गौ-तस्करी के खिलाफ कांग्रेस कौमी एकता ने खोला मोर्चा, आईजी को सौंपा ज्ञापन, एनएसए लगाने की मांग 


​शहडोल

गौ-तस्करी के अवैध कारोबार के खिलाफ अब कांग्रेस कौमी एकता ने मोर्चा खोल दिया है। संभाग के अनूपपुर और शहडोल जिलों से बड़े पैमाने पर हो रही मवेशियों की तस्करी को रोकने के लिए संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक से मांग की गई कि इस काले कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ एनएसए (रासुका) जैसी कड़ी कार्रवाई की जाए।

​ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने पुलिस महानिरीक्षक को संभाग में सक्रिय गौ-तस्करों के पूरे नेटवर्क और उनके काम करने के तरीके (मोडस ऑपरेंडी) से अवगत कराया। बताया गया है कि उत्तर प्रदेश से आए फिरोज उर्फ सोनू, अयूब और कादिर अली नाम के व्यक्ति वर्तमान में अनूपपुर जिले के ग्राम लपटा (थाना जैतहरी) में डेरा डाले हुए हैं।

​यह बाहरी तस्कर स्थानीय साथी शीतल राठौर, संजय चौधरी और एवन चौधरी के साथ मिलकर पिकअप वाहनों के जरिए मवेशियों को अनूपपुर के फुनगा, रामपुर, खाड़ा, गिरवा, जैतपुर और चुहरी के रास्ते शहडोल जिले के ग्राम कुदारी (थाना सीधी) तक पहुंचाते हैं।

​शहडोल के कुदारी गांव में इन सभी मवेशियों को एक जगह इकट्ठा किया जाता है। इसके बाद सीधी जिले के छावरी निवासी मुबारक नाम के शख्स की मदद से इन बेजुबान पशुओं को बड़े ट्रकों और कंटेनरों में क्रूरतापूर्वक लोड किया जाता है, जहाँ से इन्हें सीधे उत्तर प्रदेश के उन्नाव स्थित बूचड़खानों में सप्लाई कर दिया जाता है।

आईजी से मांग की है कि इस पूरे अंतर्राज्यीय रैकेट का जल्द से जल्द पर्दाफाश किया जाए और इसमें शामिल सभी आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शहडोल संभाग को इस अवैध और अमानवीय कारोबार से पूरी तरह मुक्ति मिल सके।

गिरी आकाशीय बिजली, पेड़ के नीचे बारिश से बचने के लिये खड़े किसान की चपेट में आने से हुई मौत


शहडोल 

जिले में मानसून सक्रिय होने के साथ ही आकाशीय बिजली का खतरा भी बढ़ गया है। सोहागपुर थाना क्षेत्र के बिजौरी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। किसान खेत में काम कर रहा था और बारिश से बचने के लिए आम के पेड़ के नीचे रुका था। इसी दौरान बिजली पेड़ पर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान बिजौरी निवासी लल्लू सिंह गोंड (60) के रूप में हुई है। बताया गया कि लल्लू सिंह अपने घर के पास स्थित खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। उसी समय अचानक मौसम बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए वह खेत में लगे आम के पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ पर गिरी और उसकी चपेट में आने से किसान गंभीर रूप से झुलस गया।

कुछ देर बाद आसपास के ग्रामीणों की नजर पेड़ के नीचे पड़े किसान पर पड़ी। उन्होंने उसे अचेत अवस्था में देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सोहागपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।

घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि मौसम अचानक बदलने के कारण किसान को संभलने का मौका नहीं मिला और वह बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे चला गया, जो उसके लिए जानलेवा साबित हुआ।

जंगल मे महिला की संदिग्ध अवस्था मे मिला शव, सीवर लाइन ठेकेदार ने सड़क को बनाया दलदल


शहडोल

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के अंतौली जंगल में मंगलवार को एक 30 वर्षीय महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआती चर्चाओं में ग्रामीणों ने घटना को टाइगर अटैक बताया, वहीं पुलिस की ओर से भी पहले टाइगर हमले की आशंका जताई गई। हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में टाइगर अटैक की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

मृतका की पहचान उमा सिंह (30), निवासी अंतौली के रूप में हुई है। सुबह वह महुआ की डोरी बिनने जंगल गई थी, लेकिन काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जंगल में उसका शव मिला। शव पर गहरे जख्म होने के कारण ग्रामीणों ने टाइगर के हमले की आशंका जताई। पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इसे टाइगर अटैक नहीं कहा जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किस कारण से हुई है। 

*सीवर लाइन ठेकेदार ने सड़क को बनाया दलदल* 

शहडोल नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 11/15 स्थित रीवा रोड पर मदन एजेंसी के पीछे की सड़क इन दिनों लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सीवर लाइन बिछाने के दौरान सड़क के बीचों-बीच बड़ा गड्ढा खोदा गया था। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद निर्माण एजेंसी ने गड्ढे को मिट्टी से भर तो दिया, लेकिन सड़क की कंक्रीट मरम्मत नहीं कराई। लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी सड़क कीचड़ और फिसलन से भर गई है।

स्थिति यह है कि सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया चार पहिया वाहनों के पहिए बार-बार फिसल रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। सबसे अधिक परेशानी उन स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है, जिन्हें प्रतिदिन इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है और कई लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।

रहवासियों का आरोप है कि सीवर लाइन का कार्य पूरा होने के बाद सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल करने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की थी, स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से जल्द सड़क पर कंक्रीट कराकर आवागमन सुगम बनाने की मांग की है। 


अंतर्राज्यीय फरार गांजा तस्कर को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल

जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना अमलाई पुलिस को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। थाना अमलाई में एनडीपीएस एक्ट एवं आर्म्स एक्ट के प्रकरण में फरार चल रहे कुख्यात अंतर्राज्यीय गांजा तस्कर दीपक सिंह उर्फ दीपू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दीपक सिंह उर्फ दीपू पिता दिनेश बहादुर सिंह निवासी ग्राम पकरिया, थाना कोतमा, जिला अनूपपुर (म.प्र.) वर्ष 2023 से थाना कोतमा के एक प्रकरण में भी लगातार फरार चल रहा था। आरोपी के विरुद्ध थाना बुढार में वर्ष 2014 में लगभग 10 क्विंटल गांजा जप्त होने के मामले में भी कार्रवाई की जा चुकी है। आरोपी के विरुद्ध शहडोल संभाग के विभिन्न थानों के अतिरिक्त छत्तीसगढ़ एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में गांजा तस्करी सहित अन्य अपराधों के 25 से अधिक प्रकरण दर्ज हैं। थाना अमलाई के उक्त प्रकरण में पूर्व में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

कब जागेंगे कुम्भकर्णी नींद से मंत्री, सांसद व विधायक, सोते हुए नही होगा विकास, कराह रही है जनता- मनीष श्रीवास्तव

*दूसरो की उपलब्धि को अपना बताकर वाहवाही लूटकर, जनता को बना रहे हैं बेबकूफ*


शहडोल

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग मध्यप्रदेश के उपाध्यक्ष- मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि, शहडोल क्षेत्र के सांसद विधायक और मंत्री अगर अपनी कुंभकरणीय नींद से जाग जाएं, जिस जनता के वोटों से चुनाव जीते हैं उनके प्रति कुछ कार्य करने की अगर रुचि बना सके क्षेत्र की जनता के जनहित में कार्य कर सकें तो केवल रेलवे क्षेत्र के विकास से ही शहडोल का बहुत बड़ा विकास होगा। वैसे जनप्रतिनिधि दूसरे की उपलब्धि को अपना बताकर जनता के सामने वाहवाही लूटकर फूले नही समा रहे हैं। अंध भक्त भी खूब प्रचार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि, शहडोल के जनप्रतिनिधि अगर चाहे तो शहडोल को रेलवे का जंक्शन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकता है, शहडोल से रीवा, शहडोल से मंडला, शहडोल से जबलपुर सीधी रेलवे लाइन की सुविधा दी जा सकती है। शहडोल से गोहपारू-जैसिहनगर- ब्योहारी होकर रीवा। शहडोल से डिंडोरी- अमरपुर- मोहगांव होकर मंडला। शहडोल से शाहपुरा- कुंडम होकर जबलपुर।

मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि,सीधी रेलवे लाइन सुविधा से शहडोल संभाग के साथ-साथ उक्त सभी क्षेत्रों का विकास होगा और शहडोल के साथ ही मंडला- ब्योहारी और रीवा भी जंक्शन बन जाएगा।

 उन्होंने कहा कि शहडोल के जनप्रतिनिधियों को छोड़कर आसपास में रीवा सतना जबलपुर के सांसद और विधायक चाहे वह किसी भी पार्टी के हो क्षेत्र के विकास के लिए एक होकर रेल मंत्री से अपनी मांगों को लगातार पूरा कराते चले आ रहे हैं लेकिन सैकड़ो सलाह देने के बाद भी शहडोल संभाग के जनप्रतिनिधि अपनी कुंभकरणीय नींद से जाग नहीं रहे ऐसा लगता है इनकी सोच, विचार सब खत्म हो गए हैं और यह प्रतीत होता है कि यह सभी शहडोल संभाग के क्षेत्र के विकास के लिए बिल्कुल अनुपयोगी और नकारा साबित हो रहे हैं।

मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि,जंक्शन बनने से यात्रियों और शहडोल क्षेत्र दोनों को कई लाभ मिलेंगे। नई रेल कनेक्टिविटी विभिन्न शहरों और राज्यों के लिए सीधे या बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध होते हैं। यात्रियों को ट्रेन बदलने की सुविधा, एक ही स्टेशन पर दूसरी दिशा की ट्रेन पकड़ना आसान हो जाता है। रेलवे सुविधाओं का विस्तार, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, यार्ड, अच्छे प्रतीक्षालय, पार्किंग, फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर आदि विकसित किए जाते हैं। माल ढुलाई (Freight) में वृद्धि उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को सामान भेजने और मंगाने की बेहतर सुविधा मिलती है। स्थानीय व्यापार और रोजगार में बढ़ोतरी होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और अन्य व्यवसायों को लाभ होता है। क्षेत्र का आर्थिक विकास निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। रेलवे का प्रशासनिक महत्व बढ़ता है,कई बार अतिरिक्त रेलवे कार्यालय, रखरखाव सुविधाएं और कर्मचारियों की नियुक्ति होती है।

उन्होंने बताया कि उपरोक्त संबंध में रेल मंत्री और रेल महाप्रबंधक को पत्रों के द्वारा इस संबंध में बताया गया है और मांग रखी गई है अब देखना यह है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि इस संबंध में क्या पहल करते हैं और इस मांग को पूरा कर पाते हैं या नहीं।।

समस्याओं पर नगरपालिका में मचा घमासान, नेता प्रतिपक्ष ने ज्ञापन सौंप अनिश्चितकालीन धरने की दी चेतावनी


शहडोल

नगर पालिका परिषद शहडोल में विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। वार्ड क्रमांक 29 के पार्षद एवं नगर पालिका परिषद के नेता प्रतिपक्ष शक्ति लक्षाकर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आमजन के साथ नगर पालिका कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

शक्ति लक्षाकर ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से लगातार शिकायतें और मांगें उठाने के बावजूद नगर के विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट तथा जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि नगर के कई वार्डों में विकास कार्यों के टेंडर लंबे समय से लंबित पड़े हैं, जिसके कारण नागरिकों को आवश्यक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही से वार्डों का विकास प्रभावित हो रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि परिषद की बैठकों में कई बार विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 29 सहित अन्य क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की बदहाली और जलभराव की समस्या पर चिंता जताई।

शक्ति लक्षाकर ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई नहीं की गई तो वे आम नागरिकों को साथ लेकर आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले हालात की पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।

तेज रफ्तार ट्रक ने मासूम को कुचलकर हुआ फरार, ड्राइवर हुआ गिरफ्तार, अस्पताल में चल रहा है इलाज


शहडोल

जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल पहड़िया में रहने वाले बुजुर्ग श्यामसुंदर भूर्तिया के घर पर मुंबई में मजदूरी करने वाले दामाद का 5 वर्षीय बेटा जनार्दन अपनी मां अंजना के साथ नानी के घर छुट्टियां बिताने आया था। सुबह जब मासूम जनार्दन घर के सामने बेफिक्र होकर खेल रहा था, तभी व्यौहारी रोड की तरफ से यमदूत बनकर आए एक तेज रफ्तार ट्रक (KA 01 AT 2595) ने उसे बेरहमी से कुचल दिया और चालक वाहन लेकर भाग निकला। चीख-पुकार के बीच जब मां अंजना दौड़कर बाहर आई, तो कलेजे के टुकड़े को खून से लथपथ तड़पता देख उसकी रूह कांप गई। सिर और पैर से बहते खून को देख मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

शहडोल के आदित्य हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती हैं। मुंबई में दिन-रात पसीना बहाकर दो वक्त की रोटी कमाने वाले पिता के पास इतने महंगे इलाज के पैसे नहीं हैं। अस्पताल के भारी-भरकम खर्च और आईसीयू के डर ने परिवार को भीतर से तोड़ दिया है। जो मां-बाप कल तक अपने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य के सपने देख रहे थे, आज वे अस्पताल में बैठकर रो  रहे हैं।

मासूम के शरीर से इतना खून बह चुका था कि डॉक्टरों को लगातार रक्त चढ़ाना पड़ रहा था। पिता व मामा ने खून दिया, तंगी से जूझते परिवार ने पाई-पाई जोड़कर 4500 रुपए में महज एमएल खून खरीदा। इस बीच जब सोशल मीडिया पर मासूम की जिंदगी के लिए A+ ब्लड की मार्मिक गुहार लगी, तो धनपुरी निवासी विष्णुकान्त शुक्ला की इंसानियत जाग उठी। वे जिला अस्पताल पहुंचे और निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया, जिससे मासूम को नई जिंदगी मिली।

हादसे के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से गुहार लगाई है कि दुर्घटना करके भागने वाले चालक पर कड़ी से कड़ी धाराएं लगाई जाएं ताकि उन्हें न्याय मिल सके। इधर, मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए न्यायालय में चालान पेश कर दिया गया। वाहन और चालक दोनों को जमानत मिल गई।

सोन नदी में मछली पकड़ने के दौरान करंट से हुई थी मौत, फरार आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल 

जिले के पपौंध थाना क्षेत्र स्थित सरसी गांव में सोन नदी में करंट लगाकर मछली पकड़ने के दौरान एक युवक की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद फरार हुए आरोपी को जांच के दौरान चिन्हित कर पकड़ा गया। न्यायालय में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 19 जून को सरसी निवासी रजनीश लेनी (28) और शंकर लोनी सोन नदी के किनारे करंट लगाकर मछली पकड़ रहे थे। बताया गया कि दोनों ने नदी किनारे स्थित एक खेत से बिजली का अवैध कनेक्शन लेकर नदी में करंट प्रवाहित किया था। इसी दौरान रजनीश करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद शंकर लोनी अपने साथी को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। वहीं शव पड़े होने की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पपौंध थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस को मौके से बिजली के तार और अन्य सामग्री बरामद हुई, जिससे करंट लगाकर मछली पकड़ने की पुष्टि हुई।

पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आरोपी शंकर लोनी की तलाश शुरू की। सोमवार को उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने घटना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

अस्पताल में बच्चा चोर समझकर युवक की कर दी पिटाई, महुआ का पेड़ गिरा बैल की हुई मौत


शहडोल 

शहडोल कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में अज्ञात युवक अस्पताल परिसर में पहुंचकर एक बच्चे को बिस्किट खिलाने लगा और उसे गोद में उठा लिया। युवक की इस हरकत से बच्चे के परिजनों को संदेह हुआ कि वह बच्चा चोर हो सकता है। देखते ही देखते अस्पताल में मौजूद लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और युवक को घेरकर उसकी पिटाई कर दी।

घटना की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को भीड़ से सुरक्षित निकालकर अपने कब्जे में लिया। बताया जा रहा है कि पुलिस वाहन में बैठाने के दौरान भी कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की।

मामला कोतवाली थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने युवक की पहचान और उसके बारे में जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि युवक बुढार क्षेत्र का निवासी है। उसकी पत्नी से पारिवारिक विवाद चल रहा था और वह मायके में रह रही थी। युवक के अनुसार, उसकी पत्नी ने फोन पर तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद वह पाली रोड स्थित निजी अस्पताल पहुंचा था।

युवक ने पुलिस को बताया कि वह अस्पताल में पत्नी के आने का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान उसने वहां मौजूद एक बच्चे को बिस्किट खिलाया और गोद में उठा लिया। पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि युवक नशे की हालत में था। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस का कहना है कि लोगों ने गलतफहमी में उसके साथ मारपीट की। आवश्यक कार्रवाई और पूछताछ के बाद युवक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

तेज आंधी तूफान से गिरा पेड़, बैल की हुई मौत*


जिला मुख्यालय अनूपपुर के कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत औढेरा के राजस्व ग्राम बडहर मे अचानक तेज आंधी पानी तूफान से एक विशाल का महुआ का पेड़ के जड़ सहित गिरने से महुआ का डोरी फल खा रहा एक 6 वर्ष का बैल की पेड़ में दबने से मौत हो गयी, घटना की जानकारी मिलने पर पशु मालिक माना नायक पिता बीरबल नायक द्वारा तहसीलदार एवं कोतवाली थाना अनूपपुर को सूचना देते हुए कार्यवाही करने के लिए अनुरोध किया, वर्षा काल के प्रारंभ होते ही वन क्षेत्रो से लगे ग्रामीण अंचलों में एक माह के मध्य अनेको बार अचानक आंधी तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने, विशालकाय विभिन्न तरह के पेड़/पौधों के गिरने की घटनाएं बढ़ रही है, जिससे अब तक दो ग्रामीणों के पालतू मवेशी गाभिन भैंस एवं जवान बैल की मृत्यु की घटना हो चुकी है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा घटना स्थल पर पहुंचकर मृत मवेशी के शव का पीएम किया वहीं हल्का पटवारी औढेरा द्वारा पंचनामा तैयार कर के साथ राहत प्रकरण तैयार किया।

खनिज के अवैध उत्तखनन, परिवहन व भंडारण के 97 मामलों पर 29 लाख का जुर्माना


शहडोल

जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खनिज विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग एवं वन विभाग के संयुक्त दलों द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है।

जिला खनिज अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध रेत परिवहन, भंडारण एवं उत्खनन के 87 प्रकरणों में कुल 25,89,232 रुपये की राशि अधिरोपित की गई है। वहीं अवैध कोयला उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के 10 प्रकरणों में 3,12,823 रुपये की राशि अधिरोपित की गई है। इस प्रकार जिले में कुल 97 प्रकरणों में 29,02,055 रुपये की राशि अधिरोपित की गई है।

रेत संबंधी प्रकरणों में 28 मार्च 2026 को ग्राम नरवार (तहसील सोहागपुर) में 30 घनमीटर खनिज रेत का विनष्टीकरण किया गया। 12 मई 2026 को ग्राम टिहकी (तहसील जयसिंहनगर) में 24 घनमीटर रेत जब्त की गई। 27 मई 2026 को तहसील ब्यौहारी के ग्राम मनटोला एवं भमरहा में अवैध भंडारित 200 घनमीटर रेत का विनष्टीकरण किया गया। 29 मई 2026 को ग्राम डोंगरीटोला (तहसील जैतपुर) में चार स्थानों पर अवैध भंडारित रेत का विनष्टीकरण किया गया। 5 जून 2026 को ग्राम बिरोड़ी एवं पैरीबहरा में कुल 105 घनमीटर रेत का विनष्टीकरण किया गया। वहीं 12 जून 2026 को ग्राम जमोड़ी एवं नौढिया (तहसील ब्यौहारी) में 200 घनमीटर अवैध भंडारित रेत का विनष्टीकरण किया गया।

कोयला संबंधी मामलों में 8 अप्रैल 2026 को ग्राम कुम्हारी (तहसील जैतपुर) में अवैध उत्खनन के दौरान एक जेसीबी मशीन जब्त कर प्रकरण दर्ज किया गया। 11 मई 2026 को ग्राम लालपुर में एक जेसीबी एवं एक ट्रैक्टर जब्त किया गया। 9 जून 2026 को ग्राम केशवाही क्षेत्र में अवैध उत्खनन से बने चार बड़े गड्ढों को भरवाकर उत्खनन को बाधित किया गया। 14 जून 2026 को ग्राम बटुरा (तहसील बुढार) में संयुक्त कार्रवाई के दौरान 10 टन कोयला जब्त किया गया। इसके बाद 18 जून 2026 को पुलिस, राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम बटुरा में लगभग 80 टन अवैध उत्खनित कोयला जब्त किया गया।

कुएं में मिली गर्भवती महिला का शव, 6 माह पूर्व हुआ था विवाह, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल 

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुबरा में एक चार माह की गर्भवती नवविवाहिता का शव घर के सामने स्थित कुएं में मिलने से सनसनी फैल गई। मृतका का विवाह करीब छह माह पहले हुआ था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कुएं से बाहर निकलवाकर जांच शुरू कर दी है। घटना के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है।

पुलिस के अनुसार मृतका की पहचान दीपा साहू (21) पति रवि साहू के रूप में हुई है। दीपा का मायका मोहानी गांव में है, जबकि उसका विवाह लगभग छह माह पूर्व ग्राम कुबरा में हुआ था। बताया गया है कि वह चार माह की गर्भवती थी। घटना के समय दीपा घर में अकेली थी। उसके पति और परिवार के अन्य सदस्य मजदूरी करने बाहर गए हुए थे। आशंका जताई जा रही है कि वह घर के सामने स्थित कुएं से पानी निकाल रही थी, तभी किसी कारणवश कुएं में गिर गई।

जब पति रवि साहू घर लौटा तो पत्नी घर में नहीं मिली। काफी तलाश के बाद उसकी नजर कुएं के पास पड़ी एक चप्पल पर गई। इससे उसे संदेह हुआ कि दीपा कुएं में गिर गई होगी। ग्रामीणों की सहायता से कुएं में कांटा डालकर तलाश की गई, जहां उसका शव होने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस की मौजूदगी में शव को बाहर निकाला गया।

पुलिस ने बताया कि मृतका के माता-पिता मजदूरी के लिए पुणे गए हुए हैं। घटना की सूचना उन्हें दे दी गई है। उनके पहुंचने के बाद ही पोस्टमार्टम की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शव को अस्पताल की मरचुरी में सुरक्षित रखवाया गया है। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के का खुलासा हो पायेगा।

रेत के अवैध भंडारण को प्रशासन ने किया नष्ट, ट्रेक्टर ट्रॉली जप्त, पुताई वाला छात्रा को लेकर हुआ फरार


शहडोल

जिले में रेत खदानों का वैध ठेका नहीं होने के बावजूद अवैध रेत का कारोबार लगातार जारी है। दिन-रात रेत से भरे वाहन सड़कों पर दौड़ते दिखाई दे रहे हैं, जबकि नदी किनारे कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर रेत का अवैध भंडारण भी किया जा रहा है। प्रशासन की लगातार कार्रवाई के बाद अब खनिज विभाग और पुलिस ने रेत माफियाओं के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।


इसी क्रम में खनिज विभाग की टीम ने ब्यौहारी क्षेत्र के देवी मंदिर और नौडिया इलाके में भारी मात्रा में जमा अवैध रेत पर कार्रवाई की। चली कार्रवाई के दौरान जेसीबी मशीनों की मदद से रेत को मिट्टी में मिलाकर नष्ट कर दिया गया। विभागीय अधिकारियों के अनुसार जब्त की गई रेत किसकी है, इसकी जांच अभी जारी है। जांच के बाद संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

वहीं दूसरी ओर जयसिंहनगर पुलिस ने भी अवैध रेत परिवहन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। रात्रि गश्त के दौरान मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस ने घेराबंदी कर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोका। जांच में वाहन पूरी तरह रेत से भरा मिला। चालक ने अपना नाम मुकेश मिश्रा (22) निवासी मसीरा, थाना जयसिंहनगर बताया। पुलिस द्वारा रेत परिवहन के वैध दस्तावेज मांगने पर वह कोई दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका।

पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित अवैध रेत को जब्त कर लिया। जब्त सामग्री की अनुमानित कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई गई है। आरोपी के खिलाफ बीएनएस तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। 

समाचार

*पुताई वाला कॉलेज छात्रा को लेकर हुआ फरार, पुलिस ने किया बरामद*

शहडोल

जिले में इंस्टाग्राम पर फर्जी पहचान बनाकर एक शातिर युवक ने जिले के जैतपुर क्षेत्र की 18 वर्षीय फर्स्ट ईयर छात्रा को अपने प्रेमजाल में फंसाकर उसे भगा ले गया। हालांकि जैतपुर पुलिस ने युवती को मुरैना जिले से सकुशल दस्तयाब कर परिजनों के हवाले कर दिया। 

ग्वालियर जिले के मोहसान निवासी करण धनक ने इंस्टाग्राम पर करण राजपूत नाम से फर्जी आईडी बनाई थी। युवक लोगों के घरों में पुट्टी-पुताई का काम करता था और आलीशान मकानों में काम के दौरान वहां अपनी फोटो खींचकर सोशल मीडिया डीपी में लगाता था, ताकि खुद को संपन्न और प्रभावशाली दिखा सके। इसी फर्जी चमक-दमक के जरिए उसने जैतपुर की छात्रा से दोस्ती की और धीरे-धीरे उसे अपने झांसे में ले लिया। 

बताया गया कि युवक ग्वालियर से ट्रेन के जरिए शहडोल पहुंचा, फिर बस से बुढार और वहां से ऑटो में बैठकर जैतपुर आया, यहां से वह युवती को अपने साथ लेकर फरार हो गया, युवती के अचानक लापता होने पर परिजनों ने 6 जून को जैतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मुरैना जिले के एक गांव स्थित युवक के मामा के घर से युवती को बरामद कर लिया। हालांकि शहडोल पुलिस को देखकर आरोपी युवक मौके से फरार हो गया, फिलहाल पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। 

आर. के. रिसोर्स का डबल गेम, जनप्रतिनिधि पर आरोप, अपराधी को संरक्षण, दलालो से जुड़े कंपनी के तार

*स्थानीय बेरोजगार युवकों का हो रहा है शोषण, काले कारनामो को दे रहे हैं अंजाम*


शहडोल

जिले के सोहागपुर एरिया अंतर्गत शारदा खुली खदान में ओवर बर्डन हटाकर कोयला निकालने के कार्य के लिए कार्यरत निजी ठेका कंपनी आर के आर के रिसोर्स में बीते एक वर्षों से भर्ती के नाम पर दलाली का बड़ा खेल फल फूल रहा है। कानूनी तौर पर अधिक से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के नियम कायदे को ताक मे रखकर मोटी रकम उगाही की फिराक में कंपनी के साइड इंचार्ज रामेश्वर यादव ना सिर्फ स्थानीय बेरोजगार युवकों का शोषण कर रहा है, बल्कि अपने काले कारनामों को अंजाम देने के लिए बकायदे रणनीति बनाकर डबल गेम का प्लान किया हैं। 

*उपाध्यक्ष की छवि धूमिल करने का प्रयास*

एक तरफ यूनियन नेता कामाख्या के साथ मिलकर लगभग 40 मजदूरों की भर्ती के एवज में एक मोटी रकम यूनियन नेता  के माध्यम से बेरोजगारों से ऐठी गई वहीं दूसरी और स्थानीय रंगदारों को अपने पाले में रखकर दलाली का धंधा सुरक्षित करने की मंशा से पूरे भ्रष्ट सिस्टम को सजाया गया था। क्षेत्र के भोले भाले ग्रामीणों का शोषण कर, गांधी मलाई खाने की राह में लगातार आगे बढ़ रहे दलाल रामेश्वर यादव इस बात से बेखबर थे, की क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियो के विरोध के बाद दलाली के इस धंधे में पूर्ण विराम की कुंडी लग सकती है। ईमानदार जनप्रतिनिधियों के विरोध का खामियाजा उन्हें उठाना पड़ सकता है और यही हुआ लगातार बेरोजगार  युवाओं के पक्ष में उनके रोजगार तथा एचपीसी रेट को लेकर लड़ाई लड़ रहे, जनप्रतिनिधि वैभव विक्रम सिंह कंपनी की आंख किरकिरी बन गए यही वजह रही की रामेश्वर यादव द्वारा निराधार, तथ्य विहीन, आरोप लगाकर उपाध्यक्ष की  छवि धूमिल करने का प्रयास तथा इन्हें रास्ते से हटाने का भरसक प्रयास किया गया, जिसके बाद जनप्रतिनिधि वैभव विक्रम सिंह तो अपने ऊपर लगाए गए आरोपों एवं मजदूरों के हित की लड़ाई में पूरी मजबूती के साथ रण में डटे हुए हैं और कंपनी के साइड इंचार्ज का रामेश्वर यादव आरोप लगाकर क्षेत्र से गायब हो गए हैं।

*दलालों से जुड़े कंपनी के तार*

आपको बता दें कि कंपनी के तार दोनों दलालों के साथ काफी मजबूती से जुड़े हुए हैं, पहला यूनियन लीडर कामाख्या जिसने नौकरी भर्ती के नाम पर रामेश्वर की आर्थिक रूप से व्यवस्था बनवाई, वही दूसरा बाहुबली त्रिभुवन विश्वकर्मा जो लाठी के दम पर कंपनी के लिए लोकल मैनेजमेंट संभालता है, इस पूरे घटनाक्रम में मजे की बात तो यह है की त्रिभुवन विश्वकर्मा जो इस समय कंपनी का कर्मचारी है, जिसे कुछ माह पहले कंपनी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मारपीट तथा रंगदारी मांगने का आरोपी बनाया था और इसके खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराधिक मामला भी पंजीबद्ध है, लेकिन अचरज की बात तो यह है कि आखिरकार आर के अर्थ रिसोर्स की क्या मजबूरी रही है की  विश्वकर्मा जैसे अपराधियों को अपने स्वच्छ छवि वाली कंपनी आर के अर्थ रिसोर्स न सिर्फ काम दिया, बल्कि दामाद के जैसे आओ भगत कर भरपूर व्यवस्था दी।

*तोड़फोड़ व रंगदारी का हुआ था मामला दर्ज*

निश्चित तौर पर यह सारा घटनाक्रम इशारा करता है कि साइड इंचार्ज रामेश्वर यादव ने अपने मंसूबों को पूरा करने की नीयत से पूरा चक्रव्यूह रचा, यही बात समझने लायक है की कॉरपोरेट जगत मे ऐसे तमाम कंपनी के दलाल मौजूद है, जो की अपने फायदे के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, कोई भी नाजायज काम करने में इन्हें जरा भी संकोच नहीं है, इनका जमीर इन्हें कोसता नहीं है, इनका जनहित के मुद्दों से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है, अन्य दूसरे राज्यों से काम करने आई कंपनी के ऊपर बाहुबल एवं खादी के रौब दिखाकर दलाली करने का पैतरा काफी पुराना है, लेकिन कारगर है इस तर्ज पर पार्षद पति संजय त्रिभुवन विश्वकर्मा तथा अपने अन्य 8 से 10 साथियों के साथ न सिर्फ कंपनी परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की बल्कि बकायतें रंगदारी शुल्क की मांग की, जिसका वीडियो फुटेज भी पुलिस जांच में सामने भी आया। गौरतलब है कि मारपीट तथा तोड़फोड़ के गंभीर मामलों में तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना अमलाई में अपराध पंजीबद्ध होने के बावजूद आर के अर्थ रिसोर्स कंपनी के ऐसे अपराधियों तथा नेताओं से संबंध आखिर क्या दर्शाते हैं, साइड इंचार्ज रामेश्वर यादव तथा कंपनी के सुंदर चाल चरित्र का यह दोहरा चेहरा क्षेत्र की जनता जनार्दन को समझना होगा।

तीन माह से नही मिला वेतन, फिल्टर प्लांट कर्मचारी बैठे धरने पर, पानी सप्लाई बन्द करने की चेतावनी


शहडोल

जिले की धनपुरी नगरपालिका एक बार फिर कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। इस बार मामला नगर की जल व्यवस्था से जुड़े फिल्टर प्लांट कर्मचारियों का है, जिन्होंने तीन माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज होकर हड़ताल शुरू कर दी है। भीषण गर्मी में कर्मचारी फिल्टर प्लांट गेट के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के संग्राम सिंह दफाई स्थित फिल्टर प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार काम करने के बावजूद उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं दिया गया। आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारियों ने अब काम बंद कर आंदोलन का रास्ता अपनाया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो नगर की जल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने की स्थिति में धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र में पानी सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मौके पर पहुंचे सहायक राजस्व निरीक्षक रामविशाल ने कर्मचारियों को जल्द वेतन भुगतान का आश्वासन दिया। कर्मचारियों ने आश्वासन पर भरोसा करने से इनकार करते हुए कहा कि जब तक खाते में वेतन नहीं आएगा, आंदोलन जारी रहेगा। सीएमओ ने बताया कि फिल्टर प्लांट के कर्मचारियों का भुगतान करा दिया जाएगा। पानी सप्लाई बंद नहीं होगा।

खनिज विभाग की रेत माफियाओं पर प्रहार, अवैध रेत भंडारण पर, 310 घनमीटर रेत किया गया नष्ट


शहडोल

जिले के तहसील सोहागपुर अंतर्गत ग्राम नरवार एवं बिजौरी क्षेत्र में रेत के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 310 घन मीटर अवैध रूप से भंडारित रेत का विनष्टीकरण किया है।

जानकारी के अनुसार कलेक्टर शहडोल के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा मामले की जांच कराई गई। खनिज अधिकारी के मार्गदर्शन में 7 जून को खनिज अधिकारी एवं विभागीय अमले ने ग्राम बिजौरी एवं नरवार क्षेत्र का मौके पर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम बिजौरी में विभिन्न स्थानों पर रेत के अवैध भंडारण पाए गए।

जांच में पुरानी बैगा कॉलोनी, बिजौरी में लगभग 200 घन मीटर रेत शासकीय भूमि पर भंडारित मिली। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी करीब 50 घन मीटर रेत का अवैध भंडारण पाया गया। विभागीय जांच में सामने आया कि बरसात के मौसम को देखते हुए रेत का भंडारण किया जा रहा था।

खनिज विभाग की टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से सभी भंडारण स्थलों पर रेत में मिट्टी मिलाकर उसका विनष्टीकरण कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी स्थल पर वाहन नहीं मिले। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन भंडारण करने वाले व्यक्ति के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। विभाग द्वारा संबंधित व्यक्तियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।

खनिज अमले के अनुसार मौके पर कुल लगभग 310 घन मीटर रेत का विनष्टीकरण किया गया है। विभाग ने बताया कि पिछले माह भी इसी क्षेत्र से अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाए गए वाहनों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की गई थी।

माफियाओं के खिलाफ चला बुलडोजर, अवैध रेत भंडारण जमींदोज, अवैध कोयला भी हुआ जप्त


शहडोल

जिले में अवैध रेत कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जैतपुर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर शहडोल के निर्देश एवं मुख्य खनिज अधिकारी के मार्गदर्शन में खनिज निरीक्षक अभिषेक पाटले की उपस्थिति में खनिज विभाग की टीम ने अवैध रेत भंडारण के खिलाफ ताबड़तोड़ अभियान चलाया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय रेत माफियाओं के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।

खनिज निरीक्षक अभिषेक पाटले द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान ग्राम बिरोड़ी एवं पैरीबेहरा में शासकीय भूमि पर भारी मात्रा में अवैध रूप से रेत का भंडारण पाया गया। जांच में ग्राम बिरोड़ी में लगभग 30 घन मीटर तथा ग्राम पैरीबेहरा में लगभग 75 घन मीटर रेत अवैध रूप से जमा मिली।

खनिज निरीक्षक अभिषेक पाटले के निर्देशन में मौके पर जेसीबी मशीन बुलाकर पूरे अवैध भंडारण को नष्ट कराया गया। रेत में मिट्टी मिलाकर उसे पूरी तरह अनुपयोगी बना दिया गया, जिससे दोबारा उसकी बिक्री न हो सके। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

कार्रवाई के दौरान कोई वाहन या व्यक्ति मौके पर नहीं मिला, लेकिन भविष्य में दोबारा अवैध गतिविधियां न हों, इसके लिए खनिज, पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई है। यह टीम लगातार निगरानी कर क्षेत्र में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर अंकुश लगाएगी। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन के सख्त तेवरों से साफ है कि अब जिले में अवैध खनिज कारोबार करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

*कोल माफियाओं के खिलाफ भी कार्यवाही*

शहडोल

जिला खनिज अधिकारी शहडोल राहुल शडिल्य ने अवगत कराया है कि कोल माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया की शिकायती स्थल का मौका निरीक्षण पुलिस एवं राजस्व विभाग के किया गया । जाँच दौरान चौकी केसवाही अंतर्गत ग्राम जमुनिया स्थित मरखी माता मंदिर के पास 03 ट्राली कोयला लगभग 12 टन कोयला एवं एक वाटर पंप को जप्त किया गया एवं चौकी केशवाही की अभिरक्षा में खड़ा किया गया है। इसके अलावा कोयला कि संचालित 03 खदानों गड्ढे को जेसीबी कि मदद से मिट्टी एवं मुरूम से भरा गया है। ग्राम ग्राम बटुरा, थाना अमलाई, तहसील बुढार क्षेत्र में खनिज एवं पुलिस विभग के द्वारा सयुक्त कार्यवाही कर कोयला खनिज के अवैध खनन / परिवहन तथा एक ट्राला को इनके ऑपरेटर चालक से जप्त किया गया। जिसे जप्त कर थाना अमलाई की अभिरक्षा में खड़ा किया गया है। जिसमे नियमानुसार अवैध खनन/परिवहन का प्रकरण पंजीबद्ध कर अग्रिम कार्यवाही हेतु न्यायालय कलेक्टर शहडोल की ओर प्रस्तुत किया जा रहा है। केशवाही तहसील बुढार क्षेत्र में कोयला खनिज का अवैध परिवहन करते 02 ट्रेक्टर ट्राली पर कार्यवाही की गई है। जिसमे दोनों वाहनों द्वारा अधिरोपित अर्थदण्ड रु. 70870/- जमा किया गया है। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग द्वारा कोयला खनिज के अवैध खनन में एक इंजन जप्त किया गया। जिसमे ऑपरेटर/मालिक के विरुद्ध अवैध खनन का प्रकरण दर्ज किया गया है। जिसमे पृथक से एफआईआर भी दर्ज की गयी है। केशवाही क्षेत्र में कोयला खनन की शिकायत के सम्बन्ध में समय-समय पर पुलिस एवं राजस्व विभाग के साथ संयुक्त रूप से कार्यवाही की जा रही है।

गाँजा वाले मामले पर लापरवाही, उपनिरीक्षक को पुलिस अधीक्षक ने किया निलंबित


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में दर्ज गांजा तस्करी के एक पुराने मामले में फरार आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी में लापरवाही बरतने के आरोप में ब्यौहारी थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी को पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में 30 मई को हुई बड़ी गांजा जब्ती के मामले में फरार आरोपी का नाम सामने आने के बाद की गई।

जानकारी के अनुसार, 30 मई को जयसिंहनगर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी राहुल कुमार चर्मकार के कब्जे से करीब साढ़े तीन क्विंटल गांजा बरामद किया था। पुलिस ने दो वाहन भी जब्त किए थे। हालांकि वाहन में सवार तीन अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए थे। गिरफ्तार आरोपी राहुल कुमार चर्मकार से पूछताछ के दौरान उसने फरार आरोपियों के रूप में ग्राम चंदेला निवासी कन्हैयालाल जायसवाल और दो अन्य लोगों के नाम बताए। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी उसके साथ गांजे की तस्करी में शामिल थे।

जांच में सामने आया कि कन्हैयालाल जायसवाल पहले से ही ब्यौहारी थाने में दर्ज एक गांजा तस्करी के मामले में फरार चल रहा था। इस प्रकरण की जांच और केस डायरी की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी के पास थी। आरोप है कि उन्होंने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए और उसे लगातार फरार ही दर्शाते रहे। जयसिंहनगर में हुई गांजा जब्ती के मामले में जब कन्हैयालाल जायसवाल का नाम सामने आया, तब पता चला कि वह फरारी के दौरान भी क्षेत्र में सक्रिय रहकर गांजा तस्करी कर रहा था। मामले में उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी की गंभीर लापरवाही उजागर होने पर पुलिस अधीक्षक ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

नौकरी-मुआवजे को लेकर किसानों ने किया धरना प्रदर्शन दी खदान बंद करने की चेतावनी, 25 पर हुई कार्रवाई


शहडोल 

जिले में रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर भू-आश्रित किसानों का आक्रोश एक बार फिर खुलकर सामने आया है। एसईसीएल सोहागपुर एरिया कार्यालय के सामने किसानों ने प्रदर्शन कर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा, वहीं शारदा ओसियम खदान में नौकरी की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। दोनों घटनाओं ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ते असंतोष को उजागर कर दिया है।

एसईसीएल सोहागपुर एरिया के अंतर्गत आने वाले रामपुर बटुरा, बिछिया, अतरिया सहित आसपास के गांवों के भू-आश्रित किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने रोजगार, पुनर्वास, पुनर्स्थापना और अधिग्रहित परिसंपत्तियों के पूर्ण मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से उनकी मांगें लंबित हैं, लेकिन एसईसीएल प्रबंधन केवल आश्वासन देकर मामले को टालता रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि हर आंदोलन और बैठक के बाद 15 दिन, एक माह या दो माह में समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया मगर कुछ नही होता। इससे पहले कलेक्टर की अध्यक्षता में सोहागपुर हाउस में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में कई मामलों के निराकरण के लिए समय-सीमा तय की गई थी, लेकिन आज तक अधिकांश समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संबंधित खदानों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कराया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन और प्रशासन की होगी।

उधर, शारदा ओसियम खदान में नौकरी की मांग को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन पर खदान संचालन प्रभावित हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए अमलाई पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। शारदा ओसियम खदान को बंद करने और विरोध प्रदर्शन में शामिल 25 लोगों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। 

सड़क किनारे खड़ी बस से चोरो ने चौथी बार डीजल किया पार, पुलिस की कार्यवाही पर उठ रहे सवाल


शहडोल 

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरों ने सड़क किनारे खड़ी बस से डीजल पार कर दिया। खास बात यह है कि पिछले चार महीनों के दौरान इसी बस से चौथी बार डीजल चोरी की वारदात हुई है। बार-बार हो रही घटनाओं के बावजूद पुलिस अभी तक चोरों तक नहीं पहुंच सकी है। इससे वाहन मालिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी यदि एक ही वाहन लगातार निशाना बन रहा है, तो यह पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

पीड़ित बस मालिक दिनेश शुक्ला ने बताया कि उनकी बस प्रतिदिन जैतपुर से कोतमा के बीच संचालित होती है। रोजाना की तरह बस शाम को लौटकर बलभद्रपुर नंबर 1-जैतपुर-झींक-बिजुरी मुख्य मार्ग स्थित उनके घर के सामने खड़ी कर दी गई थी। सुबह जब चालक बस लेकर जाने पहुंचा तो उसने देखा कि बस का डीजल टैंक टूटा हुआ है और उसमें रखा करीब 50 लीटर से अधिक डीजल गायब है।

बस मालिक के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले चार माह के दौरान इसी बस से चार बार डीजल चोरी हो चुका है। लगातार हो रही चोरी से परेशान होकर उन्होंने अपने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए थे। पूर्व में हुई एक चोरी की घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी, जिसमें बोलेरो वाहन से आए कुछ लोग बस से डीजल चोरी करते दिखाई दिए थे।

दिनेश शुक्ला का आरोप है कि हर घटना के बाद उन्होंने जैतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराई, लेकिन इसके बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बस मुख्य सड़क पर घर के सामने खड़ी रहती है, फिर भी चोर बेखौफ होकर बार-बार वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

ताजा घटना के बाद बस मालिक एक बार फिर शिकायत लेकर थाने पहुंचे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से आम नागरिकों में चिंता बढ़ रही है। अब लोगों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर कब तक चोर खुलेआम वारदात करते रहेंगे और उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। वही इस मामले में जब थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन, किसानों ने एसईसीएल प्रबंधन को दी चेतावनी

*पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार को लेकर किसानों का आक्रोश, जल्द सौंपेंगे ज्ञापन* 


शहडोल

स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार और अधिग्रहित भूमि का पूरा मुआवजा देने की मांग, किसान नेता भूपेश शर्मा ने उठाई आवाज अनूपपुर खाड़ा एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र के अंतर्गत रामपुर-बटुरा के किसानों द्वारा अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है। किसानों का कहना है कि वर्षों से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है और यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

किसान नेता भूपेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र के प्रभावित किसानों और ग्रामीणों की कई महत्वपूर्ण मांगें हैं, जिन्हें लेकर जल्द ही संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की प्रमुख मांगों में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करना, नोटिफिकेशन में छूटी हुई जमीनों के अधिग्रहण की कार्रवाई करना तथा बेलिया और रामपुर के शेष मुआवजा भुगतान को पूरा करना शामिल है। इसके अलावा परिसंपत्तियों, मोनेटरी राशि, छूटे हुए कुओं, बोरवेल, पेड़-पौधों सहित सभी लंबित मुआवजों का भुगतान करने की मांग की गई है।

किसानों ने सीएसआर मद के तहत क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की भी मांग की है। इनमें खाड़ा लिफ्ट एरिक्सन कार्य, पड़रिया स्टॉप डेम, बैरिया हैंडपंप, अतरिया-बिछिया हैंडपंप निर्माण एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास शामिल है। साथ ही स्कूल स्थानांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने तथा तीन लाख रुपये की सहायता राशि को दोगुना कर एकमुश्त भुगतान करने की मांग भी उठाई गई है।

रोजगार के मुद्दे पर किसानों ने कहा कि प्रभावित परिवारों के आश्रितों को खुली खदानों में रोजगार दिया जाए। जो आश्रित सोहागपुर एरिया में कार्य करने में असमर्थ हैं, उन्हें सरफेस कार्यों में समायोजित किया जाए। साथ ही निजी कंपनियों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने तथा सीटें खाली न होने की स्थिति में बाहरी लोगों को हटाकर स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने सांदा तिराहा से खाड़ा होते हुए रामपुर के टगरा टोला तक विद्युतीकरण कराने, रोजगार से संबंधित रुकी हुई फाइलों का सरलीकरण करने तथा नोटिस और मुआवजा के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। इसके अलावा बिछिया और खैरबना के लंबित मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा अतरिया डीआरसीसी की प्रक्रिया पूरी कर रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

किसानों ने छात्रों, मजदूरों और ग्रामीण महिलाओं के उत्थान के लिए प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार योजनाएं लागू करने की भी मांग की है। किसान नेता भूपेश शर्मा सहित क्षेत्र के जनपद सदस्य चंद्र कुमार तिवारी सभापति वन समिति शांति मनमोहन चौधरी सदस्य जिला पंचायत सांसद प्रतिनिधि राजकमल मिश्रा पत्रकार ओमप्रकाश त्रिवेदी पूर्व एसडीएम वरिष्ठ नेता रमेश सिंह सहित क्षेत्र के सभी सरपंच उप सरपंच एवं किसान नेताओं ने संयुक्त रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक इन सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक संबंधित बैठकों को स्थगित रखा जाएगा और किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।

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