9.10 लाख की रिकवरी कार्रवाई पर आपत्ति, अधिकारियों की भूमिका की जांच, दोबारा माप की मांग

9.10 लाख की रिकवरी कार्रवाई पर आपत्ति, अधिकारियों की भूमिका की जांच, दोबारा माप की मांग

*राशि देने से इनकार के बाद प्रतिशोधात्मक कार्रवाई, संभागायुक्त से उच्चस्तरीय जांच की मांग*


अनूपपुर

ग्राम पंचायत जमुनीहा-1 में जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि से कराए गए करौंधिया नाला स्टॉपडैम एवं गजहा नाला स्टॉपडैम के निर्माण कार्यों को लेकर विवाद गहरा गया है। जिला पंचायत द्वारा जारी कारण बताओ सूचना-पत्र में तकनीकी माप, मूल्यांकन और निर्माण कार्य में अंतर का उल्लेख करते हुए दोनों कार्यों में कुल करीब 9.10 लाख रुपये की राशि को लेकर आपत्ति दर्ज की गई है। अब ग्राम पंचायत जमुनीहा-1 के निर्वाचित सरपंच ने इस कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए शहडोल संभागायुक्त से स्वतंत्र एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।

सरपंच ने संभागायुक्त को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि दोनों स्टॉपडैम निर्माण कार्यों की वास्तविक और निष्पक्ष मौका जांच किए बिना उपलब्ध अभिलेखों एवं माप पुस्तिका के आधार पर निष्कर्ष निकाला गया है। उन्होंने मांग की है कि वरिष्ठ एवं स्वतंत्र तकनीकी अधिकारियों की समिति गठित कर दोनों निर्माण कार्यों की मौके पर दोबारा माप, तकनीकी परीक्षण और जांच कराई जाए। साथ ही जांच की पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी एवं फोटोग्राफी कराने की मांग भी की गई है।

जिला पंचायत अनूपपुर की ओर से जारी कारण बताओ सूचना-पत्र में जल संसाधन विभाग अनूपपुर द्वारा प्रस्तुत जांच प्रतिवेदन का हवाला दिया गया है। इसमें करौंधिया नाला स्टॉपडैम और गजहा नाला स्टॉपडैम के निर्माण में तकनीकी स्वीकृति, माप पुस्तिका में दर्ज मूल्यांकन तथा मौके पर प्राप्त वास्तविक स्थिति के बीच अंतर का उल्लेख किया गया है।

सरपंच ने अपने आवेदन में कहा है कि यदि माप पुस्तिका में वास्तविक कार्य से अधिक माप दर्ज हुई है तो यह भी जांच का विषय है कि माप किस अधिकारी ने दर्ज की, कब दर्ज की गई और उसका सत्यापन किस अधिकारी ने किया। सरपंच ने उपयंत्री, सहायक यंत्री तथा अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा किए गए माप, सत्यापन एवं निरीक्षण की भूमिका की स्वतंत्र जांच की मांग की है। 

उन्होंने यह भी मांग की है कि यदि धनराशि मांगने संबंधी आरोप जांच में सही पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी के विरुद्ध भ्रष्टाचार एवं अनुशासनात्मक नियमों के तहत कार्रवाई की जाए।

सरपंच ने संभागायुक्त से वर्तमान जांच प्रतिवेदन पर उनकी आपत्ति को अभिलेख में लेने, स्वतंत्र जांच पूरी होने तक रिकवरी एवं अन्य दंडात्मक कार्रवाई स्थगित रखने तथा उन्हें व्यक्तिगत सुनवाई का अवसर देने की मांग की है।

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