घर की बाड़ी से 70 नग खैर की लकड़ियां व पेट्रोल चालित चैन सॉ मशीन, दो कुल्हाड़ी और इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा जब्त

*वन अपराध पर प्रकरण दर्ज*


शहडोल

वन विभाग द्वारा अवैध रूप से खैर प्रजाति की लकड़ियों के भंडारण के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की गई है। वन संरक्षक वन वृत्त शहडोल महेन्द्र प्रताप सिंह (भा.व.से.) के निर्देशन तथा वनमंडलाधिकारी दक्षिण शहडोल श्रद्धा पन्द्रे (भा.व.से.) एवं उप वनमंडलाधिकारी सोहागपुर संतोष कुमार शुक्ला के मार्गदर्शन में 29 अक्टूबर 2026 को यह कार्रवाई की गई।

ग्राम गोरतरा निवासी जय विश्वकर्मा पिता बग्घू विश्वकर्मा के घर एवं बाड़ी की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान जय विश्वकर्मा के घर के पीछे स्थित बाड़ी में खैर प्रजाति की लकड़ियों का भंडारण पाया गया।मौके पर प्राप्त लकड़ियों की माप करने पर अलग-अलग आकार के कुल 70 नग खैर की लकड़ियां पाई गईं, जिनकी कुल मात्रा 05 घन मीटर बताई गई है। वन विभाग की टीम ने मौके से 01 पेट्रोल चालित चैन सॉ मशीन, 02 कुल्हाड़ी एवं 01 इलेक्ट्रॉनिक तौल कांटा भी जब्त किया।

वन विभाग द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वन अपराध प्रकरण क्रमांक 33/02, दिनांक 29 अक्टूबर 2026 पंजीबद्ध किया गया। जब्त की गई समस्त सामग्री को काष्ठागार नरसरहा डिपो, शहडोल लाया गया।

निजी भूमि पर हो रहा पुलिया निर्माण, उपयंत्री सहित सरपंच सचिव की भूमिका सवालों के घेरे में 


शहडोल

जनपद पंचायत गोहपारु अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरा में जहा चार लाख रुपए की लागत से स्वीकृत पुलिया निर्माण का कार्य सरपंच सचिव किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निर्माणकार्य करा रहे हैं। सूत्रों की मांने तो उक्त पुलिया निर्माण व्यक्तिगत भूमि की आराजी खसरा क्रमांक 266 मध्य प्रदेश की भूमि की जगह 126 और 125 पर कराया जा रहा है, जो व्यक्तिगत भूमि है और तो और मध्य प्रदेश शासन के नक्शे में कहीं मार्ग है ही नहीं, केवल  व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ग्राम लामर में रघुवंश के खेत के पास पुल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसे लेकर स्थानीय जनों ने आपत्ति दर्ज कराई है। जब इस विषय में किसान मोर्चा के पूर्व जिला महामंत्री राम नारायण मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया इस बात की शिकायत उन्होंने जनपद पंचायत गोहपारू के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को किया था, किंतु आज तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा उनके आवेदन पर कोई कार्यवाही नहीं की और ना ही किसी की जिम्मेदारी तय की गई, सरपंच सचिव द्वारा फर्जी मस्टर रोल लगाकर 35000 रुपए का भुगतान भी मजदूरों के नाम से आहरण कर लिया गया, जब इस विषय में कार्यवाही के नाम पर उपन्यत्री पवन वर्मा से पूछा गया तो उन्होंने बताया की सरपंच सचिव की उपस्थिति में ग्रामीणों से पंचनामा तैयार किया गया है। पर सवाल यह है कि राजस्व की भूमि की जानकारी बताना क्या उपयंत्री के अधिकार क्षेत्र की बात है, क्या उपयंत्री इस बात को बता पाएंगे कि उक्त निर्माण कार्य किस आराजी पर कराया जा रहा है, यह कार्य पटवारी का है, आपत्तिकर्ता ने इस बात का कड़ा विरोध किया है और न्याय संगत कार्यवाही नहीं होने की दशा में  न्यायालय जाने की बात कही है। आपत्तिकर्ता  ने यह बताया कि  इस मार्ग में किसी भी प्रकार की कोई भी पुल की आवश्यकता नहीं थी, आपसी साठ गांठ कर व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस पुल का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे शासन के 4 लाख का दुरुपयोग होगा, उसे रोकने के लिए यदि उन्हें न्यायालय के शरण में जाना पड़ेगा तो वह ग्रामीणों के साथ जाएंगे, अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इस कार्य की जांच कर कर दोषी जनों पर कार्यवाही करेंगे या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।

ट्रक चेचिस ने बाइक सवार को मारी टक्कर, घायल अस्पताल में भर्ती, चालक हुआ मौके से फरार


शहडोल

शहडोल-रीवा मुख्य मार्ग पर अधूरे ओवरब्रिज के नीचे एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। बुढ़ार से पाली की ओर जा रही ट्रक-चेसिस की चपेट में आने से बाइक सवार कारण नायक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद चालक वाहन को सड़क से नीचे उतारकर मौके से भाग निकला। घायल को स्थानीय लोगों की मदद से ऑटो के जरिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। घटना के बाद मौके पर काफी संख्या में लोगों की भीड़ जमा हो गई।

बाइक सवार छतवई की ओर से ओवरब्रिज के नीचे से होते हुए शहडोल आ रहा था। इसी दौरान बुढ़ार से पाली की ओर जा रही ट्रक-चेसिस ने उसे टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने ट्रक-चेसिस को थाने ले जाने का प्रयास किया, लेकिन इसमें सफलता नहीं मिली। वहीं, दुर्घटनाग्रस्त बाइक को थाने ले जाने की तैयारी की जा रही थी।

हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने अधूरे ओवरब्रिज को लेकर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यदि पुल चालू हो गया होता तो बड़े वाहन ऊपर से गुजरते और नीचे छोटे वाहनों के लिए खतरा कम होता। फिलहाल पुल का निर्माण अधूरा होने के कारण भारी वाहन भी नीचे से गुजरते हैं, जिससे बाइक और अन्य छोटे वाहन चालकों को दुर्घटना का खतरा बना रहता है।

डॉक्टर से अपॉइंटमेंट के लिए शिक्षक को गूगल पर नम्बर सर्च करना पड़ा भारी, खाते से गायब हुए 4.72 लाख


शहडोल

नागपुर के एक निजी अस्पताल में डॉक्टर से अपॉइंटमेंट लेने के लिए गूगल पर नंबर सर्च करना शहडोल जिले के एक शासकीय शिक्षक को भारी पड़ गया। साइबर ठगों ने अपॉइंटमेंट बुक करने के नाम पर शिक्षक के व्हाट्सएप पर एपीके फाइल भेजी। शिक्षक ने जैसे ही फाइल डाउनलोड की, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद ठगों ने 21 अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए उनके बैंक खाते से 4 लाख 72 हजार 600 रुपये से अधिक की रकम निकाल ली। मामले की शिकायत मिलने पर गोहपारू पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पीड़ित रामनिवास जसवाल गोहपारू थाना क्षेत्र के एक शासकीय स्कूल में शिक्षक हैं। पिछले कुछ समय से उनकी तबीयत खराब चल रही थी और उन्हें चक्कर आने की शिकायत थी। बेहतर इलाज के लिए उन्होंने महाराष्ट्र के नागपुर स्थित एक निजी अस्पताल में डॉक्टर को दिखाने का फैसला किया। अपॉइंटमेंट लेने के लिए उन्होंने गूगल पर अस्पताल का नंबर खोजा और मिले नंबर पर संपर्क किया।

फोन पर बात करने वाले व्यक्ति ने शिक्षक को अपॉइंटमेंट बुक होने की जानकारी दी। इसके बाद उसी नंबर से उनके व्हाट्सएप पर एक एपीके फाइल भेजी गई। शिक्षक ने फाइल डाउनलोड कर ली, जिसके बाद उनका मोबाइल ठगों के निशाने पर आ गया। आरोपियों ने 24 घंटे के भीतर 21 ट्रांजैक्शन कर खाते में जमा लगभग पूरी रकम निकाल ली।

खाते से पैसे निकलने की जानकारी मिलने पर शिक्षक ने अपने बेटे को घटना बताई। इसके बाद बेटे ने बैंक से संपर्क कर खाता फ्रीज कराया और साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। 

मुख्यमंत्री करेंगे 89 निर्माण का भूमिपूजन, 379.45 करोड़ के विकास की सौगात, 82.28 करोड़ के 45 कार्यों का लोकार्पण


शहडोल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शहडोल जिले में 82 करोड़ 28 लाख रुपये की लागत के 45 विकास कार्यों का लोकार्पण करेंगे। इन विकास कार्यों में आठ विभागों के निर्माण कार्य शामिल हैं। इन कार्यों से जिले में सड़क, पेयजल, स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा, ग्रामीण विकास तथा अन्य बुनियादी सुविधाओं को मजबूती मिलेगी।

निर्धारित विवरण के अनुसार, मध्य प्रदेश पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम के एक कार्य की स्वीकृत राशि 22.86 करोड़ रुपये तथा मध्य प्रदेश गृह निर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल के एक कार्य की स्वीकृत राशि 22.14 करोड़ रुपये है।

इसी प्रकार, लोक निर्माण विभाग के दो कार्यों के लिए 14.92 करोड़ रुपये, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के 14 कार्यों के लिए 8.76 करोड़ रुपये तथा पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 21 कार्यों के लिए 5.21 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी जाएगी।

मुख्यमंत्री विभिन्न विभागों के अंतर्गत प्रस्तावित 89 निर्माण कार्यों का भूमिपूजन करेंगे। इन कार्यों की कुल लागत 379 करोड़ 45 लाख रुपये है। इन निर्माण कार्यों में सड़क एवं पुल निर्माण, शासकीय विद्यालयों के भवन, छात्रावास, महाविद्यालयीन भवन, पुलिस विभाग के कार्यालय एवं आवास, विद्युत उपकेंद्र तथा खेल सुविधाओं का विकास शामिल है। इन कार्यों से जिले में आधारभूत सुविधाओं के विस्तार और शैक्षणिक एवं अन्य अधोसंरचनाओं को मजबूती मिलेगी।

लोक निर्माण विभाग के अंतर्गत कुल 36 कार्य शामिल हैं। इनमें विभिन्न गांवों को जोड़ने वाले पहुंच मार्गों का निर्माण, सड़कों का मजबूतीकरण तथा नदियों पर पुल निर्माण जैसे कार्य शामिल हैं। जनजातीय कार्य विभाग के अंतर्गत 38 निर्माण कार्य शामिल हैं। इनमें सोहागपुर, जयसिंहनगर, गोहपारू और बुढ़ार विकासखंड के विभिन्न शासकीय हाई स्कूलों के भवन निर्माण के साथ छात्रावास एवं आश्रमशाला भवनों का निर्माण शामिल है। 

मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के अंतर्गत कन्या शिक्षा परिसर गोहपारू तथा शासकीय पीजी कॉलेज बुढ़ार में नवीनीकरण, उन्नयन एवं नवीन निर्माण कार्य शामिल हैं।

जिला अस्पताल में महिला को खून उपलब्ध कराने पर लिए 3500 रुपए, शिकायत होने पर लौटाई रुपए


शहडोल

जिला चिकित्सालय में मरीज को ब्लड उपलब्ध कराने के बदले करीब 3500 रुपये लेने का मामला सामने आया है। सर्जिकल वार्ड में भर्ती एक महिला को दो बार खून की जरूरत पड़ने पर कथित तौर पर रकम ली गई। मामला अस्पताल प्रबंधन के संज्ञान में आने के बाद संबंधित महिला को पैसे वापस करा दिए गए हैं। वहीं, पूरे प्रकरण में अस्पताल में हाउसकीपिंग का काम करने वाले आउटसोर्स कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है। यह मामला मीडिया कर्मियों तक पहुंचा था,जिसके बाद मीडिया कर्मियों ने मामले की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को दी थी।

सर्जिकल वार्ड में भर्ती महिला मरीज को उपचार के दौरान ब्लड की आवश्यकता थी। आरोप है कि अस्पताल में कार्यरत एक आउटसोर्स कर्मचारी ने दूसरे व्यक्ति के माध्यम से दो बार ब्लड उपलब्ध कराने के एवज में लगभग 3500 रुपये लिए। इसकी जानकारी जब जिला अस्पताल प्रबंधन तक पहुंची तो मामले को गंभीरता से लेते हुए रकम वापस कराई गई। इसके बाद लेनदेन से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच शुरू कर दी गई। 

प्रबंधन यह पता लगाने में जुटा है कि महिला से रकम किस माध्यम से ली गई और ब्लड उपलब्ध कराने की पूरी प्रक्रिया में कौन-कौन शामिल था। इसके लिए ब्लड बैंक के सीसीटीवी फुटेज भी निकलवाए जा रहे हैं। फिलहाल आउटसोर्स कर्मचारी से पूछताछ की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि मामले में अन्य किसी व्यक्ति की भूमिका थी या नहीं। अस्पताल प्रबंधन ने जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कार्रवाई करने की बात कही है।

श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड में फर्जी हस्ताक्षर कर झूठा गारंटर बनाने का मामला, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार


​शहडोल

​शहडोल जिले के ग्राम कंचनपुर वार्ड क्रमांक 19 निवासी रामावतार वर्मन पिता श्री महेश प्रसाद वर्मन ने धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा का शिकार होने का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि उनके फर्जी व कूटरचित (जाली) हस्ताक्षर तैयार कर उन्हें श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड के एक लोन मामले में जबरन गारंटर बना दिया गया है।  

​पीड़ित रामावतार वर्मन के अनुसार, उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब उनके नाम पर फाइनेंस कंपनी की ओर से ₹2,25,995 की ऋण वसूली और आर्बिट्रेशन Case No. 4733 of 2025 / Loan No. SHAHD00907130001) की कार्यवाही का नोटिस प्राप्त हुआ। इसके अलावा नेशनल लोक अदालत 12 सितंबर 2026 का प्री-लिटिगेशन सूचना पत्र भी उनके नाम जारी हुआ। पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि वे न तो वाहन मालिक (संतोष सोहनी) को जानते हैं, न ही उन्होंने कभी फाइनेंस कंपनी के किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं और न ही किसी को गारंटर बनने की अनुमति दी है।  

​पीड़ित ने सबसे पहले 5 अक्टूबर 2026 को थाना सोहागपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। हालांकि, स्थानीय थाना स्तर पर कोई प्रभावी कानूनी कार्यवाही न होने पर, उन्होंने 13 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक शहडोल के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया।  

​अपनी शिकायत में रामावतार वर्मन ने निम्नलिखित मांगें रखी की कूटरचित और फर्जी हस्ताक्षर करने वाले तथा इस जालसाजी में शामिल अज्ञात व संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं (जैसे धारा 335, 336, 340, 318, 61 आदि) के तहत प्राथमिकी दर्ज की जाए।  

व्हील चेयर में मरीज पटरियों के बीच ले जाते हुए दिखे परिजन, रेलवे की व्यवस्था की पोल खोलती तस्वीर


शहडोल

रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा से जुड़े इंतजामों को लेकर एक वीडियो सामने आने के बाद व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में एक पैर में प्लास्टर लगाए मरीज को व्हीलचेयर के जरिए रेलवे ट्रैक के बीच से ले जाते हुए देखा जा सकता है। यह दृश्य ने स्टेशन पर मरीजों और दिव्यांग यात्रियों की आवाजाही रेलवे के इंतजामों की पोल खोलते नजर आ रही है।

बताया जा रहा है कि प्लेटफार्म तक पहुंचने के लिए उपयुक्त रास्ता नहीं मिलने के कारण मरीज के परिजनों को यह जोखिम भरा तरीका अपनाना पड़ा। पटरियों के बीच बिछी गिट्टी और रेल लाइन की मौजूदगी में व्हीलचेयर ले जाना दुर्घटना को न्योता देने जैसा है। ऐसी स्थिति में किसी भी समय गंभीर हादसा हो सकता था।

शहडोल स्टेशन पर प्रतिदिन बड़ी संख्या में यात्री आवागमन करते हैं। ऐसे में बुजुर्गों, दिव्यांगों और शारीरिक रूप से असमर्थ यात्रियों के लिए रैंप की व्यवस्था नही है, जिससे यात्री सुरक्षित एवं सुगम एक प्लेटफार्म से दूसरे प्लेटफार्म पर नही पहुंच सकते।

वायरल वीडियो के बाद रेलवे प्रशासन से स्टेशन पर उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा करने और आवश्यक सुधार करने की मांग उठ रही है। लोगो का कहना है की शहडोल संभाग जैसे स्टेशन में रैंप की व्यवस्था नही है।

नायब तहसीलदार की गाड़ी में मारी थी टक्कर मारने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल

देवलोंद थाना क्षेत्र में नायब तहसीलदार के शासकीय वाहन में टक्कर मारने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ट्रैक्टर चालक और वाहन मालिक को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के तुरंत बाद हरकत में आई पुलिस ने चंद घंटों के भीतर दोनों आरोपियों को पकड़कर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। घटना के तुरंत बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले पर दो विशेष टीमों का गठन किया था जिनके द्वारा यह गिरफ्तारी की गई है।

पुलिस के अनुसार, बुढ़वा वृत्त में पदस्थ नायब तहसीलदार अंकिता पांडेय अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई कर रही थीं। इसी दौरान ग्राम समान में रेत से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली को रोकने का प्रयास किया गया। आरोप है कि चालक ने वाहन रोकने के बजाय नायब तहसीलदार के शासकीय वाहन में टक्कर मार दी, जिससे वाहन क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद आरोपी ट्रैक्टर लेकर खेत में घुस गया। इस दौरान ट्रैक्टर का इंजन और ट्रॉली अलग-अलग हो गए, जिसके बाद चालक मौके से फरार हो गया।

नायब तहसीलदार की शिकायत पर देवलोंद पुलिस ने शासकीय कार्य में बाधा सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने जांच के दौरान ट्रैक्टर चालक प्रकाश उर्फ सत्यम बैस और वाहन मालिक कृष्णपाल बैस, दोनों निवासी बुढ़वा-2, थाना देवलोंद, को गिरफ्तार कर लिया।

ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराया, चालक की हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में रेत परिवहन से जुड़े एक ट्रैक्टर हादसे में चालक की मौत हो गई। मृतक के परिजनों और साथियों ने कथित तौर पर एक भाजपा नेता के रिश्तेदार पर गंभीर आरोप लगाया है।

हादसा जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के कौआसराई स्थित सोनू ढाबा के पास का बताया जा रहा है। जहां वार्ड नंबर-9 निवासी आकाश बैगा ट्रैक्टर लेकर रेत लेने जा रहे थे, इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गया। हादसा इतना गंभीर था कि ट्रैक्टर चालक आकाश बैगा की मौत हो गई। मृतक के पिता, रिश्तेदारों और ट्रैक्टर से रेत की लोडिंग अनलोडिंग करने वाले साथियों ने आरोप लगाया है कि एक कथित भाजपा नेता के दामाद द्वारा रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन कराया जा रहा था।

आरोपों के मुताबिक, आकाश बैगा रेत लोड कराने और पहुंचाने के लिए जा रहे थे, तभी रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया। हालांकि, अवैध उत्खनन और परिवहन में संबंधित लोगों की भूमिका, हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शहडोल में अवैध रेत परिवहन को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पहले कार्रवाई करने पहुंचे सरकारी कर्मचारियों की मौत, फिर नायब तहसीलदार की गाड़ी को टक्कर मारने का कथित मामला और अब ट्रैक्टर हादसे में चालक की मौत ने एक बार फिर रेत के कारोबार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं जयसिंहनगर थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा ने बताया कि एक ट्रैक्टर चालक की पेड़ से टकराने से मौत हो गई है, जिस पर मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

पेड़ से गिरा युवक, जंगल में पत्नी के सामने हुई मौत, दोनो लोग लकड़ियां लेने गए थे


शहडोल  

जंगल में लकड़ियां बटोर रही पत्नी की नजरें बार-बार पेड़ पर चढ़े पति की ओर जा रही थीं। जब लकड़ियां पर्याप्त हो गईं तो उसने आवाज लगाई बस करो, अब नीचे उतर आओ, घर चलते हैं। पति पेड़ से नीचे उतर ही रहा था कि अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह ऊंचाई से जमीन पर आ गिरा। पत्नी दौड़कर उसके पास पहुंची, लेकिन पति गंभीर रूप से घायल हो चुका था। वह मदद के लिए चीखती रही, मगर घने जंगल में उसकी आवाज सुनने वाला कोई नहीं था। कुछ ही देर में पति की सांसें थम गईं।

यह घटना शहडोल जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, रतहर निवासी 32 वर्षीय सुखीलाल कोल अपनी पत्नी के साथ गांव के पास स्थित बहेरहा जंगल में लकड़ी काटने गया था। पति पेड़ पर चढ़कर लकड़ियां काट रहा था, जबकि पत्नी नीचे खड़ी होकर गिराई गई लकड़ियों को इकट्ठा कर रही थी।

पत्नी के मुताबिक, जब काफी लकड़ियां इकट्ठा हो गईं तो उसने पति से कहा कि अब बस करो और नीचे उतर आओ। घर लौटने की तैयारी के बीच सुखीलाल पेड़ से उतर रहा था।

इसी दौरान अचानक उसका संतुलन बिगड़ा और वह काफी ऊंचाई से नीचे गिर गया। पति को जमीन पर घायल पड़ा देख पत्नी घबरा गई। वह तत्काल उसके पास पहुंची और मदद के लिए चिल्लाने लगी। वह बार-बार पति के पास जाती और किसी के आ जाने की उम्मीद में जंगल की ओर देखती रही। 

कुछ समय बाद जंगल के रास्ते से गुजर रहे लोगों ने पत्नी की चीख-पुकार सुनी और मौके पर पहुंचे। हालांकि, तब तक सुखीलाल की मौत हो चुकी थी। घटना की जानकारी मिलने पर गोहपारू पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने मर्ग कायम कर विवेचना में लिया है।

जिले की सीमा पर पहुँचा 30 हाथियों का झुंड, फसल को पहुँचाया नुकसान, दो झोपड़ी को बनाया निशाना


शहडोल

बांधवगढ़ के जंगलों से लगभग 30 जंगली हाथियों का झुंड शहडोल जिले की सीमा में पहुंच गया है। हाथियों की आवाजाही से गोदावल वन परिक्षेत्र के बेड़रा, कोठिया, घोरषा और आसपास के गांवों में दहशत का माहौल है। हाथियों ने खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान पहुंचाने के साथ दो झोपड़ियों को भी तोड़ दिया। इससे किसानों की महीनों की मेहनत पर पानी फिर गया है। हाथियों के झुंड में कई बेबी एलिफेंट भी शामिल है।

हाथियों के इस झुंड ने दो दिन पहले रात में बांधवगढ़ की ओर से जिले की सीमा में प्रवेश किया। इसके बाद से हाथी गोदावल वन परिक्षेत्र के विभिन्न इलाकों में घूम रहे हैं। घोरषा और उफरी बीट सहित आसपास के क्षेत्रों में हाथियों की मौजूदगी बताई जा रही है। रिहायशी इलाकों के नजदीक खेतों में पहुंचकर हाथियों ने धान की फसल खाई और नुकसान पहुंचाया। तेंदुआढ गांव के पहाड़ टोला हाथियों के पहुंचने और नुकसान की जानकारी सामने आई है।

कुछ ग्रामीणों का आरोप है कि गोदावल रेंजर को सूचना देने के बावजूद वन विभाग का अमला काफी देर से मौके पर पहुंचा। तब तक हाथी कई एकड़ में लगी फसल को नुकसान पहुंचा चुके थे। हालांकि, वन विभाग का कहना है कि सूचना मिलते ही कई टीमें मौके पर पहुंच गई थीं और लगातार हाथियों की निगरानी कर रही हैं।

हाथी का झुंड के जिले में पहुंचने से वन विभाग के सामने हाथियों की सुरक्षा और ग्रामीणों की जान-माल बचाने की चुनौती फिर खड़ी हो गई है। डीएफओ तरुणा वर्मा ने बताया कि हाथियों की निगरानी के लिए कई टीमें तैनात हैं। आसपास के अधिकारी-कर्मचारी भी नजर रख रहे हैं। ग्रामीणों को सतर्क रहने व सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी जा रही है।

300 परिवारों का अंगूठा लगवाकर राशन गायब करने का सेल्समैन पर लगा आरोप, कार्यवाही की मांग


शहडोल

जिले में गरीब आदिवासियों के निवाले पर ही डाका डालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि शासकीय उचित मूल्य दुकान पर हितग्राहियों से अंगूठा तो लगवा लिया गया, लेकिन उन्हें दो महीने का राशन नहीं दिया गया।

बुढ़ार जनपद के अंतर्गत झीक बिजुरी लैम्प्स के तहत संचालित छतई की शासकीय राशन दुकान के तत्कालीन विक्रेता मोहम्मद अमीन पर गंभीर आरोप लगे हैं कि उसने हितग्राहियों से चालाकी से अंगूठा लगवाकर उनके हिस्से का राशन अवैध तरीके से आहरित कर लिया, लेकिन उपभोक्ताओं को अनाज नहीं मिला। इस कथित अनियमितता और धांधली से जुड़ा एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण अपनी पीड़ा बयां कर रहे हैं।

ग्रामीणों की लगातार शिकायतों के बाद विभागीय स्तर पर जांच की गई, जिसके आधार पर तत्कालीन विक्रेता मोहम्मद अमीन को निलंबित कर दिया गया है। इसके बाद दुकान संचालन की जिम्मेदारी नए विक्रेता जैनुल को सौंप दी गई है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों और पीड़ित परिवारों का कहना है कि विक्रेता के बदलने के बावजूद उन्हें अब तक पिछले दो महीनों का रुका हुआ राशन नहीं मिला है, जिसके कारण वे अपने हक के अनाज के लिए लगातार भटकने को मजबूर हैं।

इस मामले को लेकर उपभोक्ताओं में भारी आक्रोश है। पीड़ित उपभोक्ता रंगदेव सिंह, जय भान सिंह, रामकली सहित अन्य पीड़ित गृहणी महिलाओं ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है कि उनसे धोखाधड़ी कर हड़पा गया राशन उन्हें जल्द से जल्द दिलाया जाए और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। फिलहाल, इस खुलासे के बाद खाद्य विभाग की कार्यप्रणाली और राशन वितरण प्रणाली की पारदर्शिता पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मेडिकल कॉलेज में गुटखा थूकने से हुआ विवाद, गार्ड को चाकू दिखाकर धमकाया, दो युवक गिरफ्तार


शहडोल 

मेडिकल कॉलेज के आईसीयू वार्ड के पास गुटखा थूकने को लेकर शुरू हुआ विवाद चाकू दिखाकर धमकाने तक पहुंच गया। ड्यूटी पर तैनात सुरक्षाकर्मी को कथित तौर पर चाकू दिखाकर डराया गया। गार्ड और अन्य सुरक्षाकर्मियों ने दोनों युवकों को पकड़कर गार्ड रूम में बंद कर दिया और डायल 112 को सूचना दी। आरोप है कि रात में पहुंची पुलिस बिना कार्रवाई किए लौट गई। सुबह मेडिकल कॉलेज प्रबंधन की सूचना पर सोहागपुर पुलिस दोबारा पहुंची और दोनों युवकों को हिरासत में लिया।

मेडिकल कॉलेज के आईसीयू के पास सुरक्षाकर्मी शारदा प्रसाद रात में ड्यूटी कर रहे थे। इसी दौरान दो युवक अपनी दो महिला मित्रों के साथ वहां बैठे दिखाई दिए। बताया जा रहा है कि युवकों की महिला मित्रों के परिजन अस्पताल में भर्ती थे। गार्ड ने युवकों से वहां बैठने के संबंध में पूछताछ की। इसी दौरान युवकों ने गुटखा थूक दिया। गार्ड ने जब इस पर आपत्ति जताई तो विवाद शुरू हो गया। आरोप है कि इसी दौरान एक युवक ने चाकू निकालकर सुरक्षाकर्मी को धमकाया।

स्थिति बिगड़ने पर शारदा प्रसाद ने अपने अन्य साथी सुरक्षाकर्मियों को बुला लिया। इसके बाद दोनों युवकों को पकड़कर गार्ड रूम में बंद कर दिया गया। घटना की सूचना डायल 112 को दी गई। 

मामले की जानकारी अस्पताल अधीक्षक डॉ नागेंद्र सिंह और डॉ. विक्रांत कबीरपंथी और अन्य अधिकारियों को मिली। इसके बाद अधिकारियों ने सोहागपुर थाना प्रभारी से संपर्क कर घटना की जानकारी दी। सूचना पर थाना स्टाफ मेडिकल कॉलेज पहुंचा और दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया।पुलिस के अनुसार, दोनों युवक सोहागपुर क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। 

रेत के कागजात मांगने पर ट्रैक्टर को गिरा दिया खाई में, पुलिस ने की कार्यवाही


शहडोल

जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के भुरका गांव के अखड़ार नाले से रेत का उत्खनन कर ट्रैक्टर के जरिए परिवहन किया जा रहा था, इसी दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने ट्रैक्टर चालक से दस्तावेज मांगे। आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई से घबराए पिता पुत्र ने पहले विवाद किया और फिर ट्रैक्टर से रेत अनलोड कर दी। इसके बाद गाली गलौज के बीच चालू ट्रैक्टर-ट्रॉली को खाई में धकेल दिया। पिता-पुत्र ने कथित तौर पर पुलिस पर ही ट्रैक्टर-ट्रॉली खाई में गिराने का आरोप लगाया।

भुरका गांव का यह मामला प्रशासनिक निगरानी और अवैध कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने की चुनौती को फिर सामने लाता है। अब देखना होगा कि वायरल वीडियो के आधार पर जिम्मेदारों की पहचान कर क्या कार्रवाई की जाती है।

इस मामले में पुलिस ने बताया कि सुरेश अहिरवार नामक व्यक्ति के साथ पिता पुत्र का विवाद हो रहा था, जिसकी सूचना पर मौके पर पुलिस पहुंची। जहां पुलिस देख ट्रेक्टर ट्राली नीचे नाले में गिरा दिया। सुरेश सिंह गहरवार की शिकायत पर सूर्य प्रकाश मिश्रा और सत्यम मिश्रा के खिलाफ मारपीट करने की कार्यवाही की गई है, जबकि चालक राहुल केवट और सत्यम मिश्रा के खिलाफ रेत की कार्यवाही की गई है।

खराब आचरण व वीडियो वायरल पर एएसआई व प्रधान आरक्षक को एसपी ने किया निलंबित


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पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय कुमार अग्रवाल ने सख्त रुख अपनाते हुए दो पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है। दोनों मामलों में पुलिसकर्मियों के आचरण को संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई की गई है। निलंबन के साथ दोनों को थाना ब्यौहारी से संबद्ध किया गया है। वहीं, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच के लिए उप पुलिस अधीक्षक स्तर के अधिकारियों को अलग-अलग जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

पहला मामला थाना सोहागपुर में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक जवाहरलाल राय से जुड़ा है। आज ही उनके संदिग्ध आचरण से संबंधित एक वीडियो सोशल मीडिया पर प्रसारित हुआ। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले को गंभीरता से लिया।

दूसरा मामला थाना बुढ़ार में पदस्थ प्रधान आरक्षक क्रमांक 185 चेतराम कौशिक के खिलाफ की गई है। थाना प्रभारी बुढ़ार की ओर से प्रस्तुत प्रतिवेदन में बताया गया कि प्रधान आरक्षक ने थाना प्रभारी को जानकारी दिए बिना कंप्यूटर ऑपरेटर के माध्यम से वारंटी की तलाश के संबंध में रवानगी दर्ज कराई थी। आरोप है कि रवानगी के बाद वापस लौटने पर संबंधित वारंटी की तलाश नहीं की गई। दोनों मामलों की पृथक-पृथक विभागीय जांच कराई जा रही है। 

8 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 8 किलो सामग्री कराया नष्ट, जाँच के लिए भेजे 10 नमूने, 2 दुकानों को नोटिस जारी


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खाद्य सुरक्षा अधिकारियों द्वारा जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर खाद्य पदार्थों के नमूने जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए।गोहपारू में नूरजहां राइस मिल के निरीक्षण के दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर खाद्य कारोबार को सुधार होने तक बंद कराया गया। वहीं अनस किराना से 8 किलोग्राम सामग्री का विनष्टीकरण कराया गया। दोनों प्रतिष्ठानों में रखरखाव संबंधी कमी पाए जाने पर सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए।

शहडोल में जगवानी दाल मिल से गेहूं का नमूना जांच के लिए लिया गया। प्रतिष्ठान में रखरखाव संबंधी कमी पाए जाने पर नोटिस दिया गया। इसी प्रकार साक्षी ट्रेडर्स एवं शुभम ट्रेडर्स से जीरा एवं बड़ी इलायची के नमूने लेकर परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

आयुक्त खाद्य सुरक्षा के आदेश के परिपालन में आर.के. ट्रेडर्स से किश्ती तेल तथा मुबारक ट्रेडर्स से शेरा तेल के नमूने भी जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए। खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा गौरतरा स्थित आंगनबाड़ी केन्द्र के लिए तैयार किए जा रहे भोजन का भी निरीक्षण किया गया। इस दौरान दलिया, आटा एवं तुअर दाल के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

जयसिंहनगर एवं शहडोल क्षेत्र के कुल 8 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर 10 खाद्य नमूने जांच हेतु प्रयोगशाला भेजे गए। जयसिंहनगर स्थित आकांक्षा रेस्टोरेंट एवं पवनपुत्र रेस्टोरेंट के निरीक्षण के दौरान रखरखाव एवं साफ-सफाई में कमी पाए जाने पर 2 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी किया गया। प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जा रहे तेल का नमूना भी जांच हेतु लेकर प्रयोगशाला भेजा गया है। खाद्य नमूनों की जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

तीन चोरी के मामलों पर, तीन आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार


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चोरी के मामले पर सोहागपुर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोरी के तीन मामलों का खुलासा किया है। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी का माल बरामद किया है।

मेडिकल कॉलेज में एसी की कॉपर पाइप काटकर चोरी करने के मामले में पुलिस ने अजीत प्रजापति को गिरफ्तार किया। वहीं सोहागपुर के गढ़ी कचहरी मोहल्ला निवासी अतुल आनंद ब्रह्मचारी के घर से लैपटॉप चोरी होने की शिकायत पर मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने मनोवैज्ञानिक तरीके से पूछताछ और लगातार प्रयास के बाद आरोपी ओम द्विवेदी को चोरी के लैपटॉप सहित गिरफ्तार किया।

इसी तरह रिलायंस कंपनी के यार्ड से तार चोरी के मामले में पुलिस ने राजेंद्रग्राम, अनूपपुर निवासी सुरेंद्र चौधरी को पकड़ा। उसके कब्जे से चोरी के तार बरामद किए गए। वारदात में इस्तेमाल बोलेरो वाहन भी पुलिस ने जब्त किया है। तीनों मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जिला जेल भेज दिया गया।पुलिस का कहना है कि चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए लगातार निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।

रेलवे लाइन पार करते समय महिला आई रेलगाड़ी की चपेट में, हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


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अमलाई थाना क्षेत्र के टिकुरी टोला के पास रेलवे लाइन पार करते समय एक बुजुर्ग महिला मालगाड़ी की चपेट में आ गई। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि महिला को कम सुनाई देता था, जिसके कारण वह ट्रेन का हॉर्न नहीं सुन सकी। घटना की सूचना रेलवेकर्मियों ने पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार अमलाई थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर चार निवासी सावित्री केवट (65) घर के पास स्थित टिकुरी टोला के समीप रेलवे लाइन पार कर शौच के लिए गई थीं। शौच के बाद वह रेलवे लाइन पार कर वापस घर लौट रही थीं। इसी दौरान तीसरी लाइन पर मालगाड़ी आ गई। ट्रेन के चालक ने महिला को पटरी पर देखकर लंबा हॉर्न बजाया लेकिन कम सुनाई देने के कारण महिला को इसकी आवाज नहीं सुनाई दी और वे मालगाड़ी की चपेट में आ गईं।

हादसे की जानकारी मिलते ही अमलाई पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

हादसे के बाद अब यह सवाल भी उठ रहा है कि क्या महिला के घर में शौचालय था। सरकार की ओर से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में घर-घर शौचालय निर्माण और खुले में शौच से मुक्ति के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित की गई हैं। यदि महिला के घर में शौचालय उपलब्ध था तो वह शौच के लिए रेलवे लाइन के पास क्यों गईं? वहीं यदि शौचालय नहीं था तो सरकारी योजना के तहत उनके घर में शौचालय क्यों नहीं बन पाया, यह भी जांच का विषय है। 

पुलिया निर्माण कार्य में अनियमितता पर उपसरपंच ने खोला मोर्चा, सीईओ से की शिकायत, जाँच की मांग


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जनपद पंचायत गोहपारू अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरा के वार्ड क्रमांक 01 में पुलिया निर्माण कार्य को लेकर ग्राम पंचायत के उपसरपंच नरेंद्र प्रसाद मिश्रा ने मुख्य कार्यपालन अधिकारी को शिकायत पत्र सौंपकर जांच की मांग की है। शिकायत में निर्माण कार्य की गुणवत्ता, भूमि, भुगतान और संबंधित अभिलेखों की जांच कराने का आग्रह किया गया है।

शिकायत पत्र के अनुसार, वार्ड क्रमांक 01 में “महाभारत के खेत के पास” 5वें वित्त मद से लगभग 10 लाख रुपये की लागत से पुलिया निर्माण कराया जा रहा है। उपसरपंच ने पत्र में बताया कि उक्त कार्य ग्राम पंचायत से बाहर के ठेकेदार द्वारिका सोनी एवं जैसा नायक द्वारा कराया जा रहा है।

शिकायत में कहा गया है कि कार्य के लिए खसरा क्रमांक 55 दर्शाया गया है, जिसमें राजस्व रिकॉर्ड में “झुरपी जंगल” दर्ज होने का उल्लेख है, जबकि मौके पर निर्माण खसरा क्रमांक 56 की निजी भूमि पर कराए जाने की बात कही गई है। शिकायतकर्ता ने इस संबंध में राजस्व अभिलेखों की जांच की मांग की है।

पत्र में यह भी उल्लेख किया गया है कि निर्माण कार्य में करीब 5.27 लाख रुपये की राशि आहरित की जा चुकी है और सभी बिल लगाए जाने के बाद राशि निकाले जाने की जानकारी मिली है। साथ ही श्रमिकों को मजदूरी भुगतान नहीं किए जाने की शिकायत भी की गई है। उपसरपंच ने लेबर भुगतान, मस्टर रोल और संबंधित अभिलेखों की जांच कराने की मांग की है।

शिकायत में सरपंच और ठेकेदारों की मिलीभगत से कार्य कराए जाने का आरोप लगाते हुए निर्माण की गुणवत्ता, स्थल, भुगतान तथा दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। उपसरपंच ने स्थल निरीक्षण, सीमांकन, प्रशासनिक एवं तकनीकी स्वीकृति, एमबी पुस्तिका, भुगतान और राजस्व अभिलेखों की जांच कराने तथा अनियमितता पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई कर शासकीय राशि की वसूली की मांग की है।

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