नागरिकों ने शराब ठेकेदार पर पैकारी, ज्यादा दाम लेने का आरोप लगाते हुए आबकारी विभाग से निष्पक्ष जांच की मांग


अनूपपुर

कोतमा क्षेत्र में शराब दुकानों पर प्रिंट रेट से अधिक कीमत वसूली और कथित पैकारी बिक्री की शिकायतें सामने आई हैं। ठेकेदार वीरेन्द्र राय का नाम भी आरोपों में जुड़ा है। नागरिकों का कहना है कि शराब की सप्लाई स्कूलों और मंदिरों के पास तक पहुँच रही है, जिससे जनहित में गंभीर चिंता बढ़ गई है

श्रमिक नगर सहित आसपास के कई क्षेत्रों में संचालित शराब दुकानों की कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि कुछ दुकानों में शराब प्रिंट रेट से अधिक कीमत पर बेची जा रही है, जबकि कथित रूप से पैकारी व्यवस्था के माध्यम से भी शराब की बिक्री की जा रही है।

इन गतिविधियों में ठेकेदार वीरेन्द्र राय सहित दर्जन भर लोगों का नाम भी सामने आ रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इन दुकानों द्वारा की गई शराब सप्लाई से कई स्थानों पर स्कूलों और मंदिरों के पास भी बिक्री हो रही है, जिससे सामाजिक और सांस्कृतिक वातावरण पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है, लेकिन लगातार मिल रही शिकायतों के चलते लोगों ने मामले की गंभीर जांच की मांग उठाई है।

क्षेत्र के सामाजिक संगठनों एवं जागरूक नागरिकों ने आबकारी विभाग और जिला प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि शराब दुकानों की नियमित निगरानी, बिल जांच और स्टॉक सत्यापन कराया जाए ताकि वास्तविक स्थिति सामने आ सके।

नागरिकों ने चेतावनी दी है कि यदि शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो जनहित में व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले में प्रशासनिक जांच और जिम्मेदार अधिकारियों की कार्रवाई का इंतजार किया जा रहा है।

इनका कहना है।

शराब दुकानों में प्रिंट रेट से अधिक मूल्य पर बिक्री अथवा कथित पैकारी की शिकायतें प्राप्त होने पर संबंधित मामलों की जांच कराई जाएगी। इस प्रकार की शिकायतें हमें पहले भी मिली हैं, जिन पर हमारी जांच जारी है। जहां तक गली-गली में अवैध शराब बिक्री की बात है, इस पर संज्ञान लेते हुए हमने बीते दिनों बनिया टोला, कोतमा में कार्रवाई की है और आगे भी कार्रवाई करते रहेंगे यदि जांच में किसी प्रकार की अनियमितता या नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी

*कृष्णकांत उईके आबकारी अधिकारी, कोतमा*

लखनऊ अग्निकांड में जयनिल की हुई मौत, पार्थिव शरीर पहुंचते ही दौड़ गई शोक की लहर, नम हुईं लोगो की आंखें


अनूपपुर

उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में सोमवार को हुए भीषण अग्निकांड ने अनूपपुर जिले के भालूमाड़ा क्षेत्र को गहरे शोक में डुबो दिया। हादसे में जान गंवाने वाले 15 लोगों में भालूमाड़ा निवासी जयनिल चक्रवर्ती भी शामिल थे। मंगलवार दोपहर उनका पार्थिव शरीर जब कोतमा कालरी स्थित उनके निवास पहुंचा तो पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। सैकड़ों लोगों ने नम आंखों से उन्हें अंतिम विदाई दी।

जयनिल चक्रवर्ती, एसईसीएल जमुना-कोतमा क्षेत्रीय अस्पताल में पदस्थ एक्स-रे टेक्निशियन जयंत चक्रवर्ती के ज्येष्ठ पुत्र थे। वे पिछले लगभग तीन वर्षों से लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में आईटी विभाग में गेम डेवलपर के पद पर कार्यरत थे। बताया गया कि सोमवार दोपहर वे अपने कोचिंग सेंटर में मौजूद थे, तभी भीषण आग लगने की घटना हुई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और जयनिल इसकी चपेट में आ गए। बचाव कार्य के दौरान उन्हें बाहर नहीं निकाला जा सका और उनकी दर्दनाक मृत्यु हो गई।

हादसे की सूचना मिलते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। भालूमाड़ा सहित आसपास के क्षेत्रों में शोक का माहौल छा गया। मंगलवार को दोपहर लगभग तीन बजे जब उनका पार्थिव शरीर उनके गृह निवास पहुंचा तो परिजन, रिश्तेदार, मित्र और क्षेत्र के गणमान्य नागरिक अंतिम दर्शन के लिए उमड़ पड़े। अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर श्रद्धांजलि अर्पित की।

पड़ोसियों मैरी अन्ना और अजय द्विवेदी ने जयनिल को मिलनसार, प्रतिभाशाली और संस्कारी युवक बताते हुए कहा कि उनकी असमय मृत्यु से पूरे क्षेत्र ने एक होनहार युवा को खो दिया है। वहीं उत्तर प्रदेश पुलिस के विंध्याचल सिंह, जो पार्थिव शरीर को लेकर आए थे, ने बताया कि प्रशासन द्वारा सभी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी कर सम्मानपूर्वक पार्थिव शरीर परिजनों को सौंपा गया। एक होनहार युवा की असामयिक मृत्यु ने पूरे भालूमाड़ा क्षेत्र को स्तब्ध कर दिया है। 


जानलेवा गड्ढे में बच्ची गिरी, नही जागा प्रशासन, ट्रक में फंसा बिजली का तार, हादसा टला


अनूपपुर

कोतमा नगर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित निगवानी के मुख्य बाजार क्षेत्र में लंबे समय से बना हुआ एक खतरनाक गड्ढा अब आम लोगों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन गया है। बाजार क्षेत्र में प्रतिदिन सैकड़ों लोगों की आवाजाही होती है। आसपास के गांवों से लोग खरीदारी, बैंकिंग कार्य, दैनिक जरूरतों और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी बाजार में पहुंचते हैं। इसके बावजूद लंबे समय से बने इस गड्ढे की मरम्मत नहीं कराए जाने से स्थानीय नागरिकों में भारी नाराजगी व्याप्त है।

हाल ही में एक छोटी बच्ची इस गड्ढे में गिर गई, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्काल बच्ची को बाहर निकाला। गनीमत रही कि बच्ची को गंभीर चोट नहीं आई और एक बड़ा हादसा टल गया। हालांकि इस घटना ने क्षेत्रवासियों को झकझोर कर रख दिया है। लोगों का कहना है कि यदि इसी स्थान पर कोई बुजुर्ग, गर्भवती महिला, स्कूली बच्चा या दोपहिया वाहन चालक हादसे का शिकार हो जाता, तो परिणाम कहीं अधिक गंभीर हो सकते थे।

स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि इस गंभीर समस्या की जानकारी कई बार संबंधित ग्राम पंचायत, स्थानीय जनप्रतिनिधियों और जिम्मेदार अधिकारियों को दी जा चुकी है। इसके बावजूद अब तक समस्या के स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। लोगों का कहना है कि जब बच्ची के गड्ढे में गिरने जैसी घटना के बाद भी तत्काल मरम्मत कार्य शुरू नहीं किया गया, तो यह स्थिति संबंधित व्यवस्था की संवेदनशीलता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

*ट्रक में फंसा बिजली का तार, बड़ा हादसा टला*


अनूपपुर जिले के कोतमा नगर के वार्ड क्रमांक 14-15 अंतर्गत लहसुई गांव में सोमवार दोपहर एक बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। गिट्टी से भरा एक हाईवा ट्रक सड़क पर झूल रहे विद्युत तार में फंस गया, जिससे मुख्य लाइन का तार काफी दूरी तक खिंच गया और क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। समय रहते सूचना मिलने और विद्युत विभाग की तत्परता से संभावित बड़ा हादसा टल गया। हाईवा क्रमांक CG-10-9241 गिट्टी लोड कर लहसुई गांव स्थित शासकीय विद्यालय परिसर में निर्माणाधीन पानी टंकी स्थल की ओर जा रहा था। इसी दौरान ट्रांसफार्मर से जुड़े विद्युत पोल पर लगा मुख्य तार सड़क के ऊपर काफी नीचे झूल रहा था। गिट्टी से भरे हाईवा की ऊंचाई अधिक होने के कारण तार वाहन में फंस गया और वाहन के आगे बढ़ते ही बिजली की लाइन कई मीटर तक खिंचती चली गई। यदि तार टूटकर नीचे गिर जाता या उसमें विद्युत प्रवाह जारी रहता, तो राहगीरों, स्थानीय निवासियों तथा वाहन चालक की जान खतरे में पड़ सकती थी। 

चोरी व लूट का अंतर्राज्यीय आरोपी गिरफ्तार, घटना में प्रयुक्त वाहन एवं चोरी की पूरी रकम बरामद


अनूपपुर

बिजुरी पुलिस टीम ने चोरी और लूट की वारदातों को अंजाम देने वाले शातिर अंतर्राज्यीय आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी गया मशरूका एवं घटना में प्रयुक्त वाहन बरामद किया है।

रामबहोर साहू (निवासी कोठी) ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 30 मई 2026 को बिजुरी अस्पताल के पास खड़ी उनकी बाइक की डिग्गी से किसी अज्ञात चोर ने ₹50,000 और जरूरी कागजात पार कर दिए थे। शिकायत पर धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।

पुलिस टीम द्वारा घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जाने पर संदेही की पहचान ओमप्रकाश सिसोदिया उर्फ बच्चा कंजर (निवासी भोलगढ़, अनूपपुर) के रूप में हुई। शातिर चोर की तलाश के लिए पुलिस टीम द्वारा लगातार उसके ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। सतत प्रयासों के चलते आरोपी को खमरौत चाका, जिला शहडोल से गिरफ्तार किया

पुपूछताछ पर थाना रामनगर क्षेत्र में भी इसी प्रकार की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मामले में चोरी की गई  रकम ₹47,500 (मशरूका) और वारदात में प्रयुक्त वाहन (मोटर सायकल) को बरामद कर वैधानिक कार्यवाही की है। आरोपी उपरोक्त एक शातिर और आदतन अपराधी है, जिसके विरुद्ध मध्य प्रदेश के विभिन्न जिलों (सतना, रीवा, सिंगरौली) और छत्तीसगढ़ राज्य में चोरी, लूट, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के 15 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं।

आधे घंटे की बारिश में खुल गई नपा की पोल, दुकानों में घुसा पानी, प्रशासन की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल


अनूपपुर

जिला मुख्यालय में शुक्रवार दोपहर लगभग 2 बजे हुई महज आधे घंटे की बारिश ने नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। नगर के प्रमुख मार्ग पर स्थित प्रगतिशील ढाबा के सामने अनिल राठौर की दुकान में बारिश का पानी घुस गया, जिससे दुकान संचालक को आर्थिक एवं व्यावसायिक नुकसान का सामना करना पड़ा।

स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। वर्षों से बारिश के दौरान इसी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति निर्मित होती रही है, लेकिन नगर पालिका परिषद द्वारा स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। नालियों की समुचित सफाई, जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था तथा आवश्यक निर्माण कार्यों के अभाव में हर वर्ष नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ती है।क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा समय-समय पर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में उन दावों की वास्तविकता सामने आ जाती है। आधे घंटे की वर्षा में ही सड़कें जलमग्न हो गईं और पानी दुकानों तक पहुंच गया, जिससे नगर प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।

जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए तथा स्थायी जल निकासी योजना बनाकर उसका तत्काल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आगामी मानसून में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

यह प्रश्न अब केवल एक दुकान या एक मोहल्ले का नहीं, बल्कि पूरे नगर की बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही का बन चुका है। आखिर हर वर्ष एक जैसी समस्या सामने आने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन स्थायी समाधान क्यों नहीं खोज पा रहे हैं? जनता को अब आश्वासनों नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों की अपेक्षा है।

चावल से लदे 42 ट्रको में ओवरलोडिंग, एसपी के निर्देशन में सिर्फ 4 पर हुई जुर्माना व कार्यवाही


अनूपपुर। 

मध्य प्रदेश स्टेट सिविल सप्लाईज कॉर्पोरेशन के हजारों क्विंटल चावल के परिवहन में ओवरलोडिंग का मामला सामने आने के बाद अनूपपुर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराव के निर्देशन में कोतवाली पुलिस ने दो ट्रको पर कार्यवाही की तो वहीं यातायात पुलिस ने ओवरलोड वाहनों के खिलाफ दो ट्रको पर 41 हजार का जुर्माना लगाया गया है। जानकारी के अनुसार अनूपपुर जिले से मुरैना जिले के लिए भेजे जा रहे चावल को रेलवे रैक प्वाइंट तक पहुंचाने के लिए लगाए गए कई ट्रकों में निर्धारित क्षमता से अधिक माल लादा जा रहा था। शिकायतों और निगरानी के दौरान ओवरलोड परिवहन की पुष्टि होने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार ट्रकों के खिलाफ चालानी कार्रवाई कर जुर्माना लगाया। जांच और चेकिंग के दौरान कई ट्रकों के चालक अपने वाहन मौके पर ही छोड़कर फरार हो गए। जिससे ट्रको पर कार्यवाही ना हो सके। रेलवे रैक प्वाइंट तक चावल पहुंचाने के लिए बड़ी संख्या में वाहनों का उपयोग किया जा रहा है। ऐसे में ओवरलोडिंग न केवल सड़क सुरक्षा के लिए खतरा बन रही है, बल्कि परिवहन नियमों का भी खुला उल्लंघन है।

कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए क्षमता से अधिक लदे दो ट्रकों को पकड़ा है। कार्रवाई कोतवाली थाना प्रभारी अरविंद जैन के नेतृत्व में 17 जून को की गई। जांच के दौरान ट्रक क्रमांक एमपी 20 एचबी 5660 एवं एचपी 38 जे 4533 में निर्धारित क्षमता से अधिक चावल लोड पाया गया। ओवरलोडिंग की पुष्टि होने पर दोनों वाहनों को थाना परिसर लाया गया और वैधानिक कार्रवाई की गई। मामले में ट्रक चालक राजेश यादव पिता रामसुरत यादव 40 वर्ष निवासी चंदिया तथा दीपेश यादव पिता सुखसेन प्रसाद यादव 30 वर्ष निवासी ग्राम पोड़ी कला थाना ब्यौहारी के विरुद्ध धारा 113/194(1) के तहत ओवरलोडिंग तथा परमिट की शर्तों के उल्लंघन पाए जाने पर धारा 66/192(ए) मोटर वाहन अधिनियम के अंतर्गत कार्रवाई की गई है।

रेलवे रैक प्‍वाइंट के लिये जिले के चार गोदामों से 17 जून को निकले 42 ओव्‍हर लोड़ ट्रको में यातायात को सिर्फ 2 ट्रक ओव्‍हर लोड़ मिले। जबकि यातायात पुलिस इन दिनों दिन रात दो दो प्‍वांइट  बनाकर हाइवे में खड़े होकर यातायात नियमों के उल्‍लंघनन करने वाले वाहनों पर कार्यवाही की जा रही है। एसपी की कार्यवाही देख अंडर लोडिंग हुआ चालू पूरे मामले में पुलिस अधीक्षक के सख्‍त निर्देशन और कड़ी निगरानी के बाद 18 जून को चारो वेयर हाउस से चावल अंडर लोड़ दिया जाने लगा। 

युवक से तीन लोगो ने की मारपीट और जान से मारने की धमकी, मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

अनूपपुर

थाना बिजुरी क्षेत्र में जन्मदिन पार्टी के बाद हुए विवाद में एक युवक के साथ कथित रूप से मारपीट किए जाने तथा जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित युवक की शिकायत पर बिजुरी पुलिस ने तीन आरोपितों पर अपराध क्रमांक 218/2026 पंजीबद्ध करते हुए धारा 296(बी), 115(2), 351(2) एवं 3(5) भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं।

सागर सरकार (20 वर्ष) पिता रतन सरकार, निवासी वार्ड क्रमांक 09 लेदरी, थाना झगराखांड, जिला एमसीबी (छत्तीसगढ़), हाल निवासी केंटीन के पास मोहाड़ा दफाई, बिजुरी अपनी पत्नी अर्चना कोल के साथ थाना बिजुरी पहुंचा और घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई। 

फरियादी गौरव सेन से बातचीत कर रहा था। इसी दौरान रुद्र बंसल वहां पहुंचा और उसका मोबाइल फोन अपने हाथ में ले लिया। शिकायतकर्ता का आरोप है कि जब उसने अपना मोबाइल वापस मांगा तो रुद्र बंसल ने उसका फोन जमीन पर पटक दिया। इस बात का विरोध करने पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई और कुछ ही देर में विवाद बढ़ गया।विवाद बढ़ने पर रुद्र बंसल ने अपने साथी रोनित बंसल और बादल कोल को भी वहां बुला लिया। इसके बाद तीनों ने कथित रूप से उसके साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। फरियादी ने पुलिस को बताया कि रोनित बंसल ने हाथ में रखे डंडे से उसके हाथ पर वार किया, जबकि बादल कोल और रुद्र बंसल ने उसे पकड़कर हाथ-मुक्कों और पाइप से मारपीट की। तीनों आरोपित उसे धमकाते हुए कह रहे थे कि "आज तो बच गया, दोबारा मिला तो जान से खत्म कर देंगे।

पुलिस की 2 स्थानों में कार्यवाही, महिला समेत 2 आरोपियों से 12 लीटर शराब जप्त


अनूपपुर/कोतमा

रामनगर पुलिस ने राजनगर क्षेत्र में एक ही दिन दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई करते हुए एक महिला एवं एक पुरुष के कब्जे से कुल 12 लीटर हाथ भट्ठी से निर्मित कच्ची महुआ शराब बरामद की है। पुलिस ने दोनों मामलों में आबकारी एक्ट के तहत पृथक-पृथक प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। 

पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि राजनगर क्षेत्र में अलग-अलग स्थानों पर अवैध रूप से महुआ शराब बिक्री के लिए रखी गई है। सूचना पर पहली कार्रवाई वार्ड क्रमांक 07 राजनगर निवासी श्रीमती दुर्गावती रौतेल (44 वर्ष) को उसके घर के सामने अवैध शराब बिक्री के उद्देश्य से शराब रखे हुए पाया गया। पुलिस ने घेराबंदी कर महिला को पकड़ा और तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से एक सफेद जरीकेन में रखी 06 लीटर हाथ भट्ठी से निर्मित कच्ची महुआ शराब बरामद हुई। 

दूसरी वार्ड क्रमांक 02 बाजार दफाई राजनगर में की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर हरिहर तिवारी उर्फ बग्गड़ (56 वर्ष) को उसके घर के सामने सड़क किनारे अवैध शराब बिक्री के उद्देश्य से शराब रखे हुए पकड़ा। तलाशी लेने पर आरोपी के कब्जे से एक प्लास्टिक जरीकेन में रखी 06 लीटर हाथ भट्ठी की बनी कच्ची महुआ शराब बरामद हुई। रामनगर पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध क्रमशः अपराध क्रमांक 166/26 एवं 167/26 के तहत धारा 34(A) आबकारी एक्ट में प्रकरण दर्ज कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। 

फिर सुलग रही असंतोष की आग, पॉवर प्रोजेक्ट्स, कोल ब्लॉक्स जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया से किसानों में भारी नाराजगी

*1330 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण, बनने जा रहा पॉवर हब या विनाश का हब*


( मनोज द्विवेदी, संपादक ,दैनिक कीर्तिक्रांति, अनूपपु्र ,मप्र )

अनूपपुर

मध्यप्रदेश -छत्तीसगढ़ का सीमावर्ती जनजातीय जिला एक बार फिर असंतोष की आग मे सुलग रहा है। जिले को पॉवर हब बनाने की कोशिशों के बीच किसानों की जमीन अधिग्रहण की अराजक प्रक्रिया जारी है।  जिसमे लोगों का  खुला आरोप है कि किसानों , जमीन मालिकों , क्षेत्र के पर्यावरणीय हितों की अनदेखी जमकर की जा रही है।इससे एक बार फिर लोगों के जेहन मे मोजर बेयर पॉवर प्लांट जमीन अधिग्रहण के दौरान हुई हिंसा की याद ताजा हो गयी।

अनूपपु्र जिले मे चचाई पॉवर प्लांट, हिन्दुस्तान पॉवर ( मोजर बेयर  ) जैतहरी,  टोरंट पॉवर ( न्यू जोन ) रक्सा  , अडानी पॉवर ( वेल्सपन कम्पनी ) छतई , उमरदा ,मझगंवा ( बिजुरी ) के बाद लामाटोला कोल ब्लॉक अन्तर्गत बसखली, लामटोला, रेउला और गढ़ी में प्रस्तावित कोयला परियोजना हेतु लगभग  1030 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया के कारण किसानों मे भारी आक्रोश है।

जमीन मालिक ,किसानों ,स्थानीय लोगों मे विस्थापन, मुआवजा, रोजगार, सामुदायिक कल्याण के कार्यों  के साथ व्यापक पर्यावरणीय चिंताएं हैं। किसानों, मजदूरों, बेरोजगारों ,स्थानीय निवासियों, व्यवसायियों, समाजसेवियों, नेताओं, व्यापारियों, पत्रकारों की अपनी - अपनी चिंताएं हैं। 

जनप्रतिनिधियों ,अधिकारियों को यह समझना होगा कि  ऐसे भीषण  डेवलपमेंट से स्थानीय लोगों की चिंता यदि आक्रोश मे बदलती है तो यह केवल चुनावी मुद्दा नहीं है। इसका जिले और प्रदेश की कानून व्यवस्था पर भी व्यापक असर पडता है।

मोजर बेयर पॉवर प्लांट हेतु जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया मे व्यापक हिंसा हुई थी।  पत्रकारिता और समाज की नई पीढी को शायद पता भी ना हो कि तब जमीन अधिग्रहण के दौरान बंद कंटेनर मे हिंसक महिलाओं की भीड तेल डाल कर आग लगा रही थी, जिसमे कंपनी के लोग और अधिकारी जान बचाने के लिये छुपे हुए थे।

एक गाँव मे एसडीओपी सहित पुलिस और राजस्व के अधिकारियों को दस घंटे भीड ने बंधक बना रखा था । तब कलेक्टर कवींद्र कियावत ने वरिष्ठ पत्रकारों और एडीएम को मौके पर भेजा था ,तब जाकर लोग रिहा हुए।

इसके बाद किसान नेता राकेश टिकेत की उपस्थिति मे मोजर बेयर के गेट पर भारी हिंसा हुई। एसपी एन पी वरकडे सहित बहुत से पुलिस और राजस्व अधिकारी गंभीर रुप से घायल हुए थे। एसपी को तो लगभग मार ही डाला गया था। पत्रकारों ने अपनी जान पर खेल कर कलेक्टर जे के जैन और एसपी की जान बचाई थी।पुलिस फायरिंग हुई,बल प्रयोग हुआ ,तब जाकर घंटों बाद स्थिति नियंत्रण मे आई।

तब और अब मे बडा अन्तर ये है कि उस वक्त की पत्रकारिता जन सरोकार से जुडी हुई,जनता और जिले के हित मे ईमानदार पत्रकारिता थी। गाँव के लोगो ने पत्रकारिता और पत्रकारों के प्रति विश्वास कायम था। हम लोग जनता के गुस्से और भीड की हिंसा के बीच भी उनके साथ, उनके लिये संघर्ष करते थे। किसी पत्रकार पर तब ना कम्पनी की दलाली का आरोप लगा और ना किसी ने पत्रकारों से बदतमीजी की।।इसके बाद हुए 2018 के विधानसभा चुनाव मे भाजपा अनूपपु्र जिले की तीनों सीटें हार गयी। मध्यप्रदेश से भाजपा की सरकार चली गयी।‌

दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से आज परिस्थितियों मे बहुत अन्तर है।  अविश्वास और मर्यादा का बडा संकट है । इसलिये जिले के प्रत्येक सेक्टर मे अराजकता ,अविश्वास और येन केन लाभवंती बनने का माहौल होने से आम लोगों मे बेचैनी ,गुस्से की हद तक जा पहुंचा है। शासन , प्रशासन  और समाज के जिम्मेदार वर्ग को जवाबदेही लेनी होगी। 

यह सुनिश्चित करना होगा कि विकास के सभी कार्यों के कारण एक भी किसान ,जमीन मालिक के हितों की अनदेखी ना हो। उसे जमीन के बाजार मूल्य से बढकर ,उसकी सहमति का मुआवजा दिया जाए। परिवार के लिये रोजगार सुनिश्चित हो‌ । सामुदायिक कार्यों और पर्यावरणीय हितों का समुचित ध्यान रखा जाए। 

ऐसे सभी बडे कार्यों से सदियों पुरानी बसाहट, गांव ,नदी - नालों की भौगोलिक, सामाजिक, सांस्कृतिक व्यवस्था मे आमूल - चूल परिवर्तन होता है‌ । यह लोगों की अपने घर, खेत, जमीन ,बसाहट से भावनात्मक लगाव पर आघात करता है। इन सब तथ्यों को ध्यान नहीं रखा जाएगा तो लोगों के असंतोष ,उनके गुस्से को हवा देने वाले बहुत से लोग हैं ।

 हमारा अनूपपु्र जिला एक बार फिर असंतोष, नाराजगी के कारण अराजक हिंसा का शिकार ना बने ,यह देखना शासन - प्रशासन , जनप्रतिनिधियों, जवाबदेह सच्चे पत्रकारों , समाजसेवियों की जिम्मेदारी है। मुआवजा, पुनर्वास, रोजगार , पर्यावरणीय प्रभाव , सामुदायिक कल्याण के कार्यों पर ईमानदारी से कार्य होना चाहिये।

अवैध रेत परिवहन पर 2 ट्रैक्टर ट्रॉली व 32 बोरी चोरी का कोयला कार सहित जब्त, जुआं खेलते 3 गिरफ्तार


कर मामला किया दर्ज

अनूपपुर

जिले के थाना बिजुरी पुलिस को मुखबिर से अवैध रेत परिवहन की सटीक सूचना मिली। बिजुरी पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धनिया ठेला तिराहा पर घेराबंदी की। इस दौरान बहेराबांध से बिजुरी की ओर आ रहे एक बिना नंबर के लाल रंग के महिंद्रा ट्रैक्टर को रोका गया। ट्रैक्टर चालक प्रमोद अगरिया उम्र 20 वर्ष पिता रमेश अगरिया, निवासी बहेराबांध से जब रेत के परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज और रॉयल्टी रसीद टीपी मांगी गई, तो वह कोई भी दस्तावेज पेश नहीं कर सका। चालक ने बहेराबांध से अवैध रूप से रेत का उत्खनन कर परिवहन करना स्वीकार किया, जिसके बाद गवाहों के समक्ष ट्रैक्टर मय रेत भरी ट्राली को जब्त कर लिया गया। जब्त ट्रैक्टर की कीमत 5 लाख, अवैध रेत (03 घन मीटर) की कीमत 5 हजार है। पुलिस ने आरोपी चालक के विरुद्ध धारा 303(2) बीएनएस (BNS) एवं 4/21 खनिज अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध कर मामले को विवेचना में लिया है।

*कोतमा में ट्रैक्टर-ट्रॉली जप्त*

वही जिले के कोतमा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि एक व्यक्ति केवाई नदी से बिना नंबर के नीले रंग के स्वराज ट्रैक्टर-ट्रॉली में अवैध रेत लोड कर निगवानी की ओर ले जा रहा है। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना कोतमा पुलिस टीम ने विशुन टोला निगवानी के पास घेराबंदी की । जिस पर एक नीले रंग का बिना नंबर का स्वराज ट्रैक्टर मय रेत भरी ट्राली के चालक विवेक तिवारी पिता गणेश तिवारी उम्र 29 वर्ष निवासी निगवानी के कब्जे से बिना राॉयल्टी के जप्त किया गया।

*32 बोरी चोरी का कोयला कार सहित जब्त*

अनूपपुर जिले कि बिजुरी पुलिस ने देर रात रेड कार्रवाई करते हुए अवैध कोयला परिवहन कर रही ओमिनी कार को पकड़ा है। रात को बिजुरी पुलिस को मुखबिर से अवैध कोयला परिवहन की पुख्ता सूचना मिली। पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिजुरी गुलाब ग्राउंड के पास घेराबंदी की। इस दौरान एक संदिग्ध मारुति ओमनी वैन क्रमांक MP 18 C 1037 को रोककर चेक किया गया।

वाहन चालक राजेश प्रजापति उर्फ सरदार उम्र 38 वर्ष पिता शंभू प्रजापति, निवासी सीएमपीडीआई कैंप बिजुरी से जब पूछताछ की गई, तो उसने ओमनी कार में लोड 32 बोरी कोयला रामनगर से चोरी कर बिजुरी में बेचने के उद्देश्य से लाना स्वीकार किया। कोयले के परिवहन से संबंधित कोई भी वैध दस्तावेज या खनिज रॉयल्टी रसीद न होने पर पुलिस ने वाहन सहित चोरी का कोयला जब्त कर लिया।

जब्त 32 बोरी कोयले की कीमत 10 हजार रुपए, जब्त ओमनी कार की कीमत लाख रुपए है। पुलिस ने आरोपी चालक के विरुद्ध थाना बिजुरी में अपराध क्रमांक 213/2026, धारा 303(2) बीएनएस (BNS) एवं 4/21 खनिज अधिनियम के तहत मामला पंजीबद्ध कर वैधानिक कार्रवाई की है।

*जुआ खेलते 03 आरोपी गिरफ्तार*


अनूपपुर जिले की बिजुरी पुलिस ने जुआरियों के खिलाफ रेड कार्यवाही की है। मुखबिर की सूचना पर बिजुरी पुलिस टीम ने 'डबल स्टोरी माइंस कॉलोनी' में कटहल के पेड़ के नीचे चल रहे जुआ फड़ पर अचानक दबिश दी। मौके से पुलिस ने ताश के पत्तों पर दांव लगाते हुए 03 आरोपियों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। पकड़े गए आरोपियों में अरुण कुमार पाटकर, अमर पनिका, बबलू कोल सभी निवासी डबल स्टोरी माइंस कॉलोनी, थाना बिजुरी के है। पुलिस ने आरोपियों के पास और फड़ से कुल ₹1,760 नकद तथा 52 ताश के पत्ते जब्त किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ थाना बिजुरी में अपराध क्रमांक 209/2026, धारा 13 जुआ एक्ट के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है।

अभिनव तिवारी का एमपीसीए क्रिकेट अंडर-19 टीम में हुआ चयन, लोगों ने दी शुभकामनाएं


अनूपपुर 

जिले के खेल जगत के लिए यह अत्यंत गर्व और खुशी का क्षण है कि जिले के होनहार क्रिकेट खिलाड़ी अभिनव तिवारी (सुपुत्र श्री दीप नारायण तिवारी) का चयन मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन अंडर-19 टीम में हुआ है। दाएं हाथ के बल्लेबाज एवं राइट आर्म मीडियम पेसर अभिनव की यह उपलब्धि उनकी वर्षों की कठिन मेहनत, अनुशासन और समर्पण का परिणाम है।

अभिनव ने पिछले पांच वर्षों से लगातार क्रिकेट के क्षेत्र में मेहनत करते हुए अपनी प्रतिभा को निखारा और आज प्रदेश स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल हुए हैं। उनकी इस सफलता ने न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे अनूपपुर जिले को गौरवान्वित किया है, बता दे उनकी सफलता के पीछे जिला क्रिकेट संघ अनूपपुर की दशकों से अथक मेहनत एवं जिले के प्रतिभावान खिलाड़ियों को एक अच्छा प्लेटफार्म देने की यह उपलब्धि है। लगभग एक दशक पहले जिले में क्रिकेट के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध नहीं थे। खिलाड़ियों को धूल भरी पिचों पर अभ्यास करना पड़ता था और खेल सामग्री व आधारभूत सुविधाओं का अभाव था। इसके बावजूद जिला क्रिकेट संघ ने हार नहीं मानी और खिलाड़ियों के सपनों को साकार करने के लिए लगातार प्रयास करता रहा,संघ की मेहनत और प्रशासनिक सहयोग से जिले में आधुनिक स्टेडियम एवं टर्फ विकेट जैसी सुविधाएं विकसित की गईं, जिससे स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और अवसर प्राप्त हुए। आज अभिनव तिवारी का मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन अंडर-19 टीम में चयन इस बात का प्रमाण है कि यदि प्रतिभाओं को सही मार्गदर्शन और सुविधाएं मिलें तो वे किसी भी स्तर पर अपनी क्षमता साबित कर सकती हैं।

जिला कलेक्टर हर्षल पंचोली ने भी जिला क्रिकेट संघ और खिलाड़ियों को समय-समय पर प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया है। उनके सहयोग से जिले में खेल गतिविधियों को नई दिशा मिली है,अभिनव की इस उपलब्धि पर अधिकारी, जनप्रतिनिधि खेल प्रेमी व मित्रो ने शुभकामनाएं देते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है, अभिनव तिवारी की सफलता अनूपपुर के उन सभी युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखते हैं। निश्चित रूप से यह उपलब्धि जिला क्रिकेट संघ अनूपपुर के वर्षों के अथक प्रयासों और जिले में क्रिकेट प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता का परिणाम है।

रामघाट व कोटितीर्थ में अराजक तत्वों से श्रद्धालु असुरक्षित, मोबाइल चोर की जमानत निरस्त


अनूपपुर

प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक-आध्यात्मिक तीर्थस्थल अमरकंटक में मां नर्मदा के पावन रामघाट, कोटितीर्थ घाट तथा गांधी कुंड क्षेत्र में इन दिनों अराजक एवं संदिग्ध तत्वों की बढ़ती गतिविधियों को लेकर श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों में चिंता व्याप्त है।

सुबह से लेकर दोपहर तक रामघाट एवं नर्मदा मंदिर के सामने स्थित कोटितीर्थ क्षेत्र में कुछ संदिग्ध व्यक्ति और नाबालिग लड़के-लड़कियां चंदन-टीका लगाने के नाम पर घूमते रहते हैं। आरोप है कि ये लोग घाटों पर स्नान, ध्यान, पूजन-अर्चन एवं मां नर्मदा में डुबकी लगाने आए श्रद्धालुओं की गतिविधियों पर नजर रखते हैं और अवसर मिलते ही उनके मोबाइल फोन, पर्स, नकदी तथा अन्य कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाते हैं।

कई तीर्थयात्रियों एवं आगंतुकों ने बताया कि स्नान के दौरान घाट पर रखे गए उनके मोबाइल, पर्स तथा नकदी अज्ञात चोरों द्वारा चोरी कर ली गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि विगत दिनों बैंकटोला क्षेत्र के एक नाबालिग युवक को चोरी करते हुए पकड़ा गया था, जिसके पास से चोरी का सामान भी बरामद किया गया था। इसके बावजूद घाटों पर संदिग्ध गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश नहीं लग पाया है।

नागरिकों का आरोप है कि कुछ अराजक तत्व मंदिर एवं घाट क्षेत्र में खुलेआम घूमते रहते हैं तथा कई बार शराब के नशे में श्रद्धालुओं को परेशान करते देखे जाते हैं। इससे न केवल श्रद्धालुओं को असुविधा होती है, बल्कि पवित्र नगरी अमरकंटक की धार्मिक एवं पर्यटन छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। लोगो ने जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन तथा नगर प्रशासन से कार्यवाही की मांग की है।

*मोबाईल चोरी करने वाले आरोपी की जमानत निरस्त*


अनूपपुर

लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा बताया गया कि आरोपी मो0 आजाद उर्फ सेानू उम्र 33 वर्ष पिता गौस मेाहम्मद निवासी ग्राम बडा मदार छल्ला शास्त्री बार्ड बाबा टोला, थाना हनुमान ताल, जिला जबलपुर (म0प्र0) को स्टेशन चेकिंग के दौरान यह व्यक्ति संदिग्ध अवस्था में दिखा और पुलिस को देखकर भागने लगा। उसकेा रोका गया तेा उसके जेब कई मोबाईल दिख रखें थे, उससे पूछताछ के दौरान उसके पास से 05 नग मोबाईल मिले और उसने बताया कि मै इन मोबाईलों को चुराया हूँ और बेचने के लिये ग्राहक तलाश रहा हूँ। उसके पास मिले 05 मोबाईलो में से 01 मोबाईल शिकायतकर्ता की भी मिला जिसे उसे न्यायालय के आदेशानुसार सुपुर्दग कर दिया गया है। 

उक्त अपराध के संबंध में शासकीय रेल्वे पुलिस जबलपुर थाना शहडोल में अपराध क्रमांक 86/2026 भारतीय न्याय संहीता 2023 की धारा 317(2), 303(2) में पंजीकृत किया गया था। उसके बाद आरेापी गिरफ्तार हुआ। मामले में आरेापी की ओर से तृतीय अपर सत्र न्यायाधीश के न्यायालय में जमानत पर छोड़े जाने हेतु याचिका दायर की गई थी, जिस पर सुनवाई करते हुए और शासन की ओर से पैरवी कर रहे लोक अभियोजक पुष्पेन्द्र कुमार मिश्रा द्वारा रखे गए तर्कों और बहस तथा मामले की गम्भीरता एवं परिस्थितियों को देखते हुए आरोपी आरोपी मो0 आजाद उर्फ सेानू की जमानत याचिका को निरस्त कर दिया गया।

सीएमओ ने की गाली गलौच, शिवसेना ने सौपा ज्ञापन, सरपंच, सचिव के खिलाफ ग्रामीणों ने कलेक्टर से की शिकायत


अनूपपुर

पत्रकार के साथ फोन पर अभद्र गाली-गलौज करने के मामले में शिवसेना संभाग अध्यक्ष पवन पटेल के आदेश एवं जिला अध्यक्ष राजेश महाराणा के निर्देश पर शिवसेना कोतमा नगर अध्यक्ष बरकत कुरैशी ने आज एसडीएम कोतमा को ज्ञापन सौंपकर कठोर कार्रवाई की मांग की।

ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि नगर पालिका परिषद बिजुरी के अध्यक्ष पति एवं मुख्य नगर पालिका अधिकारी बनगवां लखन लाल पनिका ने दूरभाष पर पत्रकार निखिल कुमार को माँ-बहन की अभद्र गालियाँ दीं। इस घटना की ऑडियो रिकॉर्डिंग भी उपलब्ध है। ज्ञापन में कहा गया कि यह कृत्य लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया का अपमान है। पत्रकार समाज और प्रशासन के बीच सेतु का कार्य करते हैं। किसी अधिकारी द्वारा इस प्रकार का व्यवहार अत्यंत निंदनीय है।

मामले की निष्पक्ष जांच हेतु समिति गठित की जाए। ऑडियो रिकॉर्डिंग का फॉरेंसिक परीक्षण कराया जाए। दोषी पाए जाने पर CMO लखन लाल पनिका के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक व कानूनी कार्रवाई हो। जिले के पत्रकारों की सुरक्षा व सम्मान हेतु निर्देश जारी हों।

संभाग अध्यक्ष ने कहा कि "लोकतंत्र में पत्रकारों का अपमान किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासन 7 दिवस में कार्रवाई करे।" वहीं जिला अध्यक्ष राजेश महारान ने चेतावनी दी कि दोषी सीएमओ पर तत्काल एफआईआर दर्ज हो। *नगर अध्यक्ष बरकत कुरैशी ने कहा कि "कार्रवाई नहीं हुई तो शिवसेना सड़क पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी। 

*सरपंच, सचिव का भृष्टाचार, कलेक्टर से हुई शिकायत*

अनूपपुर जिले के ग्राम पंचायत पोंडी के दर्जनों ग्रामीणों ने सरपंच, सचिव के मनमानी व भ्रष्टाचार के खिलाफ एक जुट होकर कलेक्टर कार्यालय पहुँच कर शिकायत पत्र सौपा है, शिकायत में कहा गया है कि लगातार शिकायत के बाद भी आज तक कोई जांच व कार्यवाही नही की गई है।

शिकायत पत्र में लेख किया गया हैं कि पूर्व में की गई शिकायतो की जांच आज तक नहीं कराई गई है। ग्राम पंचायत पोड़ी के सरपंच / सचिव द्वारा बिना कार्य किये राशि आहरण कर खुलेआम भृष्टाचार किया गया, जबकि 5 बार जनसुनवाई मे आवेदन कलेक्टर को दिया गया, लेकिन आज तक कोई कार्यवाही नही किया गया है, विभिन्न निर्माण कार्यों के नाम से लगभग 22 लाख का फर्जी भुगतान बिना कार्य किये राशि आहरण कर लिया गया है। जिससे ग्रामीणो मे सरपंच/सचिव के उपर काफी आक्रोशित है। मात्र सचिव को निलबिंत कर मामले को दबाये जाने की प्रयास किया जा रहा है। एवं दोषी सरपंच के भृष्टाचार की जांच कराये जाये।

अगर 07 दिवस के अंदर बिन्दुवार जांच कर सरपंच, सचिव दोषियो पर कार्यवाही नही की जाती है, तो चक्काजाम, आंदोलन धरना, प्रर्दशन ग्राम पंचायत के सामने मुख्यमार्ग रीवा अमरकंटक मार्ग पर चक्काजाम, आंदोलन, धरना प्रदर्शन किया जायेगा। जिसकी सम्पूर्ण जवाबदारी शासन-प्रशासन की होगी।

22 अवैध अतिक्रमण पर चला बुलडोजर, प्रशासन की संयुक्त टीम ने की कार्यवाही


अनूपपुर  

पवित्र नगरी अमरकंटक को अतिक्रमण मुक्त, सुव्यवस्थित एवं सुंदर बनाने के उद्देश्य से नगर परिषद अमरकंटक द्वारा बुधवार को अतिक्रमण विरोधी विशेष अभियान चलाया गया। राजस्व विभाग, नगर परिषद एवं पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने वार्ड क्रमांक 14 में शासकीय भूमि पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने की कार्यवाही की।

अभियान के दौरान शासकीय भूमि पर किए गए कुल 22 अवैध अतिक्रमणों को हटाकर भूमि को मुक्त कराया गया। इनमें 15 बाड़ियां, 4 झोपड़ियां तथा 3 कच्चे मकान शामिल थे। प्रशासन द्वारा जेसीबी एवं अन्य मशीनों की सहायता से अतिक्रमणों को हटाते हुए भूमि को अपने कब्जे में लिया गया।

कार्यवाही के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। प्रशासनिक अधिकारियों की मौजूदगी में पूरी कार्यवाही शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न हुई। अधिकारियों ने बताया कि शासकीय भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार सख्त कार्यवाही की जाएगी।

जिले में शासकीय भूमि के संरक्षण एवं नगरों के सुनियोजित विकास के लिए अभियान निरंतर जारी रहेगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे शासकीय भूमि पर अतिक्रमण न करें तथा नगर के स्वच्छ, सुंदर और व्यवस्थित विकास में सहयोग प्रदान करें।

युवक के साथ हुई मारपीट, दो पर मामला दर्ज, कोल साइडिंग से उड़ रही धूल, युवाओं ने सौपा ज्ञापन


अनूपपुर

रामनगर थाना क्षेत्र में शराब मिलने के स्थान को लेकर हुए विवाद के दौरान एक युवक के साथ मारपीट किए जाने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। घटना में युवक घायल हो गया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने दो आरोपियों के विरुद्ध विभिन्न धाराओं 296(बी), 115(2), 351(2) एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया है। 

वार्ड क्रमांक 01 विशेषर दफाई, राजनगर निवासी 26 वर्षीय सूरज कोल ने थाना राजनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि मध्यरात्रि करीब 12 बजे वह अपने घर के बाहर निकला था। इसी दौरान मोहल्ले में रहने वाले संजू गोड़ एवं राहुल चौधरी उसके पास पहुंचे और उससे शराब मिलने के स्थान के बारे में पूछताछ करने लगे। इसी बात को लेकर विवाद शुरू हो गया। पहले दोनों पक्षों के बीच सामान्य कहासुनी हुई, लेकिन कुछ ही देर में मामला बढ़ गया और गाली-गलौज शुरू हो गई। आरोप है कि बातचीत के दौरान दोनों आरोपी आक्रोशित हो गए और उन्होंने युवक के साथ मारपीट शुरू कर दी। 

फरियादी का आरोप है कि संजू गोड़ एवं राहुल चौधरी ने हाथ-मुक्कों, डंडे तथा कांच के टुकड़े से उसके साथ मारपीट की। मारपीट के दौरान उसे कई चोटें आईं। घायल युवक ने स्वयं को बचाने का प्रयास किया, लेकिन आरोप है कि दोनों आरोपी लगातार उसके साथ मारपीट करते रहे। और जान से मारने की धमकी दिया, इस कथित धमकी के बाद पीड़ित और उसके परिजनों में भय का माहौल बन गया। घटना के बाद परिवार के लोगों ने उसे शांत कराया और आवश्यक मदद उपलब्ध कराई।

*कोयला साइडिंग की धूल के खिलाफ तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन*


अनूपपुर जिले के बिजुरी कपिलधारा क्षेत्र के समीप संचालित कोयला साइडिंग से फैल रहे धूल प्रदूषण और पर्यावरणीय नियमों के कथित उल्लंघन के विरोध में 08 2026 सोमवार को युवा समाजसेवी राहुल द्विवेदी के नेतृत्व में युवाओं ने उप तहसील बिजुरी पहुंचकर तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। युवाओं ने क्षेत्र में बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए मामले की जांच, प्रभावी कार्रवाई तथा प्रदूषण नियंत्रण के ठोस उपाय सुनिश्चित करने की मांग की।

ज्ञापन में बताया गया कि कोयला साइडिंग से लगातार उड़ रही कोयले की धूल के कारण आसपास के रहवासी, दुकानदार, राहगीर और आम नागरिक प्रभावित हो रहे हैं। धूल की काली परत घरों, दुकानों, वाहनों और सड़कों पर जम रही है, जिससे लोगों को सांस लेने में परेशानी, आंखों में जलन, एलर्जी तथा अन्य स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बढ़ते धूल प्रदूषण के कारण क्षेत्र का वातावरण प्रभावित हो रहा है और जनजीवन पर इसका प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

युवाओं ने आरोप लगाया कि कोयला साइडिंग परिसर एवं कोयला परिवहन मार्गों पर पर्याप्त जल छिड़काव नहीं किया जा रहा है। साथ ही धूल नियंत्रण के लिए आवश्यक पर्यावरणीय उपायों और मानकों का प्रभावी पालन नहीं होने से समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। युवाओं ने प्रशासन से कार्यवाही की मांग की है।

खनिज माफिया, खनिज विभाग व पुलिस प्रशासन की सांठगांठ से शासन को हर माह लग रहा लाखों का चूना

*जिम्मेदार कार्यवाही के नाम पर सिर्फ करते हैं खानापूर्ति, माफिया डन4 दहाड़े करते हैं अवैध रेत उत्तखनन*


अनुपपुर

राज्य सरकार द्वारा अपनी आय बढ़ाने नित नए प्रयास किए जाते है, लेकिन अनुपपुर जिले के कोतमा जनपद के भालूमाडा, कोतमा, बिजुरी, राजनगर इलाके में पुलिस और खनन माफिया की जुगलबंदी से हर महीने खुलेआम 24 घंटे खनिज रेत की चोरी व परिवहन तथा अवैध भंडारण किया जा रहा है, जिससे शासन को हर महीने राजस्व की बड़ी क्षति हो रही है। पुलिस अनुविभाग कोतमा अंतर्गत पुलिस थाना और चौकी क्षेत्रों में यदाकदा नाम मात्र की कार्यवाही कर महज औपचारिकता कर दी जाती है, इससे यह बात तो स्पष्ट हो जाती है कि अवैध रेत की चोरी जारी है। बिजुरी थाना के कुछ पुलिसकर्मी पूरी रात इन माफियाओं को अवैध रेत परिवहन में भरपूर सहयोग करते हैं, बिजुरी पुलिस के काम करने का अंदाज ही निराला है, थाना क्षेत्र के केवई नदी, कोठी, ग्राम थानगांव, ग्राम बहेराबांध, कनई नदी, बेलगांव, ग्राम छतई में रात्रि 8 बजे से सुबह 8 तक लगभग एक दर्जन ट्रैक्टर तथा मिनी ट्रक के साथ हथियार बंद अपराधिक पृष्ठभूमि के लोग अपने वाहन लेकर पूरी रात गुंडागर्दी के साथ अवैध रेत परिवहन किया जाता है, यदि कोई भी व्यक्ति रास्ते में या कहीं भी इन्हें बोलने या रोकने टोकने की कोशिश की गई तो उसकी खैर नहीं, मसलन यह कुछ भी, किसी भी हद तक जा सकते हैं, कई बार रेत माफियाओं के विरुद्ध शिकायत करने पर लोगों के साथ मारपीट भी की गई, जानकारी के अनुसार राज्य शासन के अलावा कुछ पुलिस अधिकारी अपने-अपने थाना क्षेत्र का अवैध रेत परिवहन करने का ठेका देते है, जिले में यह अवैध योजना काफी समय से लागू है, यही वजह है कि पुलिस शिकायत के बाद भी रेत माफियाओं के विरुद्ध कार्रवाई नहीं करना चाहती, उल्टे शिकायत करने वालों पर ही फर्जी मामले दर्ज कर दिए जाते हैं, ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं, कुछ समय पहले एक पत्रकार ने उक्त अवैध कार्यों का कवरेज करने गया हुआ था, जिस पर फर्जी मामला दर्ज कर लिया गया और मारपीट भी की गई, इससे यह तो स्पष्ट है कि पुलिस अपराधियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चल रही है, देशभक्ति जन सेवा की इससे बड़ी मिसाल क्या होगी, उल्लेखनीय है कि जीवनदायिनी केवई नदी से प्रतिदिन लगभग 100 से 150 ट्रिप अवैध रेत परिवहन किया जाता है, उक्त क्षेत्र के किसी भी शहर गांव ,कस्बे में अधिकांश स्थानों में बिना ईटीपी के अवैध रेत का भंडारण बड़े पैमाने पर किया गया है, कभी भी इसकी जांच की जाए तो कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते है। जहां से रेत खनन किया जाता है, उन क्षेत्रों का भी निरीक्षण करना आवश्यक है, रेत परिवहन में संलग्न अधिकांश वाहनो से नंबर प्लेट ही गायब है, नंबर की तो बात ही न करे, उक्त कार्यों को अंजाम देने वाले अधिकांश व्यक्ति अपराधिक लोग हैं, जिनके ऊपर कई गंभीर मामले दर्ज है, इनके द्वारा बिना ई-टीपी के 5 से 10 हजार रुपए महंगे दामों में रेत की अवैध रूप से बिक्री की जाती है, पुलिस के साथ खनिज विभाग भी इन सब बातों से अनजान नहीं है, उसके बावजूद भी कार्यवाही करने में दोनों लाचार है, जिला खनिज विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों को कार्यवाही करने की फुर्सत ही नहीं है, रेत माफिया निर्भीक होकर राज्य शासन को हर वर्ष करोड़ों का चूना लगा रहे हैं, विभागीय अधिकारियो को जैसे सांप सूंघ गया हो, शिकायत करने के बाद भी ठोस कार्यवाही न करना कई संदेशों को जन्म देता है, रेत माफिया पूरे क्षेत्र में रात भर तांडव करते हैं और सब के सब इस मामले में खामोश है। अनुभाग कोतमा तथा स्थानीय पुलिस से लेकर जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी भी इस मामले में कुछ भी बोलने और कार्यवाही करने से बच रहे हैं, एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि जिले के कोयलांचल क्षेत्र के तीन चार प्रचलित थाना क्षेत्रों से हर माह सेवा शुल्क चढ़ाया जाता है, इसी कारण कोई भी इन सब मुद्दों को लेकर कार्यवाही तो दूर बात तक सुनना पसंद नहीं करते, आलम तो यह है कि क्षेत्र में चाहे जितनी बड़ी से बड़ी घटना क्यों ना हो जाए वरिष्ठ अधिकारी भी फोन रिसीव नहीं करते, इन सब बातों का आम जनमानस में विपरीत प्रभाव पड़ रहा है, इन सभी अवैध गतिविधियों की शिकायत जन क्रांति सामाजिक संस्था के प्रमुख पदाधिकारियो ने प्रदेश के मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, डीजीपी भोपाल, खनिज आयुक्त, पुलिस कमिश्नर, संभाग आयुक्त राजस्व शहडोल को शिकायत पत्र प्रेषित कर उच्च स्तरीय जांच टीम गठित कर संलिप्त दोषी लोगों के विरुद्ध निष्पक्ष जांच कार्यवाही करने की मांग की गई है।


पयारी में 'कागजी तालाब' पर 50 हजार का भुगतान, शिकायत के बाद भी मौन अधिकारी CEO की नीयत पर गंभीर सवाल

*कागजो में लबालब तालाब, जमीन पर गायब, मजदूरों का हो रहा आर्थिक शोषण*


अनूपपुर

जनपद पंचायत अनूपपुर के तहत आने वाली ग्राम पंचायत पयारी नम्बर 01 में भ्रष्टाचार और प्रशासनिक तानाशाही का ऐसा घिनौना खेल उजागर हुआ है, जिसने पूरी व्यवस्था को बेनकाब कर दिया है। बिना एक तगाड़ी मिट्टी उठाए 'कागजी तालाब' के नाम पर ₹50,000 का अग्रिम भुगतान डकार लिया गया, तो दूसरी तरफ चिलचिलाती धूप में पसीना बहाने वाले असली मजदूरों के पेट पर लात मारकर उन्हें सिर्फ 100 से 124 रुपये की भीख नुमा दिहाड़ी थमा दी गई।  इस खुली लूट की कई  बार  खबर के माध्यम से  जानकारी दे चुकी हैं, लेकिन जिला और जनपद CEO की 'शून्य कार्रवाई' ने अब सीधे उनकी प्रशासनिक नीयत और ईमानदारी पर ही सबसे बड़ा सवालिया निशान खड़ा कर दिया है। 

पयारी नम्बर 01 पंचायत में चल रहे दो अलग-अलग कार्यों की यह कहानी अधिकारियों के कथित 'मूक संरक्षण' को उजागर करने के लिए काफी है।

खेल नंबर 01-'मिस्टर इंडिया' तालाब, जो कागजों में लबालब, जमीन पर गायब, हितग्राही का नाम: संतोष कुमार, वर्क कोड: 1746002039/IF/22012035163882, स्वीकृत राशि ₹3,22,000 रुपए।

इस कार्य के लिए तीन-तीन फर्जी मस्टर रोल जारी करके लगभग ₹50,000 का भुगतान भी मजे से निकाल लिया गया। जमीनी हकीकत: मौके पर जाकर देखें तो दूर-दूर तक न तो कोई खुदाई का निशान है और न ही कोई तालाब! बिना एक भी मजदूर के काम किए, यहाँ कागजी तौर पर हाजिरी भरकर मजदूरों का मूल्यांकन 175 से 180 रुपये तक कर दिया गया और सरकारी खजाने में सरेआम डकैती डाल दी गई।

खेल नंबर 02- पसीना बहाया इंसानों ने, मलाई खाई मशीनों ने, हितग्राही का नाम: वेदवती महरा पति दादी महरा, वर्क कोड: 1746002039/IF/22012035271662

यहाँ गरीब मजदूरों की NMMS एप से रोज सुबह हाजिरी लगी, फेस स्कैन हुआ, लेकिन जब पैसे देने की बारी आई तो उनके खातों में महज 100 से 124 रुपये डालकर उनके अधिकारों की धज्जियां उड़ा दी गईं।

हद तो तब हो गई जब शुरुआती काम के बाद गरीब मजदूरों को काम से भगाकर रात के अंधेरे में जेसीबी (JCB) मशीन से तालाब खुदवाया गया, जो मनरेगा के कायदों के बिल्कुल खिलाफ है। रही-सही कसर तब पूरी हो गई जब तालाब की निकाली गई मिट्टी को सार्वजनिक रास्ते पर फेंक दिया गया, जिससे आने वाले बरसात में पूरा रास्ता में कीचड़ हो जाये।

 ग्राम पंचायत पयारी नम्बर 01 में हो रहे इस आर्थिक कदाचार की शिकायतें जब कई कार्यालय तक पहुँच चुकी हैं, तो फिर अब तक कार्रवाई का आंकड़ा 'शून्य' क्यों है? इस चुप्पी को भ्रष्टाचार में 'मूक सहमति' क्यों न माना जाएगा।

जब गायब तालाब के नाम पर ₹50,000 का फर्जी भुगतान हो रहा था, तब जनपद CEO साहब की 'जांच टीम' और तकनीकी मूल्यांकन करने वाले सब-इंजीनियर (उपयंत्री) किस गहरी नींद में सो रहे थे? बिना मौके पर गए 'गायब तालाब' की मापन पुस्तिका (MB) कैसे भर दी गई?

एक तरफ गरीब मजदूर अपनी जायज मजदूरी के लिए भटक रहे हैं और खुलेआम मशीनों से काम हो रहा है, गरीबों के हक की कमाई पर डाका डालने वाले इन भ्रष्ट सचिव, सरपंच और रोजगार सहायक  और सब  इंजीनियर। को आखिर किसका संरक्षण प्राप्त है, जो कई शिकायतों के बाद भी प्रशासन उन पर हाथ डालने से कतरा रहा है।

हिंदुस्तान पॉवर प्लांट के खिलाफ, ड्यूटी छोड़ रेलवे कर्मचारी करता रहा अनिश्चितकालीन धरना, प्रदर्शन 

*नियम विरुद्ध आंदोलनकारियों के साथ मंच पर बैठकर देता रहा समर्थन*


अनूपपुर

जिले के जैतहरी स्थित हिंदुस्तान पॉवर प्लांट (मोजर वेयर) के खिलाफ  स्थानीय ट्रांसपोर्टरों, जनप्रतिनिधियों, विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं एवं आम नागरिकों द्वारा अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन किया गया। यह आंदोलन प्लांट प्रबंधन के कथित मनमाने रवैये और ट्रांसपोर्टरों के साथ हो रहे अन्याय के विरोध में आयोजित किया गया था। आंदोलन में शामिल सैकड़ों लोगों ने प्लांट से निकलने वाली राखड़ से भरी गाड़ियों को गेट से बाहर निकलते ही सड़क पर रोक दिया, जिससे क्षेत्र में कई घंटों तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। धरना प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में ट्रांसपोर्टर और स्थानीय लोग मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों का आरोप था कि हिंदुस्तान पॉवर प्लांट द्वारा स्थानीय ट्रांसपोर्टरों की लगातार उपेक्षा की जा रही है और बाहरी लोगों को प्राथमिकता देकर क्षेत्रीय लोगों के रोजगार पर संकट खड़ा किया जा रहा है। ओवरलोड गाड़ी चलवाई जा रही, जिससे दुर्घटना होती हैं, सड़के खराब हों रही है एवं अन्य मुद्दे को लेकर लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और आंदोलन ने उग्र रूप ले लिया।

लेकिन इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा एक रेलवे कर्मचारी की मौजूदगी को लेकर हो रही है। सूत्रों से जानकारी के अनुसार रेलवे फाटक अमलाई पर पदस्थ कर्मचारी करुणा निधान सिंह की ड्यूटी थी, मगर वह ड्यूटी छोड़कर दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक अपनी ड्यूटी छोड़कर कई घंटों तक धरना प्रदर्शन में शामिल रहे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वे आंदोलनकारियों के बीच सक्रिय रूप से मौजूद थे और प्रदर्शन के दौरान लगातार वहीं बने रहे।

अब सवाल यह उठ रहा है कि एक शासकीय कर्मचारी, विशेषकर रेलवे जैसे संवेदनशील विभाग में कार्यरत कर्मचारी, ड्यूटी के समय किसी धरना, प्रदर्शन या आंदोलन में कैसे शामिल हो सकता है? रेलवे विभाग के नियमों के अनुसार ड्यूटी के दौरान लापरवाही या बिना अनुमति कार्यस्थल छोड़ना गंभीर अनुशासनहीनता की श्रेणी में माना जाता है। ऐसे में करुणा निधान सिंह की भूमिका को लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

सूत्रों की मानें तो यह पहला मामला नहीं है जब उक्त कर्मचारी पर ड्यूटी में लापरवाही के आरोप लगे हों। इससे पहले भी उनके खिलाफ कई बार शिकायतें सामने आ चुकी हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे फाटक जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर तैनात कर्मचारी का ड्यूटी छोड़कर किसी और को अपनी जगह तैनात करके आंदोलन में शामिल होना किसी बड़े हादसे को निमंत्रण देने जैसा है। यदि उस दौरान कोई रेल दुर्घटना या अन्य अप्रिय घटना घट जाती, तो इसकी जिम्मेदारी कौन लेता।

इस पूरे मामले को लेकर अब रेलवे विभाग की भूमिका पर भी निगाहें टिक गई हैं। आम जनता और स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि विभाग इस मामले में सख्त कार्रवाई नहीं करता, तो यह अन्य कर्मचारियों के लिए भी गलत संदेश होगा। वहीं कुछ लोगों का आरोप है कि विभाग अक्सर ऐसे मामलों में कर्मचारियों को संरक्षण देता आया है, जिससे अनुशासनहीनता बढ़ती जा रही है।

धरना प्रदर्शन के बाद क्षेत्र में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या रेलवे प्रशासन करुणा निधान सिंह के खिलाफ विभागीय जांच बैठाएगा या फिर मामले को दबाकर उन्हें अभयदान दे दिया जाएगा। अब देखना यह होगा कि रेलवे प्रशासन इस गंभीर मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और नियमों की अवहेलना करने वाले कर्मचारी पर क्या कार्रवाई करता है। 

रेलवे के एक कर्मचारी का कहना है की कोई भी रेलवे कर्मचारी रेलवे ट्रेड यूनियन के अलावा किसी भी धरना, प्रदर्शन, आंदोलन में शामिल नही हों सकता है।

इनका कहना है।

मैं अपने निजी कार्य से जैतहरी गया था, धरना, प्रदर्शन, आंदोलन में शामिल होने नही गया था।

*करुणा निधान सिंह गेट कीपर रेलवे फाटक अमलाई*


अज्ञात नवजात शिशु का मिला शव, रेत तस्करी में बिना नम्बर की मेटाडोर जप्त


अनूपपुर

अनूपपुर नगर के बस स्टैंड में स्थित सुलभ कांप्लेक्स में एक अज्ञात तत्काल का पैदा हुआ नवजात शिशु बालक मृत स्थिति होने पर पुलिस ने बरामद किया। कोतवाली पुलिस अनूपपुर को सूचना मिली कि अनूपपुर नगर के बस स्टैंड में स्थित सुलभ कांप्लेक्स के शौचालय में एक नवजात शिशु मृत स्थिति में है। पुलिस घटना स्थल पर पहुंचकर अज्ञात नवजात शिशु बालक के शव को कब्जे में लेकर जिला चिकित्सालय के शव परीक्षण कक्ष के फ्रीजर में सुरक्षित रखाते हुए अज्ञात महिला एवं अन्य आरोपियों की विभिन्न माध्यमों से खोजबीन कर रही है इस बीच रविवार की दोपहर पुलिस के द्वारा नवजात शिशु बालक के शव का ड्यूटी डॉक्टर संजय सिंह से शव परीक्षण करवा कर नगरपालिका अनूपपुर के उपयंत्री बृजेश पांडेय,स्वच्छता निरीक्षक बृजेश मिश्रा के सौजन्य से जेसीबी से  सोननदी के किनारे स्थित मुक्तिधाम में कोतवाली थाना अनूपपुर के आरक्षक अमित यादव,पुलिस सहायता केंद्र जिला चिकित्सालय अनूपपुर के आरक्षक आशीष तिवारी,अनूपपुर नगर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल,महेश प्रसाद रौतेल,गोपाल प्रसाद राठौर की उपस्थिति में मृत नवजात शिशु के शव को कफन से ढक कर फूल,अगरबत्ती अर्पित करते हुए सामाजिक रीति रिवाज अनुसार अंतिम संस्कार किया।

*बिना नंबर की मेटाडोर जब्त*


अनूपपुर 

जिले में अवैध रेत कारोबार के खिलाफ खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक बिना नंबर की डग्गी वाहन को जब्त किया है। लंबे समय से मध्यप्रदेश-छत्तीसगढ़ सीमा से लगे क्षेत्रों में अवैध रेत परिवहन की शिकायतें मिल रही थीं। शिकायतों के बाद खनिज विभाग ने विशेष जांच अभियान चलाया, जिसमें एक संदिग्ध डग्गी वाहन रेत का परिवहन करते हुए पकड़ा गया।

रात बिजुरी क्षेत्र में चलाए गए सघन जांच अभियान के दौरान खनिज निरीक्षक ईशा वर्मा ने बिना नंबर की डग्गी वाहन को रोककर जांच की। पूछताछ में चालक ने वाहन मालिक का नाम अमन पांडे, निवासी डोला बताया, लेकिन वाहन से संबंधित वैध दस्तावेज और ई-ट्रांजिट पास (ईटीपी) प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में रेत परिवहन पूरी तरह अवैध पाए जाने पर खनिज अमले ने तत्काल वाहन को जब्त कर रामनगर थाना की अभिरक्षा में सौंप दिया।

कार्रवाई के दौरान सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि वाहन पर नंबर प्लेट तक नहीं लगी थी। ऐसे में बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर बिना नंबर का वाहन सड़कों पर कैसे दौड़ रहा था? स्थानीय लोगों का कहना है कि नंबर प्लेट का न होना यह संकेत देता है कि वाहन लंबे समय से अवैध गतिविधियों में इस्तेमाल किया जा रहा होगा और पहचान छिपाने के उद्देश्य से नंबर नहीं लगाया गया होगा।

ससुर ने बहू के साथ किया गाली गलौच, डंडे से हमला करने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मामला 


अनूपपुर/कोतमा

कोतमा थाना कोतमा क्षेत्र अंतर्गत गोविंदा कॉलोनी  में घरेलू विवाद ने अचानक हिंसक रूप ले लिया। बहू द्वारा गाली-गलौज का विरोध करने पर ससुर द्वारा डंडे से हमला किए जाने का गंभीर आरोप सामने आया है। घटना के बाद पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।

माया यादव (35 वर्ष), पति रामप्रसाद यादव, निवासी वार्ड क्रमांक 12 गोविंदा कॉलोनी, थाना कोतमा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि वह अपने पति और बच्चों के साथ अलग आवास में निवास करती है, जबकि उसके ससुर एवं देवर अलग मकान में रहते हैं। उसका पति रामप्रसाद यादव घर के बाहर अपने पिता रतूलाल यादव के साथ बैठा हुआ था। इसी दौरान घरेलू बात को लेकर कथित रूप से ससुर रतूलाल यादव अचानक नाराज हो गए और गाली-गलौज करने लगे।

आरोप है कि जब पीड़िता ने इसका विरोध करते हुए गाली देने से मना किया तो ससुर ने हाथ में रखे लकड़ी के डंडे से उस पर हमला कर दिया। इस हमले में महिला के हाथ, गाल और सिर पर गंभीर चोटें आईं तथा सिर से खून बहने लगा। घटना के दौरान उसे जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।

घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई और कुछ समय के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। सूचना मिलने पर पीड़िता ने डायल-112 की सहायता से थाना कोतमा पहुंचकर पूरी घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने तत्काल संज्ञान लेते हुए आरोपी ससुर रतूलाल यादव के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 296(बी), 115(2), 351(2) एवं अन्य संबंधित प्रावधानों के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।

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