दारा सेना पर क्योंझर जेल के बाहर भड़काऊ नारे लगाने का आरोप निराधार और सबसे बड़ा झूठ - मुकेश जैन
*ओड़िशा सरकार दारा सेना पर लगाया गया आरोप निराधार ही नहीं हास्यापद*
नई दिल्ली
*न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना*
दारा सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष मुकेश जैन ने सर्वोच्च न्यायालय के मीडिया पार्क में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कहा कि हमें आज विश्वास था कि नये भारत के शिल्पकार विश्वकर्मा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जन्म दिन पर ओड़िशा को भी दारा भाई की रिहाई की बड़ी खबर मिलेगी। किन्तु हम सबको निराशा हुई जब ओड़िशा सरकार के सजा माफी बोर्ड ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि हम दारा सिंह को रिहा नहीं करेंगे, क्यों कि 15 अगस्त को 200-250 दारा सेना के कार्यकर्ताओं ने क्योंझर जिला जेल के बाहर भड़काऊ नारे बाजी की।
श्री जैन ने सर्वोच्च न्यायालय में दिये सजा माफी बोर्ड के लिखित बयान को सबसे बड़ा झूठ बताया। यह उसी प्रकार का नया झूठ है जो पिछले ढाई साल में ओड़िशा सरकार 15 बार सर्वोच्च न्यायालय में बोल चुकी है कि हमें दारा भाई को रिहा करने के लिए 2 सप्ताह का समय दे दीजिये। जिसमें वकील की बिमारी का बहाना बनाकर भी सर्वोच्च न्यायालय को गुमराह किया गया।
पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए धर्मरक्षक दारा सिंह के वकील ए पी सिंह ने कहा कि ओड़िशा सरकार दारा सेना पर लगाया गया आरोप निराधार ही नहीं हास्यापद भी है। भारतीय दण्ड विधान की धारा 55 आजीवन कारावास के कैदियों को 14 साल से पहले रिहा करने का आदेश देती है। नये कानून नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 474 भी आजीवन कारावास के कैदियों को सात साल की सजा काटने के बाद छोड़ सकने का आदेश देती है। यहां तक कि फांसी की सजा माफ करके आजीवन कारावास में बदले गये कैदी को भी 14 साल में छोडने का आदेश देती है। किन्तु गत् 26 साल 7 महीने से जेल में बन्द धर्मरक्षक श्री दारा सिंह अन्याय के शिकार है। हम 9 अक्तूबर की अगली सुनवाई में न केवल सजा माफी बोर्ड के झूठ का पर्दाफाश करेंगें बल्कि ओडिशा सरकार दारा सेना अध्यक्ष श्री मुकेश जैन पर एक ही कथित अपराध में 4-4 मुकदमें चलाकर किस प्रकार से संविधान के मूल अधिकार 20.2 का गला घोट रही हैं यह भी सर्वोच्च न्यायालय को बतायेंगे।
ए पी सिंह ने अपनी बात स्पष्ट करते हुए पत्रकारों को बताया कि कोरोना काल में जब सर्वोच्च न्यायालय ने भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा पर रोक लगाई थी तो ओड़िशा पुलिस ने यह कह कर दारा सेना अध्यक्ष मुकेश जैन को गिरफ्तार कर लिया था कि उनके व्हाट्सअप से संदेश भेजा गया कि जगन्नाथ रथ यात्रा पर रोक लगाने वाले सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायधीश शरद अरविन्द बोबड़े के घर पर दारा सेना उन्हें जूते मारने जायेगी। इस व्हाट्स अप संदेश के बाद जबकि सर्वोच्च न्यायालय ने रथ यात्रा पर से रोक हटा दी थी किन्तु ओड़िशा की तत्कालीन सरकार ने रथयात्रा होने के 15 दिन बाद बालेश्वर, भद्रक ओर कटक में दंगे होने की सम्भावना का सबसे बड़ा झूठ बोलकर मुकदमा दर्ज करके दारा सेना अध्यक्ष मुकेश जैन को दिल्ली से गिरफ्तार करके 14 महीने बालेश्वर जेल में डाल दिया। यहां तक कि दिल्ली हवाई अड्डे पर श्री जैन की हत्या की साजिश भी रची।
दारा सेना ने मुख्यमंत्री मोहन चरण मांझी से अनुरोध किया कि कैदियों को रिहा करने के कानून का पालन करते हुए धर्म रक्षक दारा सिंह को तत्काल रिहा करने का आदेश देने की कृपा करें।
