दुर्गा मंदिर का पुजारी युवती को शादी का झांसा देकर करता रहा शरीरिक शोषण, मामला दर्ज, आरोपी फरार


शहडोल

जिला मुख्यालय के प्रसिद्ध गंज दुर्गा मंदिर के पुजारी पर शादी का झांसा देकर वर्षों तक एक युवती के साथ दुराचार करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर आरोपी पुजारी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। आरोपी फिलहाल फरार है।

आरोपी की पहचान आशीष राज तिवारी उर्फ छोटू पिता अनंत राज तिवारी, निवासी विराटेश्वरी धाम, गंज दुर्गा मंदिर, शहडोल के रूप में हुई है। वह इस प्रतिष्ठित मंदिर में पुजारी के पद पर कार्यरत था और धार्मिक आस्था की आड़ में उसने पीड़िता के साथ वर्षों तक छल किया।

पीड़िता मूलतः सीधी जिले की रहने वाली है। उसकी बड़ी बहन शहडोल में निवास करती है, जिसके कारण उसका शहडोल आना-जाना लगा रहता था। वर्ष 2017 में तबीयत खराब होने पर वह दुर्गा मंदिर दर्शन के लिए गई, जहां पुजारी आशीष से उसकी पहचान हुई। आशीष ने उसका मोबाइल नंबर लिया और धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया, जो आगे चलकर प्रेम संबंध में बदल गया।

पीड़िता के अनुसार, आरोपी आशीष उसके घर सीधी पहुंचा और उसके माता-पिता के सामने बड़ी चालाकी से बोला मैं आपकी बेटी से शादी करूंगा। मुझे जात-पात से कोई लेना-देना नहीं है। इस झूठे आश्वासन पर परिवार ने भरोसा किया और युवती को उसके साथ जाने की अनुमति दे दी। आरोपी उसे सीधी से रीवा ले गया, जहां किराए का मकान लेकर उसने 2 से 3 साल तक पीड़िता को रखा और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। जब भी पीड़िता शादी की मांग करती, आरोपी यह कहकर टाल देता कि मेरी बहन की शादी हो जाए, फिर तुम्हें शहडोल ले चलूंगा और विधिवत विवाह करूंगा।

वर्ष 2021 में आरोपी पीड़िता को रीवा से शहडोल ले आया और यहां भी किराए का मकान लेकर उसके साथ शारीरिक शोषण का सिलसिला जारी रखा। पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना शहडोल में आरोपी के विरुद्ध निम्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है ।भारतीय न्याय संहिता की धारा 69** (शादी का झांसा देकर दुराचार) भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3)** (आपराधिक धमकी) SC/ST अधिनियम की धारा 3(1)(W)(II) एवं 3(2)(V) मामला दर्ज कर लिया है।

पेट दर्द की बीमारी के कारण युवती ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, तीन माह से थी परेशान


शहडोल 

जिले के पपौंध थाना क्षेत्र अंतर्गत बहेरिया गांव में 19 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि युवती पिछले तीन महीनों से लगातार पेट दर्द से परेशान थी। परिजन उसका स्थानीय अस्पताल में उपचार करवा रहे थे, लेकिन दर्द में सुधार नहीं होने से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगी थी।

पुलिस के अनुसार बहेरिया निवासी कुमारी शालिनी सिंह (19) ने अपने घर के कमरे में फांसी लगा ली। घटना के समय परिजन घर पर ही मौजूद थे। सुबह के समय उसे तेज पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। परिवार के लोगों को लगा कि वह आराम कर रही है, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आने पर उसकी मां कमरे के पास पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था। जब झांककर देखा गया तो शालिनी फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी।

घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विजेन्द्र मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम करवाया है। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रारंभिक जांच में परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शालिनी के पेट में पिछले तीन माह से असहनीय दर्द रहता था, जिसके कारण वह रातभर सो नहीं पाती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है, जिससे उसे बड़े अस्पताल में दिखाना संभव नहीं हो सका। स्थानीय स्तर पर इलाज जारी था, लेकिन दर्द में कमी नहीं आई।

बूचड़खाने ले जा रहे 21 मवेशियों से भरा ट्रक पुलिस ने पकड़ा, 3 आरोपी गिरफ्तार


शहडोल

गोहपारू पुलिस ने बूचड़खाने ले जाए जा रहे मवेशियों से भरे ट्रक को पकड़कर पशु तस्करी का भंडाफोड़ किया है। गुरुवार तड़के करीब 5 बजे थाना क्षेत्र के फॉरेस्ट बेरियल के पास की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 21 नग मवेशियों को मुक्त कराया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। ट्रक अनूपपुर जिले से उत्तर प्रदेश की ओर जा रहा था, जिसे पहले ही रोक लिया गया।

पुलिस के अनुसार, बुधवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश पासिंग एक ट्रक में अवैध रूप से मवेशियों की तस्करी की जा रही है। मुखबिर ने वाहन का नंबर और रंग भी बताया। सूचना मिलते ही पुलिस ने रणनीति बनाकर फॉरेस्ट बेरियल के पास बेरियर बंद कराया और आगे एक निजी ट्रक खड़ा कर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। जैसे ही संदिग्ध ट्रक वहां पहुंचा, उसे रोककर तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान ट्रक में ठूंस-ठूंसकर भरे गए लगभग 21 मवेशी पाए गए। मौके पर डायल 112 के दो वाहन और थाने से अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस को देखकर आरोपी भागने की फिराक में थे, लेकिन पहले से की गई घेराबंदी के कारण वे सफल नहीं हो सके। चालक सहित दो अन्य आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस का कहना है कि बरामद मवेशियों को बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। सभी मवेशियों को सुरक्षित निकालकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर पूछताछ जारी है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही झींक बिजुरी चौकी पुलिस ने जंगलों के रास्ते पैदल मवेशियों की तस्करी करते एक आरोपी को गिरफ्तार कर 6 नग मवेशियों को तस्कर के कब्जे से मुक्त कराया था।

रिहायशी क्षेत्र में सड़क किनारे फेंक रहे हैं अस्पताल का बायो वेस्ट, इंसानो व जानवरो की लिए बना खतरा


शहडोल 

जिले के बुढार नगर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो ना सिर्फ इंसानियत को शर्मसार करती है बल्कि हमारे स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर लापरवाही को भी उजागर करती है। हनुमान मंदिर के ठीक बगल में सड़क किनारे खुलेआम फेंका गया मेडिकल बायो वेस्ट अब बेजुबान गोवंश के लिए मौत का सामान बनता जा रहा है। इंजेक्शन, नीडल और दवाइयों के खतरनाक कचरे को चारे की तरह खा रहे मवेशी… और रिहायशी इलाके में मंडराता संक्रमण का खतरा, खुले में फेंका गया ये मेडिकल कचरा ना सिर्फ पर्यावरण के लिए खतरा है बल्कि इंसानों और बेजुबान पशुओं की जान से खिलवाड़ भी है।

जिले के बुढार ब्लॉक अंतर्गत गोपालपुर मार्ग में स्थित हनुमान मंदिर के ठीक बगल में एक बेहद चिंताजनक और लापरवाही भरा मामला सामने आया है, जहां हॉस्पिटल संचालकों द्वारा मेडिकल बायो वेस्ट को खुलेआम सड़क किनारे फेंक दिया गया है। फेंके गए कचरे में उपयोग किए गए इंजेक्शन, सुइयां (नीडल), दवाइयों की शीशियां एवं अन्य खतरनाक मेडिकल अपशिष्ट शामिल हैं, जो सीधे तौर पर लोगों और मवेशियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं।

स्थानीय निवासी नरेंद्र तिवारी ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि वे आज सुबह अपने साथियों के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी उनकी नजर हनुमान मंदिर के पास सड़क किनारे पड़े मेडिकल कचरे के ढेर पर पड़ी। हैरानी की बात यह रही कि आसपास कई गोवंश इस कचरे के बीच विचरण कर रहे थे और उसे चारे की तरह ग्रहण कर रहे थे, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

रिहायशी इलाके में इस प्रकार बायो वेस्ट फेंके जाने से संक्रमण फैलने का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। ज्ञात हो कि बुढार नगर में कई निजी क्लिनिक संचालित हैं, जहां से निकलने वाले मेडिकल अपशिष्टों का उचित निस्तारण न कर उन्हें खुले में फेंक दिया जाता है, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

लोगो ने इस गंभीर लापरवाही पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रशासन से मांग की है कि मेडिकल वेस्ट खुले में फेंकने वाले जिम्मेदार क्लीनिक संचालकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

बिना सूचना दिए काटी दी बिजली, अंधेरे में रात बिताने को मजबूर पीड़ित परिवार 


शहडोल

शहडोल का बिजली विभाग हमेशा अपनी लापरवाही को लेकर चर्चा में रहता है। यहां के कर्मचारी बिना उपभोक्ता को सूचना दिए घर में जाकर बिजली काटने का काम कर रहे है। ऐसा ही एक मामला तहसील जयसिंहनगर के ग्राम पंचायत नवाटोला अंतर्गत ग्राम चंदौरा का सामने आया है। ग्राम चंदौरा के पीड़ित मेलाराम साहू के घर में मीटर रीडर ने जाकर बिना सूचना देकर एक सप्ताह पूर्व बिजली काट दी गई। इससे साहू परिवार अब अंधेरे में रात बिता रहा है। मामले की जानकारी से विभागीय अधिकारी को अवगत कराया गया, लेकिन वे कुछ सुनने को तैयार नहीं हैं।

पीड़ित मेलाराम साहू ने बताया कि 12 फरवरी को बिजली विभाग के मीटर रीडर राजेंद्र मरावी उनके घर आए। उनसे पूछने पर मीटर रीडर का कहना था कि 1200 रुपये दीजिए, नहीं तो हम बिजली काट देंगे। पैसे नहीं देने पर बिजली काट दी गई। इतना ही नहीं मीटर रीडर के पास कोई पहचान पत्र तक नहीं था। ऐसे में विभाग निजी कर्मचारियों को उपभोक्ता के घर में भेजकर दबंगाई दिखवा कर राशि वसूलने जैसे कार्य करवा रहे हैं। यदि गांव के लोग समय पर राशि नहीं देते है तो खुद को अधिकारी समझकर बिजली काट देते है। जबकि नियमानुसार बिजली काटने के पूर्व विभाग को नोटिस या सूचना देकर उपभोक्ता को अवगत करना चाहिए होता है। यहां पर ऐसा नहीं किया गया, बल्कि सीधे मीटर रीडर ने डरा धमकाते हुए कहा है कि जो करना है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा और खंभे से वायरिंग काट दी गई। इसके बाद से पूरा परिवार अंधेरे में रात बिता रहा है।

मुड़ना नाला में बोरे में मिली अज्ञात युवती का शव, हत्या की आशंका, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दूधी गांव स्थित मुड़ना नाला में बोरे में बंधी अज्ञात युवती की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। रविवार दोपहर खेत में सिंचाई के लिए पंप लगाने गए एक किसान ने नाले में पानी के बीच पड़ा एक बोरा देखा, जिससे तेज बदबू आ रही थी। संदेह होने पर किसान ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने बोरे को खुलवाया तो उसके भीतर करीब 30 वर्षीया अज्ञात युवती का शव मिला। पुलिस के अनुसार शव लगभग तीन से चार दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। बोरा मजबूती से बंधा हुआ था और उसमें पत्थर भी रखे गए थे, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या कर शव को ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।घटना की जानकारी लगते ही गांव के लोग भी मौके पर पहुंचे है। मौके पर पुलिस एवं एफएसएल की टीम भी जांच करने पहुंची।

सिंहपुर थाना प्रभारी एम.एल. रहगडाले ने बताया कि युवती के दाहिने हाथ पर “D.R.” गुदा हुआ है, जबकि गदेली (हथेली के पास) पर ‘ॐ’ का निशान बना है। इन चिन्हों के आधार पर पहचान की कोशिश की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि सिंहपुर थाना क्षेत्र में इस उम्र की किसी युवती की गुमशुदगी दर्ज नहीं है, लेकिन कोतवाली थाना में दर्ज एक गुम इंसान की उम्र इस शव से मिलती-जुलती है। 

इसकी सूचना संबंधित थाना पुलिस को दे दी गई है।फिलहाल शव को अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आसपास के क्षेत्रों में भी गुमशुदगी की जानकारी जुटाई जा रही है। घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

अवैध उत्खनन की कार्यवाही करके लौट रही वन विभाग की टीम पर हमले के तीन आरोपी गिरफ्तार


शहडोल

कोयले के अवैध उत्खनन की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची वन टीम पर हमले के मामले में सोहागपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार शाम पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में इस कार्रवाई का खुलासा किया गया।

जानकारी के अनुसार बीते दिनों सोहागपुर क्षेत्र के खेतौली गांव में कोयला उत्खनन एवं परिवहन की सूचना पर वन परिक्षेत्राधिकारी रामनरेश विश्वकर्मा के नेतृत्व में वन अमला मौके पर पहुंचा था। इसी दौरान आरोपियों ने टीम के साथ दुर्व्यवहार करते हुए हमला कर दिया और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। घटना के बाद रेंजर रामनरेश विश्वकर्मा की शिकायत पर थाना सोहागपुर में अपराध दर्ज किया गया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की। जांच के दौरान आरोपी राजू सिंह उर्फ राकेश सिंह (50 वर्ष), चिन्टू सिंह उर्फ जितेन्द्र सिंह (34 वर्ष) तथा बेटन सिंह उर्फ बृजेश सिंह (54 वर्ष), सभी निवासी ग्राम बड़खेरा थाना सोहागपुर जिला शहडोल, को विधिवत गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय शहडोल में पेश किया गया है।

पुलिस का कहना है कि प्रकरण की जांच जारी है और अवैध उत्खनन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। शासकीय कार्य में बाधा एवं शासकीय अधिकारी पर हमले पर पुलिस सख्त रुख अपनाए हुए है। 

वही इस मामले में डीएफओ ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज करने में काफी समय लगाया, लेकिन वहीं पुलिस का कहना था कि शिकायत की जांच कर मामला दर्ज किया गया और तीन आरोपियों की शनिवार गिरफ्तारी भी कर ली गई है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की जनाक्रोश रैली, जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में हुई फ्लॉप

*पत्रकारों की सुरक्षा पार्टी की जिम्मेदारी, भाजपा का आरोप नाबालिग पर सियासत*


शहडोल

जिले में एक सूबे के मुखिया मोहन यादव को काले झंडे दिखाने मामले में लगभग चालीस लोग जब सीएम की सभा के बाद आसानी से रिहा हो जाते है, लेकिन 2 लोगो सहित नाबालिग गिरफ्तार कर जेल भेजे जा रहे थे, उस समय जिला नेतृत्व करने वालो ने इस नाबालिग को पहचानने से इंकार करने के बाद ही पुलिस ने असामाजिक तत्व समझकर जेल भेज दिया होगा, पर सवाल इस बात का है कि जब पुलिस पूछ रही थी तो उसी समय कहना था हमरा कार्यकर्ता है, तब तो जेल भेजवा दिया,  फिर क्यों राजनीति कि विसात नाबालिग बच्चे के नाम पर बिछाई गई।  वाह जिला अध्यक्ष और वाह प्रदेश अध्यक्ष जबकि इसी मामले में गिरफतारी के बाद कांग्रेस नेता सुफियान खान ने उक्त मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गिरफ्तारियां चेहरा देखकर की जा रही थीं। उन्होंने जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी पर आरोप लगाया कि जब बुढार थाने में कार्यकर्ताओं की पहचान कराई जा रही थी, तब उन्होंने सत्यम प्रजापति को पहचानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण एक नाबालिग छात्र नेता को जेल जाना पड़ा। हालांकि बाद में इस बयान से पार्टी की साख के लिए इस लाइन को दबाकर बैठ गए।

*गिरेबान झाकने की जरुरत*

जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में जनाक्रोश रैली में तय सर्किट हॉउस की पत्रकारवार्ता को प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कलेक्ट्रेट में ही सम्बोधित किया, पत्रकारों ने सवाल दागे तो पटवारी दिल्ली, अमेरिका और पीएम मोदी का हाल बताने लगे और कहा विपक्ष को मजबूत करने में पत्रकारों की अहम् भूमिका है, पत्रकारों आप हमे सहयोग करे, तो पत्रकारों ने पूछ लिया आपकी कांग्रेस पार्टी कहा थी जब 18 पत्रकारों का कलेक्टर ने जिला बदर करने की नोटिस दे दी थी। पटवारी ने मामले की गंभीरता समझते हुए कहा की जिला अध्यक्ष अजय अवस्थी जी पार्टी की पूरी जिम्मेदारी है हम ऐसी स्थिति में पत्रकारों का साथ दे और कही भी पत्रकारों पर हमले हो तो उनका साथ दीजिये आप पत्रकार मुझे डाइरेक्ट भी फ़ोन कर सकते है। सवाल के जवाब में फस चुके जीतू पटवारी से स्थानीय वरिष्ठ पत्रकार ने पूछा आप मोहन सरकार को माफिया की सरकार बोल बोल कर कोस रहे है, आपकी पार्टी में जिला अध्यक्ष कितने पाक साफ़ आप ही बताइये .... यह खुद भूमाफिया की श्रेणी में है, शहडोल में भू माफिया का भी राज है इस पर कोई कुछ नहीं बोला फिर एक सवाल हुआ ... आपकी पार्टी को पत्रकारों को सुरक्षा देने की बात कर रही है, आपकी पार्टी का तथाकथित भूमाफिया भ्रष्ट पदाधिकारी पत्रकार की हत्या करने गुंडे भेजता है, शासकीय, आदिवासियो की भूमि फर्जी तरीके से कब्ज़ा कर बिक्री करता है... ऐसे सवाल होते ही अजय अवस्थी का चेहरा देखने लायक था, वही जो जीतू पटवारी भाजपा सरकार और जिला प्रशासन पर ऊँगली दिखाकर सवाल करते नजर आ रही थे वो पत्रकारों के जवाब से कन्नी काट निकल गए।

*क्या कहते है जानकर*

विधिक मामले में जानकार एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप सिंह ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गिरफ्तार लोगों में सत्यम प्रजापति नाबालिग है। उनके अनुसार सत्यम की जन्मतिथि 22 मई 2008 है, जो उसकी दसवीं की अंकसूची और अन्य दस्तावेजों में दर्ज है। इस आधार पर गिरफ्तारी की तारीख 8 फरवरी को उसकी उम्र 18 वर्ष से कम थी, यानी वह विधिक रूप से नाबालिग था। प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और सभी जिम्मेदार अधिकारियों को हाईकोर्ट में जवाब देना होगा। कांग्रेस ने इस मामले में न्यायालय की शरण लेने की बात कही है। लेकिन जिला पदाधिकारी नाबालिग को रहत दिलाने मामले में कोई कदम नहीं उठा पाए एक कदम जरूर उठा कलेक्टर की शिकायत   कलेक्टर से करने जरूर पहुंच गए, जो किसी नादानी से कम नहीं था।

*कहा था जेल भरो आंदोलन होगा*

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंकित सिंह ने कहा कि कलेक्टर द्वारा जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया, उसकी सूचना प्रदेश नेतृत्व को दे दी गई है। जल्द ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शहडोल आ सकते हैं और इस मामले को लेकर जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि निहत्थे कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई कर प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है। लेकिन जीतू पटवारी आये तो शहडोल इसी प्रोमोशन के साथ फिर संभवतः पार्टी की अंदरूनी फूट को भांपते हुए शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देकर इतिश्री कर ली गई।

*एनएसयूआई ने बचाई लाज*

शहडोल की जनता इस बात को ऐसे समझे की साप भी मर गया लाठी भी नहीं टूटी कलेक्टर का डंडा भी नहीं झुका। जिसके लिए शहडोल से प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को शहडोल में हुंकार भरनी थी सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है जनसुनवाई मंच पर करने वाले जीतू पटवारी की सभा में जिला अध्यक्ष अजय अवस्थी समां बांधने में फेल रहे वही पोस्टर में लगी बड़ी बड़ी तस्वीरों वाले नायको ने जिला अध्यक्ष के नेतृत्व वाली जनाक्रोश रैली को तरजीह नहीं देना चाहते थे, इस लिए जनता काम आई शहडोल अनूपपुर डिंडोरी उमरिया मिलाकर भी कॉंग्रेस की जनाक्रोश रैली में लगभग दो हजार लोगो की भीड़ नहीं जुटा पाई, भले ही ड्रोन से लिए गए वीडियो में भीड़ भाड़ दिखाई दे रही है, लेकिन उस भीड़ में भी एनएसयूआई की लोगो की भीड़ और झंडा साफ़ तौर पर लहराते हुए दिखाई दे रहा है।

*क्या कहता है विपक्ष*

इस मामले में तो जीतू पटवारी को राजधानी से ही विश्वाश सारंग एवं शहडोल से अमित मिश्रा ने ही जनाक्रोश रैली को नाबालिग के नाम सियासी रोटी सेकने का जोरदार तंज कसकर 50 प्रतिशत तो चित्त कर दिया था वही जनता और पुलिस प्रशासन की भी दो टूक थी की जब वार्षिक परीक्षा थी तो काळा झंडे दिखने गया क्यों था। जिसका किसी कांग्रेस पार्टी कार्यकर्त्ता और पदाधकारी के पास कोई जवाब नहीं था।

*पार्टी पद बना "सुरक्षा कवच"*

जीतू परवरी ने कहा रेत कोयला का भण्डार अवैध कारोबारी प्रशासन से मिलकर हड़प रहे है मतलब आपको भोपाल से जानकारी मिल गई तो आपने कितने बार इस बात को विधानसभा में उठाया। वही उन्होंने कहा शहडोल में माफ़िया राज है तो उनके जिला अध्यक्ष सहित उनके परिवार के पास सैकड़ो एकड़ जमीन आई कहा से स्पष्टीकरण पार्टी क्यों नहीं मांग रही है। तत्कालीन कलेक्टर ने जिला अध्यक्ष का कार्यालय जो  शासकीय तालाब भीठा दर्ज है यानि तालाब की भूमि पर बना हुआ है। वही शहडोल कलेक्टर कार्यालय में लंबित निगरानी गुंडे बदमाशों की लिस्ट में उनके रिश्ते में भाई का नाम 2024 से दर्ज है, जिला बदर का प्रकरण कलेक्टर में लंबित बताता है की अपराध पृष्ठ्भूमि के लोगो ने पार्टी का चोला अपने बचाव के लिए ओढ़ रखा हुआ है इससे भले ही पार्टी को कोई लाभ नहीं है लेकिन जिला प्रशासन इनकी गिरिबान में हाथ डालने से डरे इनका खौफ बरकारार रहे जिला अध्यक्ष की महज इतनी ही राजनीति है इस बात पर शीर्ष नेतृत्व को गहन चिंतन करने की आवश्यकता है। शहडोल का कांग्रेस नेतृत्व पार्टी के झंडा नहीं उठाकर रहा है अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति पर प्रशासन कार्यवाही ना करे सफेदपोश खद्दर ओढ़ रखा हुआ है।

खेत की जुताई से पहले ट्रैक्टर पलटा, चालक की दबकर मौत, अवैध खनन पर दो ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त 


शहडोल

जिले के खैरहा थाना क्षेत्र अंतर्गत सारंगपुर रोड पर एक दर्दनाक हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई। खेत की जुताई करने जा रहा ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे चालक इंजन के नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शनिवार पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए जांच शुरू की है।घटना की जानकारी के बाद लोगों की मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई थी।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान हाफिज पिता सफीक (36) के रूप में हुई है। वह ट्रैक्टर लेकर खेत की जुताई करने के लिए निकला था। इसी दौरान सारंगपुर रोड पर ट्रैक्टर का इंजन असंतुलित होकर पलट गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और वह ट्रैक्टर के नीचे दब गया।

घटना की सूचना मिलते ही खैरहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से ट्रैक्टर इंजन को सीधा कराया गया और उसके नीचे दबे चालक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्राथमिक जांच में हादसे का कारण ट्रैक्टर का अनियंत्रित होना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस द्वारा घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

थाना प्रभारी उमा शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि घर से खेत के लिए ट्रैक्टर जा रहा था, तभी रास्ते में इंजन पलट गया और चालक की दबने से मौत हुई है। सूचना पर पुलिस टीम को मौके पर भेजा था। शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर कार्यवाही की, फिलहाल मामले पर हमने मर्ग कायम किया है आगे की जांच कर रहे है।

*अवैध खनन पर दो ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त*

शहडोल जिले में खनन माफियाओ के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान छेड़ दिया है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रेत की चोरी करते दो ट्रैक्टर जब्त कर आरोपियों पर कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। 

पहली कार्रवाई देवलौंद थाना क्षेत्र के सोनघड़ियाल गोपालपुर में हुई।  पुलिस ने प्रतिबंधित क्षेत्र से रेत उत्खनन कर परिवहन कर रहे ट्रैक्टर को धर दबोचा। थाना प्रभारी सुभाष दुबे ने बताया कि आरोपी विनय मिश्रा के खिलाफ खनिज अधिनियम एवं वन्य जीव संरक्षण अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। इसी तरह दूसरी कार्रवाई ब्यौहारी थाना क्षेत्र में की गई। ग्राम खामडांड से रेत चोरी करते एक ट्रैक्टर को जब्त किया गया। इस मामले में राहुल उर्फ सोनी खैरवार (30) एवं हिमांशु सिंह, दोनों निवासी खामडांड, के खिलाफ मामला दर्ज किया गया

तालाब में नहा रहे अधेड़ की डूबने से हुई मौत, एसडीईआरएफ ने रेस्क्यू कर निकाला शव


शहडोल

पपौंध थाना क्षेत्र के निपनिया गांव में हादसे में 52 वर्षीय व्यक्ति की तालाब में डूबने से मौत हो गई। पुलिस के अनुसार निपनिया निवासी लल्लू उर्फ ललुआ कोल मंगलवार दोपहर अपने घर के पास स्थित तालाब में नहा रहे थे। इसी दौरान वे अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें डूबते देखा तो तुरंत शोर मचाया और तालाब में उनकी तलाश शुरू की, लेकिन पानी अधिक गहरा होने के कारण उन्हें बाहर निकालना संभव नहीं हो सका। बुधवार सुबह शव को पानी से बाहर निकाला लिया गया है।

घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। पपौंध थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय गोताखोरों की मदद से रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। देर शाम तक तलाश जारी रही, लेकिन गहराई और पानी की स्थिति के चलते सफलता नहीं मिल सकी। इसके बाद एसडीईआरएफ (राज्य आपदा आपातकालीन प्रतिक्रिया बल) की टीम को सूचना दी गई।

शाम हो जाने के कारण एसडीईआरएफ द्वारा रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं किया जा सका। बुधवार सुबह टीम ने दोबारा सर्च ऑपरेशन शुरू किया। कड़ी मशक्कत के बाद रेस्क्यू दल ने लल्लू उर्फ ललुआ कोल का शव तालाब से बरामद कर बाहर निकाला। घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। थाना प्रभारी विजेंद्र मिश्रा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह मामला डूबने से मौत का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और आगे की विवेचना की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया।

प्रस्तावित ऑडिटोरियम की भूमि पर अतिक्रमण, प्रशासन ने बुलडोजर चलाकर हटाया अवैध निर्माण


शहडोल

ब्यौहारी नगर परिषद क्षेत्र अंतर्गत मानपुर रोड स्थित शासकीय भूमि पर प्रस्तावित ऑडिटोरियम निर्माण को लेकर नगर परिषद द्वारा बड़ी कार्रवाई की गई। नगर परिषद के अनुसार उक्त शासकीय भूमि पर संतोष सेन द्वारा अवैध रूप से अतिक्रमण कर मकान का निर्माण किया गया था, जिससे ऑडिटोरियम निर्माण कार्य में बाधा उत्पन्न हो रही थी।

नगर परिषद ब्यौहारी द्वारा नियमानुसार कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण को हटाया गया। इस दौरान मुख्य नगर पालिका अधिकारी शरद कुमार गौतम के नेतृत्व में पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराई गई। कार्रवाई के समय तहसीलदार डेलन सिंह, पुलिस विभाग के अधिकारी एवं नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

नगर परिषद अधिकारियों ने बताया कि मानपुर रोड स्थित उक्त शासकीय भूमि पर नगर विकास की दृष्टि से ऑडिटोरियम का निर्माण प्रस्तावित है, जो भविष्य में सांस्कृतिक, सामाजिक एवं शासकीय कार्यक्रमों के आयोजन के लिए उपयोगी होगा। अतिक्रमण हटने के बाद अब निर्माण कार्य शीघ्र प्रारंभ किए जाने की संभावना है।

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शासकीय भूमि पर अवैध अतिक्रमण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है और भविष्य में भी इस प्रकार की कार्रवाइयाँ जारी रहेंगी। स्थानीय नागरिकों से अपील की गई है कि वे शासकीय भूमि का दुरुपयोग न करें और विकास कार्यों में सहयोग करें।

मुख्यमंत्री माता सबरी की प्रतिमा का करेंगे अनावरण, 767 करोड़ लागत वाले 142 कार्यों का करेंगे लोकार्पण व भूमिपूजन


शहडोल

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज जिले के जयसिंहनगर जनपद क्षेत्र में सीतामढ़ी धाम ग्राम गंधिया में माता सबरी की प्रतिमा का अनावरण करेंगे। सीतामढ़ी धाम श्री रामपथ गमन मार्ग में आता है। ऐसी मान्यता है कि भगवान श्री राम वन गमन की यात्रा आयोध्या से शुरू कर चित्रकूट होते हुए दण्डकारण्य होकर श्री लंका पहुंचे थे। इस यात्रा के दौरान 248 प्रमुख स्थलों में उन्होंने विश्राम किया था। शहडोल जिले का गंधिया ग्राम भी इन 248 चिन्हित स्थानों में से एक है। दण्डकारण्य में प्रवेश से पूर्व ऐसी मान्यता है कि भगवान श्रीराम माता सीता तथा अनुज लक्ष्मण भी का गंधिया ग्राम में विश्राम हुआ था।  मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमा से लगे इस गांव में माता सीता की रसोई तथा भगवान श्रीराम मंदिर मौजूद है। 

*633 करोड़ 82 कार्यों का करेंगे लोकार्पण*

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 08 फरवरी को जयसिंहनगर जनपद पंचायत के ग्राम पंचायत गंधिया में आयोजित कार्यक्रम में 767 करोड़ की लागत वाले निर्माण कार्याें का लोकार्पण एवं भूमिपूजन करेंगे। इन कार्याें में 633 करोड़ रूपए लागत वाले 82 निर्माण कार्यों का लोकार्पण किया जाएगा। इन कार्याें में एमपी आरडीसी, मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग भवन, मध्यप्रदेश लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, नगरीय प्रशासन, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग, मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण, जनजातीय कार्य विभाग, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग, जल संसाधन विभाग तथा मध्यप्रदेश पूर्व विद्युत क्षेत्र वितरण कंपनी के कार्य शामिल हैं। 

*60 निर्माण कार्यों का करेंगे भूमिपूजन*

इन कार्याें में जनजातीय कार्य विभाग के 27 कार्य लागत 33 करोड़, नगरीय प्रशासन विभाग के 02 कार्य लागत 28 करोड़, मध्यप्रदेश भवन विकास निगम के 05 कार्य लागत 25 करोड़, मध्यप्रदेश लोक निमार्ण विभाग के 05 कार्य लागत 20 करोड़, मध्यप्रदेश लोक निर्माण विभाग भवन पीआईयू, के 02 कार्य लागत 10.74 करोड़, मध्यप्रदेश पूर्वी क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के 02 कार्य लागत 07 करोड़ 77 लाख, पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के 12 कार्य लागत 4 करोड़ 78 लाख, मध्यप्रदेश ग्रामीण सड़क विकास प्राधिकरण के 02 कार्य लागत 2करोड़ 39 लाख तथा लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा विभाग के 03 कार्य लागत 1.5 करोड़ की लागत वाले कार्य शामिल हैं।

*वाटर पार्क का करेंगे लोकार्पण*

मुख्यमंत्री जिले में धनपुरी नगरपालिका द्वारा 20 करोड़ रूपए की लागत से बनाए गए वाटर पार्क का लोकार्पण करेंगे। वाटर पार्क में क्लब हाउस, स्वीमिंग पूल, बच्चों एवं युवाओं के मनोरंजन के व्यवस्था की गई है। स्वीमिंग पूल का निर्माण, मिनी ओलंपिक के मापदण्ड के अनुसार किया गया है। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. यादव द्वारा एसईसीएल द्वारा अधिग्रहित भूमि के हितग्राहियों को नियुक्त पत्र का वितरण किया जाएगा। इसके साथ ही वनाधिकार पट्टों का वितरण, ग्रामीण आजीविका मिशन के स्व सहायता समूहों को सीसीएल का वितरण, महिला बाल विकास विभाग द्वारा पोषण किट, स्पांसरशिप योजना का लाभ तथा श्रम विभाग द्वारा दुर्घटना, मृत्यु एवं, सामान्य मृत्यु के हितग्राहियों को राहत राशि का वितरण किया जाएगा।

अवैध खनिज उत्तखनन व परिवहन करने पर ट्रैक्टर-ट्रॉली जप्त


शहडोल

पुलिस अधीक्षक रामजी श्रीवास्तव के मार्गदर्षन एवं निर्देषन में शहडोल जिले में खनिजो के अवैध उत्खनन एवं परिवहन रोकने के लिए पुलिस विभाग द्वारा निरंतर कार्यवाही की जा रही  है। 

इसी कड़ी अनुक्रम में देवलोंद पुलिस द्वारा सुरक्षा व्यवस्था ड्यूटी के दौरान बुडवा की ओर से एक आयशर ट्रैक्टर बिना नंबर की एवं ट्रॉली में अवैध रेत लोड कर तेज गति से जाता हुआ दिखाई दिया। पुलिस द्वारा ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास किया गया, किंतु चालक नहीं रुका तथा तेज गति से वाहन चलाते हुए मुख्य मार्ग छोड़कर जंगल के पास नाले में ट्रॉली पलट दी, जिससे ट्रॉली में लोड रेत आंशिक रूप से नाले में गिर गई। पुलिस द्वारा ट्रैक्टर चालक से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम अजय वैस पिता देवीदीन वैस उम्र 23 वर्ष निवासी झिरिया थाना देवलोद बताया।

ट्रॉली में लोड रेत के संबंध में दस्तावेज प्रस्तुत करने हेतु कहा गया। अपराध प्रमाणित पाए जाने पर बिना नंबर की ट्रैक्टर-ट्रॉली एवं ट्रॉली में लोड लगभग आधी ट्रॉली रेत को विधिवत जप्त कर पुलिस कब्जे में लिया गया। चालक का कृत्य धारा 303(2), 317 बी.एन.एस., 4/21 खनिज अधिनियम, 130, 177(2), 130(1), 177(3) मोटर व्हीकल एक्ट के अंतर्गत दंडनीय पाया गया। जप्त ट्रैक्टर-ट्रॉली को वैकल्पिक चालक की व्यवस्था कर थाना लाकर थाना परिसर में सुरक्षार्थ खड़ा कराया गया।

शोले वाले स्टाइल में पानी की टंकी चढ़ा, कर रहा था 100 रुपए की मांग, सकुशल किया रेस्क्यू


शहडोल 

जिले के धनपुरी थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस वक्त हड़कंप मच गया, जब वार्ड क्रमांक 3 विलियस नंबर-1 निवासी मो. गोलू ने शोले फिल्म के वीरू की तरह पानी की टंकी पर चढ़कर हाई-वोल्टेज ड्रामा शुरू कर दिया। मानसिक रूप से कमजोर बताए जा रहे इस युवक ने टंकी के ऊपर से कभी पानी में कूदने तो कभी नीचे छलांग लगाने की धमकी देकर इलाके में सनसनी फैला दी।

मो. गोलू हाल ही में अपनी मां और भाई पर कुल्हाड़ी लेकर हमला करने दौड़ा था, इसी के चलते परिवार के लोग उसकी हरकतों से परेशान होकर उसके हाथ-पांव रस्सी से बांधकर रखते थे। .मंगलवार को वह किसी तरह खुद को रस्सियों से मुक्त कराकर घर से भाग निकला और स्टेट हॉस्पिटल के पीछे स्थित पानी की टंकी पर जा चढ़ा। परिवार द्वारा हाथ-पांव बांधने से नाराज गोलू ऊपर चढ़कर लगातार हंगामा करता रहा और तरह-तरह की मांगें करता रहा। 

मामले की सूचना मिलते ही धनपुरी थाना प्रभारी खेम सिंह पेंद्रो पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे,पुलिस ने उसे समझाने-बुझाने के लिए हर संभव प्रयास किए। कभी बातचीत तो कभी प्रलोभन देकर नीचे उतरने की कोशिश की गई, लेकिन युवक टंकी में भरे पानी में कूदने और ऊपर से छलांग लगाने की धमकी देता रहा। रेस्क्यू के प्रयासों में पुलिस को खासी मशक्कत करनी पड़ी, लेकिन वह काफी देर तक टस से मस नहीं हुआ,इस दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुट गए और यह नजारा कौतूहल का विषय बना रहा। गौरतलब है कि इससे पहले 17 जनवरी को भी मो. गोलू इसी तरह पास के मोनाली टावर पर चढ़ गया था और 100 रुपये की मांग कर रहा था। तब थाना प्रभारी ने सूझबूझ दिखाते हुए 100 रुपये देकर उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया था।

कुएं में गिरा पति की हुई मौत, बचाने के लिए कूदी पत्नी हुई घायल, अस्पताल में भर्ती


शहडोल 

जिले के सीधी थाना क्षेत्र से पति-पत्नी के बीच गहरे प्रेम और साहस को दर्शाने वाली एक मार्मिक घटना सामने आई है। ग्राम तेन्दुडोल में कुएं में गिरने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पति को बचाने के लिए कुएं में कूदने वाली पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसका उपचार अस्पताल में जारी है। मृतक गांव का पंच था।

पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार सीधी थाना क्षेत्र के ग्राम तेन्दुडोल निवासी राकेश सिंह पिता दशरथ सिंह (32), जो गांव के पंच भी थे, अपने घर में स्थित कुएं से पानी निकाल रहे थे। इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ा और वे कुएं में गिर गए। घटना के समय उनकी पत्नी सुमिला सिंह कुएं के पास ही मौजूद थीं। पति को कुएं में गिरता देख सुमिला ने बिना किसी परवाह के अपनी जान की बाजी लगाते हुए उन्हें बचाने के लिए कुएं में छलांग लगा दी।

कुएं से आवाज सुनकर घर के अन्य सदस्य और ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से सुमिला सिंह को किसी तरह कुएं से बाहर निकाल लिया गया, लेकिन राकेश सिंह को बाहर निकालने में देर हो गई। जब तक उन्हें बाहर निकाला गया, तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इस दुखद घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है।

सीधी थाना प्रभारी शिवेंद्र राम भगत ने बताया कि राकेश सिंह की मौत कुएं में डूबने से हुई है। महिला को परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से सुरक्षित बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका उपचार जारी है। बुधवार को पुलिस ने मृतक के शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया। गांव के पंच की असामयिक मौत से ग्रामीणों में गहरा दुख है। वहीं पत्नी द्वारा दिखाए गए साहस और प्रेम की चर्चा पूरे क्षेत्र में हो रही है, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दी हैं।

हथियारबंद बदमाशों ने घर मे घुसकर किसान दम्पत्ति को बंधक बना लाखो की चोरी


शहडोल

बुढार थाना क्षेत्र के धनगवां गांव में बीती रात हथियारबंद बदमाशों ने एक किसान परिवार के घर धावा बोलते हुए दंपती को बंधक बना लिया और घर में रखे लाखों रुपये के जेवरात व नकदी लेकर फरार हो गए। अचानक हुई इस वारदात से पूरे गांव में दहशत फैल गई है और लोग सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं।

पीड़ित ओमप्रकाश केवट के अनुसार, देर रात पांच से अधिक बदमाश उनके घर में घुस आए। सभी बदमाश हथियारों से लैस थे, जिनके हाथों में बंदूक और चाकू थे। बदमाशों ने घर में घुसते ही अलमारी खंगालनी शुरू कर दी। इसी दौरान आहट होने पर ओमप्रकाश की पत्नी प्रति केवट की नींद खुल गई। महिला के जागते ही बदमाशों ने दंपती को धमकाते हुए उनके हाथ रस्सी से बांध दिए और मुंह पर टेप चिपका दिया, ताकि वे शोर न मचा सकें।

इसके बाद बदमाशों ने अलमारी में रखे करीब दो किलो चांदी, तीन तोला सोने के जेवरात और चार लाख रुपये नकद समेट लिए। बताया गया है कि यह नकदी हाल ही में धान बेचने के बाद घर में रखी गई थी। लूटपाट के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए।

घटना के बाद पीड़ित दंपती ने किसी तरह खुद को बंधन से मुक्त किया और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बुढार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शनिवार सुबह तक जांच-पड़ताल जारी रही। पुलिस ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और संदिग्धों की तलाश शुरू कर दी है।

नपा अध्यक्ष, भाजपा मंडल अध्यक्ष सहित 4 को मारपीट व अश्लील गाली देना पड़ा भारी, न्यायालय ने सुनाई सजा


शहडोल

न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, ब्यौहारी (जिला शहडोल) की अदालत ने बहुचर्चित आपराधिक प्रकरण क्रमांक 105/2019 में महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए ब्यौहारी नगर पालिका अध्यक्ष राजन उर्फ श्रीकृष्ण गुप्ता, वर्तमान मंडल अध्यक्ष मोनू उर्फ विनय गुप्ता, पूर्व मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश उर्फ पिंकू सोनी तथा कारोबारी मनोज ताम्रकार को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। यह मामला मारपीट, अश्लील गाली-गलौज, चोट पहुंचाने और जान से मारने की धमकी से जुड़ा है।

न्यायालयीन अभिलेखों के अनुसार घटना 30 अक्टूबर 2017 को सुबह लगभग 11 बजे ब्यौहारी थाना क्षेत्र में डबला गुप्ता की दुकान के सामने घटित हुई थी। अभियोजन कथा के मुताबिक फरियादी राजेंद्र सिंह उर्फ अल्लू अपने घर से बस स्टैंड की ओर जा रहा था, तभी रास्ते में चारों आरोपियों ने उसे रोक लिया। चुनावी रंजिश को लेकर विवाद हुआ और आरोपियों द्वारा मां-बहन की अश्लील गालियां दी गईं। इसके बाद हाथ-मुक्कों और नाखून से मारपीट की गई तथा जमीन पर गिराकर हमला किया गया। घटना के दौरान फरियादी के गले की सोने की चेन गिरने का भी उल्लेख केस डायरी में दर्ज है।

प्रकरण में थाना ब्यौहारी में अपराध क्रमांक 773/2017 दर्ज कर भारतीय दंड संहिता की धाराएं 294, 323, 324, 506 एवं 34 के तहत मामला कायम किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने फरियादी का चिकित्सीय परीक्षण कराया, जिसमें आंख, गर्दन, हाथ और शरीर के अन्य हिस्सों में चोटें पाई गईं। मेडिकल अधिकारी की रिपोर्ट में चोटों को कठोर एवं नुकीली वस्तु/नाखून से पहुंची साधारण चोट की श्रेणी में बताया गया। पुलिस ने घटनास्थल का मौका नक्शा तैयार किया और गवाहों के बयान दर्ज किए।

न्यायालय के समक्ष फरियादी, प्रत्यक्षदर्शी गवाह, चिकित्सक और विवेचना अधिकारी सहित कई साक्षियों के बयान दर्ज हुए। न्यायालय ने माना कि सार्वजनिक स्थान के समीप अश्लील गाली-गलौज और मारपीट होना प्रमाणित हुआ। अदालत ने चारों आरोपियों को संबंधित धाराओं में दोषी पाते हुए कारावास और अर्थदंड से दंडित किया है। आदेश के अनुसार दोषियों को अधिकतम छह माह तक के कारावास तथा जुर्माना की सजा सुनाई गई है। जुर्माना अदा न करने पर अतिरिक्त कारावास का प्रावधान भी रखा गया है।

बर्तन दुकान से नकाबपोश चोरो ने 1.5 लाख का सामान किया पार, सीसीटीवी में कैद हुई घटना


शहडोल 

जिले के बुढार थाना क्षेत्र अंतर्गत सिनेमा रोड पर स्थित बर्तन दुकान में बीती रात अज्ञात नकाबपोश चोर ने धावा बोलते हुए करीब डेढ़ लाख रुपये के पीतल एवं अन्य धातुओं के बर्तन चोरी कर लिए। हैरानी की बात यह रही कि चोर की पूरी करतूत पास की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिससे अब पुलिस को जांच में अहम सुराग मिलने की उम्मीद है। यह सीसीटीवी फुटेज सामने आया है।

पीड़ित दुकानदार मोहम्मद शब्बीर निवासी बुढार ने पुलिस को बताया कि वह रोज की तरह रात में दुकान बंद कर घर चले गए थे। सुबह जब दुकान खोलने पहुंचे तो देखा कि दरवाजे में लगा ताला कब्जे समेत टूटा हुआ है। अंदर जाकर देखा तो दुकान में रखे लगभग सभी बर्तन गायब थे। चोरी गए सामान में पीतल के बर्तन, बटुआ और अन्य धातुओं के कीमती बर्तन शामिल हैं, जिनकी अनुमानित कीमत डेढ़ लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है।

घटना के बाद मोहम्मद शब्बीर ने पड़ोस की दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगाली। फुटेज में रात करीब साढ़े तीन बजे एक नकाबपोश व्यक्ति दुकान में घुसकर बर्तन समेटते और बाहर ले जाते हुए साफ दिखाई दे रहा है। फुटेज के अनुसार चोर बेहद इत्मीनान से वारदात को अंजाम देता नजर आ रहा है, जिससे यह आशंका भी जताई जा रही है कि उसे इलाके की अच्छी जानकारी थी।

दुकानदार के अनुसार चोरी गए सामानों में पीतल के 5 नग बटुआ, करीब 25 नग फूल, पीतल की थालियां और लगभग 50 किलो बर्तन शामिल हैं। घटना के बाद इलाके के व्यापारियों में दहशत का माहौल है और उन्होंने रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है। बुढार पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है और जल्द ही चोरी का खुलासा होने का दावा कर रही है।

तीन हाथियों का समूह मकान में किया तोड़ फोड़, घर में घुसे दो चोर पकड़े गए, चोरी का माल बरामद


अनूपपुर

तीन हाथियों को समूह बुधवार के दिन वन परिक्षेत्र,थाना एवं तहसील जैतहरी के पचौहा पंचायत के पाठबाबा के जंगल में दिन भर विश्राम करने बाद देर रात कुसुमहाई टकहुली चांदपुर गुवारी अमगवां होते हुए, 22 जनवरी गुरुवार की सुबह वन परिक्षेत्र थाना एवं तहसील अनूपपुर के ग्राम पंचायत छुलहा के छुलहा गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय एवं गोंडान टोला के पीछे लेंटाना की झाड़ियो के बीच पहुंचकर विश्राम कर रहे है, हाथियों के द्वारा विगत रात दो मकान में तोड़फोड़ कर ग्रामीणों के खेत एवं बाडिंयों में लगे विभिन्न तरह के फसलों को अपना आहार बनाया है हाथियों का समूह विगत 29 दिन पूर्व छत्तीसगढ़ राज्य की सीमा से प्रवेश कर अनूपपुर जिले के जैतहरी क्षेत्र से अनूपपुर क्षेत्र में प्रवेश कर विचरण कर रहा है, वन विभाग का गस्ती दल हाथियों के विचरण पर निगरानी रखते हुए ग्रामीण जनों को हाथियों से दूरी बनाए रखने हाथियों के साथ किसी भी तरह की छेड़खानी नहीं करने की अपील की है।

*घर में घुसे दो चोर पकड़े गए, चोरी का माल बरामद*


शहडोल जिले के थाना जैतपुर क्षेत्र अंतर्गत रसमोहनी गांव में चोरी की नीयत से घर में घुसे चोरों को पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर पकड़ लिया। घटना 20 जनवरी 2026 की रात की है, जब विवेक सोनी के घर में एक व्यक्ति चोरी के इरादे से घुसा। आहट मिलने पर गृहस्वामी ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। रात्रि गश्त पर तैनात सउनि लालदास चौधरी व आरक्षक अहमद मौके पर पहुंचे और आरोपी को पकड़कर थाने लाए। पूछताछ में आरोपी के एक अन्य साथी के मोटरसाइकिल से फरार होने की जानकारी मिली। विवेचना के दौरान रसमोहनी में पूर्व में हुई दो छोटी चोरियों को भी आरोपियों ने स्वीकार किया। साक्ष्यों के आधार पर सूरज सिंह गोड उर्फ छोटू (22) एवं अनिल प्रजापति (20), दोनों निवासी ग्राम बरगवां-24 को गिरफ्तार कर मोटरसाइकिल सहित चोरी गया मशरूका बरामद कर जप्त किया गया। 

पटवारी सहित दो आरोपियों को तेंदुआ की खाल के साथ वन विभाग ने किया गिरफ्तार


शहडोल

वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जिला सिवनी से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके कब्जे से तेंदुए की खाल बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों में एक पटवारी भी शामिल है। यह कार्रवाई जैतपुर वन परिक्षेत्र अंतर्गत दर्ज वन्यप्राणी शिकार के पुराने प्रकरण से जुड़ी हुई है, जिसमें अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

वन विभाग के अनुसार, पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान एक पटवारी का नाम सामने आया था। इसके बाद जब वन विभाग की टीम उसे गिरफ्तार करने पहुंची तो वह अपने बैग में तेंदुए की खाल रखे हुए मिला। इस पूरे मामले का खुलासा वन विभाग ने मंगलवार देर शाम प्रेस नोट जारी कर किया।

डीएफओ दक्षिण श्रद्धा पंद्रे ने बताया कि 27 अक्टूबर को जैतपुर वन परिक्षेत्र में पेंग्युलिन शिकार के मामले में कार्रवाई करते हुए पहले ही 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इस प्रकरण में शामिल कुछ आरोपी फरार थे, जिनकी तलाश के लिए वन विभाग की टीम को जिला सिवनी भेजा गया था।

टीम ने ग्राम देवघाट (मझगवां), जिला सिवनी में दबिश देकर दो संदिग्धों को पकड़ा। तलाशी के दौरान रीझन लाल मरकाम (उम्र 54 वर्ष), निवासी ग्राम खांपा, थाना कोयलारी, जिला सिवनी के पास से एक बैग में तेंदुए की खाल बरामद की गई। आरोपी वर्तमान में हल्का बगलई, जिला सिवनी में पटवारी के पद पर पदस्थ बताया गया है। इसी कार्रवाई में दूसरे आरोपी रमाकांत दुबे (उम्र 35 वर्ष), निवासी संजीवनी नगर, गढ़ जबलपुर को भी गिरफ्तार किया गया।

जब्त की गई तेंदुए की खाल को सुरक्षार्थ वन विभाग परिसर में रखवाया गया है। दोनों आरोपियों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। फिलहाल आरोपी यह स्पष्ट नहीं कर पाए हैं कि तेंदुए का शिकार कहां किया गया और खाल उन्हें कहां से प्राप्त हुई। वन विभाग इस संबंध में गहन पूछताछ कर रहा है।

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