संकल्प महाविद्यालय ने मनाया 10वां स्थापना दिवस, संघर्ष, समर्पण व उत्कृष्ट शिक्षा के 9 वर्षों का गौरवशाली सफर

*एक हजार से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक व संस्कारयुक्त कर रही है शिक्षा प्रदान*


अनूपपुर

संकल्प ग्रुप ऑफ कॉलेज ने अपने 9 वर्ष सफलतापूर्वक पूर्ण कर 10वां स्थापना दिवस उत्साह, गरिमा और सामाजिक सरोकारों के साथ मनाया। इस अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जगन्नाथ मरकाम सहित अनेक गणमान्य अतिथियों, शिक्षकों, अभिभावकों एवं विद्यार्थियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।

मुख्य अतिथि जगन्नाथ मरकाम ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि "शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि बेहतर समाज और सशक्त राष्ट्र निर्माण की सबसे मजबूत नींव है।" उन्होंने युवाओं से अनुशासन, मेहनत, सकारात्मक सोच और सामाजिक जिम्मेदारियों को अपनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में अतिथि के रूप में अनूपपुर रेड क्रॉस समिति के सभापति डॉक्टर आर पी सोनी, अनूपपुर रक्षित निरीक्षक ज्योति दुबे जी के साथ - साथ जिले के गणमान्य नागरिक एवं पत्रकार बंधु उपस्थित रहे।

संकल्प ग्रुप ऑफ कॉलेज के डायरेक्टर अंकित शुक्ला ने संस्था की यात्रा साझा करते हुए कहा कि संकल्प की शुरुआत सीमित संसाधनों और एक छोटे से कार्यालय से हुई थी। आज संस्था 9 वर्षों की सफल यात्रा पूरी कर अपने 10वें स्थापना वर्ष में प्रवेश कर चुकी है और एक हजार से अधिक विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण, रोजगारपरक एवं संस्कारयुक्त शिक्षा प्रदान कर रही है।

स्थापना दिवस के अवसर पर विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियां देकर समारोह को यादगार बना दिया। कार्यक्रम के दौरान संस्था की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला गया तथा शिक्षा के साथ सामाजिक उत्तरदायित्व निभाने के संकल्प को दोहराया गया।

इस अवसर पर डायरेक्टर अंकित शुक्ला ने अपने जन्मदिन को सामाजिक सेवा के रूप में मनाते हुए विकलांग छात्रावास, ममता बाल गृह एवं वृद्धाश्रम में पहुंचकर जरूरतमंदों के बीच आवश्यक सामग्री एवं उपहार वितरित किए।

कार्यक्रम के अंत में कॉलेज परिवार ने सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों, कर्मचारियों एवं सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आने वाले वर्षों में शिक्षा के क्षेत्र में नए आयाम स्थापित करने का संकल्प लिया।

6 करोड़ की सड़क योजना अधूरी, बीच सड़क में खड़े बिजली के खंभे से हो रहा दुर्घटना, लोगो मे आक्रोश


अनूपपुर

धार्मिक तीर्थ एवं पर्यटन नगरी अमरकंटक में भारत सरकार के हुडको से वित्तपोषित आईडीएसएमटी  योजना के अंतर्गत लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से वर्षों पूर्व शहडोल–अनूपपुर मुख्य मार्ग पर दोहरे सीमेंट-कंक्रीट सड़क निर्माण का कार्य कराया गया था। यह निर्माण कार्य शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नाका तिराहा से पुराने स्टेट बैंक शाखा, कल्याणिका केंद्रीय शिक्षा निकेतन विद्यालय, रे वा पेट्रोलियम तथा पुलिस थाना के सामने होते हुए पाल बंगला (अध्यक्ष निवास) तक कराया गया।

किन्तु आश्चर्यजनक रूप से सड़क का दूसरा भाग आज तक अधूरा पड़ा हुआ है। नाका तिराहा से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के सामने तक बनने वाला द्वितीय मार्ग अब तक प्रारंभ नहीं किया गया, जिससे सड़क निर्माण योजना अधूरी अवस्था में ही दिखाई देती है।

सबसे गंभीर चिंता का विषय यह है कि मार्ग के बीचों-बीच स्थित तीन विद्युत पोल आज भी यथावत खड़े हैं। सड़क का डिवाइडर इन खंभों तक पहुंचकर समाप्त हो जाता है, जिसके कारण वाहन चालकों को अचानक दिशा बदलनी पड़ती है। रे वा पेट्रोलियम एवं पुलिस थाना के सामने तथा विद्युत मंडल पावर हाउस के समीप होटल के बगल में स्थित विद्युत खंभे विशेष रूप से दुर्घटना की आशंका को बढ़ा रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार इन खंभों के कारण कई बार सड़क दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। इस संबंध में नगर परिषद, विद्युत विभाग तथा स्थानीय प्रशासन को अनेक बार अवगत कराया जा चुका है, किंतु आज तक न तो विद्युत पोलों को स्थानांतरित किया गया और न ही अधूरी सड़क का निर्माण पूर्ण कराया गया। विद्युत खंभों को हटाकर सड़क निर्माण कार्य पूर्ण नहीं कराया गया, तो भविष्य में कोई भी गंभीर सड़क दुर्घटना हो सकती है।

जनादेश का हुआ अपमान, पार्षद चुनाव में जनता ने नकारा, हारे हुए प्रत्याशी को बना दिये एल्डरमैन, संगठन की कार्यशैली पर सवाल


अनूपपुर 

लोकतंत्र में जनता का फैसला सर्वोपरि माना जाता है। एक सच्चे जनप्रतिनिधि की पहचान यही है कि वह जनादेश का सम्मान करते हुए अपनी राजनीति को जन-सेवा के प्रति समर्पित रखे। लेकिन आज के दौर में नेताओं की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाएं नैतिक मूल्यों पर भारी पड़ती दिखाई दे रही हैं। ऐसा ही एक ताजा और विवादित मामला नगर परिषद बरगवां से सामने आया है, जहां भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सत्ता संगठन ने जनता द्वारा पूरी तरह नकारे जा चुके नेताओं को पिछले दरवाजे से एंट्री दे दी है।

हाल ही में घोषित हुए मनोनीत पार्षदों की सूची के बाद क्षेत्र की राजनीति में एक नया विवाद खड़ा हो गया है। इस सूची में मुख्य रूप से उन चेहरों को शामिल किया गया है, जो वार्ड पार्षद का चुनाव बुरी तरह हार चुके थे। इसमें बड़ा नाम संदीप पुरी का है कांग्रेस की अर्चना यादव से जो वार्ड सदस्य का चुनाव हारकर मैदान से बाहर हो गया था। वहीं दूसरा प्रमुख नाम अजय सिंह का है, जिन्हें संजय नगर की जनता ने पूरी तरह नकार दिया था।

अब स्थानीय जनता और राजनीतिक गलियारों में यह गंभीर सवाल उठ रहा है कि जब जनता ने इन नेताओं को एक बार पूरी तरह अस्वीकार कर दिया, तो फिर संगठन ने इन्हें मनोनीत पार्षद बनाकर पिछले दरवाजे से नगर परिषद में प्रवेश क्यों कराया? क्या यह सीधे तौर पर जनता के फैसले और लोकतंत्र का अपमान नहीं है?

इस फैसले से भाजपा के उन निष्ठावान कार्यकर्ताओं और जमीनी नेताओं में भारी असंतोष और निराशा है, जो वर्षों से पार्टी के लिए काम कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि संगठन को ऐसे समर्पित कार्यकर्ताओं को मौका देना चाहिए था, जो चुनाव के वक्त सच्चे सिपाही की तरह पार्टी प्रत्याशी को जिताने के लिए तन, मन और धन से जुटे रहते हैं। हारे हुए प्रत्याशियो को यदि  संगठन को उपकृत करना ही था  तो नेताओं की योग्यता अनुसार संगठन के किसी दायित्व की जिम्मेदारी सौंप दी तो दूसरे दल से आए हुए इन नेताओं का भारतीय जनता पार्टी की संस्कृति से परिचय तो हो जाता है।

आशीर्वाद हॉस्पिटल में चेस्ट के जटिल ट्यूमर का सफल ऑपरेशन, 46 वर्षीय महिला को मिला नया जीवन


 अनूपपुर

जिला मुख्यालय अनूपपुर में पिछले आठ वर्षों से स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अपनी विश्वसनीय पहचान बना चुका आशीर्वाद हॉस्पिटल एक बार फिर अपनी उत्कृष्ट चिकित्सा सेवाओं को लेकर चर्चा में है। अस्पताल के अनुभवी डॉक्टरों की टीम ने एक बेहद जटिल एवं चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन को सफलता पूर्वक अंजाम देकर 46 वर्षीय महिला मरीज को नया जीवन प्रदान किया है। इस सफलता के बाद अस्पताल की विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं की क्षेत्रभर में सराहना हो रही है। अस्पताल में भर्ती 46 वर्षीय महिला प्रमिला राठौर के सीने (चेस्ट) में एक जटिल गांठ (ट्यूमर) से पीड़ित थी। यह समस्या लगातार गंभीर होती जा रही थी और मरीज को सांस लेने सहित अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था। जांच के बाद डॉक्टरों ने इसे अत्यंत संवेदनशील मामला मानते हुए तत्काल ऑपरेशन करने का निर्णय लिया। अस्पताल संचालक डॉ. सुनील गुप्ता के कुशल मार्गदर्शन में गठित विशेषज्ञ टीम ने पूरी तैयारी और आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का उपयोग करते हुए इस क्रिटिकल सर्जरी को सफलतापूर्वक पूरा किया। ऑपरेशन में डॉ. देवेंद्र नरवरिया, डॉ. आर.पी. द्विवेदी एवं डॉ. गुड़िया ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। डॉक्टरों की टीम की विशेषज्ञता, अनुभव और सतर्कता के चलते जटिल सर्जरी बिना किसी गंभीर जटिलता के सफल रही। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार ऑपरेशन के बाद मरीज की स्थिति लगातार बेहतर हो रही है। चिकित्सकों की निगरानी में उनका उपचार जारी है और स्वास्थ्य में तेजी से सुधार देखा जा रहा है। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर सही इलाज मिलने से मरीज की जान बचाई जा सकी। न्यूनतम शुल्क में आधुनिक उपचार की सुविधा आशीर्वाद हॉस्पिटल पिछले आठ वर्षों से अनूपपुर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को कम खर्च में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रहा है। अस्पताल में लगभग 20 सदस्यीय प्रशिक्षित एवं समर्पित स्टाफ मरीजों की देखभाल में लगातार सेवाएं दे रहा है। आधुनिक जांच एवं उपचार सुविधाओं के साथ यहां सामान्य से लेकर जटिल बीमारियों का इलाज भी किया जा रहा है, जिससे मरीजों को बड़े शहरों की ओर जाने की आवश्यकता कम पड़ रही है। अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत लगभग 200 मरीजों का सफल एवं पूरी तरह निःशुल्क उपचार किया जा चुका है। अस्पताल लगातार शासन की स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचाने का कार्य कर रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए यह अस्पताल किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।

 श्रावण के प्रथम सोमवार उमड़ा आस्था का सैलाब, कांवड़ में नर्मदा जल लेकर ज्वालेश्वर धाम पहुंचे हजारों श्रद्धालु


अनूपपुर

देवाधिदेव भगवान शिव को समर्पित पावन श्रावण मास के प्रथम सोमवार को मां नर्मदा की उद्गम स्थली अमरकंटक शिवभक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आई। सुबह ब्रह्ममुहूर्त से ही मां नर्मदा उद्गम मंदिर, प्राचीन शिवालयों और धार्मिक स्थलों में श्रद्धालुओं की लंबी कतारें लग गईं। "हर-हर महादेव" और "बोल बम" के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय हो उठा।

देश के विभिन्न राज्यों सहित मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ से बड़ी संख्या में श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे। श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा उद्गम कुंड में पूजा-अर्चना कर विधि-विधान से पवित्र जल भरा और कांवड़ में जल लेकर पैदल यात्रा करते हुए ज्वालेश्वर धाम की ओर प्रस्थान किया। श्रद्धालुओं की टोलियां पूरे मार्ग में भजन-कीर्तन करते हुए शिवभक्ति में लीन दिखाई दीं।

विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमालाओं के मध्य स्थित अमरकंटक को मां नर्मदा की पावन जन्मस्थली होने का गौरव प्राप्त है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मां नर्मदा का जल स्वयं सिद्ध और पुण्यदायी माना जाता है। श्रावण मास में यहां से जल लेकर भगवान शिव का अभिषेक करने का विशेष महत्व है। इसी आस्था के चलते प्रतिवर्ष हजारों श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचकर अपनी धार्मिक यात्रा का शुभारंभ करते हैं।

अमरकंटक से कुछ दूरी पर स्थित प्राचीन ज्वालेश्वर महादेव मंदिर श्रावण मास में श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बना रहता है। श्रद्धालु उद्गम कुंड से नर्मदा जल भरकर कई किलोमीटर की पैदल यात्रा तय करते हुए ज्वालेश्वर धाम पहुंचते हैं। 

प्रथम श्रावण सोमवार को मां नर्मदा मंदिर, श्री ज्वालेश्वर महादेव, श्री यंत्र मंदिर, प्राचीन शिवालयों एवं अन्य देवालयों में विशेष पूजन, रुद्राभिषेक और शिव आराधना का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने बेलपत्र, धतूरा, भांग, पुष्प और नर्मदा जल अर्पित कर भगवान भोलेनाथ का अभिषेक किया। दिनभर मंदिरों में दर्शनार्थियों की भीड़ बनी रही।

पटवारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू, पांच सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन तेज


अनूपपुर

मध्यप्रदेश पटवारी संघ भोपाल के आह्वान पर सोमवार से अनूपपुर जिले के सभी पटवारी अपनी पांच सूत्रीय मांगों के समर्थन में चरणबद्ध आंदोलन के अंतिम चरण में प्रवेश करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले गए। हड़ताल के पहले दिन पटवारियों ने मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर अनूपपुर को ज्ञापन सौंपा तथा अपने बस्ते एवं राजस्व अभिलेख संबंधित तहसील कार्यालयों में जमा कर दिए।

पटवारी संघ जिला इकाई अनूपपुर के अध्यक्ष चेतन सिंह मरावी ने बताया कि प्रदेशभर के पटवारी लंबे समय से अपनी पांच सूत्रीय मांगों के निराकरण की मांग कर रहे हैं, लेकिन शासन स्तर पर अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। इसके विरोध में मध्यप्रदेश पटवारी संघ के निर्देशानुसार अनूपपुर जिले की सभी तहसीलों के पटवारियों ने सामूहिक रूप से कार्य बहिष्कार करते हुए अनिश्चितकालीन हड़ताल प्रारंभ कर दी है।

संघ ने कैडर रिव्यू लागू कर पदोन्नति एवं समयमान वेतनमान का लाभ, नायब तहसीलदार की विभागीय परीक्षा का नियमित आयोजन, पटवारियों को जज प्रोटेक्शन एक्ट के दायरे में शामिल करने, विभिन्न योजनाओं के लंबित मानदेय एवं भुगतानों का शीघ्र भुगतान,पटवारी संघ के पदाधिकारियों के स्थानांतरण नियमों के विरुद्ध किए गए तबादलों को निरस्त करने की मांग उठाई है।

संघ का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का निराकरण नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। हड़ताल के चलते नामांतरण, सीमांकन, बंटवारा, आय, जाति एवं निवास प्रमाण-पत्रों के लिए आवश्यक राजस्व प्रतिवेदन सहित पटवारियों से संबंधित विभिन्न राजस्व कार्य प्रभावित होने की संभावना है, जिससे आम नागरिकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।

सावन के प्रथम सोमवार पर रामेश्वर महादेव मंदिर में होगा 51 परिवारों का सामूहिक रुद्राभिषेक


अनूपपुर

पवित्र श्रावण मास के प्रथम सोमवार, 3 अगस्त 2026 को दोपहर 12:00 बजे से रामेश्वर महादेव मंदिर, टैक्सी स्टैंड, वार्ड क्रमांक 3, जमुना कॉलोनी में करौली शंकर महादेव दरबार शंकर सेना जिला अनूपपुर के तत्वावधान में 51 परिवारों का भव्य सामूहिक रुद्राभिषेक एवं शिव आराधना का आयोजन किया जाएगा।

आयोजन के दौरान भगवान भोलेनाथ का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विधि-विधानपूर्वक रुद्राभिषेक, पूजन एवं आराधना संपन्न होगी। कार्यक्रम का उद्देश्य राष्ट्र, समाज एवं समस्त मानवता के सुख, शांति, समृद्धि तथा "रोग मुक्त, शोक मुक्त भारत" की मंगलकामना करना है।

आयोजन समिति ने क्षेत्र के समस्त शिवभक्तों से अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर भगवान शिव का अभिषेक एवं पूजन करने तथा इस आध्यात्मिक आयोजन का पुण्य लाभ प्राप्त करने की अपील की है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित की गई हैं।

सावन का प्रथम सोमवार भगवान शिव की उपासना का विशेष पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन श्रद्धा एवं भक्ति भाव से किए गए रुद्राभिषेक से सुख, शांति, आरोग्य और समृद्धि की प्राप्ति होती है। इसी भावना के साथ क्षेत्र के श्रद्धालु एकत्र होकर भगवान भोलेनाथ का सामूहिक अभिषेक करेंगे तथा राष्ट्र एवं विश्व कल्याण की प्रार्थना करेंगे।

शंकर सेना की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती हनी सुनील चौरसिया एवं अनूपपुर जिला अध्यक्ष राजेश सिंह ने सभी शिवभक्तों से इस पावन आयोजन में परिवार सहित शामिल होकर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त करने और आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।

कलेक्टर के तबादले का झूठा श्रेय लेने वाले 'कूप मण्डूक', प्रशासनिक प्रक्रिया के तहत हुआ ट्रांसफर- विनय सिंह


अनूपपुर

जिले के कलेक्टर हर्षल पंचोली के स्थानांतरण को लेकर स्थानीय राजनीति गरमा गई है। इस मामले में एडवोकेट विनय सिंह ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर उन राजनीतिक तत्वों पर कड़ा प्रहार किया है, जो इस तबादले का झूठा श्रेय लेकर सस्ती लोकप्रियता हासिल करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कलेक्टर के स्थानांतरण का मिथ्यापूर्ण श्रेय लेने वाली ताकतें ओछी बयानबाजी बंद करें।

विनय सिंह ने विज्ञप्ति में बताया कि जैसे ही कलेक्टर हर्षल पंचोली के स्थानांतरण का आदेश भोपाल से जारी हुआ, वैसे ही जिले के कुछ तथाकथित नेता और अवांछनीय तत्व आतिशबाजी कर यह दावा करने लगे कि उन्होंने मुख्यमंत्री से कहकर यह तबादला करवाया है। उन्होंने कहा कि ऐसे लोग इसलिए बौखलाए हुए थे क्योंकि कलेक्टर उनकी अवैध और अनुचित बातों को अनसुना कर देते थे।

विज्ञप्ति के माध्यम से स्पष्ट किया गया कि कलेक्टर, कमिश्नर और पुलिस अधीक्षक जैसे उच्च पदों का स्थानांतरण पूरी तरह से प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा है। मुख्यमंत्री अधिकारियों के कार्यकाल को दृष्टिगत रखकर ही कोई निर्णय लेते हैं। हर्षल पंचोली ने अनूपपुर में लगभग दो वर्ष का अपना कार्यकाल पूरा कर लिया था, जिसके बाद यह सामान्य प्रशासनिक फेरबदल हुआ है।

विनय सिंह ने स्थानीय प्रशासन और शासन का बचाव करते हुए कहा कि अनूपपुर जिले के सम्मानित और वरिष्ठ नेताओं, जैसे कैबिनेट मंत्री दर्जा प्राप्त रामलाल रौतेल, मंत्री दिलीप जायसवाल, सांसद हिमाद्री सिंह और जिला भाजपा अध्यक्ष हीरा सिंह ने इस ट्रांसफर पर कोई अनुचित प्रतिक्रिया जाहिर नहीं की है। केवल कुछ छुटभैये और स्वयंभू नेता ही शासन की मंशा के विपरीत बयानबाजी कर रहे हैं। उन्होंने ऐसे लोगों को 'कूप मण्डूक' (कुएं का मेंढक) बताते हुए कहा कि इन्हें आई.ए.एस. अधिकारियों के स्थानांतरण की शासकीय प्रक्रिया का कोई ज्ञान ही नहीं है। आई.ए.एस. अधिकारी अपने काम और गरिमा से अपनी पहचान बनाते हैं और भविष्य में पदोन्नति पाकर कमिश्नर, प्रमुख सचिव या मुख्य सचिव जैसे शीर्ष पदों पर पहुंचते हैं।

श्रावण के प्रथम दिवस पर शिवमय हुआ अमरकंटक, "बोल बम" के जयघोष से गूंज उठी तपोभूमि


अनूपपुर

पावन श्रावण मास के प्रथम दिवस से ही विश्व प्रसिद्ध तीर्थ एवं तपोभूमि अमरकंटक भगवान भोलेनाथ की भक्ति में सराबोर हो उठा है। मां नर्मदा की पावन नगरी इन दिनों "बोल बम", "हर-हर महादेव" और "जय भोले" के जयघोष से गुंजायमान है। केसरिया वस्त्र धारण किए हजारों शिवभक्त मां नर्मदा के उद्गम स्थल पर पहुंचकर पवित्र जल अपने कांवड़ में भर रहे हैं और विभिन्न शिवधामों की ओर अपनी कठिन पदयात्रा प्रारंभ कर रहे हैं। संपूर्ण अमरकंटक क्षेत्र श्रद्धा, आस्था और सनातन संस्कृति के दिव्य रंग में रंगा दिखाई दे रहा है।

श्रावण मास के साथ ही छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले सहित विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में कांवड़िये अमरकंटक पहुंच रहे हैं। यहां से मां नर्मदा का पवित्र जल लेकर वे लगभग 200 किलोमीटर दूर स्थित विख्यात भोरमदेव महादेव में जलाभिषेक करने के लिए पैदल यात्रा कर रहे हैं। वहीं बिलासपुर एवं आसपास के श्रद्धालु मां नर्मदा का जल लेकर रतनपुर स्थित भगवान शिव का अभिषेक करने निकल रहे हैं, जबकि शहडोल अंचल के कांवड़िये अमोलेश्वर धाम पहुंचते हैं तथा भगवान्  भोलेनाथ को जलाभिषेक कर अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होने की कामना करते हैं।

अमरकंटक पहुंचने वाले श्रद्धालु सर्वप्रथम मां नर्मदा उद्गम मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। इसके बाद वे मां नर्मदा के दर्शन कर परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्य एवं मंगलमय जीवन का संकल्प लेते हैं। श्रद्धालु अमरेश्वर महादेव तथा जालेश्वर महादेव सहित अन्य प्राचीन शिवालयों में दर्शन-पूजन कर अपनी यात्रा का शुभारंभ करते हैं। मंदिरों में गूंजते वैदिक मंत्र, घंटियों की मधुर ध्वनि झांझ, मजीरा और ढोलक - मांदल की थाप और शिवभक्तों के जयघोष से संपूर्ण वातावरण शिवमय हो उठ रहा है।

जे.एम.एस. कम्पनी के वाहन से दुर्घटना पर जिला कांग्रेस ने सौंपा ज्ञापन, दोषियों पर कठोर कार्यवाही की मांग

*कार्यवाही नही हुई तो होगा घेराव*


अनूपपुर

जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर अध्यक्ष गुड्डू चौहान के नेतृत्व में 29 जुलाई 2026 को कोतमा-निगवानी मार्ग पर हुई सड़क दुर्घटना के मामले में थाना प्रभारी, कोतमा को ज्ञापन सौंपकर हिट एंड रन का प्रकरण दर्ज करने तथा वाहन चालक एवं जे.एम.एस. कम्पनी के जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की मांग की है।

ज्ञापन में कहा गया है कि जे.एम.एस. कम्पनी के एक वाहन ने एक युवक को गंभीर रूप से टक्कर मार दी, जिसके बाद वाहन चालक घायल को घटनास्थल पर छोड़कर वाहन सहित फरार हो गया। कांग्रेस ने इसे स्पष्ट रूप से हिट एंड रन का मामला बताते हुए कहा कि दुर्घटना के समय वाहन में कम्पनी के जिम्मेदार अधिकारी एवं कर्मचारी भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने घायल को अस्पताल पहुंचाने अथवा पुलिस को सूचना देने जैसी मानवीय एवं कानूनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया।

जिला कांग्रेस ने प्रशासन से मांग की है कि संबंधित वाहन को तत्काल जप्त किया जाए, वाहन चालक के विरुद्ध हिट एंड रन सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में प्रकरण दर्ज कर उसकी गिरफ्तारी की जाए तथा वाहन में मौजूद जे.एम.एस. कम्पनी के जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के विरुद्ध भी वैधानिक कार्रवाई की जाए। साथ ही घायल के समुचित उपचार की संपूर्ण व्यवस्था कम्पनी के माध्यम से तत्काल सुनिश्चित कराने एवं रिहायशी क्षेत्रों में तेज गति से चलने वाले भारी वाहनों पर प्रभावी नियंत्रण एवं वैधानिक कार्रवाई करने की भी मांग की गई है।

यदि पांच दिवस के भीतर दोषियों के विरुद्ध हिट एंड रन का मामला दर्ज कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई नहीं की गई, तो कांग्रेस पार्टी जनहित में थाना घेराव एवं लोकतांत्रिक आंदोलन करेगी। इसके अतिरिक्त यदि जे.एम.एस. कम्पनी द्वारा घायल के उपचार की समुचित व्यवस्था नहीं की गई तो कम्पनी के विरुद्ध भी व्यापक जन आंदोलन किया जाएगा। जिला कांग्रेस ने पुलिस प्रशासन से प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए निष्पक्ष, त्वरित एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की है। 

पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने नर्मदा में लगाई डुबकी, गुरु पूजन व विशाल भंडारे का हुआ आयोजन


अनूपपुर

पवित्र नगरी अमरकंटक में आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और गुरु-परंपरा का अनुपम संगम देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त से ही हजारों की संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने पतित पावनी, पुण्य सलिला माँ नर्मदा के पवित्र कोटितीर्थ कुंड, रामघाट एवं अन्य घाटों पर आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य स्नान किया तथा माँ नर्मदा का विधिवत दर्शन-पूजन, आरती एवं अर्चना कर विश्व के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।

गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरु-शिष्य परंपरा की दिव्य छटा भी अमरकंटक के विभिन्न आश्रमों में देखने को मिली। गुरु भक्तों एवं शिष्यों ने अपने पूज्य गुरुदेव के श्रीचरणों में पुष्प, चंदन, अक्षत एवं माल्यार्पण अर्पित कर श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन, आरती एवं वंदना की तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे वातावरण में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन एवं गुरु महिमा के स्वर गूंजते रहे, जिससे संपूर्ण तीर्थ नगरी भक्तिमय वातावरण में सराबोर रही।

इस पावन अवसर पर कल्याण सेवा आश्रम, मारकंडेय आश्रम, शांति कुटी आश्रम, फलाहारी आश्रम, गीता स्वाध्याय मंदिर, बर्फानी आश्रम, मृत्युंजय आश्रम, धारकुंडी आश्रम तथा गायत्री मंदिर (सर्वोदय विश्राम गृह) सहित अनेक आश्रमों में गुरुपूजन के उपरांत विशाल भंडारों एवं प्रसादी वितरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य महसूस किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मध्य प्रदेश सहित छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात एवं अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में गुरु भक्त अपने-अपने गुरुदेव के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने अमरकंटक पहुंचे। 

सोनमुड़ा में टूटी रेलिंग, उखड़ी टाइल्स, बिजली के पोल गिरे, श्रद्धालुओं के साथ कभी भी हो सकता है बड़ा हादसा


अनूपपुर

धार्मिक नगरी अमरकंटक का प्रमुख पर्यटन स्थल सोनमुड़ा इन दिनों बदहाल व्यवस्थाओं के कारण चर्चा में है। करोड़ों रुपये की लागत से प्रसाद   योजना के तहत विकसित किए गए इस स्थल पर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सीढ़ियों के दोनों ओर लगी लोहे की सुरक्षा रेलिंग कई स्थानों पर टूटकर जमीन पर पड़ी है, जबकि कई हिस्सों में रेलिंग पूरी तरह गायब हो चुकी है। इससे यहां आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

सोनमुड़ा में वर्ष भर प्रदेश और देशभर से लाखों श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंचते हैं। वर्तमान स्थिति में सीढ़ियों के किनारों पर रेलिंग न होने से जरा-सी असावधानी किसी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। वहीं कई स्थानों पर सीढ़ियों की टाइल्स उखड़कर बिखर चुकी हैं, जिससे पैदल चलने वालों के फिसलने और चोटिल होने की आशंका बनी रहती है।

लाखों रुपये की लागत से बनाई गई कैंटीलीवर (दर्शक मंच) के समीप स्टील की सुरक्षा ग्रिल भी कई जगह उखड़ चुकी है और धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होती जा रही है। इससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता के साथ-साथ रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।

सोनमुड़ा के सौंदर्यीकरण के उद्देश्य से लगाए गए नाइट लाइट के खंभे भी कई स्थानों पर उखड़कर इधर-उधर पड़े हैं। लंबे समय से इनकी मरम्मत नहीं होने के कारण पूरा परिसर अपनी प्राकृतिक सुंदरता और आकर्षण खोता नजर आ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पर्यटन स्थल पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए, लेकिन रखरखाव के अभाव में सुविधाएं तेजी से जर्जर होती जा रही हैं। नागरिकों व पर्यटकों ने मांग की है कि जिला प्रशासन तत्काल स्थल का निरीक्षण कर मरम्मत कराए।

स्टेशन में युवक से 14 मोबाईल जप्त, हुआ गिरफ्तार


अनुपपुर

रेलवे सुरक्षा बल, टास्क फ़ोर्स टीम, अनुपपुर एवं जीआरपी अनूपपुर के साथ संयुक्त रूप से पूर्व में जीआरपी चौकी अनूपपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 110/26 के पतासाजी के क्रम मे मुखबिर के सूचना के आधार पर रेलवे स्टेशन अनूपपुर प्लेटफार्म नंबर एक पर चेकिंग के दौरान एक व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में काले रंग के पिट्टू बैग के साथ पकड़ा गया। नाम पता पूछने पर उसने अपना नाम-मोहम्मद सिद्दीक खान, पिता – मोहम्मद ताहिर खान, उम्र- 24 वर्ष , निवासी, ग्राम- मडसा, तहसील- जैतपुर , थाना – जैतपुर, जिला- शहडोल मध्य प्रदेश का रहने वाला बताया, उसके बैग की तलाशी लेने पर उसके बैग से 14 नग मोबाइल फोन मिले। जाँच के दौरान उक्त आरोपी को पूर्व में दो मामले में संलिप्त पाया गया, जिसे जीआरपी अनुपपुर को सुपुर्द किया गया। उक्त दोनों मामलों में अलग अलग कम्पनी के 14 नग मोबाइल जप्त किये गए, जिनकी कुल कीमत- 2 लाख 75 हजार रुपए है।

हाथी ने गिराया दीवाल, बृद्ध दबकर हुआ घायल, हाथी देखने छत पर चढ़ रही महिला का पैर फिसला, हुई घायल


अनूपपुर

अनूपपुर जिला निरंतर हाथियों के विचरण एवं हाथियों द्वारा फैलाए जा रहे आतंक के कारण ग्रामीण भयभीत एवं परेशान है वहीं ग्रामीणों की संपत्तियों को हाथि के समूह तोड़कर खाकर निरंतर नुकसान पहुंचा रहे हैं।

देर रात हाथियों के समूह द्वारा जैतहरी नगर से लगे लहरपुर गांव में प्रवेश कर 60 वर्षीय बुद्धू पिता बाबूलाल पनिका के घर की दीवाल को खाने की तलाश में तोड़े जाने पर घर के अंदर खाट पर अकेले में सो रहे थे पर मालवा गिरने से गंभीर स्थिति में घायल होने पर वन विभाग के गश्ती दल द्वारा घायल को जैतहरी अस्पताल लाकर भर्ती कराया गया जहां उनका उपचार चल रहा है,वही रविवार एवं सोमवार की मध्य रात्रि दो हाथियों का समूह के जैतहरी से 10 किलोमीटर दूर स्थित चोई गांव के पडमनिया टोला के बीच बस्ती में पहुंचने में 40 वर्षीय कलावती पति लखन चर्मकर जो छत में चढ़ने के लिए सीढी चढ रही थी तभी अनियंत्रित होकर पैर फिसलने से गिर जाने पर चोटिल होने पर जैतहरी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

दो दिनों से तीन हाथियों का समूह दो एवं एक की संख्या में अलग-अलग विचरण एवं जंगल में विश्राम कर रहे हैं सोमवार की सुबह दो हाथियों का समूह जैतहरी के चोई गांव से लगे प्लांटेशन के जंगल में एवं एक हाथी को कुसुमहाई के झंडी टोला के जंगल में दिन के समय विश्राम कर रहे हैं। हाथी ग्रामीण क्षेत्रो में लगातार नुकसान कर रहे है। लोग दहशत की स्थिति में रात बिता रहे हैं।

1.5 लाख का गाँजा पुलिस ने मोटरसाइकिल सहित किया जब्त, 2 आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

थाना कोतमा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि जमगावं सेमरिया तरफ से एक मोटर सायकल में दो व्यक्ति सफेद बोरी  में अवैध मादक पदार्थ गांजा लेकर कोतमा तरफ आने वाले हैं। सूचना पर तत्काल एक विशेष टीम रवाना की गई । कुछ देर बाद जमगांव तरफ से एक मोटरसाइकल रोड पर आते हुए दिखाई दिया, जिसमें 02 व्यक्ति बैठे थे, जिनके  संदेह होने पर वहां पुलिस द्वारा रोककर पकड़ा गया । नाम पता पूछने पर मोटर सायकल क्रमांक MP 65 ZB 8205 के चालक ने अपना नाम सूरज यादव पिता मुंशी यादव उम्र 28 वर्ष निवासी मौहरी एवं दिलीप साहू पिता जवाहर लाल साहू उम्र 19 वर्ष निवासी मौहरी टमकी टोला चौकी फुनगा थाना भालूमाड़ा का होना बताया। शक होने पर पुलिस द्वारा मोटर सायकल रोककर दोनो के बीच में रखे एक सफेद रंग की बोरी को चेक किया गया जिसमें 9.865 किलो अवैध मादक पदार्थ गांजा होना पाया गया ।

जप्त गांजा की अनुमानित कीमत लगभग 1.5 लाख रुपये एवं, मोटर सायकल वाहन जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 60 हजार रुपए एवं दो नग मोबाइल कीमती 17 हजार रुपए कुल मशरूका 2,27,000 आरोपियों के कब्जे से जप्त किया गया।

उक्त आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर उसके  विरुद्ध धारा 8/20 (ब)एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। पूछताछ पर आरोपियों ने गांजा परमानंद पनिका उर्फ गोलू निवासी मौहरी एवं बेनीप्रसाद मेहरा निवासी मौहरी से लाना बताया है।जिनकी तलाश की जा रही है।

कोटितीर्थ घाट व जैन मंदिर पार्किंग में चलते वाहन को सड़क पर रोककर वसूला जा रहा पार्किंग शुल्क 

*व्यवस्था पर उठे सवाल, श्रद्धालुओं में नाराजगी*


अनूपपुर

प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थस्थल अमरकंटक में कोटितीर्थ घाट एवं जैन मंदिर पार्किंग क्षेत्र में इन दिनों वाहनों को बीच सड़क पर रोककर पार्किंग शुल्क वसूले जाने की शिकायतें लगातार सामने आ रही हैं। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं का आरोप है कि यह प्रक्रिया निर्धारित पार्किंग व्यवस्था के अनुरूप नहीं है, क्योंकि सामान्यतः पार्किंग शुल्क केवल पार्किंग स्थल पर खड़े किए गए वाहन से लिया जाता है तथा वाहन की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी शुल्क वसूलने वाली संस्था की होती है।

कोटितीर्थ घाट पार्किंग का संचालन नगर परिषद के माध्यम से कराया जा रहा है। आरोप है कि नर्मदा पुल के समीप तिराहे पर खड़े होकर आने-जाने वाले वाहनों से भी पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा है। जबकि इसी मार्ग से पर्यटक स्थल सोनमुड़ा, माई की बगिया, धूनीपानी एवं भृगु कमंडल सहित वार्ड क्रमांक 8, 14 एवं 15 की बस्तियों के निवासी, विद्यालय एवं छात्रावासों में आने-जाने वाले अभिभावक तथा स्थानीय लोग भी आवागमन करते हैं। ऐसे लोगों से भी पार्किंग शुल्क लिए जाने की शिकायतें पूर्व में मिल चुकी हैं।

बताया जाता है कि इस संबंध में मुख्य नगर पालिका अधिकारी चैन सिंह परस्ते से शिकायत भी की गई थी, जिसके बाद कुछ समय के लिए सड़क पर शुल्क वसूली बंद कर दी गई थी। लेकिन अब पुनः पहले जैसी स्थिति बन गई है। इसी प्रकार जैन मंदिर पार्किंग क्षेत्र में भी सड़क पर वाहनों को रोककर शुल्क वसूले जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पहले पार्किंग शुल्क की वसूली इलेक्ट्रॉनिक मशीन के माध्यम से की जाती थी, जिससे पारदर्शिता बनी रहती थी। वर्तमान में कागजी रसीद पर्ची के माध्यम से शुल्क वसूले जाने से व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।

श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों का कहना है कि विभिन्न स्थानों पर पार्किंग शुल्क तो लिया जा रहा है, लेकिन कई जगहों पर न तो व्यवस्थित पार्किंग स्थल उपलब्ध हैं और न ही वाहन सुरक्षा अथवा अन्य मूलभूत सुविधाएं। उनका कहना है कि शुल्क लेने के बाद भी यदि निर्धारित पार्किंग, सुरक्षा और सुव्यवस्थित व्यवस्था नहीं मिलती है, तो वे स्वयं को ठगा हुआ महसूस करते हैं।

लाठी चार्ज पर सरकार के खिलाफअधिवक्ताओं ने खोला मोर्चा, न्यायालय के सामने किया प्रदर्शन


अनूपपुर

जिले में नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक और इस मुद्दे पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज के विरोध में कांग्रेस एवं वामदलों से जुड़े अधिवक्ताओं ने जिला एवं सत्र न्यायालय के मुख्य द्वार पर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक वाचन किया और संविधान, लोकतंत्र तथा नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के समर्थन में नारे लगाए।

प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने कहा कि छात्रों का शांतिपूर्ण विरोध लोकतांत्रिक व्यवस्था का अभिन्न हिस्सा है और ऐसे आंदोलनों पर बल प्रयोग किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए चिंताजनक है। उनका कहना था कि नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक जैसी घटनाओं से लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है, जिसके विरोध में देशभर में विभिन्न छात्र संगठन और सामाजिक समूह शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे हैं।

अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि संसद की ओर मार्च कर रहे छात्रों पर दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए कथित लाठीचार्ज में कई छात्र घायल हुए, जिसकी उन्होंने कड़ी निंदा की।

प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि छात्रों पर बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों के विरुद्ध आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाए तथा संविधान प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण विरोध के अधिकार का पूर्ण सम्मान सुनिश्चित किया जाए। इस दौरान लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्था की रक्षा का सामूहिक संकल्प भी लिया गया।

प्रदर्शन में जिले के बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने भाग लिया। उपस्थित अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिवक्ता समाज हमेशा से राष्ट्रीय और जनहित के मुद्दों पर अपनी जिम्मेदारी निभाता रहा है तथा भविष्य में भी संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए अपनी आवाज बुलंद करता रहेगा।

नगरपालिका ने चलाया अतिक्रमण विरोधी अभियान, कई दुकानों को हटाया, 8 दुकानों पर 2400 का जुर्माना


अनूपपुर 

जिला मुख्यालय में नगरपालिका ने अवैध अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए सड़क किनारे संचालित दुकानों को हटाया गया और पुरानी सब्जी मंडी में अवैध मछली बाजार के चबूतरे को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया।

दोपहर में नगरपालिका अमला कोतवाली पुलिस के साथ मुख्य बाजार क्षेत्र पहुंचा। यहां जेसीबी की मदद से मुख्य सड़क किनारे पन्नी डालकर या अस्थाई व्यवस्था कर दुकान चलाने वालों की दुकानें हटाई गईं। कार्रवाई के दौरान स्थानीय भीड़ को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल मौजूद रहा।

नपा अनूपपुर के राजस्व निरीक्षक गौरव सिंह बघेल और अतिक्रमण प्रभारी अखिलेश सिंह चौहान ने बताया कि यह कार्रवाई कलेक्टर हर्षल पंचोली के निर्देश पर की जा रही है। कलेक्टर को पुरानी सब्जी मंडी में बंद किए गए मछली बाजार के अवैध संचालन और सड़कों तक पसरी दुकानों की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। पुरानी सब्जी मंडी के साथ-साथ कोतवाली तिराहा से बस स्टैंड, आदर्श मार्ग और कोतवाली तिराहा से स्टेशन मार्ग पर भी अतिक्रमण हटाया गया। शाम 5 बजे तक 8 दुकानों पर चालानी कार्रवाई करते हुए 2400 रुपए का जुर्माना लगाया गया।

अधिकारियों ने बताया कि शहरी क्षेत्र में अतिक्रमण के खिलाफ यह कार्रवाई अलग-अलग दिनों में जारी रहेगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सभी अतिक्रमण हटाए जाएं ताकि नागरिकों को असुविधा न हो। खासकर सामतपुर तिराहा से कोतवाली और कोतवाली तिराहा से स्टेशन मुख्य मार्ग पर सड़कों तक पसरी दुकानें नहीं दिखनी चाहिए। दुकानदारों को इस संबंध में सख्त हिदायत दी गई है। नगरपालिका अमला देर शाम तक कार्रवाई जारी रखे हुए था। इस कार्रवाई से नगरवासियों को सड़कों पर लगने वाले अतिक्रमण से थोड़ी राहत मिली है।

अनियमितताओं पर जिला कांग्रेस ने किया विरोध प्रदर्शन, सौंपा ज्ञापन, की शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग


अनूपपुर

जिला कांग्रेस कमेटी अनूपपुर के अध्यक्ष गुड्डू चौहान के नेतृत्व में गांधी चौक, कोतमा में शिक्षा व्यवस्था में अनियमितताओं, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं से आहत छात्रों की मौत, शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों एवं युवाओं के साथ हुई कथित सरकारी बर्बरता और अभद्रता के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान उपस्थित जनों को पूर्व विधायक मनोज कुमार अग्रवाल, जनपद सदस्य रेखा राठौर, जिला कांग्रेस कोषाध्यक्ष जेपी श्रीवास्तव, पंचायती राज संगठन जिला अध्यक्ष संध्या वर्मा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष मिश्रा, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष मानवेंद्र मिश्रा, युवा कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष मो. नदीम ने संबोधित किया तथा कार्यक्रम का सफल संचालन युवा नेता रफी अहमद ने किया।

विरोध प्रदर्शन के उपरांत जिला कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी कोतमा को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के निर्देशानुसार देश में हाल ही में छात्रों, विपक्षी नेताओं एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के साथ हुई घटनाएं लोकतांत्रिक मूल्यों एवं भारतीय संविधान की भावना के प्रतिकूल हैं।

ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, कांग्रेस सांसदों, वरिष्ठ नेताओं एवं छात्रों के साथ की गई कथित दमनात्मक कार्रवाई लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि छात्र एवं युवा अपने भविष्य से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज़ उठा रहे थे, किन्तु उनके साथ किया गया व्यवहार निंदनीय एवं अस्वीकार्य है।

ज्ञापन में कहा गया कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज़ को बलपूर्वक दबाना संविधान द्वारा प्रदत्त अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर आघात है। ऐसी घटनाओं से देश के युवाओं में भय एवं असुरक्षा का वातावरण उत्पन्न होता है तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास कमजोर पड़ता है।

ज्ञापन के माध्यम से जिला कांग्रेस ने निम्नलिखित प्रमुख मांगें रखीं जिसमें पहली मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का तत्काल इस्तीफा लिया जाए अथवा उन्हें पद से बर्खास्त किया जाए। दूसरी मांग परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं एवं व्यवस्थागत विफलताओं पर संसद में तत्काल चर्चा कर दोषी अधिकारियों एवं संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। तीसरी मांग नई दिल्ली में छात्रों एवं शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के विरुद्ध दर्ज सभी एफआईआर एवं आपराधिक प्रकरण तत्काल प्रभाव से वापस लिए जाएँ। तथा चौथी मांग जंतर-मंतर, नई दिल्ली में छात्राओं के साथ कथित अभद्रता करने वाले पुलिस अधिकारियों तथा छात्रों के साथ दुर्व्यवहार एवं लाठीचार्ज में शामिल जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।

अंत में जिला कांग्रेस कमेटी ने महामहिम राष्ट्रपति महोदया से लोकतंत्र की गरिमा, संविधान की मूल भावना तथा देश के युवाओं के अधिकारों की रक्षा के लिए इस गंभीर विषय में हस्तक्षेप करते हुए न्यायोचित एवं निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह किया। ज्ञापन का वाचन वरिष्ठ कांग्रेस नेता संतोष मिश्रा ने किया।

नगरपालिका बाजार क्षेत्र के 294 परिवारों ने भू-अधिकार के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया


अनूपपुर

नगरपालिका परिषद कोतमा के बाजार एरिया स्थित नजूल भूमि पर वर्षों से निवास और व्यवसाय कर रहे 294 परिवारों ने स्थायी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका (भूमि स्वामित्व अधिकार) की मांग को लेकर मध्यप्रदेश उच्च न्यायालय, जबलपुर में याचिका दायर की है।

याचिका में बताया गया है कि बाजार क्षेत्र के निवासी रीवा रियासत के महाराजा गुलाब सिंह के शासनकाल तथा मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता, 1959 लागू होने से पहले से इस भूमि पर काबिज हैं। उनका कहना है कि वर्ष 1946-47 में इस क्षेत्र की व्यवस्थित प्लॉटिंग कर बाजार बसाया गया था और तब से लोग अपने मकान एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान बनाकर लगातार रह रहे हैं।

याचिका के अनुसार वर्तमान में बाजार क्षेत्र में 294 आवासीय एवं व्यावसायिक भवन स्थित हैं। राजस्व अभिलेखों में यह भूमि नजूल के रूप में दर्ज है, जबकि नागरिक लंबे समय से यहां रहकर नगरपालिका को कर एवं अन्य शुल्क भी अदा करते रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें आज तक भूमि का स्वामित्व अधिकार नहीं मिल सका है।

याचिकाकर्ताओं ने मांग की है कि उन्हें केवल लीज पर भूमि देने के बजाय स्थायी भू-अधिकार एवं ऋण पुस्तिका प्रदान कर मालिकाना हक दिया जाए, ताकि भविष्य में उन्हें किसी प्रकार की कानूनी या प्रशासनिक परेशानी का सामना न करना पड़े।

इस मामले में बाजार क्षेत्र के कई नागरिक याचिकाकर्ता हैं। उच्च न्यायालय ने मामले की प्रारंभिक सुनवाई करते हुए राज्य शासन से जवाब तलब किया है। अब स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि न्यायालय के हस्तक्षेप से वर्षों पुरानी भू-अधिकार की मांग का समाधान निकल सकेगा।

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