सफाई मित्रों को तीन माह से नही मिला है वेतन, चारो तरफ फैला कचरा, स्वच्छत भारत मिशन की खुली पोल
*आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं सफाईकर्मी*
अनूपपुर
नगर परिषद डूमरकछार में दैनिक वेतन भोगी सफाई संरक्षकों को मई,जून और जुलाई माह का मानदेय/वेतन अब तक न मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो गयी है। निकाय के जिम्मेदार अधिकारियों एवं विभाग प्रमुखों की लापरवाही की वजह से लगातार तीन माह से वेतन का भुगतान न होने के कारण सफाई कर्मियों और उनके परिवारों को अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वेतन भुगतान में देरी का असर अब नगर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है, सफाई कर्मियों में असंतोष के बावजूद नगर परिषद अध्यक्ष एवं अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के द्वारा निकाय सभागार में विगत तीन माह में दो बैठके कर सफाई मित्रों से से चर्चा कर नगरहित एवं जनहित को देखते हुए सफाई कार्य जारी रखने का समझाइस दी गयी, निकाय के अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रयास से सफाई व्यवस्था को यथासंभव बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है,पर फिर भी स्वच्छता का कार्य कहीं ना कहीं प्रभावित हो ही रहा है, जिसकी मुख्य वजह है यह भी है कि नगर की सफाई के बाद निकलने वाला कचरा भी ट्रांसपोर्ट होकर एमआरएफ सेंटर तक नहीं पहुंच पा रहा है क्योंकी इन कचरा को ट्रैक्टर के माध्यम से जिन साप्ताहिक मजदूरों ने एमआरएफ तक पहुंचाया पहुंचाया उन मजदूरों की मजदूरी का भी भुगतान विगत चार-पांच माह का अधिकारियों और कर्मचारियों की गैर जिम्मेदारी एवं गलती के कारण नहीं किया गया है, और वर्तमान समय में ट्रैक्टर से कचरा उठाकर एमआरएफ सेंटर भेजने की व्यवस्था भी बाधित है, निकाय के सीमित साधनों से यह कार्य किया जाता है परन्तु यह कार्य पूर्ण रूप से नहीं हो पा रहा है।
सफाई संरक्षको का कहना है कि नियमित रूप से कार्य करने के बावजूद तीन माह से मेहनताना नहीं मिलने के कारण दैनिक आवश्यकताओं के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान किए जाने की मांग की है।नगर परिषद अध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगरीय प्रशासन के संबंधित वरिष्ट अधिकारियों से कर्मचारियों के लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने एवं निकाय की व्यवस्था को गड़बड़ी पहुंचाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एव कर्मचारियों पर विभागीय कार्यवाही किए जाने की अपेक्षा जताई है, समय पर वेतन नहीं मिलने से न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है, बल्कि इसका सीधा असर नगर की सफाई व्यवस्था पर भी पड़ता है।
कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा जान बूझकर इनका मनोबल तोड़ा जाता है, ताकि निकाय क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो, इसी का परिणाम है कि इन सफाई मित्रों को हर महीने नियमित रूप से वेतन नहीं मिल पा रहा है।
*रविसिंह, सभापति, नगरपरिषद, डूमरकछार*
