छात्रों ने खोला मोर्चा, स्कूल में पानी टपकने से परेशान छात्र पहुँच गए कलेक्टर से मिलने, कहा हमारी समस्या सुनिए साहब


शहडोल

शहडोल में एक बार फिर छात्र सड़कों पर उतर आए हैं। कक्षा 11वीं आर्ट के छात्र-छात्राएं स्कूल से पैदल कलेक्ट्रेट पहुंच गए और कलेक्टर से दो टूक कहा, पहले हमारी समस्या सुनिए कलेक्टर  साहब अरबसीधे मुलाकात कर अपनी समस्या बताने पर अड़ गए।

छात्रों का आरोप है कि उन्हें जर्जर स्कूल भवन में बैठाकर पढ़ाई कराई जा रही है, जहां बारिश के दौरान छत से पानी टपकता है और कई बार क्लासरूम में पानी तक भर जाता है। बारिश के बीच पानी टपकते क्लासरूम में पढ़ाई करने को मजबूर छात्रों का कहना है कि किताब-कॉपी और पढ़ाई दोनों प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे हालात में किसी अनहोनी की आशंका भी बनी रहती है। 

छात्रों की सबसे बड़ी नाराजगी इस बात को लेकर है कि स्कूल की नई बिल्डिंग बनकर तैयार हो चुकी है, इसके बावजूद उन्हें वहां शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। छात्रों के मुताबिक नई बिल्डिंग का ठेकेदार द्वारा अभी तक हैंडओवर नहीं किया गया है, जिसके चलते तैयार भवन का उपयोग नहीं हो पा रहा और दूसरी ओर विद्यार्थी पुराने जर्जर भवन में पढ़ने को मजबूर हैं।

लगातार तीसरे दिन छात्रों के कलेक्ट्रेट पहुंचने से स्कूल भवन, सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो गए हैं। अब सवाल यह है कि जब नई बिल्डिंग तैयार है, तो आखिर छात्र-छात्राओं को जर्जर भवन में कब तक पढ़ाया जाएगा और तैयार भवन का हैंडओवर कब होगा। 

वही इस पूरे मामले में उत्कर्ष विद्यालय और रघुराज विद्यालय क्रमांक-2 के प्रभारी प्राचार्य मनोज श्रीवास्तव का कहना है कि सीमित कक्षा होने के कारण क्लासरूम में पानी भर गया है, उसकी सफाई करा व्यवस्था बनाई जा रही थी , तभी बच्चे बिना बताए चले गए।

पंचायत का विकास ठप्प, सचिव लापता, राजनैतिक दलो के मंच बन जाते हैं, अधिकारी मौन, ग्रामीण परेशान

*शिकायत के बाद भी जिला पंचायत से अभयदान*


उमरिया

करकेली जनपद पंचायत के देवगवा खुर्द ग्राम पंचायत के सचिव भंडारी सिंह ने इसे अपनी मर्जी का दूसरा नाम दे दिया है। पूरे जिले की नजरें भाजपा के जिला स्तरीय कार्यक्रम पर टिकी थीं, तब मंच की पहली कतार में देवगवा खुर्द के सचिव साहब विराजमान थे और ठीक उसी वक्त उनके गांव में पंचायत भवन के दरवाजे पर सालों से लटका ताला अपनी कहानी खुद कह रहा था। ग्रामीणों का सीधा कहना है कि साहब ने आज तक पंचायत का रुख तक नहीं किया। महीने में एक दिन आना तो दूर, कभी-कभार भी दिखाई नहीं देते।

मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण कहता है की कोई शासकीय सेवक किसी राजनीतिक दल के मंच पर नहीं बैठ सकता, लेकिन सचिव भंडारी सिंह के लिए ये नियम सिर्फ कागजो पर हैं। यह पहला मौका नहीं है जब वे भाजपा और आरएस के कार्यक्रमों में मंचासीन दिखे हों। इससे पहले भी कई बार उनकी तस्वीरें मंचों से सामने आ चुकी हैं। ग्रामीणों ने तंग आकर इसकी लिखित शिकायत जिला पंचायत के मुख्य कार्य पालन अधिकारी तक पहुंचाई थी कि सचिव ड्यूटी नहीं करते और पूरा समय सियासत में देते हैं, लेकिन शिकायत के बाद न कोई जांच हुई, न कोई कार्रवाई। अब गांव में चर्चा है कि आवाज कमजोर है या फिर संरक्षण इतना मजबूत है कि नियम भी झुक जाते हैं।

सचिव को पंचायत के विकास से कोई मतलब नहीं है। उनकी पूरी दिलचस्पी ऊंचेहरा के प्रसिद्ध ज्वाला धाम में है। आरोप है कि वहां रोज लाखों रुपये का चढ़ावा आता है और उसका सीधा संचालन इन्ही के व्दारा किया जाता है, साथ ही उन पर ग्राम पंचायत ऊंचेहरा की सरकारी परिसंपत्तियों  पर कब्जे के आरोप भी लगे हैं। जब अधिकारी ही पंचायत में पैर नहीं रखेगा तो आवास, शौचालय, पेंशन और नाली सड़क की फाइलें कौन देखेगा। इसी वजह से गांव के लोग सालों से दफ्तरों के चक्कर काटकर लौट आते हैं।

सरपंच और ग्रामीणों से बयान लेकर यह पता किया जाए कि पिछले एक साल में सचिव कितने दिन पंचायत आए। जनपद और जिला पंचायत की बैठकों का हाजरी रजिस्टर खंगाला जाए और यह भी देखा जाए कि एक सरकारी सेवक सरकारी ड्यूटी छोड़कर धार्मिक स्थल के संचालन में कैसे व्यस्त है। शिकायत हो चुकी है, मंच की तस्वीर सबूत है। 

ड्राइवर की लापरवाही, नाले में फंसी बस, यात्रियों की बची जान, कार में गिरा पेड़, हादसा टला


शहडोल

लगातार हो रही बारिश से जिले में नदी-नाले उफान पर हैं और कई जगह जलभराव की स्थिति बन गई है। प्रशासन की ओर से लोगों को उफनते नदी-नालों को पार नहीं करने की सलाह दी गई है। इसके बावजूद एक बस चालक यात्रियों से भरी बस को तेज बहाव वाले नाले में उतारकर पार कराने लगा। नाले के बीच पहुंचते ही बस तकनीकी खराबी के चलते बंद हो गई। बस के पानी में फंसते ही यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।

जानकारी के अनुसार बस शहडोल से सिंहपुर होते हुए डिंडोरी की ओर जा रही थी। नाले में पानी का बहाव तेज होने के बावजूद चालक ने बस को आगे बढ़ा दिया। बीच में बस बंद होने के बाद यात्रियों की जान पर बन आई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बस में सवार सभी यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। घटना में किसी यात्री के घायल होने की सूचना नहीं है।

मुख्यालय सीएसपी राजेंद्र मोहन दुबे ने बारिश के दौरान लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नदी-नाले उफान पर होने की स्थिति में उन्हें पार करने की कोशिश न करें। बस चालक की लापरवाही भी सामने आई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

*मेडिकल कॉलेज परिसर में महुआ का पेड़ गिरा*

मेडिकल कॉलेज परिसर शहडोल में एक भारी-भरकम महुआ का पेड़ अचानक गिर गया। पेड़ के नीचे खड़ी एक कार दब गई। पेड़ गिरने की घटना से मेडिकल कॉलेज के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। जानकारी मिलते ही मेडिकल कॉलेज की सुरक्षा में तैनात गार्ड मौके पर पहुंचे और अधिकारियों को सूचना दी। पुलिस को भी घटना की जानकारी दी गई। अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पेड़ के नीचे कार दबने से वाहन को नुकसान पहुंचा है, हालांकि घटना में किसी प्रकार की बड़ी जनहानि नहीं हुई। 

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget