शासकीय भूमि पर अवैध कब्जाधारियों के हौसले बुलंद, खेल मैदान व मंदिर परिसर की जमीन कब्जे में
उमरिया
बिरसिंहपुर पाली तहसील में शासकीय भूमि की हिफाजत का जिम्मा जिस राजस्व विभाग पर है, उसी की अनदेखी के चलते भू-माफियाओं के हौसले सातवें आसमान पर हैं, और अब तो हालत यह है कि उन्होंने बच्चों के खेल मैदान से लेकर आस्था के केंद्र मंदिर परिसर और शासकीय तालाबों तक की जमीन को भी नहीं छोड़ा है। ताजा और सबसे वीभत्स उदाहरण ग्राम पंचायत गिंजरी के आश्रित ग्राम बरबसपुर का है, जहां सार्वजनिक उपयोग की दो महत्वपूर्ण शासकीय भूमियों पर खुलेआम हल चल रहा है। दरअसल ग्राम पंचायत ने गांव के युवाओं के भविष्य को देखते हुए खसरा क्रमांक 508 को खेल मैदान के लिए प्रस्तावित किया था, ताकि बच्चे गली-मोहल्लों में भटकने के बजाय एक सुरक्षित मैदान में खेल सकें, लेकिन दबंग कब्जाधारियों ने पंचायत के इस प्रस्ताव को रौंदते हुए उस पर अवैध कब्जा कर खेती शुरू कर दी है, जबकि इसी तरह पंचलेश्वर धाम मंदिर से लगा विशाल सरकारी रकबा खसरा क्रमांक 514/1 जो कांवड़ यात्रा, शिवरात्रि और नवरात्रि के दौरान हजारों श्रद्धालुओं के लिए पार्किंग और विश्राम स्थल के रूप में उपयोग हो सकता था, उस पर भी कब्जा कर कृषि कार्य किया जा रहा है, जिससे हर त्योहार पर जाम और अव्यवस्था की स्थिति बनती है और श्रद्धालुओं को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों का साफ कहना है कि यह महज दो खसरा नंबरों की कहानी नहीं बल्कि पूरे पाली तहसील की हकीकत है, जहां तालाब, चारागाह और निस्तार की जमीनें भी इसी तरह भू-माफियाओं के कब्जे में जा रही हैं और राजस्व अमला सिर्फ कागजी खानापूर्ति तक सीमित है। इसी अनदेखी से आहत होकर ग्रामीणों ने एसडीएम पाली को ज्ञापन सौंपकर मांग की है कि दोनों खसरा नंबरों का तत्काल सीमांकन कर अतिक्रमण हटाया जाए, खसरा 508 पर खेल मैदान विकसित किया जाए और 514/1 पर पार्किंग के साथ फलदार व छायादार पौधों का वनीकरण किया जाए, साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी भी दी है कि यदि समय रहते असरकारी कार्रवाई नहीं की गई तो वह दिन दूर नहीं जब शासन को अपने ही उपयोग के लिए जमीन के लिए जद्दोजहद करनी पड़ेगी।
