डायवर्सन मार्ग बना जानलेवा, एनएच विभाग की लापरवाही से जनता त्रस्त, नदी में फंसे 6 लोगों को रेस्क्यू टीम ने निकाला बाहर
उमरिया
नौरोजाबाद से बिरसिंहपुर पाली मुख्य मार्ग पर रेलवे फाटक पर बन रहा ओवरब्रिज और उसका डायवर्सन मार्ग अब जनता के लिए जी का जंजाल बन गया है। मौके पर डायवर्सन पर दो से तीन फीट तक के गहरे गड्ढे तालाब और पोखरी में तब्दील हो गए हैं, जिनमें बरसात का पानी भर जाने से रोजाना बाइक सवार फिसलकर गिरते और घायल होते देखे जा रहे हैं। रात के समय बिना संकेतक व लाइट के यह मार्ग और भी भयावह, मौत के कुएं जैसा बन जाता है।
हालत यह है कि इस मार्ग से कोयले के ट्रकों के साथ-साथ सैकड़ों टन राखड़ लेकर चलने वाले बड़े-बड़े बल्कर भी इसी संकीर्ण डायवर्सन से गुजरते हैं और जब दो बल्कर आमने-सामने आ जाते हैं तो घंटों तक जाम लगा रहता है। इस जाम और गड्ढों के डर से दो पहिया और चार पहिया वाहन चालक तो मजबूरन पाली की तरफ से घूमकर नौरोजाबाद कॉलरी जाने को मजबूर हैं।
यह पाली-नौरोजाबाद-बिरसिंहपुर को जोड़ने वाला एकमात्र मुख्य मार्ग है, लेकिन इस दुर्दशा के पीछे विभागीय भुगतान का बड़ा पेंच है। गत वर्ष एनएच बाइपास से रामपुर तिराहे तक 17 करोड़ की लागत से ईपीसी मोड में सड़क का निर्माण सतना के ठेकेदार के. के. सिंह द्वारा किया गया था, परंतु जहां ओवरब्रिज बन रहा है उस 200 मीटर पैच को बिना बनाए ही कागजों में भुगतान ले लिया गया, जबकि वर्तमान ब्रिज कंपनी के एस्टीमेट में डायवर्सन मार्ग का प्रावधान ही नहीं रखा गया। ब्रिज कंपनी ने पिछले वर्ष अपनी जेब से डायवर्सन बनाया, लेकिन पीडब्ल्यूडी एनएच ने न तो उसे मेजरमेंट में लिया और न ही भुगतान किया, इसलिए कंपनी ने दोबारा डायवर्सन बनाने से साफ इनकार कर दिया है। एक को बिना काम के भुगतान और दूसरे से काम लेकर बिना भुगतान की इस कार्यशैली की सजा आम जनता भुगत रही है।
वहीं 15 दिन पहले कलेक्टर राखी सहाय ने समीक्षा बैठक में खराब सड़कों के लिए अधिकारियों को सीधे जिम्मेदार मानने की चेतावनी दी थी, लेकिन उमरिया से घुनघुटी तक मार्ग आज भी जर्जर पड़ा है। इसी मार्ग से कलेक्टर का भी आना-जाना बना रहता है, फिर भी सुधार न होना वरिष्ठ अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। आक्रोशित ग्रामीणों ने एक सप्ताह में डायवर्सन दुरुस्त न होने पर चक्का जाम कर आंदोलन की चेतावनी दी है।
*नदी में फंसे 6 लोगो को सुरक्षित निकाले गए*
ककलेक्टर पार्थ जायसवाल की सतत निगरानी तथा जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के मैदानी अमले की सतर्कता से सुखाड़ नदी में फंसे 6 लोगों को राहत एवं बचाव कार्य के माध्यम से सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
बचाव दल द्वारा तत्परता से कार्रवाई करते हुए सभी 6 लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया गया। प्रशासन द्वारा लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है तथा मैदानी अमले को बाढ़ एवं जलभराव वाले क्षेत्रों में सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अर्चना मिश्रा ने बाढ़ में फंसे लोगों से चर्चा कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने लोगों से अपील की कि जलभराव एवं जल निकासी वाले क्षेत्रों से दूर रहें और प्रशासन द्वारा जारी सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।

