BPL खाते में 9 करोड़ के लेंन देंन के मामले में में आयकर विभाग ने मारा छापा, हुंडई शोरूम से जुड़ा मामला

*चार लोगों से की जा रही है पूछताछ*


अनूपपुर

कोतमा नगर में आयकर विभाग की कार्रवाई से हड़कंप मच गया। आयकर विभाग की टीम पुलिस बल के साथ नगर पहुंची और वित्तीय लेन-देन से जुड़े मामले में चार लोगों को पूछताछ के लिए जनपद पंचायत कार्यालय ले गई। यहां उनके बैंक खातों, आय के स्रोत, संपत्तियों और अन्य वित्तीय दस्तावेजों की जांच किए जाने की जानकारी सामने आई है।

मामले में सबसे अधिक चर्चा एक ऐसे बैंक खाते को लेकर है, जिसमें 9 करोड़ रुपये से अधिक के कथित लेन-देन होने की बात सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि संबंधित व्यक्ति का नाम सरकारी रिकॉर्ड में बीपीएल राशन कार्डधारक के रूप में दर्ज है। हालांकि, इस संबंध में आयकर विभाग या प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।

*सुबह 8 बजे पहुंची आयकर की टीम*

प्राप्त जानकारी के अनुसार आयकर विभाग एवं पुलिस की टीम बुधवार सुबह करीब 8 बजे कोतमा पहुंची। इसके बाद चार लोगों से पूछताछ शुरू की गई। कार्रवाई की जानकारी फैलते ही नगर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया।

*हुंडई शोरूम की जमीन जांच के दायरे में*

प्रारंभिक जानकारी में कोमल नामक व्यक्ति का नाम सामने आने की बात कही जा रही है। बताया जा रहा है कि उसका संबंध कोतमा नगर क्षेत्र स्थित हुंडई शोरूम की जमीन से भी है। हालांकि जमीन के स्वामित्व और बैंक लेन-देन से संबंधित तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

*दस्तावेजों की जांच के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर*

आयकर विभाग द्वारा फिलहाल मामले में गोपनीयता बरती जा रही है। बैंक खातों, संपत्तियों, आय के स्रोत और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि करोड़ों रुपये के कथित लेन-देन का वास्तविक स्वरूप क्या है और इसमें आय से संबंधित कोई विसंगति या वित्तीय अनियमितता है या नहीं।

खाना के विवाद पर पति ने पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला कर किया घायल, आरोपी पति फांसी लगाकर की आत्महत्या

*महिला का जिला अस्पताल में चल रहा है इलाज*


अनूपपुर

अमरकंटक थाना क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 11 स्थित बैंक टोला में पति-पत्नी के बीच खाना देने में देरी को लेकर हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। शराब के नशे में पति ने पत्नी पर कुल्हाड़ी से हमला कर उसे गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना के अगले ही दिन पति ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने पत्नी पर हमले के मामले में प्रकरण दर्ज करने के साथ पति की मौत के संबंध में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार 37 वर्षीय धन सिंह उरेती पुत्र फूल सिंह उरेती, मूल निवासी सरईटोला गिरारी और वर्तमान में वार्ड क्रमांक 11 बैंक टोला में रहकर मजदूरी करता था। धन सिंह शराब के नशे में घर पहुंचा और खाना समय पर नहीं देने की बात को लेकर पत्नी पार्वती बाई से विवाद करने लगा। विवाद बढ़ने पर उसने पास रखी कुल्हाड़ी उठाकर पत्नी के बाएं गाल और कान के पास वार कर दिया। हमले में पार्वती बाई गंभीर रूप से घायल हो गई और उसके चेहरे से खून बहने लगा। गाल पर दो गहरे घाव आए हैं और 18 टांके लगे हैं।

घटना की जानकारी पड़ोसी सुमन सिंह ने पुलिस को दी। रात को घर से रोने की आवाज सुनकर वह मौके पर पहुंचे, जहां पार्वती बाई घायल अवस्था में मिली। परिजनों ने तत्काल उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमरकंटक पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला चिकित्सालय अनूपपुर रेफर कर दिया। महिला को जिला अस्पताल में भर्ती कर उपचार शुरू किया गया। बताया गया कि उसके गाल पर कुल्हाड़ी के दो गहरे घाव हैं।

इधर, पत्नी पर हमले के बाद अमरकंटक थाना पुलिस ने रात करीब 2 बजे धन सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 296, 115(2), 118 (1) और 351 के तहत प्रकरण दर्ज किया। पुलिस महिला के उपचार और मामले की कार्रवाई में जुटी थी, इसी दौरान धन सिंह घर से कहीं चला गया। प्रारंभिक तौर पर आशंका जताई जा रही है कि वह पुलिस कार्रवाई और जेल जाने के भय से तनाव में था। हालांकि, आत्महत्या के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी

धन सिंह की बेटी घर पहुंची तो उसने पिता को फांसी के फंदे पर लटका देखा। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर घटनास्थल का निरीक्षण किया। शाम को पंचनामा कार्रवाई के बाद शव का पोस्टमार्टम कराया गया और अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया।

छात्रावास की समस्या पर पानी मे भीगते छात्राएं 8 किमी. पैदल चलकर पहुँची कलेक्ट्रेट, कलेक्टर ने दिए जाँच के आदेश

*कलेक्टर के आश्वासन के बाद छात्राएं वापस लौटी छात्रावास*


शहडोल/ राष्ट्रीय राजमार्ग क्रमांक-43 से लगे कंचनपुर स्थित माता शबरी कन्या छात्रावास की दर्जनों छात्राएं सुबह छात्रावास की दीवार और गेट पार कर बाहर निकल पड़ीं। किसी के पैरों में सैंडल-जूते थे तो कुछ छात्राएं नंगे पैर ही रिमझिम बारिश के बीच करीब 7-8 किलोमीटर पैदल चलकर कलेक्टर कार्यालय की ओर रवाना हो गईं। 

छात्राओं का आरोप था कि छात्रावास में उन्हें गुणवत्तापूर्ण भोजन नहीं दिया जाता। उनका कहना था कि कई बार गंदे चावल परोसे जाते हैं, जबकि सब्जी में कीड़े मिलने जैसी शिकायतें भी सामने आती रही हैं। छात्राओं ने छात्रावास में साफ-सफाई, भोजन की गुणवत्ता और अन्य मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी नाराजगी जताई। सबसे ज्यादा आक्रोश छात्रावास की अधीक्षिका के व्यवहार और कथित मनमानी को लेकर दिखाई दिया। छात्राओं का कहना था कि शिकायत करने पर हर बार व्यवस्था सुधारने का भरोसा दिया जाता है, लेकिन हालात में अपेक्षित बदलाव नहीं होता।

घटना की जानकारी मिलने पर आदिवासी विकास विभाग के सहायक आयुक्त आनंद राय सिंह तत्काल छात्रावास पहुंचे। छात्राओं को समझाने का प्रयास किया गया, लेकिन वे अधिकारियों की बात सुनने को तैयार नहीं हुईं। नाराज छात्राओं ने कलेक्टर से सीधे मुलाकात करने की बात कही और पैदल ही सड़क पर निकल पड़ीं। छात्राएं कभी पैदल चलतीं तो कभी दौड़ती नजर आईं और उनके पीछे सहायक आयुक्त, छात्रावास की अधीक्षिका तथा अन्य कर्मचारी भी दौड़ते रहे। छात्राओं की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस को भी सूचना दी गई और सड़क पर पुलिस बल की मौजूदगी रही।

करीब दो से तीन घंटे तक चलने के बाद छात्राएं कलेक्टर कार्यालय पहुंचीं और कलेक्टर पार्थ जायसवाल से मुलाकात की। कलेक्टर ने छात्राओं की शिकायतें गंभीरता से सुनीं और उन्हें समस्याओं के शीघ्र निराकरण का आश्वासन दिया। मामले में तत्काल तीन सदस्यीय जांच टीम गठित कर जांच के निर्देश दिए गए। 

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