महिला के साथ घर मे घुसकर छेड़छाड़ व मारपीट, थाना में नही हुआ मामला दर्ज एसपी से हुई शिकायत

शहडोल

थाने की चौखट से निराश होकर लौटी एक मजबूर पीड़िता को न्याय की आस में 120 किलोमीटर का लंबा सफर तय कर एसपी कार्यालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। पीड़िता का आरोप है कि घर में घुसकर पड़ोसियों द्वारा मारपीट और अश्लील हरकत करने के बावजूद देवलोंद थाना पुलिस ने गंभीर मामला दर्ज करने की जगह महज नॉन-कॉग्निजेबल रिपोर्ट (NCR) काटकर उसे चलता कर दिया। जिसके बाद पीड़िता जिला मुख्यालय पहुंची और एसपी से न्याय की गुहार लगाते हुए आरोपी पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। आरोपी के खिलाफ संगीन धाराओं में एफआईआर दर्ज करने और परिवार को सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई है। 

ग्राम पचाई के भुइया बाबा टोला निवासी संगीता नामदेव ने शिकायती आवेदन में आरोप लगाया की जब वो रात वह घर में अकेली थी, उसका पति बाहर मजदूरी करने गया हुआ था, इसी दौरान पड़ोस में रहने वाला भूरा पाल, पिता संभोलूलाल पाल, कथित तौर पर उसके घर में घुस आया।

महिला का आरोप है कि आरोपी ने उसके साथ अभद्रता और अश्लील हरकतें करते हुए उसकी लज्जा भंग करने तथा कपड़े फाड़ने का प्रयास किया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई। महिला की 58 वर्षीय सास सोमवती नामदेव जब बीच-बचाव करने पहुंचीं तो आरोपी ने उन्हें भी धक्का देकर जमीन पर पटक दिया। माथे में चोट लगने के बाद अस्पताल में टांके लगाए गए।

पीड़िता का आरोप है की घटना के बाद देवलोंद थाने शिकायत लेकर पहुंची, लेकिन पुलिस ने गंभीर आरोपों के बावजूद मामला दर्ज करने के बजाय इसे असंज्ञेय बताते हुए NCR दर्ज कर उसे टाल दिया। महिला का कहना है कि कार्रवाई नहीं होने से आरोपी के हौसले बढ़ गए हैं और वह परिवार को धमकियां दे रहा है।


जादू-टोना के शक में जेठानी ने देवरानी का चुनरी से गला घोटकर की हत्या, महिला गिरफ्तार

शहडोल

सीधी थाना क्षेत्र में जादू-टोना करने के संदेह में एक महिला ने अपनी ही देवरानी की कथित तौर पर चुनरी से गला घोंटकर हत्या कर दी। मामला छत्ता गांव का है। जहां रहने वाली सुखरानिया सिंह गोंड उम्र 60 अपने मवेशियों को चारा दे रही थीं। इसी दौरान घात लगाए बैठी उनकी रिश्ते की जेठानी मुन्नी बाई ने कथित तौर पर सुखरानिया की चुनरी से उसका गला घोंट दिया। सुखरानिया ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। घटना की वजह जानकर हर कोई हैरान है। बताया जा रहा है कि आरोपी महिला मुन्नी बाई की बेटी अक्सर बीमार रहती है और उसका इलाज चल रहा है।

मुन्नी बाई को कथित तौर पर संदेह था कि उसके घर के पास रहने वाली सुखरानिया जादू-टोना करती है और इसी वजह से उसकी बेटी बीमार रहती है। इसी अंधविश्वास और संदेह के चलते उसने हत्या की वारदात को अंजाम दे दिया। घटना की सूचना मिलते ही सीधी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने आरोपी मुन्नी बाई को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस हत्या के पीछे के पूरे घटनाक्रम और अन्य कारणों की जांच कर रही है।

जादू-टोने के संदेह में हत्या का शहडोल में यह पहला मामला नहीं है। जिले में अंधविश्वास के चलते पहले भी विवाद और हिंसा की घटनाएं सामने आती रही हैं। शहडोल एसपी ने बताया की जादू टोना के संदेह में एक महिला ने अपने रिश्ते की एक महिला की गला घोटकर हत्या का मामला आया था, जिस पर मामला दर्ज कर आरोपी को हिरासत में लिया गया है। फिलहाल पूछताछ कर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

सर्व शिक्षा अभियान व शिक्षा विभाग द्वारा नवनिर्मित भवनों की खुली  पोल, बारिश में बच्चों का बैठना हुआ मुश्किल

शहडोल

जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी की सरकार नैनिहाल बच्चों के लिए उनकी शिक्षा दिक्षा व स्वास्थ्य के प्रति सजगता से कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग में ही कार्यरत जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी बच्चों के जीवन के साथ खेलने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यह हम नहीं कह रहे हैं। जिले के अंतर्गत सर्व शिक्षा अभियान से निर्मित भवनो का हाल बता रहा है, जहां बारिश के चलते कहीं छत टपक रही है तो कहीं से छत गिर रही है, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है। स्थानीय कर्मचारी ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सीएम हेल्पलाइन कटाने के लिए अधिकारी जोर शोर में लगे हुए है जो बहुत ही निराशाजनक है, जब इस विषय में कलेक्टर कार्यालय के सर्व शिक्षा अभियान  निर्माण समिति के सदस्य व पूर्व मंडल अध्यक्ष रामनारायण मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने सभी नवनिर्मित भवनो की तकनीकी गुणवत्ता की सघन जांच की आवश्यकता बताई।

श्री मिश्रा ने बताया कि उसके स्थानीय ग्राम के सभी विद्यालय वा आंगनबाड़ी केंद्रों में जल भराव बना हुआ है, जिससे नैनीहाल बच्चो के जीवन में संकट बना है। उन्होंने प्रशासनिक अमले से जांच कराकर दोषी जनों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही मांग की है। उनका कहना है की स्थानीय कर्मचारी हॉस्टलों मे अन्य सामग्री, मध्यान भोजन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बच्चों के हक का निवाला तो खा ही रहे हैं, साथ में उनके भवनो को गुणवत्ता विहीन बनाकर उनके जीवन से भी खेलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा स्थानीय कर्मचारी वा ठेकेदारो के द्वारा बनाए गए भवन 5 साल  अवधि के जिनकी तकनीकी गुणवत्ता  की जांच हो व दोषी जनों पर कार्यवाही की जाए।

इनका कहना है जिले के अंतर्गत अधिकारी डीपीसी, बीआरसी, बीएसी सभी हॉस्टल कार्यों में व्यस्त हैं, जिन्हें बच्चों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं जो बहुत ही निराशाजनक है, सीएम हेल्पलाइन कटाना समस्या का निदान नहीं।

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