सर्व शिक्षा अभियान व शिक्षा विभाग द्वारा नवनिर्मित भवनों की खुली पोल, बारिश में बच्चों का बैठना हुआ मुश्किल
शहडोल
जहां एक ओर भारतीय जनता पार्टी की सरकार नैनिहाल बच्चों के लिए उनकी शिक्षा दिक्षा व स्वास्थ्य के प्रति सजगता से कार्य कर रही है, वहीं दूसरी ओर शिक्षा विभाग में ही कार्यरत जिम्मेदार अधिकारी कर्मचारी बच्चों के जीवन के साथ खेलने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ रहे हैं। यह हम नहीं कह रहे हैं। जिले के अंतर्गत सर्व शिक्षा अभियान से निर्मित भवनो का हाल बता रहा है, जहां बारिश के चलते कहीं छत टपक रही है तो कहीं से छत गिर रही है, जिससे किसी भी समय अप्रिय घटना हो सकती है। स्थानीय कर्मचारी ग्रामीणों द्वारा लगाए गए सीएम हेल्पलाइन कटाने के लिए अधिकारी जोर शोर में लगे हुए है जो बहुत ही निराशाजनक है, जब इस विषय में कलेक्टर कार्यालय के सर्व शिक्षा अभियान निर्माण समिति के सदस्य व पूर्व मंडल अध्यक्ष रामनारायण मिश्रा से बात की गई तो उन्होंने सभी नवनिर्मित भवनो की तकनीकी गुणवत्ता की सघन जांच की आवश्यकता बताई।
श्री मिश्रा ने बताया कि उसके स्थानीय ग्राम के सभी विद्यालय वा आंगनबाड़ी केंद्रों में जल भराव बना हुआ है, जिससे नैनीहाल बच्चो के जीवन में संकट बना है। उन्होंने प्रशासनिक अमले से जांच कराकर दोषी जनों के विरुद्ध कड़ी कार्यवाही मांग की है। उनका कहना है की स्थानीय कर्मचारी हॉस्टलों मे अन्य सामग्री, मध्यान भोजन जैसे महत्वपूर्ण विषय पर बच्चों के हक का निवाला तो खा ही रहे हैं, साथ में उनके भवनो को गुणवत्ता विहीन बनाकर उनके जीवन से भी खेलने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा स्थानीय कर्मचारी वा ठेकेदारो के द्वारा बनाए गए भवन 5 साल अवधि के जिनकी तकनीकी गुणवत्ता की जांच हो व दोषी जनों पर कार्यवाही की जाए।
इनका कहना है जिले के अंतर्गत अधिकारी डीपीसी, बीआरसी, बीएसी सभी हॉस्टल कार्यों में व्यस्त हैं, जिन्हें बच्चों की सुरक्षा की कोई चिंता नहीं जो बहुत ही निराशाजनक है, सीएम हेल्पलाइन कटाना समस्या का निदान नहीं।