क्या राहुल गांधी ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया? नेता प्रतिपक्ष के आचरण और कार्य व्यवहार पर गंभीर सवाल- मनोज द्विवेदी

क्या राहुल गांधी ने अपने पद का गलत इस्तेमाल किया? नेता प्रतिपक्ष के आचरण और कार्य व्यवहार पर गंभीर सवाल- मनोज द्विवेदी


जंतर - मंतर मे काकरोच पार्टी के धरना - प्रदर्शन और काकरोचों के संसद कूच के अराजक व्यवहार के बाद संसद मे नेता विपक्ष राहुल गांधी एक युवक को लेकर सामने आए और पत्रकार वार्ता की कि वह युवक पैलेट गन से घायल हुआ है। बाकायदा युवक के चोटों की नुमाईश की गयी। दिल्ली पुलिस और सरकार ने पैलेट गन के इस्तेमाल के आरोपों का खंडन किया‌।

 दूसरी ओर सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर जंतर - मंतर मे बल प्रयोग की संपूर्ण जांच के किये एक विशेष टीम का गठन किया गया है। मतलब सम्पूर्ण जांच अब सुप्रीम कोर्ट की निगरानी मे होगी।

   कल शुक्रवार को नेता विपक्ष राहुल गांधी संसद मार्ग स्थित थाने पहुंचे और  पैलेट गन से घायल व्यक्ति को साथ लेकर FIR लिखवाने के लिये दबाव बनाते हुए धरने पर बैठ गये। 

बतलाया जा रहा है कि उन्होंने सात घंटे तक थाने मे बैठ कर पुलिस पर प्रकरण दर्ज करने के लिये दबाव बनाया । राहुल गांधी के दबाव में दिल्ली पुलिस ने अज्ञात लोगों के विरुद्ध प्रकरण दर्ज कर लिया।

    किसी एक व्यक्ति के संदिग्ध रुप से घायल होने पर संसद मे नेता विपक्ष द्वारा पुलिस थाने मे प्रकरण दर्ज करवाने के लिये सात घंटे तक दबाव बनाने का यह ऐतिहासिक मामला है। इसके दूरगामी परिणाम देखने को मिल सकते हैं।

  आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा जिस मामले मे विशेष जांच दल गठित करके जांच के आदेश दिये हैं , इतने गंभीर मामले मे तुष्टिकरण की राजनीति के लिये अपनी पोजिशन का गलत और नाजायज़ इस्तेमाल करते हुए दिल्ली पुलिस पर दबाव बना कर प्रकरण दर्ज करवाया। उच्च पद पर बैठे इतने महत्वपूर्ण व्यक्ति को ना केवल ऐसे आचरण से बचना चाहिये था बल्कि अब संसद को इसे स्वत: संज्ञान मे लेना चाहिये।

     संसद कूच के बाद अनियंत्रित और अराजक भीड को दिल्ली पुलिस द्वारा नियंत्रित करने और संसद मे घुसने से रोकने के लिये बल प्रयोग किया गया। राहुल गांधी ने पैलेट गन के इस्तेमाल से युवक के घायल होने का आरोप लगाया था।

  लेकिन इससे बहुत से सवाल उठ खडे हुए हैं कि जैसे --

1. महत्वपूर्ण पद पर होने के बावजूद राहुल गांधी ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी वाले जांच पर भरोसा क्यों नहीं किया ?

2. सुप्रीम कोर्ट मे और सार्वजनिक रुप से दिल्ली पुलिस और सरकार ने पैलेट गन के प्रयोग से मना किया है ।

3.   पैलेट गन से हज़ारों की भीड़ मे सिर्फ एक ही व्यक्ति घायल कैसे हुआ ?

4. पैलेट गन से घायल होने की शिकायत लेकर पुलिस, कोर्ट ना जाकर सीधे राहुल गांधी के पास कैसे पहुंचा ? 

5. भीड मे से अन्य कोई पैलेट गन प्रभावित व्यक्ति आज तक सामने क्यो नही आया ?

6. जंतर - मंतर और संसद कूच की मिनट - मिनट की रिकार्डिंग हजारों लोगों ,यू ट्यूबर , मीडिया, पुलिस की वीडियो रिकॉर्डिंग और लाईव प्रसारण मे करोड़ो जनता के सामने था / है। 

पैलेट गन इस्तेमाल का एक भी फुटेज सामने क्यों नहीं आया ?

 मेरा उद्देश्य केवल इतना है कि यदि सुरक्षा बलों द्वारा पैलेट गन का प्रयोग किया गया है , तो यह स्पष्ट होना चाहिए कि सच कौन बोल रहा है ?

 सम्पूर्ण मामले की उच्च स्तरीय जांच और उसके परिणाम की प्रतीक्षा पूरे देश को है । फिर राहुल गांधी ने पुलिस पर अतिरिक्त बेजा दबाव क्यों डाला ? देश मे प्रतिदिन ऐसे हजारों बडे -_छोटे मामले सामने आते हैं ,जहाँ पुलिस रिपोर्ट दर्ज तो क्या ...कुछ भी नहीं करती । ऐसे सभी मामलों मे क्या राहुल गांधी पीडितों के साथ खडे दिखते हैं ? 

बहरहाल सम्पूर्ण मामले और राहुल के आचरण पर अब देश भर की नजर रहेगी ।

*मनोज द्विवेदी, अनूपपु्र, म.प्र.*

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