श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड में फर्जी हस्ताक्षर कर झूठा गारंटर बनाने का मामला, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार
*एफआईआर दर्ज करने की मांग*
शहडोल
शहडोल जिले के ग्राम कंचनपुर वार्ड क्रमांक 19 निवासी रामावतार वर्मन पिता श्री महेश प्रसाद वर्मन ने धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा का शिकार होने का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि उनके फर्जी व कूटरचित (जाली) हस्ताक्षर तैयार कर उन्हें श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड के एक लोन मामले में जबरन गारंटर बना दिया गया है।
पीड़ित रामावतार वर्मन के अनुसार, उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब उनके नाम पर फाइनेंस कंपनी की ओर से ₹2,25,995 की ऋण वसूली और आर्बिट्रेशन Case No. 4733 of 2025 / Loan No. SHAHD00907130001) की कार्यवाही का नोटिस प्राप्त हुआ। इसके अलावा नेशनल लोक अदालत 12 सितंबर 2026 का प्री-लिटिगेशन सूचना पत्र भी उनके नाम जारी हुआ। पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि वे न तो वाहन मालिक (संतोष सोहनी) को जानते हैं, न ही उन्होंने कभी फाइनेंस कंपनी के किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं और न ही किसी को गारंटर बनने की अनुमति दी है।
पीड़ित ने सबसे पहले 5 अक्टूबर 2026 को थाना सोहागपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। हालांकि, स्थानीय थाना स्तर पर कोई प्रभावी कानूनी कार्यवाही न होने पर, उन्होंने 13 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक शहडोल के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया।
अपनी शिकायत में रामावतार वर्मन ने निम्नलिखित मांगें रखी की कूटरचित और फर्जी हस्ताक्षर करने वाले तथा इस जालसाजी में शामिल अज्ञात व संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं (जैसे धारा 335, 336, 340, 318, 61 आदि) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।
फाइनेंस कंपनी से मूल लोन व गारंटी दस्तावेज जब्त कर उनके वास्तविक हस्ताक्षरों का हस्तलेख विशेषज्ञ से मिलान व जांच कराई जाए। मामले की निष्पक्ष जांच कर फर्जीवाड़े में शामिल दोषियों पर कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए। पुलिस प्रशासन को दिए आवेदन के बाद अब पीड़ित को निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद है।
