजन समिति के सदस्यों ने बताया कि सिद्ध बाबा पहाड़ी स्थित यह मंदिर क्षेत्र की आस्था का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है। प्रथम वार्षिकोत्सव में मिले जनसमर्थन और श्रद्धालुओं की उपस्थिति से समिति उत्साहित है तथा भविष्य में भी धार्मिक एवं सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता रहेगा।

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोपी गिरफ्तार, चोरी के मामले में आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

थाना बिजुरी पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वर्ष 2025 से फरार चल रहे दुष्कर्म के आरोपी को पुलिस टीम ने लगातार पीछा करते हुए दीगर राज्य उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है।

माह अक्टूबर 2025 में पीड़िता (निवासी जिला शहडोल) ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपी बाँबी सिंह पिता धर्मपाल सिंह (उम्र 19 वर्ष, निवासी मोहाड़ा दफाई, बिजुरी / मूल निवासी- जिला औरेया, उत्तर प्रदेश) ने उसे शादी का झांसा देकर प्रेम जाल में फंसाया। सितंबर 2025 में आरोपी उसे बिजुरी स्थित अपने किराए के कमरे पर ले गया और तीन दिनों तक उसका शारीरिक शोषण (बलात्कार) किया, जिसके बाद वह मुकर कर फरार हो गया। थाना बिजुरी में आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया था।

घटना के बाद से ही शातिर आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए उत्तर प्रदेश भाग गया था और लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में थाना प्रभारी बिजुरी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम द्वारा तकनीकी साक्ष्यों एवं साइबर सेल की मदद से आरोपी को घेराबंदी कर गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

*चोरी का फरार चोरी के आरोपी को गिरफ्तार*


अनूपपुर जिले के थाना भालूमाड़ा पुलिस द्वारा अप.क्र. 190/2025 धारा 331(4), 305(ए), 324(4) बीएनएस के आरोपी बहादुर प्रसाद यादव पिता नंदू यादव उम्र 27 वर्ष निवासी ग्राम दारसागर थाना भालूमाडा जिला अनूपपुर मे चोरी की घटना के बाद लगातार एक वर्ष से फरार चल रहा था, जिसे थाना प्रभारी उमेश उपाध्याय के कुशल नेतृत्व में भालूमाडा पुलिस टीम के द्वारा दबिस देकर आरोपी को दारसागर से गिरफ्तार किया गया, जिसके कब्जे से चोरी के 15 बोरी सीमेंट जप्त किया जाकर आरोपी को जे.आर. पर न्यायालय कोतमा पेश किया गया।

बढ़ती महंगाई, भ्रष्टाचार और नीट घोटाले को लेकर में आप का, विरोध प्रदर्शन व हल्लाबोल


अनूपपुर

भारतीय जनता पार्टी की सरकार में व्याप्त भ्रष्टाचार, तानाशाही, पेपर लीक और महंगाई के खिलाफ आम आदमी पार्टी जिला इकाई अनूपपुर द्वारा आज जिला मुख्यालय में हल्लाबोल विरोध प्रदर्शन किया गया। अमरकंटक चौक से प्रारंभ होकर शंकर मंदिर चौक होते हुए, इंदिरा तिराहा तक निकाले गए मार्च में सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन के बाद आम आदमी पार्टी के पदाधिकारियों ने भाजपा सरकार को आड़े हाथ लेते हुए कहा की महंगाई और भ्रष्टाचार से पूरा देश परेशान है। तहसील से थाने तक बिना रिश्वत के कोई काम नहीं होता। भाजपा सरकार ने जनता को लूटने का लाइसेंस दे रखा है। मोदी सरकार जनता के साथ धोखा कर रही है, आने वाले समय में जनता मुंहतोड़ जवाब देगी। गैस का दाम 1180 रुपये, पेट्रोल-डीजल सौ पार और बिजली 8.35 रुपये प्रति यूनिट पहुंच गई है। गरीब की थाली से दाल-सब्जी गायब हो गई है। आने वाले समय में जनता इस तानाशाही का जवाब देगी। उन्होंने बिजुरी नाबालिग मामले में थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित करने की मांग की।

नीट घोटाले पर हमला बोलते हुए कहा कि नीट का पेपर 30 लाख में बिका है। मध्यप्रदेश व्यापमं से लेकर नीट तक हर परीक्षा में घोटाला हुआ है। इसकी उच्च स्तरीय सीबीआई जांच होनी चाहिए और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए। युवाओं का भविष्य बर्बाद किया जा रहा है।

जिले की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा की बिजुरी में नाबालिग के मामले में पुलिस की भूमिका संदिग्ध है। रेत-कोयला माफिया को पुलिस का संरक्षण प्राप्त है। आप ने मांग की है की नीट व पटवारी घोटाले की जांच हो। गैस सिलेंडर 450 रुपये व 200 यूनिट बिजली फ्री की जाए। किसानों को खाद-बीज आधे दाम पर उपलब्ध कराया जाए।   बिगड़ती कानून व्यवस्था पर रोक लगाई जाए। बिजुरी के थाना प्रभारी को तत्काल निलंबित किया जाए।

कोयले का बड़ा खेल, कर्मचारियों की मिलीभगत से रोड सेल स्टॉक में रोजाना हो रही “छंटाई”, करोड़ों का नुकसान 

*एसईसीएल हसदेव क्षेत्र अंतर्गत राजनगर ओसीएम का मामला*


अनूपपुर/राजनगर

एसईसीएल हसदेव क्षेत्र अंतर्गत राजनगर ओसीएम के रोड सेल स्टॉक में कोयले की खुली “छंटाई” और कथित अवैध खेल का मामला अब गंभीर रूप लेता जा रहा है। आरोप है कि यहां रोजाना प्राइवेट मजदूरों से कोयले के बड़े-बड़े टुकड़ों की अलग छंटाई कराकर चुनिंदा ट्रांसपोर्टरों और कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, जबकि एसईसीएल को हर महीने करोड़ों रुपए का नुकसान उठाना पड़ रहा है।

सबसे गंभीर आरोप यह है कि यह पूरा खेल बिना कुछ एसईसीएल कर्मचारियों और स्थानीय प्रबंधन की जानकारी के संभव ही नहीं है। सूत्रों के अनुसार यार्ड में ट्रांसपोर्टरों के आदमी खुद खड़े होकर मजदूरों से कोयले की “छटाई” करवाते हैं और बाद में बड़े कोयले को अलग वाहनों में भरवाया जाता है। वहीं सामान्य ट्रांसपोर्टरों को डस्टयुक्त और कम गुणवत्ता वाला कोयला थमा दिया जाता है।

*“पैसा दो, अच्छा कोयला लो” — यार्ड में चल रहा कथित खेल*

स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि जो लोग कथित रूप से अलग से रकम देते हैं, उन्हें बड़े और बेहतर गुणवत्ता वाले कोयले की सप्लाई कराई जाती है। जबकि पैसे नहीं देने वालों के वाहनों में डस्ट और खराब कोयला भर दिया जाता है। यार्ड में “लोडिंग सेटिंग” और “चकू से लोडिंग” के नाम पर अवैध वसूली की भी चर्चा जोरों पर है।

मौके से सामने आई तस्वीरें कई सवाल खड़े कर रही हैं। फोटो में साफ दिखाई दे रहा है कि भारी वाहनों के बीच कोयले के बड़े ढेर अलग-अलग किए गए हैं और मशीनों के जरिए चुनिंदा कोयले की लोडिंग की जा रही है। सवाल यह है कि यदि यह सब नियमों के विरुद्ध है तो आखिर जिम्मेदार अधिकारियों की नजर अब तक इस पर क्यों नहीं पड़ी?

*करोड़ों का नुकसान, फिर भी चुप्पी क्यों?*

जानकारों का कहना है कि यदि रोजाना इसी तरह बड़े कोयले की अलग छंटाई कर निजी कंपनियों को फायदा पहुंचाया जा रहा है, तो इससे एसईसीएल को हर महीने करोड़ों रुपए के राजस्व का नुकसान हो सकता है। इसके बावजूद अब तक किसी बड़ी कार्रवाई का सामने न आना कई तरह के संदेह पैदा कर रहा है।

*मैनेजर ने झाड़ा पल्ला*

जब इस पूरे मामले में राजनगर सवेरिया मैनेजर धर्मेंद्र रघुवंशी से बात की गई तो उन्होंने कहा “इस तरह की कोई छंटाई नहीं कराई जाती। अगर कोई ऐसा करता पाया गया तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।”

हसदेव क्षेत्र के जीएम बिश्नोई ने कहा “यदि इस तरह की गतिविधियां हो रही हैं तो यह गलत है। अगर इसमें एसईसीएल कर्मचारी शामिल पाए जाते हैं तो निश्चित रूप से कार्रवाई की जाएगी।”

*बड़ा सवालआखिर किसके संरक्षण में चल रहा पूरा नेटवर्क?*

अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर राजनगर ओसीएम के रोड सेल स्टॉक में यह पूरा खेल किसके संरक्षण में चल रहा है? यदि मौके पर खुलेआम मजदूरों से कोयले की छंटाई हो रही है, ट्रांसपोर्टरों के लोग मौजूद रहते हैं और बड़े कोयले को अलग वाहनों में भरवाया जा रहा है, तो जिम्मेदार अधिकारी अब तक अनजान कैसे हैं? यदि एसईसीएल प्रबंधन ने समय रहते निष्पक्ष जांच नहीं कराई तो यह मामला आने वाले दिनों में बड़े कोयला घोटाले का रूप ले सकता है।

 ट्रांसपोर्टरों का फूटा गुस्सा, HRC और ओमसांई कंपनी पर शोषण, अवैध ओवरलोडिंग व मनमानी का आरोप

*स्थानीय मोटर मालिकों ने खोला मोर्चा, कहा अब नहीं सहेंगे अत्याचार, ट्रांसपोर्टरो ने किया आंदोलन का शुभारंभ*


अनूपपुर

मोजर बेयर पावर प्लांट में फ्लाई ऐश परिवहन का ठेका संभाल रही HRC कंपनी एवं ओमसाई कंपनी के खिलाफ स्थानीय मोटर मालिकों और ट्रांसपोर्टरों का गुस्सा अब खुलकर सड़क पर आने लगा है। लंबे समय से कथित शोषण, मनमानी नियम, कम भाड़ा, भुगतान में देरी, डीजल संकट और ब्लैकलिस्टिंग जैसी समस्याओं से परेशान ट्रांसपोर्टरों ने अब आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया है। सोमवार को मां नर्मदा ट्रांसपोर्टर यूनियन के बैनर के तले ट्रांसपोर्टर में आंदोलन शुभारंभ कर दिया है।

स्थानीय मोटर मालिकों का आरोप है कि दोनों कंपनियां बाहरी वाहनों को संरक्षण देकर स्थानीय वाहन मालिकों को प्रताड़ित कर रही हैं। ट्रांसपोर्ट यूनियन ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो उग्र आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी कंपनी प्रबंधन की होगी।

*15-15 दिन में हो भुगतान, नहीं तो खड़ी हो जाएंगी गाड़ियां*

ट्रांसपोर्टरों की सबसे बड़ी मांग है कि पेमेंट मोड 15-15 दिवस के भीतर सुनिश्चित किया जाए, ताकि वाहन मालिक समय पर गाड़ियों की किश्त, टैक्स, ड्राइवर का वेतन और अन्य खर्च चुका सकें। उनका कहना है कि महीनों तक भुगतान लटकाने से मोटर मालिक आर्थिक रूप से बर्बाद हो रहे हैं। यूनियन का कहना है कि डीजल की बढ़ती कीमतों और लगातार हो रहे खर्च के बीच बिना समय पर भुगतान के वाहन संचालन असंभव हो गया है।

*डीजल संकट से परेशान ट्रांसपोर्टर, नगद खर्च से टूट रही कमर*

मोटर मालिकों ने आरोप लगाया कि डीजल की समस्या के कारण उन्हें प्रतिदिन नगद भुगतान कर डीजल खरीदना पड़ रहा है। कंपनियां पर्याप्त डीजल व्यवस्था नहीं कर पा रही हैं, जिससे वाहन मालिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।

यूनियन ने स्पष्ट मांग रखी है कि डीजल प्वाइंट की समस्या तत्काल खत्म की जाए और जितना डीजल गाड़ियों में लगे उसका “डबल भाड़ा” दिया जाए, क्योंकि मौजूदा दरों में वाहन संचालन घाटे का सौदा बन चुका है।

*अंडरलोड” के नाम पर नया खेल*

ट्रांसपोर्टरों ने मांग की है कि सभी गाड़ियां अंडरलोड चलाई जाएं और अंडरलोड का भाड़ा 330 रुपये प्रति टन तय किया जाए। उनका कहना है कि कंपनी एक तरफ ओवरलोडिंग रोकने की बात करती है, दूसरी तरफ कम भाड़े में गाड़ियों को मजबूरन चलवाया जा रहा है। स्थानीय वाहन मालिकों का आरोप है कि बाहरी गाड़ियों को फायदा पहुंचाने के लिए स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक रूप से कमजोर किया जा रहा है।

*फ्लाई ऐश भाड़ा दर में 30 प्रतिशत बढ़ोतरी की मांग*

यूनियन ने साफ कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों में फ्लाई ऐश परिवहन की मौजूदा दर पूरी तरह अव्यवहारिक हो चुकी है। डीजल, टायर, पार्ट्स और मजदूरी की लागत लगातार बढ़ रही है, इसलिए फ्लाई ऐश परिवहन दर में कम से कम 30 प्रतिशत वृद्धि की जाए।

ट्रांसपोर्टरों का कहना है कि कंपनियां करोड़ों का मुनाफा कमा रही हैं लेकिन स्थानीय वाहन मालिकों को उनका उचित हक नहीं दिया जा रहा।

*“ओमसांई” को हरद क्षेत्र में साइट देने की मांग*

यूनियन ने यह भी मांग उठाई है कि ओमसाई कंपनी को हरद क्षेत्र के मिनी OCM-1 में साइट उपलब्ध कराई जाए ताकि स्थानीय स्तर पर काम का संतुलन बना रहे और परिवहन संचालन व्यवस्थित हो सके।

*जरूरत से पहले यूनियन को दे सूचना*

ट्रांसपोर्ट यूनियन ने कंपनी प्रबंधन पर मनमानी करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि कंपनी को अतिरिक्त गाड़ियों की आवश्यकता होती है तो कम से कम एक सप्ताह पहले यूनियन को सूचित किया जाए। इसके बाद यूनियन प्रस्ताव तैयार कर सहमति के आधार पर गाड़ियां उपलब्ध कराएगी। नेताओं का कहना है कि कंपनियां अचानक बाहरी गाड़ियां लगाकर स्थानीय ट्रांसपोर्टरों के रोजगार पर हमला कर रही हैं।

*डंपिंग प्वाइंट पर उड़ रही राख, सड़कें बदहाल*

मोटर मालिकों ने डंपिंग प्वाइंट की बदहाल व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि डंपिंग स्थल पर पानी का छिड़काव नहीं होने से फ्लाई ऐश उड़कर आसपास के क्षेत्र में प्रदूषण फैला रही है।इसके साथ ही ट्रांसपोर्टरों ने खराब सड़कों की तत्काल मरम्मत की मांग उठाई है। उनका कहना है कि जर्जर रास्तों के कारण वाहन तेजी से खराब हो रहे हैं और दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बढ़ रहा है।

“ओवर स्पीड” के नाम पर वसूली और ब्लैकलिस्टिंग का आरोप

यूनियन ने कंपनी प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि मनमाने तरीके से “ओवर स्पीड” का चार्ज वसूला जा रहा है और छोटी-छोटी बातों पर गाड़ियों को ब्लैकलिस्ट किया जा रहा है। ट्रांसपोर्टरों ने चेतावनी दी है कि कंपनी बिना यूनियन की सहमति के कोई नया नियम लागू न करे। यदि कोई नया नियम बनाया जाता है तो पहले यूनियन को अवगत कराया जाए और सहमति के बाद ही उसे लागू किया जाए।

*अवैध गाड़ियों की एंट्री पर उठे सवाल*

सबसे बड़ा सवाल उन गाड़ियों को लेकर खड़ा हो गया है जिनके पास कथित रूप से नेशनल परमिट तक नहीं हैं, बावजूद इसके वे धड़ल्ले से ओवरलोड राख लेकर सड़कों पर दौड़ रही हैं।

स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का आरोप है कि नियमों की धज्जियां उड़ाने वाली ऐसी गाड़ियों को आखिर कंपनी प्रबंधन किस आधार पर एंट्री दे रहा है? यदि गाड़ियां दस्तावेजविहीन हैं तो फिर परिवहन विभाग और कंपनी प्रबंधन की भूमिका भी जांच के घेरे में आती है।यूनियन नेताओं का कहना है कि एक तरफ स्थानीय वाहन मालिकों पर सख्ती दिखाई जाती है, दूसरी तरफ बाहरी और कथित अवैध गाड़ियों को खुली छूट दी जा रही है।

*प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग*

ट्रांसपोर्टरों ने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।

स्थानीय मोटर मालिकों का कहना है कि यह सिर्फ भाड़े का मामला नहीं बल्कि उनके अस्तित्व और रोजगार का सवाल है। कंपनियों की मनमानी से सैकड़ों परिवारों की रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है। धरना प्रदर्शन के दौरान सैकड़ो ट्रांसपोर्टर उपस्थित रहे। शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन  उपस्थित रहा। मां नर्मदा ट्रांसपोर्टर यूनियन के तत्वाधान में आयोजित धरना प्रदर्शन में प्रमुख रूप से भारतीय जनता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष अनिल कुमार गुप्ता, नगर पालिका परिषद पषाण के अध्यक्ष राम अवध सिंह, यूनियन के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह, नगर परिषद बरगवां के उपाध्यक्ष डॉ राज तिवारी, धीरेंद्र सिंह, देवी सिंह सेंगर, कैलाश मरावी, नरेश नापित, सिद्धार्थ सिंह राजा, चंदू राठौर, प्रशांत त्रिपाठी आदि ने अपने विचार व्यक्त करते हुए मोजरवेयर पावर कंपनी की मनमानी एवं बाहर से आए वेंडरों के विरुद्ध अपनी आवाज बुलंद की। मंच का सफल संचालन वीरेंद्र सिंह चौहान ने किया।

पशु चोरी के मामले में आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार, तीन नग बैल जब्त


अनूपपुर

कोतवाली अनूपपुर पुलिस द्वारा ग्राम करहीवाह में कृषक टीकम कोल के घर के सामने बंधे हुए तीन नग बैल चोरी के मामले में, तत्परता पूर्वक कार्यवाही करते हुए, पशु चोरी के आरोपी भारत सिहं गोड़ निवासी ग्राम ठेही थाना जैतहरी अनूपपुर को गिरफ्तार कर चोरी किये तीन नग बैल को बरामद किया है।

कृषक टीकम कोल पिता मण्डल कोल उम्र 56 वर्ष निवासी ग्राम करहीवाह अनूपपुर के द्वारा थाना कोतवाली अनूपपुर में पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि, रात में उसके घर के बाहर बंधे हुए तीन नग बैल कीमत लगभग 45, 000 रूपये को कोई अज्ञात व्यक्ति द्वारा चोरी कर लिया गया है, जिस पर थाना कोतवाली अनूपपुर में अपराध क्रमांक 307/26 धारा 303(2) बी.एन.एस. पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

पुलिस टीम द्वारा पशु चोर की पतासाजी की जाकर भारत सिहं गोड़ पिता जयहिन्द सिहं गोड़ उम्र करीब 25 साल निवासी ग्राम ठेही थाना जैतहरी अनूपपुर से चोरी किये गये तीन नग बैल बरामद कर, आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस द्वारा गिरफ्तार पशु चोर भारत सिहं गोड़ अन्य पशुओ की चोरी के मामले में पूछताछ की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी भारत सिहं गोड़ के विरूद्ध पूर्व से ही थाना राजेन्द्रग्राम में आपराधिक प्रकरण दर्ज है।

तेज आंधी से गिरा विशाल फ्लेक्स बोर्ड, बाल-बाल बचे लोग, अवैध व जर्जर होर्डिंग से हो सकता हैं बड़ा हादसा


*घटना घटी तो कौन होगा जिम्मेदार*

अनूपपुर/कोतमा

नगर में अनियंत्रित तरीके से लगाए गए जर्जर फ्लेक्स बोर्ड और होर्डिंग अब आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बनते जा रहे हैं। गुरुवार दोपहर तेज आंधी-तूफान के दौरान स्टेशन चौक स्थित दीनदयाल शॉपिंग कॉम्प्लेक्स में लगा एक विशाल फ्लेक्स बोर्ड अचानक टूटकर सड़क पर गिर पड़ा। घटना के समय क्षेत्र में लोगों की आवाजाही जारी थी। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, अन्यथा जनहानि से इंकार नहीं किया जा सकता था। फ्लेक्स गिरने के बाद कुछ समय के लिए क्षेत्र में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल निर्मित हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार फ्लेक्स बोर्ड गिरते समय सड़क किनारे बैठी एक महिला सब्जी विक्रेता उसकी चपेट में आने से बाल-बाल बच गई। फ्लेक्स के साथ लगे लोहे के पाइप और अन्य हिस्से सड़क पर बिखर गए, जिससे कुछ समय तक आवागमन प्रभावित रहा। स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति संभाली और राहगीरों को सुरक्षित स्थानों की ओर हटाया। घटना के बाद क्षेत्र में मौजूद लोगों में नगर की सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी भी देखी गई।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नगर के विभिन्न बाजार क्षेत्रों, प्रमुख चौराहों और व्यावसायिक परिसरों में लंबे समय से कई पुराने एवं जर्जर फ्लेक्स बोर्ड और होर्डिंग लगे हुए हैं। इनकी नियमित जांच, रखरखाव और सुरक्षा मानकों की निगरानी प्रभावी तरीके से नहीं होने के कारण ऐसे हादसों की आशंका लगातार बनी रहती है। विशेषकर तेज हवा, आंधी और बारिश के दौरान ये फ्लेक्स बोर्ड कभी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकते हैं।

नागरिकों ने आरोप लगाया कि नगर क्षेत्र में अवैध रूप से लगाए गए कई होर्डिंग और फ्लेक्स बोर्डों के विरुद्ध समय-समय पर प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। लोगों का कहना है कि बिना सुरक्षा मानकों का पालन किए सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए बड़े फ्लेक्स और होर्डिंग भविष्य में किसी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। इस मामले में जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन एवं संबंधित विभागों की मानी जा रही है। स्थानीय नागरिकों ने मांग की है जल्द अवैध व जर्जर बोर्ड हटाए।

नर्मदा पुष्कर बांध में मजदूर डूबा हुई मौत, घायल कबूतर का वन्य जीव संरक्षक ने कराया इलाज


 अनूपपुर

प्रमुख पर्यटन स्थल एवं धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थ नगरी अमरकंटक स्थित नर्मदा नदी के प्रथम पुष्कर बांध में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में वार्ड क्रमांक 2 बराती निवासी 45 वर्षीय सुरेश सिंह धुर्वे की डूबने से मृत्यु हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में शोक एवं सनसनी का माहौल बना हुआ है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार मृतक सुरेश सिंह धुर्वे पिता नर्बद लाल सिंह धुर्वे गुरुवार सुबह लगभग नौ दस बजे के बीच घर से इंडियन गैस एजेंसी में गैस सिलेंडर ट्रक खाली कराने के कार्य के लिए निकला था। घर से निकलते समय उसने अपनी भाभी से कहा था कि वह कुछ पैसे कमाकर शीघ्र वापस लौट आएगा। कार्य समाप्त करने के बाद वह मोटरसाइकिल से नर्मदा पुष्कर बांध पहुंचा और नहाने के उद्देश्य से बांध के किनारे अपने कपड़े एवं चप्पल उतारकर पानी में उतर गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार सुरेश सिंह धुर्वे ने बांध की पटरी से गहरे हिस्से की ओर कूदा। वहां मौजूद लोगों ने उसे  मना भी किया, लेकिन उसने उनकी बात अनसुनी कर पानी में छलांग लगा दी। कुछ देर बाद जब वह पानी से बाहर नहीं निकला तो आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाते हुए बचाव का प्रयास किया।

बताया जा रहा है कि जिस स्थान पर वह डूबा, वहां पानी की गहराई लगभग 35 से 40 फीट है। अत्यधिक गहराई होने के कारण स्थानीय तैराकों एवं गोताखोरों ने अंदर जाने से मना कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन घटनास्थल पर पहुंच गया तथा अनूपपुर जिला पुलिस बल से एसडीआरएफ के गोताखोरों को बुलाया गया। घटना के बाद पुष्कर बांध तट पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई।

*घायल कबूतर का वन्यजीव संरक्षक ने कराया उपचार*

अनूपपुर जिला मुख्यालय के नए तहसील परिषर के अभिभाषक कक्ष में पंखा से टकरा जाने पर एक कबूतर के घायल होने की सूचना पर, वन्यजीव संरक्षक अनूपपुर द्वारा कबूतर को अपनी आभिरक्षा में रखकर पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारियों से उपचार कराते हुए निगरानी में रखने हेतु अपने प्रतिष्ठान में सुरक्षित रखते हुए कबूतर के खाने,पीने की व्यवस्था की, घायल कबूतर के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार आ रहा है।

नगर पालिका परिषद अनूपपुर के पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता रामखेलावन राठौर ने जिला मुख्यालय अनूपपुर के वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल को सूचना दी की, नवीन तहसील परिसर के अधिवक्ता कक्ष में खिड़की से उड़कर दूसरी ओर जा रहा एक कबूतर पंखा के ब्लेड से टकराकर घायल स्थिति में जमीन में पड़ा है। सूचना पर वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल अपने सहयोगी सर्पपहरी छोटेलाल यादव एवं मोहन सिंह के साथ स्थल पर पहुंचकर गंभीर रूप से घायल कबूतर को अपनी अभिरक्षा में लेकर कृत्रिम गर्भाधान केंद्र पसला में पदस्य पशु चिकित्सा क्षेत्राधिकारी से इलाज करवाया, पंखा के ब्लेड से टकराने पर दोनों पंखो में एवं शरीर के अन्य स्थलो पर गंभीर चोट से पीड़ित कबूतर को श्री अग्रवाल ने अपने प्रतिष्ठान में कबूतर को रखकर पानी एवं खाना की सामग्री की व्यवस्था की। कुछ घंटे बाद गंभीर रूप से घायल कबूतर के सही समय पर उचित उपचार हो जाने पर स्वास्थ्य में कुछ सुधार आने से वह स्वयं पानी पीते हुए पका हुआ चावल एवं चावल की कनकी के दानों को खाकर उदर पोषण करते हुए प्रतिष्ठान के अंदर विचरण कर रहा है।


शराब बिक्री व्यवस्था पर सवाल, प्रिंट रेट से अधिक बिक्री और कथित पैकारी की शिकायतों पर जांच की मांग


अनूपपुर 

कोतमा क्षेत्र में शराब बिक्री व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों के बीच असंतोष और चिंता बढ़ती दिखाई दे रही है लोगों ने आरोप लगाया है कि कुछ स्थानों पर निर्धारित प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब बेचे जाने के साथ-साथ आसपास के मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों तक कथित रूप से पैकारी (अनधिकृत पुनर्विक्रय) के माध्यम से शराब पहुंचाए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और मामले की आधिकारिक जांच होना शेष है।

स्थानीय लोगों के अनुसार कोतमा, कोतमा हाईवे क्षेत्र, झिरियाटोला, राजनगर मार्केट, निगवानी, चाका, खामरोध, बेलिया फाटक, गोविंदा, श्रमिक नगर  सेमरिया चौराहा सहित कई क्षेत्रों में शराब की उपलब्धता को लेकर लोगों ने चिंता व्यक्त की है नागरिकों का कहना है कि यदि नियमों के विपरीत बिक्री और पुनर्विक्रय की गतिविधियां हो रही हैं तो इसका असर सामाजिक माहौल और जनजीवन पर पड़ सकता है।

क्षेत्र की महिलाओं और परिवारों ने भी इस विषय को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि सार्वजनिक स्थलों और आवासीय क्षेत्रों के आसपास अनुशासित वातावरण बना रहना चाहिए। कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि सुबह के समय गांवों और मोहल्लों में शराब की उपलब्धता को लेकर लोगों में चर्चा और चिंता बढ़ रही है।

स्थानीय स्तर पर यह मांग भी उठ रही है कि शराब दुकानों पर निर्धारित दरों का पालन सुनिश्चित कराया जाए और यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई की जाए। लोगों का कहना है कि नियमों का पालन और सामाजिक संतुलन दोनों समान रूप से आवश्यक हैं। शराब दुकान का संचालन ठेकेदार वीरेंद्र कुमार राय के नाम से किया जा रहा है। नागरिकों ने जिला प्रशासन, पुलिस और आबकारी विभाग से कार्यवाही कि मांग की है। 

इनका कहना है।

क्षेत्र में लल्लू प्रकाश सहित कुछ लोगों के माध्यम से गांवों में सुबह के समय शराब पहुंचाए जाने की शिकायतें स्थानीय स्तर पर सामने आ रही हैं। मामले की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए और नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

*मित्तल महरा स्थानीय शिकायतकर्ता*

यदि कोतमा शराब दुकान से प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर शराब बेची जा रही है तो उस पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। निर्धारित मूल्य से अधिक बिक्री नहीं होने दी जाएगी। यदि पैकारी की शिकायतें प्राप्त होती हैं तो उनकी जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

*कृष्णकांत उईके, आबकारी अधिकारी कोतमा*

फॉरेक्स ट्रेडिंग स्कैम, पैसा दोगुना करने का लालच देकर ठगने वाला मास्टरमाइंड का 'झूठा ऑडियो' हुआ वायरल


अनूपपुर

मध्य प्रदेश सहित पूरे भारतवर्ष में फॉरेक्स मार्केट (Forex Market) के जरिए रातों-रात पैसा दोगुना करने का झांसा देकर बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी करने वाला मास्टरमाइंड उमेश कांति लाल पटेल आखिरकार कानून के शिकंजे में है। गुजरात के अहमदाबाद का रहने वाला यह महाठग वर्तमान में अनूपपुर जेल की सलाखों के पीछे है। हजारों निवेशकों की गाढ़ी कमाई डकारने वाले इस आरोपी ने जब देखा कि उसका भंडाफोड़ होने वाला है, तो उसने निवेशकों को गुमराह करने और समय काटने के लिए एक ऑडियो जारी किया था। निवेशकों का पैसा पूरी तरह डूबने से पहले का यह ऑडियो अब इस बड़े घोटाले में आरोपी की चालाकी का अहम सबूत बन गया है।

ठगी का शिकार हुए निवेशकों का गुस्सा शांत करने और पुलिस शिकायतों से बचने के लिए आरोपी उमेश पटेल ने एक ऑडियो संदेश जारी कर झूठे वादों की झड़ी लगा दी थी। सामने आए इस ऑडियो ट्रांसक्रिप्ट में आरोपी बड़ी ही चालाकी से कहता सुना जा सकता है कि, "काम हमारा बिल्कुल पक्का हो गया है... उनके पास फंड की कोई कमी नहीं है, फंड रेडी है।" अपनी बातों में उलझाने के लिए उसने एक 'तीसरे ग्रुप' की मनगढ़ंत कहानी रची, जो कथित तौर पर सिक्योरिटी (गारंटी) देने वाला था। उसने निवेशकों को यह कहकर बेवकूफ बनाया कि उसके पास अपनी कोई एसेट्स (संपत्ति) नहीं है, इसलिए एक अन्य ग्रुप कागजी कार्रवाई कर रहा है।

आरोपी ने अपने ऑडियो संदेश में कागजी कार्रवाई (पेपर वर्क) और डॉक्यूमेंटेशन का बहाना बनाकर निवेशकों से 10 नवंबर तक धैर्य रखने की मार्मिक अपील की थी। उसने ऑडियो में दावा किया था: "10 तारीख तक पॉसिबिलिटी 100% है कि हमारी तरफ से एक छोटी सी शुरुआत हो जाए... और उसके बाद एक बड़ा फंड भी ये लगा देंगे।" दरअसल, यह निवेशकों को कानूनी कार्रवाई से दूर रखने की एक सोची-समझी चाल थी। वह बार-बार 'प्रोसीजर' और 'लिक्विडिटी' जैसे भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल करके निवेशकों को यह भरोसा दिलाने की कोशिश कर रहा था कि उनका पैसा सुरक्षित है।

उमेश पटेल के 10 नवंबर के वादे के बाद किसी भी निवेशक को एक फूटी कौड़ी वापस नहीं मिली और पूरा सिस्टम क्रैश कर दिया गया। लेकिन निवेशकों का पैसा लेकर फरार होने की उसकी योजना धरी की धरी रह गई। प्रशासन और पुलिस की सख्ती के बाद इस गुजराती ठग को अनूपपुर जिले के वरिष्ठ पत्रकार संतोष चौरसिया की रिपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया है और अब वह अनूपपुर जेल में बंद है।

मोटरसाइकिल की टक्कर से युवक घायल, अज्ञात वाहन से टकराया जंगली सूअर हुई मौत


अनूपपुर

थाना भालूमाड़ा क्षेत्र अंतर्गत ग्राम गोविंदा गांव के पास बीती रात्रि लगभग 10 बजे एक सड़क दुर्घटना में स्कूटी सवार युवक घायल हो गया। घटना के संबंध में थाना भालूमाड़ा पुलिस द्वारा प्रकरण क्रमांक 0272/2026 विधिवत पंजीबद्ध कर मामले की विवेचना प्रारंभ कर दी गई है। घटना के बाद क्षेत्र में कुछ समय के लिए अफरा-तफरी की स्थिति निर्मित हो गई तथा स्थानीय लोगों की भीड़ घटनास्थल पर एकत्र हो गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रिंस सिंह पिता रमाशंकर सिंह, उम्र 18 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 14 भालूमाड़ा, अपने दोस्त विनय साहू की होंडा एक्टिवा स्कूटी (क्रमांक MP65 S 7891) से कोतमा से भालूमाड़ा की ओर जा रहे थे। जैसे ही वे भालूमाड़ा रोड पर पेट्रोल पंप से आगे ग्राम गोविंदा गांव के पास पहुंचे, तभी सामने से आ रही एक मोटरसाइकिल, जिसे कथित रूप से तेज रफ्तार एवं लापरवाहीपूर्वक चलाया जा रहा था, ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के प्रभाव से स्कूटी सवार सड़क पर गिरकर घायल हो गया।

घटना के तुरंत बाद आसपास मौजूद लोगों ने घायल युवक को संभाला और प्राथमिक सहायता उपलब्ध कराई। घायल युवक को उपचार हेतु स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी स्थिति स्थिर बताई जा रही है। मोटरसाइकिल में दो व्यक्ति सवार थे, जिनमें एक का नाम मलखांन सिंह बताया गया है। प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि मोटरसाइकिल अत्यधिक तेज गति में थी, जिसके कारण चालक का नियंत्रण बिगड़ गया और दुर्घटना घटित हुई। सूचना मिलने पर भालूमाड़ा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। 

*अज्ञात वाहन से टकराया जंगली सूअर हुई मौत*


जिला मुख्यालय अनूपपुर से 9 किलोमीटर दूरी स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग 43 भोलगढ गांव के समीप गुरुवार की साम अज्ञात बड़े वाहन की ठोकर से एक जंगली सूअर के टकराने पर सूअर स्थल पर मृत हो गया। वनविभाग द्वारा मृत जंगली सूअर के प्रकरण पर कार्रवाई की है। 

राष्ट्रीय राज्य मार्ग 43 में ग्राम भोलगढ़ के पिंजरहा धार के समीप कुरियारी जंगल की ओर से विचरण कर में सड़क पार कर रहा एक न जंगली सूअर अज्ञात वाहन से टकरा गया, जिसकी स्थल पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना अनूपपुर से कोतमा की ओर जा रहे पत्रकार सुधाकर पयासी द्वारा वन्यजीव संरक्षक शशिधर अग्रवाल को दिए जाने पर शशिधर अग्रवाल द्वारा वन विभाग को सूचित करते हुए स्वयं घटना स्थल पर पहुंचकर भोलगढ वनरक्षक रोहित उपाध्याय एवं सुरक्षा श्रमिकों के साथ मृत जंगली सूअर के शव को वनचौकी भोलगढ़ में लाकर रखते हुए घटना की जानकारी वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को दिया गया। शुक्रवार के दिन डॉ. योगेश चंद्र दीक्षित पशु चिकित्सा अधिकारी अनूपपुर द्वारा पीएम की कार्यवाही किए जाने बाद वन विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उपस्थिति में कफन,फूल एवं अगरबत्ती से मृत जंगली सूअर के शव का दाह संस्कार किया गया।

जनजातीय समुदाय के भूमि पर व्यापारी के कब्जा क्षेत्र व हाथी प्रभावित क्षेत्र का आयोग के अध्यक्ष ने किया दौरा


अनूपपुर

मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने गुरुवार को जिला मुख्यालय अनूपपुर से, 4 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायत पोंडी(मानपुर) के मानपुर गांव में, ग्रामीण जनजातीय समुदाय के पूर्वजों के पट्टे की भूमि एवं शासकीय भूमि पर 50 वर्ष पूर्ण किए गए कब्जा की भूमि पर, विगत एक वर्ष के समय से अनूपपुर की एक बड़े व्यापारी द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से ग्रामीण जनों की भूमि पर कब्जा करके, मानपुर ग्राम मे अनेकों स्थानों पर आरसीसी पोंल खड़ा कर बाउंड्री बाल बनाए जाने, ग्रामीण जनों के पूर्वजों की भूमि पर बनाए गए भवनों पर जबरदस्ती बलपूर्वक कब्जा करने की कोशिश व पुलिस एवं प्रशासन से अनावश्यक दबाव बनाकर ग्रामीणों से मारपीट करने, कई तरह की धमकियां देकर धमकाया जाने से ग्रामीण जन परेशान है। जिसकी शिकायतें मिलने पर जनजाति आयोग के अध्यक्ष रामलाल रौतेल ने गुरुवार की सुबह मानपुर ग्राम पहुंचकर पीड़ित ग्रामीणों से उनकी समस्याएं सुनते हुए ग्रामीणों के बताए जाने पर कब्जा किए गए स्थलो का निरीक्षण करते हुए ग्रामीण जनों को एकजुट रहने प्रशासन से चर्चा कर जल्द ही एक बड़ा शिविर एवं बैठक करने का आश्वासन दिया।

श्री रौतेल अनूपपुर जिले से लगे शहडोल जिले के ग्राम पंचायत रामपुर,गिरवा एवं पड़रिया के क्षेत्र में विगत 10 दिनों से अधिक समय से विचरण कर रहे, एक बिगड़ैल हाथी से प्रभावित ग्रामीण जनों से मुलाकात कर हाथियों द्वारा किए गए मकान एवं अन्य संपत्तियों के नुकसान का स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया। इस दौरान ग्राम पंचायत पड़रिया के बैरिहा गांव निवासी रामसजीवन कोल,संपत कोल के मकानों को कई बार इस हाथी द्वारा तोड़फोड़ कर मकान को पूरी तरह नष्ट कर दिये जाने, गांव में विनोद सिंह बरगाही,बृजेश यादव,हेमराज यादव सहित अन्य ग्रामीणों की संपत्तियों का हाथी द्वारा किए गए नुकसान का निरीक्षण कर पीड़ितों से चर्चा करते हुए शीघ्र ही हाथी को इस इलाके से दूर भेजे जाने की कार्यवाही चलने से अवगत कराते हुए, पीड़ितों को उचित आर्थिक सहायता राशि दिलाए जाने की बात कही, 13 मई की रात ग्राम पंचायत गिरवा के निवासी छोटेलाल सिंह जो अपने गांव स्थित घर से गौशाला की ओर स्थित खेत में बने मकान में हाथी द्वारा हमला कर मृत कर देने उनके ही एक मवेशी को हमला कर मृत कर देने खेत में बने मकान को में तोड़फोड़ कर अंदर रखे विभिन्न तरह के अनाजों को खा लेने की घटना पर, मृतक छोटेलाल सिंह के घर पहुंच कर घटना के संबंध में चर्चा करते हुए दुख व्यक्त किया तथा शासन की योजना अंतर्गत तत्काल सहायता राशि दिए जाने बिगड़ैल हाथी का रेस्क्यू कार्य प्रारंभ होने तत्काल सुरक्षित स्थान पर भेजे जाने की बात कही। श्री रौतेल अपने भ्रमण दौरान ग्राम पंचायत एवं वन बीट रामपुर के बेलिया गांव में वन विभाग द्वारा बनाए गए हाथी के रेस्क्यू कैंप के कंट्रोल रूम स्थल पर पहुंच कर बिगड़ैल हाथी के रेस्क्यू के संबंध में वन परिक्षेत्र अधिकारी केशवाही अंकुर तिवारी से बातचीत की उन्होंने कहा कि क्षेत्र में आतंक का पर्याय बन चुके इस बिगड़ैल हाथी को जल्द ही क्षेत्र के बाहर रेस्क्यू कर ले जाया जाना चाहिए ताकि ग्रामीण जन पूर्व की तरह स्वतंत्र रूप से रह सके।

वरिष्ठ पत्रकार संतोष चौरसिया बने एसईसीएल ओबीसी एसोसिएशन के मीडिया प्रभारी, लोगो ने दी शुभकामनाएं

*30 वर्षों की निष्पक्ष पत्रकारिता और जनसमस्याओं को मुखरता से उठाने का मिला सम्मान*


अनूपपुर

जिले के वरिष्ठ पत्रकार संतोष चौरसिया को ओबीसी कोल इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन द्वारा साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) में संगठन का मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। इस संबंध में एसोसिएशन के राष्ट्रीय महासचिव जय बहादुर सिंह यादव द्वारा नियुक्ति पत्र जारी किया गया। नियुक्ति की सूचना एसईसीएल के सीएमडी, समस्त महाप्रबंधकों सहित कोल इंडिया प्रबंधन तक प्रेषित कर दी गई है।

पत्र में उल्लेख किया गया है कि संतोष चौरसिया संगठन के माध्यम से ओबीसी समाज के सामाजिक, शैक्षणिक एवं आर्थिक विकास से जुड़े मुद्दों को मजबूती से उठाएंगे तथा समाज के लोगों की समस्याओं को प्रबंधन एवं शासन स्तर तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

गौरतलब है कि संतोष चौरसिया पिछले लगभग 30 वर्षों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं। उन्होंने सदैव निष्पक्ष, निर्भीक और जनहितकारी पत्रकारिता को प्राथमिकता दी है। कोयलांचल क्षेत्र से लेकर ग्रामीण अंचलों तक आम लोगों की समस्याओं, मजदूर हित, सामाजिक विसंगतियों और जनसरोकारों से जुड़े मुद्दों को उन्होंने लगातार प्रमुखता से उठाया है। कई बार उनकी खबरों के बाद प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई भी हुई, जिससे आमजन को राहत मिली।

पत्रकारिता जगत में उनकी पहचान एक सजग, ईमानदार और जमीनी पत्रकार के रूप में रही है। समाज के दबे-कुचले एवं जरूरतमंद लोगों की आवाज बनकर शासन-प्रशासन तक उनकी समस्याएं पहुंचाने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। यही कारण है कि उनकी नियुक्ति को संगठन ने समाज के लिए सकारात्मक कदम बताया है।

संतोष चौरसिया की नियुक्ति की खबर सामने आते ही एसईसीएल क्षेत्र, कोयलांचल अंचल एवं सामाजिक संगठनों में खुशी की लहर दौड़ गई। जनप्रतिनिधियों, पत्रकारों, समाजसेवियों, श्रमिक संगठनों, जन प्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों ने उन्हें बधाई देते हुए उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दी हैं। उनके निवास एवं मोबाइल पर लगातार शुभकामनाएं देने वालों का तांता लगा हुआ है।

ओबीसी कोल इम्प्लाइज वेलफेयर एसोसिएशन ने विश्वास जताया है कि संतोष चौरसिया अपने अनुभव, सक्रियता और सामाजिक प्रतिबद्धता के बल पर संगठन को नई मजबूती प्रदान करेंगे तथा समाजहित के मुद्दों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

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