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जिला परियोजना समन्वयक ने शिक्षक को बंधक बनाकर गाली व मानसिक प्रताड़ना देकर की मारपीट, FIR दर्ज
*दस्तावेज व मोबाईल छीन लिए*
अनूपपुर
संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन के कक्ष क्रमांक 80 में आयोजित एक बैठक के दौरान जिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) संजय कुमार मिश्रा पर एक प्राथमिक शिक्षक के साथ अभद्रता, मारपीट, दस्तावेज छीनने और जान से मारने की धमकी देने का गंभीर आरोप लगा है। पुलिस ने पीड़ित शिक्षक की शिकायत पर डीपीसी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 127(2), 296(b), 115(2), धारा 351(2) के तहत आपराधिक मामला दर्ज कर लिया है।
घटना 12 अगस्त 2026 की है। शिकायतकर्ता इन्द्रसिंह राजपूत पिता प्रताप सिंह राजपूत, जो प्राथमिक पाठशाला पालाडिगवार में पदस्थ हैं और गाड़ासरई जिला डिंडौरी के निवासी हैं, उन्होंने ऑनलाइन/ई-एफ.आई.आर. के माध्यम से पुलिस को आपबीती सुनाई।
शिक्षक इन्द्रसिंह राजपूत ने बताया कि कलेक्ट्रेट भवन के कक्ष क्रमांक 80 में डीपीसी संजय कुमार मिश्रा द्वारा जिले के ऐसे शिक्षकों की बैठक बुलाई गई थी, जिनके द्वारा भवन निर्माण की शेष राशि के संबंध में शिकायत की गई थी। बैठक के दौरान अन्य शिक्षकों को एक दिन का समय देकर वहां से जाने को कह दिया गया।
शिक्षक का आरोप है कि जब वे बाहर निकल रहे थे, तब डीपीसी संजय कुमार मिश्रा ने उन्हें कमरे में ही रोक लिया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। इसके बाद डीपीसी ने उन्हें अश्लील गालियां दीं, पीठ पर घूंसा मारा और जूते से दो-चार लातें मारीं।
आरोप है कि डीपीसी ने शिक्षक के पास मौजूद महत्वपूर्ण दस्तावेज—जैसे पासबुक, लेजर, बिल/वाउचर, मांग पत्र की पावती, पेपर कटिंग आदि छीन लिए। इतना ही नहीं, उनका मोबाइल फोन छीनकर ‘181 CM हेल्पलाइन’ पर फोन लगवाया और दबाव बनाकर दर्ज शिकायत का निराकरण दर्ज करवाया गया।
शिकायत में डीपीसी ने शिक्षक को सादा कागज देकर दबावपूर्वक शिकायत वापस लेने का आवेदन बनवाया और संबंधित बाबू के पास जमा करवा दिया। पीड़ित को लगभग पौन घंटे तक कमरे में बंधक बनाकर रखा गया और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर जान से मारने की धमकी दी।
घटना के बाद डरा शिक्षक घर जाकर अपने परिजनों और अन्य शिक्षकों को पूरी आपबीती सुनाई। सीने में दर्द होने और मानसिक भय के कारण वे तुरंत शिकायत नहीं कर सके। हिम्मत जुटाकर 6 दिन बाद कोतवाली, अनूपपुर में एफआईआर कराई दर्ज।
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विद्यालय व आंगनबाड़ी हुआ जलमग्न, घुटनो तक पानी को पारकर नौनिहाल पहुँच रहे पढ़ने, जिम्मेदार मौन
अनूपपुर
जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत सकरा के भरियाटोला में संचालित शासकीय प्राथमिक विद्यालय एवं आंगनबाड़ी केंद्र के सामने जलभराव की समस्या गंभीर बनी हुई है।
बारिश के बाद विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र के मैदान में महीनों से पानी भरा हुआ है। हालात यह हैं कि नन्हे-मुन्ने बच्चों को प्रतिदिन घुटने से अधिक पानी से होकर विद्यालय पहुंचना पड़ रहा है। ग्रामीणों द्वारा समस्या की जानकारी जिम्मेदारों को दिए जाने के बावजूद अब तक जल निकासी की स्थायी व्यवस्था नहीं की गई है।
बारिश के पानी की निकासी नहीं होने के कारण पूरा मैदान जलमग्न है। बच्चों के लिए विद्यालय परिसर तक पहुंचना किसी चुनौती से कम नहीं है। बताया जा रहा है कि कई बच्चे इसी पानी से होकर आवागमन करने के साथ मैदान में खेलने को भी मजबूर हैं। इससे बच्चों के कपड़े खराब होने के साथ उनके स्वास्थ्य और सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। लंबे समय से जमा पानी में जहरीले जीव-जंतुओं के पनपने अथवा गिरने की आशंका बनी हुई है। बच्चे प्रतिदिन इसी पानी से होकर गुजरते हैं, ऐसे में किसी भी समय सांप या अन्य जहरीले जीव के संपर्क में आने से गंभीर घटना हो सकती है। इसके अलावा लगातार गंदे पानी में रहने से त्वचा संबंधी संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ सकता है।
ग्रामीणों का कहना है कि विद्यालय और आंगनबाड़ी केंद्र जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर जलभराव की समस्या कोई नई बात नहीं है। बारिश शुरू होते ही मैदान में पानी जमा होने लगा था। ग्रामीणों ने कई बार जिम्मेदारों का ध्यान इस ओर आकर्षित कराया, लेकिन न तो पानी की निकासी के लिए नाली या अन्य व्यवस्था बनाई गई और न ही समस्या का स्थायी समाधान किया गया। परिसर में महीनों से पानी जमा रहना जिम्मेदार विभागों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करता है।
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भ्रष्टाचार, अभद्र व्यवहार व पंचायत कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाकर पंचों ने सरपंच को हटाने की मांग
अनूपपुर
जनपद पंचायत पुष्पराजगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत लालपुर पूर्व के समस्त पंचों ने सरपंच पर भ्रष्टाचार, अभद्र व्यवहार और पंचायत कार्यों में बाधा डालने के आरोप लगाते हुए जनसुनवाई में पंचों ने इस संबंध में आवेदन सौंपकर उन्हें पद से हटाने की मांग की है।
पंचों ने आवेदन में आरोप लगाया कि ग्राम पंचायत लालपुर पूर्व के सरपंच द्वारा पिछले करीब चार वर्षों से बाजार हाट के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है और राशि का उपयोग निजी प्रयोजनों में किया जाता है। आरोप है कि सरपंच ग्रामीणों को परेशान करने के साथ पंचायत की व्यवस्थाओं और कार्यों में भी बाधा उत्पन्न करते हैं।
पंचों ने यह भी आरोप लगाया कि सरपंच प्राथमिक विद्यालय की ईंटें तोड़कर ले गए। इसके अलावा ग्राम पंचायत द्वारा वर्ष 1990 में लगाए गए लिप्टिस के पेड़ों को कटवाकर बेचने का भी आरोप लगाया गया है। इस मामले को लेकर स्वतंत्रता दिवस के दौरान विरोध और विवाद की स्थिति निर्मित होने की बात आवेदन में कही गई है।
पंचों के अनुसार, विवाद के बाद सरपंच को हटाने की मांग उठी। मामले में खन्नालाल, छोटेलाल, उमाशंकर एवं जगन्नाथ के नाम से रिपोर्ट कराए जाने की बात भी पंचों ने आवेदन में बताई है। पंचों का कहना है कि लगातार सामने आ रही इन घटनाओं से ग्रामीणों और वरिष्ठ नागरिकों में आक्रोश बढ़ रहा है। पंचों ने प्रशासन से पूरे मामले की जांच कर आरोपों का परीक्षण कराने तथा सरपंच को पद से हटाने की कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
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छात्रावास की समस्या पर पानी मे भीगते छात्राएं 8 किलोमीटर पैदल चलकर पहुँची कलेक्ट्रेट
*कलेक्टर के आश्वासन के बाद वापस लौटी छात्रावास*
शहडोल/ राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 से लगे कंचनपुर स्थित माता शबरी कन्या छात्रावास की दर्जनों छात्राएं सुबह छात्रावास की दीवार और गेट पार कर बाहर निकल पड़ीं। किसी के पैरों में सैंडल-जूते थे तो कुछ छात्राएं नंगे पैर ही रिमझिम बारिश के बीच करीब 7-8 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर कार्यालय की ओर रवाना हो गईं।
छात्राओं का आरोप था कि छात्रावास में उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिया जाता। उनका कहना था कि कई बार गंदे चावल परोसे जाते हैं, जबकि सब्जी में कीड़े मिलने जैसी शिकायतें भी सामने आती रही हैं। छात्राओं ने छात्रावास में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी नाराजगी जताई। सबसे ज्यादा आक्रोश छात्रावास की अधीक्षिका के व्यवहार और कथित मनमानी को लेकर दिखाई दिया। छात्राओं का कहना था कि शिकायत करने पर हर बार व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया जाता है, लेकिन हालात में अपेक्षित बदलाव नहीं होता।
घटना की जानकारी मिलने पर आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त आनंद राय सिंह तत्काल छात्रावास पहुंचे। छात्राओं को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे अधिकारियों की बात सुनने को तैयार नहीं हुईं। नाराज छात्राओं ने कलेक्टर से सीधे मुलाकात करने की बात कही और पैदल ही सड़क पर निकल पड़ीं। छात्राएं कभी पैदल चलतीं तो कभी दौड़ती नजर आईं और उनके पीछे सहायक आयुक्त, छात्रावास की अधीक्षिका तथा अन्य कर्मचारी भी दौड़ते रहे। छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस को भी सूचना दी गई और सड़क पर पुलिस बल की मौजूदगी रही।
करीब दो से तीन घंटे तक चलने के बाद छात्राएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और कलेक्टर पार्थ जायसवाल से मुलाकात की। कलेक्टर ने छात्राओं की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और उन्हें समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। मामले में तत्काल तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए गए।
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सफाई मित्रों को तीन माह से नही मिला है वेतन, चारो तरफ फैला कचरा, स्वच्छत भारत मिशन की खुली पोल
*आर्थिक तंगी से जूझ रहे हैं सफाईकर्मी*
अनूपपुर
नगर परिषद डूमरकछार में दैनिक वेतन भोगी सफाई संरक्षकों को मई,जून और जुलाई माह का मानदेय/वेतन अब तक न मिलने से कर्मचारियों के सामने आर्थिक संकट की स्थिति निर्मित हो गयी है। निकाय के जिम्मेदार अधिकारियों एवं विभाग प्रमुखों की लापरवाही की वजह से लगातार तीन माह से वेतन का भुगतान न होने के कारण सफाई कर्मियों और उनके परिवारों को अनेक प्रकार की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
वेतन भुगतान में देरी का असर अब नगर की सफाई व्यवस्था पर भी दिखाई देने लगा है, सफाई कर्मियों में असंतोष के बावजूद नगर परिषद अध्यक्ष एवं अन्य निर्वाचित जनप्रतिनिधियों के द्वारा निकाय सभागार में विगत तीन माह में दो बैठके कर सफाई मित्रों से से चर्चा कर नगरहित एवं जनहित को देखते हुए सफाई कार्य जारी रखने का समझाइस दी गयी, निकाय के अध्यक्ष एवं अन्य जनप्रतिनिधियों के प्रयास से सफाई व्यवस्था को यथासंभव बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है,पर फिर भी स्वच्छता का कार्य कहीं ना कहीं प्रभावित हो ही रहा है, जिसकी मुख्य वजह है यह भी है कि नगर की सफाई के बाद निकलने वाला कचरा भी ट्रांसपोर्ट होकर एमआरएफ सेंटर तक नहीं पहुंच पा रहा है क्योंकी इन कचरा को ट्रैक्टर के माध्यम से जिन साप्ताहिक मजदूरों ने एमआरएफ तक पहुंचाया पहुंचाया उन मजदूरों की मजदूरी का भी भुगतान विगत चार-पांच माह का अधिकारियों और कर्मचारियों की गैर जिम्मेदारी एवं गलती के कारण नहीं किया गया है, और वर्तमान समय में ट्रैक्टर से कचरा उठाकर एमआरएफ सेंटर भेजने की व्यवस्था भी बाधित है, निकाय के सीमित साधनों से यह कार्य किया जाता है परन्तु यह कार्य पूर्ण रूप से नहीं हो पा रहा है।
सफाई संरक्षको का कहना है कि नियमित रूप से कार्य करने के बावजूद तीन माह से मेहनताना नहीं मिलने के कारण दैनिक आवश्यकताओं के लिए कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। कर्मचारियों ने लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान किए जाने की मांग की है।नगर परिषद अध्यक्ष ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नगरीय प्रशासन के संबंधित वरिष्ट अधिकारियों से कर्मचारियों के लंबित वेतन का शीघ्र भुगतान सुनिश्चित करने एवं निकाय की व्यवस्था को गड़बड़ी पहुंचाने वाले जिम्मेदार अधिकारियों एव कर्मचारियों पर विभागीय कार्यवाही किए जाने की अपेक्षा जताई है, समय पर वेतन नहीं मिलने से न केवल कर्मचारियों की आर्थिक स्थिति प्रभावित होती है, बल्कि इसका सीधा असर नगर की सफाई व्यवस्था पर भी पड़ता है।
कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों के द्वारा जान बूझकर इनका मनोबल तोड़ा जाता है, ताकि निकाय क्षेत्र का विकास अवरुद्ध हो, इसी का परिणाम है कि इन सफाई मित्रों को हर महीने नियमित रूप से वेतन नहीं मिल पा रहा है।
*रविसिंह, सभापति, नगरपरिषद, डूमरकछार*
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अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल, मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को युवा टीम अध्यक्ष ने सौंपा पत्र, मेडिकल स्टाफ की मांग
उमरिया
शासकीय अस्पताल बिरसिंहपुर पाली में चिकित्सकों एवं आवश्यक मेडिकल स्टाफ की कमी का मुद्दा अब शासन-प्रशासन के सामने मजबूती से उठाया गया है। युवा टीम उमरिया, मध्यप्रदेश के अध्यक्ष हिमांशु तिवारी ने जनहित में पहल करते हुए मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश शासन के नाम कलेक्टर उमरिया को पत्र सौंपकर पाली अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को तत्काल सुदृढ़ किए जाने की मांग की है। हिमांशु तिवारी द्वारा सौंपे गए पत्र में कहा गया कि बिरसिंहपुर पाली एवं आसपास के ग्रामीण तथा दूरस्थ क्षेत्रों के हजारों नागरिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के समय शासकीय अस्पताल पाली पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में अस्पताल में पर्याप्त चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ एवं अन्य आवश्यक मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता बेहद महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी प्रकार की कमी का सीधा असर आम मरीजों और उनके परिवारों पर पड़ता है।
पाली नगर के साथ आसपास के अनेक गांवों के नागरिक उपचार के लिए इसी अस्पताल का रुख करते हैं। विशेषकर ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों के लोगों के लिए नजदीकी शासकीय अस्पताल बेहद महत्वपूर्ण होता है। ऐसे में यहां पर्याप्त डॉक्टर एवं मेडिकल स्टाफ की व्यवस्था होना क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकता है।उमरिया जिला ग्रामीण एवं जनजातीय बाहुल्य क्षेत्र है। पाली क्षेत्र भी बड़ी संख्या में गांवों से घिरा हुआ है। किसी मरीज को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर समय पर डॉक्टर और उपचार उपलब्ध होना बेहद जरूरी है। इसलिए पाली अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था को मजबूत करना सीधे तौर पर जनहित और मानव सेवा से जुड़ा विषय है।
पाली अस्पताल में चिकित्सकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त चिकित्सकों की व्यवस्था की जाए। इसके साथ ही नर्सिंग एवं अन्य मेडिकल स्टाफ की कमी को दूर किया जाए, ताकि मरीजों को समय पर जांच, उपचार एवं आवश्यक चिकित्सा सुविधा मिल सके। आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था को मजबूत करने, जरूरतमंद मरीजों के लिए एम्बुलेंस सुविधा समय पर उपलब्ध कराने तथा अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं एवं संसाधनों की नियमित समीक्षा करने की मांग भी रखी गई है।
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उषा सोहाने स्मृति के अवसर पर उषांकर चैरिटेबल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे विशेष सेवा कार्यक्रम
अनूपपुर
उषा सोहाने के स्मृति दिवस के अवसर पर उषांकर चैरिटेबल एंड एजुकेशनल ट्रस्ट द्वारा चलाए जा रहे विशेष सेवा 12 एवं जनकल्याण अभियान के अंतर्गत जमुडी, जिला अनूपपुर में माध्यमिक विद्यालय के विद्यार्थियों के लिए विशेष सेवा कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में ट्रस्ट के सदस्य भूपेश शर्मा एडवोकेट वासु चटर्जी सीनियर सदस्य आनंद जौहरी क्षेत्र के जनपद सदस्य सभापति वन समिति चंद्र कुमार तिवारी, कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के रूप में अध्यक्ष जिला पंचायत प्रीति रमेश सिंह रहे मौजूद इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से बातचीत की, उनकी पढ़ाई एवं शैक्षणिक प्रगति के संबंध में जानकारी ली तथा बच्चों से सामान्य ज्ञान के प्रश्न पूछकर उनका उत्साहवर्धन किया कुछ बच्चों ने गीत भी गए विद्यालय में कक्षा 5 से 8 तक के 65 विद्यार्थी उपस्थित रहे मिलाकर लगभग 65 विद्यार्थी उपस्थित रहे। इस अवसर पर विद्यार्थियों को उनकी कक्षा एवं आवश्यकता के अनुसार विभिन्न प्रकार की अध्ययन सामग्री वितरित की गई कक्षा 5 से 8 के विद्यार्थियों को ड्राइंग बुक एवं कलर पेंसिल विद्यार्थियों को कॉपियां दिया गया
ट्रस्ट पदाधिकारियों ने अभिभावकों से बच्चों की शैक्षणिक प्रगति, नियमित अध्ययन, रुचियों एवं शिक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं के संबंध में चर्चा की। कार्यक्रम गांव के महिला मंडल के महिलाएं एवं कुछ किसान सम्मिलित हुए पूरे कार्यक्रम का संचालन ट्रस्ट के सदस्य भूपेश शर्मा ने किया।
समाचार 08
युवा संगम रोजगार मेला 21 को
उमरिया
युवा संगम रोजगार मेले का आयोजन 21 अगस्त को सुबह 11 बजे से रानी दुर्गावती भवन उमरिया में आयोजित किया गया है। जिला रोजगार अधिकारी अमन दुबे ने बताया कि मेले में रावया फोर्स प्राइवेट लिमि०, निपुन मुल्टी सर्विसेज हिरिंग, श्रीराम फायनेंस उमरिया, एसबीआई उमरिया, प्रथम एजुकेशन जबलपुर, वर्धमान मंडी दीप भोपाल, एलआई सी उमरिया, टी एस पी एल ग्रुप पुणे, परफेक्ट सलूशन सर्विसेज अहमदाबाद, गोल्डन आग्रेनिक,एग्रीकल्चर प्राइवेट लिमि० आर एस डब्ल्यू एम लिमि० भीलवाडा, एस आई एस प्रशिक्षण केंद्र अनूपपुर की कंपनी शामिल होगी ।
समाचार 09
कलेक्टर ने स्वीकृत की आर्थिक सहायता राशि
शहडोल
कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान मद से ब्यौहारी के वार्ड नम्बर 2 निवासी मो. इबरार रूमटा को 50 हजार रूप्ये, ब्यौहारी के वार्ड नम्बर 3 निवासी दीपक साहू 50 हजार रूपये, सोहागपुर वार्ड नम्बर 32 शहडोल निवासी रजनी कुमारी को 80 हजार रूपये की राशि उपचार हेतु स्वीकृत की है।