बाघ के हमले से ग्रामीण हुआ घायल, 15 घंटे बाद हुई पुष्टि, ग्रामीणों में नाराजगी, सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
उमरिया
मानपुर परिक्षेत्र के सेमरा-सेमरी (कठुलिया हार) इलाके में एक बाघ ने हमला कर 50 वर्षीय ग्रामीण को घायल कर दिया। पीड़ित शंकर पटेल (निवासी सेमरी) को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) मानपुर ले जाया गया, जहां उनकी स्थिति खतरे से बाहर बताई गई है। घटना के बाद पुलिस बल और अतिरिक्त वन अमला मौके पर तैनात किया गया है, तथा रेस्क्यू टीम बाघ को पकड़ने की कार्रवाई में जुट गई है।
शनिवार रात करीब 9 बजे ही वन विभाग को कठुलिया हार क्षेत्र में बाघ की आवाजाही की सूचना मिल गई थी। मौके पर पहुंचे वनकर्मियों ने पंजों के निशान (पगमार्क) के आधार पर बाघ की उपस्थिति की आधिकारिक पुष्टि भी की थी। इसके बावजूद रविवार सुबह तक संवेदनशील क्षेत्र की घेराबंदी नहीं की गई।
सुरक्षात्मक उपाय न होने के कारण रविवार सुबह से ही बाघ को देखने के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीणों का जमावड़ा लगता रहा। दोपहर करीब 12:10 बजे अचानक बाघ ने सेमरी निवासी शंकर पटेल पर हमला कर दिया। आसपास मौजूद लोगों द्वारा शोर मचाने पर बाघ पीछे हटकर समीप स्थित नाले की ओर चला गया।
घटना के समय मौके पर केवल पांच मैदानी वनकर्मी मौजूद थे, जबकि वन परिक्षेत्र मानपुर के कोई वरिष्ठ जिम्मेदार अधिकारी वहां उपस्थित नहीं थे। शनिवार रात बाघ की पुष्टि होने के बावजूद 15 घंटे का समय बीत जाने तक सुरक्षा घेरा न बनाए जाने और भीड़ को नियंत्रित न किए जाने को लेकर वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि समय रहते घेराबंदी कर भीड़ को रोक दिया जाता, तो यह हादसा टल सकता था।
घटना के बाद पुलिस और वन विभाग का अतिरिक्त अमला मौके पर पहुंचा और लोगों को घटनास्थल से दूर किया गया। वर्तमान में रेस्क्यू टीम मौके पर मौजूद है और बाघ की गतिविधियों पर नजर रखते हुए उसे नियंत्रित करने के प्रयास जारी हैं।
