पुरानी रंजिश में पेट्रोल डालकर मोटरसाइकिल में लगाई आग, मामला हुआ दर्ज, आरोपी हुआ फरार


शहडोल 

जिले के जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के बहेरहा गांव में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक की बाइक को दिनदहाड़े आग के हवाले कर दिया गया। आरोपी ने गांव के बीच पेट्रोल डालकर बाइक जला दी और मौके से फरार हो गया। घटना से कुछ देर के लिए गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है

पुलिस के अनुसार पीड़ित युवक दीपू साकेत निवासी छिरहा थाना ब्यौहारी का रहने वाला है। होली के मौके पर वह अपने जीजा-दीदी के घर जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के बहेरहा गांव घूमने आया हुआ था। घटना के दिन दीपू अपनी मोटरसाइकिल से गांव की एक किराना दुकान पर सामान लेने जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में आरोपी हीरालाल चौधरी अपनी बाइक से वहां पहुंच गया और दीपू को रोककर उससे विवाद करने लगा।

पीड़ित के अनुसार आरोपी का विवाद कुछ दिनों पहले दीपू के जीजा और दीदी से हुआ था, जिसकी रंजिश वह मन में रखे हुए था। इसी पुराने विवाद के चलते उसने इस घटना को अंजाम दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक आरोपी अपने साथ एक बोतल में पेट्रोल लेकर आया था। विवाद के दौरान उसने अचानक दीपू की मोटरसाइकिल पर पेट्रोल डाल दिया और आग लगा दी। देखते ही देखते बाइक पूरी तरह जलकर खाक हो गई। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। ।

ऑनलाइन गेम ने पूरा परिवार उजड़ गया, पिता, बेटी के बाद इलाजरत पत्नी की हुई मौत, बच गया पुत्र


समाचार

ऑनलाइन गेमिंग की लत ने शहडोल में एक हंसते-खेलते परिवार को हमेशा के लिए उजाड़ दिया। कोतवाली थाना क्षेत्र की पुरानी बस्ती स्थित सत्यम वीडियो के पास 24 फरवरी की दरमियानी रात हुई इस दर्दनाक घटना में अब तीसरी मौत भी हो गई है। मेडिकल कॉलेज शहडोल में आठ दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद मां राजकुमारी ने भी दम तोड़ दिया। इससे पहले 25 फरवरी को पिता शंकर लाल गुप्ता और बेटी स्वाति गुप्ता की मौत हो चुकी थी।

पुलिस के अनुसार पुरानी बस्ती निवासी शंकर लाल गुप्ता को ऑनलाइन BDG और एविएटर (Aviator) गेम की लत लग गई थी। बताया जा रहा है कि इस गेम में वह लगातार पैसे हारते गए और लाखों रुपये के कर्ज में डूब गए। और खौफनाक कदम उठा लिया।

आरोप है कि शंकर लाल ने कोल्डड्रिंक में जहर मिलाकर पहले अपनी पत्नी राजकुमारी और बेटी स्वाति को पिला दिया, इसके बाद खुद भी वही जहरीला पेय पी लिया। कुछ ही देर में तीनों की हालत बिगड़ने लगी। परिजनों और पड़ोसियों की मदद से उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।

अस्पताल में इलाज के दौरान 25 फरवरी को शंकर लाल गुप्ता और उनकी बेटी स्वाति गुप्ता ने दम तोड़ दिया था, जबकि राजकुमारी का इलाज मेडिकल कॉलेज में चल रहा था। करीब आठ दिनों तक जिंदगी से जंग लड़ने के बाद आखिरकार राजकुमारी भी मौत के आगे हार गईं।इस हृदय विदारक घटना के बाद परिवार में अब केवल 15 वर्षीय बेटा अनिकेत गुप्ता ही बचा है। घटना के समय वह घर पर मौजूद नहीं था, जिसके कारण वह जहरीला पेय पीने से बच गया और उसकी जान बच गई।

नाबालिग का अपहरण कर बलात्कार का आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल

जिले के सोहागपुर थाना पुलिस ने एक सनसनीखेज मामले को सुलझाने में सफलता हासिल की है। 15 वर्षीय नाबालिग छात्रा के अपहरण और उसके साथ दुष्कर्म के आरोपी 25 वर्षीय धर्मेंद्र जायसवाल को को गिरफ्तार कर लिया गया। मामला 21 जनवरी 2026 की रात का है। फरियादी ने थाना सोहागपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनकी 15 वर्षीय पुत्री, जो कक्षा 10वीं की छात्रा है, घर से अचानक लापता हो गई। परिजनों ने पूरे इलाके में छानबीन की, रिश्तेदारों और पड़ोसियों से पूछताछ की, लेकिन बालिका का कोई सुराग नहीं मिला। संदेह होने पर पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ बहला-फुसलाकर ले जाने की धाराओं में मामला पंजीकृत किया। 

मामले की गंभीरता को भांपते हुए शहडोल पुलिस ने तत्काल विशेष जांच टीम का गठन किया। तकनीकी साक्ष्यों जैसे सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग और मुखबिरों की गुप्त सूचनाओं के सहारे पुलिस ने लगातार पीछा किया। लंबी खोज के बाद 25 फरवरी 2026 को शहडोल रेलवे स्टेशन से नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस ने नियमानुसार बालिका की काउंसलिंग की और उसे परिजनों के हवाले कर दिया। विवेचना के दौरान 26 फरवरी 2026 को न्यायालय शहडोल के समक्ष बालिका के कथन दर्ज कराए गए। इन कथनों से सनसनीखेज खुलासा हुआ कि आरोपी ने बालिका के साथ दुष्कर्म किया था। इसके आधार पर प्रकरण में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 127(4), 62(2)(m), 65(1) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट की धारा 5एल/6 जोड़ी गई। आरोपी की पहचान छतवई निवासी धर्मेंद्र जायसवाल (उम्र 25 वर्ष, पिता देवलाल जायसवाल) के रूप में हुई। आरोपी को न्यायालय शहडोल के समक्ष पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। 

सूने घर मे चोरो ने बोला धावा, पाँच लाख का सामान नगद, जेवर पार, मामला दर्ज, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

रंगों के त्योहार होली से पहले जिले में चोरों ने आतंक मचा दिया है। देवलौंद और सीधी थाना क्षेत्रों में सूने पड़े मकानों को निशाना बनाते हुए बदमाशों ने लाखों रुपये के गहने और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। दोनों वारदातों में करीब सात लाख रुपये की चोरी हुई है।पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच तेज कर दी है, लेकिन त्योहार से पहले बढ़ती चोरी की घटनाओं ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।।

पुलिस के अनुसार, देवलौंद थाना क्षेत्र के बुढ़वा मस्जिद के पास स्थित एक घर में चोरी की वारदात हुई। पीड़िता गुल्पशा बानो ने शिकायत में बताया कि वह अपने पति के साथ मायके गई हुई थीं। उनके पति कपड़े फेरी का काम करते हैं। घर में ताला लगा हुआ था, जिसका फायदा उठाकर चोरों ने दरवाजा तोड़ दिया और अंदर घुस गए। अलमारी में रखे करीब तीन तोला सोना, चांदी के जेवरात, 70 हजार रुपये नकद और नई साड़ियों के दो बैग लेकर फरार हो गए। सुबह घर लौटने पर घटना की जानकारी हुई। पीड़िता के अनुसार लगभग पांच लाख रुपये की चोरी हुई है। उल्लेखनीय है कि एक दिन पहले ही धरी नंबर दो स्थित एक ज्वेलरी दुकान में भी चोरी की वारदात सामने आई थी।

वहीं सीधी थाना क्षेत्र के लपरी गांव में भी सूने घर को निशाना बनाया गया। जामवती अहिरवार अपने घर में ताला लगाकर बेटी के यहां गई थीं। इसी दौरान रात में चोरों ने खपड़ तोड़कर घर में प्रवेश किया और एक तोला सोना तथा करीब आधा किलो चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। सुबह पड़ोसियों ने फोन पर महिला को घटना की सूचना दी। इस वारदात में लगभग दो लाख रुपये के सामान की चोरी बताई जा रही है।लगातार हो रही चोरियों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। पुलिस गश्त बढ़ाने और संदिग्धों से पूछताछ की बात कह रही है।

गंदगी फैलाने वालों पर 2 हजार की चालानी कार्रवाई, सामुदायिक शौचालय सुधार के सख्त निर्देश


शहडोल

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के अंतर्गत मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशा जितेंद्र भंडारी द्वारा आज न्यू बस स्टैंड बलपुरवा चौक क्षेत्र का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान बस स्टैंड परिसर के मुख्य द्वार पर अव्यवस्थित रूप से खड़े ठेलों को तत्काल हटवाया गया, जिससे आवागमन में बाधा उत्पन्न हो रही थी।

निरीक्षण के समय परिसर में गंदगी फैलाने वाले दुकानदारों के विरुद्ध सख्त रुख अपनाते हुए ₹2000 की चालानी कार्रवाई की गई तथा जुर्माना वसूला गया। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने स्पष्ट रूप से कहा कि सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी फैलाने वालों के विरुद्ध निरंतर एवं कठोर कार्रवाई जारी रहेगी।

बस स्टैंड परिसर में निर्मित सामुदायिक शौचालय का भी निरीक्षण किया गया। निरीक्षण में साफ-सफाई एवं रखरखाव में गंभीर लापरवाही पाई गई। इस पर संबंधित केयरटेकर को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए तथा दो दिवस के भीतर साफ-सफाई एवं आवश्यक मरम्मत कार्य पूर्ण करने के आदेश दिए गए।

इसके अतिरिक्त बस स्टैंड परिसर में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने, संपूर्ण परिसर की धुलाई कराने एवं खुली नालियों को कवर से ढकने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए। बस स्टैंड परिसर स्थित पार्क की जर्जर दीवारों के शीघ्र मरम्मत कार्य हेतु उपयंत्री श्री एस.एस. तोमर को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।

स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के नोडल प्रभारी पुनीत त्रिपाठी को निर्देशित किया गया कि शहर की समग्र सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं व्यवस्थित किया जाए, जिससे नगर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने के लक्ष्य को प्राप्त किया जा सके। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने कहा कि नगर की स्वच्छता बनाए रखना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। 

यात्री को उलझाकर जेबकतरों ने जेब से उड़ा दिए 30 हजार, एक युवक गिरफ्तार, मामला दर्ज


शहडोल

जिले के ब्यौहारी बस स्टैंड से रीवा जा रही दादू एंड सांस कंपनी की बस में एक व्यापारी के साथ फिल्मी अंदाज में जेबकतरी की घटना सामने आई है। ‘सीट में पेन गिर गया है’ का बहाना बनाकर बदमाशों ने यात्री को उलझाया और उसकी जेब से 30 हजार रुपए चोरी कर लिए। घटना के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई। यात्रियों ने एक संदेही युवक को पकड़ लिया, लेकिन तलाशी में रकम बरामद नहीं हो सकी। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के मोहनी गांव निवासी शिव नारायण साकेत (40) अपनी पत्नी के साथ रीवा माल खरीदने जा रहे थे। वे जयसिंहनगर में जूते-चप्पल की छोटी दुकान चलाते हैं। बस स्टैंड से बस रवाना होने के कुछ देर बाद दो युवक उनकी सीट के पास पहुंचे। एक युवक ने कहा कि उसका पेन सीट में गिर गया है और सीट से उठने के लिए दबाव बनाने लगा। कुछ देर की हलचल के बाद दोनों युवक आगे बढ़ गए।

इसी दौरान शिव नारायण की पत्नी ने रुपए चेक करने को कहा। जेब टटोलने पर 30 हजार रुपए की गड्डी गायब मिली। तब तक बस चुंगी नाका के पास पहुंच चुकी थी और एक संदेही युवक बस से उतर चुका था। हंगामा होने पर अन्य यात्रियों ने एक युवक को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी।

थाने में पकड़े गए युवक की तलाशी ली गई, लेकिन चोरी की रकम बरामद नहीं हुई। आशंका जताई जा रही है कि रकम पहले ही उसके साथी को सौंप दी गई थी। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और मामले की जांच जारी है।


विश्वविद्यालय में होली जश्न के बीच मधुमक्खियों का हमला, छात्रों के दो गुटों में झड़प, वीडियो भी वायरल


शहडोल

शहडोल के पंडित शंभूनाथ विश्वविद्यालय में होली का जश्न उस वक्त अफरा-तफरी में बदल गया, जब रंग-गुलाल के बीच डीजे की धुनों पर झूम रहे छात्र-छात्राओं पर अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। जान बचाने के लिए छात्र परिसर में इधर-उधर भागते नजर आए। वहीं इसी दौरान किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। होली के जश्न के बीच हंगामे और भगदड़ का यह पूरा घटनाक्रम कैमरे में कैद हो गया। जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

आए दिन किसी न किसी वजह से विवादों में रहने वाला पंडित शंभूनाथ विश्वविद्यालय में इस बार मामला होली के जश्न से जुड़ा है, जहां रंग-गुलाल और डीजे की धुनों पर थिरकते छात्र-छात्राओं के बीच अचानक अफरा-तफरी मच गई। विश्वविद्यालय परिसर में होली का उत्सव पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा था। छात्र-छात्राएं एक-दूसरे को रंग लगाकर और फिल्मी गानों पर डांस कर जश्न में डूबे हुए थे।

इसी दौरान अचानक मधुमक्खियों के झुंड ने हमला बोल दिया। मधुमक्खियों के हमले से परिसर में भगदड़ जैसे हालात बन गए। जान बचाने के लिए छात्र इधर-उधर भागते नजर आए। कई छात्र-छात्राएं घबराकर जमीन पर गिरते-पड़ते भी दिखे। हालांकि राहत की बात यह रही कि किसी गंभीर रूप से घायल होने की खबर सामने नहीं आई है। मामला यहीं नहीं थमा, होली खेलने के दौरान किसी बात को लेकर छात्रों के दो गुट आपस में भिड़ गए। देखते ही देखते कहासुनी धक्का-मुक्की में बदल गई, कुछ देर तक परिसर में तनाव का माहौल बना रहा। बाद में अन्य छात्रों और विश्वविद्यालय प्रशासन की दखल के बाद स्थिति को संभाला गया।

वायरल वीडियो के बाद मामले ने तूल पकड़ लिया है और लोग प्रशासनिक लापरवाही पर चर्चा कर रहे हैं। हालांकि किसी गंभीर घायल होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन कैंपस की सुरक्षा और आयोजन प्रबंधन को लेकर जवाबदेही तय होना अब जरूरी माना जा रहा है।

पिता ने बेटी की उड़न खटोला से की बिदाई, हेलीकॉप्टर देखने वालों की लगी भीड़, ग्रामीणों में रहा उत्साह


शहडोल 

जिले के खैरहा थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत धमनी कला में बुधवार को एक शाही विवाह की चर्चा पूरे इलाके में रही। जमींदार किसान परिवार ने अपनी लाडली बेटी को ‘उड़न खटोला’ यानी हेलीकॉप्टर से विदा कर अनोखी मिसाल पेश की। गांव में पहली बार किसी बेटी की विदाई इस अंदाज में हुई, जिसे देखने ग्रामीणों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी।

धमनी कला निवासी कुंवर आदित्य सिंह, पिता अंजय सिंह (पूर्व जनपद पंचायत सोहागपुर उपाध्यक्ष) परिवार में यह विवाह समारोह संपन्न हुआ। कुंवर आदित्य सिंह का विवाह सतना जिले के नागौद निवासी जमींदार किसान परिवार की पुत्री मृगांसी के साथ हुआ। विवाह उपरांत दुल्हन की विदाई हेलीकॉप्टर से की गई। यह जानकारी एक बराती ने दी।

बुधवार दोपहर हेलीकॉप्टर धमनी कला गांव पहुंचा। दूल्हा आदित्य सिंह अपनी दुल्हन मृगांसी के साथ हेलीकॉप्टर से गांव पहुंचे। घर के सामने ही विशेष रूप से लैंडिंग के लिए पैंठ (हेलीपैड) तैयार किया गया था। जैसे ही हेलीकॉप्टर गांव के ऊपर मंडराया, ग्रामीणों में उत्साह की लहर दौड़ गई। बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं बड़ी संख्या में मौके पर इकट्ठा हो गए। हेलीकॉप्टर को नजदीक से देखने का अवसर पाकर ग्रामीणों में खासा उत्साह देखा गया।

दूल्हा आदित्य सिंह एक निजी कंपनी में इंजीनियर हैं। उनके पिता अंजय सिंह क्षेत्र के बड़े किसान होने के साथ पूर्व जनपद पंचायत सोहागपुर के उपाध्यक्ष रह चुके हैं। परिवार की गढ़ी (पैतृक निवास) के पास ही हेलीपैड की व्यवस्था पहले से की गई थी। हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए प्रशासन से पूर्व अनुमति ली गई थी। सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। उल्लेखनीय है कि शहडोल जिले में यह दूसरी बार है जब किसी शादी समारोह में हेलीकॉप्टर उतरा है। इससे पहले जमुई क्षेत्र से भी एक दुल्हन को हेलीकॉप्टर से विदा किया गया था। शाही अंदाज में हुई इस विदाई की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है।


चिकित्सको ने नर्सिंग अधिकारी की कार्यशैली पर उठाए गंभीर सवाल, सिविल सर्जन को सौपा ज्ञापन


शहडोल

जिला चिकित्सालय शहडोल के मेटरनिटी विंग में कार्यप्रणाली को लेकर विवाद की स्थिति बन गई है। गायनिक विभाग के समस्त चिकित्सकों ने मेटरनिटी ओटी में पदस्थ एक नर्सिंग अधिकारी की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सिविल सर्जन को सामूहिक ज्ञापन सौंपा है। डॉक्टरों ने संबंधित नर्स को मेटरनिटी ओटी से हटाकर अन्य वार्ड या विभाग में पदस्थ करने की मांग की है।

सिविल सर्जन, को दिए गए ज्ञापन में चिकित्सकों ने उल्लेख किया है कि नर्सिंग ऑफिसर रश्मि राव की ड्यूटी मेटरनिटी ओटी में लगाई गई है, लेकिन उनके द्वारा ओटी के कार्यों में अपेक्षित रुचि नहीं ली जा रही है। विशेष रूप से ऑपरेशन के दौरान केस असिस्ट करने में लापरवाही बरतने का आरोप लगाया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि कार्यकुशलता और व्यवहार में कमी स्पष्ट रूप से परिलक्षित होती है, जिससे ऑपरेशन के दौरान अनावश्यक जटिलताएं उत्पन्न हो रही हैं।

चिकित्सकों का आरोप है कि सामान्य मामलों में भी गंभीर परिस्थितियां निर्मित हो जाती हैं और मरीज की स्थिति बिगड़ने का खतरा बढ़ जाता है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि भविष्य में इस प्रकार की किसी जटिलता की स्थिति में उपस्थित चिकित्सक एवं नर्सिंग अधिकारी जिम्मेदार नहीं होंगे। इसके साथ ही यह भी कहा गया है कि संबंधित नर्स द्वारा कार्य में रुचि न लेने के कारण अन्य नर्सिंग अधिकारियों पर अतिरिक्त कार्यभार पड़ रहा है।ज्ञापन में मेटरनिटी विंग के समस्त चिकित्सकों के हस्ताक्षर हैं। डॉक्टरों ने प्रशासन से शीघ्र आवश्यक कार्यवाही करते हुए मरीज हित में उचित निर्णय लेने की मांग की है। अब देखना होगा कि अस्पताल प्रबंधन इस मामले में क्या कदम उठाता है।

इस संबंध में जब सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि अस्पताल में पूरे स्टाफ का रोटेशन किया जा रहा है। ड्यूटी लगाने और हटाने का कार्य अस्पताल प्रबंधन के अधिकार क्षेत्र में आता है। हालांकि वर्तमान में संबंधित अधिकारी अवकाश पर हैं।

उल्लेखनीय है कि बीती माह पहले सर्जरी ओटी से संबंधित उक्त नर्स की ड्यूटी बदले जाने के बाद मामला तूल पकड़ गया था। ओटी के चार चिकित्सकों और वही नर्स ने मिलकर विरोध किया और सवाल उठाया कि उसे वहां से क्यों हटाया गया। इस निर्णय को लेकर अस्पताल परिसर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया और मामला शिकायतों तक पहुंच गया। बताया जाता है कि इस संबंध में कई स्तरों पर लिखित शिकायतें की गईं, जिसके बाद प्रकरण की जांच वर्तमान में सीएमएचओ कार्यालय में जारी है।

चकमा देकर 3 वर्ष से गांजा तस्करी मामले में फरार आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार


शहडोल

जिले की ब्यौहारी पुलिस ने गांजा तस्करी के एक बड़े मामले में फरार चल रहे आरोपी को आखिरकार गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया है। वर्ष 2023 में पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक इकोस्पोर्ट कार रीवा की ओर जा रही है, जिसमें भारी मात्रा में गांजा रखा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर वाहन का पीछा किया, लेकिन चालक कार को जंगल के रास्ते ले गया और अंधेरे का फायदा उठाकर गांजा से भरी कार छोड़कर फरार हो गया था।

घटना के दिन पुलिस ने मौके से कार जब्त कर तलाशी ली थी। तलाशी के दौरान वाहन से 87 किलो गांजा बरामद किया गया था। हालांकि आरोपी की पहचान नहीं हो सकी थी और वह लगातार पुलिस की गिरफ्त से बाहर रहा। मामले की फाइल खुली रही, लेकिन ठोस सुराग नहीं मिल पा रहा था।

हाल ही में थाना प्रभारी जिया उल हक ने मामले की जांच दोबारा तेज की। कार के नंबर के आधार पर वाहन की जानकारी खंगाली गई तो पता चला कि वाहन छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा थाना क्षेत्र में पंजीकृत था। पुलिस जब वाहन मालिक तक पहुंची तो उसने बताया कि उसने घटना से पहले वर्ष 2023 में बिलासपुर स्थित एक ऑटो डीलर के माध्यम से वाहन इमरान पिता मुबारक खान को बेच दिया था। पुलिस टीम ने बिलासपुर पहुंचकर दबिश दी और आरोपी इमरान पिता मुबारक खान को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह कार खरीदने के बाद गांजे की खेप लेकर जा रहा था, 

मुनि श्री का अविस्मरणीय आगवानी, होगा पंच कल्याणक महोत्सव व शांति महायज्ञ


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आगामी 25 फरवरी  से 2 मार्च 2026 से होने जा  रहे श्री पंच कल्याणक महोत्सव मे 35 जिनप्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव एवं विश्व शांति महायज्ञ हेतु पूज्य 108 श्री प्रमाण सागर की आगवानी कॉलेज तिराहा बुढार में बेहत ही उन्माद पूर्वक हर्षोल्लास तरीके से की गई।

पूज्य गुरुजी की एक झलक पाने जैन समाज के साथ, सिख समाज, सिंधी समाज, कसौधन समाज, ब्राह्मण समाज, क्षत्रिय समाज,अग्रवाल समाज सोनी समाज, ताम्रकार समाज ,व्यापारी संघ,सभी ने मिलकर जगह जगह गुरु जी की आगवानी  कर पाद प्रक्षालन किया। पूरे नगर को रंगोली, फूलों , द्वारों से सजाया गया, गुरु जी के आगमन पर पुष्प वर्षा की गई।जुलूस नगर भ्रमण कर रेलवे स्टेशन के निकट नवीन जिन मंदिर में आहुत हुआ, जिसके बाद पूज्य श्री के प्रवचन पश्चात कार्यक्रम हेतु पत्रों का चयन किया गया। जैन समाज के प्रसन्न जैन दीपू ने बताया कि इसके पूर्व 2001 में 24 अप्रैल  से 29 अप्रैल में 25 वर्षों पूर्व ये महा महोत्सव पूज्य चिन्मय सागर के सानिध्य में सम्पन्न हुआ था।

दुर्गा मंदिर का पुजारी युवती को शादी का झांसा देकर करता रहा शरीरिक शोषण, मामला दर्ज, आरोपी फरार


शहडोल

जिला मुख्यालय के प्रसिद्ध गंज दुर्गा मंदिर के पुजारी पर शादी का झांसा देकर वर्षों तक एक युवती के साथ दुराचार करने का गंभीर आरोप लगा है। पीड़िता की शिकायत पर आरोपी पुजारी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता एवं अनुसूचित जाति-जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। आरोपी फिलहाल फरार है।

आरोपी की पहचान आशीष राज तिवारी उर्फ छोटू पिता अनंत राज तिवारी, निवासी विराटेश्वरी धाम, गंज दुर्गा मंदिर, शहडोल के रूप में हुई है। वह इस प्रतिष्ठित मंदिर में पुजारी के पद पर कार्यरत था और धार्मिक आस्था की आड़ में उसने पीड़िता के साथ वर्षों तक छल किया।

पीड़िता मूलतः सीधी जिले की रहने वाली है। उसकी बड़ी बहन शहडोल में निवास करती है, जिसके कारण उसका शहडोल आना-जाना लगा रहता था। वर्ष 2017 में तबीयत खराब होने पर वह दुर्गा मंदिर दर्शन के लिए गई, जहां पुजारी आशीष से उसकी पहचान हुई। आशीष ने उसका मोबाइल नंबर लिया और धीरे-धीरे दोनों के बीच बातचीत का सिलसिला शुरू हो गया, जो आगे चलकर प्रेम संबंध में बदल गया।

पीड़िता के अनुसार, आरोपी आशीष उसके घर सीधी पहुंचा और उसके माता-पिता के सामने बड़ी चालाकी से बोला मैं आपकी बेटी से शादी करूंगा। मुझे जात-पात से कोई लेना-देना नहीं है। इस झूठे आश्वासन पर परिवार ने भरोसा किया और युवती को उसके साथ जाने की अनुमति दे दी। आरोपी उसे सीधी से रीवा ले गया, जहां किराए का मकान लेकर उसने 2 से 3 साल तक पीड़िता को रखा और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। जब भी पीड़िता शादी की मांग करती, आरोपी यह कहकर टाल देता कि मेरी बहन की शादी हो जाए, फिर तुम्हें शहडोल ले चलूंगा और विधिवत विवाह करूंगा।

वर्ष 2021 में आरोपी पीड़िता को रीवा से शहडोल ले आया और यहां भी किराए का मकान लेकर उसके साथ शारीरिक शोषण का सिलसिला जारी रखा। पीड़िता की शिकायत पर महिला थाना शहडोल में आरोपी के विरुद्ध निम्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है ।भारतीय न्याय संहिता की धारा 69** (शादी का झांसा देकर दुराचार) भारतीय न्याय संहिता की धारा 351(3)** (आपराधिक धमकी) SC/ST अधिनियम की धारा 3(1)(W)(II) एवं 3(2)(V) मामला दर्ज कर लिया है।

पेट दर्द की बीमारी के कारण युवती ने फांसी लगाकर की आत्महत्या, तीन माह से थी परेशान


शहडोल 

जिले के पपौंध थाना क्षेत्र अंतर्गत बहेरिया गांव में 19 वर्षीय युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। बताया जा रहा है कि युवती पिछले तीन महीनों से लगातार पेट दर्द से परेशान थी। परिजन उसका स्थानीय अस्पताल में उपचार करवा रहे थे, लेकिन दर्द में सुधार नहीं होने से वह मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगी थी।

पुलिस के अनुसार बहेरिया निवासी कुमारी शालिनी सिंह (19) ने अपने घर के कमरे में फांसी लगा ली। घटना के समय परिजन घर पर ही मौजूद थे। सुबह के समय उसे तेज पेट दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद वह अपने कमरे में चली गई। परिवार के लोगों को लगा कि वह आराम कर रही है, लेकिन काफी देर तक बाहर नहीं आने पर उसकी मां कमरे के पास पहुंची। दरवाजा अंदर से बंद था। जब झांककर देखा गया तो शालिनी फांसी के फंदे पर लटकी हुई थी।

घटना की जानकारी तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विजेन्द्र मिश्रा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और जांच शुरू की। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई कर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम करवाया है। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। प्रारंभिक जांच में परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। उन्होंने बताया कि शालिनी के पेट में पिछले तीन माह से असहनीय दर्द रहता था, जिसके कारण वह रातभर सो नहीं पाती थी। परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर बताई जा रही है, जिससे उसे बड़े अस्पताल में दिखाना संभव नहीं हो सका। स्थानीय स्तर पर इलाज जारी था, लेकिन दर्द में कमी नहीं आई।

बूचड़खाने ले जा रहे 21 मवेशियों से भरा ट्रक पुलिस ने पकड़ा, 3 आरोपी गिरफ्तार


शहडोल

गोहपारू पुलिस ने बूचड़खाने ले जाए जा रहे मवेशियों से भरे ट्रक को पकड़कर पशु तस्करी का भंडाफोड़ किया है। गुरुवार तड़के करीब 5 बजे थाना क्षेत्र के फॉरेस्ट बेरियल के पास की गई इस कार्रवाई में पुलिस ने लगभग 21 नग मवेशियों को मुक्त कराया और तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। ट्रक अनूपपुर जिले से उत्तर प्रदेश की ओर जा रहा था, जिसे पहले ही रोक लिया गया।

पुलिस के अनुसार, बुधवार देर रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि उत्तर प्रदेश पासिंग एक ट्रक में अवैध रूप से मवेशियों की तस्करी की जा रही है। मुखबिर ने वाहन का नंबर और रंग भी बताया। सूचना मिलते ही पुलिस ने रणनीति बनाकर फॉरेस्ट बेरियल के पास बेरियर बंद कराया और आगे एक निजी ट्रक खड़ा कर मार्ग अवरुद्ध कर दिया। जैसे ही संदिग्ध ट्रक वहां पहुंचा, उसे रोककर तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान ट्रक में ठूंस-ठूंसकर भरे गए लगभग 21 मवेशी पाए गए। मौके पर डायल 112 के दो वाहन और थाने से अतिरिक्त पुलिस बल मौजूद रहा। पुलिस को देखकर आरोपी भागने की फिराक में थे, लेकिन पहले से की गई घेराबंदी के कारण वे सफल नहीं हो सके। चालक सहित दो अन्य आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।

पुलिस का कहना है कि बरामद मवेशियों को बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। सभी मवेशियों को सुरक्षित निकालकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर पूछताछ जारी है। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।

गौरतलब है कि एक दिन पहले ही झींक बिजुरी चौकी पुलिस ने जंगलों के रास्ते पैदल मवेशियों की तस्करी करते एक आरोपी को गिरफ्तार कर 6 नग मवेशियों को तस्कर के कब्जे से मुक्त कराया था।

रिहायशी क्षेत्र में सड़क किनारे फेंक रहे हैं अस्पताल का बायो वेस्ट, इंसानो व जानवरो की लिए बना खतरा


शहडोल 

जिले के बुढार नगर से एक ऐसी तस्वीर सामने आई है, जो ना सिर्फ इंसानियत को शर्मसार करती है बल्कि हमारे स्वास्थ्य तंत्र की गंभीर लापरवाही को भी उजागर करती है। हनुमान मंदिर के ठीक बगल में सड़क किनारे खुलेआम फेंका गया मेडिकल बायो वेस्ट अब बेजुबान गोवंश के लिए मौत का सामान बनता जा रहा है। इंजेक्शन, नीडल और दवाइयों के खतरनाक कचरे को चारे की तरह खा रहे मवेशी… और रिहायशी इलाके में मंडराता संक्रमण का खतरा, खुले में फेंका गया ये मेडिकल कचरा ना सिर्फ पर्यावरण के लिए खतरा है बल्कि इंसानों और बेजुबान पशुओं की जान से खिलवाड़ भी है।

जिले के बुढार ब्लॉक अंतर्गत गोपालपुर मार्ग में स्थित हनुमान मंदिर के ठीक बगल में एक बेहद चिंताजनक और लापरवाही भरा मामला सामने आया है, जहां हॉस्पिटल संचालकों द्वारा मेडिकल बायो वेस्ट को खुलेआम सड़क किनारे फेंक दिया गया है। फेंके गए कचरे में उपयोग किए गए इंजेक्शन, सुइयां (नीडल), दवाइयों की शीशियां एवं अन्य खतरनाक मेडिकल अपशिष्ट शामिल हैं, जो सीधे तौर पर लोगों और मवेशियों के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुके हैं।

स्थानीय निवासी नरेंद्र तिवारी ने इस पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि वे आज सुबह अपने साथियों के साथ मॉर्निंग वॉक पर निकले थे, तभी उनकी नजर हनुमान मंदिर के पास सड़क किनारे पड़े मेडिकल कचरे के ढेर पर पड़ी। हैरानी की बात यह रही कि आसपास कई गोवंश इस कचरे के बीच विचरण कर रहे थे और उसे चारे की तरह ग्रहण कर रहे थे, जो उनके लिए जानलेवा साबित हो सकता है।

रिहायशी इलाके में इस प्रकार बायो वेस्ट फेंके जाने से संक्रमण फैलने का खतरा भी लगातार बढ़ता जा रहा है। ज्ञात हो कि बुढार नगर में कई निजी क्लिनिक संचालित हैं, जहां से निकलने वाले मेडिकल अपशिष्टों का उचित निस्तारण न कर उन्हें खुले में फेंक दिया जाता है, जिससे पर्यावरण और जनस्वास्थ्य दोनों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

लोगो ने इस गंभीर लापरवाही पर कड़ी आपत्ति जताते हुए प्रशासन से मांग की है कि मेडिकल वेस्ट खुले में फेंकने वाले जिम्मेदार क्लीनिक संचालकों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।

बिना सूचना दिए काटी दी बिजली, अंधेरे में रात बिताने को मजबूर पीड़ित परिवार 


शहडोल

शहडोल का बिजली विभाग हमेशा अपनी लापरवाही को लेकर चर्चा में रहता है। यहां के कर्मचारी बिना उपभोक्ता को सूचना दिए घर में जाकर बिजली काटने का काम कर रहे है। ऐसा ही एक मामला तहसील जयसिंहनगर के ग्राम पंचायत नवाटोला अंतर्गत ग्राम चंदौरा का सामने आया है। ग्राम चंदौरा के पीड़ित मेलाराम साहू के घर में मीटर रीडर ने जाकर बिना सूचना देकर एक सप्ताह पूर्व बिजली काट दी गई। इससे साहू परिवार अब अंधेरे में रात बिता रहा है। मामले की जानकारी से विभागीय अधिकारी को अवगत कराया गया, लेकिन वे कुछ सुनने को तैयार नहीं हैं।

पीड़ित मेलाराम साहू ने बताया कि 12 फरवरी को बिजली विभाग के मीटर रीडर राजेंद्र मरावी उनके घर आए। उनसे पूछने पर मीटर रीडर का कहना था कि 1200 रुपये दीजिए, नहीं तो हम बिजली काट देंगे। पैसे नहीं देने पर बिजली काट दी गई। इतना ही नहीं मीटर रीडर के पास कोई पहचान पत्र तक नहीं था। ऐसे में विभाग निजी कर्मचारियों को उपभोक्ता के घर में भेजकर दबंगाई दिखवा कर राशि वसूलने जैसे कार्य करवा रहे हैं। यदि गांव के लोग समय पर राशि नहीं देते है तो खुद को अधिकारी समझकर बिजली काट देते है। जबकि नियमानुसार बिजली काटने के पूर्व विभाग को नोटिस या सूचना देकर उपभोक्ता को अवगत करना चाहिए होता है। यहां पर ऐसा नहीं किया गया, बल्कि सीधे मीटर रीडर ने डरा धमकाते हुए कहा है कि जो करना है कर लो, मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ पाएगा और खंभे से वायरिंग काट दी गई। इसके बाद से पूरा परिवार अंधेरे में रात बिता रहा है।

मुड़ना नाला में बोरे में मिली अज्ञात युवती का शव, हत्या की आशंका, पुलिस जांच में जुटी


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जिले के सिंहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत दूधी गांव स्थित मुड़ना नाला में बोरे में बंधी अज्ञात युवती की लाश मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। रविवार दोपहर खेत में सिंचाई के लिए पंप लगाने गए एक किसान ने नाले में पानी के बीच पड़ा एक बोरा देखा, जिससे तेज बदबू आ रही थी। संदेह होने पर किसान ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

मौके पर पहुंची पुलिस ने बोरे को खुलवाया तो उसके भीतर करीब 30 वर्षीया अज्ञात युवती का शव मिला। पुलिस के अनुसार शव लगभग तीन से चार दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। बोरा मजबूती से बंधा हुआ था और उसमें पत्थर भी रखे गए थे, जिससे प्रथम दृष्टया हत्या कर शव को ठिकाने लगाने की आशंका जताई जा रही है।घटना की जानकारी लगते ही गांव के लोग भी मौके पर पहुंचे है। मौके पर पुलिस एवं एफएसएल की टीम भी जांच करने पहुंची।

सिंहपुर थाना प्रभारी एम.एल. रहगडाले ने बताया कि युवती के दाहिने हाथ पर “D.R.” गुदा हुआ है, जबकि गदेली (हथेली के पास) पर ‘ॐ’ का निशान बना है। इन चिन्हों के आधार पर पहचान की कोशिश की जा रही है। थाना प्रभारी ने बताया कि सिंहपुर थाना क्षेत्र में इस उम्र की किसी युवती की गुमशुदगी दर्ज नहीं है, लेकिन कोतवाली थाना में दर्ज एक गुम इंसान की उम्र इस शव से मिलती-जुलती है। 

इसकी सूचना संबंधित थाना पुलिस को दे दी गई है।फिलहाल शव को अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित रखवाया गया है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और आसपास के क्षेत्रों में भी गुमशुदगी की जानकारी जुटाई जा रही है। घटना से क्षेत्र में दहशत का माहौल है।

अवैध उत्खनन की कार्यवाही करके लौट रही वन विभाग की टीम पर हमले के तीन आरोपी गिरफ्तार


शहडोल

कोयले के अवैध उत्खनन की सूचना पर कार्रवाई करने पहुंची वन टीम पर हमले के मामले में सोहागपुर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शनिवार शाम पुलिस द्वारा जारी प्रेस नोट में इस कार्रवाई का खुलासा किया गया।

जानकारी के अनुसार बीते दिनों सोहागपुर क्षेत्र के खेतौली गांव में कोयला उत्खनन एवं परिवहन की सूचना पर वन परिक्षेत्राधिकारी रामनरेश विश्वकर्मा के नेतृत्व में वन अमला मौके पर पहुंचा था। इसी दौरान आरोपियों ने टीम के साथ दुर्व्यवहार करते हुए हमला कर दिया और शासकीय कार्य में बाधा उत्पन्न की। घटना के बाद रेंजर रामनरेश विश्वकर्मा की शिकायत पर थाना सोहागपुर में अपराध दर्ज किया गया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत मामला पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की। जांच के दौरान आरोपी राजू सिंह उर्फ राकेश सिंह (50 वर्ष), चिन्टू सिंह उर्फ जितेन्द्र सिंह (34 वर्ष) तथा बेटन सिंह उर्फ बृजेश सिंह (54 वर्ष), सभी निवासी ग्राम बड़खेरा थाना सोहागपुर जिला शहडोल, को विधिवत गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय शहडोल में पेश किया गया है।

पुलिस का कहना है कि प्रकरण की जांच जारी है और अवैध उत्खनन से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है। शासकीय कार्य में बाधा एवं शासकीय अधिकारी पर हमले पर पुलिस सख्त रुख अपनाए हुए है। 

वही इस मामले में डीएफओ ने आरोप लगाया था कि पुलिस ने मामले में अपराध दर्ज करने में काफी समय लगाया, लेकिन वहीं पुलिस का कहना था कि शिकायत की जांच कर मामला दर्ज किया गया और तीन आरोपियों की शनिवार गिरफ्तारी भी कर ली गई है।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी की जनाक्रोश रैली, जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में हुई फ्लॉप

*पत्रकारों की सुरक्षा पार्टी की जिम्मेदारी, भाजपा का आरोप नाबालिग पर सियासत*


शहडोल

जिले में एक सूबे के मुखिया मोहन यादव को काले झंडे दिखाने मामले में लगभग चालीस लोग जब सीएम की सभा के बाद आसानी से रिहा हो जाते है, लेकिन 2 लोगो सहित नाबालिग गिरफ्तार कर जेल भेजे जा रहे थे, उस समय जिला नेतृत्व करने वालो ने इस नाबालिग को पहचानने से इंकार करने के बाद ही पुलिस ने असामाजिक तत्व समझकर जेल भेज दिया होगा, पर सवाल इस बात का है कि जब पुलिस पूछ रही थी तो उसी समय कहना था हमरा कार्यकर्ता है, तब तो जेल भेजवा दिया,  फिर क्यों राजनीति कि विसात नाबालिग बच्चे के नाम पर बिछाई गई।  वाह जिला अध्यक्ष और वाह प्रदेश अध्यक्ष जबकि इसी मामले में गिरफतारी के बाद कांग्रेस नेता सुफियान खान ने उक्त मामले में प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि गिरफ्तारियां चेहरा देखकर की जा रही थीं। उन्होंने जिला कांग्रेस अध्यक्ष अजय अवस्थी पर आरोप लगाया कि जब बुढार थाने में कार्यकर्ताओं की पहचान कराई जा रही थी, तब उन्होंने सत्यम प्रजापति को पहचानने से इनकार कर दिया, जिसके कारण एक नाबालिग छात्र नेता को जेल जाना पड़ा। हालांकि बाद में इस बयान से पार्टी की साख के लिए इस लाइन को दबाकर बैठ गए।

*गिरेबान झाकने की जरुरत*

जिला अध्यक्ष के नेतृत्व में जनाक्रोश रैली में तय सर्किट हॉउस की पत्रकारवार्ता को प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कलेक्ट्रेट में ही सम्बोधित किया, पत्रकारों ने सवाल दागे तो पटवारी दिल्ली, अमेरिका और पीएम मोदी का हाल बताने लगे और कहा विपक्ष को मजबूत करने में पत्रकारों की अहम् भूमिका है, पत्रकारों आप हमे सहयोग करे, तो पत्रकारों ने पूछ लिया आपकी कांग्रेस पार्टी कहा थी जब 18 पत्रकारों का कलेक्टर ने जिला बदर करने की नोटिस दे दी थी। पटवारी ने मामले की गंभीरता समझते हुए कहा की जिला अध्यक्ष अजय अवस्थी जी पार्टी की पूरी जिम्मेदारी है हम ऐसी स्थिति में पत्रकारों का साथ दे और कही भी पत्रकारों पर हमले हो तो उनका साथ दीजिये आप पत्रकार मुझे डाइरेक्ट भी फ़ोन कर सकते है। सवाल के जवाब में फस चुके जीतू पटवारी से स्थानीय वरिष्ठ पत्रकार ने पूछा आप मोहन सरकार को माफिया की सरकार बोल बोल कर कोस रहे है, आपकी पार्टी में जिला अध्यक्ष कितने पाक साफ़ आप ही बताइये .... यह खुद भूमाफिया की श्रेणी में है, शहडोल में भू माफिया का भी राज है इस पर कोई कुछ नहीं बोला फिर एक सवाल हुआ ... आपकी पार्टी को पत्रकारों को सुरक्षा देने की बात कर रही है, आपकी पार्टी का तथाकथित भूमाफिया भ्रष्ट पदाधिकारी पत्रकार की हत्या करने गुंडे भेजता है, शासकीय, आदिवासियो की भूमि फर्जी तरीके से कब्ज़ा कर बिक्री करता है... ऐसे सवाल होते ही अजय अवस्थी का चेहरा देखने लायक था, वही जो जीतू पटवारी भाजपा सरकार और जिला प्रशासन पर ऊँगली दिखाकर सवाल करते नजर आ रही थे वो पत्रकारों के जवाब से कन्नी काट निकल गए।

*क्या कहते है जानकर*

विधिक मामले में जानकार एवं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप सिंह ने एक गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि गिरफ्तार लोगों में सत्यम प्रजापति नाबालिग है। उनके अनुसार सत्यम की जन्मतिथि 22 मई 2008 है, जो उसकी दसवीं की अंकसूची और अन्य दस्तावेजों में दर्ज है। इस आधार पर गिरफ्तारी की तारीख 8 फरवरी को उसकी उम्र 18 वर्ष से कम थी, यानी वह विधिक रूप से नाबालिग था। प्रशासन राजनीतिक दबाव में काम कर रहा है और सभी जिम्मेदार अधिकारियों को हाईकोर्ट में जवाब देना होगा। कांग्रेस ने इस मामले में न्यायालय की शरण लेने की बात कही है। लेकिन जिला पदाधिकारी नाबालिग को रहत दिलाने मामले में कोई कदम नहीं उठा पाए एक कदम जरूर उठा कलेक्टर की शिकायत   कलेक्टर से करने जरूर पहुंच गए, जो किसी नादानी से कम नहीं था।

*कहा था जेल भरो आंदोलन होगा*

ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अंकित सिंह ने कहा कि कलेक्टर द्वारा जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया, उसकी सूचना प्रदेश नेतृत्व को दे दी गई है। जल्द ही प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी शहडोल आ सकते हैं और इस मामले को लेकर जेल भरो आंदोलन भी किया जाएगा। कांग्रेस का आरोप है कि निहत्थे कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई कर प्रशासन ने पक्षपातपूर्ण रवैया अपनाया है। लेकिन जीतू पटवारी आये तो शहडोल इसी प्रोमोशन के साथ फिर संभवतः पार्टी की अंदरूनी फूट को भांपते हुए शांतिपूर्ण तरीके से ज्ञापन देकर इतिश्री कर ली गई।

*एनएसयूआई ने बचाई लाज*

शहडोल की जनता इस बात को ऐसे समझे की साप भी मर गया लाठी भी नहीं टूटी कलेक्टर का डंडा भी नहीं झुका। जिसके लिए शहडोल से प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को शहडोल में हुंकार भरनी थी सूत्रों के हवाले से खबर यह भी है जनसुनवाई मंच पर करने वाले जीतू पटवारी की सभा में जिला अध्यक्ष अजय अवस्थी समां बांधने में फेल रहे वही पोस्टर में लगी बड़ी बड़ी तस्वीरों वाले नायको ने जिला अध्यक्ष के नेतृत्व वाली जनाक्रोश रैली को तरजीह नहीं देना चाहते थे, इस लिए जनता काम आई शहडोल अनूपपुर डिंडोरी उमरिया मिलाकर भी कॉंग्रेस की जनाक्रोश रैली में लगभग दो हजार लोगो की भीड़ नहीं जुटा पाई, भले ही ड्रोन से लिए गए वीडियो में भीड़ भाड़ दिखाई दे रही है, लेकिन उस भीड़ में भी एनएसयूआई की लोगो की भीड़ और झंडा साफ़ तौर पर लहराते हुए दिखाई दे रहा है।

*क्या कहता है विपक्ष*

इस मामले में तो जीतू पटवारी को राजधानी से ही विश्वाश सारंग एवं शहडोल से अमित मिश्रा ने ही जनाक्रोश रैली को नाबालिग के नाम सियासी रोटी सेकने का जोरदार तंज कसकर 50 प्रतिशत तो चित्त कर दिया था वही जनता और पुलिस प्रशासन की भी दो टूक थी की जब वार्षिक परीक्षा थी तो काळा झंडे दिखने गया क्यों था। जिसका किसी कांग्रेस पार्टी कार्यकर्त्ता और पदाधकारी के पास कोई जवाब नहीं था।

*पार्टी पद बना "सुरक्षा कवच"*

जीतू परवरी ने कहा रेत कोयला का भण्डार अवैध कारोबारी प्रशासन से मिलकर हड़प रहे है मतलब आपको भोपाल से जानकारी मिल गई तो आपने कितने बार इस बात को विधानसभा में उठाया। वही उन्होंने कहा शहडोल में माफ़िया राज है तो उनके जिला अध्यक्ष सहित उनके परिवार के पास सैकड़ो एकड़ जमीन आई कहा से स्पष्टीकरण पार्टी क्यों नहीं मांग रही है। तत्कालीन कलेक्टर ने जिला अध्यक्ष का कार्यालय जो  शासकीय तालाब भीठा दर्ज है यानि तालाब की भूमि पर बना हुआ है। वही शहडोल कलेक्टर कार्यालय में लंबित निगरानी गुंडे बदमाशों की लिस्ट में उनके रिश्ते में भाई का नाम 2024 से दर्ज है, जिला बदर का प्रकरण कलेक्टर में लंबित बताता है की अपराध पृष्ठ्भूमि के लोगो ने पार्टी का चोला अपने बचाव के लिए ओढ़ रखा हुआ है इससे भले ही पार्टी को कोई लाभ नहीं है लेकिन जिला प्रशासन इनकी गिरिबान में हाथ डालने से डरे इनका खौफ बरकारार रहे जिला अध्यक्ष की महज इतनी ही राजनीति है इस बात पर शीर्ष नेतृत्व को गहन चिंतन करने की आवश्यकता है। शहडोल का कांग्रेस नेतृत्व पार्टी के झंडा नहीं उठाकर रहा है अवैध तरीके से अर्जित संपत्ति पर प्रशासन कार्यवाही ना करे सफेदपोश खद्दर ओढ़ रखा हुआ है।

खेत की जुताई से पहले ट्रैक्टर पलटा, चालक की दबकर मौत, अवैध खनन पर दो ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त 


शहडोल

जिले के खैरहा थाना क्षेत्र अंतर्गत सारंगपुर रोड पर एक दर्दनाक हादसे में ट्रैक्टर चालक की मौत हो गई। खेत की जुताई करने जा रहा ट्रैक्टर अचानक अनियंत्रित होकर पलट गया, जिससे चालक इंजन के नीचे दब गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। शनिवार पुलिस ने मर्ग कायम करते हुए जांच शुरू की है।घटना की जानकारी के बाद लोगों की मौके पर काफी भीड़ जमा हो गई थी।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार मृतक की पहचान हाफिज पिता सफीक (36) के रूप में हुई है। वह ट्रैक्टर लेकर खेत की जुताई करने के लिए निकला था। इसी दौरान सारंगपुर रोड पर ट्रैक्टर का इंजन असंतुलित होकर पलट गया। हादसा इतना अचानक हुआ कि चालक को संभलने का मौका नहीं मिला और वह ट्रैक्टर के नीचे दब गया।

घटना की सूचना मिलते ही खैरहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों की मदद से ट्रैक्टर इंजन को सीधा कराया गया और उसके नीचे दबे चालक को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मृत्यु हो चुकी थी। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

प्राथमिक जांच में हादसे का कारण ट्रैक्टर का अनियंत्रित होना बताया जा रहा है। हालांकि पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है। हादसे के बाद क्षेत्र में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पुलिस द्वारा घटना के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।

थाना प्रभारी उमा शंकर चतुर्वेदी ने बताया कि घर से खेत के लिए ट्रैक्टर जा रहा था, तभी रास्ते में इंजन पलट गया और चालक की दबने से मौत हुई है। सूचना पर पुलिस टीम को मौके पर भेजा था। शव को पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर कार्यवाही की, फिलहाल मामले पर हमने मर्ग कायम किया है आगे की जांच कर रहे है।

*अवैध खनन पर दो ट्रैक्टर ट्रॉली जब्त*

शहडोल जिले में खनन माफियाओ के खिलाफ पुलिस ने सख्त अभियान छेड़ दिया है। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में रेत की चोरी करते दो ट्रैक्टर जब्त कर आरोपियों पर कड़ी धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। 

पहली कार्रवाई देवलौंद थाना क्षेत्र के सोनघड़ियाल गोपालपुर में हुई।  पुलिस ने प्रतिबंधित क्षेत्र से रेत उत्खनन कर परिवहन कर रहे ट्रैक्टर को धर दबोचा। थाना प्रभारी सुभाष दुबे ने बताया कि आरोपी विनय मिश्रा के खिलाफ खनिज अधिनियम एवं वन्य जीव संरक्षण अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया है। इसी तरह दूसरी कार्रवाई ब्यौहारी थाना क्षेत्र में की गई। ग्राम खामडांड से रेत चोरी करते एक ट्रैक्टर को जब्त किया गया। इस मामले में राहुल उर्फ सोनी खैरवार (30) एवं हिमांशु सिंह, दोनों निवासी खामडांड, के खिलाफ मामला दर्ज किया गया

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