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राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष व पूर्व विधायक को भाजपा कार्यकर्ता ने फेसबुक पर की अभद्र टिप्पणी, दी गाली
*भाजपा कार्यकर्ताओं ने सौपा ज्ञापन, लक्ष्मीनारायण पर एफआईआर की मांग*
अनूपपुर
भारतीय जनता पार्टी के अनूपपुर ग्रामीण चचाई मंडल के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं ने मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक रामलाल रौतेल के फेसबुक पोस्ट पर कथित तौर पर अश्लील, अभद्र, गाली-गलौज कुत्ता, कमीना, नीच व सुअर की औलाद साला जैसे अपमानजनक टिप्पणियां किए जाने के मामले में थाना चचाई में सामूहिक ज्ञापन सौंपकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
ज्ञापन में कार्यकर्ताओं ने बताया कि रामलाल रौतेल के फेसबुक अकाउंट पर एक फोटो पोस्ट की गई थी। आरोप है कि इसी सार्वजनिक पोस्ट पर लक्ष्मीनारायण गुप्ता नामक फेसबुक यूजर द्वारा कई आपत्तिजनक एवं कथित रूप से अशोभनीय टिप्पणियां की गईं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि सोशल मीडिया पर इस तरह की भाषा का सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल किसी सामान्य राजनीतिक असहमति या आलोचना की श्रेणी में नहीं आता, बल्कि इससे सार्वजनिक जीवन से जुड़े व्यक्ति की प्रतिष्ठा एवं गरिमा प्रभावित होती है।
रामलाल रौतेल भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं और दो बार विधायक के रूप में क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में वे मध्यप्रदेश राज्य अनुसूचित जनजाति आयोग के अध्यक्ष के पद पर कार्यरत हैं। कार्यकर्ताओं ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में प्रत्येक व्यक्ति को अपनी बात रखने और असहमति व्यक्त करने का अधिकार है, लेकिन असहमति की आड़ में अश्लील एवं गाली-गलौज वाली भाषा का प्रयोग स्वीकार्य नहीं होना चाहिए।
भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच करते हुए उपलब्ध स्क्रीनशॉट एवं अन्य डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित कराने की मांग की है। साथ ही संबंधित फेसबुक यूजर की वास्तविक पहचान और प्रोफाइल का सत्यापन करने तथा फेसबुक पोस्ट, कमेंट, प्रोफाइल लिंक, कमेंट URL, दिनांक एवं समय सहित आवश्यक डिजिटल साक्ष्य संकलित करने की मांग की गई है।
ज्ञापन में मामले की तकनीकी जांच साइबर सेल के माध्यम से कराने और जांच में अपराध प्रमाणित पाए जाने पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 352, 356 सहित अन्य लागू धाराओं के तहत FIR दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन से मामले में निष्पक्ष एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए भविष्य में सोशल मीडिया पर इस प्रकार की कथित अभद्रता की पुनरावृत्ति रोकने की मांग की है।
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पीकप ने बाइक को मारी टक्कर, 2 की हुई मौत, 2 घायलो का अस्पताल में चल रहा है इलाज
अनूपपुर
शनिवार की रात सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हो गए। कोतमा से घर लौट रहे बाइक सवार चार लोगों को भोलगढ़ के पास पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में निखिल केवट (20) और बद्री केवट (35) की मौत हो गई। घायल राज बैगा (20) का जिला अस्पताल में इलाज चल रहा है, जबकि बाइक चला रहे रवि कुशवाहा (36) को परिजन जिला अस्पताल से निजी अस्पताल ले गए हैं।
हादसे में घायल निखिल केवट ने शनिवार की रात मौत हो गई। जबकि बद्री केवट की रविवार सुबह मौत हो गई। घायल राज बैगा का जिला अस्पताल में इलाज जारी है। वहीं, बाइक चालक रवि कुशवाहा को परिजन जिला अस्पताल से निजी अस्पताल ले गए हैं।
घायल राज बैगा ने बताया कि वे बरगवां और झगरहा के रहने वाले हैं। रवि कुशवाहा लकड़ी के ठेकेदार हैं। उनके साथ मजदूरी करने वाले तीन लोग कोतमा के खुंटवा गांव से शनिवार रात करीब 10 बजे घर लौट रहे थे। चारों एक ही बाइक पर सवार थे। भोलगढ़ के पास पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार चारों लोग सड़क पर दूर जा गिरे। बाइक भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद डायल 112 की गाड़ी सभी घायलों को जिला अस्पताल लेकर पहुंची।
अस्पताल से सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दोनों मृतकों के शवों का पंचनामा बनाया और पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए। पुलिस ने मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू कर दी है। पीकप वाहन में लकड़ियां लोड थीं और उसमें 5-6 मजदूर भी लौट रहे थे। इसी दौरान बाइक सवार चार लोग भी वापस आ रहे थे। पुलिस अब हादसे की परिस्थितियों और टक्कर मारने वाले वाहन के बारे में जानकारी जुटा रही है।
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आदिवासी छात्रों का भविष्य लील गई प्राचार्य की तानाशाही, राष्ट्रीय छात्रवृत्ति परीक्षा में एक भी पंजीयन नही, अंतिम तिथि खत्म
अनूपपुर
आदिवासी विकासखंड पुष्पराजगढ़ के आदिवासी अंचल स्थित शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बड़ी तुम्मी में प्राचार्य की तानाशाही ने कक्षा 8वीं के 12 गरीब आदिवासी छात्रों के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है।
राज्य शिक्षा केंद्र की महत्वपूर्ण योजना राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा 2026-27 जो कक्षा 8वीं के छात्रों के लिए आयोजित की जानी थी, उसमें बड़ी तुम्मी विद्यालय में अध्ययनरत 12 छात्रों का पंजीयन होना था, लेकिन पंजीयन न होने के कारण इन सभी छात्रों के भविष्य में अंधकार के बादल छा गए हैं। यह योजना चयनित गरीब छात्रों को कक्षा 9वीं से 12वीं तक प्रतिवर्ष 12 हजार रुपये वार्षिक छात्रवृत्ति देती है।
विकासखंड स्रोत समन्वयक हर प्रसाद तिवारी द्वारा 22 अगस्त 2026 को जारी प्रगति प्रतिवेदन के अनुसार पडमनिया संकुल के 10 विद्यालयों ने जहाँ शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा कर लिया है, वहीं बड़ी तुम्मी में 12 छात्रों के लक्ष्य के विरुद्ध एक भी पंजीयन नहीं हुआ और अब अंतिम तिथि समाप्त होने से पंजीयन की कोई संभावना नहीं बची है।
राष्ट्रीय छात्रवृत्ति प्रतियोगिता परीक्षा में छात्रों के पंजीयन की जिम्मेदारी संबंधित प्राचार्य के पासवर्ड लॉगिन से होनी थी, किन्तु आदिवासी छात्रों को सबक सिखाने के लिए बैठे प्राचार्य ने छात्रों का पंजीयन न कर राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति परीक्षा में सिर्फ उन्हें बाहर का रास्ता नहीं दिखाया अपितु इन छात्रों के सुनहरे भविष्य में कील ठोंक कर उन्हें गरीबी और कंगाली की ओर ढकेल दिया है।
ग्रामीणों का कहना है कि गत वर्ष भी प्राचार्य ने एक भी पंजीयन नहीं कराया था जिसकी शिकायत आयुक्त शहडोल संभाग और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में हुई थी लेकिन शिक्षा विभाग ने कोई कार्यवाही नहीं की। कार्यवाही न होने से प्राचार्य के हौसले बुलंद हैं और इस वर्ष भी वही लापरवाही दोहराई गई। पालकों का साफ कहना है कि इस घोर लापरवाही के लिए प्राचार्य पर कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए।
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बाघ के हमले से ग्रामीण हुआ घायल, 15 घंटे बाद हुई पुष्टि, ग्रामीणों में नाराजगी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
उमरिया
मानपुर परिक्षेत्र के सेमरा-सेमरी (कठुलिया हार) इलाके में एक बाघ ने हमला कर 50 वर्षीय ग्रामीण को घायल कर दिया। पीड़ित शंकर पटेल (निवासी सेमरी) को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मानपुर ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। घटना के बाद पुलिस बल और अतिरिक्त वन अमला मौके पर तैनात किया गया है, तथा रेस्क्यू टीम बाघ को पकड़ने की कार्रवाई में जुट गई है।
शनिवार रात करीब 9 बजे ही वन विभाग को कठुलिया हार क्षेत्र में बाघ की आवाजाही की सूचना मिल गई थी। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने पंजों के निशान (पगमार्क) के आधार पर बाघ की उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि भी की थी। इसके बावजूद रविवार सुबह तक संवेदनशील क्षेत्र की घेराबंदी नहीं की गई।
सुरक्षात्मक उपाय न होने के कारण रविवार सुबह से ही बाघ को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा लगता रहा। दोपहर करीब 12:10 बजे अचानक बाघ ने सेमरी निवासी शंकर पटेल पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों द्वारा शोर मचाने पर बाघ पीछे हटकर समीप स्थित नाले की ओर चला गया।
घटना के समय मौके पर केवल पांच मैदानी वनकर्मी मौजूद थे, जबकि वन परिक्षेत्र मानपुर के कोई वरिष्ठ जिम्मेदार अधिकारी वहां उपस्थित नहीं थे। शनिवार रात बाघ की पुष्टि होने के बावजूद 15 घंटे का समय बीत जाने तक सुरक्षा घेरा न बनाए जाने और भीड़ को नियंत्रित न किए जाने को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते घेराबंदी कर भीड़ को रोक दिया जाता, तो यह हादसा टल सकता था।
घटना के बाद पुलिस और वन विभाग का अतिरिक्त अमला मौके पर पहुंचा और लोगों को घटनास्थल से दूर किया गया। वर्तमान में रेस्क्यू टीम मौके पर मौजूद है और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।
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रेत माफियाओं पर कार्यवाही के लिए राजस्व टीम को रात भर गड्ढे में छिपकर की निगरानी, 1 वाहन जब्त
शहडोल
जयसिंहनगर में रेत माफिया पर शिकंजा कसने निकली राजस्व टीम को रातभर गड्ढों के पीछे छिपकर निगरानी करनी पड़ी, ताकि कार्रवाई की भनक कारोबारियों तक न पहुंचे। टीम ने सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि मालवाहक वाहन में छिपकर रेत से लदे वाहनों का इंतजार किया। सुबह करीब 4 बजे ट्रक आते ही कार्रवाई शुरू हुई। टीम को देखकर एक चालक रेत डंप कर ट्रक लेकर भाग निकला, जबकि दूसरा ट्रक पकड़ लिया गया। कार्रवाई में एक अन्य रेत से भरा वाहन भी जब्त किया गया।
जिले के जयसिंहनगर में रेत माफिया पर शिकंजा कसने निकली राजस्व टीम को रातभर गड्ढों के पीछे छिपकर निगरानी करनी पड़ी, तहसीलदार के नेतृत्व में नायब तहसीलदार शनि द्विवेदी और राजस्व टीम निगरानी में जुटी रही, टीम ने सरकारी वाहन का इस्तेमाल नहीं किया, बल्कि मालवाहक वाहन में छिपकर रेत से लदे वाहनों का इंतजार किया, सुबह करीब 4 बजे ट्रक आते ही कार्रवाई शुरू हुई।
टीम को देखकर एक चालक रेत डंप कर ट्रक लेकर भाग निकला, जबकि दूसरा ट्रक पकड़ लिया गया। कार्रवाई में एक अन्य रेत से भरा वाहन भी जब्त किया गया। अब बड़ा सवाल है कि सरकारी वाहन देखते ही रेत परिवहन करने वालों को कार्रवाई की खबर कैसे मिल जाती है। क्या अवैध कारोबारियों का सूचना तंत्र इतना मजबूत है कि प्रशासन से पहले उन्हें कार्रवाई की भनक लग जाती है।
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समाजहित और जनहित के उत्कृष्ट कार्यों के लिए हिमांशु तिवारी सम्मानित
उमरिया
समाजहित एवं जनहित के क्षेत्र में निरंतर सक्रिय रहकर उत्कृष्ट कार्य करने वाले युवा समाजसेवी हिमांशु तिवारी को सरस्वती विद्यालय, प्रकाश नगर, बिरसिंहपुर पाली द्वारा शाल, श्रीफल एवं मां बिरासिनी देवी की चित्र-पटल भेंट कर सम्मानित किया गया। विद्यालय परिवार ने उनके सामाजिक सरोकारों, जनजागरूकता अभियानों एवं समाजसेवा के प्रति समर्पण की सराहना करते हुए यह सम्मान प्रदान किया।
सम्मान समारोह के दौरान विद्यालय अध्यक्ष जे.पी. गोस्वामी, व्यवस्थापक सी.पी. विश्वकर्मा एवं प्राचार्य राकेश तिवारी ने हिमांशु तिवारी के सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए उन्हें शुभकामनाएं दीं।
सम्मान प्राप्त करने के बाद हिमांशु तिवारी ने कहा कि सरस्वती विद्यालय, प्रकाश नगर द्वारा प्रदान किया गया यह सम्मान उनके लिए केवल सम्मान नहीं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी को और अधिक मजबूती एवं समर्पण के साथ निभाने की प्रेरणा है। उन्होंने विद्यालय अध्यक्ष, व्यवस्थापक, प्राचार्य एवं समस्त विद्यालय परिवार का हृदय से आभार व्यक्त किया।उन्होंने कहा कि जनहित, समाजहित एवं राष्ट्रहित से जुड़े सेवा कार्यों को आगे भी निरंतर जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा, “समाजसेवा किसी एक व्यक्ति का कार्य नहीं, बल्कि हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक युवाओं को जनसेवा एवं सामाजिक कार्यों से जोड़ा जाए, ताकि मिलकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सके।
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जिला चिकित्सालय का कलेक्टर ने किया निरीक्षण, दवा वितरण का लिया जायजा
अनूपपुर
कलेक्टर रत्नाकर झा ने जिला चिकित्सालय का निरीक्षण कर मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने चिकित्सालय के विभिन्न विभागों का निरीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री झा ने नेत्र कक्ष, पोषण पुनर्वास केंद्र, ब्लड बैंक, सीटी स्कैन कक्ष सहित विभिन्न विभागों की व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। उन्होंने मरीजों को मिलने वाली सुविधाओं एवं उपलब्ध संसाधनों की जानकारी प्राप्त की।
कलेक्टर ने दवा वितरण केंद्र का भी निरीक्षण कर वहां उपलब्ध दवाइयों की जानकारी ली। उन्होंने आवश्यक दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही एक्सपायरी दवाइयों के उचित प्रबंधन एवं निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उनके डिस्पोजल के संबंध में जानकारी प्राप्त करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर ने अधिकारियों से कहा कि मरीजों को बेहतर, सुलभ एवं समयबद्ध स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित किया जाए तथा चिकित्सालय की व्यवस्थाओं की नियमित मॉनिटरिंग की जाए।
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नेशनल लोक अदालत का सफल आयोजन कुल 2904 प्रकरणों का हुआ निराकरण
शहडोल
राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली एवं म.प्र. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के निर्देशानुसार प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल काशीनाथ सिंह के कुशल मार्गदर्शन एवं अध्यक्षता तथा नोडल अधिकारी विशेष न्यायाधीश (एसटी/एससी एक्ट) दीपाली शर्मा की उपस्थिति में दिनांक 12 सितंबर 2026 को वर्ष की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन जिला न्यायालय शहडोल एवं सिविल न्यायालय ब्यौहारी, बुढ़ार तथा जयसिंहनगर में किया गया। जिला शहडोल में नेशनल लोक अदालत में प्रकरणों के निराकरण हेतु जिला न्यायालय शहडोल एवं सिविल न्यायालय ब्योहारी बुढ़ार तथा जयसिंहनगर में कुल 22 न्यायिक खण्डपीठों का गठन किया गया जिसमें, जिला न्यायालय शहडोल में 11 खंडपीठ, तहसील न्यायालय ब्यौहारी में 4 खंडपीठ, तहसील न्यायालय बुढ़ार में 4 खंडपीठ एवं तहसील न्यायालय जयसिंहनगर में 3 खंडपीठ गठित किए गए है।
नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण शहडोल काशीनाथ सिंह द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यालय में मां सरस्वती के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्जवलन कर किया गया। उपरांत उनके द्वारा नेशनल लोक अदालत से होने वाले लाभ के संबंध में विस्तार से जानकारी देते हुए व्यक्त किया गया कि लोक अदालत में राजीनामा के माध्यम से प्रकरण समाप्त कराये जाने पर दोनों पक्षों की जीत होती है एवं उनका मुकदमा पूर्ण रूप से समाप्त हो जाता है जिसकी अपील भी नहीं होती। इसके अलावा पक्षकारों द्वारा वाद शुल्क की वापसी हो जाती है। पारिवारिक मामलों में सुलह होने से कई परिवार टूटने से बच जाते हैं साथ ही उन्हांेने समस्त अधिवक्ता एवं उपस्थित जनों से आव्हान किया। इस लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का राजीनामा के माध्यम से निराकरण कराकर उक्त कार्यक्रम को सफल बनावें।
इस नेशनल लोक अदालत में कुल 752 लंबित प्रकरण एवं 2152 प्री-लिटिगेशन प्रकरण इस प्रकार कुल 2904 प्रकरणों का निराकरण हुआ जिसमें कुल 8,66,30,442/- राशि का अवार्ड पारित हुआ जिसमें से मोटर दुर्घटना दावा प्रकरणों के कुल 142 प्रकरण चेक अनादरण के 85 आपराधिक राजीनामा योग्य 268 वैवाहिक विवाद के 46 विद्युत विभाग के 106 लंबित एवं अन्य 2152 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों का निराकरण किया गया।