नारी सशक्तिकरण और प्रेरणादायी है रानी दुर्गावती का जीवन- रंजना चितले
नारी सशक्तिकरण और प्रेरणादायी है रानी दुर्गावती का जीवन- रंजना चितले
*एमसीयू में वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती मनाई गई*
भोपाल
माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के एसटी/एससी सेल द्वारा लता मंगेशकर सभागार में रानी दुर्गावती जयंती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जनजातीय विशेषज्ञ रंजना चितले ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन महिला सशक्तिकरण की अनुपम मिशाल है,उन्होंने कभी भी अपनी अस्मिता, अस्तित्व और स्व से समझौता नहीं किया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद कार्यक्रम संयोजक डॉ गजेंद्र सिंह अवास्या ने मुख्य अतिथि रंजना चितले को पुस्तक भेंटकर सम्मानित किया।
रंजना चितले ने अपने संबोधन में रानी दुर्गावती के जीवन और उनके व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रानी दुर्गावती गोंडवाना की वीर और साहसी शासिका थीं, जिन्होंने अपने जीवन में स्वतंत्रता, स्वराज और नारी सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया। पति की मृत्यु के बाद रानी दुर्गावती ने राज्य की बागडोर संभाली और कुशलता से शासन किया। उन्होंने अपने राज्य की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा के लिए मुगल सम्राट अकबर की सेना के विरुद्ध भी संघर्ष किया।
रंजना चितले ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन साहस, स्वाभिमान और संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने अपने संबोधन में जनजातीय समाज की भूमिका पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि जनजातीय समाज और जनजातीय सेनानियों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से जनजातीय नायकों और सेनानियों के इतिहास तथा उनके योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त करने और समाज में उनके प्रति जागरूकता फैलाने का अनुरोध किया।
समारोह में डॉ रामदीन त्यागी, डॉ लोकेंद्र सिंह राजपूत, डॉ अरुण खोबरे, डॉ सूर्य प्रकाश,श्री मनोज धुर्वे, डॉ तुषार भोंसले, सहित अन्य शिक्षक,कर्मचारी, और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉ गजेंद्र सिंह अवास्या ने आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन किया।










