आर. के. रिसोर्स का डबल गेम, जनप्रतिनिधि पर आरोप, अपराधी को संरक्षण, दलालो से जुड़े कंपनी के तार

*स्थानीय बेरोजगार युवकों का हो रहा है शोषण, काले कारनामो को दे रहे हैं अंजाम*


शहडोल

जिले के सोहागपुर एरिया अंतर्गत शारदा खुली खदान में ओवर बर्डन हटाकर कोयला निकालने के कार्य के लिए कार्यरत निजी ठेका कंपनी आर के आर के रिसोर्स में बीते एक वर्षों से भर्ती के नाम पर दलाली का बड़ा खेल फल फूल रहा है। कानूनी तौर पर अधिक से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने के नियम कायदे को ताक मे रखकर मोटी रकम उगाही की फिराक में कंपनी के साइड इंचार्ज रामेश्वर यादव ना सिर्फ स्थानीय बेरोजगार युवकों का शोषण कर रहा है, बल्कि अपने काले कारनामों को अंजाम देने के लिए बकायदे रणनीति बनाकर डबल गेम का प्लान किया हैं। 

*उपाध्यक्ष की छवि धूमिल करने का प्रयास*

एक तरफ यूनियन नेता कामाख्या के साथ मिलकर लगभग 40 मजदूरों की भर्ती के एवज में एक मोटी रकम यूनियन नेता  के माध्यम से बेरोजगारों से ऐठी गई वहीं दूसरी और स्थानीय रंगदारों को अपने पाले में रखकर दलाली का धंधा सुरक्षित करने की मंशा से पूरे भ्रष्ट सिस्टम को सजाया गया था। क्षेत्र के भोले भाले ग्रामीणों का शोषण कर, गांधी मलाई खाने की राह में लगातार आगे बढ़ रहे दलाल रामेश्वर यादव इस बात से बेखबर थे, की क्षेत्र के स्थानीय जनप्रतिनिधियो के विरोध के बाद दलाली के इस धंधे में पूर्ण विराम की कुंडी लग सकती है। ईमानदार जनप्रतिनिधियों के विरोध का खामियाजा उन्हें उठाना पड़ सकता है और यही हुआ लगातार बेरोजगार  युवाओं के पक्ष में उनके रोजगार तथा एचपीसी रेट को लेकर लड़ाई लड़ रहे, जनप्रतिनिधि वैभव विक्रम सिंह कंपनी की आंख किरकिरी बन गए यही वजह रही की रामेश्वर यादव द्वारा निराधार, तथ्य विहीन, आरोप लगाकर उपाध्यक्ष की  छवि धूमिल करने का प्रयास तथा इन्हें रास्ते से हटाने का भरसक प्रयास किया गया, जिसके बाद जनप्रतिनिधि वैभव विक्रम सिंह तो अपने ऊपर लगाए गए आरोपों एवं मजदूरों के हित की लड़ाई में पूरी मजबूती के साथ रण में डटे हुए हैं और कंपनी के साइड इंचार्ज का रामेश्वर यादव आरोप लगाकर क्षेत्र से गायब हो गए हैं।

*दलालों से जुड़े कंपनी के तार*

आपको बता दें कि कंपनी के तार दोनों दलालों के साथ काफी मजबूती से जुड़े हुए हैं, पहला यूनियन लीडर कामाख्या जिसने नौकरी भर्ती के नाम पर रामेश्वर की आर्थिक रूप से व्यवस्था बनवाई, वही दूसरा बाहुबली त्रिभुवन विश्वकर्मा जो लाठी के दम पर कंपनी के लिए लोकल मैनेजमेंट संभालता है, इस पूरे घटनाक्रम में मजे की बात तो यह है की त्रिभुवन विश्वकर्मा जो इस समय कंपनी का कर्मचारी है, जिसे कुछ माह पहले कंपनी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने मारपीट तथा रंगदारी मांगने का आरोपी बनाया था और इसके खिलाफ विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अपराधिक मामला भी पंजीबद्ध है, लेकिन अचरज की बात तो यह है कि आखिरकार आर के अर्थ रिसोर्स की क्या मजबूरी रही है की  विश्वकर्मा जैसे अपराधियों को अपने स्वच्छ छवि वाली कंपनी आर के अर्थ रिसोर्स न सिर्फ काम दिया, बल्कि दामाद के जैसे आओ भगत कर भरपूर व्यवस्था दी।

*तोड़फोड़ व रंगदारी का हुआ था मामला दर्ज*

निश्चित तौर पर यह सारा घटनाक्रम इशारा करता है कि साइड इंचार्ज रामेश्वर यादव ने अपने मंसूबों को पूरा करने की नीयत से पूरा चक्रव्यूह रचा, यही बात समझने लायक है की कॉरपोरेट जगत मे ऐसे तमाम कंपनी के दलाल मौजूद है, जो की अपने फायदे के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं, कोई भी नाजायज काम करने में इन्हें जरा भी संकोच नहीं है, इनका जमीर इन्हें कोसता नहीं है, इनका जनहित के मुद्दों से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है, अन्य दूसरे राज्यों से काम करने आई कंपनी के ऊपर बाहुबल एवं खादी के रौब दिखाकर दलाली करने का पैतरा काफी पुराना है, लेकिन कारगर है इस तर्ज पर पार्षद पति संजय त्रिभुवन विश्वकर्मा तथा अपने अन्य 8 से 10 साथियों के साथ न सिर्फ कंपनी परिसर में घुसकर तोड़फोड़ की बल्कि बकायतें रंगदारी शुल्क की मांग की, जिसका वीडियो फुटेज भी पुलिस जांच में सामने भी आया। गौरतलब है कि मारपीट तथा तोड़फोड़ के गंभीर मामलों में तीनों आरोपियों के खिलाफ थाना अमलाई में अपराध पंजीबद्ध होने के बावजूद आर के अर्थ रिसोर्स कंपनी के ऐसे अपराधियों तथा नेताओं से संबंध आखिर क्या दर्शाते हैं, साइड इंचार्ज रामेश्वर यादव तथा कंपनी के सुंदर चाल चरित्र का यह दोहरा चेहरा क्षेत्र की जनता जनार्दन को समझना होगा।

तीन माह से नही मिला वेतन, फिल्टर प्लांट कर्मचारी बैठे धरने पर, पानी सप्लाई बन्द करने की चेतावनी


शहडोल

जिले की धनपुरी नगरपालिका एक बार फिर कर्मचारियों के वेतन भुगतान को लेकर सवालों के घेरे में आ गई है। इस बार मामला नगर की जल व्यवस्था से जुड़े फिल्टर प्लांट कर्मचारियों का है, जिन्होंने तीन माह से वेतन नहीं मिलने से नाराज होकर हड़ताल शुरू कर दी है। भीषण गर्मी में कर्मचारी फिल्टर प्लांट गेट के सामने बैठकर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।

धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के संग्राम सिंह दफाई स्थित फिल्टर प्लांट में कार्यरत कर्मचारियों का आरोप है कि लगातार काम करने के बावजूद उन्हें पिछले तीन महीनों से वेतन नहीं दिया गया। आर्थिक संकट से जूझ रहे कर्मचारियों ने अब काम बंद कर आंदोलन का रास्ता अपनाया है। कर्मचारियों का कहना है कि जब तक बकाया वेतन का भुगतान नहीं किया जाता, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भुगतान नहीं हुआ तो नगर की जल आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। कर्मचारियों के काम पर नहीं लौटने की स्थिति में धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र में पानी सप्लाई बाधित होने की आशंका बढ़ गई है, जिससे आम जनता को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। मौके पर पहुंचे सहायक राजस्व निरीक्षक रामविशाल ने कर्मचारियों को जल्द वेतन भुगतान का आश्वासन दिया। कर्मचारियों ने आश्वासन पर भरोसा करने से इनकार करते हुए कहा कि जब तक खाते में वेतन नहीं आएगा, आंदोलन जारी रहेगा। सीएमओ ने बताया कि फिल्टर प्लांट के कर्मचारियों का भुगतान करा दिया जाएगा। पानी सप्लाई बंद नहीं होगा।

खनिज विभाग की रेत माफियाओं पर प्रहार, अवैध रेत भंडारण पर, 310 घनमीटर रेत किया गया नष्ट


शहडोल

जिले के तहसील सोहागपुर अंतर्गत ग्राम नरवार एवं बिजौरी क्षेत्र में रेत के अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद खनिज विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 310 घन मीटर अवैध रूप से भंडारित रेत का विनष्टीकरण किया है।

जानकारी के अनुसार कलेक्टर शहडोल के निर्देश पर खनिज विभाग द्वारा मामले की जांच कराई गई। खनिज अधिकारी के मार्गदर्शन में 7 जून को खनिज अधिकारी एवं विभागीय अमले ने ग्राम बिजौरी एवं नरवार क्षेत्र का मौके पर निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ग्राम बिजौरी में विभिन्न स्थानों पर रेत के अवैध भंडारण पाए गए।

जांच में पुरानी बैगा कॉलोनी, बिजौरी में लगभग 200 घन मीटर रेत शासकीय भूमि पर भंडारित मिली। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी करीब 50 घन मीटर रेत का अवैध भंडारण पाया गया। विभागीय जांच में सामने आया कि बरसात के मौसम को देखते हुए रेत का भंडारण किया जा रहा था।

खनिज विभाग की टीम ने जेसीबी मशीन की सहायता से सभी भंडारण स्थलों पर रेत में मिट्टी मिलाकर उसका विनष्टीकरण कर दिया। कार्रवाई के दौरान किसी भी स्थल पर वाहन नहीं मिले। आसपास के लोगों से पूछताछ की गई, लेकिन भंडारण करने वाले व्यक्ति के संबंध में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल सकी। विभाग द्वारा संबंधित व्यक्तियों की पहचान करने के प्रयास जारी हैं।

खनिज अमले के अनुसार मौके पर कुल लगभग 310 घन मीटर रेत का विनष्टीकरण किया गया है। विभाग ने बताया कि पिछले माह भी इसी क्षेत्र से अवैध रूप से रेत परिवहन करते पाए गए वाहनों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर नियमानुसार जुर्माने की कार्रवाई की गई थी।

माफियाओं के खिलाफ चला बुलडोजर, अवैध रेत भंडारण जमींदोज, अवैध कोयला भी हुआ जप्त


शहडोल

जिले में अवैध रेत कारोबारियों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए जैतपुर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर शहडोल के निर्देश एवं मुख्य खनिज अधिकारी के मार्गदर्शन में खनिज निरीक्षक अभिषेक पाटले की उपस्थिति में खनिज विभाग की टीम ने अवैध रेत भंडारण के खिलाफ ताबड़तोड़ अभियान चलाया। इस कार्रवाई से क्षेत्र में सक्रिय रेत माफियाओं के नेटवर्क में हड़कंप मच गया है।

खनिज निरीक्षक अभिषेक पाटले द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के दौरान ग्राम बिरोड़ी एवं पैरीबेहरा में शासकीय भूमि पर भारी मात्रा में अवैध रूप से रेत का भंडारण पाया गया। जांच में ग्राम बिरोड़ी में लगभग 30 घन मीटर तथा ग्राम पैरीबेहरा में लगभग 75 घन मीटर रेत अवैध रूप से जमा मिली।

खनिज निरीक्षक अभिषेक पाटले के निर्देशन में मौके पर जेसीबी मशीन बुलाकर पूरे अवैध भंडारण को नष्ट कराया गया। रेत में मिट्टी मिलाकर उसे पूरी तरह अनुपयोगी बना दिया गया, जिससे दोबारा उसकी बिक्री न हो सके। प्रशासन की इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है।

कार्रवाई के दौरान कोई वाहन या व्यक्ति मौके पर नहीं मिला, लेकिन भविष्य में दोबारा अवैध गतिविधियां न हों, इसके लिए खनिज, पुलिस एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीम गठित की गई है। यह टीम लगातार निगरानी कर क्षेत्र में अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर अंकुश लगाएगी। इस बड़ी कार्रवाई के बाद अवैध रेत कारोबार से जुड़े लोगों में दहशत का माहौल है। प्रशासन के सख्त तेवरों से साफ है कि अब जिले में अवैध खनिज कारोबार करने वालों पर लगातार कार्रवाई जारी रहेगी।

*कोल माफियाओं के खिलाफ भी कार्यवाही*

शहडोल

जिला खनिज अधिकारी शहडोल राहुल शडिल्य ने अवगत कराया है कि कोल माफियाओं के खिलाफ लगातार कार्यवाही की जा रही है। उन्होंने बताया की शिकायती स्थल का मौका निरीक्षण पुलिस एवं राजस्व विभाग के किया गया । जाँच दौरान चौकी केसवाही अंतर्गत ग्राम जमुनिया स्थित मरखी माता मंदिर के पास 03 ट्राली कोयला लगभग 12 टन कोयला एवं एक वाटर पंप को जप्त किया गया एवं चौकी केशवाही की अभिरक्षा में खड़ा किया गया है। इसके अलावा कोयला कि संचालित 03 खदानों गड्ढे को जेसीबी कि मदद से मिट्टी एवं मुरूम से भरा गया है। ग्राम ग्राम बटुरा, थाना अमलाई, तहसील बुढार क्षेत्र में खनिज एवं पुलिस विभग के द्वारा सयुक्त कार्यवाही कर कोयला खनिज के अवैध खनन / परिवहन तथा एक ट्राला को इनके ऑपरेटर चालक से जप्त किया गया। जिसे जप्त कर थाना अमलाई की अभिरक्षा में खड़ा किया गया है। जिसमे नियमानुसार अवैध खनन/परिवहन का प्रकरण पंजीबद्ध कर अग्रिम कार्यवाही हेतु न्यायालय कलेक्टर शहडोल की ओर प्रस्तुत किया जा रहा है। केशवाही तहसील बुढार क्षेत्र में कोयला खनिज का अवैध परिवहन करते 02 ट्रेक्टर ट्राली पर कार्यवाही की गई है। जिसमे दोनों वाहनों द्वारा अधिरोपित अर्थदण्ड रु. 70870/- जमा किया गया है। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग द्वारा कोयला खनिज के अवैध खनन में एक इंजन जप्त किया गया। जिसमे ऑपरेटर/मालिक के विरुद्ध अवैध खनन का प्रकरण दर्ज किया गया है। जिसमे पृथक से एफआईआर भी दर्ज की गयी है। केशवाही क्षेत्र में कोयला खनन की शिकायत के सम्बन्ध में समय-समय पर पुलिस एवं राजस्व विभाग के साथ संयुक्त रूप से कार्यवाही की जा रही है।

गाँजा वाले मामले पर लापरवाही, उपनिरीक्षक को पुलिस अधीक्षक ने किया निलंबित


शहडोल

जिले के ब्यौहारी थाना क्षेत्र में दर्ज गांजा तस्करी के एक पुराने मामले में फरार आरोपी की तलाश और गिरफ्तारी में लापरवाही बरतने के आरोप में ब्यौहारी थाने में पदस्थ उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी को पुलिस अधीक्षक ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में 30 मई को हुई बड़ी गांजा जब्ती के मामले में फरार आरोपी का नाम सामने आने के बाद की गई।

जानकारी के अनुसार, 30 मई को जयसिंहनगर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए आरोपी राहुल कुमार चर्मकार के कब्जे से करीब साढ़े तीन क्विंटल गांजा बरामद किया था। पुलिस ने दो वाहन भी जब्त किए थे। हालांकि वाहन में सवार तीन अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए थे। गिरफ्तार आरोपी राहुल कुमार चर्मकार से पूछताछ के दौरान उसने फरार आरोपियों के रूप में ग्राम चंदेला निवासी कन्हैयालाल जायसवाल और दो अन्य लोगों के नाम बताए। पुलिस के अनुसार, ये सभी आरोपी उसके साथ गांजे की तस्करी में शामिल थे।

जांच में सामने आया कि कन्हैयालाल जायसवाल पहले से ही ब्यौहारी थाने में दर्ज एक गांजा तस्करी के मामले में फरार चल रहा था। इस प्रकरण की जांच और केस डायरी की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी के पास थी। आरोप है कि उन्होंने फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रभावी प्रयास नहीं किए और उसे लगातार फरार ही दर्शाते रहे। जयसिंहनगर में हुई गांजा जब्ती के मामले में जब कन्हैयालाल जायसवाल का नाम सामने आया, तब पता चला कि वह फरारी के दौरान भी क्षेत्र में सक्रिय रहकर गांजा तस्करी कर रहा था। मामले में उपनिरीक्षक वीरेंद्र तिवारी की गंभीर लापरवाही उजागर होने पर पुलिस अधीक्षक ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

नौकरी-मुआवजे को लेकर किसानों ने किया धरना प्रदर्शन दी खदान बंद करने की चेतावनी, 25 पर हुई कार्रवाई


शहडोल 

जिले में रोजगार, पुनर्वास और मुआवजे की मांग को लेकर भू-आश्रित किसानों का आक्रोश एक बार फिर खुलकर सामने आया है। एसईसीएल सोहागपुर एरिया कार्यालय के सामने किसानों ने प्रदर्शन कर प्रबंधन को ज्ञापन सौंपा, वहीं शारदा ओसियम खदान में नौकरी की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पुलिस ने 25 लोगों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है। दोनों घटनाओं ने खनन प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ते असंतोष को उजागर कर दिया है।

एसईसीएल सोहागपुर एरिया के अंतर्गत आने वाले रामपुर बटुरा, बिछिया, अतरिया सहित आसपास के गांवों के भू-आश्रित किसानों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर एरिया महाप्रबंधक कार्यालय के सामने जोरदार प्रदर्शन किया। किसानों ने रोजगार, पुनर्वास, पुनर्स्थापना और अधिग्रहित परिसंपत्तियों के पूर्ण मुआवजे की मांग को लेकर नारेबाजी करते हुए ज्ञापन सौंपा।

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि वर्षों से उनकी मांगें लंबित हैं, लेकिन एसईसीएल प्रबंधन केवल आश्वासन देकर मामले को टालता रहा है। किसानों ने आरोप लगाया कि हर आंदोलन और बैठक के बाद 15 दिन, एक माह या दो माह में समस्याओं के समाधान का भरोसा दिया मगर कुछ नही होता। इससे पहले कलेक्टर की अध्यक्षता में सोहागपुर हाउस में आयोजित महत्वपूर्ण बैठक में कई मामलों के निराकरण के लिए समय-सीमा तय की गई थी, लेकिन आज तक अधिकांश समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो संबंधित खदानों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कराया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रबंधन और प्रशासन की होगी।

उधर, शारदा ओसियम खदान में नौकरी की मांग को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन पर खदान संचालन प्रभावित हुआ था। मामले को गंभीरता से लेते हुए अमलाई पुलिस ने प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की। शारदा ओसियम खदान को बंद करने और विरोध प्रदर्शन में शामिल 25 लोगों के विरुद्ध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 151 के तहत प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। 

सड़क किनारे खड़ी बस से चोरो ने चौथी बार डीजल किया पार, पुलिस की कार्यवाही पर उठ रहे सवाल


शहडोल 

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चोरों ने सड़क किनारे खड़ी बस से डीजल पार कर दिया। खास बात यह है कि पिछले चार महीनों के दौरान इसी बस से चौथी बार डीजल चोरी की वारदात हुई है। बार-बार हो रही घटनाओं के बावजूद पुलिस अभी तक चोरों तक नहीं पहुंच सकी है। इससे वाहन मालिकों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि शिकायतों के बाद भी यदि एक ही वाहन लगातार निशाना बन रहा है, तो यह पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

पीड़ित बस मालिक दिनेश शुक्ला ने बताया कि उनकी बस प्रतिदिन जैतपुर से कोतमा के बीच संचालित होती है। रोजाना की तरह बस शाम को लौटकर बलभद्रपुर नंबर 1-जैतपुर-झींक-बिजुरी मुख्य मार्ग स्थित उनके घर के सामने खड़ी कर दी गई थी। सुबह जब चालक बस लेकर जाने पहुंचा तो उसने देखा कि बस का डीजल टैंक टूटा हुआ है और उसमें रखा करीब 50 लीटर से अधिक डीजल गायब है।

बस मालिक के अनुसार यह कोई पहली घटना नहीं है। पिछले चार माह के दौरान इसी बस से चार बार डीजल चोरी हो चुका है। लगातार हो रही चोरी से परेशान होकर उन्होंने अपने घर के बाहर सीसीटीवी कैमरे भी लगवाए थे। पूर्व में हुई एक चोरी की घटना कैमरे में रिकॉर्ड हुई थी, जिसमें बोलेरो वाहन से आए कुछ लोग बस से डीजल चोरी करते दिखाई दिए थे।

दिनेश शुक्ला का आरोप है कि हर घटना के बाद उन्होंने जैतपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराई, लेकिन इसके बावजूद अब तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि बस मुख्य सड़क पर घर के सामने खड़ी रहती है, फिर भी चोर बेखौफ होकर बार-बार वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

ताजा घटना के बाद बस मालिक एक बार फिर शिकायत लेकर थाने पहुंचे हैं। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से आम नागरिकों में चिंता बढ़ रही है। अब लोगों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी है कि आखिर कब तक चोर खुलेआम वारदात करते रहेंगे और उन्हें कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। वही इस मामले में जब थाना प्रभारी से संपर्क करने का प्रयास किया गया तो उनसे संपर्क नहीं हो सका।

मांगें पूरी नहीं हुईं तो होगा बड़ा आंदोलन, किसानों ने एसईसीएल प्रबंधन को दी चेतावनी

*पुनर्वास, मुआवजा और रोजगार को लेकर किसानों का आक्रोश, जल्द सौंपेंगे ज्ञापन* 


शहडोल

स्थानीय बेरोजगारों को रोजगार और अधिग्रहित भूमि का पूरा मुआवजा देने की मांग, किसान नेता भूपेश शर्मा ने उठाई आवाज अनूपपुर खाड़ा एसईसीएल सोहागपुर क्षेत्र के अंतर्गत रामपुर-बटुरा के किसानों द्वारा अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर लगातार आवाज उठाई जा रही है। किसानों का कहना है कि वर्षों से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है और यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे बड़े आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

किसान नेता भूपेश शर्मा ने जानकारी देते हुए बताया कि क्षेत्र के प्रभावित किसानों और ग्रामीणों की कई महत्वपूर्ण मांगें हैं, जिन्हें लेकर जल्द ही संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि किसानों की प्रमुख मांगों में पुनर्वास एवं पुनर्स्थापना की प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करना, नोटिफिकेशन में छूटी हुई जमीनों के अधिग्रहण की कार्रवाई करना तथा बेलिया और रामपुर के शेष मुआवजा भुगतान को पूरा करना शामिल है। इसके अलावा परिसंपत्तियों, मोनेटरी राशि, छूटे हुए कुओं, बोरवेल, पेड़-पौधों सहित सभी लंबित मुआवजों का भुगतान करने की मांग की गई है।

किसानों ने सीएसआर मद के तहत क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता देने की भी मांग की है। इनमें खाड़ा लिफ्ट एरिक्सन कार्य, पड़रिया स्टॉप डेम, बैरिया हैंडपंप, अतरिया-बिछिया हैंडपंप निर्माण एवं अन्य मूलभूत सुविधाओं का विकास शामिल है। साथ ही स्कूल स्थानांतरण की प्रक्रिया को पूरा करने तथा तीन लाख रुपये की सहायता राशि को दोगुना कर एकमुश्त भुगतान करने की मांग भी उठाई गई है।

रोजगार के मुद्दे पर किसानों ने कहा कि प्रभावित परिवारों के आश्रितों को खुली खदानों में रोजगार दिया जाए। जो आश्रित सोहागपुर एरिया में कार्य करने में असमर्थ हैं, उन्हें सरफेस कार्यों में समायोजित किया जाए। साथ ही निजी कंपनियों में स्थानीय बेरोजगार युवाओं को रोजगार देने तथा सीटें खाली न होने की स्थिति में बाहरी लोगों को हटाकर स्थानीय लोगों को प्राथमिकता देने की मांग की गई है।

ग्रामीणों ने सांदा तिराहा से खाड़ा होते हुए रामपुर के टगरा टोला तक विद्युतीकरण कराने, रोजगार से संबंधित रुकी हुई फाइलों का सरलीकरण करने तथा नोटिस और मुआवजा के आधार पर रोजगार उपलब्ध कराने की मांग भी रखी है। इसके अलावा बिछिया और खैरबना के लंबित मुआवजा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने तथा अतरिया डीआरसीसी की प्रक्रिया पूरी कर रोजगार उपलब्ध कराने की बात कही गई है।

किसानों ने छात्रों, मजदूरों और ग्रामीण महिलाओं के उत्थान के लिए प्रशिक्षण एवं स्वरोजगार योजनाएं लागू करने की भी मांग की है। किसान नेता भूपेश शर्मा सहित क्षेत्र के जनपद सदस्य चंद्र कुमार तिवारी सभापति वन समिति शांति मनमोहन चौधरी सदस्य जिला पंचायत सांसद प्रतिनिधि राजकमल मिश्रा पत्रकार ओमप्रकाश त्रिवेदी पूर्व एसडीएम वरिष्ठ नेता रमेश सिंह सहित क्षेत्र के सभी सरपंच उप सरपंच एवं किसान नेताओं ने संयुक्त रूप से चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक इन सभी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक संबंधित बैठकों को स्थगित रखा जाएगा और किसानों का संघर्ष जारी रहेगा।

वाटर प्लांट में नहाने गया किशोर डूबा, हुई मौत, रेस्क्यू टीम ने शव बाहर निकाला, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

जिले के गोहपारू थाना क्षेत्र स्थित सोन टोला वाटर प्लांट में नहाने गया एक किशोर गहरे पानी में डूब गया। इस घटना के बाद देर रात तक उसकी तलाश जारी रही, लेकिन सफलता नहीं मिली। शुक्रवार सुबह पुलिस और एसडीआरएफ टीम के संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में किशोर का शव पानी से बाहर निकाला गया। घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान अंशु ढीमर पिता रामनाथ ढीमर (15) निवासी सोन टोला के रूप में हुई है। बताया गया कि अंशु अपने दोस्तों के साथ सोन नदी स्थित जल निगम के वाटर प्लांट में नहाने पहुंचा था। नहाने के दौरान वह ऊपर से पानी में कूदा, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण बाहर नहीं निकल सका और डूब गया। साथ मौजूद दोस्तों ने पहले उसे खोजने की कोशिश की, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसके बाद परिजनों और पुलिस को सूचना दी गई।

सूचना मिलने पर गोहपारू पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन रात अधिक होने और अंधेरा होने के कारण रेस्क्यू अभियान शुरू नहीं हो सका। शुक्रवार सुबह एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। टीम ने पुलिस के साथ संयुक्त अभियान चलाकर किशोर के शव को पानी से बाहर निकाला। शव मिलने के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल बन गया।

थाना प्रभारी गोहपारू राजकुमार मिश्रा ने कहा पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। उनका कहना है कि यह क्षेत्र आम लोगों के लिए प्रतिबंधित है और यहां जल निगम की ओर से चौकीदार भी तैनात किया गया है। बावजूद इसके बड़ी संख्या में लोग यहां नहाने पहुंच जाते हैं। 

कोयला खदान में रोजगार न मिलने पर आदिवासियों ने खोला मोर्चा, एसईसीएल कार्यालय का किया घेराव


शहडोल

जिले के एसईसीएल सोहागपुर अंतर्गत रामपुर-बटुरा परियोजना क्षेत्र में स्थानीय आदिवासी ग्रामीणों, किसानों और जनप्रतिनिधियों का गुस्सा फूट पड़ा। निजी ठेका कंपनी जय अम्बे पर स्थानीय लोगों की अनदेखी कर बाहरी लोगों को नौकरी देने का आरोप लगाते हुए ग्रामीणों ने उप क्षेत्रीय प्रबंधक कार्यालय का घेराव कर जोरदार प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि भूमि अधिग्रहण के समय प्रभावित परिवारों और स्थानीय युवाओं को रोजगार देने का वादा किया गया था, लेकिन वर्षों बाद भी उन्हें नौकरी नहीं दी गई। इसके उलट कंपनी द्वारा बाहरी लोगों को रोजगार दिया जा रहा है।

जानकारी के अनुसार अमलाई थाना क्षेत्र के रामपुर गांव के आदिवासी ग्रामीण, किसान और जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में एसईसीएल सोहागपुर अंतर्गत संचालित रामपुर बटुरा ओसीएम पहुंचे। यहां कोयला और ओबी उत्खनन का कार्य कर रही निजी ठेका कंपनी जय अम्बे के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया गया।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि रोजगार मांगने पहुंचे लोगों के साथ कंपनी अधिकारियों ने अभद्र व्यवहार किया और गाली-गलौज की। प्रदर्शनकारियों ने कंपनी के अधिकारियों अंशुल त्रिपाठी और आलोक त्रिपाठी पर गंभीर आरोप लगाए हैं।

ग्रामीणों ने एसईसीएल प्रबंधन को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि एक सप्ताह के भीतर स्थानीय प्रभावित परिवारों को रोजगार दिया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाए। साथ ही चेतावनी दी कि यदि मांगें नहीं मानी गई तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी कंपनी और प्रबंधन की होगी। 

कोल साइडिंग का काला सच, रात के अंधेरे में कोयले का खेल, प्रदूषण, अवैध ट्रांसपोर्ट और सिस्टम पर उठे गंभीर सवाल

*हाईकोर्ट के निर्देश, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेश के बाद नहीं थमा खेल*


शहडोल

अनूपपुर और शहडोल जिले की सीमाओं को जोड़ने वाला अमलाई क्षेत्र इन दिनों कथित कोल माफियाओं, प्रदूषण और प्रशासनिक लापरवाही के गंभीर आरोपों के कारण सुर्खियों में है। अमलाई रेलवे स्टेशन के समीप संचालित कोल साइडिंग, जिसे मूल रूप से खाद्यान्न, सीमेंट, उर्वरक एवं अन्य मालवाहक सामग्रियों की ढुलाई के उद्देश्य से विकसित किया गया था, आज कोयले के विशाल कारोबार का केंद्र बन चुकी है। हालात यह हैं कि वार्ड क्रमांक 15 इंदिरा नगर, नगर परिषद बकहो के लोग वर्षों से धूल, धुएं और प्रदूषण के बीच जीवन बिताने को मजबूर हैं।

स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि यह पूरा खेल केवल दिन में ही नहीं बल्कि रात के अंधेरे में भी बड़े स्तर पर संचालित होता है। देर रात कोयले की धुलाई, ट्रकों की आवाजाही और साइडिंग में भारी वाहनों की आवाजाही लगातार जारी रहती है। लोगों का कहना है कि रात के समय निगरानी कमजोर होने का फायदा उठाकर कई अनियमित गतिविधियां संचालित की जाती हैं।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार देर रात बड़ी संख्या में ट्रेलर और भारी वाहन कोयला लेकर कोल साइडिंग पहुंचते हैं। यहां कोयले की लोडिंग-अनलोडिंग और धुलाई का काम तेज गति से चलता है। सबसे गंभीर आरोप यह है कि इन वाहनों की यदि निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कई बड़े खुलासे सामने आ सकते हैं।

लोगों का दावा है कि कई ट्रकों और ट्रेलरों के दस्तावेज अधूरे हैं। कुछ वाहनों के पास वैध परमिट नहीं हैं, कई का फिटनेस प्रमाणपत्र समाप्त हो चुका है, जबकि कुछ वाहन बिना उचित बीमा और रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों के ही सड़कों पर दौड़ रहे हैं। इसके बावजूद इन वाहनों की आवाजाही पर कोई प्रभावी रोक नहीं लगाई जा रही।

पूरे मामले में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की भूमिका पर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि कोल साइडिंग संचालन के लिए पर्यावरणीय मानकों का पालन अनिवार्य था, लेकिन धरातल पर अधिकांश नियम केवल कागजों तक सीमित दिखाई देते हैं।

लोगों का आरोप है कि स्प्रिंकलर सिस्टम और पानी के छिड़काव की व्यवस्था केवल दिखावे के लिए लगाई गई है। अधिकांश समय न तो पानी का छिड़काव होता है और न ही धूल नियंत्रण के प्रभावी उपाय दिखाई देते हैं। नतीजा यह है कि पूरा इंदिरा नगर क्षेत्र कोयले की धूल से प्रभावित रहता है।

बताया जाता है कि वर्ष 2008 से ही स्थानीय लोग इस कोल साइडिंग का विरोध कर रहे हैं। कई बार धरना, प्रदर्शन और अनशन भी किए गए। जब प्रशासनिक स्तर पर सुनवाई नहीं हुई तो इंदिरा नगर के रहवासियों ने जबलपुर हाईकोर्ट में याचिका दायर की।

हेलमेट चेकिंग अभियान, खुद पुलिस बिना हेलमेट के दौड़ा रहे हैं वाहन, उड़ा रही है नियमो की धज्जियां


शहडोल

यातायात नियमों को लेकर सख्ती के दावे करने वाली पुलिस खुद ही नियमों की अनदेखी करती नजर आ रही है। पुलिस मुख्यालय (PHQ) के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद जिले में हेलमेट चेकिंग अभियान सुस्त पड़ा है, जबकि कई पुलिसकर्मी ही बिना हेलमेट बाइक दौड़ाते दिख रहे हैं। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के आसपास का दृश्य इस लापरवाही की तस्वीर बयां करता नजर आया, जिससे आम लोगों में भी गलत संदेश जा रहा है।

प्रदेश स्तर पर 26 अप्रैल से 10 मई 2026 तक विशेष हेलमेट चेकिंग अभियान चलाया जाना है, लेकिन शहडोल में इसका असर नगण्य नजर आ रहा है। न तो प्रमुख चौराहों पर सघन चेकिंग दिखाई दे रही है और न ही आम लोगों को जागरूक करने के लिए कोई विशेष अभियान चलाया गया है। इससे यह सवाल उठने लगा है कि जब नियम लागू कराने वाले ही पालन नहीं करेगी, तो आम जनता से क्या अपेक्षा की जा सकती है।

कलेक्टर डॉ. केदार सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई थी, जिसमें सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए परिवहन और पुलिस विभाग को सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। बिना हेलमेट वाहन चलाने वालों पर नियमित चेकिंग कर कार्रवाई करने की बात कही गई थी, लेकिन जमीनी स्तर पर इन निर्देशों का असर नजर नहीं आ रहा है। 

इस अभियान के तहत बाइक चालक और पीछे बैठने वाले दोनों के लिए हेलमेट पहनना अनिवार्य किया गया है। बिना हेलमेट वाहन चलाने पर चालान काटा जाएगा और बार-बार उल्लंघन करने पर ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित भी किया जा सकता है। साथ ही केवल ISI मार्क वाले हेलमेट ही मान्य होंगे।

शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का आरोपी पुजारी पहुँचा थाने, पुलिस ने किया गिरफ्तार, 2 माह से था फरार


शहडोल 

जिले में शादी का झांसा देकर शोषण के चर्चित मामले में फरार चल रहा आरोपी पुजारी आखिरकार दो महीने बाद खुद थाने पहुंच गया। महिला थाना पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार पीड़िता ने 18 फरवरी को महिला थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने आरोप लगाया था कि मंदिर में पूजा कराने वाला पुजारी आशीष राज तिवारी उर्फ छोटू पिछले करीब आठ वर्षों से उसे शादी का झांसा देकर शारीरिक संबंध बनाता रहा। आरोपी ने महिला को अलग-अलग शहरों में किराए के मकानों में पत्नी की तरह रखकर उसका शोषण किया।

पीड़िता का कहना है कि जब भी वह शादी की बात करती थी, आरोपी बहाने बनाकर बात टाल देता था। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की जाती थी और जान से मारने की धमकी भी दी जाती थी। लंबे समय तक मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना झेलने के बाद महिला ने आखिरकार पुलिस की शरण ली।

मामला दर्ज होते ही आरोपी फरार हो गया था और पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई थी, लेकिन उसे पकड़ने में सफलता नहीं मिल पा रही थी। इसी बीच पुलिस ने आरोपी के परिजनों को थाने बुलाकर पूछताछ की। परिजनों पर दबाव बढ़ने के बाद उन्होंने आरोपी को आत्मसमर्पण के लिए राजी किया। पूछताछ में उसने बताया कि वह गिरफ्तारी से बचने के लिए दिल्ली में छिपा हुआ था। 

सूने घर चोरो ने बोला धावा, लाखो के सोने, चांदी के सामान व नगदी पार, शादी में गया था परिवार


शहडोल 

जिले में चोरों के हौसले बुलंद हैं। सोहागपुर थाना क्षेत्र के पिपरिया गांव में शादी समारोह में शामिल होने गए परिवार के सूने घर पर चोरों ने धावा बोल दिया। ताला तोड़कर अंदर घुसे बदमाश लाखों के गहने और नकदी लेकर फरार हो गए, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, पिपरिया गांव निवासी उमेश यादव अपने परिवार के साथ गांव में ही स्थित दूसरे घर में पारिवारिक शादी में शामिल होने गए थे। इसी दौरान उनका घर खाली था, जिसका फायदा उठाकर अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़ दिया और अंदर घुसकर कीमती सामान समेट लिया। जब परिवार शादी से लौटकर घर पहुंचा, तो दरवाजा में लगा ताला टूटा मिला और अंदर का सामान बिखरा हुआ था।

पीड़ित के मुताबिक, घर में बेटी के विवाह के लिए रखे गए करीब एक किलो चांदी, चार तोले से अधिक सोने के जेवर और 45 हजार रुपये नगद चोरी हो गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 7 लाख रुपये से अधिक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

इधर, कोतवाली थाना क्षेत्र में भी चोरों ने एक दुकान को निशाना बनाया है। मेसर्स ओम हार्डवेयर में हुई चोरी के मामले में दुकान संचालक शांतनु केशरी की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। यहां से करीब एक लाख रुपये के सामान की चोरी होना बताया जा रहा है।

कार में मिला था गांजा, कुएं में मिला था तीन शव मामले में छटवां आरोपी गिरफ्तार, तीन फरार


शहडोल

जिले के जैतपुर थाना क्षेत्र में 13-14 अप्रैल की रात कुएं में मिले तीन युवकों के शव के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी माइकल को गिरफ्तार किया है। इस बहुचर्चित घटना में अब तक कुल छह आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है, लेकिन मौत की परिस्थितियों को लेकर उठ रहे सवाल अब भी शांत नहीं हुए हैं।

मृतकों की पहचान तनुज शुक्ला, सचिन सिंह बघेल और रोहित शर्मा के रूप में हुई थी। पुलिस का दावा है कि गांजा तस्करी के दौरान पुलिस को देखकर तीनों युवक भागे और करीब 60 फीट दूर स्थित कुएं में गिरने से उनकी मौत हो गई। हालांकि, स्थानीय लोगों और परिजनों का कहना है कि जब पुलिस मौके पर मौजूद थी और वाहनों की तलाशी लेकर गांजा जब्त कर रही थी, तब पास ही कुएं में डूब रहे युवकों की भनक तक नहीं लगना कई सवाल खड़े करता है।

गिरफ्तार किया गया माइकल वही व्यक्ति है, जो घटना की रात दुर्घटनाग्रस्त क्रेटा कार में ड्राइवर के बगल वाली सीट पर बैठा था। इस कार को सुनील टांडिया चला रहा था, जिसे पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, माइकल इस पूरे गांजा नेटवर्क की अहम कड़ी हो सकता है और उससे पूछताछ में तस्करी के स्रोत और सप्लाई चैन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

इस मामले में सबसे पहले सड़क किनारे खड़ी कार के मालिक शंकर विश्वकर्मा को पकड़ा गया था। उसके इनपुट पर आगे की कार्रवाई करते हुए सुनील टांडिया, हीरासिंह (जिसके घर से 200 किलो गांजा बरामद हुआ), सोनू बैगा और रामपाल सिंह को गिरफ्तार किया गया। अब माइकल की गिरफ्तारी के साथ यह संख्या छह हो गई है, जबकि तीन अन्य आरोपियों की तलाश अभी जारी है।

तिलक कार्यक्रम से किशोरी का अपहरण कर किया दुष्कर्म, तीन आरोपी गिरफ्तार


शहडोल

सोहागपुर थाना क्षेत्र में तिलक कार्यक्रम में आई किशोरी को अगवा कर सुनसान जगह ले जाकर दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार 14 साल की किशोरी अपने एक रिश्तेदार के तिलक में आई थी तभी तीन आरोपियों ने उसे जबरन अपनी स्कूटी में बैठाया और उसे सुनसान जगह ले जाकर उसके साथ एक आरोपी ने दुष्कर्म किया, जबकि दो आरोपी उसके सहयोग किया है। घटना के दौरान पीड़िता ने विरोध करने की कोशिश की, लेकिन आरोपियों ने उसे धमकाते हुए अपने कब्जे में रखा।

पीड़िता ने आरोपियों के चुंगल से किसी तरह भाग कर खुद को बचाया और अपने भाई को फोन पर इसकी जानकारी दी। भाई जब मौके पर पहुंचा तो सभी आरोपी वहां से भाग चुके थे। इसके बाद पीड़िता ने अपने भाई और परिवार को इस घटना की पूरी जानकारी दी।

घटना के बाद पीड़िता परिजनों के साथ पुलिस के पास पहुंची और पुलिस से इसकी शिकायत की। पुलिस ने नामजद तीन आरोपियों पर मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि एक ही आरोपी ने किशोरी से दुष्कर्म किया है, लेकिन सहयोग में दो अन्य आरोपी भी थे, जिसके कारण पुलिस ने तीनों पर मामला दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार कर जांच शुरू कर दी है।

सूने घर मे चोरो ने ताला तोड़कर लाखो की चोरी, शादी में गया था परिवार, मामला दर्ज


शहडोल

जिले के कोतवाली शहडोल के जुगवारी गांव के गांधी मोहल्ला में अज्ञात चोरों ने घर का ताला तोड़कर लाखों के गहने और नगदी चोरी कर ली। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है और पुलिस पर सवाल उठ रहे हैं। अज्ञात चोरों ने एक घर को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के गहने और नगदी पर हाथ साफ कर दिया। घटना से इलाके में दहशत का माहौल है, वहीं पुलिस पर लगातार सवाल भी उठ रहे हैं।

जानकारी के अनुसार यह वारदात बूदन जायसवाल के घर में हुई। पीड़ित ने बताया कि घटना के समय उसकी पत्नी घर में सो रही थी, जबकि वह अपने बेटों के साथ एक शादी समारोह में शामिल होने गया हुआ था। तड़के करीब चार बजे जब वह घर लौटा तो सामने का दरवाजा टूटा हुआ मिला। घर के अंदर प्रवेश करने पर अलमारी का सामान बिखरा पड़ा था, जिससे चोरी की आशंका हुई।

पीड़ित ने बताया कि दूसरे कमरे में सो रही पत्नी को इस घटना की भनक तक नहीं लगी। सुबह जब पूरे घर की जांच की गई तो पता चला कि चोर सोने के करीब चार तोला जेवर, आधा किलो चांदी और करीब 25 हजार रुपए नगद लेकर फरार हो गए। कुल चोरी करीब 6 लाख रुपये से अधिक की बताई जा रही है।

सूचना पर पीड़ित कोतवाली थाने पहुंचा और मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सुराग जुटाने की कोशिश में लगी है।

बस स्टैंड में दो स्मैक तस्करो को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 16.41 ग्राम 50 हजार की स्मैक जप्त


 शहडोल

जिले के जैतपुर की रहस्यमयी घटना के बाद शहडोल पुलिस पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रही है। नशे के कारोबार पर लगाम कसते हुए ब्यौहारी बस स्टैंड में छापा मारकर दो युवकों को स्मैक के साथ पकड़ लिया गया, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि ब्यौहारी बस स्टैंड कॉम्प्लेक्स के पास दो व्यक्ति अवैध मादक पदार्थ बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी जिया उल हक ने पुलिस टीम को मौके पर भेज कर घेराबंदी करवाई और दोनों संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शिवकुमार यादव (29) निवासी ग्राम नरवार, थाना पाली, जिला उमरिया और पवन नामदेव (27) निवासी पुरानी बस्ती, थाना कोतवाली, जिला शहडोल के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 16.41 ग्राम स्मैक बरामद की गई, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा 1500 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 और 29 के तहत अपराध क्रमांक 281/26 दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई थाना प्रभारी जियाउल हक के नेतृत्व में पुलिस टीम द्वारा पुलिस अधीक्षक शहडोल के मार्गदर्शन में की गई।

गांजा तस्कर को पुलिस ने किया गिरफ्तार अर्टिगा कार से 1.22 करोड़ का गांजा जप्त


शहडोल

गांजा है और बुढ़ार, ऐसा नाता हो चुका है कि साथ ही नही छूट रहा सीधे पुलिस के घर मे सुरक्षित पहुँचने के बाद भी मुह में लगा खून बाहर आकर उसी कारोबार को बेखौफ करने की इजाजत देने लगता है अभी शहडोल पुलिस इस अवैध काम से जुड़े कनेक्शन को सुलझा नही पाई कि एक और खबर सामने आ गई जहाँ कोयलांचल बुढ़ार का ही एक और युवा गांजा तस्करी करते धरा गया। थाना रतनपुर पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम ने अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल करते हुए भारी मात्रा में गांजा जब्त किया है। कार्रवाई के दौरान एक आरोपी को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, दिनांक 17 अप्रैल 2026 को पुलिस को सूचना मिली थी कि मारुति अर्टिगा वाहन (CG 04 QD 7255) के माध्यम से भारी मात्रा में अवैध गांजा कटघोरा से मरवाही मार्ग होते हुए मध्यप्रदेश ले जाया जा रहा है।

सूचना पर रतनपुर पुलिस और ACCU की संयुक्त टीम ने वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराते हुए नेशनल हाईवे नवापारा चौक भेड़ीमुंडा के पास घेराबंदी की। कुछ समय बाद संदिग्ध अर्टिगा वाहन को रोककर तलाशी ली गई, जिसमें 245 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। जब्त किए गए मादक पदार्थ की कीमत लगभग 1 करोड़ 22 लाख रुपये आंकी गई है। इसके साथ ही परिवहन में प्रयुक्त वाहन (कीमत लगभग 8 लाख रुपये) को भी जब्त किया गया।। इस मामले में आरोपी की पहचान अमित कुमार केवट (33 वर्ष), निवासी भुतही टोला, थाना बुढार, जिला शहडोल (मध्यप्रदेश) के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना रतनपुर में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

12वीं 10वीं परीक्षा परिणाम में टाइम्स पब्लिक स्कूल ने फिर मारी प्रदेश में बाजी, छात्रों का उत्कृष्ट प्रदर्शन


शहडोल

माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा घोषित हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणामों में विद्यार्थियों ने इस वर्ष उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। विशेष कर पिछले 10 वर्षों से शहडोल जिले में शिक्षा का क्षेत्र में अग्रणी संस्था टाइम्स पब्लिक स्कूल के छात्रों का कक्षा 10वीं और 12वीं दोनों में ही उत्तीर्ण प्रतिशत संतोषजनक रहा है, जो विद्यार्थियों की मेहनत एवं टाइम्स स्कूल के प्राचार्य जितेंद्र शुक्ला एवं शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है।

शहडोल टाइम्स पब्लिक स्कूल ने एक बार फिर उत्कृष्ट परीक्षा परिणाम देकर अपनी शैक्षणिक गुणवत्ता साबित की है। इस वर्ष विद्यालय की छात्रा निशिका गुप्ता ने 97.6 प्रतिशत अंक हासिल कर राज्य स्तर पर चौथा स्थान प्राप्त किया, जिससे स्कूल और जिले का नाम गौरवान्वित हुआ है। वहीं, जानवी उपाध्याय ने 95.8 प्रतिशत अंक के साथ जिला मेरिट में स्थान बनाया। कक्षा 10वीं में सृष्टि गौतम ने 98 प्रतिशत अंक अर्जित कर लगातार तीसरे वर्ष विद्यालय को स्टेट मेरिट दिलाने का गौरव दिलाया है। वहीं विद्यालय प्रबंधन का कहना है कि यह सफलता केवल अनुशासन, मेहनत और ईमानदारी का परिणाम है। स्कूल "न छल, न कपट, न नकल-सिर्फ मेहनत" के सिद्धांत पर कार्य करता है, जिसका परिणाम छात्रों की उपलब्धियों में साफ दिखाई देता है। खास बात यह है कि छात्र IIT-JEE और NEET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के साथ बोर्ड परीक्षा में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं। गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी विद्यालय की छात्रा तिथा जसूजा ने स्टेट मेरिट में स्थान बनाया था। इसके अलावा कई छात्रों का चयन MBBS और IIT-JEE में हुआ है। इस सफलता से स्कूल प्रबंधन, शिक्षक और अभिभावकों में खुशी की लहर है। मेरिट सूची में स्थान बनाने वाले सफल विद्यार्थियों को लोगो ने शुभकामनाएं देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है तथा अन्य विद्यार्थियों को भी इनसे प्रेरणा लेने का संदेश दिया है।

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget