ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराया, चालक की हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी


शहडोल

जयसिंहनगर थाना क्षेत्र में रेत परिवहन से जुड़े एक ट्रैक्टर हादसे में चालक की मौत हो गई। मृतक के परिजनों और साथियों ने कथित तौर पर एक भाजपा नेता के रिश्तेदार पर गंभीर आरोप लगाया है।

हादसा जयसिंहनगर थाना क्षेत्र के कौआसराई स्थित सोनू ढाबा के पास का बताया जा रहा है। जहां वार्ड नंबर-9 निवासी आकाश बैगा ट्रैक्टर लेकर रेत लेने जा रहे थे, इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे एक पेड़ से टकरा गया। हादसा इतना गंभीर था कि ट्रैक्टर चालक आकाश बैगा की मौत हो गई। मृतक के पिता, रिश्तेदारों और ट्रैक्टर से रेत की लोडिंग अनलोडिंग करने वाले साथियों ने आरोप लगाया है कि एक कथित भाजपा नेता के दामाद द्वारा रेत का अवैध उत्खनन और परिवहन कराया जा रहा था।

आरोपों के मुताबिक, आकाश बैगा रेत लोड कराने और पहुंचाने के लिए जा रहे थे, तभी रास्ते में यह दर्दनाक हादसा हो गया। हालांकि, अवैध उत्खनन और परिवहन में संबंधित लोगों की भूमिका, हादसे के कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। शहडोल में अवैध रेत परिवहन को लेकर लगातार गंभीर सवाल उठ रहे हैं। पहले कार्रवाई करने पहुंचे सरकारी कर्मचारियों की मौत, फिर नायब तहसीलदार की गाड़ी को टक्कर मारने का कथित मामला और अब ट्रैक्टर हादसे में चालक की मौत ने एक बार फिर रेत के कारोबार पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं जयसिंहनगर थाना प्रभारी अजय कुमार बैगा ने बताया कि एक ट्रैक्टर चालक की पेड़ से टकराने से मौत हो गई है, जिस पर मर्ग कायम कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

युवती से दुर्गा पंडाल में की गई मारपीट, धर्म परिवर्तन का लगा आरोप, आरोपी गिरफ्तार


अनूपपुर

जैतहरी थाना अंतगर्त वेंकटनगर चौकी क्षेत्र में दुर्गा पंडाल में पूजा करने गई युवती ने पड़ोस में रहने वाले एक युवक पर मारपीट, गाली-गलौज करने और धर्म परिवर्तन के लिए धमकी देने का आरोप लगाया है। युवती की शिकायत पर पुलिस ने शनिवार को प्रकरण पंजीबद्ध कर मामले की जांच के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुपत किया जहां से जेल भेज दिया गया।

वेंकटनगर निवासी लडक़ी ने शिकायत में बताया कि 15 अक्टूबर की रात वह अपनी बहन के साथ दुर्गा पंडाल में पूजा करने गई थी। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला 27 वर्षीय मजहर खान पुत्र शरीफ खान वहां पहुंचा और कथित तौर पर उसका हाथ पकडक़र खींचने लगा। विरोध करने पर आरोपी ने गाली-गलौज की और धर्म परिवर्तन करने की धमकी दी। शिकायत में युवती ने आरोप लगाया कि युवक ने धमकाते हुए कहा कि यदि उसने उसकी बात नहीं मानी तो उसे वेंकटनगर में नहीं रहने देगा। युवती के अनुसार, आरोपी ने पेट्रोल डालकर जलाने की धमकी भी दी। घटना के बाद वह रोते हुए घर पहुंची और परिजनों को पूरी जानकारी दी।

थाना प्रभारी जैतहरी गोकुलानंद पांडेय ने बताया कि शनिवार को युवती परिजनों के साथ थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। जिस पर आरोपी के विरूध भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 74, 296(बी) और 351(2) तथा मध्यप्रदेश धार्मिक स्वतंत्रता अधिनियम, 2021 की धारा 3 और 5 के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।

श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड में फर्जी हस्ताक्षर कर झूठा गारंटर बनाने का मामला, पीड़ित ने एसपी से लगाई न्याय की गुहार

*एफआईआर दर्ज करने की मांग*


​शहडोल

​शहडोल जिले के ग्राम कंचनपुर वार्ड क्रमांक 19 निवासी रामावतार वर्मन पिता श्री महेश प्रसाद वर्मन ने धोखाधड़ी और फर्जीवाड़ा का शिकार होने का आरोप लगाते हुए पुलिस प्रशासन से न्याय की मांग की है। पीड़ित का आरोप है कि उनके फर्जी व कूटरचित (जाली) हस्ताक्षर तैयार कर उन्हें श्रीराम फाइनेंस लिमिटेड के एक लोन मामले में जबरन गारंटर बना दिया गया है।  

​पीड़ित रामावतार वर्मन के अनुसार, उन्हें इस पूरे मामले की जानकारी तब हुई जब उनके नाम पर फाइनेंस कंपनी की ओर से ₹2,25,995 की ऋण वसूली और आर्बिट्रेशन Case No. 4733 of 2025 / Loan No. SHAHD00907130001) की कार्यवाही का नोटिस प्राप्त हुआ। इसके अलावा नेशनल लोक अदालत 12 सितंबर 2026 का प्री-लिटिगेशन सूचना पत्र भी उनके नाम जारी हुआ। पीड़ित ने स्पष्ट किया है कि वे न तो वाहन मालिक (संतोष सोहनी) को जानते हैं, न ही उन्होंने कभी फाइनेंस कंपनी के किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए हैं और न ही किसी को गारंटर बनने की अनुमति दी है।  

​पीड़ित ने सबसे पहले 5 अक्टूबर 2026 को थाना सोहागपुर में लिखित शिकायत दर्ज कराकर निष्पक्ष जांच और एफआईआर दर्ज करने की मांग की थी। हालांकि, स्थानीय थाना स्तर पर कोई प्रभावी कानूनी कार्यवाही न होने पर, उन्होंने 13 अक्टूबर 2026 को पुलिस अधीक्षक शहडोल के समक्ष आवेदन प्रस्तुत किया।  

​अपनी शिकायत में रामावतार वर्मन ने निम्नलिखित मांगें रखी की कूटरचित और फर्जी हस्ताक्षर करने वाले तथा इस जालसाजी में शामिल अज्ञात व संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सुसंगत धाराओं (जैसे धारा 335, 336, 340, 318, 61 आदि) के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज की जाए।  

​फाइनेंस कंपनी से मूल लोन व गारंटी दस्तावेज जब्त कर उनके वास्तविक हस्ताक्षरों का हस्तलेख  विशेषज्ञ से मिलान व जांच कराई जाए। मामले की निष्पक्ष जांच कर फर्जीवाड़े में शामिल दोषियों पर कड़ी से कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाए। ​पुलिस प्रशासन को दिए आवेदन के बाद अब पीड़ित को निष्पक्ष जांच और न्याय की उम्मीद है।

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