नपा सीएमओ के घर का ताला तोड़कर कब्जा करने आरोप, एफआईआर की मांग, अवैध परिवहन पर ट्रैक्टर जब्त
नपा सीएमओ के घर का ताला तोड़कर कब्जा करने आरोप, एफआईआर की मांग, अवैध परिवहन पर ट्रैक्टर जब्त
शहडोल
खनिज विभाग की टीम ने ब्यौहारी थाना क्षेत्र के ग्राम बराछ और बरकछ में रेत के अवैध खनन की शिकायत की जांच की। इस दौरान बराछ स्थित झापर नदी में एक ट्रैक्टर रेत का अवैध खनन करते मिला।खनिज विभाग की टीम को देखते ही ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। बाद में दूसरे चालक की मदद से ट्रैक्टर को नदी से बाहर निकलवाकर थाना ब्यौहारी की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया।
जांच में सामने आया कि ट्रैक्टर जॉन डियर कंपनी का है और उस पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं है। खनिज विभाग अब वाहन के मालिक की जानकारी जुटा रहा है। विभाग के अनुसार वाहन मालिक के खिलाफ अवैध खनन का प्रकरण दर्ज किया जाएगा।
शहडोल
नगर पालिका परिषद शहडोल के सीएमओ आवास में ताला तोड़कर कथित रूप से जबरन प्रवेश और कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। नगरपालिका की मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशा जितेंद्र भंडारी ने कोतवाली थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में उन्होंने पूर्व सीएमओ निशांत सिंह ठाकुर सहित अन्य लोगों पर सीएमओ आवास का ताला तोड़कर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और वहां रखे सामान पर कब्जा करने का आरोप लगाया है।
सीएमओ की ओर से दिए गए पत्र के मुताबिक वह 2 जून 2026 को स्वास्थ्य खराब होने के कारण चिकित्सकीय अवकाश पर चली गई थीं। इसके बाद 26 जून को वापस मुख्यालय शहडोल पहुंचीं। शिकायत में बताया गया है कि उनके अवलोकन एवं आदेशार्थ कुछ फाइलें हस्ताक्षर के लिए आवास पर आई थीं, जिन्हें उन्होंने 27 जून को विधिवत प्राप्त कर कार्यालय अधीक्षक को वापस कर दिया था। इसके पश्चात वह पुनः उपचार के लिए गुजरात चली गई थीं।
शिकायत के अनुसार 1 सितंबर को जब उन्हें जानकारी मिली कि उनके सीएमओ आवास का ताला तोड़कर जबरन प्रवेश कर कब्जा कर लिया गया है, तब उन्होंने मौके की स्थिति की जानकारी ली। आरोप है कि उनके निवास से करीब डेढ़ लाख रुपये नकद, घरेलू आवश्यक दस्तावेज, कपड़े, किराना सामान, पूजा सामग्री सहित अन्य सामान रखा हुआ था, जिस पर आरोपियों ने कथित रूप से अनधिकृत कब्जा कर लिया।
ऐसे में सरकारी आवास की सुरक्षा व्यवस्था, वहां तैनात कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने पुलिस से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है।




















