लाइक बटोरने सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री अपलोड करना पड़ा भारी, चार युवक गिरफ्तार


शहडोल

सोशल मीडिया पर अश्लील सामग्री अपलोड करना चार युवकों को भारी पड़ गया। फेसबुक पर अश्लील वीडियो अपलोड करने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।

मामला बुढ़ार थाना क्षेत्र के बिरुहली गांव का बताया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, बिरुहली निवासी सुमित केवट, सत्यम केवट, किशन लेवर और राहुल केवट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर अश्लील वीडियो अपलोड किया था। बताया जा रहा है कि वीडियो कई दिनों तक सोशल मीडिया पर उपलब्ध रहा। इसकी जानकारी जैसे ही बुढ़ार पुलिस को मिली तो सोशल मीडिया पर अपलोड की गई सामग्री को संज्ञान में लिया और मामले की जांच शुरू की।

जांच के दौरान पुलिस ने संबंधित युवकों की पहचान कर उनके खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। इसके बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई करते हुए चारों युवकों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर आपत्तिजनक और अश्लील सामग्री अपलोड करना कानूनी कार्रवाई का कारण बन सकता है। पुलिस की ओर से सोशल मीडिया गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है और आपत्तिजनक सामग्री सामने आने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 

छात्रावास में छात्र के ऊपर गिरा पंखा, घायल को अस्पताल में कराया गया भर्ती, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल


अनूपपुर

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय, अमरकंटक के गुरु गोविंद बालक छात्रावास में एक छात्र के ऊपर सीलिंग फैन गिरने की घटना सामने आई है। हादसे में छात्र के सिर पर चोट लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना के बाद छात्रावास में रह रहे अन्य छात्रों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

जानकारी के अनुसार, छात्रावास में छात्र अपने कमरे में मौजूद था। इसी दौरान सीलिंग फैन गिर गया, जिसकी चपेट में आने से छात्र घायल हो गया। उसके सिर में चोट लगने के बाद तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां उसका उपचार कराया जा रहा है।

घटना के बाद छात्रावास में रहने वाले छात्रों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बनी हुई है। छात्रों का कहना है कि छात्रावास के कमरों में लगे पंखों और अन्य विद्युत उपकरणों की समय-समय पर जांच और रखरखाव किया जाना जरूरी है। यदि समय रहते उपकरणों की स्थिति की जांच की जाती तो इस तरह की घटना को रोका जा सकता था।

इस घटना ने विश्वविद्यालय प्रशासन की व्यवस्थाओं पर भी सवाल खड़े किए हैं। छात्रावास में बड़ी संख्या में विद्यार्थी रहते हैं और उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की है। ऐसे में छात्र के ऊपर सीलिंग फैन गिरने की घटना को गंभीरता से लेते हुए छात्रावास के अन्य कमरों में लगे पंखों की भी जांच कराने की मांग उठ रही है।

घटना के संबंध में विश्वविद्यालय प्रशासन की ओर से अभी तक विस्तृत जानकारी सामने नहीं आई है। वहीं, छात्रों और उनके परिजनों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि छात्रावास में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जिम्मेदार अधिकारी क्या कदम उठाते हैं। घायल छात्र की स्थिति और घटना के कारणों को लेकर विश्वविद्यालय प्रशासन के आधिकारिक बयान का इंतजार है।

लोकतंत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष, पारदर्शी चुनाव व्यवस्था अत्यंत आवश्यक मुख्य चुनाव आयुक्त को तत्काल हटाया जाए- विजेंद्र सोनी


अनूपपुर

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सहित वामपंथी दलों द्वारा मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तत्काल हटाने की मांग की है। एसआईआर (SIR) की प्रक्रिया पर रोक लगाने तथा मतदाता सूची से गलत तरीके से हटाए गए मतदाताओं का मताधिकार बहाल करने की मांग को लेकर देशव्यापी अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मध्यप्रदेश में भी 26 सितम्बर से 2 अक्टूबर, गांधी जयंती तक प्रदेशव्यापी अभियान चलाया जाएगा।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी मध्यप्रदेश राज्य परिषद के सहायक सचिव विजेंद्र सोनी ने कहा कि लोकतंत्र में स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव व्यवस्था अत्यंत आवश्यक है। मतदाता सूची में किसी भी वास्तविक मतदाता का नाम बिना उचित प्रक्रिया के हटाया जाना उसके संवैधानिक मताधिकार को प्रभावित करता है। इसलिए एसआईआर की प्रक्रिया को तत्काल रोका जाना चाहिए और गलत तरीके से हटाए गए सभी मतदाताओं के नाम पुनः मतदाता सूची में शामिल किए जाने चाहिए।

उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता पर किसी भी प्रकार का संदेह लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर विषय है। चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति की वर्तमान व्यवस्था में परिवर्तन कर ऐसी व्यवस्था बनाई जानी चाहिए जिसमें प्रधानमंत्री, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश की तीन सदस्यीय समिति द्वारा चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति हो, ताकि नियुक्ति प्रक्रिया में व्यापक संस्थागत विश्वास कायम हो सके।

विजेंद्र सोनी ने कहा कि वामपंथी दल चुनाव आयोग से मांग करते हैं कि मतदाता सूची को अधिक समावेशी और त्रुटिरहित बनाने पर ध्यान दिया जाए, न कि वास्तविक मतदाताओं को सूची से बाहर करने की प्रक्रिया को प्राथमिकता दी जाए। लोकतंत्र की मजबूती के लिए प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की रक्षा आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि 26 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी और अन्य वामपंथी दलों के कार्यकर्ता प्रदेशभर में विरोध प्रदर्शन, ज्ञापन, सभाओं एवं अन्य लोकतांत्रिक कार्यक्रमों के माध्यम से इन मांगों को जनता के बीच उठाएंगे।

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