निजी भूमि पर हो रहा पुलिया निर्माण, उपयंत्री सहित सरपंच सचिव की भूमिका सवालों के घेरे में
शहडोल
जनपद पंचायत गोहपारु अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरा में जहा चार लाख रुपए की लागत से स्वीकृत पुलिया निर्माण का कार्य सरपंच सचिव किसी व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से निर्माणकार्य करा रहे हैं। सूत्रों की मांने तो उक्त पुलिया निर्माण व्यक्तिगत भूमि की आराजी खसरा क्रमांक 266 मध्य प्रदेश की भूमि की जगह 126 और 125 पर कराया जा रहा है, जो व्यक्तिगत भूमि है और तो और मध्य प्रदेश शासन के नक्शे में कहीं मार्ग है ही नहीं, केवल व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से ग्राम लामर में रघुवंश के खेत के पास पुल का निर्माण कार्य कराया जा रहा है, जिसे लेकर स्थानीय जनों ने आपत्ति दर्ज कराई है। जब इस विषय में किसान मोर्चा के पूर्व जिला महामंत्री राम नारायण मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने बताया इस बात की शिकायत उन्होंने जनपद पंचायत गोहपारू के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को किया था, किंतु आज तक मुख्य कार्यपालन अधिकारी द्वारा उनके आवेदन पर कोई कार्यवाही नहीं की और ना ही किसी की जिम्मेदारी तय की गई, सरपंच सचिव द्वारा फर्जी मस्टर रोल लगाकर 35000 रुपए का भुगतान भी मजदूरों के नाम से आहरण कर लिया गया, जब इस विषय में कार्यवाही के नाम पर उपन्यत्री पवन वर्मा से पूछा गया तो उन्होंने बताया की सरपंच सचिव की उपस्थिति में ग्रामीणों से पंचनामा तैयार किया गया है। पर सवाल यह है कि राजस्व की भूमि की जानकारी बताना क्या उपयंत्री के अधिकार क्षेत्र की बात है, क्या उपयंत्री इस बात को बता पाएंगे कि उक्त निर्माण कार्य किस आराजी पर कराया जा रहा है, यह कार्य पटवारी का है, आपत्तिकर्ता ने इस बात का कड़ा विरोध किया है और न्याय संगत कार्यवाही नहीं होने की दशा में न्यायालय जाने की बात कही है। आपत्तिकर्ता ने यह बताया कि इस मार्ग में किसी भी प्रकार की कोई भी पुल की आवश्यकता नहीं थी, आपसी साठ गांठ कर व्यक्ति विशेष को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से इस पुल का निर्माण कराया जा रहा है, जिससे शासन के 4 लाख का दुरुपयोग होगा, उसे रोकने के लिए यदि उन्हें न्यायालय के शरण में जाना पड़ेगा तो वह ग्रामीणों के साथ जाएंगे, अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या जनपद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी इस कार्य की जांच कर कर दोषी जनों पर कार्यवाही करेंगे या फिर मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
