OBC समाज के जनप्रतिनिधि अपने संवैधानिक अधिकारों के लिए आवाज कब उठाएंगे- एड. देवेंद्र वर्मा
*27% आरक्षण की बहाली, जातिवार जनगणना और शिक्षा-रोजगार में उचित प्रतिनिधित्व के लिए सर्वजातीय OBC समाज ने की एकजुटता की अपील*
छिंदवाड़ा
सर्वजातीय OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) समाज की ओर से एडवोकेट देवेंद्र वर्मा ने देशभर के OBC समाज के नागरिकों, सामाजिक संगठनों, युवाओं, बुद्धिजीवियों, अधिवक्ताओं, कर्मचारियों एवं जनप्रतिनिधियों से शिक्षा, रोजगार, राजनीतिक भागीदारी और संवैधानिक अधिकारों के लिए एकजुट होने की अपील की है।
उन्होंने कहा कि भारतीय संविधान के अनुच्छेद 15(4), 16(4), 340, 338B एवं 342A में पिछड़े वर्गों के उत्थान और अधिकारों के लिए महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं की गई हैं, लेकिन आज भी OBC समाज को शिक्षा, सरकारी सेवाओं, प्रशासन, न्यायपालिका, उच्च शिक्षण संस्थानों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व में पर्याप्त भागीदारी का सवाल उठाना पड़ रहा है।
उन्होंने सवाल किया कि OBC समाज के समर्थन से निर्वाचित सांसद, विधायक और मंत्री समाज के बुनियादी अधिकारों के मुद्दों पर संसद एवं विधानसभा में अपेक्षित प्रभावी आवाज क्यों नहीं उठा रहे हैं?
एड. वर्मा ने मध्यप्रदेश में 27 प्रतिशत OBC आरक्षण की बहाली, वर्ष 2019 से लंबित 13 प्रतिशत पदों के योग्य अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने तथा राज्य सरकार द्वारा सर्वोच्च न्यायालय में प्रभावी कानूनी पहल किए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि 103वें संविधान संशोधन के माध्यम से EWS वर्ग के लिए अनुच्छेद 15(6) एवं 16(6) जोड़े गए और 10 प्रतिशत आरक्षण की व्यवस्था की गई। इसी प्रकार सामाजिक एवं शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों के अधिकारों, वास्तविक स्थिति और प्रतिनिधित्व पर भी गंभीरता से विचार होना चाहिए।
उन्होंने देश में जातिवार जनगणना एवं OBC की पृथक जनसंख्या के विश्वसनीय
आंकड़े, शिक्षा एवं रोजगार में समान अवसर, छात्रवृत्ति, छात्रावास, कौशल विकास, व्यापार एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहन तथा न्यायपालिका और उच्च संस्थानों में सामाजिक विविधता एवं उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी एवं मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव जी से OBC समाज के इन महत्वपूर्ण विषयों पर समयबद्ध कार्ययोजना बनाने की अपील की। साथ ही सभी दलों के OBC जनप्रतिनिधियों से सवाल किया कि वे 27 प्रतिशत आरक्षण, जातिवार जनगणना और समाज के युवाओं के भविष्य के लिए अब तक क्या ठोस प्रयास कर चुके हैं।
एड. देवेंद्र वर्मा ने स्पष्ट किया कि यह पहल किसी राजनीतिक दल, सरकार अथवा अन्य समाज के विरोध में नहीं है, बल्कि संविधानसम्मत सामाजिक न्याय, समान अवसर और सम्मानजनक प्रतिनिधित्व के लिए है। उन्होंने कहा कि OBC समाज की सभी जातियों एवं संगठनों को आपसी मतभेद भुलाकर एक साझा मंच पर संगठित होना चाहिए। नौवीं अनुसूची सहित अन्य संवैधानिक एवं कानूनी विकल्पों पर भी विशेषज्ञों की राय से विचार किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि अब समय केवल अधिकारों की चर्चा करने का नहीं, बल्कि शिक्षा, संगठन, जागरूकता और लोकतांत्रिक एकता के माध्यम से अधिकारों के लिए ठोस पहल करने का है।
सर्वजातीय OBC एकता — शिक्षा, समानता, सम्मान, अधिकार और सामाजिक न्याय।
एडवोकेट देवेंद्र वर्मा
सर्वजातीय OBC समाज (पिछड़ा वर्ग), गैर-राजनीतिक संगठन
जिला छिंदवाड़ा, मध्यप्रदेश
संपर्क: 9827431008, 7987828116 vermadevendra979@gmail.com
