अतिक्रमण हटाने गए वन अमले पर कुल्हाड़ी से हमले का आरोप, वनरक्षक की फाड़ी वर्दी, हुई शिकायत
*दो दिन पहले अतिक्रमण हटाने को कहने से गुस्सा था हमलावर*
उमरिया
घुनघुटी वन परिक्षेत्र के कांचोदर बीट कक्ष क्रमांक आरएफ 300 में अतिक्रमण हटाने गए वन अमले पर हमले का मामला सामने आया है। घटना के बाद वन अमला थाना पाली पहुंचा, जहां वनरक्षक ओमप्रकाश निगम ने लिखित शिकायत सौंपी।
वनरक्षक ओमप्रकाश निगम, बीटगार्ड कांचोदर, रेंज घुनघुटी में पदस्थ हैं। रेंजर हरीश तिवारी के मौखिक निर्देश पर वे सुरक्षा श्रमिक बाबू सिंह, केशव, सुरक्षा श्रमिक औदेरा निवासी, परिक्षेत्र सहायक मालाचुआ धनेंद्र सराफ, रावेन्द्र सिंह बीटगार्ड मालाचुआ और प्रभाकर सिंह बीटगार्ड रैगड़ के साथ कक्ष क्रमांक आरएफ 300, रेलवे ट्रैक लाइन के पास, बाघनचारा-चांदपुर पहुंचे थे।
मौके पर चांदपुर निवासी राजेन्द्र यादव एवं सोनू यादव मिले, जिन्होंने मौके पर झोपड़ी बनाकर जंगल की लकड़ी काटकर रखी थी। साथ ही मवेशी गाय-भैंस आदि को बांधने के लिए जंगल में खूंटा भी गाड़ कर रखे हुए थे। वन अमले द्वारा खूंटा उखाड़ने के लिए कहने पर वे नहीं माने।
जब सुरक्षा श्रमिक खूंटा उखाड़ने लगे, तो सुरक्षा श्रमिक की कुल्हाड़ी झपट कर राजेन्द्र यादव द्वारा फेंक दिया गया। वनरक्षक ओमप्रकाश निगम जब उस कुल्हाड़ी को उठाकर सुरक्षा श्रमिक को दे रहे थे, इसी बीच राजेन्द्र यादव ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उनकी वर्दी फाड़ दी तथा लपटकर जमीन में गिरा दिया।
इसी दौरान उसका भाई सोनू यादव ने अचानक उन पर वार किया, किंतु सुरक्षा श्रमिक केशव रैदास द्वारा कुल्हाड़ी पकड़ ली गई, गाली-गलौज भी की गई और दोबारा अतिक्रमण हटाने को कहने पर जान से खत्म करने की धमकी दी गई।
शिकायतकर्ता ने बताया है कि वे उक्त बीट के बीटगार्ड / प्रभारी हैं और दो दिन पहले उनके द्वारा परिक्षेत्र सहायक मालाचुआ के माध्यम से उन्हें मौके पर अतिक्रमण हटाने को कहा गया था। जिससे वे व्यक्तिगत रूप से रंजिश रखते हैं।
शिकायत के अनुसार, घटना की सूचना मोबाइल से रेंजर साहब को और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को दी गई। शिकायत में राजेन्द्र व सोनू यादव पर उचित दण्डात्मक कार्यवाही किए जाने की मांग की गई है। वनरक्षक के दाहिने सीने, बांये कमर पर चोट का निशान है। पुलिस का कहना है कि शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और मौके की स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
