सड़क न होने से महिला का शव गांव तक बैलगाड़ी से लाना पड़ा, जनप्रतिनिधि नही बनवा पाए सड़क
शहडोल
जिले के आखेटपुर स्थित डाला टोला गांव में पक्की सड़क नहीं होने का खामियाजा एक बुजुर्ग महिला की मौत के बाद उसके परिजनों और ग्रामीणों को भुगतना पड़ा। शनिवार को सड़क के अभाव में एंबुलेंस महिला का शव घर तक नहीं पहुंचा सकी और करीब एक किलोमीटर पहले ही रोकनी पड़ी। इसके बाद ग्रामीणों ने शव को बैलगाड़ी पर रखकर घर तक पहुंचाया। घटना का वीडियो भी सामने आने के बाद विकास के दावों पर प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए हैं।
जानकारी के अनुसार डाला टोला निवासी श्याम कली पटेल (70) लंबे समय से बीमार थीं। उनका स्थानीय अस्पताल के साथ नागपुर में भी इलाज चल रहा था। उपचार के दौरान नागपुर में उनकी मौत हो गई। शनिवार सुबह जब उनका शव गांव पहुंचा तो घर तक जाने के लिए पक्की सड़क नहीं होने के कारण एंबुलेंस करीब एक किलोमीटर पहले ही रुक गई। इसके बाद परिजनों और ग्रामीणों को शव बैलगाड़ी पर रखकर घर तक ले जाना पड़ा।
घटना के बाद ग्रामीणों ने सड़क की समस्या को लेकर विरोध जताया। उनका कहना है कि डाला टोला में सड़क निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। ग्रामीणों ने अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को कई बार समस्या से अवगत कराया लेकिन अब तक सड़क निर्माण नहीं हो सका है। उनका आरोप है कि हर बार सड़क बनवाने का आश्वासन दिया गया, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है।
कांग्रेस नेता और जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र सिंह पटेल ने कहा कि सड़क निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों के साथ कई बार अधिकारियों से मुलाकात की गई है। इसके बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि महिला की मौत के बाद शव को बैलगाड़ी से घर पहुंचाने की स्थिति ने गांव की बदहाल सड़क व्यवस्था की पोल खोल दी है। ग्रामीणों ने अब सड़क निर्माण के लिए जल्द ठोस कार्रवाई की मांग की है।
