लोको पायलट की विधवा की संदेहात्मक मौत; करोड़ों की पैतृक संपत्ति, आभूषण व 81 लाख की पेंशन हड़पने का आरोप

*परिजनों ने सीएम, डीजीपी व आई जी से न्याय की मांग, प्रेस कॉन्फ्रेंस कर उठाए गंभीर सवाल*


शहडोल

शहडोल के पुरानी बस्ती क्षेत्र में रेलवे के सेवानिवृत्त लोको पायलट स्वर्गीय देवी सिंह की 75 वर्षीय बेबस, अनपढ़ और निःसंतान विधवा श्रीमती शांति बाई की संदेहात्मक परिस्थितियों में हुई मृत्यु के मामले में एक सनसनीखेज खुलासा हुआ है। मृतका के सगे परिजनों—उनकी सगी देवरानी सुशीला हरी सिंह और पुत्रवधू हरूना विक्रम सिंह द्वारा एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आहूत की गई। इस दौरान परिजनों ने दस्तावेजी साक्ष्यों के साथ जिला व पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।

परिजनों ने स्पष्ट किया कि स्व. देवी सिंह और स्व. हरी सिंह सगे भाई थे। पुरानी बस्ती में एक ही परिसर में दोनों के घर थे, जिसमें एक तरफ हरी सिंह का घर मुख्य गेट से लगा हुआ है और दूसरी ओर पीछे की तरफ स्वर्गीय देवी सिंह का सर्वसुविधायुक्त पक्का मकान है। देवी सिंह की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी शांति बाई इस करोड़ों रुपए मूल्य की अचल संपत्ति की एकमात्र स्वामिनी बची थीं।

आभूषण गायब, खड़ी की चार पहिया गाड़ियों की फौज: परिजनों ने आरोप लगाया कि मृतका के सोने-चांदी के सभी आभूषण और घर-गृहस्थी का पूरा सामान नदारद है। आशंका है कि मृतका की इस गाढ़ी कमाई को ठिकाने लगाकर उससे अपनी बच्चियों की पढ़ाई, शादियां और चार पहिया वाहनों का काफिला खड़ा कर लिया गया। इस संपत्ति का उपभोग करने वाले सभी लोगों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

सालाना ₹5 लाख की पेंशन के बावजूद बदतर स्थिति में जीवन: स्वर्गीय देवी सिंह की मृत्यु के बाद उनकी पत्नी शांति बाई को लगभग 30 से 40 हजार रुपए प्रति माह (सालाना करीब ₹5 लाख) पेंशन मिल रही थी। इसके बावजूद बुजुर्ग महिला को दो कमरों के घर में बेहद बदतर स्थिति में रखा गया। एक कमरे में जहां भगवान शंकर की पूजा होती थी, वहीं शांति बाई रहती थीं और उससे लगे दूसरे कमरे में शकीला और सबीर खान रहते थे। सेवा का ढोंग करते-करते कब हिंदू परिवार को ठग लिया गया, पता ही नहीं चला।

देखरेख के नाम पर ₹81 लाख की मोटी वसूली: सुशीला हरी सिंह ने आरोप लगाया कि आरोपियों ने बुजुर्ग महिला के अकेलेपन का फायदा उठाकर उनकी देखरेख के ऐवज में लगभग ₹4,48,000 प्रतिवर्ष की मोटी रकम वसूली। यदि आरोपियों द्वारा पेश किए गए वर्ष 2009 के कथित वसीयतनामा को ही आधार मान लिया जाए, तो बीते 17 वर्षों में इन लोगों ने बुजुर्ग महिला से करीब 81 लाख रुपए वसूल कर लिए।

करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए हत्या का ताना-बाना: परिजनों का सीधा आरोप है कि इसी मोटी पेंशन और करोड़ों की अचल संपत्ति को हड़पने की फिराक में बुजुर्ग महिला की हत्या का यह खौफनाक ताना-बाना बुना गया।

मौत सामान्य थी तो अंतिम संस्कार की जल्दबाजी क्यों?: परिजनों ने तीखा सवाल उठाया कि यदि कथित वसीयतनामा वैध था और मौत सामान्य थी, तो आरोपियों को बिना पोस्टमार्टम कराए, बिना परिजनों को बताए अत्यंत गोपनीय तरीके से अंतिम संस्कार करने की इतनी व्याकुलता क्यों थी? परिजनों द्वारा महाराष्ट्र से फोन पर मिन्नतें करने के बावजूद अंतिम दर्शन क्यों नहीं करने दिए गए।

11 अक्टूबर को ही एसपी-सीएसपी को दी गई थी सूचना: इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी 11 अक्टूबर 2026 को ही स्थानीय समाजसेवियों और पत्रकारों द्वारा फोन पर एसपी व सीएसपी शहडोल को दे दी गई थी। चूंकि महाराष्ट्र से शहडोल के लिए कोई सीधी ट्रेन सुविधा नहीं है, इसलिए परिजनों को वाया कटनी होकर पहुँचने में 2 से 3 दिन का समय लग गया, जिसका फायदा उठाकर आरोपियों ने साक्ष्य मिटाने का पूरा खेल रच दिया।

कोतवाली पुलिस द्वारा मात्र एनसीआर काटना न्याय का गला घोंटना: परिजनों ने भारी आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा कि हत्या की आशंका और साक्ष्य छुपाने के स्पष्ट प्रयासों के बावजूद थाना कोतवाली पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज करने के बजाय महज एक मामूली एनसीआर काटकर आरोपियों को खुला छोड़ दिया है।

धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने का प्रयास: परिजनों ने आरोप लगाया कि मुस्लिम परिवार होते हुए भी आरोपियों ने अति उत्साह और लोभ-लालच में जानबूझकर मृतका का अंतिम संस्कार कर अक्षम्य अपराध कारित किया है, जिससे दो समुदायों के बीच अविश्वास पैदा कर सामाजिक सौहार्द्र बिगाड़ने की कोशिश की गई। शकीला व सबीर खान का परिवार जिले की शांति व्यवस्था के लिए खतरा है, जिस पर जिला प्रशासन को चिंतन करना चाहिए।

सुशीला हरी सिंह और हरूना विक्रम सिंह ने मुख्यमंत्री, डीजीपी व आईजी शहडोल से मांग की है कि मामले को तत्काल संज्ञान में लेते हुए कोतवाली पुलिस द्वारा काटी गई एनसीआर को हत्या, फर्जी दस्तावेज तैयार करने (कूटरचना) और साक्ष्य विलोपन की संगीन धाराओं के तहत एफआईआर में बदला जाए तथा शकीला, सबीर खान और अंतिम संस्कार की जल्दबाजी में शामिल सभी संदिग्धों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

भूमि नामांतरण के लिए पटवारी पर रुपए लेने का लगा आरोप, 8 माह बाद भी नही हुआ नामांतरण, कलेक्टर से शिकायत


अनूपपुर

जिले की अनूपपुर तहसील अंतर्गत ग्राम पंचायत फुनगा में भूमि नामांतरण नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। ग्राम कर्राटोला निवासी चोखेलाल सिंह ने फुनगा हल्का पटवारी दीनदयाल टांडिया पर नामांतरण के एवज में 1500 रुपये लेने के बावजूद नामांतरण नहीं करने का आरोप लगाया है। पीड़ित ने कलेक्टर अनूपपुर को लिखित शिकायत सौंपकर मामले की जांच कराने और संबंधित पटवारी के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है।

शिकायत के अनुसार, ग्राम फुनगा स्थित भूमि खसरा नंबर 82/1/2/2, रकबा 0.680 हेक्टेयर के रिकॉर्ड में सुधार के लिए प्रकरण क्रमांक 0243/अ-6अ/2025-26 में अनुविभागीय अधिकारी अनूपपुर द्वारा 5 फरवरी 2026 को आदेश जारी किया गया था। आवेदक का आरोप है कि आदेश की सत्यापित प्रति संबंधित हल्का पटवारी को उपलब्ध कराने के बाद भी भूमि का नामांतरण नहीं किया गया।

आवेदक चोखेलाल सिंह का आरोप है कि नामांतरण के लिए पटवारी ने उनसे 1500 रुपये की मांग की थी। उनके अनुसार, राशि देने के बावजूद बार-बार जानकारी लेने पर भी काम पूरा नहीं हुआ। शिकायतकर्ता का कहना है कि वह पिछले आठ महीने से परेशान है और अपने भूमि संबंधी कार्य के लिए लगातार चक्कर लगा रहा है।

आवेदक ने 23 अक्टूबर 2026 को कलेक्टर अनूपपुर के समक्ष आवेदन प्रस्तुत कर भूमि का नामांतरण कराने तथा मामले की निष्पक्ष जांच कर संबंधित पटवारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की मांग की है।

करंट बिछाकर वन्य जीव के शिकार की कोशिश नाकाम, तीन शिकारी गिरफ्तार,  न्यायालय ने भेजा जेल


शहडोल

जंगल में करंट बिछाकर वन्यजीवों का शिकार करने की तैयारी थी, लेकिन वन विभाग की सतर्कता ने शिकारियों के मंसूबों पर पानी फेर दिया। गश्ती दल को जंगल में अवैध रूप से बिछाए गए जीआई तार और बांस की खूंटियां मिलीं। इसके बाद वन विभाग ने सघन निगरानी, डॉग स्क्वाड और मुखबिर तंत्र की मदद से कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। 

मामला शहडोल जिले के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र का है। वन विभाग द्वारा रात नियमित गश्त के दौरान वन परिक्षेत्राधिकारी ए.के. निगम के नेतृत्व में गश्ती दल को जंगल में अवैध रूप से लगाए गए जीआई तार और बांस की खूंटियां मिलीं। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इनका इस्तेमाल करंट प्रवाहित कर वन्यजीवों का शिकार करने के लिए किया जाना था, गश्ती दल को देखकर संदिग्ध मौके से फरार हो गए। 

घटना की गंभीरता को देखते हुए वन विभाग की टीम ने पूरी रात क्षेत्र में सघन निगरानी की और वरिष्ठ अधिकारियों को सूचना दी, अधिकारियों के निर्देश पर डॉग स्क्वाड बुलाया गया। खोजी कुत्ते ने घटनास्थल से संदिग्धों के ठिकाने तक रास्ता तलाशने में मदद की, लेकिन उस समय आरोपी वहां नहीं मिले। इसके बाद मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया और लगातार पतासाजी के बाद रात में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। इनमें सुरेश कोल (37 वर्ष), माखन बैगा (58 वर्ष) और रामसुफल बैगा (52 वर्ष) शामिल हैं। वन विभाग ने तीनों के खिलाफ वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर आगे की वैधानिक कार्यवाही की है।

मायके जाने की बात पर विवाद ने लिया खूनी रूप, डंडे से पीटकर पत्नी की हत्या, आरोपी पति गिरफ्तार

*शव के पास रात भर सोता रहा पति, खून के निशान मिटाने के लिए गोबर से की पुताई*


अनूपपुर

जिले के कोतमा थाना क्षेत्र के टिकाई टोला में पति-पत्नी के बीच मायके जाने की बात को लेकर हुआ विवाद जानलेवा साबित हुआ। आरोप है कि पति सुदामा अगरिया (26) ने अपनी पत्नी चंदा देवी कोल (23) पर डंडे से हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी रातभर पत्नी के शव के पास ही सोता रहा। अगले दिन सुबह जब उसकी नजर कमरे में बिखरे खून पर पड़ी, तब उसे पत्नी की मौत का पता चला। इसके बाद उसने खून के निशान मिटाने के लिए गोबर से पुताई करने की कोशिश की। पुलिस ने मामले में आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है।

*पांच साल पुराने रिश्ते के बाद की थी शादी*

जानकारी के अनुसार, चंदा और सुदामा के बीच करीब पांच साल पहले प्रेम संबंध शुरू हुए थे। बाद में दोनों साथ रहने लगे और शादी कर ली। दोनों मजदूरी कर अपना जीवनयापन करते थे। बताया जाता है कि चंदा के बिना बताए मायके चले जाने को लेकर उनके बीच अक्सर विवाद होता था। ग्रामीणों ने भी कई बार दोनों को समझाकर मामला शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन उनके बीच तनाव बना रहा।

*रात में बढ़ा विवाद, डंडे से हमले का आरोप*

बताया गया है कि घटना वाली रात करीब आठ से नौ बजे के बीच सुदामा नशे की हालत में घर पहुंचा। इसी दौरान मायके जाने की बात को लेकर पति-पत्नी के बीच कहासुनी शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक, विवाद बढ़ने पर सुदामा ने चंदा के साथ मारपीट की। इस दौरान उसके सिर, चेहरे, आंख और नाक पर गंभीर चोटें आईं, जिसके चलते उसकी मौत हो गई।

*सुबह खून देखकर हुआ मौत का अहसास*

पुलिस के अनुसार, घटना के बाद सुदामा पत्नी के शव को घसीटकर कमरे में ले गया और नशे की हालत में उसके पास ही सो गया। गुरुवार सुबह उठने पर जब उसने कमरे में खून के निशान देखे, तब उसे पत्नी की मौत का पता चला। इसके बाद उसने कमरे में गोबर से पुताई कर खून के धब्बे छिपाने का प्रयास किया, लेकिन निशान पूरी तरह नहीं मिट सके।

*पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शुरू की जांच*

घटना की सूचना मिलने पर कोतमा पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर पंचनामा कार्रवाई की। मृतका के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कोतमा भेजा गया। पुलिस ने मामले में सुदामा अगरिया को गिरफ्तार कर लिया है। घटना के संबंध में पुलिस आगे की वैधानिक कार्रवाई कर रही है।

कार व मैजिक वाहन की टक्कर, पेड़ से टकराई मोटरसाइकिल, सात लोग हुए घायल, अस्पताल में चल रहा है इलाज


अनूपपुर 

जैतहरी थाना क्षेत्र में दो अलग-अलग सड़क हादसों में सात लोग घायल हो गए। पहला हादसा जैतहरी चोलना मुख्य मार्ग पर जरियारी गांव के तिराहे के पास हुआ। यहां कार और मैजिक वाहन की टक्कर में पांच लोग घायल हो गए। इनमें तीन की हालत गंभीर है। दूसरा हादसा तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। हादसे में बाइक सवार दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए।

कार क्रमांक MP 20 XH 1385 में तीन लोग सवार थे। कार पेंड्रा, छत्तीसगढ़ की ओर से जमुना जा रही थी। इसे आयुष मरावी चला रहा था। आगे की सीट पर उसकी मां गिरिजा परस्ते और पीछे बहन मोनिका मरावी बैठी थी।

इसी दौरान सामने से आ रहे मैजिक वाहन से कार की टक्कर हो गई। मैजिक में चोलना निवासी कृष्णा केवट 18 वर्ष अजय केवट 25 वर्ष और नीलेश केवट 30 वर्ष सवार थे। वे चोलना से खूंटाटोला की ओर जा रहे थे। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।

मैजिक सवार तीनों युवकों को गंभीर चोटें आईं। सूचना मिलने पर डायल 112 की मदद से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों के अनुसार, तीनों के पैरों में फ्रैक्चर है। उन्हें अंदरूनी चोटें भी आई हैं। कार सवार लोगों को भी चोटें आईं, जिनमें दो को सामान्य चोटें बताई गई हैं। टक्कर के दौरान कार का एयरबैग खुल गया, जिससे कार में सवार लोग सुरक्षित बच गए।

*पेड़ से टकराई मोटरसाइकिल, दो युवक घायल*

दूसरा हादसा रात करीब 8 बजे टकहुली गांव के पास हुआ। तेज रफ्तार बाइक अचानक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पेड़ से टकरा गई। इसमें लहरपुर निवासी उमेश सिंह 25 वर्ष पिता राकेश सिंह और टकहुली निवासी लालजी 20 वर्ष पिता दशरथ सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जैतहरी में भर्ती कराया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें मेडिकल कॉलेज शहडोल रेफर किया गया। पुलिस दोनों हादसों की जांच कर रही है।

बिना फाटक के क्रासिंग पर ट्रेन व पीकप की टक्कर, चालक का सिर कटा हुई मौत, 6 लोग घायल अस्पताल में भर्ती


अनूपपुर

जिले के चचाई थानान्तर्गत संजय नगर डबल स्टोरी के समीप साप्ताहिक बाजार के बगल से गुजरने वाली अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र चचाई की रेल लाइन में देर रात लोको ट्रेन और पिकअप के बीच भीषण टक्कर हो गई। हादसे में पिकअप चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई, जबकि पिकअप में सवार छह अन्य लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि चालक का सिर धड़ से अलग हो गया। हादसा संजयनगर रेलवे क्रॉसिंग के पास हुआ, जहां फाटक नहीं होने से रेल पटरी की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

साप्ताहिक बाजार के पास स्थित अमरकंटक ताप विद्युत केंद्र की रेलवे क्रॉसिंग पर देर रात कोयला लेने बंगवार-संगमा साइडिंग की ओर जा रही लोको ट्रेन और पिकअप के बीच जोरदार टक्कर हो गई। पिकअप में सात लोग सवार थे, जो संजयनगर में डीजे का सामान छोड़कर गांव चकेठी लौट रहे थे। हादसे में पिकअप चालक रवि पिता लाल बर्मन निवासी चकेठी की मौके पर ही मौत हो गई। उसका सिर धड़ से अलग हो गया। पीकप में फंसे शव को जेसीबी की मदद से बाहर निकाला गया। वहीं अर्जुन कोल, विकास सिंह, शिवम बैगा, कन्हैया बर्मन,करन कोल , और राजेश सिंह सभी निवासी चकेठी सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, घटनास्थल पर अंधेरा था और लोको ट्रेन की ओर से हॉर्न भी नहीं बजाया गया, हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। हादसे ने रेलवे लाइन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। दुर्घटनास्थल के दोनों ओर कोयला कर्मचारियों के आवास हैं, जहां बड़ी संख्या में लोग रहते हैं और रोजाना पटरी पार करते हैं। आरोप है कि सुरक्षा के लिए फाटक लगाने की स्वीकृति के बावजूद कई स्थानों पर फाटक नहीं लगाए गए हैं। अब सवाल है जब रेल पटरी के आसपास आबादी है, लोगों की आवाजाही लगातार बनी रहती है, तो सुरक्षा के इंतजाम अधूरे क्यों हैं, क्या जिम्मेदार एजेंसियां किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रही हैं।

खड़े ट्रक से टकराई बाइक, युवक की हुई मौत, कार अनियंत्रित होकर पेड़ से टकराई तीन घायल


अनूपपुर

राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर फुनगा चौकी क्षेत्र अंतर्गत रविवार-सोमवार की दरमियानी रात दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाएं हुईं। पहली घटना में सड़क किनारे बिना संकेतक लाइट के खड़े डंपर से बाइक टकराने के कारण 27 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसकी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं मौके से ट्रक चालक वाहन छोड़ कर फरार हो गया हैं। दूसरी घटना में एक कार अनियंत्रित होकर सड़क से दूर जा पहुंची। कार में सवार तीन लोग घायल हुए हैं, जिनका मेडिकल कॉलेज में उपचार जारी है।

फुनगा चौकी प्रभारी सोने सिंह परस्ते ने बताया कि 27 वर्षीय प्रहलाद साहू पुत्र गया प्रसाद साहू, निवासी बदरा गैरेज में काम करने के बाद कोतमा की ओर से लौट रहा था। इसी दौरान वह फुनगा और पयारी गांव में दुर्गा प्रतिमाओं के दर्शन करने जा रहा था। रास्ते में राष्ट्रीय राजमार्ग-43 के किनारे डंपर क्रमांक सीजी 10 बीएन 0136 खड़ा था। डंपर पर कोई संकेतक लाइट नहीं जल रही थी। अंधेरे के कारण बाइक चालक सड़क किनारे खड़े डंपर को देख नहीं पाया और पीछे से उसमें जा टकराया। टक्कर इतनी गंभीर थी कि युवक घायल हो गया।

घटना के बाद आसपास से गुजर रहे लोगों ने फोन के माध्यम से फुनगा चौकी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और डंपर के नीचे फंसे युवक को बाहर निकालकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुनगा पहुंचाया। हालांकि, उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।

इसी रात राष्ट्रीय राजमार्ग-43 पर एक अन्य सड़क दुर्घटना में कार चालक को झपकी लगने से कार से नियंत्रित खो दिया और अनियंत्रित होकर एक पेड से जा टकराई जिससे सड़क से दूर जा पहुंची। कार में सवार तीन लोग घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। सड़क किनारे खड़े वाहन से हो रहा है हादसा।

लगातार हुई इन दुर्घटनाओं ने राष्ट्रीय राजमार्ग पर रात के समय सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और संकेतक लाइटों की आवश्यकता व यातायात पुलिस अनूपपुर की लापरवाही को फिर से उजागर किया है।

मानसिक अस्वस्थ महिला ने सड़क पर नवजात को दिया जन्म, बच्ची की हुई मौत 


अनूपपुर

जिला मुख्यालय में कोतवाली थाना के समीप एक हृदयविदारक घटना सामने आई। मानसिक रूप से अस्वस्थ बताई जा रही एक महिला ने सड़क किनारे ही नवजात बच्ची को जन्म दिया। जन्म के कुछ ही समय बाद बच्ची की मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के लोगों की भीड़ एकत्र हो गई।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महिला सड़क किनारे प्रसव पीड़ा से परेशान थी। इसी दौरान उसने बच्ची को जन्म दिया। स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलने पर एंबुलेंस पायलट विजय कुशवाहा मौके पर पहुंचे और महिला को जिला अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की।

घटना ने सार्वजनिक स्थानों पर जरूरतमंदों की देखभाल और समय पर चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराने को लेकर सवाल खड़े किए हैं। फिलहाल महिला की पहचान स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस मामले की जानकारी जुटाने में लगी है। बच्ची की मौत से मौके पर मौजूद लोगों में दुख का माहौल रहा।

अतिक्रमण हटाने गए वन अमले पर कुल्हाड़ी से हमले का आरोप, वनरक्षक की फाड़ी वर्दी, हुई शिकायत

*दो दिन पहले अतिक्रमण हटाने को कहने से गुस्सा था हमलावर*


उमरिया

घुनघुटी वन परिक्षेत्र के कांचोदर बीट कक्ष क्रमांक आरएफ 300 में अतिक्रमण हटाने गए वन अमले पर हमले का मामला सामने आया है। घटना के बाद वन अमला थाना पाली पहुंचा, जहां वनरक्षक ओमप्रकाश निगम ने लिखित शिकायत सौंपी।

वनरक्षक ओमप्रकाश निगम, बीटगार्ड कांचोदर, रेंज घुनघुटी में पदस्थ हैं। रेंजर हरीश तिवारी के मौखिक निर्देश पर वे सुरक्षा श्रमिक बाबू सिंह, केशव, सुरक्षा श्रमिक औदेरा निवासी, परिक्षेत्र सहायक मालाचुआ धनेंद्र सराफ, रावेन्द्र सिंह बीटगार्ड मालाचुआ और प्रभाकर सिंह बीटगार्ड रैगड़ के साथ कक्ष क्रमांक आरएफ 300, रेलवे ट्रैक लाइन के पास, बाघनचारा-चांदपुर पहुंचे थे।

मौके पर चांदपुर निवासी राजेन्द्र यादव एवं सोनू यादव मिले, जिन्होंने मौके पर झोपड़ी बनाकर जंगल की लकड़ी काटकर रखी थी। साथ ही मवेशी गाय-भैंस आदि को बांधने के लिए जंगल में खूंटा भी गाड़ कर रखे हुए थे। वन अमले द्वारा खूंटा उखाड़ने के लिए कहने पर वे नहीं माने।

जब सुरक्षा श्रमिक खूंटा उखाड़ने लगे, तो सुरक्षा श्रमिक की कुल्हाड़ी झपट कर राजेन्द्र यादव द्वारा फेंक दिया गया। वनरक्षक ओमप्रकाश निगम जब उस कुल्हाड़ी को उठाकर सुरक्षा श्रमिक को दे रहे थे, इसी बीच राजेन्द्र यादव ने अचानक उन पर हमला कर दिया और उनकी वर्दी फाड़ दी तथा लपटकर जमीन में गिरा दिया।

इसी दौरान उसका भाई सोनू यादव ने अचानक उन पर वार किया, किंतु सुरक्षा श्रमिक केशव रैदास द्वारा कुल्हाड़ी पकड़ ली गई, गाली-गलौज भी की गई और दोबारा अतिक्रमण हटाने को कहने पर जान से खत्म करने की धमकी दी गई।

शिकायतकर्ता ने बताया है कि वे उक्त बीट के बीटगार्ड / प्रभारी हैं और दो दिन पहले उनके द्वारा परिक्षेत्र सहायक मालाचुआ के माध्यम से उन्हें मौके पर अतिक्रमण हटाने को कहा गया था। जिससे वे व्यक्तिगत रूप से रंजिश रखते हैं। 

शिकायत के अनुसार, घटना की सूचना मोबाइल से रेंजर साहब को और विभाग के वरिष्ठ अधिकारी को दी गई। शिकायत में राजेन्द्र व सोनू यादव पर उचित दण्डात्मक कार्यवाही किए जाने की मांग की गई है। वनरक्षक के दाहिने सीने, बांये कमर पर चोट का निशान है। पुलिस का कहना है कि शिकायत, मेडिकल रिपोर्ट और मौके की स्थिति के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

कोतवाली पुलिस ने पीकप से खाद की 20 बोरियां की जब्त, खाद की  कालाबाजारी की आशंका


अनूपपुर

जिले में खाद की खरीद-बिक्री और वितरण व्यवस्था को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। अनूपपुर कोतवाली पुलिस ने कुसमहाई रोड पर कार्रवाई करते हुए एक पिकअप वाहन के साथ खाद की 20 बोरियां जब्त की हैं। इस कार्रवाई के बाद खाद के परिवहन और बिक्री से जुड़े तथ्यों की जांच को लेकर चर्चा तेज हो गई है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जब्त खाद का संबंध दुर्गा पटेल से जोड़ा जा रहा है। उनके संबंध में खाद की कालाबाजारी की शिकायतें सामने आने की बात भी कही जा रही है। हालांकि, इन शिकायतों की वास्तविकता और जब्त खाद के मामले में उनकी भूमिका की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

पुलिस की इस कार्रवाई के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल खाद के स्रोत और उसके परिवहन को लेकर है। जब्त की गई बोरियां कहां से लाई गई थीं, उन्हें किस स्थान पर पहुंचाया जाना था और उनकी बिक्री किन शर्तों पर की जानी थी, इन बिंदुओं की जांच से मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

फिलहाल, खाद की जब्ती की जानकारी सामने आई है, लेकिन इसे कालाबाजारी से जोड़ने वाले तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। ऐसे में जांच के निष्कर्ष सामने आने तक किसी व्यक्ति की संलिप्तता को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

खेती के मौसम में खाद की उपलब्धता किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि खाद के अवैध भंडारण, परिवहन या निर्धारित व्यवस्था से बाहर बिक्री की पुष्टि होती है, तो इसका असर किसानों की जरूरतों और बाजार व्यवस्था पर पड़ सकता है। इसलिए मामले की जांच केवल जब्त खाद तक सीमित न रहकर उसके वितरण और बिक्री से जुड़े पहलुओं तक पहुंचना जरूरी है।

कोतवाली पुलिस की कार्रवाई के बाद अब खाद के स्रोत, परिवहन और संभावित बिक्री से जुड़े तथ्यों की पड़ताल महत्वपूर्ण मानी जा रही है। संबंधित कृषि विभाग की भूमिका और मामले में लागू होने वाले कानूनी प्रावधानों को लेकर भी आधिकारिक जानकारी सामने आना बाकी है।

रेत से भरे ट्रैक्टर ने नायब तहसीलदार की गाड़ी को मारी ठोकर, अवैध पेट्रोल परिवहन करने पर तीन पर मामला दर्ज


शहडोल

रेत माफियाओं के हौसले इतने बुलंद हैं की ब्यौहारी तहसील के बुढ़वा क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंचीं नायब तहसीलदार की शासकीय गाड़ी को ट्रैक्टर-ट्रॉली ने जोरदार टक्कर मारकर क्षतिग्रस्त कर दिया। घटना का एक लाइव वीडियो भी सामने आया है। 

बुढ़वा नायब तहसीलदार अंकिता पांडे अपने क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन के विरुद्ध कार्रवाई कर रही थीं। ट्रैक्टर का पीछा करने के दौरान अधिकारी के सामने रेत लोड तेज रफ्तार ट्रेक्टर ने बीच सड़क रेत अनलोड कर ट्रेक्टर के पीछे का हिस्सा ट्राली को खोल दिया। इससे नायब तहसीलदार की गाड़ी क्षतिग्रस्त हो गई। हालाँकि इस दौरान वह बाल-बाल बच गईं। घटना के बाद चालक मौके से फरार हो गया। मामले में देवलौंद पुलिस ने वाहन चालक और मालिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिक की पहचान ग्राम बुढ़वा निवासी कृष्णा पाल बैस के रूप में हुई है। 

इस घटना ने एक बार फिर जिले में अवैध रेत कारोबार और कार्रवाई करने वाले अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अवैध रेत उत्खनन और परिवहन रोकने की कोशिश के दौरान एक पटवारी व एक पुलिस सहायक उपनिरीक्षक की वाहन से कुचलकर मौत हो चुकी है। इसके अलावा भी कार्रवाई के दौरान अधिकारियों पर हमले की घटनाएं सामने आती रही हैं।

*अवैध पेट्रोल परिवहन करने पर तीन पर मामला दर्ज* 


उमरिया

थाना इंदवार पुलिस द्वारा देर रात ग्राम चंसुरा, झलवार मोड़ पर कार्यवाही करते 03 आरोपियों को ज्वलनशील पदार्थ पेट्रोल का बिना किसी वैध अनुमति के बिक्री हेतु परिवहन करते हुये पकड़ा गया जिनके कब्जे से 370 लीटर पेट्रोल एवं घटना में प्रयुक्त कार कुल ₹8.42 लाख की संपत्ति जप्त कर प्रकरण दर्ज किया गया।

रात्रि थाना इंदवार में डायल 112 पर सूचनाकर्ता द्वारा मारपीट एवं झगड़ा होने की सूचना दी गई । सूचना प्राप्त होने पर तुंरत ही डायल 112 सूचनाकर्ता के बताये अनुसार घटनास्थल ग्राम चंसुरा, झलवार मोड़, हनुमान मंदिर के पास पहुंची । घटनास्थल पर गोल्डन ब्राउन रंग की हुंडई ग्रैंड i 10 कार क्रमांक MP 21 CA 5860 खड़ी मिली जिसके पास 03 व्यक्ति मिले जिनसे झगड़े का कारण पूछा गया साथ वाहन की तलाशी ली गई जिस पर वाहन में ड्रम रखे पाये गये, ड्रम में ज्वलनशील पदार्थ पेट्रोल पाया गया पेट्रोल के संबंध में वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए जाने पर पुलिस द्वारा 370 लीटर पेट्रोल एवं परिवहन में प्रयुक्त वाहन को जप्त किया जाकर आरोपियों दीपक राय उम्र 30 वर्ष निवासी खेरा, आशीष जायसवाल उम्र 20 वर्ष निवासी ग्राम चंसुरा, राकेश यादव उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम बम्होरी, के विरूद्ध अपराध क्रमांक 390/2026, धारा 287, 3(5) भारतीय न्याय संहिता, 2023 के अंतर्गत दर्ज किया जाकर विवेचना में लिया गया ।

जिला अस्पताल के ओपीडी में मरीज को ताला लगाकर किया बन्द, स्वास्थ्य विभाग ने बयान जारी कर दी सफाई


शहडोल

कुशाभाऊ ठाकरे जिला अस्पताल शहडोल में इलाज कराने पहुंचे अनूपपुर जिले के एक मरीज को कथित तौर पर अस्पताल की ओपीडी में बंद कर दिया गया। मरीज घंटों तक कमरे में कैद रहा और बाहर निकलने के लिए मदद की गुहार लगाता रहा। काफी देर बाद जब सुरक्षा गार्ड की नजर उस पर पड़ी, तब कहीं जाकर कमरा खुला और मरीज को बाहर निकाला गया।

अनूपपुर जिले के बिजुरी निवासी मोहम्मद अमजद इलाज कराने के लिए शहडोल जिला अस्पताल पहुंचे थे। वह अस्पताल की ओपीडी के कमरा नंबर 14 में डॉक्टर को दिखाने गए थे। इसी दौरान कथित तौर पर ओपीडी में ताला लगा दिया गया और मरीज अंदर ही बंद रह गया, देखते ही देखते इलाज कराने आया मरीज खुद को एक बंद कमरे में कैद पाया। 

बताया जा रहा है कि मरीज ने बाहर निकलने के लिए काफी देर तक आवाज लगाई और मदद की गुहार करता रहा,बंद कमरे में फंसे रहने के दौरान उसकी परेशानी और बढ़ गई। घंटों इंतजार के बाद जब सुरक्षा गार्ड की नजर कमरे में बंद मरीज पर पड़ी, तब ताला खोलकर उसे बाहर निकाला गया। बाहर आने के बाद मरीज ने राहत की सांस ली। इस घटना को अस्पताल में मौजूद किसी व्यक्ति ने अपने मोबाइल कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया।

*प्रशासन ने जारी की प्रेस विज्ञप्ति*

डॉ. शिल्पी सराफ ने बताया कि ओपीडी का निर्धारित समय समाप्त होने के बाद सुरक्षा की दृष्टि से कक्ष बंद किए जाने के दौरान एक व्यक्ति ओपीडी क्रमांक 14 में रह गया। सूचना मिलने पर शीघ्र ही उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।

एक व्यक्ति बिना किसी को सूचित किए बाथरूम में चला गया था। इसकी जानकारी नहीं होने और ओपीडी क्रमांक 14 के खाली होने तथा उसे बंद करने का निर्धारित समय हो जाने के कारण सुरक्षा गार्ड ने कक्ष बंद कर दिया।

राजस्व व खनिज विभाग की बड़ी कार्रवाई, 190 ट्रॉली अवैध रेत का भंडारण प्रशासन ने किया नष्ट


शहडोल

अवैध रेत भंडारण के खिलाफ खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग ने संयुक्त रूप से कार्रवाई शुरू की है। कलेक्टर के निर्देशन तथा एसडीएम जैतपुर एवं खनि अधिकारी के मार्गदर्शन में जैतपुर क्षेत्र के रेत उपलब्धता वाले विभिन्न स्थानों का निरीक्षण किया गया। इस दौरान कई स्थानों पर रेत खनिज का अवैध भंडारण मिलने पर संयुक्त टीम ने मौके पर ही रेत का विनष्टीकरण कराया। कार्रवाई में अब तक करीब 190 ट्रॉली रेत का विनष्टीकरण किया गया है। अभियान के तहत अन्य स्थानों पर भी जांच और कार्रवाई जारी है।

संयुक्त जांच दल ने जैतपुर क्षेत्र के अलग-अलग गांवों में पहुंचकर रेत भंडारण की स्थिति का जायजा लिया। कार्रवाई के दौरान ग्राम लुकामपुर में तीन अलग-अलग स्थानों पर लगभग 45 ट्रॉली, खोड़री में 15 ट्रॉली, खोड़री तालाब के पास 20 ट्रॉली, डोंगरीटोला में 10 ट्रॉली, गलहथा में 50 ट्रॉली तथा गाड़ाघाट में लगभग 50 ट्रॉली रेत का भंडारण मिला। इस प्रकार इन छह स्थानों पर कुल लगभग 190 ट्रॉली रेत का भंडारण सामने आया, जिसका टीम द्वारा विनष्टीकरण किया गया।

राजस्व, खनिज और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने विभिन्न स्थानों का निरीक्षण कर रेत के भंडारण पर कार्रवाई की। प्रशासन की इस संयुक्त कार्रवाई का उद्देश्य क्षेत्र में अवैध रूप से रेत के भंडारण पर अंकुश लगाना और खनिज संबंधी नियमों का पालन सुनिश्चित करना है।

अधिकारियों के अनुसार, क्षेत्र में अन्य स्थानों पर भी रेत का भंडारण मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। संयुक्त टीम द्वारा अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण कर अवैध भंडारण की पहचान की जा रही है।

ट्रैक्टर व मोटरसाइकिल की टक्कर, युवक की उपचार के दौरान अस्पताल में हुई मौत


अनूपपुर

जिले के बड़हर गांव में ट्रैक्टर व मोटरसाइकिल की टक्कर होने से 21 वर्षीय युवक टीकम सिंह घायल हो गया, हादसे के बाद गंभीर रूप से घायल टीकम को परिजन निजी वाहन से जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है।

जानकारी के अनुसार, टीकम सिंह करीब 6 बजे बाइक से घर का सामान लेने दुकान जा रहा था। इसी दौरान गांव के मोड़ पर ट्रैक्टर और उसकी बाइक के बीच टक्कर हो गई। दुर्घटना में टीकम गंभीर रूप से घायल हो गया। मौके पर मौजूद ग्रामीणों ने ट्रैक्टर और उसके चालक को पकड़ लिया। इसके बाद परिजन घायल युवक को तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे।

बताया गया की घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उसका उपचार शुरू किया, लेकिन अंदरूनी गंभीर चोटों के कारण करीब आधे घंटे बाद उसकी मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को मर्चुरी में रखवाया। सुबह पोस्टमार्टम कराया जाएगा। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज कर मर्ग कायम किया है। मामले में दुर्घटना के कारणों की पुलिस जांच कर रही है।

अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर, पुल से नीचे गिरी बाइक, नानी-नाती व पोते सहित तीन की हुई मौत, पुलिस जांच में जुटी

*रिश्तेदार के यहाँ कथा आयोजन से वापस आ रहे थे घर*


अनूपपुर

फुनगा चौकी के अंतर्गत वाहन की टक्कर से बाइक पुल के नीचे जा गिरी। इस घटना में बाइक सवार नानी-नाती की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि पोते ने अस्पताल में दम तोड़ा। बताया जा रहा है कि यह सभी कथा में गए थे। घर लौटते समय हादसे का शिकार हो गए। यह घटना ग्राम पंचायत पाली के पास की है। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर हादसे की वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी हुई है।

मृतकों की पहचान आर्यन केवट 21 वर्ष पिता रामस्वरूप केवट, पंकज केवट 22 वर्ष पिता राजेश केवट और देववती केवट 56 वर्ष पति बद्री केवट तीनों निवासी ग्राम बकेली थाना कोतवाली अनूपपुर के रूप में हुई है। रिश्ते में मृतकों में पंकज केवट जो आर्यन केवट का फुफेरा भाई है, जबकि मृतका देववती केवट आर्यन केवट की दादी और पंकज केवट की नानी लगती है। घटना में पंकज केवट और देववती केवट की घटना स्थल पर ही मौत हो गई, जबकि आर्यन केवट को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र फुनगा में भर्ती कराया गया, लेकिन उसकी बिगड़ती हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय रेफर कर दिया। यहां पहुंचने के दौरान ही आर्यन केवट की मौत हो गई।

मृतक आर्यन केवट का चचेरा भाई दीपक केवट ने बताया कि बिजुरी स्थित रिश्तेदार में एक व्यक्ति तीर्थ यात्रा कर वापस से बिजुरी लौटा था, इसके उपलक्ष्य में कथा का आयोजन किया गया था। बकेली स्थित गांव से कथा में शामिल होने के लिए आर्यन केवट अपने फुफेरे भाई पंकज केवट और दादी के साथ बाइक MP 65 ZC 9444 पर सवार बिजुरी गया था, जहां रात में रुकने के उपरांत सुबह बिजुरी से बकेली घर वापसी लौट रहा था। इसी दौरान पाली ग्राम पंचायत पहुंचते हैं पुल के पास अचानक बाइक पुल पर खड़ी तीन फीट ऊंची दीवाल की रेलिंग को पार करती नीचे गिर गई। स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुल के पास जब बाइक गुजर रही थी तो सामने से कोई अज्ञात वाहन भी गुजरा, संभवत इसके टक्कर के बाद बाइक पुल से नीचे अनियंत्रित होकर जा गिरी।

जिला अस्पताल में लगी आग, मचा अफरा-तफरी, धुंए से घबराकर मरीज व परिजन भागे बाहर, आग पर पाया काबू

वार्ड बॉय की सूझबूझ से टली बड़ी अनहोनी


उमरिया

जिला अस्पताल उमरिया में बिजली के पैनल में अचानक आग लगने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। विद्युत पैनल से उठे धुएं के वार्डों तक पहुंचते ही मरीजों और उनके परिजनों में दहशत फैल गई। स्थिति को भांपते हुए अस्पताल के कर्मचारियों ने तत्काल मरीजों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की कवायद शुरू की। इस दौरान वार्ड बॉय अमित मिश्रा और महेंद्र मिश्रा ने तत्परता दिखाते हुए मरीजों को बाहर निकालने में अहम भूमिका निभाई। समय रहते आग पर काबू पा लिए जाने से बड़ी अनहोनी टल गई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, जिला अस्पताल के कवर्ड इलेक्ट्रिकल पैनल में शॉर्ट सर्किट होने से आग भड़क उठी। देखते ही देखते वहां धुआं फैलने लगा, जिससे अस्पताल में मौजूद मरीजों और उनके परिजनों के बीच घबराहट की स्थिति पैदा हो गई। आग और धुएं को देखते हुए मरीजों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए उन्हें वार्डों से बाहर निकालने की कार्रवाई की गई।

इसी दौरान इमरजेंसी अलार्म बजने पर आरएमओ डॉ. संदीप सिंह भी मौके पर पहुंचे। अस्पताल प्रबंधन और कर्मचारियों ने उपलब्ध अग्निशमन उपकरणों की मदद से आग बुझाने का प्रयास किया। इसके साथ ही फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी गई। कर्मचारियों की तत्परता और समय पर किए गए प्रयासों से आग पर नियंत्रण पा लिया गया।

आरएमओ डॉ. संदीप सिंह के मुताबिक, प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट सामने आया है। आग बुझाने के लिए फायर एक्सटिंग्विशर सहित अन्य जरूरी उपाय किए गए। घटना के दौरान धुआं फैलने के कारण मरीजों को एहतियातन बाहर निकाला गया। राहत की बात यह रही कि घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है और सभी मरीज सुरक्षित बताए गए हैं। आग बुझने के बाद मरीजों को दोबारा वार्डों में पहुंचाने की प्रक्रिया की जानी थी। वहीं, घटना के कारण अस्पताल के कुछ हिस्सों में बिजली आपूर्ति भी प्रभावित हुई।

जिला अस्पताल जैसी संवेदनशील जगह पर विद्युत पैनल में आग लगने की घटना ने सुरक्षा इंतजामों पोल खोल दी है। घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए विद्युत पैनल और संबंधित उपकरणों की तकनीकी जांच की जा रही है। 

मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ में एक ही ईटीपी नम्बर पर दो अलग-अलग वाहनों ने किया रेत परिवहन, तारीख मे 1 माह 3 दिन का अंतर

*ईटीपी दस्तावेज पर उठ रहे सवाल, जाँच में हो सकता है खुलासा*


अनूपपुर

जैतहरी क्षेत्र में रेत परिवहन से जुड़ा मामला दस्तावेजों के सत्यापन और खनिज परिवहन व्यवस्था की निगरानी पर सवाल खड़े कर रहा है। उपलब्ध कराए गए दस्तावेजों में एक हस्तलिखित उल्लेख के अनुसार, छत्तीसगढ़ से संबंधित टीपी पर वाहन क्रमांक MP 65 ZD 2127 होने की बात कही गई है, जबकि मध्यप्रदेश के खनिज विभाग के ई-खानिज पोर्टल से प्राप्त इंटर-स्टेट ट्रांजिट पास (ISTP) में वाहन क्रमांक MP 65 ZD 8127 दर्ज दिखाई देता है।

ई-टीपी के स्क्रीनशॉट के अनुसार, इसका नंबर 126561736 है। दस्तावेज में परिवहन की तारीख 14 अक्टूबर 2026, समय दोपहर 12:18 बजे, खनिज रेत, मात्रा 3.00 घनमीटर, लोडिंग स्थान मलादांड, बिलासपुर, छत्तीसगढ़ तथा गंतव्य सीताराम गुंजी बिहार, अनूपपुर, मध्यप्रदेश दर्ज है। दस्तावेज में ई-टीपी की वैधता उसी दिन शाम 3:18 बजे तक दिखाई गई है।

वहीं, उपलब्ध दूसरे दस्तावेज पर 11 मई 2026 की मुहर और हस्तलिखित ISTP संख्या जैसा उल्लेख दिखाई देता है। इन दस्तावेजों के बीच संबंध, जारी होने का उद्देश्य और वाहन संबंधी विवरण संबंधित विभाग से सत्यापित किए जाने आवश्यक हैं।

इस पूरे मामले का केंद्रीय प्रश्न यही है कि क्या वास्तव में एक वाहन के लिए जारी परमिट का उपयोग दूसरे वाहन के परिवहन में किया गया? उपलब्ध तस्वीरों के आधार पर इस निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी कि टीपी फर्जी है। इसके लिए छत्तीसगढ़ के संबंधित विभाग से मूल टीपी का सत्यापन, मध्यप्रदेश की ई-टीपी का आधिकारिक रिकॉर्ड और वाहन के पंजीयन विवरण का मिलान जरूरी है।

यदि दस्तावेजों की जांच में वाहन नंबर बदलने, गलत जानकारी देने या परमिट के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो यह गंभीर मामला होगा और नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए।

14 अक्टूबर 2026 को जैतहरी पुलिस ने रेत परिवहन से जुड़े मामले में कार्रवाई की। कार्रवाई का विस्तृत आधिकारिक विवरण उपलब्ध नहीं था। इसलिए यह स्पष्ट होना बाकी है कि किस वाहन को जब्त किया गया, किन दस्तावेजों की जांच हुई और क्या खनिज विभाग को आगे की कार्रवाई के लिए सूचना दी गई।

वाहन MP 65 ZD 8127 के साथ प्रस्तुत ई-टीपी नंबर 126561736 का विभागीय सत्यापन कराया गया।  छत्तीसगढ़ की मूल टीपी पर दर्ज वाहन क्रमांक MP 65 ZD 2127 की पुष्टि संबंधित विभाग से की गई। 3 घनमीटर रेत की मात्रा और उसके लोडिंग व गंतव्य संबंधी विवरण की जांच हुई। इस मामले में वाहन मालिक, चालक और परमिट जारी करने की प्रक्रिया से जुड़े तथ्यों की जांच की गई। पुलिस और खनिज विभाग संयुक्त रूप से जांच के बाद सच सामने आ जायेगा।

करंट लगने से गांव में हाथी की हुई मौत, वन विभाग की टीम मौके पर पहुँची, जाँच की शुरू


शहडोल

जंगल से भटककर आबादी वाले क्षेत्र में पहुंचे एक मखना हाथी की कथित तौर पर बिजली के करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। घटना बाणसागर इलाके के चंदौली गांव की बताई जा रही है। जहां हाथी का शव मिलने से वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की।

ब्यौहारी वन परिक्षेत्र में करीब 25 हाथियों का दल मौजूद है। हाथियों का यह दल अक्सर रात के समय भोजन की तलाश में जंगल से निकलकर आसपास के आबादी वाले इलाकों में पहुंच जाता है। ग्रामीण क्षेत्रों में कच्चे मकानों के भीतर रखे अनाज की गंध भी हाथियों को आकर्षित करती है। आशंका जताई जा रही है कि इसी दौरान दल से बिछड़कर एक हाथी चंदौली गांव के राजस्व क्षेत्र में पहुंच गया, जहां वह बिजली के करंट की चपेट में आ गया।

घटनास्थल के आसपास घर तक बिजली पहुंचाने के लिए खुली तार का इस्तेमाल किया जा रहा था। आशंका है कि इसी तार में प्रवाहित करंट की चपेट में आने से हाथी की मौत हुई। हालांकि हादसे के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। 

डीएफओ ने की हाथी की मौत की पुष्टि करते हुए जानकारी देते हुए बताया कि राजस्व क्षेत्र में करंट लगने से एक मखना हाथी की मौत हुई है। वन विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर मामले की जांच कर रही है। अब बड़ा सवाल यह है कि यदि बिजली की खुली तार के कारण हाथी की मौत हुई है, तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है।

2 छात्रावास अधीक्षक निलंबित, 2 बर्खास्त, 7 को नोटिस, 3 की वेतन रोकी, कार्यपालन यंत्री, प्राचार्य, ठेकेदार को नोटिस जारी


शहडोल

कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने कलेक्टर ने कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग, प्राचार्य आईटी आई तथा प्राचार्य पॉलीटेक्निक को सीएम हेल्प लाइन में अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसी प्रकार शिकायतें नान अटेन्ड रहने पर पशु चिकित्सा विभाग के डॉ. केपी पनिका एवं सहायक श्रमायुक्त को एक दिन अवैतनिक करने के निर्देश दिए। 

*सड़क निर्माण में धीमी प्रगति, ठेकेदार को नोटिस*

शहडोल नगर पालिका सीएमओ अमित कुमार तिवारी ने निरीक्षण के दौरान लल्लू सिंह चौक से न्यू बस स्टैंड तक डिवाइडर पर गाजर घास एवं गंदगी पाई गई। इस पर मुख्य नगर पालिका अधिकारी ने तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। वही बुढ़ार चौक से न्यू बस स्टैंड तक डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी मार्ग पर चल रहे सड़क निर्माण कार्य का भी निरीक्षण किया। निर्माण कार्य में धीमी प्रगति पाए जाने तथा पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुरूप समय पर अपेक्षित प्रगति नहीं होने पर संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी किया गया। संचालित छात्रावासों का नियमित निरीक्षण, 100 से अधिक अधिकारियों की लगाई गई ड्यूटी

2 छात्रावास अधीक्षक निलंबित, 2 बर्खास्त, 3 की वेतन रुकी, 7 को नोटिस

शहडोल कलेक्टर पार्थ जायसवाल के निर्देशानुसार छात्रावासों का नियमित निरीक्षण कराया जा रहा है। इसके लिए जिला एवं उपखंड स्तर के 100 से अधिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है। निरीक्षण के माध्यम से छात्रावासों में उपलब्ध सुविधाओं, व्यवस्थाओं तथा विद्यार्थियों को दी जा रही सुविधाओं की नियमित निगरानी की जा रही है। छात्रावासों के निरीक्षण के पश्चात लापरवाही एवं अनियमितताओं के मामलों में कार्रवाई करते हुए 2 छात्रावास अधीक्षकों को निलंबित किया गया है, जबकि 2 अधीक्षकों को पद से पृथक किया गया है। इसके अतिरिक्त 3 अधीक्षकों की वेतन वृद्धि रोकी गई है तथा 7 अधीक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।

ट्रक से 1.13 करोड़ का गाँजा जब्त, दो आरोपियों को पुलिस ने किया गिरफ्तार, मामला हुआ दर्ज


शहडोल

जयसिंहनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 735 किलो 440 ग्राम गांजा जब्त किया है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल ट्रक को रोककर तलाशी ली तो उसमें चालक सीट के पीछे एक बड़े एरिया में छिपाकर रखा गया गांजा बरामद हुआ। मामले में ट्रक चालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जब्त गांजे, ट्रक और मोबाइल फोन की कुल कीमत करीब 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई शहडोल रीवा मुख्य मार्ग में हुई है। मामले में पुलिस अधीक्षक ने जयसिंहनगर पहुंच कर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसका खुलासा किया है।

एसपी के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। नवरात्र पर्व के मद्देनजर जयसिंहनगर पुलिस रात और प्रातः गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने संदिग्ध ट्रक को रोककर चालक और खलासी से पूछताछ की। उनके जवाब संतोषजनक नहीं मिलने पर वाहन की तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान ट्रक में 18 बोरियों और 81 पैकेटों में भरा कुल 735 किलो 440 ग्राम गांजा मिला। पुलिस ने गांजा जब्त कर ट्रक में सवार दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान राहुल विश्वकर्मा (36), निवासी ग्राम जमीनबारी, थाना निजामाबाद, जिला आजमगढ़ (उत्तर प्रदेश) और नारायण मंडल (50), निवासी ग्राम अलगडीहा, थाना बगोदर, जिला गिरिडीह (झारखंड) के रूप में हुई है।

पुलिस ने जब्त गांजे की अनुमानित कीमत 73 लाख 50 हजार रुपये बताई है। इसके अलावा ट्रक की कीमत करीब 40 लाख रुपये और तीन मोबाइल फोन की कीमत पांच हजार रुपये आंकी गई है। इस तरह जब्त सामग्री की कुल कीमत लगभग 1 करोड़ 13 लाख 55 हजार रुपये है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।

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