रात भर जागा बकेली, सोया रहा प्रशासन, पुल और सड़क की मांग के लिये दूसरे दिन का आंदोलन
उमरिया
एक तरफ शासन विकास के बड़े-बड़े दावे ठोक रहा है तो दूसरी तरफ मानपुर तहसील के बकेली में जमीनी हकीकत यह है कि लोग रात-रात भर जमीन पर बैठकर अपने हक का पुल मांग रहे हैं। ग्राम पंचायत उमरिया में चल रहा अनिश्चितकालीन धरना अब दूसरे दिन भी जारी है।
तस्वीरें खुद गवाही दे रही हैं - रात भर बैठे हैं, धरना जारी है। हलफल-भादर नदी पर पुल न होने से बकेली, उमरिया, करौंदिया, सुखदास, पिपरौ, बघौर, करैली, बहुढ़ी के हजारों लोगों को रोज 20 किलोमीटर का फालतू फेरा लगाना पड़ रहा है। मरीज मर रहा है, छात्र लेट हो रहा है, किसान सड़ रहा है लेकिन फाइल वन विभाग के जंगल में अटकी है।
मानव समाज सेवा समिति के नेतृत्व में 50 से ज्यादा ग्रामीण जंगल चौकी बैरियर पर टेंट लगाकर बैठे हैं। दिन में धूप, रात में ओस - लेकिन हटने को तैयार नहीं। ग्रामीणों ने साफ कहा - लिखित आश्वासन नहीं, स्वीकृति चाहिए। पुल चाहिए, सड़क चाहिए।
सबसे बड़ी बात - ग्राम पंचायत उमरिया ने बकायदा बैनर लगाकर सभी अतिथियों का स्वागत लिखा है। मतलब यह अब किसी एक गांव का धरना नहीं, पूरे क्षेत्र का जन-आंदोलन बन गया है।
सवाल ये है कि जब ग्रामीणों ने कलेक्टर, एसपी, बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के उप संचालक, एसडीएम मानपुर, थाना इंदवार तक को ज्ञापन दे दिया था, तो फिर प्रशासन ने सुध क्यों नहीं ली? क्या प्रशासन चाहता है कि बकेली के लोग सड़क पर ही रात गुजारें।
