लाल चौक से गूंजा ‘ड्राइवर्स डिग्निटी’ का राष्ट्रीय संदेश, एआईएमटीसी ने मनाया राष्ट्रीय ‘ड्राइवर सम्मान दिवस'

लाल चौक से गूंजा ‘ड्राइवर्स डिग्निटी’ का राष्ट्रीय संदेश, एआईएमटीसी ने मनाया राष्ट्रीय ‘ड्राइवर सम्मान दिवस'

*वाहन चालकों के सम्मान व सामाजिक सुरक्षा के हक में एक ऐतिहासिक पहल*


*न्यू दिल्ली से पत्रकार ऊषा माहना*

श्रीनगर

देश की अर्थव्यवस्था, सप्लाई चेन और करोड़ों लोगों की दैनिक आवाजाही को गति देने वाले लाखों प्रोफेशनल ड्राइवरों कीगरिमा, सम्मान, सुरक्षा एवं कल्याणको समर्पित‘ड्राइवर डिग्निटीडे’ का राष्ट्रीय आयोजन श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर)  के ऐतिहासिकलाल चौक–घंटाघरसे एक व्यापक संदेश के साथ मनाया गया|

जम्मू -कश्मीर सरकार, व कश्मीर प्रशासन के आहवाहन पर डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस (एआइएमटीसी), द्वारा देश के चालक भाई-बहनों के सम्मान, गरिमा, सुरक्षा और अधिकारों के लिए शुरू की गई यह ऐतिहासिक महत्त्वपूर्ण पहल का शुभारंभश्रीनगरजम्मू-कश्मीरसे हुआजहाँ से“ड्राइवर को देखें, व्यक्ति का सम्मान करें”का संदेश देशभर में प्रसारित किया गया।

चालक समुदाय के प्रति सम्मान, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी के इस संदेश को देश के कोने-कोने तक पहुँचाते हुएभारत के विभिन्न हिस्सों में व्यापक रूप से कार्यक्रम आयोजित किए गए और इसे जनभागीदारी का स्वरूप दिया गया।

श्रीनगर से उठी यह आवाज़ पूरे देश में गूँजी और “ड्राइवर का सम्मान—देश का सम्मान” के संदेश को राष्ट्रीय स्तर पर सशक्त रूप से स्थापित किया।

डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष, (एआइएमटीसी) के नेतृत्व एवं ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के तत्वावधान में आयोजित इस ऐतिहासिक कार्यक्रम मेंभारत रोड सेफ्टी वॉलंटियर्स(बी. ए. आर. एस), जे.के. टायर एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड, दिल्ली कॉन्ट्रैक्ट बस एसोसिएशन(डीसीबीए), फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन(एफ. ए. डी. ए), आई. टी. एस.  इंडिया फोरम, फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री(एफ. आई. सी. सी. आई), ऑटोमोटिव कंपोनेंट मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन(ए सी एम ए), ऑटोमोटिव स्किल्स डेवलपमेंट काउंसिल(ए. एस. डी. सी), साउथ एशिया सेंटर फॉर पीस एंड पीपल्स एम्पावरमेंट(एस. सी. ए. पी. ई. ई), भारत स्काउट्स एंड गाइड्स, एशियन रोड सेफ्टी अकादमीसहित विभिन्न राष्ट्रीय संस्थाओं तथाश्रीनगर के स्थानीय परिवहन एवं चालक संघों- कश्मीर ट्रांसपोर्ट फेडरैशन, कश्मीर ट्रांसपोर्ट कोऑर्डनैशन कमिटी आदि ने सक्रिय सहयोग एवं सहभागिता की।यह कार्यक्रम एक ऐतिहासिक और राष्ट्रीय स्तर की पहल के रूप में सामने आया।

चालकों के सम्मान, गरिमा, सुरक्षा और कल्याण को समर्पित यह आयोजनविभिन्न राष्ट्रीय एवं स्थानीय संगठनों की सामूहिक भागीदारी का उदाहरण बना और एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय पहल के रूप में सामने आया। इस अवसर पर चालक समुदाय के योगदान को रेखांकित करते हुएसम्मान, सुरक्षा और सामाजिक प्रतिष्ठाका संदेश देशभर में पहुँचाने का संकल्प भी व्यक्त किया गया।

इस अभियान में हसीब उर रहमान, आईपीएस, पुलिस उपमहानिरीक्षक, यातायात, कश्मीर ; मुबाशिर जान, असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (एन्फोर्समेंट), मोटर वाहन विभाग, (जम्मू & कश्मीर); राम शंकर पांडे, चेयरपर्सन -भारत रोड सैफ्टी वॉलनटेरर्स (बी. ए. आर. एस), अखिलेश श्रीवास्तव, (अध्यक्ष - आई. टी. एस.  इंडिया फोरम); अनिल छिकारा, पूर्व डेप्यूटी ट्रांसपोर्ट कमिशनर (दिल्ली सरकार) एवं ट्रांसपोर्ट एड्वाइसर (एआइएमटीसी) ;  डॉ प्रेरणा (बी. ए. आर. एस); उमर भट्ट (एस. सी. ए. पी. ई. ई) ; प्रसेनजीत भट्टाचार्य, फाउन्डर ‘वर्क विद डिग्निटी फाउंडेशन’आदि ने भाग लिया|

इस मौके पर देश भर से से आए एआईएमटीसी के गणमान्य सदस्यों ने इस कार्यकर्म में भाग लिया जिनमें उल्लेखनीय डॉ जी आर शनमुगप्पा, चेयरमैन (एआईएमटीसी) ; गुरिन्द्र पाल सिंह, पूर्व अध्यक्ष ; बल मलकित सिंह, पूर्व अध्यक्ष; भीम वाधवा, पूर्व अध्यक्ष; अमृतलाल मदान, पूर्व अध्यक्ष; हरपाल सिंह बक्शी, अध्यक्ष-डीसीबीए; विजेंदर दलाल, कार्यकारी अध्यक्ष (डीसीबीए); सुरेश खोसला, संदीप धूपर; अजय मैनी;  बी. जी. लिन्गाराजू; सरंजीत सिंह कलसी, वीरेंद्र गुप्ता, सरजंत सिंह; मदन डावर, बलवंत सिंह भुलर (हाइवै हीरो ट्रस्ट), विमल वाही, अमरजीत सिंह सहगल, मोहन सिंह, अध्यक्ष (आर.टी.ओ.डब्लू.ए.) ; सोम लूथरा, गुंजीत सिंह सांघा, अमरीक सिंह, प्रदीप, श्याम सुन्दर, रामरत्न, संजय, पूनम, सौरभ, रूपेश, जयपाल सोलंकी, मुकेश जैन आदि शामिल रहे |

प्रताप पार्क से घंटाघर, लाल चौक, श्रीनगर (जम्मू कश्मीर) तक—ड्राइवर सम्मान में ऐतिहासिक वॉकाथॉन व प्रताप पार्क से लाल चौक–घंटाघर तक निकला ड्राइवर डिग्निटीवॉकाथॉन। ड्राइवर डिग्निटीडे के अवसर पर श्रीनगर मेंप्रताप पार्क से लाल चौक–घंटाघर तक ड्राइवर डिग्निटीवॉकाथॉन का आयोजन किया गया। वॉकाथॉन में बड़ी संख्या में ड्राइवरों, परिवहन क्षेत्र के प्रतिनिधियों, सामाजिक संगठनों, स्वयंसेवकों और विभिन्न संस्थाओं से जुड़े प्रतिभागियों ने भाग लेकर देश के उन लाखों–करोड़ों लोगों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता का संदेश दिया, जो प्रतिदिन अपने श्रम से लोगों और अर्थव्यवस्था को गतिमान रखते हैं।

इस आयोजन ने विशेष रूप से राष्ट्रीय स्वरूप तब ग्रहण किया जब जम्मू-कश्मीर के साथ-साथकर्नाटक, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, मुंबई और देश के अन्य हिस्सोंसे आए परिवहन प्रतिनिधि एवं सामाजिक क्षेत्र से जुड़े लोग इसमें शामिल हुए। ड्राइवरों की गरिमा, सम्मान, सुरक्षा और कल्याण केवल किसी एक क्षेत्र का विषय नहीं, बल्कि पूरे देश से जुड़ा हुआ विषय है।इस राष्ट्रीय पहल के संदेश को“शुक्रिया सारथी! हमारे सुरक्षा साथी!”जैसे भावपूर्ण अभियान से भी जोड़ा गया, जिसमें नागरिकों से अपने आसपास के किसी ड्राइवर को धन्यवाद देने, उसकी बात सुनने और उसके योगदान को सम्मान देने का आह्वान किया गया।

वॉकाथॉनका मूल संदेश था —“सी द ड्राइवर, रिस्पेक्ट द पर्सन” — ड्राइवर को देखिए, इंसान का सम्मान कीजिए।.ड्राइवर डिग्निटीडे से जुड़े राष्ट्रीय सोशल-मीडिया अभियान में भी यही विचार प्रमुखता से सामने आया | श्रीनगर की सड़कों पर निकला यह वॉकाथॉनकेवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्किसम्मान, सुरक्षा, सामाजिक संवेदनशीलता और ड्राइवर कल्याण को राष्ट्रीय संवाद का हिस्सा बनाने का सार्वजनिक संदेशबनकर सामने आया।

इसके तत्पश्चात, जोगगर्स परक में एक चालक भाइयों और बहनों के सम्मान में एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर सड़क दुर्घटनाओं में जान गंवाने वाले सभी लोगों तथा विशेष रूप से ड्यूटी के दौरान दिवंगत हुए ड्राइवरों की स्मृति मेंएक मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलिदी गई। 

ड्राइवर डिग्निटी डे के अवसर परउत्कृष्ट एवं दीर्घकालीन सेवा, अनुशासित कार्यशैली तथा सुरक्षित ड्राइविंग का उल्लेखनीय रिकॉर्डरखने वाले देश भर से आए चालक भाई-बहनों को सम्मानित अतिथिगण द्वारा स्मृति-चिह्न एवं अंगवस्त्रभेंट कर उनके अमूल्य योगदान, परिश्रम और सेवाभाव के प्रति सम्मान एवं कृतज्ञता व्यक्त की गई।

यह सम्मान उन चालकों के परिश्रम, जिम्मेदारी, अनुशासन और सड़क सुरक्षा के प्रति उनकी प्रतिबद्धता की सार्वजनिक सराहनाका प्रतीक है। देश की अर्थव्यवस्था और परिवहन व्यवस्था को निरंतर गतिशील रखने वाले इन समर्पित चालकों का सम्मान समाज मेंड्राइवरों की गरिमा और सम्मान को बढ़ानेके साथ-साथसुरक्षित एवं जिम्मेदार ड्राइविंग की संस्कृति को प्रोत्साहित करनेकी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

“ड्राइवर सड़क परिवहन के पायलट और देश के आंतरिक सिपाही हैं” — डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष उन्होंने कहा, “देश की हर आवश्यक वस्तु और करोड़ों लोगों की आवाजाही के पीछे हमारे ड्राइवर हैं। वे हमारे आंतरिक सिपाही हैं। जिस प्रकार ट्रेन और विमान के पायलटों को सम्मान दिया जाता है, उसी प्रकार सड़क परिवहन के पायलट—हमारे ड्राइवरों—को भी समान गरिमा और सम्मान मिलना चाहिए।”

उन्होंने कहा कि ड्राइवरों का योगदान केवल आर्थिक गतिविधि तक सीमित नहीं है, बल्कि वेराष्ट्र की जीवनरेखा को निरंतर गतिमान रखने वाले महत्वपूर्ण कर्मयोगीहैं। कठिन मौसम, लंबे रूट, लंबे कार्य घंटे और अनेक चुनौतियों के बावजूद वे देश की आवश्यक वस्तुओं और यात्रियों की आवाजाही सुनिश्चित करते हैं।

डॉ. सभरवाल ने कहा किड्राइवर डिग्निटीडे केवल एक दिन का कार्यक्रम नहीं, बल्कि वर्षभर चलने वाला सामाजिक संकल्प होना चाहिए।ड्राइवरों को सम्मानजनक व्यवहार के साथ-साथ सुरक्षित कार्य वातावरण, पर्याप्त विश्राम, स्वास्थ्य सुविधाएं, सामाजिक सुरक्षा और परिवार के बेहतर भविष्य का अवसर मिलना आवश्यक है।

उन्होंने बताया किएआईएमटीसी ड्राइवरों के सामाजिक एवं आर्थिक कल्याण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुएलगातार सरकार के समक्ष उनके लिएई.एस.आई. एवं पी.एफ. जैसी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं, ड्राइवर्स वेलफेयर बोर्ड का गठन, आयुष्मान भारत से जुड़ाव, प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास सुविधा, नियमित स्वास्थ्य एवं नेत्र जांच शिविर, चिकित्सा सहायता तथा व्यापक बीमा सुरक्षाउपलब्ध कराने की मांग उठाता रहा है। संगठन का प्रयास है कि देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बने ड्राइवरों और उनके परिवारों को सम्मानजनक जीवन, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं तथा मजबूत सामाजिक सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

इसके साथ ही एआईएमटीसीद्वारा हाईवे परसुरक्षित पार्किंग, विश्राम स्थल, स्वच्छ पेयजल, शौचालय, स्वच्छ एवं रियायती भोजन तथा चिकित्सा सुविधाओंकी उपलब्धता पर भी लगातार जोर दिया जा रहा है।

डॉ. सभरवाल ने कहा कियातायात पुलिस और प्रवर्तन अधिकारियों का व्यवहार भी चालक के सम्मान और सड़क सुरक्षा से जुड़ा है।कानून का पालन कराना जरूरी है, लेकिन यह कामसम्मान, संवेदनशीलता और मानवीय व्यवहारके साथ किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा, “ड्राइवर और ट्राफिक पुलिस एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि सड़क सुरक्षा के साझेदार और दोस्त हैं। नियमों का पालन जरूरी है, लेकिन इसे सम्मान और संवेदनशीलता के साथ सुनिश्चित किया जाना चाहिए।”

उन्होंने यातायात पुलिस और प्रवर्तन अधिकारियों को समय-समय परअच्छे व्यवहार, सम्मानपूर्वक संवाद, संवेदनशीलता और प्रभावी बातचीतका प्रशिक्षण देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

श्री रामाशंकर पांडेय, चेयरपर्सन, बी.ए.आर.एस.ने ड्राइवर डिग्निटीडे को एक निरंतर राष्ट्रीय आंदोलन में बदलने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि ड्राइवर को केवल वाहन चलाने वाले व्यक्ति के रूप में देखना उनके वास्तविक योगदान को सीमित करना है। 

उन्होंने कहा कि ड्राइवरअर्थव्यवस्था, सप्लाई चेन और करोड़ों लोगों की आवाजाही के महत्वपूर्ण संचालकहैं तथा ड्राइवर डिग्निटीका वास्तविक अर्थ केवल एक दिन सम्मानित करना नहीं, बल्कि पूरे कार्यजीवन कोसम्मानजनक, सुरक्षित और मानवीयबनाना है।

उन्होंने“सी द ड्राइवर, रिस्पेक्ट द पर्सन.”को जन-अभियान बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि सड़क पर हमारा व्यवहार ही इस अभियान की वास्तविक सफलता का पैमाना होगा।

उन्होंने कहा कि सरकार, उद्योग, ट्रांसपोर्ट संगठन, वाहन मालिक, एनफोर्समेंट एजेंसियांऔर समाज को मिलकर ड्राइवरों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां तैयार करनी होंगी।

जे.के. टायर्स एवं इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की ड्राइवर कल्याण हेतु पहल

इस अवसर परश्री संजीव शर्मा, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं मोबिलिटी सॉल्यूशंस एवं फ्लीट मैनेजमेंट, जे.के. टायर्स एंड इंडस्ट्रीज लिमिटेड, ने चालकों के कल्याण के लिए कंपनी द्वारा पिछलेदस वर्षों से चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमोंकी जानकारी दी।

उन्होंने बताया कि कंपनी द्वारा चालकों के लिएस्वास्थ्य जांच और चिकित्सा शिविरलगाए जाते हैं तथा उनके कल्याण के लिए विभिन्न योजनाएं चलाई जाती हैं। इसके साथ ही, मेधावी चालकों के बच्चों की पढ़ाई के लिए पूरी फीस की छात्रवृत्तिभी दी जाती है।

उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य चालकों और उनके परिवारों के स्वास्थ्य, शिक्षा तथा बेहतर जीवन में सहयोग देना और उनके महत्वपूर्ण योगदान के प्रति सम्मान व्यक्त करना है।

उन्होंने कहा किदेश की सप्लाई चेन, व्यापार और रोजमर्रा का जीवन लाखों ड्राइवरों की अथक मेहनत पर निर्भर है।ड्राइवर की सेहत और सुरक्षा ही सुरक्षित सड़क परिवहन की पहली कड़ी है। ड्राइवर सुरक्षित रहेगा, तभी सफर सुरक्षित होगा। इसी सोच के साथ बेहतर और सुरक्षित टायर तकनीक विकसित करने के लिए जे.के. टायर्स एवं इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड लगातार प्रयास कर रही है।

श्री हसीब उर रहमान, आईपीएस, पुलिस उपमहानिरीक्षक, यातायात, कश्मीर ने कहा कि देश में पहली बार ड्राइवर डिग्निटीडे जैसे राष्ट्रीय अभियान की शुरुआत श्रीनगर से होना गर्व की बात है।

उन्होंनेड्राइवरों तथा यातायात पुलिस एवं प्रवर्तन अधिकारियों के बीच बेहतर संवाद, आपसी समझ और सहयोगको बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि अनुशासन और सम्मान साथ-साथ चलें |कानून और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना आवश्यक है, लेकिन इसके साथ ड्राइवर कीगरिमा और सम्मानभी कायम रहना चाहिए। सड़क पर टकराव के बजायसम्मान, संवाद और सहयोगका वातावरण सड़क सुरक्षा को अधिक प्रभावी बना सकता है।

उन्होंने ड्राइवरों को समाज और अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताते हुए कहा कि उन्हें उचित सम्मान मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंनेअनुशासित एवं सुरक्षित ड्राइविंग करने वाले ड्राइवरों को प्रोत्साहित करनेतथा यातायात नियमों के पालन की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने ड्राइवरों के कल्याण, सेवानिवृत्ति के बाद सहायता तथासी.एस.आर,के माध्यम से ड्राइवरों के बच्चों की शिक्षा और परिवारों के कल्याणके लिए सहयोग बढ़ाने की आवश्यकता पर भी बल दिया।

श्री प्रसेनजीत भट्टाचार्य, फाउन्डर - वर्क विद डिग्निटी फाउंडेशन—ने ‘वर्क विद डिग्निटी’ की भावना को ड्राइवर डिग्निटीडे से जोड़ते हुए कहा कि हर व्यक्ति को गरिमा के साथ काम करने का अधिकार है और ड्राइवर भी इससे अलग नहीं हैं।

उन्होंने कहा कि सम्मानजनक व्यवहार के साथसुरक्षित कार्य वातावरण, पर्याप्त विश्राम, स्वास्थ्य, स्वच्छता, सामाजिक सुरक्षा और परिवार के बेहतर भविष्यको प्राथमिकता देना आवश्यक है।

उन्होंने कहा कि सड़क पर हमें केवल एक वाहन नहीं, बल्कि उसके पीछे खड़ेएक इंसान, एक परिवार और देश की जीवनरेखा को आगे बढ़ाने वाले कर्मयोगीको देखना चाहिए।

श्रीनगर में इस राष्ट्रीय आयोजन को जमीनी स्तर पर सफल बनाने मेंश्री उमर भट, अध्यक्ष साउथ एशिया सेंटर फॉर पीस एंड पीपल्स एम्पावरमेंट (एस.ए.सी.पी.पी.ई.), जम्मू-कश्मीर स्थितकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। उन्होंने स्थानीय ड्राइवरों, ट्रांसपोर्ट संगठनों, स्वयंसेवकों, प्रशासन और विभिन्न stakeholders के बीच प्रभावी समन्वय स्थापित किया।

उन्होंने कहा कि ड्राइवरों का सम्मान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहना चाहिए और उनके लिएस्वास्थ्य, सुरक्षित पार्किंग, विश्राम, स्वच्छता, सुरक्षा एवं परिवार के कल्याणसे जुड़ी सुविधाओं पर निरंतर कार्य होना चाहिए।

सरकार–उद्योग–ट्रांसपोर्ट–समाज: सभी की साझी जिम्मेदारी – डॉ जी.आर. शनमुगप्पा, चेयरमैन (एआईएमटीसी) . 

डॉ जी.आर. शनमुगप्पा, चेयरमैन (एआईएमटीसी) ने कहा किड्राइवर डिग्निटीडे ने स्पष्ट संदेश दिया है कि ड्राइवरों की गरिमा, सुरक्षा और कल्याण केवल परिवहन व्यवसाय का विषय नहीं है।

सरकार, ऑटोमोबाइल एवं टायर उद्योग, कॉरपोरेट जगत, सड़क सुरक्षा संगठन, ट्रांसपोर्ट संगठन, मीडिया और समाज—सभी को मिलकरड्राइवरों के लिए सुरक्षित, सम्मानजनक और मानवीय कार्य वातावरण तैयार करना होगा।

उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से अपील की कि जब भी सड़क पर किसी ड्राइवर से सामना हो, तो उसके साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करें, उसकी कठिनाइयों को समझें, उसके समय का सम्मान करें और सुरक्षित एवं अनुशासित ड्राइविंग के लिए उसे प्रोत्साहित करें।

ड्राइवरों की गरिमा और सड़क सुरक्षा एक-दूसरे से गहराई से जुड़ी हैं। उचित विश्राम, बुनियादी सुविधाएं, स्वास्थ्य सुरक्षा, सम्मानजनक व्यवहार और सुरक्षित कार्य परिस्थितियां न केवल ड्राइवरों के जीवन को बेहतर बनाती हैं, बल्किसड़क सुरक्षा की संस्कृति को भी मजबूत करती हैं।

अगले वर्ष फिर श्रीनगर में होगा राष्ट्रीय आयोजन – डॉ हरीश सभारवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष (एआईएमटीसी)

उन्होंने एआईएमटीसीकी गौरवशाली विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्ष1936 में लाहौर में स्थापित एआईएमटीसीआज देशभर में परिवहन क्षेत्र की एक व्यापक और सशक्त राष्ट्रीय आवाज है।

इस मौके पर डॉ. हरीश सभरवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष (एआईएमटीसी) ने कहा कि यह पहलमाननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के जन्मदिवसके अवसर पर ड्राइवर समुदाय के सम्मान में आयोजित की गई है। उन्होंने भारत की समस्त परिवहन बिरादरी की ओर से प्रधानमंत्री जी को जन्मदिवस की हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य एवं दीर्घायु की कामना की।

साथ ही उन्होंने घोषणा की किअगले वर्ष हमारे माननीय प्रधान मंत्री जी के जनमदिवस, 17 सितंबर 2027, को श्रीनगर में ड्राइवर डिग्निटीडे का पुनः भव्य एवं व्यापक राष्ट्रीय आयोजनकिया जाएगा।

डॉ हरीश सभारवाल, राष्ट्रीय अध्यक्ष (एआईएमटीसी) ने दोहराया कि वे देशभर के अपने सदस्य संगठनों, ट्रांसपोर्टरों, वाहन मालिकों और ड्राइवर समुदाय के साथ मिलकर इस अभियान को आगे बढ़ायेगें और ड्राइवरों कीगरिमा, सुरक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा और कल्याणसे जुड़े विषयों को सरकार और राष्ट्रीय स्तर पर विभिन्न मंचों पर निरंतर उठाते रहेंगें।

Labels:

Post a Comment

MKRdezign

,

संपर्क फ़ॉर्म

Name

Email *

Message *

Powered by Blogger.
Javascript DisablePlease Enable Javascript To See All Widget