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मोटर बाइंडिंग दुकान में चोरी का असफल प्रयास, दुकान पर पेट्रोल डालकर लगाई आग, हुई शिकायत

अनूपपुर

कोतमा नगर के पुराने रेलवे फाटक के पास स्थित मो तजममुल की मोटर बाइंडिंग दुकान में चोरी का असफल प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है। चोरों ने आधी रात को दुकान के ताले पर पेट्रोल डालकर आग लगाई और ताला तोड़ने की कोशिश की आग की लपटों के कारण मामले का खुलासा हो सका। मामले की शिकायत थाना में की गई है।

जानकारी के अनुसार दरमियानी रात को बदमाशों द्वारा ताला तोड़कर दुकान के अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया गया। घटना की दौरान अनिल पोथन स्टेशन चौक कोतमा से अपने घर की ओर से जा रहे थे। जिनकी नजर दुकान के ताले से उठती आग की लपटों पर पड़ी। उन्होंने रुकते हुए सूचना पुलिस एवं अन्य लोगों को दी गई। रात्रि गस्त पुलिस टीम पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और बदमाश की तलाश में आस पास सर्चिंग भी किया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करते हुए आसपास तलाश की। घटनास्थल के समीप पेट्रोल की बोतल भी बरामद होने की बात सामने आई है।

संचालक के अनुसार दुकानों में तांबे के तार सहित अन्य विद्युत सामग्री मौजूद रहती है, तांबे की बढ़ी कीमतों के कारण आशंका  है कि कबाड़ चोरों की नजर दुकान में रखे तांबे के तारों और अन्य सामान पर रही होगी। मालूम हो कि क्षेत्र में लगातार कबाड़ चोरों का आतंक बना हुआ है। जिनके द्वारा घरों एवं दुकानों को निशाना बनाते हैं। नागरिकों ने  चोरी की घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाए जाने के लिए कबाड़ माफियाओं के खिलाफ कार्यवाही की मांग की गई है। पुलिस द्वारा घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर संदिग्धों आरोपियों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं।

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बारिश से कच्चा मकान गिरा, पति-पत्नी व मासूम बच्चा मलबे में दबे, अस्पताल में चल रहा है इलाज, 6 बकरियों की हुई मौत

शहडोल

जनपद पंचायत बुढार अंतर्गत ग्राम पंचायत नगपुरा के कांदा टोला में सोमवार सुबह करीब 5 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब दादू लाल पिता रमहल्ली बैगा का कच्चा मकान अचानक भरभराकर गिर गया। हादसे के वक्त परिवार के लोग मकान के दूसरे कमरे में सो रहे थे। अचानक मकान का हिस्सा गिरने से पति-पत्नी और उनका मासूम बच्चा मलबे में दब गए।

हादसे में मकान के एक हिस्से में बंधी छह बकरियों की दबने से मौत हो गई। मकान गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण तत्काल मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने बिना देर किए अन्य लोगों को बुलाया और ग्राम पंचायत के सरपंच एवं सचिव को घटना की सूचना दी।

सूचना मिलते ही सरपंच और सचिव जयप्रकाश नापित मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया गया और मलबे में दबे पति-पत्नी तथा बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद तीनों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया।

हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। ग्रामीणों की तत्परता और पंचायत प्रतिनिधियों के समय पर पहुंचने से मलबे में दबे परिवार को सुरक्षित बाहर निकाला जा सका। हालांकि, छह बकरियों की मौत से परिवार को आर्थिक नुकसान भी हुआ है।

इस घटना ने एक बार फिर कच्चे और जर्जर मकानों में रहने वाले गरीब परिवारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि ऐसे परिवारों को सुरक्षित आवास उपलब्ध कराने की जरूरत है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं में किसी की जान न जाए।

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जिला जेल में चेक बाउंस मामले में सजा काट रही महिला की उपचार के दौरान हुई मौत

शहडोल

जिला जेल शहडोल में चेक बाउंस के मामले में एक साल की सजा काट रही 64 वर्षीय महिला बंदी पुष्पा बघेल की उपचार के दौरान मेडिकल कॉलेज शहडोल में मौत हो गई। महिला बंदी की सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई और बीपी लो होने की शिकायत के बाद जेल प्रशासन ने तत्काल उसे जिला चिकित्सालय पहुंचाया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद हालत गंभीर होने पर उसे मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

जेल प्रशासन के अनुसार 31 अगस्त 2026 को सुबह करीब 9:35 बजे महिला बंदी पुष्पा बघेल की अचानक तबीयत खराब हुई। उसे तत्काल जेल गार्ड के साथ जिला चिकित्सालय भेजा गया। जिला अस्पताल में चिकित्सकों द्वारा जांच और उपचार के बाद उसे मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया गया। मेडिकल कॉलेज में महिला को आईसीयू वार्ड में भर्ती कर उपचार किया गया। हालांकि, उसकी हालत गंभीर बनी रही और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

मेडिकल कॉलेज द्वारा जारी प्रमाण-पत्र में मृत्यु के कारणों हृदय संबंधी चिकित्सकीय स्थितियों का उल्लेख किया गया है। मृत्यु का तरीका नेचुरल दर्ज है।

दस्तावेजों के अनुसार पुष्पा बघेल धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम यानी चेक बाउंस के मामले में सजा काट रही थी। प्रकरण क्रमांक 221/2017 में न्यायालय द्वारा 28 मार्च 2025 को उसे एक वर्ष के साधारण कारावास की सजा सुनाई गई थी। दस्तावेज में प्रतिकर एवं अन्य देयताओं की कुल राशि 8 लाख 79 हजार 650 रुपये दर्ज है।

समाचार 04 फोटो 04

नन्हे कदम मैदान पर, बड़े सपने दिल में, युवा टीम की पहल पर आयोजित हुआ रोमांचक क्रिकेट मैच

उमरिया 

राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर युवा टीम उमरिया, मध्यप्रदेश द्वारा माँ बिरासिनी क्रिकेट स्टेडियम, पाली में नन्हे खिलाड़ियों के लिए विशेष एवं रोमांचक क्रिकेट मैच का आयोजन किया गया। इस आयोजन में नन्हे खिलाड़ियों ने पूरे उत्साह, जोश और खेल भावना के साथ मैदान में उतरकर अपनी शानदार प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

मैदान पर नन्हे हाथों में बल्ला और बड़े सपनों की चमक देखने को मिली। खिलाड़ियों ने बेहतरीन बल्लेबाजी, सटीक गेंदबाजी और शानदार क्षेत्ररक्षण से सभी को प्रभावित किया। उम्र भले ही छोटी थी, लेकिन उनका आत्मविश्वास, खेल के प्रति जुनून और जीतने का जज्बा किसी बड़े खिलाड़ी से कम नहीं था। हर शानदार शॉट और विकेट के साथ मैदान में उत्साह बढ़ता गया।

क्रिकेट कोच साहिल सिद्दीकी ने बताया कि बच्चों को कम उम्र से ही खेलों से जोड़ना उनके सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक है। खेल बच्चों को शारीरिक रूप से स्वस्थ रखने के साथ-साथ उनमें अनुशासन, आत्मविश्वास, धैर्य, नेतृत्व क्षमता और टीम भावना का विकास करते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन स्थानीय प्रतिभाओं को अपनी क्षमता दिखाने और भविष्य में आगे बढ़ने का बेहतर अवसर प्रदान करते हैं।

वहीं युवा टीम उमरिया के संस्थापक एवं अध्यक्ष हिमांशु तिवारी ने बताया कि राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर इस क्रिकेट मैच का आयोजन करने का मुख्य उद्देश्य नन्हे खिलाड़ियों की प्रतिभा को उचित मंच प्रदान करना तथा बच्चों एवं युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि आज मैदान में खेल रहे यही नन्हे खिलाड़ी भविष्य में उमरिया, मध्यप्रदेश और देश का नाम रोशन करेंगे।

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महुआ का पेड़ टूटकर बिजली पोल में गिरा, पोल क्षतिग्रस्त, गांव में छाया रहा अंधेरा

अनूपपुर

कोतमा विद्युत वितरण केंद्र अंतर्गत छोहरी गांव में सड़क किनारे स्थित भारी महुआ का पेड़ टूटकर गांव में गिर गया। पेड़ गिरने से बिजली का पोल क्षतिग्रस्त हो गया और गांव की विद्युत व्यवस्था बाधित हो गई। सुबह से बंद हुई लाइट चालू नही हो सकी।  जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर बच्चे एवं बुजुर्गों को अंधेरे एवं मच्छरों के बीच गुजरना पड़ा।

घटना की सूचना मिलते ही पंचायत एवं विद्युत विभाग की टीम सक्रिय हुई और पेड़ को काटकर हटाने तथा क्षतिग्रस्त बिजली तारों को सुधारने का कार्य शुरू किया गया। ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण फाटकटोला सहित आसपास की बस्तियों में अंधेरा छाया रहा।

एक निजी कंपनी का टॉवर भी प्रभावित हुआ जिससे मोबाइल् नेटवर्क भी बंद रहा जो शाम तक चालू हो सका। गांव के कुछ मोहल्ले में लाइट चालू हो सकी। विद्युत विभाग की टीम द्वारा व्यवस्था बहाल करने के लिए मरम्मत कार्य किया जा रहा है।

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कुशवेंद्र मिश्रा ने जेआरएफ में लहराया परचम, गांव का नाम किया रोशन, हर माह मिलेगी 45 हजार की फेलोशिप

अनूपपुर 

ग्राम पंचायत लतार निवासी केदारनाथ मिश्रा के छोटे पुत्र कुशवेंद्र कुमार मिश्रा ने राष्ट्रीय स्तर की जेआरएफ/नीट परीक्षा में शानदार सफलता हासिल कर अपने माता-पिता, परिवार और गांव का नाम रोशन किया है कुशवेंद्र ने परीक्षा में 182 अंक प्राप्त करते हुए 99.6278090 पर्सेंटाइल हासिल की है उनकी इस उपलब्धि से क्षेत्र में हर्ष का माहौल है। 

कुशवेंद्र कुमार मिश्रा, धर्मेंद्र मिश्रा के छोटे भाई हैं साधारण ग्रामीण परिवेश से निकलकर उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और निरंतर अध्ययन के दम पर यह महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है उनकी सफलता ने यह साबित किया है कि मजबूत इच्छाशक्ति और लक्ष्य के प्रति समर्पण के साथ ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थी भी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकते हैं

जेआरएफ के लिए चयनित होने के बाद कुशवेंद्र को शोध कार्य के दौरान हर माह लगभग 45 हजार रुपये की फेलोशिप/स्कॉलरशिप मिलने की जानकारी दी गई है, जो पीएचडी की पढ़ाई पूरी होने तक जारी रहेगी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ लतार गांव के लोगों में भी खुशी है

कुशवेंद्र की सफलता पर परिजनों, रिश्तेदारों, मित्रों एवं ग्रामीणों ने उन्हें बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की है ग्रामीणों ने कहा कि कुशवेंद्र की यह उपलब्धि गांव के अन्य विद्यार्थियों के लिए भी मेहनत और उच्च शिक्षा की दिशा में प्रेरणास्रोत बनेगी।

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हाथी तीन दिनों से गांव में घुसकर फसलों को कर रहा है नुकसान, वन विभाग की टीम कर रही है निगरानी

उमरिया

बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पतौर परिक्षेत्र स्थित कसेरु गांव में पिछले तीन दिनों से जंगली हाथी की आवाजाही देखी जा रही है। यह हाथी जंगल से निकलकर खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है।

ग्रामीणों के अनुसार, टेढ़े दांत वाला यह हाथी जंगल से गांव की ओर आता है और फसलों को क्षति पहुंचाता है। रविवार रात को भी हाथी कसेरु गांव के पास खेतों में घुस गया और फसलों को नुकसान पहुंचाया। हाथी की लगातार उपस्थिति से ग्रामीणों में चिंता का माहौल है।

वन विभाग की टीम लगातार हाथी की निगरानी कर रही है। टीम की सक्रियता के कारण हाथी को गांव के भीतर आने से पहले ही जंगल की ओर खदेड़ दिया जाता है। वन विभाग ने बताया कि अब तक हाथी ने बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान नहीं पहुंचाया है।

पतौर परिक्षेत्र बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के कोर क्षेत्र में आता है, जिसके कारण यहां जंगली हाथियों की आवाजाही अधिक रहती है। वन विभाग हाथियों के झुंड के साथ-साथ अकेले घूमने वाले हाथियों पर भी विशेष नजर रखता है।

परिक्षेत्र अधिकारी राहुल किरार ने जानकारी दी कि हाथियों की निगरानी के लिए एक विशेष टीम तैनात की गई है। इसके अतिरिक्त, परिक्षेत्र स्तर पर भी कर्मचारी लगातार गश्त कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाथी खेतों तक पहुंच रहे हैं, लेकिन टीम समय रहते उनकी निगरानी कर उन्हें जंगल की ओर वापस भेज रही है। हाथियों को जंगल की ओर खदेड़ने में ग्रामीण भी वन विभाग की टीम का सहयोग कर रहे हैं।

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कलेक्टर समयावधि पत्रों की समीक्षा बैठक, सीएमओ को सुविधायुक्त लाइब्रेरी शुरू करने के दिये निर्देश

अनूपपुर

कलेक्टर रत्नाकर झा ने निर्देश दिए हैं कि जिले के सभी निराश्रित बच्चों को चिन्हित कर उन्हें मुख्यमंत्री बाल आशीर्वाद योजना का लाभ प्राथमिकता के आधार पर दिलाया जाए। उन्होंने कहा कि योजना का लाभ मिलने से बच्चों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। साथ ही, उन्हें शिक्षा और बेहतर भविष्य की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित किया जाए। कलेक्टर श्री झा ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले की पारंपरिक धरोहरों, तालाबों एवं खेत-तालाबों का गहरीकरण एवं सौंदर्यीकरण रबी फसल की कटाई के पश्चात कराया जाए। उन्होंने कहा कि पारंपरिक जलस्रोतों के संरक्षण और उनके पुनर्जीवन के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए। उन्होंने तालाबों एवं अन्य पारंपरिक जलस्रोतों पर अतिक्रमण की स्थिति की नियमित निगरानी करने तथा जहां भी अतिक्रमण पाया जाए, वहां नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि अतिक्रमण के विरुद्ध समय-समय पर अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए, ताकि जिले के पारंपरिक जलस्रोतों का संरक्षण किया जा सके। 

बैठक में कलेक्टर ने जिले के अंतर्गत राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के नगरीय एवं ग्रामीण क्षेत्रों में लगने वाले हाट बाजारों को चिन्हित कर उन्हें उपयुक्त एवं सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि हाट बाजारों के लिए चयनित स्थानों पर पेयजल, स्वच्छता, प्रकाश सहित आवश्यक मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि बाजार में आने वाले नागरिकों को सुविधा मिल सके। कलेक्टर ने नगरीय क्षेत्रों में आवारा पशुओं को गौशालाओं में स्थानांतरित किए जाने के संबंध में संबंधित अधिकारियों से जानकारी प्राप्त की तथा निर्देश दिए कि आवारा पशुओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित रूप से गौशालाओं में पहुंचाया जाए। गौशालाओं में पशुओं के लिए पर्याप्त पेयजल एवं चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

बैठक में कलेक्टर ने अनूपपुर में विद्यार्थियों के लिए बेहतर सुविधाओं से युक्त पुस्तकालय संचालित करने के निर्देश मुख्य नगर पालिका अधिकारी को दिए। उन्होंने पुस्तकालय में पर्याप्त संख्या में उपयोगी पुस्तकें, प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित अध्ययन सामग्री, समाचार-पत्र एवं पत्रिकाओं की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। कलेक्टर श्री झा ने नर्मदा परिक्रमा पथ के सर्वेक्षण कार्य की प्रगति की जानकारी लेते हुए स्थल चिन्हांकन के संबंध में अधिकारियों से विस्तृत चर्चा की। 

हिंदी-उर्दू-सिंधी अदब पर गोष्ठी संपन्न, शोषण के खिलाफ लेखन प्रगतिशील साहित्य होता है, 14वां राज्य सम्मेलन अक्टूबर में

जनवादी लेखक संघ के वरिष्ठ साथी रजनी रमण शर्मा के निधन पर दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि*


इंदौर

प्रगतिशील लेखक संघ का गठन अदब के क्षेत्र में आया इंकलाब था। तरक्की-पसंद होना सम्मान की बात है। जब तक इंसान भूखा रहेगा, उसका शोषण होगा, ऐसे लोगों की पीड़ा पर जो कुछ भी लिखा जाएगा, वह प्रगतिशील साहित्य ही होगा।

               ये विचार वरिष्ठ लेखक अज़ीज़ इरफ़ान ने व्यक्त किए। वे हिंदी-उर्दू-सिंधी अदब पर आयोजित विचार गोष्ठी को संबोधित कर रहे थे। प्रगतिशील लेखक संघ का 14वाँ राज्य सम्मेलन अक्टूबर माह में आयोजित होना है। इसी सिलसिले में जारी रचनात्मक बैठकों की कड़ी में आयोजित गोष्ठी में उन्होंने कहा कि वर्तमान समय अधिक खतरनाक है। पहले जमींदारों द्वारा शोषण होता था, वर्तमान में शोषण के तरीके बदल गए हैं।

               प्रगतिशील लेखक संघ राष्ट्रीय सचिव मंडल के सदस्य विनीत तिवारी ने कहा कि तरक्की-पसंद शायरों और लेखकों ने दुनिया को सुंदर बनाया है। कहा जाता है कि आज़ादी से पहले के भारत को समझने के लिए प्रेमचंद को तथा आज़ादी के बाद के हिंदुस्तान को समझने के लिए हरिशंकर परसाई और श्रीलाल शुक्ल को पढ़ा जाना चाहिए। अब इस कसौटी में राही मासूम रज़ा को भी जोड़ा जाना चाहिए, जिनका जन्म शताब्दी वर्ष प्रारंभ हो रहा है।

               विनीत तिवारी ने कहा कि तरक़्क़ी पसंद  की कोई एक परिभाषा नहीं हो सकती। इश्क़ और मोहब्बत भी प्रगतिशीलता के ही ज़रूरी हिस्से हैं। प्रगतिशीलता एक आंदोलन है। तरक़्क़ीपसंद होने का मतलब अपने दिल को बड़ा रखना है, हक़ीक़त को बिना डरे बयां करना है। व्यक्तिगत एवं पारिवारिक जीवन में भी दोहरी मानसिकता से बचना ज़रूरी है। ज़बान जोड़ने का काम करती है और सियासतदाँ भाषा के नाम पर लोगों को लड़ाते हैं।

            मसूद बेग़ तिश्ना ने मध्य प्रदेश के विभिन्न शहरों-कस्बों—खंडवा, सिरोंज, बुरहानपुर, जावरा, रतलाम, जबलपुर, ग्वालियर, इंदौर, भोपाल, उज्जैन सहित अनेक शहरों के शायरों द्वारा रचित प्रगतिशील शायरी की जानकारी दी।

               चुन्नीलाल वाधवानी के अनुसार, तरक़्क़ीपसंद वह है जो ग़रीबों के पक्ष में लिखे। चंद अच्छे शेर लिखकर ही कोई प्रगतिशील शायर नहीं हो सकता। जब तक मजलूमों का दर्द महसूस नहीं होगा, तब तक प्रगतिशील शायरी संभव नहीं है। शेख अयाज़ ने पाकिस्तान में प्रगतिशील लेखक संघ का गठन सिंधी अदब संगत के रूप में किया था। यह संगठन आज भी दोनों देशों में सक्रिय है।

              जावेद आलम ने गद्य के क्षेत्र में लिखने वाले उर्दू लेखकों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि लेखक का काम अमन की हिमायत करना, मोहब्बत का पैगाम देना और इंसानों के बीच भाईचारे का पुल बनाना है।

              कार्यक्रम में निर्मल जैन ने ‘हमें कैसा हिंदुस्तान चाहिए’ और नीपा पांडेय ने ‘भरोसा रख, तेरा वक्त आएगा’ कविता का पाठ किया। गोष्ठी का संचालन करते हुए सारिका श्रीवास्तव ने कहा कि यह ऐसा समय है, जब नफरत की आवाज़ ऊँची सुनाई देती है। ऐसे समय में साहित्य ही हमें याद दिलाता है कि दुनिया केवल विचारों से नहीं, बल्कि रिश्तों, भरोसे और प्रेम से भी संचालित हो सकती है।

             गोष्ठी में जनवादी लेखक संघ के वरिष्ठ साथी रजनी रमण शर्मा के निधन पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई। आभार अभय नेमा ने माना। गोष्ठी में समीर खान, अभय लोधी, एम. बासित, अरविंद पोरवाल, हरनाम सिंह, नेहा दुबे, सरफ़राज़ नूर इंदौरी और मोहम्मद इकबाल अंसारी ने भी शिरकत की।

डायवर्सन मार्ग बना जानलेवा, एनएच विभाग की लापरवाही से जनता त्रस्त, नदी में फंसे 6 लोगों को रेस्क्यू टीम ने निकाला बाहर


उमरिया

नौरोजाबाद से बिरसिंहपुर पाली मुख्य मार्ग पर रेलवे फाटक पर बन रहा ओवरब्रिज और उसका डायवर्सन मार्ग अब जनता के लिए जी का जंजाल बन गया है। मौके पर डायवर्सन पर दो से तीन फीट तक के गहरे गड्ढे तालाब और पोखरी में तब्दील हो गए हैं, जिनमें बरसात का पानी भर जाने से रोजाना बाइक सवार फिसलकर गिरते और घायल होते देखे जा रहे हैं। रात के समय बिना संकेतक व लाइट के यह मार्ग और भी भयावह, मौत के कुएं जैसा बन जाता है।

हालत यह है कि इस मार्ग से कोयले के ट्रकों के साथ-साथ सैकड़ों टन राखड़ लेकर चलने वाले बड़े-बड़े बल्कर भी इसी संकीर्ण डायवर्सन से गुजरते हैं और जब दो बल्कर आमने-सामने आ जाते हैं तो घंटों तक जाम लगा रहता है। इस जाम और गड्ढों के डर से दो पहिया और चार पहिया वाहन चालक तो मजबूरन पाली की तरफ से घूमकर नौरोजाबाद कॉलरी जाने को मजबूर हैं।

यह पाली-नौरोजाबाद-बिरसिंहपुर को जोड़ने वाला एकमात्र मुख्य मार्ग है, लेकिन इस दुर्दशा के पीछे विभागीय भुगतान का बड़ा पेंच है। गत वर्ष एनएच बाइपास से रामपुर तिराहे तक 17 करोड़ की लागत से ईपीसी मोड में सड़क का निर्माण सतना के ठेकेदार के. के. सिंह द्वारा किया गया था, परंतु जहां ओवरब्रिज बन रहा है उस 200 मीटर पैच को बिना बनाए ही कागजों में भुगतान ले लिया गया, जबकि वर्तमान ब्रिज कंपनी के एस्टीमेट में डायवर्सन मार्ग का प्रावधान ही नहीं रखा गया। ब्रिज कंपनी ने पिछले वर्ष अपनी जेब से डायवर्सन बनाया, लेकिन पीडब्ल्यूडी एनएच ने न तो उसे मेजरमेंट में लिया और न ही भुगतान किया, इसलिए कंपनी ने दोबारा डायवर्सन बनाने से साफ इनकार कर दिया है। एक को बिना काम के भुगतान और दूसरे से काम लेकर बिना भुगतान की इस कार्यशैली की सजा आम जनता भुगत रही है।

वहीं 15 दिन पहले कलेक्टर राखी सहाय ने समीक्षा बैठक में खराब सड़कों के लिए अधिकारियों को सीधे जिम्मेदार मानने की चेतावनी दी थी, लेकिन उमरिया से घुनघुटी तक मार्ग आज भी जर्जर पड़ा है। इसी मार्ग से कलेक्टर का भी आना-जाना बना रहता है, फिर भी सुधार न होना वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने एक सप्ताह में डायवर्सन दुरुस्त न होने पर चक्का जाम कर आंदोलन की चेतावनी दी है।

*नदी में फंसे 6 लोगो को सुरक्षित निकाले गए*


ककलेक्टर पार्थ जायसवाल की सतत निगरानी तथा जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के मैदानी अमले की सतर्कता से सुखाड़ नदी में फंसे 6 लोगों को राहत एवं बचाव कार्य के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

बचाव दल द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए सभी 6 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रशासन द्वारा लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है तथा मैदानी अमले को बाढ़ एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अर्चना मिश्रा ने बाढ़ में फंसे लोगों से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने लोगों से अपील की कि जलभराव एवं जल निकासी वाले क्षेत्रों से दूर रहें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

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