बोलेरो से 60 किलो चांदी की बरामदगी पर, पुलिस की कार्यवाही पर उठे सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग
बोलेरो से 60 किलो चांदी की बरामदगी पर, पुलिस की कार्यवाही पर उठे सवाल, उच्चस्तरीय जांच की मांग
उमरिया
चंदिया थाना क्षेत्र में एक संदिग्ध बोलेरो वाहन से कथित तौर पर करीब 60 किलो चांदी मिलने और बाद में उसका कोई स्पष्ट रिकॉर्ड सामने नहीं आने के आरोप ने पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामले को लेकर चंदिया निवासी प्रमोद तिवारी ने मुख्यमंत्री मध्यप्रदेश शासन और पुलिस अधीक्षक उमरिया को लिखित शिकायत भेजकर पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। शिकायतकर्ता ने मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग भी उठाई है।
प्रमोद तिवारी के अनुसार, तत्कालीन चंदिया थाना प्रभारी ज्योति शुक्ला अपने पति अनुभव शुक्ला के साथ क्षेत्र में भ्रमण पर थीं। इसी दौरान नायरा पेट्रोल पंप के समीप उत्तर प्रदेश नंबर की एक बोलेरो संदिग्ध परिस्थितियों में दिखाई दी। शिकायत में दावा किया गया है कि पुलिस वाहन को देखकर बोलेरो में मौजूद लोग मौके से भाग निकले।
शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि इसके बाद अनुभव शुक्ला द्वारा बोलेरो का कांच तोड़कर वाहन की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान वाहन के अंदर बड़ी मात्रा में चांदी मिलने की बात कही गई है। शिकायत के मुताबिक, कथित तौर पर बरामद चांदी को वाहन से निकाल लिया गया और बोलेरो को चंदिया थाना परिसर लाया गया।
पूरे मामले में शिकायतकर्ता ने सबसे महत्वपूर्ण सवाल कथित चांदी की बरामदगी की कानूनी प्रक्रिया को लेकर उठाया है। उनका कहना है कि यदि वास्तव में लगभग 60 किलो चांदी पुलिस के सामने बरामद हुई थी तो उसकी विधिवत जब्ती, पंचनामा, वजन एवं मालखाने में जमा कराने जैसी कार्रवाई का रिकॉर्ड होना चाहिए। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि वरिष्ठ अधिकारियों को बाद में वाहन से केवल मामूली सामग्री मिलने की जानकारी दी गई।
प्रमोद तिवारी ने यह भी सवाल उठाया है कि इतनी बड़ी मात्रा में चांदी यदि पुलिस की कार्रवाई के दौरान सामने आई थी तो उसका सरकारी रिकॉर्ड में उल्लेख क्यों नहीं है। वहीं बोलेरो में सवार बताए जा रहे लोगों की गिरफ्तारी अथवा उनसे पूछताछ नहीं होने को लेकर भी शिकायतकर्ता ने सवाल खड़े किए हैं।


