मालगाड़ी के नीचे बैठ गयी महिला, आरपीएफ ने सुरक्षित बाहर निकाला


शहडोल

शहडोल में मानसिक रूप से अस्वस्थ महिला अचानक मालगाड़ी के वैगन के नीचे जाकर बैठ गई। घटना के चलते करीब 15 मिनट तक ट्रेन मौके पर खड़ी रही। रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) और स्थानीय लोगों की सूझबूझ से महिला को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।

रेलवे स्टेशन मास्टर को सूचना मिली कि डाउन होम सिग्नल के पास एक महिला रेलवे ट्रैक से हटने का नाम नहीं ले रही है। इसी दौरान सिग्नल लाल होने के कारण मालगाड़ी वहां आकर रुक गई। ट्रेन रुकते ही महिला अचानक एक वैगन के नीचे जाकर बैठ गई। इसके बाद मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने तत्काल आरपीएफ को सूचना दी।

सूचना मिलते ही आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन जवानों को देखकर महिला ट्रैक पर इधर-उधर दौड़ने लगी। उसने बचाव में जुटे लोगों के साथ अभद्रता की और पत्थर भी फेंके। काफी देर तक समझाने और सतर्कता के साथ किए गए प्रयासों के बाद महिला को सुरक्षित रेलवे लाइन से बाहर निकाला गया। इसके बाद मालगाड़ी को रवाना किया गया। 

सीएमओ व सफाई एजेंसी के अड़ियल रवैये से सफाई कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल, शहर में चारो तरफ फैला कचरा


​शहडोल। 

जिला मुख्यालय आउटसोर्स कंपनी ‘अविनाश एजेंसी’ व सीएमओ के अड़ियल, अभद्र रवैए के खिलाफ सफाई कर्मचारियों का गुस्सा फूट पड़ा है। शुक्रवार से शुरू हुई अनिश्चितकालीन हड़ताल के बाद पूरे शहर की सफाई व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।

​भारतीय सफाई मजदूर संघ के बैनर तले आंदोलन कर रहे सफाई कर्मचारियों का आरोप है कि सितंबर 2025 से कार्यरत आउटसोर्स एजेंसी उनके पसीने की कमाई पर डाका डाल रही है। मजदूरों को मार्च और अप्रैल 2026 का पूरा वेतन नहीं दिया गया है। दो महीने लगातार काम कराने के बाद महज एक महीने का वेतन थमा दिया गया, जबकि बाकी भुगतान को लेकर न तो एजेंसी और न ही पालिका प्रशासन गंभीर है। इसके अलावा, कई वर्षों के साप्ताहिक मस्टर और अतिरिक्त श्रमिकों के पुराने एरियर का भुगतान भी दबाकर रखा गया है।

सफाईकर्मियों की बायोमेट्रिक उपस्थिति को सिस्टम से बंद कर दिया गया है, ताकि उनका वेतन रोका जा सके। ईपीएफ (भविष्य निधि) खातों में भी बड़े पैमाने पर अनियमितताएं सामने आई हैं। यह गतिरोध सीएमओ के लगातार खराब व्यवहार के कारण और गहरा गया है। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने बताया कि अपनी जायज मांगों को लेकर जब वे सीएमओ के पास गए, तो उनके साथ खुलेआम अभद्रता की गई।

​सफाई मजदूर संघ ने कहा है की जब तक अविनाश एजेंसी पर कार्रवाई नहीं होती, बर्खास्त कर्मचारियों को वापस नहीं लिया जाता और सीएमओ के रवैए पर लगाम नहीं कसी जाती, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। हड़ताल के कारण सब्जी मंडी समेत पूरे शहर की गलियों और मुख्य चौराहों पर कचरा पसर गया है। केंद्रीय आयोग, राज्य शासन, कलेक्टर और एसपी को ज्ञापन भेजने के बाद भी कोई कार्यवाही नही हुई।

शादी में हुआ विवाद, दो घायल, 112 एफआरवी-14 वाहन में मारा पत्थर, आरोपी हुआ फरार


शहडोल 

जिले के सोहागपुर थाना क्षेत्र में पुलिस की डायल-112 पर पथराव का मामला सामने आया है। बारात में हुए विवाद को शांत कराने पहुंची पुलिस जब दो घायलों को अस्पताल ले जा रही थी, तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने पुलिस वाहन पर पत्थर फेंक दिया। हमले में वाहन का साइड का शीशा टूट गया। हालांकि, वाहन में सवार सभी पुलिसकर्मी और अन्य लोग सुरक्षित रहे। घटना के बाद आरोपी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के मुताबिक, सोहागपुर थाना क्षेत्र के जमुई गांव में एक बारात आई हुई थी। इसी दौरान किसी बात को लेकर बारातियों और घरातियों के बीच कहासुनी हो गई। कुछ ही देर में विवाद बढ़कर मारपीट में बदल गया। सूचना मिलते ही पुलिस की डायल-112 वाहन एफआरवी-14 मौके पर पहुंची।

मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों पक्षों को समझाइश देकर विवाद शांत कराया। इसके बाद मारपीट में घायल दो लोगों को इलाज के लिए अस्पताल ले जाने के उद्देश्य से डायल-112 वाहन में बैठाया गया।पुलिस वाहन जैसे ही घटनास्थल से कुछ मीटर आगे बढ़ा, तभी किसी अज्ञात व्यक्ति ने वाहन पर पत्थर फेंककर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। डायल-112 में ड्यूटी पर तैनात सहायक उप निरीक्षक शिवराज सिंह ने सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 

छात्र-छात्राओं ने स्वर्ण व रजत पदक जीतकर बढ़ाया मान, बना ओवरऑल उपविजेता, राष्ट्रीय प्रतियोगिता में होगा चयन

*खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर प्रतिभा दिखाने का मिलेगा अवसर*


शहडोल

अशोकनगर में 3 से 5 जुलाई 2026 तक आयोजित 12वीं राज्य स्तरीय जूनियर सेपकटकरा प्रतियोगिता में शहडोल जिले के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए शहडोल ने ओवरऑल उपविजेता बनने का गौरव हासिल किया।

जिला सेपकटकरा संघ के सचिव रामकिशोर चौरसिया ने बताया कि प्रतियोगिता में शहडोल के खिलाड़ियों ने विभिन्न स्पर्धाओं में उल्लेखनीय प्रदर्शन किया। बालक वर्ग ने टीम इवेंट में शानदार खेल दिखाते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि रेगु इवेंट में रजत पदक जीतकर जिले का गौरव बढ़ाया। वहीं बालिका वर्ग ने क्वाड इवेंट में रजत पदक अर्जित कर टीम को ओवरऑल उपविजेता बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। जूनियर राज्य स्तरीय सेपक टेकरा प्रतियोगिता में सेंट्रल एकेडमी विद्यालय के 2 छात्र 3 छात्रा शामिल थे व विजयी रहे जिसमें  4 सिल्वर मेडल 2 गोल्ड मेडल प्राप्त किया गया ।

संघ के सहसचिव संजय सिंह कंघीकार ने बताया कि प्रतियोगिता में जिले से 12 बालक एवं 11 बालिका खिलाड़ियों ने भाग लिया। खिलाड़ियों के उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर आगामी राष्ट्रीय जूनियर सेपकटकरा प्रतियोगिता के लिए चयन किया जाएगा, जिससे जिले के खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा दिखाने का अवसर मिलेगा।

प्रतियोगिता के दौरान शहडोल जिले के चार प्रशिक्षकों संजय सिंह कंघीकार, पंकज सिंह राजपूत, इशिका वर्मा एवं साहिल जायसवाल का चयन निर्णायक मंडल (रेफरी) के रूप में किया गया। रामकिशोर चौरसिया ने मुख्य टीम मैनेजर, अमृतांजलि पटेल ने बालिका कोच तथा उत्तम हलवाई ने बालक कोच के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन किया।

इस शानदार उपलब्धि पर जिला सेपकटकरा संघ के अध्यक्ष अंकुर श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष प्रमोद विश्वकर्मा, सचिव रामकिशोर चौरसिया, सहसचिव संजय सिंह कंघीकार, शांति देवी मेमोरियल पब्लिक स्कूल के संचालक राजन शर्मा, टाइम पब्लिक स्कूल की प्राचार्य रूबी जितेंद्र शुक्ला, सेंट्रल एकेडमी स्कूल के प्राचार्य संजय मिश्रा सहित खिलाड़ियों के परिजनों एवं खेल प्रेमियों ने पूरी टीम को बधाई देते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुरुम के गड्ढो नया बताकर लाखो का खेल, पुराने तालाबो के नाम पर हुआ राशि का आहरण का लगा आरोप


शहडोल 

जिले में डीएमएफ फंड से तालाब निर्माण के नाम पर लाखों खर्च किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि हाईवे निर्माण के दौरान मुरम निकालने से बने गहरे गड्ढों, पुराने तालाबों और नालों को ही दस्तावेजों में नवीन तालाब निर्माण दर्शाकर 20 से 25 लाख रुपये तक की राशि स्वीकृत और भुगतान कर दिया गया।

मामला जनपद पंचायत जयसिंहनगर के जोरा गांव के पास का बताया जा रहा है। रीवा-शहडोल हाईवे निर्माण के दौरान सड़क किनारे मुरम निकालने से करीब दो से ढाई एकड़ क्षेत्र में बड़ा गड्ढा बन गया था। ग्रामीणों का आरोप है कि इसी गड्ढे को नया तालाब बताकर करीब 25 लाख रुपये की स्वीकृति दी गई और खर्च भी दर्शा दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह किसी योजना के तहत बनाया गया जलस्रोत नहीं, बल्कि सड़क निर्माण के दौरान खुदाई से बना गहरा गड्ढा है, जिसमें बारिश के दिनों में पानी भर जाता है।।

जयसिंहनगर ब्लॉक की बरना पंचायत के झिरिया गांव में भी पुराने तालाब को लेकर सवाल उठे हैं। जहां करीब 20 वर्ष पुराना तालाब मौजूद है, जिसकी पाल तीन वर्ष पहले टूट गई थी। आरोप है कि इसकी मरम्मत कराने के बजाय पुराने तालाब को ही नवीन तालाब निर्माण बताकर 20 लाख 56 हजार रुपये की स्वीकृति जारी कर दी गई।

ब्यौहारी ब्लॉक के तेंदुआ गांव में बाणसागर डैम किनारे स्थित दर्री नाले को लेकर भी विवाद है। जानकारी के अनुसार, नाले की पुलिया और पिचिंग का काम पहले ही डीएमएफ मद से करीब 12 लाख रुपये में कराया जा चुका था। इसके बाद उसी स्थान को सांसद प्रस्ताव के माध्यम से करीब 25 लाख रुपये की लागत से नवीन तालाब निर्माण बताकर स्वीकृति दिए जाने का आरोप है। 

इस मामले में कलेक्टर डॉ. केदार सिंह ने कहा है कि डीएमएफ से पुराने तालाब नहीं बनाए जाते। उनके संज्ञान में आए मामलों की जिला स्तर पर टीम गठित कर जांच कराई जाएगी और अनियमितता मिलने पर सख्त कार्रवाई होगी।

जिला सीईओ पर महिला सरपंच ने आपत्तिजनक, अमर्यादित भाषा बोलने का लगाया आरोप, कमिश्नर से हुई शिकायत


शहडोल 

जिले के जनपद पंचायत सोहागपुर के अंतर्गत ग्राम पंचायत बोडरी की आदिवासी महिला सरपंच गनेसिया कोल ने जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी शिवम प्रजापति पर आपत्तिजनक और अमर्यादित व्यवहार करने का आरोप लगाया है। महिला सरपंच का कहना है कि पंचायत की समस्या लेकर गए होने के बावजूद जिला पंचायत सीईओ ने उनके साथ न सिर्फ अभद्र व्यवहार किया बल्कि सरेआम गाली-गलौज की। दीं। इस घोर अपमान से आहत जनप्रतिनिधि ने अब शहडोल संभाग के कमिश्नर से लिखित शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है।

शिकायत के अनुसार जनपद पंचायत सोहागपुर के ग्राम पंचायत बोडरी में पिछले चार महीनों से पंचायत सचिव का पद रिक्त है। जिसकी वजह से ग्रामीणों के जरूरी काम और क्षेत्र के विकास कार्य पूरी तरह से ठप्प पड़े हैं। इस समस्या के निराकरण के लिए महिला सरपंच गनेसिया कोल अपने जिला स्थित मुख्य कार्यपालन अधिकारी के कार्यालय पहुंची थी। 

सरपंच गनेसिया कोल ने कमिश्नर को सौंपे अपने शिकायत पत्र में बताया कि जब वे अपनी बात लेकर सीईओ के कक्ष में गईं तो अधिकारी ने उनकी बात सुनने के बजाय अचानक भड़क गए। इस दौरान सीईओ ने उनके साथ गाली-गलौज की बल्कि अभद्र भाषा का प्रयोग कर मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया। घटना के तुरंत बाद पीड़ित महिला सरपंच ने शहडोल संभाग के कमिश्नर कार्यालय पहुंचकर मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई है।

जर्जर दीवार गिरी, मलबे में दब गए तीन बच्चे, सिर पैर में गंभीर चोट, अस्पताल में भर्ती


शहडोल 

जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। रेलवे इंस्टिट्यूट के पास स्थित रेलवे की एक पुरानी और जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। उस समय दीवार के पास तीन बच्चे खेल रहे थे, जो मलबे की चपेट में आ गए। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनते ही घटनास्थल की ओर दौड़ लगाई और तत्काल राहत कार्य शुरू किया।

स्थानीय लोगों ने बिना देर किए दीवार का मलबा हटाकर तीनों बच्चों को बाहर निकाला। घायल बच्चों की हालत गंभीर होने पर उन्हें तत्काल शहडोल के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। चिकित्सकों के अनुसार बच्चों के सिर और पैरों में गंभीर चोटें आई हैं। कुछ बच्चों को फ्रैक्चर होने के साथ हेड इंजरी भी बताई गई है। फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका उपचार चल रहा है।

जानकारी के अनुसार हादसे में घायल बच्चों की पहचान यश कुमार, निशांत कुमार और अंशुमन पांडे के रूप में हुई है। तीनों की उम्र करीब 10 से 12 वर्ष के बीच बताई जा रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक दीवार काफी पुरानी और जर्जर थी। अचानक उसके गिरने से बच्चों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे सीधे मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय लोगों की तत्परता के कारण बच्चों को समय रहते बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया।

आदित्य सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में, आधुनिक कैथ लैब का होगा शुभारंभ, स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेंगी नई दिशा


शहडोल

जिले के हृदय रोगियों के लिए राहत भरी खबर है। अब गंभीर हृदय संबंधी जांच और उपचार के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख नहीं करना पड़ेगा। आदित्य सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल में अत्याधुनिक कैथ लैब का शुभारंभ 5 जुलाई को किया जाएगा। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, इस नई सुविधा के शुरू होने से शहडोल सहित अनूपपुर, उमरिया, डिंडौरी और आसपास के जिलों के मरीजों को आधुनिक हृदय चिकित्सा सेवाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी।

अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि कैथ लैब में एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी तथा हृदय रोगों की उन्नत जांच एवं उपचार अत्याधुनिक तकनीक के माध्यम से किए जाएंगे। इससे मरीजों का समय और खर्च दोनों कम होंगे तथा आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित उपचार उपलब्ध कराया जा सकेगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में मरीजों को बेहतर और सुरक्षित चिकित्सा सेवाएं प्रदान करने की व्यवस्था की गई है।

कैथ लैब के शुभारंभ समारोह में क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, वरिष्ठ चिकित्सकों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और गणमान्य नागरिकों को आमंत्रित किया गया है। इस अवसर पर स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों का सम्मान भी किया जाएगा।

अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि यह सुविधा विंध्य क्षेत्र की स्वास्थ्य सेवाओं को नई दिशा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आधुनिक उपकरणों से सुसज्जित कैथ लैब के संचालन से हृदय रोगियों को समय पर उपचार मिलेगा, जिससे गंभीर मरीजों की जान बचाने में भी मदद मिलेगी। यह सुविधा क्षेत्र के लोगों के लिए गुणवत्तापूर्ण और सुलभ स्वास्थ्य सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

बेटी की हत्या की सजा काटकर घर आया व्यक्ति की करंट लगने से हुई मौत


शहडोल

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में करंट की चपेट में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। मृतक चार वर्ष पहले अपनी नाबालिग बेटी की हत्या के मामले में जेल गया था और करीब एक सप्ताह पहले ही जेल से घर लौटा था। 

कुबरा गांव निवासी 40 वर्षीय मनोज कुमार सोनी घर की बिजली लाइन ठीक करने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान वह करंट की चपेट में आ गया। करंट इतना तेज था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर जयसिंहनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर, जांच में जुट गई है।

पुलिस के मुताबिक, करीब चार वर्ष पहले मनोज कुमार सोनी का अपनी पत्नी से विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान उसने लोहे की रॉड से पत्नी पर हमला किया। इसी बीच उनकी पांच वर्षीय बेटी बीच-बचाव करने पहुंच गई और रॉड उसके सिर पर लग गई। गंभीर चोट लगने से मासूम की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, न्यायालय ने उसे जेल भेज दिया।

पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला करंट लगने से हुई आकस्मिक मौत का है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। 

20 हेक्टेयर अतिक्रमण वनभूमि को विभाग ने कराया मुक्त, 500 घन मीटर अवैध भंडारण रेत को किया नष्ट


शहडोल

जिले के केशवाही वन परिक्षेत्र में वन विभाग ने अतिक्रमण के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए करीब 20 हेक्टेयर वनभूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया। अभियान के दौरान 14 निर्मित मड़िया और झाला हटाए गए तथा वनभूमि पर दोबारा कब्जा करने की कोशिश को विफल कर दिया गया।

वन विभाग के अनुसार कार्रवाई केशवाही वन परिक्षेत्र की खमरिया बीट के कक्ष क्रमांक आरएफ-950 में की गई। विभाग को वनभूमि पर अतिक्रमण किए जाने की जानकारी मिलने के बाद अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का निरीक्षण किया और नियमानुसार बेदखली अभियान चलाया। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग से पूरे अभियान को शांतिपूर्ण तरीके से अंजाम दिया गया। विभाग का कहना है कि अभियान के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति नहीं बनी।

केशवाही वन परिक्षेत्र के अधिकारियों ने बताया कि हटाए गए क्षेत्र में दोबारा अतिक्रमण न हो, इसके लिए विशेष इंतजाम किए जाएंगे। आगामी दो से तीन दिनों के भीतर संबंधित वनक्षेत्र में अतिक्रमणरोधी कंटूर ट्रेंच खोदी जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र में बीज बुवाई का कार्य भी कराया जाएगा, ताकि वनभूमि का संरक्षण हो सके और भविष्य में दोबारा कब्जे की संभावना कम हो।

*अवैध रेत भंडारण पर 500 घन मीटर रेत नष्ट*

शहडोल जिले में अवैध खनन और रेत के अवैध भंडारण के खिलाफ प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी क्रम में कलेक्टर के निर्देश पर जयसिंहनगर तहसील के ग्राम बराछ में शासकीय भूमि पर अवैध रूप से भंडारित करीब 500 घन मीटर रेत को जेसीबी मशीनों की मदद से नष्ट किया गया।

प्रशासन के अनुसार, अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) जयसिंहनगर और खनिज अधिकारी के मार्गदर्शन में प्रभारी खनि निरीक्षक शहडोल ने पुलिस विभाग ब्यौहारी के साथ संयुक्त कार्रवाई की। टीम ने मौके पर पहुंचकर शासकीय भूमि पर अवैध रूप से जमा रेत में दो जेसीबी मशीनों से मिट्टी मिलाकर उसका विनष्टीकरण किया, ताकि उसका दोबारा उपयोग न किया जा सके।

गौ-तस्करी के खिलाफ कांग्रेस कौमी एकता ने खोला मोर्चा, आईजी को सौंपा ज्ञापन, एनएसए लगाने की मांग 


​शहडोल

गौ-तस्करी के अवैध कारोबार के खिलाफ अब कांग्रेस कौमी एकता ने मोर्चा खोल दिया है। संभाग के अनूपपुर और शहडोल जिलों से बड़े पैमाने पर हो रही मवेशियों की तस्करी को रोकने के लिए संगठन के पदाधिकारियों ने पुलिस महानिरीक्षक कार्यालय पहुंचकर एक ज्ञापन सौंपा। इस दौरान पुलिस महानिरीक्षक से मांग की गई कि इस काले कारोबार में शामिल अपराधियों के खिलाफ एनएसए (रासुका) जैसी कड़ी कार्रवाई की जाए।

​ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने पुलिस महानिरीक्षक को संभाग में सक्रिय गौ-तस्करों के पूरे नेटवर्क और उनके काम करने के तरीके (मोडस ऑपरेंडी) से अवगत कराया। बताया गया है कि उत्तर प्रदेश से आए फिरोज उर्फ सोनू, अयूब और कादिर अली नाम के व्यक्ति वर्तमान में अनूपपुर जिले के ग्राम लपटा (थाना जैतहरी) में डेरा डाले हुए हैं।

​यह बाहरी तस्कर स्थानीय साथी शीतल राठौर, संजय चौधरी और एवन चौधरी के साथ मिलकर पिकअप वाहनों के जरिए मवेशियों को अनूपपुर के फुनगा, रामपुर, खाड़ा, गिरवा, जैतपुर और चुहरी के रास्ते शहडोल जिले के ग्राम कुदारी (थाना सीधी) तक पहुंचाते हैं।

​शहडोल के कुदारी गांव में इन सभी मवेशियों को एक जगह इकट्ठा किया जाता है। इसके बाद सीधी जिले के छावरी निवासी मुबारक नाम के शख्स की मदद से इन बेजुबान पशुओं को बड़े ट्रकों और कंटेनरों में क्रूरतापूर्वक लोड किया जाता है, जहाँ से इन्हें सीधे उत्तर प्रदेश के उन्नाव स्थित बूचड़खानों में सप्लाई कर दिया जाता है।

आईजी से मांग की है कि इस पूरे अंतर्राज्यीय रैकेट का जल्द से जल्द पर्दाफाश किया जाए और इसमें शामिल सभी आरोपियों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत सख्त से सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि शहडोल संभाग को इस अवैध और अमानवीय कारोबार से पूरी तरह मुक्ति मिल सके।

गिरी आकाशीय बिजली, पेड़ के नीचे बारिश से बचने के लिये खड़े किसान की चपेट में आने से हुई मौत


शहडोल 

जिले में मानसून सक्रिय होने के साथ ही आकाशीय बिजली का खतरा भी बढ़ गया है। सोहागपुर थाना क्षेत्र के बिजौरी गांव में आकाशीय बिजली गिरने से एक किसान की दर्दनाक मौत हो गई। किसान खेत में काम कर रहा था और बारिश से बचने के लिए आम के पेड़ के नीचे रुका था। इसी दौरान बिजली पेड़ पर गिर गई, जिसकी चपेट में आने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान बिजौरी निवासी लल्लू सिंह गोंड (60) के रूप में हुई है। बताया गया कि लल्लू सिंह अपने घर के पास स्थित खेत में कृषि कार्य कर रहे थे। उसी समय अचानक मौसम बदल गया और तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश से बचने के लिए वह खेत में लगे आम के पेड़ के नीचे खड़े हो गए। इसी दौरान तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली पेड़ पर गिरी और उसकी चपेट में आने से किसान गंभीर रूप से झुलस गया।

कुछ देर बाद आसपास के ग्रामीणों की नजर पेड़ के नीचे पड़े किसान पर पड़ी। उन्होंने उसे अचेत अवस्था में देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सोहागपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है।

घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों का कहना है कि मौसम अचानक बदलने के कारण किसान को संभलने का मौका नहीं मिला और वह बारिश से बचने के लिए पेड़ के नीचे चला गया, जो उसके लिए जानलेवा साबित हुआ।

जंगल मे महिला की संदिग्ध अवस्था मे मिला शव, सीवर लाइन ठेकेदार ने सड़क को बनाया दलदल


शहडोल

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के अंतौली जंगल में मंगलवार को एक 30 वर्षीय महिला का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। शुरुआती चर्चाओं में ग्रामीणों ने घटना को टाइगर अटैक बताया, वहीं पुलिस की ओर से भी पहले टाइगर हमले की आशंका जताई गई। हालांकि, वन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में टाइगर अटैक की पुष्टि नहीं हुई है। फिलहाल पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।

मृतका की पहचान उमा सिंह (30), निवासी अंतौली के रूप में हुई है। सुबह वह महुआ की डोरी बिनने जंगल गई थी, लेकिन काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जंगल में उसका शव मिला। शव पर गहरे जख्म होने के कारण ग्रामीणों ने टाइगर के हमले की आशंका जताई। पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वन विभाग के अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। प्रारंभिक जांच के बाद अधिकारियों ने बताया कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इसे टाइगर अटैक नहीं कहा जा सकता। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि महिला की मौत किस कारण से हुई है। 

*सीवर लाइन ठेकेदार ने सड़क को बनाया दलदल* 

शहडोल नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 11/15 स्थित रीवा रोड पर मदन एजेंसी के पीछे की सड़क इन दिनों लोगों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। सीवर लाइन बिछाने के दौरान सड़क के बीचों-बीच बड़ा गड्ढा खोदा गया था। स्थानीय लोगों के विरोध के बाद निर्माण एजेंसी ने गड्ढे को मिट्टी से भर तो दिया, लेकिन सड़क की कंक्रीट मरम्मत नहीं कराई। लगातार हो रही बारिश के कारण पूरी सड़क कीचड़ और फिसलन से भर गई है।

स्थिति यह है कि सड़क पर पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया चार पहिया वाहनों के पहिए बार-बार फिसल रहे हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। सबसे अधिक परेशानी उन स्कूली बच्चों और बुजुर्गों को हो रही है, जिन्हें प्रतिदिन इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है। स्थानीय रहवासियों का कहना है कि बारिश के दौरान सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है और कई लोग फिसलकर चोटिल भी हो चुके हैं।

रहवासियों का आरोप है कि सीवर लाइन का कार्य पूरा होने के बाद सड़क को पूर्व स्थिति में बहाल करने की जिम्मेदारी संबंधित एजेंसी की थी, स्थानीय नागरिकों ने नगर पालिका से जल्द सड़क पर कंक्रीट कराकर आवागमन सुगम बनाने की मांग की है। 


अंतर्राज्यीय फरार गांजा तस्कर को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल

जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना अमलाई पुलिस को बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। थाना अमलाई में एनडीपीएस एक्ट एवं आर्म्स एक्ट के प्रकरण में फरार चल रहे कुख्यात अंतर्राज्यीय गांजा तस्कर दीपक सिंह उर्फ दीपू को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी दीपक सिंह उर्फ दीपू पिता दिनेश बहादुर सिंह निवासी ग्राम पकरिया, थाना कोतमा, जिला अनूपपुर (म.प्र.) वर्ष 2023 से थाना कोतमा के एक प्रकरण में भी लगातार फरार चल रहा था। आरोपी के विरुद्ध थाना बुढार में वर्ष 2014 में लगभग 10 क्विंटल गांजा जप्त होने के मामले में भी कार्रवाई की जा चुकी है। आरोपी के विरुद्ध शहडोल संभाग के विभिन्न थानों के अतिरिक्त छत्तीसगढ़ एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में गांजा तस्करी सहित अन्य अपराधों के 25 से अधिक प्रकरण दर्ज हैं। थाना अमलाई के उक्त प्रकरण में पूर्व में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

कब जागेंगे कुम्भकर्णी नींद से मंत्री, सांसद व विधायक, सोते हुए नही होगा विकास, कराह रही है जनता- मनीष श्रीवास्तव

*दूसरो की उपलब्धि को अपना बताकर वाहवाही लूटकर, जनता को बना रहे हैं बेबकूफ*


शहडोल

मध्यप्रदेश कांग्रेस कमेटी विधि विभाग मध्यप्रदेश के उपाध्यक्ष- मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि, शहडोल क्षेत्र के सांसद विधायक और मंत्री अगर अपनी कुंभकरणीय नींद से जाग जाएं, जिस जनता के वोटों से चुनाव जीते हैं उनके प्रति कुछ कार्य करने की अगर रुचि बना सके क्षेत्र की जनता के जनहित में कार्य कर सकें तो केवल रेलवे क्षेत्र के विकास से ही शहडोल का बहुत बड़ा विकास होगा। वैसे जनप्रतिनिधि दूसरे की उपलब्धि को अपना बताकर जनता के सामने वाहवाही लूटकर फूले नही समा रहे हैं। अंध भक्त भी खूब प्रचार कर रहे हैं।

उन्होंने कहा कि, शहडोल के जनप्रतिनिधि अगर चाहे तो शहडोल को रेलवे का जंक्शन बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकता है, शहडोल से रीवा, शहडोल से मंडला, शहडोल से जबलपुर सीधी रेलवे लाइन की सुविधा दी जा सकती है। शहडोल से गोहपारू-जैसिहनगर- ब्योहारी होकर रीवा। शहडोल से डिंडोरी- अमरपुर- मोहगांव होकर मंडला। शहडोल से शाहपुरा- कुंडम होकर जबलपुर।

मनीष श्रीवास्तव ने कहा कि,सीधी रेलवे लाइन सुविधा से शहडोल संभाग के साथ-साथ उक्त सभी क्षेत्रों का विकास होगा और शहडोल के साथ ही मंडला- ब्योहारी और रीवा भी जंक्शन बन जाएगा।

 उन्होंने कहा कि शहडोल के जनप्रतिनिधियों को छोड़कर आसपास में रीवा सतना जबलपुर के सांसद और विधायक चाहे वह किसी भी पार्टी के हो क्षेत्र के विकास के लिए एक होकर रेल मंत्री से अपनी मांगों को लगातार पूरा कराते चले आ रहे हैं लेकिन सैकड़ो सलाह देने के बाद भी शहडोल संभाग के जनप्रतिनिधि अपनी कुंभकरणीय नींद से जाग नहीं रहे ऐसा लगता है इनकी सोच, विचार सब खत्म हो गए हैं और यह प्रतीत होता है कि यह सभी शहडोल संभाग के क्षेत्र के विकास के लिए बिल्कुल अनुपयोगी और नकारा साबित हो रहे हैं।

मनीष श्रीवास्तव ने बताया कि,जंक्शन बनने से यात्रियों और शहडोल क्षेत्र दोनों को कई लाभ मिलेंगे। नई रेल कनेक्टिविटी विभिन्न शहरों और राज्यों के लिए सीधे या बेहतर रेल संपर्क उपलब्ध होते हैं। यात्रियों को ट्रेन बदलने की सुविधा, एक ही स्टेशन पर दूसरी दिशा की ट्रेन पकड़ना आसान हो जाता है। रेलवे सुविधाओं का विस्तार, अतिरिक्त प्लेटफॉर्म, यार्ड, अच्छे प्रतीक्षालय, पार्किंग, फुटओवर ब्रिज, एस्केलेटर आदि विकसित किए जाते हैं। माल ढुलाई (Freight) में वृद्धि उद्योगों, व्यापारियों और किसानों को सामान भेजने और मंगाने की बेहतर सुविधा मिलती है। स्थानीय व्यापार और रोजगार में बढ़ोतरी होटल, रेस्टोरेंट, परिवहन और अन्य व्यवसायों को लाभ होता है। क्षेत्र का आर्थिक विकास निवेश और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है। रेलवे का प्रशासनिक महत्व बढ़ता है,कई बार अतिरिक्त रेलवे कार्यालय, रखरखाव सुविधाएं और कर्मचारियों की नियुक्ति होती है।

उन्होंने बताया कि उपरोक्त संबंध में रेल मंत्री और रेल महाप्रबंधक को पत्रों के द्वारा इस संबंध में बताया गया है और मांग रखी गई है अब देखना यह है कि स्थानीय जनप्रतिनिधि इस संबंध में क्या पहल करते हैं और इस मांग को पूरा कर पाते हैं या नहीं।।

समस्याओं पर नगरपालिका में मचा घमासान, नेता प्रतिपक्ष ने ज्ञापन सौंप अनिश्चितकालीन धरने की दी चेतावनी


शहडोल

नगर पालिका परिषद शहडोल में विकास कार्यों और मूलभूत सुविधाओं को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया है। वार्ड क्रमांक 29 के पार्षद एवं नगर पालिका परिषद के नेता प्रतिपक्ष शक्ति लक्षाकर ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) को ज्ञापन सौंपकर नगर परिषद की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। साथ ही चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आमजन के साथ नगर पालिका कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।

शक्ति लक्षाकर ने आरोप लगाया कि पिछले चार वर्षों से लगातार शिकायतें और मांगें उठाने के बावजूद नगर के विभिन्न वार्डों में साफ-सफाई, पेयजल, सड़क, नाली, स्ट्रीट लाइट तथा जल निकासी जैसी मूलभूत समस्याओं का निराकरण नहीं किया गया है। उन्होंने कहा कि कई क्षेत्रों में नालियों की नियमित सफाई नहीं होने से बारिश के दौरान जलभराव की स्थिति बन जाती है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि नगर के कई वार्डों में विकास कार्यों के टेंडर लंबे समय से लंबित पड़े हैं, जिसके कारण नागरिकों को आवश्यक सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। उनका कहना है कि अधिकारियों की उदासीनता और लापरवाही से वार्डों का विकास प्रभावित हो रहा है।

नेता प्रतिपक्ष ने बताया कि परिषद की बैठकों में कई बार विकास कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा कराने की मांग उठाई गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 29 सहित अन्य क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था की बदहाली और जलभराव की समस्या पर चिंता जताई।

शक्ति लक्षाकर ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई नहीं की गई तो वे आम नागरिकों को साथ लेकर आंदोलन शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति में उत्पन्न होने वाले हालात की पूरी जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन की होगी।

तेज रफ्तार ट्रक ने मासूम को कुचलकर हुआ फरार, ड्राइवर हुआ गिरफ्तार, अस्पताल में चल रहा है इलाज


शहडोल

जिले के सुदूर ग्रामीण अंचल पहड़िया में रहने वाले बुजुर्ग श्यामसुंदर भूर्तिया के घर पर मुंबई में मजदूरी करने वाले दामाद का 5 वर्षीय बेटा जनार्दन अपनी मां अंजना के साथ नानी के घर छुट्टियां बिताने आया था। सुबह जब मासूम जनार्दन घर के सामने बेफिक्र होकर खेल रहा था, तभी व्यौहारी रोड की तरफ से यमदूत बनकर आए एक तेज रफ्तार ट्रक (KA 01 AT 2595) ने उसे बेरहमी से कुचल दिया और चालक वाहन लेकर भाग निकला। चीख-पुकार के बीच जब मां अंजना दौड़कर बाहर आई, तो कलेजे के टुकड़े को खून से लथपथ तड़पता देख उसकी रूह कांप गई। सिर और पैर से बहते खून को देख मां का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।

शहडोल के आदित्य हॉस्पिटल के आईसीयू में भर्ती हैं। मुंबई में दिन-रात पसीना बहाकर दो वक्त की रोटी कमाने वाले पिता के पास इतने महंगे इलाज के पैसे नहीं हैं। अस्पताल के भारी-भरकम खर्च और आईसीयू के डर ने परिवार को भीतर से तोड़ दिया है। जो मां-बाप कल तक अपने बच्चे के उज्ज्वल भविष्य के सपने देख रहे थे, आज वे अस्पताल में बैठकर रो  रहे हैं।

मासूम के शरीर से इतना खून बह चुका था कि डॉक्टरों को लगातार रक्त चढ़ाना पड़ रहा था। पिता व मामा ने खून दिया, तंगी से जूझते परिवार ने पाई-पाई जोड़कर 4500 रुपए में महज एमएल खून खरीदा। इस बीच जब सोशल मीडिया पर मासूम की जिंदगी के लिए A+ ब्लड की मार्मिक गुहार लगी, तो धनपुरी निवासी विष्णुकान्त शुक्ला की इंसानियत जाग उठी। वे जिला अस्पताल पहुंचे और निस्वार्थ भाव से रक्तदान किया, जिससे मासूम को नई जिंदगी मिली।

हादसे के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से गुहार लगाई है कि दुर्घटना करके भागने वाले चालक पर कड़ी से कड़ी धाराएं लगाई जाएं ताकि उन्हें न्याय मिल सके। इधर, मामले में पुलिस प्रशासन द्वारा कार्रवाई करते हुए न्यायालय में चालान पेश कर दिया गया। वाहन और चालक दोनों को जमानत मिल गई।

सोन नदी में मछली पकड़ने के दौरान करंट से हुई थी मौत, फरार आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल 

जिले के पपौंध थाना क्षेत्र स्थित सरसी गांव में सोन नदी में करंट लगाकर मछली पकड़ने के दौरान एक युवक की मौत के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के बाद फरार हुए आरोपी को जांच के दौरान चिन्हित कर पकड़ा गया। न्यायालय में पेशी के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 19 जून को सरसी निवासी रजनीश लेनी (28) और शंकर लोनी सोन नदी के किनारे करंट लगाकर मछली पकड़ रहे थे। बताया गया कि दोनों ने नदी किनारे स्थित एक खेत से बिजली का अवैध कनेक्शन लेकर नदी में करंट प्रवाहित किया था। इसी दौरान रजनीश करंट की चपेट में आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई।

घटना के बाद शंकर लोनी अपने साथी को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। वहीं शव पड़े होने की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पपौंध थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस को मौके से बिजली के तार और अन्य सामग्री बरामद हुई, जिससे करंट लगाकर मछली पकड़ने की पुष्टि हुई।

पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू की। जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर पुलिस ने आरोपी शंकर लोनी की तलाश शुरू की। सोमवार को उसे गिरफ्तार कर पूछताछ की गई, जिसमें उसने घटना के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया।

अस्पताल में बच्चा चोर समझकर युवक की कर दी पिटाई, महुआ का पेड़ गिरा बैल की हुई मौत


शहडोल 

शहडोल कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में अज्ञात युवक अस्पताल परिसर में पहुंचकर एक बच्चे को बिस्किट खिलाने लगा और उसे गोद में उठा लिया। युवक की इस हरकत से बच्चे के परिजनों को संदेह हुआ कि वह बच्चा चोर हो सकता है। देखते ही देखते अस्पताल में मौजूद लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया और युवक को घेरकर उसकी पिटाई कर दी।

घटना की जानकारी अस्पताल प्रबंधन को मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को भीड़ से सुरक्षित निकालकर अपने कब्जे में लिया। बताया जा रहा है कि पुलिस वाहन में बैठाने के दौरान भी कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की।

मामला कोतवाली थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने युवक की पहचान और उसके बारे में जानकारी जुटाई। जांच में पता चला कि युवक बुढार क्षेत्र का निवासी है। उसकी पत्नी से पारिवारिक विवाद चल रहा था और वह मायके में रह रही थी। युवक के अनुसार, उसकी पत्नी ने फोन पर तबीयत खराब होने की जानकारी दी थी, जिसके बाद वह पाली रोड स्थित निजी अस्पताल पहुंचा था।

युवक ने पुलिस को बताया कि वह अस्पताल में पत्नी के आने का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान उसने वहां मौजूद एक बच्चे को बिस्किट खिलाया और गोद में उठा लिया। पूछताछ के दौरान यह भी पता चला कि युवक नशे की हालत में था। प्रारंभिक जांच के आधार पर पुलिस का कहना है कि लोगों ने गलतफहमी में उसके साथ मारपीट की। आवश्यक कार्रवाई और पूछताछ के बाद युवक को उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।

तेज आंधी तूफान से गिरा पेड़, बैल की हुई मौत*


जिला मुख्यालय अनूपपुर के कोतवाली थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत औढेरा के राजस्व ग्राम बडहर मे अचानक तेज आंधी पानी तूफान से एक विशाल का महुआ का पेड़ के जड़ सहित गिरने से महुआ का डोरी फल खा रहा एक 6 वर्ष का बैल की पेड़ में दबने से मौत हो गयी, घटना की जानकारी मिलने पर पशु मालिक माना नायक पिता बीरबल नायक द्वारा तहसीलदार एवं कोतवाली थाना अनूपपुर को सूचना देते हुए कार्यवाही करने के लिए अनुरोध किया, वर्षा काल के प्रारंभ होते ही वन क्षेत्रो से लगे ग्रामीण अंचलों में एक माह के मध्य अनेको बार अचानक आंधी तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने, विशालकाय विभिन्न तरह के पेड़/पौधों के गिरने की घटनाएं बढ़ रही है, जिससे अब तक दो ग्रामीणों के पालतू मवेशी गाभिन भैंस एवं जवान बैल की मृत्यु की घटना हो चुकी है। पशु चिकित्सा विभाग द्वारा घटना स्थल पर पहुंचकर मृत मवेशी के शव का पीएम किया वहीं हल्का पटवारी औढेरा द्वारा पंचनामा तैयार कर के साथ राहत प्रकरण तैयार किया।

खनिज के अवैध उत्तखनन, परिवहन व भंडारण के 97 मामलों पर 29 लाख का जुर्माना


शहडोल

जिले में खनिजों के अवैध उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण पर प्रभावी रोक लगाने के लिए खनिज विभाग, राजस्व विभाग, पुलिस विभाग एवं वन विभाग के संयुक्त दलों द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही है।

जिला खनिज अधिकारी से प्राप्त जानकारी के अनुसार अवैध रेत परिवहन, भंडारण एवं उत्खनन के 87 प्रकरणों में कुल 25,89,232 रुपये की राशि अधिरोपित की गई है। वहीं अवैध कोयला उत्खनन, परिवहन एवं भंडारण के 10 प्रकरणों में 3,12,823 रुपये की राशि अधिरोपित की गई है। इस प्रकार जिले में कुल 97 प्रकरणों में 29,02,055 रुपये की राशि अधिरोपित की गई है।

रेत संबंधी प्रकरणों में 28 मार्च 2026 को ग्राम नरवार (तहसील सोहागपुर) में 30 घनमीटर खनिज रेत का विनष्टीकरण किया गया। 12 मई 2026 को ग्राम टिहकी (तहसील जयसिंहनगर) में 24 घनमीटर रेत जब्त की गई। 27 मई 2026 को तहसील ब्यौहारी के ग्राम मनटोला एवं भमरहा में अवैध भंडारित 200 घनमीटर रेत का विनष्टीकरण किया गया। 29 मई 2026 को ग्राम डोंगरीटोला (तहसील जैतपुर) में चार स्थानों पर अवैध भंडारित रेत का विनष्टीकरण किया गया। 5 जून 2026 को ग्राम बिरोड़ी एवं पैरीबहरा में कुल 105 घनमीटर रेत का विनष्टीकरण किया गया। वहीं 12 जून 2026 को ग्राम जमोड़ी एवं नौढिया (तहसील ब्यौहारी) में 200 घनमीटर अवैध भंडारित रेत का विनष्टीकरण किया गया।

कोयला संबंधी मामलों में 8 अप्रैल 2026 को ग्राम कुम्हारी (तहसील जैतपुर) में अवैध उत्खनन के दौरान एक जेसीबी मशीन जब्त कर प्रकरण दर्ज किया गया। 11 मई 2026 को ग्राम लालपुर में एक जेसीबी एवं एक ट्रैक्टर जब्त किया गया। 9 जून 2026 को ग्राम केशवाही क्षेत्र में अवैध उत्खनन से बने चार बड़े गड्ढों को भरवाकर उत्खनन को बाधित किया गया। 14 जून 2026 को ग्राम बटुरा (तहसील बुढार) में संयुक्त कार्रवाई के दौरान 10 टन कोयला जब्त किया गया। इसके बाद 18 जून 2026 को पुलिस, राजस्व एवं खनिज विभाग की संयुक्त टीम द्वारा ग्राम बटुरा में लगभग 80 टन अवैध उत्खनित कोयला जब्त किया गया।

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