बिना नंबर प्लेट एवं वैध ईटीपी के रेत परिवहन करते दो 12-चक्का हाइवा जब्त


शहडोल 

अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 12 सितंबर 2026 को रात्रि 3ः00 बजे से प्रातः 4ः30 बजे तक जयसिंहनगर अनुविभाग की राजस्व टीम द्वारा नायब तहसीलदार सनी द्विवेदी के नेतृत्व में तथा ब्यौहारी अनुविभाग की राजस्व टीम द्वारा डिप्टी कलेक्टर गैलेक्सी नागपुरे के नेतृत्व में पुलिस की सहायता से अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान ग्राम झरोसी, तहसील ब्यौहारी में अवैध रेत का परिवहन कर रहे दो 12-चक्का हाइवा वाहनों को पकड़ा गया। दोनों वाहन रीवा की ओर अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे थे। जांच के दौरान दोनों वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं लगी पाई गई तथा दोनों वाहनों के पास वैध ईटीपी भी उपलब्ध नहीं था।

वाहनों को पकड़ने के दौरान एक हाइवा वाहन का चालक मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे हाइवा वाहन के चालक को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान वाहन चालक ने बताया कि हाइवा में रेत ग्राम रसपुर से भरी गई थी। राजस्व एवं पुलिस टीम द्वारा दोनों वाहनों को अभिरक्षा में लेकर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

सड़क न होने से महिला का शव गांव तक बैलगाड़ी से लाना पड़ा, जनप्रतिनिधि नही बनवा पाए सड़क


शहडोल 

जिले के आखेटपुर स्थित डाला टोला गांव में पक्की सड़क नहीं होने का खामियाजा एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके परिजनों और ग्रामीणों को भुगतना पड़ा। शनिवार को सड़क के अभाव में एंबुलेंस महिला का शव घर तक नहीं पहुंचा सकी और करीब एक किलोमीटर पहले ही रोकनी पड़ी। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को बैलगाड़ी पर रखकर घर तक पहुंचाया। घटना का वीडियो भी सामने आने के बाद विकास के दावों पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार डाला टोला निवासी श्याम कली पटेल (70) लंबे समय से बीमार थीं। उनका स्थानीय अस्पताल के साथ नागपुर में भी इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान नागपुर में उनकी मौत हो गई। शनिवार सुबह जब उनका शव गांव पहुंचा तो घर तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस करीब एक किलोमीटर पहले ही रुक गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों को शव बैलगाड़ी पर रखकर घर तक ले जाना पड़ा।

घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क की समस्या को लेकर विरोध जताया। उनका कहना है कि डाला टोला में सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या से अवगत कराया लेकिन अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका है। उनका आरोप है कि हर बार सड़क बनवाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

कांग्रेस नेता और जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ कई बार अधिकारियों से मुलाकात की गई है। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि महिला की मौत के बाद शव को बैलगाड़ी से घर पहुंचाने की स्थिति ने गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था की पोल खोल दी है। ग्रामीणों ने अब सड़क निर्माण के लिए जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है।

वन माफिया वनों में सागौन के वृक्षों का खुलेआम आरा चलाकर कर रहे हैं कत्लेआम आरा, शासन को करोड़ों की चपत

*रेत माफिया भी हुए बेलगाम, जिम्मेदार नींद में*


शहडोल

इन दिनों वन माफिया के चंगुल में बुरी तरह जकड़ चुका है और जंगल को जिस बेरहमी से उजाड़ा जा रहा है उसे देखकर यही लगता है कि अगर यही हाल रहा तो इस हरे-भरे वृत्त को रेगिस्तान में बदलते देर नहीं लगेगी।

हालात बेहद चिंताजनक हैं क्योंकि घुनघुटी वन परिक्षेत्र में खैर तस्करी के मामले की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि इसी वृत्त के बुढार, जैतपुर और शहडोल परिक्षेत्र के जंगलों में सागौन और साल की व्यापक तस्करी का नया खेल शुरू हो गया है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घुनघुटी में हजारों की तादाद में खैर के हरे-भरे पेड़ों की हुई कटाई के मामले ने वन मुख्यालय तक को हिला कर रख दिया है और इस मामले में वन मंडलाधिकारी उमरिया से जवाब-तलब किया गया है।

लेकिन बड़ा सवाल शहडोल वन मंडल की मुखिया पर खड़ा हो रहा है। वन मंडलाधिकारी शहडोल श्रद्धा पेंद्रो जो बड़ी-बड़ी डींगें हांकती हैं और खुद को सिंघम बनी घूमती हैं, उनकी कथित ईमानदारी की चुनरी पर बुढार के जंगलों में सागौन के वृक्षों पर चल रहे आरे के निशानों ने बड़ा दाग लगा कर रख दिया है। विभाग में ईमानदारी और सख्ती के बड़े-बड़े दावे करने वाली वन मंडलाधिकारी शहडोल के  नाक के नीचे ही आरक्षित वन उजड़ रहे हैं और उनके दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

इसका पुख्ता सबूत बुढार वन परिक्षेत्र के धनपुरी बीट के आरक्षित वन क्षेत्र आरएफ 833 से मिला है जहां जीपीएस लोकेशन 23.155424, 81.525095 पर एक हरे-भरे विशाल सागौन के पेड़ को आरी से काट दिया गया है। फोटो में तने पर ताजा निशान साफ हैं। बुढार में सागौन-साल के हजारों वृक्षों की अवैध कटाई जारी है और खुलेआम आरा चल रहा है, जिससे शासन को करोड़ों की चपत लग रही है। तस्करी का तरीका संगठित है, दिन में रेकी और रात में कटाई कर लकड़ी अवैध आरा मशीनों पर खपाई जा रही है।

इधर शहडोल वन परिक्षेत्र में रेत माफिया भी बेलगाम है। जानकार सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार वन अमले द्वारा पकड़ी गई रेत की अवैध डग्गी को रेत माफिया छुड़ा ले गया। एक तरफ ईमानदारी की डींगें और दूसरी तरफ सागौन के जंगल उजड़ना और रेत की डग्गी का छूट जाना, यह पूरे अमले की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा ही रहा तो सदा हरा-भरा लहलहाता शहडोल वन वृत्त भी रेगिस्तान में बदल जाएगा और वन मंडलाधिकारी  की ईमानदारी के सारे दावे इन कटे हुए सागौन के ठूंठों तले दब कर रह जाएंगे।

सर्व शिक्षा अभियान व शिक्षा विभाग द्वारा नवनिर्मित भवनों की खुली  पोल, बारिश में बच्चों का बैठना हुआ मुश्किल

शहडोल

जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी की सरकार नैनिहाल बच्चों के लिए उनकी शिक्षा दिक्षा व स्वास्थ्य के प्रति सजगता से कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग में ही कार्यरत जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी बच्चों के जीवन के साथ खेलने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यह हम नहीं कह रहे हैं। जिले के अंतर्गत सर्व शिक्षा अभियान से निर्मित भवनो का हाल बता रहा है, जहां बारिश के चलते कहीं छत टपक रही है तो कहीं से छत गिर रही है, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है। स्थानीय कर्मचारी ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सीएम हेल्पलाइन कटाने के लिए अधिकारी जोर शोर में लगे हुए है जो बहुत ही निराशाजनक है, जब इस विषय में कलेक्टर कार्यालय के सर्व शिक्षा अभियान  निर्माण समिति के सदस्य व पूर्व मंडल अध्यक्ष रामनारायण मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने सभी नवनिर्मित भवनो की तकनीकी गुणवत्ता की सघन जांच की आवश्यकता बताई।

श्री मिश्रा ने बताया कि उसके स्थानीय ग्राम के सभी विद्यालय वा आंगनबाड़ी केंद्रों में जल भराव बना हुआ है, जिससे नैनीहाल बच्चो के जीवन में संकट बना है। उन्होंने प्रशासनिक अमले से जांच कराकर दोषी जनों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही मांग की है। उनका कहना है की स्थानीय कर्मचारी हॉस्टलों मे अन्य सामग्री, मध्यान भोजन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बच्चों के हक का निवाला तो खा ही रहे हैं, साथ में उनके भवनो को गुणवत्ता विहीन बनाकर उनके जीवन से भी खेलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा स्थानीय कर्मचारी वा ठेकेदारो के द्वारा बनाए गए भवन 5 साल  अवधि के जिनकी तकनीकी गुणवत्ता  की जांच हो व दोषी जनों पर कार्यवाही की जाए।

इनका कहना है जिले के अंतर्गत अधिकारी डीपीसी, बीआरसी, बीएसी सभी हॉस्टल कार्यों में व्यस्त हैं, जिन्हें बच्चों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं जो बहुत ही निराशाजनक है, सीएम हेल्पलाइन कटाना समस्या का निदान नहीं।

नियुक्ति के मामले में हाई कोर्ट के आदेश की अनदेखी पड़ गयी भारी, एसपी को उपस्थित होने के आदेश


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मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा वर्ष 2013 से जुड़े रत्नेश कुमार सिंह के मामले में आदेश के अनुपालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने प्रतिवादी क्रमांक-2 एसपी शहडोल को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर 2026 को होगी।

प्रकरण के अनुसार जिला अनूपपुर की जमुना कॉलरी निवासी रत्नेश कुमार सिंह की पुलिस आरक्षक परीक्षा वर्ष 2013 के बाद आपराधिक प्रकरण के आधार पर नियुक्ति निरस्त कर दी गई थी। नियुक्ति निरस्तीकरण के विरुद्ध रत्नेश कुमार सिंह द्वारा न्यायालय की शरण ली गई थी। याचिकाकर्ता के अनुसार, 10 जनवरी 2025 को हाईकोर्ट द्वारा उन्हें पुलिस विभाग में समस्त लाभों के साथ पदस्थ किए जाने का आदेश पारित किया गया था।

इसके बावजूद उक्त आदेश का अपेक्षित रूप से पालन नहीं होने पर मामले में अवमानना की कार्यवाही प्रारंभ हुई। न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ के समक्ष अवमानना प्रकरण CONC No. 4146/2025, रत्नेश कुमार सिंह बनाम कैलाश मकवाना एवं अन्य की सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पांडे ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखते हुए बताया कि संबंधित आदेश के विरुद्ध रिट अपील दायर की गई है, लेकिन रिट अपील में मूल आदेश पर कोई स्थगन आदेश प्रदान नहीं किया गया है।

नपा सीएमओ के घर का ताला तोड़कर कब्जा करने आरोप, एफआईआर की मांग, अवैध परिवहन पर ट्रैक्टर जब्त


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खनिज विभाग की टीम ने ब्यौहारी थाना क्षेत्र के ग्राम बराछ और बरकछ में रेत के अवैध खनन की शिकायत की जांच की। इस दौरान बराछ स्थित झापर नदी में एक ट्रैक्टर रेत का अवैध खनन करते मिला।खनिज विभाग की टीम को देखते ही ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। बाद में दूसरे चालक की मदद से ट्रैक्टर को नदी से बाहर निकलवाकर थाना ब्यौहारी की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया।

जांच में सामने आया कि ट्रैक्टर जॉन डियर कंपनी का है और उस पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं है। खनिज विभाग अब वाहन के मालिक की जानकारी जुटा रहा है। विभाग के अनुसार वाहन मालिक के खिलाफ अवैध खनन का प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

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नगर पालिका परिषद शहडोल के सीएमओ आवास में ताला तोड़कर कथित रूप से जबरन प्रवेश और कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। नगरपालिका की मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशा जितेंद्र भंडारी ने कोतवाली थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में उन्होंने पूर्व सीएमओ निशांत सिंह ठाकुर सहित अन्य लोगों पर सीएमओ आवास का ताला तोड़कर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और वहां रखे सामान पर कब्जा करने का आरोप लगाया है।

सीएमओ की ओर से दिए गए पत्र के मुताबिक वह 2 जून 2026 को स्वास्थ्य खराब होने के कारण चिकित्सकीय अवकाश पर चली गई थीं। इसके बाद 26 जून को वापस मुख्यालय शहडोल पहुंचीं। शिकायत में बताया गया है कि उनके अवलोकन एवं आदेशार्थ कुछ फाइलें हस्ताक्षर के लिए आवास पर आई थीं, जिन्हें उन्होंने 27 जून को विधिवत प्राप्त कर कार्यालय अधीक्षक को वापस कर दिया था। इसके पश्चात वह पुनः उपचार के लिए गुजरात चली गई थीं।

शिकायत के अनुसार 1 सितंबर  को जब उन्हें जानकारी मिली कि उनके सीएमओ आवास का ताला तोड़कर जबरन प्रवेश कर कब्जा कर लिया गया है, तब उन्होंने मौके की स्थिति की जानकारी ली। आरोप है कि उनके निवास से करीब डेढ़ लाख रुपये नकद, घरेलू आवश्यक दस्तावेज, कपड़े, किराना सामान, पूजा सामग्री सहित अन्य सामान रखा हुआ था, जिस पर आरोपियों ने कथित रूप से अनधिकृत कब्जा कर लिया।

ऐसे में सरकारी आवास की सुरक्षा व्यवस्था, वहां तैनात कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने पुलिस से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। 

मकान गिरा, मलबे में दबे पति, पत्नी व बच्ची, तीनों की बची जान, गृहस्थी का सामान ख़राब


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धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर-5 में काली मंदिर के पास उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बारिश के बीच एक खपरैल मकान अचानक भरभराकर गिर गया, हादसे के समय मकान के अंदर सो रहा परिवार मलबे की चपेट में आ गया और पति-पत्नी समेत उनकी मासूम बच्ची दब गई।

धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नं 5 में काली मंदिर के पास रहने वाले संतोष बर्मन, उनकी पत्नी साधना बर्मन और बच्ची गुनगुन घर के अंदर सो रहे थे, अचानक मकान का हिस्सा भरभराकर उनके ऊपर आ गिरा, हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने बिना देर किए राहत और बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे परिवार के तीनों सदस्यों को बाहर निकाला, मकान गिरने से परिवार के सदस्यों को अंदरूनी चोटें आई हैं।

गनीमत रही कि स्थानीय लोगों की तत्परता से सभी को समय रहते मलबे से बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हादसे के बाद परिवार दहशत में है।वहीं, मकान गिरने से परिवार की पूरी गृहस्थी तहस-नहस हो गई। घर में रखा सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया, बारिश के कारण पहले से कमजोर हो चुके कच्चे और खपरैल मकानों पर अब खतरा बढ़ गया है।घटना ने एक बार फिर बारिश के मौसम में जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कार्यक्रम में मेधावी छात्रा मान्यता साहू को आगे की पढ़ाई के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदान किया लैपटॉप


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शहडोल की मेधावी छात्रा मान्यता साहू को उनकी शैक्षणिक उपलब्धि एवं आगे की पढ़ाई में सहयोग के लिए राज्य सरकार की ओर से लैपटॉप प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मान्यता साहू को लैपटॉप प्रदान किया।

मान्यता साहू वर्तमान में भोपाल के एसआईआरटी कॉलेज से बी.टेक. की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने शहडोल के सेंट ज्यूड्स क्रिश्चियन मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल से अध्ययन करते हुए हायर सेकेंडरी परीक्षा में गणित विषय में 97.6 प्रतिशत अंक अर्जित कर जिले का नाम गौरवान्वित किया।

मेधावी छात्रा मान्यता साहू का लक्ष्य बी.टेक. की डिग्री पूर्ण करने के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की तैयारी करना है। राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया गया लैपटॉप उनकी उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में उपयोगी साबित होगा।

मान्यता साहू के पिता शहडोल रेलवे स्टेशन शहडोल में कैंटीन का संचालन करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद मान्यता ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि हासिल की है।

लैपटॉप मिलने पर मान्यता साहू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह पहल विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने वाली है। उन्होंने अपनी सफलता एवं इस सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, अपने माता-पिता एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

1 पटवारी निलंबित, 7 पटवारी को नोटिस जारी, 8 सचिवों व रोजगार सहायकों का 1 दिन का वेतन काटने का आदेश


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आशीष सोनकर तत्कालीन पटवारी हल्का चांपा वर्तमान पटवारी हल्का पतखई/बमुरा व्दारा पटवारी हल्का चांपा में पदस्थ रहने के दौरान जमीन संबंधी काम कराने एवं जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के एवज में आशीष सोनकर पटवारी ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने 15 हजार रूपये नकद प्राप्त करना, तथा अश्लील हरकत के कारण शिकायतकर्ता व्दारा कलेक्टर शहडोल के समक्ष की गई शिकायत पर इस कार्यालय के पत्र क्रमांक 940 को कारण बताओ नोटिस जारी कर जबाव चाहा गया, किन्तु उनके व्दारा जबाव प्रस्तुत न करने पर यह प्रतीत होता है कि शिकायतकर्ता व्दारा की गई शिकायत की पुष्टि होती है। 

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमृता गर्ग ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है, और निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय तहसील सोहागपुर निर्धारित किया जाता है तथा जीवन निर्वाह भत्ते की नियमानुसार पात्रता होगी।

वही अमृता गर्ग ने फार्मर रजिस्ट्री में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर पटवारी हल्का खेतौली चित्रा धर्या, पटवारी हल्का हर्रा-98 राजेश्वर मेहरा, पटवारी हल्का भानपुर-105 निलेश पांडे, पटवारी हल्का बिरूहली सूर्यभानु सिंह, पटवारी हल्का कटकोना ज्योति मिश्रा, पटवारी हल्का छाता सुजीत श्रीवास्तव, पटवारी हल्का खोह रफीक खान को कारण बताओं नोटिस जारी कर तीन दिवस में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। 

इसी प्रकार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमृता गर्ग ने फार्मर आईडी के कार्य में लगाई गई ड्यूटी में अनुपस्थित होने पर ग्राम पंचायत बरुका, कंचनपुर, हर्रा टोला,नवलपुर, पंचगाव, सिंदूरी, श्यामडीह, गोरतरा के सचिवों एवं रोजगार सहायको का एक - एक दिन का वेतन काटने के आदेश जारी किया है।

अनाथ महिला से जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए पटवारी ने मांगा रिश्वत, आपत्तिजनक मैसेज करने का आरोप


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सोहागपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित युवती ने बताया कि उसके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और ग्राम पंचायत चापा में उनकी पुश्तैनी जमीन है। जमीन संबंधी काम और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए उन्होंने हल्का नंबर 72 के पटवारी आशीष सोनकर से संपर्क किया था।

शिकायत के अनुसार युवती का आरोप है कि काम कराने के एवज में उनसे 20 हजार रुपए की मांग की गई, जिसमें से 15 हजार रुपए नकद देने का दावा किया गया है। युवती ने लेन-देन और बातचीत से संबंधित व्हाट्सऐप चैट को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में सुरक्षित होने की बात कही है।

शिकायत का सबसे गंभीर पहलू पटवारी पर अश्लील और आपत्तिजनक व्हाट्सऐप बातचीत करने का आरोप है। युवती का दावा है कि पटवारी ने काम कराने के बदले उसे होटल में बुलाने और अपने साथ रहने जैसी बातें कहीं, युवती ने इसे अपने शासकीय पद और अधिकार का दुरुपयोग बताते हुए मानसिक दबाव और शोषण का प्रयास बताया है।

युवती का यह भी आरोप है कि शिकायत करने की बात कहने के बाद उसके जमीन संबंधी काम नहीं किए गए और जाति प्रमाण-पत्र भी नहीं बनाया गया, वहीं पटवारी के सहयोगी रवि पर शिकायत नहीं करने के लिए दबाव बनाने और जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

इस मामले में कलेक्टर के समक्ष शिकायत और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए थे। अब युवती ने स्वयं कलेक्टर के समक्ष शिकायत देकर व्हाट्सऐप चैट, स्क्रीनशॉट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने तथा मामले में विभागीय कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ग्रामीणों ने सड़क पर धान का रोपा लगाकर खराब सड़क का किया विरोध, 30 साल से कर रहे हैं मांग


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जैतपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत गलहथा में सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने अब अनोखे अंदाज में विरोध जताया है। करीब 30 साल से सड़क निर्माण की मांग पूरी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने कीचड़ से सनी सड़क पर ही धान का रोपा लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतें और आवेदन देने के बावजूद जब सड़क नहीं बनी तो अब उन्होंने सड़क को ही खेत बना दिया है।

मामला ग्राम पंचायत गलहथा के वार्ड नंबर 15 का है। ग्रामीण सुरेश सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर 15 से मुख्य सड़क और स्कूल तक पहुंचने के लिए करीब आधा किलोमीटर लंबा यह मार्ग प्रमुख रास्ता है। बारिश के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है। इससे ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी आने-जाने में परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या एक-दो साल पुरानी नहीं, बल्कि करीब तीन दशक से बनी हुई है। इस दौरान कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों से सड़क निर्माण की शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। लगातार बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और पानी जमा है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है।

इसी समस्या से नाराज नवल सिंह, पहलाद सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने एकजुट होकर सड़क पर धान का रोपा लगा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब बारिश के दौरान सड़क पर खेत जैसी स्थिति बन ही जाती है तो उन्होंने इसे खेत का रूप देकर अपना विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों का यह अनोखा विरोध क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण पहलाद सिंह ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि सड़क पर धान की फसल तैयार हो गई तो इससे होने वाले अनाज से ग्रामीणों की भरपाई कर लेंगे।

इधर, ग्राम पंचायत गलहथा के सचिव चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि सड़क की समस्या से पंचायत भी अवगत है। ग्राम सभा में कई बार सड़क निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है और बजट को लेकर भी चर्चा हुई है। बारिश समाप्त होने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की बात कही गई है।

बाणसागर डैम के पास सोन नदी पुल के ज्वाइंट में दिखा बड़ा क्रैक, हादसे का खतरा


शहडोल

देवलोंद क्षेत्र में बाणसागर डैम के पास सोन नदी पर बने पुल के बीच ज्वाइंट में बड़ा क्रैक और गड्ढा दिखाई देने का मामला सामने आया है। इस मार्ग से रोजाना सैकड़ों छोटे-बड़े वाहनों की आवाजाही होती है। इसके बावजूद पुल की स्थिति को लेकर जिम्मेदारों की ओर से अब तक कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है।

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि पुल के बीच बने गड्ढे से बचने के प्रयास में एक ट्रक अनियंत्रित होकर पुल की रेलिंग से टकरा गया। गनीमत रही कि ट्रक पुल से नीचे गिरने से बच गया। हालांकि, वायरल वीडियो कब का है और घटना वास्तव में कब हुई, इसकी पुष्टि नहीं हो सकी है।

यह पुल शहडोल-रीवा मुख्य मार्ग को जोड़ता है और सोन नदी पर बाणसागर परियोजना क्षेत्र में स्थित है। जून 2025 में भी इसी पुल का एक हिस्सा क्षतिग्रस्त होने और बीच में गड्ढा बनने के बाद प्रशासन ने आवागमन बंद कराया था।

ऐसे में पुल के ज्वाइंट में दोबारा दिखाई दे रहे क्रैक और गड्ढे को लेकर वाहन चालकों में चिंता बढ़ गई है। लोगों ने संबंधित विभाग से पुल का तत्काल निरीक्षण कराने और सुरक्षा के जरूरी इंतजाम करने की मांग की है।

ड्राइवर की लापरवाही, नाले में फंसी बस, यात्रियों की बची जान, कार में गिरा पेड़, हादसा टला


शहडोल

लगातार हो रही बारिश से जिले में नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को उफनते नदी-नालों को पार नहीं करने की सलाह दी गई है। इसके बावजूद एक बस चालक यात्रियों से भरी बस को तेज बहाव वाले नाले में उतारकर पार कराने लगा। नाले के बीच पहुंचते ही बस तकनीकी खराबी के चलते बंद हो गई। बस के पानी में फंसते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार बस शहडोल से सिंहपुर होते हुए डिंडोरी की ओर जा रही थी। नाले में पानी का बहाव तेज होने के बावजूद चालक ने बस को आगे बढ़ा दिया। बीच में बस बंद होने के बाद यात्रियों की जान पर बन आई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।

मुख्यालय सीएसपी राजेंद्र मोहन दुबे ने बारिश के दौरान लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नदी-नाले उफान पर होने की स्थिति में उन्हें पार करने की कोशिश न करें। बस चालक की लापरवाही भी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

*मेडिकल कॉलेज परिसर में महुआ का पेड़ गिरा*

मेडिकल कॉलेज परिसर शहडोल में एक भारी-भरकम महुआ का पेड़ अचानक गिर गया। पेड़ के नीचे खड़ी एक कार दब गई। पेड़ गिरने की घटना से मेडिकल कॉलेज के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा में तैनात गार्ड मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पेड़ के नीचे कार दबने से वाहन को नुकसान पहुंचा है, हालांकि घटना में किसी प्रकार की बड़ी जनहानि नहीं हुई। 

विधायक नाराज होकर पंच सम्मेलन कार्यक्रम छोड़कर निकली बाहर, पंच सरपंच कलेक्ट्रेट पहुँच जताया विरोध

*अव्यवस्था के कारण हुआ विरोध*


शहडोल

जिला स्तरीय पंच सम्मेलन शहडोल के सोहागपुर में अव्यवस्थाओं को लेकर जमकर नाराजगी देखने को मिली, जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह का सम्मेलन से नाराज होकर बाहर निकलने का वीडियो वायरल हो गया, जिसने पूरे मामले को सुर्खियों में ला दिया है। बताया जा रहा है कि कार्यक्रम स्थल पर बैठक व्यवस्था समेत अन्य इंतजामों से विधायक असंतुष्ट थीं, विधायक के कार्यक्रम छोड़ने के बाद सम्मेलन में पहुंचे सरपंच, उपसरपंच और पंच भी लामबंद हो गए और कार्यक्रम का बहिष्कार करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंच गए, यहां जनप्रतिनिधियों ने व्यवस्थाओं को लेकर विरोध जताया, मामला बढ़ता देख कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने स्वयं जनप्रतिनिधियों से चर्चा की और उनकी शिकायतें सुनीं, आखिर पंच सम्मेलन में ऐसी क्या अव्यवस्था रही कि विधायक को कार्यक्रम छोड़कर बाहर निकलना पड़ा और जनप्रतिनिधियों को कलेक्ट्रेट पहुंचकर विरोध जताना पड़ा। 

जनपद पंचायत सोहागपुर में विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार एवं आजीविका मिशन ग्रामीण से संबंधित प्रशिक्षण एवं जिला स्तरीय पंच सम्मेलन आयोजित किया गया था,इसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में निर्वाचित जनप्रतिनिधि शामिल हुए थे,आरोप है कि सम्मेलन स्थल पर बैठक व्यवस्था सहित अन्य इंतजाम अपेक्षा के अनुरूप नहीं थे,इसी दौरान जयसिंहनगर विधायक मनीषा सिंह भी कार्यक्रम की व्यवस्थाओं से नाराज नजर आईं, सामने आए वायरल वीडियो में विधायक के सम्मेलन स्थल से बाहर निकलने का दृश्य दिखाई दे रहा है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर भी सम्मेलन की व्यवस्थाओं को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि वीडियो से नाराजगी की पुष्टि नहीं हो रही है।

विधायक के कार्यक्रम से बाहर निकलने के बाद जनप्रतिनिधियों की नाराजगी भी खुलकर सामने आई, सरपंच, उपसरपंच, पंच और जनपद सदस्यों ने बैठक व्यवस्था और सम्मानजनक इंतजाम नहीं होने का आरोप लगाते हुए सम्मेलन का बहिष्कार किया और एकजुट होकर कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंच गए। मामले की जानकारी मिलने पर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने स्वयं जनप्रतिनिधियों से चर्चा की,उन्होंने उनकी समस्याएं सुनीं और सम्मेलन में सामने आई व्यवस्थागत कमियों को दूर करने का भरोसा दिलाया। 

जनप्रतिनिधियों ने मांग की कि जिला स्तरीय पंच सम्मेलन दोबारा बेहतर और व्यवस्थित तरीके से आयोजित किया जाए, विधायक के बहिष्कार और वायरल वीडियो के बाद सम्मेलन की व्यवस्थाओं को लेकर मामला अब जिले में चर्चा का विषय बना हुआ है।

खाद्य विभाग की कार्यवाही, 10 हजार का घी जब्त, अवैध मुरम परिवहन पर दो ट्रक जब्त


शहडोल

जिले में घी एवं दूध से निर्मित खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा प्रशासन शहडोल द्वारा निरंतर निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है। खाद्य सुरक्षा विभाग से अमित एवं डॉ. राजेश मिश्रा के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा विभिन्न प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने जांच हेतु लिए जा रहे हैं।

अभियान के तहत पैक्ड घी के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए ब्यौहारी स्थित प्रमोद किराना से डालडा काऊ घी का नमूना लिया गया। जयसिंहनगर में हर्ष ट्रेडर्स का निरीक्षण कर तुषार प्योर काऊ घी का नमूना लिया गया तथा 4,200 रुपये मूल्य का घी जप्त किया गया। इसी प्रकार शहडोल स्थित अजय किराना से गोवर्धन प्योर काऊ घी का नमूना लेकर 6,020 रुपये मूल्य का घी जप्त किया गया।

ब्यौहारी में महालक्ष्मी स्वीट्स, शिवालय रेस्टोरेंट, नॉर्थ फूड्स, अन्नपूर्णा ट्रेडर्स एवं संदीप ट्रेडिंग का निरीक्षण किया गया। इन प्रतिष्ठानों से नमकीन, काली मिर्च, इलायची, खोवा एवं पनीर के नमूने जांच हेतु लिए गए।

इसी क्रम में शहडोल के महादेव फूड्स एंड जूस सेंटर, कलकत्ता डेयरी, गोपाल डेयरी, सागर डेयरी एवं अनिल किराना स्टोर्स का निरीक्षण किया गया। यहां से ब्रेड, पनीर, खोवा, पेड़ा, भैंस का दूध, सौंफ, अजवाइन एवं जीरा के नमूने लिए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा बताया गया कि प्रयोगशाला से जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता के संबंध में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

*अवैध मुरम परिवहन पर दो ट्रक जब्त*


शहडोल जिले में अवैध उत्खनन एवं परिवहन पर निरंतर कार्यवाही की जा रही है। खनिज विभाग द्वारा ग्राम मैकी से प्राप्त मुरम खनिज के अवैध खनन एवं परिवहन संबंधी शिकायत की जांच की गई। जांच के दौरान मुरम खनिज का परिवहन करते हुए दो वाहनों को पकड़ा गया।

जांच के दौरान ग्राम मैकी से NH मार्ग पर डंपर क्रमांक MP 18 ZK 1882 एवं MP 18 GA 4852 को मुरम खनिज का परिवहन करते हुए पाया गया। दोनों वाहनों के चालकों के पास मुरम खनिज के परिवहन से संबंधित कोई रॉयल्टी अथवा वैधानिक अनुमति उपलब्ध नहीं पाई गई।

मौके पर खनिज विभाग की टीम द्वारा दोनों वाहनों को चालकों सहित मय खनिज जब्त कर लिया गया। जब्त किए गए दोनों वाहनों को थाना सोहागपुर की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया है।

एएसआई की घर पर संदिग्ध अवस्था मे मिला शव, हार्ट अटैक से मौत होने की आशंका, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

कोतवाली थाने में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक कैलाश मिश्रा उम्र 60 पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह डायल-112 में ड्यूटी कर रहे थे। सुबह ड्यूटी पर नहीं पहुंचने और फोन रिसीव नहीं करने पर पुलिसकर्मी उनके आवास पहुंचे, जहां वह बिस्तर पर मृत अवस्था में मिले। 

कैलाश मिश्रा पुलिस लाइन न्यू कॉलोनी के बी ब्लॉक स्थित कमरा नंबर 13 में अकेले रहते थे। बुधवार देर शाम ड्यूटी खत्म करने के बाद वह अपने सरकारी आवास चले गए थे। गुरुवार तड़के उनके सीने में तेज दर्द हुआ था। इसके बाद उन्होंने डायल-112 को बुलाया और जिला अस्पताल पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार और दवा लेने के बाद वह वापस घर लौट आए थे।

सुबह डायल-112 में उनकी ड्यूटी शुरू होने का समय होने पर पायलट ने मोबाइल फोन से संपर्क किया, लेकिन कई बार फोन करने के बावजूद कैलाश मिश्रा ने कॉल रिसीव नहीं किया। इसके बाद पायलट ने मामले की जानकारी अधिकारियों को दी। सूचना मिलने पर कोतवाली थाना प्रभारी रावेंद्र तिवारी पुलिस टीम के साथ पुलिस लाइन स्थित उनके आवास पर पहुंचे। पुलिसकर्मियों ने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दरवाजा खोलकर देखा गया तो कैलाश मिश्रा बिस्तर पर मृत अवस्था में पड़े मिले। पुलिस ने अधिकारियों को घटना की सूचना देने के साथ उनके परिजनों को भी जानकारी दी। 

खेलते- खेलते कुँए में गिरा किशोर, डूबने से हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल 

जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र के ग्राम मैकी में दर्दनाक हादसा हो गया। खेलते समय एक आठ वर्षीय बालक घर के कुएं के पास पहुंच गया और अचानक उसमें गिर गया। हादसे में बालक की डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही परिजन उसे कुएं से बाहर निकालकर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज शहडोल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।

हादसे के बाद परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, गांव में भी मातम का माहौल है। घटना की जानकारी जब बालक के स्कूल प्रबंधन को मिली तो विद्यालय में शोक का माहौल छा गया। बालक की स्मृति में स्कूल में शोक सभा आयोजित की गई। इसके बाद विद्यालय की छुट्टी कर दी गई। मासूम की मौत से उसके सहपाठी और शिक्षक भी गमगीन हैं।

पुलिस के अनुसार, मृत बालक की पहचान शिवम उर्फ शुभम नायक (8), पिता नीलमणि नायक, निवासी ग्राम मैकी, थाना सोहागपुर के रूप में हुई है। बताया गया कि बालक घर के आसपास खेल रहा था। इसी दौरान वह कुएं के पास चला गया और अचानक उसमें गिर गया। कुछ देर बाद परिजनों को बालक के कुएं में गिरने की जानकारी हुई। इसके बाद उन्होंने तत्काल उसे कुएं से बाहर निकाला और उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज शहडोल लेकर पहुंचे। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने बालक की जांच की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। चिकित्सकों द्वारा मृत घोषित किए जाने की सूचना मिलते ही परिजन बेसुध हो गए। 

रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल पर एसपी ने आरक्षक को किया निलंबित


शहडोल 

जिले में सोशल मीडिया पर रिश्वत मांगने का आडियो वायरल होने के बाद शहडोल पुलिस में हड़कंप मच गया। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक संजय कुमार अग्रवाल ने पपौंध थाने में पदस्थ आरक्षक सुरेश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया और पुलिस लाइन में हाजिर होने के आदेश जारी किए।

आरक्षक सुरेश सिंह का एक आडियो वायरल हुआ था। इसमें वह एक मामले के पीड़ित पक्ष से कथित तौर पर 5 हजार रुपये की मांग करता सुनाई दे रहा है। आडियो में आरक्षक पीड़ित से कह रहा है कि रुपये देने पर काम हो जाएगा और अगर काम नहीं हुआ तो रुपये वापस कर दूंगा। हालांकि वायरल ऑडियो की सत्यता और बातचीत की परिस्थितियों की जांच के बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल विभागीय स्तर पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

जंगल से भटक कर घायल चीतल का बच्चा घुसा घर में, वन विभाग की टीम ने किया रेस्क्यू, कराया इलाज


 शहडोल

जैतपुर वन परिक्षेत्र के रसमोहनी में कुत्तों के झुंड से बचता हुआ एक चीतल का बच्चा बस्ती में घुस आया। कुत्ते लगातार उसका पीछा कर रहे थे। जान बचाने के लिए चीतल का बच्चा दौड़कर बस्ती स्थित एक ग्रामीण के घर में घुस गया। ग्रामीणों ने उसे देखकर सुरक्षित किया और तत्काल वन विभाग को सूचना दी।

जैतपुर वन परिक्षेत्र की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने ग्रामीणों की मदद से चीतल के बच्चे को सुरक्षित अपने संरक्षण में लिया और आवश्यक कार्रवाई शुरू की। चीतल के बच्चे के शरीर पर चोट के निशान पाए गए थे। आशंका थी कि पीछा कर रहे कुत्तों ने उसे घायल किया होगा। इसके बाद वन विभाग ने पशु चिकित्सा अधिकारी को मौके पर बुलाकर उसकी जांच कराई।

पशु चिकित्सक ने चीतल के बच्चे के घावों की साफ-सफाई करने के साथ आवश्यक उपचार किया। उसे इंजेक्शन और मरहम भी लगाया गया। उपचार के बाद चीतल के बच्चे को वन विभाग की निगरानी में रखा गया है। रेंजर बृजलाल प्रजापति ने बताया कि कुत्तों के पीछा करने के कारण चीतल का बच्चा बस्ती में आ गया था। समय पर ग्रामीणों की सूचना मिलने से उसे सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। उसकी हालत पर लगातार नजर रखी जा रही है। पूरी तरह स्वस्थ होने के बाद उसे सुरक्षित प्राकृतिक क्षेत्र में छोड़ दिया जाएगा।

खेत से लौटते किसान की संदिग्ध मौत, नदी में औंधे मुंह मिला शव, जांच जारी


शहडोल

ब्यौहारी थाना क्षेत्र में खेत से घर लौट रहे एक किसान की संदिग्ध परिस्थितियों में नदी में मौत हो गई। नदी में किसान का शव औंधे मुंह पड़ा मिलने से गांव में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है।

छीरहा गांव स्थित झापर नदी की है। मृतक की पहचान रामशुशील यादव (45) पुत्र राम रहित यादव निवासी छीरहा के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक किसान का खेत नदी के एक ओर है, जबकि घर दूसरी ओर स्थित है। वह खेत में धान की रोपाई का काम कराने के बाद घर लौट रहा था।

बताया जा रहा है कि घर पहुंचने के लिए रामशुशील यादव झापर नदी पार कर रहे थे। इसी दौरान वह अचानक नदी में औंधे मुंह गिर पड़े। आशंका है कि गिरने के बाद वह बाहर नहीं निकल सके, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि मौत का वास्तविक कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। देर शाम तक किसान के घर नहीं पहुंचने पर परिजन उनकी तलाश शुरू की गई। खोजबीन के दौरान परिजनों ने नदी में उनका शव देखा, जिसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। 

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