तीन हाथी मटर की फसल को बनाया आहार, लापरवाही पर 6 स्व सहायता समूहो का अनुबंध समाप्त


अनूपपुर

विगत 18 दिन पूर्व आए तीन हाथियों का समूह निरंतर जैतहरी क्षेत्र के धनगवां बीट के जंगल में दिन एवं रात को भी विचरण कर रहे है जो कई दिन बाद गुरुवार शुक्रवार की मध्यरात्रि तीनों हाथी जंगल से निकल कर एक किसान के खेत में लगी मटर की फसल को अपना आहार बनाते हुए सुबह होते ही वापस जंगल जा कर ठहर गए।

विदित है कि तीन हाथियों का समूह 23 दिसंबर की रात छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा को पार कर एक बार फिर से अनूपपुर जिले के जैतहरी इलाके में धनगवां वन बीट के जंगल में निरंतर 18 दिन से दिनो से ठहरे हुए हैं जो विगत कई दिनों से रात के समय भी जंगल में ही रहकर रात बिता रहे हैं लेकिन गुरुवार एवं शुक्रवार की मध्य रात्रि तीनों हाथी धनगवां बीट के कुसुमहाई गांव से लगे झंडीटोला के पास से एक किसान वीरन नापित के खेत में लगे मटर की फसल को अपना आहार बनाते हुए चोई गांव के गोढाटोला एवं धनगवां पंचायत के दर्रीटोला तक विचरण करते हुए शुक्रवार की सुबह होने ही फिर से धनगवां के जंगल में विचरण एवं विश्राम करने चले गए हाथियों के निरंतर विचरण पर वन विभाग द्वारा दो अलग-अलग स्तर पर गश्ती दल तैयार कर ग्रामीणों की मदद से रात भर ग्रस्त करते हुए ग्रामीणों को सतर्क एवं सचेत रहने की बात कह रहे हैं लेकिन जंगल से लगे कुछ गांव के ग्रामीण अपनी दैनिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए हिदायत दिए जाने के बाद भी घनघोर जंगल के मध्य पहुंच रहे हैं जिससे कभी भी किसी भी तरह की अनहोनी घटना घट सकती है हाथियों का समूह दिन के समय स्वतंत्र रूप से एकांत में वन क्षेत्र में विश्राम करते हैं जिन्हें मनुष्य के चलने या उनके रहने की आहट मिलने पर कभी भी आक्रोशित हो कर हमला कर सकते हैं वन विभाग एवं ग्राम पंचायतो के द्वारा ग्रामीणों को दिन के समय जंगल नहीं जाने की हिदायत एक बार फिर से दी गई है।

*लापरवाही पर 6 स्व सहायता समूहो का अनुबंध समाप्त*

अनूपपुर में प्रधानमंत्री पोषण शक्ति निर्माण योजना अंतर्गत शासकीय प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालयों में पीएम पोषण निर्माण संचालन में लापरवाही एवं अनियमितता पाए जाने पर जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी अर्चना कुमारी ने कार्यवाही करते हुए 11 स्कूलों के 6 स्व सहायता समूहो का अनुबंध समाप्त करते हुए वैकल्पिक व्यवस्था के तहत संबंधित स्कूल के शाला प्रबंधन समिति को पीएम पोषण संचालन का दायित्व सौपा है। 

एकीकृत प्राथमिक विद्यालय रामनगर, प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय सल्हारों, प्राथमिक माध्यमिक विद्यालय चोलना एवं प्राथमिक विद्यालय बचहा टोला, प्राथमिक विद्यालय बंधवाटोला प्राथमिक विद्यालय जर्राटोला एवं प्राथमिक विद्यालय अगरियान टोला, एकीकृत माध्यमिक विद्यालय करौंदी, प्राथमिक विद्यालय कोलान टोला मे पीएम पोषण निर्माण कार्य का संचालन करने वाले 6 स्व सहायता समूह का अनुबंध समाप्त किया गया है।

भारतीय रेडक्रॉस सोसाइटी पचड़ी पानी में लगाएगा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर


अनूपपुर

भारतीय रेडक्रास सोसाइटी जिला शाखा अनूपपुर के अध्यक्ष एवं  कलेक्टर हर्षल पंचोली के मार्गदर्शन में स्वामी विवेकानंद की जयंती एवं युवा दिवस के अवसर पर भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, जिला शाखा अनूपपुर द्वारा 12 जनवरी 2026 तक सेवा सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में 12 जनवरी 2026 (सोमवार) को ग्राम पड़री-पानी, हल्थ ब्लॉक अनूपपुर में एक निःशुल्क बृहद स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया जाएगा।

यह शिविर प्रातः 9:30 बजे से अपराह्न 3:30 बजे तक आयोजित होगा, जिसमें अनुभवी चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा आमजन को निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जाएंगी।

भारतीय रेड क्रॉस सोसायटी जिला शाखानपुर के सचिव डॉ कुमार तिवारी ने बताया कि शिविर में सिकल सेल एनीमिया, ब्लड प्रेशर एवं शुगर (एनसीडी), टीबी एवं मलेरिया, मौसमी बीमारियों, दंत रोगों तथा कुपोषित बच्चों की जांच एवं आवश्यक उपचार की व्यवस्था रहेगी। साथ ही जरूरतमंद मरीजों को निःशुल्क दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी शाखा अनूपपुर के सभापति डॉ आरपी सोनी द्वारा क्षेत्रवासियों से अपील की गई है कि अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर इस निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का लाभ उठाएं। यह आयोजन भारतीय रेडक्रॉस सोसायटी, मध्य प्रदेश राज्य शाखा भोपाल के निर्देशानुसार एवं जिला प्रशासन एवं स्वास्थ्य विभाग के सहयोग से संपन्न किया जाएगा।

विकास की राह में रोड़ा बनते 'स्वार्थ' के स्वर: ओरिएंट पेपर मिल के योगदान पर राजनीति का साया

*सरकार की मंशा बनाम जमीनी हकीकत, सुनियोजित व्यवधान और 'पारिश्रमिक' की चाह*


​शहडोल

मध्य प्रदेश के औद्योगिक मानचित्र पर शहडोल जिले को पहचान दिलाने वाली 'ओरिएंट पेपर मिल' (OPM) आज न केवल क्षेत्र की आर्थिक रीढ़ है, बल्कि हजारों परिवारों के चूल्हे जलने का आधार भी है। जहाँ एक ओर केंद्र और राज्य सरकारें 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन एमपी' के तहत उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए लाल कालीन बिछा रही हैं, वहीं दूसरी ओर कुछ स्थानीय स्वयंभू नेताओं द्वारा निजी हितों के चलते इस औद्योगिक संस्थान की छवि धूमिल करने और कार्यों में व्यवधान डालने का प्रयास किया जा रहा है।

*​स्थानीय रोजगार का सबसे बड़ा केंद्र*

​ओरिएंट पेपर मिल की स्थापना के समय से ही इसका दृष्टिकोण समावेशी विकास का रहा है। कंपनी ने उन स्थानीय लोगों को प्राथमिकता दी, जिन्होंने उद्योग की स्थापना के लिए अपनी भूमि दी थी। आंकड़ों पर गौर करें तो संस्थान में लगभग 60 से 70 प्रतिशत कार्यबल स्थानीय है। इसमें न केवल कंपनी के स्थायी कर्मचारी (Employees) शामिल हैं, बल्कि ठेका पद्धति के माध्यम से भी हजारों स्थानीय युवाओं को सम्मानजनक रोजगार प्राप्त हो रहा है।

​*सरकार की मंशा बनाम जमीनी हकीकत*

​मुख्यमंत्री और शासन स्तर पर लगातार यह प्रयास किए जा रहे हैं कि प्रदेश में निवेश आए और स्वरोजगार के अवसर बढ़ें। लेकिन, शहडोल के इस अंचल में कुछ 'छुटभैया नेता' सरकार के इन प्रयासों को पलीता लगाने में जुटे हैं। अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाशने और जनता के बीच 'मसीहा' बनने के चक्कर में ये लोग अक्सर कंपनी के गेट पर किराए की भीड़ जमा कर प्रदर्शन करते हैं। एक स्थानीय कर्मचारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया: "कंपनी ने हमें तब सहारा दिया जब रोजगार के कोई साधन नहीं थे। आज कुछ लोग अपनी राजनीति चमकाने के लिए शांतिपूर्ण कार्य वातावरण को खराब कर रहे हैं, जिससे अंततः नुकसान हम जैसे श्रमिकों का ही होगा।"

​*सुनियोजित व्यवधान और 'पारिश्रमिक' की चाह*

​जानकारों का मानना है कि इन प्रदर्शनों के पीछे जनहित कम और व्यक्तिगत स्वार्थ अधिक है। यह एक कड़वा सच है कि औद्योगिक शांति को भंग कर ये तथाकथित नेता प्रबंधन पर दबाव बनाने की कोशिश करते हैं ताकि उनकी 'सुविधा-शुल्क' या अनुचित मांगों की पूर्ति हो सके। विकास की इस दौड़ में जब ओरिएंट पेपर मिल उत्पादन के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है, तब इस तरह के धरना-प्रदर्शन न केवल कंपनी के ऑपरेशंस में बाधा डालते हैं, बल्कि जिले की औद्योगिक छवि को भी नकारात्मक रूप से प्रभावित करते हैं।

*​सामाजिक सरोकार (CSR) में अग्रणी*

​ओरिएंट पेपर मिल केवल कागज का उत्पादन नहीं करती, बल्कि यह क्षेत्र के सामाजिक उत्थान में भी भागीदार है। शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता के क्षेत्र में कंपनी के सीएसआर (CSR) कार्यों ने शहडोल के दूरदराज के गांवों में बदलाव की लहर पैदा की है। स्वास्थ्य सेवा: स्थानीय ग्रामीणों के लिए समय-समय पर चिकित्सा शिविर। ​शिक्षा: कंपनी से जुड़े शिक्षण संस्थानों में स्थानीय बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा।आधारभूत ढांचा: सड़क और जल निकासी जैसी मूलभूत सुविधाओं में निरंतर सहयोग।

*​क्या विकास विरोधी राजनीति का होगा अंत*

​बड़ा सवाल यह उठता है कि क्या मुट्ठी भर लोगों की राजनीतिक महत्वाकांक्षा हजारों लोगों के रोजगार से बड़ी है? स्थानीय जनता अब इन हथकंडों को समझने लगी है। प्रदर्शनों में जुटने वाली 'किराए की भीड़' यह साबित करती है कि वास्तविक कामगारों और भूमि स्वामियों का समर्थन इन नेताओं के पास नहीं है। प्रशासन को भी ऐसे तत्वों पर नकेल कसने की आवश्यकता है जो औद्योगिक शांति भंग कर विकास की गति को धीमा कर रहे हैं। यदि ओरिएंट पेपर मिल जैसे संस्थान सुरक्षित और शांतिपूर्ण वातावरण में कार्य नहीं कर पाएंगे, तो भविष्य में कोई भी नया निवेशक शहडोल की ओर रुख करने से डरेगा।

*​उद्योग बचेगा, तो बचेगा रोजगार*

​अंततः, ओरिएंट पेपर मिल शहडोल की पहचान है। स्थानीय लोगों को चाहिए कि वे इन स्वार्थी तत्वों के बहकावे में न आएं और अपने तथा अपने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए औद्योगिक संस्थान का साथ दें। सरकार और जनता के साझा सहयोग से ही ओरिएंट पेपर मिल विकास के नए सोपान तय कर सकेगी।

टोरंट पावर लिमिटेड द्वारा प्रस्तावित थर्मल पावर प्रोजेक्ट की पर्यावरण  संरक्षण जनसुनवाई सफलतापूर्वक सम्पन्न

*न्यू जोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अनुषंगी की पारदर्शी, जिम्मेदार एवं सहभागी पहल*


अनूपपुर

जिले के रक्सा–कोलमी क्षेत्र में न्यू ज़ोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड (टोरंट पावर लिमिटेड की अनुषंगी कंपनी) द्वारा प्रस्तावित अल्ट्रा सुपर क्रिटिकल थर्मल पावर प्रोजेक्ट को लेकर आयोजित पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई बुधवार को शांतिपूर्ण, सुव्यवस्थित एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुई। यह जनसुनवाई रक्सा खेल मैदान, ग्राम रक्सा में मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, शहडोल (म.प्र.) के तत्वावधान में आयोजित की गई, जिसमें क्षेत्र के ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं मीडिया प्रतिनिधियों की उल्लेखनीय उपस्थिति रही।

ग्राम सभाओं का सर्वसम्मत समर्थन

जनसुनवाई के दौरान ग्राम रक्सा की सरपंच उमा सिंह द्वारा ग्राम सभा का लिखित प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रस्तावित परियोजना के पक्ष में पूर्ण समर्थन व्यक्त किया गया। इसी क्रम में ग्राम (कोलमी) के सरपंच राजू पनिका द्वारा भी अपनी ग्राम सभा का सर्वसम्मत समर्थन पत्र प्रस्तुत किया गया। ग्रामीण वक्ताओं में चक्रधर मिश्रा, अमोल सिंह मरकाम ,आदित्य राठौर नरेंद्र राठौर एवं छत्रधारी  राठौर ने अपनी-अपनी ग्राम सभाओं की ओर से स्पष्ट रूप से कहा कि क्षेत्र के विकास, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार के लिए यह परियोजना आवश्यक है, बशर्ते पर्यावरणीय मानकों का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।

*प्रशासनिक उपस्थिति एवं प्रक्रिया का पारदर्शी संचालन*

पर्यावरण जनसुनवाई की अध्यक्षता एडीएम दिलीप कुमार पांडे द्वारा की गई। मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. अशोक तिवारी की उपस्थिति में  कम्पनी के कंसल्टेंट ग्रीन सी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रतिनिधि नंदनी द्वारा पर्यावरण संरक्षण के विषय जानकारी उपस्थित जनमानस को दी संपूर्ण प्रक्रिया नियमानुसार सम्पन्न कराई गई। अधिकारियों ने ग्रामीणों द्वारा रखे गए सुझावों, प्रश्नों एवं आपत्तियों को गंभीरता से सुना और उन्हें अभिलेखित किया। कार्यक्रम के दौरान जिले एवं संभाग स्तर के वरिष्ठ पत्रकार भी उपस्थित रहे, जिससे जनसुनवाई की पारदर्शिता और विश्वसनीयता और अधिक सुदृढ़ हुई।

*कंपनी प्रबंधन की स्पष्ट एवं जिम्मेदार प्रस्तुति*

कंपनी की ओर से प्रतिनिधि द्वारा उपस्थित जनसमुदाय द्वारा पूछे गए सभी प्रश्नों का तथ्यात्मक, संतुलित एवं तकनीकी रूप से स्पष्ट उत्तर दिया। कंपनी प्रबंधन ने दोहराया कि प्रस्तावित पावर प्रोजेक्ट में पर्यावरण संरक्षण सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। कंपनी द्वारा यह स्पष्ट किया गया कि परियोजना में अत्याधुनिक वायु प्रदूषण नियंत्रण प्रणाली, वैज्ञानिक एवं संतुलित जल प्रबंधन व्यवस्था, फ्लाई ऐश एवं औद्योगिक अपशिष्ट का सुरक्षितएवं नियमानुसार निपटान, व्यापक हरित पट्टी (ग्रीन बेल्ट) का विकास, तथा सतत पर्यावरणीय निगरानी प्रणाली अनिवार्य रूप से लागू की जाएगी।स्थानीय रोजगार एवं आर्थिक विकास पर फोकस

न्यूज़ोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंधन ने यह भी आश्वस्त किया कि परियोजना के निर्माण एवं संचालन चरण में स्थानीय युवाओं, तकनीकी कर्मियों एवं सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। इससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी और पलायन पर भी अंकुश लगेगा।

*CSR के अंतर्गत सामाजिक विकास की प्रतिबद्धता*

कंपनी ने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत स्वास्थ्य सेवाओं, शिक्षा, कौशल विकास, पेयजल आपूर्ति, सड़क एवं अन्य आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण हेतु दीर्घकालिक योजनाएं लागू करने की प्रतिबद्धता दोहराई। कंपनी प्रबंधन ने कहा कि स्थानीय समुदाय के साथ सहभागिता और विश्वास के आधार पर ही परियोजना को आगे बढ़ाया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई में ग्रामीणों का सर्वसम्मत समर्थन, प्रशासनिक संतुलन और कंपनी की जिम्मेदार प्रतिबद्धता यह दर्शाती है कि न्यूज़ोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड का यह प्रस्तावित पावर प्रोजेक्ट पर्यावरणीय संतुलन, नियामकीय अनुपालन और स्थानीय सहभागिता के साथ अनूपपुर जिले को ऊर्जा सुरक्षा, रोजगार सृजन और सतत औद्योगिक विकास की नई दिशा प्रदान करेगा।

न्यू जोन प्राइवेट लिमिटेड एवं टोरंट पावर लिमिटेड की 7 जनवरी को पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई विकास

*पर्यावरण और ग्रामीण सहभागिता का संतुलित मॉडल*


अनूपपुर

अनूपपुर जिले में पावर प्रोजेक्ट को लेकर न्यू जोन प्राइवेट लिमिटेड एवं टोरंट पावर लिमिटेड द्वारा 7 जनवरी को आयोजित की जा रही पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई को क्षेत्रीय विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक कदम के रूप में देखा जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक स्तर पर इस जनसुनवाई को पारदर्शिता, संवाद और सहभागिता का सशक्त मंच माना जा रहा है।

ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी बड़े औद्योगिक निवेश के साथ प्रश्न और आशंकाएं स्वाभाविक होती हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन द्वारा तथ्यों के साथ खुला संवाद स्थापित करने की पहल विश्वास को मजबूत करती है। इसी उद्देश्य से पर्यावरण प्रभाव आकलन (EIA) से जुड़े सभी पहलुओं को जनसुनवाई में सार्वजनिक रूप से रखा जा रहा है।

*आधुनिक तकनीक के साथ पर्यावरण संरक्षण पर विशेष जोर*

ग्रामीणों के अनुसार न्यू जोन प्राइवेट लिमिटेड एवं टोरंट पावर लिमिटेड का यह पावर प्रोजेक्ट नवीनतम और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों पर आधारित है। जल प्रबंधन, वायु गुणवत्ता नियंत्रण, राख एवं अपशिष्ट निपटान, तथा हरित क्षेत्र विकास के लिए सभी वैधानिक एवं वैज्ञानिक मानकों के पालन का आश्वासन कंपनी द्वारा दिया गया है। अत्याधुनिक प्रदूषण नियंत्रण उपकरणों और सतत निगरानी प्रणाली के माध्यम से पर्यावरणीय प्रभाव को निर्धारित सीमाओं के भीतर रखने की योजना ग्रामीणों के भरोसे को और मजबूत करती है।

*7 जनवरी की जनसुनवाई संवाद और समाधान का मंच*

7 जनवरी को आयोजित पर्यावरण संरक्षण जनसुनवाई को ग्रामीण अपने विचार, सुझाव और शंकाएं रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर मान रहे हैं।  रक्सा गांव के पूर्व सरपंच  अमोल सिंह मरकाम कहना है कि जनसुनवाई केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि स्थानीय समुदाय के साथ साझेदारी को सुदृढ़ करने की प्रक्रिया है। विशेषज्ञों की मौजूदगी में पर्यावरणीय, सामाजिक और तकनीकी पहलुओं पर विस्तृत जानकारी दी जाएगी।

*रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा नया बल*

ग्रामीणों का मानना है कि इस पावर प्रोजेक्ट से अनूपपुर क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़े पैमाने पर रोजगार के अवसर सृजित होंगे। निर्माण चरण से लेकर संचालन अवधि तक स्थानीय युवाओं, तकनीकी कर्मियों और सेवा क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्राथमिकता दिए जाने की नीति से क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी। परिवहन, छोटे व्यापार, ढाबा, आवास और अन्य सहायक सेवाओं को भी इससे नई गति मिलने की संभावना जताई जा रही है।

*CSR के माध्यम से सामाजिक और सामुदायिक विकास*

न्यू जोन प्राइवेट लिमिटेड एवं टोरंट पावर लिमिटेड द्वारा कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत आसपास के गांवों में स्वास्थ्य सेवाएं, शिक्षा, कौशल विकास, पेयजल, सड़क और अन्य बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दीर्घकालिक योजनाएं लागू करने की बात कही गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इससे गांवों का समग्र सामाजिक विकास सुनिश्चित होगा।

*विकास और विश्वास का संतुलन*

स्थानीय ग्रामीण समुदाय इस परियोजना को केवल एक औद्योगिक इकाई नहीं, बल्कि अनूपपुर जिले के आर्थिक, सामाजिक और औद्योगिक भविष्य से जुड़ा अवसर मान रहा है। नियामकीय अनुपालन, पर्यावरणीय संवेदनशीलता और स्थानीय सहभागिता के साथ यह पावर प्रोजेक्ट विकास और विश्वास के संतुलन का उदाहरण है।

बिना परमिट दौड़ती बस पर 51 हजार का जुर्माना, पानी मे डूबा ट्रक चालक का शव बरामद


अनूपपुर

यात्रियों की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ यातायात पुलिस अनूपपुर ने सख़्त रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष जांच अभियान के तहत बिना वैध परमिट के संचालित की जा रही एक यात्री बस पर कड़ी कार्यवाही की गई।

यातायात पुलिस द्वारा जांच के दौरान बस क्रमांक MP 04 PA 4119 को रोका गया। दस्तावेजों की गहन जांच में पाया गया कि बस *बिना वैध परमिट के यात्रियों का परिवहन कर रही थी। नियमों के स्पष्ट उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए बस को मौके पर ही जब्त किया गया तथा मोटरयान अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण तैयार अग्रिम कार्यवाही हेतु भेजा गया जहां से उक्त वाहन पर 51,000 (इक्यावन हजार रुपये) का भारी-भरकम जुर्माना आरोपित किया गया। बिना वैध परमिट संचालित वाहन यात्रियों की जान-माल की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा होते हैं। ऐसे वाहन न केवल कानून का उल्लंघन करते हैं, बल्कि सड़क सुरक्षा व्यवस्था को भी प्रभावित करते हैं। इसी उद्देश्य से यह कार्रवाई की गई है।

*पानी मे डूबा ट्रक चालक का शव बरामद*

शहडोल जिले के थाना अमलाई क्षेत्र अंतर्गत दिनांक 11 अक्टूबर 2025 को ओसीएम में डम्पर ट्रक, चालक सहित डूब गया था जिसके रेस्क्यू कार्य के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ अनूपपुर की टीम द्वारा संयुक्त प्रयास किया गया था, परन्तु ट्रक लगभग 100 फिट से अधिक गहराई मे होने के कारण सफलता नहीं मिल पाई थी। घटना के बाद से खदान से निरंतर पानी को निकाला जा रहा है। जहां आज एसईसीएल मे प्रबंघक द्वारा सुबह 8.15 बजे सूचना मिली कि ट्रक दिखाई दे रहा है। उक्त सूचना पर तत्काल जिला सेनानी के आदेशानुसार 1 पीसी ( टीम प्रभारी के नेतृत्व मे 06 एसडीआरएफ एवं 01 एचजी जवान कुल 08 सदस्यीय टीम घटनास्थल के लिए रवाना हुई, घटनास्थल की दूरी लगभग 30 किमी दूर थी। जिला अनूपपुर और शहडोल की संयुक्त टीम द्वारा ओसीएम अमलाई मे डम्पर ट्रक सहित डूबे वाहन चालक की डैड बाडी रिकवर कर पुलिस को सुपुर्द कर दी गई है रेस्क्यू कार्य समाप्त हुआ। मृतक का नाम अनिल कुशवाहा पिता शिवदत्त प्रसाद उम्र 40 वर्ष निवासी मउगंज जिला मउगंज का है।

शीतलहर का प्रकोप, प्रकृति ने ओढ़ी सफेद चादर, जमी बर्फ, तापमान शून्य के करीब, नजारा शिमला–मनाली जैसा


अनूपपुर

मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में शीतलहर का ऐसा प्रकोप देखने को मिल रहा है कि प्रकृति ने आज एक बार फिर जमी बर्फ के रूप में मैदानों पर सफेद चादर सी ओढ़ ली है। चार दिनों के अंतराल के बाद आज 5 जनवरी 2026, सोमवार को सुबह होते ही ओस की शबनमी बूंदें बर्फ में तब्दील हो गईं और यत्र-तत्र-सर्वत्र बर्फ ही बर्फ नजर आने लगी।

घास-फूस, पत्तियां, छानी-छप्पर, तिरपाल, टीन की छतें तथा चौपहिया वाहनों की छत और कांच पर बर्फ की मोटी परत जम गई। पवित्र नगरी अमरकंटक एक बार फिर शीतलहर के आगोश में आ गई है। मौसम के जानकारों के अनुसार आज न्यूनतम तापमान पुनः शून्य डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया, जबकि बीते चार दिनों तक तापमान 12 से 13 डिग्री सेल्सियस के बीच बना हुआ था।

नववर्ष के बाद लगातार तीन दिनों तक आसमान में घने और गहरे काले बादल छाए रहने से ठंड से कुछ राहत मिली थी, लेकिन जैसे ही बादल छटे, ठंड ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया। इसका परिणाम यह रहा कि एक बार फिर अमरकंटक में बर्फ जम गई और पूरा क्षेत्र सफेद चादर में ढक गया।

आज सुबह मैदानों, घास और पत्तियों में रुई की तरह जमी बर्फ ने अमरकंटक को शिमला, कुल्लू और मनाली जैसा दृश्य प्रदान किया। वाहनों के कांच और छतों पर जमी बर्फ ठंड की तीव्रता को बयां कर रही थी। कड़ाके की ठंड और शीतलहर के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था में कोई कमी नहीं दिखी। बड़ी संख्या में पर्यटक, तीर्थ यात्री एवं श्रद्धालु ठंड की परवाह किए बिना मां नर्मदा के पावन जल में डुबकी लगाते हुए स्नान और दर्शन करते रहे।

मोटरसाइकिल चोरी का खुलासा, चोरी गई मोटरसाइकिल सहित आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

जिले के थाना कोतमा पुलिस द्वारा मोटरसाइकिल चोरी के प्रकरण में त्वरित एवं प्रभावी कार्यवाही करते हुए 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गई मोटरसाइकिल बरामद की गई।

मामले का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है कि दिनांक 04 जनवरी 2026 को फरियादी मोहम्मद इकबाल पिता मोहम्मद अहमद, निवासी वार्ड क्रमांक 04, कोतमा द्वारा थाना कोतमा में उपस्थित होकर जुबानी रिपोर्ट दर्ज कराई गई। फरियादी ने बताया कि वह दिनांक 04 जनवरी 2026 को अपने परिजनों को ट्रेन में बैठाने हेतु कोतमा रेलवे स्टेशन गया था, जहां रेलवे स्टेशन की सीढ़ियों के पास उसने अपनी काले रंग की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (क्रमांक MP 65 ZB 5429) खड़ी की थी। लगभग आधे घंटे बाद वापस आने पर उसकी मोटरसाइकिल वहां मौजूद नहीं थी। अज्ञात चोर द्वारा लगभग 70,000 रुपये की मोटरसाइकिल चोरी कर ली गई।

रिपोर्ट पर थाना कोतमा में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान थाना कोतमा पुलिस द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन एवं आसपास के क्षेत्र के सीसीटीवी फुटेज की सघन जांच की गई तथा मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। परिणामस्वरूप पुलिस द्वारा आरोपी मोहम्मद एनस, उम्र 19 वर्ष, निवासी बनियाटोला, कोतमा को दस्तयाब कर उसके कब्जे से चोरी गई मोटरसाइकिल कीमत लगभग 70,000/- रुपये बरामद की गई। आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्यवाही की जा रही है।

जंगल में रेत का अवैध उत्तखनन ट्रैक्टर जप्त, चालक व मजदूर फरार, पुलिस ने 2 सटोरियों की कार्यवाही


अनूपपुर

जिले के जैतहरी वन परिक्षेत्र के गढ़ियाटोला बीट के जंगल में रविवार को जंगल के अंदर नाला से रेत खनन करते एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को वन विभाग की टीम द्वारा पकड़ कर जप्त किया इस दौरान ट्रैक्टर चालक एवं मजदूर फरार हो गए।

इस संबंध में वन परिक्षेत्राधिकारी जैतहरी विवेक मिश्रा ने बताया गया कि वन परिक्षेत्र जैतहरी के गढ़ियाटोला बीट अंतर्गत के कक्ष क्रमांक आर,एफ,322 खोरीबाबा जंगल के पास नाला से कुछ मजदूरों द्वारा फावड़ा तसला से अवैधानिक तरह से रेत उत्खनन कर ट्रैक्टर-ट्रॉली में भरे जाने की सूचना मुखबिर से मिली थी, जंगल गस्त कर रहे परिक्षेत्र सहायक वेंकटनगर संतोष कुमार श्रीवास्तव एवं गढ़ियाटोला वनरक्षक नारेंद्र कुमार पटेल को मिलने पर वन कर्मचारी सुरक्षा श्रमिकों के साथ तत्काल मौके पर पहुंचकर देखा गया कि कुछ मजदूर जंगल के अन्दर नाला से फावड़ा से रेत खोद कर तसला में भर कर ट्रैक्टर ट्राली में भर रहे थे, वन कर्मचारियों को देखते ही मजदूर एवं ट्रैक्टर चालक स्थल से भाग गए, इस दौरान वन विभाग की टीम द्वारा रेत से भरे ट्रैक्टर ट्रॉली एवं स्थल पर पड़े फावड़ा एवं तसला को जप्त कर वन अपराध के तहत प्रकरण दर्ज कर ट्रैक्टर ट्रॉली को को परिक्षेत्र सहायक वेंकटनगर परिसर में ला कर रखा गया, वन विभाग की टीम द्वारा ट्रैक्टर चालक एवं ट्रैक्टर मालिक की तलाश की जा रही है।

*पुलिस ने 2 सटोरियों की कार्यवाही*

अनूपपुर

जिले थाना भालूमाड़ा पुलिस टीम  के द्वारा मुखबिर की सूचना पर कस्बा जमुना में रेड कार्यवाही कर उजेर बिरियानी के पास जमुना में खेदन लाल नई पिता स्वर्गीय सुकुल श्रीवास उमर 70 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 2 जमुना कॉलोनी एवं सूरज श्रीवास पिता खेतन लाल श्रीवास उमर 23 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 2 जमुना कादरी थाना भालूमाड़ा का सट्टा के अंकों पर रुपयों का बाजी लगाते मिले जिनके कब्जे से प्रथक प्रथक क्रमशः₹510 एवं 610 रुपए एवं सट्टा पर्ची व डॉट पेन जप्त किया गया आरोपीगणों के विरुद्ध के अप.क्र. 07/2026 धारा 4(क) सट्टा एक्ट एवं 08/2026 धारा 4(क) सट्टा एक्ट का अपराध कायम कर विवेचना मे लिया गया ।

आरोपी खेदन लाल श्रीवास के कब्जे से नगदी  510 रुपये एवं सट्टा पर्ची व डाट पेन एवं आरोपी सूरत श्रीवास के कब्जे से कल 610 रुपए एवं सट्टा पर्ची व डॉट पेन जप्त किया गया हैं। खेदन लाल नई पिता स्वर्गीय सुकुल श्रीवास उमर 70 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 2 जमुना कॉलोनी एवं सूरज श्रीवास पिता खेतन लाल श्रीवास उमर 23 वर्ष निवासी वार्ड क्रमांक 2 जमुना कादरी थाना भालूमाड़ा को मामला दर्ज किया गया है।

पवित्र माघ मास के प्रथम दिवस में उमड़ी श्रद्धालुओं की आस्था, मां नर्मदा में लगाई पुण्य डुबकी


अनूपपुर

प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में पवित्र माघ मास के शुक्ल पक्ष प्रतिपदा, प्रथम दिवस के पावन अवसर पर श्रद्धा और भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। इस अवसर पर हजारों की संख्या में भक्त श्रद्धालु, तीर्थ यात्री, दर्शनार्थी एवं परिक्रमा वासी पतित पावनी पुण्य सलिला मां नर्मदा के पावन तटों पर पहुंचे और आस्था की पुण्य डुबकी लगाई।

श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा जी के रामघाट उत्तर एवं दक्षिण तट, कोटि तीर्थ, घाट कुंड तथा पुष्कर बांध में विधिपूर्वक स्नान कर धर्म लाभ अर्जित किया। इसके पश्चात भक्तों ने मां नर्मदा उद्गम स्थल मंदिर में विधि-विधानपूर्वक दर्शन, पूजन एवं अर्चन कर पुण्य लाभ प्राप्त किया।

माघ मास के प्रथम दिवस के साथ ही एक माह तक चलने वाले माघ स्नान एवं कल्पवास का धार्मिक एवं आध्यात्मिक विधान भी विधिवत प्रारंभ हो गया। सुबह तड़के से ही घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी, जो दिनभर लगातार बनी रही। मंदिर परिसर में भी दर्शनार्थियों की भारी भीड़ देखी गई। इस पावन अवसर पर छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश के अनूपपुर, शहडोल, डिंडोरी, जबलपुर, बालाघाट एवं छिंदवाड़ा जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे।

हालांकि मौसम में ठंड अपेक्षाकृत कम होने के कारण श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह एवं श्रद्धा भाव के साथ मां नर्मदा में स्नान किया। दिनभर घाटों और मंदिर परिसर में भक्ति, श्रद्धा और सनातन आस्था का वातावरण बना रहा।

पर्यावरण संरक्षण विभाग द्वारा जनसुनवाई की सूचना, ग्रामीणों से सक्रिय सहभागिता की अपील


अनूपपुर

जिले के रक्सा–कोलमी क्षेत्र में प्रस्तावित औद्योगिक परियोजना के संबंध में पर्यावरणीय स्वीकृति प्रदान करने की प्रक्रिया के तहत पर्यावरण संरक्षण विभाग, मध्य प्रदेश द्वारा दिनांक 7 जनवरी 2026 को पर्यावरण जनसुनवाई का आयोजन किया जाना सुनिश्चित किया गया है। यह जनसुनवाई न्यू जोन इंडिया एवं (टोरंट पावर प्राइवेट लिमिटेड) द्वारा प्रस्तावित परियोजना के लिए आयोजित की जा रही है।

पर्यावरण संरक्षण विभाग द्वारा पर्यावरण प्रभाव आकलन अधिसूचना, 2006 के प्रावधानों के अंतर्गत यह जनसुनवाई आयोजित की जा रही है, जिसका उद्देश्य परियोजना से संभावित पर्यावरणीय, सामाजिक एवं स्थानीय प्रभावों पर आमजन की राय, सुझाव एवं आपत्तियाँ प्राप्त करना है।

पर्यावरण संरक्षण विभाग द्वारा जनसुनवाई की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुँचाने के लिए प्रचार वाहन के माध्यम से व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के अंतर्गत प्रभावित ग्राम रक्सा, कोलमी सहित आसपास के सभी ग्रामों में मुनादी एवं लाउडस्पीकर के माध्यम से सूचना प्रसारित की जा रही है।

प्रचार वाहन पर स्पष्ट रूप से यह जानकारी अंकित की गई है कि परियोजना हेतु पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए लोक सुनवाई आयोजित की जा रही है, परियोजना प्रस्तावक न्यू जोन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड / टोरंट पावर प्राइवेट लिमिटेड स्थान— ग्राम रक्सा–कोलमी, जिला अनूपपुर (मध्य प्रदेश) दिनांक— 07 जनवरी 2026

पर्यावरण संरक्षण विभाग द्वारा परियोजना प्रभावित ग्रामीणों, स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों एवं आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे जनसुनवाई में उपस्थित होकर अपने विचार, सुझाव एवं आपत्तियाँ प्रस्तुत करें। जनसुनवाई में व्यक्त किए गए सभी सुझावों को अभिलेखित कर पर्यावरणीय स्वीकृति की प्रक्रिया में सम्मिलित किया जाएगा।

पर्यावरण संरक्षण विभाग ने स्पष्ट किया है कि जनसुनवाई की प्रक्रिया पूर्णतः पारदर्शी, लोकतांत्रिक एवं विधिसम्मत है। इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी परियोजना के क्रियान्वयन से पूर्व स्थानीय समुदाय की चिंताओं, अपेक्षाओं और पर्यावरणीय संरक्षण के पहलुओं पर गंभीरता से विचार किया जाए। पर्यावरण संरक्षण विभाग ने पुनः सभी नागरिकों  से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित तिथि एवं समय पर उपस्थित होकर जनसुनवाई में अपनी सक्रिय सहभागिता निभाएँ और पर्यावरण संरक्षण एवं सतत विकास की दिशा में सहयोग प्रदान करें।

सड़क किनारे लगे ट्रांसफ़ॉर्मर से बच्ची को लगा करंट, बड़ी दुर्घटना टली, नपा व बिजली विभाग की लापरवाही


अनूपपुर/कोतमा

कोतमा नगर वार्ड नंबर 14, लहसुई गाँव के मुख्य मार्ग पर एक बड़ी दुर्घटना होते-होते बची, जब सड़क से मात्र एक फीट ऊपर लगे एक बिजली ट्रांसफ़ॉर्मर के पास खेलती एक छोटी बच्ची को करंट लग गया। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है, जिन्होंने नगर पालिका अध्यक्ष और वार्ड पार्षद की घोर लापरवाही और उदासीनता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

वार्ड के लोगों का कहना है कि ट्रांसफ़ॉर्मर की ऊँचाई इतनी कम है कि खेलते-कूदते छोटे बच्चे आसानी से इसके संपर्क में आ सकते हैं। यह एक गंभीर सुरक्षा चूक है, जिसे लेकर नगर पालिका के अधिकारियों से ट्रांसफ़ॉर्मर के चारों ओर जल्द से जल्द डंडी कार्य (बेरिकेडिंग) कराने की मांग की गई है, ताकि भविष्य में कोई बड़ी दुर्घटना न हो सके।

आरोप है कि इस ख़तरनाक ट्रांसफ़ॉर्मर को रिहायशी इलाक़े से हटाने के लिए स्थानीय लोगों ने कई बार मांग उठाई, लेकिन न तो वार्ड के पार्षद, न ही नगर पालिका अध्यक्ष और न ही सीएमओ ने इस जनहित के मुद्दे पर ध्यान देना उचित समझा। जनता का कहना है कि इन नेताओं को 'ज़िंदाबाद-मुर्दाबाद' और आपसी राजनीति से फ़ुर्सत नहीं है, वे जनता की परेशानियों को एक कान से सुनकर दूसरे कान से निकाल देते हैं।

इस मामले में कुछ लोगों का यह भी कहना है कि जनता परेशान है, लेकिन वार्ड पार्षद, नगर पालिका अध्यक्ष और सीएमओ जनता की परेशानियों को गंभीरता से नहीं लेते। वैसे तो यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस से भाजपा में आए नगर पालिका अध्यक्ष दिन भर चापलूस नेताओं से घिरे रहते हैं और चाहकर भी जनता के मुद्दों पर मुखर नहीं हो पाते, क्योंकि उन्हें भाजपा के बड़े नेताओं को ख़ुश रखने की आदत लग गई है। इस विषय पर नगर पालिका की मुख्य अधिकारी का कहना है कि इलाके से ट्रांसफार्मर जरूर हटाया जाएगा। समस्या का समाधान किया जाएगा।

पौषी पूर्णिमा पर भक्त श्रद्धालुओं ने लगाई पुण्य की डुबकी, मां नर्मदा के दर्शन-पूजन से भक्तिमय वातावरण में सराबोर


अनूपपुर

पवित्र नगरी अमरकंटक में पौष माह की पावन पूर्णिमा के शुभ अवसर पर धार्मिक आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। इस अवसर पर बड़ी संख्या में भक्त श्रद्धालु, तीर्थ यात्री एवं दर्शनार्थी मां नर्मदा जी के पावन तट पर पहुंचे और पुण्य लाभ हेतु रामघाट, कोटि तीर्थ घाट एवं कुंडों में आस्था की डुबकी लगाकर स्नान किया।

प्रातःकाल से ही मां नर्मदा जी के पवित्र रामघाट के दोनों तटों पर स्नानार्थियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। श्रद्धालुओं द्वारा स्नान-डुबकी का क्रम सुबह से प्रारंभ होकर दोपहर तक अनवरत चलता रहा। स्नान उपरांत भक्तों ने मां नर्मदा जी के उद्गम स्थल मंदिर में पहुंचकर पूरे विधि-विधान एवं श्रद्धा भाव से पूजन-अर्चन किया तथा दर्शन कर परिवार एवं समाज की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान भक्त अपने परिजनों के साथ ध्यान-साधना और भक्ति भाव में लीन नजर आए।

पौषी पूर्णिमा के पावन अवसर पर अमरकंटक का संपूर्ण वातावरण भक्ति, श्रद्धा और अध्यात्म से सराबोर हो उठा। मां नर्मदा के जयकारों और मंत्रोच्चार से घाट एवं मंदिर परिसर गूंजायमान रहा। देश के विभिन्न हिस्सों से आए श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय नागरिकों ने भी इस पुण्य अवसर का लाभ लिया।

उल्लेखनीय है कि पौषी पूर्णिमा के साथ छत्तीसगढ़ प्रांत एवं आसपास के ग्रामीण अंचलों में मनाए जाने वाले परंपरागत छेरछेरा पुन्नी पर्व का उल्लास भी अमरकंटक में देखने को मिला। इस अवसर पर महिलाओं ने पारंपरिक लोकसंस्कृति को जीवंत करते हुए सुप्रसिद्ध रीना नृत्य एवं गायन प्रस्तुत किया। महिलाएं अपने स्थानीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं में रीना गीत गाते हुए उत्साहपूर्वक नृत्य करती रहीं और पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया। बाहर एवं दूरस्थ अंचलों से आए पर्यटकों एवं तीर्थ यात्रियों ने इस लोक सांस्कृतिक आयोजन को अत्यंत जिज्ञासा एवं कौतूहल के साथ देखा। 

ससुराल में रस्सी में लटका हुआ मिला नवविवाहिता युवती का शव, परिजनों ने लगाया हत्या का आरोप


अनूपपुर 

जिले के चचाई थाना क्षेत्र स्थित ग्राम बकही में एक 19 वर्षीय नवविवाहिता दयावती अगरिया का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। दयावती की शादी महज 6 महीने पहले कमलेश अगरिया से हुई थी। घटना के बाद मायके पक्ष ने ससुराल वालों पर गंभीर आरोप लगाते हुए हत्या का केस दर्ज करने की मांग की है, जबकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में इसे आपसी विवाद से जुड़ी संभावित खुदकुशी माना जा रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, दयावती और कमलेश की शादी ‘लव कम अरेंज्ड मैरिज’ थी। घटना वाले दिन कमलेश किसी पार्टी में गया था और घर लौटने में देर हो गई, जिससे दयावती नाराज हो गईं। दोनों के बीच इस बात को लेकर झगड़ा हुआ। जब पति किसी काम से बाहर गया, तब दयावती ने कमरे में फांसी लगा ली। हालांकि, मायके वालों का आरोप पूरी तरह अलग है। उनका कहना है कि शादी के बाद से ही ससुराल वाले दयावती के साथ मारपीट करते थे। उन्होंने दावा किया कि ससुराल वालों ने बेटी की हत्या की और फिर शव को फंदे पर लटका दिया ताकि इसे खुदकुशी दिखाया जा सके। मायके वाले बकही गांव पहुंचे और तब पुलिस को सूचना दी गई। लेकिन पुलिस आने से पहले ही ससुराल वालों ने शव को फंदे से नीचे उतार लिया था, जिससे मामला और ज्यादा संदिग्ध हो गया।

चचाई पुलिस की एएसआई किरण मिश्रा ने बताया कि स्थानीय लोगों के बयानों से पता चला है कि दयावती गुस्सैल स्वभाव की थीं और छोटी-मोटी बातों पर विवाद होने पर कमरा बंद कर लिया करती थीं। वह घटना से मात्र 2-3 दिन पहले ही मायके से लौटी थीं। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम जिला अस्पताल में कराया है और परिजनों को शव सौंप दिया है। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी।

नर्मदा मंदिर के समीप कुएं में जा रहा सीवर लाइन का गंदा पानी, बदबूदार जल से नागरिक परेशान 

*स्वास्थ्य पर मंडरा रहा खतरा*


अनूपपुर

मध्य प्रदेश के प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक स्थित नगर परिषद क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 14 में गंभीर जनसमस्या सामने आई है। नर्मदा उद्गम मंदिर के समीप स्थित एक पुराने कुएं में लंबे समय से सीवर लाइन का गंदा और बदबूदार पानी मिल रहा है, जिससे आसपास निवासरत नागरिकों में भारी आक्रोश एवं चिंता का माहौल है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार उक्त कुआं लगभग 45 से 50 वर्ष पुराना है और वर्षों से आसपास के 5 से 7 परिवारों के साथ-साथ पर्यटक एवं तीर्थ यात्रियों के लिए भी जल का प्रमुख स्रोत रहा है। इसी कुएं के पानी का उपयोग पूर्व में पेयजल, स्नान, कपड़े धोने एवं दैनिक कार्यों के लिए किया जाता रहा है। किंतु जब से कुएं के समीप से सीवर लाइन निकाली गई है और पास में ही उसका चेंबर बनाया गया है, तब से चेंबर से रिसाव होकर गंदा, बदबूदार सीवर का पानी कुएं के जल स्रोत में जा मिल रहा है।

सीवर के दूषित पानी के लगातार रिसाव से कुएं का जल पूरी तरह प्रदूषित हो चुका है। वर्तमान में स्थिति यह है कि कुएं का पानी अत्यधिक गंदा और दुर्गंधयुक्त हो गया है। मजबूरीवश स्थानीय रहवासी इस पानी का उपयोग केवल नहाने, कपड़े धोने एवं अन्य घरेलू कार्यों में कर रहे हैं, जबकि पीने के लिए उन्हें टैंकरों के माध्यम से या नगर परिषद की पेयजल पाइपलाइन से पानी लेना पड़ रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रारंभिक समय में जानकारी के अभाव में कुछ समय तक उन्होंने इसी कुएं का पानी उपयोग किया, जिसके कारण कई लोगों को त्वचा रोग, पेट संबंधी बीमारियों एवं अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा। इसके बाद जब स्थिति की गंभीरता समझ में आई, तब जाकर कुएं के पानी का पीने में उपयोग बंद किया गया।

प्रभावित रहवासियों ने इस गंभीर समस्या को लेकर नगर परिषद अमरकंटक के संबंधित अधिकारियों को  मौखिक रूप से अवगत कराया है। बावजूद इसके अब तक कोई ठोस एवं कारगर कदम नहीं उठाया गया है, जिससे हालात जस के तस बने हुए हैं। नागरिकों में इस बात को लेकर रोष है कि स्वास्थ्य से जुड़ी इतनी संवेदनशील समस्या पर नगर परिषद की उदासीनता चिंता का विषय है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि अमरकंटक जैसे पवित्र तीर्थ स्थल पर इस प्रकार की लापरवाही न केवल जनस्वास्थ्य के लिए खतरा है।

शिक्षक से मारपीट व जान से मारने की धमकी, आरोपी गिरफ्तार, रिसोर्ट में युवती ने की आत्महत्या


अनूपपुर

पवित्र नगरी के अमरकंटक थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम अमगवां में शिक्षक के द्वारा मतदाता सूची पुनरीक्षण शासकीय कार्य में बाधा डालने, गाली-गलौज, मारपीट एवं जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पुलिस ने फरियादी की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार फरियादी शिक्षक वृंदावन सिंह श्याम पिता गोकुल सिंह श्याम (50 वर्ष), निवासी ग्राम अमगवां  ने थाना अमरकंटक में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। आवेदन में उन्होंने बताया कि वे बूथ लेवल अधिकारी के रूप में शासकीय दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। दिनांक 01 जनवरी 2026, गुरुवार को लगभग दोपहर 2 बजे वे अपने मोहल्ले में फली सिंह पिता बिकनु सिंह के घर के सामने बैठकर SIR मतदाता गहन पुनरीक्षण का कार्य कर रहे थे तथा सूची का मिलान कर रहे थे।

इसी दौरान ग्राम निवासी चिंताराम सिंह पिता कुंवर सिंह वहां पहुंचा और उनसे यह कहते हुए विवाद करने लगा कि वे उसके यहां क्यों आए हैं और रिकॉर्ड क्यों मांग रहे हैं। आरोप है कि इसके बाद आरोपी ने मां-बहन की अश्लील गालियां दीं तथा फरियादी से लिपटकर हाथ-मुक्कों से मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। घटना के दौरान नारद सिंह, तुलसीराम सिंह, बंती बाई, दुकलु सिंह, विकनू सिंह एवं सगुना बाई मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव कर मामला शांत कराया, जिसके बाद आरोपी अपने घर चला गया। फरियादी ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि घटना के समय वे  बूथ लेवल अधिकारी के रूप में शासकीय कार्य कर रहे थे और आरोपी द्वारा जान बूझकर शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाई गई।

पुलिस ने फरियादी के आवेदन के आधार पर आरोपी चिंताराम सिंह के खिलाफ धारा 121(1), 132, 296, 115(2), 351(3) बीएनएस के तहत अपराध कायम कर मामले को विवेचना में ले लिया है। पुलिस का कहना है कि प्रकरण की जांच की जा रही है अभियुक्त चिंताराम को पकड़ कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया है।

*रिसोर्ट में युवती ने फांसी लगाकर दी जान*

अनूपपुर जिले के अमरकंटक थाना क्षेत्र अंतर्गत बांधा–कपिलधारा मार्ग पर स्थित एक रिसोर्ट में युवती द्वारा आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। सूचना पर पुलिस ने मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई करते हुए जांच प्रारंभ कर दी है।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार अमरकंटक रिसोर्ट के मैनेजर व व्यवस्थापक प्रकाश पांडे पिता सुरेश पांडे, उम्र 34 वर्ष, निवासी अमरकंटक ने थाने में सूचना दी कि 01 जनवरी 2026 को रिसोर्ट में किराए पर लिए गए कमरा नंबर 4 में एक युवती ठहरी हुई थी। युवती की पहचान कंचन कुमारी पिता महेश चंद्र, उम्र 19 वर्ष, निवासी श्रीनगर कॉलोनी, एसकेडी मॉडर्न इंटर कॉलेज वाली गली, कोरासी, एटा बाईपास रोड, कोल, जिला अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है।

बताया गया कि सुबह करीब 10 बजे जब रिसोर्ट स्टाफ द्वारा कमरे का दरवाजा खटखटाया गया, तो अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। संदेह होने पर खिड़की की ओर से झांककर देखा गया, जहां युवती कमरे के सीलिंग फैन में अपने दुपट्टे से फांसी लगाकर लटकी हुई दिखाई दी।

घटना की सूचना तत्काल अमरकंटक थाना पुलिस को दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक पंचनामा कार्रवाई करते हुए शव को नीचे उतरवाया। इस मामले में पुलिस ने मर्ग क्रमांक 01/26 धारा 194 बीएनएस के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया है। युवती द्वारा यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया गया, इसकी जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट एवं अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

ड्रिंक एंड ड्राइव करने वाले 3 वाहन चालकों पर कार्रवाही, 5 लाख के 55 गुमे मोबाईलो मिले


अनूपपुर

आगामी नववर्ष के अवसर पर पुलिस अधीक्षक अनूपपुर मोती उर रहमान के निर्देश पर जिले में सड़क सुरक्षा एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से यातायात पुलिस अनूपपुर द्वारा सघन चेकिंग एवं निगरानी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में नववर्ष के 2 दिन पूर्व संध्या पर शहर के प्रमुख मार्गों, चौराहों एवं प्रवेश बिंदुओं पर विशेष जांच की गई।

चेकिंग के दौरान शराब के नशे में वाहन चलाते हुए 3 चालकों को पकड़ा गया। ब्रैथ एनालाइज़र जांच में नशा प्रमाणित होने पर संबंधित चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर उनके वाहन जब्त किए गए। यह कार्रवाई यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त संदेश देने के उद्देश्य से की गई।

अनूपपुर पुलिस  द्वारा स्पष्ट किया गया कि नशे की हालत में वाहन चलाना एक गंभीर अपराध है, जिससे न केवल चालक की बल्कि अन्य राहगीरों की जान भी खतरे में पड़ती है। नववर्ष के अवसर पर इस प्रकार की लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। 

*5 लाख के 55 गुमे मोबाईलो मिले*

अनूपपुर जिले के थाना बिजुरी क्षेत्रांतर्गत विभिन्न फरियादियो द्वारा अपने अपने मोबाइल फोन गुम हो जाने की संबंध मे आवेदन प्रस्तुत किये गये थे । थाना प्रभारी बिजुरी विकास सिह के नेतृत्व मे उक्त आवेदनो पर गंभीरता से कार्यवाही की गयी। थाना बिजुरी पुलिस टीम द्वारा तकनीकी सहायता एवं सतत प्रयासों से कुल 55 गुम मोबाइल फोन सफलतापूर्वक खोजे गये। आवश्यक सत्यापन एवं वैधानिक प्रक्रिया पूर्ण करने के उपरांत उक्त आवेदको को मोबाइल फोन सुपुर्द किये गये है।


पशु तस्कर फिरोज उर्फ सोनू ,अयूब, संजय के खिलाफ शिवसेना अनूपपुर ने खोला मोर्चा


अनूपपुर

शिवसेना उद्धव बालासाहेब ठाकरे संभाग प्रमुख पवन पटेल के आदेश पर शिवसेना जिला अध्यक्ष राजेश महाराणा ने अनूपपुर पुलिस अधीक्षक मोति उर रहमान को ज्ञापन सौंप मांग की है कि हमारी टीम सक्रिय पशु तस्करों की गतिविधियों की ओर आपका ध्यान आकर्षित करवाना चाहती है, जिससे स्थानीय लोग भयभीत हैं और पशुओं पर अत्याचार हो रहा है। पिछले कुछ दिनों से सूचना मिल रही है कि पेंड्रा गौरेला के फिरोज उर्फ सोनू और आयुब,संजय के द्वारा रात में खूंटा टोला चोलना से मवेशियों को भरकर ले जाया जा रहा है, यह तस्कर पशुओं के साथ क्रूरता करते हैं।

साथ ही अनूपपुर जिले के भीतर कई बस मालिकों के द्वारा बिना परमिट के बस चलवाया जाता है एवं बस में यात्रियों को ओवरलोडिंग कर उन्हें एक स्थान से दूसरे स्थान पर लाया ले जाया जाता है, जिससे यात्रियों को अनेक प्रकार की कठिनाइयों  का सामना करना पड़ता है और साथ ही यात्रियों के जान के साथ खिलवाड़ किया जाता है, एस.ई.सी.एल. हसदेव क्षेत्र जमुना कोतमा क्षेत्र के आमाडांड में नीलकंठ कंपनी में चल रहे सभी टीपर रोड सेल जो कॉलरी से नेशनल हाईवे होते हुए दूसरे कॉलरी में जाते हैं, जो बिना त्रिपाल के एवं ओवरलोडिंग चलाए जाते हैं, जिससे सड़क में चलने वाले दो पहिया वाहन चार पहिया वाहन के ऊपर कोयल के छोटे बड़े टुकड़े गिर जाते हैं, जिससे कभी भी कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती है। शिवसेना जिला इकाई अनूपपुर आप से अनुरोध करती है कि दोनों मामलों को संज्ञान में लेकर कार्रवाई करने की कृपा करें अन्यथा शिवसेना प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।

तीन हाथियों ने धनगवां के जंगल में जमाया डेरा, रात में घर तोड़ा व फसल को  किया नुकसान


अनूपपुर

तीन हाथियों का समूह निरंतर आठ दिनों से अनूपपुर जिले के जैतहरी इलाके के धनगवां बीट के जंगल में निरंतर डेरा जमाए हुए हैं जो शाम रात होते ही जंगल से लगे टोला,मोहल्ला में निकल कर ग्रामीणों के घरों एवं खेतों में लगी फसलों को नुकसान कर रहा है, हाथियों के डर के कारण ग्रामीण जन रात रात भर जागकर रात बिताने को बाध्य है। 

अनूपपुर जिले के जैतहरी तहसील,थाना एवं वन परिक्षेत्र के  धनगवां बीट का जंगल में 8 दिनों से तीन हाथियों का समूह छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से प्रवेश कर निरंतर विचरण कर रहा है जो दिन के समय धनगवां बीट के जंगल में प्रत्येक दिन अलग-अलग स्थान में ठहरकर विश्राम करने बाद देर रात होने पर ग्रामीण एवं वन विभाग की गस्ती दल को चकमा देते हुए आहार की तलाश में ग्रामीणों की संपत्ति का नुकसान करते हुए सुबह होते ही वापस जंगल में विश्राम करने चले जाते हैं, देर रात अचानक हाथी पहुंचकर घर में तोड़फोड़ कर घर के अंदर रखे सामान को आहार बनाया, अचानक तीनों हाथी जंगल से निकल कर ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव के गोढाटोला में विश्वनाथ भरिया एवं तुला राठौर के मिट्टी एवं पत्थर से बने बाउंड्री बाल को तोड़ते हुए तुला पिता सरमन राठौर के खेत में लगे गेहूं की फसल को देर रात तक खाते रहे जो आसपास विचरण करते हुए मंगलवार की सुबह फिर से धनगवां बीट के जंगल महुआगोंड़ा के पास पहुंचकर विश्राम कर रहे हैं, सोमवार की रात गोंढाटोला में एक बच्ची परीक्षा के कारण घर में देर रात तक अध्ययन कार्य कर रही थी तभी अचानक उसे बाउंड्री वॉल टूटने की आहट मिलने पर बाहर निकल कर देखी थी तीन हाथी बाउंड्री तोड़कर रोड पर तुला राठौर के खेत में लगे गेहूं में पहुंचकर गेहूं को खाकर नुकसान किया, हाथियों के विचरण की सूचना पर वन विभाग का गस्ती दल मौके पर पहुंचकर हाथियों को गेहूं की फसल से एवं एक ग्रामीण के बांडी में घुसने पर बाहर किए जाने हेतु अनेकों बार पटाखा फोड़ कर भगाए जाने का प्रयास किया किंतु तीनों हाथियों पर पटाखा से कोई प्रभाव नहीं पड़ा तीनों हाथी पूरी मस्ती से मन लगाकर गेहूं की फसल को अपना आहार बनाते रहे हैं कुछ घंटे बाद तीनो हाथी गांव में नाला के पास स्थित लिप्टिस एवं बांस प्लांटेशन में घुसकर आराम करते हुए सुबह होते ही फिर से जंगल की ओर चले गए।

केवई नदी पर छतई में बांध का निर्माण रोकने सहित मांगो पर अडानी के खिलाफ शिवसेना ने सौपा ज्ञापन


अनूपपुर

शिवसेना उद्धव बाला साहब ठाकरे संभाग प्रमुख पवन पटेल के आदेश पर शिवसेना जिला अध्यक्ष राजेश महाराणा ने कोतमा एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर मांग की है।

अडानी ग्रुप द्वारा कोतमा की जीवनदायिनी केवई नदी पर कोठी छतई में बांध का निर्माण किया जा रहा है। इस बांध के बनने के कारण नदी का प्राकृतिक प्रवाह प्रभावित होगा, जिससे कोतमा क्षेत्र में जल संकट गहरा सकता है। इस बांध के निर्माण से आने वाले समय में बारिश के समय को छोड़कर नदी का पानी आगे नहीं जा पाएगा, जिससे कोतमा, भालूमाड़ा, जमुना क्षेत्र में पेयजल संकट होगा । नदी के प्राकृतिक प्रवाह में परिवर्तन से पारिस्थितिकी तंत्र पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। नदी के पानी की कमी से कृषि उत्पादन प्रभावित हो सकता है। अडानी कंपनी को निर्देश दिया जाए कि कोठी छतई केवाई नदी में बनाए जा रहे बांध निर्माण पर तुरंत रोक लगाई जाए।

कॉलरी के ठेकेदारों द्वारा मजदूरों का शोषण किया जा रहा है, जिससे मजदूरों को HPC रेट के हिसाब से मजदूरों को मजदूरी ना दे कर मात्र 240 या 250 रुपए ही भुगतान किए जा रहे है और राधा खदान साइडिंग में आए दिन ट्रेन के डिब्बों में चढ़कर (जिससे कभी कोई भी दुर्घटना हो सकती है) चोरों के द्वारा कोयला चोरी कर ईंट भट्टो में कोयले की बिक्री की जाती है। कॉलरी सुरक्षा प्रभारी मार्कण्डेय और अरुण सिंह मानो पूरी तरह से चोरों के सुरक्षा प्रभारी बने हैं कॉलरी महाप्रबंधक को निर्देश दिया जाए कि ठेकेदारों के द्वारा किए जा रहे मजदूरों का शोषण बंद किया जाए और कोयला चोरों पर कार्यवाही की जाए। 

कोठी में अडानी ग्रुप, जे एम एस कंपनी, और रेऊला में खुले पावर प्लांट को निर्देश दिया जाए कि वे स्थानीय युवाओं को रोजगार प्रदान करें और क्षेत्र के विकास में योगदान दें। इसके अलावा, कोतमा क्षेत्र से हो रहे पलायन और मजदूरों के शोषण को रोकने के लिए भी उचित कार्रवाई की जाए। शिवसेना अनूपपुर जिला इकाई ने जल्द से जल्द इन सभी मांगों को पूरा ना करने पर शिवसेना उग्र प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होगी।

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