नियुक्ति के मामले में हाई कोर्ट के आदेश की अनदेखी पड़ गयी भारी, एसपी को उपस्थित होने के आदेश
शहडोल
मध्यप्रदेश हाईकोर्ट, जबलपुर ने पुलिस आरक्षक भर्ती परीक्षा वर्ष 2013 से जुड़े रत्नेश कुमार सिंह के मामले में आदेश के अनुपालन को लेकर सख्त रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने प्रतिवादी क्रमांक-2 एसपी शहडोल को अगली सुनवाई पर व्यक्तिगत रूप से न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 21 सितंबर 2026 को होगी।
प्रकरण के अनुसार जिला अनूपपुर की जमुना कॉलरी निवासी रत्नेश कुमार सिंह की पुलिस आरक्षक परीक्षा वर्ष 2013 के बाद आपराधिक प्रकरण के आधार पर नियुक्ति निरस्त कर दी गई थी। नियुक्ति निरस्तीकरण के विरुद्ध रत्नेश कुमार सिंह द्वारा न्यायालय की शरण ली गई थी। याचिकाकर्ता के अनुसार, 10 जनवरी 2025 को हाईकोर्ट द्वारा उन्हें पुलिस विभाग में समस्त लाभों के साथ पदस्थ किए जाने का आदेश पारित किया गया था।
इसके बावजूद उक्त आदेश का अपेक्षित रूप से पालन नहीं होने पर मामले में अवमानना की कार्यवाही प्रारंभ हुई। न्यायमूर्ति विवेक जैन की एकलपीठ के समक्ष अवमानना प्रकरण CONC No. 4146/2025, रत्नेश कुमार सिंह बनाम कैलाश मकवाना एवं अन्य की सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक पांडे ने न्यायालय के समक्ष पक्ष रखते हुए बताया कि संबंधित आदेश के विरुद्ध रिट अपील दायर की गई है, लेकिन रिट अपील में मूल आदेश पर कोई स्थगन आदेश प्रदान नहीं किया गया है।
