स्वतंत्रता दिवस पर जनप्रतिनिधियों व अधिकारियों ने किया महात्मा गांधी का अपमान, कांग्रेसियों ने साफ सफाई कर किया माल्यार्पण
अनूपपुर
स्वतंत्रता दिवस 15 अगस्त के अवसर पर जहां पूरा देश राष्ट्रभक्ति और देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान व्यक्त कर रहा है, वहीं अनूपपुर के पुराने नगर पालिका भवन परिसर में स्थापित राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा के प्रति कथित उपेक्षा का मामला सामने आया है।
स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर न तो नगर पालिका अध्यक्ष, न पार्षदों और न ही नगर पालिका प्रशासन की ओर से प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर किसी प्रकार का सम्मान, माल्यार्पण अथवा श्रद्धांजलि अर्पित की गई। राष्ट्रपिता की प्रतिमा की इस तरह अनदेखी ने नगरवासियों और सामाजिक नागरिकों की संवेदनाओं को आहत किया है।
नगरवासियों का कहना है की महापुरुषों को भी सम्मान मिलना चाहिए जिनके त्याग और संघर्ष के कारण भारत स्वतंत्र हुआ हैं। पुराने नगर पालिका भवन परिसर में स्थापित गांधी प्रतिमा की नियमित साफ-सफाई, रखरखाव और राष्ट्रीय पर्वों पर सम्मान की व्यवस्था नगर पालिका की जिम्मेदारी का हिस्सा होना चाहिए।
नगरपालिका के निर्वाचित सदस्य, अधिकारी, कर्मचारी ने स्वतंत्रता दिवस पर गांधी प्रतिमा की उपेक्षा केवल एक प्रतिमा की अनदेखी नहीं, बल्कि उन मूल्यों और संवेदनाओं की अनदेखी व अपमान पर सवाल है, जिनके लिए महात्मा गांधी ने अपना जीवन राष्ट्र को समर्पित किया था।
राष्टपिता की प्रतिमा उपेक्षा पर जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान व वरिष्ठ नेता आशीष त्रिपाठी ने जताई नाराजगी जताकर कहा की महापुरुषों का अपमान किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। महापुरुष की प्रतिमा को स्वतंत्रता दिवस के दिन उपेक्षित छोड़ना अत्यंत पीड़ादायक है।
जिला कांग्रेस अध्यक्ष गुड्डू चौहान वरिष्ठ नेता आशीष त्रिपाठी व अन्य कांग्रेसियों ने स्वयं साफ-सफाई का सामान लेकर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की प्रतिमा की सम्मानपूर्वक सफाई की। इसके बाद प्रतिमा पर माल्यार्पण कर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस दौरान कांग्रेस नेताओं एवं कार्यकर्ताओं ने “महात्मा गांधी की जय हो”, “आपका बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा” जैसे नारों के साथ राष्ट्रपिता को नमन किया। नेताओं ने कहा कि महात्मा गांधी का सत्य, अहिंसा, त्याग और राष्ट्रसेवा का संदेश आज भी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत है।
