विद्यालय में जलभराव व खराब हैंडपंप, मध्यान्ह भोजन पर असर, कीचड़ के बीच विसर्जन, आधी रात तक हाइड्रा का इंतजार
अनूपपुर
शासकीय कन्या माध्यमिक विद्यालय अनूपपुर बस्ती में जलभराव और पेयजल की समस्या विद्यार्थियों के साथ विद्यालय प्रबंधन के लिए भी परेशानी का कारण बनी हुई है। बारिश के दौरान विद्यालय परिसर में पानी भरने से आवागमन और अध्ययन-अध्यापन प्रभावित होने की स्थिति बनती है। वहीं विद्यालय का हैंडपंप खराब होने के कारण विद्यार्थियों को पेयजल के लिए भी परेशानी उठानी पड़ रही है।
विद्यालय परिसर से बारिश के पानी की निकासी के लिए नाली निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। प्रधानाध्यापक अजय कुमार प्रसाद के अनुसार इस संबंध में नगर पालिका परिषद अनूपपुर के सीएमओ को कई बार लिखित एवं मौखिक रूप से अवगत कराया गया है। जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने के कारण बारिश के समय परिसर में पानी जमा हो जाता है। इससे छात्राओं के विद्यालय आने-जाने के साथ ही कक्षाओं के संचालन में भी परेशानी की स्थिति निर्मित होती है।
विद्यालय में पेयजल की समस्या भी बनी हुई है। प्रधानाध्यापक के अनुसार खराब हैंडपंप को दुरुस्त कराने तथा विद्यार्थियों के लिए पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराने के संबंध में नगर पालिका से कई बार आग्रह किया गया है। पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं होने से विद्यार्थियों को बाहर से पानी लाने की स्थिति बन रही है।
पेयजल की समस्या का असर मध्याह्न भोजन व्यवस्था पर भी पड़ रहा है। विद्यालय प्रबंधन के अनुसार एमडीएम तैयार करने वाली महिलाओं को भी पानी के लिए विद्यालय परिसर से बाहर स्थित हैंडपंप पर निर्भर रहना पड़ता है। इससे भोजन तैयार करने की व्यवस्था में अतिरिक्त परेशानी होती है।
*कीचड़ के बीच गणेश विसर्जन, आधी रात तक हाइड्रा का इंतजार*
जिला मुख्यालय में अनंत चतुर्दशी पर गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन के लिए नगर पालिका अनूपपुर क्षेत्र में बनाए गए विसर्जन स्थल की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल खड़े हुए हैं। एडवोकेट एवं समाजसेवक जयंत राव ने शिकायत करते हुए कहा कि विसर्जन स्थल पर आवश्यक मशीनरी की समय पर व्यवस्था नहीं होने के साथ स्थल पर कीचड़ और फिसलन की स्थिति भी बनी हुई थी, जिससे श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर चिंता की स्थिति दिखाई दी।
शिकायत के मुताबिक, रात करीब 12 बजे तक विसर्जन कुंड पर क्रेन उपलब्ध नहीं थी। इस दौरान तहसीलदार से व्यवस्था के संबंध में जानकारी लेने पर हाइड्रा मशीन की व्यवस्था किए जाने की बात बताई गई, लेकिन शिकायतकर्ता के अनुसार काफी समय बीतने के बाद भी हाइड्रा मौके पर उपलब्ध नहीं हो सका।
विसर्जन के बाद मौके की स्थिति का जायजा लेने पर स्थल पर काफी मात्रा में कीचड़ और फिसलन दिखाई देने की बात सामने आई। ऐसे स्थान पर श्रद्धालुओं को प्रतिमाओं के साथ पहुंचने और विसर्जन करने में परेशानी की स्थिति बन सकती थी। विशेषकर महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों की सुरक्षा को लेकर स्थल की स्थिति पर सवाल उठाए गए हैं।
