चेक बाउंस मामले में आरोपी को एक वर्ष का सश्रम कारावास, 3.50 लाख प्रतिकर देने का आदेश
अनूपपुर
चेक अनादरण से जुड़े एक महत्वपूर्ण मामले में माननीय श्री बॉबी सोनकर, न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, अनूपपुर द्वारा कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी रविशंकर पटेल, निवासी ग्राम भोलगढ़, डाकघर पसला, थाना एवं तहसील अनूपपुर, जिला अनूपपुर (म.प्र.) को परक्राम्य लिखत अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत दोषसिद्ध किया गया है।
न्यायालय द्वारा आरोपी को एक वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है तथा ₹3,50,000/- (तीन लाख पचास हजार रुपये) प्रतिकर के रूप में अदा किए जाने का आदेश पारित किया गया है। प्रकरण में भारतीय स्टेट बैंक, शाखा अनूपपुर से संबंधित ₹2,72,740/- (दो लाख बहत्तर हजार सात सौ चालीस रुपये) के भुगतान से संबंधित चेक का अनादरण हुआ
उक्त प्रकरण में भारतीय स्टेट बैंक, शाखा अनूपपुर की ओर से बैंक के पैनल अधिवक्ता विजेंद्र सोनी, एडवोकेट द्वारा प्रभावी पैरवी की गई। प्रकरण में बैंक की ओर से चेक, बैंक संबंधी अभिलेख, ऋण खाते से संबंधित दस्तावेज एवं वैधानिक नोटिस सहित आवश्यक दस्तावेज न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किए गए।
न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों एवं दस्तावेजों के परीक्षण के पश्चात आरोपी को धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम के अंतर्गत दोषी माना गया। इस संबंध में बैंक के पैनल अधिवक्ता श्री सोनी ने कहा कि बैंक से लिया गया ऋण समय पर वापस करना प्रत्येक ऋणग्राही का महत्वपूर्ण वित्तीय एवं वैधानिक दायित्व है।
