खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर लिए 10 नमूने,  रखरखाव में कमी पर 4 प्रतिष्ठानों को नोटिस जारी


शहडोल

आयुक्त एवं नियंत्रक खाद्य सुरक्षा, मध्यप्रदेश के आदेशानुसार होटल एवं रेस्टोरेंट में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए कलेक्टर शहडोल श्री पार्थ जायसवाल के निर्देश एवं अभिहित अधिकारी शहडोल डॉ. राजेश मिश्रा के निर्देशन में खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा निरंतर निरीक्षण एवं कार्रवाई की जा रही है।

इसी क्रम में खाद्य सुरक्षा प्रशासन की टीम द्वारा जयसिंहनगर एवं शहडोल क्षेत्र के 8 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान खाद्य पदार्थों के कुल 10 नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए।

जयसिंहनगर में आकांक्षा रेस्टोरेंट एवं पवनपुत्र रेस्टोरेंट का निरीक्षण किया गया। यहां रखरखाव एवं साफ-सफाई में कमी पाए जाने पर सुधार के लिए नोटिस जारी किया गया। प्रतिष्ठानों में उपयोग किए जा रहे तेल के नमूने भी जांच के लिए लिए गए। सांदीपनी विद्यालय जयसिंहनगर में मध्यान्ह भोजन की जांच करते हुए चावल एवं नमक के नमूने लिए गए। वहीं कन्नोदी स्थित हनुमान ट्रेडर्स का निरीक्षण कर हल्दी एवं जीरा के नमूने जांच के लिए लिए गए।

शहडोल में बाबूभाई स्वीट्स एवं सोनी रेस्टोरेंट के निरीक्षण के दौरान कमियां पाए जाने पर सुधार नोटिस जारी किया गया तथा पनीर एवं दही के नमूने जांच के लिए लिए गए। राजघराना ड्राई फ्रूट का निरीक्षण कर दालचीनी, लौंग एवं सौंफ के नमूने भी प्रयोगशाला भेजे गए।

निरीक्षण के दौरान किचन, स्टोर एवं वाशिंग एरिया के रखरखाव में कमी पाए जाने पर कुल 4 प्रतिष्ठानों को सुधार सूचना नोटिस जारी किए गए हैं। खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच रिपोर्ट एवं नोटिस के संबंध में प्राप्त जानकारी के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कबाड़ के ठीहे पर पुलिस ने मारा छापा, 20 लाख का सामान जब्त, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार


शहडोल 

जिला मुख्यालय से सटा पुलिस ने कुदरी रोड पर कबाड़ के एक ठिकाने पर कार्रवाई की है। कोतवाली और सोहागपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने दबिश देकर यहां से बड़ी मात्रा में सबमर्सिबल पंप, टुल्लू पंप, कॉपर वायर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक जब्त सामान की कीमत 20 लाख रुपये से अधिक है। कार्रवाई के दौरान मेरठ निवासी एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस के अनुसार कुदरी रोड पर किराए के मकान में कबाड़ का कारोबार संचालित किया जा रहा था। यहां तलाशी के दौरान खेतों में इस्तेमाल होने वाले 50 से अधिक सबमर्सिबल पंप मिले। इनमें 17 से ज्यादा पंप चालू हालत में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा कई पंपों को काटकर उनके अलग-अलग हिस्से कर दिए गए थे। मौके से बड़े टुल्लू पंप, कॉपर वायर, अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान और एक चार पहिया वाहन भी बरामद किया गया है।।

पुलिस ने हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान नदीम मलिक पिता सराफत अली, निवासी मेरठ के रूप में की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सामान कहां से लाया गया था। पूछताछ में यह भी पता लगाया जा रहा है कि पंप और अन्य उपकरण चोरी के हैं या फिर इन्हें अलग-अलग स्थानों से कबाड़ के रूप में खरीदा गया था।

शहडोल में हाल के दिनों में सरकारी कार्यालयों में लगे उपकरणों और अन्य विद्युत सामग्री की चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। विश्वविद्यालय के पावर ट्रांसफार्मर से कॉपर और ऑयल चोरी किए जाने के मामलों की भी पुलिस जांच कर रही है। इसी दौरान सोहागपुर पुलिस ने चोरी से जुड़े एक अन्य गिरोह के संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। उनके पास से विद्युत तार समेत अन्य सामान बरामद होने की बात सामने आई है।

पुलिस दोनों मामलों में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद सामान चोरी की किन घटनाओं से जुड़ा है और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था।

लाइक बटोरने सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री अपलोड करना पड़ा भारी, चार युवक गिरफ्तार


शहडोल

सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री अपलोड करना चार युवकों को भारी पड़ गया। फेसबुक पर अश्लील वीडियो अपलोड करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।

मामला बुढ़ार थाना क्षेत्र के बिरुहली गांव का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, बिरुहली निवासी सुमित केवट, सत्यम केवट, किशन लेवर और राहुल केवट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अश्लील वीडियो अपलोड किया था। बताया जा रहा है कि वीडियो कई दिनों तक सोशल मीडिया पर उपलब्ध रहा। इसकी जानकारी जैसे ही बुढ़ार पुलिस को मिली तो सोशल मीडिया पर अपलोड की गई सामग्री को संज्ञान में लिया और मामले की जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित युवकों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए चारों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री अपलोड करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। पुलिस की ओर से सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है और आपत्तिजनक सामग्री सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 

फुटबॉल मैदान में बेटियों ने रचा नया इतिहास,  6 बेटियों का मध्यप्रदेश राष्ट्रीय टीम में हुआ चयन, मिली शुभकामनाएं


​शहडोल

जिले की बेटियों ने फुटबॉल के मैदान पर अपनी प्रतिभा, अनुशासन और आत्मविश्वास का शानदार प्रदर्शन करते हुए जिले का नाम पूरे प्रदेश में रोशन किया है। इंदौर के महू में आयोजित ओपन इंटर-डिस्ट्रिक्ट जूनियर गर्ल्स फुटबॉल टूर्नामेंट में शहडोल की टीम ने उत्कृष्ट खेल का परिचय देते हुए उपविजेता (रनर-अप) का खिताब अपने नाम किया। ​फाइनल मुकाबले में डी एफ ए शहडोल की टीम ने डी एफ ए इंदौर की मजबूत टीम को कड़ी टक्कर दी और बेहद कड़े व रोमांचक मुकाबले में मात्र एक गोल के अंतर से उपविजेता रही।

टूर्नामेंट में बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर डी एफ ए शहडोल की 8 खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय स्तर के कोचिंग व ट्रायल कैंप के लिए हुआ था। कैंप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद 6 खिलाड़ियों का अंतिम रूप से मध्यप्रदेश टीम में चयन किया गया है, जिनमे चांदनी यादव रिलायंस फुटबॉल ट्रेनिंग सेंटर धनगवां, ​वाशु यादव रिलायंस फुटबॉल ट्रेनिंग सेंटर धनगवां, संध्या सहिस रिलायंस फुटबॉल ट्रेनिंग सेंटर धनगवां, दिव्या संत रिलायंस फुटबॉल ट्रेनिंग सेंटर हर्री, राधा सिंह रिलायंस फुटबॉल ट्रेनिंग सेंटर धुरवार, ​राधनी सिंह बिचारपुर स्मॉल फीडर सेंटर के खिलाड़ियों का चयन हुआ है। 26 सितंबर से 3 अक्टूबर तक नारायणपुर (छत्तीसगढ़) में आयोजित होने वाली जूनियर राष्ट्रीय फुटबॉल प्रतियोगिता में मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगी।

​शहडोल की इस ऐतिहासिक उपलब्धि में ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों में संचालित रिलायंस फाउंडेशन फुटबॉल ट्रेनिंग सेंटरों की अहम भूमिका रही है। रिलायंस सी बी एम परियोजना के सी एस आर नवाचार के तहत चलाए जा रहे फुटबॉल विकास कार्यक्रम के माध्यम से ग्रामीण बालिकाओं को नियमित प्रशिक्षण, तकनीकी मार्गदर्शन और अनुशासित वातावरण प्रदान किया जा रहा है। इन्हीं जमीनी प्रयासों का परिणाम है कि आज गांव-देहात से निकलकर बेटियां राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना रही हैं। 

शिक्षा का स्तर खराब पर कलेक्टर ने प्रधानाध्यापक को व 9 माह से गैरहाजिर आरक्षक को एसपी ने किया निलंबित 

*दोनो नियमो की उड़ा रहे थे धज्जियां*


शहडोल

विद्यालय में छात्रों की कम उपस्थिति और शिक्षा का स्तर बेहद कमजोर मिलने पर कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने प्रधानाध्यापक को निलंबित कर दिया, तो दूसरी तरफ करीब नौ महीने से अनधिकृत रूप से गैरहाजिर चल रहे आरक्षक पर एसपी डॉ. संजय अग्रवाल ने कार्रवाई करते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। 

जनपद पंचायत सोहागपुर के शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय पटासी के प्रधानाध्यापक एवं माध्यमिक शिक्षक सौरभ कुमार गुप्ता के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। निलंबन आदेश के अनुसार मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर में ग्रामवासियों और जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की थी कि शिक्षक विद्यालयीन समय पर स्कूल नहीं पहुंचते और शिक्षा का स्तर भी अपेक्षित नहीं है।

शिकायत के बाद कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने स्वयं विद्यालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रों की उपस्थिति कम और शैक्षणिक गुणवत्ता अत्यंत न्यून पाई गई। आदेश में कहा गया है कि प्रधानाध्यापक द्वारा विद्यालय संचालन और शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक प्रयास नहीं किए जा रहे थे। इसके बाद कलेक्टर ने उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया, निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, गोहपारू निर्धारित किया गया है।

इधर पुलिस विभाग में आरक्षक क्रमांक 247 नीलेश पटारिया के खिलाफ कार्रवाई हुई है। एसपी डॉ. संजय अग्रवाल के आदेश के मुताबिक आरक्षक 19 दिसंबर 2025 से लगातार अनधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहा था, 18 सितंबर  को पुलिस लाइन शहडोल में उपस्थित होने पर उसकी वर्दी और वेशभूषा भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। 

आदेश में यह भी उल्लेख है कि पूर्व में उसे बुनियादी प्रशिक्षण के लिए पुलिस प्रशिक्षण शाला तिगरा, जिला ग्वालियर भेजने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन वह प्रशिक्षण में भी उपस्थित नहीं हुआ। पुलिस रेगुलेशन के प्रावधानों के तहत इसे अनुशासनहीनता मानते हुए आरक्षक को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। 

खुले में मछली विक्रय करना पड़ा भारी, छह दुकानदारों पर 1,500 रुपये का जुर्माना


शहडोल

सेवा ही संकल्प अभियान-2026’ के तहत नगर पालिका परिषद शहडोल द्वारा नगर की स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशा जितेंद्र भंडारी के निर्देशन में खुले में मछली विक्रय करने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

नगर पालिका की टीम ने भूसा तिराहा  सोहागपुर के पास खुले में मछली विक्रय करने वाली दुकानों को बंद कराया। इसके साथ ही न्यू बस स्टैंड के पास बिना ढके खुले में मछली विक्रय करने वाले छह दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 1,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

कार्रवाई के दौरान दुकानदारों को स्वच्छता बनाए रखने, मछली एवं अन्य खाद्य सामग्री को ढककर रखने तथा सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाने की समझाइश दी गई। नगर पालिका अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि स्वच्छता नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर आगे भी नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। कार्रवाई में स्वच्छता निरीक्षक अनिल महोबिया, भूपेश कोहरे, दुर्गेश गुप्ता, संतोष लखेरा, अंकुश सेन एवं फायर टीम की सहभागिता रही।

नगर पालिका परिषद ने नागरिकों एवं दुकानदारों से अपील की है कि वे अपने घरों और दुकानों से निकलने वाला कचरा निर्धारित कचरा संग्रहण वाहन में ही डालें तथा सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी न फैलाएं। स्वच्छ एवं सुंदर शहडोल के निर्माण में नागरिकों से सक्रिय सहभागिता की अपील की गई।

हवा व बारिश के कारण गिरे पेड़, बाइक व ऑटो हुआ क्षतिग्रस्त, यातायात हुआ बाधित


शहडोल

अचानक मौसम बदला और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। बारिश और हवा के कारण जिले के अलग-अलग इलाकों में पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आईं। कई जगह पेड़ सड़क पर गिरने से कुछ समय के लिए आवागमन प्रभावित रहा। कुछ छोटे वाहनों के भी पेड़ों की चपेट में आने की जानकारी सामने आई है। 

सोहागपुर क्षेत्र में शहडोल-रीवा मार्ग पर कई पेड़ सड़क पर गिर गए। इससे कुछ समय के लिए वाहनों की आवाजाही बाधित हो गई। स्थानीय लोगों ने बारिश के बीच तत्परता दिखाते हुए सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाया, जिसके बाद मार्ग पर आवागमन दोबारा शुरू हो सका। पिपरिया के पास तेज बारिश से बचने के लिए कुछ बाइक सवार यात्री प्रतीक्षालय के पास बने शेड में खड़े थे। इसी दौरान पास में एक छोटा पेड़ गिर गया। पेड़ की चपेट में बाइक और ऑटो आ गए, जिससे वाहनों को हल्का नुकसान हुआ। घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों सुरक्षित है।

जयसिंहनगर से मानपुर को जोड़ने वाले मार्ग पर भी बारिश और तेज हवा के बीच एक पेड़ सड़क पर गिर गया। इसकी सूचना पुलिस को मिली। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से सड़क पर गिरे पेड़ को हटवाया, जिसके बाद मार्ग पर यातायात बहाल हो गया। 

8 अधिकारियों पर कलेक्टर ने लगाया जुर्माना, रेत के अवैध भंडारण की सूचना पर एसपी ने किया निरीक्षण


शहडोल 

मध्यप्रदेश लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम 2010 के तहत निर्धारित समय-सीमा में सेवाओं का प्रदाय नहीं करने वाले पदाभिहित अधिकारियों के विरुद्ध कलेक्टर पार्थ जायसवाल द्वारा कार्रवाई की गई है। कार्यालय कलेक्टर, लोक सेवा प्रबंधन, जिला शहडोल द्वारा जारी आदेश के अनुसार 4 सितंबर से 9 सितंबर 2026 की स्थिति में समय-सीमा से बाहर लंबित प्रकरणों में 8 पदाभिहित अधिकारियों पर अधिनियम की धारा 7(1)(क)(ख) के तहत एक मुश्त अर्थदण्ड की शास्ति अधिरोपित की गई है।

जारी आदेश के अनुसार नायब तहसीलदार वृत्त पपौंध, तहसील ब्यौहारी नरेश सोनी पर 1,000 रुपये, नायब तहसीलदार वृत्त बिजुरी, तहसील जैतपुर रामकिशोर पद्माकर पर 500 रुपये, सचिव ग्राम पंचायत बरगवां, जनपद पंचायत बुढार श्याम करण पाव पर 500 रुपये, निरीक्षक नाप-तौल विभाग जिला शहडोल एस.के. निगम पर 1,000 रुपये, सचिव ग्राम पंचायत ढोढा, जनपद पंचायत जयसिंहनगर जवाहरलाल पटेल पर 500 रुपये, सचिव ग्राम पंचायत धनौरा, जनपद पंचायत बुढार ब्रजेन्द्र जैसवाल पर 500 रुपये, सचिव ग्राम पंचायत महुआटोला, जनपद पंचायत जयसिंहनगर दिलकरण पाव पर 500 रुपये तथा सचिव ग्राम पंचायत कुम्हेडिन, जनपद पंचायत बुढार चन्द्रशेखर तिवारी पर 500 रुपये का अर्थदण्ड अधिरोपित किया गया है।

लोक सेवाओं के प्रदाय की गारंटी अधिनियम 2010 की धारा 5(1)(2) के तहत उक्त सेवाओं के आवेदनों का बिना पर्याप्त एवं युक्तियुक्त कारण के निर्धारित समय-सीमा में निराकरण नहीं करने का दोषी पाया गया।  अर्थदण्ड की राशि तीन कार्य दिवस के भीतर लोक सेवा प्रबंधन कार्यालय में प्रस्तुत करना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

*अवैध रेत भंडारण की सूचना पर एसपी ने किया निरीक्षण*

शहडोल जिले में अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन पर प्रभावी अंकुश लगाने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक श्री संजय अग्रवाल ने थाना सोहागपुर क्षेत्र के नरवर, बिजौरी एवं क्षीरसागर के संभावित रेत उत्खनन क्षेत्रों का पुलिस टीम के साथ अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति एवं जमीनी हकीकत का जायजा लिया।

सघन चेकिंग के दौरान मौके पर किसी प्रकार का सक्रिय रेत उत्खनन होता हुआ नहीं पाया गया। क्षीरसागर के समीप बड़ी मात्रा में रेत का भंडारण पाया गया। भंडारित रेत के संबंध में नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए खनिज विभाग को निर्देश दिये है।

अवैध शराब मामले में 8 लोगो के ऊपर कार्यवाही, 1320 किलो महुआ लाहन, 66 लीटर हाथ भट्टी शराब जब्त


शहडोल

ब्यौहारी में लाखों रुपये की अवैध शराब के कारोबार का खेल सामने आया, जिले के ब्यौहारी क्षेत्र ताबड़तोड़ कार्रवाई में 1320 किलो महुआ लाहन और 66 लीटर हाथ भट्ठी शराब जब्त की गई, जबकि 8 लोगों के खिलाफ कार्रवाई हुई, लेकिन सवाल शराब की बरामदगी से भी बड़ा है। अगर इतना बड़ा अवैध कारोबार चल रहा था, तो आबकारी विभाग अब तक कहां था, क्या कार्रवाई के लिए भी किसी की मौत का इंतजार था।

ब्यौहारी में अचानक ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू हो गई, नतीजा भी चौंकाने वाला रहा, अवैध शराब बनाने के लिए तैयार रखा गया 1320 किलो महुआ लाहन और 66 लीटर हाथ भट्ठी शराब बरामद हुई। आठ लोगों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।

आबकारी विभाग की कार्रवाई में जिले के पापौंध निवासी सुरेश जायसवाल के पास से 5 लीटर, केशबाई जायसवाल के पास से 6 लीटर हाथ भट्ठी मदिरा जब्त की गई। खारी निवासी अमित जायसवाल से 200 किलो महुआ लाहन, जमोड़ी निवासी ललिया प्रजापति से 15 किलो लाहन व दीप नारायण प्रजापति से 6 लीटर हाथ भट्ठी मदिरा बरामद हुई। वहीं सरसी निवासी अरुण जायसवाल के कब्जे से 200 किलो महुआ लाहन सहित अन्य आरोपियों के पास से भी बड़ी मात्रा में लाहन और हाथ भट्ठी शराब मिली। कुल मिलाकर विभाग ने 1320 किलो लाहन और 66 लीटर शराब जब्त करने का दावा किया है।

अगर ब्यौहारी क्षेत्र में इतने बड़े पैमाने पर शराब बनाने का सामान और तैयार शराब मौजूद थी, तो क्या यह कारोबार आज ही शुरू हुआ था, क्या जिम्मेदार विभाग को इसकी भनक पहले नहीं थी, और अगर भनक थी, तो कार्रवाई क्यों नहीं हुई यह सवाल खड़े हो रहे हैं।

बिना नंबर प्लेट एवं वैध ईटीपी के रेत परिवहन करते दो 12-चक्का हाइवा जब्त


शहडोल 

अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध जिला प्रशासन द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में 12 सितंबर 2026 को रात्रि 3ः00 बजे से प्रातः 4ः30 बजे तक जयसिंहनगर अनुविभाग की राजस्व टीम द्वारा नायब तहसीलदार सनी द्विवेदी के नेतृत्व में तथा ब्यौहारी अनुविभाग की राजस्व टीम द्वारा डिप्टी कलेक्टर गैलेक्सी नागपुरे के नेतृत्व में पुलिस की सहायता से अवैध रेत उत्खनन एवं परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई की गई।

कार्रवाई के दौरान ग्राम झरोसी, तहसील ब्यौहारी में अवैध रेत का परिवहन कर रहे दो 12-चक्का हाइवा वाहनों को पकड़ा गया। दोनों वाहन रीवा की ओर अवैध रूप से रेत का परिवहन कर रहे थे। जांच के दौरान दोनों वाहनों पर नंबर प्लेट नहीं लगी पाई गई तथा दोनों वाहनों के पास वैध ईटीपी भी उपलब्ध नहीं था।

वाहनों को पकड़ने के दौरान एक हाइवा वाहन का चालक मौके से फरार हो गया, जबकि दूसरे हाइवा वाहन के चालक को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पूछताछ के दौरान वाहन चालक ने बताया कि हाइवा में रेत ग्राम रसपुर से भरी गई थी। राजस्व एवं पुलिस टीम द्वारा दोनों वाहनों को अभिरक्षा में लेकर नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है।

सड़क न होने से महिला का शव गांव तक बैलगाड़ी से लाना पड़ा, जनप्रतिनिधि नही बनवा पाए सड़क


शहडोल 

जिले के आखेटपुर स्थित डाला टोला गांव में पक्की सड़क नहीं होने का खामियाजा एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके परिजनों और ग्रामीणों को भुगतना पड़ा। शनिवार को सड़क के अभाव में एंबुलेंस महिला का शव घर तक नहीं पहुंचा सकी और करीब एक किलोमीटर पहले ही रोकनी पड़ी। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को बैलगाड़ी पर रखकर घर तक पहुंचाया। घटना का वीडियो भी सामने आने के बाद विकास के दावों पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।

जानकारी के अनुसार डाला टोला निवासी श्याम कली पटेल (70) लंबे समय से बीमार थीं। उनका स्थानीय अस्पताल के साथ नागपुर में भी इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान नागपुर में उनकी मौत हो गई। शनिवार सुबह जब उनका शव गांव पहुंचा तो घर तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस करीब एक किलोमीटर पहले ही रुक गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों को शव बैलगाड़ी पर रखकर घर तक ले जाना पड़ा।

घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क की समस्या को लेकर विरोध जताया। उनका कहना है कि डाला टोला में सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या से अवगत कराया लेकिन अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका है। उनका आरोप है कि हर बार सड़क बनवाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।

कांग्रेस नेता और जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ कई बार अधिकारियों से मुलाकात की गई है। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि महिला की मौत के बाद शव को बैलगाड़ी से घर पहुंचाने की स्थिति ने गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था की पोल खोल दी है। ग्रामीणों ने अब सड़क निर्माण के लिए जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है।

वन माफिया वनों में सागौन के वृक्षों का खुलेआम आरा चलाकर कर रहे हैं कत्लेआम आरा, शासन को करोड़ों की चपत

*रेत माफिया भी हुए बेलगाम, जिम्मेदार नींद में*


शहडोल

इन दिनों वन माफिया के चंगुल में बुरी तरह जकड़ चुका है और जंगल को जिस बेरहमी से उजाड़ा जा रहा है उसे देखकर यही लगता है कि अगर यही हाल रहा तो इस हरे-भरे वृत्त को रेगिस्तान में बदलते देर नहीं लगेगी।

हालात बेहद चिंताजनक हैं क्योंकि घुनघुटी वन परिक्षेत्र में खैर तस्करी के मामले की आग अभी ठंडी भी नहीं हुई थी कि इसी वृत्त के बुढार, जैतपुर और शहडोल परिक्षेत्र के जंगलों में सागौन और साल की व्यापक तस्करी का नया खेल शुरू हो गया है। विश्वसनीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार घुनघुटी में हजारों की तादाद में खैर के हरे-भरे पेड़ों की हुई कटाई के मामले ने वन मुख्यालय तक को हिला कर रख दिया है और इस मामले में वन मंडलाधिकारी उमरिया से जवाब-तलब किया गया है।

लेकिन बड़ा सवाल शहडोल वन मंडल की मुखिया पर खड़ा हो रहा है। वन मंडलाधिकारी शहडोल श्रद्धा पेंद्रो जो बड़ी-बड़ी डींगें हांकती हैं और खुद को सिंघम बनी घूमती हैं, उनकी कथित ईमानदारी की चुनरी पर बुढार के जंगलों में सागौन के वृक्षों पर चल रहे आरे के निशानों ने बड़ा दाग लगा कर रख दिया है। विभाग में ईमानदारी और सख्ती के बड़े-बड़े दावे करने वाली वन मंडलाधिकारी शहडोल के  नाक के नीचे ही आरक्षित वन उजड़ रहे हैं और उनके दावे खोखले साबित हो रहे हैं।

इसका पुख्ता सबूत बुढार वन परिक्षेत्र के धनपुरी बीट के आरक्षित वन क्षेत्र आरएफ 833 से मिला है जहां जीपीएस लोकेशन 23.155424, 81.525095 पर एक हरे-भरे विशाल सागौन के पेड़ को आरी से काट दिया गया है। फोटो में तने पर ताजा निशान साफ हैं। बुढार में सागौन-साल के हजारों वृक्षों की अवैध कटाई जारी है और खुलेआम आरा चल रहा है, जिससे शासन को करोड़ों की चपत लग रही है। तस्करी का तरीका संगठित है, दिन में रेकी और रात में कटाई कर लकड़ी अवैध आरा मशीनों पर खपाई जा रही है।

इधर शहडोल वन परिक्षेत्र में रेत माफिया भी बेलगाम है। जानकार सूत्रों से मिली पुख्ता जानकारी के अनुसार वन अमले द्वारा पकड़ी गई रेत की अवैध डग्गी को रेत माफिया छुड़ा ले गया। एक तरफ ईमानदारी की डींगें और दूसरी तरफ सागौन के जंगल उजड़ना और रेत की डग्गी का छूट जाना, यह पूरे अमले की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।

ग्रामीणों का कहना है कि ऐसा ही रहा तो सदा हरा-भरा लहलहाता शहडोल वन वृत्त भी रेगिस्तान में बदल जाएगा और वन मंडलाधिकारी  की ईमानदारी के सारे दावे इन कटे हुए सागौन के ठूंठों तले दब कर रह जाएंगे।

सर्व शिक्षा अभियान व शिक्षा विभाग द्वारा नवनिर्मित भवनों की खुली  पोल, बारिश में बच्चों का बैठना हुआ मुश्किल

शहडोल

जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी की सरकार नैनिहाल बच्चों के लिए उनकी शिक्षा दिक्षा व स्वास्थ्य के प्रति सजगता से कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग में ही कार्यरत जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी बच्चों के जीवन के साथ खेलने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यह हम नहीं कह रहे हैं। जिले के अंतर्गत सर्व शिक्षा अभियान से निर्मित भवनो का हाल बता रहा है, जहां बारिश के चलते कहीं छत टपक रही है तो कहीं से छत गिर रही है, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है। स्थानीय कर्मचारी ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सीएम हेल्पलाइन कटाने के लिए अधिकारी जोर शोर में लगे हुए है जो बहुत ही निराशाजनक है, जब इस विषय में कलेक्टर कार्यालय के सर्व शिक्षा अभियान  निर्माण समिति के सदस्य व पूर्व मंडल अध्यक्ष रामनारायण मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने सभी नवनिर्मित भवनो की तकनीकी गुणवत्ता की सघन जांच की आवश्यकता बताई।

श्री मिश्रा ने बताया कि उसके स्थानीय ग्राम के सभी विद्यालय वा आंगनबाड़ी केंद्रों में जल भराव बना हुआ है, जिससे नैनीहाल बच्चो के जीवन में संकट बना है। उन्होंने प्रशासनिक अमले से जांच कराकर दोषी जनों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही मांग की है। उनका कहना है की स्थानीय कर्मचारी हॉस्टलों मे अन्य सामग्री, मध्यान भोजन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बच्चों के हक का निवाला तो खा ही रहे हैं, साथ में उनके भवनो को गुणवत्ता विहीन बनाकर उनके जीवन से भी खेलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा स्थानीय कर्मचारी वा ठेकेदारो के द्वारा बनाए गए भवन 5 साल  अवधि के जिनकी तकनीकी गुणवत्ता  की जांच हो व दोषी जनों पर कार्यवाही की जाए।

इनका कहना है जिले के अंतर्गत अधिकारी डीपीसी, बीआरसी, बीएसी सभी हॉस्टल कार्यों में व्यस्त हैं, जिन्हें बच्चों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं जो बहुत ही निराशाजनक है, सीएम हेल्पलाइन कटाना समस्या का निदान नहीं।

नियुक्ति के मामले में हाई कोर्ट के आदेश की अनदेखी पड़ गयी भारी, एसपी को उपस्थित होने के आदेश


शहडोल

मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा वर्ष 2013 से जुड़े रत्नेश कुमार सिंह के मामले में आदेश के अनुपालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने प्रतिवादी क्रमांक-2 एसपी शहडोल को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर 2026 को होगी।

प्रकरण के अनुसार जिला अनूपपुर की जमुना कॉलरी निवासी रत्नेश कुमार सिंह की पुलिस आरक्षक परीक्षा वर्ष 2013 के बाद आपराधिक प्रकरण के आधार पर नियुक्ति निरस्त कर दी गई थी। नियुक्ति निरस्तीकरण के विरुद्ध रत्नेश कुमार सिंह द्वारा न्यायालय की शरण ली गई थी। याचिकाकर्ता के अनुसार, 10 जनवरी 2025 को हाईकोर्ट द्वारा उन्हें पुलिस विभाग में समस्त लाभों के साथ पदस्थ किए जाने का आदेश पारित किया गया था।

इसके बावजूद उक्त आदेश का अपेक्षित रूप से पालन नहीं होने पर मामले में अवमानना की कार्यवाही प्रारंभ हुई। न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ के समक्ष अवमानना प्रकरण CONC No. 4146/2025, रत्नेश कुमार सिंह बनाम कैलाश मकवाना एवं अन्य की सुनवाई हुई।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पांडे ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखते हुए बताया कि संबंधित आदेश के विरुद्ध रिट अपील दायर की गई है, लेकिन रिट अपील में मूल आदेश पर कोई स्थगन आदेश प्रदान नहीं किया गया है।

नपा सीएमओ के घर का ताला तोड़कर कब्जा करने आरोप, एफआईआर की मांग, अवैध परिवहन पर ट्रैक्टर जब्त


शहडोल

खनिज विभाग की टीम ने ब्यौहारी थाना क्षेत्र के ग्राम बराछ और बरकछ में रेत के अवैध खनन की शिकायत की जांच की। इस दौरान बराछ स्थित झापर नदी में एक ट्रैक्टर रेत का अवैध खनन करते मिला।खनिज विभाग की टीम को देखते ही ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया। बाद में दूसरे चालक की मदद से ट्रैक्टर को नदी से बाहर निकलवाकर थाना ब्यौहारी की अभिरक्षा में खड़ा कराया गया।

जांच में सामने आया कि ट्रैक्टर जॉन डियर कंपनी का है और उस पर कोई रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित नहीं है। खनिज विभाग अब वाहन के मालिक की जानकारी जुटा रहा है। विभाग के अनुसार वाहन मालिक के खिलाफ अवैध खनन का प्रकरण दर्ज किया जाएगा।

शहडोल

नगर पालिका परिषद शहडोल के सीएमओ आवास में ताला तोड़कर कथित रूप से जबरन प्रवेश और कब्जा किए जाने का मामला सामने आया है। नगरपालिका की मुख्य नगर पालिका अधिकारी आशा जितेंद्र भंडारी ने कोतवाली थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है। शिकायत में उन्होंने पूर्व सीएमओ निशांत सिंह ठाकुर सहित अन्य लोगों पर सीएमओ आवास का ताला तोड़कर अनधिकृत रूप से प्रवेश करने और वहां रखे सामान पर कब्जा करने का आरोप लगाया है।

सीएमओ की ओर से दिए गए पत्र के मुताबिक वह 2 जून 2026 को स्वास्थ्य खराब होने के कारण चिकित्सकीय अवकाश पर चली गई थीं। इसके बाद 26 जून को वापस मुख्यालय शहडोल पहुंचीं। शिकायत में बताया गया है कि उनके अवलोकन एवं आदेशार्थ कुछ फाइलें हस्ताक्षर के लिए आवास पर आई थीं, जिन्हें उन्होंने 27 जून को विधिवत प्राप्त कर कार्यालय अधीक्षक को वापस कर दिया था। इसके पश्चात वह पुनः उपचार के लिए गुजरात चली गई थीं।

शिकायत के अनुसार 1 सितंबर  को जब उन्हें जानकारी मिली कि उनके सीएमओ आवास का ताला तोड़कर जबरन प्रवेश कर कब्जा कर लिया गया है, तब उन्होंने मौके की स्थिति की जानकारी ली। आरोप है कि उनके निवास से करीब डेढ़ लाख रुपये नकद, घरेलू आवश्यक दस्तावेज, कपड़े, किराना सामान, पूजा सामग्री सहित अन्य सामान रखा हुआ था, जिस पर आरोपियों ने कथित रूप से अनधिकृत कब्जा कर लिया।

ऐसे में सरकारी आवास की सुरक्षा व्यवस्था, वहां तैनात कर्मचारियों की भूमिका और जिम्मेदार अधिकारियों की निगरानी व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े होते हैं। मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने पुलिस से पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। 

मकान गिरा, मलबे में दबे पति, पत्नी व बच्ची, तीनों की बची जान, गृहस्थी का सामान ख़राब


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धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नंबर-5 में काली मंदिर के पास उस वक्त हड़कंप मच गया, जब बारिश के बीच एक खपरैल मकान अचानक भरभराकर गिर गया, हादसे के समय मकान के अंदर सो रहा परिवार मलबे की चपेट में आ गया और पति-पत्नी समेत उनकी मासूम बच्ची दब गई।

धनपुरी नगरपालिका क्षेत्र के वार्ड नं 5 में काली मंदिर के पास रहने वाले संतोष बर्मन, उनकी पत्नी साधना बर्मन और बच्ची गुनगुन घर के अंदर सो रहे थे, अचानक मकान का हिस्सा भरभराकर उनके ऊपर आ गिरा, हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोगों ने बिना देर किए राहत और बचाव कार्य शुरू किया और मलबे में दबे परिवार के तीनों सदस्यों को बाहर निकाला, मकान गिरने से परिवार के सदस्यों को अंदरूनी चोटें आई हैं।

गनीमत रही कि स्थानीय लोगों की तत्परता से सभी को समय रहते मलबे से बाहर निकाल लिया गया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हादसे के बाद परिवार दहशत में है।वहीं, मकान गिरने से परिवार की पूरी गृहस्थी तहस-नहस हो गई। घर में रखा सामान मलबे में दबकर क्षतिग्रस्त हो गया, बारिश के कारण पहले से कमजोर हो चुके कच्चे और खपरैल मकानों पर अब खतरा बढ़ गया है।घटना ने एक बार फिर बारिश के मौसम में जर्जर और कच्चे मकानों में रहने वाले परिवारों की सुरक्षा पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

कार्यक्रम में मेधावी छात्रा मान्यता साहू को आगे की पढ़ाई के लिए मुख्यमंत्री ने प्रदान किया लैपटॉप


शहडोल

शहडोल की मेधावी छात्रा मान्यता साहू को उनकी शैक्षणिक उपलब्धि एवं आगे की पढ़ाई में सहयोग के लिए राज्य सरकार की ओर से लैपटॉप प्रदान किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल स्थित कुशाभाऊ ठाकरे इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर में आयोजित कार्यक्रम में मान्यता साहू को लैपटॉप प्रदान किया।

मान्यता साहू वर्तमान में भोपाल के एसआईआरटी कॉलेज से बी.टेक. की पढ़ाई कर रही हैं। उन्होंने शहडोल के सेंट ज्यूड्स क्रिश्चियन मिशन हायर सेकेंडरी स्कूल से अध्ययन करते हुए हायर सेकेंडरी परीक्षा में गणित विषय में 97.6 प्रतिशत अंक अर्जित कर जिले का नाम गौरवान्वित किया।

मेधावी छात्रा मान्यता साहू का लक्ष्य बी.टेक. की डिग्री पूर्ण करने के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की तैयारी करना है। राज्य सरकार द्वारा प्रदान किया गया लैपटॉप उनकी उच्च शिक्षा एवं प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में उपयोगी साबित होगा।

मान्यता साहू के पिता शहडोल रेलवे स्टेशन शहडोल में कैंटीन का संचालन करते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद मान्यता ने अपनी मेहनत, लगन और दृढ़ इच्छाशक्ति से उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धि हासिल की है।

लैपटॉप मिलने पर मान्यता साहू ने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि राज्य सरकार की यह पहल विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करने वाली है। उन्होंने अपनी सफलता एवं इस सम्मान के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, अपने माता-पिता एवं शिक्षकों के प्रति आभार व्यक्त किया है।

1 पटवारी निलंबित, 7 पटवारी को नोटिस जारी, 8 सचिवों व रोजगार सहायकों का 1 दिन का वेतन काटने का आदेश


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आशीष सोनकर तत्कालीन पटवारी हल्का चांपा वर्तमान पटवारी हल्का पतखई/बमुरा व्दारा पटवारी हल्का चांपा में पदस्थ रहने के दौरान जमीन संबंधी काम कराने एवं जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के एवज में आशीष सोनकर पटवारी ने 20 हजार रुपये की रिश्वत मांगने 15 हजार रूपये नकद प्राप्त करना, तथा अश्लील हरकत के कारण शिकायतकर्ता व्दारा कलेक्टर शहडोल के समक्ष की गई शिकायत पर इस कार्यालय के पत्र क्रमांक 940 को कारण बताओ नोटिस जारी कर जबाव चाहा गया, किन्तु उनके व्दारा जबाव प्रस्तुत न करने पर यह प्रतीत होता है कि शिकायतकर्ता व्दारा की गई शिकायत की पुष्टि होती है। 

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमृता गर्ग ने पटवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है, और निलंबन अवधि के दौरान मुख्यालय तहसील सोहागपुर निर्धारित किया जाता है तथा जीवन निर्वाह भत्ते की नियमानुसार पात्रता होगी।

वही अमृता गर्ग ने फार्मर रजिस्ट्री में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर पटवारी हल्का खेतौली चित्रा धर्या, पटवारी हल्का हर्रा-98 राजेश्वर मेहरा, पटवारी हल्का भानपुर-105 निलेश पांडे, पटवारी हल्का बिरूहली सूर्यभानु सिंह, पटवारी हल्का कटकोना ज्योति मिश्रा, पटवारी हल्का छाता सुजीत श्रीवास्तव, पटवारी हल्का खोह रफीक खान को कारण बताओं नोटिस जारी कर तीन दिवस में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। 

इसी प्रकार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमृता गर्ग ने फार्मर आईडी के कार्य में लगाई गई ड्यूटी में अनुपस्थित होने पर ग्राम पंचायत बरुका, कंचनपुर, हर्रा टोला,नवलपुर, पंचगाव, सिंदूरी, श्यामडीह, गोरतरा के सचिवों एवं रोजगार सहायको का एक - एक दिन का वेतन काटने के आदेश जारी किया है।

अनाथ महिला से जाति प्रमाण पत्र बनाने के लिए पटवारी ने मांगा रिश्वत, आपत्तिजनक मैसेज करने का आरोप


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सोहागपुर थाना क्षेत्र की रहने वाली पीड़ित युवती ने बताया कि उसके माता-पिता अब इस दुनिया में नहीं हैं और ग्राम पंचायत चापा में उनकी पुश्तैनी जमीन है। जमीन संबंधी काम और जाति प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए उन्होंने हल्का नंबर 72 के पटवारी आशीष सोनकर से संपर्क किया था।

शिकायत के अनुसार युवती का आरोप है कि काम कराने के एवज में उनसे 20 हजार रुपए की मांग की गई, जिसमें से 15 हजार रुपए नकद देने का दावा किया गया है। युवती ने लेन-देन और बातचीत से संबंधित व्हाट्सऐप चैट को इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में सुरक्षित होने की बात कही है।

शिकायत का सबसे गंभीर पहलू पटवारी पर अश्लील और आपत्तिजनक व्हाट्सऐप बातचीत करने का आरोप है। युवती का दावा है कि पटवारी ने काम कराने के बदले उसे होटल में बुलाने और अपने साथ रहने जैसी बातें कहीं, युवती ने इसे अपने शासकीय पद और अधिकार का दुरुपयोग बताते हुए मानसिक दबाव और शोषण का प्रयास बताया है।

युवती का यह भी आरोप है कि शिकायत करने की बात कहने के बाद उसके जमीन संबंधी काम नहीं किए गए और जाति प्रमाण-पत्र भी नहीं बनाया गया, वहीं पटवारी के सहयोगी रवि पर शिकायत नहीं करने के लिए दबाव बनाने और जान से मरवाने की धमकी देने का आरोप लगाया गया है।

इस मामले में कलेक्टर के समक्ष शिकायत और साक्ष्य प्रस्तुत किए गए थे। अब युवती ने स्वयं कलेक्टर के समक्ष शिकायत देकर व्हाट्सऐप चैट, स्क्रीनशॉट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कराने तथा मामले में विभागीय कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

ग्रामीणों ने सड़क पर धान का रोपा लगाकर खराब सड़क का किया विरोध, 30 साल से कर रहे हैं मांग


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जैतपुर क्षेत्र की ग्राम पंचायत गलहथा में सड़क की बदहाली से परेशान ग्रामीणों ने अब अनोखे अंदाज में विरोध जताया है। करीब 30 साल से सड़क निर्माण की मांग पूरी नहीं होने से नाराज ग्रामीणों ने कीचड़ से सनी सड़क पर ही धान का रोपा लगा दिया। ग्रामीणों का कहना है कि शिकायतें और आवेदन देने के बावजूद जब सड़क नहीं बनी तो अब उन्होंने सड़क को ही खेत बना दिया है।

मामला ग्राम पंचायत गलहथा के वार्ड नंबर 15 का है। ग्रामीण सुरेश सिंह ने बताया कि वार्ड नंबर 15 से मुख्य सड़क और स्कूल तक पहुंचने के लिए करीब आधा किलोमीटर लंबा यह मार्ग प्रमुख रास्ता है। बारिश के दिनों में सड़क पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाती है। इससे ग्रामीणों के साथ स्कूली बच्चों को भी आने-जाने में परेशानी होती है। ग्रामीणों के अनुसार, यह समस्या एक-दो साल पुरानी नहीं, बल्कि करीब तीन दशक से बनी हुई है। इस दौरान कई बार पंचायत और संबंधित अधिकारियों से सड़क निर्माण की शिकायत की गई, लेकिन समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका। लगातार बारिश के कारण सड़क पर जगह-जगह कीचड़ और पानी जमा है, जिससे आवागमन मुश्किल हो गया है।

इसी समस्या से नाराज नवल सिंह, पहलाद सिंह सहित अन्य ग्रामीणों ने एकजुट होकर सड़क पर धान का रोपा लगा दिया। ग्रामीणों ने कहा कि जब बारिश के दौरान सड़क पर खेत जैसी स्थिति बन ही जाती है तो उन्होंने इसे खेत का रूप देकर अपना विरोध दर्ज कराया है। ग्रामीणों का यह अनोखा विरोध क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। ग्रामीण पहलाद सिंह ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि सड़क पर धान की फसल तैयार हो गई तो इससे होने वाले अनाज से ग्रामीणों की भरपाई कर लेंगे।

इधर, ग्राम पंचायत गलहथा के सचिव चंद्रशेखर तिवारी ने बताया कि सड़क की समस्या से पंचायत भी अवगत है। ग्राम सभा में कई बार सड़क निर्माण का प्रस्ताव रखा गया है और बजट को लेकर भी चर्चा हुई है। बारिश समाप्त होने के बाद सड़क निर्माण कार्य शुरू कराने की बात कही गई है।

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