निःशुल्क चिकित्सा शिविर निजी अस्पताल में मरीज भेजने का जरिया? एसईसीएल अस्पताल में लगे कैंप पर गंभीर सवाल
*निजी अस्पताल बुलाने व कमीशनखोरी के आरोप*
अनूपपुर
एसईसीएल के कोतमा कॉलरी चिकित्सालय, भालूमाड़ा में आयोजित निःशुल्क सुपरस्पेशलिटी चिकित्सा परामर्श शिविर अब सवालों के घेरे में आ गया है। बिलासपुर के किम्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल के विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा आयोजित इस शिविर का उद्देश्य मरीजों को बेहतर चिकित्सा परामर्श उपलब्ध कराना बताया गया था, लेकिन शिविर में पहुंचे कई लोगों के अनुभव और मौके पर सामने आई परिस्थितियां इसकी उपयोगिता पर गंभीर सवाल खड़े कर रही हैं
आरोप है कि बड़े-बड़े बैनर लगाकर विशेषज्ञ चिकित्सा सुविधाओं का प्रचार किया गया, जबकि मौके पर मुख्य रूप से ब्लड प्रेशर, शुगर और पैर से संबंधित एक छोटी जांच मशीन की सुविधा दिखाई दी, कई मरीजों को विस्तृत जांच एवं उपचार के लिए बिलासपुर स्थित निजी अस्पताल आने की सलाह दी गई, ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या यह शिविर वास्तव में मरीजों की सुविधा के लिए आयोजित किया गया था या निजी अस्पताल में मरीजों को भेजने का माध्यम बन रहा था।
शिविर के प्रचार बैनर के अनुसार किम्स सुपरस्पेशलिटी हॉस्पिटल की ओर से तीन विशेषज्ञ चिकित्सकों की सेवाएं उपलब्ध कराने की घोषणा की गई थी। डॉ. वाय रवि शेखर जनरल एवं लेप्रोस्कोपिक सर्जरी विशेषज्ञ, डॉ. सुधा राम न्यूरो एवं स्पाइन सर्जरी विशेषज्ञ, डॉ. अनिरुद्ध श्याम पल्मोनोलॉजिस्ट एवं छाती रोग विशेषज्ञ। बैनर में पेट, पित्ताशय, हर्निया, रीढ़ की समस्याओं, ब्रेन ट्यूमर, अस्थमा, सीओपीडी और अन्य गंभीर बीमारियों के परामर्श का उल्लेख था, लेकिन सवाल यह है कि इतने गंभीर रोगों के लिए आयोजित सुपरस्पेशलिटी शिविर में संबंधित जांच की सुविधाएं उपलब्ध नही थीं।
मिली जानकारी के अनुसार शिविर में लगभग 70 लोगों का पंजीयन किया गया आरोप है कि इनमें कई ऐसे मरीज भी शामिल थे, जो विशेष शिविर में भाग लेने नहीं, बल्कि प्रतिदिन की तरह एसईसीएल चिकित्सालय में अपना नियमित उपचार कराने आए थे।
