27 अक्टूबर को छिंदवाड़ा में होगा सर्वजातीय ओबीसी महासंगम, विशाल रैली एवं जनसभा

27 अक्टूबर को छिंदवाड़ा में होगा सर्वजातीय ओबीसी महासंगम, विशाल रैली एवं जनसभा

*27% आरक्षण, जातिगत जनगणना और सामाजिक न्याय की मांग को लेकर कलेक्टर को सौंपेंगे ज्ञापन*


छिंदवाड़ा

मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण, जातिगत जनगणना, जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व एवं सामाजिक न्याय की मांगों को लेकर 27 अक्टूबर को छिंदवाड़ा में सर्वजातीय ओबीसी महासंगम, जनसभा एवं विशाल रैली आयोजित की जाएगी। इस संबंध में अखिल भारतीय ओबीसी महासभा, जिला छिंदवाड़ा के तत्वावधान में विभिन्न ओबीसी जातीय संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक रविवार को नगर निगम सभापति एवं कुनबी समाज के जिला अध्यक्ष चंद्रभान देवरे के निवास पर संपन्न हुई।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि 27 अक्टूबर 2026, मंगलवार को प्रातः 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक पवार मंगल भवन, नागपुर रोड, चंदनगांव, छिंदवाड़ा में महासंगम एवं जनसभा आयोजित होगी। इसके पश्चात विशाल रैली निकालकर जिला कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचा जाएगा, जहां राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल सहित संबंधित संवैधानिक संस्थाओं और विभागों के नाम ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा जाएगा।

कार्यक्रम का संकल्प “सत्ताईस प्रतिशत आरक्षण की लड़ाई सत्ताईस को” रखा गया है। ज्ञापन में मध्य प्रदेश में ओबीसी वर्ग को 27 प्रतिशत आरक्षण दिलाने के लिए प्रभावी कानूनी एवं संवैधानिक पहल, लंबित नियुक्तियों में प्रभावित अभ्यर्थियों के हितों की रक्षा, आगामी जनगणना में ओबीसी की जातिगत गणना एवं पृथक जाति कॉलम, जनसंख्या के अनुपात में उचित प्रतिनिधित्व तथा सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने की मांग की जाएगी।

बैठक में चंद्रभान देवरे ने ओबीसी समाज की एकजुटता और अधिकारों के लिए सामूहिक प्रयासों पर जोर दिया। केशव साहू ने कहा कि महासंगम समाज की सामूहिक शक्ति और लोकतांत्रिक अधिकारों की प्रभावी अभिव्यक्ति बनेगा। पवार समाज के जिला अध्यक्ष मुन्ना पवार ने भी कार्यक्रम के प्रति सहमति व्यक्त की। बैठक में आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने एवं विभिन्न संगठनों के बीच समन्वय के लिए सशक्त कोर कमेटी के गठन पर भी विचार किया गया।

बैठक में कुर्मी, कुनबी, पवार, लोधी, यादव, साहू, कोष्टी, रजक, धोबी, माली, चौरसिया, पाल, किरार, स्वर्णकार सोनी एवं कुशवाह सहित विभिन्न समाजों के पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। इनमें प्रहलाद पटेल, अजाबराव सनोडिया, चंद्रभान देवरे, महादेव बारस्कर, मुन्ना पवार, यशवंत पवार, शिवकुमार पटेल, अनिल यादव, केशव साहू, जितेंद्र कुमार साहू, बिनोद गढ़ेवाल, शेरसिंह मोखलगाय, महादेव मालवी, देवानंद निकाजू, भाऊराव चरपे, धर्मेंद्र चौरसिया, अभिषेक चौरसिया, सुरेंद्र पाल, सुरेश पाल, शिवकुमार चौरिया, राजेश दोड़के, मनोज सोनी एवं राजेश तांत्रिक सहित अनेक प्रतिनिधि शामिल रहे।

अधिवक्ता देवेंद्र वर्मा, अशोक अंबाडकर, नामदेव सरोदे, डॉ. रमेश उसरेठे, मनोज वानखेड़े, लेखराम पटेल, महेंद्र वर्मा, संजय विश्वकर्मा, सूरज विश्वकर्मा, दिनेश कुमार सूर्यवंशी, सुरेश कपाले, उमेश राय, शिवराज चौरे तथा अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार रखे।

आयोजकों ने स्पष्ट किया कि यह अभियान किसी राजनीतिक दल के पक्ष या विपक्ष में नहीं, बल्कि ओबीसी समाज के संवैधानिक अधिकारों, सामाजिक न्याय एवं उचित प्रतिनिधित्व के लिए है। उन्होंने विद्यार्थियों, युवाओं, महिलाओं, किसानों, मजदूरों, कर्मचारियों, अधिवक्ताओं, व्यापारियों और सभी ओबीसी जातीय संगठनों से अधिकाधिक संख्या में शामिल होने की अपील की। कार्यक्रम को शांतिपूर्ण, अनुशासित एवं संवैधानिक मर्यादाओं के अनुरूप संपन्न कराने का आह्वान भी किया गया।

आयोजकों ने कहा कि ओबीसी समाज को आश्वासन नहीं, अधिकार और न्याय चाहिए। 27 अक्टूबर का महासंगम समाज की एकता और संवैधानिक अधिकारों के प्रति सामूहिक प्रतिबद्धता का संदेश देगा।

रैली में सर्वजातीय ओबीसी एकता—सामाजिक न्याय की दिशा में सामूहिक पहल, ओबीसी समाज को आश्वासन नहीं, अधिकार और न्याय चाहिए के लगाएंगे नारे।


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