पिता ने पुत्र पर कुल्हाड़ी से किया हमला, घटना स्थल पर युवक की हुई मौत, आरोपी हुआ फरार


शहडोल

ब्यौहारी थाना क्षेत्र के ग्राम कोठिया में पिता-पुत्र के बीच चल रहा विवाद खूनी वारदात में बदल गया। खेत में काम करने के दौरान हुए विवाद में पिता ने अपने 28 वर्षीय बेटे पर कथित तौर पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। गले पर गंभीर वार लगने से युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी पिता मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

मृतक की पहचान सिंह राज सिंह गोंड 28 वर्ष निवासी ग्राम कोठिया के रूप में हुई है। पुलिस को प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मृतक और उसके पिता नंद कुमार के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। पुलिस के अनुसार दोनों के बीच पिछले करीब एक साल से विवाद की स्थिति बनी हुई थी। आए दिन दोनों के बीच कहासुनी और झगड़ा होने की बात सामने आई है।

सिंह राज सिंह घर के पास स्थित खेत में काम कर रहा था।स इसी दौरान किसी बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद शुरू हो गया। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और आरोप है कि नंद कुमार ने कुल्हाड़ी से बेटे के गले पर हमला कर दिया। इसके बाद भी उसने कई वार किए। गंभीर चोट लगने के कारण सिंह राज सिंह ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर ब्यौहारी पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस के पहुंचने से पहले ही आरोपी पिता वहां से फरार हो चुका था। बताया जा रहा है कि वारदात के बाद वह जंगल की ओर भाग गया। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई शुरू की है। 

2.5 करोड़ का पुल शुरू होने से पहले तीन फीट का होल,सर्प काटने से महिला की मौत, 15 सर्पो का रेस्क्यू कर जंगल मे छोड़ा


शहडोल

नेशनल हाईवे-43 पर शहडोल-उमरिया के बीच बाईपास मार्ग पर बना करीब ढाई करोड़ रुपये की लागत का पुल चालू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त हो गया। मुड़ना नदी पर बने इस पुल में करीब तीन फीट लंबा और तीन फीट चौड़ा बड़ा छेद दिखाई दिया। स्थिति इतनी गंभीर है कि पुल की ढलाई का हिस्सा टूटकर नदी में जा गिरा है और ऊपर से नीचे पानी व नदी का हिस्सा साफ दिखाई दे रहा है।

राजा बाग से आगे बाईपास मार्ग पर बने इस पुल के क्षतिग्रस्त हिस्से को देखकर निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक करीब डेढ़ साल पहले भी इसी पुल के दूसरे हिस्से में कुछ दूरी पर इसी तरह का बड़ा छेद हो चुका था। अब दोबारा पुल क्षतिग्रस्त होने से वाहन चालकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है

संबंधित विभाग ने सड़क और पुल को अभी तक आधिकारिक रूप से आवागमन के लिए शुरू नहीं किया है। इसके बावजूद मार्ग पर वाहनों की आवाजाही जारी है और कई भारी वाहन भी पुल से गुजर रहे हैं।  स्थानीय लोगों ने खतरे को देखते हुए वहां संकेतक लगाकर वाहन चालकों को सावधान करने का प्रयास किया। मौके पर विभाग सुरक्षा व्यवस्था या तत्काल मरम्मत की कार्रवाई नजर नहीं आई।एमपीआरडीसी के प्रबंधक अवधेश सोनकर ने बताया कि सड़क और पुल अभी आधिकारिक रूप से शुरू नहीं किए गए हैं।  

*सर्प काटने से महिला की मौत, 15 सर्पो का रेस्क्यू कर जंगल मे छोड़ा*

अनूपपुर जिले के घर के पीछे बॉडी में काम कर रही है 45 वर्षीय महिला की जहरीले सर्प के काटने से जिला चिकित्सालय में उपचार दौरान मौत हो गई, वहीं 24 घंटे के मध्य जिले के सर्पप्रहरियों ने 15 से अधिक सर्पों का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर वन क्षेत्रो में छोड़ा है। विगत 2 माह से अनूपपुर जिले में एंबुलेंस संचालन एवं संधारण की व्यवस्था बेलगाम होने से मरीज परेशान है, जिससे कई मरीजों की मौत हो चुकी है।

पुलिस चौकी फुनगा अंतर्गत छिल्पा गांव के रामरतू बैगा की 45 वर्षीय पत्नी तेरसिया बैगा जो घर के पीछे बॉडी में सफाई का काम कर रही थी, तभी अचानक एक अत्यंत जहरीले सर्प ने दाएं हाथ के अंगूठे में डस लाया, जिसे परिजनों द्वारा कई घंटे एंबुलेंस का इंतजार करने बाद दोपहर मे उपचार हेतु जिला चिकित्सालय लाकर भर्ती कराया जहां उपचार दौरान महिला की देर रात मौत हो गई। घटना की सूचना पर अस्पताल पुलिस के द्वारा कार्यवाही करते हुए शव का पीएम करा कर अंतिम संस्कार हेतु परिजनों को सौपा है। परिजनों ने एंबुलेंस के कई घंटे बाद आने के कारण लेट होने पर सही समय पर उपचार न होने से तेरसिया की मौत होना बताया। अनूपपुर जिले में स्वेक्षिक रूप से कार्य कर रहे सर्पप्रहरियों ने विगत 24 घंटे के मध्य 15 से अधिक जहरीले एवं समान्य सर्पो कों को आम जनों के घर एवं घरों के आसपास में विचरण करने की सूचना पर, सर्पो का सफलतापूर्वक रेस्क्यू कर स्वतंत्र विचरण हेतु वनांचल क्षेत्र में छोड़ने का कार्य किया है। 

मानसिक अस्वस्थ युवक ने डंडे से हमला कर चार की कर दी हत्या, चार घायलो का मेडिकल कॉलेज में चल रहा है इलाज

*मां सहित नाना-नानी व ममेरी बहन की मौत, एसपी सहित पुलिस टीम मौके पर*


अनूपपुर

जिले के छोटी तुम्मी ग्राम पंचायत के अमोदा गांव में दिल दहला देने वाली घटना में नाना-नानी के घर रह रहे 32 वर्षीय युवक प्रेम सिंह गोंड़ निवासी नौरोजाबाद उमरिया ने अचानक अपनी ही 70 वर्षीय नानी भन्त्री बाई गोंड और बीच बचाव करने पहुंचे 75 वर्षीय नाना संपत सिंह गोंड़ पर डंडे से लगातार प्रहार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, वहीं बीच बचाव करने पहुंची 50 वर्षीय मां अनुपिया बाई पर भी हमला कर घायल कर दिया। इस घटना में 4 की मौत हो गई। वहीं इस दौरान युवक ने अपने मामा सहित उनकी 4 अन्य पर भी डंडे से हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया, जिनका वर्तमान में शहडोल में इलाज कराया जा रहा है। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब पहुंच कर मौके पर निरीक्षण कर जायाजा लिया। 

पुलिस अधीक्षक अनूपपुर विक्रांत मुराब ने बताया कि ग्रामीणों के अनुसार युवक प्रेम सिंह गोंड मानसिक विक्षिप्त है, जो अपनी मां के साथ किसी पारिवारिक कारणों में कुछ समय से अपने नाना-नानी के घर अमोदा में रह रहा था। घटना के पहले की रात करीब 1-2 बजे गांव के ही मंदिर पुजारी 62 वर्षीय गंगा सिंह पर अचानक डंडे से हमला किया था जिसमें पुजारी गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने परिजनों के साथ उन्हें उपचार के लिए अस्पताल के लिए भेजा था। इसके बाद ग्रामीणों ने प्रेम सिंह गोंड़ का हाथ पैर बांधकर घर के पास बैठा दिया था। कुछ देर शांत रहने के बाद सुबह करीब 4 से 5 के बीच मां को लगा कि अब वह किसी को नुकसान नहीं पहुंचाएगा उसके हाथ पांव की बंधी रस्सी की खोत दी। लेकिन कुछ समय बाद अचानक ही युवक पास रखे डंडे से अपनी नानी भन्नी बाई पर हमला कर दिया। इसी दौरान बीच बचाव के लिए उसके नाना संपत सिंह दौड़े, लेकिन युवक ने उसे पर भी ताबड़तोड़ डंडे से प्रहार करना शुरू कर दिया। दोनों वहीं जमीन पर गिर गए, घटना को देखकर मां अनुप्रिया बाई भी बीच बचाव के लिए दौड़ी लेकिन युवक ने उसे पर भी हमला कर दिया। यह कम पारिवारिक स्थिति में लगातार चलता रहा। इसके बाद युवक ने अपने मामा व उनकी 3 बेटियों पर भी डंडे से हमला किया जिसमें सभी को चोटे आई। घटना के सूचना पर फॉरेंसिक टीम को भी गांव बुलाया गया जहां साक्ष्य एकत्रित किए जा रहे हैं। घटनास्थल की घेराबंदी कर दिया गया है। शवों का पंचनामा तैयार करते आगे की कार्रवाई की जा रही है। आरोपी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है।

घायल चैन सिंह ने बताया कि पास में घर होने के बावजूद डर की वजह से लोग मदद के लिए आगे नहीं आए। हमले के दौरान बड़ी बेटी किसी तरह वहां से निकलकर जंगल की तरफ भागी। उसने चैन सिंह को पूरी घटना बताई। चैन सिंह घर की तरफ दौड़े। वहां पहुंचते ही प्रेम सिंह ने उन पर भी हमला कर दिया। शोर सुनकर गांव के लोग मौके पर पहुंचे। प्रेम सिंह को पकड़कर दोबारा रस्सी से बांध दिया। तब तक संपत सिंह, भन्नी बाई और अनुप्रिया की मौत हो चुकी थी। सभी घायलों को शहडोल मेडिकल अस्पताल ले जाया गया। यहां मोनिका ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। चैन सिंह के हाथ में फ्रैक्चर और सिर में चोट आई है। बच्ची भारती की हालत गंभीर है। उसे आईसीयू में रखा गया है।

*घटनास्थल पर पहुँची स्वास्थ्य विभाग की टीम*

पुष्पराजगढ़ बीएमओ डॉ. सुरेंद्र सिंह ने बताया- बेनीवारी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की मेडिकल टीम घटनास्थल पर पहुंच गई है। शवों की जांच और फोटोग्राफी की जा रही है। जरूरत पड़ने पर शवों को बेनीबारी में पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि पोस्टमॉर्टम घटनास्थल पर संभव है या शवों को बेनीबारी लाया जाएगा, यह फोरेंसिक टीम के निर्देश और मौके की स्थिति के आधार पर तय होगा।

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