प्लेटफॉर्म पर गिरा कोयला, स्टेशन पर मची भगदड़, सड़क मार्ग गड्ढों में तब्दील, एक साल बाद भी अधूरा निर्माण
अनूपपुर
कोतमा रेलवे स्टेशन पर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्लेटफॉर्म नंबर-3 से तेज रफ्तार में गुजर रही कोयले से लदी मालगाड़ी के एक वैगन का साइड ढक्कन अचानक खुल गया। चलती मालगाड़ी से कोयला प्लेटफॉर्म पर गिरने लगा। अचानक हुई इस घटना से प्लेटफॉर्म पर मौजूद यात्रियों में भगदड़ मच गई। बताया जा रहा है कि इस दौरान कुछ यात्रियों को मामूली चोटें भी आईं।
घटना के समय प्लेटफॉर्म पर बड़ी संख्या में यात्री चिरमिरी-चंदिया ट्रेन का इंतजार कर रहे थे। कोयले के बड़े-बड़े टुकड़े प्लेटफॉर्म पर गिरने के बाद यात्रियों में दहशत का माहौल बन गया। आरोप है कि घटना के बाद भी यात्रियों को सुरक्षित रहने अथवा घबराने से बचने के लिए स्टेशन के अनाउंसमेंट सिस्टम से कोई सूचना नहीं दी गई।
घटना के बाद प्लेटफॉर्म से कोयला हटाने में भी कथित तौर पर काफी समय लगा। करीब 20 मिनट बाद जब चिरमिरी-चंदिया ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची, तब भी कोयले के ढेर पूरी तरह नहीं हटाए जा सके थे। ऐसे में यात्रियों को कोयले के बड़े टुकड़ों के ऊपर से गुजरकर ट्रेन में चढ़ना पड़ा। इस दौरान बुजुर्गों और महिला यात्रियों को विशेष परेशानी का सामना करना पड़ा और कई यात्री गिरते-गिरते बचे। मीडिया कर्मियों द्वारा स्टेशन प्रबंधक पी.एन. रजक से घटना के संबंध में जानकारी लेने पर उन्होंने इसे सामान्य घटना बताया।
*सड़क मार्ग गड्ढों में तब्दील, एक साल बाद भी अधूरा निर्माण*
अनूपपुर जिले के अमरकंटक का महत्वपूर्ण कपिलधारा मार्ग इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है। जिस सड़क का निर्माण कार्य पांच से छह माह में पूरा किए जाने का दावा किया गया था, उसे शुरू हुए लगभग एक वर्ष बीतने को है, लेकिन निर्माण कार्य अब तक अधूरा पड़ा है। सड़क की जर्जर स्थिति और जगह-जगह बने बड़े-बड़े गड्ढों के कारण इस मार्ग से गुजरने वाले लोगों को प्रतिदिन परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कपिलधारा मार्ग अमरकंटक के प्रमुख संपर्क मार्गों में शामिल होने के साथ नगर की जीवनरेखा भी माना जाता है। इसी मार्ग पर नगर का प्रमुख अस्पताल स्थित है, जहां मरीजों, उनके परिजनों और एम्बुलेंस का नियमित आवागमन होता है। इसके अलावा विश्वप्रसिद्ध कपिलधारा जलप्रपात, दुग्धधारा सहित अनेक धार्मिक एवं प्राकृतिक पर्यटन स्थलों तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों को इसी मार्ग से होकर गुजरना पड़ता है।
दोपहिया वाहन चालकों, ऑटो रिक्शा, चारपहिया वाहनों और बसों को इस मार्ग पर संभलकर चलना पड़ रहा है। सबसे अधिक चिंता मरीजों को लेकर आने-जाने वाली एम्बुलेंस की है।
अमरकंटक में पर्यटन सीजन के दौरान प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में कपिलधारा जैसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को जोड़ने वाले प्रमुख मार्ग की बदहाल स्थिति नगर की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डाल रही है। क्षेत्रवासियों ने शासन-प्रशासन एवं लोक निर्माण विभाग से मांग की है कि कपिलधारा मार्ग के अधूरे निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण कराया जाए।
