पूर्णिमा पर उमड़ा आस्था का सैलाब, हजारों श्रद्धालुओं ने नर्मदा में लगाई डुबकी, गुरु पूजन व विशाल भंडारे का हुआ आयोजन
अनूपपुर
पवित्र नगरी अमरकंटक में आषाढ़ पूर्णिमा (गुरु पूर्णिमा) के पावन अवसर पर श्रद्धा, भक्ति और गुरु-परंपरा का अनुपम संगम देखने को मिला। ब्रह्ममुहूर्त से ही हजारों की संख्या में देश के विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालुओं ने पतित पावनी, पुण्य सलिला माँ नर्मदा के पवित्र कोटितीर्थ कुंड, रामघाट एवं अन्य घाटों पर आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य स्नान किया तथा माँ नर्मदा का विधिवत दर्शन-पूजन, आरती एवं अर्चना कर विश्व के सुख, शांति और समृद्धि की कामना की।
गुरु पूर्णिमा के पावन पर्व पर गुरु-शिष्य परंपरा की दिव्य छटा भी अमरकंटक के विभिन्न आश्रमों में देखने को मिली। गुरु भक्तों एवं शिष्यों ने अपने पूज्य गुरुदेव के श्रीचरणों में पुष्प, चंदन, अक्षत एवं माल्यार्पण अर्पित कर श्रद्धापूर्वक पूजन-अर्चन, आरती एवं वंदना की तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे वातावरण में वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन एवं गुरु महिमा के स्वर गूंजते रहे, जिससे संपूर्ण तीर्थ नगरी भक्तिमय वातावरण में सराबोर रही।
इस पावन अवसर पर कल्याण सेवा आश्रम, मारकंडेय आश्रम, शांति कुटी आश्रम, फलाहारी आश्रम, गीता स्वाध्याय मंदिर, बर्फानी आश्रम, मृत्युंजय आश्रम, धारकुंडी आश्रम तथा गायत्री मंदिर (सर्वोदय विश्राम गृह) सहित अनेक आश्रमों में गुरुपूजन के उपरांत विशाल भंडारों एवं प्रसादी वितरण का आयोजन किया गया। श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण कर स्वयं को धन्य महसूस किया। गुरु पूर्णिमा के अवसर पर मध्य प्रदेश सहित छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात एवं अन्य राज्यों से बड़ी संख्या में गुरु भक्त अपने-अपने गुरुदेव के दर्शन एवं आशीर्वाद प्राप्त करने अमरकंटक पहुंचे।
