गर्भवती को नही मिला एम्बुलेंस, चली गई महिला की जान, एंबुलेंस के जिला कोऑर्डिनेटर को नोटिस जारी
शहडोल
जिले के जैतपुर क्षेत्र में एक गर्भवती महिला की मौत की आवाज अभी तक गूंज ही रही थी, 108 एंबुलेंस व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि प्रसव पीड़ा से तड़प रही महिला को समय पर 108 एंबुलेंस उपलब्ध नहीं कराई गई, जिसके चलते परिजनों को ऑटो से अस्पताल ले जाना पड़ा। लेकिन जैतपुर अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले को खबर प्रकाशित हुई, जिसके बाद सांसद हिमाद्री सिंह ने कलेक्टर से फोन पर बात कर जवाब मांगा। सांसद और कलेक्टर के बीच हुई बातचीत का वीडियो भी सामने आया है। लेकिन कार्यवाही केवल नोटिस तक सीमित रह गई है।
मृतका की पहचान जैतपुर थाना क्षेत्र के गलहथा गांव के मौहार टोला निवासी 22 वर्षीय जयमंती पाण्डो, पत्नी रामकुमार पाण्डो के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि 12 जुलाई की सुबह प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्होंने 108 एंबुलेंस को चार से अधिक बार फोन किया। हर बार यही जवाब मिला कि एंबुलेंस शहडोल में है और आने में समय लगेगा। काफी देर इंतजार के बाद परिजन गांव से ऑटो किराए पर लेकर महिला को अस्पताल ले गए।
बताया गया कि ऑटो से अस्पताल ले जाते समय जयमंती ने रास्ते में ही बच्ची को जन्म दे दिया। किसी तरह उसे जैतपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
घटना की खबर के बाद शहडोल संसदीय क्षेत्र की सांसद हिमाद्री सिंह ने मामले को गंभीरता से लिया और कलेक्टर को फोन कर पूरी जानकारी ली। बातचीत के दौरान सांसद ने कहा कि यदि जिले में एंबुलेंस की कमी है तो इसकी जानकारी दी जाए, जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त एंबुलेंस उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने 108 एंबुलेंस के जिला कोऑर्डिनेटर को नोटिस जारी किया है।
