छात्रावास की समस्या पर पानी मे भीगते छात्राएं 8 किमी. पैदल चलकर पहुँची कलेक्ट्रेट, कलेक्टर ने दिए जाँच के आदेश
*कलेक्टर के आश्वासन के बाद छात्राएं वापस लौटी छात्रावास*
शहडोल/ राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 से लगे कंचनपुर स्थित माता शबरी कन्या छात्रावास की दर्जनों छात्राएं सुबह छात्रावास की दीवार और गेट पार कर बाहर निकल पड़ीं। किसी के पैरों में सैंडल-जूते थे तो कुछ छात्राएं नंगे पैर ही रिमझिम बारिश के बीच करीब 7-8 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर कार्यालय की ओर रवाना हो गईं।
छात्राओं का आरोप था कि छात्रावास में उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिया जाता। उनका कहना था कि कई बार गंदे चावल परोसे जाते हैं, जबकि सब्जी में कीड़े मिलने जैसी शिकायतें भी सामने आती रही हैं। छात्राओं ने छात्रावास में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी नाराजगी जताई। सबसे ज्यादा आक्रोश छात्रावास की अधीक्षिका के व्यवहार और कथित मनमानी को लेकर दिखाई दिया। छात्राओं का कहना था कि शिकायत करने पर हर बार व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया जाता है, लेकिन हालात में अपेक्षित बदलाव नहीं होता।
घटना की जानकारी मिलने पर आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त आनंद राय सिंह तत्काल छात्रावास पहुंचे। छात्राओं को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे अधिकारियों की बात सुनने को तैयार नहीं हुईं। नाराज छात्राओं ने कलेक्टर से सीधे मुलाकात करने की बात कही और पैदल ही सड़क पर निकल पड़ीं। छात्राएं कभी पैदल चलतीं तो कभी दौड़ती नजर आईं और उनके पीछे सहायक आयुक्त, छात्रावास की अधीक्षिका तथा अन्य कर्मचारी भी दौड़ते रहे। छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस को भी सूचना दी गई और सड़क पर पुलिस बल की मौजूदगी रही।
करीब दो से तीन घंटे तक चलने के बाद छात्राएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और कलेक्टर पार्थ जायसवाल से मुलाकात की। कलेक्टर ने छात्राओं की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और उन्हें समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। मामले में तत्काल तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए गए।
