बाइक सवार सड़क पर गिरे, अज्ञात वाहन की चपेट में आई युवती की हुई मौत, युवक घायल, पुलिस जांच में जुटी


अनूपपुर

जैतहरी थाना से 7 किलोमीटर दूर धनगवां गांव के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जहां बाइक से नीचे गिरी 25 वर्षीय युवती का सिर किसी अज्ञात वाहन के नीचे आ जाने से कुचल गया। युवती की मौके पर मौत हो गई। वहीं युवक भी गिरकर घायल हो गया। घटना की सूचना स्थानीय ग्रामीणों ने पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को अभिरक्षा में लेते हुए घायल युवक को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी में भर्ती कराया, जहां कुछ समय बाद पुलिस युवक को पूछताछ के लिए थाना परिसर ले आई। हालांकि युवक पुलिस को अभी भ्रामक जानकारी दे रहा है, जिससे पुलिस असंतुष्ट होकर फिलहाल पुलिस हवालात में बंद कर दी है। पुलिस ने बताया कि मृत युवती की पहचान लगभग 25 वर्षीय रोशनी धुर्वे पिता गोपाल दास धुर्वे निवासी लपटा थाना जैतहरी अनूपपुर के रूप में की गई है। युवक अपना नाम अमित कुमार चौधरी पिता रामू चौधरी 29 वर्ष, निवासी चर्चेडी धरहर बिलासपुर छत्तीसगढ़ बताया है। प्रारंभिक पूछताछ में युवक धूमने आने की बात कह रहा है। वहीं युवक घटना कैसे हुई पर सही जानकारी नहीं दे रहा है, कभी वह लड़की द्वारा बाइक चलाने की बात कह रहा है तो कभी कैसे गिरा उसकी जानकारी उसे नहीं है वह बता रहा है। वहीं घटना स्थल पर स्थानीय लोगों का कहना है कि बाइक तेज रफ्तार में आ रही थी, जहां दोनों किस कारण से कैसे गिरे कोई देख नहीं पाया। संभवतः बाइक से गिरने के बाद युवक दूर फिसलता जा गिरा वहीं युवती बीच सड़क पर ही गिर गई, जहां गिरने के दौरान पीछे या सामने से आ रही कोई भारी वाहन युवती के सिर को कुचलता चला गया। फिलहाल पुलिस शव को सुरक्षित स्वास्थ्य केंद्र के मर्चुरी में रखवाते हुए मृतिका के परिजनों को सूचना दे दी है। पुलिस का कहना है कि युवक घटना के बाद बदहवास है, इसलिए कल पूछताछ की जाएगी, तब तक मृतका के परिजन भी आ जाएंगे, जिससे तथ्यों की सही जानकारी सामने आ सकेगी।

सरकार की ई-गवर्नेंस नीतियों एवं ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों की समस्याओं पर एआईएमटीसी ने बुलाई हाई लेवल मीटिंग

*जन विश्वास 2.0 विधेयक में सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय के योगदान के तहत 36 प्रावधानों को अपराधमुक्त करने का प्रस्ताव*

*प्रवर्तन को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी व निष्पक्ष बनाने पर जोर, ई-चालान के भुगतान 45-30-15 दिन की व्यवस्था प्रस्तावित*


 *न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना की रिपोर्ट*

दिल्ली

ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआईएमटीसी) ने “ई-गवर्नेंस, कनेक्टेड व्हीकल्स और सड़क सुरक्षा तथा परिवहन क्षेत्र पर इनके प्रभाव” विषय पर एक महत्वपूर्ण उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की। डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, एआईएमटीसी के सशक्त नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में वरिष्ठ नीति निर्माता, सरकारी अधिकारी, प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधि, तकनीकी विशेषज्ञ, वाहन निर्माता कंपनियां और सड़क परिवहन उद्योग के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में तेजी से बदलते तकनीक आधारित परिवहन क्षेत्र और उससे जुड़ी चुनौतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक में महमूद अहमद, अपर सचिव (परिवहन), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय; डॉ. नितिन आर. गोकर्ण, आई.ए.एस., चेयरमैन, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड; सत्येंद्र गर्ग, आई.पी.एस., निदेशक, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड; हसीब-उर-रहमान, आई.पी.एस., डी.आई.जी. (ट्रैफिक), जम्मू-कश्मीर; अखिलेश श्रीवास्तव, अध्यक्ष, आई.टी.एस. इंडिया फोरम; अभिजीत सिन्हा, निदेशक, ईज ऑफ डूइंग बिजनस; रामा शंकर पांडेय, चेयरपर्सन, भारत एसोसिएशन ऑफ रोड सैफ्टी वॉलिंटियर्स; राणा प्रताप, विभाग प्रमुख (परिवहन), एन.आई.सी.; विकास नरवाल, जनरल मैनेजर, एच.आर.टी.सी.; डॉ. जी.आर. शनमुगप्पा, चेयरमैन–एआईएमटीसी; एच.एस. बख्शी, अध्यक्ष–दिल्ली कॉन्ट्रैक्ट बस एसोसिएशन (डी.सी.बी.ए.); सतीश शेरावत, अध्यक्ष–इंडियन ट्रक एंड ट्रांसपोर्टर एसोसिएशन (आई.टी.टी.ए.); टाटा मोटर्स, अशोक लेलैंड, नेट्राडाइन, व्हील्सआई तथा अन्य तकनीकी और ऑटोमोबाइल कंपनियों के वरिष्ठ प्रतिनिधि तथा एआईएमटीसी, डी.सी.बी.ए., आई.टी.टी.ए. और अन्य संबंधित संगठनों के वरिष्ठ प्रतिनिधि शामिल रहे। एआईएमटीसी सभी गणमान्य अतिथियों और प्रतिनिधियों का आभार व्यक्त करता है, जिन्होंने अपना बहुमूल्य समय देकर बैठक को सफल बनाया और विकसित भारत के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में योगदान दिया।

डॉ. हरीश सभरवाल ने जमीनी समस्याओं को उठाते हुए कहा कि इस बैठक का मुख्य उद्देश्य नीति निर्माताओं, प्रवर्तन एजेंसियों और परिवहन उद्योग के बीच की दूरी को कम करना है। उन्होंने कहा, “तकनीक को ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, सड़क सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने का माध्यम बनना चाहिए, न कि ईमानदार परिवहन संचालकों पर अतिरिक्त बोझ। परिवहन उद्योग केवल डिजिटल प्रवर्तन का विषय नहीं है, बल्कि नए परिवहन तंत्र के निर्माण में उसका भागीदार होना चाहिए।” एआईएमटीसी के सलाहकार एवं दिल्ली सरकार के पूर्व उप परिवहन आयुक्त अनिल छिकारा द्वारा एक विस्तृत प्रस्तुति के माध्यम से परिवहन क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं को रखा गया। प्रमुख समस्याओं में ई-चालान प्रणाली का दुरुपयोग शामिल है, जिससे परिवहन व्यवसाय पर अनुपालन का बोझ और लॉजिस्टिक्स लागत बढ़ रही है तथा शिकायत निवारण प्रणाली प्रभावी नहीं है। ई-गवर्नेंस से जुड़ी समस्याओं, जैसे ई-ग्रास पोर्टल की खराबी, ऑनलाइन लेनदेन असफल होना, पुलिस सत्यापन की जटिल प्रक्रिया, पलूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट के लिए मालिक का ओ.टी.पी. आवश्यक होना, परमिट डाउनलोड करने में कठिनाई तथा बड़ी फ्लीट कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट इंटरफेस का अभाव भी उठाया गया। माल वाहनों में वी.एल.टी.डी. से जुड़ी समस्याओं, जैसे अधिक लागत, सीमित वेंडर, पहले से लगे जी.पी.एस. के बावजूद अलग उपकरण की आवश्यकता, कई एजेंसियों द्वारा अलग-अलग वी.एल.टी.डी. की मांग, वायरिंग और वारंटी संबंधी समस्याएं तथा परमिट एवं फिटनेस नवीनीकरण में देरी पर भी चर्चा हुई। कनेक्टेड व्हीकल्स और तकनीक आधारित प्रवर्तन से संबंधित मुद्दों में वाहन मालिकों के डेटा अधिकार, गोपनीयता, साइबर सुरक्षा, वाहन की तकनीकी जानकारी तक पहुंच, स्वतंत्र मरम्मत की सुविधा तथा ओ.ई.एम. द्वारा अनधिकृत रिमोट कंट्रोल या एकतरफा प्रतिबंध से सुरक्षा जैसे विषय शामिल रहे। कनेक्टेड वाहनों के लिए एक मानक प्रोटोकॉल बनाने की मांग की गई। 

सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए माल भेजने वाले और प्राप्त करने वाले को ओवरलोडिंग के लिए जवाबदेह बनाने, बसों में व्यावसायिक सामान ले जाने पर रोक, ट्रक पार्किंग एवं ड्राइवरों के लिए आराम की सुविधाएं बढ़ाने, ओवरस्पीडिंग पर नियंत्रण, स्कूल बच्चों को ले जाने के लिए निजी वाहनों के अवैध उपयोग को रोकने, स्लीपर बसों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा पेशेवर ड्राइवरों को सम्मान और सामाजिक पहचान देने पर जोर दिया गया। महमूद अहमद, अपर सचिव (परिवहन), सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, ने कहा कि मंत्रालय ई-चालान प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए सुधार कर रहा है और हितधारकों के सुझावों के आधार पर कमियों को दूर करने के लिए तैयार है। उन्होंने मंत्रालय द्वारा किए जा रहे कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों और सुधारों की जानकारी दी। माल वाहनों की नई श्रेणियों का प्रस्ताव रखा गया है, जिसमें एल.जी.वी. 12 टन तक, एम.जी.वी. 12 से 18 टन और एच.जी.वी. 18 टन से अधिक होंगे। 12 टन तक के हल्के माल वाहनों को परमिट से छूट देने और मध्यम माल वाहन की श्रेणी 12 से 18 टन करने का प्रस्ताव है। मध्यम और भारी माल वाहनों के लिए ऐसी ऑनलाइन और स्वचालित व्यवस्था विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे आर.टी.ओ. कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से जाने की आवश्यकता कम हो। टूरिस्ट बस ऑपरेटरों के लिए ऑथराइजेशन परमिट की न्यूनतम वैधता पांच वर्ष करने का प्रस्ताव है, जिसे 10 वर्ष तक बढ़ाया जा सके, ताकि हर वर्ष की औपचारिकताओं और भारी अग्रिम वित्तीय बोझ को कम किया जा सके। वाहन का स्वामित्व हस्तांतरण और एन.ओ.सी. जैसी सेवाओं को ऑनलाइन किया जा रहा है। 

जन विश्वास 2.0 विधेयक में सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय के योगदान के तहत 36 प्रावधानों को अपराधमुक्त करने का प्रस्ताव है, ताकि ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिले। किसी वाहन को दूसरे राज्य में बिना पंजीकरण बदले चलाने की अवधि 12 महीने से बढ़ाकर पांच वर्ष करने का प्रस्ताव है। सी.एम.वी.आर. रूल 167 ए में संशोधन कर राज्यों को इलेक्ट्रॉनिक प्रवर्तन की सुविधा दी गई है। ई-चालान के लिए एस.ओ.पी. तैयार कर सुप्रीम कोर्ट कमेटी के माध्यम से प्रस्तुत की गई है तथा प्रवर्तन को पूरी तरह डिजिटल, पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने पर जोर दिया गया है। ई-चालान के भुगतान के लिए 45-30-15 दिन की व्यवस्था प्रस्तावित है। इसके तहत 45 दिन में चालान का भुगतान या आपत्ति, 30 दिन में संबंधित प्राधिकारी द्वारा निर्णय और चालान सही पाए जाने पर अतिरिक्त 15 दिन में भुगतान किया जाएगा। यदि 30 दिन में निर्णय नहीं होता है तो चालान निरस्त माना जाएगा। लगभग 94 में से 90 से अधिक आर.टी.ओ. सेवाओं को डिजिटल करने का प्रस्ताव है, ताकि मानवीय हस्तक्षेप कम हो। ड्राइवर और वाहन मालिक की जवाबदेही तय करने के लिए उचित व्यवस्था बनाने पर भी विचार किया जा रहा है। बैठक में बताया गया कि ए.आई.एस.-230 कनेक्टेड वाहनों के लिए नियामक ढांचा प्रदान करता है। सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय ने एआईएमटीसी द्वारा सुझाए गए स्टैंडर्डाइज्ड कनेक्टेड व्हीकल प्रोटोकॉल पर विचार करने का आश्वासन दिया, विशेषकर डेटा सुरक्षा, ग्राहक की सहमति और डेटा शेयरिंग पर नियंत्रण के संबंध में। एआईएमटीसी के प्रतिनिधित्व के बाद सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि माल वाहनों में वी.एल.टी.डी. के साथ पैनिक बटन आवश्यक नहीं है। राज्यों में वेंडर प्रतिबंधों को समाप्त करने और सभी अनुमोदित वी.एल.टी.डी. वेंडरों को देशभर में प्रतिस्पर्धी कीमतों पर सेवाएं देने की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं। लगभग 178 ए.आर.ए.आई.-अनुमोदित वी.एल.टी.डी. वेंडरों को ए.आई.एस.-140 मानकों के अनुसार देशभर में समान अवसर देने की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। अलग-अलग एजेंसियों द्वारा कई वी.एल.टी.डी. लगाने की मांग से संबंधित उद्योग की चिंता की भी जांच की जाएगी और उसका समाधान जल्द किया जाएगा। 

कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के संबंध में बताया गया कि 16 राज्यों में यह व्यवस्था लागू हो चुकी है, हालांकि कुछ कमियां अभी भी मौजूद हैं। शेष राज्यों में भी इसे लागू करने के प्रयास जारी हैं। सरकार एक राष्ट्रीय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रही है, जिससे राज्यों की प्रणालियों और उपकरणों को जोड़ा जा सके। सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय वाणिज्यिक वाहन चालकों के लिए उपलब्ध विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी एकत्र कर रहा है और परिवहन संगठनों को ड्राइवरों का ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण कराने के लिए प्रोत्साहित किया गया है। ड्राइवरों के लिए मेरिट/डिमेरिट पॉइंट सिस्टम पर भी विचार किया जा रहा है। अधिक नकारात्मक अंक जमा होने पर पहले लाइसेंस निलंबित और बाद में रद्द किया जा सकता है। भारी वाहनों में लगभग 8-9 उन्नत सुरक्षा प्रणालियों को लागू करने या उन पर विचार किया जा रहा है, जिनमें ड्राइवर की नींद या थकान पहचानने की प्रणाली, लेन से हटने की चेतावनी, आपातकालीन ब्रेकिंग तथा अन्य ए.डी.ए.एस. सुविधाएं शामिल हैं। 

भारत ने व्हीकल-टू-व्हीकल कम्युनिकेशन के शुरुआती चरण के लिए 30 मेगा हर्ट्ज स्पेक्ट्रम आवंटित किया है। इस तकनीक के माध्यम से वाहन अपनी लोकेशन, दिशा और गति जैसी जानकारी एक-दूसरे से साझा कर सकेंगे। इससे ड्राइवरों को संभावित खतरे की पहले से चेतावनी मिल सकेगी। भारत इस तकनीक को लागू करने वाले विश्व के शुरुआती देशों में शामिल हो सकता है।बैठक में स्लीपर बसों में आग लगने, आपातकालीन निकास बंद होने, छत पर बने इमरजेंसी एग्जिट के सामान से बाधित होने तथा संकरे रास्तों की समस्या पर विशेष चिंता व्यक्त की गई। बसों की संरचनात्मक सुरक्षा बढ़ाने के लिए बस बॉडी कोड लागू किया गया है और इसके नए प्रावधान 1 सितंबर 2025 से प्रभावी हैं। अलग से तैयार की जाने वाली बस बॉडी को निर्धारित सुरक्षा और संरचनात्मक मानकों का पालन करना होगा। बस बॉडी निर्माण में आर.टी.ओ., ओ.ई.एम. और बॉडी बिल्डर की तीन स्तरीय प्रमाणन प्रक्रिया का प्रावधान बताया गया है। ट्रकों में माल को सही ढंग से ढकने और सुरक्षित रूप से बांधने की नई आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। बाहर निकला हुआ माल निर्धारित मापदंडों और सुरक्षा मानकों के अनुसार होना चाहिए। दिल्ली एनसीआर के परिवहन संचालकों को परिवर्तन योजना का लाभ उठाने की सलाह दी गई। साथ ही, प्रधानमंत्री राहत योजना के बारे में जागरूकता बढ़ाने की अपील की गई, जिसमें पुलिस, गृह, स्वास्थ्य और अन्य एजेंसियों को दुर्घटना के बाद त्वरित सहायता के लिए डिजिटल रूप से जोड़ा जा रहा है। बताया गया कि 780 से अधिक जिलों को इस योजना से जोड़ने का कार्य चल रहा है। सड़क एवं राजमार्ग मंत्रालय राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे के किनारे निजी भूमि पर वेसाइड एमिनिटीज विकसित करने की नीति में भी सुधार कर रहा है, ताकि निजी भूमि मालिकों और उद्यमियों की अधिक भागीदारी हो सके। डॉ. नितिन आर. गोकर्ण, चेयरमैन, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड, ने एआईएमटीसी द्वारा उठाए गए मुद्दों को “आंखें खोलने वाला” बताया और कहा कि इन सभी चिंताओं की गंभीरता से जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा के लक्ष्य सरकार, उद्योग और अन्य हितधारकों के सहयोग से ही प्राप्त किए जा सकते हैं। 

सत्येंद्र गर्ग, निदेशक, राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड, ने निर्देश दिया कि विभिन्न प्रकार के चालानों, संबंधित नियमों और कानूनी प्रावधानों, उद्योग की समस्याओं, मांगों, प्रमाणों और केस स्टडी के साथ एक विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए। इसमें कानूनी और नीतिगत समाधान भी शामिल किए जाएंगे। श्री हसीब-उर-रहमान, आईपीएस, डी.आई.जी. (ट्रैफिक), जम्मू-कश्मीर, ने कहा कि कार्रवाई केवल वास्तविक नियम उल्लंघन करने वालों पर होनी चाहिए और ईमानदार परिवहन संचालकों को अनावश्यक परेशान नहीं किया जाना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से एन.एच.-44 पर खराब मौसम, बारिश और भूस्खलन के कारण ट्रक चालकों और फल उद्योग को होने वाले नुकसान, ड्राइवरों के उत्पीड़न, भ्रष्टाचार और असमान प्रवर्तन का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि पेशेवर ड्राइवरों की कमी को दूर करने के लिए उन्हें सम्मान, बेहतर कार्य परिस्थितियां और उचित सुविधाएं देना आवश्यक है। उन्होंने ड्राइवरों के लिए पर्याप्त विश्राम स्थल, शौचालय, भोजन की सुविधा और नियमित सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम चलाने पर भी जोर दिया।

अभिजीत सिन्हा, निदेशक, ईज ऑफ डूइंग बिजनस, ने कहा कि तकनीक का उद्देश्य अनुपालन का बोझ बढ़ाना नहीं बल्कि कम करना होना चाहिए। उन्होंने एआईएमटीसी द्वारा उठाए गए मुद्दों को उचित स्तर पर आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया। उन्होंने बताया कि वाणिज्यिक वाहन चालकों के लिए लगभग 200 पार्किंग और विश्राम स्थल पहले ही एन.एच.आई.डी.सी.एल. द्वारा विकसित किए जा चुके हैं।

अखिलेश श्रीवास्तव, अध्यक्ष, आई.टी.एस. इंडिया फोरम, ने जी.पी.एस., रिमोट सेंसिंग, कनेक्टेड व्हीकल्स और इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट सिस्टम के अधिक उपयोग की वकालत की। उन्होंने कहा कि इससे मानवीय हस्तक्षेप और भ्रष्टाचार की संभावना कम होगी तथा प्रवर्तन अधिक निष्पक्ष और पारदर्शी बनेगा। यू.पी.आई., फास्टैग और आधार जैसी सफल डिजिटल प्रणालियों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि कनेक्टेड व्हीकल सिस्टम से सड़क सुरक्षा में सुधार, दुर्घटनाओं में कमी और ड्राइवरों की सहायता संभव है। श्री रामा शंकर पांडेय, चेयरपर्सन, बी.ए.आर.एस., ने कहा कि सड़क सुरक्षा की समस्याओं का समाधान जमीनी हकीकत को समझे बिना संभव नहीं है। इसके लिए समाज, सरकार और बाजार—सभी की सामूहिक भागीदारी जरूरी है। उन्होंने वैज्ञानिक और व्यवस्थित दृष्टिकोण, विभिन्न मंत्रालयों के बीच समन्वय, सड़क सुरक्षा संगठनों, स्वयंसेवकों और युवाओं की भागीदारी पर जोर दिया। उन्होंने एआईएमटीसी और राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा बोर्ड के साथ मिलकर राष्ट्रीय स्तर पर सड़क सुरक्षा के लिए कार्य करने की इच्छा व्यक्त की।

राणा प्रताप, विभाग प्रमुख (परिवहन), एन.आई.सी., ने कहा कि एआईएमटीसी द्वारा एन.आई.सी., ई-ग्रास पोर्टल और अन्य तकनीक संबंधित जो व्यावहारिक समस्याएं उठाई गई हैं, उनकी जांच की जाएगी और आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। इस उच्चस्तरीय बैठक में व्यापक सहमति बनी कि सड़क सुरक्षा, डिजिटल परिवर्तन और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को साथ-साथ आगे बढ़ाना आवश्यक है। डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष–एआईएमटीसी, ने कहा कि भारत का सड़क परिवहन क्षेत्र बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। एआईएमटीसी तकनीक आधारित प्रशासन, कनेक्टेड वाहनों और मजबूत सड़क सुरक्षा का पूरी तरह समर्थन करता है, लेकिन यह परिवर्तन निष्पक्ष, सहयोगात्मक, पारदर्शी और जमीनी वास्तविकताओं पर आधारित होना चाहिए। बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया से यह स्पष्ट हुआ कि सरकार तकनीक और नीतियों को बनाते समय जमीनी हकीकत और परिवहन उद्योग के व्यावहारिक अनुभवों को महत्व दे रही है। ई-चालान, वी.एल.टी.डी., ई-गवर्नेंस, डिजिटल प्रवर्तन, कनेक्टेड व्हीकल्स, ड्राइवर कल्याण और सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर आगे विचार कर आवश्यक सुधारात्मक और नीतिगत कदम उठाए जाएंगे।

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पुलिस ने 3 अलग-अलग चोरी के आरोपियों को किया गिरफ्तार, चोरी का सामान किया बरामद

*पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में किया पेश*

अनूपपुर

बिजुरी पुलिस ने गंभीर अपराध पर त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी की घटना का खुलासा किया है। पुलिस ने शातिर चोर को अरुण उर्फ मोनू पाटकर को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गया पूरा घरेलू सामान (बर्तन एवं भट्ठियां) बरामद कर लिया है।

20 अगस्त 2026 की रात्रि को आशीष तिवारी द्वारा 25 अगस्त 2026 को रिपोर्ट दर्ज कराई की क्वाटर क्र. 1016 डबल स्टोरी माइनस कॉलोनी, बिजुरी में अपने घरेलू सामान रखने के लिए कब्जे में ले रखा है, जिसमें ताला बंद रहता है। 20 अगस्त की सुबह जब उसने जाकर देखा तो कमरे का ताला टूटा हुआ था।

कमरे के अंदर रखे बर्तन और भट्ठियां (चूल्हे) गायब थे। चोरी गए सामान में रिलायंस कंपनी का 7 लीटर का सिल्वर कुकर, पुरानी सिल्वर की कड़ाई, 2 नग भट्ठी, 1 लोहे की कड़ाई, 3 बड़े सिल्वर के गंजे, 2 पीतल की गुंडी, 2 स्टील की बड़ी टंकी और फूल की कटोरी व गिलास शामिल थे। पुलिस ने धारा 331(4), 305(a) बीएनएस (BNS) के तहत मामला पंजीबद्ध किया गया।

*चोरी करने वाला फरार आरोपी गिरफ्तार*

पुलिस ने रात्रि में घर का ताला तोड़कर चोरी करने वाले फरार आरोपी राजकुमार उर्फ चरकू केवट को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। शोभा जैसवाल द्वारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई की 15 अगस्त 2026 से 18 अगस्त 2026 के मध्य शासकीय आवास, उप स्वास्थ्य केंद्र थानगाँव, थाना बिजुरी में अज्ञात चोरों द्वारा उनके शासकीय आवास के किचन और कमरे का ताला तोड़कर इंडक्शन, हेयर ड्रायर, लैपटॉप, मोबाइल, बैटरी, सोने के ईयर रिंग, सोने का लॉकेट, 08 नग चाँदी के चूड़े और 35,000 रुपये नकद सहित कुल 95,000 रुपये का मशरूका चोरी कर लिया गया है। पुलिस ने धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज।

इस मामले में तीन आरोपियों को पुलिस गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश कर दिया था। फरार चल रहे चौथे आरोपी राजकुमार उर्फ चरकू केवट  को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी गए सोने के ईयर रिंग, सोने का लॉकेट और 8 नग चाँदी के चूड़े (कुल कीमत करीब 28,000 रुपये) बरामद किए गए हैं।

*दुकान में चोरी का आरोपी गिरफ्तार*

बिजुरी पुलिस ने दुकान की छत की सीट हटाकर चोरी करने वाले बालिग आरोपी मोहन सिंह गोंड़ तथा अन्य आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

23 अगस्त 2026 को संतोष शुक्ला द्वारा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी कि आरकेव्हीव्ही स्कूल रोड पर उनकी सीमेंट शीट से बनी इलेक्ट्रॉनिक की दुकान है। अज्ञात चोरों द्वारा 23-24 अगस्त की रात दुकान की छत पर लगी सीमेंट शीट को हटाकर अंदर प्रवेश किया गया और दुकान से 5 नग कॉपर बेंडिंग वायर रील (वजन करीब 4 किलोग्राम), एक कूलर का एग्जॉस्ट फैन, एक सीलिंग फैन, कूलर मोटर का स्टेटर, मिनी कूलर एग्जॉस्ट फैन के 2 स्टेटर तथा 3 सीलिंग फैन के स्टेटर (कुल कीमत करीब 15,000 रुपये) चोरी कर लिए गए हैं। पुलिस ने धारा 331(4), 305(ए) बीएनएस के तहत मामला दर्ज।

दूसरा अन्य आरोपी नाबालिग इसलिए किशोर न्याय (बालकों की देखरेख और संरक्षण) अधिनियम के प्रावधानों एवं विधिक नियमों का पालन करते हुए उसके नाम का खुलासा नहीं किया जा रहा है। आरोपियों ने चोरी करना स्वीकार किया। उनकी निशानदेही पर चोरी गया शत-प्रतिशत मशरूका (5 नग कॉपर वायर रील, पंखे, स्टेटर व एग्जॉस्ट फैन आदि कुल कीमती 15,000 रुपये) बरामद कर लिया गया है।

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चोरी के 2 आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, 25 हजार का सामान बरामद

अनूपपुर

थाना रामनगर पुलिस ने चोरी के एक मामले का त्वरित खुलासा करते हुए चरण प्रसाद केवट, पिता रामनाथ केवट, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम आमाडांड, ललित केवट, पिता लोकनाथ केवट, उम्र 25 वर्ष, निवासी ग्राम आमाडांड दो आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी गया पूरा सामान बरामद किया है। श्याम कुमार चौहान, निवासी ग्राम आमाडांड ने थाना रामनगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि दिनांक 13 अगस्त 2026 की दरमियानी रात अज्ञात चोर उसके घर के पीछे बाड़ी में लगे सबमर्सिबल पम्प, स्टार्टर, बिजली का तार एवं पाइप चोरी कर ले गए। चोरी गए सामान की कुल कीमत लगभग ₹25,000 थी।

रिपोर्ट पर थाना रामनगर में अपराध क्रमांक 246/26 अंतर्गत धारा 302(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। पुलिस ने दो संदिग्ध युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने चोरी की वारदात करना स्वीकार कर लिया।

आरोपियों की निशानदेही पर चोरी गया सबमर्सिबल पम्प, स्टार्टर, तार एवं घटना में प्रयुक्त बाइक क्र MP 65 MA 9026 को बरामद कर जप्त किया गया है। चोरी गया मशरूका बरामद

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गोबरी के जंगल में पहुंचे दो हाथी, रात भर ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेतो में किया नुकसान

अनूपपुर

दो हाथियों का समूह बुधवार को 16 वें दिन गोबरी के जंगल में पहुंचकर पीपल के पेड़ के छाव के पास दिन के समय विश्राम कर रहे हैं। यह दो हाथी मंगलवार के दिन जैतहरी के मोजर बियर प्लांट के अंदर दिन के समय ठहरते हुए देर रात निकल कर विभिन्न गांव के इलाकों से गुजरता हुआ मुख्य मार्ग,रेलवे लाईन एवं नदी को पार किया है इस बीच हाथियों द्वारा कुछ ग्रामीणों के घरों में तोड़फोड़ कर खेतो में लगे फसलों को अपना आहार बनाया है। 16 में दिन विगत रात सात आठ किलोमीटर का रास्ता तय किया है।

दोनों हाथी देर रात एक बार फिर से मोजर बियर प्लांट के सीमेंट प्लेट की बाउंड्री को तोड़कर गुवारी गांव के आदिवासी किसानों के खेतों में लगी धान की फसलों को आहार बनाते हुए अमगवां गांव के हायर सेकेंडरी स्कूल के पीछे से बेलिया फाटक की ओर आकर कुछ देर छुलहनी के जंगल में ठहरते हुए बेलिया फाटक से अनूपपुर से जैतहरी जाने वाली मुख्य मार्ग एवं रेलवे लाईन को देर रात पार किया हाथियों के मुख्य मार्ग को पार करने की संभावना पर वन विभाग के गश्ती दल द्वारा कुछ देर के लिए आवागमन को रोकते हुए हाथियों के निकल जाने पर फिर से मार्ग चालू कराया इस बीच दोनों हाथी बेलिया गांव में कुछ किसानों के खेतों में लगे धान की फसल को खाते हुए तिपान नदी जिसमें पानी का तेज बहाव एवं वर्षा काल की बाढ़ रही है को देर रात तैर कर पार कर ग्राम पंचायत गोबरी के बेलिया कछरा,ग्राम पंचायत पगना के पगना कछरा में किसानों के खेतों में लगी धान की फसल को खाते हुए पगना कछरा में दो ग्रामीणों के कच्चे मकान में तोड़फोड़ करते हुए बुधवार की सुबह बडवार नाला पार कर शक्तिकुंडी नामक जंगल से ग्राम पंचायत एवं वन बीट गोबरी के झुरहीतलैया जंगल में बुधवार की सुबह जंगल के अंदर स्थित पीपल के पेड़ के समीप पहुंच कर विश्राम कर रहे हैं।

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चोरी के आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार, चोरी गया लाखों का हुआ बरामद

उमरिया

चंदिया थाना क्षेत्र में हुई 02 चोरी की घटनाओं का तत्परता से खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी गया मशरूका बरामद किया गया है

विकास चतुर्वेदी पिता रमाकांत चतुर्वेदी, उम्र 36 वर्ष, निवासी छाहर मोहल्ला चंदिया द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई की 09 अगस्त 2026 को अज्ञात चोर द्वारा घर के पीछे खेत में लगी कटीली तार काटकर घर में प्रवेश किया तथा अलमारी का लॉकर तोड़कर चांदी की बिछिया, पायल, सोने का मंगलसूत्र,  एवं तांबे का लोटा  चोरी कर लिया गया। रिपोर्ट पर थाना चंदिया में अपराध क्रमांक 241/2026, धारा 331(4), 305(ए) भा.न्या.सं. पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।

शाहजहां खान पति मो. हारून खान, उम्र 38 वर्ष, निवासी ग्राम सोनारी थाना बड़वारा जिला कटनी, हाल वार्ड क्र. 07 चंदिया द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराई गई कि  18 अगस्त 2026 को अज्ञात चोर द्वारा घर का ताला खोलकर अलमारी में रखे सोने-चांदी के जेवरात एवं   नगदी  चोरी कर लिया गया। रिपोर्ट पर अपराध क्रमांक 256/2026, धारा 331(4), 305(ए) भा.न्या.सं. पंजीबद्ध किया गया। घटित दोनो मामलो में संदेही निवासी  चंदिया को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी द्वारा चोरी की घटनाओं में संलिप्तता स्वीकार की गई।

आरोपी के कब्जे से फरियादिया शाहजहां खान के प्रकरण में 01 नग सोने की पंचाली, 01 नग सोने की अंगूठी, 01 नग सोने का लौंग, 01 जोड़ी चांदी की पायल एवं 1,900/- नगदी, कुल करीब  1,00,000/- का मशरूका बरामद किया गया। वहीं फरियादी विकास चतुर्वेदी के घर हुई चोरी के मामले में आरोपी के कब्जे से 01 नग सोने का मंगलसूत्र एवं 01 जोड़ी चांदी की पायल, करीब  1,00,000/- कीमत का मशरूका बरामद किया गया।

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रक्षाबंधन पर ‘खाकी के संग राखी’ की अनूठी पहल, पुलिसकर्मियों की कलाइयों पर सजा स्नेह और सम्मान का रक्षासूत्र

उमरिया

रक्षाबंधन के पावन पर्व पर पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान और आत्मीयता व्यक्त करने के उद्देश्य से युवा टीम उमरिया द्वारा उमरिया कोतवाली थाना परिसर में “खाकी के संग राखी” कार्यक्रम आयोजित किया गया। जिला कलेक्टर  राखी सहाय एवं पुलिस अधीक्षक  विजय भगवानी के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम में युवा टीम की बहनों ने पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की कलाइयों पर राखी बांधकर भाई-बहन के स्नेह एवं सुरक्षा के पवित्र रिश्ते को मजबूत किया।रक्षाबंधन से पूर्व आयोजित कार्यक्रम में बहनों ने पुलिसकर्मियों के माथे पर तिलक लगाया और उनकी कलाइयों पर रक्षासूत्र बांधा। राखी बंधवाने के बाद पुलिसकर्मियों ने भी बहनों की सुरक्षा, सम्मान और सहयोग के लिए सदैव तत्पर रहने का संकल्प व्यक्त किया। कुछ ही पलों में थाना परिसर का माहौल ड्यूटी और अनुशासन के साथ-साथ स्नेह, अपनत्व एवं भावनाओं से भर उठा।

कोतवाली थाना प्रभारी मदनलाल मरावी ने कहा कि पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए समाज की सुरक्षा में लगातार जुटे रहते हैं। ऐसे आयोजन पुलिस और आमजन के बीच आत्मीय संबंधों को मजबूत करते हैं और पुलिसकर्मियों का मनोबल भी बढ़ाते हैं।

युवा टीम उमरिया के अध्यक्ष हिमांशु तिवारी ने कहा कि पुलिसकर्मी त्योहारों के दौरान भी अपनी ड्यूटी को प्राथमिकता देते हैं और कई बार अपने परिवार से दूर रहकर समाज की सुरक्षा में तैनात रहते हैं। जब अधिकांश परिवार अपने घरों में रक्षाबंधन की खुशियां मना रहे होते हैं, तब पुलिसकर्मी हमारी सुरक्षा के लिए अपने कर्तव्य स्थल पर मौजूद रहते हैं। ऐसे कर्मठ पुलिसकर्मियों के साथ रक्षाबंधन मनाकर उन्हें यह एहसास दिलाना ही “खाकी के संग राखी” पहल का उद्देश्य है कि समाज उनके साथ खड़ा है और उनके समर्पण का सम्मान करता है। युवा रक्षाबंधन के इस अवसर पर पुलिसकर्मियों की कलाइयों पर बंधा रक्षासूत्र उनके समर्पण के प्रति समाज की ओर से सम्मान और कृतज्ञता का प्रतीक बना।

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क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य ने स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहनगर का किया निरीक्षण, मरीजो से किया संवाद

शहडोल

शहडोल एवं रीवा संभाग के क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. जी.एस. परिहार  ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहनगर का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।  निरीक्षण के दौरान उन्होंने अस्पताल में उपलब्ध स्वास्थ्य सुविधाओं, दवा वितरण, साफ-सफाई, मरीजों को प्रदान की जा रही सेवाओं तथा आवश्यक व्यवस्थाओं की समीक्षा की।

क्षेत्रीय संचालक स्वास्थ्य ने अस्पताल प्रबंधन एवं स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देशित करते हुए कहा कि मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अस्पताल में पाई गई कमियों को शीघ्र दूर करने तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य संस्थानों में नियमित साफ-सफाई, आवश्यक दवाओं की उपलब्धता, मरीजों के प्रति संवेदनशील व्यवहार एवं स्वास्थ्य सेवाओं की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।  

उन्होंने एनीमिया की जांच करने, मौसमी बीमारियों को दृष्टिगत रखते हुए सभी दवाइयां उपलब्ध कराने, गर्भवती माता की विशेष जांच करने, बच्चों का टीकाकरण नियमित रूप से हो आदि स्वास्थ्य कार्यक्रमों की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश दिए। साथ ही मरीजों से चर्चा कर अस्पताल द्वारा दी जा रही सुविधाओं के संबंध में भी जानकारी प्राप्त की।

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विधायक ने विभिन्न विकास कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर दिए निर्देश

शहडोल

विधायक मनीषा सिंह एवं अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमृता गर्ग की उपस्थिति में तहसील कार्यालय सोहागपुर के सभागार विधानसभा क्षेत्र जयसिंहनगर के विभिन्न विभागों के अधिकारियों की बैठक आयोजित की गई।

विधायक ने अधिकारियों को निर्देश दिए की विधानसभा क्षेत्र जयसिंहनगर के अंतर्गत किए जा रहे विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूर्ण कराना सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि शासन द्वारा संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ प्रत्येक पात्र हितग्राहियों को मिले इसके लिए मैदानी अमले के साथ मिलकर कार्य करें। 

बैठक में नगरपालिका क्षेत्रान्तर्गत जलभराव की स्थिति, फार्मर रजिस्ट्री, नामांतरण, बंटवारा, राशन वितरण, सड़क निर्माण कार्य  सहित अन्य कार्यों की प्रगति की समीक्षा कर आवश्यक दिशा निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।

समाचार 08

7 पटवारियों को नोटिस, सचिवों व रोजगार सहायको का कटा वेतन 

शहडोल

कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देशन में अनुविभागीय अधिकारी राजस्व विभाग अमृता गर्ग ने फार्मर रजिस्ट्री में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर पटवारी हल्का खेतौली चित्रा धर्या, पटवारी हल्का हर्रा-98 राजेश्वर मेहरा, पटवारी हल्का भानपुर-105 निलेश पांडे, पटवारी हल्का बिरूहली सूर्यभानु सिंह, पटवारी हल्का कटकोना ज्योति मिश्रा, पटवारी हल्का छाता सुजीत श्रीवास्तव, पटवारी हल्का खोह रफीक खान को कारण बताओं नोटिस जारी कर तीन दिवस में जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। 

इसी प्रकार अनुविभागीय अधिकारी राजस्व अमृता गर्ग ने फार्मर आईडी के कार्य में लगाई गई ड्यूटी में अनुपस्थित होने पर ग्राम पंचायत बरुका, कंचनपुर, हर्रा टोला,नवलपुर, पंचगाव, सिंदूरी, श्यामडीह, गोरतरा के सचिवों एवं रोजगार सहायको का एक - एक दिन का वेतन काटने के आदेश जारी किया है।

समाचार 09

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान कैम्प 29 अगस्त को

अनूपपुर

मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान-2026 के अंतर्गत 27 अगस्त 2026 को जैतहरी में आयोजित कैंप की तिथि को शासन के दिशा निर्देशानुसार 29 अगस्त 2026 नियत किया गया। कलेक्टर रत्नाकर झा के निर्देशानुसार कैम्प का आयोजन सीएमओ कार्यालय ऑडिटोरियम, जैतहरी में किया जाएगा। अभियान का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों एवं आवेदनों का त्वरित एवं गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के साथ शासकीय सेवाओं को अधिक प्रभावी एवं जनोन्मुखी बनाना है।अभियान के तहत कैम्प वाले क्षेत्र में लंबित सीएम हेल्पलाइन शिकायतों, जनसुनवाई में प्राप्त आवेदनों तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की विभागवार समीक्षा की जाएगी। भ्रमण से पूर्व अधिकाधिक प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने तथा शेष प्रकरणों का मौके पर निराकरण कराने के निर्देश दिए गए हैं।

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