19 दिनों से बंद पड़ा पेयजल पंप, बूंद-बूंद पानी को तरस रहे लोग, नगर पालिका की संवेदनहीनता

*आम जनता परेशान, जिम्मेदार मौन*


अनूपपुर

नगर पालिका परिषद अनूपपुर की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में है। शहर के पुराने नगर पालिका भवन परिसर में स्थापित पेयजल पंप पिछले 19 दिनों से खराब पड़ा हुआ है, लेकिन हैरानी की बात यह है कि आज तक उसकी मोटर सुधारने या नई मोटर लगाने की दिशा में कोई ठोस पहल दिखाई नहीं दी। परिणामस्वरूप दीनदयाल रसोई, पुलिस लाइन तथा आसपास के वार्डों के सैकड़ों नागरिक पेयजल संकट से जूझने को मजबूर हैं।

पानी जैसी मूलभूत आवश्यकता के लिए लोग प्रतिदिन इधर-उधर भटक रहे हैं। सबसे अधिक परेशानी उन गरीब, मजदूर और जरूरतमंद लोगों को हो रही है जो दीनदयाल रसोई में भोजन करने आते हैं। वहीं पुलिस लाइन के कर्मचारी एवं आसपास के वार्डों के रहवासी भी पिछले कई दिनों से पेयजल की गंभीर समस्या का सामना कर रहे हैं। नागरिकों का कहना है कि कई बार नगर पालिका को सूचना देने और शिकायत करने के बावजूद समस्या जस की तस बनी हुई है।

स्थानीय लोगों का आरोप है कि यदि किसी वीआईपी क्षेत्र में ऐसी स्थिति होती तो संभवतः कुछ ही घंटों में व्यवस्था बहाल कर दी जाती, लेकिन आम नागरिकों की परेशानी को लेकर नगर पालिका प्रशासन गंभीर नजर नहीं आ रहा है। 19 दिनों का लंबा समय बीत जाने के बाद भी मरम्मत कार्य शुरू न होना नगर पालिका की कार्यशैली और जवाबदेही पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।

शहरवासियों का कहना है कि नगर पालिका का पहला दायित्व नागरिकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराना है, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि सबसे बुनियादी सुविधा ही लोगों को नहीं मिल पा रही है। बरसात के मौसम में भी पेयजल संकट बना रहना यह दर्शाता है कि नगर पालिका की प्राथमिकताओं में आम जनता की समस्याएं कहीं पीछे छूट गई हैं।

नागरिकों ने नगर पालिका अध्यक्ष एवं जिम्मेदार अधिकारियों से तत्काल खराब मोटर को बदलकर पेयजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो उन्हें जनआंदोलन का सहारा लेना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।

पवित्र नगरी में दो दिनों से रुक रुककर झमाझम बारिश का दौर जारी, पर्यटकों की हुई कमी


अनूपपुर

प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में विगत दो दिनों से झमाझम मूसलाधार वर्षा का सिलसिला लगातार जारी है। अषाढ़ माह के आगमन के साथ ही क्षेत्र में मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया है और प्रकृति अपने वास्तविक स्वरूप में दिखाई दे रही है।

5 जुलाई 2026, रविवार से तेज गर्जना, बादलों की गड़गड़ाहट और रुक-रुककर हो रही मूसलाधार वर्षा का क्रम प्रारंभ हुआ, जो रातभर कभी तेज, कभी मध्यम और कभी हल्की बारिश के रूप में जारी रहा। 6 जुलाई, सोमवार को भी समाचार लिखे जाने तक लगातार वर्षा होती रही। आसमान में घने काले बादलों का डेरा बना रहा तथा बीच-बीच में घना कोहरा छाने से वातावरण और भी मनमोहक हो गया।

लगातार हो रही वर्षा के कारण अमरकंटक आने वाले पर्यटकों एवं तीर्थयात्रियों की संख्या में अन्य दिनों की अपेक्षा कमी देखी गई। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में किसान खेती-किसानी के कार्यों, जुताई एवं बुवाई में जुट गए हैं, जिससे बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर भी सामान्य दिनों की तुलना में कम चहल-पहल रही।

दो दिनों से लगातार हो रही वर्षा के चलते पवित्र नगरी अमरकंटक का मौसम अत्यंत ठंडा एवं खुशनुमा हो गया है। मौसम के इस मनोहारी स्वरूप ने अमरकंटक की प्राकृतिक सुंदरता में चार चांद लगा दिए हैं। चारों ओर हरियाली, बादलों की आवाजाही, रिमझिम वर्षा और घने कोहरे का अद्भुत दृश्य श्रद्धालुओं एवं प्रकृति प्रेमियों को विशेष रूप से आकर्षित कर रहा है।

शिक्षा, रोजगार, बेरोजगारी, युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा व कौशल विकास ही समाधान : युवा नेता रवि श्रीवास



अनूपपुर

देश का भविष्य युवा शक्ति पर निर्भर करता है, लेकिन वर्तमान समय में शिक्षा, रोजगार और बढ़ती बेरोजगारी युवाओं के सामने सबसे बड़ी चुनौती बनकर उभरी है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी लाखों युवा रोजगार के लिए भटकने को मजबूर हैं। इसी विषय पर अपनी बात रखते हुए युवा नेता रवि श्रीवास ने कहा कि केवल डिग्री हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं है, बल्कि समय की मांग के अनुसार तकनीकी ज्ञान, व्यावसायिक कौशल और रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्राप्त करना भी बेहद आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि आज प्रतिस्पर्धा का दौर लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ कंप्यूटर, डिजिटल तकनीक, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), संचार कौशल, अंग्रेजी भाषा तथा विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों से भी जुड़ना चाहिए। इससे निजी और सरकारी दोनों क्षेत्रों में रोजगार की संभावनाएँ बढ़ेंगी और युवा आत्मनिर्भर बन सकेंगे।

रवि श्रीवास ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा विभिन्न कौशल विकास, स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़ी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। यदि युवाओं को इन योजनाओं की सही जानकारी और उचित मार्गदर्शन मिले तो वे स्वयं का रोजगार स्थापित कर दूसरों को भी रोजगार उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सरकारी योजनाओं का लाभ उठाते हुए अपने भविष्य को मजबूत बनाने की दिशा में आगे बढ़ें।

उन्होंने कहा कि अनूपपुर जैसे आदिवासी एवं ग्रामीण बहुल जिले में रोजगार के स्थानीय अवसर विकसित करने की आवश्यकता है। जिले में लघु एवं कुटीर उद्योगों को बढ़ावा, कृषि आधारित उद्योगों का विकास, कौशल प्रशिक्षण केंद्रों की स्थापना तथा स्थानीय संसाधनों पर आधारित रोजगार सृजन से बड़ी संख्या में युवाओं को अपने ही जिले में रोजगार मिल सकता है। इससे पलायन की समस्या भी कम होगी और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

रवि श्रीवास ने शिक्षा व्यवस्था में सुधार की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों और महाविद्यालयों में आधुनिक संसाधन, डिजिटल शिक्षा, प्रयोगशालाएँ, पुस्तकालय तथा करियर काउंसलिंग जैसी सुविधाओं का विस्तार किया जाना चाहिए। इससे विद्यार्थियों को बेहतर शिक्षा और भविष्य की दिशा तय करने में सहायता मिलेगी।

उन्होंने कहा कि बेरोजगारी केवल आर्थिक समस्या नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और मानसिक स्तर पर भी युवाओं को प्रभावित करती है। इसलिए आवश्यक है कि सरकार, शैक्षणिक संस्थान, उद्योग जगत और समाज मिलकर युवाओं के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करें।

अंत में युवा नेता रवि श्रीवास ने कहा कि यदि युवाओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, आधुनिक कौशल, उचित मार्गदर्शन और पर्याप्त रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएँ तो देश की बेरोजगारी की समस्या को काफी हद तक कम किया जा सकता है और भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में और अधिक तेजी से आगे बढ़ सकता है।

"हमारा संकल्प"
"शिक्षित युवा – आत्मनिर्भर भारत"


घरों को बना रहे हैं निशाना, फसल कर रहे बर्बाद, एक हाथी पहुँचा छत्तीसगढ़, 3 हाथी भोलगढ़ में


अनूपपुर 

जिले के अनूपपुर एवं जैतहरी क्षेत्र में चार हाथियों का समूह एक सप्ताह से अधिक समय से तीन एवं एक की संख्या में अलग-अलग होकर दिन के समय जंगलों में ठहरने बाद देर शाम एवं रात होते ही जंगल से लगे ग्रामीण अंचलों में पहुंचकर ग्रामीण जनों के घरों में तोड़कर खेत एवं बांडियों में लगे फसलों, सब्जियों को आहार बना रहे हैं। 

वही एक अकेला बड़ा नर हाथी जो एक सप्ताह से अपने तीन हाथी साथियों से अलग होकर विचरण कर रहा है, धनगवां बीट के आमापानी के जंगल में दिन बिताते शाम एवं रात होते ही ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव अंतर्गत भलुवान टोला,पडमनियाटोला में घरों में तोड़फोड़ कर खेत एवं बड़ी में लगे तथा रखें फसलों एवं अनाज को खाकर फैला कर नुकसान पहुंचाते हुए अन्य लोगों के खेतों में भी नुकसान पहुंचाते हुए  गूजरनाला पार कर छत्तीसगढ़ राज्य के सिवनी वन बीट अंतर्गत मालाडांड,पथर्री,पडरी,चरचेडीसे घुसरिया होकर घुसरिया बीट के जंगल में पहुंचकर दिन के समय विश्राम कर रहा है।

वही तीन हाथियों का समूह रात भर भगतबांध गांव में विचरण करते शनिवार के दिन अनूपपुर के भोलगढ़ एवं खांड़ा के मध्य स्थित जंगल में दिन के समय ठहरकर समय व्यतीत कर रहे हैं। निरंतर हाथियों की विचरण करने एवं रात रात भर ग्रामीण जनों की संपत्तियों के नुकसान करने से ग्रामीण जन परेशान एवं भावगीत है वही वन विभाग का बस्ती डाल हाथियों के विचारों पर अलग-अलग स्थान पर निरंतर निगरानी रख रहा है।

मैटरनिटी टीम ने महिला का सुरक्षित कराया जोखिम भरा प्रसव, 6 साल बाद हुआ जुड़वा बच्चा


अनूपपुर

जिला चिकित्सालय अनूपपुर के मेटरनिटी विंग में विकासखंड जैतहरी के ग्राम चोरभटी की एक गर्भवती महिला को प्रसव पीड़ा होने के कारण भर्ती कराया गया। भर्ती होने के पर आवश्यक जांच उपरांत पता चला कि महिला के गर्भ में ट्विंस बेबी है यह प्रसव 6 साल के अंतराल के बाद अर्थात यह बहुत ही बहुमूल्य एवं उच्च जोखिम युक्त  प्रेगनेंसी थी।

जिला चिकित्सालय की मैटरनिटी टीम ने  समय से सिजेरियन सेक्शन द्वारा प्रसव कराया गया जिसमें मां एवं दोनों बच्चे  पूर्णतः स्वस्थ हैं। जिनका वजन क्रमशः मेल चाइल्ड 2.335 कि ग्रा, फीमेल चाइल्ड 2.310 कि ग्रा है। मैटरनिटी टीम  की गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं के कारण  हाई रिस्क गर्भवती महिला का सुरक्षित प्रसव कराया गया ।

टीम में स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ  सोशन खेश, डॉ उषा किरण समेले एनेस्थीसिया विशेषज्ञ , डॉ गायत्री एल एम ओ एवं ओटी की टीम के संयुक्त प्रयास से जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित एवं स्वस्थ है।

इस उल्लेखनीय सफलता के लिए जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी एवं प्रभारी कलेक्टर अर्चना कुमारी ने टीम को बधाई प्रेषित की है।

रोड सेल यार्ड में प्रदूषण नियंत्रण पर उठे सवाल, धूल से परेशान लोगों ने लगाए पर्यावरण मानकों की अनदेखी के आरोप


अनूपपुर। 

जिले के एसईसीएल हसदेव क्षेत्र के राजनगर रोड सेल स्टॉक यार्ड में पर्यावरण मानकों के पालन को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। नागरिकों का आरोप है कि यार्ड से उड़ने वाली कोयले की धूल के कारण आसपास की बस्तियों में रहने वाले लोगों का जनजीवन प्रभावित हो रहा है। लोगों का कहना है कि ग्रीन माइनिंग और प्रदूषण नियंत्रण के दावे जमीनी स्तर पर पूरी तरह दिखाई नहीं दे रहे हैं।

स्थानीय नागरिकों एवं जनप्रतिनिधियों का आरोप है कि यार्ड की सीमा पर प्रभावी विंड ब्रेकर दीवारें और पर्याप्त थ्री-टियर ग्रीन बेल्ट विकसित नहीं की गई है। उनका कहना है कि तेज हवा और कोयले की लोडिंग-अनलोडिंग के दौरान उठने वाली धूल सीधे रिहायशी क्षेत्रों तक पहुंच रही है। कई घरों की छतों, आंगनों तथा आसपास के क्षेत्र में कोयले की धूल जमा होने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

लोगों का यह भी कहना है कि कोल इंडिया की पर्यावरण संबंधी गाइडलाइन के अनुसार कोयले के ढेरों पर नियमित पानी का छिड़काव, फॉग कैनन, पक्के आंतरिक मार्ग तथा धूल नियंत्रण के अन्य उपाय प्रभावी ढंग से लागू होने चाहिए। आरोप है कि कई स्थानों पर इन व्यवस्थाओं का अपेक्षित स्तर पर पालन नहीं हो रहा, जिससे धूल का गुबार लगातार फैल रहा है।

परिवहन व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई कोयला परिवहन वाहनों में तिरपाल ठीक से नहीं लगाया जाता और व्हील वॉश जैसी व्यवस्था भी प्रभावी नहीं दिखती। इसके कारण मुख्य मार्गों पर कोयले की धूल फैल रही है, जिससे राहगीरों, स्कूली बच्चों और स्थानीय दुकानदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नागरिकों ने मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर पर्यावरण मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराने की मांग की है। 

इनका कहना है।

पूरे क्षेत्र में नियमित पानी का छिड़काव कराया जा रहा है। पर्यावरण की गाइडलाइन के अनुसार सभी आवश्यक कार्य किए जा रहे हैं। यदि राजनगर रोड सेल स्टॉक यार्ड में कहीं भी पर्यावरण मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है तो आप हमें बताइए। हम संबंधित ठेकेदार को और सख्ती से निर्देश देंगे तथा व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाने का प्रयास करेंगे

*जिंदल रजक, पर्यावरण अधिकारी, राजनगर हसदेव क्षेत्र*

आम जनता की सहूलियत के लिए, जर्जर सड़को की बरसात के पहले नगरपरिषद करवाये रिपेयरिंग- पार्षद पवन चीनी


अनूपपुर

मानसून की दस्तक के साथ नगर परिषद बरगवां-अमलाई क्षेत्र में मूलभूत सुविधाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। वार्ड क्रमांक 7 के पार्षद एवं समाजसेवी पवन चीनी ने नगर परिषद प्रशासन से मांग की है कि बरसात के दौरान नागरिकों को होने वाली परेशानियों को देखते हुए जर्जर सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए तथा सभी 15 वार्डों में विकास कार्यों को समान प्राथमिकता के साथ पूरा किया जाए।

पार्षद पवन चीनी ने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र की अधिकांश सड़कें लंबे समय से बदहाल स्थिति में हैं। हर वर्ष बारिश शुरू होते ही गड्डों में पानी भर जाता है और सड़कें कीचड़ में तब्दील हो जाती हैं। इससे आम नागरिकों, स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और दोपहिया वाहन चालकों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है। कई स्थानों पर दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है, जिससे लोगों में लगातार चिंता बनी हुई है।उन्होंने बताया कि नगर परिषद की बैठकों में कई बार सड़क मरम्मत और अन्य बुनियादी सुविधाओं का मुद्दा उठाया गया, लेकिन अब तक अपेक्षित स्तर पर कार्य शुरू नहीं हो सके हैं। 

कई वार्डों में स्ट्रीट लाइटें खराब हैं या पर्याप्त संख्या में नहीं हैं। बरसात के दौरान अंधेरा, जलभराव और टूटी सड़कें मिलकर दुर्घटना की संभावना  बढ़ जाती हैं। ऐसे में प्रकाश व्यवस्था को भी तत्काल दुरुस्त किया जाना आवश्यक है।

पवन चीनी ने नगर परिषद प्रशासन से आग्रह किया कि सभी वार्डों का समान रूप से विकास सुनिश्चित किया जाए और किसी भी क्षेत्र की उपेक्षा न हो। पार्षद पवन चीनी ने नगर परिषद से शीघ्र कार्रवाई कर जर्जर सड़कों के सुधार एवं विकास कार्यों में तेजी लाने की मांग की है।

लायंस क्लब के पदाधिकारियों का शपथ ग्रहण समारोह संपन्न, समाज सेवा के नए संकल्प के साथ संभाली जिम्मेदारी

*डॉ. एस.सी. राय अध्यक्ष, दीपक सचिव व दुगेन्द्र बने कोषाध्यक्ष*


अनूपपुर

लायंस क्लब अनूपपुर टाउन के वर्ष 2026-27 की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी का शपथ ग्रहण समारोह गरिमामय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में होटल गोविंदम अनूपपुर में संपन्न हुआ। समारोह में मुख्य अतिथि पीडीजी लायन एन.के. जैन (कटनी), रीजन चेयरपर्सन एवं शपथ अधिकारी लायन जसपाल सिंह कालरा तथा जोन चेयरपर्सन लायन पी.एस. राउतराय की गरिमामयी उपस्थिति रही। कार्यक्रम में क्लब के वरिष्ठ सदस्यों, पूर्व अध्यक्षों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं गणमान्य नागरिकों ने सहभागिता कर नवगठित कार्यकारिणी को शुभकामनाएं दीं।

समारोह का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन एवं लायंस क्लब के सेवा भाव को समर्पित उद्बोधन के साथ हुआ। इसके पश्चात शपथ अधिकारी लायन जसपाल सिंह कालरा ने वर्ष 2026-27 के लिए सर्वसम्मति से निर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उन्होंने सभी पदाधिकारियों से समाज सेवा, मानवीय मूल्यों और संगठन की गरिमा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

नई कार्यकारिणी में अध्यक्ष के रूप में लायन डॉ. एस.सी. राय, प्रथम उपाध्यक्ष लायन ऋतु सोनी, द्वितीय उपाध्यक्ष लायन महेश दीक्षित, तृतीय उपाध्यक्ष लायन राकेश गौतम, सचिव लायन दीपक सोनी, सहसचिव लायन शशी तिवारी, कोषाध्यक्ष लायन दुर्गेन्द्र सिंह भदौरिया, पीआरओ लायन डॉ. आर.पी. सोनी, ट्वेंल ट्विस्टर लायन सरोज बियानी तथा टेमर लायन प्रज्ञा सिंह ने अपने-अपने दायित्व ग्रहण किए। संचालक मंडल में क्लब के समस्त पूर्व अध्यक्ष एवं वरिष्ठ लायन सदस्यों को शामिल किया गया है।

मुख्य अतिथि पीडीजी लायन एन.के. जैन ने अपने संबोधन में कहा कि लायंस क्लब विश्व का सबसे बड़ा सेवा संगठन है, जिसकी पहचान निस्वार्थ सेवा और मानव कल्याण के कार्यों से है। उन्होंने नई टीम से अपेक्षा जताई कि वह शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, रक्तदान, नेत्र चिकित्सा, महिला सशक्तिकरण और जरूरतमंदों की सहायता जैसे क्षेत्रों में प्रभावी कार्य कर क्लब की प्रतिष्ठा को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।

नवनिर्वाचित अध्यक्ष डॉ. एस.सी. राय ने सभी सदस्यों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसका निर्वहन पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और समर्पण के साथ किया जाएगा। उन्होंने कहा कि क्लब की नई कार्यकारिणी सभी सदस्यों को साथ लेकर जनहित के अधिकाधिक सेवा कार्य करेगी तथा समाज के अंतिम व्यक्ति तक सहायता पहुंचाने का प्रयास करेगी। कार्यक्रम के दौरान नवनिर्वाचित पदाधिकारियों का पुष्पगुच्छ एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। 

हाथी ने गिराया दीवार, मलबे में दबकर वृद्ध हुआ घायल, अस्पताल में चल रहा है इलाज


अनूपपुर

जिले के जैतहरी थाना अंतर्गत चोई गांव के पडमनिया टोला में धनगवां बीट के जंगल से आए एक अकेला नर हाथी द्वारा भोला प्रसाद पिता छोटू राठौर उम्र 70 वर्ष के घर के पास धान रखने वाले कुठला को तोड़कर धान निकाल कर खा रहा था, इसी दौरान 70 वर्षीय वृद्ध भोला प्रसाद बाथरूम के लिए घर से निकल ही रहे थे, तभी हाथी द्वारा ईट की दीवाल जिसे मुरूम से जोड़ा गया था लकड़ी के गेट सहित धक्का मार के तोड़ दिया, दीवाल गिरने से मरवा में वृद्ध दब गया, जिससे उनके हाथ पैर एवं कमर में चोट आने पर सूचना मिलते ही वन विभाग के गश्ती दल के वाहन से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी लाए जाने पर ड्यूटी डॉक्टर सुयांशु दास द्वारा मरीज को भर्ती कर उपचार किया जा रहा है। डॉक्टर दास द्वारा बताया गया कि वृद्ध की हालत स्थिर है जिनके अन्य परीक्षण एवं बेहतर उपचार हेतु जिला चिकित्सालय रेफर किया जावेगा।

वही एक अकेला हाथी ग्राम पंचायत पड़रिया के चोई गांव के अनेकों टोला/मोहल्ला में तेजी तेजी से भाग कर लोगों के घरों की दीवालो को फोड़ते हुए खेतों में लगे कटहल एवं अन्य तरह की फसलों को आहार बना रहा है।

तीन हाथियों का समूह कोतवाली थाना तहसील एवं वन परिक्षेत्र अनूपपुर के ग्राम पंचायत पोंडी मानपुर एवं बरबसपुर के ग्रामीण अंचलों में देर रात चुपचाप तरीके से पहुंचकर, कई ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेत एवं बांड़ी में लगे सब्जी एवं अन्य फसलों को खा कर नुकसान पहुंचाते हुए, पोंडी एवं खांड़ा के जंगल में दूसरे दिन दिनभर विश्राम करने बाद राष्ट्रीय राजमार्ग को पोंडी गांव के सांधा के पास से पार करते हुए जिला मुख्यालय अनूपपुर से 5 किलोमीटर दूर स्थित बरबसपुर गांव में प्रवेश कर ग्रामीणों के घरों को तोड़फोड़ कर खेत एवं बांड़ी में लगे फसलों सब्जियों को आहार बनाते हुए वर्तमान समय बरबसपुर ग्राम के टोला मोहल्ला में विचरण कर रहे हैं।

अवैध रेत का उत्तखनन, परिवहन करके कर रहे हैं अवैध भंडारण, खनिज, पुलिस व राजस्व विभाग मौन

*खुलेआम हो रहा है अवैध कारोबार, क्षेत्र बन गया अपराधियों का गढ़*


अनूपपुर

जिले के बिजुरी, कोतमा भालूमाडा थाना अंतर्गत केवई नदी टोल वे मुक्ति धाम के समीप स्थित कटकोना, बैहाटोला रेत घाटो से रात भर करीब 25,30 की संख्या मे गाड़ियों के काफिले के साथ अपराधिक पृष्ठभूमि के लोग घातक हथियारो से लैस व्यक्तियों के द्वारा बिना नंबर के भारी वाहनों से अवैध खनिज रेत की चोरी कर अवैध उत्खनन, परिवहन,भंडारण बड़े पैमाने पर बरसात के पूर्व किया जा रहा है, फिर बरसात में महंगे दामों में बेचा जाता है, खनिज और पुलिस चाहे तो कोतमा पुलिस अनुविभाग के शहरी, ग्रामीण क्षेत्रों में गली-गली रेत के अवैध भंडारण का भौतिक निरीक्षण कराया जा सकता है। 

वही रेत खरीदने और बेचने वालों के पास कोई भी वैध दस्तावेज (टीपी) मौजूद नहीं रहती है, क्योंकि 90% रेत  चोरी का रहता है, खबर है कि एक वाहन मलिक एक  रात का 3000 से ₹5000 तक सेवा शुल्क जमा कर पूरी रात परिवहन करने की अनुमति दी जाती है, लेकिन इस कार्य मे शामिल अवैध सदस्यो को एंट्री कराना अत्यंत आवश्यक है, क्योंकि यह पूर्णतः "प्रीपेड, वन टाइम सेवा है" इसकी कोई गारंटी नही है, रेत माफियाओं का मानना है कि एंट्री होने के बाद चाहे कोई भी बड़े से बड़ा अधिकारी हो रेत से लोड वाहन को एक मिनट के लिये भी नहीं रोक सकता, क्योंकि माफियाओं के पास अवैध परमिशन रहता है। शासन को हर वर्ष ये रेत माफिया करोड़ों रुपए का चूना लगा रहे हैं, जबकि हर वर्ष शासन द्वारा ई टेंडर किया जाता है, उसके बावजूद भी रेत माफिया पुलिस  और खनिज, राजस्व विभाग के कुछ अधिकारियों से  साठगांठ कर रेत का अवैध ठेका चला रहे हैं। हर महीने शासन को कई लाख रुपए के राजस्व का नुकसान हो रहा है, जो राशि शासन के राजस्व अकाउंट में जाना चाहिए वह लोगों की जेब में जा रही है।

जिले के पुलिस कप्तान, कलेक्टर, खनिज के तेज तर्रार अधिकारी चाहे तो नदी के रेतघाट, टोलवे के समीप बैहाटोला मार्ग पर रात्रि 10 बजे से सुबह 8 बजे के बीच अपने अवैध रेत के खेल का नजारा कभी भी देख सकते है। जिले में ऐसा कोई भी सिपाही नहीं है, जो बिहार यूपी की तर्ज पर चल रहे उक्त अवैध कार्य पर लगाम लगा सके, शिकायत करने के बाद भी अधिकारी पूरी तरह ख़ामोश है, चाहे वह पुलिस, खनिज, राजस्व विभाग कोई भी हो, प्रशासनिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। लोग बिहार, उत्तर प्रदेश को पीछे छोड़ दिए, दोनों राज्यों को अनावश्यक बदनाम कर रहे हैं, यहां तो उनसे भी बड़े-बड़े माफिया हैं। प्रशासन के कुछ अधिकारी ही मिलकर उनका पालन पोषण कर रहे हैं। यही वजह है कि फोन करने पर कार्यवाही तो दूर फोन रिसीव नहीं किया जाता, इससे बड़ा प्रमाण और क्या चाहिए, यदि फोन रिसीव भी हो गया तो कहते हैं हमारे विभाग का काम नहीं है, विभाग एक दूसरे पर आरोप प्रत्यारोप लगाते रहते हैं, अपनी जिम्मेदारी से मुंह मोड़ रहे हैं, ऐसी स्थिति में कार्यवाही कौन से राज्य के अधिकारी करेंगे यह प्रशासन ही निश्चित करें, पुलिस अधिनियम में चोरी अपराध नहीं तो और क्या है, ऐसे में तो हर कोई चोरी, अपराध करेगा और पुलिस कहेगी यह अपराध नहीं है, मसलन यह स्पष्ट है कि वैध और अवैध कार्यों की व्याख्या पुलिस ही कर सकती है, यहां का नियम है कि बिना अनुमति के वैध कार्य भी अवैध माना जाएगा, कोतमा जनपद व पुलिस अनुविभाग अंतर्गत संगठित गिरोह के द्वारा अवैध शराब, कबाड़, रेत खनिज का अवैध काला कारोबार धड़ल्ले से बेख़ौफ किया जा रहा है, उसके बाद भी जिम्मेदार विभागीय कुछ अधिकारियो का हाल "गांधी जी के तीन बंदरो से भी बदतर हो गया है।

अवैध रेत परिवहन पर ट्रैक्टर ट्रॉली जप्त, बिजली ट्रांसफार्मर हुआ खराब, ग्रामीण परेशान


अनूपपुर

जिले के थाना बिजुरी पुलिस द्वारा अवैध रेत परिवहन के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करते हुए लगभग ₹5,05,000 मूल्य का मशरूका जप्त किया गया। पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि थाना क्षेत्र में बिना वैध अनुमति के रेत का अवैध परिवहन किया जा रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम द्वारा भगता कॉलेज के पास, छतई कोठी मुख्य मार्ग पर घेराबंदी की गई। कुछ समय पश्चात एक लाल रंग का ट्रैक्टर-ट्रॉली आता दिखाई दिया, जिसे रोककर चेक किया गया। जांच के दौरान ट्रॉली में रेत लोड पाई गई।

वाहन चालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम नोहर सिंह पिता गणेश सिंह, उम्र 19 वर्ष, निवासी मझौली बताया। रेत परिवहन के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए कहने पर वह कोई भी वैध अनुमति अथवा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके उपरांत अवैध रेत से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली को गवाहों के समक्ष विधिवत जप्त कर थाना परिसर में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया।

आरोपी नोहर सिंह पिता गणेश सिंह, निवासी मझौली के विरुद्ध अपराध क्रमांक पंजीबद्ध कर धारा 303(2), 317(5) भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं धारा 4/21 खनिज अधिनियम के अंतर्गत प्रकरण दर्ज कर विवेचना में लिया गया है।

*बिजली ट्रांसफार्मर हुआ खराब, ग्रामीण परेशान*


अनूपपुर जिले के विद्युत वितरण केंद्र कोतमा अंतर्गत ग्राम पंचायत धुरवासिन स्थित ग्राम कोटमी के अहिरान मोहल्ला के निवासियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। यहां का 100 केवी का ट्रांसफार्मर खराब हो जाने से पूरे मोहल्ले की बिजली गुल हो गई है, जिससे सैकड़ों उपभोक्ता परेशान हैं।

जानकारी के मुताबिक, यह ट्रांसफार्मर पूरे टोला-मोहल्ले को रोशनी देता था। ट्रांसफार्मर खराब होते ही लाइनमैन मौके पर पहुंचे और सुधार करने का प्रयास किया, लेकिन यह पूरी तरह से खराब हो चुका था, जिसकी वजह से मरम्मत संभव नहीं हो सकी। इसके चलते अहिरान मोहल्ले में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है।

इस बिजली संकट का सबसे बुरा असर आम ग्रामीणों पर पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में बिना बिजली के पंखे, कूलर और पानी की मोटरें बेकार पड़ी हैं। खासकर गर्मी के दिनों में पंखा, कूलर और सबमर्सिबल मोटर-पंप न चलने से लोगों को दोहरी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।

रात भर चार हाथियों ने मचाया हंगामा ग्रामीणों के तोडे मकान, खेतों में फसल किया चौपट


अनूपपुर

चार हाथियों का समूह शुक्रवार के दिन में दिन में जंगल में रहने बाद, शाम रात होते ही जंगल से लगे पगना एवं बेलिया गांव के विभिन्न टोला,मोहल्ले में पहुंचकर ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर, खेत एवं बांड़ी में लगे विभिन्न तरह की फसलों एवं सब्जियों को अपना आहार बनाते हुए, शनिवार की सुबह फिर से गोबरी बीट के जंगल में विश्राम करने चले गए। पगना एवं बेलिया गांव के ग्रामीणों ने हाथियों के निगरानी के लिए लगे गस्ती दल के सदस्यों पर कई घंटो बाद स्थल पर पहुंचने बाद एक दो कर्मचारियों को छोड़ बाकी अधिकारी/कर्मचारी हाथियों द्वारा तोड़े जा रहे कच्चे मकानो से काफी दूर रहकर तमाशा देखने का आरोप लगाया है। वहीं शनिवार की दोपहर अनूपपुर तहसीलदार में हाथियों द्वारा तोड़े गए ग्रामीणों के मकान एवं खेतों में किए गए नुकसान का पटवारी के साथ स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण करते हुए, तत्काल राहत प्रकरण तैयार करने तथा ग्रामीणों को जल्द ही राहत राशि दिए जाने की बात कही। 

इस दौरान ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए बताया कि विगत रात अचानक हाथियों का समूह पड़ोस की पगना गांव से तिपान नदी पार कर बेलिया गांव के विभिन्न मोहल्ला में पहुंच घरो में तोड़फोड़ कर एवं फसलों का नुकसान किया, हाथियों के आने की सूचना वन विभाग या अन्य किसी ने ग्रामीणों को समय पर नहीं दिए जाने से कई ग्रामीण हाथियों के अचानक घर एवं घर के पास आ जाने से घर के अंदर ही फसे रहकर डरे सहमे स्थिति में रहे हैं। वही वन विभाग का गश्ती दल जिसकी हाथियों पर निगरानी रखते हुए ग्रामीणों को सतर्क एवं सचेत रहने की सूचना नहीं दी।

महिला शिक्षिकाओं से अभद्रता व आर्थिक अनियमितता के लगे आरोप, शिक्षकों ने मुख्य महाप्रबंधक से की कठोर कार्रवाई की मांग


अनूपपुर

कोतमा क्षेत्र के शासकीय विद्यालयों के अनेक शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं ने मुख्य महाप्रबंधक, जमुना कोतमा क्षेत्र को सामूहिक शिकायत पत्र सौंपकर जी.एम. कार्यालय में पदस्थ लिपिक सोमेश्वर नारायण पाठक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। शिकायत में महिला शिक्षिकाओं से अभद्र व्यवहार, आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग, मानसिक प्रताड़ना तथा आर्थिक अनियमितता जैसे आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और कठोर कार्रवाई की मांग की गई है।

शिकायतकर्ताओं के अनुसार संबंधित कर्मचारी द्वारा विद्यालयों के महिला एवं पुरुष शिक्षकों से कार्यालयीन कार्यों के दौरान लगातार अभद्र एवं अपमानजनक भाषा का प्रयोग किया जाता है। आरोप है कि देर रात तक फोन कर अनुचित तरीके से बातचीत की जाती है तथा शिक्षकों पर अनावश्यक दबाव बनाया जाता है, जिससे विशेष रूप से महिला शिक्षिकाएं मानसिक रूप से परेशान हैं।

शिकायत पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि विभिन्न कार्यालयीन कार्यों के नाम पर शिक्षकों से राशि लेने के आरोप हैं। कुछ शिक्षकों ने दावा किया है कि लगभग 50 हजार रुपये तक की राशि संबंधित कर्मचारी को दी गई, लेकिन उसका स्पष्ट लेखा-जोखा उपलब्ध नहीं कराया गया। शिकायतकर्ताओं ने आशंका व्यक्त की है कि उक्त राशि किस खाते में जमा हुई अथवा उसका उपयोग किस प्रकार किया गया, इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है।

शिकायतकर्ताओं ने मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष एवं पारदर्शी जांच कर दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी के विरुद्ध विभागीय एवं कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। शिकायत पत्र पर क्षेत्र के लगभग दो दर्जन से अधिक शिक्षकों एवं शिक्षिकाओं के हस्ताक्षर दर्ज हैं, जिन्होंने सामूहिक रूप से निष्पक्ष जांच और न्यायोचित कार्रवाई की मांग की है।

आग से लाखो का सामान जला, 5 के खिलाफ एसपी से शिकायत, कपिलधारा में टूटा कांच, हो सकता है हादसा


अनूपपुर

जिले के भालूमाड़ा थाना अंतर्गत पुलिस चौकी फुनगा क्षेत्र के ग्राम पयारी नंबर-01 (मोहरटोला) निवासी 65 वर्षीय ललुआ चौधरी ने पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को लिखित शिकायत देकर आरोप लगाया है की रात में गांव के पांच लोगों ने उनके घर में आग लगा दी। शिकायत में घटना की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के विरुद्ध आपराधिक मामला दर्ज करने की मांग की गई है।

शिकायत पत्र के अनुसार ललुआ चौधरी ने आरोप लगाया है कि सुरेश केवट, गोविंद केवट, सारथ केवट, जगदीश केवट तथा गोपाल केवट एकजुट होकर उनके घर पहुंचे। आरोप है कि आरोपियों ने लकड़ी के डंडे में कपड़ा बांधकर उसमें आग लगाई और जलते हुए कपड़े को मकान में फेंक दिया, जिससे घर में आग भड़क गई।

घटना के समय वह घर में सो रहे थे। शोर सुनकर उनकी पत्नी सुपेती बाई ने उन्हें जगाया। दोनों के शोर मचाने पर आसपास के लोग पहुंचे, जिसके बाद आरोपित मौके से भाग गए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जाते समय आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी है। आग लगने से घर में रखा पंखा, गद्दा, तकिया, कुर्सियां, कपड़े सहित अन्य घरेलू सामान जलकर नष्ट हो गया, जिससे उन्हें लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

घटना के बाद पुलिस चौकी फुनगा में रिपोर्ट दर्ज कराने पहुंचे, लेकिन उनकी शिकायत में आरोपियों के नाम दर्ज नहीं किए गए। उन्होंने आरोप लगाया कि उनसे बिना पूरी जानकारी पढ़ाए हस्ताक्षर करा लिए गए।पीड़ित ने पुलिस अधीक्षक से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने व न्याय दिलाने की मांग की है।

*कपिलधारा में टूटा कांच बन सकता है हादसे का कारण*

अनूपपुर

पवित्र नगरी अमरकंटक के प्रसिद्ध पर्यटन एवं धार्मिक स्थल कपिलधारा जलप्रपात में सुरक्षा व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर चिंता का विषय सामने आया है। जानकारी के अनुसार कपिलधारा क्षेत्र में लगाए गए सुरक्षा कांच (ग्लास बैरियर) का एक हिस्सा टूट गया है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना होने की आशंका व्यक्त की जा रही है। टूटे हुए कांच के कारण पर्यटकों और श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर खतरा मंडरा रहा है। कपिलधारा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं पर्यटक प्राकृतिक सौंदर्य का आनंद लेने पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा अवरोधक के क्षतिग्रस्त होने से किसी भी प्रकार की अनहोनी से इनकार नहीं किया जा सकता।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित विभाग को तत्काल संज्ञान लेते हुए टूटे हुए कांच को हटाकर नई एवं मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि पर्यटकों और श्रद्धालुओं की जान-माल की सुरक्षा बनी रहे। लोगों ने यह भी मांग की है कि कपिलधारा सहित अन्य प्रमुख पर्यटन स्थलों पर नियमित निरीक्षण की व्यवस्था की जाए, जिससे इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।

अमरकंटक प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं पर्यटन केंद्रों में शामिल है, जहां वर्षभर हजारों श्रद्धालु एवं पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा संबंधी छोटी सी लापरवाही भी बड़े हादसे का रूप ले सकती है। नागरिकों ने प्रशासन एवं संबंधित विभाग से शीघ्र कार्रवाई कर क्षेत्र को सुरक्षित बनाने की मांग की है।

रेलवे स्टेशन पर पार्किंग शुल्क को लेकर आक्रोश, ऑटो चालकों ने स्टेशन प्रबंधक को सौंपा ज्ञापन

*बड़ी कंपनियों की फ्री बस सेवा और सीमित ट्रेनों के बीच आजीविका का संकट*


अनूपपुर

बिलासपुर मंडल अंतर्गत अमलाई रेलवे स्टेशन पर नया पार्किंग ठेका शुरू होते ही स्थानीय ऑटो और टैक्सी चालकों के सामने रोजी रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ठेकेदार द्वारा मनमाने ढंग से ₹800 से ₹900 प्रति माह के पास की मांग किए जाने से नाराज समस्त ऑटो एवं टैक्सी चालक संघ ने रेलवे स्टेशन प्रबंधक को मंडल रेल प्रबंधक के नाम एक ज्ञापन सौंपा। चालकों का साफ कहना है कि स्टेशन की जमीनी हकीकत को नजरअंदाज कर तय किया गया यह शुल्क पूरी तरह से न्यायसंगत नहीं है।

ज्ञापन में चालकों ने अमलाई क्षेत्र की भौगोलिक और औद्योगिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए बताया कि अमलाई स्टेशन पर ट्रेनों का स्टॉपेज पहले से ही बेहद सीमित है। इसके अलावा, स्टेशन से महज कुछ किलोमीटर की दूरी पर स्थित तीन बड़े औद्योगिक प्लांट ओरियंट पेपर मिल अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र (चचाई) और कास्टिक सोडा फैक्ट्री द्वारा स्थानीय यात्रियों व अपने कर्मचारियों के लिए चौबीसों घंटे निःशुल्क बस, बोलेरो कार और एम्बुलेंस सेवाएं संचालित की जाती हैं।

इन फैक्ट्रियों के आसपास और बीच के क्षेत्रों के अधिकांश लोग कंपनी प्लांटों की मुफ्त वाहनों से आना जाना करते हैं। इस वजह से अमलाई रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों की संख्या न के बराबर होती है और स्थानीय ऑटो चालकों को पूरे दिन में गिने चुने यात्री ही मिल पाते हैं, जब दिनभर में दो वक्त की रोटी कमाना मुश्किल है, तो हम महीने का ₹900 सिर्फ पार्किंग के लिए कहाँ से लाएं, हम ₹300 महीना देने को तैयार हैं, लेकिन ठेकेदार तानाशाही पर उतारू है। पीड़ित ऑटो टैक्सी चालक संघ अमलाई

चालकों का कहना है कि वे रेलवे के नियमों का सम्मान करते हैं और पूरी ईमानदारी से ₹300 प्रति माह का पास बनवाने के लिए तैयार हैं, ताकि व्यवस्था सुचारू रूप से चल सके। परंतु, पार्किंग ठेकेदार द्वारा चालकों की इस व्यावहारिक और न्यायसंगत मांग को सिरे से खारिज किया जा रहा है। इतनी कम कमाई में भारी भरकम शुल्क थोपे जाने से चालकों और उनके परिवारों के भरण पोषण पर तलवार लटक गई है, जिससे पूरे टैक्सी संघ में भारी आक्रोश और असंतोष व्याप्त है। ऑटो टैक्सी चालकों ने रेलवे प्रशासन से सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए तुरंत हस्तक्षेप की मांग की है।

इनका कहना हैं।

पार्किंग के मामले में ऑटो संघ के द्वारा जो ज्ञापन दिया गया हैं, उच्च अधिकारी के पास भेजकर इस विषय पर चर्चा करता हूँ।

*रेलवे स्टेशन, प्रबंधक, अमलाई*

नागरिकों ने शराब ठेकेदार पर पैकारी, ज्यादा दाम लेने का आरोप लगाते हुए आबकारी विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग


अनूपपुर

कोतमा क्षेत्र में शराब दुकानों पर प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूली और कथित पैकारी बिक्री की शिकायतें सामने आई हैं। ठेकेदार वीरेन्द्र राय का नाम भी आरोपों में जुड़ा है। नागरिकों का कहना है कि शराब की सप्लाई स्कूलों और मंदिरों के पास तक पहुँच रही है, जिससे जनहित में गंभीर चिंता बढ़ गई है

श्रमिक नगर सहित आसपास के कई क्षेत्रों में संचालित शराब दुकानों की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कुछ दुकानों में शराब प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बेची जा रही है, जबकि कथित रूप से पैकारी व्यवस्था के माध्यम से भी शराब की बिक्री की जा रही है।

इन गतिविधियों में ठेकेदार वीरेन्द्र राय सहित दर्जन भर लोगों का नाम भी सामने आ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन दुकानों द्वारा की गई शराब सप्लाई से कई स्थानों पर स्कूलों और मंदिरों के पास भी बिक्री हो रही है, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों के चलते लोगों ने मामले की गंभीर जांच की मांग उठाई है।

क्षेत्र के सामाजिक संगठनों एवं जागरूक नागरिकों ने आबकारी विभाग और जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि शराब दुकानों की नियमित निगरानी, बिल जांच और स्टॉक सत्यापन कराया जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

इनका कहना है।

शराब दुकानों में प्रिंट रेट से अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा कथित पैकारी की शिकायतें प्राप्त होने पर संबंधित मामलों की जांच कराई जाएगी। इस प्रकार की शिकायतें हमें पहले भी मिली हैं, जिन पर हमारी जांच जारी है। जहां तक गली-गली में अवैध शराब बिक्री की बात है, इस पर संज्ञान लेते हुए हमने बीते दिनों बनिया टोला, कोतमा में कार्रवाई की है और आगे भी कार्रवाई करते रहेंगे यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी

*कृष्णकांत उईके आबकारी अधिकारी, कोतमा*

लखनऊ अग्निकांड में जयनिल की हुई मौत, पार्थिव शरीर पहुंचते ही दौड़ गई शोक की लहर, नम हुईं लोगो की आंखें


अनूपपुर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया। हादसे में जान गंवाने वाले 15 लोगों में भालूमाड़ा निवासी जयनिल चक्रवर्ती भी शामिल थे। मंगलवार दोपहर उनका पार्थिव शरीर जब कोतमा कालरी स्थित उनके निवास पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

जयनिल चक्रवर्ती, एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्रीय अस्पताल में पदस्थ एक्स-रे टेक्निशियन जयंत चक्रवर्ती के ज्येष्ठ पुत्र थे। वे पिछले लगभग तीन वर्षों से लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में आईटी विभाग में गेम डेवलपर के पद पर कार्यरत थे। बताया गया कि सोमवार दोपहर वे अपने कोचिंग सेंटर में मौजूद थे, तभी भीषण आग लगने की घटना हुई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और जयनिल इसकी चपेट में आ गए। बचाव कार्य के दौरान उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका और उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई।

हादसे की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भालूमाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल छा गया। मंगलवार को दोपहर लगभग तीन बजे जब उनका पार्थिव शरीर उनके गृह निवास पहुंचा तो परिजन, रिश्तेदार, मित्र और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

पड़ोसियों मैरी अन्ना और अजय द्विवेदी ने जयनिल को मिलनसार, प्रतिभाशाली और संस्कारी युवक बताते हुए कहा कि उनकी असमय मृत्यु से पूरे क्षेत्र ने एक होनहार युवा को खो दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस के विंध्याचल सिंह, जो पार्थिव शरीर को लेकर आए थे, ने बताया कि प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर सम्मानपूर्वक पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा गया। एक होनहार युवा की असामयिक मृत्यु ने पूरे भालूमाड़ा क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। 


जानलेवा गड्ढे में बच्ची गिरी, नही जागा प्रशासन, ट्रक में फंसा बिजली का तार, हादसा टला


अनूपपुर

कोतमा नगर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित निगवानी के मुख्य बाजार क्षेत्र में लंबे समय से बना हुआ एक खतरनाक गड्ढा अब आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है। बाजार क्षेत्र में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती है। आसपास के गांवों से लोग खरीदारी, बैंकिंग कार्य, दैनिक जरूरतों और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी बाजार में पहुंचते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से बने इस गड्ढे की मरम्मत नहीं कराए जाने से स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल बच्ची को बाहर निकाला। गनीमत रही कि बच्ची को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि इस घटना ने क्षेत्रवासियों को झकझोर कर रख दिया है। लोगों का कहना है कि यदि इसी स्थान पर कोई बुजुर्ग, गर्भवती महिला, स्कूली बच्चा या दोपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो जाता, तो परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या की जानकारी कई बार संबंधित ग्राम पंचायत, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। लोगों का कहना है कि जब बच्ची के गड्ढे में गिरने जैसी घटना के बाद भी तत्काल मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो यह स्थिति संबंधित व्यवस्था की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

*ट्रक में फंसा बिजली का तार, बड़ा हादसा टला*


अनूपपुर जिले के कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 14-15 अंतर्गत लहसुई गांव में सोमवार दोपहर एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। गिट्टी से भरा एक हाईवा ट्रक सड़क पर झूल रहे विद्युत तार में फंस गया, जिससे मुख्य लाइन का तार काफी दूरी तक खिंच गया और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। समय रहते सूचना मिलने और विद्युत विभाग की तत्परता से संभावित बड़ा हादसा टल गया। हाईवा क्रमांक CG-10-9241 गिट्टी लोड कर लहसुई गांव स्थित शासकीय विद्यालय परिसर में निर्माणाधीन पानी टंकी स्थल की ओर जा रहा था। इसी दौरान ट्रांसफार्मर से जुड़े विद्युत पोल पर लगा मुख्य तार सड़क के ऊपर काफी नीचे झूल रहा था। गिट्टी से भरे हाईवा की ऊंचाई अधिक होने के कारण तार वाहन में फंस गया और वाहन के आगे बढ़ते ही बिजली की लाइन कई मीटर तक खिंचती चली गई। यदि तार टूटकर नीचे गिर जाता या उसमें विद्युत प्रवाह जारी रहता, तो राहगीरों, स्थानीय निवासियों तथा वाहन चालक की जान खतरे में पड़ सकती थी। 

चोरी व लूट का अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त वाहन एवं चोरी की पूरी रकम बरामद


अनूपपुर

बिजुरी पुलिस टीम ने चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी गया मशरूका एवं घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किया है।

रामबहोर साहू (निवासी कोठी) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 मई 2026 को बिजुरी अस्पताल के पास खड़ी उनकी बाइक की डिग्गी से किसी अज्ञात चोर ने ₹50,000 और जरूरी कागजात पार कर दिए थे। शिकायत पर धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाने पर संदेही की पहचान ओमप्रकाश सिसोदिया उर्फ बच्चा कंजर (निवासी भोलगढ़, अनूपपुर) के रूप में हुई। शातिर चोर की तलाश के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार उसके ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। सतत प्रयासों के चलते आरोपी को खमरौत चाका, जिला शहडोल से गिरफ्तार किया

पुपूछताछ पर थाना रामनगर क्षेत्र में भी इसी प्रकार की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मामले में चोरी की गई  रकम ₹47,500 (मशरूका) और वारदात में प्रयुक्त वाहन (मोटर सायकल) को बरामद कर वैधानिक कार्यवाही की है। आरोपी उपरोक्त एक शातिर और आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों (सतना, रीवा, सिंगरौली) और छत्तीसगढ़ राज्य में चोरी, लूट, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

आधे घंटे की बारिश में खुल गई नपा की पोल, दुकानों में घुसा पानी, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल


अनूपपुर

जिला मुख्यालय में शुक्रवार दोपहर लगभग 2 बजे हुई महज आधे घंटे की बारिश ने नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। नगर के प्रमुख मार्ग पर स्थित प्रगतिशील ढाबा के सामने अनिल राठौर की दुकान में बारिश का पानी घुस गया, जिससे दुकान संचालक को आर्थिक एवं व्यावसायिक नुकसान का सामना करना पड़ा।

स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। वर्षों से बारिश के दौरान इसी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति निर्मित होती रही है, लेकिन नगर पालिका परिषद द्वारा स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। नालियों की समुचित सफाई, जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था तथा आवश्यक निर्माण कार्यों के अभाव में हर वर्ष नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ती है।क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा समय-समय पर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में उन दावों की वास्तविकता सामने आ जाती है। आधे घंटे की वर्षा में ही सड़कें जलमग्न हो गईं और पानी दुकानों तक पहुंच गया, जिससे नगर प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।

जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए तथा स्थायी जल निकासी योजना बनाकर उसका तत्काल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आगामी मानसून में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

यह प्रश्न अब केवल एक दुकान या एक मोहल्ले का नहीं, बल्कि पूरे नगर की बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही का बन चुका है। आखिर हर वर्ष एक जैसी समस्या सामने आने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन स्थायी समाधान क्यों नहीं खोज पा रहे हैं? जनता को अब आश्वासनों नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों की अपेक्षा है।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget