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पंचायत का कचरा घर बना शराबियों का अड्डा गंदगी व अव्यवस्था से ग्रामीण परेशान, अनदेखी पर उठ रहे सवाल
*ग्रामीणों ने की कार्यवाही की मांग*
अनूपपुर
ग्राम पंचायत पयारी नंबर 01 एक में स्वच्छता व्यवस्था को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी देखने को मिल रही है। पंचायत द्वारा बनाए गए कचरा घर का समुचित उपयोग और रखरखाव नहीं होने के कारण यहां कचरे का ढेर लगने के साथ ही असामाजिक गतिविधियों की शिकायतें भी सामने आ रही हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि कचरा घर का परिसर धीरे-धीरे शराब पीने वालों का अड्डा बनता जा रहा है।
ग्रामीणों के अनुसार कचरा घर का उद्देश्य गांव से निकलने वाले कचरे को एकत्रित कर उसका उचित प्रबंधन करना था, लेकिन वर्तमान स्थिति में व्यवस्था अपने उद्देश्य से भटकती नजर आ रही है। आसपास गंदगी और कचरा फैले रहने से दुर्गंध की समस्या बनी रहती है। इससे राहगीरों और आसपास रहने वाले लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि शाम के समय कचरा घर के आसपास लोगों की आवाजाही बढ़ जाती है। ग्रामीणों ने वहां शराबखोरी और खाली शराब की बोतलें पड़े होने की शिकायत की है। इससे विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों को वहां से गुजरने में असुविधा महसूस होती है। ग्रामीणों का कहना है कि सार्वजनिक स्थान पर इस तरह की स्थिति से गांव का माहौल भी प्रभावित हो रहा है।
गांव में स्वच्छता अभियान और कचरा प्रबंधन को लेकर लगातार प्रयास किए जाने के बावजूद यदि कचरा घर ही गंदगी और अव्यवस्था का केंद्र बन जाए तो व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। ग्रामीणों ने पंचायत से कचरा घर की नियमित सफाई, कचरे का समय पर उठाव तथा परिसर की निगरानी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
ग्रामीणों ने मांग की है कि ग्राम पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारी और संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का निरीक्षण करें। यदि शराबखोरी या अन्य अनियमित गतिविधियां पाई जाती हैं तो नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
*इनका कहना है*
आपसे जानकारी प्राप्त हुई है दिखवाता हूं, अगर कचरा घर का दुरुपयोग हो रहा है तो उस पर लगाम लगाई जाएगी। ऐसी प्रक्रिया उस जगह पर दो बारा नहीं होगी।
*कृष्ण लाल तिवारी सचिव ग्राम पंचायत पयारी नंबर 01*
आपके द्वारा जानकारी दी गई है, मैं दिखवा लेता हूँ।
*सोने सिंह परस्ते, चौकी प्रभारी फुनगा*
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नल-जल योजना से सड़कें हुई बदहाल, नपा अध्यक्ष ने कमिश्नर-कलेक्टर व मुख्यमंत्री से की शिकायत
अनुपपुर
नगर पालिका परिषद पसान क्षेत्र में नल-जल योजना के तहत विभिन्न वार्डों में पाइपलाइन बिछाने के लिए सड़कों की खुदाई की गई, लेकिन कार्य पूरा होने के बाद कई स्थानों पर सड़कें अब भी बदहाल स्थिति में हैं। सड़कों का समुचित मरम्मतीकरण नहीं होने से स्थानीय लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों को पूर्व स्थिति में व्यवस्थित तरीके से नहीं लाया गया। बारिश के दौरान क्षतिग्रस्त हिस्सों में कीचड़ और जलभराव की समस्या बढ़ गई है, जिससे राहगीरों को परेशानी हो रही है।
मामले को लेकर नगर पालिका परिषद पसान के अध्यक्ष राम अवध सिंह ने संबंधित निर्माण एजेंसी पर कार्य में लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि नल-जल योजना के कार्य के बाद सड़कों की मरम्मत अपेक्षित गुणवत्ता के साथ नहीं की गई, जिसका खामियाजा नगरवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
नपा अध्यक्ष के अनुसार उन्होंने मामले की शिकायत कमिश्नर, कलेक्टर एवं मुख्यमंत्री से करते हुए जांच कराने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों का शीघ्र व्यवस्थित निर्माण एवं मरम्मतीकरण कराने की मांग की है।
नगर पालिका अध्यक्ष ने कहा कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ सड़कों की गुणवत्ता और आम नागरिकों की सुविधा का ध्यान रखना भी संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी है। अब देखना होगा कि शिकायत के बाद प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पसान क्षेत्र की क्षतिग्रस्त सड़कों को कब तक दुरुस्त कराया जाता है।
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करंट की चपेट में आने से दो भैंसों की मौत, थाने में शिकायत, कार्यवाही की मांग
अनूपपुर
अमरकंटक के वार्ड क्रमांक 02 बराती क्षेत्र में बिजली के करंट की चपेट में आने से दो भैंसों की मौत का मामला सामने आया है। घटना के संबंध में पशुपालक रामू नायक, पिता धेना नायक, निवासी वार्ड क्रमांक 04 बराती, अमरकंटक ने अमरकंटक थाने में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की है।
पशुपालक ने अपनी 12 भैंसों को चरने के लिए छोड़ा था। शाम 10 भैंसें वापस घर आ गईं, जबकि दो भैंसें घर नहीं लौटीं। जब उनकी तलाश की गई तो बराती नाला के समीप बिजली के खंभे के पास तार में करंट आने से दोनों भैंसें मृत अवस्था में मिलीं।
पशुपालक के अनुसार, मृत भैंसों में एक दुधारू भैंस तथा दूसरी भैंस का बच्चा शामिल है। घटना से पशुपालक को आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने पुलिस को आवेदन देकर मृत दोनों भैंसों का पोस्टमार्टम (पीएम) कराए जाने तथा पीएम रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है। पुलिस थाना अमरकंटक ने उक्त प्रकरण को विवेचना में लिया है तथा पशु चिकित्सा अधिकारी पशु चिकित्सालय अमरकंटक को पोस्टमार्टम कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का पत्र दिया है। अमरकंटक पुलिस सभी पहलुओं की ओर जांच कर रही है यह तो मूक पशु का मामला है यदि उक्त स्थल पर आमजन पहुंचने तो घटना गंभीर हो सकती थी।
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तालाब में डूबने से किशोर की हुई मौत, रेस्क्यू टीम ने शव बाहर निकाला, पुलिस जांच में जुटी
शहडोल
धनपुरी थाना अंतर्गत ग्राम पंचायत खोह के सोनहा गांव में घर के पास तालाब में नहाते समय 5 वर्ष के बालक के डूब जाने की सूचना पर नायब तहसीलदार बुढार की उपस्थिति मे रेस्क्यू दल ने खोजबीन कर बालक के शव को तालाब के अंदर पानी से निकाल कर धनपुरी पुलिस को अगिम कार्रवाई हेतु सौपा।
गाम पंचायत खोह अंतर्गत ग्राम सोनहा ग्रामीणों ने बताया कि ग्राम के मोहन यादव का 5 वर्षीय पुत्र विनोद यादव मोहल्ले के अन्य छोटे-छोटे चार पांच बच्चों के साथ घर से 200 मीटर दूर पर स्थित अमहाई तालाब में नहाने गया था, जहां वह कपड़ा उतार कर पानी में नहा रहा था, तभी गहरे पानी में डूब गया बाकी बच्चे इस बात का ध्यान न रखते हुए घर वापस आ गए, बालक के घर न पहुंचने पर पिता एवं परिजनों ने खोजबीन दौरान बालक का शर्ट तालाब के बाहर चट्टान में पड़ा देखे जाने पर बालक के तालाब में डूबने की सम्भावना पर घटना की जानकारी धनपुरी थाना के साथ बुढार राजस्व विभाग को दिये जाने पर बुढार में पदस्थ नायब तहसीलदार मनोज सिंह स्वयं अनूपपुर के सामाजिक कार्यकर्ता शशिधर अग्रवाल के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर एसडीईआरएफ शहडोल के रेस्क्यू टीम से तालाब में परीक्षण कराने दौरान 5 वर्षीय बालक विनोद यादव का शव जो गहरे पानी के अंदर था, मृत स्थिति में बरामद कर धनपुरी पुलिस को अग्रिम कार्यवाही हेतु सौपने पर धनपुरी पुलिस के द्वारा प्रारंभिक कार्यवाही कर बालक के मृत शव का पीएम हेतु अस्पताल भेजा गया।
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अवैध मदिरा के 13 प्रकरणों में 57 लीटर हाथ भट्टी मदिरा जप्त
अनूपपुर
कलेक्टर रत्नाकर झा द्वारा जिले में अवैध मदिरा के विनिर्माण, संग्रहण, विक्रय एवं परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने तथा शासन के राजस्व हित, जनस्वास्थ्य एवं लोकहित की दृष्टि से विशेष अभियान के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्देशों के पालन में जिला आबकारी अधिकारी श्री खेमराज श्याम के मार्गदर्शन में आबकारी विभाग द्वारा 1 सितंबर से 9 सितंबर 2026 तक जिले के विभिन्न क्षेत्रों में कार्रवाई की गई।
आबकारी वृत्त अनूपपुर, राजनगर, कोतमा एवं राजेन्द्रग्राम के अंतर्गत अनूपपुर, लखनपुर, दुधमनिया, कासा, राजेन्द्रग्राम, धीरूटोला, कोतमा, जमुना बस्ती, बदरा एवं श्रमिक नगर में दबिश देकर कुल 13 प्रकरण दर्ज किए गए। कार्रवाई के दौरान 57 लीटर हाथ भट्टी मदिरा जप्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 8 हजार 550 रुपये आंकी गई है। प्रकरण मध्यप्रदेश आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 34(1)(क) के तहत कायम कर विवेचना में लिए गए हैं।
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नदी किनारे जमीन में दफन मिला लापता युवक का शव, परिजनों ने जताई हत्या की आशंका
उमरिया
कोतवाली थाना क्षेत्र के मगरघरा गांव में उस समय सनसनी फैल गई, जब कई दिनों से लापता एक युवक का शव नदी किनारे जमीन के अंदर दफन मिला। शव की पहचान 30 वर्षीय गो चरण सिंह के रूप में हुई है, जो 5 सितंबर से लापता था। शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिलने के बाद परिजनों ने युवक की हत्या कर शव को छिपाने के उद्देश्य से दफन किए जाने की आशंका जताई है।
जानकारी के अनुसार गो चरण सिंह के अचानक लापता होने के बाद परिजन उसकी तलाश में जुटे हुए थे। गांव सहित आसपास के संभावित स्थानों पर खोजबीन की गई, लेकिन युवक का कोई सुराग नहीं मिला। इसी दौरान 9 सितंबर को नदी किनारे एक चरवाहे को एक स्थान से असामान्य रूप से तेज दुर्गंध महसूस हुई। स्थान संदिग्ध लगने पर उसने मामले की सूचना पुलिस को दी।
सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और संदिग्ध स्थान का निरीक्षण किया। इसके बाद जमीन की खुदाई कराई गई तो भीतर से युवक का शव बरामद हुआ। शव बाहर निकाले जाने के बाद उसकी पहचान गो चरण सिंह के रूप में की गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना के बाद कई सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर युवक की मौत किन परिस्थितियों में हुई? यदि उसकी मौत सामान्य थी तो शव को नदी किनारे जमीन में दफन करने की जरूरत क्यों पड़ी?
परिजनों का आरोप है कि युवक की हत्या किए जाने के बाद शव को सुनसान नदी किनारे ले जाकर जमीन में छिपाया गया होगा। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है की पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा।
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ग्रीन गणेश अभियान में विद्यार्थियों ने गोबर व शुद्ध मिट्टी से बनाई गणेश की प्रतिमाएं, दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
उमरिया
गणेशोत्सव को पर्यावरण हितैषी बनाने एवं आमजन को प्राकृतिक गणेश प्रतिमाओं के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से युवा टीम उमरिया द्वारा ग्रीन गणेश—मिट्टी के श्री गणेश अभियान 2026 के अंतर्गत बिरासिनी कंप्यूटर इंस्टीट्यूट, पाली में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम मध्य प्रदेश शासन के निर्देशन में उमरिया कलेक्टर राखी सहाय एवं जिला पंचायत सीईओ अभय सिंह ओहरिया के मार्गदर्शन में आयोजित हुआ।
कार्यक्रम में विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ सहभागिता करते हुए गोबर एवं शुद्ध मिट्टी से भगवान श्री गणेश की प्रतिमाएं तैयार कीं। विद्यार्थियों ने अपने हाथों से प्राकृतिक सामग्री से प्रतिमाएं बनाकर यह संदेश दिया कि हमारी आस्था के साथ-साथ प्रकृति और पर्यावरण की रक्षा करना भी हमारी जिम्मेदारी है।
इस दौरान युवा टीम उमरिया द्वारा विद्यार्थियों को पर्यावरण संरक्षण, जल स्रोतों की स्वच्छता तथा गणेश प्रतिमाओं के निर्माण में प्राकृतिक सामग्री के उपयोग के महत्व के बारे में जानकारी दी गई। विद्यार्थियों ने भी पर्यावरण हितैषी गणेश प्रतिमा अपनाने एवं अन्य लोगों को इसके लिए प्रेरित करने का संकल्प लिया।
युवा टीम उमरिया के अध्यक्ष हिमांशु तिवारी ने कहा कि ग्रीन गणेश अभियान का उद्देश्य आस्था और पर्यावरण संरक्षण को एक साथ जोड़ना है। मिट्टी के श्री गणेश अपनाकर हम अपनी परंपरा को भी निभा सकते हैं और प्रकृति को होने वाले नुकसान को भी कम कर सकते हैं।
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तालाब में तीन माह से डूबा है ठेकेदार का टैंकर, ठेकेदार की लापरवाही आई सामने
जनपद पंचायत बुढ़ार की ग्राम पंचायत कमता के बसोर मोहल्ला स्थित तालाब में एक टैंकर पिछले करीब तीन महीने से डूबा पड़ा है। मामला सामने आने के बाद निर्माण कार्यों की निगरानी और मौके पर संसाधनों के रखरखाव को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि पंचायत सचिव के अनुसार यह टैंकर सरकारी नहीं, बल्कि घाट निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार का निजी टैंकर है।
बताया गया कि बसोर मोहल्ले के तालाब में घाट निर्माण का कार्य कराया जा रहा था। निर्माण के दौरान पानी की जरूरत पूरी करने के लिए ठेकेदार द्वारा निजी टैंकर का इस्तेमाल किया जा रहा था। इसी दौरान टैंकर तालाब में डूब गया। आरोप है कि इसके बाद करीब तीन महीने बीत जाने के बावजूद टैंकर को तालाब से बाहर नहीं निकाला गया है।
स्थानीय लोगों के अनुसार टैंकर तालाब के किनारे खड़ा था। लगातार हुई बारिश के कारण तालाब में पानी भर गया, जिससे टैंकर उसमें डूब गया। अब सवाल उठ रहा है कि निर्माण कार्य पूरा होने के बाद ठेकेदार ने अपने टैंकर को तालाब से बाहर निकालने की पहल क्यों नहीं की। लंबे समय तक पानी में डूबे रहने से वाहन को नुकसान पहुंचने की आशंका भी जताई जा रही है।
मामले में ग्राम पंचायत कमता के सचिव रामलखन शुक्ला ने बताया कि उन्हें टैंकर के तालाब में डूबे होने की जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि मौके की जानकारी लेकर मामले को देखा जाएगा। सचिव ने स्पष्ट किया कि तालाब में डूबा टैंकर सरकारी नहीं है, बल्कि घाट निर्माण कार्य में लगे।