शिक्षा के नाम पर मजाक, भाजपा विधायक की मांग, ढेड़ साल बाद भी नही जागी सरकार, नहीं मिला विद्यालय भवन
उमरिया
पीएम श्री का तमगा लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय लोरहा में शिक्षा व्यवस्था मजाक बनकर रह गई है। जहाँ नर्सरी से 12वीं तक लगभग 900 छात्र अध्ययनरत हैं, उनका भविष्य भवन के बिना दांव पर लगा है। विद्यालय में कुल 16 कमरों और टीन के टपरों में बच्चों को कैद कर दिया गया है। जनपद करकेली की ग्राम पंचायत लोरहा में बच्चे जान हथेली पर रखकर जर्जर कमरों में पढ़ने को मजबूर हैं। 50 प्रतिशत कक्षाएं आज भी टीन शेड में लगती हैं। न बाउंड्रीवॉल है, न पर्याप्त शौचालय, न पानी टंकी, न खेल मैदान। कंप्यूटर लैब का सामान धूल खा रहा है क्योंकि उसे रखने तक की जगह नहीं है।
सरपंच रेखा कुशवाहा और प्राचार्य विनोद कुमार मिश्रा कलेक्टर से लेकर जिला शिक्षा अधिकारी तक गुहार लगाते-लगाते थक चुके हैं। तब ग्रामीण बांधवगढ़ भाजपा विधायक से मिले और विद्यालय भवन की समस्या बताई। इस पर विधायक शिवनारायण सिंह लल्लू भैया ने 1 मार्च 2025 को पत्र क्रमांक 181/25 लिखकर कलेक्टर उमरिया से भवन की अनुशंसा की थी। कलेक्टर कार्यालय ने 17 मई 2025 को पत्र क्रमांक 1718/राजस्व/2023 के माध्यम से फाइल जिला शिक्षा अधिकारी को सरका दी और उसके बाद फाइल ठंडे बस्ते में चली गई।
ग्राम पंचायत लोरहा के द्वारा 4 फरवरी, 21 फरवरी और 12 मार्च 2025 को लगातार आवेदन दिए गए। प्राचार्य ने 23 जुलाई 2025 को फिर सरपंच को पत्र लिखकर कमियां गिनाईं। 22.6670 हेक्टेयर नजूल भूमि के हस्तांतरण के लिए आरसीएमसी पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन तक कर दिया गया, लेकिन सिस्टम टस से मस नहीं हुआ।
सवाल सीधा है, जब पीएम श्री स्कूल में ही भवन नहीं है, तो शिक्षा की गुणवत्ता का ढिंढोरा किस बात का है? विधायक की अनुशंसा के बाद भी डेढ़ साल तक भवन स्वीकृत न होना, यह लापरवाही नहीं तो क्या है? अब ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द भवन स्वीकृत नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।
