नारी सशक्तिकरण और प्रेरणादायी है रानी दुर्गावती का जीवन- रंजना चितले

*एमसीयू में वीरांगना रानी दुर्गावती की जयंती मनाई गई*


भोपाल

माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय के एसटी/एससी सेल द्वारा लता मंगेशकर सभागार में रानी दुर्गावती जयंती का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि जनजातीय विशेषज्ञ रंजना चितले ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन महिला सशक्तिकरण की अनुपम मिशाल है,उन्होंने कभी भी अपनी अस्मिता, अस्तित्व और स्व से समझौता नहीं किया।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इसके बाद कार्यक्रम संयोजक डॉ गजेंद्र सिंह अवास्या ने मुख्य अतिथि रंजना चितले को पुस्तक भेंटकर सम्मानित किया।

रंजना चितले ने अपने संबोधन में रानी दुर्गावती के जीवन और उनके व्यक्तित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रानी दुर्गावती गोंडवाना की वीर और साहसी शासिका थीं, जिन्होंने अपने जीवन में स्वतंत्रता, स्वराज और नारी सशक्तिकरण का उदाहरण प्रस्तुत किया। पति की मृत्यु के बाद रानी दुर्गावती ने राज्य की बागडोर संभाली और कुशलता से शासन किया। उन्होंने अपने राज्य की स्वतंत्रता और सम्मान की रक्षा के लिए मुगल सम्राट अकबर की सेना के विरुद्ध भी संघर्ष किया।

रंजना चितले ने कहा कि रानी दुर्गावती का जीवन साहस, स्वाभिमान और संघर्ष की प्रेरणा देता है। उन्होंने अपने संबोधन में जनजातीय समाज की भूमिका पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि जनजातीय समाज और जनजातीय सेनानियों ने स्वतंत्रता संग्राम में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने विद्यार्थियों से जनजातीय नायकों और सेनानियों के इतिहास तथा उनके योगदान के बारे में जानकारी प्राप्त करने और समाज में उनके प्रति जागरूकता फैलाने का अनुरोध किया।

समारोह में डॉ रामदीन त्यागी, डॉ लोकेंद्र सिंह राजपूत, डॉ अरुण खोबरे, डॉ सूर्य प्रकाश,श्री मनोज धुर्वे, डॉ तुषार भोंसले, सहित अन्य शिक्षक,कर्मचारी, और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।कार्यक्रम के अंत में कार्यक्रम संयोजक डॉ गजेंद्र सिंह अवास्या ने आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन किया।

राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव में अधिवक्ता रासिद सोहेल सिद्दीकी निर्वाचित, अधिवक्ताओं ने किया स्वागत


जबलपुर

मध्यप्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद चुनाव में द्वितीय चरण की मतगणना में एलिमिनेशन राउंड का 33 वां दिन मंगलवार को पूरा हुआ। जबलपुर के वरिष्ठ अधिवक्ता रासिद सोहेल सिद्दीकी ने निर्धारित कोटा पार कर लिया इसके साथ ही उन्हें निर्वाचित माना गया। 

उनके निर्वाचित होने पर अधिवक्ताओं ने फूल-मालाओं से उनका भव्य स्वागत किया और मिठाई बांटकर खुशी का इजहार किया। इस अवसर पर अधिवक्ताओं ने कहा कि राशिद सोहेल सिद्दीकी की जीत अधिवक्ता हितों की जीत है।

वरिष्ठ अधिवक्ता रासिद सोहेल सिद्दीकी ने अधिवक्ताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे अधिवक्ताओं के कल्याण, युवा अधिवक्ताओं के हितों और न्याय व्यवस्था को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्य करते रहेंगे।

इस अवसर पर अधिवक्ता सर्वश्री प्रकाश गुप्ता, सूर्य प्रताप राय, अमित खत्री, संजीव मिश्रा, विनय गौतम, कोस्तुभ चतुर्वेदी,शफी खान,शेख दिलशाद,अब्दुल तवाब फरीदी, साजिद नवाज,हाजी इसरार अहमद रमेश अहिरवार, जुगल किशोर लोधी,सहित सैकड़ो अधिवक्तागण मौजूद थे।

खस्ताहाल सड़कों के लिए नगर निगम जबलपुर को ‘नंबर-1’ की ट्रॉफी प्रदान करने पहुंची युवा कांग्रेस

*महापौर का मुखौटा पहनाकर ट्रॉफी और प्रमाण पत्र प्रदान कर किया गया सांकेतिक सम्मान*


जबलपुर

शहर की जर्जर, टूटी एवं खस्ताहाल सड़कों की स्थिति को लेकर मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस द्वारा गुरुवार को नगर निगम जबलपुर के खिलाफ अनोखे और व्यंग्यात्मक अंदाज में विरोध प्रदर्शन किया गया। इस दौरान नगर निगम जबलपुर को “मध्यप्रदेश में खस्ताहाल सड़कों के लिए प्रथम स्थान” की प्रतीकात्मक ट्रॉफी एवं सम्मान पत्र प्रदान किया गया।

कार्यक्रम का आयोजन मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस के प्रदेश सचिवद्वय सागर शुक्ला एवं अदनान अंसारी के नेतृत्व में किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा विशेष रूप से उपस्थित रहे।

कार्यक्रम के दौरान युवा कांग्रेस ने काफी देर महापौर कार्यालय के बाहर बैठ कर नारेबाजी की जब कोई भी अधिकारी कर्मचारी सम्मान पत्र एवं ट्रॉफी ग्रहण करने के लिए नगर निगम की ओर से आगे नहीं आया तो कार्यकर्ताओं के द्वारा महापौर का मुखौटा पहनाकर प्रतीकात्मक रूप से ट्रॉफी एवं सम्मान पत्र सौंपा गया।

युवा कांग्रेस नेताओं ने कहा कि शहर की अनेक प्रमुख सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक सड़कें गड्ढों, उखड़े डामर और बिखरी गिट्टी की समस्या से जूझ रही हैं। हाल के दिनों में जबलपुर की जर्जर सड़कों और उनसे जुड़ी दुर्घटना की आशंकाओं को लेकर मीडिया के माध्यम से रिपोर्टें सामने आई हैं।

नगर निगम नेता प्रतिपक्ष अमरीश मिश्रा ने कहा कि जबलपुर की सड़कों की स्थिति को लेकर लगातार शिकायतें और विरोध सामने आ रहे हैं। कुछ दिन पहले भी बदहाल सड़कों को लेकर कांग्रेस द्वारा प्रदर्शन किया गया था। शहर में सड़क निर्माण और मरम्मत के कार्यों की गुणवत्ता, उनकी निगरानी और समयबद्धता पर गंभीरता से काम किए जाने की जरूरत है। नागरिकों को सुरक्षित आवागमन उपलब्ध कराना नगर निगम की प्राथमिक जिम्मेदारियों में होना चाहिए और सड़क निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए।

युवा कांग्रेस प्रदेश सचिव सागर शुक्ला ने कहा कि “जबलपुर के विकास का प्रमाण कागजों पर तैयार किए गए आंकड़े नहीं, बल्कि शहर की सड़कों पर चलने वाला आम नागरिक देता है। आज स्थिति यह है कि सड़क पर वाहन चलाना सफर कम और गड्ढों से बचने की चुनौती ज्यादा बन गया है। हमने यह ट्रॉफी इसलिए दी है ताकि नगर निगम को यह याद दिलाया जा सके कि शहर के नागरिकों की सबसे बुनियादी जरूरतों में सुरक्षित और अच्छी सड़क भी शामिल है।”

प्रदेश सचिव युवा कांग्रेस अदनान अंसारी ने कहा कि “स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में जबलपुर को तीसरा स्थान मिला है, लेकिन जिस तरह इन आंकड़ों को उपलब्धि के रूप में पेश किया जा रहा है, उससे शहर की जमीनी हकीकत नहीं बदल जाती। हमारा सवाल है कि अगर आंकड़ों में शहर इतना शानदार दिखाई देता है, तो सड़कों पर नागरिकों को गड्ढे, उखड़ा डामर और धूल क्यों दिखाई देती है? आंकड़ों की बाजीगरी से जनता को गुमराह करने की कोशिश हो सकती है, लेकिन सड़क पर रोज चलने वाला नागरिक अपनी आंखों से वास्तविकता देखता है।” 

उन्होंने कहा कि “यह ट्रॉफी किसी उपलब्धि का वास्तविक पुरस्कार नहीं, बल्कि नगर निगम की सड़क व्यवस्था पर जनता की व्यंग्यात्मक टिप्पणी है। युवा कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि “मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान” कोई आधिकारिक अथवा सरकारी रैंकिंग नहीं है, बल्कि शहर की खस्ताहाल सड़कों को लेकर किया गया व्यंग्यात्मक एवं सांकेतिक विरोध है।

युवा कांग्रेस ने मांग की कि जबलपुर की जर्जर सड़कों की तत्काल मरम्मत कराई जाए, नए सड़क निर्माण में गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए तथा सड़क निर्माण एवं मरम्मत कार्यों की प्रभावी निगरानी और जवाबदेही तय की जाए, ताकि शहरवासियों को सुरक्षित और सुगम आवागमन मिल सके।

कार्यक्रम में प्रमुख रूप से सागर शुक्ला, अदनान अंसारी, रिजवान अली कोटी, सोनू कुकरेल बादल पंजवानी, प्रियंका केशरवानी, उवेश अंसारी, अभियूत बाजपेयी, नितिन सिंह, सौरभ सिंह, प्रतीक गौतम, शफी खान, एजाज अंसारी, सक्षम दुबे, इमरान खान, अनुराग शुक्ला, शिशांत ठाकुर, शादाब खान, अंकित कोरी, अदील अहमद, अमित सिंह, मोहसिन खान, जमन अंसारी, मोहित प्यासी आदि युवा कांग्रेस कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

नौनिहालों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे स्कूल संचालक, शहर में बिना मान्यता के संचालित हो रहे प्ले स्कूल

 *एनएसयूआई ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन, तत्काल कार्रवाई की मांग*


जबलपुर

जिस उम्र में बच्चों को अच्छे रास्ते के लिए सही सीढ़ी दिखाई जाती है, उस उम्र में स्कूल संचालक मासूमों के भविष्य से खिलवाड़ कर रहे हैं। शहर में बिना मान्यता के संचालित हो रहे प्ले स्कूलों के खिलाफ एनएसयूआई ने आज मोर्चा खोल दिया। संगठन के पदाधिकारियों ने छात्रनेता अनुराग शुक्ला व शफी खान के नेतृत्व में कलेक्टर राघवेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपकर 450 से अधिक अवैध प्ले स्कूलों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की।   

एनएसयूआई छात्र नेता अनुराग शुक्ला व शफी खान ने कहा कि सूचना का अधिकार से खुलासा हुआ है कि जबलपुर में 600 से अधिक प्ले स्कूल चल रहे हैं, लेकिन शासन से मान्यता सिर्फ 146 स्कूलों को ही मिली है। शेष 450 स्कूल बिना किसी वैध अनुमति, फायर सेफ्टी और सुरक्षा मानकों के धड़ल्ले से संचालित हो रहे हैं। 1.5 से 5 साल तक के मासूम बच्चे इन स्कूलों में पढ़ते हैं,जहां राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग के नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।  

एनएसयूआई ने आरोप लगाया कि जिन 146 स्कूलों को मान्यता मिली है, उनमें भी कई एक ही संस्था के नाम से पोर्टल पर 6-6 बार पंजीकृत हैं। मान्यता शुल्क मात्र 2100 रुपए होने के बावजूद संचालक पंजीयन से बच रहे हैं, क्योंकि विभागीय कार्रवाई न होने से उनके हौसले बुलंद हैं।  

*अवैध फीस वसूली का भी आरोप*

ज्ञापन में कहा गया कि अधिकांश निजी स्कूलों द्वारा अभिभावकों से एडमिशन फीस,एनुअल चार्ज और एक्टिविटी फीस के नाम पर मनमानी वसूली की जा रही हैं। शासन स्तर पर इनका कोई शुल्क निर्धारित नहीं है, फिर भी हजारों रुपए वसूले जा रहे हैं।  

पूर्व में शासन द्वारा शिक्षा माफियाओं के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई थी किंतु वर्तमान में कारवाई न होने से शिक्षा माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। एनएसयूआई ने मांग की है कि जिले के सभी प्ले स्कूलों का तत्काल भौतिक सत्यापन कराकर बिना मान्यता संचालित 450 स्कूलों को तुरंत बंद कर संचालकों पर 5000 रुपए जुर्माना लगाया जाए।  

अवैध फीस वसूलने वाले स्कूलों से अभिभावकों को राशि वापस दिलाई जाए,मान्यता प्राप्त स्कूलों की सूची और शुल्क संरचना सार्वजनिक की जाए,फायर सेफ्टी, सीसीटीवी और प्रशिक्षित स्टाफ की जांच कर अमानक स्कूलों की मान्यता रद्द की जाए। 

ज्ञापन सौंपते समय प्रदेश सचिव प्रतीक गौतम,अदनान अंसारी,अंकित शुक्ला,एजाज अंसारी,सैफ मंसूरी,अंकित कोरी,गौरव जायसवाल,युग ठाकुर,अनिकेत तिवारी,दक्ष रैकवार,वकार खान,रोहन राजपूत सहित सैकड़ो छात्र मौजूद थे।

मेडिकल कॉलेज में मरीज़ के पैर को चूहों ने कुतरा, मरीजो की सुरक्षा खतरे में, NSUI ने सौपा ज्ञापन


जबलपुर

नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज जबलपुर में मरीजों के पैर चूहों द्वारा कुतरने की घटना पर गंभीर प्रशासनिक लापरवाही उजागर होने पर मेडिकल कॉलेज अधीक्षक के विरुद्ध कार्यवाही की मांग संबंधी ज्ञापन युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव रिज़वान अली कोटी एवं NSUI प्रदेश प्रवक्ता राहुल रजक ने नेतृत्व में संभागीय उपायुक्त कविता बाटला को सौंपा गया।

विज्ञप्ति के माध्यम से युवा कांग्रेस के रिज़वान अली कोटी एवं NSUI के राहुल रजक ने कहा है कि नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज, जबलपुर में हाल ही में मरीजों के साथ घटित अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और अमानवीय घटनाओं ने न केवल मरीजों की जान की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लगाया है, बल्कि अस्पताल प्रबंधन की गंभीर प्रशासनिक लापरवाही को भी उजागर किया है। समाचारों एवं प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अस्पताल वार्डों में भर्ती मरीजों के पैर चूहों द्वारा कुतर दिए जाने की घटनाएं घटित हुई हैं, जो कि स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाल स्थिति और व्यवस्थागत विफलता का स्पष्ट प्रमाण है। ऐसी अमानवीय स्थिति में न तो मरीज सुरक्षित हैं और न ही उनके परिजन। मेडिकल अस्पताल में सफाई कार्य करने वाली एजेंसी पर कार्यवाही करके केवल खानापूर्ति की जा रही है, क्या संस्था प्रमुख होने के नाते अधीक्षक की ये ज़िम्मेदारी नहीं बनती थी कि वह सफ़ाई एवं अन्य व्यवस्थाओ का निरंतर निरीक्षण करते रहें। यह न केवल स्वास्थ्य व्यवस्था पर, बल्कि प्रशासनिक जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। इसलिए मेडिकल कॉलेज अधीक्षक की प्रत्यक्ष जिम्मेदारी तय करते हुए उनके विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्यवाही की जाए।

ज्ञापन के दौरान मज़हर उस्मानी, आसिफ़ इक़बाल, बादल पंजवानी, कपिल भोजक, सागर शुक्ला, एजाज़ अंसारी, फिज्जू खान, सैफ़ मंसूरी, अनुराग शुक्ला, वाजिद क़ादरी, शफी खान,एडवोकेट अयाज़ खान, एडवोकेट जावेद खान, वक़ार खान आदि उपस्थित थे।

एनएसयूआई का उच्च शिक्षा मंत्री से सवाल, कब होगा छात्र संघ चुनाव? कब मिलेगा छात्रों को न्याय?

*एनएसयूआई ने उच्च शिक्षा मंत्री को सौंपा ज्ञापन, विश्वविद्यालय में पारदर्शिता और छात्र हितों की रक्षा की मांग*


जबलपुर

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में व्याप्त विभिन्न अनियमितताओं और लगातार परीक्षाओं में की जा रही गड़बड़ी तथा प्रदेश मे छात्र संघ चुनाव की मांग के संबंध में एनएसयूआई ने उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार को ज्ञापन सौंपा। 

छात्रनेता अनुराग शुक्ला व शफी खान ने कहा कि छात्र-छात्राओं को हर मामले में परेशान होना पड़ रहा है शैक्षणिक, सामाजिक, आर्थिक व छात्रावास जैसी मूलभूत व बुनियादी सुविधाओं के लिए परेशान होना पड़ रहा है। छात्रों को छात्रावास में सुविधाओं की कमी से जूझना पड़ रहा है छात्रावास भवन जर्जर हो चुके हैं छत से पानी टपक रहा है प्रत्येक कमरों की छत का प्लास्टर जर्जर हालत में है छात्रों को सोने, पढ़ाई करने में परेशानी हो रही है छत के सरिया बाहर निकल आए हैं। शौचालय की सफाई महीनों से नहीं हुई है इससे पूरे परिसर में बदबू फैल रही है। वाटर कूलर खराब पड़ा है। स्वच्छ पानी के लिए छात्रों को बाहर से वॉटर कैन मंगवाना पड़ रहा है। गेट पर दो साल से सुरक्षा गार्ड नहीं है जिससे छात्र अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं क्योंकि पूर्व मे विश्वविद्यालय मे अनेक घटनाएं घट चुकी है 

संगठन पदाधिकारियों ने कहा कि विश्वविद्यालय द्वारा परीक्षाओं में लगातार गड़बड़ी,परिणामों में देरी और छात्रों के हितों की अनदेखी की जा रही है विश्वविद्यालय द्वारा पिछले 1 वर्ष से घोषित विभिन्न परीक्षा परिणामों में लगातार गड़बड़ी सामने आ रही है जिसके संबंध में लगातार छात्र संगठन एवं छात्रों द्वारा आपत्ति दर्ज कराई जाती रही हैं परंतु विश्वविद्यालय की कार्यप्रणाली में कोई सुधार नहीं आ रहा हैं हाल ही में घोषित एमबीए के परीक्षा परिणामो में भी अधिकांश छात्रों को फेल कर दिया गया है जो कि विश्वविद्यालय की गभीर लापरवाही को दर्शाता है 

*छात्र संघ चुनाव की मांग*

एनएसयूआई ने ज्ञापन में छात्र संघ चुनाव आयोजित करने की मांग की है। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा प्रत्येक वर्ष छात्र संघ चुनाव कराए जाने का प्रावधान है परंतु पिछले 8 वर्षों से मध्यप्रदेश मे छात्र संघ चुनाव नहीं हुए‌ है जबकि छात्रो से छात्रसंघ शुल्क वसूला जाता है छात्र संघ चुनाव आयोजित कराए जाने से छात्रों में नेतृत्व क्षमता का विकास, अपने अधिकारों के प्रति सजगता का विकास, तथा राजनीतिक चेतना का विकास होता है तथा छात्रों द्वारा दिए जा रहे छात्र संघ शुल्क एवं अन्य सांस्कृतिक शुल्क का महाविद्यालय में उपयोग किया जाता है वर्तमान मे विभिन्न केन्द्रीय मंत्री भी छात्र राजनीति से निकले है छात्र संघ चुनाव छात्रों के हितों की रक्षा और उनके नेतृत्व क्षमता को विकसित करने के लिए आवश्यक है। ज्ञापन सौंपते समय अदनान अंसारी, प्रतीक गौतम, सक्षम यादव, एजाज अंसारी,मो.वकार, अंकित कोरी, युग ठाकुर आदि मौजूद थे।

रादुविवि में एनएसयूआई का प्रदर्शन, ज्ञापन को लेकर पुलिस से हुई झड़प, परीक्षा परिणामों में अनियमितता का आरोप

*उत्तरपुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन कर दोबारा परिणाम जारी करने कि की मांग*


जबलपुर

रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय में एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने एमबीए की विभिन्न परीक्षा परिणामों में अधिकतर छात्रों को एटीकेटी दे दिए जाने व फेल भी कर दिए जाने तथा एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षाओं में की गई गड़बड़ी की उचित जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया इस दौरान जब कुलसचिव ज्ञापन लेने नहीं आए तो कार्यकर्ता जबरदस्ती उनके चेंबर में जाने लगे जिस पर पुलिस और कार्यकर्ताओं में हल्की झड़क भी हुई। 

छात्रनेता अनुराग शुक्ला व शफी खान ने आरोप लगाया कि एमबीए की विभिन्न परीक्षा परिणामों में अधिकतर छात्रों को एटीकेटी दे दी गई है और फेल भी कर दिया गया है, जो कि छात्रों के भविष्य के लिए चिंताजनक है विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही के चलते विश्वविद्यालय की साख खराब हो रही है। उन्होंने मांग की कि प्रभावित छात्रों के परिणामों की जांच की जाए और दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई की जाए।

*छात्रों को दे दिए पुराने पेपर*

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कहा कि एलएलबी छठवें सेमेस्टर की परीक्षाओं में भी गड़बड़ी की गई है, यह परीक्षाएं शहर के चार केदो में आयोजित हुई जिसमें हितकारिणी महिला महाविद्यालय के केंद्र पर एपीएन महाविद्यालय और गुरु तेग बहादुर सिंह खालसा महाविद्यालय के छात्रों को "प्रारूपण अभिवचन और हस्तांतरण" के पुराने प्रश्न पत्र छात्रों को दे दिए गए जबकि अन्य परीक्षा केंद्रों पर नए प्रश्न पत्र दिए गए इस संबंध में छात्रों द्वारा विश्वविद्यालय में शिकायत की गई लेकिन अभी तक विश्वविद्यालय द्वारा कोई अधिकारिक सूचना जारी नहीं की गई है जिससे छात्रों में असमंजस की स्थिति है व यह विश्वविद्यालय की गभीर लापरवाही को दर्शाता है। 

एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने कुलसचिव को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की कि एमबीए की विभिन्न परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का पुनर्मूल्यांकन किया जाए और दोबारा परीक्षा परिणाम जारी किए जाएं। इसके अलावा, एलएलबी छठवें सेमेस्टर के हितकारिणी महिला महाविद्यालय में परीक्षा देने वाले छात्रों की छात्रों की "प्रारूपण अभिवचन और हस्तांतरण" की उत्तर पुस्तिकाओं की पृथक से जांच की जाए और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए।

छात्र नेता अनुराग शुक्ला ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन जल्द सुधारात्मक कदम नहीं उठाता है, तो छात्र और उग्र आंदोलन करेंगे। प्रदर्शन के दौरान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और जल्द कार्रवाई करने की मांग की।

इस दौरान मुख्य रूप से प्रदेश सचिव प्रतीक गौतम, अंकित शुक्ला,एजाज अंसारी, सक्षम यादव,सैफ मंसूरी, वकार खान,सोनू मेश्राम,सनी सिंह,अंकित कोरी,असदाक अनवर,फरान अंसारी,आशीष वर्मा, राजीव,युग ठाकुर, ऐश्वर्य नायर,आर्येन चौधरी,सहित बड़ी संख्या में छात्र मौजूद थे।

भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन के कार्यक्रम में होगा विधिक जागरूकता कार्ड का वितरण


जबलपुर

जबलपुर में भारतीय मानवाधिकार एसोसिएशन का विशेष कार्यक्रम आज, मुख्य अतिथि ‌ राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग चंद्रवंशी एवं ‌ राष्ट्रीय कल्याण सचिव डॉ. अजय चौधरी (योगाचार्य) भारतीय मानवाधिकार एसोसियेशन द्वारा आज जबलपुर में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग चंद्रवंशी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अगुवाई राष्ट्रीय कल्याण सचिव डॉ. अजय चौधरी द्वारा की जाएगी।

इस अवसर पर विधिक जागरूकता एवं कार्ड वितरण कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य नागरिकों को उनके मूलभूत अधिकारों एवं विधिक संरक्षण के विषय में जानकारी देना है।कार्यक्रम में विशेष रूप से संगठन के सदस्यों को पहचान पत्र (ID कार्ड) वितरित किए जाएंगे और उन्हें संगठन की गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी हेतु प्रोत्साहित किया जाएगा।

डॉ. अजय चौधरी ने बताया कि यह पहल समाज में न्याय, समानता और जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग चंद्रवंशी द्वारा विधिक जानकारी एवं संगठन की भावी योजनाओं पर मार्गदर्शन भी प्रदान किया जाएगा। राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य श्रीमती चंद्रकला विश्वकर्मा महिला अधिकार के विकास पर प्रकाश डाला जाएगा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता एवं आमजन की उपस्थिति अपेक्षित है।

म.प्र. आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में व्याप्त विभिन्न अनियमित्ताओं को लेकर एनएसयूआई ने सौंपा ज्ञापन

*नियम विरुद्ध प्रोफेसर पद पर नियुक्ति एवं पक्षपातपूर्ण परीक्षा व्यवस्था का लगाया आरोप*


जबलपुर

मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में नियम विरुद्ध प्रोफेसर पद पर नियुक्ति एवं पक्षपातपूर्ण परीक्षा व्यवस्था, मूल्यांकन कार्य में हो रहे भ्रष्टाचार समेत अन्य अनियमित्ताओं के विरोध में एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव देवकी पटेल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल द्वारा कुल सचिव को ज्ञापन सौंपा। 

एनएसयूआई की राष्ट्रीय सचिव देवकी पटेल ने आरोप लगाया है कि विश्वविद्यालय में प्रोफेसर पद पर नियुक्ति में नियमों का उल्लंघन किया गया है और परीक्षा व्यवस्था में पक्षपात किया जा रहा है उन्होंने कहा कि एक नर्सिंग स्टाफ को फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र के आधार पर प्रोफेसर पद पर नियुक्त किया गया है और उन्हें परीक्षा कार्यों में भी शामिल किया जा रहा है, जो कि उनके शैक्षणिक विषय से भिन्न है। देवकी पटेल ने मांग की है कि इस नियुक्ति की उच्चस्तरीय जांच करवाई जाए और जांच पूरी होने तक उन्हें किसी भी प्रकार के परीक्षा कार्य से विलग रखा जाए। संगठन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि इस विषय पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो वे इसे प्रदेशव्यापी छात्र आंदोलन के रूप में उठाएंगे और छात्र हितों की लड़ाई निर्णायक स्तर तक ले जाएंगे।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से युवा कांग्रेस के रिजवान अली कोटी, प्रदेश सचिव अदनान अंसारी, प्रतीक गौतम, अनुराग शुक्ला,एजाज अंसारी, रियाज अली,शुभम चौधरी, शफी खान,अनिकेत, रवींद्र, सुमित, अंकित,उपस्थित थे

भारतीय सेना का अपमान करने वाले मंत्री को बर्खास्त करे सीएम, NSUI ने उप-मुख्यमंत्री को सौंपा ज्ञापन

मंत्री शाह पर देशद्रोह का मामला दर्ज करने कि की मांग, मंत्री ने दिया आश्वासन, कहा शीर्ष नेतृत्व जल्द लेकर निर्णय*


जबलपुर

मध्य प्रदेश सरकार के वरिष्ठ मंत्री विजय शाह द्वारा देश को गर्वित करने वाली भारतीय सेना की कर्नल सोफिया कुरैशी पर की गई अशोभनीय तथा आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने उप-मुख्यमंत्री व जिले के प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा को ज्ञापन सौंपकर मंत्री विजय शाह का इस्तीफा लेकर नियमानुसार देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने की मांग की जिस पर मंत्री श्री देवड़ा ने आश्वासन दिया कि शीर्ष नेतृत्व इस मामले पर जल्द निर्णय लेगा। 

छात्र नेता अनुराग शुक्ला व शफी खान ने कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी,जो भारतीय सेना की शान हैं, जिनकी बहादुरी पर देश को गर्व है उनके लिए की गई अपमानजनक टिप्पणी न केवल महिला शक्ति का अपमान है, बल्कि भारतीय सेना के सम्मान पर भी कुठाराघात है उनके इस बयान से भारतीय सेना की गरिमा,देश की एकता और सामाजिक सद्भाव पर भी हमला हुआ है.यह बयान मंत्री शाह की संकीर्ण मानसिकता, सांप्रदायिक विद्वेष और गैर-जिम्मेदाराना रवैये का भी नमूना है तथा घृणित और राष्ट्र-विरोधी होने के साथ-साथ गंभीर अपराध है एक जनप्रतिनिधि,विशेषकर एक वरिष्ठ मंत्री से इस तरह के बयान की उम्मीद नहीं की जा सकती है उन्होंने कहा कि कर्नल सोफिया कुरैशी ने अपनी वीरता और देशभक्ति से देश का मान बढ़ाया है ऐसे व्यक्तित्व पर हमला उनकी व्यक्तिगत गरिमा पर प्रहार और भारतीय सेना एवं जन भावनाओं का भी अपमान है फिर भी सीएम ने ना तो उनका इस्तीफा लिया और ना ही उन पर कोई उचित कार्रवाई की गई है जिससे यह स्पष्ट होता है कि बीजेपी भारतीय सेना के सम्मान और प्रदेश की जनता की भावनाओं के प्रति पूरी तरह असंवेदनशील और गैर-जिम्मेदार है मुख्यमंत्री को अपने मंत्रिमंडल से शीघ्र उनका इस्तीफा लेकर नियमानुसार देशद्रोह का मुकदमा दर्ज कर भारतीय सेना से माफी मांगनी चाहिए ज्ञापन सौंपते समय मुख्य रुप से अदनान अंसारी,प्रतीक गौतम, सक्षम यादव, एजाज अंसारी, युग ठाकुर,अंकित कोरी सहित अन्य मौजूद थे।

कवयित्री ज्योति मिश्रा को हिंदी सेवी सम्मान प्रदान किया गया 


जबलपुर - प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा हिंदी को राष्ट्रभाषा बनाने हेतु जारी अभियान में निरंतर कार्य कर रही है और हिंदी प्रचार प्रसार व हिंदी अभियान से जुड़े लोगों को सम्मानित करने की दिशा में सतत प्रेरणादायक कार्य हो रहा है इसी क्रम में जबलपुर की कवयित्री ज्योति मिश्रा को सशक्त हस्ताक्षर संस्था के संस्थापक एवं प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के प्रांतीय संयोजक गणेश श्रीवास्तव प्यासा जबलपुरी ने सम्मानित किया।

           कवि संगम त्रिपाठी संस्थापक प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा ने विज्ञप्ति जारी कर कहा कि ये सुखद अनुभव है कि महिला शक्ति भी अपनी भाषा अपनी संस्कृति को समृद्ध बनाने में निरंतर कार्य कर रही है जो कि प्रेरणादायक है 

          प्रेरणा हिंदी प्रचारिणी सभा के प्रेरणा स्रोत डॉ धर्म प्रकाश वाजपेई, महासचिव प्रदीप मिश्र अजनबी, अध्यक्ष डॉ लाल सिंह किरार, स्वागताध्यक्ष मदन श्रीवास्तव, जी. एल. जैन, राजकुमारी रैकवार एवं प्रभा बच्चन श्रीवास्तव संरक्षक द्वय ने बधाई दी है।

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