सेमरा में 38 हाथियों के झुंड का आतंक, फसलों को पहुंचा रहे नुकसान, दहशत में ग्रामीण व किसान
*वन विभाग की कार्यप्रणाली पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल*
शहडोल
तहसील गोहपारु क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरा में पिछले दो दिनों से 38 जंगली हाथियों के झुंड की मौजूदगी से ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। शाम होते ही हाथियों का झुंड गांव के आसपास विचरण करने लगता है और किसानों की फसलों को नुकसान पहुंचा रहा है। लगातार हो रहे नुकसान से किसानों में निराशा और आक्रोश बढ़ता जा रहा है।
ग्रामीणों का आरोप है कि हाथियों की लगातार मौजूदगी के बावजूद वन विभाग की ओर से अब तक कोई ठोस एवं प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के कर्मचारी केवल हाथियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं, जबकि हाथियों को सुरक्षित तरीके से बांधवगढ़ जंगल की ओर ले जाने अथवा समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में अपेक्षित प्रयास नहीं दिख रहे हैं।
ग्रामीणों के मुताबिक, हाथियों के गांव में प्रवेश की आशंका के चलते शाम होते ही बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है। इससे रात के समय अंधेरा छा जाता है और ग्रामीणों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बिजली बंद होने से किसानों के कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं, वहीं बच्चों की पढ़ाई भी बाधित हो रही है। भय के कारण किसान दिन में भी खेतों में जाने से कतरा रहे हैं।
किसान मोर्चा के पूर्व जिला महामंत्री रामनारायण मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में दो दिनों से हाथियों का लगातार मूवमेंट बना हुआ है। ग्रामीण भयभीत हैं और प्रशासन की ओर से अब तक कोई ठोस पहल नहीं होने से समस्याएं बढ़ रही हैं। उन्होंने मांग की कि हाथियों के झुंड को सुरक्षित रूप से बांधवगढ़ जंगल की ओर भेजने की व्यवस्था की जाए तथा किसानों की फसलों और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
अब ग्रामीणों की निगाहें वन विभाग और प्रशासन पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएंगे, ताकि किसी अप्रिय घटना से बचा जा सके और किसानों को हो रहे नुकसान पर अंकुश लगाया जा सके।
