कोटि तीर्थ घाट एवं गांधी कुंड में गंदगी और जलीय काई का जमाव, श्रद्धालु स्नान करने से कतरा रहे
*जल के ऊपर तैर रहा कचरा*
अनूपपुर
प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल तथा पर्यटन केंद्र पवित्र नगरी अमरकंटक में मां नर्मदा के पावन उद्गम स्थल के समीप स्थित कोटि तीर्थ घाट एवं गांधी कुंड इन दिनों अव्यवस्था और साफ-सफाई के अभाव से जूझ रहे हैं। नर्मदा स्नान के इन प्रमुख कुंडों में जल के ऊपर मोटी परत के रूप में जलीय काई जम गई है। वहीं, दोनों ही कुंडों में जगह-जगह कचरा व्याप्त होने से पवित्र जल की स्वच्छता प्रभावित हो रही है। इस स्थिति के चलते दूर-दराज से मां नर्मदा के दर्शन एवं परिक्रमा के लिए पहुंच रहे भक्त श्रद्धालु और तीर्थयात्री पवित्र कुंडों में स्नान करने तथा आस्था की डुबकी लगाने से भी कतरा रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि कोटि तीर्थ घाट को अमरकंटक के प्रथम नर्मदा स्नान कुंड के रूप में विशेष धार्मिक मान्यता प्राप्त है। इसके समीप ही गोमुख से मां नर्मदा की जलधारा प्रवाहित होती है। श्रद्धालु यहां पहुंचकर मां नर्मदा का पूजन-अर्चन करने के पश्चात पवित्र जल में स्नान और आचमन कर स्वयं को धन्य मानते हैं। किंतु वर्तमान में कुंड के जल पर तैरती काई, जमा हुआ कचरा और फिसलन भरी सतह श्रद्धालुओं की आस्था के साथ-साथ उनकी सुरक्षा के लिए भी चिंता का विषय बन गई है।
तीर्थयात्रियों ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि वे मां नर्मदा की परिक्रमा के लिए अमरकंटक पहुंचे हैं। मां नर्मदा के प्रति गहरी श्रद्धा और विश्वास के कारण उन्होंने यहां नाक-कान बंद कर पवित्र जल में स्नान तो किया, लेकिन कुंड की स्थिति देखकर उन्हें निराशा हुई। उनका कहना था कि स्नान के बाद शरीर में खुजली जैसी अनुभूति हुई। जल के ऊपर काई और कचरा तैरता दिखाई दे रहा था।
श्रद्धालुओं ने प्रशासन एवं संबंधित मंदिर ट्रस्ट का ध्यान आकृष्ट कराते हुए कहा कि मां नर्मदा के प्रथम स्नान कुंडों की नियमित साफ-सफाई और देखरेख की समुचित व्यवस्था होनी चाहिए।
