कबाड़ के ठीहे पर पुलिस ने मारा छापा, 20 लाख का सामान जब्त, पुलिस ने आरोपी को किया गिरफ्तार


शहडोल 

जिला मुख्यालय से सटा पुलिस ने कुदरी रोड पर कबाड़ के एक ठिकाने पर कार्रवाई की है। कोतवाली और सोहागपुर पुलिस की संयुक्त टीम ने दबिश देकर यहां से बड़ी मात्रा में सबमर्सिबल पंप, टुल्लू पंप, कॉपर वायर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक जब्त सामान की कीमत 20 लाख रुपये से अधिक है। कार्रवाई के दौरान मेरठ निवासी एक व्यक्ति को हिरासत में लिया गया है।

पुलिस के अनुसार कुदरी रोड पर किराए के मकान में कबाड़ का कारोबार संचालित किया जा रहा था। यहां तलाशी के दौरान खेतों में इस्तेमाल होने वाले 50 से अधिक सबमर्सिबल पंप मिले। इनमें 17 से ज्यादा पंप चालू हालत में बताए जा रहे हैं। इसके अलावा कई पंपों को काटकर उनके अलग-अलग हिस्से कर दिए गए थे। मौके से बड़े टुल्लू पंप, कॉपर वायर, अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान और एक चार पहिया वाहन भी बरामद किया गया है।।

पुलिस ने हिरासत में लिए गए व्यक्ति की पहचान नदीम मलिक पिता सराफत अली, निवासी मेरठ के रूप में की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद सामान कहां से लाया गया था। पूछताछ में यह भी पता लगाया जा रहा है कि पंप और अन्य उपकरण चोरी के हैं या फिर इन्हें अलग-अलग स्थानों से कबाड़ के रूप में खरीदा गया था।

शहडोल में हाल के दिनों में सरकारी कार्यालयों में लगे उपकरणों और अन्य विद्युत सामग्री की चोरी की घटनाएं सामने आई हैं। विश्वविद्यालय के पावर ट्रांसफार्मर से कॉपर और ऑयल चोरी किए जाने के मामलों की भी पुलिस जांच कर रही है। इसी दौरान सोहागपुर पुलिस ने चोरी से जुड़े एक अन्य गिरोह के संदिग्धों को भी हिरासत में लिया है। उनके पास से विद्युत तार समेत अन्य सामान बरामद होने की बात सामने आई है।

पुलिस दोनों मामलों में आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच में यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद सामान चोरी की किन घटनाओं से जुड़ा है और क्या इसके पीछे कोई संगठित गिरोह काम कर रहा था।

विद्यालय में जलभराव व खराब हैंडपंप, मध्यान्ह भोजन पर असर, कीचड़ के बीच विसर्जन, आधी रात तक हाइड्रा का इंतजार


अनूपपुर

शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय अनूपपुर बस्ती में जलभराव और पेयजल की समस्या विद्यार्थियों के साथ विद्यालय प्रबंधन के लिए भी परेशानी का कारण बनी हुई है। बारिश के दौरान विद्यालय परिसर में पानी भरने से आवागमन और अध्ययन-अध्यापन प्रभावित होने की स्थिति बनती है। वहीं विद्यालय का हैंडपंप खराब होने के कारण विद्यार्थियों को पेयजल के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।

विद्यालय परिसर से बारिश के पानी की निकासी के लिए नाली निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। प्रधानाध्यापक अजय कुमार प्रसाद के अनुसार इस संबंध में नगर पालिका परिषद अनूपपुर के सीएमओ को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के समय परिसर में पानी जमा हो जाता है। इससे छात्राओं के विद्यालय आने-जाने के साथ ही कक्षाओं के संचालन में भी परेशानी की स्थिति निर्मित होती है।

विद्यालय में पेयजल की समस्या भी बनी हुई है। प्रधानाध्यापक के अनुसार खराब हैंडपंप को दुरुस्त कराने तथा विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के संबंध में नगर पालिका से कई बार आग्रह किया गया है। पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को बाहर से पानी लाने की स्थिति बन रही है।

पेयजल की समस्या का असर मध्याह्न भोजन व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार एमडीएम तैयार करने वाली महिलाओं को भी पानी के लिए विद्यालय परिसर से बाहर स्थित हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे भोजन तैयार करने की व्यवस्था में अतिरिक्त परेशानी होती है।

*कीचड़ के बीच गणेश विसर्जन, आधी रात तक हाइड्रा का इंतजार*

जिला मुख्यालय में अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए नगर पालिका अनूपपुर क्षेत्र में बनाए गए विसर्जन स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। एडवोकेट एवं समाजसेवक जयंत राव ने शिकायत करते हुए कहा कि विसर्जन स्थल पर आवश्यक मशीनरी की समय पर व्यवस्था नहीं होने के साथ स्थल पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति भी बनी हुई थी, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता की स्थिति दिखाई दी।

शिकायत के मुताबिक, रात करीब 12 बजे तक विसर्जन कुंड पर क्रेन उपलब्ध नहीं थी। इस दौरान तहसीलदार से व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेने पर हाइड्रा मशीन की व्यवस्था किए जाने की बात बताई गई, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार काफी समय बीतने के बाद भी हाइड्रा मौके पर उपलब्ध नहीं हो सका।

विसर्जन के बाद मौके की स्थिति का जायजा लेने पर स्थल पर काफी मात्रा में कीचड़ और फिसलन दिखाई देने की बात सामने आई। ऐसे स्थान पर श्रद्धालुओं को प्रतिमाओं के साथ पहुंचने और विसर्जन करने में परेशानी की स्थिति बन सकती थी। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थल की स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं।

मंगल भवन निर्माण पर विवाद, नपा को एसईसीएल ने थमाया रोक आदेश, 1.92 करोड़ से अधिक के निर्माण कार्य पर उठे सवाल

*बिना अनुमति लिए निर्माण कार्य करना अवैध*


अनूपपुर

नगर पालिका परिषद पसान द्वारा वार्ड क्रमांक 11 में कराए जा रहे मंगल भवन निर्माण कार्य को लेकर नगर पालिका और साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड आमने-सामने आ गए हैं। सामने आए दो महत्वपूर्ण शासकीय पत्रों से निर्माण कार्य की जमीन के स्वामित्व और अनुमति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। एसईसीएल कोतमा-गोविंदा उपक्षेत्र के उपक्षेत्रीय प्रबंधक ने नगर पालिका परिषद पसान के मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र भेजकर संबंधित भूमि पर चल रहे निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद करने के निर्देश दिए हैं।

नगर पालिका परिषद पसान से 15 दिसंबर 2025 को जारी कार्यादेश के अनुसार वार्ड क्रमांक 11 में मंगल भवन निर्माण कार्य के लिए 1,92,98,660 रुपये की राशि निर्धारित की गई है। पत्र में उल्लेख है कि संबंधित निविदा दर को परिषद की बैठक में स्वीकृति प्रदान की गई थी। निर्माण कार्य निर्धारित प्राक्कलन एवं मापदंडों के अनुसार कराने तथा कार्य के दौरान अधिकारियों द्वारा दिए गए निर्देशों का पालन करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

एसईसीएल ने कहा की पसान ग्राम में स्थित खसरा क्रमांक 1200 की भूमि एसईसीएल की माइनिंग लीज क्षेत्र में आती है। अधिकारियों के स्थल निरीक्षण के दौरान पाया गया कि संबंधित भूमि पर नगर पालिका विभाग द्वारा मंगल भवन एवं अन्य प्रकार के निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं। प्रबंधन ने अपने पत्र में स्पष्ट रूप से कहा है कि निर्माण कार्य शुरू करने से पहले एसईसीएल, जमुना-कोतमा क्षेत्र से इस निर्माण के संबंध में अनापत्ति प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं किया गया है। सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना वहां किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य किया जाना अनधिकृत है।

एसईसीएल ने नगर पालिका परिषद पसान को निर्देशित किया है कि संबंधित भूमि पर चल रहे अवैध/अनधिकृत निर्माण कार्य को तत्काल प्रभाव से बंद कराया जाए और भविष्य में सक्षम प्राधिकारी की लिखित अनुमति के बिना किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू न किया जाए।पत्र में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि निर्देशों की अवहेलना करते हुए निर्माण कार्य जारी रखा गया तो नियमानुसार आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसकी समस्त जिम्मेदारी संबंधित पक्ष की होगी।

मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब नगर पालिका परिषद पसान द्वारा मंगल भवन निर्माण के लिए बाकायदा निविदा प्रक्रिया पूरी कर 1.92 करोड़ रुपये से अधिक का कार्यादेश जारी किया गया, तो क्या निर्माण से पहले संबंधित भूमि के स्वामित्व और एसईसीएल की अनुमति की पर्याप्त जांच की गई थी।

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