लोकतंत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी चुनाव व्यवस्था अत्यंत आवश्यक मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल हटाया जाए- विजेंद्र सोनी
अनूपपुर
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सहित वामपंथी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाने की मांग की है। एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए मतदाताओं का मताधिकार बहाल करने की मांग को लेकर देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश में भी 26 सितम्बर से 2 अक्टूबर, गांधी जयंती तक प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाएगा।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्यप्रदेश राज्य परिषद के सहायक सचिव विजेंद्र सोनी ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। मतदाता सूची में किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के हटाया जाना उसके संवैधानिक मताधिकार को प्रभावित करता है। इसलिए एसआईआर की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाना चाहिए और गलत तरीके से हटाए गए सभी मतदाताओं के नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल किए जाने चाहिए।
उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर किसी भी प्रकार का संदेह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की वर्तमान व्यवस्था में परिवर्तन कर ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश की तीन सदस्यीय समिति द्वारा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति हो, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में व्यापक संस्थागत विश्वास कायम हो सके।
विजेंद्र सोनी ने कहा कि वामपंथी दल चुनाव आयोग से मांग करते हैं कि मतदाता सूची को अधिक समावेशी और त्रुटिरहित बनाने पर ध्यान दिया जाए, न कि वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए। लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा आवश्यक है।
उन्होंने बताया कि 26 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य वामपंथी दलों के कार्यकर्ता प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन, ज्ञापन, सभाओं एवं अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रमों के माध्यम से इन मांगों को जनता के बीच उठाएंगे।
